ब्रेकिंग न्यूज़

 मंत्रिमंडल ने लिया संकल्प: 'सेवा तीर्थ' शक्ति के प्रदर्शन का नहीं, बल्कि सशक्तीकरण का केंद्र होगा

नयी दिल्ली.  केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को नये प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) परिसर 'सेवा तीर्थ' में अपनी पहली बैठक में यह संकल्प लिया कि इस परिसर में लिया गया प्रत्येक निर्णय 'नागरिक देवो भव' की भावना से प्रेरित होगा और यह स्थान शक्ति के प्रदर्शन का नहीं, बल्कि हर भारतवासी के सशक्तीकरण का केंद्र होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह संकल्प भी लिया गया कि 'सेवा तीर्थ' से संचालित शासन का हर प्रयास देश के अंतिम व्यक्ति के जीवन को सरल बनाने की भावना से जुड़ा रहेगा। 'सेवा संकल्प प्रस्ताव' के अनुसार, नये भवन में लिया गया प्रत्येक निर्णय 140 करोड़ देशवासियों के प्रति सेवा-भाव से प्रेरित होगा और राष्ट्र-निर्माण के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा होगा। प्रस्ताव के अनुसार, ''केंद्रीय मंत्रिमंडल यह संकल्प दोहराता है कि इस परिसर में लिया गया प्रत्येक निर्णय 'नागरिक देवो भव' की भावना से प्रेरित होगा। यह स्थान शक्ति के प्रदर्शन का नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतवासी के सशक्तीकरण का केंद्र होगा।'' इसमें कहा गया है, ''हम यह दोहराते हैं कि अपनी दृष्टि के मुताबिक उस तरह के शासन को और मजबूती देंगे, जो पारदर्शी, उत्तरदायी और नागरिक की संवेदनाओं के प्रति सजग हो।'' केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी दी और इस दौरान प्रस्ताव को पढ़ते हुए कहा कि 'सेवा तीर्थ' की कार्य-संस्कृति में यही भावना निहित होगी, जहां हर नीति संविधान की मूल भावना के अनुरूप होगी और हर निर्णय देशवासियों की आकांक्षाओं के प्रति उत्तरदायी होगा। प्रस्ताव के अनुसार, यह बैठक एवं यह भवन नये भारत के नवनिर्माण की एक स्पष्ट अभिव्यक्ति है।
 इसमें कहा गया है, ''इस शुरुआत के साथ, हम उस भविष्य का स्वागत कर रहे हैं, जिसके निर्माण में सदियों का श्रम लगा है। आजादी के बाद, साउथ ब्लॉक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में इतने दशकों तक सरकारों ने विरासत को संभाला और भविष्य के सपने देखे।'' इसमें कहा गया है, ''हमने एक ऐसे भारत का सपना देखा, जिसकी सोच स्वदेशी हो, स्वरूप आधुनिक हो, और सामर्थ्य अनंत हो। आज यह सेवा तीर्थ उसी संकल्पना का वह मूर्त रूप है, जो लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत के गौरव को बढ़ाएगा।'' वैष्णव ने कहा कि मंत्रिमंडल ने इस अवसर पर इस स्थान के इतिहास को भी स्मरण किया, जो ब्रिटिश शासन काल के अस्थायी बैरकों के स्थान पर बना है। उन्होंने कहा कि गुलामी के कालखंड से पहले भारत की पहचान एक ऐसे राष्ट्र के रूप में होती थी, जो एक ओर अपनी भौतिक भव्यता के लिए जाना जाता था और दूसरी ओर अपने मानवीय मूल्यों के लिए। मंत्री ने कहा कि 'सेवातीर्थ' की संकल्पना इन दोनों आदर्शों से मिलकर बनी है।
 वैष्णव ने कहा, ''हमारे लिए संवैधानिक मूल्य उस नैतिक प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है, जो शासन को नागरिक की गरिमा, समानता और न्याय से जोड़ती है। 'सेवा तीर्थ' की कार्य-संस्कृति में यही भावना निहित होगी, जहां हर नीति संविधान की मूल भावना के अनुरूप होगी और हर निर्णय देशवासियों की आकांक्षाओं के प्रति उत्तरदायी होगा।'' उन्होंने कहा कि 'सेवा तीर्थ' शासन की उस अवसंरचना की आवश्यकता का उत्तर है, जो जड़ता की जगह गतिशीलता, उदासीनता की जगह निष्ठा और संदेह की जगह समाधान को बढ़ावा देता है। प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में लिये गए निर्णयों ने शासन के उद्देश्य को नयी स्पष्टता दी है तथा करोड़ों नागरिकों के जीवन में आये बदलाव ने शासन के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत किया है। इसमें कहा गया है कि बीते एक दशक में 25 करोड़ से अधिक नागरिकों को गरीबी से बाहर निकालकर देश ने असंभव समझे जाने वाले काम को संभव करके दिखाया है तथा ऐसे अनेक कीर्तिमानों के पीछे सरकार की दूरगामी सोच, व्यापक दृष्टि और अथक परिश्रम रहा है। प्रस्ताव में कहा गया है कि मंत्रिमंडल यह दृढ़ संकल्प लेता है कि 'सेवा तीर्थ' की नयी ऊर्जा और 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' की तीव्र गति से, ''हम निकट भविष्य में विश्व की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में भारत का स्थान सुनिश्चित करने का संकल्प पूरा करेंगे।'' प्रस्ताव के अनुसार, ''आज, केंद्रीय मंत्रिमंडल स्वयं को 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय संकल्प के प्रति पुनः समर्पित करता है। यह एक दीर्घकालिक राष्ट्रीय यात्रा है, जिसमें आज लिये गए निर्णय आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का स्वरूप तय करेंगे। 'सेवा तीर्थ' में हो रही यह पहली बैठक हमें यह स्मरण कराती है कि विकास का लक्ष्य जितना बड़ा है, उसके प्रति हमारी जिम्मेदारी उतनी ही अधिक होनी चाहिए। इसमें कहा गया है कि यह परिसर केवल एक आधुनिक कार्यस्थल नहीं है, बल्कि शासन की नयी कार्य-संस्कृति का भी प्रतीक है।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english