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0 कार्यकारिणी सदस्यों, समितियों के पदाधिकारियों, महिला केंद्रों की संयोजिकाओं- सह संयोजिकाओं सहित सभासद भी परिचर्चा में आमंत्रित
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में गुरुवार, 28 अगस्त को सुबह 10:30 बजे खुली परिचर्चा का आयोजन किया गया है। परिचर्चा का विषय ‘अगले 10 वर्षों में महाराष्ट्र मंडल’ रखा गया है। परिचर्चा में कार्यकारिणी सदस्यों, विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों, महिला केंद्रों की संयोजिकाओं व सह संयोजिकाओं के साथ- साथ आजीवन सभासद भी शामिल होकर महाराष्ट्र मंडल को लेकर अपनी परिकल्पनाओं को साझा कर सकते हैं।मंडल के मुख्य समन्वयक व परिचर्चा के संयोजक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि इससे पहले भी करीब 10 साल पहले महाराष्ट्र मंडल में ‘विजन 2020’ परिचर्चा आयोजित की गई थी। उसमें तमाम पदाधिकारियों, सभासदों के साथ कार्यकारिणी सदस्यों की ओर से मिले सुझावों में अधिकांश पर अमल किया भी जा चुका है। महाराष्ट्र मंडल के लिए अगले 10 साल बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि एक दशक के बाद साल 2035 में महाराष्ट्र मंडल अपना शताब्दी वर्ष मनाएगा।खंगन ने कहा कि पिछली परिचर्चा के अनुरूप इस बार भी सभी वक्ताओं की ओर मिलने वाले विचारों को संकलित और सहेजा जाएगा। उन सुझावों पर कब और कैसे अमल किया जाएगा, इस पर कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक में चर्चा भी की जाएगी। मुख्य समन्वयक के अनुसार करीब नौ करोड़ की लागत से महाराष्ट्र मंडल का नवनिर्मित सर्वसुविधायुक्त भवन लोकार्पित किया जा चुका है। इसके साथ ही पिछले तीन वर्षों में मंडल ने अपना फिजियोथैरेपी सेंटर और दिव्य महाराष्ट्र मंडल न्यूज पोर्टल शुरू किया है।श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि इस समय सखी निवास को आधुनिक बनाने की दिशा में सतत कार्य जारी है। जहां अतिशीघ्र 'पालना घर' भी शुरू किया जाएगा। इसी तरह समता कॉलोनी स्थित दिव्यांग बालिका विकास गृह के भी नवीनीकरण व आधुनिकीकरण का कार्य जारी है। यहां पर काम खत्म होते ही न केवल दिव्यांग बच्चियों को आज की जरूरत के अनुरूप सभी सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि बुजुर्गों के लिए ‘आपुलकी योजना’ के अंतर्गत डे केयर सेंटर भी अस्तित्व में आ जाएगा। इसके बाद भी परिचर्चा में महाराष्ट्र मंडल के विकास कार्यों को लेकर सभासदों से मिलने वाले सुझावों का स्वागत किया जाएगा और उन्हें यथासंभव धरातल पर लाने का प्रयास किया जाएगा। - रायपुर ।जशपुर जिले में खेलों को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी उद्देश्य से संचालित एकलव्य खेल अकादमी बच्चों की खेल प्रतिभा को निखारने का केंद्र बनी हुई है। यहां चयनित खिलाड़ियों को विभिन्न खेल विधाओं का नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप जिले के बच्चे राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।खेल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा ने बताया कि ताइक्वांडो विधा में बच्चों को प्रशिक्षक नंदलाल यादव के मार्गदर्शन में लगातार अभ्यास कराया जा रहा है। इसी कड़ी में 22 से 24 अगस्त 2025 तक अंबिकापुर में आयोजित 21वीं राज्य स्तरीय ताइक्वांडो चौंपियनशिप में जशपुर जिले की अकादमी के 08 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए अकादमी के 07 खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीतकर नेशनल स्तर के लिए क्वालीफाई किया है। इनमें मनीष भगत, शिवराज बंजारा, अजय कुमार चौहान, भारत पैंकरा, राकेश राम, अर्जुन राम और करण राम शामिल हैं। वहीं साहिल एक्का ने कांस्य पदक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया। अब यह सभी खिलाड़ी आगामी दिनों में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस उपलब्धि पर खिलाड़ियों, प्रशिक्षक और अकादमी से जुड़े सभी लोगों को बधाई व शुभकामनाएं दी गई हैं।
- - भाजपा सांसद कश्यप ने प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर मची नई रार पर कहा : कांग्रेस विचारों, मुद्दों और नेतृत्व के धरातल पर पूरी खोखली हो चली हैरायपुर/जगदलपुर/दंतेवाड़ा । भारतीय जनता पार्टी के बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर मची नई रार पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि कांग्रेस विचारों, मुद्दों और नेतृत्व के धरातल पर इस कदर खोखली हो चली है कि अब वह अंतर्कलह के नित नए अध्याय रच रही है। पूर्व मंत्री रवीन्द्र चौबे के बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की तल्खी जिस तरह सामने आई है, उससे यह साफ हो रहा है कि प्रदेश कांग्रेस में अब 'पीसीसी' (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) बनाम 'बीसीसी' (भूपेश कांग्रेस कमेटी) के बीच सत्ता-संघर्ष का नया दौर छिड़ गया है।भाजपा सांसद श्री कश्यप ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत पर कांग्रेस की पोलिटिकल अफेयर कमेटी की उस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कमजेर नेतृत्व की तोहमत लगाई थी, जिसमें प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट भी मौजूद थे। कभी मोहन मरकाम को प्रदेश अध्यक्ष पद से बेदखल करने के लिए बघेल ने जिन बैज को सामने लाया था, आज उन्हीं पर निशाना साधा जा रहा है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह अभियान अपनी राजनीतिक उपेक्षा से उपजे 'एकाकी लोकतंत्र' के चलते पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के इशारे पर चल रहा है। पूर्व मंत्री चौबे ने यह बयान बहुत सोच-समझकर दिया होगा, या उनसे दिलवाया गया होगा। श्री कश्यप ने सवाल किया कि क्या वर्तमान प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत पद के काबिल नहीं हैं? फिलहाल चौबे के बयान को लेकर पार्टी के अन्दर जो तल्ख तकरार चल रही है, वह कांग्रेस में सत्ता-विछोह से उपजी कुलबुलाहट को समय-समय पर इस तरह के शिगूफों के जरिए सामने ला रही है।
- -पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत तमाम कांग्रेस नेता प्रदेश की जनता का ध्यान भटकाने में लगे हुए हैंरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने कहा है कि ईओडब्ल्यू और एसीबी द्वारा प्रदेश की भूपेश सरकार के कार्यकाल में हुए 32 सौ करोड़ रुपए के शराब घोटाले मे मंगलवार को प्रस्तुत किया गया एक और पूरक चालान यह बताता है कि पिछली कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के खजाने में किस तरह निर्लज्जतापूर्क डाका डालने का काम किया था। डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि आज जब परत-दर-परत इस मामले में खुलासा हो रहा है, तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत तमाम कांग्रेस नेता प्रदेश की जनता का ध्यान भटकाने में लगे हुए हैं।भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि शराब घोटाले का प्रारूप बनाने का निर्णय भूपेश सरकार के कार्यकाल में लिया गया। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा प्रस्तुत छठवां अभियोग पत्र मुख्यतः विदेशी शराब पर लिये गये कमीशन की जाँच पर आधारित है। पूरा प्रदेश जानता है कि कांग्रेस के शासनकाल में आबकारी विभाग में एक सिंडीकेट सक्रिय था, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी अनिल टुटेजा, अरुणपति त्रिपाठी, निरंजन दास के अलावा अनवर ढेबर, विकास अग्रवाल, अरविंद सिंह आदि शामिल थे। इनके नियंत्रण में विभाग में कमीशनखोरी की अवैध गतिविधियाँ संचालित हो रही थीं। डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि जाँच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कुछ विदेशी शराब सप्लायर कंपनियाँ सप्लाई की जा रही शराब पर सिंडीकेट को नगदी में कमीशन देने के लिये तैयार नहीं थीं। इस अड्चन को दूर करने के लिये उस समय सक्रिय सिंडीकेट ने एफएल-10 ए/बी लाइसेंसी व्यवस्था शुरू की। इसके तहत ब्रेवरेज कॉर्पोरेशन को किनारे कर जिन तीन निजी कम्पनियों को लाइसेंस दिया गया, वे सिंडीकेट के करीबी व राजनैतिक संरक्षण प्राप्त व्यक्ति थे।भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि अभियोग पत्र में ओम साई बेवरेज कंपनी से जुडे हुए विजय कुमार भाटिया, नेक्सजेन पॉवर इंजिटेक प्रालि. के संजय मिश्रा, मनीष मिश्रा, अभिषेक सिंह की गिरफ्तारी कर अभियोजित किया गया है। डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि जब भी भ्रष्टाचार पर कार्रवाई होती है, कांग्रेस उन गोरखधंधों से जुड़े लोगों का बचाव करने तमाम प्रकार के सियासी ड्रामे करके प्रदेश की जनता का ध्यान भटकाने का काम करने लगती है, लेकिन कांग्रेस नेता यह कतई न भूलें कि प्रदेश में अब "विष्णु का सुशासन" चल रहा है जो प्रदेश को भ्रष्टाचार से पूरी तरह मुक्त करने और प्रदेश के खजाने पर डाका डालने वालों को सींखचों के पीछे भेजने के लिए संकल्पित है।
- रायपुर। कार्यालय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर द्वारा जारी आदेश में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लोफंदी, विकासखंड बिल्हा के प्रभारी प्रधान पाठक एवं शिक्षक ललित कुमार देवांगन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में पाया गया कि सत्र 2025-26 की समय सारणी में संकुल समन्वयक श्री डीलेश्वर प्रसाद कंगण, शिक्षक एल.बी. को किसी भी कक्षा में अध्यापन कार्य हेतु आबंटन नहीं किया गया था। साथ ही, उनके विद्यालय में नियमित उपस्थित न रहने एवं डेली डायरी नियमित रूप से न लिखने की जानकारी उच्च अधिकारियों को नहीं दी गई।जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ कि श्री देवांगन ने इस अनियमितता में सहयोग किया है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन है।इस पर संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 10 के अंतर्गत श्री ललित कुमार देवांगन की एक वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई है।यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
- - बीजापुर में 81 लाख रुपए के 20 इनामी समेत 30 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण; पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना का परिणामरायपुर / मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज बीजापुर में 81 लाख रुपए के 20 इनामी समेत 30 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह आत्मसमर्पण हमारी सरकार की नवीन पुनर्वास नीति, नियद नेल्ला नार योजना और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई का परिणाम है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने बस्तर के लोगों का विश्वास जीता है, उसी का परिणाम है कि लगातार माओवादी संगठन कमजोर हो रहे हैं और बड़ी संख्या में वे हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं। बस्तर अंचल में नक्सलवाद कमजोर हो रहा है और बस्तर तेजी से शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है। हमारी डबल इंजन की सरकार मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त बनाने के लिए संकल्पबद्ध है।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की परंपरा, इतिहास और कलाओं की सुंदरता को अनुभव करने का अद्भुत अवसर है। रायगढ़ का चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और कला की पहचान है। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव की परंपरा से जुड़ा यह आयोजन आज भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की लय और माधुर्य से पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध करता है। यह समारोह न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक अस्मिता को गौरवान्वित करता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कला-प्रेमियों को हार्दिक आमंत्रण देते हुए कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह जी की स्मृति में आयोजित यह समारोह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक यात्रा को और समृद्ध करता है। रायगढ़ की पुण्यभूमि, हमारी सांस्कृतिक धरोहर और कलाओं से परिपूर्ण है। यह वही धरती है जहाँ महाराजा चक्रधर सिंह जी ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य को नई पहचान दी और रायगढ़ को कला की राजधानी बना दिया। उन्होंने समस्त कला-प्रेमियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि वे इस आयोजन का हिस्सा बनें और भारतीय कला-संस्कृति के माधुर्य का अनुभव करें।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि चक्रधर समारोह की यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों को कला और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करेगी और न केवल रायगढ़, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी सुदृढ़ बनाएगी।
- रायपुर ।दंतेवाड़ा जिले में बीती रात हुई भारी वर्षा के कारण विकासखंड गीदम अंतर्गत ग्राम बागमुंडी-पनेड़ा क्षेत्र में स्थित नाले पर पुल का एक हिस्सा ढह जाने से जगदलपुर-दंतेवाड़ा-बीजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बाधित हो गया था। इस स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तत्काल युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है।मौके पर आज दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप और कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।प्रशासन द्वारा देर रात से ही आवश्यक मशीनरी और तकनीकी टीम को मौके पर तैनात कर दिया गया था। मरम्मत कार्य तेज़ी से जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आज रात तक मार्ग को वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील करते हुए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है जब तक कि मुख्य मार्ग पूर्ण रूप से चालू नहीं हो जाता। प्रभारी मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि यह एक आपात स्थिति है, लेकिन प्रशासन तत्परता से कार्य कर रहा है। नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा सर्वाेपरि है।
- -प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान के आकलन तथा आमजनों हेतु पुनर्वास सुनिश्चित करने के दिए निर्देशरायपुर। दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में विगत रात्रि में भारी वर्षा से हुए क्षति का आंकलन हेतु जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप एवं विधायक श्री चैतराम अटामी द्वारा मुख्यालय के वर्षा प्रभावित क्षेत्र सुरभि कालोनी, जीएडी कालोनी तथा नये रेस्ट हाऊस सहित अन्य मोहल्लों का जायजा लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश दिये।इस दौरान कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जिला प्रशासन द्वारा राहत के उपायों तथा प्रभावित लोगों के पुनर्वास हेतु किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में अतिवृष्टि से हुई क्षति के आकलन के लिये तहसीलदारों एवं पटवारियों के द्वारा सर्वे कार्य किया जा रहा है। साथ ही जिले में 27 राहत शिविर बनाये गयें हैं। जहां जिले की आपदा राहत टीम अलर्ट मोड पर तैनात है। आश्रय स्थलों में लोगों के लिये भोजन, पेयजल, कपड़े, बिस्तर, इत्यादि की भी पर्याप्त व्यवस्था कर दी गयी है।प्रशासन की प्राथमिकता सर्वप्रथम लोगों को प्राथमिक राहत पहुंचाना है। तत्पश्चात उनके क्षति के आंकलन कर शीघ्र-अतिशीघ्र मुआवजा देने की कार्यवाही की जायेगी। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
- -43 शिविरों में 2,196 लोग सुरक्षित ठहराए गएरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर में राहत और बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य करे ।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि राहत शिविरों में ठहरे सभी लोगों को भोजन, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने प्रशासन को बाढ़ से प्रभावित गाँवों तक तुरंत सहायता पहुँचाने और आपदा नियंत्रण कक्षों से स्थिति की निगरानी करने के आदेश दिए।उल्लेखनीय है कि लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के चार जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 26 और 27 अगस्त को सबसे अधिक वर्षा दंतेवाड़ा जिले में दर्ज की गई, जहाँ क्रमशः 93.7 मिमी और 118.4 मिमी बारिश हुई। सुकमा में 35 से 109.3 मिमी, बीजापुर में 34.9 से 50.2 मिमी तथा बस्तर में 67.3 से 121.3 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई जिससे 25 गाँव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि प्रभावित लोगों के लिए 4 जिलों में कुल 43 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें दंतेवाड़ा जिले से 1,116, सुकमा से 790, बीजापुर से 120 और बस्तर से 170 , इस प्रकार कुल 2,196 प्रभावितों को राहत शिविर में ठहराया गया है। बाढ़ से अब तक 5 जनहानि, 17 पशुधन हानि, 165 मकानों को आंशिक और 86 मकानों को पूर्ण क्षति की सूचना मिली है। सभी जिलों में नगर सेना एवं एस.डी.आर.आफ के द्वारा राहत बचाव कार्य किया जा रहा है एवं राहत शिविर में ठहराये गये लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग जिलों से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतत संपर्क बनाये हुए है एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। जिला सुकमा में आपदा मित्रों के द्वारा बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु जिला प्रशासन का सहयोग किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनहानि और नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी और पुनर्वास कार्य प्राथमिकता पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन और राहत दल लगातार सक्रिय रहें, हर जरूरतमंद तक तुरंत मदद पहुँचे और राहत सामग्री समय पर मिले।मुख्यमंत्री श्री साय ने आम नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आवश्यकता की स्थिति में तुरंत स्थानीय नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि प्रशासन और जनता के सामूहिक सहयोग से हम इस आपदा पर शीघ्र काबू पाएंगे और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन जल्द बहाल होगा।
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-ज्ञान के अभियान में आमजन की भागीदारी, अब तक 2 हजार पुस्तकें दान
रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिले में स्मृति पुस्तकालय योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत गुढियारी निवासी पीडब्ल्यूडी विभाग में कार्यरत सुश्री मंजू चौबे ने जिला प्रशासन को एसएससी, इंजीनियरिंग सहित अन्य पुस्तकें दान की। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह एवं अपर कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन आईएएस ने यह पुस्तकें ग्रहण की तथा दानदाता को सम्मान पत्र प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की।जिले में 15 जुलाई से प्रारंभ इस योजना के तहत दानदाताओं द्वारा लगभग 2 हजार पुस्तकें दान में दी जा चुकी है। ये पुस्तकें जरूरतमंद के भविष्य निर्माण में लाभकारी साबित होगी। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे आगे आकर पुस्तक दान करें और ज्ञान के इस अभियान में सहभागी बनें। पुस्तकें दान करने के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री प्रभात सक्सेना, रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल से मोबाइल नंबर 9406049000 पर संपर्क किया जा सकता है। - रायपुर। संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर ने गंभीर अनियमितताओं के कारण शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लोफंदी में पदस्थ डीलेश्वर प्रसाद कंगण, संकुल समन्वयक एवं शिक्षक एल.बी. को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में यह सामने आया कि श्री कंगण द्वारा सत्र 2025-26 में किसी भी कक्षा का अध्यापन कार्य नहीं किया जा रहा था और डेली डायरी का नियमित संधारण भी नहीं किया गया। विद्यार्थियों से पूछताछ में भी यह पुष्टि हुई कि वे कक्षाओं में पढ़ाई नहीं कराते थे। इसके अतिरिक्त, संकुल समन्वयक के दायित्वों की उपेक्षा करते हुए उन्होंने निर्धारित विद्यालयों का नियमित अवलोकन नहीं किया तथा 25 अगस्त 2025 को शासकीय प्राथमिक शाला रामनगर कछार समय से पूर्व बंद पाए जाने की सूचना भी उच्च अधिकारियों को नहीं दी। इन गंभीर लापरवाहियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन माना गया है। परिणामस्वरूप, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत श्री कंगण को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिलासपुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।
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-ज़मीन हस्तांतरित हेतु जनरेशन कंपनी की बोर्ड से मिली हरी झंडी
-उद्योग मंत्री का प्रयास रंग लाया, जमीन मिलते ही उद्योग विभाग पार्क बनाने शुरू करेगा तैयारीरायपुर। कोरबा को व्यावसायिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के दिशा में नगर विधायक कोरबा वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम और आबकारी, श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से बहुप्रतीक्षित एल्युमिनियम पार्क का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उत्पादन कंपनी के बोर्ड की हुई बैठक में पूर्व सयंत्र के ज़मीन हस्तांतरित हेतु हरी झंडी मिल गई है।कोहड़िया स्थित कोरबा ताप विद्युत गृह की 105 हेक्टेयर ज़मीन उद्योग विभाग को अब जल्द हस्तांतरित की जाएगी। इसके लिए बोर्ड ने प्रबंध निदेशक को अधिकृत किया है। साथ ही जिला प्रशासन, नजुल, राजस्व विभाग को ज़मीन का सत्यापन एवं सीमांकन कर उद्योग विभाग को हस्ताँतरित करने के लिए ऊर्जा विभाग द्वारा नजूल अधिकारी को पत्र जारी किया गया है।कोरबा ज़िले में एल्यूमिनियम पार्क निर्माण हेतु उद्योग मंत्री के प्रस्ताव पर वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये उद्योग विभाग के बजट प्रस्ताव में 5 करोड़ रुपए का घोषणा की गई थी। इसके बाद उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने ही उत्पादन कम्पनी के बंद पड़ी प्लांट की ज़मीन में एल्यूमिनियम पार्क हेतु प्रस्ताव ऊर्जा विभाग और उद्योग विभाग को दिया था।*उद्योग मंत्री के सशक्त प्रयास का अब लाभ अब कोरबा को*कोरबा के विधायक और उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के सशक्त प्रयास का लाभ कोरबा जिले को मिलने जा रहा है। जिला चेम्बर ऑफ कॉमर्स, उद्योग संघ द्वारा वर्षों से मांग की जा रही थी। अब एल्यूमिनियम पार्क बनने से जहा एल्यूमिनियम सेक्टर के छोटे बड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।*एल्यूमिनियम सामान की बढ़ रही डिमांड*एल्यूमिनियम की खपत विद्युत संयंत्रों के साथ दूसरे क्षेत्रों में भी बढ़ रही है। आफिस, बिल्डिंग के निर्माण में भी उपयोग हो रहा है। कांच के दरवाजे व खिड़कियों के लिए एल्यूमिनियम का ही उपयोग होता है। रेलवे भी एल्यूमिनियम फैब्रिकेशन व इंजीनियरिंग पार्ट से जुड़े उत्पादों का इस्तेमाल करता है। पैकेजिंग, इलेक्ट्रिकल सामान, वाहनों की बॉडी स्ट्रक्चर, व्हील्स, प्लेन व प्रिंटेड फाइल्स, फर्मा व बर्तन प्रोडक्ट तैयार करने में एल्यूमिनियम का उपयोग किया जाता है। इन सेक्टर के उद्योग अधिक संख्या में लग सकेंगे।*एक ही जगह पर कई उत्पाद*बालको के स्मेल्टर प्लांट में एल्यूमिना तैयार होता है। एल्यूमिनियम पार्क के बन जाने से एल्यूमिनियम से तैयार होने वाले उत्पाद कोरबा में ही बन सकेंगे। एक ही जगह पर कई प्रकार के उत्पाद बनाए जा सकेंगे। इसके लिए स्थानीय और बाहरी उद्योगपति कोरबा में संयंत्र लगाने के लिए रुचि लेंगे। - -प्रभावितों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने की पुख्ता व्यवस्था-2 हजार 196 लोग राहत शिविरों में सुरक्षितरायपुर। प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और कोंडागांव जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य तेज़ी से किया जा रहा है।आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 एवं 27 अगस्त को सबसे अधिक वर्षा दंतेवाड़ा जिले में दर्ज की गई। दंतेवाड़ा में 93.7 मिलीमीटर और 118.4 मिलीमीटर, बारिश हुई है। सुकमा जिले में 35 से 109.3 मिलीमीटर, बीजापुर में 34.9 से 50.2 मिलीमीटर तथा बस्तर में 67.3 से 121.3 मिलीमीटर, बारिश दर्ज की गई।अब तक इन चार जिलों में 25 ग्राम बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत देने 43 शिविर में 2 हजार 196 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है। इनमें अकेले सुकमा जिले से 790 और दंतेवाड़ा से 1 हजार 116 लोग शामिल हैं। बीजापुर जिले में 120 और बस्तर से 170 लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है।बाढ़ से अब तक 5 जनहानि, 17 पशुधन हानि, 165 आंशिक एवं 86 पूर्ण मकान क्षति की सूचना प्राप्त हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन एवं नगर सेना लगातार सक्रिय है। जिला सुकमा में आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित कर 24 घंटे स्थिति की निगरानी की जा रही है। प्रभावित गांवों तक राहत सामग्री एवं आवश्यक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।
- भिलाई । भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के अधीन संचालित, भारत की सबसे बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की स्टील उत्पादक और महारत्न कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL), ने भारतीय नौसेना के दो उन्नत फ्रंटलाइन युद्धपोतों, आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस हिमगिरि के लिए लगभग 8,000 टन क्रिटिकल-ग्रेड स्टील की आपूर्ति करके देश के रक्षा क्षेत्र के साथ अपनी महत्वपूर्ण साझेदारी जारी रखी है। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में, विशाखापत्तनम में, आयोजित एक समारोह के दौरान, इन दोनों फ्रिगेटों को आज, 26 अगस्त, 2025 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।सेल ने भारतीय नौसेना के इन दोनों उन्नत युद्धपोतों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कंपनी ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) के साथ साझेदारी करते हुए, अपने बोकारो, भिलाई और राउरकेला स्टील प्लांट्स से क्रिटिकल ग्रेड की हॉट-रोल्ड शीट और प्लेट्स की आपूर्ति की। भारतीय नौसेना के लिए क्रिटिकल -ग्रेड स्टील के विकास और आपूर्ति के जरिये, सेल ने आयात प्रतिस्थापन और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह सीधे तौर पर 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' पहलों से जुड़ा हुआ है और रक्षा ज़रूरतों के लिए विशेष गुणवत्ता वाले स्टील उपलब्ध करने की दिशा में भारत की आयात पर निर्भरता को घटाता है। अकेले राउरकेला स्टील प्लांट के ‘स्पेशल प्लेट प्लांट” ने टैंक, युद्धपोतों और मिसाइलों जैसे रक्षा अनुप्रयोगों के लिए एक लाख टन से भी अधिक क्रिटिकल - ग्रेड स्टील की आपूर्ति की है।आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस हिमगिरि जैसे जहाजों को नौसेना में शामिल करना, यह दिखाता है कि भारत अब देश में ही अपने जहाजों के लिए बुनियादी स्टील से लेकर इनके जटिल डिजाइन बनाने और कुशल चालक दल तक को विकसित करने में सक्षम है, जो हमारे देश की रक्षा प्रणाली की ताकत और मज़बूत नींव को प्रदर्शित करता है। भारत के रक्षा क्षेत्र के साथ सेल की स्थायी साझेदारी अच्छी तरह से स्थापित है, जिसमें आईएनएस विक्रांत, आईएनएस नीलगिरी, आईएनएस अजय, आईएनएस निस्तार, आईएनएस अर्णाला, आईएनएस विंध्यगिरि और आईएनएस सूरत जैसे प्रतिष्ठित जहाजों के लिए महत्वपूर्ण-ग्रेड स्टील की आपूर्ति का एक गौरवपूर्ण इतिहास है। यह अटूट प्रतिबद्धता एक विश्वसनीय राष्ट्रीय निर्माता और देश के चल रहे नौसैनिक आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में सेल की स्थिति को मजबूत करता है।
- महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार खरीफ वर्ष 2025 में जिले के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण किया गया है। कलेक्टर ने सभी सहकारी समितियों एवं निजी दुकानों में पॉस मशीन के माध्यम से विक्रय करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निजी दुकानों में अवैध भंडारण पाए जाने पर जब्ती की कार्रवाई करने सख्त निर्देश दिए है। अधिकारियों द्वारा लगातार खाद की उपलब्धता एवं वितरण पर निगरानी रखी जा रही है।उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने जानकारी दी कि जिले की सभी कृषक सहकारी समितियों एवं निजी दुकानों से खाद प्राप्त कर सकते हैं। 1 अप्रैल से 26 अगस्त की स्थिति में जिले के सहकारी एवं निजी समितियों में कुल 86 हजार 991 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है, जिसमें से 72 हजार 802 टन खाद का वितरण किया जा चुका है। अब तक भंडारित खाद में सहकारी समितियों एवं निजी दुकानों में यूरिया 44 हजार 977 टन, सुपर फॉस्फेट 21 हजार 24 टन, पोटाश 3 हजार 498, डी.ए.पी. 9 हजार 981 एवं एन.पी.के 7 हजार 511 टन भंडारित किया गया है। वर्तमान में 14 हजार 189 टन खाद विक्रय हेतु शेष है। जिसमें यूरिया 5 हजार 889 टन, सुपर फॉस्फेट 4 हजार 243 टन, पोटाश 704 टन, डी.ए.पी. एक हजार 424 एवं एक हजार 929 टन एन.पी.के खाद उपलब्ध है, जिसका समितियों द्वारा किसानों को विक्रय किया जा रहा है। अब तक भंडारण के विरुद्ध 83.69 प्रतिशत वितरण किया जा चुका है।जिला विपणन अधिकारी ने खरीफ वर्ष 2025 के लिए नीम यूरिया खाद का रेक महासमुंद जिले में पहुंचने की सूचना दी है। जिसके तहत जिले के 4 संग्रहण केन्द्रों में 1000 टन खाद का भंडारण किया जाना है। जिसमें महासमुंद संग्रहण केन्द्र में 200 टन, बागबाहरा में 250 टन, पिथौरा में 200 टन एवं बसना संग्रहण केन्द्र में 350 टन का भंडारण किया जाएगा।
- -51 बोरी यूरिया का किसानों को शासकीय दर पर किया गया वितरणमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार एवं उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप के मार्गदर्शन में बसना विकासखण्ड के किसान कृषि सेवा केन्द्र बंसुला का वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बसना द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान गोदाम में नेशनल फर्टिलाइजर कंपनी का 51 बोरी यूरिया उर्वरक पाया गया, जिसे ग्राम दूधापाली के 2, बड़ेटेमरी के 1, परसकोल के 3, गढ़पटनी के 1 तथा बड़ेढाबा के 2 कृषकों को उनके रकबा के आधार पर 266 रुपए की दर से वितरण किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बसना श्रीमती उषाकांति, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री हरिशंकर कैवर्त्य एवं श्री मुरली पटेल उपस्थित थे।
- महासमुंद / संयुक्त सचिव भारत सरकार नई दिल्ली एवं जिले के केंद्रीय प्रभारी अधिकारी, आकांक्षी जिला कार्यक्रम श्रीमती अलरमेलमंगई डी की अध्यक्षता में 29 अगस्त 2025 को दोपहर 03ः00 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित किया गया है। बैठक में आकांक्षी जिला कार्यक्रम तथा आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम अंतर्गत नीति आयोग द्वारा तय किए गए सूचकांकों की प्रगति के संबंध में समीक्षा की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को नियत तिथि एवं समय पर निर्धारित जानकारी सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
- महासमुंद / सड़क सुरक्षा - जीवन रक्षा विषय पर विकासखण्ड स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन बागबाहरा में गरिमामय ढंग से सम्पन्न हुआ। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा के महत्व पर तार्किक एवं प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सेजेस कोमाखान समूह ने प्रथम, सेजेस बागबाहरा ने द्वितीय तथा हायर सेकंडरी स्कूल बकमा घुंचापाली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा श्री उमेश कुमार साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि सड़क दुर्घटनाएँ केवल आँकड़े नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक दुर्घटना किसी परिवार के सपनों का टूटना और जीवन की पीड़ा है। भारत में सड़क सुरक्षा एक गंभीर चुनौती है और इसका समाधान तभी संभव है जब हर नागरिक स्वयं जिम्मेदारी लेते हुए यातायात नियमों का पालन करे। हेलमेट, सीट बेल्ट, ट्रैफिक सिग्नल और गति सीमा केवल औपचारिकताएँ नहीं, बल्कि जीवन रक्षा के कवच हैं। युवा पीढ़ी को आगे आकर समाज में जागरूकता फैलानी होगी और स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना होगा। आज की प्रतियोगिता में छात्रों ने जिस गंभीरता से अपने विचार रखे, वह दर्शाता है कि हमारी नई पीढ़ी परिवर्तन लाने के लिए तैयार है।थाना प्रभारी श्री नितेश सिंह ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हम चाहते हैं कि हर नागरिक सड़क पर स्वयं अनुशासित रहे। हेलमेट और सीट बेल्ट जीवन के रक्षक कवच हैं, जिन्हें किसी भी परिस्थिति में नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन स्वयं करना और दूसरों को प्रेरित करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। छोटे-छोटे कदम ही बड़ी दुर्घटनाओं को रोक सकते हैं। इस अवसर पर तहसीलदार श्री हरीशकान्त ध्रुव, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी श्री के.के. वर्मा, तथा सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी श्री रामता डे भी उपस्थित रहे।कार्यक्रम में नोडल अधिकारी हीरा सिंह नायक, प्राचार्य सेजेस कोमाखान तथा शिक्षक गण विजय शर्मा, देवानन्द वेदव्यास, मनीष अवसरिया, भूपेंद्र निराला, गेंदलाल यादव, हीरेन्द्र देवांगन, निर्णायक अजय अग्रवाल, मन्नू कुर्रे, हरीश चौहान, कुमत राम ध्रुव, नितिन जैन हीरेन्द्र उपाध्याय सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। निर्णायक मंडल द्वारा निष्पक्ष निर्णय देकर विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, प्रेरणा और जागरूकता से परिपूर्ण रहा। कार्यक्रम में उपस्थित जनों ने संकल्प लिया कि सड़क सुरक्षा ही जीवन रक्षा है और इसे अपने जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाएँगे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की ‘रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत आज अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से श्रद्धालुओं को लेकर विशेष ट्रेन अयोध्या के लिए रवाना हुई। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया और सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि यह योजना आम नागरिकों को धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के दर्शन का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जिससे आस्था और संस्कृति दोनों को बढ़ावा मिलेगा।इस अवसर पर गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव, सीतापुर विधायक श्री प्रबोध मिंज, लुंड्रा विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, अंबिकापुर की महापौर श्रीमती मंजुर्षा भगत और श्री भारत सिसोदिया सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि ‘रामलला दर्शन योजना’ के तहत श्रद्धालुओं को निःशुल्क ट्रेन यात्रा, भोजन और ठहरने की सुविधा प्रदान की जा रही है।उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का दर्शन करना हर श्रद्धालु के लिए सौभाग्य का अवसर है। आने वाले समय में राज्य सरकार अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी इसी प्रकार की यात्राओं का आयोजन करेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। रेलवे स्टेशन पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी पूरी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए मौजूद रहे।
- -02 पिकअप अवैध खाद जब्त-निजी उर्वरक दुकानों का किया गया औचक निरीक्षण-निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक विक्रय पर होगी सख्त कार्रवाईबलरामपुर । जिले में कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा के निर्देश में अवैध खाद के विक्रय एवं भण्डारण तथा कालाबाज़ारी व निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर बिक्री करने वाले दुकानदारों व व्यवसायियों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रामानुजगंज श्री आनंद नेताम के मार्गदर्शन में राजस्व व खाद्य विभाग तथा पुलिस विभाग की सयुंक्त टीम के द्वारा 02 पिकअप वाहन से अवैध खाद का परिवहन करते पाये जाने पर जब्त किया गया है। रामचंद्रपुर के ग्राम टिकीदीरी में 02 पिकअप वाहन के द्वारा 50-50 बोरी अवैध खाद जिसमें यूरिया बिना किसी वैध दस्तावेज के परिवहन किया जा रहा था। संयुक्त टीम के द्वारा जांच किये जाने पर चालक द्वारा वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर खाद को दोनों वाहन सहित जब्त कर थाना रामचंद्रपुर को सुपुर्द किया गया। इसी प्रकार रामचंद्रपुर में नारायण कृषि सेवा केंद्र के निरीक्षण के दौरान निर्धारित उर्वरक मूल्य सूची चस्पा नही होने के कारण कृषि सेवा केंद्र के संचालक को नोटिस जारी किया गया है।बलरामपुर विकासखंड अंतर्गत कृषि विभाग की टीम के द्वारा संचालित निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों में औचक निरीक्षण किया गया। जिसमें पास मशीन में संधारित उर्वरक मात्रा एवं भौतिक रूप से भंडारित उर्वरक की मात्रा का मिलान किया गया। जिसमें अंर्त पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया। साथ ही दुकानों में संधारित स्टॉक पंजी, मूल्य/दर सूची प्रदर्शन, कृषकों को दिए जाने वाले बिल का निरीक्षण किया गया। एवं उर्वरक विक्रय केन्द्र के संचालक को निधारित दर में ही उर्वक कृषकों को विक्रय करने हेतु निर्देशित किया गया।साथ ही समझाइश दी गई कि किसी भी प्रकार की अनियमितता व अधिक मूल्य पर उर्वरक विक्रय की शिकायत प्राप्त होने पर जाँच कर लाइसेंस निलंबन/निरस्त तथा एफ. आई.आर. की कठोर कार्यवाही की जाएगी।इसी प्रकार वाड्रफनगर में निजी दुकानों अजय ट्रेडर्स, पटेल फर्टिलाइजर सहित अन्य दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान अजय ट्रेडर्स में पास मशीन एवं भौतिक रूप में अनियमितता पाया गया। इस पर कार्यवाही करते हुए विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया।
- 0- केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के कार्यों की समीक्षा की0- उप मुख्यमंत्री श्री साव ने केन्द्रीय मंत्री को दी जानकारी : स्वच्छता को बना रहे जन आंदोलनरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव मंगलवार को केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में शामिल हुए। केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने नई दिल्ली से वर्चुअली आयोजित बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के कार्यों की राज्यवार समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक श्री आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय के साथ बैठक में शामिल हुए।केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने बैठक में शहरी स्वच्छता के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में लक्षित स्वच्छता इकाईयों (Cleanliness Target Units) के चिन्हांकन एवं निराकरण को वर्षभर की गतिविधि के रूप में लागू करने तथा इस साल (2025) के ‘स्वच्छता ही सेवा’ (SHS) अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में स्वच्छ शहर जोड़ी (SHJ) के संचालनात्मक दिशा-निर्देशों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में स्वच्छता के प्रति छत्तीसगढ़ की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार, केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में नगरीय विकास एवं स्वच्छता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने राज्य सरकार ने व्यापक रणनीति तैयार की है, जिसमें आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।श्री साव ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवरेज व्यवस्था और स्वच्छता सेवाओं के डिजिटलीकरण जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने राज्य के प्रमुख शहरी निकायों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और जनसहभागिता आधारित कार्यक्रमों की भी जानकारी साझा की। श्री साव ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में नगरीय जीवन को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने लगातार काम किए जा रहे हैं।
- दुर्ग. दुर्ग जिले में दोपहियां वाहनों को चालक के हेलमेट पहनने पर ही पेट्रोल पम्प से पेट्रोल मिलेगा। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 183 के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए आदेश पारित किया है। जिला दंडाधिकारी के आदेशानुसार बिना हेलमेट के दोपहियां वाहन चलाने वाले वाहन चालक/सवार को किसी भी पेट्रोल पम्प के संचालकों की ओर से आकस्मिक सेवा मेडिकल इमरजेंसी एवं धार्मिक पगड़ी पहनने वाले व्यक्तियों को छोड़कर पेट्रोल एवं अन्य उपयोगी ईंधन उपलब्ध नही कराए जाएंगे।सभी पेट्रोल पम्प संचालक उक्त नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पेट्रोल पम्प परिसर में ’’नो हेलमेट नो पेट्रोल‘‘ का सुस्पष्ट बोर्ड/ पोस्टर अनिवार्य रूप से लगाएंगे। आदेश का उल्लंघन किये जाने पर पेट्रोल पम्प संचालकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता के तहत विधि अनुसार दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश जनहित में नागरिकों के जीवन की सुरक्षा के दृष्टिकोण से तत्काल पारित किया जाना अत्यावश्यक है। अतएव आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (2) के तहत एकपक्षीय जारी किया गया है। आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
- 0- 90 साल पुरानी परंपरा आज भी कायम, पूरे 10 दिन हर आयुवर्ग के लिए होंगे विविध कार्यक्रमरायपुर। महाराष्ट्र मंडल में बुधवार को प्रथम पूज्य श्री गणेश प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। इस वर्ष मंडल में दुर्ग जिले के थनौद से लालबाग के राजा की विशेष गणपति प्रतिमा आर्डर देकर बनवाई गई है। प्रतिमा स्थापना के साथ ही 90 सालों से चली आ रही परंपरा के अनुरूप गणेशोत्सव के सभी 10 दिन हर आयुवर्ग के सभासदों और बच्चों के लिए एक से बढ़कर एक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने बताया कि चौबे कॉलोनी स्थित नवनिर्मित मंडल भवन की मुख्य लाॅबी में प्रथम पूज्य गणपति बप्पा की प्रतिमा की स्थापना बुधवार, 27 अगस्त को शाम सात बजे विकास तामस्कर और विनोद शेष करेंगे। इस अवसर पर आध्यात्मिक समिति की ओर से सामूहिक अथर्वशीर्ष पाठ किया जाएगा। अगले दिन गुरुवार को शाम चार बजे कला व सांस्कृतिक समिति की ओर से शालेय सामूहिक नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।कला एवं संस्कृति समिति की समन्वयक भारती पलोसदकर के मुताबिक शुक्रवार को शाम सात बजे महाराष्ट्र मंडल के सभासदों के लिए अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए ओपन मंच की आयोजन किया जाएगा। इसमें मंडल के आजीवन सदस्य एकल अभिनय, नृत्य, गायन और हास्य परिहास के कार्यक्रम स्व. कुमुदनी वरवंडकर रंगमंच पर प्रस्तुत करेंगे। शनिवार को शाम सात बजे कला एवं संस्कृति समिति की ओर से शालेय सामूहिक नृत्य स्पर्धा का आयोजन किया गया है। इस नगर स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए पहले ही अनेक स्कूलों से सहमति मिल चुकी है।शनिवार, 30 अगस्त को शाम सात बजे आचार्य रंजन मोडक निर्देशित हिंदी नाटक 'शिखंडी' का मंचन किया जाएगा। सखी निवास प्रभारी नमिता शेष के मुताबिक रविवार को शाम सात बजे महाराष्ट्र मंडल के सभी प्रकल्पों के सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे ने बताया कि सोमवार को दोपहर 12 बजे से शालेय निबंध, चित्रकला और वाद विवाद स्पर्धा का आयोजन किया गया है। तीन वर्गों में होने वाली इन स्पर्धाओं के विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार के साथ प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था की गई है। मराठी साहित्य समिति की ओर से मंगलवार शाम को सात बजे नागरिक संवाद का बौद्धिक आयोजन किया गया है। समिति की प्रभारी कुमुद लाड ने बताया कि इसमें शहर के अधिकारी, प्रबुद्धजन व आमंत्रित अतिथि’ राजधानी की सड़कों से कैसे हटाए जाएं मवेशी और श्वान’ विषय पर खुलकर अपने विचार रखेंगे।कला एवं संस्कृति के प्रभारी रंजन मोडक के अनुसार बुधवार तीन सिंतबर को शाम चार बजे से नगर स्तरीय कमल ताई शेष सुगम संगीत स्पर्धा का आयोजन किया गया है। अगले दिन गुरुवार को शाम सात बजे से कला एवं संस्कृति समिति के ‘मिले सुर हमारा’ ग्रुप के कलाकारों की ओर से संगीतमय कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। पांच सितंबर, शुक्रवार को शाम सात बजे मराठी और हिंदी नाटकों का मंचन किया जाएगा। प्रसन्न निमोणकर निर्देशित मराठी हास्य नाटक ‘चूक भूल द्यावी- घ्यावी’ मंचित किया जाएगा। इसके बाद अपर्णा कालेले निर्देशित हिंदी बाल नाटक ‘भरत मिलाप’ का मंचन होगा।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि छह सितंबर, शनिवार को श्री गणेश प्रतिमा के समक्ष सामूहिक गणपति अथर्वशीर्ष पाठ किया जाएगा। तत्पश्चात हवन, महाआरती के बाद प्रसाद वितरण होगा। तत्पश्चात महादेव घाट में श्री गणेश प्रतिमा विसर्जित की जाएगी।
- भिलाई नगर। प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी कामधेनु पंचगव्य अनुसंधान एवं विस्तार केंद्र, अंजोरा, दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय,दुर्ग में गौमाता के गोबर से विशुद्ध रूप से गोबर एवं प्राकृतिक रंगों का उपयोग करके भगवान गणेश की मूर्ति तैयार की गई है। मूर्ति का निर्माण डॉ राकेश मिश्र के देख रख में हो रहा है, डॉ मिश्र ने बताया कि इस मूर्ति की विशेषता यह है कि यह पूर्णतः पर्यावरण अनुकूलित है अर्थात इसके उपयोग के बाद इस मूर्ति को अगर किसी जलाशय या घर के गमले में विसर्जित किया जाएगा तो को रासायनिक पदार्थों की शून्यता के कारण किसी प्रकार के जलीय जीव जन्तु एवं फसलों , साग सब्जियों पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ेगा ।यदि कोई बच्चा भी प्रत्यक्ष रूप से इस मूर्ति के संपर्क में अर्थात उसे चाट लेता है तो भी बच्चे पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा । संस्थान ने इस विशुद्ध मूर्ति निर्माण पर विशेष ध्यान आकर्षित किया है कि जन सामान्य को भगवान की पूजा के साथ पर्यावरण की पूजा भी हो अर्थात पर्यावरण को किसी भी प्रकार का नुकसान न हों। विश्वविद्यालय ने इस कार्य को सराहा है और विश्विद्यालय के सभी स्टाफ को बोला है कि यदि वो भगवान गणेश जी की प्रतिमा अपने घर में रखते है तो इस विशुद्ध गौमय से निर्मित प्रतिमा को क्रय करें और पर्यावरण की रक्षा करें । संस्थान में निर्मित यह प्रतिमा बाजार में उपस्थित गणेश की प्रतिमा से किफायती दर में उपलब्ध है । यह प्रतिमा कामधेनु पंचगव्य संस्थान में उपलब्ध है आप इसे संस्थान में आकर क्रय कर सकते है ।डॉ राकेश मिश्र 9993907898, रमेश मरावी 9827155961 से चर्चा कर सकते हैं। इको फ्रेंडली इको फ्रेंडली मूर्ति गणेश जी की प्रतिमा घर-घर पहुंचे पर्यावरण के लिए लाभदायक हो किसी प्रकार का इससे नुकसान न हो इसके लिए नगर निगम भिलाई कामधेनु विश्वविद्यालय के गोबर से बने हुए गणेश की प्रतिमाएं सबके घरों तक पहुंचे इसलिए सहयोग कर रहा है । नेहरू नगर भेलवा तालाब में 27 तारीख को सुबह 7:30 बजे से कामधेनु विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा बनाई गई मूर्ति लोगों के सुविधा के लिए उपलब्ध रहेगी, आकर प्राप्त कर सकते हैं।



























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