हिमालय क्षेत्र से प्रवासी पक्षी भितरकनिका पहुंचे
केंद्रपाड़ा (ओडिशा) हिमालयी क्षेत्र से प्रवासी पक्षियों ने ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में स्थित भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान के आर्द्रभूमि स्थलों में जत्थों में पहुंचना शुरू कर दिया है। भितरकनिका के आर्द्रभूमि क्षेत्र एक बार फिर ठंडे उत्तरी गोलार्ध से आने वाले पक्षियों के लिए एक अनुकूल और मानव हस्तक्षेप से मुक्त शीतकालीन आवास के रूप में उभरे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि सर्दियों के महीनों में ठंडी जलवायु परिस्थितियां इन प्रवासी प्रजातियों को अपने मूल निवास स्थल को अस्थायी रूप से छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। ओडिशा के चिल्का और भितरकनिका आर्द्रभूमि स्थल इन प्रवासी पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना है। अधिकारी के अनुसार, सर्दियों में आने वाले इन प्रवासी पक्षियों के विभिन्न जत्थों ने सतभैया, हवेलीखाती, एकाकुला और रायपतिया के जलस्रोतों और खाड़ियों में डेरा डालना शुरू कर दिया है। इन पक्षियों का आवास क्षेत्र लगभग दस किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। इस बार भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में पहुंचने वाले प्रमुख प्रवासी पक्षियों में इंडियन स्किमर्स, ग्रे पेलिकन, ‘लेसर एडजुटेंट' (गरूड़ प्रजाति का छोटा रूप) और ग्रेटर स्पॉटेड ईगल शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि यहां देखे गए इन पक्षियों को अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) की ‘रेड बुक' में संकटग्रस्त प्रजातियों में शामिल किया गया है इनके अलावा, इस बार देखे गए अन्य प्रमुख पक्षियों में काली पूंछ वाली चंचुकी (ब्लैक-टेल्ड गॉडविट), उत्तरी सींकपर, ‘लेसर व्हिसलिंग डक', ‘ग्रे प्लोवर', ‘एग्रेट स्पॉटेड बिल्स', ओरिएंटल डार्टर, ‘व्हाइट बेली सीगल' और काली गर्दन वाला सारस शामिल हैं। ये प्रवासी पक्षी उत्तरी गोलार्ध और लद्दाख जैसे ठंडे स्थानों से यहां पहुंच रहे हैं। ये पक्षी अपने शीतकालीन प्रवास के लिए भितरकनिका के आर्द्रभूमि क्षेत्र को इसलिए चुनते हैं क्योंकि यहां का अद्वितीय पारिस्थितिकी तंत्र और शांत वातावरण उनके रहने के लिए पूरी तरह अनुकूल है।










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