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- -धान खरीदी शासन की प्राथमिकता-कलेक्टर लंगेह-धान खरीदी में संलग्न कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर होगी कार्रवाई-शासन के नियमानुसार खरीदी करें, अनियमितता पाए जाने पर होंगी कार्रवाई-किसानों के रकबा समर्पण को प्रोत्साहित करेंमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने आज वन विभाग के ट्रेनिंग हाल मे जिले के महासमुंद, बागबाहरा के समस्त प्रभारी समिति प्रबंधक एवं डाटा ऑपरेटरों के प्रशिक्षण में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकता में है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।उन्होंने कहा कि किसानो की धान खरीदी को राज्य शासन ने अत्यावश्यक सेवा अधिनियम एस्मा के तहत शामिल किया है, अतः धान खरीदी में संलग्न कर्मचारी की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी ।उन्होंने कहा कि सभी प्रभारी प्रबंधक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर दी गई जिम्मेदारी गंभीरता के साथ पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि किसानों का प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदना सुनिश्चित करें। इस संबंध में उन्होंने कहा कि प्रतिदिन टोकन काटा जा सकता है जो आगामी सातवें दिन के लिए लागू होगा। उन्होंने बताया कि टोकन तुहर हाथ के माध्यम से सुबह 8:00 बजे से 9:00 बजे तक टोकन काटा जा सकता है एवं समिति में 9:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक टोकन काटा जा सकता है उन्होंने किसानों को धान बेचने के बाद शेष रकबा समर्पण के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए और ऐसे किसानों को अधिक से अधिक रकबा समर्पण करने कहा गया है। प्रशिक्षण में धान खरीदी के संबंध में राज्य शासन के द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का बारीकी से जानकारी दी गई एवं उनके अनुपालन के निर्देश दिए गए।प्रशिक्षण में बताया गया कि धान आवक से पहले ही नमी का टोकन कटे हुये किसानों के द्वारा लाये गये धान का फड़ में अंदर लाने के एवं गुणवत्ता परीक्षण कर लेवें। तत्पश्चात ही फड़ में धान अंदर करावे। किसी भी स्थिति में समितियों में 05 बजे के बाद धान की खरीदी ना हो। फड में रखे रिजेक्टेड तथा अधिक नमी वाले धान को 05 बजे के पहले उठा लिया जावे ताकि उसी दिन स्टेकिंग कर लिया जावे। किसानों को जारी टोकन के आधार पर धान खरीदी हेतु उपार्जन केन्द्र में किसान उपस्थित होने उपरान्त ही किसानों को नया एवं पुराना बारदाना उपलब्ध कराया जाये। किसी भी स्थिति में किसानों को बारदाना खरीदी के पूर्व उपलब्ध नहीं कराया जाये। खरीदी केन्द्रों में सभी पंजी संधारित रखा जाये। टोकन रजिस्टर धान आवक रजिस्टर, बारदाना वितरण रजिस्टर, धान खरीदी रजिस्टर, तौल कांटा रजिस्टर स्टेक रजिस्टर, धान जावक रजिस्टर, निरीक्षण पंजी आदि।कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि धान खरीदी केन्द्रों में धान के बोरों की किस्मवार तथा नये पुराने बारदाने में भर्ती के आधार पर स्टेकिंग की जाये। स्टेन्सील खरीदी केन्द्रों को उपलब्ध करावे गये नये बारदाने में समिति का नाम, पंजीयन नम्बर एवं धान की किस्म की छपाई अनिवार्य रुप से की जावे। धान के बोरो की सिलाई जूट रस्सी (सुतली) से करे। प्लास्टिक के रस्सी का उपयोग नहीं करना है। किसान से धान खरीदी करते समय किसान द्वारा खरीदी हेतु जारी कराये गये टोकन एवं उनके द्वारा प्रस्तुत ऋण पुस्तिका में दर्ज रकबे का मिलान कर लिया जाये।बचत रकबे का समर्पण किसान की सहमति लेकर किया जावे। सभी उपार्जन केन्द्र में औसत अच्छी गुणवत्त (FAQ) के धान के किस्सवार सैम्पल किसानों के अवलोकन हेतु अनिवार्य रुप से प्रदर्शित किया जावे। उपार्जन केन्द्र में नमी की जांच कर किसी भी स्थिति में 14 से 17 प्रतिशत से अधिक नमी का धान क्रय नहीं किया जावे। इलेक्ट्रानिक कांटा बाट इस वर्ष सभी उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी हेतु इलेक्ट्रानिक काटा-बाट का ही उपयोग किया जावे। विशेष परिस्थितियों में मैन्युअल काटे बाट का उपयोग अनुविभागीय अधिकारी (स.) के अनुमति से किया जावे।सुरक्षा के उपाय आकस्मिक वर्षा से बचने के लिये पर्याप्त मात्रा में डैनेज (प्लास्टिक बोरी,भूसा) के कैप कव्हर व्यवस्था हो साथ ही स्टेक के आस-पास नाली निर्माण कर लिया जावे। धान खरीदी केन्द्र में यदि किसी व्यक्ति द्वारा गांव की औसत उपज से अधिक मात्रा धान विक्रय हेतु टोकन जारी कराया जाता है तो तत्काल इसकी जांच करे कि क्या उस व्यक्ति के पास उपलब्ध धान किसी खरीफ मौसम में उत्पादित धान है।यदि ऐसा ना होकर अन्यत्र तरीकों से एकत्रित धान हो तो किसी भी स्थिति में उक्त धान का क्रय खरीदी केन्द्र में ना किया जाये। पंजीकृत किसानो की सूची सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को ऐसे किसानों की सूची जिनके द्वारा विगत वर्ष में धान विक्रय नहीं किया गया था कि सूची उपलब्ध करायी गयी है। उक्त सूची धान खरीदी केन्द्रों में संधारित रखा जाये और ऐसे व्यक्ति के भूमि के विरुद्ध धान विक्रय हेतु किसी के द्वारा टोकन लिया जाता है तो तत्काल संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (रा.) को अवगत कराये तथा अनुविभागीय अधिकारी के द्वारा जांच निष्कर्ष अनुसार उस व्यक्ति से धान की खरीदी की जाये। कोचिया बिचोलिया पर नियंत्रण चिल्हर रुप से धान खरीदी करने वाले कोचियों/बिचौलियों के द्वारा समिति में धान लाकर अन्य किसानों के पंजीयन में खपाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे व्यक्तियों से धान खरीदी ना कर इसकी सूचना संबंधित नोडल अधिकारी को तत्काल दी जाये। प्रशिक्षण मे अपर कलेक्टर श्री रवि साहू, अनुविभागीय अधिकारी अक्षा गुप्ता खाद्य अधिकारी अजय यादव, डी ऍम ओ आशुतोष, नान नोडल अधिकारी आशीष शर्मा मौजूद थे।
- रायपुर l खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु धान खरीदी का शुभारंभ अवसर पर जशपुर जिले के गम्हरिया चौक स्थित धान खरीदी केंद्र में ग्राम झीलिंग के किसान श्री गंगा यादव ने सर्वप्रथम अपना धान विक्रय किया। उन्होंने कहा कि धान से मिले पैसों से खुद के लिए वाहन खरीदूंगा lकिसान श्री गंगा यादव ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष लगभग 150 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा था, जिससे प्राप्त लाभ से उन्होंने एक दुकान की शुरुआत कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना। उन्होंने कहा कि इस वर्ष वे वाहन क्रय करने की योजना बना रहे हैं। श्री यादव ने शासन द्वारा खरीदी केंद्रों में की गई सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र में सभी व्यवस्थाएँ सुव्यवस्थित रूप से उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में माइक्रो-एटीएम सुविधा, टोकन ‘तुंहर द्वार’ व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, ताकि किसानों को धान विक्रय प्रक्रिया में आसानी और पारदर्शिता मिल सके। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में 15 नवम्बर से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो गया है। जशपुर जिले मे किसी भी समिति में किसानों को तकलीफ नहीं है lआसानी से टोकन मिल रहा है और किसान निर्धारित दिवस धान समिति में लेकर आ रहे हैं l
- -ग्रामीण व शहरी युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसरमहासमुंद / प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को स्वयं का उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करना है। योजना के अनुसार निर्माण क्षेत्र हेतु अधिकतम 50 लाख रुपये तथा सेवा क्षेत्र हेतु अधिकतम 20 लाख रुपये तक बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। कम लागत वाले उद्योगों को प्राथमिकता दी जाती है। आवेदन ऑनलाइन के माध्यम से प्राप्त कर बैंक को प्रेषित किए जाते हैं। ऋण स्वीकृत होने पर शहरी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 35 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।निर्माण क्षेत्र में स्थापित किए जा सकने वाले प्रमुख उद्योगों में फ्लाई एश ब्रिक्स, स्टोन कटिंग एवं पॉलिशिंग, अगरबत्ती निर्माण, साबुन—वाशिंग पाउडर निर्माण, फेब्रिकेशन वर्क, दोना—पत्तल निर्माण, फर्नीचर एवं आलमारी निर्माण, स्टील रैक, कूलर निर्माण, पेपर कन्वर्टिंग (नोटबुक—रजिस्टर), इंजेक्शन मोल्डिंग प्लास्टिक आइटम, सीमेंट पोल—टाइल्स, चैन लिंक फेंसिंग, वर्मी कम्पोस्ट, गोबर पेंट, बैग निर्माण, जूता—चप्पल निर्माण आदि इकाइयाँ शामिल हैं। सेवा क्षेत्र में पात्र प्रमुख कार्य टेंट हाउस, शाकाहारी होटल/ढाबा, विभिन्न रिपेयरिंग व सर्विसिंग कार्य, मोटर बाइंडिंग, मोबाइल रिपेयरिंग, ड्राईक्लीनिंग, गैस चूल्हा—रेफ्रिजरेटर—एसी रिपेयरिंग, च्वाइस सेंटर, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, पेंसेंजर वाहन संचालन, मुर्गी पालन, मछली पालन आदि शामिल है। ऑनलाइन आवेदन वेबसाइट www.kviconline.gov.in के PMEGP e-Portal में Agency – DIC का चयन कर किए जा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुंद या मोबाइल नंबर 9806387523, 7587724731 एवं 7987379574 पर कार्यालयीन समय पर संपर्क किया जा सकता है। कार्यालय द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी गैर-शासकीय व्यक्ति को आवेदन प्रक्रिया हेतु अधिकृत नहीं किया गया है।
- -बिना वैध दस्तावेज के किया जा रहा था परिवहनरायपुर । सूरजपुर जिले में धान के अवैध परिवहन को लेकर निरंतर कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त जांच टीम ने ग्राम कृष्णपुर में कार्रवाई करते हुए बिना वैध दस्तावेज के फोर्टिफाइड मिक्स्ड चावल का परिवहन करते एक पिकअप वाहन को पकड़ा। जांच के दौरान वाहन से कुल 48 बोरी, लगभग 25 क्विंटल चावल जब्त किया गया।टीम ने आवश्यक कागजात प्रस्तुत न किए जाने पर चावल तथा पिकअप वाहन दोनों को जप्त कर आगे की विधिक कार्रवाई हेतु पुलिस थाना सूरजपुर भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सभी कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि जिले में धान और खाद्यान्न के अवैध परिवहन पर सख्त निगरानी रखते हुए करवाई सुनिश्चित करें ।
- -भगवान बिरसा मुंडा धरती आबा-स्वाभिमान, साहस और परंपरा के प्रतीक - कैबिनेट मंत्री श्री यादवरायपुर ।जनजातीय गौरव दिवस 2025 का प्रभाव आज भी पूरे क्षेत्र में दिखाई दे रहा है, जहां जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराएँ, कला, संस्कृति और जीवन मूल्यों का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोकनृत्य महोत्सव ने पूरे माहौल को उत्सवी रंगों से भर दिया। रायगढ़ जिले में कल आयोजित जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक भवन ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट परिसर में हुए इस आयोजन में सुबह से ही जनजातीय कलाकारों, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की बड़ी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री गजेंद्र यादव शामिल हुए। मुख्यमंत्री के संदेशों के वाचन के पश्चात मंच पर प्रस्तुत किए गए मुरिया, पंथी, सरहुल और कर्मा नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक वाद्यों की धुनों और जनजातीय परिधानों की आभा ने समूचे वातावरण को सांस्कृतिक उल्लास से भर दिया। जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस का यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की अस्मिता, विरासत और एकता का एक अद्भुत पर्व सिद्ध हुआ। रायगढ़ में संस्कृति का यह विराट उत्सव आने वाले वर्षों तक जन-मानस में अपनी अमिट छाप छोड़ता रहेगा।मंत्री श्री यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि “एक चेतना, एक विचार और एक क्रांति” हैं। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा की संघर्षगाथा और नेतृत्व क्षमता ने आदिवासी समाज की अस्मिता और स्वाभिमान को नई दिशा दी। उन्होंने जनजातीय समाज की प्रकृति-संवेदी जीवनशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि ऋतु परिवर्तन, जंगल की आहट और प्राकृतिक संकेतों को पहचानने की जो अद्भुत क्षमता जनजातीय समाज में है, वह दुनिया के लिए आज भी अध्ययन का विषय है। अंडमान-निकोबार के जारुवा समुदाय द्वारा सुनामी से पहले दी गई चेतावनी इसका एक जीवंत उदाहरण है।शिक्षा मंत्री श्री यादव ने आगे कहा कि सभ्यताओं का पतन तब होता है, जब उनकी भाषा, संस्कृति और ज्ञान पर प्रहार होता है। इसलिए आदिवासी समाज को अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को कभी नहीं छोड़ना चाहिए, यही उसकी विशिष्ट पहचान और आने वाली पीढ़ियों की धरोहर है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित जनजातीय कलाकारों, समाज प्रमुखों, वरिष्ठजन और प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।कार्यक्रम में सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो, श्री गोपाल अग्रवाल, श्री ब्रजेश गुप्ता, श्रीमती रजनी राठिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उत्तर छत्तीसगढ़ जनजातीय लोकनृत्य महोत्सव में तमनार के मौहापाली, देवगढ़, घरघोड़ा, पुसौर, खरसिया, लैलूंगा, रायगढ़ और धरमजयगढ़ के दलों ने पारंपरिक कर्मा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का हृदय जीत लिया। जनजातीय वेशभूषा, लोकवाद्यों की मधुर लय और सामूहिक नृत्य की लयबद्धता ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में कार्यक्रम में समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
- -प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शनरायपुर। रायपुर जिले में अभनपुर के पी.एम. श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय छत्तीसगढ़ शासन की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था का उज्ज्वल उदाहरण बनकर उभर रहा है। विद्यालय द्वारा शैक्षणिक, सह-पाठ्यक्रम तथा अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए नई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। शासन द्वारा संचालित सरस्वती सायकल योजना, मध्यान्ह भोजन, महतारी दुलार योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को मिल रहा है, जिससे उनके शैक्षणिक भविष्य को मजबूती मिली है।आधुनिक अधोसंरचना और शैक्षणिक सुविधाएँविद्यालय में लगभग 5000 पुस्तकों से युक्त समृद्ध पुस्तकालय, पूर्ण सुसज्जित विज्ञान प्रयोगशाला तथा 25 कंप्यूटरों से सुसज्जित आधुनिक कंप्यूटर लैब उपलब्ध है। ये सुविधाएँ विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के साथ सीखने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करती हैं। विद्यालय परिसर में स्वच्छता एवं हरियाली पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसके अंतर्गत कई पौधों का रोपण कर उनकी नियमित देखभाल की जाती है।विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षित शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिकाविद्यालय में विषय विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षित शिक्षक कार्यरत हैं, जो नियमित रूप से विभिन्न प्रशिक्षण, वेबिनार और कार्यशालाओं के माध्यम से अपनी शिक्षण पद्धतियों को और अधिक उन्नत करते रहते हैं। शिक्षकों की मेहनत, ईमानदारी और समर्पण से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो रहा है।प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शनविद्यालय के विद्यार्थियों ने राज्य, जिला एवं संभाग स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यालय ने संभाग स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्केटिंग प्रतियोगिता 2025 में छात्र गगन देवांगन ने राज्य स्तरीय सफलता अर्जित कर राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित होकर विद्यालय को नई पहचान दिलाई। वहीं, NMMSE 2025 परीक्षा में रोशन वर्मा और हर्षा साहू ने प्रवीण्य सूची में स्थान प्राप्त किया। हाई स्कूल परीक्षा 2025 में छात्रा सुनीधि नेताम ने 93.3 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अनुसूचित जनजाति वर्ग मेरिट सूची में स्थान बनाकर विद्यालय को गौरवान्वित किया।अधोसंरचना विकास में लगातार प्रगतिविद्यालय में विधायक मद से सांस्कृतिक मंच, चबूतरा निर्माण, वाटर कूलर स्थापना, पेयजल पाइप लाईन विस्तार, मध्यान्ह भोजन कक्ष का जीर्णाेद्धार तथा नए पुस्तकालय कक्ष का निर्माण निरंतर प्रगति पर है। बाउंड्रीवाल विस्तार का कार्य भी प्रस्तावित है।सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से मिलता है समग्र अनुभवविद्यालय में योग, संगीत, मॉडल निर्माण, पैरेंट्स-टीचर मीटिंग, परामर्श सत्र और परियोजना आधारित शिक्षण जैसी गतिविधियाँ नियमित रूप से संचालित की जाती हैं। विद्यार्थियों को ज्ञानवर्धन के लिए शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। ग्रीष्मकाल में आयोजित समर कैंप में गीत, संगीत, पेंटिंग, ड्राइंग तथा पाक कला जैसे कई रचनात्मक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया गया।प्रगति की सतत यात्रापी.एम. श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, अभनपुर अपनी उत्कृष्टता, समर्पित शिक्षक, आधुनिक संसाधनों और सफल छात्रों के दम पर तेजी से शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। विद्यालय की यह उपलब्धियाँ इसे जिले ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में एक आदर्श शिक्षण संस्थान के रूप में स्थापित कर रही है।
- रायपुर । वन मंत्री श्री केदार कश्यप और जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कल शाम केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के आगामी 19 नवम्बर को निर्धारित धमतरी प्रवास के लिए की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान वन मंत्री श्री कश्यप और मंत्री श्री वर्मा ने आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम स्थल डॉ. शोभाराम देवांगन हायर सेकेंडरी स्कूल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने मंच निर्माण, स्टॉलों की व्यवस्था, पार्किंग स्थल, आगमन मार्ग, अतिथियों के बैठने की व्यवस्था सहित अन्य तैयारियों का बारिकी से अवलोकन कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।मंत्रीद्वय ने हेलीपेड स्थल की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने अब तक हुई तैयारियों और सभी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। वन मंत्री श्री कश्यप ने निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम को सुचारु, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने मंच, प्रवेश मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, पेयजल व्यवस्था और स्टॉलों की सुव्यवस्थित स्थापना पर विशेष ध्यान देने के भी निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि सभी व्यवस्थाओं में समयबद्धता, स्वच्छता और आगंतुकों की सुविधा को सर्वोपरि रखा जाए। इस अवसर पर महापौर श्री रामू रोहरा, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, पुलिस अधीक्षक, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
- -पी.एम. श्री जवाहर नवोदय विद्यालय के थर्ड सीजी एनसीसी एयर स्क्वाड्रन के कैडेट्स जगदलपुर में उड़ान का प्रशिक्षण कर रहे हैं प्राप्तरायपुर । युवाओं का आसमान में उड़ान भरने का सपना अब तेजी से साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों का परिणाम है कि जशपुर जिले के पी.एम. श्री जवाहर नवोदय विद्यालय को थर्ड सीजी एनसीसी एयर स्क्वाड्रन की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसी क्रम में यहां के एनसीसी कैडेट्स अब जगदलपुर में अगले चरण का उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। विद्यालय के पांच कैडेट्स आकाश बंजारे, आर्यन निकुंज, अथर्व भगत, अंश कुमार भगत और उत्कर्ष यहां पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनके कोच कमलेश विश्वकर्मा है।विभिन्न उड़ान कोर्सों का दिया जा रहा है प्रशिक्षणपहले जशपुर में पहली बार रायपुर के बाहर बेस फ्लाइंग ट्रेनिंग का प्रथम चरण सफलतापूर्वक आयोजित हुआ था। अब दूसरे चरण के लिए जगदलपुर को चयनित किया गया है। आगामी चरण अंबिकापुर, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई में प्रस्तावित हैं। यह सभी आयोजन रायपुर ग्रुप तथा मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ एनसीसी निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण सिंगल इंजन ट्वीन सीटर वायरस एसडब्ल्यू 80 विमान से विभिन्न उड़ान कोर्सों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस माइक्रोलाइट विमान में उड़ान भरना कैडेट्स के लिए न केवल हवाई प्रशिक्षण का पहला अवसर है, बल्कि सीमित समय और नियंत्रित वातावरण में उनके निर्णय लेने के कौशल को विकसित करने का महत्वपूर्ण साधन भी है।कैडेट्स राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जुड़ने दे रहे हैं संदेशप्रशिक्षण कार्यक्रम में सेना, भारतीय वायुसेना, जिला प्रशासन तथा पुलिस विभाग का सतत सहयोग मिल रहा है। साथ ही कैडेट्स को एनसीसी के मूलमंत्र एकता और अनुशासन को आत्मसात करते हुए राज्य के भविष्य, विकास और राष्ट्रनिर्माण की मुख्यधारा से जुड़ने का संदेश भी दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने जेएनवी के एयर एनसीसी के लिए चयनित 25 विद्यार्थियों को एनसीसी कैडेट्स का बैच लगाकर पंजीयन की थी शुरुआतमुख्यमंत्री ने विगत दिवस पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय के एयर एनसीसी के लिए चयनित 25 मेधावी विद्यार्थियों को एनसीसी कैडेट्स का बैच लगाकर पंजीयन की शुरुआत की थी। इनमें 13 बालिकाएं और 12 बालक शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने एनसीसी दिवस समारोह के दौरान इच्छा व्यक्त की थी कि छत्तीसगढ़ में केवल रायपुर में ही एयर एनसीसी और उड़ान का प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि जगदलपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और जशपुर जैसे स्थानों पर भी हवाई पट्टियों की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री की इस पहल के सकारात्मक परिणामस्वरूप मार्च माह में जशपुर आगडीह हवाई पट्टी को 3 सीजी एयर एनसीसी स्क्वाड्रन के लिए स्वीकृति प्रदान की गई और एक माइक्रोलाइट विमान को प्रशिक्षण हेतु जशपुर भेजा गया। इस दौरान लगभग 100 कैडेट्स को उड़ान का वास्तविक अनुभव प्रदान किया।
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*धान खरीदी को पर्व के रूप में मनाएं, सभी अधिकारी कर्मचारी पूर्ण मनोयोग से करें कार्य: कलेक्टर डॉ गौरव सिंह*
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में धान खरीदी की शुरूआत हो चुकी है। जिले के 139 उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए है। किसानों को बैठने के लिए विश्राम गृह, पीने के पानी एवं शौचालय सहित सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई गई है। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने आज धान खरीदी केन्द्रों में लगाए गए नोडल अधिकारी एवं समिति प्रबंधकों, पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी और पंचायत सचिव इत्यादि की बैठक ली।डॉ गौरव सिंह ने उन्हें संबोधित करते हुए कहा कि धान खरीदी वर्तमान शासन की सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। धान खरीदी को हम पर्व की तरह मनाएं, इस कार्य में योगदान देने वाले सारे अधिकारी-कर्मचारी पूर्ण मनोयोग से क्रियान्वित करें। हम सब एक परिवार की तरह हैं। पहले भी शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं, अभियान और कार्य को हमने सफलता पूर्वक क्रियान्वित पूरा किया है, इसे भी मिलकर अच्छे से करेंगे। धान खरीदी केन्द्रों में हर संभव व्यवस्था की गई है। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर मार्गदर्शन प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि तकनीकी सहायता से लिए जिला प्रशासन द्वारा तकनीकी सहायता के लिए प्रशिक्षण वीडियो भी तैयार किया जा रहा हैै। डॉ सिंह ने कहा कि शासन द्वारा एस्मा लागू किया गया है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुशासनहीनता किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है और आगे भी ऐसी कार्रवाई की जाएगी। यह प्रयास करें कि केन्द्र में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की तकलीफ न हो। ताकि वे अच्छी तरह से धान विक्रय कर सकें।एसएसपी डॉ लाल उम्मेद सिंह ने कहा कि धान खरीदी के कार्य को सारे विभाग समन्वय बनाकर कार्य करेंगे। कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर पुलिस को सूचित करें। इस कार्य पर बाधा डालने वाले तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे है। -
टी सहदेव
भिलाई नगर। तालपुरी बी ब्लॉक के बैडमिंटन ग्राउंड में खेले गए अटल बिहारी वाजपेयी बैडमिंटन चैंपियनशिप के फायनल मैच में सब जूनियर ग्रुप में के वंशिका और जूनियर ग्रुप में रवीना देवांगन ने जीत कर खिताब अपने नाम दर्ज किया है। बालिका वर्ग के ये दोनों ही मैच एकतरफा रहे। तीन सेटों के सब जूनियर ग्रुप में के वंशिका ने मृणाल ऊर्वषा को 21-10, 21-08 के स्कोर से जबकि, जूनियर ग्रुप में रवीना देवांगन ने अक्षिता अवचट को 21-09, 21-06 के स्कोर से पराजित कर दिया। विजेताओं को डीसी गढ़ेवाल ने अपने पिता की स्मृति में तथा उप विजेताओं को आरएस कन्नौजिया ने अपने माता-पिता की स्मृति में प्रदान करने के लिए कप की व्यवस्था की थी।*सत्तर खिलाड़ियों का पंजीयन*पहली बार हुए इस टूर्नामेंट में लगभग सत्तर खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया था, जिनमें पुरुष वर्ग के खिलाड़ियों की संख्या ज्यादा है। विजेता खिलाड़ियों को सिविक सेंटर पोस्ट ऑफिस की प्रवर अधीक्षक सीमा श्रीवास्तव ने मैडल और कप प्रदान किया। सीमा श्रीवास्तव ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं संरक्षक कुबेर देशमुख, संयोजक ओपी मिश्रा एवं तकनीकी सलाहकारों असीम सिंह, महेश विश्वकर्मा, गजानन अवचट, संजय ढवस सहित पूरी टीम की सराहना की। बच्चों में मोबाइल की लत को छुड़ाने के लिए बैडमिंटन अकादमी और तालपुरी बी ब्लॉक एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में यह टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन 01 नवंबर को सांसद प्रतिनिधि पप्पू चंद्राकर ने किया था।*क्वालीफाइंग मैच के परिणाम*इससे पहले सब जूनियर ग्रुप में अंशुमन पाढ़ी और आदित्य सिंह के बीच हुए मुकाबले में अंशुमन ने 21-08, 21-14 के स्कोर से जीत दर्ज की, वहीं जूनियर ग्रुप में गौरव देवांगन ने अनिल कुमार गवेल को 21-09, 21-09 के स्कोर से शिकस्त देकर उसका सफर खत्म कर दिया। इस ग्रुप का एक अन्य मैच भी एकतरफा रहा, जिसमें रोयन राम ने सम्यक बोरकर को 21-01, 21-08 के स्कोर से आसानी से पराजित कर दिया। सबसे ज्यादा रोमांचक मुकाबला जूनियर ग्रुप के दिव्यांश राॅय चौधरी और श्रेयस गायकवाड़ के बीच हुआ, जिसमें दिव्यांश ने अपने विरोधी को 21-13, 19-21 तथा 21-15 के स्कोर से हार का स्वाद चखाया। उधर सीनियर ग्रुप में शीतल दास ने गजानन अवचट को 21-11, 21-15 के स्कोर से पटकनी दी। -
भिलाई नगर। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा पूजा विश्वकर्मा को उनके शोध प्रबंध ‘हिंदी उपन्यासों में तृतीय लिंगी के जीवन का चित्रण (महिला उपन्यासकारों की रचनाओं के विशेष संदर्भ में )’ विषय पर डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई | जुनवानी में रहने वाली पूजा ने अपना शोध प्रबंध डॉक्टर शैलेन्द्र ठाकुर के निर्देशन और डॉक्टर सुधीर शर्मा के सह निर्देशन में शोध केंद्र हिन्दी विभाग कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय भिलाई से पूर्ण किया। बाह्य परीक्षक के रूप में बनारस से आए प्रोफ़ेसर रमेशचंद्र पाठक ने इस नवीन विषय की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे विषयों का चुनाव करना हिम्मत की बात है वह भी एक लड़की के लिए | पीएचडी तो सभी कर लेते हैं परंतु सामाजिक अस्वीकार्यता की पीड़ा सहन करने वाले थर्ड जेंडर से जुड़े जटिल विषयों पर कार्य करना एक चुनौती है, जिसे पूजा ने बख़ूबी निभाया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव डॉ राजमणि पटेल, सहायक संचालक डॉ सुमीत अग्रवाल, सहायक प्राध्यापक डॉ फिरोजा जाफर अली, डॉ अंजन कुमार, शोधार्थी आदि उपस्थित थे। पूजा विश्वकर्मा नवीन शर्मा की पत्नी हैं।
- -साइंस कॉलेज मैदान में स्वदेशी मेला का मुख्यमंत्री ने किया अवलोकन-कारीगरों, स्व-सहायता समूहों एवं युवा उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना-प्रदेश में स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए यूनिटी मॉल का किया जा रहा निर्माण-हर घर स्वदेशी–हर हाथ स्वदेशी का संकल्प लेने जनता से आव्हानरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज बिलासपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित सात दिवसीय स्वदेशी मेला का अवलोकन करने पहुंचे। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच परिवार, बिलासपुर द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत माता, भगवान बिरसा मुंडा और राष्ट्रऋषि श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने स्वदेशी स्टालों का अवलोकन किया और कारीगरों, स्व-सहायता समूहों एवं युवा उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि प्रदेश की आर्थिक धुरी को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।स्वदेशी मेला में स्थानीय परंपराओं के संवर्धन, ग्रामीण-शहरी उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। हस्तशिल्प, कोसा वस्त्र, ढोकरा एवं बेलमेटल कला, गृह सज्जा सामग्री, जैविक उत्पाद और पारंपरिक व्यंजनों से सजे स्टॉलों ने आगंतुकों का विशेष आकर्षण खींचा। मेले में प्रदर्शित हस्तनिर्मित उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “न्यायधानी बिलासपुर में स्वदेशी मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता और आत्मसम्मान का उत्सव है।” उन्होंने स्वदेशी जागरण मंच के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी को नमन करते हुए कहा कि मंच द्वारा स्वदेशी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि मंच के पदाधिकारी वर्षों से प्रदेश के विभिन्न शहरों में स्वदेशी मेलों का आयोजन करते आ रहे हैं। इस वर्ष पहली बार बस्तर में भी स्वदेशी मेला आयोजित हुआ, जिसमें गृहमंत्री श्री अमित शाह भी शामिल हुए।उन्होंने कहा कि स्वदेशी की शक्ति को सबसे पहले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने पहचाना था। महात्मा गांधी जी ने चरखा चलाकर स्वराज और स्वदेशी को जनांदोलन बनाया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वदेशी एक विचार है, जो हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है और राष्ट्र की आत्मा को मजबूती देता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी आंदोलन को नई ऊर्जा दी। ‘लोकल फॉर वोकल’ के आह्वान ने देशभर में स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन को गति प्रदान की। आत्मनिर्भर भारत अभियान ने स्वदेशी निर्माण और उद्यमिता को मजबूती दी। ‘मेक इन इंडिया’ और कौशल विकास अभियान ने लाखों युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए।मुख्यमंत्री ने कहा कि “यदि हम विदेशी वस्तुएं खरीदेंगे तो हमारा पैसा विदेश जाएगा, इसलिए स्वदेशी अपनाना राष्ट्रहित में अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने व्यापारियों से भी आग्रह किया कि वे अपनी दुकानों में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता से प्रदर्शित एवं विक्रय करें, ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का कोसा, ढोकरा आर्ट और बस्तर का बेलमेटल आज वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। हमारे स्व-सहायता समूहों की बहनें उच्च गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर रही हैं, जिनकी मांग स्थानीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बढ़ रही है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है, जहाँ कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का बड़ा मंच मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वदेशी केवल आर्थिक सोच नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा, एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और आत्मनिर्भरता की आधारशिला है। वैश्वीकरण की प्रतिस्पर्धा के दौर में भी स्वदेशी उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और विदेशी बाजारों में भी छत्तीसगढ़ के उत्पाद अपनी छाप छोड़ रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा—“आइए, हम सब मिलकर हर घर स्वदेशी–हर हाथ स्वदेशी का संकल्प लें। यही आत्मनिर्भर भारत, मजबूत छत्तीसगढ़ और समृद्ध समाज का पथ है।” मुख्यमंत्री ने स्वदेशी जागरण मंच, उद्यमियों, स्व-सहायता समूहों, कुटीर उद्योगों और उपभोक्ताओं को स्वदेशी आंदोलन को मजबूत करने तथा मेले को सफल बनाने के लिए बधाई और धन्यवाद दिया।मुख्यमंत्री ने स्वदेशी मेला में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अंतर्गत 04 हितग्राहियों को प्रथम ऋण राशि वितरित की।केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने स्वदेशी जागरण मंच को कार्यक्रम की दिव्यता और निरंतरता के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में इस आयोजन ने वास्तविक रूप से एक विशाल मेले का स्वरूप ग्रहण कर लिया है, जो स्वदेशी विचारधारा की जनस्वीकृति को दर्शाता है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को देश की नई दिशा बताया। उन्होंने कहा कि “अब हमें केवल आर्थिक आज़ादी ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आज़ादी की ओर भी आगे बढ़ना है। आत्मनिर्भर भारत का मूल मंत्र यही है कि हम स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग बढ़ाएं, स्थानीय उत्पादों को सम्मान दें और अपनी जड़ों से जुड़े रहें।”विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई में स्वदेशी आंदोलन ने निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने महात्मा गांधी के पहले स्वदेशी अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि “गांधी जी जब दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे, तब विदेशी कपड़ों की पहली बार सार्वजनिक होली जलाकर यह संदेश दिया कि देश को आत्मनिर्भर बनने के लिए स्वदेशी अपनाना आवश्यक है।”विधायक श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच द्वारा वर्ष 1991 में प्रारंभ की गई पहल आज देश के आत्मनिर्भर भारत अभियान की आधारशिला बन चुकी है। उन्होंने कहा कि उस समय स्वदेशी का संदेश एक आंदोलन था, आज यह राष्ट्र के आर्थिक स्वाभिमान का मूल मंत्र बन गया है। विधायक अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य तभी संभव है जब देश के नागरिक भारत में निर्मित उत्पादों के उपयोग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।कार्यक्रम के समापन में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री प्रवीण झा ने स्वागत भाषण दिया। वहीं श्री सुब्रत चाकी ने स्वदेशी मेला का प्रस्तावना प्रस्तुत किया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष श्री राजा पांडेय, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएंरायपुर /छत्तीसगढ़ के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओडिशा के सुंदरगढ़ में 11 नवंबर से 15 नवंबर 2025 तक आयोजित चौथी राष्ट्रीय कीड़ा प्रतियोगिता में पूरे देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों के लगभग 7000 खिलाड़ियों ने भाग लिया। छत्तीसगढ़ राज्य के 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में विद्यालय, जिला, संभाग एवं राज्य स्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद 466 प्रतिभागियों सहित कुल 516 सदस्यीय दल इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सम्मिलित हुए।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य में जनजातीय शिक्षा, खेल संसाधनों के सुदृढ़ीकरण तथा युवा खिलाड़ियों के निरंतर प्रोत्साहन की दिशा में सरकार के प्रयासों का परिणाम है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ओडिशा में आयोजित चौथे EMRS राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता 2025 में छत्तीसगढ़ राज्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए समग्र रूप से दूसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि राज्य के युवा खिलाड़ियों की अथक मेहनत, समर्पण और उत्कृष्ट कौशल का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की पूरी टीम को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार, उन्नत प्रशिक्षण, कोचिंग और आवासीय विद्यालयों में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन तथा अभिभावकों के प्रति भी आभार जताया, जिन्होंने बच्चों को राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।प्रतियोगिता में प्रदेश के विद्यार्थियों ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए 55 स्वर्ण, 43 रजत एवं 64 कांस्य पदक, कुल 162 पदक हासिल किए और राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का परचम ऊँचा किया। विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया—स्वीमिंग में 10 स्वर्ण, 09 रजत व 07 कांस्य, कुश्ती एवं एथलेटिक्स में 07-07 स्वर्ण, ताईक्वांडो एवं तीरंदाजी में 05-05 स्वर्ण, तथा जूडो एवं बैडमिंटन में 04-04 स्वर्ण पदक प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की।प्रतियोगिता के समापन अवसर पर ओड़िशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण मांझी एवं केन्द्रीय मंत्री श्री जुएल ओराम द्वारा छत्तीसगढ़ की प्रतिभागी टीम को ट्रॉफी प्रदान की गई। यह उपलब्धि प्रदेश के विद्यार्थियों की प्रतिबद्धता, लगन और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का प्रत्यक्ष प्रमाण है।उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 27,300 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में बेहतर शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी सतत प्रयास का परिणाम है कि आज एकलव्य विद्यालयों के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पटल पर शानदार सफलता प्राप्त करते हुए आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग सहित पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।राष्ट्रीय प्रतियोगिता में इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, आयुक्त डॉ.सारांश मित्तर ने भी सभी विजेता छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
- -48वां रावत नाचा महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्रीरायपुर / बिलासपुर के लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में 48वें रावत नाचा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। नाचा महोत्सव में शामिल होने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय लाल बहादुर शास्त्री शाला प्रांगण पहुंचे। आगमन पर महोत्सव के संरक्षक श्री कालीचरण यादव एवं समिति के पदाधिकारियों द्वारा पुष्पहार पहनाकर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री एवं अतिथियों ने भगवान श्रीकृष्ण के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, चंद्रपुर विधायक श्री रामकुमार यादव, कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव, मस्तूरी विधायक श्री दिलीप लहरिया तथा महापौर सुश्री पूजा विधानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय पारंपरिक रावत नाचा वेशभूषा में मंच पर पहुंचे और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि “यदुवंशी समाज वह समाज है, जहां प्रभु श्रीकृष्ण ने जन्म लिया। छत्तीसगढ़ की नृत्य–गायन परंपरा हमारी सांस्कृतिक समृद्धि और एकता का सजीव प्रतीक है।” मुख्यमंत्री ने ‘तेल फूल में लइका बाढ़े…’ दोहा गाकर यदुवंशी समाज एवं नर्तन दलों को आशीर्वचन भी दिया।केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने रावत नाचा को यदुवंशी समाज के शौर्य, संस्कृति और कला का अप्रतिम प्रदर्शन बताया तथा मंच से दोहे गाकर सभी को शुभकामनाएँ दीं। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि “48 वर्षों से इस गौरवशाली परंपरा को बनाए रखना समाज की एकजुटता, अनुशासन और सांस्कृतिक गर्व का प्रमाण है।” उन्होंने समस्त समाज एवं नर्तक दलों को शुभकामनाएँ दीं।बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि “रावत नाचा बिलासपुर की 48 वर्षों की गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण समिति द्वारा निरंतर किया जा रहा है। समाज के मंगल और सद्भाव के लिए यदि कोई समाज सतत प्रयासरत है, तो वह यादव समाज है।” उन्होंने सभी को महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि “बिलासा की पावन धरा पर रावत नाचा महोत्सव का आयोजन होना सौभाग्य की बात है। यदुवंशी समाज के लोग घर–घर जाकर सर्व समाज की मंगलकामना करते हैं।” उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने हेतु मुख्यमंत्री का आभार जताया।महोत्सव के संरक्षक डॉ. कालीचरण यादव ने स्वागत उद्बोधन देते हुए रावत नाचा की गौरवशाली परंपरा पर प्रकाश डाला और कहा कि पिछले 47 वर्षों से रावत नाचा महोत्सव यदुवंशी समाज की संस्कृति, सम्मान और सांस्कृतिक पहचान का मजबूत प्रतीक बना हुआ है।पारंपरिक वेशभूषा में नर्तक दलों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय पारंपरिक वेशभूषा में राउत नाचा दलों के बीच पहुंचे और ढोल–नगाड़ों की गूंजती धुन पर उनके साथ झूमकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने नर्तक दलों की मनमोहक प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि रावत नाचा जैसी सांस्कृतिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी और हमारी परंपराओं को सदैव जीवित रखेगी।
- -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के जनजातीय समाज को किया संबोधित-हितग्राही मूलक योजनाओं से हितग्राहियों को किया गया लाभांवित, उत्कृष्ट कार्य करने वाले हुए सम्मानित-जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम मिनी स्टेडियम मोहला में हुआ आयोजितमोहला । स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती के अवसर पर आज जिले में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन मिनी स्टेडियम मोहला में किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए एवं वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के जनजातीय समुदाय को संबोधित किया। मोहला-मानपुर अंबागढ़ चौकी में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक अहिवारा श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा उपस्थित रहें।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए जनजातीय गौरव दिवस की देशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जन्म जयंती के अवसर पर आज पूरे देश में जनजातीय गौरव दिवस उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन, धरती आबा जैसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शासन प्राथमिकता के साथ जनजातीय क्षेत्र में विकास हेतु कार्य कर रही है। उन्होंने आज एकलव्य आवासीय विद्यालय, सड़क यातायात से जुड़े परियोजनाएं, बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी जैसे विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए कहा कि इससे जनजातीय क्षेत्र में विकास को नई गति मिलेगी और इसका लाभ जनजातीय समुदाय को मिलेगा।जिला स्तरीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जनजाति समुदाय की संस्कृति बहुमूल्य एवं समृद्ध है। उन्होंने कहा कि आज के बदलते परिवेश में इसे संवर्धन और संरक्षण की आवश्यकता है। उन्होंने भारतीय समाज पर जनजातीय समुदाय के योगदान, कृतित्व और अविस्मरणीय योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनजाति समुदाय ने भारत को गौरवान्वित करने का ऐतिहासिक काम किया है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी से लेकर विभिन्न क्षेत्र में जनजातीय समाज ने योगदान दिया है। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर उनके कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय समुदाय में देश की गुलामी के बंधन को तोड़कर आजादी का अलख जगाया। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सबका साथ सबका विकास के संकल्प को पूरा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद वनांचल क्षेत्र में तेजी से विकास को गति मिली है। जल जंगल जमीन जनजाति समाज की विशिष्ट पहचान है। जनजाति समाज अपने विशिष्ट परंपरा संस्कृति रीति-रिवाज को सहेज कर आगे बढ़ रहा है। मौके पर विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने मुख्यमंत्री के पाती का पठन भी किया।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के विकासखंड मानपुर में एकलव्य विद्यालय, 50 सीटर प्री. मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रवास आतरगांव एवं 50 सीटर प्री. मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रवास मानपुर का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्री लखन लाल कलामें, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सविता सोरी, पुनउराम फुलकंवरे, जिला पंचायत सदस्य श्री नरसिंग भंडारी, सरपंच श्री गजेन्द्र पुरामें, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक श्री यशपाल सिंह, डीएफओ श्री दिनेश पटेल, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चन्द्राकर, अपर कलेक्टर श्री जीआर मरकाम, डिप्टी कलेक्टर श्री डीआर ध्रुव, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, जनजातीय समाज प्रमुख, गणमान्य नागरिक एवं जनसामान्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहें।स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन, समाज प्रमुख, प्रतिभावान छात्र-छात्राएं एवं उत्कृष्ठ कार्य करने वाले हुए सम्मानितजिला स्तरीय जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रम के अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन, समाज प्रमुख, प्रतिभावान छात्र-छात्राएं एवं उत्कृष्ठ कार्य करने वालो को सम्मानित किया गया। इसी तरह जनजातीय कंडरा, उरांव, सोनझरिया, गोंड, कंवर एवं हल्बा समाज के प्रमुखों का सम्मान किया गया। आदिवासी समाज के पारंपरिक बैगा एवं जनजातीय परंपरा के संरक्षकों को भी मंच से सम्मान प्रदान किया गया। इसके साथ ही आदि कर्मयोगी अभियान में सहयोग देने वाले व्यक्तियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान जनजातीय समुदाय के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास पूर्णता प्रमाण-पत्र एवं आवास की चाबी देकर सम्मानित किया गया। समारोह में श्रीमती तीजन बाई ग्राम खड़खड़ी ने अपने समूह जय पाटेश्वर धाम के साथ मंच पर अपनी सफलता की प्रेरक कहानी साझा की।
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बालोद/ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का बालोद जिले के धान उपार्जन केंद्र कुसुमकसा में विधिवत रूप से शुभारंभ कर दिया गया है। सांसद श्री भोजराज नाग ने उपार्जन केंद्र कुसुमकसा पहुंचकर किसानों का फूलमाला व गमछा पहनाकर स्वागत किया। जिसके पश्चात छत्तीसगढ़ महतारी की विधिवत पूजा कर धान खरीदी कार्य का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्री सुनील चंद्रवंशी सहित अन्य संबंधित अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
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- सांसद, विधायक, प्रभारी सचिव, कमिश्नर एवं कलेक्टर ने किया किसानों से धान खरीदी
दुर्ग/ प्रदेश के साथ आज से दुर्ग जिले में किसानों का महापर्व धान खरीदी तिहार प्रारम्भ हो गया है। सहकारी समिति मर्यादित चंदखुरी में सांसद श्री विजय बघेल, दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर के आतिथ्य एवं जिले के प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा, कमिश्नर श्री एस.एन. राठौर, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में धान खरीदी का विधिवत शुभारंभ किया गया। सांसद, विधायक एवं अधिकारियों ने उपार्जन केंद्र में छत्तीसगढ़ महतारी और भगवान बलराम के छाया चित्र, तौल यंत्र का पूजा अर्चना दीप प्रज्ज्वलित व श्रीफल तोड़कर किसानों से धान खरीदी प्रारंभ किये।
आज उपार्जन केंद्र चंदखुरी में किसान श्री राजेन्द्र चंद्राकर, श्री अखिल कुमार, श्री भानु प्रताप, श्री भगोली राम, श्री ओमप्रकाश और श्री विश्वनाथ से 507.86 क्विंटल धान की खरीदी की गई। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने मौके पर धान बोरे का तौल एवं धान की नमी का माप किया। तौल में बोरे में धान का वजन 40 किलो 700 ग्राम औऱ नमी 13 प्रतिशत होना पाया गया। 15 नवम्बर से 31 जनवरी 2026 तक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जाएगी। धान का किस्म पतला 2389.00 प्रति क्विटल, मोटा 2369.00 प्रति क्विटल एवं धान सरना 2369.00 प्रति क्विटल की दर निर्धारित की गई है।
जिले के 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी होगी। प्रथम दिवस 34 उपार्जन केंद्र में 116 किसानों का टोकन धान बिक्री हेतु कटा है। इन केंद्रों में 6,678 क्विटल धान खरीदी की गई।
धान खरीदी शुभारंभ पश्चात आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि सरकार द्वारा भुइया के भगवान किसान के लिए बनाए गए योजना के तहत धान खरीदी का शुभारंभ किये है। उन्होंने सभी का अभिनन्दन करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार कि योजनाएं किसान हित में है। किसान की प्रगति के साथ देश और प्रदेश की विकास जुड़ा है। सरकार जो कहती है उसे पूरा करती है। विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी बेहतर व्यवस्था के साथ खरीदी होगी। भगवान बिरसा मुंडा के जन्म जयंती पर यह शुभ कार्य प्रारंभ हुआ है। उन्होंने सभी को शुभकामनाये दी। साथ ही सभी से सहयोग की अपेक्षा की। विधायक श्री ललित चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश की किसान हितैषी सरकार ने किसानों के आर्थिक स्तर को ऊँचा उठाने के साथ समाज के हर वर्ग के हित मे कार्य कर रही है। उन्होंने धान खरीदी प्रारम्भ होने पर क्षेत्र के सभी किसानों को शुभकामनाएं दी। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने धान खरीदी हेतु जिले में क़ी गई व्यवस्था पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को शासन प्रशासन के तरफ से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
जिले के प्रभारी सचिव श्री बोरा ने भी सभी किसानों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को सी.सी.बी. के पूर्व अध्यक्ष श्री प्रितपाल बेलचंदन ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर ऐ डी एम श्री अभिषेक अग्रवाल , एस डी एम श्री हरवंश सिंह मिरी एवं अन्य अधिकारीगण, समिति प्रबंधक श्रीमती किरण साहू, सरपंच श्रीमती कविता ठाकुर सहित किसान भाई बड़ी संख्या में उपस्थित थे। -
कलेक्टर ने शिक्षा एवं संबंधित विभाग की अधिकारियों की बैठक लेकर शीघ्र कोचिंग प्रारंभ करने हेतु जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
बालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के विशेष पहल पर जिला प्रशासन बालोद द्वारा जिले के 11वीं एवं 12वीं कक्षाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए शीघ्र ही प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से नीट एवं जेईई की सुविधा प्रदान की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में शिक्षा एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर पाकुरभाट स्थित लाईवलीहुड काॅलेज में शीघ्र जेईई और नीट की कोचिंग की कक्षाएं प्रारंभ करने हेतु की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लाईवलीहुड काॅलेज में अध्ययन कक्ष, छात्रावास, मेस आदि संचालन की समुचित व्यवस्था के अलावा सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर शीघ्र ही कोचिंग कक्षाएं प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। जिससे कि जिले के जरूरतमंद विद्यार्थियों को कोचिंग की सुविधा मिलने के साथ-साथ जिले के अधिक से अधिक बच्चे जेईई और नीट की परीक्षा में सफलता अर्जित कर सके। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी सहित विषय विशेषज्ञ, शिक्षक एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कोचिंग संचालन हेतु अध्ययन कक्ष की व्यवस्था के अलावा बच्चों के लिए बालक-बालिका छात्रावास निर्माण तथा छात्रावासों में पर्याप्त मात्रा में गद्दे, पलंग आदि की उलपब्धता, शौचालय एवं स्नानागार की समुचित उपलब्धता तथा रसोई कक्ष एवं भोजन कक्ष आदि सभी व्यवस्थाओं को शीघ्र सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने पर्याप्त मात्रा में फर्नीचर आदि की उपलब्धता भी सुनिश्चित कराने को कहा। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी ने बताया कि कोचिंग हेतु कुल 100 बच्चों के चयन हेतु प्रथम चरण में बच्चों का स्क्रीनिंग टेस्ट कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि 17 एवं 18 नवंबर को बच्चों एवं उनके पालकों से सहमति पत्र लेकर उनका काउंसलिंग भी किया जाएगा। इसके पश्चात् 19 नवंबर को कोचिंग के लिए चयनित बच्चों की सूची भी जारी कर दी जाएगी। इसके उपरांत नवंबर माह में ही बच्चों के लिए लाईवलीहुड काॅलेज में कोचिंग कक्षाएं प्रारंभ की जाएगी। - दुर्ग. प्रदेश भर में आज से धान खरीदी शुरू हो गई. छत्तीसगढ़ के आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव व जिले के प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा आज दुर्ग जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने जिले के चंदखुरी सहित अन्य धान उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान धान खरीदी और रखरखाव को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिले के प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।जिले के प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने समिति प्रबंधक से कुल धान खरीदी की मात्रा, पंजीकृत किसानों और धान क्रय कर चुके किसानों की संख्या, धान की गुणवत्ता, बार दाना की उपलब्धता, परिवहन, शॉर्टेज और गेट पास आदि के संबंध में जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने धान खरीद केंद्रों में धान के उठाव की व्यवस्था देखी और अधिकारियों को राइस मिलर्स द्वारा जल्द से जल्द धान के उठाव कराने के निर्देश दिए।प्रभारी सचिव श्री बोरा ने बारदाने की स्थिति की जानकारी लेते हुए जूट मिल वाले बारदाना का उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही खरीदी के बाद धान से भरे बारदानों को मशीन से सिलाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान से नमी की मात्रा शासन के निर्धारित मात्रा से ज्यादा न हो। उन्होंने धान बेचने पहुंचे किसानों से बातचीत की और धान खरीदी व्यवस्था के साथ ही टोकन व्यवस्था की जानकारी ली।--
- दुर्ग. दुर्ग जिला जो अविभाजित मध्यप्रदेश में सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाला जिला था, अपनी पहचान मुख्य रुप से भिलाई इस्पात संयंत्र के कारण बना चुका था। यह संयंत्र न केवल भारत के औद्योगिक मानचित्र पर एक चमकता सितारा था, बल्कि इसने दुर्ग-भिलाई के शहरी और अर्धशहरी क्षेत्रों को शुरुआती दौर में ही भरपूर बिजली और आधुनिकता दी। हालांकि इस औद्योगिक चमक के नीचे एक विरोधाभास छिपा था कि शहरों में जहॉं बिजली की बहुतायत थी, वहीं अविभाजित दुर्ग जिले जिसमें बालोद एवं बेमेतरा जिला भी शामिल था, के कई दूर-दराज गॉंव अभी भी बिजली की पहुंच से दूर थे और जिन क्षेत्रों में बिजली थी जैसे कि पाटन, बालोद, बेमेतरा, साजा एवं बेरला और आसपास के गांव भी लो-वोल्टेज, ओवरलोडिंग एवं विद्युत कटौती की अत्याधिक गंभीर समस्याओं से त्रस्त थे। इस बिजली संकट का सबसे गहरा असर कृषक वर्ग पर पड़ा। दुर्ग क्षेत्र जो कृषि प्रधान है, के किसानों को कृषि पंप चलाने में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था।वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से 2025 तक का सफर दुर्ग रीजन (दुर्ग, बालोद, बेमेतरा जिले) के लिए बिजली के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन का काल रहा। इन 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) के तहत वितरण नेटवर्क के विस्तार, आधुनिकीकरण और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने की दिशा में तेजी से प्रगति हुई है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, जैसे कि राजीव गांधी ग्रामीण राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (आरजीजीवीवाय) और दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाय) ने दुर्ग रीजन के विद्युतीकरण को गति प्रदान की। राज्य गठन के बाद सिर्फ गांव तक बिजली पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सौभाग्य योजना के अंतर्गत हर घर को कनेक्शन मिलना भी सुनिश्चित किया गया, जिसके परिणामस्वरुप वर्तमान स्थिति में दुर्ग रीजन (दुर्ग, बालोद, बेमेतरा जिला) में घरेलू बिजली कनेक्शन की दर लगभग 100 प्रतिशत है।वर्ष 2000 से सितंबर 2025 तक बिजली वितरण में हुई उल्लेखनीय वृद्धि - वर्ष 2000 से सितंबर 2025 तक के बिजली वितरण नेटवर्क के विस्तार और क्षमता में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। निम्न आंकड़ा इस अवधि में हुए तीव्र बुनियादी ढांचे के विकास और विद्युतीकरण के सफल प्रयासों को उजागर करता है। वर्ष 2000 की तुलना में वर्ष 2025 तक जिले की विद्युत अवसंरचना में उल्लेखनीय और ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। बिजली आपूर्ति को मजबूत बनाने के लिए पिछले 25 वर्षों में बड़े पैमाने पर कार्य किए गए।प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2000 में जहां वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या 4,787 थी, वहीं 2025 में यह बढ़कर 34,367 हो गई, जो 7 गुना से अधिक वृद्धि को दर्शाती है। इसी प्रकार, 33 केवी लाइनों की लंबाई वर्ष 2000 में 885.32 किमी से बढ़कर 2025 में 3,311.50 किमी हो गई, जो लगभग 4 गुना विस्तार है। 11 केवी लाइनों की लंबाई भी 4,758.22 किमी से बढ़कर 15,842.45 किमी हो गई, जो 3 गुना से अधिक वृद्धि है। उच्च एवं निम्न स्तर के उपकेन्द्रों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली। वर्ष 2000 में जहाँ 33/11 केवी उपकेन्द्र 39 थे, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर 195 हो गई। अति उच्चदाब केन्द्रों की संख्या 3 से बढ़कर 19 हो गई, जो 6 गुना वृद्धि को प्रदर्शित करती है। कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए कृषि पंप कनेक्शन 19,615 से बढ़कर 1,21,355 हो गए।इसी तरह एलटी लाइनों की लंबाई वर्ष 2000 में 9,460 किमी से बढ़कर 2025 में 36,715.25 किमी तक पहुँच गई। विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण सफलता हासिल की गई है। 1760 गांवों को शत-प्रतिशत विद्युतीकृत किया गया। कनेक्शन संख्या में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई। उच्चदाब कनेक्शन 83 से बढ़कर 660 हो गए, जबकि निम्नदाब कनेक्शन 3,55,312 से बढ़कर 9,87,708 हो गए, जो लगभग ढाई गुना वृद्धि है। समग्र रूप से देखें तो वर्ष 2000 से 2025 के बीच विद्युत अवसंरचना में हुए इस व्यापक विस्तार ने बिजली आपूर्ति को अधिक सक्षम, विश्वसनीय और सुदृढ़ बनाया है।नेटवर्क विस्तार से न केवल घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ मिला बल्कि कृषि और औद्योगिक क्षेत्र भी मजबूत हुए। कृषि पंपों की संख्या 06 गुणा से अधिक (19615 से 1,21,355) बढ़ी है, जो कृषि क्षेत्र के विद्युतीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किए जाने का प्रमाण है। रीजन में उच्च दाब (एचटी) उपभोक्ताओं की संख्या इन 25 वर्षों में 83 से बढ़कर 656 हो गई। औद्योगिक विकास और शहरीकरण की बढ़ती गति को बनाए रखने के लिए सीएसपीडीसीएल ने लाइनों के रखरखाव और निर्माण पर जोर दिया, जिससे उद्योगों को लगभग चौबीस घंटे सातों दिन बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। एलटी उपभोक्ताओं की संख्या 355312 से लगभग ढाई गुणा बढ़कर 981735 हो गई। आज की तारीख में एलटी उपभोक्ताओं को वार्षिक 2010.23 करोड़ एवं एचटी उपभोक्ताओं को 1539.12 करोड़ की बिजली बेची जा रही है। वितरण ट्रांसफार्मरों और 33/11 केवी उपकेन्द्रों की संख्या में क्रमशः 07 गुणा से अधिक और 05 गुणा की वृद्धि हुई है, जो नेटवर्क की क्षमता और विश्वसनीयता में बड़े सुधार को दर्शाती है। 33 केवी और एलटी लाईनों की लंबाई में लगभग 04 गुणा की वृद्धि हुई है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों तक बिजली पहुंचना संभव हुआ है। दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के सभी 1760 ग्रामों का विद्युतीकरण हो चुका है, जो इस अवधि की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि है। संभाग, उपसंभाग और वितरण केंद्रों की संख्या में भी वृद्धि हुई है, जो बढ़े हुए नेटवर्क के कुशल प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक ढांचे के विस्तार को दर्शाता है। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से बिजली वितरण के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग को दर्शाता है, जिससे अधिक उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण बिजली की पहुंच संभव हुई है।पिछले एक दशक में, रीजन में बिजली के क्षेत्र में सबसे बड़ा बदलाव तकनीकी आधुनिकीकरण और उपभोक्ता-केंद्रित सेवाओं के रूप में आया है। हाल के वर्षों में स्मार्ट मीटर लगाने की परियोजना एक बड़ा कदम है। भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत, ये स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिजली की खपत की सटीक जानकारी ‘‘मोर बिजली’’ ऐप के माध्यम से हर आधे घंटे में उपलब्ध करा रहे हैं। इससे बिलिंग में पारदर्शिता आई है और मानवीय त्रुटियां कम हुई हैं। यह उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में भी मदद करता है। डिजीटल सेवाएं प्रदान करने में भी विद्युत कंपनी ने तरक्की की है। बिजली बिल का भुगतान, नए कनेक्शन के लिए आवेदन और शिकायत निवारण जैसी सेवाएं पूरी तरह से डिजिटल हो गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली विभाग के कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम हो गई है।वर्ष 2025 तक, दुर्ग की बिजली व्यवस्था अब केवल पारंपरिक स्रोतों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा की ओर भी बढ़ रही है। सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण घरों और व्यवसायों में ‘‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’’ के तहत सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने का चलन बढ़ रहा है। दुर्ग जिले का यह सफर, भिलाई की औद्योगिक रोशनी से शुरु होकर हर गांव के घर को रोशन करने तक, भारत की विकास यात्रा का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह सफर स्पष्ट रुप से दर्शाता है कि राज्य निर्माण के शुरुआती वर्षों में जहाँ बिजली को हर घर तक पहुँचाने पर जोर था, वहीं बाद के वर्षों में आपूर्ति की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उपभोक्ता सेवाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। स्मार्ट मीटर, ऑनलाइन सेवाएं और सौर ऊर्जा की ओर रुझान, यह दर्शाता है कि दुर्ग की बिजली व्यवस्था एक आधुनिक, कुशल और भविष्य के लिए तैयार ग्रिड की दिशा में अग्रसर है।
- 0- सांसद श्री भोजराज नाग एवं कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने धान उपार्जन केंद्र कुसुमकसा में विधिवत पूजा-अर्चना कर खरीदी कार्य का किया शुभारंभ0- समारोह में किसान कुटीर भवन का किया गया लोकार्पणबालोद. राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत आज 15 नवंबर से बालोद जिले के धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी का कार्य प्रारंभ हो गया है। कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के द्वारा आज जिले के डौण्डी विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र कुसुमकसा में छत्तीसगढ़ महतारी एवं ईष्ट देवी-देवताओं की विधिवत पूजा-अर्चना कर धान खरीदी के कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सांसद श्री नाग ने एवं अतिथियों के द्वारा धान खरीदी केन्द्र परिसर कुसुमकसा में नवनिर्मित किसान कुटीर भवन का फीता काटकर विधिवत लोकार्पण भी किया गया। आज धान खरीदी केन्द्र कुसुमकसा में धान खरीदी केन्द्र के शुभारंभ अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर श्री मधुहर्ष, एसडीएम श्री सुरेश साहू सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री सौरभ लुनिया, प्राधिकृत अधिकारी श्री योगेन्द्र गांधी के अलावा उप पंजीयक संस्थाएं श्री आरके राठिया, जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसी ठाकुर एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारियों तथा जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं किसान मौजूद थे। धान खरीदी केन्द्र के शुभारंभ अवसर पर सांसद एवं अतिथियों के द्वारा आज पहले दिन धान खरीदी केन्द्र कुसुमकसा में अपने धान की बिक्री हेतु पहुँचे ग्राम गिधाली के किसान श्री सावत राम साहू एवं मौके पर उपस्थित अन्य किसानों का फूलमाला एवं गमछा पहनाकर तथा तिलक लगाकर स्वागत अभिनंदन किया गया। इस दौरान अतिथियों ने किसानों को पौधा भी भेंट किया। धान खरीदी के पहले दिन किसान श्री सावत राम साहू ने कुल 47 क्विंटल 60 किग्रा पतला धान की बिक्री की। धान खरीदी के पहले दिन अपने धान की बिक्री करने के अवसर मिलने पर किसान सावत राम बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे थे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा आज धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के पावन जयंती के अवसर पर धान खरीदी के जनकल्याणकारी कार्य का शुभारंभ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा राज्य के अन्नदाता किसान का सम्मान करते हुए 3100 रूपये प्रति क्ंिवटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने का योजना मेहनतकश अन्नदाता किसानों का सम्मान करने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। श्री नाग ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के योजना के अंतर्गत हमारी सरकार के द्वारा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत माताओं एवं बहनों के खाते में प्रति माह 01 हजार रूपये अंतरित कर उन्हें सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही है। इस अवसर पर उन्होंने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम के आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में भी जानकारी दी।कार्यक्रम का स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कुसुमकसा के प्राधिकृत अधिकारी योगेन्द्र गांधी ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के पहले दिन आज धान खरीदी केन्द्र कुसुमकसा में अपने धान की बिक्री करने पहुँचे सभी किसानों एवं कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य शासन के महत्वाकांक्षी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के उद्देश्यों के संबंध में भी जानकारी दी। समारोह में अतिथियों के द्वारा मौके पर उपस्थित 05-05 किसानों को गेहूँ और चना बीज का भी वितरण किया गया। इस दौरान सांसद श्री भोजराज नाग ने ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत धान खरीदी केन्द्र परिसर कुसुमकसा में पौध रोपण भी किया।
- दुर्ग. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा बाल दिवस के अवसर पर जिले के कई कॉलेज, विद्यालयों बी.एम. कॉलेज दुर्ग, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी उच्च माध्यमिक विद्यालय दुर्ग, शासकीय माध्यमिक शाला पोटिया सहित अन्य स्थानों पर विधिक साक्षरता शिविरों का सफल आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के कुल छह माननीय न्यायाधीशगण उपस्थित रहे।बी.एम. कॉलेज दुर्ग में आयोजित शिविर में माननीय न्यायाधीश ने बच्चों को बाल दिवस मनाने के उद्देश्य के साथ-साथ घरेलू हिंसा अधिनियम, संविधान में दिए गए अधिकार एवं कर्तव्य, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, मोटरयान अधिनियम तथा करियर दिशा-निर्देशन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी उच्च माध्यमिक विद्यालय दुर्ग में आयोजित शिविर में तीन माननीय न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों को बाल दिवस के महत्व, साइबर अपराधों से बचाव और करियर निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें सरल भाषा में समझाईं।शासकीय माध्यमिक शाला पोटिया में आयोजित शिविर में दो माननीय न्यायाधीश उपस्थित थे। उन्होंने बच्चों को कानून और न्याय की बुनियादी अवधारणाओं को सरल शब्दों में बताया, न्यायालय द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया तथा विद्यार्थियों के सभी प्रश्नों का समाधान भी किया। साथ ही उन्होंने बच्चों को न्यायालय भ्रमण के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि वे न्यायिक प्रक्रिया को नज़दीक से समझ सकें।इन सभी कार्यक्रमों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के पी.एल.वी. ने बाल अधिकार, बाल सुरक्षा और बच्चों की कानूनी जागरूकता को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रयास किए। इन शिविरों से छात्रों को व्यापक रूप से लाभ मिला और उन्होंने कानून तथा अपने अधिकारों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
- दुर्ग. केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, आरटीसी उतई, भिलाई में आज 85वें बैच आरक्षक / जीडी के बुनियादी कोर्स का प्रशिक्षण पूर्ण होंने के उपलक्ष्य पर भव्य दीक्षान्त समारोह संपन्न हुआ। कई वर्षों के बाद इस वर्ष 2000 से अधिक आरक्षक / जीडी को प्रशिक्षण प्रदान कर आरटीसी भिलाई द्वारा अपनी क्षमता तथा दक्षता का अभूतपूर्व प्रदर्शन किया गया। 43 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के दौरान, प्रशिक्षणार्थियों को सामान्य सुरक्षा प्रशिक्षण के अतिरिक्त परमाणु ऊर्जा केन्द्रो, अंतरिक्ष अनुसंधान केन्द्रो, हवाई अड्डो, मेट्रो रेल्वे आदि जैसे संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा से संबंधित गहन प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इस दीक्षान्त समारोह का मुख्य आकर्षण प्रशिक्षणार्थियों द्वारा शारीरिक दक्षता एवं सुरक्षा कौशल पर आधारित उनके द्वारा प्रस्तुत किये गये विभिन्न डेमोस्ट्रेशन रहे। जिनकी प्रस्तुति ने समारोह में उपस्थित दर्शक दिर्घा को हतप्रभ एवं मंत्रमुग्ध कर दिया। इन डेमो मे साईलेन्ट ड्रील, मलखम्भ, एवं वैपन टैक्टिक्स आदि पर आधारित डेमो शामिल हैं। दीक्षान्त परेड में कुल 2063 प्रशिक्षार्थियों ने भाग लिया। परेड का नेतृत्व आरक्षक / जीडी आर्यन शर्मा द्वारा किया गया। इस समारोह की मुख्य अतिथि श्रीमति नीलिमा रानी सिंह, महानिरीक्षक, मध्य क्षेत्र मुख्यालय, भिलाई ने परेड की सलामी ली। क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र आरटीसी भिलाई के उपमहानिरीक्षक / प्राचार्य श्री रोहित कटियार ने मुख्य अतिथि सहित सभी अतिथियों का स्वागत किया ।उपमहानिरीक्षक / प्राचार्य श्री रोहित कटियार नें अपने स्वागत भाषण और कोर्स रिपोर्ट में बताया कि इस बैच मे विभिन्न राज्यों से आए 2063 प्रशिक्षणार्थियों को 43 सप्ताह का कठिन व समग्र प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान औद्योगिक एवं आंतरिक सुरक्षा के अलावा भारतीय न्याय संहिता, भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता, मानव अधिकार फील्ड क्राफ्ट, अनआर्ड कौम्बँट, ड्रोन प्रशिक्षण तथा विभिन्न आधुनिक हथियारों का सम्पूर्ण एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।दीक्षान्त समारोह की मुख्य अतिथि श्रीमती नीलिमा रानी सिंह,महानिरीक्षक, मध्य क्षेत्र मुख्यालय, भिलाई ने अपने संबोधन में प्रशिक्षणार्थियों को राष्ट्र की बदलती परिस्थितियों व आवश्यकताओं के अनुसार स्वयं को सुरक्षा दायित्वों का निर्वहन करने कें लिये सदैव तैयार रखने का आह्वान किया, उन प्रशिक्षणार्थियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, निष्पक्षता एवं पूर्ण समर्पण भाव से करने का संदेश दिया। मुख्य अतिथि ने केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल जैसे अत्यंत विशिष्ट बल के माध्यम से राष्ट्र सेवा का अवसर प्राप्त करने पर सभी प्रशिक्षणार्थियो को बधाई दी तथा उनके उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनाएं व्यक्त की।इस अवसर पर प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा ट्राफी व प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रशिक्षणार्थियों आरक्षक / जीडी - आर्यन शर्मा को आलराउंड बेस्ट ट्राफी प्रदान की गई। आरक्षक / जीडी शाहिद रहमान कुमार को आंतरिक विषयों में बेस्ट ट्राफी प्रदान की गई। आरक्षक / जीडी सूरज कुमार को आउटडोर विषयों में बेस्ट ट्राफी प्रदान की गई। आरक्षक / जीडी तोपेश अम्बुले को चांदमारी (फायरिंग) में बेस्ट ट्राफी प्रदान की गई।समारोह में उपस्थित अतिथियों, दर्शको, एवं प्रशिक्षणार्थियो के अभिभावकों द्वारा परेड के अनुशासित प्रदर्शन तथा प्रस्तुत किये गये सभी डेमो की शानदार प्रस्तुति की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई है।
- 0- राजकुमार कालेज सेवा समिति के बच्चों ने महाराष्ट्र मंडल में आकर देखा- सीखा समाजसेवारायपुर। बिना किसी प्रतिफल की आशा से लोक कल्याण के कार्य करना ही धर्म है और इसे ही समाजसेवा कहते हैं। जब आप किसी की मदद करें, तो उनसे या ईश्वर से प्रतिफल की इच्छा न रखें। इसे हमारे शास्त्रों में धर्म कहा गया है। इसी धर्म का स्वरूप है समाजसेवा। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के वरिष्ठ आजीवन सभासद और भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री (मध्य क्षेत्र) सुनील किरवई ने कही।किरवई ने राजकुमार कालेज सेवा समिति के बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें धरती में अपनी मां नजर आती है, गाय में, वृक्ष में भी अपनी मां नजर आती है और यही भारतीय संस्कृति है और यही भारतीयता है। हम जिम्मेदारी से अपनी मां की देखभाल करेंगे, तो कोई समस्या ही नहीं रहेगी। राजकुमार कॉलेज सेवा समिति के बच्चे शनिवार, 15 नवंबर को महाराष्ट्र मंडल का भ्रमण करने और यहां के समाजसेवी कार्यों को समझने के लिए आए थे।मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि समाजसेवा हम घर से ही सीखना शुरू करते हैं। कभी मंदिर या देव स्थानों पर गए तो हम वहां मंदिरों के बाहर बैठे लोगों को दान हुए देते अपने परिजनों को देखते हैं। कभी किसी को खाना खिला दिया। कभी मंदिर में परिजनों ने भंडारा करा दिया गया। परिजनों को दूसरे की मदद करते देखते हैं, हम यहीं से समाजसेवा सीखते हैं।राजकुमार कालेज के वरिष्ठ शिक्षक आचार्य रंजन मोड़क और शिक्षिका आशा बघेल सेवा समिति के छठवीं से आठवीं तक के बच्चों को यहां लेकर आई थीं। आशा बघेल ने बताया कि बच्चों में समाजसेवा की भावना जागृत करने के लिए कालेज स्थापना वर्ष से ही सेवा कार्य चल रहा है। इसकी शुरुआत सालों पहले डंगनिया तालाब की सफाई के साथ की गई थी। इस अवसर पर वरिष्ठ सभासद अनिल श्रीराम कालेले, संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्रभारी परितोष डोनगांवकर भी उपस्थित रहे।
- 0- मेहनत, अनुशासन, अटूट विश्वास और धैर्य से हासिल की कामयाबीरायपुर। समता कालोनी निवासी सिद्धार्थ शेष ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार सहित मराठी समाज का नाम रोशन किया है। सिद्धार्थ महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद शशांक और प्रीति शेष के पुत्र हैं। अपनी इस कामयाबी पर सिद्धार्थ ने कहा कि इस सफलता में सबसे बड़ा योगदान मेहनत, अनुशासन, दृढ़निश्चय, अटूट विश्वास और धैर्य का है। इनके बिना सफलता संभव नहीं थी। सिद्धार्थ के मुताबिक सितंबर 2025 में वे सीए में सफलता प्राप्त करके, दोनों ग्रुप क्लियर करके चार्टर्ड अकाउंटेंट बने। देर रात तक पढ़ाई करके और लगातार प्रयास करके ही इस मुकाम तक पहुंच सके। सिद्धार्थ की इस सफलता पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते और कार्यकारिणी सदस्यों ने शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है।


























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