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- 0- ग्राम अड़सेना में 30 दिवसीय प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदमरायपुर। ग्रामीण बेरोजगारों को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान रायपुर द्वारा तिल्दा विकासखंड के ग्राम अड़सेना में 30 दिवसीय निःशुल्क राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।यह प्रशिक्षण बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रायोजन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं एवं पुरुषों को तकनीकी दक्षता प्रदान कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को राजमिस्त्री कार्य से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ उद्यमिता विकास और बैंकिंग प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी गई।कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को बाजार की मांग के अनुरूप कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि वे स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों में रोजगार प्राप्त कर सकें और पलायन की समस्या को कम किया जा सके।प्रशिक्षण के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र के साथ राजमिस्त्री टूलकिट प्रदान किया गया। साथ ही वीबी-जी राम जी के तहत मानदेय उपलब्ध कराने एवं स्वरोजगार प्रारंभ करने के लिए ऋण आवेदन की सुविधा भी प्रदान की गई।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा “प्रोजेक्ट ग्रीन पालना” अभियान को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत शासकीय अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को फलदार पौधे भेंट स्वरूप दिए जा रहे हैं, ताकि एक नई ज़िंदगी के आगमन के साथ एक नया वृक्ष भी धरती पर जन्म ले।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान के तहत आज ग्रीन पालना में , अभनपुर में 02, धरसीवां में 02, मंदिर हसौद में 01 आज दिनांक में कुल 05 प्रसुताओं को 20 पौधे भेंट किए गए। यह प्रयास मातृत्व के साथ प्रकृति से जुड़ाव को भी बढ़ावा देता है। प्रोजेक्ट ग्रीन पालना न सिर्फ नवजात के जीवन की शुरुआत को यादगार बनाता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली और शुद्ध वातावरण की नींव भी रखता है।
- बालोद. राज्य शासन के निर्देशानुसार सभी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को ’आई गोट मिशन कर्मयोगी’ अंतर्गत 30 अप्रैल 2026 तक शत-प्रतिशत ऑनबोर्डिंग कराना अनिवार्य है। उल्लेखनीय है कि ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया ई-एचआरएमएस पोर्टल के अलावा एमडीओ एडमिन के माध्यम से सीधे ऑनबोर्डिंग कर सकते हैं। इसके साथ ही सभी विभागाध्यक्षों को नियमित रूप से इसकी प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। ज्ञातव्य हो कि ’आई गोट मिशन कर्मयोगी’ का मुख्य उद्देश्य डिजिटल लर्निंग और कौशल विकास के जरिए प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व कुशल बनाना है।--
- बालोद. राज्य शासन द्वारा जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं का उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पिनकापार में 04 मई 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा।शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पिनकापार में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम महराजपुर, गिधवा, पिनकापार, मुजगहन, फुलसुंदरी, बहेराभाठा, चेबा नवागांव, जेवरतला, रानीतराई रोड, भरदा ट, हरदी, औरी, टटेंगा, नाहंदा पीपरखार ना, संबलपुर क, खामतराई, कुआगांव, मनकी सा एवं खपराभाट के ग्रामीण शामिल होंगे। शिविर के सफल आयोजन हेतु कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग श्री पीयूष देवांगन (मोबाईल नंबर 9754976727) को नोडल अधिकारी एवं जनपद पंचायत डौण्डीलोहारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पंकज देव एवं जल संसाधन विभाग के श्री आशीष रूसिया को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- 0- अब तक 95 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज अभनपुर टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1, 2 एवं 3 छछानपैरी में 171 बच्चों की स्क्रीनिंग, आरंग टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1 एवं 2 कोसामखुटा में 105 बच्चों की स्क्रीनिंग, धरसीवां टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 3 एवं 4 सांकरा में 134 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1,2 एवं 3 किरना में 105 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 एवं 2 त्रिमूर्ति नगर में 101 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 8 एवं 10 उरला में 79 बच्चों की स्क्रीनिंग एवं अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र रायपुरा 3 में 87 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई व पूरे जिले में आज कुल 677 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 95 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार व प्रबंधन एवं 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
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-सीजीपीएससी में रैंक 3, 29 व 37 हासिल कर बने महिला एवं बाल विकास विभाग में अधीक्षक
रायपुर । जिला प्रशासन द्वारा संचालित नालंदा परिसर लाइब्रेरी युवाओं के सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। अनुशासित माहौल, बेहतर अध्ययन सुविधाएं और सकारात्मक वातावरण के चलते यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों ने एक बार फिर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।नालंदा परिसर के तीन प्रतिभाशाली सदस्यों मिलन सिन्हा, भूपेंद्र कुमार एवं वागेश्वरी ठाकुर ने सीजीपीएससी परीक्षा 2026 में क्रमशः रैंक 3, 29 एवं 37 प्राप्त कर महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बाल संरक्षण संस्थाओं में अधीक्षक पद पर चयनित होकर जिले का नाम गौरवान्वित किया है।ग्राम केहका, जिला बेमेतरा निवासी मिलन सिन्हा (रैंक 3) ने अपनी सफलता का श्रेय नालंदा परिसर के अनुशासित वातावरण और निरंतर अध्ययन को दिया। उन्होंने कहा कि यह लाइब्रेरी उनके संघर्ष और सफलता के बीच एक मजबूत सेतु साबित हुई, जहां से उन्हें निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा मिली।रैंक 29 प्राप्त भूपेंद्र कुमार ने बताया कि नालंदा परिसर केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि अनुभव और सहयोग का केंद्र है, जहां साथी विद्यार्थियों के साथ मिलकर अध्ययन करने से निरंतर सुधार और आत्मविश्वास बढ़ता है। वहीं सरगुजा निवासी वागेश्वरी ठाकुर (रैंक 37) ने कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयास के बल पर सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि कई बार असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और नालंदा परिसर के सकारात्मक वातावरण, सहयोगी स्टाफ एवं शांत अध्ययन व्यवस्था ने उन्हें सफलता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला प्रशासन की इस पहल ने युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का मंच प्रदान किया है, जिससे वे प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। नालंदा परिसर लाइब्रेरी आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए समर्पित हैं। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) श्री अजय कुमार श्रीवास्तव ने सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान राज्य में पेट्रोलियम क्षेत्र के विस्तार, ईंधन आपूर्ति की सुदृढ़ व्यवस्था तथा जनसुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर आईओसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
- बिलासपुर / बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल में नामांतरण प्रकरण में लापरवाही सामने आने पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। 17 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया में वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर जांच उपरांत यह कार्रवाई की गई।आयुक्त,छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा जारी आदेश के अनुसार बिलासपुर वृत्त के एक आवास के नामांतरण संबंधी आवेदन का निराकरण लंबे समय तक लंबित रहा। जानकारी में सामने आया कि संबंधित आवेदक श्री तोरण साहू द्वारा 17 मार्च 2025 को नामांतरण के लिए आवेदन किया गया था, जिस पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने और 11 नवंबर 2025 को पत्र जारी एवं हस्ताक्षरित होने के बावजूद उसे आवेदक तक प्रेषित नहीं किया गया और फाइल में ही लंबित रखा गया। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए संबंधित अधिकारी एल.पी. बंजारे कार्यपालन अभियंता एवं प्रभारी संपदा अधिकारी एवं पूनम बंजारे वरिष्ठ सहायक/प्रभारी सहायक संपदा प्रबंधक) को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय, नवा रायपुर अटैच कर दिया गया है। गृह निर्माण मंडल आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम नागरिकों के कार्यों में अनावश्यक देरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
- - धान, दहलन और तिलहन के बीज नई कीमतों पर उपलब्धदुर्ग / छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड द्वारा आगामी खरीफ सीजन 2026 के लिए विभिन्न फसलों के बीजों के विक्रय दरों का निर्धारण किया है। बीज प्रबंधक, रूआबांधा (जिला-दुर्ग) श्री एस.के. बेहरा से प्राप्त जानकारी अनुसार किसानों को इस वर्ष धान, दलहन और तिलहन के बीज नई कीमतों पर उपलब्ध होंगे। जिसमें धान मोटा की दर 3478, पतला धान 3919 से 3949 और सुगंधित धान की दर 4803 प्रति क्विंटल तय की गई है। इसी प्रकार कोदो-कुटकी 7245, रागी 7229, उड़द 14007 से 14351, मूंग 13390 से 14006, कुलथी 3893, सोयाबीन 9573 से 9805, मूंगफली 11816, तिल 20539 से 20557, रामतिल 12846, ढेंचा 22057 और अरहर 11369 से 13220 प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की गई है। आधार बीजों का विक्रय दरें प्रमाणित बीजों की विक्रय दरों से 100 रूपए प्रति क्विंटल अधिक होंगी। गत वर्ष धान की मोटा दर 3550, पतला 4030 एवं सुगंधित धान 4650 प्रति क्विंटल थी। इसी प्रकार सोयाबीन 7400, अरहर 11800 से 12500 थी। उड़द और मूंग की दर क्रमशः 11300 से 11400 प्रति क्विंटल थी।
- - एनएमडीसी बचेली एवं किरंदुल में अब विद्युत आपूर्ति सुनिश्चितरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा दक्षिण बस्तर स्थित एनएमडीसी बचेली एवं किरंदुल के लिए रिकार्ड समय मे 132 केवी विद्युत प्रणाली की लाइन तैयार कर ऊर्जीकृत किया गया। जिसमें एनएमडीसी की विस्तार परियोजनाओं के लिए किरंदुल एवं बचेली हेतु विद्युत आपूर्ति होगी। इस कार्य में सीएसपीटीसीएल द्वारा पृथक-पृथक 132 केवी विद्युत प्रणाली की लाइन का चुनौतीपूर्ण कार्य रिकार्ड समय मे पूर्ण करने का कीर्तिमान रचा गया। इस कार्य से एनएमडीसी की मेगा परियोजनाओं किरदुल में स्क्रीनिंग प्लांट- lll एवं बचेली में स्लरी पाईप लाईन को विद्युत आपूर्ति लक्ष्य से पूर्व प्रारंभ की जा सकी। इस कठिन कार्य को समय पर पूर्ण करने हेतु ट्रांसमिशन कपनी के प्रबंध निदेशक श्री आर. के. शुक्ला ने टीम के सभी सदस्यों को बधाई दी।132 केवी पारेषण प्रणाली के विस्तार हेतु किरंदुल में लगभग 1.86 किमी. एवं बचेली में लगभग 2.8 कि.मी. नयी लाइन की स्थापना की गई। यह कार्य रिकॉर्ड अवधि में पूर्ण किया गया जो यह दर्शाता है कि सुदुर दक्षिण बस्तर के इस क्षेत्र का वातावरण अब औद्योगिक विकास की उड़ान भरने के लिए तैयार है। समय प्रबंधन की दृष्टि से पारेषण कंपनी ने इन कार्यों हेतु टॉवर सामग्री की विशेष व्यवस्था स्वयं की संचालित अन्य पूंजीगत परियोजनाओं से की है। उल्लेखनीय है पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने एनएमडीसी प्रबंधन के निर्धारित लक्ष्य समय से पूर्व ही 132 केवी पर विद्युत आपूर्ति का रिकार्ड बनाया।इस कार्य में किरंदुल एवं बचेली में कमशः 08 एवं 14 विशालकाय टॉवर की स्थापना कर एनएमडीसी को 132 केवी में विद्युत आपूर्ति की है, जिससे नगरनार स्थित स्लरी पाइपलाइन प्रोजेक्ट शीघ्र प्रारंभ हो सकेगा।यह कार्य कार्यपालक निदेशक लाइन श्री संजय पटेल एवं उनके अधीनस्थ मैदानी अमले द्वारा संचालित किया गया।
- -1 वर्ष का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा होने पर अधिकारी-कर्मचारियों ने दी शुभकामनाएंबालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि मेेरे 01 वर्ष के कार्यकाल के दौरान जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ जिले के सम्मानीय जनप्रतिनिधियों सहित संपूर्ण जिले वासियों के अमूल्य सहयोग के बदौलत बालोद जिले को विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के आज 01 वर्ष के सफल कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान जिले के अधिकारी-कर्मचारियों ने कलेक्टर श्रीमती मिश्रा को शुभकामनाएं देते हुए उनके कार्यों एवं व्यवहारों की भूरी-भूरी सराहना की। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।श्रीमती मिश्रा ने कहा कि शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों की महती भूमिका रही है। जिसके फलस्वरूप मेरे 01 वर्ष के कार्यकाल में बालोद जिले को देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने का गौरव प्राप्त होने के अलावा जल संचय, जनभागीदारी अभियान 1.0 के अंतर्गत जोन 02 में बेस्ट परफार्मिंग जिले के रूप में पूरे देश में प्रथम स्थान अर्जित करने में सफल रहा। इसके साथ ही 20 जुलाई 2025 को जिला प्रशासन द्वारा आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत सभी वर्गों के सहयोग से कुल 01 लाख 74 हजार पौधरोपण करने का कीर्तिमान भी हमें हासिल हुआ है। जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में बालोद जिले को नई पहचान मिली। इसके अलावा राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत बालोद जिले में हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए जिले को स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड से सम्मानित भी किया गया। उन्होंने कहा कि इन सारी उपलब्धियों के अलावा हमारे सभी अधिकारी-कर्मचारियों के सहयोग से जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे मिशन गोद अभियान के जिले में अंतर्गत गंभीर कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने का अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कार्य किया गया है। इसके अलावा उन्होेंने कार्यकाल के दौरान चल रहे नीर चेतना अभियान आदि के कार्यों की भी सराहना की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले को मिले इन सारी उपलब्धियों का श्रेय जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ संपूर्ण जिले वासियों को दी है। उन्होंने कहा कि मेरे लिए बहुत ही सौभाग्य का विषय है बालोद जिले में अधिकारी-कर्मचारियों का मुझे बेहतरीन टीम प्राप्त हुआ है। जिसके फलस्वरूप हमारा जिला आज इस मुकाम पर है। उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य करते हुए जिले में शासन के सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित कर बालोद जिले को प्रत्येक क्षेत्रों में अग्रणी बनाने में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा।
- रायपुर। नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का विरोध करने वाली कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष के खिलाफ प्रदेश की मातृशक्ति ने सोमवार को राजधानी रायपुर में हल्ला बोला । भाजपा महिला मोर्चा के नेतृत्व में आज राजधानी रायपुर के इनडोर स्टेडियम से जन आक्रोश पदयात्रा निकाली गई। जन आक्रोश पदयात्रा में हजारों की संख्या में विभिन्न संगठनों से जुड़ीं प्रदेश की हर वर्ग और क्षेत्र से मातृशक्ति जन आक्रोश रैली में शामिल हुई।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नारी जन आक्रोश यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का विरोध करके कांग्रेस और विपक्षी दलों ने साबित कर दिया कि वे महिला विरोधी हैं। कांग्रेस एवं उनके सहयोगी दल के नेताओं को यह पसंद नहीं है कि गांधी परिवार के अलावा कोई भी महिला लोकसभा एवं विधानसभा में नेतृत्व करें। देश की महिलाओं को लोकसभा व विधानसभाओं में उनका 33 प्रतिशत नेतृत्व सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नारी शक्ति वन्दन अधिनियम लाया गया था। देशभर की मातृशक्ति में इस अधिनियम को लेकर काफी उत्साह था। लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि हमारी माता-बहनों की खुशी कांग्रेस व विपक्षी दल के महिला विरोधी राजनीतिक चरित्र के चलते साकार नहीं हो पाई। इण्डी गठबंधन ने इसमें अवरोध उत्पन्न करके नारी शक्ति के साथ घोर अन्याय करने का पाप किया है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की महिलाओं को उनका अधिकार देने के लिए सदन में नारी शक्ति वन्दन अधिनियम पेश किया ताकि देश की महिलाएँ 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ लोकसभा एवं विधानसभाओं में नेतृत्व करे और विकसित भारत 2047 की संकल्पना को पूरा करने में सहभागी बने लेकिन कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों को यह नागवार गुजरा और अपने महिला विरोधी चरित्र को एक बार फिर से उजागर करते हुए इस अधिनियम का विरोध कर कांग्रेस ने इस अधिनियम को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी मातृशक्ति को केवल वोट बैंक समझती है।भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री (डॉ.) सरोज पाण्डेय ने कहा कि नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का विरोध कर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने न केवल इसे पारित होने से रोका बल्कि देश की आधी आबादी महिलाओं के अधिकारों का विरोध कर उनका हक छीना। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व विपक्षी दल के महिला विरोधी रवैये से देश की मातृशक्ति रुष्ट है। भाजपा सरकार ने सदैव हर स्तर पर नारी के संवैधानिक अधिकारों व सम्मान की रक्षा की है। महिलाओं को उनका हक और अधिकार दिलान के लिए भाजपा संकल्पित है।भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेण्डी ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वन्दन अधिनियम सहित तीन विधेयक लोकसभा में लाए गए थे। नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को लेकर देशभर की महिलाओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा था। उन्हें तथा समाज के सभी वर्गों को विश्वास था कि यह विधेयक पारित हो जाएगा। लेकिन कांग्रेस के लोगों ने अपने मनगढ़ंत तर्कों व कुटिल सोच के साथ इस बिल का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं का अपमान किया है।उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण का विरोध करके देश की महिलाओं का अपमान किया है और देश की महिलाएँ अपने इस अपमान को सदैव याद रखकर कांग्रेस को सबक सिखाएंगीं। जब-जब महिलाओं के हित और अधिकारों की बात आई, कांग्रेस ने सदैव महिलाओं को प्रताड़ित करने का काम ही किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर कांग्रेस पार्टी गद्दारी कर रही है और यही कांग्रेस की सोच है। कांग्रेस पार्टी नहीं चाहती कि मातृशक्ति देश का नेतृत्व करें। वे महिलाओं को आज भी घर की चार दिवारी में कैद कर रखना चाहते है।महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह नजर आया। महिलाएँ अपने हितों को लेकर जागरूक हो चुकी है लेकिन एक ओर कांग्रेस है जो हमेशा महिलाओं को छलने का काम करती है। उन्हें कभी आगे बढ़ने का मौका कांग्रेस ने नहीं दिया। देश की महिलाएँ कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।कार्यक्रम का संचालन महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने किया एवं आभार प्रदर्शन महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने किया। जन आक्रोश पदयात्रा सुभाष स्टेडियम में संपन्न हुई। जन आक्रोश यात्रा में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कण्डेय, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, राजेश अग्रवाल, गुरु खुशवंत साहेब, सांसद लक्ष्मी वर्मा, कमलेश जांगड़े, पूर्व मंत्री एवं विधायक अजय चंद्राकर, विधायक धरमलाल कौशिक, राजेश मूणत, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, पुन्नू लाल मोहले, अनुज शर्मा, ईश्वर साहू, इंद्र कुमार साहू, रायपुर शहर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय, हस्त शिल्प विकास बोर्ड अध्यक्ष शालिनी राजपूत, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष कृतिका जैन, प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पांडेय, डॉ किरण बघेल, सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी बहनें शामिल हुईं।
- -जनता की सुरक्षा हेतु प्रशासन सतर्क, शीतल जल केंद्र और कूलिंग शेल्टर शुरूरायपुर । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिले में संभावित लू (हीटवेव) की स्थिति को देखते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने एवं व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही जिले में लू चलने की संभावना को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा समन्वित कार्ययोजना लागू की जा रही है, जिससे जनहानि एवं स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।कलेक्टर डॉ. सिंह ने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों एवं संवेदनशील आबादी की पहचान कर विशेष सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी अलर्ट प्रणाली के अनुसार रेड, ऑरेंज, येलो एवं सामान्य स्तर की चेतावनियों पर गंभीरता से कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।जिले के सभी सार्वजनिक स्थलों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार, पार्क एवं सरकारी कार्यालयों में शीतल जल केंद्र (प्याऊ) स्थापित किए जा रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को निर्बाध रखने तथा नगर निगम के माध्यम से टैंकरों द्वारा जल वितरण की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही श्रमिकों एवं राहगीरों के लिए छायादार अस्थायी विश्राम केंद्र (कूलिंग शेल्टर) बनाए जा रहे हैं।स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला अस्पतालों में हीट स्ट्रोक प्रबंधन हेतु आवश्यक दवाएं, आई.वी. फ्लूड्स, ओआरएस पैकेट एवं कूलिंग ट्रीटमेंट सुविधाएं उपलब्ध रहें। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को हीटवेव प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा एम्बुलेंस सेवाओं को भी आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है।महिला एवं बाल विकास विभाग को गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं कुपोषित बच्चों की विशेष निगरानी करने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में ओआरएस एवं पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही टीएचआर वितरण के दौरान महिलाओं को लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।इसके अतिरिक्त, बाजारों एवं प्रमुख स्थानों पर मिस्ट स्प्रे एवं वाटर स्प्रिंकलिंग की व्यवस्था, निर्माण स्थलों एवं ईंट भट्टों पर कार्यरत श्रमिकों के लिए विशेष सतर्कता, तथा जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं एवं स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।
- -आवेदकों के मांगों एव समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के दिए निर्देशबालोद। संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आज आयोजित कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्थानों से अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु पहुँचे आम नागरिकों के लिए राहत भरा साबित हुआ। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मधुर एवं आत्मीय बातचीत कर उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन में ग्राम रमतरा की तिलेश्वर ने आबादी भूमि दिलाने, ग्राम मोखा के लुकेश मंडावी ने दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने, ग्राम गहिरा नवागांव के लालाराम ने पीएम आवास हेतु भूमि दिलाने, ग्राम हल्दी की जयश्री बंजारे ने पेंशन दिलाने, ग्राम देवरीबंगला के रेखलाल ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का लाभ दिलाने, ग्राम गुरेदा की कांतेश्वरी ने आबादी भूमि दिलाने, ग्राम परसदा डंग के ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाने और ग्राम बघेली के कुशल सिंह ऋण पुस्तिका दिलाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किए।जनदर्शन में आज जिले के विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या मंे लोग कलेक्टर से मुलाकात करने पहुँचे थे। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जनदर्शन में पहुँचे लोगों से बारी-बारी से मुलाकात कर पूरी आत्मीयता से उनके मांगों एवं समस्याओं को सुना। श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से जनदर्शन में पहुँचे लोगों के मांगों एवं समस्याओं के समुचित निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
- -समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश-आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित कर आवेदकों को अनिवार्य रूप से सूचना देने को कहाबालोद । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने राज्य शासन के द्वारा प्रदेश में 01 मई से 10 जून के मध्य आयोजित की जाने वाली सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद जिले में इसका सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले में सुशासन तिहार के आयोजन के तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी विभाग प्रमुखों को सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने आवेदनों के निराकरण के पश्चात् आवेदकों को इसकी जानकारी अनिवार्य रूप से देने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सुशासन तिहार के आयोजन के संबंध में राज्य शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रत्येक शिविरों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्व अनुविभागीय अधिकारी अपने-अपने अनुविभाग के अंतर्गत आयोजित होने वाले सभी जनसमस्या निवारण शिविरों के नोडल अधिकारी होंगे। अनुविभाग के अंतर्गत आयोजित होने वाले जन समस्या निवारण शिविर राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के नियंत्रण एवं देखरेख में संपन्न होगा। कलेक्टर ने कहा कि अपने-अपने अनुविभाग में आयोजित होने वाले जनसमस्या निवारण शिविर के संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों की होगी। कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में कुल 32 जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 23 एवं नगरीय क्षेत्रों में कुल 09 जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। श्रीमती मिश्रा ने राजस्व अधिकारियों को शिविर में प्राप्त नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन आदि के प्रकरणों का त्वरित निराकरण के अलावा आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदनों का भी तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने शिविर में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना इत्यादि हितग्राहीमूलक योजनाओं का पात्रतानुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक अनुविभागों में 04 से 06 जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इसका उन्होंने समुचित प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए। जिससे कि आम जनता को सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित होने वाले जनसमस्या निवारण शिविर की तिथि, स्थल एवं अन्य आवश्यक जानकारियां प्राप्त हो सके। कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत बालोद जिले में पहला जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन सोमवार 04 मई को डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पिनकापार के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा।कलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं अन्य गणमान्य जनों के शिविर में प्रवास के दौरान वे विकास कार्यों का औचक निरीक्षण भी करेंगे। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान कलेक्टर ने सुशासन तिहार के दौरान आयोजित होने वाली समीक्षा बैठक एवं प्रेस वार्ता के आयोजन के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जिले में अपने प्रवास के दौरान विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से भेंट भी करेंगे। कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित होने वाली जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त आवेदनों का शत प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित की जाए। उन्होेंने सभी अधिकारियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्रता एवं शर्तों आदि की जानकारी भी अनिवार्य रूप से उल्लेख करने को कहा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने शिविरों में संबंधित क्षेत्रों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। इसके आधार पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने 11 मई को ’सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के आयोजन के संबंध में भी जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम का लाईव प्रसारण किए जाने की भी जानकारी दी। कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों से अपने अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों का ’आई गोट मिशन कर्मयोगी’ पोर्टल में आॅनबोर्डिंग के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने निर्धारित तिथि तक जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से आॅनबोर्डिंग कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भीषण गर्मी को देखते हुए राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों के समीप प्याऊ घर स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को जिलेवासियों के लिए पेयजल एवं निस्तारी हेतु समुचित मात्रा में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए।
- भिलाई । भिलाई इस्पात संयंत्र के जयंती स्टेडियम के मुख्य द्वार के समीप नव विकसित खेल-थीम आधारित वाटिका का लोकार्पण कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार ने किया।स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवा विभाग द्वारा शहर में आधारभूत नागरिक सुविधाओं के साथ-साथ सौंदर्यीकरण कार्यों को निरंतर गति दी जा रही है। इस वाटिका में तीरंदाजी, हॉकी, क्रिकेट, तैराकी, मुक्केबाजी, जिम्नास्टिक, साइक्लिंग, बास्केटबॉल, कुश्ती, भाला फेंक, भारोत्तोलन और टेनिस सहित विभिन्न खेलों को कलात्मक रूप में दर्शाया गया है।इस अवसर पर नगर सेवा विभाग के महाप्रबंधक प्रभारी श्री ए. बी. श्रीनिवास विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। परियोजना के सफल क्रियान्वयन में महाप्रबंधक (नगर सेवा विभाग–सिविल) श्री विष्णु पाठक, उप महाप्रबंधक (क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग) श्री राजेंद्र प्रसाद, सहायक महाप्रबंधक (नगर सेवा विभाग–सिविल) श्री सरोज झा और श्री विवेक गुप्ता की प्रमुख भूमिका रही। साथ ही वास्तुकार श्री वाई. उमाशंकर तथा श्री वी. वी. श्रीधर का विशेष योगदान उल्लेखनीय रहा।लोकार्पण समारोह में महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री सौमिक डे, ऑफिसर्स एसोसिएशन के सचिव श्री अंकुर मिश्रा, सेफी नॉमिनी श्री अखिलेश मिश्रा, उप महाप्रबंधक श्री राघवेंद्र गर्ग, सहायक महाप्रबंधक श्री रेमी थॉमस, श्री कमरुद्दीन सहित बड़ी संख्या में अधिकारीगण उपस्थित रहे।
- रायपुर।छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना 2027 के तहत संचालित स्व-गणना (Self Enumeration) अभियान में नागरिकों की भागीदारी तेज़ी से बढ़ रही है। जनगणना संचालन निदेशालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक कुल 32,548 नागरिक पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से 23,526 नागरिकों ने अपनी गणना की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, जबकि 9,022 नागरिक वर्तमान में पंजीकरण कराकर डेटा प्रविष्टि की प्रक्रिया में संलग्न हैं।भारत सरकार के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त के समन्वय में संचालित इस प्रक्रिया का उद्देश्य सटीक, अद्यतन और विश्वसनीय सामाजिक-आर्थिक आंकड़े संकलित करना है। स्व-गणना की यह व्यवस्था नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने की सुविधा देती है, जिससे डेटा की प्रामाणिकता बढ़ती है और प्रशासनिक तंत्र पर भार कम होता है।प्रक्रिया के तहत नागरिकों को ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन करना होता है, जिसके बाद वे परिवार की आधारभूत सुविधाओं और सदस्यों की व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करते हैं। कार्य पूर्ण होने पर प्राप्त डिजिटल संदर्भ संख्या (CRN) भविष्य में सत्यापन हेतु अनिवार्य होगी।राज्य में इस अभियान के सुचारू संचालन के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को डिजिटल प्रशिक्षण दिया गया है। डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तकनीकी हेल्पलाइन भी सक्रिय की गई है। जनगणना संचालन निदेशालय के निदेशक डॉ. कार्तिकेय गोयल ने नागरिकों से इस डिजिटल पहल में सक्रिय भागीदारी की अपील की है, ताकि राज्य के संतुलित विकास हेतु एक सशक्त आधार तैयार किया जा सके।
- -किराना व्यवसाय से सालाना 2 लाख रुपये तक की बचत, आत्मनिर्भरता की बनी मिसालरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘बिहान’ योजना के माध्यम से प्रदेशभर में ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। स्व-सहायता समूहों के जरिए महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं और ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रही हैं।इसी कड़ी में सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनतराई की श्रीमती बिलासो बाई की सफलता की कहानी महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनकर उभरी है। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली बिलासो बाई आज एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित हो चुकी हैं और किराना व्यवसाय से प्रतिवर्ष डेढ़ से दो लाख रुपये तक की शुद्ध बचत कर रही हैं।श्रीमती बिलासो बाई बताती हैं कि वर्ष 2016 से पहले उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी। इसके बाद वे ‘बिहान’ योजना के अंतर्गत स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, जहां उन्हें वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन मिला। प्रारंभ में छोटे ऋण से किराना व्यवसाय शुरू किया और धीरे-धीरे अपने कार्य का विस्तार किया। बाद में उन्होंने समूह से लगभग 1 लाख रुपये का ऋण लेकर अपने व्यवसाय को और सुदृढ़ किया।निरंतर परिश्रम और बेहतर प्रबंधन के चलते आज उनकी दुकान अच्छी तरह स्थापित हो चुकी है। वे न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि अपने बच्चों के सहयोग से व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने बताया कि वे अपना ऋण भी चुका चुकी हैं और अब नियमित रूप से अच्छी बचत कर पा रही हैं।बिलासो बाई ने अपनी सफलता का श्रेय शासन की योजनाओं को देते हुए कहा कि ‘बिहान’ योजना ने ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास जगाया है। अब महिलाएं घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं और परिवार के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं।प्रदेश में ‘बिहान’ योजना के तहत महिलाओं को वित्तीय सहायता के साथ-साथ कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें। जिला स्तर पर निरंतर प्रयासों के चलते बड़ी संख्या में महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में उभर रही हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
- -उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन व महापौर संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपए से बनने वाले 02 प्रतीक्षा शेड निर्माण कार्य का किया भूमिपूजनरायपुर। शहर के चौक-चौराहों में लगे ट्रैफिक सिंग्नल के लाल होने के कारण नागरिको वाहन चालकों के रूकने के समय तेज धूप व बारिश के पानी से अब परेशानी नही होगी क्योंकि निगम शहर के ट्रैफिक सिग्नल वाले प्रमुख चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड का निर्माण करा रहा है। रविवार को प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से बनने जा रहे 02 प्रतीक्षा शेड के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।कोरबा शहर के विभिन्न चौक. चौराहों में आवागमन व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के मद्देनजर ट्रैफिक सिग्नल स्थापित किये गये हैंए इन चौक-चौराहों से गुजरने वाले नागरिकों, वाहन चालकों को ट्रेफिक लाल होने के समय रूक कर प्रतीक्षा करनी होती है जिससे विशेष रूप से तेज धूप व बारिश के दौरान उन्हें परेशानी होती है। नागरिकों, वाहन चालकों को इस परेशानी से छुटकारा दिलाने हेतु नगर पालिक निगम केारबा द्वारा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों में सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बनाये जाने की योजना बनाई गई है। प्रारंभ में सीएसईबी चौक में 02 नग प्रतीक्षा शेड बनाये जायेंगे जिनका भूमिपूजन रविवार को उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के करकमलों से सम्पन्न हुआ तथा प्रतीक्षा शेड का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया।इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि चौक-चौराहों पर सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बन जाने से गर्मी की तेज धूप व बारिश के पानी से अब आमनागरिकों वाहन चालकों को परेशानी नही होगी महापौर श्रीमती राजपूत का यह कार्य सराहनीय है जो उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। कोरबा शहर के सड़कों के डामरीकरण की चर्चा करते हुये उद्योग मंत्री श्री देवंागन ने कहा कि शहर की सभी सड़कों के डामरीकरण नवीनीकरण हेतु शासन द्वारा राशि स्वीकृत किये जाने के बाद निविदा आदि की कार्यवाही पूरी कर ली गई है 02 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण का भूमिपूजन भी किया जा चुका है किन्तु ईरान इजरायल युद्ध के परिणाम स्वरूप डामर मिलने में अत्यंत कठिनाई हो रही है ठेकेदारों को डामर नहीं मिल पा रहा है इसके कारण डामरीकरण कार्य में देरी हो रही है, उन्होने कहा कि जैसे ही डामर की उपलब्धता बनेगी तेजी के साथ शहर की सड़कों का कायाकल्प कर दिया जायेगा। उन्होने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय व उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरूण साव के आशीर्वाद से कोरबा में विकास कार्याे हेतु धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही तथा कोरबा का तेजी से विकास हो रहा है।महापौर श्रीमती राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन की प्रेरणा से मेरे मन में विचार आया कि सिग्नल के दौरान चौक-चौराहों में रूकने के दौरान तेज धूप व बारिश से आमलोगों को होने वाली परेशानी से कैसे छुटकारा दिलाया जाय तब चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड निर्माण की योजना बनी जिसके प्रथम चरण में सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से 02 प्रतीक्षा शेड बनेंगे इसके बाद दूसरे प्रमुख चौक.चौराहों पर भी शेडों का निर्माण होगा उन्होने बताया कि सीएसईबी चौक में आमनागरिकों की सुविधा हेतु सर्वसुविधायुक्त शौचालय भी बनाया जा रहा है वहीं चौक में स्थित पुराने जर्जर प्रतीक्षालय के स्थान पर सर्वसुविधायुक्त आधुनिक व वातानुकूलित प्रतीक्षालय का निर्माण भी कराया जायेगा।उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत द्वारा सुभाष ब्लाक जैतखंभ के पास सतनामी समाज के लिये 15 लाख रूपये की लागत से बनने जा रहे सामुदायिक भवन एवं हेलीपेड के पास किन्नर समाज के लिये 10 लाख रूपये से बनने जा रहे भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। इस मौके पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि कोरबा में 52 समाजों के लिये उनके अपने भवन निर्मित कराये गये हैं तथा आज लगभग सभी समाजों के लिये उनके अपने भवन उपलब्ध हैं।भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर पार्षद नरेन्द्र देवांगन, लक्ष्मण श्रीवास, मुकुंद सिंह कंवर, धनकुमारी गगर्, ममता यादव, सिमरनजीत कौर, नारायण लाल कुर्रे, प्रभा टीकम राठौर, रूबी देवी सागर, मण्डल अध्यक्ष राजेश राठौर एवं योगेश मिश्रा, सुशील गर्ग, शैलेन्द्र सिंह, पप्पी प्रफुल्ल, तिवारी नरेन्द्र, पाटनवार, गुलजार सिंह, आर पी खाण्डे, आर डी भारद्वाज, मालती देवी, दूजराम मिलन, विमला निराला, लक्ष्मीन खाण्डे, द्रौपदी मिरी धनबाई, विमला कुर्रे, अनिता बंजारे, सुफल महिलांगे, संतोष टण्डन, छतराम खुंटे, संतोष सुमन, सुरेन्द्र राजवाडे़, आशीष द्विवेदी, हेमंत देवांगन, विजय गुप्ता, मनोज सिंह, दिनेश कुमार, दीपक यादव, फुलगिरी गोस्वामी, गुलशन सोनी, गणेश भवसागर, गिरधारी रजक, लक्ष्मी महाराज आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ में में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल और उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति जारी, सरकार का भरोसा कायम-छत्तीसगढ़ में आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़: सरकाररायपुर । वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम उत्पादों रसोई गैस (एलपीजी), पेट्रोल एवं डीजल तथा कृषि उर्वरकों की आपूर्ति पूरी तरह सुचारु और नियंत्रित बनी हुई है। राज्य शासन और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की कमी या संकट की स्थिति नहीं है।प्रेस वार्ता में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक (मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) श्री अजय कुमार श्रीवास्तव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की संचालक डॉ. फरीहा आलम सिद्दीकी तथा कृषि एवं कृषि उत्पादन आयुक्त की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि राज्य में आपूर्ति तंत्र पूरी तरह सुदृढ़ है और मांग के अनुरूप निरंतर वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 72 हजार एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है, जो सामान्य मांग के अनुरूप है। राज्य में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की कुल पांच बॉटलिंग इकाइयों में पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। इसके साथ ही 539 वितरकों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।कम खपत वाले उपभोक्ताओं, विद्यार्थियों, प्रवासी श्रमिकों और अस्थायी निवासियों की सुविधा के लिए पांच किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्रों उरला, सिलतरा, तिफरा, सिरगिट्टी, पाथरपाली और भूपदेवपुर में विशेष शिविरों के माध्यम से इनकी पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।डिजिटल व्यवस्था के विस्तार से वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आई है। वर्तमान में लगभग 98 प्रतिशत एलपीजी बुकिंग एसएमएस, इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स सिस्टम और मिस्ड कॉल जैसी डिजिटल सेवाओं के माध्यम से हो रही है। साथ ही, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड प्रणाली लागू होने से उपभोक्ताओं को पारदर्शी और जवाबदेह सेवा मिल रही है।कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन और तेल कंपनियां संयुक्त रूप से सघन कार्रवाई कर रही हैं। अब तक राज्यभर में 419 छापेमारी की गई हैं, 105 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 3946 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधियों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा।पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता भी पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। राज्य में 2587 पेट्रोल पंपों के माध्यम से उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप आपूर्ति की जा रही है। टर्मिनल और बल्क पेट्रोलियम, ऑयल और लुब्रिकेंट डिपो में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित है तथा पाइपलाइन और रेल नेटवर्क के जरिए नियमित आपूर्ति बनाए रखी जा रही है।कृषि क्षेत्र के संदर्भ में प्रमुख सचिव कृषि श्रीमती शहला निगार ने बताया कि किसानों के लिए उर्वरकों और अन्य कृषि आदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए अग्रिम भंडारण किया जा रहा है, जिससे किसी प्रकार की कमी की आशंका नहीं है।अधिकारियों ने आम नागरिकों और किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यक वस्तुओं का अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य में आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ है और सरकार किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं प्रतिबद्ध है, जिससे आम जनजीवन और कृषि गतिविधियां निर्बाध रूप से संचालित होती रहें।
- -कृषि विश्वविद्यालय में मनाया गया अक्ती तिहार-प्रदेश के कृषि विज्ञान केन्द्रों एवं अनुसंधान प्रक्षेत्रों में भी हुआ अक्ती तिहार का आयोजनरायपुर । कृषि विकास एवं किसान कल्याण कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज अक्ती तिहार के अवसर पर ट्रेक्टर चलाकर सीड ड्रील से धान बीज का रोपण किया और बाड़ी में सब्जियों के बीजों की बुआई की। कृषि मंत्री ने अच्छी फसल के लिए धरती माता से प्रार्थना की और गौ माता को चारा भी खिलाया। उन्होंने इस अवसर पर किसानों को उन्नत बीज, खाद एवं कृषि यंत्र भी वितरित किये। अक्ती तिहार का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों, अनुसंधान प्रक्षेत्रों तथा कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी किया गया।मंत्री श्री नेताम इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अक्षय तृतीया के अवसर पर ‘‘अक्ती तिहार’’ के राज्य स्तरीय समारोह में शामिल हुए। मंत्री श्री नेताम ने इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय प्रक्षेत्र में माटी पूजन, बीज पूजन तथा ठाकुर देवता की पूजा अर्चना कर खेती किसानी के नए कार्यों की शुरूआत की।समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि हमें कृषि में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करते हुए जैविक खेती की तरफ बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैव उर्वरकों एवं जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है जो मिट्टी और पर्यावरण की सेहत के लिए अधिक सुरक्षित हैं।कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य शासन द्वारा रासायनिक उर्वरकों को उपयोग को कम करने के लिए सुनियोजित रणनीति बनाई गई है जिसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय भी तकनीकी सहयोगी के रूप में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि अक्ती तिहार धरती के प्रति अपनी कृतिज्ञता प्रकट करने का त्यौहार है। हमें सोचना चाहिए कि प्रकृति से हम जितना ले रहे हैं उसके बदले में धरती को क्या वापस कर रहे हैं। अक्ती तिहार के अवसर पर खेती किसानी का कार्य शुरू करने के पहले हम धरती माता से प्रार्थना कर उनसे अनुमति लेते हैं तब हल चलाते हैं। धरती माता को जो क्षति होती है उसके लिए हम क्षमा मांगते हैं।श्री नेताम ने कार्यक्रम में ड्रोन का संचालन करने वाली ड्रोन दीदी श्रीमती फुलेश्वरी निषाद को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि एक घरेलू ग्रामीण महिला श्रीमती निषाद ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त कर ड्रोन दीदी के रूप में लोगों की सेवा कर रहीं हैं, यह प्रशंसनीय है।समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि अक्षय तृतीया को छत्तीसगढ़ में अक्ती के नाम से भी जाना जाता है। आज के दिन हम धरती एवं बीजों की पूजा करते हैं तथा खेती किसानी के कार्य की शुरूआत करते हैं। डॉ. चंदेल ने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अक्ती तिहार का भव्य एवं वृहद स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। आज कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी अक्ती तिहार का आयोजन किया जा रहा है। किसानों के लिए नवीन बीज बुआई तकनीकी एवं कृषि में ड्रोन का उपयोग तकनीक का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र रायपुर द्वारा “रासायनिक उर्वरकों का विकल्प” विषय पर कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा किसानों को रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर विभिन्न जैव उर्वरक एवं जैविक खाद के उपयोग की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि नील हरित काई, अजोला, राइजोबियम, एजोटोबैक्टर, एजोस्पाइरिलम, फॉस्फोरस स्थिरीकरण बैक्टीरिया जैसे जैव उर्वरकों तथा हरी खाद के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों की कमी पूरी की जा सकती है। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को नील हरित काई तथा अजोला खाद के निर्माण का प्रायोगिक प्रदर्शन भी किया गया।समारोह में संचालक कृषि श्री राहुल देव, मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री महेन्द्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के एमडी श्री अजय अग्रवाल, कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक, संचालक प्रक्षेत्र डॉ. एस.एस. टूटेजा, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय डॉ. अजय वर्मा, अपर संचालक कृषि अभियांत्रिकी श्री जी.के. पीढ़िया सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक कृषि वैज्ञानिक तथा बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- -जिले सहित राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थी ले सकेंगे हिस्सारायपुर । जिले के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और नए अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से 24 एवं 25 अप्रैल को धमतरी में “युवा उत्सव 2026 – इंटर कॉलेज प्रतियोगिता” का भव्य आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा आयोजन की रूपरेखा तैयार कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इस युवा उत्सव में जिला सहित राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों के युवाhttps://forms.gle/tamH8AYjaS7ARZYu5पर पंजीयन कर सकते है। अभी तक धमतरी जिला सहित आस-पास के जिलों के 2 हज़ार से अधिक प्रतिभागी अपना पंजीयन कर चुके है।यह उत्सव केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और करियर निर्माण का सशक्त मंच बनेगा। आयोजन में 20 से अधिक विधाओं को शामिल किया गया है, जिनमें वाद-विवाद, फोटोग्राफी, एकल एवं समूह नृत्य-गायन, म्यूजिकल बैंड, क्विज, नुक्कड़ नाटक, पारंपरिक वेशभूषा में रैम्प वॉक, आर्ट एवं क्राफ्ट प्रदर्शनी और फूड फेस्ट प्रमुख हैं। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए AI प्रतियोगिता, साइंस एवं कृषि तकनीकी प्रदर्शनी, रोबोटिक्स वर्कशॉप और स्टार्टअप गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी, जिससे युवाओं को नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।उत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। 24 अप्रैल को छत्तीसगढ़ी संगीतमय शाम में आरु साहू, “द गोल्डन स्टार नाइट ऑर्केस्ट्रा” (राजिम) और रायपुर का “आवाज क्रांति बैंड” अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत करेंगे। वहीं 25 अप्रैल को प्रसिद्ध सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लल्लनटॉप के वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी युवाओं को प्रेरक सत्र के माध्यम से मार्गदर्शन देंगे। इसके बाद बस्तर का लोकप्रिय “वायरा बैंड” अपनी दमदार प्रस्तुति से उत्सव को यादगार बनाएगा।युवा उत्सव के दौरान E-Cell के अंतर्गत फोटो एडिटिंग, यूट्यूब कंटेंट क्रिएशन, मेंटल हेल्थ और AI वर्कशॉप आयोजित किए जाएंगे। साथ ही खो-खो, कबड्डी, दौड़, शतरंज और रस्साकशी जैसी खेल प्रतियोगिताएं भी होंगी, जो युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक होंगी।यह दो दिवसीय आयोजन शासकीय महाविद्यालय धमतरी के नवीन भवन स्थित सेमिनार हॉल एवं परिसर में आयोजित होगा, जिसमें जिले एवं राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों के चयनित विद्यार्थी भाग लें सकते है। जिला प्रशासन ने इसे सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं, जिससे यह आयोजन जिले के लिए प्रेरणादायक और ऐतिहासिक साबित होने की उम्मीद है।
- -पेयजल संकट से मिली राहत, बंधी बना हर घर जल ग्राम-ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से संभव हुआ स्थायी समाधानरायपुर ।कबीरधाम जिले के विकासखंड सहसपुर लोहारा अंतर्गत ग्राम पंचायत बंधी में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान कर गांव की तस्वीर बदल दी है। वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहे इस गांव में अब हर घर तक नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है। ग्राम सभा की सहमति से ग्राम बंधी को “हर घर जल ग्राम” घोषित किया गया है, जो गांव के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।पहले ग्राम बंधी में गर्मी के मौसम के दौरान जल संकट गंभीर रूप ले लेता था। हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चला जाता था और कई जल स्रोत सूख जाते थे। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज के स्थानों से पानी लाना पड़ता था। पानी के लिए लंबी कतारें लगती थीं, जिससे घरेलू कामकाज और दैनिक दिनचर्या प्रभावित होती थी। कई बार खेती-किसानी और मजदूरी जैसे जरूरी कार्य भी बाधित होते थे। लेकिन जल जीवन मिशन के तहत नलजल योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब ग्राम के प्रत्येक घर में नियमित जल आपूर्ति हो रही है। इससे ग्रामीणों को न केवल पेयजल संकट से राहत मिली है, बल्कि महिलाओं और बच्चों के समय और श्रम की भी बचत हो रही है। अब उन्हें पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता, जिससे उनका जीवन अधिक सहज और व्यवस्थित हो गया है।ग्रामवासियों का कहना है कि पहले पानी की समस्या के कारण उन्हें अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब घर-घर नल से जल पहुंचने के कारण जीवन स्तर में सुधार हुआ है। स्वच्छ पेयजल मिलने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी कमी आई है और गांव में स्वच्छता का स्तर बेहतर हुआ है। यह सफलता ग्राम पंचायत, जल एवं स्वच्छता समिति तथा ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। शासन की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना ने ग्राम बंधी की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान कर दिया है। यह गांव अब अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है कि सामूहिक सहभागिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण विकास की नई मिसाल कायम की जा सकती है।
- -पहाड़ों के बीच बसे बैगा परिवारों तक पहली बार पहुंची पक्की सड़क-घाट काटकर बनाई सड़क, अब गांव में हर मंगलवार को बाजार लगना भी हुआ शुरूरायपुर । प्रधानमंत्री जनमन योजना से कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में बसे ग्राम सेजाडीह की तस्वीर अब बदल चुकी है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से ग्राम सेजाडीह के लोगों को वह सुविधा मिली है जिसका इंतजार उन्होंने पीढ़ियों तक किया था। योजना के अंतर्गत पीएमजीएसवाई विभाग द्वारा सेंदूरखार से सेजाडीह तक 2.10 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण कराया गया है। इस सड़क निर्माण कार्य पर 1 करोड़ 56 लाख 88 हजार रुपए की लागत आई है। यह कार्य आसान नहीं था, क्योंकि गांव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है। सड़क निर्माण के लिए पहाड़ों की घाट कटिंग कर रास्ता तैयार किया गया।कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में बसे ग्राम सेजाडीह के लोगों के लिए एक समय ऐसा था, जब गांव तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं था। पहाड़ की ऊंचाई पर बसे इस गांव में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवारों को वर्षों से आवागमन के लिए समस्या का सामना करना पड़ता था। गांव तक जाने के लिए केवल संकरे और पहाड़ी रास्ते थे, जिन पर पैदल चलना भी कठिन था। आजादी के दशकों बाद भी गांव के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित थे। मरीजों को अस्पताल ले जाना, बच्चों का स्कूल जाना, महिलाओं का घरेलू सामान लाना, किसानों का उपज बाजार तक पहुंचाना हर काम कठिनाइयों से भरा हुआ था।ग्राम सेजाडीह के निवासी श्री धनसिंह धुर्वे बताते हैं कि पहले गांव तक कोई सड़क नहीं थी। राशन, दवाई, घरेलू सामान और खेती के लिए आवश्यक वस्तुएं लाने के लिए पंडरिया और कुई बाजार तक जाना पड़ता था। सामान सिर पर या कंधे पर रखकर पहाड़ी रास्तों से गांव तक लाना बहुत कठिन था। धनसिंह कहते हैं कि अब पक्की सड़क बनने के बाद गांव तक वाहन आसानी से पहुंच रहे हैं। जरूरत का सामान सीधे गांव तक आ रहा है। इससे समय की बचत होने के साथ-साथ ग्रामीणों का श्रम भी कम हुआ है। अब गांव में हर मंगलवार को बाजार लगना भी शुरू हो गया है, जिससे लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों बाद उनके गांव तक विकास की सड़क पहुंची है।
- -66 वितरण केंद्रों और 3 जोनों में लगाए जा रहे हैं विशेष शिविर, घर-घर जाकर जागरूक कर रही है CSPDL की टीम-कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने पात्र उपभोक्ताओं से योजना का लाभ उठाने की अपील कीराजनांदगांव/कवर्धा/मोहला/खैरागढ़, 20 अप्रैल 2026 - प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी “मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” राजनांदगांव क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिलों में बिजली बिलों के बोझ से दबे नागरिकों को राहत देने के लिए वृहद स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।इस योजना के माध्यम से इन चार जिलों के लगभग 17 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को लाभान्वित किया जा चुका है। इसमें सक्रिय और निष्क्रिय दोनों प्रकार के बीपीएल (BPL), घरेलू और कृषक श्रेणी के उपभोक्ता शामिल हैं। विभाग द्वारा अब तक मूल बकाया राशि और अधिभार (सरचार्ज) में कुल 12 करोड़ 20 लाख 26 हजार रुपए की भारी छूट प्रदान की गई है। समाधान योजना का मुख्य उद्देश्य बीपीएल, निम्नदाब घरेलू उपभोक्ताओं और कृशि श्रेणी के उपभोक्ताओं को आर्थिक संबल प्रदान करना है।गौरतलब है कि योजना के तहत अब तक 12539 निष्क्र्रिय उपभोक्ता सफलतापूर्वक लाभान्वित हो चुके हैं। साथ ही योजना के दायरे में आने वाले कुल 13722 पात्र सक्रिय उपभोक्ताओं में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। राजनांदगांव रीजन के अंतर्गत चारों जिलों के 07 विद्युत संभागों में सर्वाधिक पंडरिया संभाग से 8533, कवर्धा संभाग से 4983 मोहला संभाग से 1363, राजनांदगांव संभाग से 980, खैरागढ़ संभाग से 812, डोंगरगढ़ संभाग से 757 एवं डोंगरगांव संभाग से 154 सक्रिय एवं निष्क्रिय उपभोक्ता लाभान्वित हो चुकेें हैं। इन सक्रिय एवं निष्क्रिय उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि एवं अधिभार (सरचार्ज) में 12 करोड़ 20 लाख 26 हजार रुपए का छूट प्रदान किया जा चुका है। लाभान्वित उपभोक्ताओं द्वारा सक्रियता दिखाते हुए अब तक लगभग 01 करोड़ 02 लाख 30 हजार रुपए की बकाया राशि विभाग में जमा की जा चुकी है।सीएसपीडीसीएल (CSPDCL) राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट ने बताया कि योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए संभाग के 66 वितरण केंद्रों एवं 03 जोनों में विशेष समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। विभाग की टीमें न केवल केंद्रों पर मौजूद हैं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर उपभोक्ताओं को योजना की पात्रता और छूट की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जागरूक कर रही हैं। विभाग का लक्ष्य निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पात्र उपभोक्ताओं को इस योजना के दायरे में लाना है।कार्यपालक निदेशक श्री सेलट ने क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि ऐसे बीपीएल, घरेलू (APL) एवं कृषि श्रेणी के उपभोक्ता जो 31 मार्च 2023 से पूर्व के बकाया बिजली बिलों के कारण आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं, वे इस अवसर को न चूकें। उपभोक्ता अपने नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में पहुंचकर बकाया राशि का निपटारा कर सकते हैं। बकाया बिजली बिलों का निपटारा कर उपभोक्ता न केवल स्वयं को आर्थिक बोझ से मुक्त कर सकते हैं, बल्कि भविष्य में निर्बाध बिजली सेवा भी सुनिश्चित कर सकते हैं। समय पर बिल का भुगतान और बकाया का निपटारा कर उपभोक्ता बिजली कंपनी के सुदृढ़ीकरण में अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान कर एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभा सकते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अन्नदाताओं को संबल प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी पुराने बोझ के बिजली सेवाओं का लाभ उठा सकें।








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