- Home
- छत्तीसगढ़
- रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप नगर निगम जोन 9 कार्यालय पहुँचे औऱ जोन 9 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय, कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव सहित जोन अधिकारियों औऱ कर्मचारियों से जोन अंतर्गत विकास औऱ निर्माण कार्यों औऱ राजस्व वसूली की प्रगति की जानकारी लेकर उनकी समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए.इसके पूर्व आयुक्त श्री विश्वदीप के जोन 9 कार्यालय पहुंचने पर जोन 9 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय ने पोला तिहार के अवसर पर उनका माटी से निर्मित नन्दी प्रदत्त कर स्वागत किया.आयुक्त श्री विश्वदीप ने जोन कमिश्नर औऱ अधिकारियों क़ो सभी प्रगतिरत विकास औऱ निर्माण कार्यों क़ो सतत मॉनिटरिंग करते हुए तय समयसीमा में गुणवत्तायुक्त तरीके से जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से पूर्ण करने के निर्देश दिए. आयुक्त ने राजस्व वसूली क़ो तत्काल गतिमान करते हुए शत - प्रतिशत राजस्व वसूली निगम हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैँ. आयुक्त ने निदान 1100 के अंतर्गत जोन के वार्डों से आ रही जनशिकायतों का शत- प्रतिशत त्वरित निदान करने के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश दिए.
-
- मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष होंगे शामिल
"रायपुर/ सरयूपरिण ब्राह्मण सभा एवं संस्कृत भारती द्वारा 7सितम्बर को आयोजित संस्कृत विद्वत सम्मेलन के उदघाटन हेतु मान डॉ रमन सिंह जी अध्यक्ष विधान सभा छत्तीसगढ़ ने सहमति दी। इस अवसर पर मान बृजमोहन अग्रवाल सांसद पूर्वमंत्री छत्तीसगढ़ ,दंडीस्वामी ब्रह्मचारी इंदुभवनंद महाराज एवं राजेश्री महंत डॉ रामसुंदर दास भी उपस्थित होंगे। कार्यक्रम समापन प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मान श्री विष्णु देव साय जी के द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में संस्कृत भारती के अखिल भारतीय अधिकारी डाॅ श्रीराम जी, बेंगलूर, प्रान्ताध्यक्ष डाॅ सतेन्द सिंह सेंगर, पूर्व कुलपति, कृषि विश्वविद्यालय रायपुर, संगठन मंत्री हेमन्त जी, एवं अन्य अतिथि शामिल होंगे ।
ज्ञात हो कि सरयूपारीण ब्राह्मण सभा एवं संस्कृत भारती के संयुक्त तत्वाधान में एकदिवसीय राज्यस्तरीय संस्कृत विद्वत सम्मेलन आगामी दिनांक 7सितम्बर रविवार को सरयूपरिण सभा के तुलसी भवन में किया जा रहा है।इसमें पूरे प्रदेश ही नहीं पड़ोसी राज्यों से भी संस्कृत के विद्वजन , शिक्षक , पंडित आचार्य शामिल होंगे। डॉ सुरेश शुक्ला अध्यक्ष सरयूपरिण ब्राह्मण सभा एवं डॉ दादू भाई त्रिपाठी संस्कृत भारती ने संयुक्त रूप से बताया कि एकदिवसीय सम्मेलन में भाग लेने प्रदेश के अलावा अन्य प्रदेश के विद्वजनों को भी आमंत्रित किया जा रहा हे, अतिथियों के ठहरने भोजन आदि की व्यवस्था समाज के द्वारा की जा रही हे।एक हजार से अधिक संस्कृत विद्वतों के आगमन की आशा हे।प्रातः तुलसी भवन रिंगरोड से एक रैली हरदेवलाला मंदिर तक निकल वापस भवन आकर तुलसीदास जी के पूजन उपरांत सम्मेलन प्रारंभ होगा। सम्मेलन चार सत्र में होगा ,जिसमें सभी विद्वतजन शामिल होंगे प्रातः दस बजे उद्घाटन सत्र के बाद शाम पांच बजे समापन कार्यक्रम हे।
- -राज्यपाल शामिल हुए सहकार भारती बुनकर के राष्ट्रीय अधिवेशन मेंरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका रविवार को रायपुर में आयोजित दो दिवसीय सहकार राष्ट्रीय बुनकर अधिवेशन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बुनकरों से आव्हान किया कि वे समयानुसार उत्पादों में नवीन तकनीकों को अपनाएं। मांग के अनुसार उत्पादों के डिजाइन में बदलाव लाएं।राज्यपाल ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में घोषित किया है। इसका उद्देश्य केवल सहकारिता को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से एक समृद्ध, न्यायपूर्ण और आत्मनिर्भर विश्व की नींव रखना है। यही भावना हमें प्रेरित करती है कि हम ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ें और इस अभियान को हर घर, हर व्यक्ति तक पहुँचाएँ।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने सहकारिता के क्षेत्र में कई नवाचार कर देश को एक नया दृष्टिकोण दिया है। पैक्स समितियों को बहुउद्देशीय बनाने का कार्य इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य में अब तक 2058 पैक्स समितियों को एम-पैक्स में परिवर्तित किया गया है और इनमें कॉमन सर्विस सेंटर जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही 532 नई बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की प्रक्रिया जारी है। मत्स्य, दुग्ध और लघु वनोपज क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जो सहकारिता के विस्तार की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।राज्यपाल ने कहा कि हाथकरघा और बुनकरी का कार्य हमारे देश की सांस्कृतिक पहचान और स्वदेशी गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के साथ मार्केटिंग के लिए नवीन माध्यमों और तकनीकों को जोडे़, इससे आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने कई उदाहरण देकर बताया कि समय पर नवीन तकनीकों को नहीं अपनाने और डिजाइन में बदलाव नहीं करने पर कई कंपनियों और वस्तुओं को मार्केेट से बाहर होना पड़ है। उन्होंने कहा कि बुनकरों को अपने उत्पाद की लोकप्रियता और ब्रिकी के लिए ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेट फॉर्म की तरफ बढ़ना चाहिए। इस अवसर पर सहकार भारती से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित थे।
- -पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में रही तीजा-पोरा की धूम-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेवता पर प्रदेशभर से आई माताओं-बहनों का किया गया आत्मीय स्वागत-मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नारी शक्ति के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ावा मिल रहा है: उपमुख्यमंत्री अरुण सावरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेवता पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार तीजा-पोरा धूमधाम से मनाया गया। ‘विष्णु भइया’ के नेवता पर आयोजित इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएँ पहुँचीं। प्रदेश सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें उपहार स्वरूप साड़ी, श्रृंगार सामग्री और छत्तीसगढ़ी कलेवा भेंट किया गया।मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने उपस्थित माताओं-बहनों को तीजा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति के मान, सम्मान और दृढ़ निश्चय का महत्वपूर्ण पर्व है। निर्जला व्रत रखकर अपने पति-परिवार की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करने वाली सभी माताओं-बहनों को उन्होंने सरकार की ओर से शुभकामनाएँ दीं। श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेवता पर माताओं-बहनों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति स्वयं इस पर्व के महत्व को सिद्ध करती है।उन्होंने कहा कि तीजा के आते ही माताओं-बहनों के मन में प्रसन्नता छा जाती है। भाई-भतीजा के तीजा लिवाने आने की प्रतीक्षा रहती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ महतारी के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि मिल रही है। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और घर-परिवार को संचालित करने में पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु आगे भी ऐसी योजनाएँ लाती रहेगी।कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी तीजा-पोरा पर्व की बधाई दी और कहा कि यह अवसर सभी तीजहारिन बहनों के लिए बहुत विशेष है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए खुशी, एकजुटता और आत्मीयता का प्रतीक है।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा धार्मिक, सामाजिक और प्राकृतिक सामंजस्य का पर्व है। माता-बहनें परिवार को जोड़कर स्वर्ग समान बनाए रखने का कार्य करती हैं। सुहागन महिलाएँ निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु की कामना करते हुए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। सावन में खेत-खलिहान हरे-भरे हो जाते हैं, जिनमें गाय-बैलों की अथक मेहनत का योगदान होता है। इसी मेहनत से हमारे धान के कोठार भरते हैं। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सांसद श्रीमती सरोज पांडेय ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।इस अवसर पर पंडवानी गायिका पद्मश्री श्रीमती उषा बारले और लोकगायिका कुमारी आरु साहू को स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री इंद्र कुमार साव, श्री अनुज शर्मा, केश शिल्पी बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेना, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।महिला सम्मेलन में महतारियों का उत्साह, तीजहारिन बहनों ने लगवाई मेंहदीतीजा-पोरा के नेवता के लिए ‘विष्णु भइया’ का जताया आभारमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के भाई के रूप में दिए गए नेवता पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार में बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने भाग लिया। यहाँ लगाए गए स्टॉल गुलजार रहे। महिलाओं ने मेंहदी लगवाई, रंग-बिरंगी चूड़ियाँ पहनीं, आलता लगाया और सजधज कर सावन के झूले का आनंद लिया।महतारियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। पंडवानी गायिका श्रीमती उषा बारले ने अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। पूरे सभागार को छत्तीसगढ़ी पारंपरिक साज-सज्जा से सजाया गया था। यहाँ मेहंदी, चूड़ियाँ, आलता के स्टॉल और ग्रामीण परिवेश को जीवंत करते हुए तीजा-पोरा की तैयारियाँ प्रदर्शित की गईं।ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक चिन्हारी आभूषणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें तोड़ा, पैरी पैजन, लच्छा, साँटी, झांझ, बिछिया, बिछुआ, चुटकी, ऐंठी, गोल, कंगन या कड़ा टरकउव्वा, कंगन या कड़ा (चोटी की तरह गुँथा हुआ), पटा, ककनी-हर्रया, तरकी, छुमका, ढार, खिनवा, लुरकी, धतुरिया, फुल्ली, नथ, रुपियामाला, तिलरी, कटवा, सूता, करधन, बजुबंद, खग्गा, फुंदरा और झबली जैसे पारंपरिक आभूषणों के साथ कृषि उपकरण और वाद्ययंत्र भी प्रदर्शित किए गए।महिलाओं ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाया उत्साहकुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताएँ हुईंमहिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार की शुरुआत विधि-विधान से शिव-पार्वती और नंदी की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद मंचीय कार्यक्रमों में महिलाओं की सहभागिता ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंज उठा। इन खेलों ने न केवल प्रतियोगिता का रोमांच बढ़ाया, बल्कि पारंपरिक पर्व की आत्मीयता और सामाजिकता को भी जीवंत कर दिया।कई महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है और समाज में आपसी मेलजोल भी बढ़ता है। प्रतियोगिता के अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई।
- -महात्मा गांधी का शांति और सद्भाव का अमर संदेश पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्त्रोत – मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने जापान प्रवास के दौरान टोक्यो स्थित ‘लिटिल इंडिया’ पहुँचकर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महात्मा गांधी जी का शांति, अहिंसा और सद्भाव का अमर संदेश भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे विश्व में मानवता के लिए प्रेरणास्त्रोत है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘लिटिल इंडिया’ में गांधी जी की प्रतिमा भारत-जापान मैत्री और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है। यह स्थान न केवल भारतीय समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि जापानी नागरिकों को भी भारत की महान परंपराओं और मूल्यों से जोड़ता है। मुख्यमंत्री श्री साय के साथ इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यगण भी उपस्थित थे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 815.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1234.7 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 410.4 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 701.2 मि.मी., बलौदाबाजार में 605.1 मि.मी., गरियाबंद में 699.1 मि.मी., महासमुंद में 626.0 मि.मी. और धमतरी में 716.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 819.2 मि.मी., मुंगेली में 796.7 मि.मी., रायगढ़ में 1002.7 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 695.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1012.5 मि.मी., सक्ती में 889.8 मि.मी., कोरबा में 817.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 814.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 660.1 मि.मी., कबीरधाम में 585.3 मि.मी., राजनांदगांव में 750.9 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1048.6 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 603.9 मि.मी. और बालोद में 882.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 589.7 मि.मी., सूरजपुर में 927.2 मि.मी., जशपुर में 837.0 मि.मी., कोरिया में 943.8 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 841.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1023.5 मि.मी., कोंडागांव में 738.6 मि.मी., कांकेर में 945.9 मि.मी., नारायणपुर में 964.1 मि.मी., दंतेवाड़ा में 941.2 मि.मी., सुकमा में 755.1 मि.मी. और बीजापुर में 1017.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
- रायपुर। भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में भाजपा किसान मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आलोक ठाकुर ने विधिवत पूजा अर्चना करते हुए पदभार ग्रहण किया। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि किसान मोर्चा भारतीय जनता पार्टी का एक अभिन्न अंग है जो पार्टी द्वारा दिए गए कार्यों को समय पर पूरा करता है। जब पार्टी के द्वारा सदस्यता अभियान चलाया गया उस समय सभी मोर्चा प्रकोष्ठों को पार्टी के द्वारा एक लक्ष्य दिया गया जिसमे किसान मोर्चा को भी एक लक्ष्य दिया गया था। किसान मोर्चा ने मिलकर लक्ष्य पूरा करने का संकल्प लिया और उस लक्ष्य को प्राप्त भी किया। जिसके लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा किसान मोर्चा के पूरी टीम को बधाई दी और अखिल भारतीय स्तर पर छत्तीसगढ़ किसान मोर्चा द्वारा प्राप्त गया लक्ष्य पर भी चर्चा हुआ। इसके लिए भी मैं किसान मोर्चा के अपने साथियों को हृदय से धन्यवाद देता हूंस्वास्थ्य मंत्री एवं पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने पुराने अनुभव को कार्यकर्ताओं के साथ साझा किया और सुदूर बस्तर सरगुजा के आए हुए अपने बहुत से कार्यकर्ताओं का नाम लेते हुए उन्होंने मंच से ही उनका अभिनंदन और स्वागत किया। उन्होंने विपरीत परिस्थिति में भी किसान मोर्चा की सशक्त कांग्रेस शासन को उखाड़ फेंकने में अपनी महत्वपूर्णभूमिका निभाई।भाजपा किसान मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आलोक ठाकुर ने अपने उदबोधन में कहा कि यह मेरा अति सौभाग्य है कि मैं भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारी होते हुए आज पार्टी संगठन ने मुझे एक बड़ी दायित्व सौंपी है। इसके लिए मैं प्रदेश संगठन और भाजपा परिवार को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा की भांति किसान मोर्चा भी डटकर मुकाबला करते हैं और इसका उदाहरण रहा प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव रहा जहां पर भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने कठिन परिश्रम कर भाजपा की जीत में अपनी सहभागिता दी। उन्होंने कहा कि भाजपा किसान मोर्चा के उल्लेखनीय कार्यों से पार्टी के साख छत्तीसगढ़ मे मजबूत हुई है। किसान मोर्चा ने सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल, गजेंद्र यादव जैसे नेता दिए हैं। किसान मोर्चा से संबंध रखने वाले ऐसे बहुत से नेता हुए हैं जो पंचायत से लेकर जनपद पंचायत और जिला पंचायत में अपनी सेवा प्रदान कर रहे हैं।इस बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संदीप शर्मा, पूनम चंद्राकर, पवन साहू सहित सभी जनप्रतिनिधियों का सम्मान किया गया। जिसमें प्रमुख रूप से राष्ट्रीय मंत्री और छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी बजरंगी यादव, ओम प्रकाश चंद्रवंशी, द्वारकेश पांडे, राकेश तिवारी, अनिल अग्रवाल, कोमल राजपूत, खिलावन शर्मा, आकाश गुप्ता, रवीश गुप्ता, विलास सुतार, धीरज मिश्रा, महेश कौशल, नवीन कालिया सहित जिलों से आए हुए जिले के पदाधिकारी, मंडल पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।
- -पटवारी कार्यालयों को मिली 1100 रुपए की स्वीकृति, तेजी से होंगे राजस्व कार्य-राजस्व पटवारी संघ ने ऑनलाइन बहिष्कार आंदोलन किया समाप्तरायपुर,। राजस्व विभाग छत्तीसगढ़ ने नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजस्व कार्यों को गति देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के नेतृत्व में विभाग ने पटवारी कार्यालयों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता हेतु प्रत्येक पटवारी कार्यालय के लिए 1100 रुपए की मंजूरी प्रदान की है। इस स्वीकृति से अब जिओरिफ्रेंसिंग, एग्रीस्टेक, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन जैसे राजस्व संबंधी प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी एवं पारदर्शिता के साथ कार्य किया जा सकेगा।राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए राजस्व अधिकारियों को सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन अब यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित समय सीमा में राजस्व प्रकरणों का निराकरण कार्य पूर्ण करें। राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही या देरी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पटवारी कार्यालयों को सशक्त करने से ग्रामीण और शहरी दोनों ही स्तर पर राजस्व कार्यों का त्वरित निपटारा संभव होगा।राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ ने अपनी प्रमुख मांगों के समाधान के बाद चल रहे ऑनलाइन बहिष्कार आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की है। संघ ने सरकार द्वारा त्वरित निर्णय लेने पर आभार व्यक्त किया और विश्वास दिलाया कि राजस्व कार्याे का निराकरण समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जाएंगे। राजस्व मंत्री के नेतृत्व में हुई इस सकारात्मक पहल से न केवल नागरिकों को राहत मिलेगी बल्कि विभागीय कार्यों में तकनीकी सुधार और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 797.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1173.7 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 402.6 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 692.7 मि.मी., बलौदाबाजार में 602.9 मि.मी., गरियाबंद में 690.6 मि.मी., महासमुंद में 623.2 मि.मी. और धमतरी में 711.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 810.3 मि.मी., मुंगेली में 796.7 मि.मी., रायगढ़ में 958.8 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 687.1 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1005.0 मि.मी., सक्ती में 872.6 मि.मी., कोरबा में 794.9 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 754.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 652.5 मि.मी., कबीरधाम में 578.4 मि.मी., राजनांदगांव में 748.2 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1031.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 593.5 मि.मी. और बालोद में 877.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 555.2 मि.मी., सूरजपुर में 885.9 मि.मी., जशपुर में 807.1 मि.मी., कोरिया में 891.9 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 796.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1017.7 मि.मी., कोंडागांव में 723.9 मि.मी., कांकेर में 929.1 मि.मी., नारायणपुर में 939.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 933.2 मि.मी., सुकमा में 751.2 मि.मी. और बीजापुर में 1012.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
- -रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजन की तैयारियां पूरी-मायके में माताओं बहनों को मिलेंगे विशेष उपहार, छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का उठाएंगे लुत्फ-पारंपरिक खेल, साज-सज्जा समेत विभिन्न गतिविधियों का होगा आयोजन-रजत महोत्सव के अवसर पर 24 अगस्त को आयोजित होगा तीजा पोरा तिहार और महिला सम्मेलनरायपुर, / राजधानी रायपुर का पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम इस बार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा के रंगों से सराबोर हो गया है। तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर ऑडिटोरियम प्रांगण नंदिया-बैला, पारंपरिक खिलौनों, रंग-बिरंगे वंदनवार और छत्तीसगढ़ी साज-सज्जा से सुसज्जित होकर अद्भुत छटा बिखेर रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर 24 अगस्त को होने वाले इस विशेष आयोजन की तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। तीजा-पोरा तिहार में करीब 3 हजार महिलाओं की भागीदारी होगी, जिनमें महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं, महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां और मितानिनें शामिल रहेंगी।इस अवसर पर शिव -पार्वती, नंदिया बैला और कृषि यंत्रों की पूजा संपन्न होगी। महिलाओं के लिए लोक परंपराओं से जुड़ी प्रतियोगिताएं जैसे फुगड़ी, जलेबी दौड़, नींबू, चम्मच दौड़ और रस्साकसी का आयोजन होगा। वहीं मेहंदी, चूड़ी और आलता के आकर्षक स्टॉल भी उत्सव का विशेष आकर्षण बनेंगे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को विशेष उपहार भी प्रदान किए जाएंगे और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का जायका भी इसमें शामिल होगा।संस्कृति से सराबोर इस तिहार में पद्मश्री उषा बारले और प्रख्यात लोकगायिका सुश्री आरू साहू अपनी विशेष प्रस्तुतियां देंगी। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, श्री अरुण साव सहित राज्य सरकार के मंत्रीगण और अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रहेगी।गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कल 24 अगस्त को प्रदेश की माताओं बहनों के लिए राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर तीजा पोरा तिहार और महिला सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति में तीजा तिहार का विशेष स्थान है। यह पर्व केवल धार्मिक या पारंपरिक नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को संजोने वाला उत्सव है। भादो के महीने में आने वाला यह तिहार बहनों, बेटियों और माताओं के लिए मायके का स्नेह लेकर आता है। यह तिहार रिश्तों को जोड़ने का सेतु है और बेटियों और बहनों को मायके बुलाकर उनका सत्कार किया जाता है। इस खास मौके पर निर्जला व्रत रखा जाता है, शिव -पार्वती की पूजा की जाती है, जिससे दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे। तीजा तिहार वास्तव में छत्तीसगढ़ की असली पहचान है, जहां संस्कृति, परंपरा और प्रेम का अद्भुत संगम दिखाई देता है।
- रायपुर। विकास की मुख्यधारा से वर्षों तक वंचित रहा कोरबा जिले के पहाड़ी कोरवाओं का आश्रित ग्राम लामपहाड़ अब शिक्षा की रोशनी से आलोकित हो रहा है। घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच बसा यह क्षेत्र कभी शिक्षकविहीन विद्यालय के कारण बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बना रहा था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार युक्तियुक्तकरण की पहल से यहाँ नियमित शिक्षकों की पदस्थापना हुई है, जिससे विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया सुचारु रूप से प्रारंभ हो गई है।लामपहाड़ ग्राम पंचायत बड़गांव का आश्रित ग्राम है, जहाँ विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा की आबादी अधिक है। पहले यहाँ शिक्षा की सुविधा सीमित होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती थी। विद्यालय में पदस्थ शिक्षिका के पदोन्नति उपरांत अन्यत्र स्थानांतरण के कारण वर्षों तक नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं थे। शासन द्वारा की गई युक्तियुक्तकरण पहल ने इस समस्या का स्थायी समाधान प्रस्तुत किया है। अब प्राथमिक शाला में दो और माध्यमिक शाला में एक शिक्षक की नियुक्ति से यहाँ के बच्चों का भविष्य संवरने लगा है।प्राथमिक शाला में कुल 33 और माध्यमिक शाला में 19 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश पहाड़ी कोरवा समुदाय से हैं। प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक श्री कलेश्वर राम कटेला तथा माध्यमिक शाला में शिक्षक श्री दीपक यादव सहित अन्य शिक्षक नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि अब समय पर पढ़ाई होती है, शिक्षक पूरे समय विद्यालय में उपस्थित रहते हैं और मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत नाश्ता व भोजन की भी सुविधा मिल रही है।विद्यार्थिनी सुखशिला, फूलमती, संगीता, देवशीला और फुलमनिया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें निरंतर पढ़ाई करने का अवसर मिल रहा है। उनके अभिभावक भी विद्यालय की निकटता और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति से खुश हैं। लामपहाड़ में शिक्षा की यह नई सुबह न केवल पहाड़ी कोरवा बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर कर रही है, बल्कि इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी मील का पत्थर सिद्ध हो रही है।
- -जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर संगोष्ठी आयोजितरायपुर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि जलवायु परिवर्तन 21 वीं सदीं की सबसे बड़ी चुनौती है और इसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य है। जब हम प्रकृति की रक्षा करेंगे तभी प्रकृति हमारी रक्षा करेगी। श्री डेका शनिवार को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में दक्षिण एशियाई जलवायु परिवर्तन जर्नलिस्ट फोरम और विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि धरती का तापमान असमान्य रूप से बढ़ रहा है, जिससे मौसम चक्र असंतुलित हो गया है। ध्रुवीय क्षेत्रों की बर्फ तेजी से पिघल रही हैं, समुद्र का जल स्तर बढ़ रहा है, अनियमित वर्षा, सूखा और विनाशकारी तूफानों की घटनाएं बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण मानव जनित गतिविधियां, ग्रीन हॉउस गैसों का उत्सर्जन, वनों की अंधाधुंध कटाई और जीवाश्म ईधनों का अत्यधिक उपयोग है। वातावरण में कार्बन डाईऑक्साइड, मिथेन और नाइट्रस ऑक्साइड जैसी गैसों का स्तर तेजी से बढ़ रहा है जो धरती का तापमान बढ़ा रहा है।राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है। राज्य में तापमान में वृद्धि, अनियमित वर्षा, लू की तीव्रता और बाढ़ की घटनाएं बढ़ रही है। कोयला आधारित उद्योग, वनों की कटाई और रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग, ग्रीन हॉउस गैसों के उत्सर्जन को बढ़ा रहा है, जिससे पर्यावरण के साथ-साथ कृषि, जल स्त्रोतों और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमें नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण और वन संरक्षण की दिशा मे ठोस कदम उठाने होंगे। छत्तीसगढ़ में 45 प्रतिशत वन क्षेत्र है। इस सुंदर प्रदेश को हरा-भरा बनाए रखने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के एक पेड़ मां के नाम के तहत हर व्यक्ति एक पेड़ लगाए, ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग हो, प्लास्टिक मुक्त अभियान को बढ़ावा दिया जाए और सौर व पवन ऊर्जा को अपनाया जाए।श्री डेका ने कहा कि विद्यार्थियों, युवाओं की भूमिका इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रीन क्लब बनाकर जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और टिकाऊ जीवनशैली को अपनाना समय की मांग है। डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से पर्यावरण शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना भी युवाओं का दायित्व है। जलवायु को बचाने के लिए छोटे-छोटे प्रयास हम कर सकते है।कार्यक्रम में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ल ने विश्वविद्यालय अंतर्गत पर्यावरण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। दक्षिण एशियाई जलवायु परिवर्तन जर्नलिस्ट फोरम के समन्वयक श्री कल्लोल के. घोष ने संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। सलाहकार श्री सौम्य बंदोपाघ्याय ने भी अपने विचार रखें।इस अवसर पर विज्ञान एवं समाज के विकास में अमूल्य योगदान के लिए प्रोफेसर एम.एल. नायक को राज्यपाल ने सम्मानित किया साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओ को भी राज्यपाल के हाथों सम्मान प्राप्त हुआ।संगोष्ठी में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, फोरम के अध्यक्ष श्री आशीष गुप्ता, विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्य, शिक्षकगण, महाविद्यालयों एवं स्कूलों के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका आज आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन, पशुधन विभाग के मंत्री श्री राम विचार नेताम के नवा रायपुर स्थित निवास में आयोजित पोला पर्व के उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने भगवान शंकर का अभिषेक एवं पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ का यह पारंपरिक त्यौहार मनाया और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव एवं अन्य मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण एवं अतिथिगण उपस्थित थे ।
- -असम के बांस शिल्प विशेषज्ञों से प्रशिक्षण लेकर बन रहे दक्षरायपुर। बांस शिल्प को आजीविका से जोड़कर कमार और बसोड परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने वन विभाग द्वारा पारंपरिक बांस आधारित शिल्पकला एवं बांस आभूषणों के निर्माण संबंधी कार्यशाला सह प्रशिक्षण का आयोजन बारनवापारा में किया जा रहा है। वन मण्डलाधिकारी बलौदाबाजार गणवीर धम्मशील के मार्गदर्शन में असम गुवाहाटी के बांस कला विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 36 हितग्राहियों को 02 चरणों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें ग्राम बल्दाकछार से 06, ठाकुरदिया से 14 एवं बारनवापारा से 16 प्रशिक्षणर्थी शामिल हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम मूल रूप से विशेष पिछड़ी जनजातियों के आजीविका के संसाधनों में पारंपरिक मूल्यों को संजोकर वृद्धि करना है। प्रशिक्षण के पश्चात हितग्राही परिवारों द्वारा निर्मित बांस के आभूषणों एवं शिल्पकला को प्रदेश के साथ-साथ देश के विभिन्न स्थानों पर भी इसे विक्रय करने की योजना बनाया जाना प्रस्तावित है। इस प्रशिक्षण का आयोजन हितग्राहियों को दक्ष करने के साथ- साथ विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदाय को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
- -राज्यपाल रमेन डेका पोरा तिहार में हुए शामिल-मंत्री रामविचार नेताम ने सपरिवार विधि-विधान से किया पूजा-आराधना-पोरा तिहार में जमकर थिरके उपमुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और आमजन-ईश्वर के स्वरूप में घर-घर पूजे जाते हैं नांदिया-बैलारायपुर । छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार ‘‘पोरा तिहार’’ आज कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के निवास में धूमधाम और पारंपरिक अंदाज में मनाया गया। पोरा तिहार के इस पावन पर्व पर राज्यपाल श्री रमेन डेका शामिल हुए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ वासियों को पोरा तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस मौके पर कहा कि पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति और कृषि जीवन की महत्वपूर्ण परंपरा है।कार्यक्रम की शुरुआत में कृषि मंत्री श्री नेताम अपनी धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा नेताम के साथ भगवान शिव-पार्वती और भगवान स्वरूप नांदिया-बैला का पूजा-आराधना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को पोरा तिहार की शुभकामनाएं दी। कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा आज पोरा तिहार है, जो छत्तीसगढ़ की परम्परा में किसानों और पशु प्रेम को समर्पित है। इसके साथ ही तीन दिन बाद तीजा है, जो सुहागिनों के लिए सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शंकर के लिए तीजा का कठिन व्रत किया था। हमारी सरकार हर माह के पहले हफ्ते में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत एक-एक हजार रूपए उनके खातों में अंतरण कर महिलाओं का सम्मान बढ़ा रही है। कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के रास्ते पर चलते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार छत्तीसगढ़ के चंहुमुखी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, तकनीकि शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री रोहित साहू, श्री मोतीलाल साहू, श्री इन्द्र कुमार साहू, सहित मंडल-निगम आयोग के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने में कहा कि आज हमारे साथी मंत्री श्री रामविचार भैया ने त्यौता देकर हमें पोरा मनाने अपने घर पर बुलाया है। पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की परंपरा और सामाजिक सद्भाव का पर्व हैं। हमारी सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी पोरा तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार द्वारा पारंपरिक पर्वों को सम्मान एवं नए उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।कृषि मंत्री निवास को परंपरागत ग्रामीण परिवेश में विशेष रूप से सजाया गया था। पारंपरिक बैलगाड़ी, नंदिया-बैला और मिट्टी के खिलौने व बर्तन से सुसज्जित वातावरण ने ग्रामीण अंचल की झलक प्रस्तुत की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिससे पोरा तिहार का उत्सव और अधिक जीवंत हो गया। वहीं इस मौके पर आगंतुकों ने छत्तीसगढ़ के ठेठरी, खुरमी, अइरसा, गुलगुला भजिया, चीला, फरा सहित विविध प्रकार के छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का लुप्त उठाया।
-
विभिन्न प्रतिभागियों ने गायन, वायलिन, बांसुरी वादन में दी अपनी बेहतरीन प्रस्तुति
बालोद/छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के उपलक्ष्य में जिला मुख्यालय बालोद स्थित कला केंद्र में एक शानदार संगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रतिभागियों ने गायन, बांसुरी वादन और वायलिन जैसे क्षेत्रों में अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता में स्थानीय प्रतिभागियों ने अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाया। गायन में मधुर स्वरों ने श्रोताओं का दिल जीता, तो बांसुरी और वायलिन की मधुर धुनों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। प्रत्येक प्रस्तुति में प्रतिभागियों ने अपनी मेहनत और समर्पण को प्रदर्शित किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। प्रतियोगिता में तांजल नेताम द्वारा बांसुरी वादन, निखिल साहू द्वारा वायलिन वादन, अरूण कुमार साहू द्वारा गजल सहित शुभांगी शुक्ला, भूषण सिन्हा, रमा शुक्ला, लव कुमार सिंह, जितेन्द्र कुमार सोनी और कृष्णा सोनी द्वारा गायन प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी ने विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखते हैं, बल्कि युवा प्रतिभाओं को अपनी कला को निखारने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहन देने की बात कही। डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर ने कहा कि राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान जिले में विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर रूप से किया जाएगा। -
बालोद/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रचार-प्रसार हेतु तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी स्टेट प्लॉन आफ एक्शन के अनुसार 13 सितंबर 2025 को आयोजित होने वाले नेशनल लोक अदालत के प्रचार-प्रसार हेतु को जिला न्यायालय परिसर बालोद में प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष श्री एस.एल. नवरत्न के द्वारा मोबाईल वेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। मोबाईल वेन के माध्यम से बालोद जिले के विभिन्न गांवो में जाकर नेशनल लोक अदालत का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। उक्त अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय बालोद श्री योगेश पारीक, प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश बालोद श्री किरण कुमार जांगडे़, जिला एवं अति. सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) श्री कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, जिला एवं अति. सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) श्री ताजुद्दीन आसिफ, द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भारती कुलदीप, व्यवहार न्यायाधीश श्री सागर चंद्राकर, जिला अधिवक्ता बालोद के अध्यक्ष श्री अजय साहू एवं अधिवक्तागण, व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के पैरालीगल वालिटियर्स उपस्थित रहें।
-
अध्ययन-अध्यापन के व्यवस्थाओं का किया अवलोकन, बच्चों के साथ मध्यान्ह भोजन कर भोजन की गुणवत्ता को परखा
बालोद/ एसडीएम श्री रामकुमार सोनकर ने आज पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय गुरूर का आकस्मिक निरीक्षण कर अध्ययन-अध्यापन के व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के साथ जमीन में बैठकर भोजन कर भोजन की गुणवत्ता को परखा। इस मौके पर एसडीएम श्री सोनकर ने क्लास रूम में पहुँचकर संबंधित कालखण्ड में अध्यापन कराए जा रहे विषय के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से उनके पाठ्यपुस्तक से संबंधित प्रश्न भी पूछे। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित संस्था के प्राचार्य एवं शिक्षकों को समय पर विद्यालय में उपस्थित होकर पूरी लगन एवं ईमानदारी के साथ बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी बहुमूल्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। -
रोजगारोन्मुखी, अप्रेंटिसशिप एक्ट, ई रोजगार एवं स्टेट मेगा जाॅब फेयर 2025 के संबंध में दी गई जानकारी
बालोद/ जिले के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गुण्डरदेही में ’नव कौशल पथ-नई राह नया हुनर’ थीम पर 18 एवं 19 अगस्त को 02 दिवसीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गुण्डरदेही के प्राचार्य ने बताया कि कार्यक्रम के प्रथम दिवस संस्था में सत्र 2025-26 में नव प्रवेशितों का तिलक लगाकर, पुष्पवर्षा एवं मँुह मीठा कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात् दीप प्रज्ज्वलन कर राजकीय गीत के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रशिक्षण अधीक्षक श्री व्ही. एल ठाकुर तथा अध्यक्षता शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गुण्डरदेही के प्राचार्य श्री एस.डी. खिलारी ने की। कार्यक्रम में प्रशिक्षण अधिकारी श्री जितेन्द्र कुमार द्वारा राज्य में संचालित संस्थाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही एपे्रटिंसशीप एक्ट एवं एनएपीएस की जानकारी प्रशिक्षण अधिकारी श्री शेखर साहू द्वारा प्रदान की गई। इसी तरह परीक्षा एवं कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट के संबंध में जानकारी प्रशि अधिकारी श्री सुशील कुमार दुबे एवं श्री पुरन लाल ठाकुर द्वारा गई। इसी तरह आई.टी.आई उत्तीर्ण होने के उपरांत डिप्लोमा पाठ्यक्रम में लेटरल एंट्री श्री आशीष कुमार साहू एवं राज्य की संस्थाओं में संचालित योजनाओं तथा ईरोजगार, सीजी करियर आदि के संबंध में प्रशिक्षण अधिकारी श्री मोहित कुमार साहू द्वारा प्रदान की गई। कार्यक्रम के द्वितीय दिवस विशिष्ट अतिथि उद्यमी श्री नीलकमल साहू, श्री मनीष साहू एवं श्री गैंद लाल साहू द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम मे भूतपूर्व प्रशिणार्थियों के द्वारा भी नव प्रवेशित प्रशिणार्थियों को अपने अनुभव एवं मागदर्शन प्रदान किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण अधिकारी श्री मोहित कुमार साहू, श्री जितेन्द्र कुमार, श्री पुरन लाल ठाकुर, श्री आशीष कुमार साहू तथा श्री शेखर साहू श्री सुशील कुमार दुबे, श्री कौशल कुमार धनकर, श्री कुलदीप टंडन उपस्थित थे। -
उद्यमिता तथा विभिन्न योजनाओं के संबंध में दी गई जानकारी
बालोद/ जिले के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान डौण्डीलोहारा में ’नव कौशल पथ-नई राह नया हुनर’ थीम पर 18 एवं 19 अगस्त को 02 दिवसीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान डौण्डीलोहारा के प्राचार्य ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र बालोद के महाप्रबंधक श्री गोपाल राव के द्वारा दीप प्रज्जवल कर किया गया। इस दौरान उन्होंने नव प्रवेशित प्रशिक्षणार्थियों को उद्यमिता तथा विभिन्न योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर संस्था के भूतपूर्व प्रशिक्षणार्थी एल्यूमिनी श्री कामता प्रसाद भंडारी, दीपक कुमार, श्री हरीश कुमार, श्री सेवंत कुमार, श्री तुलेश्वर, श्री शिव चरण मरकाम, श्री चिदानंद नायक, श्री अजय कुमार, श्री भूपेंद्र कुंजाम, श्री ओमप्रकाश, जगदेव कौमार्य उपस्थित थे। -
*महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा महतारी सदन- उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा*
*166 महतारी सदन हेतु 49 करोड़ 80 लाख रुपये जारी, 25 सौ वर्गफुट में बनेगा महतारी सदन*
दुर्ग/ प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा आपसी समरसता स्थापित करने सामायिक कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी तथा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार महतारी सदन का निर्माण कार्य किया जाना है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयास से प्रदेश में कुल 166 महतारी सदनों की स्वीकृति आदेश जारी की गई है, इसके लिए 49 करोड़ 80 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। जिसमें दुर्ग जिले के विकासखंड पाटन के ग्राम पंचायत सेलूद और जामगांव आर तथा विकासखंड दुर्ग के ग्राम पंचायत जेवरा, ननकट्ठी, मचांदुर और कातरो में कुल 6 महतारी सदन की स्वीकृति शामिल है, जिनके लिए 30-30 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि न्यू इंडिया के ग्रोथ साइकल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत अभियान महिलाओं की क्षमता को देश के विकास के साथ जोड़ रहा है। प्रदेश के ग्राम पंचायतों में बनने जा रहा महतारी सदन भी इसी दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि लगातार ग्राम भ्रमण के दौरान महिलाओं द्वारा बैठने की स्थान न होने की शिकायत की और बैठने हेतु स्थान दिलाने की मांग की जाती रही इसलिए महतारी सदन बनाने का विचार आया। ततपश्चात महिलाओं को रोजगार दिलाने और उनको काम काज के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार गांवों में महतारी सदन बनाने जा रही है। अब तक 368 महतारी सदन की स्वीकृति इसी उद्देश्य को पूर्ति के लिये जारी किया गया है। कार्यों में एकरूपता के दृष्टिकोण से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्य का एक मानक डिजाईन एवं प्राक्कलन तैयार किया गया है। प्रति महतारी सदन की लागत राशि रुपये 30 लाख होगी।
*5 वर्षो में सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाने की योजना*
प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाया जाएगा। महतारी सदन बनाने की शुरुआत हो गयी है। पहले चरण में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में महतारी सदन बनना प्रारंभ किया जा रहा है व 5 साल में सभी ग्राम पंचायत में महतारी सदन बनेंगे। प्रदेश में बनने वाले महतारी सदन का निर्माण लगभग 25 सौ वर्गफुट में कराया जाएगा। सदन में कमरा, शौचालय, बरामदा, हाल, किचन और स्टोररूम जैसी सुविधाएं रहेगी। पानी के लिए ट्यूबवेल के साथ वाटर हार्वेस्टिंग भी किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसमे बॉउंड्रीवाल भी बनाये जाएंगे। महतारी सदन में सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण किया जाएगा। -
सिर्फ रेलवे संरेखण से 150 मीटर के भीतर आने वाले खसरों पर जारी रहेगा प्रतिबंध
दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल परियोजना के लिए दुर्ग जिले के प्रभावित 23 गांवों में भू-अर्जन संबंधी प्रतिबंध में आंशिक छूट देने के निर्देश दिए है। ज्ञात हो कि खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा परियोजना नई रेलवे लाइन में पाटन अनुभाग के ग्राम ठकुराईनटोला, बठेना, देमार अरसनारा, नवागांव, देवादा, सांतरा, मानिकचौरी, बोहारडीह, फेकारी, धौराभाठा तथा दुर्ग अनुभाग के ग्राम घुघसीडीह, खोपली, बोरीगारका, पुरई, कोकड़ी, कोड़िया, भानपुरी, चंदखुरी, कोनारी, चंगोरी, बिरेझर, थनौद इस प्रकार कुल 23 ग्राम सम्मिलित है। पूर्व आदेश के अनुसार इन गांवों की सभी भूमियों पर खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन और खरीदी-बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई गई थी। जिसे अब आंशिक छूट देने का निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे, बिलासपुर के उप मुख्य अभियंता/निर्माण द्वारा नई सूची उपलब्ध कराई गई है। जिसके अनुसार अब केवल उन खसरों पर प्रतिबंध जारी रहेगा जो रेलवे संरेखण से 150 मीटर की परिधि के अंतर्गत आते हैं। रेलवे द्वारा प्रस्तुत सूची में शामिल खसरों को छोड़कर, शेष सभी भूमियों पर लगा प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उक्त आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
*आंशिक रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र में ग्राम करगाडीह और पाउवारा भी शामिल*
कलेक्टर श्री सिंह ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम 2024 के तहत उक्त 23 ग्रामों के अलावा ये दुर्ग अनुभाग के दो नए गांव करगाडीह और पाउवारा में भूमि अंतरण, खाता विभाजन एवं व्यपवर्तन को आंशिक रूप से प्रतिबंधित किया है। दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा दी गई नई सूची के आधार पर उक्त गांवों को भी अब परियोजना में शामिल किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और बिचौलियों को मुनाफा कमाने से रोकने के लिए दोनों गांवों में रेलवे ट्रैक के 150 मीटर के दायरे में आने वाली निजी जमीनों/खसरों पर तत्काल प्रभाव से खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन और खरीदी-बिक्री पर रोक लगाई गई है। जिन व्यक्तियों की जमीन/खसरा इस प्रतिबंध से प्रभावित हुई है, वे अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इन आवेदनों पर रेलवे विभाग से राय लेने के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। -
छत्तीसगढ़ रजत जयंती 2025 के अवसर पर
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ रजत जयंती 2025 के उपलक्ष्य में साइबर सुरक्षा पर प्रशिक्षण कार्यक्रम डॉ. वामन वासुदेव पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय जिला दुर्ग में आयोजित की गई। साइबर सेल के नोडल अधिकारी श्री संकल्प राय सर एवं साइबर एक्सपर्ट श्री आरिफ खान द्वारा साइबर अपराध क्या है उससे बचने के उपाय साइबर टोल फ्री नंबर 1930 मजबूत पासवर्ड की आवश्यकताए ओटीपी एवं क्यूआरकोड की सावधानियां, अनजान लिंक मेट्रोमोनियल साइट एवं डिजिटल अरेस्ट जैसे कई महत्वपूर्ण तथा समसामयिक घटनाओं के विषयों पर जानकारी प्रदान की गई। महिला संरक्षण अधिकारी सुश्री प्रीतिबला शर्मा मैम द्वारा घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम एवं कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम की जानकारी देते हुए छात्राओं को महिला सशक्तिकरण की जानकारी दी गई। जिला मिशन समन्वयक श्रीमती विनिता गुप्ता द्वारा महिला हेल्प लाइन 181 पोषण आहार की आवश्यकता, एनीमिया से बचाव माहवारी स्वछता सखी वन स्टॉप सेंटर की जानकारी दी गई। श्रीमती सीता कन्नौजे द्वारा चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पॉक्सो एक्ट बाल विवाह रोकथाम से अवगत कराया गया। प्राचार्य डॉ. रंजना श्रीवास्तव, शिक्षकगण, नवाबिहान से महिला संरक्षण अधिकारी सुश्री प्रीतिवला शर्मा मैम, हव से श्रीमती विनिता गुप्ता जिला मिशन समन्वयक, श्री लक्ष्मीकांत यादव जेंडर विशेषज्ञ, श्रीमती शिल्पी उपाध्याय वित्तीय साक्षरता एवं समन्वय विशेषज्ञ, सखी से श्रीमती कविता डोरले परामर्शदाता एएनएम एवं आईसीपीएस से श्रीमती सीता कन्नौजे ओआरडब्ल्यू तथा प्रतिभागी उपस्थित थे। - -श्री डेका ने जीवन में सफलता के लिए दिया मार्गदर्शनरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में रायपुर के निजी स्कूल के विद्यार्थियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री डेका ने बच्चों को जीवन और कैरियर में सफलता पाने के लिए मार्गदर्शन दिया और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने राज्यपाल की बातों को पूरे उत्साह से ध्यानपूर्वक सुना। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से उनके सपनों और हॉबी पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अनुशासन और धैर्य सफलता की कुंजी हैं। यदि किसी परीक्षा में सफलता न मिले तो उसके विकल्प तैयार रखें। विद्यार्थी यूपीएससी की परीक्षा देना चाहते हैं, उसके लिए पूरी लगन के साथ तैयारी करें लेकिन अन्य विकल्पों पर भी ध्यान दें।श्री डेका ने कहा कि हर विद्यार्थी को अपनी हॉबी विकसित करना चाहिए क्योंकि यह व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं। एक छात्रा ने संगीत से जुड़े अपने हॉबी का जिक्र किया। इस पर राज्यपाल ने कहा कि संगीत जीवन के लिए महत्वपूर्ण है, इसमें विज्ञान भी निहित है। विद्यार्थियों ने जब राजनीति के बारे में पूछा तो राज्यपाल ने कहा कि अच्छे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनौतियों का समाधान करने के लिए सही समय पर सही निर्णय लेना जरूरी है और गुस्से में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने अनुभव, तर्कशक्ति और निर्णय क्षमता को जीवन में सफलता के लिए अहम बताया।श्री डेका ने कहा कि सतत् विकास सबसे जरूरी विषय है। हमें अपनी पृथ्वी और पर्यावरण को बचाने के लिए काम करना होगा। हमें अपने वातावरण को स्वच्छ रखना होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 45 प्रतिशत वन क्षेत्र है यह बात उन्हें बहुत प्रभावित करती है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करें और टॉपर बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों को उनके द्वारा 5 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई है। इस अवसर पर रेयान इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य श्रीमती धनेश्वरी शर्मा, मैनेजर एवं अन्य स्टॉफ के साथ विद्यार्थियों को राजभवन का भ्रमण भी कराया गया।
- -देश के पहले राज्यपाल जिन्हें मिली यह अनूठी उपलब्धिरायपुर ।राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने एक मिसाल कायम करते हुए राज्य के सभी 33 जिलों में उपचाररत कुल 330 टीबी मरीजों, प्रत्येक जिले से 10 मरीजों को ‘निक्षय मित्र’ बनकर गोद लिया है। राज्यपाल द्वारा मरीजों को उपचार अवधि में पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने हेतु प्रत्येक मरीज को प्रतिमाह 500 रुपये की अनुदान राशि संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रदान की जा रही है। श्री डेका ने 31 जुलाई 2024 को छत्तीसगढ़ के 10वें राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया था। पदभार ग्रहण करने के पश्चात जिलों के प्रवास के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री जी के ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को गति प्रदान करने की पहल की। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर अभियान की प्रगति की जानकारी ली तथा मरीजों से सीधा संवाद कर उन्हें नियमित दवा और पोषण आहार के महत्व से अवगत कराया। इस क्रम में उन्होंने सर्वप्रथम राजनांदगांव, बस्तर, धमतरी और गरियाबंद जिलों के टीबी मरीजों को गोद लिया था। तत्पश्चात अपने कार्यकाल के एक वर्ष पूर्ण होने से पूर्व ही उन्होंने शेष सभी जिलों में भी मरीजों को गोद लेकर अंतिम 33वें जिले कोंडागांव तक यह प्रक्रिया पूरी की और ऐसा करने वाले वह देश के प्रथम राज्यपाल बन गए।राज्यपाल श्री डेका ने उद्योगपतियों, समाजसेवी संगठनों राइस मिल एसोसिएशन एवं आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे आगे आकर ‘निक्षय मित्र’ बनें और टीबी मरीजों को गोद लेकर इस जनआंदोलन का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प साकार किया जा सकता है।






.jpg)


.jpg)

















.jpg)