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भिलाई. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे जोखिम लें, नवाचार करें और अपनी जिंदगी को एक साहसिक यात्रा बनाएं। सिन्हा भिलाई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के पांचवें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा, ‘‘आप (स्नातक होने वाले छात्र) ऐसे समय में पेशेवर दुनिया में कदम रख रहे हैं जब भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। वर्ष 2027 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं।'' सिन्हा ने कहा कि भारत ने व्यापार शुल्क और विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यक कौशल की कमी (स्किल गैप) जैसी चुनौतियों के बावजूद सफलतापूर्वक एक गतिशील प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र बनाया है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में भारत ने अपनी स्थिति को मजबूत करना जारी रखा है। उन्होंने कहा कि कई देश विनिर्माण में मंदी का सामना कर रहे हैं, लेकिन भारत का विनिर्माण क्षेत्र बढ़ रहा है और इस साल जुलाई तक औद्योगिक उत्पादन में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सिन्हा ने कहा कि तकनीक क्षेत्र अब सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग आठ प्रतिशत का योगदान देता है, जिससे वित्तीय वर्ष 2024-25 में 280 अरब डॉलर से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। सिन्हा ने कहा कि भारत में विविध प्रकार की प्रतिभा का भंडार इसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है, जिसमें ‘हायरिंग डाइवर्सिटी रेट' 67 प्रतिशत है, जो वैश्विक औसत 47 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा, ‘‘ गैर मेट्रो शहरों में, इस साल लोगों को नौकरी देने में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। व्यापार शुल्क और कई क्षेत्रों में आवश्यक कौशल की कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद, भारत एक गतिशील प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में सफल रहा है।'' सिन्हा ने कहा कि ‘एआई इंडिया मिशन' ने देश के नवाचार संबंधी पारिस्थितिकी तंत्र में नई ऊर्जा भरी है और इसका लक्ष्य 2035 तक भारतीय अर्थव्यवस्था में 1.7 ट्रिलियन डॉलर का योगदान देना है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में काम कर रहे कुल वैश्विक क्षमता केंद्रों में से 500 कृत्रिम मेधा (एआई) और मशीन लर्निंग पर काम कर रहे हैं। अपने सात स्तंभों के माध्यम से एआई मिशन कृषि, स्वास्थ्य सेवा, जलवायु परिवर्तन और शासन क्षेत्रों में क्रांति लाएगा।'' सिन्हा ने कहा कि ये सभी आंकड़े साबित करते हैं कि यह स्नातक होने वाले छात्रों के लिए एक सुनहरा दौर है। नवाचार की गति पर जोर देते हुए सिन्हा ने कहा कि दुनिया भर में हर दिन लगभग 16 हजार नवाचार दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कृत्रिम मेधा, नवीकरणीय ऊर्जा, जैवप्रौद्योगिकी, चिकित्सा प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्र युवा अभियंताओं के लिए असीमित मौके पैदा कर रहे हैं।'' सिन्हा ने कहा कि एआई सबसे तेजी से विकास करने वाले क्षेत्र में से एक बन गया है, जिसमें पेटेंट फाइलिंग सालाना 12 प्रतिशत बढ़ रही है और विशेषज्ञ की मांग हर साल 20 प्रतिशत बढ़ रही है। उन्होंने कहा, ‘‘एआई के पारंपरिक इंजीनियरिंग के साथ एकीकरण के कारण जेनरेटिव डिजाइन और प्रोडक्टिव मेंटेनेंस पेशेवर की भविष्य में मांग काफी बढ़ जाएगी।'' उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘हरित और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र भी जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापन (ग्लोबल वार्मिंग) की चुनौतियों के बीच नए अवसर सृजित कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन का अनुमान है कि 2030 तक दुनिया भर में ऊर्जा तंत्र से जुड़े 125 लाख इंजीनियरों की जरूरत होगी।'' विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य रखने और असफल होने से ना डरने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘साधारण लक्ष्य साधारण लोगों के लिए होते हैं। आप असाधारण हैं, जोखिम लें, नवाचार करें और अपनी जिंदगी को एक साहसिक यात्रा बनाएं। जब आप नए रास्ते अपनाएंगे, तो आप नवाचार करेंगे और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।'' अदाणी सीमेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद बाहेती विशेष अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में मौजूद थे। आईआईटी-भिलाई के अधिकारियों ने बताया कि इस समारोह में 2025 में स्नातक हुए 269 छात्रों को डिग्री दी गईं।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों ने परस्पर सहयोग एवं विकास के अनुभव साझा किए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में राज्यों की साझी भागीदारी और आपसी अनुभवों का आदान-प्रदान अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें अपने-अपने क्षेत्रों में नवाचार और सुशासन के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस योगदान दे रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल को बस्तर की लोककला और छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक गौरव पर आधारित बस्तर आर्ट तथा “बस्तर दशहरा” की कॉफी टेबल बुक भेंट की। इस पर मुख्यमंत्री श्री पटेल ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की सराहना करते हुए राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर संचालित विकासात्मक और जनकल्याणकारी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय को शुभकामनाएँ दीं।दोनों मुख्यमंत्रियों ने भविष्य में गुजरात और छत्तीसगढ़ के बीच विभिन्न क्षेत्रों में परस्पर सहयोग को और सशक्त करने पर सहमति व्यक्त की।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा राजनांदगांव जिले के विकासखण्ड-डोंगरगढ़ की मड़ियान जलाशय की ऊंचाई बढ़ाने एवं लाईनिंग कार्य हेतु लागत राशि 20 करोड़ 73 लाख 60 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण हो जाने 708.50 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई सहित 3512.70 हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। जल संसाधन मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजना के कार्य कराने मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
- बलौदाबाजार/ बलौदाबाजार विकासखण्ड अंतर्गत सहकारी समितियों के द्वारा ग्राम पंचायत भरसेली, कोहरौद एवं अर्जुनी में नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन किया जाना है। दुकान हेतु लैम्प्स, प्राथमिक क़ृषि साख सहकारी समिति,वन सुरक्षा समिति, महिला स्व सहायता समूह, ग्राम पंचायतों अन्य सहकारी समितियों से 6 नवम्बर से बढ़ाकर अब 11 नवम्बर 2025 तक आवेदन मंगाए गए है। समस्त दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र कार्यालय कलेक्टर खाद्य शाखा जिला बलौदाबाजार-भाटापारा क़क्ष क्रमांक 80 में कार्यालय समय पर जमा कर सकते है।
- स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभाररायपुर/ मनेंद्रगढ़ के स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर क्षेत्र को एक बड़ी सौगात मिली है। हसदेव नदी पर पाराडोल एनीकट निर्माण के लिए जल संसाधन विभाग की तरफ से 10 करोड़ 4 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना से मनेंद्रगढ़ के लगभग 80 हेक्टेयर क्षेत्र में निस्तारी, पेयजल, भूजल संवर्धन एवं कृषकों को स्वयं के साधन से सिंचाई की सुविधा प्राप्त होगी। इससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है। वहीं मनेंद्रगढ़ की स्थानीय जनता ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए विधायक तथा कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रति आभार जताया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद कहा है कि यह एनीकट सिंचाई, भूजल संवर्धन, पेयजल, निस्तारी कार्य और क्षेत्र के विकास में एक नई दिशा प्रदान करेगा और स्थानीय जनजीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जशपुर जिले के विकासखण्ड-पत्थलगांव की किलकिला एनीकट तक तटबंध, माण्ड नदी के सौन्दर्यीकरण तथा घाट निर्माण के लिए 5 करोड़ 65 लाख 42 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से योजना के कार्य कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- रायपुर/राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में रायपुर नगर निगम भारोत्तोलन संघ के अध्यक्ष डॉ. टिकेश्वर कुमार ने मुलाकात कर छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय 23वें भारोत्तोलन प्रतियोगिता के लिए बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल को आमंत्रित किया। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारी श्री अशोक साहू, श्री चंद्रशेखर साहू उपस्थित थे।
- रायपुर/ राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूप सिंह मंडावी ने सौजन्य मुलाकात की। उनके साथ आयोग के सचिव श्री पवन कुमार नेताम भी थे। आयोग ने लोक सेवाओ की पदोन्नति में 32 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने हेतु अनुशंसा प्रस्ताव राज्यपाल को सौंपा है।
- - कलेक्टर अभिजीत सिंह सभी विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन तैयार करने के लिए एलपीजी गैस के उपयोग को अनिवार्य करने के दिए निर्देशदुर्ग / कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में रविवार कोधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत संचालन एवं मॉनिटरिंग समिति की प्रथम बैठक कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई।बैठक में कलेक्टर ने विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी एवं संबंधित प्रभारी स्वयं विद्यालयों में जाकर मध्यान्ह भोजन का टेस्ट करें, ताकि भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।कलेक्टर ने सभी विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन तैयार करने के लिए एलपीजी गैस के उपयोग को अनिवार्य करने के निर्देश दिए। इस संबंध में उन्होंने खाद्य अधिकारी को सभी स्कूलों में एलपीजी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। साथ ही, जिला शिक्षा अधिकारी को खाद्य अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि जिले के सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत एलपीजी गैस से भोजन बनाया जा सके।इसके साथ ही कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि सभी स्कूलों में फर्स्ट एड किट (प्राथमिक उपचार किट) अनिवार्य रूप से रखी जाए। उन्होंने ठम्व् (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) को निरीक्षण के दौरान स्कूलों की फर्स्ट एड किट की जांच करने के निर्देश दिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दवाइयां एक्सपायर न हों।कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में निकटतम अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र का संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जहां भी विद्यालयों में मेजर रिपेयर (बड़े मरम्मत कार्य) की आवश्यकता है, उसे प्राथमिकता से पूरा किया जाए।सभी स्कूलों में शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि ग्राम क्षेत्र के सभी स्कूलों में पानी की व्यवस्था नहीं है तो जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल कनेक्शन सुनिश्चित किया जाए।कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि बच्चों के भोजन और स्वास्थ्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खाद्य अधिकारी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- बालोद। शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बालोद के तत्वावधान में आयोजित 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता सत्र 2025–26 के अंतर्गत आज विभिन्न खेलों के रोमांचक मुकाबले खेले गए। प्रदेश के पाँच संभाग — दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, बस्तर एवं सरगुजा की टीमें प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं।???? नेटबॉल प्रतियोगिता (बालक वर्ग)नेटबॉल बालक वर्ग में हुए मुकाबलों में दुर्ग ने रायपुर को 18–13 से पराजित किया, वहीं रायपुर ने बस्तर को 24–02 से हराया। एक अन्य मुकाबले में बिलासपुर ने सरगुजा को 28–02 से मात देकर अगले दौर में प्रवेश किया।???? नेटबॉल प्रतियोगिता (बालिका वर्ग)बालिका वर्ग के मुकाबलों में दुर्ग ने बिलासपुर को 17–14 से, बस्तर ने सरगुजा को 08–03 से, तथा रायपुर ने बिलासपुर को 13–11 से पराजित किया।इसके साथ ही रायपुर ने बस्तर को 18–06 से हराकर मजबूत स्थिति बनाई।⚽ फुटबॉल प्रतियोगिता (बालक वर्ग)फुटबॉल में रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। बिलासपुर ने रायपुर को 02- 01 से पराजित कियाएक अन्य मुकाबले में बस्तर ने सरगुजा को 2–0 से, तथा सरगुजा ने बिलासपुर को 02–0 से परास्त किया।फुटबॉल बालिका वर्ग-सरगुजा ने दुर्ग को 2-0 से पराजित किया, और अन्य मुकाबले में रायपुर ने बिलासपुर को 01-0 से इसी तरह बस्तर ने दुर्ग को 2-0 से और सरगुजा ने बिलासपुर को 01 -0 से और बस्तर ने रायपुर को 4-0 से परास्त किया????♂️ खो-खो प्रतियोगिता (बालक वर्ग)खो-खो में हुए मुकाबले में दुर्ग ने बिलासपुर को 03 अंक और अन्य मैच में रायपुर ने सरगुजा को 01 अंक से इसी तरह दुर्ग ने सरगुजा को 08 अंक, बस्तर ने सरगुजा को 26 अंक एक पाली से हराकर जीत हासिल की।बालिका वर्ग खो खो -बिलासपुर ने दुर्ग को 8 अंक और रायपुर ने सरगुजा को 13 अंक से, बस्तर ने सरगुजा को 21 अंक और एक पाली से पराजित कियाखिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल भावना और टीमवर्क का परिचय दिया।प्रतियोगिता स्थल सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम, कॉलेज ग्राउंड, संस्कार शाला बालोद में रविवार को मैचों के दौरान खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर उपस्थित दर्शकों ने जमकर उत्साहवर्धन किया।
- -पुल निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क होगा मजबूत-आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक और सामाजिक विकास को मिलेगी गतिरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में शासन द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सडक मार्गों के सुदृढ़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग (सेतु संभाग) अम्बिकापुर के माध्यम से कई महत्वपूर्ण सेतु निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क सुदृढ़ होगा, बल्कि आवागमन सुगम होने के साथ-साथ आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी।लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग अम्बिकापुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला सरगुजा में शासन द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त तीन उच्चस्तरीय पुलों का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है।विधानसभा सीतापुर के अंतर्गत विकासखण्ड बतौली में रजपुरी से भूसू मार्ग पर डोमनी नाला पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना की लागत 222.61 लाख रुपये है तथा पुल की लम्बाई 60 मीटर होगी। पुल बनने से आसपास के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और वर्षा ऋतु में आवागमन बाधित नहीं होगा।विधानसभा लुण्डा के अंतर्गत विकासखण्ड लुण्डा में ग्राम गगोली से घघरी मार्ग पर मछली नदी पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुँच मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इस कार्य की लागत 545.54 लाख रुपये है तथा पुल की लम्बाई 72 मीटर निर्धारित है। इस पुल के निर्माण से स्थानीय ग्रामीणों, विद्यार्थियों एवं किसानों को सुगम यातायात की सुविधा प्राप्त होगी।विधानसभा सीतापुर के विकासखण्ड बतौली में चलता से हर्रामार मार्ग पर माण्ड नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुँच मार्ग के रूप में किया जा रहा है। इस परियोजना की लागत 889.86 लाख रुपये तथा लम्बाई 168 मीटर है। यह पुल क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग साबित होगा, जिससे शिक्षा , स्वास्थ्य, व्यवसायिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।लोक निर्माण विभाग द्वारा सभी कार्यों की नियमित रूप से निगरानी की जा रही है तथा गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इन पुलों के निर्माण से सरगुजा जिले के दूरस्थ अंचलों के ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ने में सहायता मिलेगी, जिससे आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आर्थिक गतिविधियों में व्यापक सुधार होगा।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत अब तक करीब 43 लाख मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जो कि प्रदेश में मतदाताओं की कुल संख्या का लगभग 21 प्रतिशत है। विगत 4 नवम्बर से एसआईआर की शुरूआत के बाद से बीएलओ घर-घर पहुंचकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं। प्रदेश में पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या दो करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 है।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रविवार को यहां राजभवन में खैरगढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के गोद ग्राम-सोनपुरी के उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों एवं लखपति दीदियों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने उन्हें अपने हाथों से प्रमाण पत्र दिया। श्री डेका ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत विभिन्न कौशल क्षेत्रों में प्रशिक्षण ले रहे विद्यार्थियों से बातचीत कर उन्हें अच्छे से अध्ययन करने और स्किल सीख कर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दी। उन्होंने लखपति दीदियों से चर्चा कर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली। लखपति दीदियों ने जैविक खेती, ड्रोन के माध्यम से किये जा रहे कार्यो की जानकारी दी।सम्मान समारोह में राज्यपाल के गोदग्राम सोनपुरी के विद्यार्थी खुसाल वर्मा, कपिल वर्मा, टोपसिंग, पिमला वर्मा, खुशी, प्रिया वर्मा, पूूजा, विनीता यादव को प्रमाण पत्र दिया गया। साथ ही जैविक कृषि सखी श्रीमती राधा वर्मा, ड्रोन दीदी श्रीमती सवित्री साहू, स्वच्छग्राही श्रीमती गोदावरी और निता वर्मा को सम्मान प्रमाण पत्र दिया गया।
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- युवाओं के नवाचार और तकनीकी प्रतिभा को मिला नया आयाम
रायपुर । राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में नवाचार, तकनीकी उत्कृष्टता और युवाओं की रचनात्मकता का संगम ‘कोडउत्सव 9.0’ राष्ट्रीय स्तर की कोडिंग हैकथॉन के रूप में देखने को मिला। ट्यूरिंग क्लब ऑफ प्रोग्रामर्स (टीसीपी) द्वारा आयोजित इस 28 घंटे लंबे आयोजन ने देशभर के तकनीकी संस्थानों से आए 150 से अधिक विद्यार्थियों को एक मंच पर लाकर नवाचार और समस्या समाधान की दिशा में नई प्रेरणा दी।समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. गौरव कुमार सिंह, जिला कलेक्टर, रायपुर तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री कुमार विश्वरंजन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, रायपुर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. एन. वी. रमना राव, निदेशक, एनआईटी रायपुर ने की। इस अवसर पर डॉ. समीर बाजपेयी, प्रमुख, कैरियर डेवलपमेंट सेंटर (सीडीसी), संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित थे। आयोजन का संचालन डॉ. पवन कुमार मिश्रा, फैकल्टी-इन-चार्ज, ट्यूरिंग क्लब ऑफ प्रोग्रामर्स के मार्गदर्शन में किया गया।अपने संबोधन में डॉ. गौरव कुमार सिंह ने कहा कि तकनीकी उत्कृष्टता के साथ मानवीय मूल्यों का समावेश ही भविष्य की असली शक्ति है। उन्होंने प्रतिभागियों की रचनात्मकता और धैर्य की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज तकनीकी क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी सांस्कृतिक जड़ों और नैतिक मूल्यों से जुड़े रहने का आग्रह किया।विशिष्ट अतिथि श्री कुमार विश्वरंजन ने कहा कि सफलता का मूलमंत्र निरंतर प्रयास, जिज्ञासा और सीखते रहने की भावना है। उन्होंने विद्यार्थियों को टीमवर्क और नवाचार के माध्यम से नई तकनीकी संभावनाएँ खोजने के लिए प्रेरित किया।निदेशक, एनआईटी रायपुर, डॉ. एन. वी. रमना राव ने प्रतिभागियों के 28 घंटे के समर्पित प्रयास की सराहना की और कहा कि यह हैकथॉन विद्यार्थियों को कक्षा के ज्ञान को व्यवहारिक रूप में लागू करने का अवसर प्रदान करता है।प्रतियोगिता में टीम ‘4 YEO’ (रूंगटा कॉलेज, भिलाई) ने पहला पुरस्कार ₹40,000, टीम ‘वाइब कोडर्स’ (एनआईटी रायपुर) ने दूसरा पुरस्कार ₹30,000, और टीम ‘साइफर 0X’ (एनआईटी रायपुर) ने तीसरा पुरस्कार ₹20,000 जीता।कार्यक्रम का समापन डॉ. पवन कुमार मिश्रा द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। ‘कोडउत्सव 9.0’ ने एनआईटी रायपुर की नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया। -
-जीवन अनमोल है - हेलमेट पहनें, जिम्मेदार बनें : मुख्यमंत्री साय
-रजत जयंती समारोह की श्रृंखला में युवाओं के जोश और ऊर्जा का शानदार प्रदर्शनरायपुर /राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा आउटडोर स्टेडियम में आज रोमांच, ऊर्जा और साहस से भरपूर राष्ट्रीय सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप-2025 का आयोजन किया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन खेल युवा शक्ति, अनुशासन, साहस और जिम्मेदारी का उत्सव है। देशभर से आए 100 से अधिक प्रोफेशनल राइडर्स और हजारों दर्शकों की उपस्थिति ने इसे राष्ट्रीय स्तर का आकर्षण बना दिया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि जैसे रजत जयंती महोत्सव के दौरान एयरोबेटिक शो ने आसमान में देशभक्ति का जोश जगाया, वैसे ही यह सुपरक्रॉस चैंपियनशिप ज़मीन पर युवाओं के जुनून को नई उड़ान दे रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सिर्फ एक रेस नहीं, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और सुरक्षा का पाठ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन अनमोल है, इसलिए हमेशा हेलमेट पहनें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और जिम्मेदार नागरिक बनें।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना, स्पोर्ट्स टूरिज़्म और मोटर स्पोर्ट्स जैसे नए क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित यह चैंपियनशिप राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रही है और युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे सुरक्षित रेस करें, अपने कौशल का प्रदर्शन करें और दर्शक जिम्मेदारी के साथ इस खेल का आनंद लें।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्री गुरु श्री खुशवंत साहेब, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री उज्ज्वल दीपक, अन्य जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे। - रायपुर / राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनानुसार आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर द्वारा शहर के विभिन्न छात्रावासों में विशेष विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन किया गया। यह आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री बलराम प्रसाद वर्मा के निर्देशन तथा सचिव श्री अविनाश कुमार दुबे के मार्गदर्शन में किया गया।शिविरों का आयोजन कुल 11 स्थानों पर किया गया, जिनमें शासकीय पोस्ट मैट्रिक छात्रावास शंकर नगर, प्रयास बालिका छात्रावास गुझियारी, प्रयास बालक आवासीय विद्यालय सड्डू, पोस्ट मैट्रिक छात्रावास पेंशनवाड़ा, आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रावास टिकरापारा, संभागीय आदर्श कन्या आश्रम रायपुरा, पोस्ट मैट्रिक ओबीसी छात्रावास बोरियाखुर्द, पीएमटी बालक छात्रावास तथा पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास रविशंकर विश्वविद्यालय परिसर आदि शामिल रहे।शिविरों में जिला एवं सत्र न्यायालय रायपुर के माननीय न्यायाधीशगण - मनोज कुमार ठाकुर, विनय प्रधान, दिग्विजय सिंह, नरेन्द्र कुमार नेताम, श्रीमती अनीता धु्रव, गिरीश मंडावी, अजय कुमार खाका, अविनाश कुमार दुबे, कु. आकांक्षा बेक, श्रीमती कामिनी वर्मा, विवेक कुमार टंडन, गुरुप्रसाद देवांगन, जेनिफर लकड़ा, विकास खांडे, प्रवीण कुजूर, कु. भामिनी राठी, कु. साक्षी खन्ना, जितेन्द्र कुमार सोनवानी एवं कु. भावना रिगरी द्वारा विद्यार्थियों को विभिन्न विधिक विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया।शिविरों में मुख्य रूप से - महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराध एवं उनके बचाव के उपाय, टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम, यातायात एवं मोटर दुर्घटना दावा अधिनियम, साइबर अपराध जागरूकता, गुड टच – बैड टच, नालसा की योजनाएं, पॉक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट एवं रैगिंग एक्ट, बाल तस्करी एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम, निःशुल्क विधिक सहायता अधिकार पर विस्तृत जानकारी दी गई कार्यक्रमों में लगभग 2,500 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वॉलेंटियर्स - राजकुमारी साहू, करण यादव, शिवानी शुक्ला, टोपेन्द्र वर्मा, मंदा रोकड़े, सुप्रभात हलदार, इंद्र कुमार यादव, सुश्री राजेश्वरी जेरी, गजाल परवीन, कोमल वर्मा, मनीष कुमार, संजू वैष्णव, मधु कोरे, राकेश कुमार, सहदेव नेताम, देवेन्द्र धीवर, खेमेन्द्र साहू एवं संबंधित छात्रावासों के अधीक्षकों एवं शिक्षकों का विशेष योगदान रहा।
- - शत-प्रतिशत बच्चों को अपार आईडी और जाति प्रमाण पत्र जारी करने के दिए निर्देशदुर्ग, / कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आज कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने बच्चों के आधार आईडी और जाति प्रमाण पत्र निर्माण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कक्षा पहली से बारहवीं तक के सभी विद्यार्थियों का अपार (Apar ID) एवं जाति प्रमाण पत्र शत-प्रतिशत जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की कमी के कारण वापस हुए आवेदनों को शीघ्र पूर्ण कर लिया जाए, तथा जहां ग्राम सभा प्रस्ताव आवश्यक है, वहां उसकी प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए।बैठक में कलेक्टर ने बताया कि वर्तमान में लगभग 30 हजार विद्यार्थियों का यू-डाइस डेटा आधार से मैच नहीं हुआ है, जिसे शीघ्र सुधारकर पूर्ण किया जाए। इसी प्रकार 27 हजार विद्यार्थियों के आधार वेरिफाइड हैं, किंतु उनका अपार आईडी निर्माण शेष है — इस पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जाति प्रमाण पत्र के लिए अप्राप्त दस्तावेज के तहसीलदारों से समन्वय किया जा सकता है। ताकि सभी स्कूलों में बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बन सकें। सभी विद्यालयों में चेकलिस्ट तैयार करें, ताकि संस्था प्रमुख दस्तावेजों की पूर्ति समय पर कर सकें।कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों का अपार आईडी कार्ड डीजी लॉकर से जुड़ा होता है, जिससे विद्यार्थियों के सभी आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रूप से डिजिटल रूप में संरक्षित रहते हैं। उन्होंने अधिकारियों से इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द मिश्रा, सहायक शिक्षा अधिकारी श्रीमती सीमा नायक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- -सांसद भोजराज होंगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथिबालोद। जिला प्रशासन बालोद एवं ख्ेाल एवं युवा कल्याण विभाग माय भारत बालोद के संयुक्त तत्वाधान में जिले में 10 नवंबर 2025 को सुबह 07 बजे से यूनिटी मार्च 2025 का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सासंद श्री भोजराज नाग मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसी तरह विशिष्ट अतिथि के रूप में डौण्डीलोहारा विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया, गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री कंुवर सिंह निषाद, संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, जनपद पंचायत बालोद की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया, नगर पालिका परिषद बालोद के पूर्व अध्यक्ष श्री राकेश यादव एवं राज्य एथलेटिक्स संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया शामिल होंगे।उल्लेखीनय है कि जिले में यूनिटी मार्च माँ गंगा मैय्या मंदिर प्रांगण झलमला से शुरू होकर झलमला बस स्टैण्ड, झलमला हायर सेकण्ड्री स्कूल से सिवनी ग्राम होते हुए मुख्य मार्ग से बालोद की ओर गंजपारा स्थित दुर्गा मंदिर से दांया सदर बाजार, सब्जी मार्केट से मधु चैक, कचहरी चैक से नया बस स्टैण्ड बालोद पहुंचकर यूनिटी मार्च पदयात्रा का समापन होगा।
- - बालोद जिले के ग्राम संबलपुर में छत्तीसगढ़ कोसरिया मरार समाज द्वारा आयोजित युवा युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकंभरी महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री- मरार समाज को मेहनतकश समाज बताते हुए समाज के कार्यों कि भूरी भूरी सराहना की-कोसरिया मरार समाज के प्रदेश स्तरीय कार्यालय भवन हेतु जमीन उपलब्ध कराने तथा राज्य शाकंभरी बोर्ड के अध्यक्ष पद पर शीघ्र नियुक्ति करने का दिया आश्वासनबालोद। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज एवं राष्ट्र के उन्नति का मुख्य आधार है। इसलिए हम सभी को हमारी आने वाली पीढ़ी को उच्च शिक्षित एवं ज्ञान वान बनाने का संकल्प लेना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय आज जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम संबलपुर में छत्तीसगढ़ कोसरिया मरार समाज द्वारा आयोजित युवा युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकंभरी महोत्सव कार्यक्रम के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। श्री साय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर श्री साय ने कोसरिया मरार समाज को धरती माता की सेवा करने वाले मेहनतकश समाज बताते हुए कोसरिया मरार समाज के कार्यों की भूरी भूरी सराहना की। समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने कोसरिया मरार समाज के मांग पर कोसरिया मरार समाज के प्रदेश स्तरीय कार्यालय भवन निर्माण हेतु जमीन उपलब्ध कराने तथा राज्य शाकंभरी बोर्ड के अध्यक्ष पद पर शीघ्र नियुक्ति करने के अलावा आज समाज के द्वारा प्रस्तुत किए गए सभी मांगो पर सहानुभूतिपूर्वक का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम स्थल में पहुंचने के पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय सर्वप्रथम शाकंभरी माता भगवान श्री रामचंद्र एवं सीता मैया और महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले एवं श्रीमती सावित्रीबाई फुले के तैलचित्र पर माल्यार्पण भी किया। समारोह संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, नगर पंचायत डौंडीलोहारा के अध्यक्ष श्री लाल निवेंद्र सिंह टेकाम, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री देवलाल ठाकुर, नगर पालिका परिषद बालोद के पूर्व अध्यक्ष श्री राकेश यादव, छत्तीसगढ़ कोसरिया मरार समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुनील पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष श्री तेजराम पटेल तथा अन्य जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के अलावा दुर्ग रेंज के आईजी श्री राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकड़ा एवं एडिशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर सहित बड़ी संख्या में मरार समाज के प्रतिनिधि एवं समाज के लोगों के अलावा आम नागरिक गण उपस्थित थे।
- -सुरक्षा कैम्पों से बढ़ा विश्वास, विकास की रफ्तार में आई तेजी – उपमुख्यमंत्रीबीजापुर, / छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने बीजापुर जिले के दो दिवसीय प्रवास के दौरान आज इन्द्रावती सभाकक्ष में नक्सल उन्मूलन एवं अंदरूनी क्षेत्रों में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने नक्सल उन्मूलन की गतिविधियों, नवस्थापित सुरक्षा कैम्पों की स्थिति, उनके संचालन से आए सकारात्मक सामाजिक बदलावों तथा उन क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।सुरक्षा कैम्पों से बदली स्थितिबैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने पिछले दो वर्षों में नक्सली गतिविधियों में आई कमी, पुनर्वासन करने वाले युवाओं की संख्या, गिरफ्तारियाँ, आईईडी बरामदगी, तथा हथियारों की जब्ती से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कैम्पों की स्थापना के बाद दूरस्थ इलाकों में प्रशासनिक पहुंच बढ़ी है और आम जनता में सुरक्षा के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।विकास योजनाओं की समीक्षाउपमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, शिक्षा, आंगनबाड़ी, सड़क, बिजली, पेयजल और संचार सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों की भी समीक्षा की।कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा कैम्पों की स्थापना के बाद 166 गांव अब “नियद नेल्ला नार योजना” में शामिल किए गए हैं, जिसके तहत सभी बुनियादी सुविधाएं और शासन की योजनाएं पहुंचाने का कार्य योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है।स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर बलश्री शर्मा ने भैरमगढ़ ब्लॉक के नदी पार सात गांवों में आयोजित मेगा हेल्थ कैंप की सराहना की और कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को और व्यापक स्तर पर पहुंचाने की दिशा में नई योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन्द्रावती नदी किनारे बसे पंचायतों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए मोटर बोट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, प्रत्येक गांव में आशा एवं मितानिन कार्यकर्ता की नियुक्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए।वनाधिकार एवं योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष जोरउपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत चिन्हांकित सभी गांवों में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि वनाधिकार पत्र प्रत्येक पात्र हितग्राही को जल्द प्रदान किए जाएं। इसके लिए पूर्व में स्थापित सुरक्षा कैम्पों वाले सभी गांवों में नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर वितरण सुनिश्चित करने को कहा।महिला समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में पहलश्री शर्मा ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए लघु वनोपज के संग्रहण, प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन पर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने महुआ, टोरा, इमली, चिरौंजी जैसी स्थानीय वनोपजों का वैज्ञानिक संग्रहण एवं प्रसंस्करण कर वैल्यू एडिशन आधारित आयवृद्धि मॉडल लागू करने के निर्देश दिए।इस बैठक में बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, डीएफओ श्री रंगानाथन रामाकृष्णन वाय., सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, उपनिदेशक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व श्री संदीप बलगा सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -बुनियादी सुविधाओं की ली जानकारी, शासन की योजनाओं से जोड़ने दिए आवश्यक निर्देशरायपुर, / छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने बीजापुर जिले के दो दिवसीय प्रवास के दौरान आज पुनर्वास केंद्र पहुंचकर पुनर्वासित युवाओं से आत्मीय भेंट की। उन्होंने उनके दैनिक जीवन, भोजन-पानी, कपड़ों, स्वास्थ्य, मनोरंजन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली।वर्तमान में पुनर्वास केंद्र में कुल 92 पुनर्वासित युवा रह रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने सभी से बातचीत कर उनकी दिनचर्या, नाश्ता, भोजन, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य इन युवाओं को मुख्यधारा में जोड़कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।घर-परिवार और जीवकोपार्जन से जुड़ी चर्चाश्री शर्मा ने पुनर्वासित युवाओं से उनके वैवाहिक जीवन, घर-परिवार, कृषि भूमि, वनाधिकार पत्र, सिंचाई सुविधा और अन्य आजीविका साधनों के बारे में भी जानकारी ली। सभी युवाओं ने बताया कि उनके पास कृषि भूमि है तथा भूमि का पट्टा भी उपलब्ध है। इस पर उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र व्यक्तियों को शासन की सिंचाई योजनाओं, बोर उत्खनन, क्रेडा के माध्यम से सोलर पंप तथा प्राथमिकता के आधार पर गांवों में ग्रिड बिजली आपूर्ति की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं।परिवार से नियमित मुलाकात की व्यवस्थाश्री शर्मा ने कहा कि प्रत्येक रविवार पुनर्वासित युवाओं से उनके परिजन मिलने आ सकें, इसके लिए नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आज रविवार होने के कारण कई परिजनों ने पुनर्वास केंद्र पहुंचकर अपने परिवारजनों से भेंट की। उपमुख्यमंत्री ने स्वयं भी कई पुनर्वासित युवाओं के परिजनों से भी मुलाकात की और सभी ने अपने परिवार के सदस्यों के हिंसा छोड़ मुख्यधारा में शामिल होने पर हर्ष व्यक्त किया।साक्षरता, कौशल विकास और दस्तावेज सुविधा पर बलउपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पुनर्वास करने वाले युवाओं को शासन की योजनाओं से जोड़ना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक व्यक्ति को आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, वनाधिकार पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज आसानी से उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने सभी के लिए साक्षर भारत मिशन उल्लास कार्यक्रम के तहत अक्षर ज्ञान और नियमित साक्षरता परीक्षा में सम्मिलित कराने को कहा। उन्होंने सभी युवाओं उनकी रुचि के अनुसार कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करने को कहा। वहीं महिलाओं ने बताया कि वे कपड़ों की सिलाई में रुचि रखते हैं, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने सभी के लिए सिलाई का प्रशिक्षण प्रारम्भ निर्देश दिए।इस अवसर पर सभी प्रशिक्षु युवाओं ने एक्सपोजर विजिट की मांग रखी, जिस पर श्री शर्मा ने सहमति देते हुए कहा कि उन्हें रायपुर ले जाकर शासन की विभिन्न विकास गतिविधियों एवं पुनर्वास योजनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराया जाएगा।इस अवसर पर बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, डीएफओ श्री रंगानाथन रामाकृष्णन वाय., तथा उपनिदेशक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व श्री संदीप बलगा सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -स्थानीय ग्रामीणों ने नक्सल भय से मुक्ति पर जताया आभाररायपुर / उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज अपने बस्तर संभाग के दौरे के दौरान गीदम पहुंचे, जहां उन्होंने स्थानीय साप्ताहिक बाजार का दौरा किया। अपने सहज और मिलनसार स्वभाव के लिए प्रसिद्ध श्री शर्मा ने बाजार में घूमते हुए ग्रामीणों और व्यापारियों से आत्मीय बातचीत की तथा उनके हाल-चाल पूछे।बाजार में मौजूद स्थानीय व्यापारियों ने उपमुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए बताया कि शासन की नीतियों से अब व्यापार में सुगमता आई है। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कमी से सामान सस्ते हुए हैं, जिससे उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों को राहत मिली है। व्यापारियों ने यह भी कहा कि अब नक्सल भय समाप्त होने से वे निडर होकर बाजारों में अपना व्यापार कर पा रहे हैं, और ग्रामीणों तक सही कीमत पर आवश्यक वस्तुएं पहुंच रही हैं।ग्रामीणों ने भी उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा के समक्ष शासन द्वारा नक्सल समस्या के समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अब शांति और विकास की नई सुबह दिखाई दे रही है। नक्सली विचारधारा से भटके युवा अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं, जिससे बस्तर में स्थायी शांति की नींव मजबूत हो रही है।श्री शर्मा ने बाजार भ्रमण के दौरान स्थानीय फलों का स्वाद लिया और जनसाधारण से आत्मीयता से बातचीत की। उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास के लिए स्थायी शांति सबसे आवश्यक है, और सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमेन सिंह एवं पुलिस महानिरीक्षक श्री सुंदरराज पी भी उपस्थित रहे।
- -बस्तर संभाग के संवेदनशील ग्रामों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में उप मुख्यमंत्री, विधायक ने की चिकित्सकों से चर्चा*रायपुर, / छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा अपने संक्षिप्त एक दिवसीय प्रवास के दौरान स्व बलिराम स्मृति मेडिकल कॉलेज के चरक सभागार में मेडिकल कॉलेज के अध्ययनरत चिकित्सकों से संवाद करते हुए कहा कि सुरक्षा कैंपों के समीप संवेदनशील ग्रामों में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर एक नई पहल है, जो चिकित्सकों को बस्तर क्षेत्र की जनता से जुड़ने के साथ एक अनोखा अनुभव प्राप्त करने का अवसर है। हमारे सुझाव को स्वीकार कर कालेज के डीन और उनकी टीम के द्वारा संवेदनशील ग्रामों में एक-दो दिवसीय स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया इसके लिए बधाई। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा देने में जो खुशी-आनंद की अनुभूति होगी,ओ पैसा से नहीं खरीदी जा सकती है। यहां चिकित्सकों के अलावा रायपुर के बड़े बड़े चिकित्सकों ने बस्तर संभाग के जिलों में आकर स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए। कालेज में तैयार हो रहे नए चिकित्सक भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए अपना मनोभाव जरूर बनाएं। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्वास्थ्य शिविर में शामिल हुए 18 सदस्यों से परिचय प्राप्त कर उनके कार्य की सराहना की। साथ ही कालेज में अध्ययनरत बस्तर संभाग के चिकित्सकों से भी उनके जिले की जानकारी के साथ परिचय प्राप्त किया।इस अवसर पर जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव ने कहा कि सरकार द्वारा बस्तर में शांति बहाली के लिए सराहनीय कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा जनता के बीच बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने की संवेदनशील ग्रामों में मेडिकल शिविर आयोजित करना भी एक नई पहल का स्वागत है। बस्तर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों का दल जिन्होंने स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया उन्हें बहुत बहुत बधाई। बस्तर जैसे प्राकृतिक सुंदरता वाले इलाके में कला, संस्कृति को जानने-समझने के साथ चिकित्सा सेवा देना एक बेहतरीन अवसर मिला। इस प्रकार के कार्यक्रम में सभी चिकित्सकों को जाना चाहिए, इसका बहुत अच्छा प्रभाव क्षेत्र की जनता को मिलेगा। कार्यक्रम में आई जी श्री सुन्दरराज पी. ने भी चिकित्सकों को बधाई देते हुए आगे की कार्ययोजना पर स्वास्थ्य टीम, मेडिकल कालेज की टीम से चर्चा कर संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की बात कही।कार्यक्रम में विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिंहा, डीन डॉ प्रदीप बेक, अस्पताल अधीक्षक डॉ अनुरूप साहू सहित अध्ययनरत चिकित्सक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- -सीबीडीए द्वारा बायोफ्यूल एक्सपो तथा सेमीनार का आयोजनरायपुर, /छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण द्वारा राजधानी रायपुर में बायोफ्यूल एण्ड बायो एनर्जी एक्सपो का आयोजन 7 से 9 नवंबर तक स्थानीय श्रीराम बिजेनस पार्क में किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल रोडमैप विजन 2024-29 पर आयोजित सेमीनार में बायोफ्यूल तकनीक पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री सुमित सरकार ने छत्तीसगढ़ की जैव ईंधन रोडमैप की चर्चा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य को बायोफ्यूल के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की पहल की जा रही है।सीईओ श्री सुमित सरकार ने बताया कि छत्तीसगढ़ में निजी कंपनियों ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024-2030 के अनुरूप, लगभग 3,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। गेल और बीपीसीएल जैसी ओजीएमसी ने विभिन्न यूएलबी में 8 एमएसडब्ल्यू/बायोमास आधारित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ओएनजीसी ग्रीन और एचपीसीएल ग्रीन वर्तमान में सीबीजी उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने के लिए विभिन्न स्थानों का सर्वेक्षण कर रही हैं।राज्य में चावल, मक्का और चने के अवशेषों का उपयोग करके बायोएथेनॉल और कम्प्रेस्ड बायोगैस बनाने के लिए फीडस्टॉक-आधारित परीक्षण किया जा रहा हैं। इसके साथ ही कृषि अपशिष्ट को सब्सट्रेट के रूप में उपयोग करके एंजाइम उत्पादन परीक्षण और नए माइक्रोबियल स्ट्रेन का संवर्धन हो रहा है। उन्होंने बताया कि बायो-विमानन ईंधन के क्षेत्र में सीबीडीए अब बायोमास-आधारित हाइड्रोजन के उत्पादन की तैयारी कर रहा है, जिसका उपयोग बाद में हाइड्रोप्रोसेस्ड एस्टर और फैटी एसिड तकनीक के माध्यम से एसएएफ उत्पादन के लिए किया जाएगा।छत्तीसगढ़ में अधिशेष चावल को प्राथमिक फीडस्टॉक के रूप में उपयोग करके बायोएथेनॉल उत्पादन के लिए पहले ही एक मानक संचालन प्रक्रिया विकसित कर ली है। हाल ही में, राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई), कानपुर के सहयोग से, सीबीडीए बायोफ्यूल कॉम्प्लेक्स स्थल, ग्राम गोढ़ी, जिला दुर्ग में एक वैकल्पिक फीडस्टॉक स्थापित करने के लिए चुकंदर की खेती पर परीक्षण शुरू किया है। अगला कदम इथेनॉल उत्पादन के लिए इसकी क्षमता का परीक्षण करना है, जिससे भारत के 20 प्रतिशत मिश्रण लक्ष्य और उससे आगे की उपलब्धि में सहायता मिलेगी, जिससे इस पहल की निरंतर सफलता सुनिश्चित होगी।इस सेमीनार में गैल के सीजीएम श्री मोहम्मद नजीब कुरैशी और डीजीएम जितेन्द्र पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के पाइप लाईन नेटवर्क के बारे में जानकारी दी। बीपीसीएल के डीजीएम श्री संजय ठाकुर ने छत्तीसगढ़ में कम्प्रेस बायोगैस की संभावनाओं के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। इसी प्रकार रिलायंस इंडस्ट्रीज के डीजीएम श्री सुशील वर्मा ने धान से कम्प्रेस बायोगैस उत्पादन के बारे में जानकारी दी।इसी प्रकार आरईवीवाय के इन्वारमेंटल साल्यूशन प्रा.लि. के फाउंडर डायरेक्टर डॉ. वनिता प्रसाद ने बायोगेस प्लांट के संचालन, एट्रीएम इनोवेशन प्रा.लि. पुणे के डायरेक्टर श्री राजेश दाते ने एनोरोबिक काम्पोस्टिंग सिस्टम, इंग्रोटेक एक्वा इंजीनियर्स प्रा.लि. संबलपुर के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुकांत कुमार मेहेर ने एसटीपी प्लांट से कम्प्रेस बायोगैस की उत्पादन की संभावनाओं और एईसी एग्रीटेक प्रा.लि. के सीईओ श्री जितेन्द्र नारायण ने कम्प्रेस बायोगैस पॉलिसी, प्रोक्योरमेंट और प्राइसिंग के बारे में जानकारी दी।
- - सुप्रसिद्ध चर्चित नाटक ‘युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ के लेखक ने कहा कि गोवा में नाटक को अभूतपूर्व प्रतिसाद, छत्तीसगढ़ में हो चुके चार मंचन, चार अभी बाकीरायपुर। ‘युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ नाटक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (संघ) के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के क्रांतिकारी से युगप्रवर्तक बनने की कहानी है, जो उनके जीवन के अति महत्वपूर्ण प्रसंगों पर आधारित है। इस आशय की बात जानकारी नादब्रह्मा प्रस्तुत नाटक ‘युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ के रचियता डॉ. अजय प्रधान ने दी।डॉ. प्रधान ने कहा कि तीन मराठी नाटक लिखने के बाद उन्होंने अपने लंबे अध्ययन और रिसर्च के बाद इस नाटक के लेखन का विचार आया, तो उन्होंने यह भी तय किया कि इसे हिंदी में लिखा जाना बेहतर होगा क्योंकि युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार को किसी एक भाषा या राज्य तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इतने व्यापक व्यक्तित्व वाले डॉ. साहब का नाटक लिखने में उन्हें 25 दिनों लगे। लेखन के समय डॉ. हेडगेवार के प्रसंगों को पढ़ने के लिए उन्होंने अपने बेटे को दिया, तो वह पढ़ते-पढ़ते ही रोने लगा। यही स्थिति अन्य सदस्यों की भी रही। डॉ. हेडगेवार का जीवन इतना प्ररेक व संघर्षपूर्ण रहा है कि उसे मात्र सवा दो घंटे के नाटक में समेटना आसान नहीं रहा।डॉ. अजय प्रधान ने बताया कि ‘युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ लेखन के बाद उन्होंने अनुमति के लिए तीन बार संघ मुख्यालय भेजा गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री राकेश सिन्हा के पिता को भी यह नाटक पढ़ने के लिए दिया। कुछ लोगों को इसमें हिंदू-मुस्लिम प्रसंग के संवाद अधिक आक्रामक लगे, तो किसी को कुछ और आपत्तिजनक। डॉ. अजय कहते हैं कि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि जो कुछ भी लिखा गया है, वह हेडगेवार से संबंधित लिखित साहित्य व तथ्यात्मक व प्रमाणिक सूचना के आधार पर ही है। कहीं पर भी उनके निजी विचार नहीं है। रेशमबाग के उच्च पदाधिकारियों की अनुमति और मार्गदर्शन के बाद ही इसे नाट्य स्वरूप में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया।डॉ. अजय प्रधान के अनुसार शुरुआती सुझावात्मक नेपथ्य में नाट्य मंचन के बाद हमने यह महसूस किया कि नाटक की असरदार प्रस्तुति के लिए नेपथ्य को प्रभावी बनाना जरूरी है। इसके लिए हमारी टीम ने डिजिटल स्क्रीन वाला नेपथ्य फाइनल करने का निर्णय लिया। निश्चित ही इससे नाटक अधिक आकर्षक और कथानक के अनुरूप हो गया है। फिर भी हम एक कदम आगे बढ़कर अब नेपथ्य में थ्रीडी इफेक्ट लाना चाहते हैं और जल्दी ही हम ऐसा करेंगे।लेखक डॉ. अजय ने कहा कि गोवा में इस नाटक के छह मंचन हुए और वहां इसे अपेक्षा से अधिक प्रतिसाद मिला। इसी तरह महाराष्ट्र में अब तक इसके 25 मंचन हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक इसके चार मंचन कवर्धा, रायपुर, भिलाई और रायगढ़ में हो चुके हैं और चार शहरों में इस नाटक की प्रस्तुति होनी शेष है। इसके बाद ‘युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ नाटक का मंचन मध्यप्रदेश, ओडिशा और उत्तरप्रदेश में होना है। डॉ. प्रधान ने कहा कि इस नाटक के बाद उनकी योजना संघ के द्वितीय सरसंघ चालक माधवराव सदाशिव गोलविलकर ‘गुरुजी’ के जीवन पर आधारित नाटक लिखना चाहते हैं।












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