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- बलौदाबाजार /कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी अतुल परिहार के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय महिला सशक्तिकरण केन्द्र (हब) के द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम स्कूल पंचमदीवान, शासकीय माध्यमिक शाला सुरखी में स्कूली बालिकाओं को एक माह का आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण हेतु जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य बालिकाओं को शारीरिक मानसिक सामाजिक रूप से मजबूत एवं सशक्त बनाना है ताकि किसी भी खतरे का सामना कर सके। आत्मरक्षा प्रशिक्षण में मार्शल आर्ट जैसे जूड़ो, कराटे, मुक्केबाजी के साथ ही साथ बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए आश्यक कौशल के गुण सिखाते है। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रैनर्स किरण साहू, गोपाल साहू, सुधीर साहू, दिनेश साहू ,गोमती साहू सहित स्कूली छात्राएं उपस्थित रहे।
- -ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए रायपुर प्रशासन की अभिनव पहल – प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी सफलतापूर्वक संपन्न-प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी: महिला उद्यमिता को मिली नई उड़ानरायपुर / महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा एक नई पहल "प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी" की शुरुआत की गई। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन के सहयोग से 26 एवं 27 जुलाई 2025 को मल्टी यूटिलिटी सेंटर, सेरीखेड़ी में आयोजित किया गया। यह पहल कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन के कुशल नेतृत्व में किया गया।इस दो दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिला उद्यमियों को व्यवसायिक जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाना था। कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 200 महिला उद्यमियों ने भाग लिया। उन्हें मार्केटप्लेस लिटरेसी के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें उत्पाद मूल्य निर्धारण, बाजार की समझ, ग्राहक व्यवहार, विपणन रणनीति तथा व्यवसाय को कैसे आगे बढ़ाया जाए इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।यह प्रशिक्षण लोयला मेरीमाउंट यूनिवर्सिटी, लॉस एंजिल्स के प्रख्यात प्रोफेसर मधु विश्वनाथ द्वारा दिया गया एवं जिला प्रशासन रायपुर तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भिलाई (IIT भिलाई इनोवेशन एवं टेक्नोलॉजी फाउंडेशन) के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ। विशेषज्ञों ने व्यावसायिक रणनीतियों से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (जैसे ONDC) पर उत्पादों को प्रदर्शित करने तक की जानकारी भी साझा की।इस आयोजन में आई.बी.आई.टी.एफ के सी.टी.ओ श्री विष्णु त्रिवेदी, बिहान परियोजना से जुड़े जिला स्तरीय अधिकारी, विभिन्न महिला स्व-सहायता समूहों के प्रतिनिधि, एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) के सीईओ एवं अन्य संबंधित अधिकारी भी सक्रिय रूप से सम्मिलित हुए। उनकी उपस्थिति ने प्रशिक्षण सत्र को और अधिक व्यावहारिक, प्रभावशाली एवं नीति-आधारित बनाया।यह कार्यक्रम महिला उद्यमिता को ग्रामीण क्षेत्रों में एक नई दिशा देने वाला साबित हुआ। इसके माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार की संभावनाएं मिलीं और उन्हें स्थानीय एवं राष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने के लिए सक्षम बनाया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
- -शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित हो- कलेक्टररायपुर, / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के विकास एवं प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों को शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर डॉ. सिंह ने ऊर्जा और बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें और लक्ष्यों को समय पर पूरा करें। उन्होंने शासकीय भवनों को सोलर पैनल से युक्त किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। खाद्य विभाग को राशन दुकानों का नियमित निरीक्षण करने तथा आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।उन्होंने कहा कि सभी दुपहिया चालक को हेलमेट और चार पहिया चालकों को सीट बेल्ट का उपयोग अवश्य रूप से करना होगा। यह नियम नागरिकों की सुरक्षा के लिए हैं और इन पर अमल किए जाने के निर्देश दिए।कृषि से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अन्नदाताओं को खाद की कोई कमी न हो। यदि किसी क्षेत्र में कमी की सूचना मिलती है, तो तत्काल उसका निराकरण किया जाए।बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड और वयोवृद्ध कार्ड निर्माण कार्य को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।कलेक्टर डॉ. सिंह ने आगामी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह पर्व पूरे गरिमामय और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाए।कलेक्टर डॉ सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि कोई भी आंगनबाड़ी जर्जर अवस्था में न हो यदि कोई ऐसा आंगनबाड़ी हो तो सूची बनकर तत्काल मरम्मत कार्य करवाए। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की शत् प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित हो। कलेक्टर ने समय समय पर आंगनबाडियों के निरीक्षण के निर्देश निगम आयुक्त तथा सीईओ जिला पंचायत को दिए। बैठक में एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- -आज दानदाताओं ने 35 पुस्तकों का किया दान, अब तक लगभग 1300 पुस्तकें मिलीरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार रायपुर जिला प्रशासन की अभिनव पहल ‘स्मृति पुस्तकालय योजना' के आज 3 दानदाताओं ने 35 पुस्तकें दान की, जिनमें करियर गाइड, प्रतियोगी परीक्षाओं की सामग्री और प्रेरणादायक किताबें शामिल रहीं।दान करने वालों में श्री कबीर सक्सेना, सुश्री शाहीन अंजुम और श्री के.के. सूर्यवंशी ने अपना अमूल्य योगदान दिया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उन्हें सम्मान पत्र भेंट कर उनके प्रयास की सराहना की।यह पहल बच्चों के लिए न सिर्फ पुस्तकालय बन रही है, बल्कि उम्मीद की एक नई किरण भी साबित हो रही है। दानदाताओं ने कहा, "हमारा छोटा सा योगदान किसी बच्चे की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकता है।"जिला प्रशासन ने जनता से अनुरोध है कि इस ज्ञानयात्रा में सहभागी बनें और पुस्तक दान कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भूमिका निभाएं। योजना के तहत अब तक करीब 50 दानदाताओं ने लगभग 1300 किताबें दान दी है।इस कार्यक्रम में एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
- -नगरीय निकायों की बैठक ली, कहा अतिक्रमण-यातायात समेत मूलभूत सुविधाओं के लिए जोन कमिश्नर होंगे जिम्मेदार-जलभराव की समस्या का समाधान करने दिए निर्देशरायपुर / कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में जिले के नगरीय निकायों के जोन कमिश्नरों की बैठक ली। कलेक्टर डॉ सिंह ने कहा कि जोन में व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी संबधित जोन कमिश्नर है। उनके जोन में अवैध प्लाटिंग, अतिक्रमण या निर्माण होता हे तो उस पर नजर रखें और कार्रवाई करें। यदि इस प्रकार की शिकायत आती हे तो जोन कमिश्नर के साथ राजस्व अधिकारी और नगर निवेश विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।कलेक्टर ने कहा कि जोन कमिश्नर अपने संबधित वार्डों का नियमित रूप से निरिक्षण करें और मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराएं। कहीं पर जलभराव की समस्या आने पर त्वरित समाधान निकालें, जिससे नागरिकों को तकलीफ ना हों। यहीं नहीं यातायात जाम होने स्वमेव पहल करें ओर पुलिस के साथ समन्वय बनाकर निराकरण किया जाए। डॉ सिंह ने कहा कि स्कूलों के बाहर अवैध गुमटियां को हटाने की कार्रवाई करें। ट्रांसफार्मर के नीचे झाड़ियां होने पर उसकी सफाई किया जाए इसके लिए सीएसईबी के साथ समन्वय बनाएं। अवैध होर्डिंग के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रखें। राज्य प्रवर्तित योजनाओं का तेजी से क्रियान्वन किया जाए। इस बैठक में रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, बिरगांव नगर निगम आयुक्त श्री युगल उर्वशा, सभी जोन कमिश्नरों सहित संबंधित उपस्थित थे।
- -बीमा सखी के प्रयासों से बैंकिंग प्रक्रिया पूरी करने में मिली मदद, 2 लाख राशि मिलने पर हितग्राहियों के चेहरे खिलेबिलासपुर। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना के तहत कोटा ब्लॉक के दो मृतक के परिजनों को बीमा क्लेम की राशि का वितरण किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका आजीविका मिशन की बिहान योजना से चयनित बीमा सखी की मदद से ग्रामीण महिलाओं को प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिली। बीमा सखी के माध्यम से स्व सहायता समूहों की महिलाओं को विभिन्न बैंकिंग योजनाओं से जोड़ा जा रहा हैं जिससे सहजता से उन्हें बीमा योजनाओं का लाभ मिल रहा है।कोटा ब्लॉक के ग्राम पंचायत लिटिया के ग्राम मोहंदी निवासी जितेंद्र बंजारे के 14 मई को आकस्मिक निधन के बाद उनकी पत्नी गंगा बाई बंजारे को 2 लाख की बीमा राशि पंजाब नेशनल बैंक, कोटा शाखा के माध्यम से दिलाई गई। ग्राम शिवतराई निवासी राम बिहारी मरकाम के 9 जुलाई निधन पर उनकी पत्नी कृष्णा बाई मरकाम को 2 लाख की बीमा राशि पंजाब नेशनल बैंक, अचानकमार शाखा, कोटा के माध्यम से मिली। बीमा राशि दिलाने में बीमा सखी हबीबुन निशा की सक्रिय भागीदारी रही। बीमा राशि मिलने पर स्व सहायता समूह की दीदियों ने कहा कि समूह से जुड़कर उन्हें न केवल विभिन्न आजीविका गतिविधियों का लाभ मिला है बल्कि समूह के जरिए उन्हें बैंकिंग और बीमा योजना से जोड़ा गया जिससे आपात स्थिति में उन्हें सहायता मिली है।हितग्राहियों ने कहा कि बीमा क्लेम के विषय में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। बीमा सखी श्रीमती हबीबुन निशा की मदद से वे प्रक्रिया पूरी कर सके। जिससे उन्हें बीमा योजना के तहत 2 लाख रूपये शीघ्रता से मिल सका, जो परिवार के लिए एक बड़ी राहत है।उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बैंक सखी व बीमा सखी के माध्यम से महिलाओं को बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। बीमा सखी द्वारा दोनों ही प्रकरणों में निरंतर संपर्क, दस्तावेजी प्रक्रिया, बैंक समन्वय एवं जागरूकता कार्य कर बीमा क्लेम की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करवाया। बीमा सखी की भूमिका महिला स्व सहायता समूहों के बीच वित्तीय साक्षरता बढ़ाने एवं सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण रही।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य के अधिक से अधिक किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में किसानों को अब तक राज्य सहकारी बैंकों द्वारा 2058 सहकारी समितियों के माध्यम से लगभग 5751 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया गया है। इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा किसानों को 7800 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। अब तक वितरित कुल राशि लक्ष्य का लगभग 74 प्रतिशत है। किसानों को उनके मांग और रकबे के अनुरूप अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया जा रहा है।गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को खेती-किसानी की प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने तथा खेती-किसानी में सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना प्रारंभ किए गए थे। इसके अलावा किसानों को साहूकारों के चंगुलों से बचाना इसका एक प्रमुख उद्देश्य था। वर्तमान समय में इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों को प्रारंभिक जरूरतों के लिए न सिर्फ राहत मिली है, बल्कि फसलों के उत्पाद में लगातार वृद्धि हो रही है।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार 30 जुलाई को सवेरे 11 बजे राज्य मंत्रीपरिषद (केबिनेट) की बैठक मंत्रालय (महानदी भवन) नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित होगी।
- -सर्वे में शामिल देशभर के 4,566 शहरों के बीच राष्ट्रीय स्तर पर टॉप-100 में छत्तीसगढ़ के 25 शहर-गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में राज्य के 62 शहरों ने बढ़ाया अपना दर्जा, रायपुर को सेवन स्टार सम्मान-सिंगल, थ्री और फाइव स्टार दर्जा प्राप्त शहरों की संख्या 114 पहुँची, पिछले सर्वे में थी 71-तीन नगर निगम ओडीएफ प्लस प्लस से वाटर प्लस श्रेणी में पहुंचे, 163 निकायों को मिला ओडीएफ प्लस प्लस दर्जारायपुर /भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। राज्य के नगरीय निकायों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिणाम है कि इस बार सर्वेक्षण में शामिल 169 शहरों में से 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। स्वच्छता के इस राष्ट्रीय मूल्यांकन में देशभर के 4,566 शहरों के बीच छत्तीसगढ़ के 25 शहर टॉप-100 में शामिल हुए हैं, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में बड़ी छलांग है, जब केवल 16 शहर टॉप-100 में आ पाए थे।राज्य के 62 नगरीय निकायों ने गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में अपना दर्जा बढ़ाया है, जबकि सिंगल, थ्री और फाइव स्टार प्राप्त करने वाले शहरों की संख्या 71 से बढ़कर अब 114 हो गई है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने इस बार फाइव स्टार से बढ़कर सेवन स्टार की सर्वोच्च रेटिंग प्राप्त की है। रायपुर को गारबेज-फ्री सिटी श्रेणी में यह सम्मान प्राप्त हुआ है, साथ ही स्वच्छता में उसे वाटर प्लस शहर का दर्जा भी मिला है।इस बार बिलासपुर, कोरबा और भिलाई नगर—ये तीन नगर निगम ओडीएफ प्लस प्लस से बढ़कर वाटर प्लस श्रेणी में पहुंच गए हैं। राज्य के 163 नगरीय निकायों को ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा प्राप्त हुआ है, जिनमें किरंदुल और भाटापारा नगर पालिका तथा कुंरा नगर पंचायत जैसे निकाय भी शामिल हैं, जो पहले केवल ओडीएफ श्रेणी में थे। सीतापुर नगर पंचायत ने भी ओडीएफ प्लस से आगे बढ़कर ओडीएफ प्लस प्लस दर्जा हासिल किया है।पिछले डेढ़ वर्षों में 62 नगरीय निकायों ने अपने सतत प्रयासों के माध्यम से गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में सुधार किया है। बिलासपुर और अंबिकापुर ने अपने थ्री स्टार स्तर को बढ़ाकर फाइव स्टार किया है, जबकि भिलाई नगर, जगदलपुर नगर निगम, जामुल नगर पालिका और घरघोड़ा नगर पंचायत ने 2023-24 के सिंगल स्टार दर्जे से आगे बढ़ते हुए अब थ्री स्टार प्राप्त किया है। वहीं, धमतरी, शिबरीनारायण और राजपुर जैसे शहर, जो पूर्ववर्ती सर्वे में स्टार रेटिंग में नहीं थे, उन्होंने सीधे थ्री स्टार श्रेणी में प्रवेश किया है। स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में विशेष प्रयासों के चलते राज्य के 52 नगरीय निकायों ने नो स्टार से उन्नत होकर अब सिंगल स्टार दर्जा प्राप्त कर लिया है।इस बार कई नगरीय निकायों की राष्ट्रीय रैंकिंग में बड़ा सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2023-24 में राष्ट्रीय स्तर पर 649वें स्थान पर रहे सिमगा ने इस बार 95वीं रैंक हासिल की है। इसी तरह जशपुर 637वें से 91वें, राजपुर 630वें से 63वें और घरघोड़ा 616वें से 71वें स्थान पर आ गया है। भिलाई-चरोदा ने अपनी रैंकिंग 587 से सुधारकर 68, दोरनापाल ने 557 से 81, दंतेवाड़ा ने 552 से 70, जगदलपुर ने 461 से 55, मुंगेली ने 447 से 86, कवर्धा ने 430 से 77, कुनकुरी ने 426 से 84, दुर्ग ने 314 से 80, राजनांदगांव ने 268 से 46, भिलाई नगर ने 267 से 22, छुरा ने 230 से 76, प्रतापपुर ने 173 से 62, बलरामपुर ने 65 से 53 और रायपुर ने 12वीं रैंक से बढ़कर चौथा स्थान प्राप्त किया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के शहरों की इस उपलब्धि को स्थानीय निकायों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि शहरी सरकार, राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर नवाचारों के साथ शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के शहरों की रैंकिंग में और भी सुधार होगा और इस बार की राष्ट्रीय सफलता सभी नगरीय निकायों को और अधिक प्रेरित करेगी।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों की सराहना करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगरीय विकास और स्वच्छता हेतु राज्य सरकार द्वारा 7,400 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी, जिसका यह सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया था कि वे अपने अधीनस्थ अमले के साथ प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर सफाई कार्यों की नियमित निगरानी करें। श्री साव ने कहा कि विभाग की इन दोनों पहलों की इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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-समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश
- आवारा पशुओं को सीएमओ और जनपद सीईओ अभियान चलाकर मुख्य मार्ग से हटाएंमहासमुंद, / कलेक्टर श्री विनय लंगेह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में जिले के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि साहू, श्री रविराज ठाकुर, सभी विभाग के जिला अधिकारी सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वीसी के माध्यम से जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के प्रतिनिधि, सीएमओ सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में कलेक्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के अनुरूप स्वीकृत कार्यां के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान किए गए घोषणाओं को प्राथमिकता से क्रियान्वित करें। सरायपाली, खल्लारी में किए गए घोषणाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्हांने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति का मॉनिटरिंग अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। अतः सभी विभाग अपने प्रत्येक माह की उपलब्धियों की जानकारी पोर्टल में अपलोड करना सुनिश्चित करें। साथ ही उच्च कार्यालय का भेजना भी सुनिश्चित करें। कलेक्टर नेबैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, बहुद्देशीय केंद्र, आयुष्मान कार्ड वितरण सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से तालमेल के साथ कार्य करने कहा। प्रधानमंत्री आवासों की समीक्षा की और निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में निर्माण कार्य बाधित न हो, हर हितग्राही को समय पर लाभ मिले।पर्यावरण संरक्षण को लेकर “एक पेड़ मां के नाम“ अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को पोर्टल में एंट्री सुनिश्चित करने को कहा। वहीं “मोर गांव मोर पानी“ अभियान के अंतर्गत गांवों में पेयजल स्रोतों की सफाई, खुले में गंदगी की रोकथाम और स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनभागीदारी से बनाए जा रहे सोख्ता गड्ढा एवं इंजेक्शन वेल की जानकारी ली। जिले में अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना की आवासों में 8265 एवं अन्य स्थानों पर 5 हजार सोख्ता गड्ढे बनाए गए है। जबकि बंद पड़े बोर के जल संरक्षण के लिए 178 इंजेक्शन वेल का निर्माण किया गया है। कलेक्टर ने इस अभियान को निरंतर चलाने के निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान जर्जर भवनों में स्कूल, आंगनवाड़ी अथवा हॉस्टल संचालन नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक तौर पर ऐसे भवनों को छोड़कर सामुदायिक या अन्य शासकीय भवनों में संचालन किया जाए। साथ ही जर्जर भवनों के डिस्मेंटल करने की कार्रवाई किया जाए।छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती समारोह की तैयारी को लेकर निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी विभाग निर्देशानुसार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और शीघ्र प्रस्तुत करें। उन्होंने बताया कि 16 अगस्त से 31 मार्च तक रजत जयंती समारोह के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। जिसमें राज्य स्थापना के पश्चात विकास और उपलब्धियों की सफर को रेखांकित जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।सड़कों पर आवारा मवेशियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने नगरीय निकाय और जनपद सीईओ की नामजद ड्यूटी लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि निरंतर अभियान चलाकर इस पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए। उन्होंने खाद की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि खाद भंडारण और वितरण की निरंतर समीक्षा करते हुए सोसायटियों में भंडारित खादों को किसानों को वितरण सुनिश्चित किया जाए। निजी संस्थानों में ओवर स्टॉक होने पर कार्रवाई करें। उन्होंने अवैध शराब निर्माण एवं विक्रय की शिकायतों पर निरंतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।बैठक में राजस्व प्रकरणों और समय-सीमा पत्रकों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जनता से जुड़े प्रकरणों को समय पर और प्राथमिकता से हल किया जाए। साथ ही सभी कार्यालयों को ई-ऑफिस प्रणाली के तहत फाइल मूव करने और प्रशासनिक प्रक्रिया को डिजिटल रूप से मजबूत करने के निर्देश भी दिए। -
बिलासपुर /राज्य के मूल निवासी अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के स्थायी जाति प्रमाण पत्र धारक ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने वर्ष 2025 में संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। योजनांतर्गत आदिवासी विकास विभाग द्वारा उन्हें 1 लाख रूपये प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जाएगा। पात्र अभ्यर्थी 12 अगस्त 2025 तक अपना आवेदन-पत्र आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, ब्लाक-डी, भूतल, इंद्रावती भवन, अटल नगर, नवा रायपुर के कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर अथवा पंजीकृत डाक से जमा कर सकते है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी पात्रता की शर्ते तथा आवेदन पत्र का प्रारूप विभाग की वेबसाईट www.tribal.cg.gov.in से प्राप्त कर सकते है।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने 2025 में सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की हो, जिनके पालक तथा स्वयं अभ्यर्थी की समस्त स्त्रोतों में आय आयकर की श्रेणी में न आती हो अर्थात जो आयकर दाता न हों, जिन्होंने केंद्र या राज्य शासन की योजनांतर्गत निःशुल्क रहवासी प्रशिक्षण प्राप्त न किया हो तथा पूर्व में उक्त प्रारंभिक परीक्षा में सफल होकर इस योजनांतर्गत प्रोत्साहन राशि प्राप्त न किया हो योजना के लिए पात्र माने जाएंगे। - *खरोरा की पूजा को सरकारी योजनाओं से टीबी इलाज में मिली राहत**टीबी मरीजों को मिल रही सरकारी सहायता – 6 माह का पोषण आहार और आर्थिक सहायता*रायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार टीबी (तपेदिक) के मरीजों के लिए मुफ्त इलाज, जांच और पोषण संबंधी सहायता प्रदान करती है। शासन ने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, इसी कड़ी में ज़िले की खरोरा निवासी सुश्री पूजा धीवर ने बताया मैं टीबी मरीज हूं और मेरा इलाज सरकारी दवाई के माध्यम से हो रहा है साथ ही दवाई लेने के बाद मेरे सेहत में सुधार हो रहा है | इस लाभकारी योजना के लिए मैं मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करती हूँ | टीबी मरीजों को सरकार द्वारा 6 माह में 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता DBT (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से दी जाती है एवं 6 माह का प्रोटीनयुक्त पोषण आहार भी प्रदान किया जाता है | टीबी के यह लक्षण हो सकते है :- खांसी, बुखार, पसीने आना, सीने में दर्द, बलगम में खून और शरीर में गांठे आदि | रायपुर में जिला क्षय रोग केंद्र कालीबाड़ी में स्थित है, यहाँ मरीज अधिक जानकारी के लिए संपर्क कर सकते है |
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*'समूह जलप्रदाय योजनाओं के कार्यों में भी लाएं तेजी'*
*उप मुख्यमंत्री ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की**सभी गांवों में हर घर नल से जल पहुंचाने टीम वर्क से काम करने के दिए निर्देश, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने कहा**जल जीवन मिशन से 31.16 लाख से अधिक परिवारों को मिल रहा शुद्ध पेयजल, 5029 योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित*बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में 90 प्रतिशत कार्य पूर्णता वाले नल जल योजनाओं के काम तत्परता से पूर्ण कर जल्द जलापूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सतही जल पर आधारित कई गांवों के लिए प्रगतिरत समूह जलप्रदाय योजनाओं के काम में तेजी लाने को कहा। उन्होंने जल जीवन मिशन का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए विभागीय अधिकारियों को टीम वर्क से काम करने के दिए निर्देशित करते हुए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, जल जीवन मिशन के संचालक श्री जितेन्द्र कुमार शुक्ला और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री टी. डी. साण्डिल्य भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि प्रदेशवासियों को पेयजल उपलब्ध कराने का पुण्य काम आपके जिम्मे है। केन्द्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के कार्यों को पूर्ण करने की अवधि वर्ष 2028 तक बढ़ा दी गई है। मिशन के कार्यों को तय समय़ावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के लिए टीम वर्क और कड़ी मॉनिटरिंग जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को अपनी मैदानी टीम के साथ प्रत्येक गांव के हर घर में नल से जल पहुंचाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर प्राथमिकता से उनका त्वरित क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।श्री साव ने कहा कि सबसे पहले जिन योजनाओं के कार्य 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं, उनके बचे कार्यों को त्वरित गति से पूर्ण कराकर हर-घर-जल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। ऐसे गांवों में तेजी से कार्य कर जल्दी ही ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करा सकते हैं। इन योजनाओं से जलापूर्ति शुरू होने के बाद 60 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक कार्य प्रगति वाली योजनाओं को पूर्ण कराएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह आवश्यक नहीं है कि आप केवल निर्धारित कार्ययोजना व लक्ष्यों के आधार पर ही कार्य करें। आप मैदानी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर अन्य योजनाओं को पूर्ण कर सकते हैं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने समूह जलप्रदाय योजनाओं के कामों में भी तेजी लाते हुए समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश दिए जिससे कि समय पर प्रदेशवासियों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने बैठक में बताया कि शासन स्तर पर 128 उप-अभियंताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। इन उप-अभियंताओं के मैदानी बल में शामिल होने से योजनाओं को पूर्ण करने में और अधिक मदद मिलेगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रतिबद्धता से काम करते हुए निर्धारित समयावधि में जल जीवन मिशन के सभी कार्यों को पूर्ण करने के लिए जुट जाने को कहा।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के 19 हजार 656 गांवों के लिए 29 हजार 160 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनके माध्यम से 49 लाख 98 हजार ग्रामीण परिवारों को हर घर नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मिशन के तहत अब तक 31 लाख 16 हजार 398 ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। शत-प्रतिशत कनेक्शन वाली 5029 नल जल योजनाएं संचालन के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कर दी गई हैं।अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रगतिरत नल जल योजनाओं को तेजी से पूर्ण करने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्यों को गति दी जा रही है। निर्माणाधीन सभी कार्यों को आगामी तीन वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 13 हजार 846 योजनाओं, 2026-27 में 7261 योजनाओं तथा 2027-28 में 4077 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता समीक्षा बैठक में मौजूद थे। - रायपुर / रायपुर में पेंशन के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशन में सोमवार को श्री गजानन पटेल, वरिष्ठ कोषालय अधिकारी, जिला कोषालय रायपुर द्वारा रेडक्रॉस सभा कक्ष कलेक्ट्रेट परिसर में कार्यशाल आयोजित किया गया । जिसमें जिला कोषालय रायपुर के अंतर्गत आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को उनके कार्यालय स्तर पर आपत्ति युक्त लंबित पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण किये जाने हेतु संभागीय संयुक्त संचालक, कोष, लेखा एवं पेंशन रायपुर श्री महेश साकल्ले एवं वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री गजानन पटेल द्वारा विस्तार से चर्चा कर एवं इसके निराकरण हेतु कार्यालय स्तर पर सार्थक पहल किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। इसमें कार्यालय स्तर के पेंशन प्रकरण बनाकर संयुक्त संचालक पेंश कार्यालय ऑनलाईन प्रेषित किये गये प्रकरणों में दर्ज आपत्ति तथा पीपीओ जारी होने के पश्चात जिला कोषालय स्तर पर कार्यालय द्वारा वांछित जानकारी निर्धारित समय में पोर्टल में अपलोड नहीं किये जाने के फलस्वरूप लंबित हुए प्रकरणों के तत्काल निराकारण किये जाने पर जोर दिया गया ताकि संबंधित कर्मचारी का शीघ्र पेंशन, उपादान का भुगतान किया जा सके।प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू होने के फलस्वरूप सीपीएस कर्मचारियों के मृत्यू, अशक्तता के प्रकरण को EWR किये जाने के फलस्वरूप लंबित प्रकरणों पर संबंधित आहरण संवितरण अधिकारियों को शीघ्र ही निर्धारित फार्म भर कर कोषालय मे प्रस्तुत किये जाने तथा सेवानिवृत्ति के स्थिति में सरकार के अंशदान व उसके ब्याज की राशि का भाग चालान बनाकर शासन के निर्धारित मद में जमा कर पेंशन प्रकरण का निराकरण किये जाने के निर्देश दिये गये, साथ ही सामान्य भविष्य निधि के ऋणात्मक शेष प्रकरणों के संबंध में संबंधित डीडीओ को यथाशीघ्र निराकृत किये जाने हेतु चर्चा की गई।
- *3 पंचायत सचिव निलंबित, 3 जनपद सीईओ को संभागायुक्त श्री कावरे ने जारी किया शोकॉज नोटिस*रायपुर / रीपा योजना का पंचायत एवं ग्रामीण विकास ने शासन स्तर पर जांच की थी जिसके प्रतिवेदन के आधार पर कार्यवाही की गई। जांच में विभिन्न स्तर पर गड़बड़ी एवं नियम प्रक्रिया का पालन नहीं करना पाया गया। जांच के आधार पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। रायपुर संभाग के 3 पंचायत सचिव पर निलंबन कार्यवाही की गई है। साथ ही तत्कालीन जनपद पंचायत सीईओ को कारण बताओे नोटिस दिया गया है।संभागायुक्त कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार महासमुंद जिला पंचायत सीईओ ने जनपत पंचायत महासमुंद के ग्राम पंचायत बिरकोनी के सचिव शंकर साहु, बलौदाबाजार-भाटापारा के जिला पंचायत सीईओ ने जनपद पंचायत पलारी के गिर्रा के ग्राम पंचायत सचिव खिलेश्वर ध्रुव और जनपद पंचायत बलौदाबाजार के ग्राम पंचायत लटुआ के सचिव टीकाराम निराला को निलंबित किया है। इन्हें भण्डार क्रय नियम का पालन न करने, बगैर तकनीकी परीक्षण किये मशीन क्रय करना एवं मशीन के देय का खण्ड खण्ड भुगतान के साथ कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही बरतने के कारण यह कार्यवाही की गई है।रीपा की जांच के संबंध में संभागायुक्त श्री महादेव कावरे द्वारा तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पलारी श्री रोहित नायक जिला बलौदाबाजार-भाटापारा को, तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बलौदाबाजार श्री रवि कुमार जिला बलौदाबाजार भाटापारा एवं तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत महासमुंद, लिखत सुल्ताना जिला महासमुंद को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। आयुक्त रायपुर संभाग द्वारा उक्त अधिकारियों को नियत अवधि में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
- -सर्वाधिक वर्षा पिथौरा तहसील में 715.9 मिलीमीटर-आज 9.1मिलीमीटर औसत वर्षा दर्जमहासमुंद / महासमुंद जिले में चालू मानसून के दौरान 01 जून 2025 से अब तक 519.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सर्वाधिक औसत वर्षा पिथौरा तहसील में 715.9 मिलीमीटर, सरायपाली में 544.7 मिलीमीटर, बसना में 530.7 मिलीमीटर, महासमुंद में 462.3 मिलीमीटर, बागबाहरा में 460.9 मिलीमीटर और सबसे कम वर्षा 404.1 मिलीमीटर कोमाखान तहसील में दर्ज की गई। आज 29 जुलाई को 9.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के तहसीलवार वर्षा में बागबाहरा तहसील में 15.7 मिलीमीटर, कोमाखान में 15.2 मिलीमीटर, बागबाहरा में 12.4 मिलीमीटर, पिथौरा में 5.4 मिलीमीटर, बसना में 3.0 मिलीमीटर एवं सरायपाली तहसील में 2.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
- राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देशानुसार जिले में विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर सोमवार को हेपेटाइटिस बीमारी के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला स्तरीय संगोष्ठी महाराष्ट्र मंडल बल्देव बाग में आयोजित किया गया। जिसके अंतर्गत शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के 205 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों का स्क्रीनिंग एवं टीकाकरण किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न ने संगोष्ठी में सभी कार्यकर्ताओं को स्वयं, अपने परिवार एवं समुदाय को सुरक्षित रखने के लिए जागरूक रहने की अपील की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने हेपेटाइटिस बीमारी के प्रमुख लक्षण के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुखार व थकान, भूख कम लगना, उल्टी, त्वचा में खुजली व पीलापन, गहरे रंग का पेशाब, शहरी में दर्द व मांसपेशियों में सूजन होना हेपेटाइटिस बीमार के प्रमुख लक्षण है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस ए और ई से बचाव के लिए साफ पानी का सेवन करना चाहिए। हाथ धोने की आदत, ताजा फलों का सेवन करना चाहिए और खुले में शौच नहीं करना चाहिए।हेपेटाइटिस बी एवं सी से बचाव के लिए इंजेक्शन तथा रेजर ब्लेड का उपयोग एक बार करना चाहिए। ब्लड पंजीकृत ब्लड बैंक से ही लिया जाए। नवजात बच्चों को हेपेटाइटिस बी का जन्म खुराक अवश्य देना चाहिए। हेपेटाइटिस धनात्मक माताओं से जन्म नवजात शिशु को हेपेटाइटिस म्यूनोग्लोबिन एचबीआईजी जन्म के 24 घंटे में अवश्य दें। इसके संबंध में टोलफ्री नंबर 1800-11-6666 जारी किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन, जिला नोडल अधिकारी डॉ. बीएल तुलावी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकार, जिला प्रबंधक शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम डॉ. पूजा मेश्राम, शहरी सुपरवाईजर श्री कौशल शर्मा, जिला माईक्रोबॉयोलॉजिस्ट श्रीमती वंदना कोसरिया, जिला डाटा मैनेजर श्री अखिलेश सिंह, सेक्रेटेरियल असिस्टेंट श्री हेमन्त कुमार साहू एवं सेक्रेटेरियल असिस्टेंट श्री हेमन्त यादव, एरिया कोआर्डिनेटर श्रीमती देवकी वर्मा सहित सभी शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के कार्यकर्ता एवं मितानिन उपस्थित थे।
- - सीआरसी ठाकुरटोला में दिव्यांगजनों हेतु दिव्यांगजन द्वारा मेला ''पर्पल फेयर का किया गया आयोजनराजनांदगांव । दिव्यांगजन कौशल विकास, पुनर्वास एवं सशक्तिकरण समेकित क्षेत्रीय केन्द्र (सीआरसी) ठाकुरटोला राजनांदगांव में सोमवार को दिव्यांगजनों हेतु दिव्यांगजन द्वारा मेला ''पर्पल फेयरÓÓ का आयोजन किया गया। पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि समेकित क्षेत्रीय केन्द्र (सीआरसी) ठाकुरटोला देश, प्रदेश एवं विशेषकर राजनांदगांव के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र है। भविष्य में प्रदेश के तमाम दिव्यांग बच्चे एवं बुजुर्गों के पुनर्वास, उपकरण तथा समय-समय पर उन्हें आधुनिक तकनीकों से अवगत कराने, उनके सम्मान, सामाजिक स्तर पर सशक्त बनाने, उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए एक अद््भूत केन्द्र राजनांदगांव में है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस संस्थान का सदुपयोग करें। हर दिव्यांग तक शिक्षा एवं उपकरण पहुंचे तथा उनके प्रति समाज में संवेदनशीलता एवं जागरूकता रहे। छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव में दिव्यांगजनों के लिए एक दूरदर्शी प्रयास करते हुए सीआरसी सेंटर प्रारंभ किया गया है। जहां उन्हें सम्मान के साथ-साथ आजीविका के लिए भी अवसर उपलब्ध हो रहे है। इस संस्थान में निस्वार्थ भाव से दिव्यांगजनों की सेवा की जा रही है। यहां ऐसे प्रशिक्षित एवं विशेषज्ञों के द्वारा दिव्यांगजनों को शारीरिक एवं मानसिक तरीके से मजबूत बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। दिव्यांगजनों के सशक्त बनने से हमारा प्रदेश सशक्त बनेगा। उन्होंने पर्पल फेयर में लगाए गए सभी स्टॉल का अवलोकन किया तथा दिव्यांगजनों द्वारा बनाई गई खुबसूरत पेंटिंग एवं उनके हुनर की प्रशंसा की।पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना ने कहा कि मक्के के दाने की पंक्तिबद्धता, संतरो की कलियों का अनुशासन, गुलाब की कलियों की व्यवस्था, मोर पंख की सुंदरता देखी होगी, इन सभी को मिलाकर समेकित क्षेत्रीय केन्द्र (सीआरसी) ठाकुरटोला बना है। उन्होंने कहा कि खेलना और मुस्कुराना ईश्वर के हाथ में हैं और उनके बीच महकना इंसान के हाथ में है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन ईश्वर की देन है और हमें दिव्यांगजनों की सेवा करनी चाहिए। समाजसेवी श्री बल्देव सिंह भाटिया ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में समेकित क्षेत्रीय केन्द्र (सीआरसी) ठाकुरटोला की निदेशक श्रीमती स्मिता महोबिया ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया एवं सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आयुष विभाग की ओर से दिव्यांग बच्चों के लिए नि:शुल्क आयुष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया तथा उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आयुष विभाग की ओर से सभी को स्वास्थ्यवर्धक काढ़ा का वितरण किया गया। इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों द्वारा रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई।उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजनों को किया गया सम्मानितइस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजनों को सम्मानित किया गया। जिनमें श्री चित्रसेन साहू, सुश्री श्रुति गुप्ता, श्री विवेक सोनी, श्री देवसिंह अहिरे, श्री हरिहर सिंह राजपूत, श्री श्रव्य राजेश, श्री राहुल कुमार, श्री तरूण कुमार उईके, श्री राकेश सिन्हा को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्रीमती शारदा तिवारी, श्री बल्देव सिंह भाटिया, श्री सौरभ कोठारी, सरपंच श्री ऐश्वर्य ठाकुर, श्री सुनील मूंदड़ा, श्री सुनील बरडिया, श्री हेमन्त तिवारी, श्री अम्लेंदु हाजऱा, श्री संदीप ताम्रकार, श्री अरूण भास्कर गुप्ता, श्री गुणवंत साहू, श्री जीएस भाटिया, श्री चंद्रकांत लोहिया, श्री कांति मौर्य, श्री यश एवं विभिन्न समाज सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में दिव्यांग बच्चे एवं नागरिक उपस्थित थे। पर्पल फेयर में वोकेशनल डिपार्टमेंट सीआरसी राजनांदगांव, चिन्मय मदर, रिचा मदर, श्री विवेक सोनी, सीआरसी फूड स्टॉल राजनांदगांव, आकांक्षा लॉयन इंस्ट्यूट ऑफ लर्निंग ऑफ इम्पावरमेंट, श्रद्धा सांई महिला उत्थान समिति, अभिलाषा दिव्यांगजन कल्याणार्थ संस्था राजनांदगांव, ब्राईट मिस्टर एण्ड हाई स्कूल दुर्ग, शासकीय नर्सिंग कालेज राजनांदगांव, जिला आयुष विभाग, आस्था स्कूल, मनोकामना, समर्थ, मानवता, नई दिशा, एसएसए, लॉयन क्लब, आस्था मूक बधिर शाला, पतंजलि योग समिति, योगासन स्पोट्र्स एसोसियेशन, सक्षम भारत-समर्थ भारत, भारतीय शिक्षा बोर्ड छत्तीसगढ़ की सहभागिता रही।
- - राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा मिनीमाता कन्या महाविद्यालय के दीक्षारम्भ समारोह में हुए शामिल- महाविद्यालय को दी 3 करोड़ से अधिक के निर्माण कार्याें की सौगातबलौदाबाजार। राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा सोमवार को शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय बलौदाबाजार में नवप्रवेशी छात्राओं के दीक्षारम्भ समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने महाविद्यालय को 3.25 करोड़ रूपए से अधिक की सौगात दी जिसमें 52.70 लाख रूपए की लागत से अतिरिक्त कक्ष निर्माण का लोकार्पण एवं 272.81 लाख रूपए की लागत से बनने वाले छात्रावास भवन का शिलान्यास एवं भूमिपूजन शामिल है। इसके साथ ही छात्राओं की मांग पर एक हजार सीटों की क्षमता वाले कान्फ्रेंस हॉल, 2 स्मार्ट क्लास और महाविद्यालय परिसर में हाई मास्क लाइट की स्थापना करने की भी घोषणा की।मंत्री श्री वर्मा ने नवप्रवेशी छात्राओं को रक्षासूत्र बांधकर उनका स्वागत किया। उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि छात्र जीवन में दृढ़ संकल्प और मेहनत से आपका भविष्य उज्जवल बनेगा। उन्होंने कहा इतिहास में उन्ही लोगों का नाम दर्ज किया जाता है जो कड़ा संघर्ष कर सफलता हासिल करते है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि छात्राओं को उच्च शिक्षा हेतु प्रेरित करना छत्तीसगढ़ सरकार का ध्येय है।हमारी मंशा है कि हमारी बेटियां खूब पढ़े और खूब आगे बढ़े। उन्होंने कहा इस महाविद्यालय की छात्राओं की सुविधा और बेहतरी के लिए सारे जरूरी कदम उठाएं जायेंगे। उन्होंने छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी अपना और जिले का नाम रोशन करें।प्राचार्य डॉ. वासु वर्मा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि महाविद्यालय के विकास के लिए जो सौंगाते मिली है वो यहां पढ़ने वाली बालिकाओं के लिए बहुत जरूरी थी। शासन -प्रशासन द्वारा महाविद्यालय की बेहतरी के लिए हर संभव सहयोग किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा, जिला अध्यक्ष आनंद यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं।
- 0- एनएसयूआई के बैनर तले कलेक्टर को सौंपा गया 5 सूत्रीय ज्ञापन0- 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनीखैरागढ़ (राजनांदगांव)। रानी रश्मिदेवी सिंह शासकीय महाविद्यालय में लंबे समय से चली आ रही मूलभूत समस्याओं को लेकर सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के बैनर तले छात्र-छात्राओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पहले महाविद्यालय गेट के समक्ष धरना दिया, उसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष सुमित जैन (काकू) और शहर अध्यक्ष वासु सिंह ठाकुर ने किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए कॉलेज प्रबंधन की उदासीनता को लेकर कड़ा रोष व्यक्त किया। छात्रों ने बताया कि कॉलेज प्रशासन उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रहा है जिससे विद्यार्थी वर्ग में भारी असंतोष व्याप्त है। बता दे कि महाविद्यालय की उक्त समस्याओं को लेकर अंदर खाने सत्तारूढ़ भाजपा से जुड़े विद्यार्थी संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीव्हीपी) के छात्रों का भी समर्थन रहा।यह है छात्रों की प्रमुख मांगेंमहाविद्यालय में व्याप्त समस्याओं को लेकर छात्रों की प्रमुख मांगो ं में से फीस कटौती को लेकर बीते सत्र में फीस में की गई अनावश्यक वृद्धि को वापस लेने की मांग की गई है। शौचालयों की सफाई कॉलेज परिसर में शौचालयों की नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। सेनेटरी पैड मशीनः छात्राओं के लिए सेनेटरी पैड मशीन की सुविधा उपलब्ध कराने निवेदन किया गया है। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था: कॉलेज परिसर में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की समुचित व्यवस्था करने का आग्रह प्रशासन से किया गया है। कक्षाओं की मरम्मतः कक्षाओं की छत से हो रही सीलन और टपकाव की समस्या को तत्काल दूर करने की मांग छात्रों ने एकमत स्वर में की है। कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने छात्रों को आश्वस्त किया कि वे दो दिन के भीतर संबंधित विभागों की बैठक बुलाकर समस्याओं पर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। इस दौरान जिला अध्यक्ष सुमित जैन ने चेतावनी दी कि यदि 7 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तोएनएसयूआई जिलेभर में उग्र आंदोलन करेगी। शहर अध्यक्ष वासु सिंह ठाकुर ने भी दोहराया कि छात्र लंबे समय से परेशान हैं और अब धैर्य की सीमा पार हो चुकी है।कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करने की बात कहते हुए जल्द समाधान का भरोसा दिलाया है।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने बेमेतरा जिले में किया 102 करोड़ की राशि के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यासरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने बीते डेढ़ वर्षों में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिनका उद्देश्य प्रदेश को समग्र विकास की ओर अग्रसर करते हुए जनकल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये ठोस कदम आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को देश के लिए एक उदाहरण के रूप में स्थापित करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय आज बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी स्थित स्टेडियम परिसर में आयोजित विशाल आमसभा को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बेहद कम समय में जनता से किए गए अधिकांश वादों को धरातल पर उतारा है। उन्होंने बताया कि गरीबों के अपने घर के सपने को साकार करते हुए 18 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है। किसानों को धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, वहीं पिछले दो वर्षों का बकाया धान बोनस भी किसानों को दिया जा चुका है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना के तहत राज्य की 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए की सहायता दी जा रही है, जो सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। इसी प्रकार, पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए अटल सेवा केंद्रों की स्थापना की गई है, जिससे ग्रामीण स्तर पर ही नागरिक सेवाएं सुलभ हो रही हैं।इस अवसर पर उन्होंने बेमेतरा जिले को 102 करोड़ रुपये की लागत से 48 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया जिसमें 35.76 करोड़ रुपये के 22 कार्यों का लोकार्पण और 66.91 करोड़ रुपये के 26 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री श्री साय ने 20 ग्राम पंचायतों में सीसी रोड निर्माण हेतु प्रति पंचायत 5-5 लाख की घोषणा की। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने पौधारोपण कर पर्यावरण-संदेश दिया और विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण किया।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने दाढ़ी नगर पंचायत को बड़ी सौगात देते हुए कार्यालय भवन निर्माण के लिए 1.25 करोड़ की स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की सभी योजनाएं गांव, गरीब और किसान को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं और इन वर्गों के जीवन को उन्नत करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, महिला और युवा इन सभी वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना ही हमारी सरकार की दिशा और दृष्टि है।खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, विधायक श्री दिपेश साहू, विधायक श्री रोहित साहू, विधायक श्री ईश्वर साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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-क्षमता विकास आयोग और छत्तीसगढ़ शासन के बीच हुआ एमओयू
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समक्ष आज नवा रायपुर स्थित एक निजी होटल में भारत सरकार की क्षमता विकास आयोग एवं छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत हुए इस एमओयू पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक श्री सुब्रत साहू तथा क्षमता विकास आयोग की ओर से सदस्य सचिव श्रीमती वी. ललिता लक्ष्मी ने हस्ताक्षर किए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के स्वप्नों को साकार करने वाला एक दूरदर्शी मिशन है। इस मिशन के माध्यम से देश के सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों में कर्मयोगी की भावना विकसित होगी और वे राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में चार लाख शासकीय सेवकों को सतत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब तक लगभग 50 हजार अधिकारी-कर्मचारी इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुके हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य के अनुरूप कौशल विकास आज की अनिवार्यता बन गया है। इस नए युग के साथ निरंतर कौशल उन्नयन तथा शासन-प्रशासन में उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देने में मिशन कर्मयोगी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में जिस सुशासन की स्थापना के उद्देश्य से कार्य किया जा रहा है, उसे नई ऊँचाई प्रदान करने में यह एमओयू एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस साझेदारी के माध्यम से राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन प्रशिक्षण पद्धतियों को अपनाया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन कर्मयोगी को पूर्ण समर्पण के साथ लागू करने तथा इसके लाभ को प्रशासन के प्रत्येक स्तर तक पहुँचाने हेतु राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। सरकार निरंतर शासन एवं प्रशासनिक स्तर पर नवाचार और अभिनव पहलों के माध्यम से व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि यह पहल लोक सेवकों को नागरिकों की आवश्यकताओं के प्रति अधिक संवेदनशील और उत्तरदायी बनाने में सहायक सिद्ध होगी, साथ ही जन-केंद्रित नीतियों और सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहयोग प्रदान करेगी। श्री साय ने कहा कि इन प्रयासों के माध्यम से हम सभी मिलकर कुशल और प्रेरित लोक सेवकों के सहयोग से विकसित छत्तीसगढ़ के स्वप्न को साकार कर पाएँगे।इस अवसर पर आयोग की सदस्य डॉ. अल्का मित्तल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, मिशन कर्मयोगी योजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राकेश वर्मा, प्रशासन अकादमी के संचालक श्री टी.सी. महावर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। - -ऑफलाइन दस्तावेजों का सत्यापन कृषि महाविद्यालय रायपुर में 29 जुलाई को भी किया जाएगारायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के बीएससी कृषि (ऑनर्स) स्नातक पाठ्यक्रम में 556 रिक्त सीटों पर 12वीं परीक्षा के परिणामों के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।दिनांक 28 जुलाई को 12वीं के आधार पर प्रवेश में 421 अभ्यर्थियों ने अपना दस्तावेज परीक्षण कराया एवं 29 जुलाई 2 को अन्य अभ्यर्थी कृषि महाविद्यालय रायपुर में अपना दस्तावेज परीक्षण करवा सकते हैं30 जुलाई 2025 को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अभ्यर्थियों की प्रावीण्य सूची अपलोड की जाएगी। 31 जुलाई से 2 अगस्त तक अभ्यर्थियों को सीट आबंटन व फीस जमा करने कृषि महाविद्यालय रायपुर में उपस्थित होना होगा। काउंसिलिंग संबंधित दिशा-निर्देशों की अधिक जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.igkv.ac.in का अवलोकन कर सकते हैं। इस अवधि में पंजीयन करने वाले अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के तहत प्रावीण्यता के आधार पर उपरोक्त पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जाएगा।मेरिट लिस्ट 30 जुलाई को होगी जारी• ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 26 जुलाई• फीस भुगतान में विफल छात्रों के लिए दोबारा अवसर: 27 जुलाई• दस्तावेज सत्यापन (ऑफलाइन): 28 और 29 जुलाई• मेरिट सूची जारी: 30 जुलाई• सीट आवंटन और प्रवेश: 31 जुलाई से 2 अगस्तनिजी महाविद्यालयों में प्रबंधन सीटों पर प्रवेश के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 28 जुलाई से 3 अगस्त 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। बीएससी कृषि (ऑनर्स) स्नातक पाठ्यक्रम में उपलब्ध कुल 2015 सीटों में अब तक 1459 सीटों पर प्रवेश दिया जा चुका है और 556 सीटें रिक्त हैं। नवीन शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया जारी है।
- -नियद नेल्ला नार योजना से बदली माओवाद प्रभावित क्षेत्र की तस्वीर-कैम्प मेटागुड़ा में बिजली पहुंचने से जगी विकास की नई उम्मीदरायपुर। माओवाद प्रभावित सुदूर बस्तर अंचल का वह इलाका, जहां कभी सूरज ढलने के साथ ही घुप्प अंधेरा छा जाता था—अब वहां बिजली की रौशनी ने दस्तक दे दी है। जिला सुकमा के कोंटा विकासखंड अंतर्गत स्थित मेटागुड़ा में 27 जुलाई 2025 को जब पहली बार बिजली का बल्ब जला, तो यह सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं थी, बल्कि यह उस उजाले की शुरुआत थी, जो दशकों से विकास की प्रतीक्षा में खड़े लोगों के जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर आई है।कैम्प बना विकास का प्रवेश द्वारछत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित नियद नेल्ला नार योजना के तहत 29 दिसंबर 2024 को मेटागुड़ा में सुरक्षा कैम्प की स्थापना हुई थी। इस सुरक्षा कैम्प ने न सिर्फ सुरक्षा का घेरा बनाया, बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी को भी कम किया। आज उसी कैम्प की बदौलत मेटागुड़ा और आसपास के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी, संचार और अब बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचने लगी हैं।बिजली नहीं, विश्वास पहुंचा हैबिजली आने से मेटागुड़ा और आसपास के ग्रामीणों में उत्सव जैसा माहौल है। जिन घरों में अब तक दीपक की लौ ही रोशनी का एकमात्र साधन थी, वहां अब बल्ब जल रहे हैं। बच्चों की आंखों में पढ़ाई के नए सपने हैं और बुजुर्गों के चेहरे पर सुकून की रेखाएं।संवेदनशील क्षेत्र में कठिन रहा कार्य, लेकिन मिला सहयोगइस उपलब्धि के पीछे जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और सीआरपीएफ 131वीं वाहिनी की संयुक्त मेहनत रही। इस कार्य को सफल बनाने में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री सुंदरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा श्री कमलोचन कश्यप, उप महानिरीक्षक (परि.) सीआरपीएफ श्री आनंद सिंह राजपुरोहित, कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण, कमांडेंट सीआरपीएफ श्री दीपक कुमार साहू एवं द्वितीय कमान अधिकारी श्री मौली मोहन कुमार जैसे अधिकारियों का मार्गदर्शन और समन्वय रहा।रोशनी के साथ आएंगे अवसरबिजली सुविधा से अब ग्रामीणों को न केवल रोशनी मिलेगी, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, सिंचाई, मोबाइल चार्जिंग, टेलीविजन, रेडियो जैसे संचार एवं मनोरंजन के साधनों तक भी आसान पहुंच होगी। सबसे बड़ी बात यह कि यह सुविधा ग्रामीणों को यह एहसास कराएगी कि शासन उनके साथ है और उनका भविष्य उज्जवल है।उजाले की यह शुरुआत, विकास की लंबी यात्रा की पहली सीढ़ीमेटागुड़ा में बिजली आना सिर्फ एक गांव का विकास नहीं है, यह प्रतीक है उस सोच का, जिसमें बस्तर के अंतिम छोर तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने की प्रतिबद्धता है। "नियद नेल्ला नार" योजना का यह सफल उदाहरण आने वाले समय में अन्य दूरस्थ और अति संवेदनशील क्षेत्रों के लिए प्रेरणा बनेगा।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में हुए शामिल, स्टील उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में यूनिट लगाने का आमंत्रणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देश के विभिन्न स्टील उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में उत्पादन यूनिट स्थापित करने का आमंत्रण दिया है। उन्होंने आज स्थानीय होटल में आयोजित ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में सहभागिता कर उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में इस उद्योग की भरपूर संभावनाओं और इसके लिए विकसित अधोसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) की जानकारी दी। यह समिट कान्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज द्वारा पूर्वी क्षेत्र के सदस्यों के लिए आयोजित की गई थी।समिट में उपस्थित उद्यमियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में स्टील सेक्टर को विशेष रूप से प्रोत्साहन दिया गया है। यदि कोई उद्यमी ग्रीन स्टील का उत्पादन कर रहा हो, तो उसे विशेष अनुदान देने का प्रावधान भी छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को स्टील हब बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उनके नेतृत्व में देश में स्टील उत्पादन 100 मिलियन टन से बढ़कर 200 मिलियन टन हो गया है, और वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 300 मिलियन टन तक पहुँचाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी स्टील की वर्तमान उत्पादन क्षमता 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।छत्तीसगढ़: खनिज संसाधनों से समृद्ध, औद्योगिक संभावनाओं से परिपूर्ण राज्यमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने भरपूर खनिज संसाधनों के कारण समृद्ध है। इनके उचित दोहन से यहाँ औद्योगिक संभावनाओं में अत्यधिक विस्तार संभव है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अधिकतम लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार की रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना और राज्य सरकार की स्थानीय लोगों को रोजगार देने हेतु अनुदान योजनाओं से इस दिशा में सार्थक कार्य होगा।‘अंजोर विज़न’ दस्तावेज़ में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रमुखतामुख्यमंत्री ने उपस्थित उद्यमियों को बताया कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की परिकल्पना पर आधारित अंजोर विजन डाक्यूमेंट तैयार कर लिया गया है। इस दस्तावेज़ में चरणबद्ध रूप से विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। उन्होंने बताया कि इस विज़न दस्तावेज़ में सर्वाधिक फोकस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर है, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की कोर इंडस्ट्री – जैसे स्टील एवं पावर – को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।लक्ष्य प्राप्ति हेतु अधोसंरचना सहित सभी तैयारियाँ पूर्णमुख्यमंत्री ने बताया कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अधोसंरचना सहित सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। राज्य में रेलवे अधोसंरचना को सशक्त किया गया है। तेज़ी से रेल नेटवर्क और उससे संबंधित अधोसंरचना का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे स्टील सेक्टर को बूस्ट मिलेगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 47 हज़ार करोड़ रुपये की लागत से रेलवे के विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर कार्य हो रहा है। अब रावघाट से जगदलपुर रेलमार्ग पर भी कार्य आरंभ होगा। किरंदुल से तेलंगाना के कोठागुडेम तक नई रेललाइन बिछाई जाएगी, जिसमें 138 किलोमीटर का हिस्सा बस्तर से गुजरेगा। रायगढ़ के खरसिया से राजनांदगांव के परमालकसा तक नया रेल नेटवर्क बनाकर कई प्रमुख औद्योगिक केंद्रों तक कच्चे माल की आपूर्ति एवं तैयार माल की ढुलाई की प्रक्रिया आसान की जाएगी, जिससे उत्पादन लागत में भारी कमी आएगी।इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए 350 से अधिक सुधारमुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस की प्रक्रिया को लागू किया गया है। साथ ही 350 से अधिक नीतिगत सुधार किए गए हैं, जिनका सीधा लाभ स्टील सेक्टर में किए गए निवेशकों को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रीन एनर्जी को अपनाने वाले औद्योगिक संस्थानों को विशेष अनुदान दिया जाएगा। श्री साय ने राज्य में ग्रीन स्टील उत्पादन हेतु हाइड्रोजन जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग पर प्रसन्नता व्यक्त की।मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ माह पूर्व आयोजित एनर्जी समिट में छत्तीसगढ़ में लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 57 हज़ार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) उत्पादन की दिशा में भी छत्तीसगढ़ तेज़ी से प्रगति कर रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण पर तीव्र गति से कार्य हो रहा है, और नए औद्योगिक पार्क भी स्थापित किए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र को औद्योगिक पार्क स्थापित करने हेतु विशेष अनुदान का प्रावधान किया गया है। उन्होंने समिट में उपस्थित उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में निवेश करने और यूनिट स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।प्रशिक्षित जनशक्ति एवं लॉजिस्टिक नीति का लाभ उठाएंमुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के सभी विकासखंडों में स्किल इंडिया के सेंटर प्रारंभ कर दिए गए हैं, जिससे उद्योगों को प्रशिक्षित जनशक्ति की कोई कमी नहीं होगी। साथ ही उन्होंने बताया कि निवेशकों को नई लॉजिस्टिक नीति का भी लाभ मिलेगा। इस नीति के अंतर्गत ड्राय पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो आदि की स्थापना पर भी अनुदान प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया में स्थिति होने के कारण लॉजिस्टिक के क्षेत्र में असीम संभावनाएँ हैं। एक्सप्रेसवे, रेलवे और राजमार्गों के माध्यम से देश के चारों दिशाओं में बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ स्टील सेक्टर को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने रायपुर-दुर्ग-भिलाई जैसे शहरों को शामिल कर स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में एक बड़े स्टील क्लस्टर के विकास की योजना की जानकारी भी दी।250 से अधिक औद्योगिक संस्थान हुए समिट में शामिलकॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित इस ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में पूर्वी भारत के पांच राज्यों – पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ – के 250 से अधिक स्टील और पावर सेक्टर से जुड़े औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ में उद्योगों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सीआईआई द्वारा आयोजित औद्योगिक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।समिट में सीआईआई छत्तीसगढ़ के चेयरमैन श्री संजय जैन, को-चेयरमैन श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, वाइस चेयरमैन श्री बजरंग गोयल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत एवं सचिव उद्योग श्री रजत कुमार उपस्थित थे।






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