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- -जेम पोर्टल के माध्यम से सामग्री क्रय में अनियमितता पर हुई कार्रवाईरायपुर /उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य सहित तीन प्राध्यापकों को जेम पोर्टल के माध्यम से सामग्री खरीदी में अनियमितता के फलस्वरूप तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय महानदी भवन रायपुर से आदेश जारी किए गए हैं।उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजिम की प्राचार्य डॉ. सविता मिश्रा, सहायक प्राध्यापक डॉ. मोहन लाल वर्मा, सहायक प्राध्यापक श्री देवेन्द्र देवांगन, सहायक प्राध्यापक सुश्री मनीषा भोई के द्वारा जेम पोर्टल के माध्यम से की गई क्रय की गई सामग्री में आर्थिक अनियमितता में प्रथम दृष्टया संलिप्तता पाई गई है। जेम पोर्टल के माध्यम से क्रय की गई सामग्री में इनके द्वारा छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया है।राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजिम की प्राचार्य तथा सहायक प्राध्यापकों को सिविल सेवा नियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए इनका मुख्यालय क्षेत्रीय अपर संचालक कार्यालय रायपुर नियत किया गया है।
- रायपुर / राजधानी नया रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित पाञ्चजन्य कॉनक्लेव ‘दंतेश्वरी डायलॉग’ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल, बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में विकास, नक्सल उन्मूलन, औद्योगिक निवेश, महिला सशक्तिकरण तथा नई टेक्नोलॉजी आधारित विकास मॉडल सहित अनेक विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न सवालों के सरल और स्पष्ट उत्तर देकर सरकार की योजनाओं और आगामी रोडमैप की जानकारी दी।महिला सशक्तिकरण सबसे बड़ी उपलब्धिमुख्यमंत्री ने कहा कि दो वर्षों में महतारी वंदन योजना महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम बनी है।70 लाख महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए की सम्मान राशि दी जा रही है, जिससे परिवारों में पोषण, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में सकारात्मक बदलाव आया है।टेक-ड्रिवन छत्तीसगढ़ – नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रावधानउन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में नई उद्योग नीति लागू की गई है, जिसमे रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है। साथ ही नई औद्योगिक नीति में निवेश को आकर्षित करने के लिए आकर्षक अनुदान,सिंगल विंडो सिस्टम,250 से अधिक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार को भी शामिल किया गया है। इसी का परिणाम है कि अभी तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। नई औद्योगिक नीति में आईटी, एआई, ग्रीन टेक व सेमीकंडक्टर जैसी नई पीढ़ी की इंडस्ट्री को प्रोत्साहन दिया गया है।नवा रायपुर को आईटी हब, सेमीकंडक्टर प्लांट, और एआई डेटा सेंटर पार्क के रूप में विकसित करने का काम जारी है।बस्तर का विकास – स्थानीय पहचान और आधुनिक अवसरों का संतुलित मॉडलमुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का विकास स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के संतुलन के आधार पर होगा। कृषि, सिंचाई, जैविक खेती, वनोपज प्रसंस्करण, पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर विशेष फोकस किया जा रहा है।वनोपज संग्राहकों के लिए बेहतर सुविधाप्रधानमंत्री वनधन योजना और वनोपज आधारित प्रसंस्करण के विस्तार से संग्राहकों की आय में वृद्धि हो रही है।नक्सलवाद के विरुद्ध ‘सामाजिक मनोवैज्ञानिक मोड़’मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली जाकर नक्सल पीड़ितों द्वारा अपनी बात रखना ऐतिहासिक कदम है। इससे बस्तर के लोगों में बड़ा आत्मविश्वास आया और देश के सामने माओवादी हिंसा का वास्तविक चेहरा उजागर हुआ।मतांतरण पर सख्त कार्रवाई और सांस्कृतिक सुरक्षा पर जोरउन्होंने कहा कि प्रलोभन या दबाव से होने वाले मतांतरण रोकने के लिए लगातार कड़ी कार्रवाई हो रही है।इसके लिए विधानसभा में विधेयक लाने की भी तैयारी की जा रही है।जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य व डिजिटल कनेक्टिविटी में तेजी से सुधारमुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और सरगुजा में मोबाइल टावरों की स्थापना, स्कूलों का पुनः संचालन और युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा गुणवत्ता में तेजी से वृद्धि हुई है।नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और सुविधाओं का विस्तारनियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, KCC कार्ड, बिजली, पानी, सड़क और अन्य सुविधाएँ तेजी से उपलब्ध कराई जा रही हैं।दो वर्षों में गारंटियों का सफल क्रियान्वयनमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित अधिकांश गारंटियाँ पूरी की जा चुकी हैं। इनमें 18 लाख आवास स्वीकृत,किसानों को बेहतर समर्थन मूल्य,महतारी वंदन योजना,तेंदूपत्ता संग्राहकों की बढ़ी हुई राशि,भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता आदि शामिल है। इसके अलावा प्रदेश में माओवाद पर निर्णायक प्रहार किया गया है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश में जिले के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। जिले में आज 2166 किसानों से 1 लाख 04 हजार 921.60 क्विंटल धान की खरीदी की गई। इस प्रकार अब तक 22321 किसानों से 10 लाख 57 हजार 011.20 क्विंटल की खरीदी हुई है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में धान खरीदी केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जा रही है, जिससे किसानों में धान बेचने को लेकर उत्साह है।
- - कहा कि छोटे किसानों को किसी प्रकार की ना हो समस्या इस पर रखें ध्यानरायपुर / खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने जिले के लखौली, मंदिरहसौद और पलौद धान खरीदी केन्द्रों का दौरा किया। श्रीमती कंगाले ने किसानों से सीधे संवाद कर उनसे व्यवस्थाओं एवं उपार्जन प्रक्रिया से जुड़े फीडबैक प्राप्त किए। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा और पारदर्शिता सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसान से ही धान खरीदी की जाए और कोचियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। साथ ही गेट पास एप्प में समयबद्ध एंट्री हर हाल में सुनिश्चित की जाए। यह ध्यान रखें कि छोटे एवं सीमांत किसानों के टोकन कटने में कोई बाधा न हो। उन्होंने कहा कि तौल प्रक्रिया, बारदाना उपलब्धता, नमी मापक यंत्र, स्टैकिंग व्यवस्था सहित सभी आवश्यक प्रबंधों की बारीकी से जांच की। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने कहा कि जितनी धान खरीदी की जाए उसका भौतिक सत्यापन भी किया जाए। साथ ही यह ध्यान रखें की किसानों को धान देने में किसी भी प्रकार की समस्या न होे।निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरजन, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, खाद्य नियंत्रक श्री भूपेन्द्र मिश्रा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की सीईओ श्रीमती अपेक्षा व्यास सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- -स्मार्ट क्लासेज से कठिन विषयों की बुनियादी समझ होगी मजबूत - उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा-उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बोड़ला ब्लॉक के 08 स्कूलों में स्मार्ट क्लास का किया शुभारंभरायपुर। डिजिटल शिक्षा की पहल को आगे बढ़ाते हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज हायर सेकेंडरी स्कूल खैरबना कला से बोड़ला विकासखण्ड के 08 शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास-रूम की शुरुआत की। कवर्धा और सहसपुर लोहारा विकासखंड में स्मार्ट क्लासेज की शुरुआत पहले ही की जा चुकी है। जिसके पश्चात अब बोड़ला विकासखंड के स्कूलों में भी स्मार्ट क्लास प्रारंभ किए गए। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की यह पहल वनांचल क्षेत्रों तक डिजिटल शिक्षा को विस्तार दे रही है।स्मार्ट क्लास शुभारंभ के अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य डॉ. बीरेंद्र साहू, श्रीमती गंगाबाई लोकचंद साहू, श्री नितेश अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, श्री नीलू साहू, श्री मन्नू चंदेल, श्री नरेश साहू, श्री गुलाब साहू, श्री लखन पटेल, श्री रूपलाल साहू, श्री योगेश साहू, श्री शत्रुहन पटेल, श्रीमती दिलकनी सुरेश साहू, जिला शिक्षाधिकारी श्री एफ आर वर्मा सहित स्कूल के शिक्षकगण, छात्र छात्राएं और ग्रामवासी उपस्थित रहे।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि स्मार्ट क्लासेज आधुनिक तकनीकों, 3डी एनीमेशन और ऑडियो वीडियो कंटेंट का उपयोग कर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को सरल और रोचक बनाएगी। स्मार्ट क्लास की मदद से विद्यार्थी विज्ञान, गणित, भूगोल जैसे कॉन्सेप्ट आधारित विषयों को एनिमेशन, वीडियो और इंटरैक्टिव लर्निंग के माध्यम से अधिक प्रभावी तरीके से सीख सकेंगे। जिसका लाभ उन्हें इन विषयों के जटिल कॉन्सेप्ट को क्लियर करने और बुनियादी समझ को मजबूत बनाने में मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े होने के कारण स्मार्ट क्लासेज के माध्यम से दूसरे स्कूलों से विषय विशेषज्ञ भी बच्चों की एक साथ क्लास ले सकेंगे। उन्होंने विज्ञान और गणित के साथ के साथ भूगोल तथा अन्य विषयों की पढ़ाई स्मार्ट क्लास से करवाने के लिए कहा।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस दौरान बच्चों के साथ बैठकर डिजिटल बोर्ड के माध्यम से पादप कोशिका की संरचना एवं विभिन्न अंगों के बारे में 3डी इमेजिंग के माध्यम से लाइव प्रदर्शन देखा। उन्होंने छात्रों से कहा कि डिजिटल बोर्ड से किसी विषय का त्रि आयामी चित्र एवं ऑडियो विजुअल के साथ प्रस्तुतीकरण काफी इंटरेक्टिव तरीके से किया जाता है। जिससे कठिन विषय भी आसानी से समझ आते हैं। अतः इसका पूरा लाभ उठाएं और विषयों पर अच्छी पकड़ बनाएं। यह पहल केवल आधुनिक उपकरण स्थापित करने तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण और सुदूर वनांचल इलाकों के छात्रों के लिए शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, सुलभ और प्रेरक बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी प्रयास है।गौरतलब है कि जिले के 50 हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित किए जा रहे हैं। जिसमें कवर्धा, सहसपुर लोहारा और बोड़ला विकासखंड के 34 स्कूलों में स्मार्ट क्लास का शुभारंभ किया जा चुका है। आगे शेष स्कूलों में भी स्मार्ट क्लास का शुभारंभ जल्द होने जा रहा है। इस स्मार्ट क्लास पहल के साथ स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, ग्रामीण, दूरदराज़ इलाकों के बच्चों को आधुनिक तकनीक आधारित पढ़ाई का अवसर मिलेगा जो उन्हें आगे उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक सिद्ध होगा।बच्चों से जाने उनके अनुभव, लगन से पढ़ाई करने किया प्रोत्साहितउप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इस दौरान ऑनलाइन जुड़े सभी 8 स्कूलों के बच्चों से बात कर स्मार्ट क्लास से पढ़ाई के संबंध में उनके अनुभव जाने। बच्चों ने बताया कि अब विज्ञान और गणित जैसे विषयों को समझने में बड़ी आसानी हो रही है। उन्होंने इस सुविधा के लिए उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। बच्चों को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि स्कूलों में उन्नत संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है ताकि पढ़ाई लिखाई बेहतर हो। उन्होंने छात्रों से कहा कि भविष्य में क्या बनना है यह लक्ष्य तय कर खूब मेहनत और लगन से पढ़ाई करें।
- रायपुर। भारत सरकार के संचार मंत्रालय के अधीन भारतीय डाक विभाग, छत्तीसगढ़ परिमंडल ने प्रदेश में डाक प्रेषण एवं वितरण व्यवस्था को और अधिक सशक्त, समयबद्ध तथा दक्ष बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वामी विवेकानंद हवाईअड्डा, रायपुर (छत्तीसगढ़) से देश के विभिन्न शहरों के लिए आउटबाउंड कार्गो सेवा के माध्यम से डाक थैलों का प्रेषण पुनः आरंभ कर दिया गया है।भारतीय डाक विभाग और भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मध्य हुए समझौते के तहत यह हवाई प्रेषण सेवा 21 नवम्बर 2025 से फिर शुरू की गई है। इस व्यवस्था से छत्तीसगढ़ परिमंडल के विभिन्न डाकघरों से बुक किए जाने वाले स्पीड पोस्ट एवं स्पीड पोस्ट पार्सल की पारेषण गति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे प्रेषित स्पीड पोस्ट आर्टिकल संबंधित डाकघर तक शीघ्र पहुंचेंगे, जिससे अंतिम वितरण और अधिक तेजी व समयबद्धता के साथ सुनिश्चित हो सकेगा।वर्तमान में रायपुर से दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई, कोलकाता, भुवनेश्वर, इंदौर, पुणे और अहमदाबाद के लिए सीधे डाक प्रेषण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त रैम्प सुविधा के तहत गुवाहाटी, पटना, लखनऊ और कोच्ची के लिए भी डाक थैलों का परिवहन संचालित है।भारतीय डाक विभाग ने कहा है कि वह आधुनिक तकनीक, उन्नत लॉजिस्टिक्स और प्रशिक्षित मानव संसाधनों के समन्वय से सेवाओं की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल छत्तीसगढ़ के लाखों उपभोक्ताओं को तेज, भरोसेमंद और प्रभावी डाक सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
- दुर्ग, / विश्व एड्स दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा ग्राम दरबार मोखली के शासकीय हाई स्कूल में विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संविधान की प्रस्तावना के पठन-पाठन से हुआ। उक्त कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के सचिव ने उपस्थित विद्यार्थियों को एड्स/एचआईवी से संबंधित भ्रम, जागरूकता, रोकथाम तथा इससे जुड़े कानूनी अधिकारों के बारे में सरल भाषा में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एचआईवी/एड्स से पीड़ित व्यक्तियों के प्रति भेदभाव करना कानूनन दंडनीय है। एचआईवी एवं एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 2017” के तहत संक्रमित व्यक्तियों को गोपनीयता, उपचार, शिक्षा, रोजगार एवं समान व्यवहार प्राप्त करने का अधिकार है। किसी भी प्रकार के भेदभाव या उत्पीड़न की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के सचिव ने संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य तथा भारतीय लोकतंत्र की आधारभूत संरचना के बारे में भी विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने कहा कि संविधान केवल दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्र का पथप्रदर्शक है, जो नागरिकों को न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का संदेश देता है। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधाें से बालकों का संरक्षण अधिनियम, बच्चों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों और अपराध की गंभीरता के बारे में जागरूक किया।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के सचिव ने नशा उन्मूलन पर विशेष जोर देते हुए बताया कि नशा व्यक्ति, परिवार और पूरे समाज के लिए हानिकारक है। उन्होंने विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों, बैंकिंग धोखाधड़ी, OTP साझा करने के जोखिम और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के उपायों से भी अवगत कराया। इसके साथ ही उन्होंने चोरी के मोबाइल फ़ोन तथा वाहनों के क्रय-विक्रय से जुड़े कानूनी परिणामों की भी जानकारी दी तथा किसी भी संदेही अनजान व्यक्ति से किसी भी प्रकार का संव्यवहार नहीं करने अथवा किसी भी प्रकार का संव्यवहार करने से पूर्व समस्त दस्तावेजों का अवलोकन करने के उपरांत संतुष्ट होने पर ही किए जाने की सलाह दी। इसके अतिरिक्त उन्होंने भूमि विवादों के सामान्य कारण, मोटर यान अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधान, सड़क सुरक्षा का महत्व तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सेवाएं जैसे कानूनी सलाह, लोक अदालत, मध्यस्थता, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना और नालसा टोल-फ्री नंबर 15100 के बारे में भी विद्यार्थियों को विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में विश्व एड्स दिवस से संबंधित आकर्षक और संदेशप्रद रंगोली बनाई गई, जिसने शिविर की शोभा और जागरूकता दोनों को बढ़ाया। शिविर के पश्चात पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने विश्व एड्स दिवस से जुड़े विषयों पर अत्यंत आकर्षक, प्रभावशाली और जागरूकता बढ़ाने वाली पेंटिंग्स प्रस्तुत की। विद्यार्थियों की रचनात्मकता, समझ और जागरूकता उनके कार्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जो कार्यक्रम के आकर्षण का अभिन्न अंग रहीं। समग्र रूप से यह विधिक साक्षरता शिविर विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने वाला सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें कानूनी जानकारी, सामाजिक जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में सशक्त किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ, एन.एस.एस. स्वयंसेवक, शिक्षकगण और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। उपस्थित सभी नागरिकों ने कार्यक्रम से प्राप्त जानकारी को अत्यंत उपयोगी बताते हुए आभार व्यक्त किया।
- दुर्ग / एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग ग्रामीण अंतर्गत 03 आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए सहायिका हेतु रिक्त पदों की भर्ती की जाएगी। ग्राम पंचायत कातरों के वार्ड क्रमांक 03, थनौद के वार्ड क्रमांक 06 और ढाबा के वार्ड क्रमांक 02 के लिए आंगनबाड़ी केन्द्र में सहायिका के लिए नियुक्ति की जानी है। नियुक्ति हेतु आवेदन 01 से 15 दिसम्बर 2025 तक पांच बिल्डिंग बाल गृह परिसर महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग में कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक सीधे अथवा डाक के माध्यम से भेज सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए महिला एवं बाल विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
- - आंधी बांह, हल्के रंगे के कपड़े, बिना पॉकेट का स्वेटर पहनकर देना होगा अमीन भर्ती परीक्षादुर्ग / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा जल संसाधन विभाग अंतर्गत अमीन भर्ती परीक्षा 2025 का आयोजन 07 दिसम्बर 2025 को दोपहर 12 बजे से दोपहर 02.15 बजे तक आयोजित होगी। जिले के 77 केन्द्रों में आयोजित इस परीक्षा में 28,235 अभ्यर्थी शमिल होंगे।छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा जारी निर्देशों के तहत परीक्षार्थी परीक्षा के एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र का अनिवार्य रूप से अवलोकन कर लेवें ताकि उन्हें परीक्षा दिवस को कोई असुविधा न हो। परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिस्किंग एवं फोटो युक्त मूल पहचान पत्र से सत्यापन किया जा सके। परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। यह परीक्षा प्रातः 12 बजे से प्रारंभ होगा, मुख्य द्वार प्रातः 11.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने आये। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैगनी रंग व गहरे चॉकलेटी रंग का कपड़े पहनना वर्जित होगा। केवल साधारण स्वेटर (बिना पॉकेट) की अनुमति है। सुरक्षा जांच के समय स्वेटर को उतारकर सुरक्षा कर्मी से जांच कराना होगा। स्वेटर हेतु हल्के रंग एवं आधे बांह का बंधन नहीं होगा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा, उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गजरने उपरांत ही ऐसे पोशाक की अनुमति होगी। फुटविर के रूप में चप्पल पहनें। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जाएगी। परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्र में केवल काले या नीले बॉल पांइट पेन लेकर ही आयें।
- दुर्ग / रबी 2025-26 सीजन में फसल क्षेत्राच्छादन, बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कल्चर तथा अन्य कृषि आदान सामग्रियों की मांग, भंडारण, वितरण, गुणवत्ता नियंत्रण एवं कीट-व्याधि नियंत्रण के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसके लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारी एवं सहायक अधिकारियों की नियुक्ति आदेश जारी किया गया है।उप संचालक कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार श्री एस. के. कोरोम-सहायक संचालक कृषि (जिला नोडल अधिकारी) मोबाइल- 7389368625, श्रीमती सत्यवती -सहायक सांख्यिकीय अधिकारी 9691770113, श्री अमित जोशी-कृषि विकास अधिकारी 9907109662, श्रीमती संपदा लहरे-ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी 9826129827, श्री अनिल चन्द्राकर-ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी 8817592112, श्रीमती निशा सिंह -ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी 9993942211, श्रीमती पूनम कंवर-ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी 9926169876, श्रीमती सुनीता लाउत्रे-मुख्य लिपिक मोबाइल नम्बर 9977826088 है।सभी अधिकारी संचालनालय कृषि, रायपुर से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप अधीनस्थ कार्यालयों से आवश्यक जानकारी एवं प्रगति प्रतिवेदन संकलित कर नियमित रूप से वरिष्ठ कार्यालय को प्रेषित करेंगे। साथ ही नियंत्रण कक्ष का संचालन निर्धारित नियमों के अनुसार सतत रूप से किया जाएगा। कृषक किसी भी प्रकार की कृषि संबंधी जानकारी, बीज-उर्वरक उपलब्धता, कीटनाशक या अन्य समस्याओं के समाधान हेतु मुख्यतः मोबाइल नंबर 9907109662 सहित उपरोक्त सभी मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
- दुर्ग / संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी रायपुर द्वारा जल संरक्षण एवं भूमि संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु वाटरशेड महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव भूमि संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार तथा राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जाएगा।उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी अनुसार महोत्सव की गतिविधियों में ’सोशल मीडिया प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया है। प्रतियोगिता के तहत प्रतिभागी 31 दिसंबर 2025 तक प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC-PMKSY 1.0-2.0) एवं अन्य वाटरशेड विकास योजनाओं के अंतर्गत निर्मित जल संचयन संरचनाओं जैसे चेकडेम, स्टाडेम, तालाब, डबरी तथा उद्यानिकी/कृषि वानिकी वृक्षारोपण और समुदाय के लिए उनके लाभों पर आधारित 30-60 सेकण्ड के लघु वीडियो/रील्स एवं फोटोग्राफ तैयार कर #WDC-PMKSY हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर अपलोड करना होगा। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रतिभागियों को https://wdcpmksy.dolr.gov.in/registerMahotsav वेबसाईट/पोर्टल पर पंजीयन करना होगा। विजेताओं का चयन रीच (45 प्रतिशत), इंगेजमेंट (25 प्रतिशत), विषय की प्रासंगिकता (10 प्रतिशत), रचनात्मकता एवं मौलिकता (10 प्रतिशत) तथा दृश्य एवं तकनीकी गुणवत्ता (10 प्रतिशत) के आधार पर किया जाएगा। पुरस्कार के रूप में सर्वश्रेष्ठ रील के लिए 50,000 रुपये तथा सर्वश्रेष्ठ फोटोग्राफ के लिए 1000 रुपये प्रदान किए जाएंगे। प्रतियोगिता में जमा किए गए सभी कंटेंट पूरी तरह से DoLR के कॉपीराइट के अंतर्गत रहेंगे, जिनका उपयोग प्रचार एवं शैक्षिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। अश्लील सामग्री या कृत्रिम रूप से बढ़ाए गए व्यूज़ को प्रतियोगिता से तुरंत अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
- दुर्ग / जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के अंतर्गत अब तक जिले के 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केन्द्रों में 16547 किसानों से 87,544.36 मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। शासन की पारदर्शी व्यवस्था और तुंहर टोकन के अंतर्गत किसानों को सहुलियतें मिल रही है और वे निर्धारित तिथि अनुसार धान बेचने उपार्जन केन्द्रों में पहुंच रहे हैं। उपार्जन केन्द्रों में जिला प्रशासन द्वारा किसानों के लिए समुचित प्रबंध की गई है। धान खरीदी हेतु केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था है। खरीफ वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में 6,16,435 मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमानित लक्ष्य निर्धारित है।
- -विभिन्न योजनाओं के निष्क्रिय बैंक खातों को सक्रिय खातों में करें परिवर्तित- कलेक्टर श्री सिंह-एसआईआर की कार्यवाही निरंतर जारी रखें, अंतिम तिथि की ना करें प्रतिक्षा-कोटवारी जमीन का कराएं सत्यापन-कलेक्टर ने समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा कीदुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति के रिकॉर्ड के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाना है। सभी कार्यालय प्रमुख अधिकारी अधीनस्थ कार्यालयों के अधिकारी-कर्मचारियों की जानकारी शीघ्र एनआईसी को उपलब्ध कराएं। साथ ही सिस्टम की जानकारी के लिए विभागीय कम्प्यूटर ऑपरेटर भी प्रशिक्षण हेतु एनआईसी भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न कार्यालयों में शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत् निष्क्रिय बैंक खातें जिसमें लंबी अवधि से लेन-देन नहीं किया जा रहा है, ऐसे खातों को सक्रिय खातों में परिवर्तित कर जानकारी जिला कोषालय को उपलब्ध कराएं, ताकि राशि का उपयोग अन्य मदों पर किया जा सके। कलेक्टर श्री सिंह ने आज कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित बैठक में अधिकारियों को उक्त निर्देश दिए। उन्होंने विभाग-वार लंबित समय-सीमा प्रकरणों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण की कार्यवाही निरंतर जारी रखें। अंतिम तिथि का इंतजार किए बगैर कार्य समय से पूर्व पूर्ण करना सुनिश्चित करें। बीएलओ द्वारा प्रस्तुत कार्यवाही विवरण का संबंधित एईआरओ भली-भांति जांच करें। कलेक्टर श्री सिंह ने समीक्षा के दौरान सीएमएचओ को सिकल सेल जांच का दायरा बढ़ाने और वय वंदन एवं आयुष्मान कार्ड पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय सहित समस्त शासकीय चिकित्सालयों में एंटी रेबीज वैक्सिन की उपलब्धता पर्याप्त होना सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी तहसीलदार और एसडीएम को संबंधित क्षेत्र के कोटवारों को शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए जमीन का सत्यापन कराने और वास्तविक स्थिति की जानकारी जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आगामी 07 नवंबर को जल संसाधन विभाग में भर्ती हेतु अमीन पटवारी परीक्षा की जिले में व्यवस्था के संबंध में नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्री हितेश पिस्दा को समुचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूली बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट, आपार आईडी एवं जाति प्रमाण पत्र बनाने के कार्य को शीघ्र पूर्ण करने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने जिले के नगरीय निकायों एवं जनपद क्षेत्रों में विकास प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश किए। समीक्षा के दौरान खनिज अधिकारी ने बताया कि जिले में 24 माइनिंग लीज में से 22 का अपडेशन किया जा चुका है। इसी प्रकार खाद्य विभाग अंतर्गत 2 लाख 26 हजार राशन कार्ड का ई-केवाईसी होना शेष है। बैठक में एडीएम श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ श्री बी.के. दुबे, अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव पाण्डेय, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल, नगर निगम भिलाई चरोदा के आयुक्त श्री डी राजपूत, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी एवं श्रीमती सिल्ली थॉमस, सभी एसडीएम एवं जनपद सीईओ सहित समस्त विभाग के कार्यालय प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- -कोटवार के विरूद्ध अवैध कब्जे की शिकायत-लिमतरी स्कूल में अतिरिक्त शौचालय की मांगबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने साप्ताहिक जनदर्शन में आज दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीणों की फरियाद सुनी। उन्होंने एक-एक कर प्रत्येक व्यक्ति से मुलाकात कर उनका आवेदन लिया और आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। लोगों ने जनदर्शन में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक हित से जुड़े विषयों को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए आवेदन दिया। नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार और सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल ने लोगों की समस्याओं को सुना।जनदर्शन में आज ग्राम पंचायत निपनिया के किसानों ने ग्राम कोटवार के द्वारा किसानों के आने जाने वाले रास्ते व कोटवारी जमीन के अलावा उसके आसपास के सभी शासकीय भूमि में किये गये बेजा कब्जा को तोड़वाने की मांग की। कलेक्टर ने इस मामले की जांच करने के निर्देश एसडीएम बिल्हा को दिए। आज ग्राम लिमतरी के पूर्व उप सरपंच श्री विनोद कुमार कौशिक ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लिमतरी में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप अतिरिक्त शौचालय भवन का निर्माण कराये जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि ग्राम लिमतरी के शासकीय विद्यालय विद्यार्थियों की संख्या अत्यधिक होने के कारण अतिरिक्त शौचालय भवन की आवश्यकता है। कलेक्टर ने उनका ज्ञापन जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। ग्राम हाफा निवासी हीरालाल महिलांगे ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मिलने वाली किस्त की राशि दिलाने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि योजना अंतर्गत आवास की पूरी किस्त की राशि उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। शेष राशि के लिए उन्होंने पूर्व में आवेदन दिया था परंतु आज दिनांक तक किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हुई। कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। जनदर्शन में बिलासपुर के लव यादव ने कलेक्टर को ट्राई साइकिल दिलाने की मांग की। कलेक्टर ने इस संबंध में समाज कल्याण विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने कहा। बिल्हा विकासखण्ड के मनोज पांडेय ने बिटकुली सोसायटी में रबी फसल के लिए गेंहू, बीज और खाद नहीं मिलने की शिकायत की। कलेक्टर ने उप संचालक कृषि को आवेदन प्रेषित करते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
- - 50वें आल इंडिया म्यूजिक एवं डांस काम्पीटिशन हैदराबाद में मिली भव्य सफलतारायपुर। नव्य नाटक समिति और तेलंगाना संगीत नाटक अकादमी, डिपार्टमेंट ऑफ लेंग्वेज & कल्चर, तेलंगाना सरकार के सहयोग से आयोजित सात दिवसीय आल इंडिया म्यूजिक एवं डांस काम्पीटिशन में स्वानंदी वंजारी भरतनाट्यम की प्रस्तुति देकर सब जूनियर कैटेगिरी में उपविजेता रहीं।डीडी नगर रायपुर निवासी अंकुर वंजारी की बेटी स्वानंदी ने बताया कि आयोजन में कलाकारों को लाइव आर्केस्ट्रा के साथ अपनी-अपनी प्रस्तुति देनी थी। इसमें स्वानंदी ने मनमोहक भतरनाट्यम की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। 12 वर्षीय स्वानंदी ने जी. रतीश बाबू के मागदर्शन प्रस्तुति देकर स्पर्धा के सब जूनियर कैटेगरी में उपविजेता रहीं।23 दिसंबर को आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में तेलंगाना हार्डकोर्ट के जस्टिस लक्ष्मीनारायण अलीसेठी, तेलंगाना सरकार के सेवानिवृत्त सलाहकार डा. केवी रमन चेरी और तेलंगाना शासन के ट्रेजरी और एकाउंट विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जी वसुंधरा उपस्थित थीं। बताते चलें कि अंकुर वंजारी महाराष्ट्र मंडल में आजीवन सभासद और मंडल की युवा समिति के सक्रिय पदाधिकारी हैं। अंकुर ने बताया कि स्वानंदी इससे पहले भी कई राष्ट्रीय स्तर की संगीत व क्लासिकल नृत्य स्पर्धाओं में ऐसी कामयाबी हासिल कर चुकीं हैं।
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रायपुर। मोबाइल मेडिकल यूनिट -4 (एमएमयू -4) द्वारा 29 नवम्बर 2025 को प्रो. जे.एन. पांडेय स्कूल, बायरन बाजार (जोन-4) में आयोजित रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के दौरान एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। एमएमयू-4 की टीम ने खो-खो, कबड्डी और अन्य खेलों में भाग लेने आए छात्रों, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का मैदान पर ही व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया। ब्लड प्रेशर, शुगर, हीमोग्लोबिन, सामान्य फिटनेस और डिहाइड्रेशन चेक जैसी आवश्यक जांच तुरंत और सुलभ रूप से उपलब्ध कराई गईं।
यह स्वास्थ्य शिविर एरिया प्रोजेक्ट मैनेजर एश्वर्य साहू के निर्देशन में एमएमयू-4 मेडिकल टीम द्वारा संचालित किया गया, जिसमें डॉ. सौरभ त्रिपाठी (मेडिकल आफिसर), नर्स किरण दुबे, लैब तकनीशियन प्रिया वर्मा, फार्मासिस्ट अंचल पाल और सपोर्टर हेमंत वर्मा शामिल रहे।एमएमयू -4 की टीम ने खिलाड़ियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका मौके पर ही उपचार किया और उन्हें तत्काल आवश्यक दवाइयाँ वितरित कीं। मोबाइल मेडिकल यूनिट होने के कारण शिविर सीधे मैदान स्तर पर ही तेज, प्रभावी और व्यवस्थित स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने में सक्षम रहा।एमएमयू- 4 द्वारा आयोजित शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को एक सुरक्षित, स्वास्थ्य-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना था, ताकि वे प्रतियोगिताओं में आत्मविश्वास और पूर्ण शारीरिक क्षमता के साथ भाग ले सकें। चिकित्सा टीम ने बच्चों व प्रशिक्षकों को संतुलित आहार, हाइड्रेशन, चोट से बचाव और व्यक्तिगत स्वच्छता पर भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। विद्यालय प्रबंधन और रायपुर नगर पालिक निगम के सहयोग से आयोजित यह पहल खेल और स्वास्थ्य के संतुलित विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बनी। - -हर बेटी-बेटा को शिक्षित करना ही समाज को देगा मजबूती-सामुदायिक भवन के प्रथम तल का किया लोकार्पण-सांस्कृतिक भवन सहित विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा-कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्रीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ के बोईरदादर में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज की मांग पर 30 लाख रुपए की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन के प्रथम तल का लोकार्पण किया। समाज के वरिष्ठजनों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कंवर समाज के पुरोधाओं को नमन करते हुए कहा कि समाज का विकास शिक्षा से ही संभव है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि विभिन क्षेत्रों में सफल बनने का माध्यम भी है। हर बेटा-बेटी को शिक्षित करना ही समाज को मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समाज के उत्थान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। आदिवासियों एवं क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है जिसका लाभ लोगों को मिल रहा है। उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आव्हान भी किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर जनजातीय समुदाय के सम्मान को नई ऊंचाई दी है। उन्होंने बताया कि आदिवासी समाज को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने धरती आबा ग्राम उत्कर्ष और पीएम जनमन कार्यक्रम की शुरूआत की है। यह आदिवासी कल्याण के क्षेत्र में आजादी के बाद सबसे बड़ा अभियान है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं जनजातीय परिवारों को उपलब्ध करायी जा रही है। इन योजनाओं से जनजातीय क्षेत्रों में तेज गति से विकास हो रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की रजत जयंती समारोह के अवसर पर रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह संग्रहालय का लोकार्पण किया है। संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों का देश के लिए योगदान जीवंत रूप में प्रदर्शित हो रहा है। यह आने वाली पीढ़ियों को हमारे वीर नायकों के शौर्य और बलिदान से परिचित कराता रहेगा। यह हमारे आदिवासी समाज के लिए भी गौरव की बात है।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर राज्य के विकास-पीडीएस प्रणाली, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य के व्यापक विस्तार का उल्लेख करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद गांव-गांव तक पहुंच मार्ग और विकास की रोशनी पहुँची है। राज्य में नक्सलवाद विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा है, लेकिन सरकार के प्रयासों से यह अंतिम सांस ले रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य तय किया है।मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नई औद्योगिक नीति के बारे में उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। हम उद्योग धंधों के माध्यम से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रहे है। इसके साथ ही हमारी सरकार प्रदेश के सभी समाज को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, इसका लाभ अवश्य उठाना चाहिए।मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं, जिनमें कंवर समाज के लिए बोईरदादर रायगढ़ मे एक और सांस्कृतिक भवन के साथ मुख्य मार्ग तक सीसी रोड का निर्माण, लैलूंगा के टुरटूरा में नए समाजिक भवन, लैलूंगा और घरघोड़ा में निर्मित सामाजिक भवन के विस्तार की घोषणा की।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्री भरत साय, श्री सत्यानंद राठिया, श्री अनंतराम पैंकरा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही पारदर्शी और किसान हितैषी धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों के चेहरे पर संतोष और भरोसे की नई चमक ला दी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के दौरान नारायणपुर जिले के 17 उपार्जन केंद्रों में बारदाना, छाया, पेयजल, मेडिकल किट जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। खरीदी प्रक्रिया को ज्यादा सहज और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन टोकन प्रणाली लागू की गई है, जिससे किसानों को अब लंबी कतारों और अनावश्यक प्रतीक्षा से मुक्ति मिल रही है। वहीं नोडल अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग के कारण किसानों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। धान विक्रय के बाद भुगतान भी दो दिनों के भीतर किसानों के खातों में अंतरित किया जा रहा है, जिससे उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा।नारायणपुर जिले के माहका धान खरीदी केंद्र में अपना धान बेचने पहुंचे किसान नंद कुमार शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार की इस व्यवस्था की सराहना की। पाँच एकड़ खेत में इस वर्ष 60 क्विंटल धान का उत्पादन करने वाले श्री शर्मा ने बताया कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मानक से किसानों को वास्तविक लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली ने प्रक्रिया को आसान बना दिया है और केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाएँ संतोषजनक हैं।श्री नंद कुमार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग खेती-बाड़ी सुधार और पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने में करने की बात कही।केंद्र में मौजूद अन्य किसानों ने भी धान खरीदी की सुदृढ़ व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए उम्मीद जताई कि ऐसी सुविधाएँ आने वाले वर्षों में भी जारी रहेंगी और सरकार के प्रयासों से किसानों का विश्वास निरंतर बढ़ता रहेगा।
- -इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में मिली ऐतिहासिक उपलब्धि-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाईरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में शामिल छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की।मुख्यमंत्री श्री साय ने टीम के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी उत्साह और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं में खेल की अपार प्रतिभा है और राज्य सरकार के सहयोग से घुड़सवारी एवं पोलो खेल को नई दिशा मिली है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पहली बार इतिहास रचते हुए 22 से 29 नवम्बर 2025 तक इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य को अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया गया।छत्तीसगढ़ टीम ने अमेरिका, कोलंबिया, इंडियन पोलो एसोसिएशन और अन्य अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा कर यह गौरव अर्जित किया। यह उपलब्धि आदिवासी युवाओं की खेल जगत में बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है।गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे कई संस्थानों का संयुक्त योगदान रहा जिसमे छत्तीसगढ़ शासन,भारतीय सेना (एनसीसी),दंतेवाड़ा जिला प्रशासन,कांकेर जिला प्रशासन,ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी, रायपुर मुख्य रूप से शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम के सदस्यों में लेफ्टिनेंट कर्नल अमन सिंह, एनसीसी,लांस नदिम अली (सेवानिवृत्त),वेदिका शरण,चित्रभानु सिंह,सैमुअल विश्वकर्मा,गोलू राम कश्यप,सुभाष लेकामि,देवकी कड़ती शामिल रहे। इससे पूर्व भी कु. वेदिका शरण ने सितंबर 2025 में बेंगलुरु में आयोजित घुड़सवारी की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने आयु वर्ग में भारत में दूसरा तथा विश्व स्तर पर 15 वा स्थान प्राप्त कर प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है lउल्लेखनीय है कि "खेल से शक्ति" पहल के अंतर्गत दंतेवाड़ा और कांकेर जिले के प्रतिभाशाली छात्रों को घुड़सवारी और पोलो का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी द्वारा भारतीय सेना के अनुभवी पोलो खिलाड़ियों के सहयोग से संचालित किया गया।यह पहल आदिवासी युवाओं को खेल, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल श्री अवनीश शरण और घुड़सवारी प्रशिक्षक सुश्री गीता दहिया उपस्थित रहे।
- “छत्तीसगढ़ के एससी/एसटी उद्यमियों के लिए आईआईएम रायपुर का बड़ा कदम, पूरी तरह प्रायोजित बिज़नेस एक्सेलरेटर प्रोग्राम लॉन्च”रायपुर। भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर (IIM, Raipur), जो देश में “बिल्डिंग बिज़नेस ओनर्स” की अपनी विशिष्ट पहचान के लिए जाना जाता है, ने भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के नेशनल एससी–एसटी हब के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स और सूक्ष्म व छोटे व्यवसायों के लिए एक व्यापक बिज़नेस एक्सेलरेटर प्रोग्राम आरंभ किया है। यह कार्यक्रम उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार, रणनीतिक निर्णय क्षमता, वित्तीय प्रबंधन और डिजिटल उपकरणों के उपयोग जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक एवं उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे वे जीविका-आधारित कारोबार से आगे बढ़कर दीर्घकालिक, विस्तारयोग्य और प्रतिस्पर्धी कारोबारी मॉडल विकसित कर सकें।कार्यक्रम का ढांचा मिश्रित शिक्षण मॉडल पर आधारित है, जिसमें भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर परिसर में आयोजित कक्षाओं के साथ-साथ लाइव ऑनलाइन शिक्षण सत्र भी शामिल हैं। प्रतिभागियों को कुल 72 घंटे की संरचित ट्रेनिंग और 18 घंटे की व्यक्तिगत मेंटरशिप प्रदान की जाएगी। यह संपूर्ण प्रशिक्षण संस्थान के अनुभवी प्राध्यापकों, उद्योग विशेषज्ञों और सफल व्यवसाय मार्गदर्शकों द्वारा दिया जाएगा, ताकि उद्यमियों को वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस दिशा और रणनीति विकसित करने में सहायता मिल सके।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अपने बिज़नेस मॉडल को और सुदृढ़ करने, संभावनाशील बाज़ारों की पहचान करने, वित्तीय निर्णयों को अधिक वैज्ञानिक बनाने तथा संचालन क्षमता बढ़ाने हेतु डिजिटल टूल्स का उपयोग सीखने का अवसर मिलेगा। एमएसएमई क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित केस अध्ययन, व्यावहारिक अभ्यास और व्यक्तिगत मेंटरशिप सत्र उनके लिए आगामी 90 से 180 दिनों की ठोस कार्य–योजना बनाने में सहायक होंगे।कार्यक्रम उद्यमियों को नए बाज़ारों तक पहुंच, सरकारी खरीद प्रक्रिया की समझ और व्यवसायिक नेटवर्क विकसित करने का सुनहरा अवसर भी उपलब्ध कराता है। इससे प्रतिभागियों को व्यापार विस्तार, ग्राहक आधार बढ़ाने और नए अवसरों तक पहुंच बनाने में सहायता मिलेगी।भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के डायरेक्टर-इन-चार्ज प्रो. संजीव पराशर ने कहा कि यह बिज़नेस एक्सेलरेटर प्रोग्राम अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमियों के लिए एक संरचित मार्ग प्रशस्त करता है, जिससे वे अपने व्यवसाय की मजबूत नींव तैयार कर आत्मविश्वास के साथ विस्तार कर सकें। उन्होंने कहा कि अनेक उद्यमों में पर्याप्त संभावनाएँ होती हैं, परंतु औपचारिक प्रबंधन प्रशिक्षण, सामरिक मार्गदर्शन और नेटवर्किंग के अभाव में उनका विकास बाधित होता है। नेशनल एससी–एसटी हब के सहयोग से विकसित यह पहल उद्यमियों को आज के प्रतिस्पर्धी एवं परिवर्तनशील व्यवसायिक वातावरण में सफलता के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।प्रोग्राम के लिए न्यूनतम योग्यता स्नातक तथा 18 वर्ष या उससे अधिक आयु निर्धारित की गई है, साथ ही महिला उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उद्यम पंजीकरण (Udyam Registration) में “Trading” को मुख्य गतिविधि के रूप में दर्ज कराने वाले आवेदक इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। कार्यक्रम की कुल शुल्क राशि ₹99,000 तथा लागू वस्तु एवं सेवा कर है, जिसे नेशनल एससी–एसटी हब पूर्ण रूप से प्रायोजित कर रहा है। प्रतिभागियों को केवल ₹7,500 (जीएसटी सहित) पंजीकरण शुल्क देना होगा, जिससे यह कार्यक्रम आर्थिक दृष्टि से अत्यंत सुलभ हो जाता है।आवेदन ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जा रहे हैं, और कार्यक्रम की शुरुआत आगामी वर्ष के आरंभ में निर्धारित है। यह पहल भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर की समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमियों को भारत के एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र में और अधिक सक्रिय रूप से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।इसी क्रम में, भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर द्वारा आयोजित वार्षिक डीजीपी–आईजीपी सम्मेलन ने भी संस्थान की राष्ट्रीय महत्व की चर्चाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में भूमिका को मजबूत किया। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की उपस्थिति ने न केवल इस आयोजन के महत्व को रेखांकित किया, बल्कि नवा रायपुर परिसर की रणनीतिक प्रासंगिकता और संस्थान की बढ़ती राष्ट्रीय भूमिका को भी दर्शाया।
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भिलाई। भारत की स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने की राष्ट्रीय प्राथमिकता को सुदृढ़ करते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी अभिनव पॉलिमर तकनीक विकसित की है, जो औद्योगिक सल्फर कचरे को उच्च-मूल्य वाली जल शुद्धिकरण सामग्री में परिवर्तित करती है। शोध टीम—भनेन्द्र साहू, सुदीप्त पाल, प्रियंक सिन्हा और डॉ. संजीब बनर्जी—ने एक धातु-रहित और पर्यावरण-अनुकूल पॉलिमराइजेशन प्रक्रिया तैयार की है, जिसके माध्यम से कम मूल्य वाले सल्फर वेस्ट को “सल्फर-डॉट्स” या S-dots में बदला जाता है। ये S-dots उन्नत स्मार्ट पॉलिमरों के निर्माण में हरित फोटोकैटलिस्ट के रूप में कार्य करते हैं। यह शोध Angewandte Chemie International Edition में प्रकाशित हुआ है।यह उपलब्धि दो महत्वपूर्ण चुनौतियों के समाधान का मार्ग प्रशस्त करती है—पहली, पेट्रोलियम रिफाइनिंग, कोयला प्रसंस्करण और रासायनिक उद्योगों से उत्पन्न होने वाले विषैले सल्फर कचरे का सतत प्रबंधन; और दूसरी, प्रदूषित जल स्रोतों से हानिकारक हाइड्रोफोबिक प्रदूषकों का प्रभावी निष्कासन। इस तकनीक के माध्यम से विकसित मल्टी-आर्म स्टार पॉलिमर्स में जल शुद्धिकरण की असाधारण क्षमता पाई गई है।
ये स्टार पॉलिमर स्वतः नैनोस्केल गोलाकार संरचनाएँ बनाते हैं, जो सूक्ष्म स्पंज की तरह कार्य करते हुए डाई, कीटनाशक और तेल अवशेष जैसे हानिकारक हाइड्रोफोबिक प्रदूषकों को सहजता से अवशोषित कर लेते हैं। प्रयोगशाला परीक्षणों में इन पॉलिमरों ने 80 प्रतिशत से अधिक हानिकारक कणों को सफलतापूर्वक हटाया, जिससे नदियों, झीलों तथा औद्योगिक अपशिष्ट जल की सफाई में इनके व्यापक उपयोग की संभावनाएँ प्रबल हुई हैं। देश के औद्योगिक एवं कृषि प्रधान क्षेत्रों में जल प्रदूषण की बढ़ती चुनौती को देखते हुए यह तकनीक जल शोधन और पर्यावरण पुनर्स्थापन प्रयासों को नई गति प्रदान कर सकती है।अपनी नवाचार यात्रा पर प्रकाश डालते हुए डॉ. संजीब बनर्जी ने कहा, “हम औद्योगिक कचरे को पहले स्वच्छ उत्प्रेरक में परिवर्तित करते हैं और फिर उसी से ऐसे स्मार्ट पॉलिमर विकसित करते हैं, जो प्रदूषित जल को प्रभावी रूप से शुद्ध करते हैं। यह एक पूर्ण सर्कुलर समाधान है।” हल्की पराबैंगनी-A (UVA) रोशनी में कार्य करने वाली यह धातु-रहित और वेस्ट-आधारित पॉलिमर तकनीक जल जीवन मिशन, पर्यावरण पुनर्स्थापन कार्यक्रमों तथा सतत औद्योगिक प्रक्रियाओं जैसे राष्ट्रीय अभियानों के लक्ष्यों के अनुरूप है।IIT भिलाई द्वारा विकसित यह प्रौद्योगिकी भारत के सुरक्षित, स्वच्छ और सभी नागरिकों के लिए सुलभ जल के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक प्रभावशाली और दूरदर्शी कदम सिद्ध हो सकती है। - भिलाई।सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस-7 ने नवंबर 2025 में 1,30,210 टन हॉट मेटल उत्पादन दर्ज करते हुए अब तक का सर्वश्रेष्ठ मासिक उत्पादन का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। ब्लास्ट फर्नेस-7 ने मार्च 2025 में दर्ज रिकॉर्ड 1,30,183 टन के सर्वश्रेष्ठ मासिक उत्पादन को पीछे छोड़ते हुए नया उत्पादन कीर्तिमान बनाने में सफलता प्राप्त की।इसके साथ ही ब्लास्ट फर्नेस-7 ने नवंबर 2025 में 2.10 टन प्रति घन मीटर प्रतिदिन की सर्वोच्च हॉट मेटल उत्पादकता दर्ज की, जो मार्च 2025 में प्राप्त 2.07 टन प्रति घन मीटर प्रतिदिन के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है।ब्लास्ट फर्नेस बिरादरी ने केक काटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया। इस अवसर पर कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री तापस दासगुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सेवाएँ) श्री तुषार कान्त, मुख्य महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) श्री मनोज कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-3) श्री त्रिभुवन बैठा, मुख्य महाप्रबंधक (आरसीएल) श्री राहुल श्रीवास्तव, महाप्रबंधक प्रभारी (एसपी-2) श्री जगेन्द्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए श्री तापस दासगुप्ता ने ब्लास्ट फर्नेस बिरादरी और सभी सहयोगी इकाइयों को बधाई दी। उन्होंने बीएफ-7 के प्रदर्शन में आए इस सुधार की सराहना की तथा उत्पादन में ऐसे ही निरंतर वृद्धि के प्रति अग्रसर रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इन सुधारात्मक प्रयासों को अन्य फर्नेस में भी विस्तारित किया जाना चाहिए, जिससे संयंत्र की उत्पादकता नई ऊँचाइयों को छू सके।
- रायपुर।ऑडिट पखवाड़े के तहत छत्तीसगढ़ के महालेखाकार कार्यालय, रायपुर ने स्वस्थ कार्य संस्कृति और सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन को बढ़ावा देने हेतु दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन पहलों का उद्देश्य कर्मचारियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नगरपालिका लेखा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता को सुदृढ़ करना रहा।पहली पहल के रूप में महालेखाकार आवासीय कॉलोनी के कम्युनिटी हॉल में योग सत्र आयोजित किया गया। योग विशेषज्ञ तथा प्राकृतिक उपचार विशेषज्ञ (Naturopathist) एवं परामर्शदाता आहार विशेषज्ञ डॉ. नीलम नागवानी ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और तनाव प्रबंधन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। सत्र में उपस्थित प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से योगाभ्यास किया और स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने की दिशा में सकारात्मक रुचि दिखाई।प्रधान महालेखाकार श्री यशवंत कुमार ने योगाभ्यास के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक लाभों पर प्रकाश डालते हुए इसे दैनिक जीवनचर्या में शामिल करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में वरिष्ठ उपमहालेखाकार सुश्री प्रियाति कावड़ो, वरिष्ठ उपमहालेखाकार श्री एम.एस. डहरिया, उपमहालेखाकार श्री नितिन पुके, उपमहालेखाकार सुश्री एज़िलारासी सहित कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।ऑडिट पखवाड़े की दूसरी महत्वपूर्ण गतिविधि ‘राष्ट्रीय नगरपालिका एवं लेखा मैनुअल में निर्धारित लेखा प्रक्रियाएँ और वित्तीय विवरणों की तैयारी’ विषय पर आयोजित कार्यशाला रही। इस कार्यशाला का शुभारम्भ वरिष्ठ उपमहालेखाकार (लेखापरीक्षा) रायपुर सुश्री प्रियाति कौड़ो द्वारा किया गया। कार्यक्रम में Tibrewal Chand & Co., चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, रायपुर की वित्त विशेषज्ञ सुश्री शीतल अग्रवाल को व्याख्यान हेतु आमंत्रित किया गया।राज्य शहरी विकास अभिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य संपरीक्षा से आए प्रतिभागियों ने नगरपालिका लेखा प्रक्रियाओं में अपनाई जाने वाली विधियों, वित्तीय विवरणों की तैयारी तथा व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। इस कार्यशाला में भी वरिष्ठ अधिकारी—सुश्री प्रियाति कौड़ो, श्री एम.एस. डहरिया और सुश्री एजिलारासी—सहित महालेखाकार कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।ऑडिट पखवाड़े के दौरान आयोजित इन दोनों कार्यक्रमों ने न केवल कर्मचारियों में स्वास्थ्य-जागरूकता को प्रोत्साहित किया, बल्कि लेखा प्रबंधन के क्षेत्र में दक्षता और व्यावसायिक क्षमता को भी सुदृढ़ किया। महालेखाकार कार्यालय की यह पहल सकारात्मक और परिणाम-मुखी कार्यसंस्कृति को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
- रायपुर । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायपुर के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग ने भारतीय फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी कांग्रेस (ICFMT) का 22वां वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन (ICFMTCON 2025) का सफल आयोजन किया। "फॉरेंसिक्स एवरीवेयर” की व्यापक थीम पर आधारित यह दो दिवसीय सम्मेलन में देश भर से अग्रणी फॉरेंसिक विशेषज्ञ, शिक्षाविद और चिकित्सक एक मंच पर जुटे।सम्मेलन का उद्घाटन एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत चिकित्सकों के सामने आने वाली जटिलताओं और नैतिक दुविधाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बाल यौन शोषण मामलों के प्रबंधन में संवेदनशीलता और स्पष्टता बनाए रखने की अनिवार्यता पर जोर दिया।इस अवसर पर प्रो. एली महापात्रा, डीन (एकेडमिक्स), एम्स रायपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि प्रो. एस.के. वर्मा, अध्यक्ष, ICFMT ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण प्रो. जगदीश चंद्र प्रवचन रहा, जिसे प्रख्यात विशेषज्ञ प्रो. (डॉ.) बी. डी. गुप्ता ने प्रस्तुत किया। उन्होंने “महिलाओं के लिए कानून: वरदान या अभिशाप” विषय पर गहराई से व्याख्यान दिया। डॉ. गुप्ता ने महिलाओं के अधिकारों से संबंधित बदलते कानूनी प्रावधानों और फॉरेंसिक अभ्यास पर उनके व्यापक प्रभावों का विश्लेषण किया।एम्स रायपुर के लिए यह एक गर्व का क्षण था, जब फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, डॉ. कृष्णदत्त चावले को भारतीय फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी कांग्रेस का फेलोशिप सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक, शोध एवं नेतृत्व योगदान की मान्यता है।दो दिवसीय वैज्ञानिक कार्यक्रम में अतिथि व्याख्यान, पेपर एवं पोस्टर प्रस्तुतियाँ तथा इंटरैक्टिव सत्र शामिल थे। प्रमुख वक्ताओं और उनके विषयों में शामिल थे : प्रो. सचिदानंद मोहंती, कार्यकारी निदेशक, एम्स अवंतीपुरा, ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों के लिए आवश्यक प्रशासनिक नेतृत्व कौशल पर प्रकाश डाला। प्रख्यात फार्माकोलॉजिस्ट प्रो. एस.पी. धनेरिया ने अल्कोहल के साथ ड्रग इंटरेक्शंस पर एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया। डॉ. सूमीक चौधरी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ एवं फिल्म निर्देशक, ने जनजागरूकता फैलाने में फिल्मी माध्यम की भूमिका पर विचार प्रस्तुत किए। प्रो. आकाशदीप अग्रवाल और डॉ. उत्सव पारेख की प्रस्तुतियों में फॉरेंसिक शिक्षा एवं अभ्यास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया।सम्मेलन के सफल आयोजन ने न्याय, कानून प्रवर्तन और सार्वजनिक स्वास्थ्य के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में फॉरेंसिक मेडिसिन को मजबूत करने तथा विज्ञान और समाज के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देने में एम्स रायपुर की अग्रणी भूमिका को और सुदृढ़ किया है।
- -“साहित्य उत्सव से छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान” - मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायरायपुर। नए वर्ष की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ एक बार फिर साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर होने को तैयार है। आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। उनकी यह परिकल्पना अब साकार रूप लेने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शंशाक शर्मा, जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वरिष्ठ साहित्यकार श्री सुशील त्रिवेदी, डॉ. चितरंजन कर, श्री गिरीश पंकज, डॉ. संजीव बक्शी, श्री प्रदीप श्रीवास्तव और श्रीमती शकुंतला तरार उपस्थित थे।लोगो अनावरण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरा प्रदेश रजत महोत्सव मना रहा है, और रायपुर साहित्य उत्सव उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव न केवल छत्तीसगढ़ को, बल्कि पूरे देश के मूर्धन्य साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ उनके अनुभव, विचार और रचनात्मक धारा से अवगत होने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ को साहित्यिक जगत में एक नई पहचान प्रदान करेगा तथा जनसमुदाय को साहित्य, लेखन और पठन-पाठन की ओर प्रेरित करेगा। साथ ही यह उत्सव राज्य की विकास योजनाओं के लिए भी सकारात्मक सामाजिक चेतना और विमर्श का मंच बनेगा।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा।इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा।अगले महीने आयोजित होने जा रहे रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को एक प्रभावशाली प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है। यह लोगो न सिर्फ राज्य की पहचान को दर्शाता है, बल्कि बस्तर की जैव-विविधता, जनजातीय परंपराओं, और छत्तीसगढ़ की आत्मा माने जाने वाले सल्फी पेड़ की सांस्कृतिक महत्ता को भी सशक्त रूप में उजागर करता है।लोगो में सल्फी के पेड़ को छत्तीसगढ़ राज्य के नक्शे का रूप देकर यह संदेश दिया गया है कि राज्य की सभ्यता, संस्कृति और साहित्य सदियों से इसी भूमि की जड़ों से पोषित होते आए हैं। सल्फी का यह पेड़ आदिकाल से चली आ रही पौराणिक परंपराओं, भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। जनजातीय समाज के जीवन में गहराई से रचे-बसे इस पेड़ को साहित्य उत्सव के लोगो में शामिल करने से यह संदेश भी मिलता है कि छत्तीसगढ़ का जनजातीय साहित्य, लोकविश्वास और पारंपरिक ज्ञान-धारा आज भी समकालीन साहित्यिक प्रवाह के केंद्र में है।लोगो में अंकित ‘आदि से अनादि तक’ वाक्य साहित्य की उस अटूट यात्रा को दर्शाता है, जिसमें आदिकालीन रचनाओं से लेकर निरंतर विकसित हो रहे आधुनिक साहित्य तक सभी रूप समाहित हैं। यह संदेश स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि साहित्य कालातीत है, वह समय, समाज, भाषा और पीढ़ियों को जोड़कर चलने वाली निरंतर धारा है। इसी प्रकार लोगो में शामिल ‘सुरसरि सम सबके हित होई’ वाक्य साहित्य को गंगा की तरह मुक्त, समावेशी और सर्वहितकारी शक्ति के रूप में स्थापित करता है। साहित्य सभी जाति, वर्ग, परंपरा और जीवन-रीतियों को अपनी व्यापकता में समाहित कर समाज को दिशा देता है और सबके हित का मार्ग प्रशस्त करता है।रायपुर साहित्य उत्सव का यह लोगो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सांस्कृतिक गर्व का विषय है, क्योंकि इसमें राज्य की हजारों वर्षों पुरानी साहित्यिक जड़ें, जनजातीय परंपराएँ, सामाजिक समरसता और आधुनिक रचनात्मक दृष्टि-सभी का सुंदर, सार्थक और कलात्मक संगम दिखाई देता है। यह लोगो जनमानस तक यह सशक्त संदेश पहुँचाता है कि छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा ‘आदि से अनादि’ तक अविचल, जीवंत और समृद्ध रही है और आगे भी इसी धारा में निरंतर विकास की नई कहानियाँ लिखती रहेगी। रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो से छत्तीसगढ़ में आदि-अनादि काल से मजबूत साहित्य की जड़ों और उनसे जुड़ाव का सशक्त संदेश जनमानस तक पहुंचेगा।

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