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रायपुर शहर के समृद्ध होने में शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अहम योगदान : आयुक्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण को 25 वर्ष पूर्ण होने पर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत रायपुर जिला प्रशासन और रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में विविध सांस्कृतिक गतिविधियां की जा रही हैं। इस क्रम में रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे और रायपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार हेरिटेज वाक आयोजन में प्रमुख रूप से नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान राठौर, नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल, निगम नोडल अधिकारी उपायुक्त डॉक्टर अंजलि शर्मा सहित गणमान्यजन, आमजन बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।
रायपुर जिला प्रशासन और रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव अंतर्गत संयुक्त आयोजन में नगर निगम संस्कृति विभाग की कार्यक्रम समन्वयक सुश्री निष्ठा जोशी ने हेरिटेज वाक में सम्मिलित गणमान्यजनों और आमजनों को लिली चौक, टुरी हटरी बाजार, नागरीदास मन्दिर, जैतूसाव मठ, अखाडा, बावली, हनुमान मन्दिर की स्थापना, नामकरण, ऐतिहासिक महत्व की संक्षिप्त रोचक जानकारी प्राप्त की.
आयुक्त विश्वदीप ने कहा कि किसी भी शहर की समृद्धि का परिचय उस शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से सहज प्राप्त होता है. समृद्ध रायपुर शहर में शहर की समृद्धशाली सांस्कृतिक विरासत का अहम योगदान रहा है. इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण देने और नगर के गणमान्यजनों सहित आमजनों को सांस्कृतिक विरासत से परिचित करवाने हेरिटेज वाक का आयोजन राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के दिशा - निर्देश अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में नगर निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत रहवासी नागरिक रायपुर शहर की समृद्धि और सांस्कृतिक विरासत के इतिहास से सहज परिचित हो सकें और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा शक्ति प्राप्त कर सकें। -
जनजातीय परिवारों को योजनाओं से किया जाएगा लाभान्वित
राज्य में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा यह अभियान
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में “आदि कर्मयोगी अभियान” 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक चलाया जाएगा। छत्तीसगढ़ सहित देशभर के अनेक राज्यों में संचालित हो रहे इस अभियान का उद्देश्य जनजातीय अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से लाभान्वित किया जाना है, अतः इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस अभियान के अंतर्गत राज्य के 28 जिलों, 128 विकासखंडों और 6,650 आदिवासी बहुल ग्रामों को शामिल किया गया है। अभियान के संचालन हेतु ग्राम स्तर पर 1,33,000 से अधिक कैडर (एनजीओ, स्वयंसेवी, पंचायत प्रतिनिधि, युवा एवं सेवाभावी संगठन) तैयार किए जाएंगे। ये कैडर आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्राम विकास की योजना निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अभियान के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर चरणबद्ध रूप से आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक चयनित ग्राम में “आदि सेवा केंद्र” की स्थापना की जाएगी, जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का केंद्र बनेगा। पूरे अभियान के दौरान ‘आदि सेवा केंद्र’ के माध्यम से ‘सेवा पर्व’ और ‘आदि कर्मयोगी सेवा अभियान’ का संचालन किया जाएगा। इस कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
आदिम जाति विकास तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा निर्धारित विस्तृत दिशा-निर्देशों के अनुसार जिलों में एनजीओ, सीएसओ तथा स्थानीय वालंटियर्स का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही ग्रामों के “ट्राइबल विलेज विजन 2030” का निर्माण भी किया जाएगा। इस दौरान शिकायत निवारण शिविर, जनजागरूकता अभियान तथा “आदिवासी सेवा दिवस” का आयोजन किया जाएगा। -
एट होम रिसेप्शन में प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रीगण, विभिन्न क्षेत्रों के प्रख्यात व्यक्तित्व, कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी थे शामिल
छत्तीसगढ़ से प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की लाभार्थी सुमन तिर्की को मिला यह अवसर
रायपुर/ यह मेरे लिए अविस्मृत करने वाला पल था जब मुझे महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से मिलने का अवसर प्राप्त हुआ है। मुझे यह पल जीवन भर याद रहेगा कि मुझे माननीय राष्ट्रपति महोदया और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से बात करने का अवसर भी मिला। वार्तालाप के दौरान मैने शासकीय योजनाओं के माध्यम से गांव के विकास और लोगों के जीवन में हो रहे सकारात्मक बदलाव के बारे में बताया। राष्ट्रपति श्री द्रौपदी मुर्मू ने वहां मौजूद सभी का उत्साहवर्धन किया। यह कहना है प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत नगर पंचायत बगीचा की हितग्राही श्रीमती सुमन तिर्की का, जिन्हें 15 अगस्त 2025 स्वंतत्रता दिवस के पावन संध्या पर राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित एट होम रिसेप्शन में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ था।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित एट-होम स्वागत समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद, भारत के प्रधान न्यायाधीश श्री न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई, लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्रीगण, राजनयिक, विभिन्न क्षेत्रों के प्रख्यात व्यक्तित्व, केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी, दिव्यांगजन तथा विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
भारत सरकार आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा देश के समस्त राज्यों से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत उपरोक्त कार्यक्रम हेतु प्रतिभागियो का नामांकन मंगाया गया था। भारत सरकार द्वारा समस्त राज्यों से प्राप्त नामांकन के विरूद्ध 09 राज्य के 10 हितग्राहियो का चयन एट होम रिसेप्शन के लिए किया गया है, छत्तीसगढ़ से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 01 हितग्राही श्रीमती सुमन तिर्की को यह स्वर्णिम अवसर प्राप्त हुआ है। श्रीमती सुमन तिर्की राजमिस्त्री का कार्य करती है। योजनांतर्गत इनका आवास वित्तीय वर्ष 2019-20 में स्वीकृत हुआ। आवास निर्माण हेतु केन्द्रांश एवं राज्यांश के रूप उन्हें कुल 2.26 लाख रुपए का अनुदान दिया गया है।
श्रीमती सुमन तिर्की को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अतिरिक्त महतारी वंदन, उज्जवला योजना, खाद्यान्न योजना आदि का लाभ भी प्राप्त हुआ है। -
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जन्माष्टमी पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ, निभाई दही-हांडी की परंपरा
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी में आयोजित जन्माष्टमी उत्सव एवं दही-हांडी प्रतियोगिता में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं और भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतीकात्मक रूप से दही-हांडी तोड़कर उत्सव की परंपरा निभाई तथा राधा-कृष्ण के रूप में सजे नन्हे-मुन्ने बच्चों को मिठाई खिलाकर स्नेह प्रदान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हम छत्तीसगढ़ जैसे पावन प्रदेश के निवासी हैं, जो भगवान श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से सनातन संस्कृति को और अधिक सशक्त एवं समृद्ध बनाने हेतु निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार भोरमदेव मंदिर सहित प्रदेश के सभी प्रमुख शक्तिपीठों और तीर्थ स्थलों के समग्र विकास हेतु कार्य कर रही है। साथ ही, श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को विभिन्न पावन स्थलों के दर्शन की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस भव्य आयोजन के सफल संचालन हेतु आयोजक श्री बसंत अग्रवाल एवं उनकी टीम को हार्दिक बधाई दी। कार्यक्रम में विधायक श्री किरण देव एवं श्री पवन साय ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जन्माष्टमी के पावन पर्व की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंक राम वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, श्री राजीव लोचन महाराज, अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे। -
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कोतरलिया में रेडी-टू-ईट यूनिट का किया शुभारंभ
महिलाओं की तरक्की और बच्चों का स्वास्थ्य, दोनों को नया आयाम देगा ‘रेडी-टू-ईट’ : मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री साय ने 10 महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपे थे अनुबंध पत्र
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को मूर्त रूप देते हुए महिला स्व-सहायता समूहों को पूरक पोषण आहार "रेडी-टू-ईट" निर्माण का कार्य पुनः सौंपा है। इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत रायगढ़ जिले से हुई है। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ की 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र प्रदान किए थे। इसके बाद मशीन इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से किया गया और अब रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत कोतरलिया से "रेडी-टू-ईट" उत्पादन का शुभारंभ हो चुका है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही आंगनबाड़ी के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि देशभर में 3 करोड़ "लखपति दीदी" बनाने का लक्ष्य रखा गया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेज गति से कार्य कर रहा है। रायगढ़ इस अभियान में अग्रणी जिला बना है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने ग्राम कोतरलिया में "रेडी-टू-ईट" निर्माण इकाई का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं मशीन चलाकर निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया और महिलाओं को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ से प्रारंभ हुई यह पहल शीघ्र ही प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगी और यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।
उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में कुल 2709 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सभी केंद्रों के लिए 10 महिला स्व-सहायता समूहों का चयन किया गया है। इन समूहों को प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत पूंजीगत सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। रायगढ़ जिले की परियोजनाओं—रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू के अंतर्गत चयनित समूह जल्द ही "रेडी-टू-ईट" उत्पादन प्रारंभ करेंगे। फिलहाल इसकी शुरुआत कोतरलिया से हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने "रेडी-टू-ईट" उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्य—दोनों को नई दिशा प्रदान करेगी।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 722.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1140.6 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 367.2 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 638.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 571.3 मि.मी., गरियाबंद में 620.0 मि.मी., महासमुंद में 581.8 मि.मी. और धमतरी में 624.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 731.8 मि.मी., मुंगेली में 742.7 मि.मी., रायगढ़ में 858.2 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 621.3 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 908.8 मि.मी., सक्ती में 770.8 मि.मी., कोरबा में 753.1 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 678.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 603.5 मि.मी., कबीरधाम में 531.2 मि.मी., राजनांदगांव में 669.0 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 891.3 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 509.2 मि.मी., बालोद में 749.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 530.9 मि.मी., सूरजपुर में 865.8 मि.मी., जशपुर में 769.6 मि.मी., कोरिया में 820.0 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 747.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 908.6 मि.मी., कोंडागांव में 618.3 मि.मी., कांकेर में 797.8 मि.मी., नारायणपुर में 812.7 मि.मी., दंतेवाड़ा में 826.3 मि.मी., सुकमा में 642.0 मि.मी., और बीजापुर में 904.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। - - महाराष्ट्र मंडल के सभी प्रकल्पों में विविध आयोजनों के साथ किया गया ध्वजारोहणरायपुर। भारत देश के स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त के अवसर पर महाराष्ट्र मंडल के चौबे कॉलोनी स्थित कार्यालय भवन, सखी निवास, बाल वाचनालय शंकर नगर और संत ज्ञानेश्वर स्कूल में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा रोहण करने के बाद एक से एक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सभी कार्यक्रमों में मुख्य अतिथियों ने राष्ट्र प्रथम का संदेश देकर बेहतर सेहत के लिए खान पान पर विशेष ध्यान पर जोर दिया।चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने ध्वजारोहण कर सभी से अपन कर्तव्यों के पालन का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि आज मैं सुबह घर से निकला और मंडल पहुंचने तक मुझे बहुत से सफाई कर्मी अपने कर्तव्यों का पालन करते नजर आए। उन्होंने यह बिल्कुल नहीं सोचा का आज छुट्टी का दिन है। हम सभी को भी अपने कर्तव्यों का इसी तरह पालन करने का संकल्प आज लेना होगा। कार्यक्रम को दिव्यांग बालिका विकास गृह प्रभारी प्रसन्न निमोणकर ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर दिव्यांग बालिका महालक्ष्मी साहू, संजना टंडन, सीमा सारथी और कम्लेश्वरी साहू ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया। ध्वजारोहण कार्यक्रम में दीपक किरवईवाले, योगेश शर्मा, सुबोध टोले, दीपक पात्रीकर, निरंजन पंडित, नवीन देशमुख, सचिंद्र देशमुख, अभय भागवतकर, किशोर साहू, नमिता शेष, दिव्या पात्रीकर, आस्था काले, मंडल प्रबंधक बी नंदिनी नायडू सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।संत ज्ञानेश्वर विद्यालय: जंक फूड से दूर रहें बच्चे: मेघानीसंत ज्ञानेश्वर विद्यालय में जोन क्रमांक 10 के अध्यक्ष व पार्षद सचिन मेघानी ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर उन्होंने बच्चों से जंक फूड से दूर रहने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि भूख लगने पर रोटी में शक्कर मिलाकर खाएं लेकिन जंक फूड को न कहना सीखे। सांस्कृतिक कार्यक्रम की कड़ी में दूसरी से कार्तिक दास ने हिंदी में स्पीच, चौथी से ऋषि ने इंग्लिश स्पीच और पांचवी की आस्था चतुर्वेदी ने लोगो गीत प्रस्तुत किया। वहीं मानवी चेलक, रीता चंद्रा ने देशभक्ति से ओतप्रोत स्पीच प्रस्तुत किया। बच्चों द्वारा जालियांवाला बाग पर आधारित मंचीय प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरी।शंकर नगर बाल वाचनालय का होगा जर्णोद्धार: संजयशंकर नगर स्थित बाल वाचनालय में विचार नागरिक आपूर्ति निगम छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष संजय श्रीवास्वतव ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने बाल वाचनालय के पुराने हो चुके भवन के जीर्णोद्धार की बात कही। इस अवसर पर शंकर नगर पार्षद राजेश गुप्ता, मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, वाचनालय प्रभारी रेणुका पुराणिक सहित बड़ी संख्या में शंकर नगर और सड्डू महिला केंद्र की महिलाएं उपस्थित थीं।सखी निवास, कामकाजी महिला वसती गृहमहाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित सखी निवास, कामकाजी महिला वसती गृह में सखी निवास प्रभारी नमिता शेष ने ध्वजारोहण कर झंडे को सलामी दी। इस अवसर पर उन्होंने सभी से स्वच्छता के प्रति संकल्प लेने की बात कहीं। ध्वजारोहण में सखी निवास में रहने वाली बच्चियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। इससे पहले महाराष्ट्र मंडल भवन में देशभक्ति के नारे लगाते हुए राष्ट्रीय ध्वज का रोहण किया गया। तत्पश्चात राष्ट्रगान में मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, चेतन गोविंद दंडवते, दीपक पात्रीकर, दिव्या पात्रीकर, सुबोध टोले, निरंजन पंडित, अभय भागवतकर, नवीन देशमुख और अन्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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-टी सहदेव
भिलाई नगर। तालपुरी बी ब्लॉक के ऑर्किड ग्राउंड में हुए श्री चतुर्भुज मेमोरियल फुटबॉल के फाइनल मैच में महानदी टीम ने ट्राॅफी पर कब्जा कर लिया है। अंडर 13 बालक वर्ग में पीली जर्सी में उतरी महानदी ने सफेद वर्दी में उतरी इंद्रावती को 1- 0 के स्कोर से शिकस्त दी। इस संघर्षपूर्ण मैच के फर्स्ट हॉफ में महानदी एक गोल ही दाग पाई, जबकि इंद्रावती विरोधी टीम के किले को भेद नहीं पाई, जिसके कारण वह आसान से दिखने वाले लक्ष्य को हासिल न कर पाई। सेकंड हॉफ में कोई भी टीम गोल न बना सकी। फाइनल में खेल का जौहर दिखाने वाली विजेता और उप विजेता दोनों टीमों को श्री चतुर्भुज फाउंडेशन के संस्थापक अरुण श्रीवास्तव ने ट्रॉफी प्रदान की।यश प्रजापति की कप्तानी में उतरी महानदी के अन्य खिलाड़ियों में मोक्ष वर्मा, अथर्व गढ़ेवाल, नीतकर्ष गोंडनाले, भानुप्रताप सिंह, हर्ष, आदित्य सिंह, दर्श वर्मा, आरव गजभे, नैतिक खरे तथा आदि वर्मा शामिल थे, उधर अंशुमान पाढ़ी की कप्तानी में उतरी इंद्रावती टीम की ओर से विनय कुमार, अंश नवरंगे, तनिष्क सिंह, ए विहान नायडु, केएस करण कुमार, अमन राय, वेदार्थ पालवल्सा, रेयान सिंह, निमित रॉय और प्रियांश सिंह दक्ष ने मोर्चा संभाला था। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल रेफरी आरडी साव की निगरानी में खेले गए इस मैच में हरीश बैतुले ने कोच की भूमिका निभाई, जबकि संदीप दास रेफरी एवं अमलदास व महेश विश्वकर्मा लाइन मैन बने थे।चैंपियन ट्रॉफी पर कब्जा करने के लिए दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। फाइनल मैच एक घंटे का हुआ, जिसे आधे-आधे घंटे के दो हॉफ में विभाजित किया गया। महानदी की ओर से आदि वर्मा ने मैच के 29 वें मिनट में पहला गोल दाग कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई, जो अंत तक बरकरार रही। 15 अगस्त को हुआ सेकंड लीग मैच भी इन्हीं दो टीमों के बीच खेला गया। जिसमें महानदी ने 2-1 स्कोर से जीत दर्ज की। इस मैच में महानदी के अथर्व और आदि ने एक-एक गोल तो दूसरी तरफ इंद्रावती के तनिष्क ने सिर्फ एक ही गोल बनाया।
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छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता के रूप में सदैव रहेंगे स्मरणीय - मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि श्रद्धेय स्वर्गीय अटल जी हमारे राज्य के निर्माता हैं। अटल जी का छत्तीसगढ़ से विशेष लगाव रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के भौगोलिक क्षेत्र को नए राज्य का स्वरूप देकर प्रदेशवासियों की भावनाओं का सम्मान किया, जिसके लिए वे सदैव स्मरणीय रहेंगे। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। पत्रकार, कवि और राजनेता के रूप में उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। भारत के प्रधानमंत्री हों या विदेश मंत्री—हर भूमिका में उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की अमिट छाप छोड़ी। उनके प्रधानमंत्रित्व काल में अनेक ऐसी योजनाएँ लागू की गईं, जिनसे ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाना, किसानों को सहूलियत प्रदान करना, आदिवासी विभाग का गठन जैसे कार्य ऐतिहासिक रहे। श्रद्धेय स्वर्गीय अटल जी भारत के प्रत्येक नागरिक की स्मृतियों में आज भी जीवित हैं।
श्री साय ने कहा कि वे ऐसे राजनेता थे जिन्हें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी का स्नेह प्राप्त हुआ। अटल जी माँ भारती की यश और प्रतिष्ठा के लिए आजीवन समर्पित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अटल जी के साथ उनकी अनेक स्मृतियाँ जुड़ी हुई हैं, जो उन्हें निरंतर प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी युगपुरुष थे, जिन्होंने सुशासन का मंत्र दिया और आज हम उसी पथ पर आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ का विकास सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके साथ ही हम यह पूरा वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं और इस संबंध में वर्षभर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। -
साइबर सुरक्षा से बचाव के लिए बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी और ओटीपी किसी से साझा न करें : मुख्यमंत्री
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर से एसबीआई साइबर सतर्कता रथ (ऑडियो-वीडियो वैन) को झंडी दिखाकर रवाना किया और राज्य स्तरीय साइबर जागरूकता अभियान की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि तकनीक ने मानव जीवन को आसान और सहज बनाया है। डिजिटल लेन-देन तेज और सुविधाजनक हुए हैं, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता और सावधानी से लोग साइबर धोखाधड़ी से बच सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जागरूकता अभियान लोगों में साइबर सुरक्षा की समझ बढ़ाने का एक प्रभावी प्रयास है। इसके अंतर्गत ऑडियो-वीडियो संदेश, नुक्कड़ नाटक और कठपुतली नाटक के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। श्री साय ने कहा कि प्रदेश में 29 ऐसे हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां साइबर ठगी के मामले अधिक होते हैं और इस रथ का विशेष फोकस उन स्थानों पर रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगों से अपील की कि वे अपने बैंक खाते की गोपनीय जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी किसी से साझा न करें और अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। उन्होंने कहा कि साइबर ठग आए दिन नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं। ज़रा सी लापरवाही मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग जागरूक हों और साइबर अपराध से स्वयं को सुरक्षित रखें।
उल्लेखनीय है कि डिजिटल माध्यम से हो रही धोखाधड़ी और अनाधिकृत लेन-देन की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने "हर भारतीय का बैंकर" होने के नाते राज्यव्यापी साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान 15 अगस्त से 30 नवंबर 2025 तक चलेगा। यह रथ प्रदेश के सभी 33 जिलों में जाएगा और नाचा दल व नुक्कड़ नाटकों के जरिए लोगों को साइबर ठगी के तरीकों और इससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी देगा।
भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई जा सकती है। इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के डीजीएम श्री राकेश सिन्हा, एजीएम श्री दीपक कुमार सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। -
भारतरत्न श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर/ आज हम छत्तीसगढ़वासी अपने पते में जिस "छत्तीसगढ़" शब्द का उपयोग करते हैं, वह श्रद्धेय अटल जी की ही देन है। वे हमारे छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता के रूप में सदैव स्मरणीय रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित अवंती विहार चौक पर आयोजित माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनका पुण्य स्मरण किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री अटल जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। पत्रकार, कवि और राजनेता के रूप में उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। सभी लोग उनके भाषण के कायल होते थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने 25 सप्ताह तक चलने वाले छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के ‘रजत महोत्सव’ का शुभारंभ किया है। आज यदि हम छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं, तो यह अटल जी की ही देन है। इस 25 सप्ताह में सभी विभागों द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। यह वर्ष अटल जी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है। हमने उनकी स्मृति में इस वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ घोषित किया है, जिसके तहत अधोसंरचना विकास में तेजी लाने के लिए अलग से बजट का प्रावधान रखा गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने जिस उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया, उन उद्देश्यों की पूर्ति करते हुए हमारा राज्य तेजी से तरक्की की राह पर बढ़ रहा है। इन 25 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि हमने अगले 25 वर्षों में विकसित राज्य बनने की न केवल संकल्पना की है, बल्कि इसे पूरा करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047’ रोडमैप भी तैयार किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि मेरा सौभाग्य रहा कि जब श्री अटल जी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने, उस समय मैं सांसद के रूप में निर्वाचित हुआ। मैंने संसद में अटल जी के व्याख्यान सुने हैं। लोकसभा में उनके संबोधन का हम सब इंतजार करते थे। उनका चुटीला अंदाज, बेबाकी और अपनी बात रखने की कला सबका मन मोह लेती थी। जब छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण संबंधी बिल संसद में प्रस्तुत हुआ, उस चर्चा को भी मुझे श्रोता के रूप में सुनने का अवसर मिला। उस समय हमारे राज्य से राज्यसभा सांसद स्वर्गीय लखी राम अग्रवाल एवं स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव ने भी अपनी बात संसद में रखी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने हमें सिखाया कि सिद्धांतों पर हमेशा दृढ़ रहना चाहिए। वे सिद्धांत एवं मूल्यों की राजनीति को ही महत्व देते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि संवाद, सहमति और संवेदना की कला भी है। उनकी वाणी आज भी हमारी धड़कनों में गूंजती है। कार्यक्रम को विधायक श्री पुरंदर मिश्रा एवं राज्य खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर श्री किशोर महानंद, श्री जयंती पटेल, अवंती विहार व्यापारी संघ के पदाधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। -
ओसाका वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ बनेगा वैश्विक निवेश केंद्र का आकर्षण
ढोकरा कला से आधुनिक उद्योग तक – ओसाका में छत्तीसगढ़ की पहचान
रायपुर/ छत्तीसगढ़ विश्व पटल पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने के लिए तैयार है। जापान के ओसाका में 13 अप्रैल से 13 अक्टूबर 2025 तक आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ अपनी धरोहर और विकास यात्रा का प्रदर्शन करेगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को विशेष आमंत्रण मिला है। एक्सपो का विषय है “Designing Future Society for Our Lives” तथा इसके उप-विषय “Saving Lives”, “Empowering Lives” और “Connecting Lives” हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भागीदारी न केवल राज्य की सांस्कृतिक और तकनीकी प्रगति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगी बल्कि छत्तीसगढ़ को औद्योगिक विकास के विश्व मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश-अनुकूल कारोबारी केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान को और सुदृढ़ करेगा।
ब्यूरो इंटरनेशनल दे एक्सपोज़िशन्स द्वारा आयोजित वर्ल्ड एक्सपो को नवाचार और सतत विकास पर वैश्विक संवाद का प्रमुख मंच माना जाता है। ओसाका एक्सपो की व्यापक अवधारणा “People’s Living Lab” है, जो वैश्विक नवाचार और सह-निर्माण की भावना को दर्शाता है। इस आयोजन में 160 से अधिक देश और 9 अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हो रहे हैं।
भारत इस एक्सपो में अपनी बड़ी उपलब्धियों को प्रदर्शित कर रहा है। “भारत मंडप” शीर्षक वाला भारतीय पैवेलियन प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक नवाचार का संगम है। यहां योग सत्र, भरतनाट्यम की प्रस्तुतियां, बॉलीवुड फिल्मों की स्क्रीनिंग और भारत की अंतरिक्ष यात्रा को दर्शाने वाला विशेष चंद्रयान ज़ोन दर्शकों के आकर्षण का केंद्र है।
इस बीच, छत्तीसगढ़ ने पहले ही अपनी विश्व प्रसिद्ध ढोकरा कला के माध्यम से वैश्विक दर्शकों का दिल जीत लिया है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल के तहत प्रदर्शित इस धातु कला ने अपनी अनूठी शिल्पकला से सबको मोहित किया।
अब छत्तीसगढ़ ओसाका के युमेशिमा आइलैंड, कोनोहनाकु स्थित विशाल एक्सपो स्थल पर अपना राज्य स्तरीय स्टॉल स्थापित करेगा। यह अवसर छत्तीसगढ़ को भारत सरकार के भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO) के आमंत्रण पर मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक प्रगति को प्रदर्शित करेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के साथ भी सहयोग कर रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दोहराया कि छत्तीसगढ़ की उपस्थिति वर्ल्ड एक्सपो 2025 में राज्य की उपलब्धियों को नई पहचान दिलाएगी और इसे वैश्विक औद्योगिक विकास के मानचित्र पर एक उभरते निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी। -
मुख्यमंत्री साय आईबीसी 24 स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2025 में हुए शामिल: प्रदेश की मेधावी बेटियों को किया सम्मानित
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित आईबीसी 24 स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप कार्यक्रम में 12वीं कक्षा की प्रवीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाली प्रदेश की बेटियों को सम्मानित किया और उन्हें सहायता राशि के चेक प्रदान किए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर मेधावी छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत से सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने बेटियों से कहा कि आने वाले समय में उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिले, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पुरस्कार बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक सहयोग भी प्रदान कर रहा है। गरीब परिवारों के होनहार बच्चों के लिए यह स्कॉलरशिप उनके भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और यह उनके उच्च शिक्षा को आगे बढ़ाने में बेहद सहायक सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ बनने से पूर्व हमारा अंचल लंबे समय तक विकास की दौड़ में पीछे रहा। श्रद्धेय अटल जी के प्रयासों से यह राज्य अस्तित्व में आया तथा इसकी विकास यात्रा शुरू हुई। उन्होंने कहा कि अब हमने प्रदेश के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ का रोडमैप तैयार किया है, जिस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। हर एक प्रदेशवासी के सहयोग और भागीदारी से हम विकसित छत्तीसगढ़ का सपना पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूल मंत्र है। पिछले 25 वर्षों में प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर की कई शैक्षणिक संस्थाएं स्थापित हुई हैं। आईआईटी, आईआईएम, एम्स के साथ-साथ 10 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। प्रदेश के बच्चों का गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का सपना अब साकार हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज युक्तियुक्तकरण के निर्णय से प्रदेश का कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। कर्रेगुट्टा जैसे सुदूर अंचलों में, जहां कभी स्कूलों में ताले लगे रहते थे, वहां भी अब शिक्षक पहुंच चुके हैं। हमने शिक्षकों की व्यवस्था में मौजूद असंतुलन को दूर किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से भरपूर और औद्योगिक विकास की असीम संभावनाओं वाला प्रदेश है। नई औद्योगिक नीति के परिणामस्वरूप महज़ डेढ़ वर्ष में ही 6.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस औद्योगिक नीति में रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। आने वाले वर्षों में युवाओं को प्रदेश में ही कौशल अनुरूप रोजगार मिलेगा और उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री से संवाद किया।गरियाबंद की प्रिया बघेल ने खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के संबंध में प्रश्न किया। इस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेलो इंडिया सेंटर के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। वहीं, खुशी देवांगन ने तकनीक और एआई से जुड़े सवाल पूछे, जिस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तकनीक-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जा रहा है और इसके लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।
कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों से 12वीं कक्षा में जिला टॉपर और राज्य की प्रवीण्य सूची में स्थान पाने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आईबीसी 24 समूह के चेयरमैन श्री सुरेश गोयल सहित गणमान्य नागरिक, प्रदेश भर से पहुंची छात्राएं और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे। -
बस्तर अब भय और हिंसा से निकलकर विकास व विश्वास की ओर - मुख्यमंत्री
रायपुर/ आज़ादी के 78 साल बाद बस्तर के उन गांवों में तिरंगा शान से लहराया, जहाँ अब तक नक्सलियों का लाल झंडा ही ताक़त और खौफ का प्रतीक माना जाता था। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिलों के 29 गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। दशकों से बंदूकों की नली और डर के साए में जी रहे इन गांवों में तिरंगे का फहराया जाना केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की ऐतिहासिक तस्वीर है। यह तस्वीर दर्शाती है कि सुरक्षा बलों के त्याग, सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और ग्रामीणों की उम्मीद ने मिलकर नक्सलवाद के गढ़ माने जाने वाले इलाकों में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। इन गांवों में तिरंगा फहराना उस ऐतिहासिक बदलाव का प्रमाण है, जो सुरक्षा बलों के साहस, राज्य और केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति तथा सबसे बढ़कर ग्रामीणों के धैर्य और विश्वास से संभव हुआ है। बीजापुर जिले के कोंडापल्ली, जीड़पल्ली, वाटेवागु, कर्रेगुट्टा, पिड़िया, पुजारीकांकेर और भीमारम जैसे गांव; नारायणपुर जिले के गारपा, कच्चापाल, बेड़माकोट्टी, कांदूलनार, रायनार सहित कई गांव; तथा सुकमा जिले के गोमगुड़ा, गोल्लाकुंडा, नुलकातोंग और उसकावाया जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में आज़ादी के बाद पहली बार तिरंगे का फहरना एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह उपलब्धि हमारी सुशासन की सरकार के उस संकल्प का परिणाम है, जिसमें नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और विकास की नई धारा प्रवाहित करने का लक्ष्य रखा गया है। “बस्तर अब भय और हिंसा से बाहर निकलकर प्रगति, समृद्धि और विश्वास की ओर बढ़ रहा है। सरकार का वचन है कि हर गांव तक विकास की रोशनी पहुँचेगी और कोई भी नागरिक विकास की रोशनी से अछूता नहीं रहेगा,” उन्होंने कहा। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इसे सुरक्षा बलों की मेहनत और स्थानीय समुदायों के धैर्य का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि “आज जिन गांवों में तिरंगा फहराया गया, वहाँ दशकों तक लाल झंडे का खौफ छाया रहा। यह बस्तर में नई सुबह का प्रतीक है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बस्तर के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों की नई रणनीति, शिविरों की स्थापना और लगातार दबाव के चलते नक्सली कैडर कमजोर हुआ है। आत्मसमर्पण नीतियों ने बड़ी संख्या में उग्रवादियों को मुख्यधारा में लौटाया है। वहीं सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि केवल सुरक्षा उपाय ही नहीं, बल्कि विकास ही स्थायी समाधान है। इसी कारण नियद नेल्ला नार योजना सहित सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और अन्य योजनाओं से ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने लगा है। ग्रामीणों का भरोसा जीतना इस ऐतिहासिक बदलाव का सबसे बड़ा आधार रहा है। स्वास्थ्य शिविर, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर तथा प्रशासन का संवेदनशील रवैया ग्रामीणों को यह संदेश दे रहा है कि सरकार उनके साथ खड़ी है।
बस्तर की यह नई तस्वीर पूरे देश को यह संदेश देती है कि जब इच्छाशक्ति, रणनीति और जनभागीदारी एक साथ आते हैं, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं रहती। कर्रेगुट्टा सहित बस्तर के इन 29 गांवों में फहराता तिरंगा उस नई सुबह का प्रतीक है, जो हिंसा की अंधेरी रात को पीछे छोड़ते हुए शांति, विकास और आत्मविश्वास से भरे भविष्य की ओर अग्रसर है। -
बिलासपुर/संभागायुक्त कार्यालय में कमिश्नर श्री सुनील जैन ने आज स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर ध्वजारोहण किया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण के पश्चात् राष्ट्रगान ’जन-गण-मन’ की प्रस्तुति समाज कल्याण विभाग के सदस्यों द्वारा दी गई। संभाग आयुक्त श्री जैन ने सभी को स्वंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आजादी दिलाने वाले वीर शहीदों का स्मरण किया। इस मौके पर संभाग कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों सहित संभागायुक्त कार्यालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे। कमिश्नर ने अपने निवास कार्यालय में भी ध्वजारोहण किया गया।
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दीदियों को सौंपे लाइसेंस, ई रिक्शा पर हुए सवार, दीदियों का बढ़ाया हौसला
बिलासपुर/ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में 30 दिवसीय महिला ई-रिक्शा और चारपहिया वाहन चालक प्रशिक्षण का आज समापन हुआ। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने पहुंचकर दीदियों का हौसला बढ़ाया और लाइसेंस प्रदान किए। पहली बार शुरू किए गए इस प्रशिक्षण में बिहान की 30 दीदियों ने वाहन चालक का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह मिली है।प्रशिक्षण के समापन अवसर पर ग्रामीण प्रशिक्षण संस्थान पहुंचे कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने बिहान दीदियों के आत्मविश्वास की सराहना की और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने खुद ई रिक्शा पर सवारी कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता परखी, वहीं सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल ने ‘बिहान’ योजना से महिलाओं के सशक्तिकरण और आजीविका के नए रास्तों पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी दीदियों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें एक नया कौशल मिला है जिससे उन्हें आजीविका की एक नई राह मिली है।समारोह में संस्थान के निदेशक श्री राजेंद्र कुमार साहू ने महिलाओं के घरेलू और पेशेवर जीवन में संतुलन बनाने की क्षमता पर चर्चा करते हुए कहा कि आत्मविश्वास और मेहनत से महिलाएं हर मुकाम हासिल कर सकती हैं। अग्रणी प्रबंधक श्री दिनेश कुमार उरांव ने मातृत्व शक्ति को नमन करते हुए कहा कि महिलाओं को वित्तीय प्रबंधन में भी सशक्त होना जरूरी है।इस अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबन्धक श्री रामेंद्र गुर्जर भी मौजूद थे।कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ संकाय श्रीमती दीप्ति मंडल ने किया प्रमुख प्रशिक्षक श्री दिलीप साहू सहित संस्थान के अधिकारी कर्मचारी और भारतीय स्टेट बैंक के पेंशन एसोसिएशन के अधिकारी भी मौजूद रहे। -
बिलासपुर/कलेक्टोरेट बिलासपुर एवं नए तथा पुराने कम्पोजिट बिल्डिंग में स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल नेे ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा राष्ट्रगान गाया गया। इसके पश्चात् कलेक्टोरेट परिसर में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मूर्ति पर कलेक्टर ने माल्यार्पण किया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी और जिला कार्यालय एवं दोनों कम्पोजिट बिल्डिंग स्थित विभिन्न कार्यालयों के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
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बिलासपुर/स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक भोपाल सर्कल द्वारा प्रदेश में सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए एससी एसटी एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के गरीब एवं मेधावी छात्रों को 310 लैपटॉप वितरण करने का निर्णय लिया। लैपटॉप वितरण की मांग भारतीय स्टेट बैंक के एससी एसटी वेलफेयर एसोसिएशन भोपाल सर्किल के पदाधिकारियों के मांग पर किया गया । एससी एसटी अत्यंत पिछड़ा वर्ग के गरीब एवं मेधावी छात्र जो अपनी जरूरत को पूरा नहीं कर पाते है, अपना कैरियर नहीं बना पाते हैं एवं मुख्य धारा में जुड़ने से पीछे जाते हैं इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए भारतीय स्टेट बैंक ने मेधावी एवं गरीब छात्रों के उत्थान के लिए प्रशासनिक कार्यालय बिलासपुर के डीजीएम श्री आलोक रंजन एवं रीजन 1 के रीजनल मैनेजर श्री अविनाश सोनी के द्वारा 7 7 लैपटॉप का वितरण किया गया एवं बच्चों को शुभकामनाएं दी। एसबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय कोरबा रायगढ़ एवं अंबिकापुर द्वारा भी 7 7 लैपटॉप वितरण का कार्य किया गया।
इस अवसर पर एसबीआई एससी-एसटी वेलफेयर एसोसिएशन बिलासपुर के उपाध्यक्ष श्री सूरज रजक उप महासचिव श्री दिनेश उरांव सहायक महासचिव अनूप सोरेन, एचआर की टीम, स्टेट बैंक के अधिकारी कर्मचारी,लाभार्थियों के माता-पिता एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे । बच्चों ने लैपटॉप प्राप्त कर खुशी खुशी अपने जीवन में अच्छा कार्य करने एवं मुख्य धारा में जुड़ने का प्रण लिया एवं भारतीय स्टेट बैंक को इस पुनीत कार्य के लिए धन्यवाद दिया। -
राष्ट्र हित में कार्य करने का लिया संकल्प
बालोद/शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय दल्लीराजहरा में धूमधाम से स्वतंत्रता दिवस का पर्व मनाया गया। आयुर्वेद चिकित्सालय में ध्वजारोहण उपरांत राष्ट्र गान गाया गया। समारोह में चिकित्सालय के अधिकारी-कर्मचारियों ने वीर शहीदों का स्मरण करते हुए राष्ट्र हित में कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बताया गया कि चिकित्सा कार्य भी राष्ट्र हित का कार्य है। उन्होंने चिकित्सालय को उन्नति की ओर अग्रसर रखने के लिए निरन्तर प्रयास करने के लिए संकल्प लिया। कार्यक्रम में चिकित्सालय प्रभारी डॉ. अमित द्विवेदी, डॉ. वर्षा, डॉ. एंजिल आभा कुजूर, डॉ. पूनमचंद सोनकर, श्री शीतल सिंह चुरेंद्र, श्रीमती सबीहा अल्वी सिंह, श्रीमती शीतल चैहान, श्रीमती वीणा राजपुरिया, श्री आजाद साहू, श्रीमती त्रिवेणी साहू, श्रीमती राधिका नेताम उपस्थित थे। - 0 प्रदेशवासियों से आत्मनिर्भर भारत - आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का आव्हान0 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान से हमें मिला स्वतंत्रता का उजाला0 जनजातीय नायकों का बलिदान देशभक्ति की अद्भुुत मिसाल0 अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं0 ऑपरेशन सिंदूर भारत के पराक्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक0 राष्ट्रहित में प्रदेशवासियों को स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अपील0 रायपुर में शीघ्र ही पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की घोषणा0 मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का किया शुभारंभ0 शहरों को संवारने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभ0 बस्तर और सरगुजा संभाग में शुरू होगी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। उन्होंने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का दिन है। अंग्रेजी साम्राज्यवाद से लड़ते हुए हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर हमें स्वतंत्रता का उजाला सौंपा।मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और सेना के वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि हम छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षाें की विकास यात्रा को ’’छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव’’ के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की। उन्होंने यह भी घोषणा कि रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली जल्द ही लागू की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस अवसर पर हम विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लें। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता श्रद्धेय अटल जी के सुशासन का दृढ़ संकल्प हमें शक्ति देता है। हम निश्चित ही जन-जन की सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को साकार करेंगे। गोस्वामी तुलसीदास जी का कथन ‘‘रामकाजु कीन्हें बिनु मोहि कहां बिश्राम‘‘ हमारा आदर्श वाक्य है और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के सिद्धांत हमारे पथप्रदर्शक हैं।राष्ट्रहित में स्वदेशी अपनाएंमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वदेशी को जन-आंदोलन का रूप दिया है। आत्मनिर्भर भारत 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है। स्वतंत्रता दिवस का यह प्रेरक अवसर हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि - हर नागरिक स्वदेशी वस्तु खरीदना देशभक्ति का कार्य माने, हर व्यवसाय गुणवत्ता और स्थिरता को अनिवार्य मानें, हर नवाचारी सबसे पहले भारत के बारे में सोचे, हर किसान पर्यावरण अनुकूल समावेशी कृषि को अपनाए और हर क्षेत्र निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े।वोकल फॉर लोकल अभियान में अग्रणी छत्तीसगढ़मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के वोकल फॉर लोकल अभियान को आगे बढ़ाने में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका हो। स्वदेशी रोजगार सृजन का ही नहीं देशभक्ति का भी एक उपक्रम है। हम नई औद्योगिक नीति के जरिए प्रदेश में बनने वाले उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री जी के लोकल फॉर ग्लोबल विजन पर काम कर रहे हैं। अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को अपनाने से स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों को रोजगार मिलता है। इसका सीधा परिणाम देश और प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के रूप में सामने आता है। हमारी आयात निर्भरता कम होती है। हम खादी को बढ़ावा देकर स्थानीय बुनकरों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं, इससे हमें टैक्सटाइल क्षेत्र में अपनी वैश्विक पहचान बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई को प्रोत्साहित कर हम मेक इन इंडिया अभियान में अपनी भागीदारी बढ़ा रहे हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देना होगा।जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान हो हमारा ध्येय वाक्यमुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई के लिए प्रधानमंत्री जी द्वारा दिया गया जीरो डिफेक्ट - जीरो इफेक्ट का मंत्र अत्यंत कारगर है। हमारे गांव, नगर और जिले स्तर पर तैयार होने वाली वस्तुएं गुणवत्ता के मामले में किसी से कम नहीं है। इसके लिए उन्हें डिजिटल संसाधनों, नवाचार, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी और एआई जैसी तकनीक को अपनाना होगा। अब जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान... के ध्येय वाक्य के साथ हम आगे बढ़ेंगे।प्राकृतिक खेती हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारीमुख्यमंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया अभियान के जरिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करते हुए भारत सैन्य उपकरणों का निर्यातक के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि आज जलवायु संकट का सीधा असर हमारे जीवन पर पड़ रहा है। कृषि क्षेत्र इससे अछूता नहीं है। ऐसे समय में रसायन मुक्त, प्राकृतिक खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित होगी। श्रीअन्न, दलहन-तिलहन और मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देकर छत्तीसगढ़ के हमारे किसान भाई कृषि लागत को कम कर सकते हैं। इससे रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।स्वतंत्रता संग्राम के नायकों का पुण्य स्मरणमुख्यमंत्री ने देश की आजादी की लड़ाई में स्वर्णिम अक्षरों में लिखे गये परलकोट विद्रोह के नायकों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि इस वर्ष परलकोट विद्रोह के 200 वर्ष पूरे हो गए हैं। आज भी शहीद गेंदसिंह की वीरता के किस्से प्रदेश की जनता उतने ही गौरव भाव से सुन रही है। भूखे और उत्पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए शहीद वीरनारायण सिंह द्वारा की गई लड़ाई को कौन भूल सकता है। उन्होंने रायपुर सिपाही विद्रोह के नायक हनुमान सिंह जी का भी इस अवसर पर स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भूमकाल विद्रोह के माध्यम से वीर गुंडाधुर ने अपनी मातृभूमि के लिए जिस अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन किया, वो इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। शहीद यादव राव, वेंकट राव, धुरवा राव, डेबरी धुर, आयतु माहरा सहित हमारे अनेक जनजातीय नायकों का बलिदान देशभक्ति की अद्भुुत मिसाल है।मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपना अटल संकल्प पूरा किया और देश के नक्शे में छत्तीसगढ़ का एक नये राज्य के रूप में उदय हुआ। अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पुण्य धरा प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। हमारे पास समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हैं और अपार उत्साह समेटे हुए विपुल जन संसाधन है। एक नवंबर 2000 को जब यह राज्य बना, तब हमने एक सपना देखा था, एक विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी छत्तीसगढ़ का। आज मैं गर्व से कह सकता हूँ कि हम उस दिशा में तेजी से आगे बढ़़ रहे हैं।मुख्यमंत्री ने आपातकाल के पचास बरस पूरे होने पर लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि आपातकाल के बेहद कठिन दौर में यातनाओं की परवाह न करते हुए उन्होंने लोकतंत्र की मशाल थामें रखी। उन्होंने कहा कि मातृभूमि के लिए अपने हिस्से की जिम्मेदारी हमें निभानी है। हमें यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को मूर्त रूप देना है।हमारे जवानों ने तिरंगे का मान बढ़ायामुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने वीर जवानों पर गर्व है, जिन्होंने अपने असीम शौर्य और साहस से मातृभूमि का शीश हमेशा ऊंचा रखा। वर्ष 1947 में देश की आजादी के बाद पाकिस्तान की ओर से हुए आक्रमण से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक हर बार हमारे जवानों ने तिरंगे का मान बढ़ाया है। पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी कृत्य का बदला लेने हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिन्दूर चलाया गया। यह ऑपरेशन दुनियाभर में भारत के पराक्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गई है। हमारा चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिण धु्रव पर पहुंच चुका है और शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में तिरंगा लहरा दिया है। इस सफलता के पीछे देशवासियों की कड़ी मेहनत और हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और अथाह इच्छा शक्ति की विशेष भूमिका है।मार्च 2026 तक देश को आतंकवाद से मुक्त करने का संकल्पमुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस गौरवशाली दिन हम अपने सुरक्षाबलों के जवानों का अभिनंदन करते हैं, जिन्होंने नक्सलियों को उनके ठिकानों में घुसकर मात दी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में हम मार्च 2026 तक देश को माओवादी आतंक से मुक्त करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 20 महीनों में हमारे जवानों ने 450 माओवादियों को न्यूट्रलाइज और 1578 को गिरफ्तार किया है। हमारे जवानों ने माओवादियों के शीर्ष नेताओं बसवराजू और सुधाकर को न्यूट्रलाइज करने में सफलता पायी। राज्य सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर 1589 माओवादी हथियार छोड़ चुके हैं। इनके पुनर्वास, कौशल विकास और रोजगार की व्यवस्था की गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का असली मतलब तब है, जब आखिरी व्यक्ति तक लाभ पहुँचे। ताड़मेटला में जहां हमारे 76 जवानों ने माओवादी हमले में शहादत दी थी, उसके समीप ही चिंतागुफा के स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण-पत्र मिला है। यहां हर महीने औसतन 20 प्रसव होते हैं और हजारों ग्रामीण निःशुल्क इलाज की सुविधा ले रहे हैं। नक्सलवाद के कम होते ही बस्तर में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। 50 बंद स्कूल फिर से खोले गए और कई गांवों में पहली बार बिजली पहुंची। नियद नेल्ला नार अर्थात आपका अच्छा गाँव योजना से 327 गांवों में बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं। पामेड़, जो कभी नक्सलियों का गढ़ था, वहां अब बैंक की शाखा खुल गई हैं।पूरा हो रहा है हर नागरिक के पक्का घर का सपनामुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 20 महीनों में हमने प्रदेश के नागरिकों को प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा दी गई गारंटियों को पूरा करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किये हैं। कैबिनेट की पहली बैठक में हमने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। पीएम जनमन योजना में विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए 34 हजार और नक्सल पीड़ित व आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार आवास मंजूर किए गए। पात्रता नियम आसान किए गए हैं और नए लाभार्थियों के लिए आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वे कराया गया है। इस तरह हर नागरिक का पक्का घर पाने का सपना पूरा हो रहा है।महतारी वंदन योजना: माताओं-बहनों को 11 हजार 728 करोड़ रूपए की सहायतामुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सरकार बनने के तीन महीने के भीतर हमने महतारी वंदन योजना शुरू की। प्रदेश में 70 लाख महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना से महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर कदम बढ़ा रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत माताओं-बहनों को अब तक 11 हजार 728 करोड़ रूपए की राशि दी जा चुकी है। रायगढ़ जिले से हमने महिला समूहों को रेडी टू ईट फूड निर्माण का काम सौंपा है और इसका विस्तार जल्द ही हम अन्य जिलों में करेंगे।किसानों का कल्याण हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकतामुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसान भाइयों का कल्याण हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का सबसे ज्यादा मूल्य मिल रहा है। हमने पिछले खरीफ सीजन में 149 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की है। राज्य में फसल विविधता को बढ़ावा देने के लिए कृषक उन्नति योजना के दायरे का विस्तार किया गया है। धान के बदले अब अन्य खरीफ फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 11 हजार रूपए तथा दलहन-तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की फसल लेने वाले कृषकों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की आदान सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक मजदूर कल्याण योजना के तहत राज्य के 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि श्रमिकों को प्रतिवर्ष 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 26 लाख किसान भाइयों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। इस योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति के 32 हजार 500 किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं। खरीफ सीजन में हमने खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है। वैश्विक तनाव के कारण जहां डीएपी की आपूर्ति में कुछ कमी आयी, वहां हमने भरपूर मात्रा में नैनो डीएपी उपलब्ध कराकर किसान भाइयों की दिक्कत दूर की।मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राज्य में सहकारिता की सम्भावनाओं को साकार कर रहे हैं। खेती-किसानी के साथ-साथ हम पशुधन और मत्स्यपालन को भी बढ़ावा दे रहे हैं। राज्य में दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से हमने एमओयू किया है। वर्ष-2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में हम सहकार से समृद्धि के मंत्र पर चलते हुए राज्य में सहकारी गतिविधियों को नई ऊंचाई दे रहे हैं।शिक्षक-छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतरमुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी कहते थे कि शिक्षा के जरिए समाज में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। हमने नई शिक्षा नीति को लागू करने के साथ ही इसके प्रावधानों के अनुरूप स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया है। अब सुकमा के दुर्गम गांव में भी शिक्षक हैं। राजधानी रायपुर से लेकर पहाड़ी कोरवा बसाहट वाले स्कूलों तक पूरे प्रदेश में शिक्षक-छात्र अनुपात एक समान है। हमारे स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। हम शासकीय विद्यालयों में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान भी संचालित कर रहे हैं। पेरेण्ट्स टीचर मीटिंग तथा न्यौता भोज के माध्यम से हमने बच्चों के शैक्षणिक विकास में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की है, जिसका बेहतर परिणाम मिल रहा है। हमने स्कूलों के रखरखाव एवं अधोसंरचना विकास के लिए 133 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।नवा रायपुर में आकार ले रही एजुकेशन सिटीनवा रायपुर में हम सौ एकड़ में एजुकेशन सिटी बना रहे हैं। विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए यहां साइंस सिटी का भी निर्माण कर रहे हैं। नवा रायपुर में हमने नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी के कैंपस का भूमिपूजन किया है। देश में लागू नये कानूनों में फारेंसिक का महत्व काफी बढ़ गया है, जिससे राज्य के युवाओं को इस क्षेत्र में करियर निर्माण के अवसर सुलभ होंगे। छत्तीसगढ़ में आईटी और एआई क्रांति दस्तक दे चुकी है। हम नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया की सिलिकॉन वैली के रूप में तैयार कर रहे हैं। नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नॉलाजी की स्थापना करने जा रहे हैं, जिससे आईटी का बड़ा टैलेंट पूल यहां तैयार होगा।बस्तर संभाग के सभी विकासखण्डों में कौशल विकास केन्द्रमुख्यमंत्री ने कहा कि हम जॉब मार्केट की जरूरत के मुताबिक वर्क फोर्स तैयार कर रहे हैं। स्किल इंडिया मिशन के तहत नवा रायपुर में लाइवलीहुड सेंटर आफ एक्सीलेंस आरंभ कर रहे हैं। जनजातीय बहुल बस्तर संभाग के सभी 32 विकासखंडों में, कौशल विकास केन्द्र के माध्यम से युवाओं को विभिन्न व्यवसायों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। आईआईटी के पूर्व विद्यार्थियों की संस्था पैन आईआईटी के साथ वंचित समुदायों के कौशल विकास के लिए हमने एमओयू किया है। युवाओं को कौशल विकास के साथ ही विदेशी भाषाओं का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि उन्हें विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिलें।राज्य में 150 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्यमुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए हमने नई स्टार्टअप नीति बनाई है। इसके माध्यम से हम राज्य के 100 तकनीकी संस्थाओं के 50 हजार छात्र-छात्राओं तक पहुंच बनाएंगे। राज्य में हमने 150 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। ईज ऑफ लिविंग के साथ ही स्पीड ऑफ बिजनेस की ओर बढ़ते हुए हमने 350 से अधिक रिफॉर्म किये हैं। सिंगल विंडो सिस्टम से प्रदेश में निवेश सरल, सहज और पारदर्शी हो गया है।निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्यउन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति की बुनियाद पर विकसित छत्तीसगढ़ की भव्य इमारत तैयार होगी। नई औद्योगिक नीति में हमने सबसे ज्यादा जोर पॉवर सेक्टर पर दिया है। इस सेक्टर में हमें 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे छत्तीसगढ़ विकसित भारत का पावर हाउस बनेगा। निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्य बन चुका है। हमने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू के साथ ही रायपुर में भी इन्वेस्टर्स समिट किये। इन समिट के माध्यम से अब तक 6 लाख 65 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव हमें मिल चुके हैं।नई औद्योगिक नीति में हम नये जमाने के उभरते हुए उद्योगों को भी विशेष अनुदान दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन हमने किया है। लगभग 11 सौ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस यूनिट से हमने चिप निर्माण के क्षेत्र में कदम रख दिया है। हम टैक्सटाइल क्षेत्र में संभावनाओं को अवसर में बदलना चाहते हैं। इसके लिए हम नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नॉलाजी का कैंपस स्थापित करने जा रहे हैं। इसकी अनुमानित लागत 271 करोड़ रुपए होगी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण गठन का निर्णयमुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर राज्य राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए प्राधिकरण गठन का निर्णय लिया है। यह प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास के लिए कार्य करेगा। यह प्राधिकरण योजना बनाने, निवेश को बढ़ावा देने, विभिन्न सरकारी और निजी संगठनों के बीच समन्वय तथा शहर के विस्तार को सही ढंग से नियंत्रित करने का भी काम करेगा। अब जमाना ई-कॉमर्स का है। इसे प्रोत्साहित करने हमारी लॉजिस्टिक नीति विशेष रूप से उपयोगी होगी और प्रदेश में तेजी से इनलैंड कंटेनर डिपो तथा ड्राईपोर्ट में निवेश होगा।नई रेल लाइनें बनेंगी ‘‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़‘‘ की धमनियांमुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश की जो संभावनाएं पैदा हुई हैं, उसके पीछे एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर हुए कामों की बड़ी भूमिका है। वर्ष 2030 तक हम उतनी ही रेल लाइन बिछा देंगे, जितनी 1853 में रेलवे शुरू होने से लेकर वर्ष 2014 तक बिछाई गई थी। रावघाट से जगदलपुर, केके लाइन का दोहरीकरण, तेलंगाना के कोठागुडेम से किरंदुल तक नई रेल परियोजनाएं बस्तर की भाग्य रेखा साबित होंगी। खरसिया से परमालकसा जाने वाली रेल लाइन प्रदेश के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी। नई रेल लाइनें ‘‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़‘‘ की धमनियां साबित होंगी। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से हमने कार्गाे सुविधा भी आरंभ की है। धनबाद और विशाखापट्नम जैसे औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण तेजी से हो रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रदेश की आर्थिक सेहत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां बिजली की खपत कितनी है। हमारा प्रदेश जीरो पॉवर कट स्टेट है। हमारे राज्य में प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत 2 हजार 211 यूनिट है, जबकि देश का औसत ऊर्जा खपत प्रति व्यक्ति 1 हजार 255 यूनिट है।हाफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की पहलमुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में हमने बड़ा कदम उठाया है। हम हाफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से आमजन अब बिजली उपभोक्ता से बिजली उत्पादनकर्ता बन रहेे हैं। इस योजना के तहत सौर संयंत्रों की स्थापना पर केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। एक किलोवॉट के सौर संयंत्र पर केन्द्र सरकार द्वारा 30 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रूपए, इस प्रकार कुल 45 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। दो किलोवॉट पर केन्द्र द्वारा 60 हजार रूपए और राज्य द्वारा 30 हजार रूपए, इस प्रकार कुल 90 हजार रूपए तथा तीन किलोवॉट का सौर संयंत्र लगाने पर केन्द्र सरकार द्वारा 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रूपए, इस प्रकार कुल एक लाख 8 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। मैं प्रदेश की जनता से आग्रह करता हूँ कि इस योजना का त्वरित लाभ उठाएं।सुशासन हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकतासुशासन हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हमने ई-ऑफिस प्रणाली को सभी विभागों में कार्यान्वित किया है। हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। हमने सरकारी खरीदी में पारदर्शिता लाने जेम पोर्टल को अपनाया है। भ्रष्टाचार के मामलों की ईओडब्ल्यू द्वारा पूरी तत्परता से जांच की जा रही है। पब्लिक पॉलिसी में युवाओं को आगे लाने हमने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना आरंभ की है। इसके जरिए युवा आईआईएम रायपुर में दो वर्षीय फेलोशिप कर रहे हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से हम आपके गांव, आपके मोहल्ले तक पहुंचे। सुशासन तिहार में 41 लाख से अधिक आवेदन में से अधिकतर आवेदनों का हमने गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया है।हमने रजिस्ट्री से संबंधित 10 क्रांतिकारी पहल की है। अब ऑनलाईन रजिस्ट्री की सुविधा, रजिस्ट्री के साथ ही अब नामांतरण, आधार प्रमाणीकरण, रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेज बनाने की सुविधा के साथ पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारा अब केवल पांच सौ रुपए शुल्क में हो जाता है। हमने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक के माध्यम से नियमों को सरल किया है। 5 डिसमिल से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री नहीं होगी। इसका उद्देश्य अवैध प्लाटिंग और जमीन को छोटे टुकड़ों में बांटकर बिक्री पर रोक लगाना है। हमने जनविश्वास विधेयक के माध्यम से राज्य के 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन किया है। आम नागरिकों और कारोबारियों द्वारा किये गये छोटे-छोटे तकनीकी उल्लंघन अब अपराध की श्रेणी में नहीं आएंगे।विकसित छत्तीसगढ़ का नेतृत्व युवा शक्ति के हाथों में होगा। युवाओं के लिए शासकीय पदों में भर्ती पर सरकार तेजी से काम कर रही है। राज्य निर्माण के बाद पहली बार व्यापम की परीक्षा का साल भर का कैलेंडर जारी किया गया है। खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। नई औद्योगिक नीति में हमने खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए विशेष अनुदान प्रावधान किये हैं। युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए हमने युवा रत्न सम्मान योजना आरंभ करने का निर्णय लिया है।नवा रायपुर में बन रही मेडिसिटीस्वास्थ्य सेवाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए 441 करोड़ रुपए की लागत से हम स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था बेहतर कर रहे हैं। राज्य के 543 सरकारी अस्पतालों को क्वालिटी सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की लगातार भर्ती की जा रही है। पिछले महीने हमने एनएचएम के तहत 109 संविदा चिकित्सकों तथा 563 बांड अनुबंधित चिकित्सकों की नियुक्ति की है। हम नवा रायपुर में मेडिसिटी बना रहे हैं, जहां राष्ट्रीय स्तर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल संचालित होंगे।मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभमुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों की सूरत संवारने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभ की गई है। इसके तहत सात नगर निगमों में 157 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इनमें आक्सीजोन, बस टर्मिनल, बायपास, आडिटोरियम निर्माण जैसे काम शामिल हैं। प्रदेश के नगरीय निकायों ने स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंक हासिल की है। प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम में बिल्हा की हमारी स्वच्छता दीदियों की विशेष रूप से प्रशंसा की है।बस्तर और सरगुजा संभाग में शुरू होगी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजनाहमारी सरकार शहरों के साथ-साथ गाँवों में भी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना को प्रथम चरण में हम बस्तर और सरगुजा संभाग में शुरू करने जा रहे हैं। इन बसों का संचालन स्थानीय लोग ही करेंगे। इससे ग्रामीणों की आवाजाही आसान होगी और उनकी रोज़मर्रा की परेशानियाँ दूर होंगी।बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना को गतिमुख्यमंत्री ने कहा कि हम बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना पर आगे बढ़ रहे हैं। 50 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना के माध्यम से 200 मेगावाट बिजली के उत्पादन के साथ ही लगभग 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 9 सिंचाई परियोजनाओं में 522 करोड़ रुपए की राशि से सुधार कार्य कराया जाएगा।चरण पादुका योजना की फिर से शुरूआतमुख्यमंत्री ने कहा कि हम जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक कदम उठा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की राशि 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दी गई है। इससे साढ़े 12 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के 50 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान संग्राहकों के पैरों में छालें न पड़े, कांटे न चुभे, इसके लिए हमने चरण पादुका योजना फिर से शुरू की है। हर्बल औषधियों को बढ़ावा देने हमने फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल के तहत दुर्ग जिले के जामगांव (एम) में हाल ही में हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट का लोकार्पण किया है। इससे दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर सुलभ हुए हैं।आकार ले रहा आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित स्मारकमुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को प्रोत्साहित करने हमारी सरकार ने बैगा, गुनिया, सिरहा लोगों को 5-5 हजार रुपए की सालाना सम्मान निधि प्रदान करने का निर्णय लिया है। नवा रायपुर में हमने ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण किया जा चुका है। प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम के जनजातीय नायकों को समर्पित शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक-सह-संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। बस्तर की जनजातीय संस्कृति की झलक देश-दुनिया को दिखाने हमने बस्तर पंडुम का आयोजन किया। बस्तर अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र में है। बस्तर के धुड़मारास को यूएन पर्यटन संगठन ने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के रूप में चुना है। होम-स्टे को प्रोत्साहित करने हमने छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति बनाई है।छत्तीसगढ़ में 683 वर्ग किलोमीटर में वृक्ष आवरण की वृद्धिमुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी प्राकृतिक संपदा को न केवल हम सहेजे हुए हैं अपितु उसका निरंतर संवर्धन भी कर रहे हैं। वन पारिस्थितिकी सेवा को हमने ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल की है। हाल ही में भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट आई है, इसमें बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 683 वर्ग किलोमीटर संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण की वृद्धि हुई है, जो देश में सबसे ज्यादा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर प्रदेश में ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान के तहत विगत वर्ष में साढ़े तीन करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।कलाकारों और साहित्यकारों को प्रतिमाह 5 हजार रूपए पेंशनराज्य की कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में कलाग्राम की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कलाकारों और साहित्यकारों को दी जाने वाली पेंशन राशि 2 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए प्रति माह कर दी गई है। प्रदेश के 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से भांचा राम के दर्शन लाभ मिला। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से भी हम तीर्थयात्रियों को देश भर के पुण्यस्थलों की यात्रा करा रहे हैं।‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट तैयारमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में हमने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट के रूप में एक ऐसा रोडमैप तैयार किया है, जिसके माध्यम से हम विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करेंगे। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य है जिसने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है। इसमें हमने निकटवर्ती, मध्यवर्ती और दीर्घकालीन लक्ष्य रखे हैं। इन्हें प्राप्त करने हमने सामाजिक आर्थिक विकास के 13 थीम चुने हैं और इनके क्रियान्वयन के लिए 10 मिशन तैयार किये हैं। छत्तीसगढ़ राज्य को संवारने के लिए आप सभी के सहयोग से हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हम सभी विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें। - -डिजिटल हस्ताक्षर से होगा फाइलों का अनुमोदनरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज में अब ई-ऑफिस सिस्टम लागू होगा। कार्यालय की सभी फाइलों का अनुमोदन अधिकारी कंप्यूटर या लैपटॉप पर आनलाइन कर सकेंगे। इसकी घोषणा पॉवर कंपनी के अध्यक्ष डॉ, रोहित यादव ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में की। उन्होंने डंगनिया स्थित मुख्यालय परिसर में ध्वजारोहण किया और सुरक्षा सैनिकों के मार्चपास्ट की सलामी ली।डंगनिया स्थित पॉवर कंपनी मुख्यालय में आयोजित समारोह में अध्यक्ष डॉ. यादव ने कहा कि राज्य शासनने मंत्रालय में ऑनलाइन फाइल अनुमोदित करने का सिस्टम बनाया है। यह बहुत सरल,प्रभावी और आसान है। इसे अब पॉवर कंपनी के सभी विभागों में भी अपनाया जाएगा।अधिकारी कहीं भी हों, फाइलों को अपने कंप्यूटर या लैपटॉप से निराकृत कर सकेंगे।इसमें समय या फिर भौतिक रूप से मोटी-मोटी फाइल लाने ले जाने की झंझट नहीं रहेगी।डॉ.यादव ने कहा कि पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी जल्द ही पुरानी सामग्रियों व दस्तावेजों केनिस्तारण के लिए मेनुअल बनाएगा, ताकि हम उन्हें डिजिटल करके सुरक्षित रखे और हमअपने ऑफिस को स्वच्छ और सुंदर बना सकें। सभी दफ्तरों में पुराने अनावश्यकदस्तावेज और कबाड़ के ढेर लगे रहे हैं, इनका निराकरण 2 अक्टूबर के पहले करनाहै।डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार विशेष प्रयास कर रही है। सरकार की मंशा है कि उपभोक्ता सस्ती बिजली योजना केलिए किसी शासकीय योजना पर आश्रित न रहें, बल्कि अपने घरों की छतों परसोलरप्लांट लगाकर स्वयं बिजली उत्पादक बने। उन्होंने पॉवर कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों को अपने घरों में प्लांट लगाने का आह्वान किया। छह लाख सोलर प्लांट लगाने केलिए राज्य शासन स्वयं 18 हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी दे रही है।इस मौके पर प्रबंध निदेशकगण श्री एसके कटियार, श्री राजेश कुमार शुक्ला, श्री भीम सिंह कंवर,निदेशक श्री आरए पाठक, मुख्य अभियंता (मा.सं.) श्री एएम परियल एवं मुख्य सुरक्षाअधिकारी विंग कमांडर श्री ए श्रीनिवास राव विशेष रूप से उपस्थित थे।सतर्कता एवं सुरक्षा विभाग के सुरक्षा निरीक्षक प्रभुशरण सिंह एवं बैन्ड दल के ताराचंद बेन के नेतृत्व में परेड की प्रस्तुति दी गई। समारोह का संचालन अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क)श्री उमेश कुमार मिश्र ने किया।
- -डिजिटल हस्ताक्षर से होगा फाइलों का अनुमोदनरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज में अब ई-ऑफिस सिस्टम लागू होगा। कार्यालय की सभी फाइलों का अनुमोदन अधिकारी कंप्यूटर या लैपटॉप पर आनलाइन कर सकेंगे। इसकी घोषणा पॉवर कंपनी के अध्यक्ष डॉ, रोहित यादव ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में की। उन्होंने डंगनिया स्थित मुख्यालय परिसर में ध्वजारोहण किया और सुरक्षा सैनिकों के मार्चपास्ट की सलामी ली।डंगनिया स्थित पॉवर कंपनी मुख्यालय में आयोजित समारोह में अध्यक्ष डॉ. यादव ने कहा कि राज्य शासनने मंत्रालय में ऑनलाइन फाइल अनुमोदित करने का सिस्टम बनाया है। यह बहुत सरल,प्रभावी और आसान है। इसे अब पॉवर कंपनी के सभी विभागों में भी अपनाया जाएगा।अधिकारी कहीं भी हों, फाइलों को अपने कंप्यूटर या लैपटॉप से निराकृत कर सकेंगे।इसमें समय या फिर भौतिक रूप से मोटी-मोटी फाइल लाने ले जाने की झंझट नहीं रहेगी।डॉ.यादव ने कहा कि पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी जल्द ही पुरानी सामग्रियों व दस्तावेजों केनिस्तारण के लिए मेनुअल बनाएगा, ताकि हम उन्हें डिजिटल करके सुरक्षित रखे और हमअपने ऑफिस को स्वच्छ और सुंदर बना सकें। सभी दफ्तरों में पुराने अनावश्यकदस्तावेज और कबाड़ के ढेर लगे रहे हैं, इनका निराकरण 2 अक्टूबर के पहले करनाहै।डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार विशेष प्रयास कर रही है। सरकार की मंशा है कि उपभोक्ता सस्ती बिजली योजना केलिए किसी शासकीय योजना पर आश्रित न रहें, बल्कि अपने घरों की छतों परसोलरप्लांट लगाकर स्वयं बिजली उत्पादक बने। उन्होंने पॉवर कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों को अपने घरों में प्लांट लगाने का आह्वान किया। छह लाख सोलर प्लांट लगाने केलिए राज्य शासन स्वयं 18 हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी दे रही है।इस मौके पर प्रबंध निदेशकगण श्री एसके कटियार, श्री राजेश कुमार शुक्ला, श्री भीम सिंह कंवर,निदेशक श्री आरए पाठक, मुख्य अभियंता (मा.सं.) श्री एएम परियल एवं मुख्य सुरक्षाअधिकारी विंग कमांडर श्री ए श्रीनिवास राव विशेष रूप से उपस्थित थे।सतर्कता एवं सुरक्षा विभाग के सुरक्षा निरीक्षक प्रभुशरण सिंह एवं बैन्ड दल के ताराचंद बेन के नेतृत्व में परेड की प्रस्तुति दी गई। समारोह का संचालन अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क)श्री उमेश कुमार मिश्र ने किया।
- 0 छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों की गाथा, आज़ादी की लड़ाई में प्रदेश की भागीदारी और शासन की उपलब्धियों का प्रभावशाली चित्रण0 15 से 21 अगस्त तक प्रातः 10:30 से रात 8:00 बजे तक कर सकेंगे अवलोकन
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के महापुरुषों के जीवन पर आधारित यह प्रर्दशनी हमारे युवाओं और विशेषकर स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी है। इससे उन्हें छत्तीसगढ़ की स्वतंत्रता संग्राम में निभाई गई भूमिका, हमारे जननायकों के जीवन संघर्ष और उनके अमूल्य योगदान के बारे में विस्तार से जानने का अवसर मिलेगा। आने वाली पीढ़ी को यह समझना जरूरी है कि आज़ादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण रही है। प्रदर्शनी में इन सभी तथ्यों को अत्यंत सुंदर, सुसंगठित और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि टाउन हॉल के ऐतिहासिक भवन में जनसंपर्क विभाग द्वारा इस प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराने का जो प्रयास किया जा रहा है, वह अत्यंत सराहनीय और प्रशंसनीय है।मुख्यमंत्री साय ने लिया क्विज प्रतियोगिता में हिस्सामुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के दौरान छत्तीसगढ़ की जानकारी पर आधारित क्विज प्रतियोगिता में भी भाग लिया और पूछे गए सवालों के उत्तर दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति और उपलब्धियों से जुड़े अत्यंत रोचक प्रश्न शामिल हैं। यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इतनी व्यापक, सुंदर और व्यवस्थित जानकारी एक ही स्थान पर संकलित की गई है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेकर उन्हें भी कई नई और दिलचस्प जानकारियां प्राप्त हुईं। यह निश्चित रूप से बच्चों, युवाओं और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी से आग्रह किया कि वे न केवल प्रदर्शनी का अवलोकन करें, बल्कि यहां आयोजित प्रतियोगिताओं में भी उत्साहपूर्वक भाग लें।दुर्लभ दस्तावेज, ऐतिहासिक क्षण और आधुनिक तकनीक का संगमउल्लेखनीय है कि प्रदर्शनी में प्रदेश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनगाथा, उनके संघर्ष, दुर्लभ दस्तावेज और ऐतिहासिक क्षणों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। आज़ादी की लड़ाई के दौरान हुए विभिन्न आंदोलनों, जैसे भारत छोड़ो आंदोलन सहित कई महत्वपूर्ण संघर्षों में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी को भी इसमें विस्तार से दर्शाया गया है। इसके साथ ही, राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों तथा प्रदेश में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी भी प्रदर्शनी का हिस्सा है। इस वर्ष प्रदर्शनी में वर्चुअल रियलिटी तकनीक के माध्यम से छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक तथ्यों को आकर्षक अंदाज़ में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो विशेषकर बच्चों और युवाओं के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है। प्रसिद्ध क्विज शो “कौन बनेगा करोड़पति” की तर्ज पर आयोजित “कोन बनही गुनिया” प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण है, जिसमें सभी लोग भाग लेकर पुरस्कार जीत सकते हैं।जनसंपर्क विभाग द्वारा 15 से 21 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8:00 बजे तक आम जनता के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, रायपुर कलेक्टर श्री गौरव सिंह सहित जनसंपर्क विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। - रायपुर/ 79वें स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व के पावन अवसर पर रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सिटी कोतवाली चौक स्थित कार्यालय परिसर में रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध संचालक रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप ने राष्ट्र ध्वज तिरंगा फहराया. रायपुर स्मार्ट सिटी के सी ओ ओ और नगर निगम अपर आयुक्त श्री यू. एस. अग्रवाल, महा प्रबंधक सुश्री ऋचा चंद्राकर, प्रबंधक और निगम कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा, सहायक प्रबंधक और नगर निगम उप अभियंता श्री योगेन्द्र साहू, श्री शुभम तिवारी सहित रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक राष्ट्रगान किया. प्रबंध संचालक और नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 79वें स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनायें दीं.
- रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री ठाकरे का संपूर्ण जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री ठाकरे ने अनुशासन और सेवा-भाव को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाया। उनका नेतृत्व न केवल राजनीतिक जीवन में, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी अनुकरणीय रहा। वे संगठन, समर्पण और स्वच्छ छवि के प्रतीक थे, जिन्होंने जनसेवा को ही अपने जीवन का ध्येय बनाया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी को श्री ठाकरे के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की सेवा और जनकल्याण को अपने जीवन का संकल्प बनाना चाहिए।



























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