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- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने आज जोन-4 खुर्सीपार क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निगम की आय में वृद्धि करने के उपायों, मूलभूत नागरिक सुविधाओं की स्थिति और प्रस्तावित विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। आयुक्त ने पावर हाउस बस स्टैंड के पास स्थित खाली पड़े निर्मित भवन का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को इस भवन को किसी प्राइवेट एजेंसी को किराए पर देने और किराया निर्धारित करने का निर्देश दिया, जिससे नगर निगम की आय में वृद्धि हो सके। वार्ड क्रं. 51, शहीद वीर नारायण सिंह नगर में एक भवन में संचालित प्राइवेट स्कूल का भी आयुक्त ने निरीक्षण किया। आयुक्त ने वार्ड के मोहल्लों का भ्रमण कर पेयजल आपूर्ति और साफ-सफाई व्यवस्था का गहन जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से संवाद किया और उनसे एसआईआर (SIR) फार्म भरने से संबंधित चर्चा भी की। खुर्सीपार गेट पर प्रस्तावित रोड निर्माण स्थल का अवलोकन किया गया। आयुक्त ने उपस्थित इंजीनियरों को आवश्यक निर्देश देते हुए तत्काल प्रस्ताव तैयार कराने के लिए निर्देशित किए हैं। इस औचक निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त के साथ जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उप अभियंता, सहायक राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी, परगनिया सहित अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
- भिलाई नगर। निगम क्षेत्रांतर्गत नागरिकों को मच्छर जनित रोग जैसे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से सुरक्षित रखने के लिए आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के निर्देशों पर एक व्यापक जन जागरूकता और मच्छर उन्मूलन कार्यक्रम जोर-शोर से चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत निगम का विशेष दस्ता और जिला मलेरिया विभाग के सर्वेलेंस कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीम घर-घर जाकर सर्वेक्षण कर रही है और मच्छर प्रजनन स्रोतों को समाप्त करने का कार्य कर रही है। निगम द्वारा गठित विशेष दस्ता के नेतृत्वकर्ता वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक के.के. सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 01 अप्रैल 2025 से 30 नवंबर 2025 तक चलाए गए सघन अभियान के दौरान महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं।कुल सर्वेक्षण किए गए घर 16,168 जांच किए गए और खाली कराए गए मच्छर प्रजनन स्रोत कुल 8,825, कूलर 3,327, टंकी 2,370 ड्रम/कंटेनर 3,096 अन्य स्रोत से 32 लार्वा नियंत्रण हेतु छिड़काव 13,253 घरों के 8,864 कूलरों में पानी मिश्रित एक्यूगार्ड का छिड़काव किया गया। 19,125 कूलरों में पानी मिश्रित मैलाथियान का छिड़काव कार्य कराया गया।निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने इस अवसर पर नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि, "मच्छर अपने जीवन काल की प्रारंभिक तीन अवस्थाएं - अण्डा, लार्वा और प्यूपा - पानी में ही पूरी करते हैं। मच्छरों को व्यस्क अवस्था में पहुँचने से पूर्व ही प्रारंभिक स्तर पर मच्छर प्रजनन स्रोतों को समाप्त करना सबसे प्रभावी बचाव है।"उन्होंने मच्छरों के पनपने के स्थान को खत्म करने के लिए उपाय करने की अपील की जिसमें पानी संग्रहण पात्रों को ढंककर रखें। कूलर, टंकी, ड्रम या कंटेनर में संग्रहित पानी को सप्ताह में कम से कम एक दिन अवश्य खाली कर/सूखाकर ही नया पानी भरकर उपयोग करें।घर के आसपास पानी का जमाव नहीं होने दें। यदि पानी जमा होता है, तो उसमें जला हुआ मोबिल ऑयल अवश्य डालें, ताकि व्यस्क मच्छरों की उत्पत्ति न हो सके।आयुक्त महोदय ने यह भी दोहराया कि मच्छर उन्मूलन कार्यक्रम में आम नागरिकों के सक्रिय सहयोग से ही डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से पूरी तरह बचा जा सकता है।
- भिलाईनगर। शासन की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) एएचपी आवास मोर मकान-मोर आस एवं मोर मकान-मोर चिन्हारी संचालित किया जा रहा है। नगर निगम भिलाई क्षेत्र के मकानहीन परिवारों से मकान हेतु आवेदन जमा कराया गया है। आवासों का सक्षम स्वीकृति प्राप्त कर कुल अंशदान राशि का 10 प्रतिशत राशि तथा बेदखली व्यवस्थापन हेतु हितग्राही अंशदान राशि 75000 हजार निगम कोष में नियमानुसार जमा कराया जा रहा है। निगम सभागार कक्ष में दिनांक 12.12.2025 को दोपहर 12ः30 बजे लाटरी आयोजित किया गया है। लाटरी में वरिष्ठ नागरिको एवं दिव्यांगजनों को प्राथमिकता के आधार पर भूतल के आवास तथा अन्य आवेदकों को आवास आबंटित किया जाना है। हितग्राही आवश्यक दस्तावेज के साथ निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर लाटरी में शामिल हो सकते है।नगर निगम भिलाई आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय का सभी नागरिको से अपील है कि मकान प्राप्त करने निगम मुख्य कार्यालय के योजना शाखा में आवेदन कर सकते है। पात्रता अनुसार नियमानुसार अंशदान की राशि निगम कोष में जमा कराया जायेगा, ततपश्चात मकान आबंटन की प्रक्रिया में शामिल कर आवास आबंटित किया जायेगा।
- बिलासपुर. भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी तथा डायमंड जुबली ग्रैंड फिनाले में बिलासपुर के स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स ने भागीदारी की। 23 से 29 नवम्बर तक लखनऊ, (उ. प्र.) में 19वीं राष्ट्रीय डायमंड जुबली जम्बूरी का भव्य आयोजन वृंदावन परिसर में हुआ। जिसमें देश- विदेश से 35 हजार से अधिक प्रतिभागी सम्मिलित हुए। स्कूल शिक्षा मंत्री माननीय श्री गजेन्द्र यादव जी ,भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा जी व राज्य सचिव श्री जितेन्द्र कुमार साहू के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ से 363 के दल ने जम्बूरी में भागीदारी की और उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।बिलासपुर कलेक्टर एवं संरक्षक भा.स्का.एवं गा.श्री संजय अग्रवाल जी , जिला मुख्य आयुक्त श्री चन्द्र प्रकाश बाजपेयी जी, जिला शिक्षा अधिकारी/पदेन जिला आयुक्त स्काउट श्री विजय टांडे जी के मार्गदर्शन में जिले के दल में गाइड प्रभारी के रूप में डॉ.पूनम सिंह ,जिला संगठन आयुक्त गाइड एवं स्काउट प्रभारी के रूप में श्री संतोष कुमार त्रिपाठी, जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट के द्वारा सेवाएं दी गईं। स्टेट कांटीजेंट लीडर स्काउट डॉ.पूनम सिंह साहू, गाइड श्रीमती सरिता पाण्डेय जी ने छ.ग.टीम का नेतृत्व किया। जिले के 06 स्काउट एवं ,08 गाइड व 03 सर्विस रोवर,01 सर्विस रेंजर के रूप में सम्मिलित हुएं एवं विभिन्न- मार्च पास्ट, लोक नृत्य, फूड प्लाजा, स्किल- ओ- रामा, फिजिकल डिस्प्ले, कलर पार्टी, एथनिक फैशन शो, राज्य प्रदर्शनी, रंगोली, पायनियरिंग प्रोजेक्ट, स्टेट गेट, कैंप क्राफ्ट, चलित झांकी, कैंप फायर, टेंट पिचिंग, यूथ प्रोग्राम एवं एडवेंचर आदि प्रतियोगिता एवं गतिविधियों में भागीदारी निभाया। एवं विभिन्न साहसिक खेलों का भी लुत्फ उठाया गया।प्रतिभागियों को सेना के हथियारों को देखने और उसकी उपयोगिता की जानकारी मिली तथा सम- सामयिक विषयों से संबंधित स्टॉल्स का अवलोकन किया गया। जम्बूरी का उद्घाटन उत्तर प्रदेश की राज्यपाल माननीय श्रीमती आनंदी बेन पटेल जी ने किया तथा समापन देश की राष्ट्रपति महामहिम श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री आदित्य नाथ योगी जी के द्वारा अयोध्या भ्रमण हेतु बस एवं भोजन की व्यवस्था की गणमान्यजनों ने भी जम्बूरी में उपस्थिति दी। जिला संगठन आयुक्त स्काउट श्री चन्द्र महेन्द्र बाबू टंडन ने बताया कि राष्ट्रीय जम्बूरी का आयोजन चार साल के अंतराल पर होता है। जिले से प्रत्येक जम्बूरी में स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स की भागीदारी हो रही है। सुश्री लता यादव ने बताया कि पहली राष्ट्रीय रोवर/रेंजर जम्बूरी का आयोजन छत्तीसगढ़ में 09 से 13 जनवरी 2026 में प्रस्तावित है। इसमें देशभर से 15 हजार युवा जुटेंगे।
- 0- उपार्जन केन्द्रों से धान का उठाव एवं रकबा समर्पण पर ध्यान देवें0- त्रुटि सुधार एवं सीमांकन प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करें0- जल जीवन मिशन के तहत समूह जल प्रदाय योजना के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करायें0- शिक्षा, स्वास्थ्य और कुपोषण मुक्ति पर फोकस करें0- संभागायुक्त ने ली जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और नगर निगम के आयुक्तों की बैठकदुर्ग. संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने कहा कि संभाग के जिलों में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कराएं जा रहे निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य निर्धारित तिथि के पूर्व पूर्ण करायें। उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था हो, लघु कृषकों द्वारा धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण पर जोर दिया जाए। वहीं बंफर स्टॉक वाले उपार्जन केन्द्रों में धान की उठाव हेतु समुचित प्रबंध किया जाए। राजस्व प्रकरणों में त्रुटि सुधार एवं सीमांकन के प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निराकरण करें। जल जीवन मिशन के तहत समूह जल प्रदाय योजना के कार्य को शीघ्र पूर्ण करायें। मिशन अंतर्गत कार्य पूर्ण होने व घरों में पानी सप्लाई के पश्चात् ही ग्राम पंचायतों को योजना हैण्डओवर करायी जाए। नगरीय निकायों के सड़कों में स्ट्रीट लाईट व सीसीटीवी की व्यवस्था व आवांरा पशुओं के विचरण की रोकथाम के बेहतर प्रबंध के साथ चौक-चौराहों पर यु-टर्न एवं लेफ्ट-टर्न क्लीयर करायी जाए। संभाग के अंतर्गत स्कूलों में शिक्षा, शासकीय चिकित्सालयों में बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं, कुपोषण की रोकथाम एवं सिकलसेल नियंत्रित करने हेतु विशेष पहल किया जाए।संभाग आयुक्त श्री राठौर आज संभागीय कार्यालय के सभाकक्ष में संभाग के अंतर्गत जिलों के कलेक्टरों, जिला पंचायत के सीईओ और नगरीय निकायों के आयुक्तों की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को उक्त निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों से जिलेवार एसआईआर, धान खरीदी, राजस्व प्रकरणों के निराकरण, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, पीएम सूर्य घर, सड़कों में स्ट्रीट लाईट एवं सीसीटीवी की व्यवस्था, आवांरा पशुओं के विचरण की रोकथाम और जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कुपोषण की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि संभाग में एसआईआर के तहत 97.83 प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन हो चुका है। जिसमें जिला बालोद अंतर्गत 98.15 प्रतिशत, बेमेतरा में 98.86 प्रतिशत, दुर्ग में 97.07 प्रतिशत, कबीरधाम में 96.32 प्रतिशत, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 99.15 प्रतिशत, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 98.14 प्रतिशत तथा राजनांदगांव में 96.79 प्रतिशत डिजिटाइजेशन शामिल है। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत संभाग में 192917 आवास पूर्ण हो चुके हैं। जिसमें जिला बालोद अंतर्गत 31286, बेमेतरा में 31558, दुर्ग 22952, कबीरधाम में 46998, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 18412, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 14581 तथा राजनांदगांव में 27130 आवास शामिल है। जल जीवन मिशन अंतर्गत संभाग के 4315 ग्रामों में 1618 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। 3056 ग्रामों में जल प्रदाय प्रारंभ हो गई है। 975 ग्राम पंचायतों को योजना हस्तांतरित कर दी गई है। संभाग अंतर्गत 20 समूह जल प्रदाय योजना स्वीकृत है। उक्त सभी में कार्य प्रगतिरत है। पीएम सूर्य घर योजना अंतर्गत दुर्ग जिले में 2615 सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए है, 2158 हितग्राहियों को सब्सिडी मिल चुकी है। बालोद में 312 सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए हैं, 243 हितग्राहियों को सब्सिडी मिल चुकी है। बेमेतरा में 267 सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए है, 175 को हितग्राहियों को सब्सिडी मिल चुकी है। राजनांदगांव में 594 सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए है, 400 हितग्राहियों को सब्सिडी मिल चुकी है। इसी प्रकार कबीरधाम में 44 और खैरागढ़ में 47 सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए हैं।बैठक में उपायुक्त श्री पदुम यादव, कलेक्टर दुर्ग श्री अभिजीत सिंह, कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा, कलेक्टर मोहला-मानुपर-अंबागढ़ चौकी सुश्री तुलिका प्रजापति, कलेक्टर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई श्री इन्द्रजीत चन्द्रवाल, कलेक्टर राजनादंगांव श्री जितेंदर यादव सहित सभी जिला पंचायत सीईओ और नगर निगमों के आयुक्त उपस्थित थे।
- 0- प्रोजेक्ट आओ खुशियां बांटें" जिला प्रशासन की तहत प्रेरणादायी पहलरायपुर. मंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा संचालित “आओ खुशियां बांटें” प्रोजेक्ट के तहत आज बैरन बाजार स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में एक हृदयस्पर्शी एवं प्रेरक पहल देखने को मिली। महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्रीमती वंदना शर्मा ने अपना जन्मदिन किसी होटल या आयोजन स्थल पर मनाने के बजाय आंगनबाड़ी के बच्चों के साथ खुशियां बांटकर मनाया।श्रीमती शर्मा ने बच्चों को खीर, पूरी, सब्जी, केला, रसगुल्ला और चॉकलेट वितरित किए तथा दिनभर बच्चों के साथ खेलकूद, गीत-संगीत और संवाद में समय बिताया। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी बच्चों को खिलौने भी भेंट किए। उन्होंने कहा कि बच्चों की मुस्कान ही उनके लिए सबसे बड़ा उपहार और खुशी है।यह पहल “न्योता भोज” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति, संस्था या संगठन अपने विशेष अवसर पर स्कूल या आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को भोजन करा सकते हैं। यह कार्यक्रम समाजिक सहभागिता और जरूरतमंद बच्चों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह द्वारा इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी, जो अब पूरे जिले में प्रेरणादायी रूप से जारी है।
- रायपुर. लक कृषि श्री राहुल देव ने आज अभनपुर विकासखंड के ग्राम मानिकचौरी स्थित सेवा सहकारी समिति का दौरा किया और समिति में रखे गेहूं, चना एवं अन्य बीजों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से मुलाकात कर दलहन व तिलहन फसलों के लाभ और उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी भी दी।श्री देव ने किसानों से अपील की कि इस रबी सीजन में भूमिगत जल संरक्षण के लिए ग्रीष्मकालीन धान की खेती न करें। उन्होंने बताया कि लगातार ग्रीष्मकालीन धान लेने से भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है, जिससे पीने के पानी की कमी सहित कई समस्याएँ सामने आ रही हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि फसल विविधिकरण अपनाने से भूमि की उर्वरता बढ़ती है और किसान आर्थिक रूप से अधिक लाभ कमा सकते हैं।श्री देव ने पीएम-आशा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार अरहर, उड़द, मूंग, मूंगफली, सोयाबीन, चना, मसूर और सरसों की खरीदी समर्थन मूल्य पर कर रही है। इसी के तहत NFSM योजना में किसानों को मसूर मिनीकीट भी वितरित किए गए।दौरे के दौरान ग्राम डोगीतराई में सरसों की उतेरा फसल का निरीक्षण भी किया गया। स अवसर पर श्री चिरंजीव सरकार, श्रीमती ममता पाटिल, श्री राजेन्द्र देवांगन सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- कार्रवाई कर मार्ग को कब्जामुक्त करवाकर नागरिकों को यातायात की समस्या से त्वरित राहत दिलवाई गईरायपुर. रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री विश्वदीप और रायपुर जिला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उम्मेद सिंह के निर्देशानुसार चलाये जा रहे टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत आज रायपुर नगर निगम जोन 4 क्षेत्र में नगर निवेश मुख्यालय उड़न दस्ता और नगर निगम जोन 4 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा बूढ़ातालाब स्वामी विवेकानंद सरोवर मुख्य मार्ग में अभियान चलाकर मुख्य मार्ग को जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से नागरिकों को सुगम यातायात उपलब्ध करवाने मुक्त करवाने की कार्यवाही कर नागरिकों को यातायात जाम की समस्या से त्वरित राहत दिलवाई और अभियान के अंतर्गत लगभग 8 बोरी जूता - चप्पल की जप्ती करने की कार्यवाही जनहित में व्यवस्था सुधार हेतु नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा और जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव के मार्गदर्शन में कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह, सहायक अभियंता श्री दीपक देवांगन, उप अभियंता श्री हिमांशु चंद्राकर की उपस्थिति में की गयी.
- 0- कलेक्टर के निर्देश पर बीएलओ किये गए सम्मानितरायपुर. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ और रायपुर जिला कलेक्टर के आदेशानुसार प्रगतिरत एसआईआर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 22 बूथों के बीएलओ द्वारा समयसीमा पूर्व शत -प्रतिशत डिजिटलाइजेशन कार्य पूर्ण कर लिया है. रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार आज नगर निगम रायपुर के जोन क्रमांक 4 के कार्यालय में संयुक्त कलेक्टर श्री के. एम. अग्रवाल और, तहसीलदार ख्याति नेताम और जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव ने सम्बंधित 22 बीएलओ को शाल और प्रमाणपत्र प्रदत्त कर रायपुर जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश के पालन में सम्मानित किया.
- 0- आमजनों को मिली शीतलहर से सुरक्षा और त्वरित राहत0- लोगों को राहत दिलाने अलाव जलाने की रहेगी नियमित व्यबस्थारायपुर. प्रदेश की राजधानी रायपुर शहर में शीतलहर से आमजनों को सुरक्षा और त्वरित राहत देने नगर निगम के जोन के माध्यम से विभिन्न लगभग 2 दर्जन से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था दी जा रही है. रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नरों द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से महादेवघाट रायपुरा और महोबा बाजार, चंगोरा भाठा बाजार, ब्रम्हदेईपारा खमतराई, जयस्तम्भ चौक के पास, कलेक्टर ऑफिस डॉ बी आर अम्बेडकर चौक के पास, नेताजी सुभाष स्टेडियम, मोती बाग, डंगनिया पानी टंकी स्कूल के समीप, शंकर नगर चौपाटी, तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव, अंतर राज्यीय बस स्टैण्ड भाठागांव, जोन 9 कार्यालय परिसर के समीप मोवा और अन्य विभिन्न मुख्य सार्वजनिक स्थानों में आम जनों को शीतलहर से रायपुर शहर क्षेत्र में सुरक्षा और त्वरित राहत देने सार्वजनिक अलाव जलाने की व्यवस्था दी गयी है. शीतलहर की सम्पूर्ण अवधि के दौरान आमजनों को राहत देने जोन कार्यालयों के माध्यम से प्रतिदिन नियमित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की व्यवस्था दी जाएगी.
- रायपुर। केंद्र सरकार के अमृत मिशन के तहत संचालित महत्वाकांक्षी पहल ‘वुमेन फॉर ट्री’ छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी मॉडल बनकर सामने आ रही है। बालोद जिले में इस योजना का सफल क्रियान्वयन राज्यभर में महिला शक्ति की भागीदारी से हरियाली एवं स्वच्छता को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। योजना के अंतर्गत बालोद जिले के 08 नगरीय निकायों में अब तक 6,950 पेड़ लगाए जा चुके हैं। वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की देखभाल, सिंचाई, सुरक्षा और नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी गई है। इस प्रत्यक्ष भागीदारी ने पौधों के संरक्षण दर में उल्लेखनीय वृद्धि की है और स्थानीय स्तर पर पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ’वुमेन फॉर ट्री’ योजना के तहत 66 महिलाओं को नियमित कार्य प्रदान किया गया है। प्रत्येक महिला कार्यकर्ता को प्रति माह 8,000 रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। इन महिलाओं को कार्य के लिए आवश्यक सामग्री जैसे—साड़ी, जैकेट, जूते और संपूर्ण टूलकिट (फावड़ा, कुदाली, बेलचा, धमेला) भी उपलब्ध कराई गई है। कई महिलाओं ने बताया कि इस आय से वे अपने बच्चों की शिक्षा और घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो रही हैं।जिला प्रशासन ने बताया कि आने वाले समय में वृक्षारोपण के क्षेत्र को और विस्तृत किया जाएगा तथा अधिक से अधिक महिलाओं को इस अभियान से जोड़ कर नए रोजगार अवसर विकसित किए जाएंगे। पौधों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण व मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। नगर पालिका परिषद बालोद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री मोबिन अली ने बताया कि यह योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण को गति दे रही है, बल्कि महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम भी बन रही है। उन्होंने कहा कि बालोद को हरियाली और स्वच्छता के क्षेत्र में मॉडल जिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है। साथ ही, उन्होंने नागरिकों से वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण में सहयोग कर जल संरचना को सुदृढ़ बनाने की अपील की। जिला प्रशासन ने प्रदेश के सभी नागरिकों, संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से ’वुमेन फॉर ट्री’ अभियान से जुड़कर हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया है।
- 0- केंद्रों में व्यवस्था और भी सरल, सुविधाजनक एवं पारदर्शी: किसान श्री रतिरामरायपुर। विष्णु के सुशासन में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों से पारदर्शिता के साथ सुगमतापूर्वक धान खरीदी की जा रही है। मुंगेली जिले में कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा जिले के 66 सहकारी समितियों के 105 धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उपार्जन केंद्रों में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं से किसानों को धान विक्रय करने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हो रही है और उनका धान आसानी से विक्रय हो रहा है।पथरिया विकासखण्ड के कपुवा उपार्जन केंद्र में धान विक्रय करने पहुंचे किसान श्री रतिराम चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष 88.80 क्विंटल धान का विक्रय किया है। उन्होंने कहा कि इस बार केंद्रों में व्यवस्था और भी सरल, सुविधाजनक एवं पारदर्शी है। इलेक्ट्रॉनिक तौल, बारदाना की व्यवस्था, टोकन तुहर हाथ ऐप से टोकन की सुविधा, पेयजल, छाया सहित तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की सुविधा तथा 3100 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य का लाभ मिलने से किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि किसान-हितैषी नीतियों एवं बेहतर व्यवस्थाओं से किसानों का प्रशासन पर भरोसा और भी मजबूत हुआ है। श्री चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन को किसानों के हित में उत्कृष्ट व्यवस्था उपलब्ध कराने हेतु धन्यवाद दिया।गौरतलब है कि शासन के निर्देशानुसार पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी और 31 सौ रुपए के हिसाब से प्रति क्विंटल धान की राशि दी जा रही है। इससे न केवल किसानों के फसलों का उचित दाम मिल रहा है, बल्कि किसानों का मान भी बढ़ा है। आसान भुगतान की सुविधा प्रदान करने के लिए समितियों में माइक्रो एटीएम की सुविधा एवं किसानों को एटीएम कार्ड एवं चेक प्रदान किया गया है, इससे किसानों की जरूरी आवश्यकताएं पूरी होने के साथ ही उनके हक का पैसा उन्हें मिल रहा है। किसान आर्थिक रूप से समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
- 0- चयन समिति ने शुरू की चयन प्रक्रियारायपुर। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जशपुर जिले में एक ग्राम को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। जिला स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। भारत सरकार द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशों के अनुसार मॉडल सोलर विलेज के लिए उन राजस्व ग्रामों का चयन आवश्यक है जिनकी आबादी 5,000 से अधिक हो। जशपुर जिले में ऐसे ग्रामों की संख्या 10 से कम होने के कारण, जिला स्तरीय समिति द्वारा प्रथम 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों के मध्य छह माह की प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। इसी के आधार पर अंतिम मॉडल सोलर विलेज का चयन किया जाएगा।दिशा-निर्देशों के अनुसार जिस ग्राम में सरकारी एवं गैर-सरकारी माध्यमों से सर्वाधिक सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित होगी, उसे मॉडल सोलर विलेज के रूप में प्राथमिकता दी जाएगी। इसी क्रम में जिले के 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्राम बटईकेला, सन्ना, कांसाबेल, पण्ड्रापाठ, लुडेग, कामारिमा, घोघर, तपकरा, दुलदुला और फरसाबहार को प्रतिस्पर्धा हेतु सूचीबद्ध किया गया है। इन ग्रामों में सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने एवं मूल्यांकन के लिए छह माह की अवधि निर्धारित की गई है। चयनित ग्राम के समग्र विकास हेतु 2 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डी.पी.आर.) तैयार कर 15 मार्च 2026 तक ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को प्रेषित की जाएगी।
- 0- धान फसल को किया गया पूर्णतः प्रतिबंधित0- ग्रामीणों को फसल विविधीकरण और जल संरक्षण के लिए किया गया जागरूकरायपुर। राजनांदगांव जिले में भू-जल स्तर के लगातार गिरावट के दृष्टिगत ग्राम पंचायतों में ग्रामसभा आयोजित कर फसल विविधीकरण और जल संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में छुरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत घुपसाल कु में ग्रामसभा का आयोजन कर ग्रीष्मकाल में भू-जल स्तर के गिरावट को ध्यान में रखते हुए रबी सीजन में धान फसल को पूर्णतरू प्रतिबंध करते हुए धान के बदले अन्य फसल लेने का प्रस्ताव पास किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी में धान फसल लेने से पेयजल संकट उत्पन्न हो जाता है, जिससे गंभीर समस्या से गुजरना पड़ता है। ग्रीष्मकाल में धान फसल लेने वाले किसानों को ग्राम स्तर पर ग्रामीणों ने आर्थिक जुर्माना लगाकर दण्डित करने का फैसला भी लिया है।जिले में भू-जल स्तर के गिरावट के दृष्टिगत फसल चक्र परिवर्तन से पानी की बचत होगी तथा किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी। पूर्णतरू फसल चक्र परिवर्तन ग्राम पंचायत घुपसाल कु क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गए है। ग्राम घुपसाल कु के ग्रामीणों ने भू-जल स्तर को सुधारने स्वयं से अपने-अपने घरों में सोख्ता गड्ढा का निर्माण किया है। साथ ही नालों में पानी सहेजने श्रमदान से बोरी बंधान करके पानी रोकने में कामयाब हुए है। ग्राम स्तर के बैठक में जनपद पंचायत, कृषि विभाग, वन विभाग के अधिकारियों ने फसल चक्र परिवर्तन के बारे मे ग्रामीणों को अवगत कराया, साथ ही अन्य फसल के फायदे एवं मार्केटिंग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।--
- 0- विवाह और जिम्मेदारियों के बाद फिर मिला खेल का अवसर0- हम पूरी मेहनत करेंगे और यकीन है कि हमें मिलेगी जीत-- सरोज पोडियामरायपुर। बस्तर ओलम्पिक 2025 का आयोजन इस वर्ष कई महिलाओं को अपनी जड़ों से दोबारा जुड़ने का अवसर मिला है, ऐसी ही महिलाओं में शामिल हैं श्रीमती सरोज पोडियाम, जो विवाह और पारीवारिक जिम्मेदारियों के चलते वर्षों से खेल से दूर थीं। तीन वर्ष की बच्ची की मां होने के बावजूद उन्होंने खेल मैदान में वापसी कर सभी को प्रेरित किया। सरोज पोडियाम कोंटा विकासखंड के दूरस्थ मुरलीगुड़ा ग्राम की निवासी हैं। वह बताती हैं कि बस्तर ओलम्पिक शुरू होने से उन्हें स्कूल के दिनों की खो-खो और कबड्डी जैसे खेलों की यादें ताजा हो गईं। सरोज बताती हैं हम महिलाओं का अधिकतर समय परिवार, बच्चे और गृहकार्य में बीत जाता है। लेकिन बस्तर ओलम्पिक ने हमें फिर से अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया। इस बार संभाग स्तर तक पहुंचना हम सभी के लिए बड़ी खुशी की बात है।बस्तर ओलम्पिक में सरोज पोडियाम और उनकी टीम ने रस्साकसी में दमदार प्रदर्शन करते हुए संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन हासिल किया है। टीम की इस उपलब्धि से पूरे परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। सरोज कहती हैं कि हम सभी महिला साथी बहुत खुश हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का धन्यवाद, जिन्होंने हमें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया। इस बार पूरा प्रयास रहेगा कि हम संभाग में अपने जिले को जीत दिलाएं। बस्तर ओलम्पिक ने हमें दोबारा खेलने का मौका दिया और आस-पास की सभी महिला साथी भी शामिल हुईं।सरोज पोडियाम का परिवार माओवादी हिंसा से प्रभावित रहा है। वर्ष 2009 में नक्सलियों द्वारा उनके ससुर की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद परिवार गहरे संकट में आ गया। घटना के बाद शासन ने नवा बिहान योजना के तहत सुकमा में उन्हें आवास उपलब्ध कराया तथा उनके पति श्री राकेश को नगर सैनिक के रूप में पदस्थ कर परिवार को संबल दिया। आज वही परिवार संघर्ष की राह से निकलकर बस्तर ओलम्पिक में उपलब्धि की नई कहानी लिख रही है। सरोज पोडियाम ने बताया कि उनकी टीम में नंदिता सोढ़ी, सरिता पोडियामी, लिपिका डे, मुन्नी नाग, ललिता यादव, पुनम भेखर, जसवंती वेट्टी, बण्डी बारसे शामिल हैं। सब महिलाओं ने मिलकर बेहतरीन तालमेल से प्रदर्शन किया और संभाग स्तर तक पहुंचने का गौरव पाया।
- 0- धान के उचित समर्थन मूल्य एवं पारदर्शी खरीदी प्रक्रिया से किसानों को मिल रहा बेहतर लाभरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की कृषि हितैषी नीतियों और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने का परिणाम आज ग्रामीण अंचलों में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। किसान आर्थिक समृद्धि की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसी ही सफलता की प्रेरक कहानी है ग्राम कौडुटोला के किसान श्री उदयराम साहू की, जिन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है और आज वे दो ट्रैक्टरों के स्वामी बन चुके हैं।कभी बैलों और किराए के साधनों पर निर्भर रहने वाले श्री साहू के खेतों में अब ट्रैक्टर से कम समय में अधिक कार्य हो रहा है। ट्रैक्टर आने से न केवल उनका श्रम और समय बचा, बल्कि उत्पादन क्षमता भी कई गुना बढ़ी। इससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हुई है और खेती अब उनके लिए मात्र आजीविका का साधन नहीं, बल्कि समृद्धि का मजबूत आधार बन चुकी है।श्री साहू ने बताया कि इस वर्ष धान विक्रय प्रक्रिया पहले की अपेक्षा अधिक सरल एवं पारदर्शी है। उन्होंने टोकन प्राप्त कर आसानी से अपना धान चौकी धान उपार्जन केंद्र में विक्रय किया। उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में किसानों के हित में अनेक प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगे हैं। धान का मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिलने से खेती लाभदायक हो गई है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक खरीदी के प्रावधान के लिए शासन आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के सरकार के फैसले से किसानों का रूझान खेती-किसानी की ओर बढ़ा है।
- - जिला प्रशासन की अपील पर किसान कर रहे स्वेच्छा से रकबा समर्पणराजनांदगांव । शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के 96 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से किसानों से धान खरीदी का कार्य किया जा रहा है। जिले में कुल 131437 कृषकों द्वारा कुल 149402.17 हेक्टेयर रकबा का पंजीयन कराया गया है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार किसानों को धोखे में रखकर अवैध धान किसानों के रकबे में धान बेचने का प्रयास करने वाले कोचियों एवं बिचौलियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन की अपील पर जिले के किसानों द्वारा अपने उपज का सम्पूर्ण धान बेचने के बाद स्वेच्छा से रकबा समर्पण के कार्य में शासन का सहयोग किया जा रहा है। जिसके तहत गुरुवार को ग्राम धरमुटोला के किसान श्री सुनेश मंडावी द्वारा 4.14 एकड़, ग्राम मगरधोखरा के किसान श्रीमती गंगा बाई द्वारा 1.42 एकड़ एवं ग्राम हालेकोसा के किसान श्री तिजऊ राम द्वारा 1.87 एकड़ रकबा का समर्पण किया गया है। इसी प्रकार 1015 किसानों ने स्वेच्छा से 239 एकड़ रकबा का समर्पण किया है। जिले में अब तक 5781 किसानों द्वारा स्वेच्छा से 1190.21 एकड़ रकबा समर्पण किया गया है
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चपोरा केंद्र का फड़ प्रभारी, बारदाना प्रभारी व चौकीदार निलंबित
बिलासपुर/कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में पारदर्शी व सुचारु रूप से धान खरीदी संचालन के लिए प्रशासन चौकस है। अधिकारियों द्वारा लगातार खरीदी केंद्रों की निगरानी की जा रही है। इस सिलसिले में उपायुक्त सहकारिता, खाद्य नियंत्रक, जिला विपणन अधिकारी द्वारा चपोरा केंद्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान चपोरा धान खरीदी केंद्र से 100 नग शासकीय बारदाना किसान द्वारा स्वयं के वाहन में बाहर ले जाते हुए पाया गया। जिसकी जांच सहकारिता विस्तार अधिकारी कोटा व खाद्य निरीक्षक कोटा द्वारा किया गया। जांच में क्षेत्र के ग्राम सेमरा के किसान हनुमान प्रसाद पिता जगन्नाथ प्रसाद द्वारा आगामी 08 दिसम्बर को उनके धान खरीदी के टोकन के लिए धान भरने हेतू बारदाना केंद्र के चौकीदार संजय यादव से मांग कर ले जाना बताया गया। जिसकी पुष्टि केंद्र से की गई। केंद्र में उपरोक्त अनियमितता पाए जाने पर तत्काल खरीदी फड़ प्रभारी, बारदाना प्रभारी व चौकीदार को निलंबित किया गया। प्रशासन द्वारा किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो साथ ही किसी प्रकार की अनियमितता भी न हो इस हेतु सभी उपाय किये जा रहे है। -
*अब तक 39800 खसरे बचे है अपडेट करने को*
*कलेक्टर ने अपडेट कराने किसानों से की अपील*
*धान बेचने के लिए जरूरी है रिकार्ड का अपडेट होना*
बिलासपुर/खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में शासन द्वारा धान बिक्री हेतु एकीकृत पोर्टल पर पंजीकृत कृषकों का एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन हेतु विभिन्न स्तर पर विकल्प उपलब्ध कराये गये है। जिले में कुल 131624 कृषकों का पंजीयन एकीकृत एग्रीस्टेक पोर्टल पर हुआ है। एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत कुछ कृषकों का खसरा एकीकृत पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहा है, ऐसे कृषकों का खसरा सीएससी आईडी से यूएफआर कर एकीकृत पोर्टल में अपलोड किये जाने का कार्य वर्तमान में बिलासपुर जिले के अंतर्गत 114 सगितियों के द्वारा किया जा रहा है। उक्त छुटे हुये खसरों का अपडेट किसान स्वयं ही यूएफआर मॉड्यूल से जोड़ सकता है। जिसका वेब लिंक https://cgfr.agristack.gov.in/farmer-registry-cg/#/ में जाकर लॉग इन अस को किसान सलेक्ट कर अपने आधारकार्ड नंबर से आधार लिंक मोबाईल पर ओटीपी प्राप्त कर स्वयं लॉग इन कर सकता है। कृषकों को एकबार स्वयं यूजर आईडी और पासवर्ड क्रिएट करना पड़ेगा। उसके पश्चात छुटे खसरों को जोड़ने हेतु यूएफआर मॉड्यूल से स्वयं रिक्वेस्ट कर सकेगे। उक्त सुविधा उपलब्ध होने तथा लगातार समिति के अंतर्गत आनेवाले ग्रामों में मुनादी कराने व समिति कर्मचारियों, कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के मैदानी अमलों के द्वारा संपर्क करने के पश्चात भी आज दिनांक पर लगभग 39800 खसरा अपडेट करने हेतु लंबित है। अतः सभी किसान भाई शासन द्वारा कृषक हित में दिये गये सुविधा का लाभ उठाते हुये उपरोक्त माध्यम से यूएफआर हेतु लंबित खसरों का समितियों में आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाईल नंबर एवं भूमि विवरण सहित उपस्थित होकर अपने छुटे हुए खसरों को जोड़ करा लेवे, ताकि धान बिक्री में कोई परेशान न हो। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने छूटे हुए सभी किसानों को अपने से संबंधित सहकारी समिति में पहंुचकर रिकार्ड अपडेट करा लेने की अपील की है। -
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश में जिले के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। जिले में आज 2022 किसानों से 90 हजार 344.00 क्विंटल धान की खरीदी की गई। इस प्रकार अब तक 26653 किसानों से 12 लाख 58 हजार 502.40 क्विंटल की खरीदी हुई है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में धान खरीदी केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जा रही है, जिससे किसानों में धान बेचने को लेकर उत्साह है।
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बीजापुर . जिले में बुधवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद बृहस्पतिवार सुबह तक छह अन्य नक्सलियों के शव बरामद किए गए। इलाके में अभियान अभी भी जारी है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। इस मुठभेड़ में राज्य पुलिस की इकाई जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के तीन जवानों की भी मृत्यु हुई है।
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि करीब 12 घंटे तक रुक-रुक कर हुई गोलीबारी के बाद, बुधवार देर शाम तक 12 नक्सलियों के शव बरामद किए गए। सुंदरराज ने बताया कि इलाके में तलाश अभियान के दौरान बृहस्पतिवार सुबह तक छह और शव बरामद किए गए और इसके साथ ही मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या 18 हो गई। उन्होंने बताया कि इलाके में अभियान अब भी जारी है।
सुंदरराज ने बताया कि अभियान में दंतेवाड़ा और बीजापुर के डीआरजी, एसटीएफ और सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के जवान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान इलाके में माओवादियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन और पीएलजीए कंपनी नंबर दो की मौजूदगी की जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था। अधिकारी ने बताया, ''हमारे सुरक्षाबलों ने माओवादियों की गोलीबारी का बहादुरी से जवाब दिया, लेकिन दुर्भाग्य से डीआरजी बीजापुर के हमारे तीन बहादुर जवान इस दौरान शहीद हो गए।'' सुंदरराज बीजापुर पुलिस लाइन में तीन शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में तीनों शहीद जवानों के परिवार के सदस्य, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय लोग भी मौजूद थे। इस मुठभेड़ में जान गंवाने वाले हेड कांस्टेबल मोनू वडाड़ी, कांस्टेबल दुकारू गोंडे और जवान रमेश सोड़ी बीजापुर जिले के निवासी थे। इस दौरान डीआरजी के सहायक उप निरीक्षक समेत दो अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
सुंदरराज ने पट्टिलिंगम ने कहा कि मारे गए नक्सलियों में से एक की पहचान मोडियामी वेल्ला के रूप में हुई है, जबकि बाकी मृत नक्सलियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने बताया कि वेल्ला माओवादियों की पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) की कंपनी नंबर दो के कमांडर के तौर पर सक्रिय था और सुरक्षाबलों पर हमलों की कई घटनाओं में शामिल था। उन्होंने कहा कि इन वारदातों में 2020 सुकमा के मिनपा में हुई शामिल है, जिसमें 17 सुरक्षाकर्मियों की मृत्यु हुई थी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा वेल्ला 2021 में बीजापुर के टेकलगुडेम में हुए हमले में भी शामिल था, जिसमें 22 सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई थी। अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ में 281 नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें से 252 बीजापुर समेत सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में मारे गए। वहीं 27 नक्सली रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत गरियाबंद जिले में मारे गए। राज्य के दुर्ग क्षेत्र के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में दो नक्सली मारे गए। पुलिस ने बताया कि अब तक राज्य में मुठभेड़ समेत अन्य माओवादी हिंसा में 23 सुरक्षाकर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं। केंद्र सरकार ने वामपंथी उग्रवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए 31 मार्च, 2026 तक की समयसीमा तय की है। -
*FIND द्वारा सीमेंस के CSR पहल के सहयोग से सफल प्रशिक्षण*
रायपुर/दक्ष परियोजना के तहत प्रयोगशाला प्रणाली को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आज रायपुर में कैस्केड ट्रेनिंग सीरीज़ का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में रायपुर, धमतरी और महासमुंद जिलों से आए लैब टेक्निशियंस ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से जिला एवं ब्लॉक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण लैब सेवाओं का विस्तार और तकनीकी दक्षता में वृद्धि करना था।
प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञ डॉ. जूही चंद्रा ने लैब गुणवत्ता सुधार, प्रक्रियागत मानकीकरण, डेटा प्रबंधन और दक्ष परियोजना के प्रमुख उद्देश्यों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। ट्रेनिंग का संचालन टीओटी से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स- डॉ. आदित्य सिन्हा, पैथोलॉजिस्ट, जिला अस्पताल धमतरी व डॉ. जश्मी चंद्राकर, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, जिला अस्पताल रायपुर द्वारा किया गया। दोनों प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को लैब मानकों और तकनीकी प्रक्रियाओं की व्यापक जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में सीमेंस की ओर से श्री अर्नोल्ड एवं उनकी टीम ने भी सहभागिता की और प्रतिभागियों को सैंपल कलेक्शन की बारीकियों से अवगत कराया।
इस अवसर पर विशेष अतिथि डॉ. मिथिलेश चौधरी सीएमएचओ, रायपुर एवं डॉ. संतोष भंडारी, सिविल सर्जन, रायपुर उपस्थित रहे। उन्होंने FIND (फाउंडेशन फॉर इनोवेटिव न्यू डायग्नोस्टिक्स) द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दक्ष परियोजना के माध्यम से प्रयोगशाला सेवाओं को उन्नत बनाने की दिशा में यह प्रशिक्षण एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में FIND टीम के डॉ. नवनीत रंजन एवं श्री अंजय गुप्ता का विशेष योगदान रहा। दोनों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयन और प्रबंधन की जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभाई।
प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक और व्यावहारिक कार्यप्रणाली से जुड़ा हुआ बताया। यह कैस्केड ट्रेनिंग सीरीज़ छत्तीसगढ़ में दक्ष परियोजना के अंतर्गत लैब सेवाओं की गुणवत्ता को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। - - बड़ी संख्या में दिव्यांगजन खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता में हुए शामिल- दिव्यांगजनों को प्रदान की गई व्हीलचेयर, मोटराईज्ड ट्रायसायकल, ट्रायसायकल, बैशाखी, श्रवण यंत्र, वॉकर एवं शैक्षणिक सहायक सामग्रीराजनांदगांव । अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर सर्वेश्वर दास नगर पालिक निगम स्कूल मैदान एवं गांधी सभागृह राजनांदगांव में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर दिव्यांगजनों के लिए खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने हरी झंडी दिखाकर खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। जिसमें 500 से अधिक बालक-बालिकाएं व युवा दिव्यांगजन शामिल हुए। दिव्यांगजनों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न विकासखण्डों से आये हुए स्कूली दिव्यांग बच्चे एवं शासकीय समर्थ स्कूल, स्वैच्छक अनुदानित संस्था अभिलाषा, आस्था, मनोकामना के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मोहक प्रस्तुति दी गई। आस्था श्रवण बाधित संस्था के द्वारा खाटू-श्याम शानदार नृत्य व शंशाक गांधी के भजनों की सुमधुर प्रस्तुति ने उपस्थित सभी दर्शको का दिल जीत लिया। विजयी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह, मेडल भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही आयोजन में शामिल सभी दिव्यांगजनों को दैनिक उपयोगी सामग्री भेंट कर सम्मानित किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, मोटराईज्ड ट्रायसायकल, ट्रायसायकल, बैशाखी, श्रवण यंत्र, वॉकर साथ ही समग्र शिक्षा द्वारा दिव्यांग बच्चों को शैक्षणिक सहायक सामग्री प्रदान की गई।कार्यक्रम में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अंतर्गत आने वाले 21 प्रकार के दिव्यांगजनों के चिन्हांकन बाबत प्रशिक्षण दिया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को सुगमता से ऋण उपलब्धता के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित दिव्यांगजनों एवं गणमान्य नागरिकों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरडवार, पार्षद श्री शैंकी बग्गा, पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना सहित स्वैच्छक अनुदानित संस्था अभिलाषा, आस्था, मनोकामना के पदाधिकारी, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- - किसान डिलेश्वर धान बिक्री की राशि से करेंगे ट्रेक्टर का किश्त भुगतान- पिछले वर्ष धान बिक्री से खरीदा था ट्रेक्टरराजनांदगांव । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में तेजी से धान खरीदी कार्य किया जा रहा है। शासन किसानों के वास्तविक उपज को समर्थन मूल्य में खरीदी कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। जिले के किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे है। राजनांदगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र सोमनी में ग्राम ईरा के किसान श्री डिलेश्वर प्रसाद साहू ने बताया कि वे 66 क्विंटल धान बिक्री करने आए हैं। उनके पास 8 एकड़ खेती जमीन है, जिसमें वे धान की उपज लिया है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा 3100 रूपए प्रति क्ंिवटल की दर से धान खरीदी करने से उनकी उपज का वास्तविक दाम मिल रहा है और राशि भी शीघ्र खाते में मिल रही है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष धान बिक्री की राशि से वे खेती-किसानी को बढ़ाने के लिए ट्रेक्टर खरीदा था। उन्होंने बताया कि बहुत दिनों से ट्रेक्टर खरीदने का सोच रहे थे, लेकिन आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण नहीं खरीद पाए थे। पिछले वर्ष जैसे ही शासन द्वारा धान खरीदी करने पर उन्होंने धान विक्रय किया और एक मुश्त राशि मिलने पर ट्रेक्टर खरीदने की हिम्मत जुटा जाए। उन्होंने बताया कि समय पर खेती-किसानी कार्य करने के लिए सहुलियत हुआ है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की धान बिक्री की राशि से ट्रेक्टर की किश्त को पूरा करने में उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जरूरतों के साथ-साथ खेती-किसानी को बढ़ाने के लिए राशि का उपयोग कर रहे हैं।ग्राम ईरा के किसान श्री डिलेश्वर बताया कि धान उपार्जन केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में बारदाने की उपलब्धता, पारदर्शिता तरीके से इलेक्ट्रानिक तौलाई, खाते में राशि अंतरण किया जा रहा है। धान उपार्जन केन्द्र सोमनी में किसानों के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था रखी गई है। धान उपार्जन केन्द्र में पेयजल, छांव, चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है। इसके लिए उन्होंने राज्य शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
- बिलासपुर /भारत सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए समितियों को प्रति क्विंटल 22.05 रूपये प्रासंगिक व्यय (लेबर चार्ज) दिया जाएगा। लेबर चार्ज के अंतर्गत बोरों में भराई, धान का तौल, बोरों की सिलाई, बोरों में छपाई, भरे धान के बोरों की लोडिंग और भरे हुए धान के बोरों की स्टेकिंग का काम शामिल है। इसके अलावा धान की सुरक्षा एवं भण्डारण व्यय के लिए 5 रूपये प्रति क्विंटल दिया जाएगा। समिति को कमीशन के रूप में मार्कफेड को परिदान की गई धान की मात्रा पर भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रति क्विंटल कमीशन का भुगतान धान खरीदी के अंतिम लेखा मिलान के पश्चात किया जाएगा।


























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