ब्रेकिंग न्यूज़

 राष्ट्रीय मुक्केबाजी के शुरुआती दिन विलंब से मची अफरा-तफरी, महिलाओं के मुकाबले का समय बदला
 ग्रेटर नोएडा,। सीनियर मुक्केबाजी राष्ट्रीय चैंपियनशिप के पहले दिन रविवार को तैयारियों में देरी और अव्यवस्था के कारण अफरा-तफरी मच गयी जिससे मुक्केबाजों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा।  लॉजिस्टिक्स (प्रतियोगिता के लिए जरूरी साजो-सामान) संबंधी दिक्कतों के कारण चैंपियनशिप चार घंटे के विलंब से शुरू हुई। लंबे समय तक हुई देरी के कारण आयोजकों को महिलाओं के 32 मुकाबलों को मंगलवार सुबह के लिए पुनर्निर्धारित करना पड़ा। पुरुष और महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप का पहली बार एक साथ आयोजन गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में दोपहर दो बजे शुरू होना था। यह ऐतिहासिक क्षण हालांकि अफरा-तफरी और लंबे इंतजार में बदल गया जिसने पूरे दिन के कार्यक्रम को प्रभावित किया। प्रतियोगिता के रिंग आम तौर पर एक दिन पहले ही तैयार हो जाते है। मुकाबले दोपहर दो बजे शुरू होने थे लेकिन तब तब ऐसा नहीं हो सका था। तीन रिंग तैयार होने थे, लेकिन शाम चार बजे तक केवल एक ही रिंग तैयार हो पाया और तकनीकी खराबी के कारण उसे भी दोबारा लगाना पड़ा। इस काम को जल्दी पूरा करने के लिए अधिकारियों को स्वयं रिंग का निर्माण करते हुए देखा गया।
दिन के 80 मुकाबलों (38 महिला और 42 पुरुष) में से पहला मुकाबला आखिरकार शाम 6:30 बजे पुरुषों के मुकाबले के साथ शुरू हुआ। जबकि  महिला मुक्केबाजों को और भी लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा क्योंकि रात आठ बजे तक भी उनके मुकाबलों के शुरू होने की कोई जानकारी नहीं मिली थी। आखिर में महिलाओं के सिर्फ छह मुकाबले हुए। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के महासचिव प्रमोद कुमार ने  बताया, ‘‘देरी कुछ लॉजिस्टिक्स समस्याओं के कारण हुई।'' बीएफआई ने लॉजिस्टिक्स परेशानियों को देरी का कारण बताया तो वहीं मामले से जुड़े सूत्रों ने कहा कि यह भुगतान संबंधी समस्याओं के कारण हुई थी। इस सूत्र ने कहा, ‘‘विक्रेता को भुगतान नहीं किया गया था। भुगतान मिलने के बाद ही काम शुरू हुआ। टूर्नामेंट के लिए कोई प्रायोजक भी नहीं था।'' महिला वर्ग के शुरुआती मुकाबले में भिड़ने वाली 48 किलोग्राम वर्ग की मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा दोपहर बाद हॉल के अंदर योगा मैट पर बैठी हुई नजर आईं। वह अपनी ऊर्जा बचा रही थीं और अपने मुकाबले के समय की जानकारी का इंतजार कर रही थीं। आयोजकों की ओर से कोई सूचना नहीं मिलने पर वह आखिरकार वह शाम सात बजे स्टेडियम से चली गईं।
कई अन्य मुक्केबाजों ने भी समय बिताने की कोशिश की, कुछ ने हेडफोन लगा लिए जबकि कुछ हॉल में इधर-उधर घूमते रहे क्योंकि कोई घोषणा नहीं हुई थी। उत्तराखंड की एक मुक्केबाज ने कहा, ‘‘पता नहीं कब शुरू होगा, कुछ बता भी नहीं रहे हैं।''एक अन्य मुक्केबाज ने कहा, ‘‘अभी तो बहुत समय लगेगा, रिंग भी अभी तक नहीं लगी है।''कई कोच ने चेतावनी दी कि लंबे समय तक देरी से चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ मुक्केबाजों ने नाश्ते के बाद से कुछ नहीं खाया है क्योंकि उन्हें शुरुआती मुकाबलों के लिए चुना गया है। आप भरे पेट नहीं लड़ सकते, लेकिन इस तरह की अनिश्चितता रिकवरी को प्रभावित करती है और चोट लगने का खतरा बढ़ाती है।'' 

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english