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- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर परिषद की बैठक महापौर नीरज पाल की अध्यक्षता एवं आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय की उपस्थिति में आहूत की गई। बैठक में महापौर परिषद के सदस्यों के समक्ष 12 एजेण्डा विचारार्थ प्रस्तुत किया गया। जिसमें प्रमुख रूप से हार्स राइडिंग ट्रेक निर्माण, चौंक का नामकरण, सामुदायिक भवन का नामकरण, ठोस तथा तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु इंदौर दौरा, राजस्व वृद्वि हेतु विद्युल पोल एवं ट्यूबलर पोल में विज्ञापन बोर्ड, सुरक्षा गार्ड की सेवांए हेतु कार्योत्तर एवं वित्तीय स्वीकृति, जलप्रदाय, स्वीमिंग पुल निर्माण, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण, भूखण्डों का पुनः निविदा आमंत्रित किया जाना है।नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत जोन 01 प्रियदर्शिनी परिसर पश्चिम में हार्स राइडिंग ट्रैक निर्माण कार्य एवं न्यू खुर्सीपार स्थित डबरा पारा चौंक का नाम परिवर्तित कर सम्राट अशोक चौंक करने की स्वीकृति मिली। वार्ड क्रं. 27 शास्त्री नगर नहर के पास स्थित सामुदायिक भवन को डाॅ. बी.आर. अम्बेडकर के नामकरण किये जाने एवं नगर पालिक निगम इंदौर (म.प्र.) में ठोस तथा सरल अपशिष्ट प्रबंधन अंतर्गत किये गए उत्कृष्ट कार्यो के अवलोकन एवं अध्ययन हेतु नगर निगम भिलाई के महापौर, सभापति, समस्त पार्षदगण एवं संबंधित अधिकारियों को भेजे जाने की अनुमति हेतु तथा राजस्व आय की वृद्वि हेतु निगम क्षेत्र के मुख्य मार्गो में स्थित विद्युत पोल एवं ट्यूबलर पोल में विज्ञापन बोर्ड (लाॅली पाॅप) लगाने के संबंध में महापौर परिषद से स्वीकृति मिली।नगर निगम भिलाई के संपत्ति की सुरक्षा व्यवस्था हेतु 100 कार्यरत सुरक्षागार्ड की सेवांए जारी रखे गए की व्यय एवं कार्योत्तर की पुष्टि की वित्तीय स्वीकृति की अनुमति प्रदान करने एवं प्रियदर्शिनी परिसर पश्चिम में स्वीमिंग पुल निर्माण कार्य, वार्ड क्रं. 70 हुड़को में सीवरेज पाईप लाईन एवं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण कार्य तथा नगर पालिक निगम भिलाई विभिन्न क्षेत्रों (योजनाओं) में रिक्त आवासीय/व्यवसायिक/आवास सह व्यवसायिक भूखण्डों के अंतरण के संबंध में पुनः निविदा आमंत्रित किये जाने महापौर परिषद ने सहमति प्रदान की।बैठक में महापौर परिषद के सदस्य सीजू एन्थोनी, लक्ष्मीपति राजू, संदीप निरंकारी, आदित्य सिंह, केशव चैबे, एकांश बंछोर, चंद्रशेखर गंवई, रिता सिंह गेरा, नेहा साहू, मालती ठाकुर, उपायुक्त/सह सचिव नरेन्द्र बंजारे, जोन आयुक्त अजय राजपूत, अमरनाथ दुबे, कुलदीप गुप्ता, कार्यपालन अभियंता रवि सिन्हा, अरविंद शर्मा, सुनील जैन, संजय अग्रवाल, विनीता वर्मा, लेखाधिकारी चंद्रभूषण साहू, राजस्व अधिकारी जे.पी.तिवारी, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उपअभियंता अर्पित बंजारे सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
- दुर्ग, / परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई 01 के अंतर्गत नगर पालिक निगम भिलाई वार्ड क्रमांक-28 के आंगनबाड़ी केन्द्र प्रेमनगर-2 उड़ियापारा, वार्ड क्रमांक 59 सेक्टर-05 और नगर पालिक निगम रिसाली वार्ड क्रमांक 17 के आंगनबाड़ी केन्द्र स्टेशन मरोदा में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती किया जाना है। आंगनबाड़ी सहायिका के लिए आवेदन 13 अगस्त तक एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय भिलाई 01 (पता-जुनवानी चिखली मुख्य मार्ग जुनवानी भिलाई) में सीधे अथवा पंजीकृत डॉक द्वारा कार्यालयीन समय 10 से 5.30 बजे तक (शासकीय अवकाश को छोड़कर ) जमा किया जा सकता है। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदन स्वीकार नही किए जाएंगे।परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना से मिली जानकारी अनुसार आवेदन किये जाने हेतु शासन द्वारा निर्धारित आवश्यक गाईडलाईन के तहत आवेदिका की आयु 18 से 44 वर्ष के मध्य होनी चाहिए (एक वर्ष या अधिक सेवा का अनुभव रखने वाली कार्यकर्ता/सहायिका/सह-सहायिका/संगठिका को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी)। आवेदिका उसी ग्राम की स्थायी निवासी होनी चाहिए जिस ग्राम में आंगनबाड़ी केन्द्र स्थित है। शहरी क्षेत्रों मं आवेदिका उसी वार्ड की निवासी होना चाहिए।निवासी होने के प्रमाण में ग्राम की अद्यतन मतदाता सूची में दर्ज नाम एवं नगरीय क्षेत्र में होने पर संबंधित वार्ड की अद्यतन मतदाता सूची में नाम दर्ज हो तो आवेदन पत्र में उसके क्रमांक का उल्लेख कर प्रतिलिपि लगाई जाए अथवा ग्राम पंचायत के सरपंच तथा सचिव द्वारा संयुक्त हस्ताक्षरित अथवा पटवारी तथा नगरीय निकायों में वार्ड पार्षद अथवा पटवारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसमें वार्ड में निवासरत् रहने का पता सहित स्पष्ट उल्लेख हो, मान्य किया जाएगा।आवेदिका की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आंगनबाड़ी सहायिका पद हेतु 8वीं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण। अनुभवी कार्यकर्ता/सहायिका/सह सहायिका होने पर, गरीबी रेखा परिवार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति परिवार की महिला होने पर तथा विधवा, परित्यक्ता अथवा तलाकशुदा महिला होने पर अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे।
- दुर्ग / प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना के अंतर्गत मछली पालन व्यवसाय से जुड़े किसानों, समितियों एवं समूहों को अब केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पाने के लिए राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) पर पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। मछली पालन विभाग की उप संचालक श्रीमती सीमा चंद्रवंशी ने बताया कि पंजीयन की प्रक्रिया कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) यानी च्वाईस सेंटर के माध्यम से की जायेगी। मछली पालन, मत्स्याखेट या मछली बिकी जैसे कार्यों में संलग्न सभी व्यक्तियों को इस पोर्टल पर व्यक्तिगत रूप् से पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। पंजीयन के लिए किसानों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लाना होगा।
- - नये 116 आवेदन हुए प्राप्त, 40 का हुआ निराकरणदुर्ग / सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत धमधा विकासखण्ड के ग्राम मुरमुंदा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में क्लस्टर स्तरीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस शिविर के माध्यम से पूर्व में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी दी गई। साथ ही नए आवेदन भी प्राप्त हुए। इस दौरान आज कुल 116 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 40 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया, जबकि शेष 76 आवेदन लंबित हैं।इससे पूर्व 20 मई 2025 को आयोजित सुशासन तिहार में कुल 2630 आवेदन प्राप्त हुए थे, जो विभिन्न विभागों से संबंधित थे। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को सर्वाधिक 1964 आवेदन प्राप्त हुए। इसके अतिरिक्त खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग को 140, ऊर्जा विभाग को 83, महिला एवं बाल विकास विभाग को 123, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को 136, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को 45, परिवहन विभाग को 27, श्रम विभाग को 35, स्कूल शिक्षा विभाग को 23, कृषि विभाग को 7, जल संसाधन विभाग को 8 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर में उपस्थित विभागीय अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित प्राप्त आवेदनों की जानकारी देते हुए उनके शत-प्रतिशत निराकरण के बारे में बताया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम की स्वच्छता व्यवस्था में उत्कृष्ट योगदान देने वाली स्वच्छताग्राही दीदियों को ‘स्वच्छता कीट’ प्रदान कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, धमधा जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री लिमन साहू, ग्राम सरपंच श्रीमती पुष्पा परमानंद साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -निजी कंपनी करेगी 500 पदों पर भर्तीबिलासपुर /जिले की महिला अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से 20 अगस्त से 22 अगस्त 2025 तक विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। यह कैम्प 20 अगस्त को सवेरे 10 बजे से शाम 4 बजे तक शासकीय अग्रसेन महाविद्यालय बिल्हा एवं शासकीय जे.एम.पी. महाविद्यालय तखतपुर, 21 अगस्त को शासकीय निरंजन केशरवानी महाविद्यालय कोटा एवं शासकीय पातालेश्वर महाविद्यालय मस्तुरी तथा 22 अगस्त को शासकीय बिलासा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक बिलासपुर में आयोजित होंगे।इन कैम्पों में M/S ATC Tires Pvt. Ltd., दहेज, जिला भरूच, गुजरात द्वारा केवल महिला अभ्यर्थियों के लिए 500 मशीन ऑपरेटर पदों पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक महिला अभ्यर्थी जो 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा या स्नातक (किसी भी विषय में) उत्तीर्ण हैं, वे संबंधित तिथि एवं स्थल पर सवेरे 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपस्थित होकर चयन प्रक्रिया में भाग ले सकती हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए रोजगार कार्यालय बिलासपुर, वेबसाईट www.erojgar.cg.nic.in, रोजगार एप या संबंधित महाविद्यालयों से संपर्क किया जा सकता है।
- बिलासपुर /एकीकृत बाल विकास परियोजना बिलासपुर अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 170 नयापारा गणेशनगर एवं केंद्र क्रमांक 154 संजय नगर चांटीडीह में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए 14 अगस्त 2025 तक आवेदन किये जा सकते है। रिक्त पदों की विस्तृत तथा निर्धारित आवेदन पत्र कार्यालय के नोटिस बोर्ड में चस्पा कर दी गई है। इच्छुक आवेदिका कार्यालयीन समय में बंद लिफाफे में अथवा पंजीबद्ध डाक से आवेदन जमा कर सकती है। अंतिम तिथि के पश्चात आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किये जाएंगे।
- बिलासपुर, / सिम्स बिलासपुर ने चिकित्सकीय क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। रेडियोलॉजी विभाग और सर्जरी विभाग के संयुक्त प्रयास से ऑपरेशन के दौरान सोनोग्राफी की मदद से एक 10 वर्षीय बालक के पैर में फंसे लोहे के चार तार को सफलतापूर्वक निकाला गया।लमेर निवासी 10 वर्षीय आदित्य खांडे पिता दीप कुमार लगभग चार माह पूर्व साइकिल चलाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में साइकिल का टायर फटने से बाहर निकला लोहे का तार उसके दाहिने पैर में घुस गया। तार पैर में टूटकर अंदर फंस गया और चार टुकड़ों में लगभग 2 से 5 सेमी लंबाई में मांसपेशियों में धंस गया। इसके बाद बच्चे को लगातार सूजन और दर्द की शिकायत बनी रही।तीन दिन पूर्व परिजन उसे सिम्स के सर्जरी विभाग में लेकर पहुंचे, जहां सर्जन डॉ. बी.डी. तिवारी ने जाँच करवाई। एक्सरे और सोनोग्राफी से यह पुष्टि हुई कि तार पैर की मांसपेशियों में गहराई तक धंसा हुआ है, और अंदर ही अंदर मवाद बन चुका है।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉ. ओ.पी. राज एवं डॉ. बी.डी. तिवारी ने ऑपरेशन का निर्णय लिया। परंतु ऑपरेशन के दौरान चीरफाड़ को न्यूनतम रखने और तारों की सटीक जगह जानने के लिए रेडियोलॉजी विभाग की मदद ली गई। विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह के निर्देशन में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अमन अग्रवाल ने ऑपरेशन थिएटर में ही लाइव सोनोग्राफी के माध्यम से लोहे के तारों की सटीक स्थिति चिन्हित की। इसके आधार पर सर्जनों ने बहुत ही कम चीरफाड़ कर सफलतापूर्वक सभी चारो तारों को निकाल दिया गाया मेल सर्जरी वर्ड मे इलाज जारी है। इस जटिल ऑपरेशन में सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. रघुराज सिंह, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. भावना रायजादा, डॉ. मिल्टन, डॉ. श्वेता कुजूर, और डॉ. मयंक अग्रे का सराहनीय योगदान रहा।सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमनेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने सभी चिकित्सकों की इस सामूहिक उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा- “दूर-दराज एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए आपकी चिकित्सीय निष्ठा और परिश्रम अनुकरणीय हैं। आपके समर्पण और सेवा भावना को संस्थान गौरव की दृष्टि से देखता है। इसी प्रकार आगे भी संस्था का नाम रोशन करते रहें।”
- बालोद। उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में अब तक 568.20 मि.मि. वर्षा हुई है, जो गतवर्ष की तुलना में 722.90 मि.मि. से 78 प्रतिशत है। खरीफ वर्ष 2025 में क्षेत्राच्छादन का 1,80,215 हेक्टेयर लक्ष्य निर्धारित है। जिसके विरुद्ध अब तक 1,71,966 हेक्टेयर में बोनी की जा चुकी है, जिसमें धान बोता 1,44,300 हेक्टेयर, रोपा 26,295 हेक्टेयर सहित कुल धान 1,70, 595 हेक्टेयर, मक्का 50 हेक्टेयर, कोदो 196 हेक्टेयर, अरहर 129 हेक्टेयर , उड़द 117 हेक्टेयर, मूंग 36 हेक्टेयर, कुल्थी 10 हेक्टेयर, तिल 41 हेक्टेयर तथा सब्जी 767 हेक्टेयर सहित कुल 1,71,966 हेक्टेयर में बोनी पूर्ण हो चुकी है, जो लक्ष्य से 95 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में अच्छी बारिश होने से खरीफ फसलों की स्थिति अच्छी पाई गई है। जिले में खरीफ बीज वितरण हेतु कुल 56,929 क्विंटल लक्ष्य निर्धारित है, जिसके विरुद्ध धान 59,344 क्विंटल भण्डारण किया गया है। अब तक धान बीज का 52,957 क्विंटल वितरण किया गया है। इसके अतिरिक्त जिले में कोदो बीज 60.16 क्विंटल, अरहर 166.44 विक्ंटल, उड़द 10.88 क्विंटल, 04 क्विंटल, कुल दलहन बीज 53.158 क्विंटल बीज का वितरण किया गया है, जो लक्ष्य 56,929 क्विंटल के विरूद्ध वितरण 93 प्रतिशत है।खरीफ मौसम में किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से शून्य प्रतिशत व्याज पर कृषि ऋण, बीज एवं उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। जिले के सहकारी समितियों में यूरिया 14,772 मेट्रिक टन, डी.ए.पी. 4,795 मेट्रिक टन, एम.ओ.पी. 4,217 मेट्रिक टन, एस.एस.पी. 8,614 मेट्रिक टन एवं एन.पी.के. 6,365 मेट्रिक टन कुल 38,761 मेट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण कराया जाकर अद्यतन 35,505 मेट्रिक टन उर्वरकों का वितरण कृषकों को किया जा चुका है, जो भण्डारण के विरुद्ध वितरण 91 प्रतिशत है। कृषकों द्वारा डी.ए.पी. की मांग को ध्यान मे रखते हुए डी.ए.पी. के स्थान पर वैकल्पिक उर्वरकों जैसे एस.एस.पी., एन.पी.के. (12ः32ः16, 20ः20ः0ः13, 28ः28ः0, 16ः16ः16 एवं अन्य) के माध्यम से पूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। कृषकों को गुणवत्तायुक्त बीज एवं उर्वरक उपलब्ध हो यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बीज एवं उर्वरक के नमूने अधिसूचित परीक्षण प्रयोगशाला को परीक्षण हेतु प्रेषित किया जा रहा है। परीक्षण परिणाम अमानक पाए जाने पर नियमानुसार प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जा रही है।
- -बालोद जिला मुख्यालय स्थित स्व. सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में आयोजित होगा मुख्य समारोहबालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश के निर्देशानुसार 15 अगस्त 2025 को जिला मुख्यालय बालोद के स्व. सरयु प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह को सफलतापूर्वक संपन्न कराने जिले के अधिकारी-कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के सभी कार्यालय प्रमुख अपने-अपने कार्यालयों में सुबह 07.30 बजे ध्वजारोहण करेेंगे एवं ध्वजारोहण के पश्चात् सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया जाएगा। संयुक्त जिला कार्यालय मंे सुबह 08 बजे कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके पश्चात् संयुक्त जिला कार्यालय के सभी अधिकारी एवं कर्मचारीगण स्व. सरयू प्रसाद स्टेडियम बालोद में मुख्य कार्यकम स्थल में अपनी उपस्थिति देंगेे। स्व. सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि द्वारा सुबह 09 बजे ध्वजारोहरण किया जाएगा। जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी को शासन के निर्देशानुसार अपने-अपने अनुविभाग, तहसील एवं जनपद पंचायतों में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजन करने के निर्देश दिए हैं। संपूर्ण कार्यकम के नोडल अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालोद को बनाया गया है।जारी किए गए निर्देश के अनुसार स्वतंत्रता दिवस समारोह स्थल स्व. सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में अतिथियों, गणमान्य नागरिकों, शहीद परिवारों एवं आमंत्रित लोगों को निर्धारित स्थानों में बैठक व्यवस्था की जिम्मेदारी सर्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं तहसीलदार बालोद को दी गई है। इसी तरह परेड सलामी व्यवस्था, कानून व्यवस्था, यातायात नियंत्रण एवं पार्किंग व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक बालोद को दी गई है। कार्यक्रम में ध्वजारोहण की सम्पूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी रक्षित निरीक्षक रक्षित केंद्र बालोद को दी गई है। संपूर्ण सरयू प्रसाद स्टेडियम की साफ-सफाई, टेंकर की व्यवस्था मुख्य नगर पालिका अधिकारी बालोद को दी गई है। समारोह स्थल पर आमंत्रित लोगों की बैठक, मंच निर्माण व्यवस्था, वीआईपी बैठक, वाटर प्रूफ शामियाना बैरिकेटिंग, परेड मैदान में अतिथि एवं गणमान्य नागरिक, प्रेस, स्वतंत्रता सेनानी, शहीद परिवार के लिए अलग- अलग सेक्टर निर्माण की व्यवस्था की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंताओं को दी गई है। स्वतंत्रता सेनानी, शहीद परिवार को ससम्मान कार्यक्रम स्थल तक लाने एवं पहुँचाने की व्यवस्था की जिम्मेदारी सर्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं पुलिस विभाग को दी गई है। इसी तरह बैरिकेटिंग हेतु बांस बल्ली की आपूर्ति की जिम्मेदारी वनमण्डलाधिकारी बालोद तथा मुख्य अतिथि व अन्य विशिष्ट हेतु फूलमाला एवं गुलदस्ता की व्यवस्था की जिम्मेदारी सहायक संचालक उद्यानिकी विभाग को दी गई है। कार्यक्रम में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, माईक, सांउड सिस्टम, ध्वनि विस्तारक यंत्रों की व्यवस्था की जिम्मेदारी कार्यपालन अभियंता विद्युत विभाग एवं अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग(विद्युत यांत्रिकी) को दी गई है। इसी तरह आमंत्रण कार्ड छपाई की जिम्मेदारी सचिव कृषि उपज मण्डी बालोद एवं प्रशस्ति पत्र की छपाई की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई है। आमंत्रण कार्ड वितरण की जिम्मेदारी जिला सत्कार अधिकारी बालोद एवं कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी अनुविभागीय दण्डाधिकारी बालोद को दी गई है। मीडिया, प्रेस को आमंत्रण कार्ड वितरण एवं समारोह में बिठाने की व्यवस्था, मुख्यमंत्री जी के संदेश को राज्य से प्राप्त कर मुख्य अतिथि को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सहायक संचालक जनसपंर्क विभाग को दी गई है। कार्यक्रम में गुब्बारों की व्यवस्था की जिम्मेदारी सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एवं 02 सफेद कबूतर की व्यवस्था की जिम्मेदारी उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग को दी गई है। समस्त कार्यक्रम हेतु मंच संचालन, विडियोग्राफी की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला आबकारी अधिकारी को दी गई है। वीआईपी एवं विशिष्ट अतिथियों हेतु पेयजल जलपान की व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला खाद्य अधिकारी तथा कार्यक्रम स्थल पर भृत्यों की पर्याप्त व्यवस्था की जिम्मेदारी कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी को दी गई है। कार्यक्रम स्थल में रंगोली बनाने की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग तथा 13 अगस्त से सरयू प्रसाद स्टेडियम में परेड रिहर्सल की तैयारी हेतु चिकित्सा व्यवस्था, पानी टेंकर व साफ-सफाई की व्यवस्था की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी को दी गई है। इसी तरह कार्यक्रम स्थल में फायर ब्रिगेड की जिम्मेदारी जिला सेनानी, होम गार्ड को दी गई है। कार्यक्रम स्थल में स्वागत द्वार की व्यवस्था की जिम्मेदारी कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी बालोद को दी गई है। समारोह स्थल में मुख्य मंच पर फ्लैक्स एवं स्वागत गेट फ्लैक्स आदि की व्यवस्था सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग एवं जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई है। कार्यक्रम संचालन हेतु उद्घोषक की व्यवस्था जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई है।
- बालोद,। उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में 03 अगस्त को दोपहर 12 बजे संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया है। अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक ने बैठक मेें संबंधितों को विभागीय जानकारी एवं पूर्व में हुई प्रभारी मंत्री की बैठकों का अद्यतन प्रतिवेदन सहित अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए है।
- बालोद । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मौसम खरीफ वर्ष 2025-26 के अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि खरीफ मौसम हेतु 31 जुलाई 2025 निर्धारित की गयी है। उप संचालक कृषि ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत धान सिंचित एवं धान असिंचित, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, उड़द, मूंग, कोदो, गुटकी, रागी फसलों को अधिसूचित किया गया है। उन्होंने बताया कि अधिसूचित फसलों का फसल बीमा ऋणी किसान अपने संबंधित समिति या बैंकों में जाकर करा सकते हंै। अऋणी किसान अपने नजदीक के लोक सेवा केन्द्र, बैंक तथा अपने मोबाईल द्वारा क्रॉप इंश्योरेंस एप्प के माध्यम से बीमा करा सकते हैं। योजना के संबंध में अधिक जानकारी कृषि अधिकारी, राजस्व अधिकारी, बैंक, सीएससी एवं एचडीएफसी क्षेत्रीय, जिला एवं विकासखण्ड कार्यालय से संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते है। उन्होंने किसानों से अपना आधार कार्ड मौसम खरीफ वर्ष 2025 के लिए बैंक में अपडेट कराने की अपील की है। फसल बीमा पोर्टल पर बिना आधार प्रमाणीकरण के बीमा मान्य नहीं होगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए भारत सरकार की टोल फ्री नंबर 14447 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
- -13 दिसंबर 2025 को किया जाएगा चयन परीक्षा का आयोजनबालोद । शिक्षा सत्र 2026-27 में पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालयों में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा में शामिल होने के लिए आॅनलाइन पंजीकरण की तिथि 13 अगस्त 2025 तक बढ़ाई गई। जवाहर नवोदय विद्यालय की प्राचार्य ने बताया कि पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन शनिवार 13 दिसंबर 2025 को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आॅनलाइन पंजीकरण करने की प्रक्रिया जवाहर नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाईट https://cbseitms.rcil.gov.in/nvs/ पर की जा रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षा सत्र 2025-26 में अध्ययनरत् कक्षा 5वीं के छात्र-छात्राएँ जिनका जन्म 01 मई 2014 से 31 जुलाई 2016 है ऐसे विद्यार्थी नवोदय विद्यालय में कक्षा 6वीं में चयन परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र होंगे।
- -7 फरवरी 2026 को किया जाएगा चयन परीक्षा का आयोजनबालोद। शिक्षा सत्र 202-27 में पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालयों में कक्षा 11वीं में लेटरल एंट्री प्रवेश चयन परीक्षा में शामिल होने के लिए आॅनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 23 सितंबर 2025 निर्धारित की गई है। पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय की प्राचार्य ने बताया कि आॅनलाइन पंजीकरण करने की प्रक्रिया जवाहर नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाईट https://cbseitms.nic.in/2025/nvsxi_11 पर की जा रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षा सत्र 2025-26 में अध्ययनरत् कक्षा 10वीं के छात्र-छात्राएँ जिनका जन्म 01 जून 2009 से 31 जुलाई 2011 तक है ऐसे विद्यार्थी नवोदय विद्यालय में कक्षा 11वीं में चयन परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र होंगे। उन्होंने बताया कि कक्षा 11वीं में लेटरल एंट्री हेतु चयन परीक्षा का आयोजन 07 फरवरी 2026 को किया जाएगा।
- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की तैयारी हेतु स्वच्छ वार्ड, स्वच्छ स्कूल एवं स्वच्छ कॉलेज की प्रतियोगिता आयोजित की गई है। जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आने वाले वार्ड, स्कूल एवं कॉलेज को रिवॉल्विंग अवार्ड दिया जाएगा । प्रतियोगिता का आयोजन प्रत्येक 2 माह में किया जाएगा । जिसमें वार्डो, स्कूलों एवं कॉलेजो का मूल्यांकन स्वच्छ सर्वेक्षण के मापदंड अनुसार स्वतंत्र एन जी ओ के माध्यम से प्रारंभ कर दिया गया है । इस संबंध में आयुक्त राजीव कुमार पांडेय द्वारा समस्त स्कूलों के प्रचार्यो की मीटिंग ली गई ।जिसमे सहायक जिला शिक्षा अधिकारी महोदया भी सम्मिलित हुई।
- -विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी सना, छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की महिला बॉक्सर सना माचू को भारतीय बॉक्सिंग टीम में चयनित होने पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि सना का चयन न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। बिलासपुर रेल मंडल में सीसीटीसी के पद पर पदस्थ सना माचू अब इंग्लैंड के लिवरपूल में 4 से 14 सितंबर तक आयोजित होने वाली विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की बेटियों की बढ़ती प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सना अपने दमदार प्रदर्शन से देश का नाम विश्व पटल पर रोशन करेंगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। मुख्यमंत्री ने सना को चैंपियनशिप के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
- - वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने किया बलौदाबाजार जिले में औचक निरीक्षणरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने बलौदाबाजार जिले के बिजली दफ्तरों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बिजली तार व खंभों में मेन्टेनेंस में लापरवाही देखी और मौके पर ही संबंधित सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को निलंबित करने के निर्देश दिये। श्री कंवर ने बलौदाबाजार वृत में एई जेई की मीटिंग ली और विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।एमडी श्री कंवर ने वहां विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये।उन्होंने वहां के कार्यपालन अभियंता कार्यालय (प्रोजेक्ट) एवं संचारण संधारण संभाग के कार्यालय का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिये। उन्होंने ट्रांसफार्मर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये स्टोर से संपर्क बनाये रखने और खराब ट्रांसफार्मर सुधारने तत्काल भेजने कहा। इसके बाद वे बलौदाबाजार और कसडोल क्षेत्र के मैदानी इलाकों में भी विद्युत व्यवस्था देखने पहुंचे। लवन उप संभाग के कोल्हिया गांव में पुरानी बिजली लाइनों के रखरखाव पर नाराजगी जताते हुए वहां सहायक अभियंता श्री उमाशंकर साहू को निलंबित करने के निर्देश कार्यपालक निदेशक (रायपुर ग्रामीण) को दिये।साथ ही कसडोल के मड़वा गांव में बिजली खंभों में केबल की ऊंचाई को लेकर लापरवाही बरतने पर कनिष्ठ अभियंता श्री सूरज खटकर को निलंबित करने के निर्देश एसई बलौदाबाजार को दिये।इस पर अमल करते हुए तत्काल निलंबन आदेश जारी कर दिया गया है तथा निलंबित अधिकारियों को महासमुंद और कसडोल में अटैच किया गया है।
- -प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिले केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू; विभागीय प्रगति, शहरी विकास और छत्तीसगढ़ के जमीनी मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा-‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर प्रधानमंत्री को दी बधाई; शहरी फैलाव, भूमि अधिकार और योजना समन्वय पर रखे अहम सुझावनई दिल्ली । भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तथा बिलासपुर लोकसभा सांसद श्री तोखन साहू ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने प्रधानमंत्री को आतंकवाद विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सफल संचालन के लिए बधाई दी। यह अभियान देश में सक्रिय आतंकवादी खतरों को समाप्त करने के उद्देश्य से चलाया गया था। श्री साहू ने प्रधानमंत्री के निर्णायक नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान भारत की "आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता" की नीति और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के प्रति हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता का परिचायक है।इस अवसर पर श्री साहू ने प्रधानमंत्री को आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत चल रही प्रमुख आवासीय और शहरी विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी और छत्तीसगढ़ राज्य की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा की।श्री साहू ने प्रधानमंत्री को बताया कि देशभर में अराजक शहरी विस्तार (अर्बन स्प्रॉल) एक गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि निजी कारों पर निर्भरता को कम करने और मिश्रित-प्रयोजन विकास (जहां आवासीय, वाणिज्यिक और सार्वजनिक उपयोग के स्थान एक साथ हों) को बढ़ावा देकर इस विस्तार पर अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि "हमारा ध्यान जन-परिवहन उन्मुख विकास (ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट) पर है, जिसमें आवासीय, वाणिज्यिक और सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों का समावेश होता है। इससे निजी वाहनों की निर्भरता कम होती है। विभिन्न शोधों से स्पष्ट है कि इस प्रकार की योजना से कार उपयोग में 20% से 50% तक की कमी लाई जा सकती है, जिससे शहरी भीड़ घटेगी और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।"बैठक में प्रधानमंत्री ‘सूर्य गृह मुफ्त बिजली योजना’ को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम-आवास) से जोड़ने के विषय पर भी चर्चा हुई। श्री साहू ने प्रस्ताव रखा कि इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली निःशुल्क बिजली को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित सभी घरों में लागू किया जाए। इससे बिजली के वितरण की लागत घटेगी, टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा और लाभार्थी ऊर्जा दक्ष घरों में निवास कर सकेंगे। साथ ही, सरकारी सब्सिडी युक्त लघु ऋणों तक उनकी पहुंच सुगम हो सकेगी जिससे कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।श्री साहू ने प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ राज्य की जमीनी स्थिति और क्षेत्रीय चुनौतियों से भी अवगत कराया। उन्होंने सामाजिक-आर्थिक विकास, शहरी योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य सरकार की भूमिका और जटिल भूमि विवादों पर चर्चा की।विशेष रूप से "बड़े झाड़ का जंगल" से लगे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वहां की बस्तियों में लोग दो से तीन पीढ़ियों से निवासरत हैं, लेकिन उन्हें वैध स्वामित्व नहीं मिल पा रहा है। इससे वे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं और अतिक्रमी माने जाने के कारण बेदखली का खतरा बना रहता है। ये क्षेत्र जल, बिजली, और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं क्योंकि उनका दर्जा अभी भी वन क्षेत्र का है और इसलिए शहरी योजनाओं में उन्हें प्राथमिकता नहीं मिलती। छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों में ऐसे भूमि विवाद सामाजिक तनाव का कारण बनते हैं।श्री साहू ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 में हाल ही में किए गए संशोधन अब इन निवासियों को कानूनी स्वामित्व दिलाने में सहायक होंगे, जिससे वे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ ले सकेंगे। उन्होंने गैर-महत्वपूर्ण वन भूमि के प्रबंधन, दस्तावेज प्रक्रिया को सरल बनाने, और पूरक वृक्षारोपण जैसी रणनीतियों के माध्यम से वन विभाग एवं शहरी विकास एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।बैठक में विचारों का रचनात्मक आदान-प्रदान हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री ने सभी विषयों पर मार्गदर्शन दिया और आवास तथा शहरी बुनियादी ढांचे के सतत विकास में केंद्र की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना, क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी नागरिक पीछे न छूटे।श्री साहू ने प्रधानमंत्री की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता, समावेशी विकास की प्रतिबद्धता, और "सबका साथ, सबका विकास" के मूल मंत्र को चरितार्थ करने के प्रति आभार प्रकट किया, जो यह सुनिश्चित करता है कि भारत की प्रगति का लाभ हर वर्ग तक पहुंचे।
- नई दिल्ली।, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित 17, छत्तीसगढ़ सदन में राज्य के सांसदों से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर आयोजित रात्रि भोज के दौरान मुख्यमंत्री ने सांसदों के साथ राज्य और राष्ट्र के समसामयिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों को छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति और सहभागिता से राज्य के हित और ज़मीनी ज़रूरतें राष्ट्रीय फलक पर बेहतर ढंग से प्रस्तुत हो पाती हैं।इस सौहार्दपूर्ण मुलाक़ात में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे व्यापक परिवर्तनों की चर्चा भी हुई। सांसदों ने छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रगति को लेकर फीडबैक साझा किया और राज्य के जमीनी अनुभवों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, निवेश आकर्षण, युवाओं को मिल रहे नए अवसर, किसानों की आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे परिवर्तनकारी विकास कार्यों की भी विस्तार से जानकारी दी।
- -जशपुर जिले में शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदमरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मनोरा विकासखंड के शासकीय कॉलेज भवन के निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 61 लाख 25 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति मुख्यमंत्री द्वारा अपने जशपुर प्रवास के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप दी गई है, जिस पर राज्य सरकार द्वारा तत्परता से अमल किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जशपुर जिले के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और सड़क-पुल निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए लगातार स्वीकृतियाँ दी जा रही हैं, ताकि विकास योजनाएं तेज़ी से धरातल पर उतर सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उनके निकट ही उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य से मनोरा में कॉलेज भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।मनोरा में कॉलेज भवन निर्माण की स्वीकृति से क्षेत्र के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मुख्यमंत्री की इस पहल के लिए उनका आभार प्रकट किया है।
- -भूमि अधिग्रहण संबंधी विवादों की संख्या में आएगी कमी-किसानों को मिल सकेगा न्यायसंगत मुआवजा-मुख्यमंत्री ने कहा अधिग्रहण से प्रभावित हितग्राहियों के हित में ऐतिहासिक कदम-भूमि मूल्य निर्धारण को पारदर्शी, सरल और विवाद मुक्त बनाने की सार्थक पहल-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रीपरिषद ने दी मंजूरीरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रीपरिषद की बैठक में वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के एक महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह प्रस्ताव राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित है, जिसमें किसानों, भू-अर्जन से प्रभावित हितग्राहियों और राजस्व से जुड़े मामलों में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया गया है।अनुमोदित प्रस्ताव के तहत ग्रामीण कृषि भूमि के बाजार मूल्य की गणना के लिए 500 वर्गमीटर तक के भू-खण्ड की दर को समाप्त करते हुए सम्पूर्ण रकबा की गणना हेक्टेयर दर से की जाएगी। भारतमाला परियोजना और बिलासपुर के अरपा भैंसाझार में जिस तरह की अनियमितताएँ सामने आई थीं, उनसे बचने के लिए यह व्यवस्था मददगार होगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र की परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि के ढाई गुना करने के प्रावधान को विलोपित करने के साथ ही शहरी सीमा से लगे ग्रामों की भूमियों और निवेश क्षेत्र की भूमियों के लिए वर्गमीटर में दरों का निर्धारण किया जाएगा। इस प्रस्ताव के लागू होने से भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों में विवादों की संख्या घटेगी और किसानों को पारदर्शी और न्यायसंगत मुआवजा मिल सकेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यह निर्णय नीति निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। उन्होंने इस निर्णय को किसानों और भूमि अधिग्रहण से प्रभावित हितग्राहियों के हित में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उनका मानना है कि गाइडलाइन दरों की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाकर हम न सिर्फ किसानों को न्याय दिलाएंगे बल्कि राज्य की विकास परियोजनाओं की रफ्तार को भी गति देंगे। यह बदलाव राज्य में भूमि मूल्य निर्धारण की प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और विवाद-मुक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास होगा।
- -रायपुर में खुलेगा APEDA का क्षेत्रीय कार्यालय-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से कृषि निर्यात को मिलेगा नया प्रोत्साहन, राज्य बनेगा एक्सपोर्ट हबरायपुर / कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात को प्रोत्साहन देने की दिशा में छत्तीसगढ़ को एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों एवं उद्योग विभाग की सक्रिय पहल के फलस्वरूप भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने रायपुर में APEDA (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority) का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की है।इस क्षेत्रीय कार्यालय के प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ के किसानों, उत्पादकों और निर्यातकों को अनेक लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। अब उन्हें ट्रेनिंग, प्रमाणन, पैकेजिंग, मानकीकरण और निर्यात संबंधी सेवाओं के लिए अन्य राज्यों के कार्यालयों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।स्थानीय स्तर पर मिलेगी वैश्विक गुणवत्ता की सुविधाराज्य में APEDA कार्यालय की स्थापना से अब फाइटो-सेनेटरी प्रमाणपत्र, गुणवत्ता प्रमाणन, लैब टेस्टिंग, और निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाएं यहीं पूरी की जा सकेंगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि किसानों और निर्यातकों की लागत में भी कमी आएगी।छत्तीसगढ़ के उत्पादों को मिलेगी ब्रांडिंग और वैश्विक पहचानAPEDA कार्यालय से फल, सब्ज़ियाँ, चावल, GI टैग वाले उत्पाद, मिलेट्स और अन्य कृषि उत्पादों का सीधे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में निर्यात आसान होगा। इससे उत्पादों को उचित दाम, व्यापारियों को नए बाज़ार, और राज्य को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी।किसानों की आय और ज्ञान दोनों में वृद्धिनिर्यात से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही, नई तकनीकों, गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग की जानकारी और प्रशिक्षण उन्हें स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।निर्यात बुनियादी ढांचे को मिलेगा प्रोत्साहनAPEDA न केवल प्रमाणन और ब्रांड प्रमोशन में सहयोग करता है, बल्कि निर्यात बुनियादी ढांचे के निर्माण और रख-रखाव में भी सहायता करता है। इससे राज्य में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस जैसे सुविधाओं का विकास होगा, जिससे कृषि व्यापार को नई गति मिलेगी।विशेष योजनाएं और सब्सिडी का लाभ राज्य को मिलेगाAPEDA द्वारा चलाए जा रहे एक्सपोर्ट प्रमोशन, स्किल डेवलपमेंट और सब्सिडी योजनाओं का लाभ अब छत्तीसगढ़ के किसान, स्टार्टअप और MSMEs को सहजता से मिल सकेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों और उत्पादकों को अब वैश्विक बाजार से जोड़ने का मजबूत माध्यम मिल गया है। यह कार्यालय न केवल कृषि निर्यात को प्रोत्साहन देगा, बल्कि राज्य की आर्थिक समृद्धि की दिशा में भी एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को ‘वोकल फॉर लोकल टू ग्लोबल’ की दिशा में एक अग्रणी राज्य बनाएगी और समृद्ध कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलेगी।
- -मंत्रिमण्डल ने दी स्टेट क्रिकेट संघ को 7.96 एकड़ भूमि-मुख्यमंत्री श्री साय की विशेष पहल पर नियमों को शिथिल कर लिया गया निर्णयरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य के उभरते क्रिकेट खिलाड़ियों के प्रशिक्षण एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-3, ग्राम-परसदा में 7.96 एकड़ भूमि क्रिकेट एकेडमी की स्थापना हेतु आबंटित करने का निर्णय लिया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि सरकारी व्ययन नियमों के तहत, गैर-लाभकारी संस्थाओं को सीधे भूमि आवंटन का प्रावधान नहीं है, लेकिन इस विशेष मामले में राज्य शासन ने नियमों को शिथिल कर यह निर्णय लिया है, जिससे खिलाड़ियों के हित में क्रिकेट एकेडमी की स्थापना हो सके।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को 2016 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से पूर्णकालिक मान्यता प्राप्त है। इसके लिए नगर विकास प्राधिकरण ने कुल 7.96 एकड़ भूमि चिन्हित की है।छत्तीसगढ़ राज्य में क्रिकेट के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं। प्रदेश के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। नवा रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम मौजूद है, परंतु अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं और प्रशिक्षण के लिए एकेडमी की जरूरत महसूस की जा रही थी। इस निर्णय से प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को क्रिकेट में आगे बढ़ने के बेहतरीन अवसर मिलेंगे और राज्य को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम न केवल प्रदेश के युवा क्रिकेटरों के लिए अवसर के नए द्वार खोलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ को खेल के क्षेत्र में मजबूत पहचान दिलाने में सहायक होगा।
- -प्रोजेक्ट दक्ष के तहत सेक्टर सुपरवाइजर बन रहीं डिजिटल रूप से सशक्तरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में रायपुर जिले में प्रोजेक्ट दक्ष: हम होंगे स्मार्ट कार्यक्रम के अंतर्गत डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में सतत प्रयास जारी हैं। इसी कड़ी में आज जिले महिला बाल विकास विभाग के सेक्टर सुपरवाइजर को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी, तीव्र और प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण में महिला बाल विकास विभाग के सेक्टर सुपरवाइजर को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, डेटा की गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज प्रबंधन, ईमेल संचालन तथा MS Office जैसे महत्वपूर्ण टूल्स की जानकारी दी जा रही है।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मल्टीलेवल पार्किंग स्थित बीपीओ सेंटर में मास्टर ट्रेनर्स की मदद से चरणबद्ध रूप से संचालित किया जा रहा है। प्रतिदिन दो पालियों में 25-25 प्रतिभागियों के बैच बनाकर ऑन-हैंड प्रैक्टिकल सेशन के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के समापन पर मूल्यांकन किया जाएगा एवं सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
- -आपातकालीन स्थितियों में जीवन रक्षा के लिए महिला कर्मियों को किया गया दक्षरायपुर । रायपुर जिले में आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने एवं जीवन रक्षक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आज प्राथमिक उपचार एवं CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।जिला कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मल्टीलेवल पार्किंग, रायपुर में किया गया। यह प्रशिक्षण जिला प्रशासन एवं रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में महिला एवं बाल विकास विभाग की 42 आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों ने भाग लिया। रेड क्रॉस सोसाइटी के सहायक प्रबंधक श्री देव प्रकाश कुर्रे द्वारा CPR की तकनीक, प्राथमिक उपचार के सिद्धांत और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की विधियों का अभ्यास कराते हुए प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु :- CPR तकनीक का सैद्धांतिक व प्रायोगिक अभ्यास | आपातकालीन स्थितियों में प्राथमिक उपचार देने की विधियाँ | आम नागरिकों की जान बचाने हेतु सतर्कता और तत्परत | प्रशिक्षित सुपरवाइजरों द्वारा समुदाय में जागरूकता का प्रसार प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने स्वयं CPR तकनीकों का प्रायोगिक अभ्यास किया और इसे अपने क्षेत्र में लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। यह पहल भविष्य में होने वाली आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने में मील का पत्थर साबित होगी।
- =आपरेशन घंटी के रूप में रायपुर जिला प्रशासन का अनूठा प्रयोग, शारीरिक-मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी है हाइड्रेशन का स्तररायपुर / एक छोटी सी लेकिन अनूठी पहल से किस तरह से बच्चों के स्वास्थ्य में कमाल का सुधार आ रहा है इसका उदाहरण रायपुर जिले के स्कूल हैं। यहां हर दूसरे घंटे में एक नियमित समय अंतराल में घंटी बजती है और सारे विद्यार्थी एक साथ पानी पीते हैं। इसका उद्देश्य पानी की कमी अथवा डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्या से निपटना है जिससे बच्चे का मानसिक शारीरिक विकास थम सकने की आशंका होती है। स्कूलों में बच्चे एक नियमित और तय समय अंतराल में एक साथ पानी पीयें, इसके लिए रायपुर जिला प्रशासन ने आपरेशन घंटी आरंभ किया है। इसमें हर दो घंटे में घंटी बजेगी और सारे छात्र-छात्रा एक साथ पानी पीएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में कलेक्टर श्री गौरव सिंह स्कूलों में अनूठे नवाचार लेकर आ रहे हैं जिसमें आपरेशन घंटी भी शामिल है। यह छोटी सी पहल बच्चों को डिहाइड्रेशन से मुक्त कर रही है। आपरेशन घंटी का उद्देश्य नियमित अंतराल में पानी पिलाने के साथ ही बच्चों के भीतर इसकी हैबिट विकसित करने को लेकर भी है। बच्चे इससे पानी की जरूरत के संबंध में अधिक गंभीर होंगे और समझ पाएंगे कि यह कितना जरूरी है कि हम जिस तरह से समय पर खाना खाते हैं उसी तरह पानी पीने का भी एक समय तय करें।उल्लेखनीय है कि डायरिया जैसी बहुत सी बीमारियों को ठीक करने के लिए पानी की प्रमुख भूमिका होती है। डाइजेशन के लिए भी पानी की भूमिका होती है ताकि जरूरी पौष्टिक पदार्थ शरीर पर फैलें। यह स्वास्थ्य संबंधी अध्ययनों में पाया गया है कि पानी की कमी से तेजी से शारीरिक मानसिक विकास प्रभावित होता है। विशेषकर बढ़ती उम्र में जब नये ऊतकों के निर्माण की जरूरत होती है और इसके लिए बड़े पैमाने पर पानी की जरूरत होती है तो इसके लिए पानी बेहद प्रभावी होता है। रायपुर जिला प्रशासन की इस पहल ने यह साबित किया है कि बड़े बदलाव छोटे छोटे परिवर्तन कर किये जा सकते हैं। बच्चों में छोटी छोटी अच्छी आदतें लाकर उन्हें हमेशा के लिए आरोग्य के संबंध में ट्रेनिंग दी जा सकती है। शिक्षक भी इससे काफी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि जब घंटी बजती है तो उत्साह का माहौल होता है और सारे बच्चे एक साथ पानी पीते हैं। यह उनके लिए खेल की तरह है जिसमें वे मनोरंजन भी महसूस करते हैं और धीरे-धीरे यह उनके भीतर की धारणा को पुष्ट करते जा रहा है कि पानी काफी उपयोगी है।



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