कोविड-19 का डेल्टा प्लस स्वरूप अभी तक चिंताजनक नहीं :सरकार
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना वायरस का डेल्टा प्लस स्वरूप अभी तक चिंताजनक नहीं है और देश में इसकी मौजूदगी का पता लगाना होगा और उस पर नजर रखनी होगी।
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी. के. पॉल ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि डेल्टा प्लस नामक वायरस का नया स्वरूप सामने आया है और यह यूरोप में मार्च महीने से है। कुछ दिन पहले ही इसके बारे में जानकारी सार्वजनिक हुई। पॉल ने कहा, ''इसे अभी चिंताजनक प्रकार के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है। चिंता वाला स्वरूप वह होता है जिसमें हमें पता चले कि इसके प्रसार में बढ़ोतरी से मानवता के लिए प्रतिकूल प्रभाव होते हैं। डेल्टा प्लस स्वरूप के बारे में अब तक ऐसा कुछ ज्ञात नहीं है। लेकिन डेल्टा स्वरूप के प्रभाव और बदलाव के बारे में हमारे आईएनएसएसीओजी प्रणाली के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से नजर रखनी होगी। इसका पता लगाना होगा और देश में इसकी मौजूदगी देखनी होगी।''
आईएनएसएसीओजी भारत में सार्स-सीओवी-2 के जीनोम संबंधी विश्लेषण से जुड़ा संघ है जिसका गठन सरकार ने पिछले साल दिसंबर में किया था। पॉल ने कहा कि सार्वजनिक रूप से यह बात सामने आई है कि डेल्टा प्लस स्वरूप मोनोक्लोनल एंटीबॉडी के इस्तेमाल को निष्प्रभावी कर सकता है। उन्होंने कहा, ''हमें अपने खुद के व्यवहार पर ध्यान केंद्रित करना होगा और वायरस को फैलने का अवसर नहीं देना है, भीड़ और पार्टियों को होने से रोकना है, मास्क पहनना है। अगर हम संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ लेते हैं तो कम स्वरूप उत्परिवर्तित होंगे।''
नोवावैक्स टीके के संदर्भ में उन्होंने कहा कि इसके प्रभाव संबंधी आंकड़े उत्साहजनक हैं और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़े भी संकेत देते हैं कि यह सुरक्षित और अत्यंत प्रभावी है। उन्होंने कहा, ''आज भारत के लिए इस टीके की प्रासंगिकता यह है कि इसका उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया करेगा।''


.jpg)
.jpg)





.jpg)
Leave A Comment