- Home
- छत्तीसगढ़
- रायपुर, / रायपुर संभाग के आयुक्त श्री महादेव कावरे ने सोमवार को मेकाहारा रायपुर एवं छात्रावास का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डीन, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट एवं कार्यपालन अभियंता को छात्रावास से संबंधित समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।आयुक्त ने विशेष रूप से पीजी गर्ल्स हॉस्टल के चतुर्थ एवं पंचम तल पर निर्माणाधीन कक्षों को शीघ्र पूर्ण करने, नालियों की सफाई कराने, बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य पूरा करने तथा बिगड़े सीसीटीवी कैमरों की मरम्मत करने के निर्देश दिए।मेकाहारा अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लेते हुए उन्होंने वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए दवाई उपलब्धता की जांच की। साथ ही, ओपीडी में पीए सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान डीन श्री विवेक चौधरी, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट श्री सोनकर, डॉक्टर लकड़ा एवं पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता श्री प्रभात सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- -कलेक्टर ने प्रोजेक्ट दधीचि के तहत देहदान करने वाले परिवार को किया सम्मानितरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा चलाया जा रहा प्रोजेक्ट 'दधीचि' अब समाज में मानव सेवा का प्रतीक बन रहा है। इस अनूठी पहल ने अंगदान को लेकर लोगों, विशेषकर युवाओं में नई जागरूकता पैदा की है।अब तक जिले में 27 लोगों ने अंगदान कर इस अभियान को समर्थन दिया है। इसका उद्देश्य शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों को अंगदान के लिए प्रेरित करना है। इस कड़ी में आज राजधानी के श्री राजेश गोलछा ने अपने परिवार के 4 सदस्यों के साथ एक प्रेरणादायक कदम उठाते हुए अपना और अपने परिवार के सभी सदस्यों का संपूर्ण देहदान करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, अपर कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन तथा सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन ने उन्हें सम्मानित करते हुए शॉल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया। जिसमें श्रीमती वंदना गोलछा, श्री अक्षय गोलछा, श्रीमती रूचि गोलछा, सुश्री दिव्यानि गोलछा शामिल है। श्री राजेश गोलछा ने कहा की "मैं और हमारा परिवार प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अपना अंगदान कर रहे ताकि हमारे मृत्यु के बाद हमारा देह किसी के काम आ सके"। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आमजनों से अपील की कि वे आगे आकर अंग एवं देहदान के इस महान कार्य में भागीदार बनें। इस अवसर पर प्रोजेक्ट दधीचि प्रभारी श्री प्रभात सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे |
- -1923 पशुओं को राष्ट्रीय राजमार्ग से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखा गया-गौधाम संचालन हेतु इच्छुक आवेदक निर्धारित प्रपत्र में आवेदन कर सकते हैंमहासमुंद, / ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के मुख्य मार्ग एवं सड़को पर घूमंतू पशुओं के कारण हो रही दुर्घटनाओं पशुधन एवं जनहानि को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिले के सभी राष्ट्रीय राजमार्गो से मवेशियों को सड़क से हटाने की कार्रवाई प्रतिदिन की जा रही है। साथ ही टैग लगे पशुओं की पहचान कर संबंधित पशु मालिकों को पशुओं को सड़क पर खुला न छोड़ने की समझाईश दी जा रही है तथा न मानने पर जुर्माना भी लिया जा रहा है। जिलें में विकासखण्ड महासमुंद से राशि 1500, बागबाहरा से 10000, पिथौरा से 15000, बसना से 7900 एवं सरायपाली से 6750 रुपए कुल राशि 49150 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके अतिरिक्त सड़क पर घूमने वाले कुल 1923 पशुओं को राष्ट्रीय राजमार्ग से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, 810 पशुओं में रेडियम बेल्ट लगाये गए है तथा 313 घुमन्तु पशुओं में टैगिंग की गई है।इसी कड़ी में छ.ग शासन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने एवं पशुधन संरक्षण को नई दिशा देने के लिये गौधाम योजना की शुरूआत करने जा रही है। गौधाम योजना का उद्देश्य गौवंशी पशुओं का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण एवं संर्वधन करना, गौ उत्पादों को बढ़ावा देना, चारा विकास कार्यक्रम को प्रोत्साहित करना, गौधाम को प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित करना, रोजगार उपलब्ध करना, जनमानस को गौसेवा के लिए प्रेरित करना तथा फसलों के नुकसान एवं सड़क दुर्घटनाओं में पशु एवं जनहानि से बचाव सुनिश्चित करना है।गौधाम की स्थापना हेतु ऐसे शासकीय भूमि जिसमें सुरक्षित बाड़ा, पशु शेड, पर्याप्त पानी एवं बिजली की सुविधा हो, में गौधाम की स्थापना की जाएगी, जैसे स्थापित गौठान जहां पूर्व से अधोसंरचना विकसित है। गौधाम में उपलब्धता अनुसार गौठान से संलग्न चारागाह की भूमि को हरा चारा उत्पादन के लिए दिया जाएगा। जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर गौधाम स्थापित किए जाएंगे जो पंजीकृत गौशालाओं से भिन्न होगे। प्रथम चरण में जिले के मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे गौठानों को चयनित कर गौधाम स्थापित किये जाएंगे। जिसका संचालन निकटस्थ/आस-पास की पंजीकृत गौशाला की समिति, स्वयंसेवी संस्था, ट्रस्ट तथा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी सहकारी समिति द्वारा, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड द्वारा किया जा सकेगा। गौधाम संचालन हेतु इच्छुक आवेदक/संस्था कार्यालय उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवायें कचहरी चौक, कॉलेज रोड, महासमुन्द से संपर्क कर निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। प्राप्त आवेदनों में से जिला स्तरीय समिति द्वारा उचित संस्था का चयन कर छ.ग. गौ सेवा आयोग को मंजूरी के लिये प्रस्ताव भेजेंगी तत्पश्चात चयनित संस्था एवं आयोग के मध्य अनुबंध होगा जिसके बाद गौधाम का संचालन चयनित संस्था को सौंपा जाएगा।
- महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता का उत्सव, स्वच्छता के संग” अभियान के अंतर्गत 13 अगस्त 2025 को जिले के सभी जनपद पंचायतों के अधीनस्थ ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा।इस विशेष ग्राम सभा में ग्रामीणों के समक्ष स्वच्छता के विभिन्न घटकों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी और आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। बैठक में सिंगल यूज़ प्लास्टिक प्रतिबंध, यूज़र चार्ज कलेक्शन, सूखा कचरा स्वच्छाग्राही दीदियों को सौंपना तथा 15वें वित्त आयोग से नियमानुसार मानदेय प्रदान करने जैसे विषयों पर सभा आयोजित की जाएगी।कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी ग्राम पंचायतें 13 अगस्त को यह विशेष ग्राम सभा अनिवार्य रूप से आयोजित करें और इसकी शेड्यूलिंग, एजेंडा तथा अन्य गतिविधियों की एंट्री “वाइब्रेंट ग्राम” पोर्टल http://vibrantgram.cgstate.gov.in में समय पर सुनिश्चित करें।
-
- *प्रोजक्ट पाई-पाई*
-कहा वित्तीय धोखे से सचेत रहें, किसी प्रकार की घटना होने पर 1930 और बैंक के टोल फ्री नंबर पर करें सपर्क*रायपुर / जिला प्रशासन की पहल प्रोजेक्ट पाई पाई में आज भारतीय रिज़र्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक श्री अमितेश सिंह एवं प्रबंधक श्री दिग्विजय राऊत ने अधिकारी कर्मचारी को उनके वित्तीय अधिकारों की जानकारी दी। श्री सिंह ने कहा कि किसी भी प्रकार के वित्तीय धोखे से बचने के लिए जागरूक रहें यदि आप किसी ऐसे धोखे के शिकार हो जाते हैं तो घबराएं नहीं और संबंधित बैंक से संपर्क करें या उसके टोल फ्री नंबर पर बताएं साथ ही पुलिस को भी सूचना प्रदान करें। किसी भी फेक वीडियो कॉल से सचेत रहें। बैंक के वित्तीय संस्थाएं इस प्रकार के वीडियो कॉल कभी नही करते। डिजिटल अरेस्ट या अन्य वित्तीय फ्रॉड के संबंध में 1930 पर कॉल करें। उन्होंने बताया कि कोई प्रोमेशनल कॉल 140 और ट्रांजैक्शन रिलेटेड कॉल 1600 से शुरूआत होता है। इसके अलावा इससे संबंधित अन्य कॉल आने पर सचेत रहें। साथ ही स्टैण्डर्ड आरबीआई के संदेश, शिकायत निवारण प्रणाली, डिजिटल बैंकिंग, भारतीय मुद्रा नोट, सचेत पोर्टल, धोखाधड़ी से बचाव पर सत्र आयोजित किए। फेक मेसेज को पहचानने एवं फ्रॉड्यूलंट एंटिटी को पहचानने के बारे में और सचेत पोर्टल के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत रूप से जानकारी दी । कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने अधिकारी-कर्मचारियों को प्रोजेक्टर पाई-पाई से जुडे सत्र का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन और एलडीएम श्री मोहम्मद मौफीज मौजूद थे। - रायपुर,। जिले में "हर घर तिरंगा" अभियान के तहत आज नगर निगम बीरगांव में एक भव्य तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देश में यह रैली बुधवारी बाजार से आरंभ होकर शासकीय आडवाणी आर्लिकन स्कूल तक निकाली गई, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में देशभक्ति की भावना को जागृत करना और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना था।रैली में नगर की स्वच्छता दीदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति और स्वच्छता का संदेश दिया। इस गौरवमयी आयोजन में नगर पालिका निगम बीरगांव के कमिश्नर श्री युगल किशोर उर्वशा, स्वास्थ्य अधिकारी श्री कमल नारायण जंघेल, जिला समन्वयक पी.आई.यू. श्री विकास जांगड़े सहित निगम के कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
स्वच्छता और राष्ट्रप्रेम की इस अनूठी पहल ने बीरगांव वासियों को एक नई प्रेरणा दी है। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे अपने घरों में तिरंगा फहराकर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाएं और स्वच्छ भारत निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। - रायपुर,। आजादी की 79वीं वर्षगांठ एवं आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में हर घर तिरंगा अभियान का उत्साहपूर्वक आयोजन हो रहा है। प्रदेश के सभी जिलों में 2 अगस्त से 15 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों की बिहान स्व-सहायता समूह की महिलाएं भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।सक्ती जिले में कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो एवं जिला पंचायत सीईओ श्री वासु जैन के आह्वान पर बिहान समूह की दीदियों ने सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। जिले के सक्ती ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत जेठा में महिलाओं ने तिरंगा रैली निकालकर लोगों को अभियान में शामिल होने का संदेश दिया।दीदियों ने कहा कि यह अभियान केवल ध्वज फहराने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देश प्रेम, राष्ट्रीय गौरव और नागरिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का एक माध्यम है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर निकाली गई इस रैली में “हर घर तिरंगा द - गर्व से लहराए” का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। बिहान समूह की महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को प्रेरित करेंगी, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस राष्ट्रीय पर्व में भाग लेकर तिरंगा फहराने की परंपरा को जन-आंदोलन का रूप दें। उनके अनुसार तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि हमारी आजादी और बलिदान की अमूल्य धरोहर है, जिसे सम्मान और गर्व के साथ हर घर पर फहराना चाहिए।
- ,-प्रदेश में ईएसआईसी नर्सिंग कॉलेज की स्थापना हेतु की मांग- ईएसआईसी अस्पताल कोरबा समेत अन्य अस्पतालों में चिकित्सा स्टाफ की नियुक्ति हेतु ध्यान कराया आकृष्टरायपुर। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम मंत्री श्री मनसुख एल मंडाविया से सौजन्य भेंट की।इस दौरान मंत्री श्री देवांगन ने केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख एल मंडाविया से छत्तीसगढ़ में कर्मचारी राज्य बीमा निगम की नर्सिंग कॉलेज की स्थापना हेतु अनुरोध पत्र सौंपा ।उन्होंने बताया की राज्य बीमा अधिनियम की धारा 59 (बी) के तहत निगम अपने द्वारा प्रदाय किये जाने वाली चिकित्सा सुविधाओं की बेहतरी के लिए चिकित्सा महाविद्यालय के अतिरिक्त नर्सिंग कॉलेज की स्थापना कर सकता है।मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित होने की दिशा में अग्रसर राज्य है। नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से श्रमिकों की चिकित्सा सुविधाएं बढ़ेंगी। साथ ही बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित सीटों पर प्रवेश भी मिल सकेगा। इसके अलावा प्रदेश में संचालित श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के सबंध में भी विस्तृत चर्चा कर मार्गदर्शन प्राप्त किया ।।मंत्री श्री देवांगन ने कोरबा ईएसआईसी अस्पताल में रिक्त पदों पर जल्द स्वीकृति हेतु की मांगकोरबा के ईएसआईसी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए श्रम मंत्री श्री देवांगन द्वारा पिछली बार केंद्रीय मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में क्रमवार जानकारी दी थी। इसके उपरांत ईएसआईसी अस्पताल के डॉक्टर और अन्य चिकित्सा कर्मचारियों के लिए आदेश जारी हुआ था। मंत्री श्री देवांगन ने डॉक्टरो और अन्य स्टॉफ की भर्ती की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कर स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने का भी अनुरोध किया।
- रायपुर।, बच्चों को प्रकृति से जोड़ने, पर्यावरणीय जिम्मेदारी का बोध कराने और वन विभाग की योजनाओं से परिचय कराने के उद्देश्य से बलौदाबाजार वनमण्डल के अर्जुनी वन परिक्षेत्र में जल-जंगल-यात्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल सोनाखान के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।वनमण्डलाधिकारी ने कहा कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार आयोजित ’जल-जंगल-यात्रा’ केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ने और उसे समझने की एक जागरूक प्रक्रिया है। यह पहल विद्यार्थियों में संरक्षण की भावना को मजबूत करती है और उन्हें भविष्य के पर्यावरण प्रहरी बनने के लिए प्रेरित करती है। आने वाली नई पीढ़ी को प्रकृति के साथ जोड़ने के लिए नवाचार और सहभागिता बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वन विभाग की यह अभिनव पहल ’जल-जंगल-यात्रा’ पर्यावरण शिक्षा को रोचक तरीके से प्रस्तुत करती है, जिससे बच्चों में ज्ञान के साथ-साथ प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव भी पैदा हो रहा है। यह पहल भविष्य में और भी विद्यालयों तक विस्तृत होकर एक स्थायी जागरूकता अभियान का रूप ले सकती है।इस जागरूकता यात्रा में विद्यार्थियों को वनों के महत्व, लघु वनोपज, औषधीय पौधों की उपयोगिता तथा जल संरक्षण की व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से नालों के जल को स्टॉप डेम के माध्यम से एकत्र कर सिंचाई में उपयोग करने की विधियों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिससे विद्यार्थियों को जल प्रबंधन के महत्व को समझने का अवसर मिला।कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षु वन अधिकारियों और अनुभवी वन कर्मियों ने विद्यार्थियों को वन्यप्राणियों के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और वन विभाग में कैरियर के बारे में भी जानकारी दी। विद्यार्थियों में जिज्ञासा के साथ जागरूकता का भाव देखते ही बना।कार्यक्रम के अंत में वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री रूपेन्द्र साहू द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री के.आर. पटेल, शिक्षकगण एवं वन प्रबंधन समिति अर्जुनी के सदस्य सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर, / जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में स्वच्छता दीदियों के पैर पखारे, तो यह सम्मान पाकर स्वच्छता दीदियां भावुक हो उठीं। हजारों लोग इस भावुक और प्रेरक क्षण के साक्षी बने।मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों की स्वच्छता दीदियों को एक अनूठे तरीके से सम्मानित किया। सम्मानित हुईं स्वच्छता दीदियों ने अपने इस गौरवपूर्ण क्षण के लिए मुख्यमंत्री श्री साय और उप मुख्यमंत्री श्री साव के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।स्वच्छता दीदियों को सम्मानित करने के बाद मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वच्छता दीदियां और स्वच्छता कमांडोज़ स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनका कार्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक परिवर्तन का अभियान है, जिसमें उनके प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से समाज में साफ-सफाई के कार्यों के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ेगी।मंच पर सम्मानित हुईं विश्रामपुर की स्वच्छता दीदी पुनीता बाई और कुम्हारी की रानू देवांगन ने कहा कि समाज में अक्सर साफ-सफाई के कार्यों को हेय दृष्टि से देखा जाता है, लेकिन आज मुख्यमंत्री द्वारा पैर पखारकर किया गया यह सम्मान हमारे लिए गर्व का विषय है। यह हमारे परिश्रम, निष्ठा और लगन का सच्चा पुरस्कार है। जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सहयोग से न केवल हमारे कार्य को पहचान मिली है, बल्कि हमारे नगरीय निकायों को सर्वेक्षण में उत्कृष्ट स्थान भी प्राप्त हुआ है।बिल्हा की पूजा राठौर और दंतेवाड़ा की वसु राज ने बताया कि वे पिछले आठ वर्षों से इस कार्य से जुड़ी हैं, लेकिन आज जीवन में पहली बार इतना गौरवपूर्ण क्षण आया है। स्वच्छता दीदी शारदा सोनी और किरण सिंह ने भी अपनी खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के प्रति आत्मीय आभार प्रकट किया।
- -5 हजार ग्राम पंचायतों में परामर्शदाताओं द्वारा आयोजित किया जाएगा संवेदीकरण कार्यक्रमरायपुर। अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस प्रति वर्ष 12 अगस्त को मनाया जाता है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य मे एचआईवी एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आज अपने निवास कार्यालय से दो एचआईवी एड्स जागरूपता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस जागरूकता अभियान के दौरान राज्य से 19 ऐसे जिले जहां एचआईवी के प्रति कम जागरूकता है वहां हर जिले में दो-दो जागरुकता वाहन को रवाना किया गया है। इन जिलों के सभी हाई तथा हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी एचआईवी को लेकर जागरूकता फैलाने का काम किया जाएगा।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि एचआईवी के प्रति युवाओं को जागरूक करने के लिए सभी जिलों में कला जत्था दलों द्वारा भी जागरूकता फैलाने का काम किया जाएगा। इसके साथ ही पूरे प्रदेश के निजी एवं शासकीय कालेजों में भी इस अभियान को शुरू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य को एचआईवी पाजिटिव फ्री बनाने के उद्देश्य से दो अक्टूबर को राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में एचआईवी संक्रमितों से भेदभाव न करने हेतु शपथ लेने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान 5 हजार ग्राम पंचायतों में काउंसिलिंग के द्वारा परामर्शदाताओं द्वारा संवेदीकरण का कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है और इसके साथ ही 70 इंटीग्रेटेड हैल्थ कैम्प के माध्यम से भी लोगों को जरूरी जांच सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।उन्होंने जानकारी दी है कि राज्य में एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के लिए 8 एआरटी केंद्र और 15 लिंक एआरटी केंद्र खोले गए हैं ताकि लोगों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल सके। वर्तमान में लगभग 20 हजार लोगों को निःशुल्क एआरटी दवाएँ उपलब्ध करायी जा रही हैं।
- -देशभक्ति के माहौल में गूंजे ‘वंदे मातरम और ‘भारत माता की जय‘ के नारेरायपुर,। आजादी का अमृत महोत्सव एवं स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा‘ अभियान के तहत सूरजपुर में भव्य तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कलेक्ट्रेट परिसर से रंगमंच तक आयोजित इस पैदल रैली में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर देशभक्ति का संदेश दिया।रैली के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने हाथ में तिरंगा लेकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने उद्बोधन में कहा कि आजादी हमें अनगिनत बलिदानों के बाद मिली है, इसलिए हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश की अखंडता, एकता और गौरव की रक्षा करे। उन्होंने सभी से अपील की कि तिरंगा केवल उत्सव का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गर्व और प्रेरणा का स्रोत है।इस अवसर पर वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, विधायक श्री भुलन सिंह मरावी, कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन, जिला पंचायत सीईओ श्री विजेन्द्र सिंह पाटले समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।रैली के दौरान शहर के मुख्य मार्ग देशभक्ति के नारों से गूंज उठे। स्कूली बच्चों, महिला समूहों और युवा स्वयंसेवकों ने तिरंगा लहराकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम का समापन रंगमंच में राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां सभी उपस्थित जनों ने तिरंगे के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई।
- -- रायपुर जिला जल उपभोक्ता संस्था संघ के अध्यक्ष रहे भूपेंद्र शर्मा ने जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप को ज्ञापन सौंप संबंधित अधिकारियों का भी ध्यान आकृष्ट कराया थारायपुर । मानसून ब्रेक की स्थिति के चलते धान की फसल के लिये सिंचाई पानी की आवश्यकता को देखते हुये किसानों की मांग पर आज मंगलवार से गंगरेल से पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया है ।ज्ञातव्य हो कि बीते 10-12 दिनों से बरसात न होने व मानसून ब्रेक की स्थिति के चलते खेतों में पानी की कमी के चलते किसानी कार्य लगभग ठप्पा हो गया था । किसानों की मांग पर बीते दिनों बंगोली सिंचाई उपसंभाग के अंतर्गत आने वाले जल उपभोक्ता संस्थाओं के पूर्व अध्यक्षों ने बैठक आहूत कर गंगरेल का गेट खोलने की मांग करने का निर्णय लिया था और रायपुर जिला जल उपभोक्ता संस्था संघ के अध्यक्ष रहे भूपेंद्र शर्मा के माध्यम से जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप को ज्ञापन सौंप संबंधित अधिकारियों का भी ध्यान आकृष्ट कराया था । इधर जहां बलौदाबाजार जल प्रबंध संभाग के अंतर्गत आने वाले सिंचाई उपसंभाग के अधिकारियों ने भी किसानों की मांग से वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया था वहीं पूर्व जल संसाधन मंत्री धनेन्द्र साहू ने भी गंगरेल से अविलंब पानी छोड़ने की मांग की थी । बीते कल सोमवार को जिला पंचायत सदस्य वतन चंद्राकर व किसान नेता पारसनाथ साहू ने अनुविभागीय अधिकारी आरंग के माध्यम से प्रशासन को ज्ञापन सौंप 12 अगस्त तक गंगरेल से पानी न छोड़ने पर स्वतंत्रता दिवस के दिन आरंग टोल प्लाजा के पास प्रदर्शन की चेतावनी दी थी । इधर जानकारी मिली है कि गंगरेल के कमांड क्षेत्र में आने वाले विधानसभा क्षेत्र कसडोल के प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व विधायक व विधानसभा अध्यक्ष रहे गौरीशंकर अग्रवाल ने भी बीते कल सोमवार को सिंचाई मंत्री से हालात को देखते हुये अविलंब गंगरेल से पानी छोड़ने का आग्रह किया था । सूत्रों के अनुसार आसन्न 15 अगस्त से गंगरेल का गेट खोलने की मंशा प्रशासन की थी पर किसानों व जनप्रतिनिधियों के दबाव के चलते तीन दिन पहले ही गंगरेल का गेट खोल दिया गया । सिंचाई पंचायतों के अध्यक्ष रहे गोविंद चंद्राकर , हिरेश चंद्राकर , प्रहलाद चंद्राकर , थानसिह साहू , धनीराम साहू , भारतेन्दु साहू , मनमोहन गुप्ता , तुलाराम चंद्राकर , चिंताराम वर्मा ,व योगेश चंद्राकर ने किसानों की मांग पर समयोचित सिंचाई पानी छोड़ने के लिये शासन -प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया है ।
- - प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराये- निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें- अविवादित राजस्व प्रकरण पंचायत स्तर पर निराकृत हो- जिले के प्रभारी मंत्री श्री शर्मा ने ली विभागीय समीक्षा बैठकदुर्ग / उपमुख्यमंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा है कि विभागों में नवाचार को बढ़ावा दिया जाए। अधिकारी कारगर एवं प्रभावी नवाचार करें, नवाचार के माध्यम से विभागीय कार्य प्रदर्शित हो, विभाग को अपने कार्य बताने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के पत्रों एवं सुझावों को गंभीरता से लेवें। जनप्रतिनिधि लगातार जनता के बीच रहकर किसी व्यक्ति या वस्तु के प्रदर्शन या व्यवहार के बारे में जानकारी देते हैं। यह जानकारी किसी कार्य, प्रक्रिया या उत्पाद के बारे में हो सकती है और इसका उद्देश्य, विकास या सुधार को बढ़ावा देना है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा आज लोक निर्माण विभाग कार्यालय दुर्ग के सभाकक्ष में आयोजित जिला प्रमुख अधिकारियों की विभागीय समीक्षा बैठक में उक्त निर्देश दिये। उन्होंने विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। बैठक में दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर, दुर्ग शहर विधायक श्री गजेन्द्र यादव, वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे भी सम्मिलित हुए।प्रभारी मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्य समयावधि में पूर्ण करायें। निर्मित आवासों के अवलोकन हेतु जिला पंचायत के अधिकारियों, महाविद्यालयों के विद्यार्थियों, विधायकों एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों का संयुक्त भ्रमण ग्रामों में होना चाहिए। ताकि हितग्राहियों से मुलाकात कर पीएम आवास के संबंध में प्रतिक्रिया से अवगत हो सकें। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों में कचरा निष्पादन हेतु अधिकारी जनप्रतिनिधियों के सुझाव के आधार पर प्रस्ताव शासन को प्रस्तुत करें। इसी प्रकार गौ अभ्यारण्य के लिए जिले के जनप्रतिनिधि, वन एवं पशुपालन विभाग के अधिकारी आपस में सुलह मसविरा कर विधायक दुर्ग एवं सांसद प्रतिनिधि द्वारा बताये स्थान के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिले में सट्टा की रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा कड़ाई से कार्यवाही किया जाए। नशे की सामाजिक बुराईयां के विरूद्ध पंचायत, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास और स्थानीय सामाजिक संस्थाओं के समन्वित प्रयास से जनजागरूकता लायी जाए। उन्होंने कहा कि जिले से गौवंश की तस्करी नहीं होने पाये, यह सुनिश्चित किया जाए। इसी प्रकार घुसपैठियों पर निगरानी एवं सख्त कार्यवाही होना चाहिए। साइबर क्राइम पर नियंत्रण हेतु स्कूल कालेजों के विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि अविवादित राजस्व से प्रकरण पंचायत स्तर पर ही निराकृत हो। राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए आर.आई. सर्किल पर राजस्व शिविर आयोजित कर प्रकरण निराकृत किया जाए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री वय वंदना योजना पर विशेष फोकस किया जाए। कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जिले के सभी किसानों को लाभान्वित किया जाए। जिले में दहलन-तिलहन फसलों की पैदावारी को बढ़ावा देने किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। पशु चिकित्सा विभाग पशुओं की त्वरित उपचार हेतु मोबाईल वैन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराये।प्रभारी मंत्री श्री शर्मा ने निर्माण कार्य एजेंसी विभागों को कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने कहा। इसी प्रकार जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्राम पंचायतों के गलियों में सीसी रोड निर्माण कार्य पश्चात् योजना पंचायत को हस्तांतरित किया जाए। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले में 28476 आवास निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। हितग्राहियों द्वारा स्वप्रेरणा से बिना किसी अनुदान से 1764 नग सोखपिट का निर्माण किया गया है। निर्माणाधीन आवासों में एक पेड़ मॉं के नाम पर 100411 पौधरोपण किया गया। जिले में 16 अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र/सीएससी भवन स्वीकृत है, निमार्ण कार्य प्रगतिरत् है। जिले में 72 बर्तन बैंक स्थापित की जा चुकी है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत 17.33 लाख आयुष्मान कार्य बनाये जाना है। जिसमें से 14.97 लाख हितग्राही का पंजीयन पूर्ण किया जा चुका है। इसी प्रकार आयुष्मान वय वंदन योजना अंतर्गत 27366 पंजीयन हुआ है। ऑनलाईन परामर्श सत्र के माध्यम से 2148 हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। 47 प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केन्द्र संचालित है। स्वामित्व योजना अंतर्गत जिले में 381 ग्राम का सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 82 ग्राम के 18125 अभिलेख वितरण हेतु तैयार कर लिया गया है। जिले में कुल 448 ग्रामों के कैडेस्ट्रल नक्शों का जिओ रिफ्रेंसिंग किया जाना प्रस्तावित है। जिसमें से 432 ग्रामों के अविवादित बिन्दु की जानकारी आयुक्त भू-अभिलेख की ओर भेजी गई है। जिसमें से 339 ग्रामों के जिओ रिफ्रेंसिंग के कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 111 ग्रामों के जिओ रिफ्रेंसिंग हेतु शेष है। इस योजना से जमीन की सीमा संबंधित विवाद का त्रुटिपूर्ण निपटारा किया जा सकेगा एवं भूमिस्वामियों को अनावश्यक रूप से न्यायालय में वाद-विवाद की स्थिति नहीं होगी। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना के तहत 3854 पंजीयन हुई हैै। अब तक 804 सौर पैनल स्थापित किये जा चुके हैं। बैठक के प्रारंभ में विगत बैठक की पालन प्रतिवेदन पर चर्चा की गई। विधायकगणों ने भी आवश्यक महत्वपूर्ण सुझाव दिये। बैठक में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, एडीएम श्री विरेन्द्र सिंह सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ को सप्लाई प्लान के अतिरिक्त डीएपी और यूरिया के 50-50 हजार टन आबंटन-कृषि मंत्री श्री नेताम के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के सांसदों ने केन्द्रीय उर्वरक मंत्री से दिल्ली में की मुलाकातरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर केन्द्रीय रासायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने छत्तीसगढ़ को यूरिया और डीएपी खाद की अतिरिक्त आबंटन की मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि केन्द्रीय रासायन एवं उर्वरक मंत्री से दिल्ली में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के सांसदों ने मुलाकात कर छत्तीसगढ़ राज्य को यूरिया और डीएपी खाद की आपूर्ति के संबंध में चर्चा की।कृषि मंत्री श्री नेताम और सांसदों ने राज्य के किसानों को खरीफ सीजन में रोपा-ब्यासी के समय पड़ने वाले खाद की अतिरिक्त आवश्यकता की जानकारी देते हुए उनसे खरीफ सीजन के लिए छत्तीसगढ़ को निर्धारित सप्लाई प्लान के अतिरिक्त 50-50 हजार टन यूरिया और डीएपी खाद आबंटित किए जाने का आग्रह किया है। केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा इस पर छत्तीसगढ़ को अतिरिक्त खाद उपलब्ध कराने उर्वरक मंत्रालय अधिकारियों को निर्देशित किया।केन्द्रीय उर्वरक मंत्री श्री नड्डा से मुलाकात के दौरान कृषि मंत्री श्री नेताम और लोकसभा सांसद सर्वश्री संतोष पाण्डेय, श्री विजय बघेल, श्रीमती कमलेश जांगड़े और श्रीमती रूपकुमारी चौधरी और राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र बहादुर सिंह, छत्तीसगढ़ मार्कफेड प्रबंध संचालक श्रीमती किरण कौशल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में यूरिया और डीएपी खाद की आपूर्ति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के किसान मुख्य रूप से धान की फसल लेते हैं। खरीफ सीजन में किसान अगस्त-सितंबर माह में रोपा-बियासी का कार्य करते हैं। वर्तमान में रोपा-बियासी का काम तेजी से चल रहा है। इस समय धान के पौधों को तेजी से बढ़वार और बेहतर उत्पादन के मद्देनजर किसानों को इस समय ज्यादा फोस्फेटिक खाद की जरूरत पड़ती है।कृषि मंत्री श्री नेताम और सांसदों ने केन्द्रीय उर्वरक मंत्री को बताया कि सप्लाई प्लान के अनुसार छत्तीसगढ़ को माह जुलाई तक यूरिया की 5.99 लाख तथा डी.ए.पी. की 2.68 लाख मेट्रिक टन आपूर्ति निर्धारित थी जिसके विरूद्ध यूरिया की 4.63 लाख तथा डी.ए.पी. की 1.61 लाख मेट्रिक टन मात्रा राज्य को प्राप्त हुई है। माह अगस्त के लिए यूरिया की 57,600 मेट्रिक टन तथा डी.ए.पी. की 36,850 मेट्रिक टन का सप्लाई प्लान निर्धारित है। चूंकि इन उर्वरकों की सर्वाधिक आवश्यकता अगस्त माह में होती है। इसलिए निर्धारित सप्लाई प्लान के अतिरिक्त यूरिया तथा डी.ए.पी. की 50-50 हजार मेट्रिक टन अतिरिक्त मात्रा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।खरीफ सीजन में खाद भंडारण एवं वितरणकृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खरीफ वर्ष 2025 में भारत सरकार द्वारा उर्वरक यूरिया-07 लाख 12 हजार मेट्रिक टन, डी.ए.पी. 03 लाख 10 हजार मेट्रिक टन तथा एम.ओ.पी.-60 हजार मे.टन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके विरुद्ध 11 अगस्त तक 06 लाख 72 हजार मे.टन यूरिया, 02 लाख 14 हजार मे.टन डी.ए.पी. तथा 80 हजार मे.टन एम.ओ.पी. का भण्डारण किया गया है।अधिकारियों ने बताया कि डी.ए.पी. के प्रतिस्थापन के संबंध में वैकल्पिक उर्वरकों के रुप मेंएन.पी.के. 01 लाख 80 हजार मे.टन लक्ष्य के विरुद्ध 02 लाख 37 हजार मे.टन एवं एस.एस.पी. 02 लाख मे. टन लक्ष्य के विरुद्ध 02 लाख 95 हजार मे.टन का भण्डारण किया गया है। इसी प्रकार डी.ए.पी. की कमी की पूर्ति एन.पी.के एवं एस.एस.पी. उर्वरकों से की जा रही है।
- -सीपत-नवाडीह चौक का नामकरण शहीद विनोद सिंह कौशिक के नाम पर करने की घोषणा-3 हजार से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मानरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में आयोजित शहीद विनोद सिंह कौशिक मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी ही राष्ट्र का भविष्य है और उनकी मेहनत, लगन एवं संकल्प से प्रदेश और देश नई ऊँचाइयों को छुएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह अवसर अत्यंत गर्व और उत्साह का है, जब हम अपनी नई पीढ़ी के होनहार, परिश्रमी और प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन शहीद विनोद सिंह कौशिक की स्मृति में विगत तीन वर्षों से हो रहा है और यह कार्यक्रम समूचे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को आगे बढ़ने और कुछ नया करने की प्रेरणा देते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद विनोद सिंह कौशिक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि वीर सपूत शहीद विनोद सिंह कौशिक माओवादियों से लड़ते हुए वर्ष 2018 में नारायणपुर में शहीद हो गए थे। उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने हेतु उनकी स्मृति में न्यास का गठन किया गया है और इसके माध्यम से प्रतिभाओं का सम्मान किया जाना अनुकरणीय पहल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में हम मार्च 2026 तक नक्सली आतंक को समाप्त करने की दिशा में अग्रसर हैं। केंद्र और राज्य की डबल इंजन की सरकार नक्सलवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। लगातार नक्सल ऑपरेशनों में सफलता मिल रही है, करोड़ों के इनामी नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं और नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस सम्मान समारोह के माध्यम से हम केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले विद्यार्थियों का ही नहीं, बल्कि देश के भविष्य निर्माता बच्चों का भी सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आपने जो उपलब्धि हासिल की है, उसमें निःसंदेह आपकी मेहनत है, लेकिन इसके पीछे परिवार, गुरुजनों और समाज का भी अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि राज्य में ही सभी उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थान उपलब्ध हैं।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय करने, निरंतर मेहनत करने और सकारात्मक सोच बनाए रखने का संदेश दिया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने वीर सपूत शहीद विनोद सिंह कौशिक को श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप जीवन के ऐसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर हैं, जहाँ से भविष्य की दिशा तय होती है। आपके प्रयासों से न केवल आपका, बल्कि देश और प्रदेश का उज्ज्वल भविष्य निर्माण होगा। आपके सपनों के साथ आपके माता-पिता, शिक्षक और रिश्तेदारों की उम्मीदें भी जुड़ी हुई हैं। इन सपनों को साकार करने के लिए समर्पित भाव से निरंतर मेहनत करें। श्री साव ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ‘डिप्रेशन’ और ‘निराशा’ जैसे शब्द अपनी डिक्शनरी से हमेशा के लिए हटा दीजिए, क्योंकि निराश व्यक्ति कभी सफलता प्राप्त नहीं कर सकता। उत्साह और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ें।इस अवसर पर विधायक सर्वश्री अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धरमजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजेश पांडे, क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- रायपुर / एक न्यूज पोर्टल द्वारा भ्रामक और तथ्यहीन समाचार प्रस्तुत कर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी एवं राज्य सरकार की छवि को धूमिल करने का दुष्प्रयास किया जा रहा है। “13 करोड़ 89 लाख का शाही दफ्तर” तथा “झूमर” जैसे शब्दों का प्रयोग कर षड्यंत्रपूर्वक बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।स्पष्ट किया जाता है कि लगभग सवा वर्ष पूर्व, वर्ष 2023-24 के तृतीय अनुपूरक बजट में लोक निर्माण विभाग (PWD) की सूची में 1389 लाख रुपये का जो उल्लेख दर्ज था, वह पूर्णतः त्रुटिपूर्ण था। इस संबंध में प्रमुख अभियंता ने तत्कालीन विधानसभा सत्र के दौरान 12 फरवरी 2024 को सरकार को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि लिपिकीय त्रुटिवश “1389.00 लाख” अंकित हो गया है, जबकि वास्तविक राशि “13.89 लाख” है।इसके पश्चात विधानसभा में संशोधन सूचना प्रस्तुत की गई और 14 फरवरी 2024 को दोपहर 12:03 बजे सत्र के दौरान उक्त संशोधन सूचना को पढ़ा गया। संशोधन सूचना के अनुरूप “13.89 लाख” का संशोधन भी उसी समय कर दिया गया।संशोधन सूचना से संबंधित सभी दस्तावेजों का अवलोकन कोई भी इच्छुक व्यक्ति कर सकता है। साथ ही, इस संबंध में विधानसभा की लाइब्रेरी में उपलब्ध वीडियो भी देखा जा सकता है।इन सभी स्पष्ट एवं प्रमाणित तथ्यों के बावजूद, जानबूझकर 1389 लाख रुपये का समाचार चलाकर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी एवं राज्य सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा है कि कार्यालय निर्माण से पूर्व आगंतुकों को गैरेज एवं खुले में धूप या बरसात में बैठना पड़ता था। अब सभी आगंतुक इस कार्यालय में बैठते हैं, जिसे हजारों लोग देख चुके हैं। यह कार्यालय जनसुविधा के लिए बनाया गया है। “1389 लाख” एवं “झूमर” जैसी भ्रामक और गलत खबर प्रसारित करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई के विकल्प पर भी वकीलों से चर्चा की जा रही है।
- -सुदूर अंचल के बच्चों तक पहुंची गुणवत्तापूर्ण शिक्षारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशा-निर्देशन में लागू की गई शाला-शिक्षक युक्तियुक्तकरण नीति प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस नीति के तहत अतिरिक्त और रिक्त पदों का संतुलन कर शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे अब सुदूर अंचलों के विद्यार्थियों को भी नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है।कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र कोरकोमा का शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, जहां 319 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, इसका स्पष्ट उदाहरण है। पहले यहां शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती थी और कई कालखंड खाली रह जाते थे। लेकिन युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के बाद दो शिक्षिकाओं श्रीमती रामेश्वरी रत्नाकर और श्रीमती पद्मा निषाद की पदस्थापना से अब सभी कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं, और सतत अध्यापन, अध्ययन कार्य व्यस्थित रूप से चल रही है।प्रधानपाठक श्री गोपाल प्रसाद साव ने बताया कि दर्ज संख्या के अनुसार यहां दो शिक्षकों की कमी थी, जो अब पूरी हो गई है। नई पदस्थ शिक्षिकाओं ने आते ही तुरंत कक्षाएं लेना प्रारंभ कर दिया है। श्रीमती रत्नाकर अंग्रेजी पढ़ा रही हैं, जबकि श्रीमती निषाद सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और हिंदी विषय संभाल रही हैं।विद्यार्थी सुनील, समीर, गुंजन, स्नेहा, राकेश और साहिल खुशी जताते हुए बताया कि अब कोई भी कालखंड खाली नहीं जाता और पढ़ाई निरंतर चल रही है। 5 से 7 किलोमीटर दूर से आने वाले बच्चों के लिए यह बदलाव विशेष रूप से राहत भरा है, क्योंकि अब उन्हें प्रत्येक विषय की नियमित शिक्षा मिल रही है।यह बदलाव न केवल विद्यार्थियों की शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठा रहा है, बल्कि अभिभावकों का भी विद्यालय पर भरोसा बढ़ा रहा है। शासन की यह पहल शिक्षा के अधिकार को मजबूत करते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य का कोई भी बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे।
-
-’बिजली बिल से मिली राहत और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ भविष्य का संकल्प’
रायपुर / पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अब कोरबा जिले के हर मोहल्ले और बस्ती तक पहुँच रहा है। इस योजना ने न केवल लोगों के बिजली बिलों में भारी बचत कराई है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से पर्यावरण के संरक्षण में भी अहम योगदान दिया है। कोरबा जिले के नगरीय क्षेत्र हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, दादर खुर्द निवासी श्री शंकर पुरी जिन्होंने अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा का ’सूर्यघर’ स्थापित कर जीवन में नई ऊर्जा भर दी है।3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप, एक लाख रूपए से अधिक की सब्सिडीश्री शंकर पुरी, जो अपने परिवार के साथ हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रह रहे हैं, हमेशा से बिजली बिल के खर्च और बिजली चले जाने की समस्या से चिंतित थे। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने बिना देर किए योजना का लाभ उठाने का निर्णय लिया। योजना के तहत उन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप पैनल स्थापित किया। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से सीधा अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जाता है, जिससे प्रारंभिक निवेश का बोझ काफी कम हो जाता है। श्री शंकर पुरी को भी इस योजना के अंतर्गत रूपये 78 हजार की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। इससे उन्हें सोलर पैनल स्थापना के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा कवर करने में मदद मिली। राज्य सरकार द्वारा भी श्री शंकर पुरी को 30 हजार रूपए का अनुदान जल्द ही दिया जायेगा।पर्यावरण अनुकूल, 3.5 टन कार्बन उत्सर्जन में कमीसोलर पैनल लगने के बाद से श्री पुरी को हर महीने बिजली बिल में बचत हो रही है। उनका कहना है कि यह बचत साल भर में एक बड़ी राशि बन जाती है, जिसे वे परिवार की अन्य आवश्यकताओं और बच्चों पर खर्च कर पा रहे हैं। साथ ही, यह प्रणाली पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है। सौर ऊर्जा के उपयोग से सालाना लगभग 3.5 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, जो वातावरण को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। श्री पुरी बताते हैं कि उन्हें यह जानकर गर्व होता है कि उनका छोटा-सा प्रयास भी जलवायु परिवर्तन से लड़ने के वैश्विक प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने बताया योजना की प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और सरल थी।सोलर प्लांट लगाना लाभकारी निवेशअपने अनुभव को साझा करते हुए श्री पुरी ने योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा - “मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि वे प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ अवश्य लें। इससे न केवल आर्थिक बचत होती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण भी सुनिश्चित होता है। प्रारंभिक लागत को लेकर डरने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी और लंबी अवधि की बचत इसे एक लाभकारी निवेश बनाती है।“ - - बिजली बिल भी घटकर एक तिहाई से भी कम हुआरायपुऱ / छत्तीसगढ़ में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से समान्य नागरिक भी अब बिजली उत्पादक बनते जा रहें है। अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर पावर प्लांट लगाने से लोगों की बिजली की समस्या का समाधान तो हो ही रहा है, साथ ही उपयोग के बाद बची हुई बिजली को बेचकर उन्हें अच्छा-खासा फायदा भी हो रहा है। रायगढ़ के सावित्री नगर में रहने वाले श्री प्रदीप पटेल भी ऐसे ही एक बिजली उत्पादक बन गये है। श्री प्रदीप पटेल ने अपने घर पर 3 किलोवॉट का सौर पैनल स्थापित कर बिजली बिल से राहत पाई है। यह पैनल सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लगाया गया है। इसमें उन्हें केंद्र सरकार से 78,000 रुपए और राज्य सरकार से 30,000 रुपए की मिलाकर कुल एक लाख आठ हजार रूपए की सब्सिडी मिली है। आवेदन करने के मात्र 10 दिन के भीतर ही सब्सिडी की राशि उनके खाते में जमा हो गई। श्री पटेल के यहां प्रतिमाह 350-400 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। उनका औसत मासिक खपत 500 यूनिट है, जिससे उन्हें केवल 100-150 यूनिट का ही बिल चुकाना पड़ता है। उन्होंने योजना की सराहना करते हुए अन्य नागरिकों से भी इसका लाभ उठाने की अपील की और शासन-प्रशासन को धन्यवाद दिया।जिले के 197 से अधिक घरों में सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भरताप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रायगढ़ जिले में अब तक 197 से अधिक घरों में सौर रूफटॉप सिस्टम स्थापित हो चुके हैं। इनसे सैकड़ों परिवारों को बिजली बिल से मुक्ति मिली है और वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। स्थापित सोलर रूफटॉप सिस्टम से प्रत्येक घर को प्रतिमाह औसतन 3,000 रुपए से 5,000 रुपए की सीधी बचत हो रही है। योजना से न केवल आर्थिक लाभ हो रहा है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया जा रहा है।योजना की वित्तीय सहायता और उत्पादन क्षमतापीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्थापित 1 किलोवॉट प्लांट में औसतन 120 यूनिट प्रतिमाह माह उत्पादन होता है। इसने 30,000 रुपए सब्सिडी केंद्र से और 15,000 रुपए राज्य से प्रदाय किया जाता है। इसी तरह 2 किलोवॉट प्लांट में औसतन 240 यूनिट प्रतिमाह उत्पादन और सब्सिडी केंद्र से 60,000 रुपए और राज्य से 30,000 रुपए प्रदाय किया जाता है। 3 किलोवॉट प्लांट में औसतन 360 यूनिट प्रतिमाह माह उत्पादन एवं केंद्र से 78,000 रुपए और राज्य से 30,000 रुपए प्रदाय किया जाता है। उपभोक्ता को शेष राशि स्वयं वहन करनी होती है, जो ऋण सुविधा के माध्यम से भी उपलब्ध है।ऑनलाइन प्रक्रिया से करें आवेदनयोजना का लाभ पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत दिया जा रहा है। उपभोक्ताhttps://pmsuryaghar.gov.in पोर्टल, पीएम सूर्यघर मोबाइल ऐप, सीएसपीडीसीएल वेबसाइट, मोर बिजली ऐप या टोल फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर आवेदन कर सकते हैं। साथ ही नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय में संपर्क भी कर सकते हैं। उपभोक्ता सौर प्लांट स्थापना हेतु वेंडर का चयन स्वयं ऑनलाइन कर सकते हैं।
- रायपुर / शासन द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना अब ग्रामीण अंचलों में भी आमजनों के जीवन में आशा की किरण बन रही है। इसी क्रम में विकासखण्ड लोरमी के ग्राम नवागांव वेंकट निवासी अकत राम ध्रुव ने इस योजना का लाभ लेकर अपने घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित कराया है। अब वह हर महीने बिजली बिल के बोझ से मुक्त होकर, अपनी ही सौर ऊर्जा से अपने घर की बिजली जरूरतें पूरी कर रहे हैं।श्री अकत राम ध्रुव ने बताया कि पहले उनके घर में बिजली की आपूर्ति अनियमित रहती थी और बिजली बिल भी अधिक आता था, लेकिन जब उन्हें पीएम सूर्य घर योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत आवेदन किया। योजना के तहत उन्हें सब्सिडी पर सोलर पैनल मिले और कुछ ही दिनों में उनके घर की छत पर सिस्टम इंस्टॉल कर दिया गया। अब उनके घर में नियमित रूप से बिजली रहती है और उन्हें बिल भी नहीं देना पड़ता, बल्कि आने वाले दिनों में वे अतिरिक्त बिजली को विद्युत विभाग को बेचकर आय अर्जित करने की भी योजना बना रहे हैं। श्री अकतराम ध्रुव कहा कि इस योजना से उन्हें आर्थिक और मानसिक राहत मिली है। अब वे खेती के साथ-साथ घरेलू जरूरतों में भी सौर ऊर्जा का लाभ उठा रहे हैं। ग्राम पंचायत नवागांव वेंकट के सरपंच ने भी कहा कि अकत राम ध्रुव जैसे हितग्राहियों की सफलता गांव के अन्य लोगों को भी प्रेरणा दे रही है। गांव में अब अन्य लोग भी पीएम सूर्य घर योजना के लिए आवेदन करने आगे आ रहे हैं।क्रेड़ा विभाग के अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के लिए केन्द्र के साथ राज्य सरकार भी सब्सिडी प्रदान कर रही है। छत पर 3 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। इसके साथ ही आसान किश्तों में बैंक फायनेंस भी उपलब्ध है। प्रदेश में अब तक सैकड़ों लोगों ने इस योजना का लाभ लिया है और गांवों में इस योजना का लाभ लेने जागरूकता लगातार बढ़ रही है। इस योजना से पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक बचत और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को एक साथ बढ़ावा मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से जोड़कर हर घर को आत्मनिर्भर बनाया जाए।
- -आपात चिकित्सा सेवा पूर्व की भाँति जारी रहेगी 24 घंटेरायपुर । लगातार तीन दिवसों (15, 16 और 17 अगस्त) के शासकीय अवकाश के बीच मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 16 अगस्त 2025 (शनिवार) को डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) का संचालन प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक होगा। विदित हो कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस, 16 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व तथा 17 अगस्त रविवार को अवकाश रहेगा। ऐसे में अवकाश के दिनों में भी मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सेवा का लाभ मिले, इस उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है। वहीं आपात चिकित्सा विभाग (कैजुअल्टी डिपार्टमेंट) की सेवायें पूर्व की भाँति 24 घंटे यथावत् जारी रहेगी।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों में छात्रों के प्रवेश के लिए तीसरी लाटरी 19 अगस्त को निकाली जाएगी। इस अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों की 25 प्रतिशत सीटों में प्रवेश दिया जाता है।लोक शिक्षण संचालनालय, से मिली जानकारी के अनुसार, जिन बच्चों का चयन पहले ही हो चुका है, उनके नामों को छोड़कर शेष आवेदकों के बीच लॉटरी प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इस चरण में अभिभावकों या बच्चों द्वारा नए आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी। अधिकारियों ने बताया कि आरटीई अधिनियम के तहत् निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों में प्रवेश के लिए लगभग 6,100 सीटें अब भी रिक्त हैं। उल्लेखनीय है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को आरक्षित सीटों पर प्रवेश दिया जाता है, जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क शिक्षा का समान अवसर मिल सके।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ सरकार सामान्य प्रशासन विभाग ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण के लिए मुख्य अतिथि की सूची जारी की गई है। जारी सूची के अनुसार रायगढ़ जिले में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि होंगे। श्री चौधरी जिला मुख्यालय में 15 अगस्त को आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और छत्तीसगढ़ सरकार के ’’माननीय मुख्यमंत्री जी का संदेश’’ वाचन करेंगे।
- - बलौदाबाजार जिले के 489 गांव में जल्द मिलगी खरीफ सिंचाई सुविधाबलौदाबाजार / पिछले कुछ दिनों से जिले में बारिश नहीं होने के कारण धान की खेती के लिए पानी की आवश्यकता बढ़ गई है। कलेक्टर दीपक सोनी ने स्थिति क़ो गंभीरता से लेते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों क़ो जरुरी निर्देश दिये जिस पर खरीफ सिंचाई हेतु मंगलवार क़ो रविशंकर जलाशय (गंगरेल ) से पानी छोडा गया है। अगले एक या दो दिन में बांध का पानी ग्राम बुढ़ेनी व कनकी पहुंचने की संभावना है।प्राप्त जानकारी के अनुसार गंगरेल जलाशय से छोड़े गये पानी से महानदी परियोजना की जल प्रबंधन संभाग क्रमांक 2 एवं 3 अंतर्गत जिले के 489 गांव की 264482 एकड़ फसल में सिंचाई के लिए हो रही मांग की पूर्ति हो सकेगी। इसमें जल प्रबंधन संभाग 2 बलौदाबाजार अंतर्गत 323 गांव के 195291 एकड़ एवं डिसनेट संभाग क्रमांक 3 तिल्दा अंतर्गत 166गांव के 69191एकड़ शामिल हैं।

















.jpg)





.jpg)



.jpg)