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रायपुर/ आज नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल के नेतृत्व और कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन, स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा की उपस्थिति में नगर निगम जोन 8 क्षेत्र अंतर्गत रायपुरा अग्रोहा कॉलोनी स्थित 2050 हेल्थ केयर हॉस्पिटल के संचालक को हॉस्पिटल का मेडिकल वेस्ट जनरल सूखा गीला कचरा ब्लैक पॉलीथिन में देने पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आने पर तत्काल नोटिस जारी कर भविष्य के लिए कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए 10 हजार रूपये का जुर्माना किया है और हॉस्पिटल से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट के निपटान की उचित व्यवस्था करने के निर्देश जोन 8 जोन कमिश्नर ने 2050 हेल्थ केयर हॉस्पिटल अग्रोहा कॉलोनी रायपुरा के सम्बंधित संचालक को नोटिस में दिए हैँ, अन्यथा की स्थिति में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 अंतर्गत नियमानुसार कार्यवाही करने की चेतावनी नोटिस में दी गयी है.
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर परिषद की बैठक दिनांक 13.11.2025 को निगम की वित्तीय आय बढ़ाने हेतु आवेदन शुल्क में वृद्वि किये जाने प्रस्तुत प्रस्ताव में संकल्प पारित किया गया है। जिसके आधार पर काउंटर आवेदन फार्म में निम्नानुसार शुल्क में संशोधन किया गया है। जैसे - भवन अनुज्ञा पक्का निर्माण फार्म 20 रूपये, भवन अनुज्ञा कच्चा निर्माण फार्म 10 रूपये, बिजली एनओसी फार्म 10 रूपये, स्वनिर्धारण संपत्तिकर विवरणी फार्म 10 रूपये, ठेकेदारी पंजीयन फार्म 10 रूपये, नामांतरण फार्म (निगम संपत्ति) 50 रूपये, लायसेंस नवीनीकरण हेतु आवेदन 10 रूपये, जन्म-मृत्यु के एक माह से अधिक किन्तु एक वर्ष के भीतर शपथ पत्र और विलंब शुल्क 10 रूपये, एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने पर कार्यपालन मजिस्ट्रेट की अनुमति एवं विलंब शुल्क 10 रूपये किया गया है। इसी प्रकार समाचार पत्रों में विज्ञापित भूखण्डों और दुकान निविदा/निलामी हेतु फार्म को योजना के नियमानुसार शुल्क लिया जायेगा।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार को ज़ोन-5 के सेक्टर 10 अंतर्गत विभिन्न नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक स्थलों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बैडमिंटन कोर्ट, ओपन जिम, क्रिकेट कोर्ट, अवैध होर्डिंग, यात्री प्रतीक्षालय और नाला सफाई कार्यों का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निगम आयुक्त ने ज़ोन आयुक्त अमरनाथ दुबे के साथ सेक्टर 10, सड़क 03 पर बने बैडमिंटन कोर्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रकाश व्यवस्था के लिए लगे विद्युत पोल और मेट के तत्काल संधारण का निर्देश दिये। समीप के क्रिकेट कोर्ट की रेलिंग पर एक हॉस्पिटल के नाम से लगे बोर्ड को हटाकर उसके स्थान पर नगर निगम भिलाई का बोर्ड लगाने के लिए निर्देशित किया गया।
सेक्टर 10 'ए' मार्केट से लगी सड़क किनारे लगे अवैध होर्डिंग को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए। आयुक्त महोदय ने स्पष्ट किया कि नगर पालिक निगम अधिनियम एवं शहर की सुंदरता बनाए रखने के लिए महापौर परिषद की बैठक में संकल्प पारित किया गया है कि सभी अवैध होर्डिंग हटाए जाएं। भविष्य में होर्डिंग लगाने से पहले नगर निगम भिलाई से अनिवार्य रूप से अनुमति लेना आवश्यक है।
सेक्टर 10 'ए' मार्केट रोड किनारे पार्षद अभय सोनी की निधि से निर्मित यात्री प्रतीक्षालय का भी अवलोकन किया गया, जिसका जल्द ही उद्घाटन किया जाना है। पार्षद निधि से जनहित के अच्छे कार्य के लिए हर्ष व्यक्त किये।
पार्षद प्रतिनिधि अनिल सिंह द्वारा कराए जा रहे नाला सफाई कार्य का भी निगम आयुक्त ने निरीक्षण किया और कार्य की सराहना किए।
सड़क 25 पर निर्मित बैडमिंटन कोर्ट का भी निरीक्षण किया गया तथा उसमें आवश्यक संधारण कार्य कराने के लिए निर्देशित किया गया।
इस निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता श्वेता महेश्वर, शंकर सुवन मरकाम, सहायक राजस्व अधिकारी अनिल मेश्राम, जोन स्वास्थ्य अधिकारी सागर दुबे, सूर्या सहित अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुविधाओं का संधारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और शहर की सुंदरता को प्रभावित करने वाले किसी भी अवैध कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। -
- 5214 किसानों से किया 90.22 हेक्टेयर रकबा समर्पण
दुर्ग/ जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के अंतर्गत 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केन्द्रों में अब तक 21896 किसानों से 1,15,550.48 मे. टन धान खरीदी हुई है जिसकी लागत राशि 27,4050.48 लाख रूपए है। शासन की पारदर्शी व्यवस्था और तुंहर टोकन के अंतर्गत किसानों को सहुलियतें मिल रही है और वे निर्धारित तिथि अनुसार धान बेचने उपार्जन केन्द्रों में पहुंच रहे हैं। उपार्जन केन्द्रों में जिला प्रशासन द्वारा किसानों के लिए समुचित प्रबंध की गई है। धान खरीदी हेतु केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था है। अब तक 5,214 किसानों ने 90.22 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया है। खरीफ वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में 6,16,435 मे. टन धान खरीदी का अनुमानित लक्ष्य निर्धारित है। -
एसएनए मॉडयूल के माध्यम से किया गया जिले के सभी 436 ग्राम पंचायत सचिवों को 01 करोड़ 41 लाख 07 हजार 359 रूपये की राशि का ऑनलाईन भुगतान
बालोद/राज्य में सिंगल नोडल एकांउट (एसएनए) मॉडयूल से ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन भुगतान करने वाला बालोद प्रथम जिला बन गया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में आज जिले के सभी 436 ग्राम पंचायत के सचिवों को राशि 01 करोड़ 41 लाख 07 हजार 359 रूपये एसएनए मॉडयूल के माध्यम से ऑनलाईन भुगतान किया गया। मॉडयूल के क्रियान्वयन से ग्राम पंचायत सचिवों को राशि उनके खातों तत्काल अन्तरण हो गई। राज्य में सर्वप्रथम जिला बालोद के द्वारा ग्राम पंचायत सचिवों का मानदेय, वेतन भुगतान एसएनए मॉडयूल से समय पर वेतन प्राप्त होने से ग्राम पंचायत सचिव ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया गया।
उल्लेखनीय है कि संचालक, पंचायत संचालनालय के निर्देशानुसार पंचायत संचालनालय अंतर्गत संचालित 06 योजनाओं का क्रियान्वयन एसएनए मॉडयूल से किया जाएगा। जिसमें ग्राम पंचायत सचिव मानदेय वेतन शामिल है। उक्त संबंध में बालोद जिलें के समस्त जनपद पंचायत के तकनीकी टीम द्वारा जनपद स्तर पर कार्यरत समस्त सचिवों का एसएनए पोर्टल में बेसिक जानकारी का इन्द्राज किया गया। इसके साथ ही संबंधित सचिवों के बैंक खाता को मैप करते हुए वैलिडेट किया गया। तत्पश्चात नवम्बर के उपस्थिति को जनपद एडमिन के द्वारा पोर्टल में प्रविष्टि की गई। इसके साथ ही क्रियान्वयन में आ रही तकनीकी समस्याओं का निराकरण जिला एवं राज्य के तकनीकी अधिकारियों द्वारा त्वरित किया गया। -
मुख्य अतिथि सांसद श्री भोजराज नाग करेंगे खेल महोत्सव का शुभारंभ
बालोद/जिले में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ 06 दिसंबर को जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के मिनी स्टेडियम कचांदुर में मुख्य अतिथि सांसद श्री भोजराज नाग करेंगे। सांसद खेल महोत्सव में कबड्डी, खो-खो, वाॅलीबाॅल एवं रस्साकस्सी कुल 04 खेलों का आयोजन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि सांसद खेल महोत्सव 2025 का उद्देश्य इंडिया मूवमेंट अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के युवा प्रतिभागियों को खेल के क्षेत्र में प्रोत्साहन देने एवं प्रतिभागियों को मंच प्रदान कर उन्हें खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और खेल भावना का विकास करना है। आज कार्यक्रम के सफलतापूर्वक आयोजन के तैयारियों का जायजा लेने जिले के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारी-कर्मचारियों ने स्थल का मुआयना किया तथा संबंधितों को तैयारीपूर्ण करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख, श्री युवराज मारकंडे, श्री अजीतेश दत्ता राय सहित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती निखत सुल्ताना एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी 10 दिसंबर से 13 दिसंबर तक जशपुर जिले के अंतर्गत नगर पंचायत बगीचा में आयोजित होने वाले 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए गायत्री परिवार के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर श्री भानु यादव, श्रीमती मुक्ता देवी, श्रीमती रीना बरला, श्री मिकलेश यादव एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।
- राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ की षष्ठम विधानसभा का सप्तम सत्र रविवार 14 दिसम्बर 2025 से प्रारंभ होकर बुधवार 17 दिसम्बर 2025 को समाप्त होगा। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने विधानसभा सत्र के दौरान प्राप्त विधानसभा प्रश्रों, ध्यानाकर्षण सूचनाओं, स्थगन प्रस्तावों की जानकारी समय-सीमा में भेजने के लिए अधिकारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहने कहा है। उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों को बिना पूर्व अनुमति के अवकाश पर नहीं जाने एवं न ही मुख्यालय से बाहर रहने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को अपने कार्यालय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा उनके नाम, पदनाम, दूरभाष नंबर एवं मोबाईल नंबर की जानकारी कार्यालय कलेक्टर को तत्काल प्रेषित करने कहा है। कार्यालयीन दिवसों के अतिरिक्त कार्यालय में अवकाश के दिनों में भी पर्याप्त लिपिक एवं भृत्य की ड्यूटी भी सुनिश्चित करने निर्देशित किया है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरुपीठ पहुंचे, जहाँ उन्होंने अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के समक्ष प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की। उन्होंने गुरुपीठ में विधिवत पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की शांति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने अघोरेश्वर अवधूत जी के कृपापात्र शिष्य प्रियदर्शी भगवान राम जी से आशीर्वाद ग्रहण किया और कहा कि उनका स्नेह, मार्गदर्शन एवं आध्यात्मिक स्पर्श सदैव ऊर्जा, प्रेरणा और सकारात्मकता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन ही समाज को सही दिशा देता है और जनसेवा के कार्यों को अधिक संवेदनशीलता और समर्पण के साथ आगे बढ़ाने में सहायक होता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक सौहार्द हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। इन्हीं मूल्यों के आधार पर राज्य सरकार जनकल्याण, विकास और सुशासन के संकल्प को निरंतर आगे बढ़ा रही है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
- रायपुर। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर बस्तर जिले के सुदूर गांव चांदामेटा, मुण्डागढ़, छिन्दगुर और तुलसी डोंगरी जो पहले नक्सल गतिविधियों के गढ़ माने जाते थे, अब शांति और विकास की नई पहचान बन रहे हैं। जहां कभी नक्सलियों की ट्रेनिंग हुआ करती थी, वहीं आज वन विभाग स्थानीय युवाओं को वानिकी कार्यों का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्व-रोजगार दे रहा है।लंबे समय तक नक्सलियों के प्रभाव और कानूनों की गलत व्याख्या के कारण ग्रामीण विकास के रास्ते से भटक गए थे। शासन के प्रति अविश्वास का माहौल बना दिया गया था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। ग्रामीणों ने इन असामाजिक तत्वों की असल मंशा समझ ली है और वे अब भटकने के बजाय विकास में सहभागी के लिए तैयार हैं। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार संवाद, जागरूकता और विश्वास निर्माण के प्रयासों से ग्रामीणों का नजरिया बदला है। वानिकी कार्यों में स्थानीय लोगों को घर के पास ही रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है तथा सामाजिक रूप से भी वे सशक्त हुए हैं।मुण्डागढ़ के आसपास स्थित बांस वनों में इस वर्ष वैज्ञानिक तरीके से वन-उपचार किया गया। इस काम में ग्रामीणों को लगभग 20 लाख रुपये का तत्काल रोजगार मिला, जो सीधे उनके बैंक खातों में जमा होगा। अगले तीन वर्षों में लगभग एक करोड़ 37 लाख रुपये के अतिरिक्त रोजगार की संभावना है। इस क्षेत्र से प्राप्त 566 नोशनल टन बांस के उत्पादन का पूरा लाभ वन प्रबंधन समिति के माध्यम से ग्रामीण विकास में ही खर्च किया जाएगा।छिन्दगुर और चांदामेटा के पहाड़ी क्षेत्रों में प्रवरण सह सुधार कार्य के तहत बीमार, पुराने और मृत वृक्षों को हटाकर जंगल का उपचार किया जा रहा है, इससे ग्रामीणों को 32 लाख रुपये का तत्काल रोजगार मिल रहा है। काष्ठ उत्पादन से प्राप्त आय का 20 प्रतिशत भी गांव की समिति को मिलेगा। अगले छह वर्षों में लगभग 43 लाख रुपये का अतिरिक्त रोजगार इसी उपचार कार्य से मिलेगा। वन विभाग ग्रामीणों की जरूरतों का भी ध्यान रख कर ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरण तथा समिति सदस्यों को टी-शर्ट उपलब्ध कराने जैसी आवश्यकताएं तुरंत पूरी की जा रही हैं।वन मंडलाधिकारी श्री उत्तम गुप्ता ने कहा कि जो इलाके पहले भय और हिंसा से पहचाने जाते थे, वे आज शांति, आजीविका और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। वानिकी कार्यों के माध्यम से जल, जंगल और जमीन का संरक्षण करते हुए ग्रामीणों को स्थायी आजीविका दी जा रही है। बस्तर के नक्सल मुक्त गांव यह साबित कर रहे हैं कि जब विश्वास और विकास साथ आते हैं, तब बदलाव होना निश्चित है।
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--टी सहदेव
भिलाई नगर। तेलुगु सिनेमा के प्रख्यात पार्श्व गायक पद्मश्री घंटसाला की 103 वीं जयंती पर एसएनजी विद्याभवन, सेक्टर 04 में रविवार को पद्मश्री घंटसाला चैतन्य वेदिका के तत्वावधान में पाडुता तीयगा सीजन 9 में तेलुगु फ़िल्मों के मधुर गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। इस संगीतमय कार्यक्रम में स्वर सम्राट एवार्ड से सम्मानित हैदराबाद के डॉ शरतचंद्र और स्वर कलानिधि एवार्डी वैजाग के सोमेश सुरों की महफिल सजाएंगे। सोमेश के नेतृत्व वाले ऑर्केस्ट्रा ग्रुप में रमण मूर्ति और बाबूराव वाद्ययंत्रों पर संगति करेंगे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में विधायक-द्वय देवेंद्र यादव और रिकेश सेन तथा मेयर नीरज पाल शिरकत करेंगे।
अध्यक्ष एएस शर्मा और महासचिव के लक्ष्मीनारायण ने बताया कि चैतन्य वेदिका के संस्थापक एवं प्रदेश के कई गायकों के सुर तराशने वाले दिवंगत आर गणपति राव की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के साथ-साथ स्थानीय गायक भी गीत पेश करेंगे। जिसमें जी वेणुगोपाल, बी रामू, के राजू, एमवी गौरीनाथ, जीएस वेंकटसुब्रमण्यम, जे वेंकट रमण, एन चंद्रशेखर, वी प्रकाश राव, डी श्रीनिवास राव, टी लक्ष्मणमूर्ति, एसवीवी शंकर श्रीनिवास, के दिलीप कुमार, के राधा, लता, एमवी श्रुति, जोशना, एसएनकेवी लक्ष्मी, रानी नायडु, उमा तथा लक्ष्मी रानी सुरों का जादू बिखेरेंगे।
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किसानों को जरूरी सुविधा उलपब्ध कराने तथा धान खरीदी के कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा द्वारा बालोद जिले में धान खरीदी के कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने तथा धान की अवैध खरीदी एवं बिक्री की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु जिले के धान खरीदी केन्द्रों का सघन दौरा कर संपूर्ण व्यवस्थाओं की समुचित माॅनिटरिंग की जा रही है। जिससे कि बालोद जिले में धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक एवं बेहतर ढंग से संपन्न हो सके। इसके अंतर्गत आज कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने गुण्डरदेही विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र मोखा-रजोली एवं गुरूर विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र पलारी का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित समिति प्रबंधक एवं अधिकारी-कर्मचारियों को धान खरीदी केन्द्र में अपने धान की बिक्री हेतु आने वाले कृषकों को जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा धान खरीदी के कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु पुख्ता इंतजाम कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने किसानों द्वारा धान खरीदी केन्द्र में बिक्री हेतु लाए गए धान का भी अवलोकन किया। उन्होंने किसानों को साफ-सुथरे एवं गुणवत्तायुक्त धान ही धान खरीदी केन्द्र में बिक्री हेतु लाने की समझाईश दी। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को किसानों द्वारा बिक्री हेतु लाए गए धान की समुचित जाँच के उपरांत ही गुणवत्तायुक्त एवं साफ-सुथरे धान की खरीदी करने के निर्देश दिए। उन्होंने नोडल अधिकारी, समिति प्रबंधक एवं निगरानी दल के सदस्य के रूप में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों को प्रतिदिन सुबह निर्धारित समय में धान खरीदी केन्द्रों में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर संपूर्ण व्यवस्थाओं की माॅनिटरिंग सुनिश्चित कराने को कहा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी के कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बरते जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्रों में उपस्थित कृषकों से बातचीत कर धान खरीदी केन्द्र के व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। किसानों ने धान खरीदी की लिमिट की मात्रा को बढ़ाने की मांग की। जिला खाद्य अधिकारी द्वारा इस संबंध में शासन को पत्र प्रेषित करने की जानकारी दी गई। इस दौरान जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसी ठाकुर एवं जिला विपणन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं कृषकगण उपस्थित थे। -
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने गुरूर विकासखण्ड के ग्राम भिरई में फुटकर व्यापारी के गोदाम की जाँच कर 200 कट्टा धान जब्त करने की कार्रवाई की
बालोद/समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में धान की अवैध खरीदी बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु राजस्व, खाद्य, कृषि उपज मंडी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा थोक एवं फुटकर व्यापारियों के घरों, दुकानों एवं गोदामों की सघन जाँच कर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा भी स्वयं थोक एवं फुटकर व्यापारियों के घरों, दुकानों एवं व्यापारियों की जाँच कर उनके पास धान खरीदी हेतु जारी किए गए अनुज्ञप्ति आधार पर अधिक धान की मात्रा पाए जाने पर धान जब्त करने की कार्रवाई कर रहे हैं। इसके अंतर्गत आज कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने गुरूर विकासखण्ड के ग्राम भिरई में फुटकर व्यापारी श्री शरद सिन्हा के गोदामों का निरीक्षण कर व्यापारी द्वारा अपने गोदाम में रखे गए अवैध धान को जब्त कराने की कार्रवाई की गई। कलेक्टर एवं अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान फुटकर व्यापारी श्री शरद सिन्हा के गोदाम में लगभग 80 क्विंटल धान पाया गया। उल्लेखनीय है कि फुटकर व्यापारियों को धान खरीदी हेतु जारी किए गए अनुज्ञप्ति के अनुसार उन्हें केवल 10 क्विंटल धान खरीदी की पात्रता है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने फुटकर द्वारा श्री शरद सिन्हा के गोदाम में लगभग 80 क्विंटल धान प्राप्त होेने पर उक्त सभी धान को जब्त करने के निर्देश दिए। मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों ने धान जप्ती कार्रवाई सुनिश्चित कर कोटवार की अभिरक्षा में फुटकर व्यापारी शरद सिन्हा को सुपुर्द किया गया। अधिकारियों ने कोटवार को जब्त किए गए धान की सतत निगरानी के निर्देश भी दिए। इस मौके पर जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसी ठाकुर एवं जिला विपणन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।क्रमांक/965/ठाकुर -
बालोद/केंद्र सरकार के अमृत मिशन के अंतर्गत संचालित महत्वाकांक्षी पहल ’वुमेन फाॅर ट्री’ जिले में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं के मामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन कर उभर रही है। यह योजना न केवल वृक्षारोपण को प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। ’वुमेन फाॅर ट्री’ योजना तहत बालोद जिले के 08 नगरीय निकायों में अब तक 6,950 पेड़ रोपे जा चुके हैं। वृक्षारोपण से लेकर पौधों की देखभाल, सिंचाई, सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी जिले की विभिन्न महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी गई है। महिलाओं की इस प्रत्यक्ष भागीदारी ने न केवल पौधों के संरक्षण प्रतिशत को बढ़ाया है, बल्कि सामाजिक स्तर पर पर्यावरणीय चेतना को भी मजबूत किया है। योजना से जिले की महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। अब तक 66 महिलाओं को योजना के माध्यम से रोजगार प्रदान किया जा चुका है। इन सभी महिला कार्यकर्ताओं को प्रति माह 08 हजार रुपये का मानदेय दिया जा रहा है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में स्थिर सुधार हो रहा है। सरकार द्वारा सभी महिला कार्यकर्ताओं को कार्य सुविधा हेतु साड़ी, जैकेट, जूते तथा संपूर्ण टूलकिट (फावड़ा, कुदाली, बेलचा, धमेला) उपलब्ध कराई गई है। कई महिलाओं ने बताया है कि इस आय से वे अपने बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च एवं स्वयं के विकास में योगदान दे पा रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा आने वाले महीनों में वृक्षारोपण के दायरे को और विस्तृत किया जाएगा। योजना का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़कर जिले में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएँ। साथ ही, पौधों के संरक्षण के लिए तकनीकी एवं प्रशिक्षण सहयोग भी महिलाओं को प्रदान किया जाएगा।
जिला प्रशासन बालोद ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि ’वुमेन फाॅर ट्री’ योजना को सफल बनाने में सहयोग करें। प्रशासन ने सभी पंचायतों, संस्थाओं और समाजसेवी संगठनों को भी इस अभियान से जुड़ने का अनुरोध किया है ताकि बालोद को और अधिक हराभरा, स्वच्छ तथा पर्यावरण-अनुकूल जिला बनाया जा सके। नगर पालिका परिषद बालोद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री मोबिन अली ने बताया कि ’वुमेन फाॅर ट्री’ योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम भी है। महिलाओं की भागीदारी से पौधों के संरक्षण दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होने कहा कि जिले की अधिक से अधिक महिलाएँ इस अभियान से जुड़कर और बालोद को हरियाली व स्वच्छता के क्षेत्र में एक मॉडल जिले के रूप में स्थापित करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों से वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण में सहयोग कर जल संरचना को सुदृढ़ बनाने की अपील की है। - दुर्ग. कलेक्टर एवं प्राधिकृत अधिकारी श्री अभिजीत सिंह की उपस्थिति में आज जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के सभागार में बैंक से सम्बद्ध जिला दुर्ग, बेमेतरा, बालोद के कृषकों को वर्ष 2026-27 के लिए फसल उत्पादन हेतु अल्पकालीन फसल ऋणमान निर्धारित करने संबंधी बैठक हुई। बैठक में विभिन्न प्रकार के फसल उत्पादन हेतु कृषि विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ एवं उन्नतशील कृषकों द्वारा विचार मंथन किया गया। फसल उत्पादन हेतु प्रति हेक्टेयर होने वाली व्यय के संबंध में कृषि विभाग व उद्यानिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत जानकारी अनुसार खरीफ व रबी फसलों के लिए वर्ष 2026-27 के लिए ऋणमान का निर्धारण किया गया। जिसे राज्य स्तरीय तकनीकी समूह को प्रेषित किया जायेगा।बैठक में प्रति हेक्टेयर धान सिंचित के लिए 65,000 रूपए, धान असिंचित 48,000 रूपए, सोयाबीन 53,900 रूपए, चना 46,200 रूपए, गेहूँ 50,000 रूपए, गन्ना उन्नत 1,20,000 रूपए, अरहर/तुअर 45100 रूपए, जिमी कंद 1,60,000, मत्स्य पालन 1,87,000, गौपालन 40800 प्रति गाय, भैंसपालन 47300 प्रति भैंस, भेड़पालन 48400 प्रति भेड़, मक्का 60000, कपास 60000, ग्रीष्मकालीन धान 48000, सूरजमुखी 28600 रूपए प्रस्तावित किया गया। साथ ही उद्यानिकी फसलों के लिए टमाटर, मशरूम, शिमला मिर्च आदि खरीफ व रबी फसलों के लिए वर्ष 2026-27 के लिए ऋणमान का निर्धारण कर प्रस्तावित किया गया। बैठक में श्री संदीप भोई उप संचालक कृषि, श्री संतोष पाटले उप आयुक्त सहकारिता, श्री हृदेश शर्मा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सुश्री कुसुम ठाकुर अतिरिक्त मुख्य पर्यवेक्षक, प्रीतपाल बेलचंदन पूर्व अध्यक्ष, पूर्व संचालक शिव कुमार चन्द्राकर, श्री एस.के.जोशी पशुधन विभाग, श्री नारायण सिंह उद्यानिकी विभाग दुर्ग, डॉ. भारतेष शर्मा, अति.उप संचालक, श्री डी.डी. झॉ पशुचिकित्सा, सुमंत चंद्रवंशी मछली पालन विभाग, प्रगतिशील कृषक दीपक चन्द्राकर, प्रेमलाल नायक, पुरेन्द्र चन्द्राकर, पवन जैन, भगवान सिंह चन्द्राकर, योगेन्द्र दिल्लीवार, बैंक अधिकारी के.के.नायक अधीक्षक, एस.पी.वाहने, धीरेन्द्र देवांगन, लक्ष्मण साहू, झामनलाल साहू उपस्थित रहे।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में “मोर गांव मोर पानी” अभियान के तहत दुर्ग जिले में जल संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप दिया जा रहा है। जल संचय एवं भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देने हेतु मनरेगा के माध्यम से बड़े पैमाने पर जल संरचनाओं का निर्माण स्वीकृत किया गया है।“मोर गांव मोर पानी” अभियान ने दुर्ग जिले में जल संरक्षण की दिशा में नई ऊर्जा और प्रभावशाली परिणाम दिए हैं। वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच जैसी संरचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल प्रबंधन को मजबूत बना रही हैं और जल सुरक्षा के लक्ष्यों को साकार कर रहा हैंयह अभियान छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन, भूजल स्तर में वृद्धि तथा जल संरक्षण के लिए सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना है। अभियान के प्रमुख उद्देश्य वर्षा जल संरक्षण को ग्रामीण स्तर पर सामूहिक जिम्मेदारी बनाना, पारंपरिक जल स्रोतों कुएं, तालाब, जीर्णाेद्धार विभिन्न तकनीकों से भूजल रिचार्ज बढ़ाना जल संकट की संभावनाओं को कम कर भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है।जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि जिले में विभिन्न जनपद पंचायतों के अंतर्गत वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच का निर्माण तेजी से किया जा रहा है- जनपद पंचायत दुर्ग के ग्राम पंचायत दमोदा में स्वीकृत राशि 6.47 लाख रूपए सृजित मानव दिवस 1678 कुल गड्ढे 1500, ग्राम पंचायत बोरई में स्वीकृत राशि 9.86 लाख रूपए सृजित मानव दिवस 3014 कुल गड्ढे 2500, ग्राम पंचायत अंजोरा ढाबा में स्वीकृत राशि 4.67 लाख रूपए सृजित मानव दिवस 912 कुल गड्ढे एक हजार।इसी प्रकार जनपद पंचायत धमधा के ग्राम पंचायत दारगांव में स्वीकृत राशि 7.62 लाख रूपए सृजित मानव दिवस 935 कुल गड्ढे 450, ग्राम पंचायत रौंदा में स्वीकृत राशि 7.16 लाख रूपए सृजित मानव दिवस 456 कुल गड्ढे 210 किया जा रहा है। अभियान का प्रभाव वर्षा जल संचयन में वृद्धि, जल बहाव एवं मिट्टी कटाव में कमी भूजल स्तर में सुधार के सकारात्मक संकेत सामुदायिक सहभागिता से जल संरक्षण गतिविधियों को मिली मजबूती मनरेगा के माध्यम से ग्रामवासियों को सतत रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
- 0- जनवरी 2025 से अब तक 39 वन अपराध प्रकरण दर्ज0- विभाग ने 04 आरामिलों को किया सीलबंद, 01 अवैध आरा मशीन को किया राजसातदुर्ग. वन संरक्षण को लेकर वन विभाग के सभी अमले द्वारा सतत प्रयास किया जा रहा है। धमधा और पाटन डिविजन में वन संरक्षण प्रणाली मज़बूत है तथा विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में सघन निरीक्षण कर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगा रही है। सभी आरा मशीनों और बीट क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण रोस्टर के अनुसार किया जा रहा है। मुख्य वन संरक्षक द्वारा निर्धारित रोस्टर अनुसार आरामिलों का प्रति माह उप वन मंडलाधिकारी, परिक्षेत्र अधिकारी और सहायक परिक्षेत्र अधिकारी आरामिलों का निरीक्षण करते हैं, जिससे पारदर्शिता और नियंत्रण व्यवस्था बेहतर हुई है।वन विभाग द्वारा किए गए सक्रिय प्रयासों का परिणाम यह रहा कि जनवरी 2025 से अब तक 39 वन अपराध प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिसमें लगभग 4 लाख रुपये का मुआवजा आरोपित किया गया है। इसके साथ ही अनुमानित 1028 नग (67.548 घन मीटर) व 15 जलाऊ चट्टा काष्ठ शासन के हित में जमा कराया गया है। विभाग ने 04 आरामिलों को सीलबंद किया है, जिनमें से 01 अवैध आरा मशीन को राजसात भी किया गया है।वन विभाग क्षेत्र में अवैध कटाई और परिवहन को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है और लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। अवैध परिवहन के तहत अपराध पाए जाने पर अपराध पंजीबद्ध कर संबंधित अभियुक्त से मुआवजा की राशि वसूल कर प्रतिबंधित काष्ठों की जप्ती की जाती है एवं छूट प्रजाति के काष्ठों को निर्मुक्त किया जाता है। वन संरक्षण के लिए वन विभाग के सभी अमले मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को बढ़ावा मिल रहा है।
- दुर्ग. मिशन शक्ति अंतर्गत सखी निवास के तहत प्रबंधक, वार्डन, केयर टेकर के रिक्त संविदा पद की पूर्ति के लिए पात्र आवेदकों से आवेदन ऑनलाईन https://sakhiniwas.e-bharti.in/durg के माध्यम से आमंत्रित किए गए हैं। इसी प्रकार शक्ति सदन के तहत आवासीय अधीक्षक, कार्यालय सहायक, बहुउद्देशीय सहायक, रसोईया, सुरक्षा गार्ड/चौकीदार के रिक्त संविदा पद की पूर्ति के लिए पात्र आवेदकों से आवेदन ऑनलाईन https://wcd.e-bharti.in/durg के माध्यम से आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक एवं पात्र उम्मीदवार दिनांक 15 दिसंबर 2025 तक ऑनलाईन माध्यम से अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी विज्ञापन में पद से संबंधित शैक्षणिक योग्यता, आवश्यक अनुभव, आवेदन प्रारूप, तथा संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया का विस्तृत विवरण दुर्ग जिले की वेबसाइट www.durg.gov.in पर उपलब्ध है। वेबसाइट में विज्ञापन में भर्ती प्रक्रिया संबंधी संपूर्ण जानकारी है।
- दुर्ग. मिशन शक्ति अंतर्गत संचालित महिला सशक्तिकरण केन्द्र में जेण्डर विशेषज्ञ (अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित) के रिक्त संविदा पद की पूर्ति के लिए पात्र आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक एवं पात्र उम्मीदवार दिनांक 15 दिसंबर 2025 तक केवल स्पीड पोस्ट के माध्यम से अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी विज्ञापन में पद से संबंधित शैक्षणिक योग्यता, आवश्यक अनुभव, आवेदन प्रारूप तथा संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया का विस्तृत विवरण दुर्ग जिले की वेबसाइट www.durg.gov.in पर उपलब्ध है, जहां आवेदक विज्ञापन एवं आवेदन पत्र का प्रारूप डाउनलोड कर सकते हैं।---
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01 एकड़ की खेती से 05 लाख तक की हो रही है आय
बालोद/उद्यानिकी विभाग की ग्राफ्टेड बैगन तकनीक से डौण्डी विकासखण्ड के वनांचल के ग्राम अड़जाल का किसान संतोष कुमार आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है। किसान संतोष उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में ग्राफ्टेड बैगन की खेती कर 01 एकड़ की खेती से 05 लाख तक की आय अर्जित कर रहा है। किसान संतोष कुमार पहले अपनी एक एकड़ भूमि पर पारंपरिक खरीफ धान की खेती करते थे। उन्हें पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाता था और खेत भी अक्सर पड़त रहती थी। उन्होंने बताया कि जब उन्हें उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी मिली। जिसके अंतर्गत अनुदान पर हाईब्रिड पौधे और बीज उपलब्ध कराए जाते हैं। किसान संतोष ने धान के स्थान पर अपने एक एकड़ खेत में ग्राफ्टेड बैगन की खेती अपनाई, जिसमें उन्होंने कुल 03 हजार पौधे रोपे। उत्पादन शुरू होने पर न केवल उनके घर में सब्जियां आसानी से उपलब्ध होने से उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया। उन्होंने बताया कि अब तक उन्हें लगभग 250 क्विंटल बैगन का उत्पादन कर चुके है। उन्होंने बताया कि वर्तमान बाजार मूल्य 20 से 25 प्रति किग्रा. की दर से उन्हें अपनी 01 एकड़ की ग्राफ्टेड बैगन की खेती से लगभग 05 लाख तक की आय प्राप्त हो चुकी है। किसान श्री संतोष ने बताया कि उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से लाभान्वित होकर अब वह अधिक आय अर्जित कर रहे हैं। -
फसलों के अवशेषों को नष्ट न करते हुए पशुओं के लिए चारा संग्रहण करने किसानों से की अपील
ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन-तिलहन फसल लेकर, फसल चक्र को अपनाने कर रहे हैं प्रेरितबालोद/ फसल की कटाई के पश्चात बचे हुए अवशेषों को बेलर मशीन के माध्यम से संग्रहित कर कृषक रत्न से सम्मानित श्री सोमेश साहू अपने पशुओं के चारा हेतु बेहतर व्यवस्था कर रहे हैं। जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम गुजरा के कृषक रत्न से सम्मानित श्री साहू ने कृषि क्षेत्र में अपनी प्रगतिशील सोच से एक मिसाल कायम की है। उन्होंने धान कटाई के बाद फसल अवशेषों (पराली) को न जलाकर, उसे बेलर मशीन के माध्यम से संग्रहित करने का अनूठा कार्य किया है। उन्होंने बताया कि उनके पास लगभग 45 पशु है। जिनके लिए नियमित रूप से चारा की आवश्यकता होती है। जिसके लिए वे अपने खेत में धान की कटाई के पश्चात बचे अवशेष (पराली) को जिला खनिज न्यास मद से प्राप्त बेलर मशीन का उपयोग कर संग्रहित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष को खेत में न जलाकर उसे संग्रहित करना चाहिए। इस फसल अवशेष को जलाने से पर्यावरण प्रदूषण, मृदा में उपस्थित सूक्ष्म जीव की हानि, मित्र कीटों को नुकसान इसके साथ ही जमीन में उपजाऊ क्षमता में प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि गिरते भू-जल स्तर को सुधारने के लिए ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, गन्ना, मक्का, गेहूँ इत्यादि कम जल संचय करने वाली फसलों को लगाना चाहिए तथा फसल चक्र को अपनाना चाहिए/ - दुर्ग. एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय दुर्ग द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र पंचशील नगर केन्द्र क्रमांक 01 वार्ड क्रमांक 01 में 01 सहायिका पद के नियुक्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया था, जिसके लिए 13 दिसम्बर 2025 तक दावा आपत्ति आमंत्रित किया गया है। दावा आपत्ति हेतु प्राप्त आवेदनों की अनन्तिम सूची परियोजना कार्यालय एवं नगर पालिक निगम दुर्ग के सूचना पटल पर अवलोकन हेतु चस्पा की गई है। उक्त अवधि में कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग में कार्यालयीन समय पर प्रस्तुत दावा आपत्ति ही मान्य किया जाएगा।
- दुर्ग. मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजनांतर्गत वर्ष 2025-26 में शासन द्वारा अनुमोदित निर्धारित लागत दर अनुसार जनपद पंचायत अंतर्गत अधोसंरचना निर्माण कार्य के लिए 48 लाख 28 हजार रूपए की अनुशंसा प्राप्त हुई है। अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग धमधा द्वारा प्रेषित तकनीकी स्वीकृति के आधार पर अनुशंसित कार्य को संपादित कराए जाने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमधा को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। कार्याे की संपादन कार्यकारी एजेंसी संबंधित ग्राम पंचायत होगी।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे से प्राप्त जानकारी अनुसार विकासखण्ड धमधा के ग्राम अरसी के देवांगन पारा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 6 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम हिर्री के विश्वकर्मा चौक में सी.सी. रोड निर्माण हेतु 02 लाख 60 हजार रूपए, ग्राम बड़े पुरदा के माखन लाल साहू के घर पास रंगमंच निर्माण हेतु 03 लाख रूपए, ग्राम रूहा पेन्ड्री के जितेन्द्र घर के पास रंगमंच निर्माण हेतु 03 लाख रूपए, ग्राम नारधा के हायर सेकेण्डरी स्कूल में शेड निर्माण हेतु 07 लाख रूपए, ग्राम कंडरका में माध्यमिक शाला में शेड निर्माण हेतु 07 लाख रूपए, ग्राम राजपुर के कोक्सा तालाब में निर्मलाघाट निर्माण हेतु 02 लाख 60 हजार रूपए, ग्राम ढ़ाबा के माध्यमिक शाला में शेड निर्माण हेतु 07 लाख रूपए, ग्राम बागडुमर सेमरिया में मुक्तिधाम एवं शेड निर्माण हेतु 4 लाख 79 हजार रूपए और ग्राम ढौर खेरधी में मुक्तिधाम एवं शेड निर्माण हेतु 4 लाख 79 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
- 0- किसान भूपेश ने व्यवस्था पर शासन-प्रशासन का जताया आभारदुर्ग. छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में चल रहा धान खरीदी अभियान किसानों के लिए आशा की नई किरण लेकर आया है। 15 नवंबर से शुरू हुआ यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक जारी रहेगा। प्रति क्विंटल 3100 रुपए की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी से किसान समृद्ध और खुशहाल हो रहे हैं।ग्राम पंचायत गनियारी के रसमड़ा उपार्जन केंद्र में सिलोदा गांव के किसान श्री भूपेश सिंह अपने दूसरे टोकन के तहत आज 96 क्विंटल धान की ब्रिकी की। कुल 5.19 हेक्टेयर का रकबा रखने वाले भूपेश सिंह पहले टोकन से भी धान बेच चुके हैं। इस बार उन्होंने अपने खेतों में कावेरी किस्म का धान लगाया था, जिसकी पैदावार उन्हें संतोषजनक मिली। पिछले साल भी उनके धान की पैदावार अच्छी हुई थी।भूपेश सिंह कहते हैं कि धान की यह फसल हमारे लिए सिर्फ अनाज नहीं, बल्कि सालभर की मेहनत का प्रतिफल है। इसी से हमारा घर-परिवार चलता है, बच्चों की पढ़ाई होती है और जीवन सुचारू रूप से चलता है। यह हमारी रोज़ी-रोटी है, जीवन का आधार है। उपार्जन केंद्र में खूब रौनक थी। बारदाने भरने, तौलने, सिलाई करने और धान को उसकी क्वालिटी के अनुसार स्टैक में व्यवस्थित रखने के लिए समिति के कर्मचारी लगातार सक्रिय थे। खरीदी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी तरीके से पूरी हो रही है, जिसके लिए श्री सिंह ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
- 0- वृहद् पुल बन रहे विकास एवं समृद्धि के सेतुबिलासपुर. बस्तर के विभिन्न क्षेत्रों में बन रहे पुल विकास और समृद्धि के भी सेतु बन रहे हैं। नक्सल आतंक से प्रभावित रहे दूरस्थ क्षेत्रों में पुलों के निर्माण से विकास कार्य दुगुनी गति से धरातल पर उतर रहे हैं। आकांक्षी जिला कांकेर में पिछले तीन वर्षों में सेतुओं का तेजी से पूर्ण होता निर्माण सुदूरांचलों के रहवासियों के विकास और समृद्धि का भी सेतु बन रहा है। इससे सुदूरवर्ती माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को अच्छी गति मिल रही है। कांकेर जिले में पिछले तीन वर्षों में 101 करोड़ 16 लाख रुपए की लागत से 20 सेतु निर्माण के कार्य पूर्ण हुए हैं। इससे लगभग 160 गांवों के 80 हजार लोगों का बारहमासी सड़क संपर्क विकासखंड, तहसील एवं जिला मुख्यालय से हो गया है। इन पुल-पुलियों के निर्माण से क्षेत्रवासियों तक उच्च शिक्षा, व्यापार, पर्यटन, सामाजिक-सांस्कृतिक संपर्क, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं एवं शासन की योजनाओं की पहुंच आसान हो गई है। इससे नक्सल गतिविधियों के उन्मूलन के साथ ही क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है।कुछ इलाकों के नक्सल प्रभावित होने के बावजूद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मिचगांव से कोड़ेकुर्से मार्ग के कि.मी. 16/2 पर कोटरी नदी पर नौ करोड़ 35 लाख रुपए की लागत से एवं आतुरबेड़ा-भैंसगांव-निब्रा मार्ग के कि.मी. 4/2 मेंढ़की नदी पर नौ करोड़ 57 लाख रुपए की लागत से महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय पुलों के काम पूर्ण किए गए हैं। अभी जिले में कुल 60 करोड़ रुपए की लागत से 12 वृहद पुलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही कुल 30 करोड़ रुपए लागत के पांच वृहद सेतु कार्य निविदा स्तर पर है, जो कि शीघ्र ही प्रारंभ हो जाएंगे। इससे 136 गांवों की 68 हजार से अधिक आबादी लाभान्वित होगी। कांकेर के दूरस्थ छोटेबेठिया-मरबेड़ा-सितरम मार्ग पर कोटरी नदी पर 19 करोड़ रुपए तथा कोयलीबेड़ा-दुता मार्ग पर मेंढ़की नदी पर दस करोड़ 28 लाख रुपए की लागत से वृहद पुल निर्माणाधीन हैं। इनके साथ ही सोनपुर-मरोड़ा मार्ग (बेचाघाट) पर प्रस्तावित पुल निर्माण कार्य की स्वीकृति अंतिम चरण पर है। इन पुलों के निर्माण से माड़ क्षेत्र से सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा। ये पुल क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।कांकेर में नरहरपुर विकासखण्ड के अंतिम छोर को जोड़ने के लिए बांसपत्तर-तिरियारपानी मार्ग में स्वीकृत पांच वृहद पुलों में से एक का कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष चार पुलों के काम अगले वर्ष (2026) मार्च तक पूर्ण हो जाएंगे। जिले के इसी सीमावर्ती क्षेत्र में लेण्डारा से ठेमा मार्ग पर दो वृहद् पुल बने हैं। इनके निर्माण से कोण्डागांव जिले के विश्रामपुरी-बड़ेराजपुर विकासखण्ड से सीधा बारहमासी संपर्क हो गया है। विकास की दौड़ में अछूता सा रह गया यह क्षेत्र भी अब तेजी से विकास करेगा।कांकेर के कोने-कोने को राज्यीय मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों, विकासखंडों, तहसीलों एवं जिला मुख्यालय से बारहमासी संपर्क स्थापित करने के लिए राज्य शासन द्वारा बजट में लगभग 250 करोड़ रुपए के 36 नवीन सेतु निर्माण कार्यों के प्रस्ताव शामिल किए गए हैं, जिनकी स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। आगामी बजट में 25 नए सेतु कार्यों को शामिल करने के लिए 154 करोड़ रुपए के प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जा रहा है। इन पुलों के निर्माण से जिले के कोने-कोने से जिला मुख्यालय एवं राजधानी आने-जाने के लिए लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।


























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