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- - निजी अस्पताल में मरीज की एंजियोप्लास्टी का किया गया था प्रयास परंतु कैल्शियम के अत्यधिक जमाव के कारण वहाँ एंजियोप्लास्टी करने में असफल रहेरायपुर .। पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट के कार्डियोलॉजिस्ट एवं उनकी टीम ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर एक नया इतिहास रचा है। निजी अस्पताल में असफल हो चुकी 70 वर्षीय मरीज की एंजियोप्लास्टी लेजर कट (एक्साइमर लेजर कोरोनरी एंजियोप्लास्टी/Excimer Laser Coronary Angioplasty (ELCA))) तकनीक से की गई। इसका जीवंत प्रदर्शन (लाइव डेमोंस्ट्रेशन) जबलपुर समेत देश के अन्य कार्डियोलॉजिस्ट ने भी देखा। वर्चुअल प्लेटफार्म पर आयोजित हुए इस लाइव कार्यशाला के जरिए एक बार फिर छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त हुई है।कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित हुए इस कार्यशाला को सफल बनाने में डॉ. कुणाल ओस्तवाल, डॉ. एस. के. शर्मा, डॉ. प्रतीक गुप्ता, नर्सिंग स्टाफ नीलिमा, वंदना, निर्मला, पूर्णिमा, टेक्नीशियन जितेंद्र, बद्री, प्रेमतथा मेडिकल सोशल वर्कर खोगेंद्र साहू का विशेष योगदान रहा। मरीज का उपचार मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना अंतर्गत हुआ।एक्साइमर लेजर कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (Excimer Laser Coronary Angioplasty (ELCA)) कट एक विशेष प्रकार की एंजियोप्लास्टी है, जिसमें लेजर का उपयोग करके कोरोनरी धमनियों में जमी हुई रुकावटों (plaque, thrombus) को हटाया जाता है। यह उन मामलों में प्रयोग की जाती है जहां पारंपरिक बैलून एंजियोप्लास्टी या स्टेंटिंग पर्याप्त नहीं होती।डॉ. स्मित श्रीवास्तव के अनुसार, एक 73 वर्षीय व्यक्ति के राइट कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज था। निजी अस्पताल में मरीज की एंजियोप्लास्टी की कोशिश की गई लेकिन यह प्रक्रिया असफल रह गई। मरीज के आर्टरी में इतना ज्यादा कैल्शियम जमा था कि कैल्शियम की वजह से एंजियोप्लास्टी करने वाला वायर क्रॉस नहीं हो सकता था(बैलून नॉन क्रॉसेबल)। साथ ही राइट कोरोनरी आर्टरी की उत्पति अपने मूल स्थान से न होकर ऊँचाई पर थी। यह इस केस की दूसरी जटिलता थी। इसके बाद यह मरीज अम्बेडकर अस्पताल स्थित एसीआई आया। मरीज की स्थिति को देखते हुए हमने एक्साइमर लेजर कोरोनरी एंजियोप्लास्टी कट (Excimer Laser Coronary Angioplasty (ELCA)) पद्धति से कैल्शियम को तोड़कर एंजियोप्लास्टी करने का सुझाव दिया।मरीज के दाहिने हाथ की धमनी के रास्ते दिल की नस तक कैथेटर को ले जाया गया। अत्यधिक वजनी और कठोर तारों से नस की रुकावट को पार किया गया एवं एक्साइमर लेजर का इस्तेमाल करते हुए जमे हुए कैल्शियम को तोड़कर आगे बढ़ा गया। वहां से बैलून के गुजरने का रास्ता बनाया गया। इसके उपरांत कोरोनरी इंट्रा वैस्कुलर अल्ट्रा सोनोग्राफी (आईवीयूएस) जो कि एंजियोग्राफी की अत्याधुनिक प्रक्रिया है, से हृदय के नस के अंदर की सोनोग्राफी कर बचे हुए कैल्शियम को चिन्हाकित कर धारदार चाकूनुमा विशेष कटिंग बैलून का इस्तेमाल करते हुए कैल्शियम को ऐसे काटा गया जैसे कोई मशीन चट्टान काट कर सुरंग बनाती है। कैल्शियम के पूरी तरह टूट जाने के बाद स्टंट जाने का रास्ता बनाया गया और दो स्टंट लगाकर एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान देशभर के कार्डियोलॉजिस्ट ने इस प्रक्रिया को लाइव देखा तथा प्रश्न पूछ कर अपनी शंकाओं का समाधान भी किया।डॉ. स्मित के अनुसार जबलपुर में कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया का राष्ट्रीय स्तर का कांफ्रेंस आयोजित हुआ है। उनके आग्रह पर हमने इस केस का जीवंत प्रदर्शन कर कार्यशाला को सफल बनाने में अपना योगदान दिया जिसकी देशभर में सराहना हुई।
- -महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने वितरित किए नियुक्ति पत्ररायपुर, /महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जिले के जरही कपसरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) भटगांव क्षेत्र के अंतर्गत भू-अधिग्रहण से प्रभावित स्थानीय 86 युवाओं को महामाया खदान के अंतर्गत रोजगार स्वीकृति पत्र वितरित किया।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार भू-अधिग्रहण प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएं।इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री रामसेवक पैकरा, विधायक श्रीमती शकुन्तला पोर्ते, एसईसीएल के जनरल मैनेजर श्री दिलीप बोबडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, जरही नगर पंचायत अध्यक्ष श्री पुरणराम राजवाड़े, भटगांव नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती परमेश्वरी राजवाड़े सहित एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
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-डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम
रायपुर, । देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर के सेक्टर-22 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रखी। यह डेटा सेंटर पार्क 13.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है, जिसमें 2.7 हेक्टेयर हिस्सा विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के रूप में विकसित होगा। रैक बैंक डेटा सेंटर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित यह परियोजना पूरी तरह एआई सेवाओं को समर्पित होगी। पहले चरण में 5 मेगावाट क्षमता से शुरू होकर इसे 150 मेगावाट तक विस्तारित किया जाएगा। भविष्य में इस परियोजना में लगभग 2000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश संभावित है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस डेटा सेंटर को हरित और ऊर्जा दक्ष तकनीक के अनुरूप डिजाइन किया गया है।यहां से न केवल स्टोरेज और प्रोसेसिंग की सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हेल्थटेक, डिफेंस, फिनटेक और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक सेवाएं भी दी जाएंगी। पार्क में GPU आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, रिकॉर्डिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग, और AI प्रॉसेसिंग जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी।इस परियोजना के जरिए लगभग 500 प्रत्यक्ष और 1500 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर तैयार होंगे। खास बात यह है कि इसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे छत्तीसगढ़ न केवल तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बनेगा बल्कि युवाओं के लिए नई संभावनाएं भी खुलेगीं। इस सेंटर के जरिए GPU आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग, एआई प्रोसेसिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी वैश्विक स्तर की सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इसका असर हेल्थटेक, फिनटेक, स्मार्ट एग्रीकल्चर और रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलावों के रूप में दिखाई देगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह सिर्फ एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव है। उन्होंने इसे राज्य के युवाओं, किसानों और आदिवासी समुदाय के लिए परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ अब डिजिटल भारत की धड़कन बनेगा।छत्तीसगढ़ के लिए क्या बदलेगा?* रोजगार की नई राहें: यह डाटा सेंटर पार्क आईटी, डाटा एनालिटिक्स, और तकनीकी रखरखाव जैसे क्षेत्रों में हजारों नौकरियां पैदा करेगा। छत्तीसगढ़ के युवा अब दिल्ली-मुंबई जाए बिना अपने घर पर ही तकनीकी करियर बना सकेंगे।* किसानों की मदद: AI तकनीक से किसानों को स्मार्ट खेती, मौसम की सटीक जानकारी, और फसल प्रबंधन में मदद मिलेगी। इससे उनकी मेहनत का ज्यादा फल मिलेगा।* आदिवासियों को डिजिटल ताकत: दूरदराज के आदिवासी इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, और सरकारी सेवाएं डिजिटल रूप से आसानी से पहुंचेंगी।* आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़: यह पार्क राष्ट्रीय और वैश्विक डाटा ट्रैफिक को संभालेगा, जिससे सरकारी सेवाएं तेज होंगी और राज्य डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनेगा। - -मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ पादप बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में हुए शामिलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के नव नियुक्त अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्री मरकाम को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने पदभार ग्रहण समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के माध्यम से बस्तर एवं सरगुजा संभाग में औषधि पादप को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि औषधि पौधों में बहुत से गुण होते हैं, इनके साथ ही बेहतर आमदनी के लिए औषधि पादपों के रोपण को बढ़ावा देने की जरूरत है। बस्तर एवं सरगुजा में इसकी अपार संभावनाएं है। बोर्ड को इस दिशा में और अधिक कार्य करने की जरूरत है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे बैगा-गुनिया और वैद्य आदिम समय से वन औषधि की पहचान कर लोगों का इलाज करते हैं। उन्होंने कहा डॉ रमन सिंह जी ने बैगा, वैद्य के बेहतरी एवं मानव स्वास्थ्य सेवा के लिए छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड गठन किया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के ओरछा के परंपरागत वैद्य श्री हेमंचद मांझी को औषधि पादप के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ठ कार्य के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया है। आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि जिन उद्देश्यों को लेकर छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड का गठन किया गया है, निश्चित ही श्री मरकाम के नेतृत्व में उन उद्देश्यों को पूरा कर पाएंगे। वैद्यों के ज्ञान एवं वनौषधियों के अनुभव का संग्रहण कर एक डाटाबेस तैयार करने बोर्ड को कार्य करने की जरूरत है ताकि इस डाटा का उपयोग समाज एवं मानव स्वास्थ्य के बेहतरी के लिए किया जा सके।वन एव जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का आक्सीजन जोन है। वनौषधियों के संरक्षण एवं संवर्धन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की है। हमारी सरकार वन में रहने वाली ग्रामीणों के लिए बेहतर कार्य कर रहे है। छत्तीसगढ़ में 5500 रूपये प्रति मानक बोरा के दर समर्थन मूल्य में वनोपज की खरीदी होती है जिसका फायदा तेंदूपता संग्राहकों को मिलता है। इसके साथ ही 67 प्रकार के वनोपज की भी खरीदी होती है। पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह को पूर्व राज्यसभा सांसद श्री समीर उरांव और पादप बोर्ड के नवनिययुक्त अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने भी सम्बोधित किया।इस अवसर पर रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक सर्वश्री राजेश मूणत, मोती लाल साहू, गजेंद्र यादव, नीलकंठ टेकाम, प्रणव मरपच्ची, सहित विभिन्न मंडल एवं आयोग के अध्यक्षों, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अधिकारी कर्मचारी गण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक सहित वैद्य एवं आर्युवेदाचार्य उपस्थित थे।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नया रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में पंजीयन की 10 क्रांति के अंतर्गत रजिस्ट्री प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी आधारित दस नवाचारों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, एवं राज्य शासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारीगण, चेंबर ऑफ कॉमर्स एवं क्रेडाई के प्रतिनिधिगण, पंजीयन विभाग के अधिकारी कर्मचारी एवं रजिस्ट्री के पक्षकारगण उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार अपने डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में सुशासन की राह में आगे बढ़ रही है। राजस्व से जुड़े कार्यों के लिए अब लोगों को कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। पंजीयन के साथ अब नामांतरण का कार्य भी तत्काल होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटि का असर भूमिस्वामी पर पड़ता है। त्रुटि कोई और करे और भुगतना किसी और को पड़ता है। अब लोगों को इन समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। हमारी सरकार का पहला लक्ष्य सुशासन है। लोगों के जीवन को आसान और सरल बनाना है। एक जन प्रतिनिधि होने के नाते मुझे विगत 35 वर्षों से राजस्व, जमीन मामलों में लोगों के समस्याओं से रूबरू होने का मौका मिला। नामांतरण संबंधी मामलों में मैंने लोगों को सालों महीनों भटकते देखा है। ऑटो म्यूटेशन से इस समस्या का प्रभावी निराकरण हो गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऑफलाईन व्यवस्था को बंद कर ऑनलाईन करते हुए सरकार भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर रही है। कोयला, आबकारी सेक्टर में किए गए सुधारों की तर्ज पर भूमि पंजीयन की प्रक्रिया में रिफार्म किया गया है। इससे आम जनता को राहत मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। राज्य सरकार सभी स्तर पर डिजिटल गवर्नेस को अपना कर सुशासन स्थापना की दिशा में कार्य करते हुए शासकीय काम-काज में पारदर्शिता ला रही है। साथ ही शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर इनका लाभ आमजन तक समय पर पहुंचा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म पर जोर देते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने तकनीक को बढ़ावा देकर नागरिक सेवाओं की डिलीवरी को आसान बनाने का जो रास्ता दिखाया है, उस पर अग्रसर होते हुए राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में लगातार रिफार्म कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले रजिस्ट्री और नामांतरण के लिए लोगों को महिनों चक्कर लगाना पड़ता था। अब ये कार्य मिनटों में होंगे।इस दौरान मुख्यमंत्री जी ने रजिस्ट्री ऑफिस नवा रायपुर में उपस्थित लाभार्थी पक्षकारों से लाइव कॉन्फ्रेंसिंग भी किया, बातचीत किया और उनसे उनकी प्रतिक्रिया फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर आज रजिस्ट्री कराने वाले लोगों से वीडियो कान्फ्रेंस से चर्चा की। बालोद जिले के सनौद गांव के मोहनलाल साहू ने कहा कि पहले रजिस्ट्री कराने के लिए हफ्ता-दो हफ्ता चक्कर लगाना पड़ता था। रजिस्ट्री कराने में सुबह से शाम हो जाती थी। आज अपने बेटे के नाम से 1700 वर्गफुट जमीन की रजिस्ट्री कराने में 15-20 मिनट लगा। मुख्यमंत्री के पूछने पर बताया कि रजिस्ट्री के साथ नामांतरण भी हो गया है। पक्षकार मोहनलाल साहू ने माननीय मुख्यमंत्री जी को बताया कि इसके पहले रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए उन्हें महीनों तहसीलदार, पटवारी ऑफिस के चक्कर लगाते रहना पड़ता था । रायपुर के अयूब अहमद ने बताया कि पहले नामांतरण कराने में 2-3 महीना लगता था। आज जल्द रजिस्ट्री हो गई साथ ही नामांतरण भी हो गया। श्री अय्यूब अहमद ने बताया कि नामांतरण नहीं होने के कारण उसकी एक जमीन तीन बार फर्जी रजिस्ट्री से बिक गई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर मंत्री तथा राजस्व मंत्री को इसके लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए वित्त और पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि बिना टेक्नोलॉजीकल इनोवेशन के कोई भी सभ्यता और कोई भी राष्ट्र प्रगति नहीं करता। हमारी सरकार टेक्नोलॉजीकल इंटरवेंशन के द्वारा रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आसान और सुगम बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि एक आम आदमी जीवन में एक दो बार ही रजिस्ट्री करता है और यह बहुत खुशी का क्षण होता है, अतः रजिस्ट्री ऑफिस से निकलते समय उनका अनुभव श्रेष्ठ प्रसन्नता भरा होना चाहिए, जो जटिल प्रक्रिया के वजह से अमूमन नहीं होता था। मंत्री बनने के तुरंत बाद मैने अपने अधिकारियों को रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल आसान बनाने का लक्ष्य दिया था, ताकि लोगों को रजिस्ट्री की जटिल प्रक्रिया से राहत मिले। महानिरीक्षक पंजीयन श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा के नेतृत्व में टीम विगत सवा साल से कड़ी मेहनत कर रही थी। सर्वप्रथम सुगम ऐप लॉन्च किया गया। जिसके माध्यम से जमीन का अक्षांश देशांतर की स्थिति और भूमि की वास्तविक अवस्थिति दर्ज हो जाता है। विभाग में प्रचलित रजिस्ट्री अधिनिमय 1908 का बनाया गया था तथा इसका विषयवस्तु वर्तमान समय की जरूरतों से मेल नही खाता था जैसे कि गोदनामा विलेख पंजीयन प्रावधान में केवल पुत्र शब्द था क्योकि उस समय पुत्री के गोद लेने का प्रचलन नही था। हमने रजिस्ट्री नियम का व्यापक अध्ययन कर इसके प्रावधानों को वर्तमान के जरूरतों के अनुरूप अनूकूलन करते हुए 93 धाराओं में से 35 संशोधन विधान सभा में पारित किया। रजिस्ट्री प्रक्रिया में टेक्नॉलाजी का अधिक से अधिक समावेश करते हुए और मानवीय हस्तक्षेप को सीमित करते हुए ये 10 नये क्रांतियुक्त नवाचार विकसित किये गये हैं।वाणिज्यिक कर मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सरकार ने पंजीयन विभाग में अनेक सुधार किये हैं। अब आमजनता को काम के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नही पड़ेगी। फर्जी रजिस्ट्री को शून्य करने का अधिकार पंजीयन महानिरीक्षक को दिया गया है। पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारे पर पंजीयन शुल्क केवल 5 सौ रुपए कर दिया गया है। डिजिटल गवर्नेस को बढ़ावा देते हुए सुगम एप के माध्यम से 2 लाख से अधिक संपत्तियों की जियो टैगिंग सुनिश्चित की गई है। इससे संपत्ति की पहचान और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। गाइडलाइन मूल्य से अधिक विक्रय पर पंजीयन शुल्क माफ कर मध्यम वर्ग को राहत प्रदान की गई है। विभागीय सेटअप बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का विजन है सरकार वहां तक पहुंचे जहां आम आदमी है और वह भी सरलता के साथ। डिजिटल गवर्नेस का बेहतरीन उदाहरण इन 10 क्रांतिकारी पहल में है जो पंजीयन विभाग के माध्यम से किए गए हैं।सभा को राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग का 90 प्रतिशत लंबित प्रकरण नामांतरण का ही होता है, अब ऑटो म्यूटेशन होने के पश्चात् राजस्व विभाग का कार्य भार एकदम से कम हो जाएगा, जिसके कारण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारीगण अन्य बाकी काम को बहुत ही सक्षमता से कर पाएंगे।मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश में कई क्रांति पहले भी हुई है जैसे हरित क्रांति, परन्तु आज यहां जो क्रांति हो रही है, वह सरकारी विभाग में जनता के कामों को आसान और सुगम बनाने की क्रांति है। जो माननीय मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए सुशासन के विजन तथा वित्त मंत्री के मार्गदर्शन एवं निरंतर मानिटरिंग से संभव हो पाया है।कार्यक्रम के प्रारंभ में श्रीमती अलरमेल मंगई डी, सचिव, वाणिज्यिक कर पंजीयन द्वारा 10 नये कांतिकारी परिवर्तनों के विषय में विस्तार से बताया गया तथा 10 सुधारों का वीडियो प्रस्तुतिकरण किया गया ।1- आधार आधारित प्रमाणीकरण सुविधा - पंजीयन साफ्टवेयर को आधार लिंक किया गया है, पंजीयन के समय क्रेता-विक्रेता एवं गवाहों की पहचान आधार रिकार्ड के माध्यम से की जाएगी जिससे गलत व्यक्ति को खड़े कराकर पंजीयन नही हो सकेगा। आम जनता को फर्जीवाडे का शिकार नही होना पड़ेगा।2- ऑनलाईन सर्च एवं डाउनलोड की सुविधा - आम आदमी वर्षों की जमा पूंजी लगाकर स्वयं का घर खरीदते है, इसलिए संपत्ती खरीदने से पहले पूरी जांच पड़ताल आवश्यक है। अभी रजिस्ट्री की जानकारी के लिए पंजीयन कार्यालय में स्वयं या वकील के माध्यम से उपस्थित होकर सर्च करना पड़ता है, ऑनलाईन सर्च का प्रावधान होने से खसरा नंबर डालते ही उस खसरे के पूर्व के समस्त लेनदेन की जानकारी एक क्लिक पर प्राप्त हो सकेगी।3- भारमुक्त प्रमाण पत्र की सुविधा - भार मुक्त प्रमाण पत्र एक बहुत ही आवश्यक प्रमाणपत्र है जो संपत्ति खरीदने के पूर्व उसकी जानकारी उपलब्ध कराता है। यह प्रमाणपत्र अब आनलाइन ही प्रदाय किया जा सकेगा।4- एकीकृत कैशलेस भुगतान की सुविधा- पहले रजिस्ट्री कराने के लिए स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क का अलग अलग जगह और समय पर भुगतान करना पड़ता था। अब स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क को एक साथ लिये जाने के लिए एकीकृत कैशलस सिस्टम तैयार किया गया है। स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क का एकसाथ सुविधानुसार क्रेडिट डेबिट कार्ड, पी०ओ०एस० मशीन, नेट बैंकिंग अथवा यू०पी०आई से फीस का भुगतान हो सकेगा।5- व्हाट्सएप मैसेज सर्विसेज - व्हाट्सएप आज के समय में सर्वाधिक उपयोग हो रहा सोशल मीडिया प्लेटफार्म है। पंजीयन कराने वाले क्रेता-विक्रेता को अपाईन्टमेंट सहित पंजीयन होने तक सभी प्रकार के अपडेट एवं एलर्ट व्हाट्सएप में ही प्राप्त होंगे। रजिस्ट्री की प्रति भी व्हाट्सएप से ही डाउनलोड हो जायेगी। इस सुविधा के माध्यम से फीडबैक एवं शिकायतें भी व्हाट्सएप के माध्यम से की जा सकेंगी।6- डिजीलॉकर की सुविधा - रजिस्ट्री दस्तावेजों को डिजिलॉकर में सुरक्षित स्टोर किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पक्षकार को आसानी से डिजीटल प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध हो जाए।7- आटो डीड जनरेशन की सुविधा - जनता की सुविधा के लिए रजिस्ट्री को पेपर लेस बनाया गया है। ऑनलाईन दस्तावेज प्रारूप का चयन कर पक्षकार और संपत्ति विवरण दर्ज करने पर स्वतः ही दस्तावेज तैयार हो जाएगा। वही दस्तावेज पेपरलेस होकर उप पंजीयक को ऑनलाइन प्रस्तुत होगा।8- डिजीडॉक्यूमेंट की सुविधा - कुछ दस्तावेज जिसमें स्टाम्प लगाना आवश्यक है, परन्तु पंजीयन अनिवार्य नही है जैसे कि शपथ पत्र, अनुबंध पत्र ।इनका प्रारूप ऑनलाईन डिजीडॉक्यूमेंट से तैयार कर स्टाम्प शुल्क भी डिजीटल रूप से चुकाया जा सकेगा। दस्तावेज तैयार करने और स्टाम्प के लिए अलग-अलग जगह जाने की आवश्यकता नहीं है।9- घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा - जनता की सुविधा के लिए रजिस्ट्री को पेपरलेस किया गया है। दस्तावेज का प्रारूप चयन करने से ऑनलाईन दस्तावेज तैयार हो जाएगा स्टाम्प और पंजीयन फीस ऑनलाईन चुकाकर पक्षकार पंजीयन के लिए अपाइन्टमेंट लेकर घर बैठे ही आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से पंजीयन करा सकेंगे। रजिस्ट्री पूर्ण होते ही दस्तावेज स्वतः ही ऑनलाइन प्राप्त हो जाएगा।10- स्वतः नामांतरण की सुविधा इत्यादि - अचल संपत्ति खरीदने के लिए पंजीयन कराया जाता है। उसके बाद उसे राजस्व रिकार्ड में अद्यतन कराना पड़ता हैं, नामांतरण की इस प्रक्रिया में महीने लग जाते थे, इस बीच वही संपत्ति अन्य को बेच दिये जाने पर पीड़ित पक्षकारों को न्याय के लिए वर्षों इंतजार करना पड़ता है। अब पंजीयन के तुरंत बाद ही स्वतः नामांतरण होने से न केवल समय की बचत होगी बल्कि आम जनता को फर्जीवाडे का शिकार भी नही होना पड़ेगा। अंत में महानिरीक्षक पंजीयन के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम का समापन किया गया ।
- -मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्नरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रमुख अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा है कि अस्पतालों में मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हो और उन्हें अपने घर के आस पास ही अच्छा इलाज मिले। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रायपुर सिविल लाइन स्थित अपने निवास कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एनीमिया, मैटरनल प्रोग्राम और लेप्रोसी जैसी बीमारियों पर प्राथमिकता से काम किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजनों के इलाज में कोई कमी नहीं आएगी और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के खाली पदों को भी शीघ्र ही पीएससी और व्यापम के द्वारा भरा जाएगा।बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य सरकार के गठन के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में की गयी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाओं को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य टीबी और मलेरिया जैसी बीमारियों के उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। टीबी उन्मूलन की दिशा में उपचार सफलता की दर 90 फीसदी है जबकि इस दौरान शत प्रतिशत टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन किया गया है। इसके साथ ही राज्य में मार्च 2025 तक टीकाकरण का 94 फीसदी लक्ष्य पूर्ण किया गया है।स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा एवं आयुक्त आयुष विभाग श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, प्रबंध संचालक एनएचएम एवं आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक श्री दीपक अग्रवाल, सीजीएमएससी प्रबंध संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई साहू समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -अब फार्मासिस्ट अपने पंजीयन का भी कर सकेंगे ऑनलाइन नवीनीकरण, राज्य के 35 हजार से अधिक फार्मासिस्टों को मिलेगा लाभ-डाक के माध्यम नवीनीकृत पंजीयन प्रमाण पत्र पहुंचेगा फार्मासिस्ट के घर, नवीनीकरण के लिए नहीं आना होगा रायपुररायपुर। , छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल के आनलाइन फार्मासिस्ट नवीनीकरण पोर्टल का शुभारंभ किया। अभी तक फार्मेसी संस्थानों से उत्तीर्ण होकर छात्र छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल के पोर्टल के माध्यम से आनलाइन पंजीयन करा रहे हैं। यह पंजीयन 1 वर्ष एवं 5 वर्ष के लिए होता है। इसके बाद छात्रों को अपने पंजीयन का नवीनीकरण करना पड़ता है। इसके लिए काउंसिल कार्यालय में स्वयं आकर फॉर्म भरकर विभिन्न प्रक्रिया से होकर एवं काउन्सिल में स्वयं उपथित होकर अपना पंजीयन प्राप्त करना पड़ता है।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस मौके पर कहा कि अभी तक मैनुअल प्रक्रिया होने से फार्मासिस्टों को रायपुर का चक्कर लगाना पड़ता था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर हमने स्वास्थ्य सुविधाओं को आनलाइन मोड में लाने का काम शुरू किया है। इससे फार्मेसी जगत में काफी सकारात्मक परिवर्तन आएगा और आनलाइन पंजीयन के बाद अब पंजीयन का आनलाइन नवीनीकरण शुरू होने से 35 हजार से अधिक फार्मासिस्टों को लाभ मिलेगा और अब वो अपने काम और व्यवसाय में बिना किसी परेशानी के ज्यादा समय दे सकेंगे जिसका लाभ प्रदेश को भी मिलेगा।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर फार्मासिस्टों की परेशानियों को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल द्वारा इनके पंजीयन के नवीनीकरण के लिए आनलाइन सुविधा प्रदान कर दी है। अब नवीनीकरण का कार्य भी फार्मासिस्ट अपने घर से ही कर सकेंगे और उन्हें रायपुर आकर स्वयं उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत फार्मासिस्टों को अपने सभी आवश्यक मूल दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करना होगा तथा आवश्यक फीस को ऑनलाइन ही काउंसिल के खाते में जमा करना होगा।फार्मासिस्ट को अपनी पहचान के लिए अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर देना होगा। जिसमें पंजीयन के नवीनीकरण के लिए व्यक्ति की सही पहचान करके उसके पंजीयन का नवीनीकरण कर दिया जायेगा। इसके पश्चात नवीनीकृत पंजीयन प्रमाण पत्र को डाक के माध्यम से पोस्ट कर फार्मासिस्ट के घर पंहुचा दिया जायेगा। पंजीयन नवीनीकरण के ऑनलाइन मोड से प्रारंभ हो जाने से राज्य के 35 हजार से अधिक फार्मासिस्टों को लाभ होगा।छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष श्री अरूण कुमार मिश्रा, उपाध्यक्ष श्री राहुल तिवारी, रजिस्ट्रार श्री अश्वनी गुर्देकर समेत फार्मेसी काउंसिल के कार्यकारिणी सदस्य एवं स्टाफ मेंबर उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों की समीक्षा कीरायपुर.। . उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज कांकेर जिला मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में अधिकारियों से कहा कि सुशासन तिहार सरकार का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इसके अंतर्गत 5 मई से आम जनता की समस्याओं व मांगों के निराकरण की समीक्षा की जाएगी। सांसद श्री भोजराज नाग और विधायक श्री आशाराम नेताम भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कांकेर के सभी जिला स्तरीय विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों का निराकरण औपचारिकतापूर्ण नहीं, बल्कि गंभीरता से करें। विभिन्न क्षेत्रों में कांकेर श्रेष्ठ जिला है, इसे और बेहतर बनाने की दिशा में सभी अधिकारियों को समन्वित प्रयास करना होगा। सभी अधिकारी अपनी योग्यता, बुद्धिमता और क्षमता का पूर्ण उपयोग करते हुए शासन की मंशानुसार योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन करें। उन्होंने विशेष रूप से पेयजल, नगरीय विकास, शिक्षा, निर्माण कार्य, जल संरक्षण, आवास तथा स्वास्थ्य विभाग में संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया। साथ ही वर्षा ऋतु के पहले सभी निर्माण कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा करते हुए नगर पंचायत भानुप्रतापपुर और पखांजूर में आवास निर्माण की धीमी गति पर असंतोष प्रकट करते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को दिए। उन्होंने अटल परिसरों के निर्माण की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए इन्हें जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा।श्री साव ने अमृत सरोवर योजना पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जल संरक्षण के लिए सिर्फ प्रशासन ही नहीं, जनप्रतिनिधियों को भी आगे आना होगा, ताकि भावी पीढ़ी सुरक्षित रह सके। उन्होंने बैठक में लोक निर्माण विभाग के कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से शीघ्र पूर्ण करने तथा जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को दिलाने के लिए आवास प्लस 2.0 के तहत किए जा रहे सर्वे का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।श्री साव ने बैठक में स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, आदिवासी विकास, नियद नेल्लानार एवं नई नक्सल पुनर्वास नीति के तहत योजनाओं के क्रियान्वयन, महिला एवं बाल विकास, राजस्व और मछली पालन सहित विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एसपी श्री इंदिरा कल्याण एलेसेला, जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी और डीएफओ श्री हेमचंद पहारे भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
- -निर्माणाधीन ओवरब्रिज और सड़क का लिया जायजा, निर्माण सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता की ली जानकारी-विशाखापट्टनम बंदरगाह तक जाने वाली राज्य के हित में यह अहम परियोजना, आर्थिक गलियारे के रूप में छत्तीसगढ़ और देश के विकास के लिए महत्वाकांक्षी सड़क - अरुण सावरायपुर. । उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर से कांकेर जाते समय अभनपुर में निर्माणाधीन रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे के कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अभनपुर में ओवरब्रिज निर्माण की प्रगति का अवलोकन किया। श्री साव ने वहां मौजूद विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से ओवरब्रिज निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता के बारे में पूछा। उन्होंने सड़क और ओवरब्रिज के निर्माण में अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयावधि में सभी कार्यों को पूर्ण करने को कहा।अभनपुर में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के निरीक्षण के बाद उप मुख्यमंत्री श्री साव ने ग्राम भेलवाडीह पहुंचकर रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे के सड़क निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से गुणवत्ता के सभी मापदंडों और सड़क सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उन्हें बताया कि निर्माण में सभी मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है।रायपुर से धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम होते हुए 464 किलोमीटर लंबा यह सिक्स-लेन एक्सप्रेस-वे विशाखापट्टनम बंदरगाह तक जाएगा। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे इस एक्सप्रेस-वे का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। श्री साव द्वारा सड़क और ओवरब्रिज के कार्यों के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी सहित भारतमाला परियोजना, लोक निर्माण विभाग और निर्माण एजेंसी के अधिकारी भी मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने छत्तीसगढ़ से गुजर रहे भारतमाला परियोजना के कार्यों के निरीक्षण के बाद कहा कि यह भारत सरकार की बहुत महत्वाकांक्षी परियोजना है जो छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी होगी। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी कम होगी। यह विशाखापट्टनम बंदरगाह तक जाने वाली राज्य के हित में अहम परियोजना है। आर्थिक गलियारे के रूप में यह छत्तीसगढ़ और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- कलेक्टर ने सुशासन तिहार में मिले आवेदनों और समाधान शिविरों के तैयारियों की ली जानकारीधमतरी/ शासन की महत्वाकांक्षी सुशासन तिहार का तीसरा चरण आगामी 5 मई से शुरू हो रहा है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आज सुशासन तिहार में मिले आवेदनों और समाधान शिविरों की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देशित किया कि नोडल अधिकारी समाधान शिविर स्थलों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की रिपोर्ट दें। साथ ही प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करना सुनिश्चित करें। बैठक में कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि सुशासन तिहार का तीसरा चरण 5 मई से शुरू होगा, जिसमें जिले के विभिन्न स्थानों पर समाधान शिविर लगेंगे। इस दौरान सुशासन तिहार में मिले समस्या, शिकायत और मांग संबंधी आवेदनों का निराकरण के संबंध में आवेदकों को बताया जाएगा। साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।बैठक में कलेक्टर श्री मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इन शिविरों में उपस्थित लोगों को उनके आवेदनों पर की गई कार्रवाई, मांगों की पूर्ति और समस्याओं पर किए गए समाधान की जानकारी दी जाये। कलेक्टर श्री मिश्रा ने इन शिविरों के आयोजन के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने शिविर आयोजन की तिथि से कम से कम तीन दिन पूर्व संबंधित ग्राम पंचायतों में मुनादी कराकर लोगों को सूचित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नोडल अधिकारियों को शिविर आयोजन स्थल का पहले ही मौका मुआयना कर जरूरी तैयारियां समय पर सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही नोडल अधिकारियों को इन शिविरों के आयोजन के लिए संबंधित सरपंचों और पंचायत सचिवों से पूर्व में चर्चा कर योजना बनाने और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी करने कहा। कलेक्टर ने इन शिविरों में संबंधित क्लस्टर के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिविर स्थलों पर छाया, पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित करें। साथ ही इन शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित शासकीय योजनाओं से लाभान्वित होने वाले हितग्राहियों को सामग्रियों का वितरण एवं जानकारी भी देने कहा। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों से आवेदन आदि लेने का काम भी किया जाएगा। स्वास्थ्य शिविर, पोषण शिविर, कृषि यंत्र-सामग्री वितरण, सामाजिक सुरक्षा के तहत विभिन्न उपकरण, सामग्रियों का वितरण आदि कराने संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिये।कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि तीसरे चरण में जिले के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में कुल 39 समाधान शिविर लगेंगे। अभियान के पहले चरण में जिलेवासियों से मिले आवेदनों के निराकरण की जानकारी इन शिविरां में दी जाएगी। सुशासन तिहार के तीसरे चरण में कुरूद विकासखण्ड में 10, धमतरी विकासखण्ड में 8 तथा नगरी और मगरलोड विकासखण्ड में 7-7 समाधान शिविरों का आयोजन होगा। इसके साथ ही धमतरी नगर निगम-02, नगर पंचायत भखारा-01 नगर पंचायत आमदी-01, नगर पंचायत मगरलोड-01, नगर पंचायत कुरूद-01, नगर पंचायत नगरी-01 में समाधान शिविर आयोजित किये जायेंगे। यह समाधान शिविर आयोजन स्थल के आसपास की 10-12 ग्राम पंचायतों का क्लस्टर बनाकर आयोजित होंगे।
- द्वितीय चरण में नगरीय निकाय में 8 व जनपद पंचायत में 41 समाधान शिविर आयोजित होगाप्राप्त कुल एक लाख 82 हजार आवेदन में एक लाख 76 हजार 725 आवेदनों का निराकरणमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज प्रेस वार्ता लेकर "सुशासन तिहार-2025" के तीसरे चरण की शुरुआत की जानकारी दी। प्रेस वार्ता कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री एस आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू एवं प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद थे।मीडिया को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य को लेकर प्रदेशभर में "सुशासन तिहार" का आयोजन किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि जिले में सुशासन तिहार का पहला चरण 8 से 11 अप्रैल तक आयोजित हुआ, जिसमें विभिन्न माध्यमों से आम जनता से आवेदन प्राप्त किए गए। दूसरे चरण में इन आवेदनों को स्कैन कर विभागीय अधिकारियों को भेजा गया और निराकरण की कार्रवाई शुरू की गई। तीसरा और अंतिम चरण 5 मई से 30 मई तक चलेगा, जिसके अंतर्गत जिले में कुल 49 समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिसमें नगरीय निकाय अंतर्गत 8 व जनपद पंचायत अंतर्गत 41 शिविर आयोजित होगा। इनमें नगरीय निकाय महासमुंद में 3 शिविर एवं बागबाहरा, पिथौरा, बसना, सरायपाली और तुमगांव में एक-एक समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा। इसी तरह जनपद पंचायत पिथौरा में 10, महासमुंद, बागबाहरा व सरायपाली में 8-8 तथा बसना में 7 समाधान शिविर का आयोजन होगा। इन शिविरों का आयोजन 5 मई से प्रारंभ होगा।जिसको पूरी तैयारी कर लिया गया है। कलेक्टर ने कहा कि शिविर में जनता को उनके आवेदन की स्थिति और समाधान की जानकारी दी जाएगी। शिविरों में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि आदि से जुड़ी योजनाओं की जानकारी और आवेदन की सुविधा दी जाएगी। साथ ही हितग्राहीमूलक योजनाओं के फॉर्म भी उपलब्ध रहेंगे।उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार 2025 अंतर्गत जिले में मांग एवं समस्याओं से संबंधित कुल एक लाख 82 हजार 99 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिसमें मांग आधारित एक लाख 78 हजार 857 एवं शिकायत से संबंधित 3242 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मांग के एक लाख 74 हजार 206 आवेदन एवं शिकायत के 2 हजार 519 आवेदन कुल एक लाख 76 हजार 725 आवेदनों का निराकरण किया गया है।कलेक्टर श्री लंगेह ने बताया कि मुख्यमंत्री जी, उपमुख्यमंत्री , मंत्रीगण, सांसद,विधायकगण स्वयं शिविरों में शामिल होंगे और आमजनता से सीधा संवाद करेंगे और विकास कार्यों का औचक निरीक्षण कर फीडबैक लेंगे। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर समीक्षा बैठक भी। आयोजित की जाएगी जिसमें योजनाओं की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। कलेक्टर ने जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में समाधान शिविरों में भाग लें और शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविरों का प्रचार-प्रसार प्रभावी ढंग से करें ताकि अंतिम व्यक्ति तक इसकी जानकारी पहुंचे।
- ग्राम खुझी की महिलाओं के सपने हुए साकाररायपुर/ ग्राम खुझी की महिलाओं के सपने हुए साकारमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के शासन में आम जनता के समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सुशासन तिहार संचालित की जा रही है। सुशासन तिहार के माध्यम से सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के सुदूर ग्राम खुझी में ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांगों का समाधान हुआ है। इससे गाँव में उत्साह और खुशी का माहौल है।शौचालय निर्माण की स्वीकृति से मिली गरिमाग्राम खुझी की नवविवाहित बहू श्रीमती सबिता ने बताया कि उनके घर में शौचालय न होने से उन्हें काफी असुविधा होती थी। सुशासन तिहार में उन्होंने समाधान पेटी के माध्यम से अपनी समस्या को लेकर आवेदन किया। जिला प्रशासन की संवेदनशीलता की वजह से महज 18 दिनों में सर्वे कराया गया और पात्र पाए जाने पर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ द्वारा उन्हें शौचालय निर्माण के लिए पात्रता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। सबिता ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार जताते हुए कहा, शासन की पहल ने महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य के लिए एक सशक्त कदम उठाया है।प्रधानमंत्री आवास योजना से सपना होगा साकारखुझी ग्राम की ही श्रीमती श्याम पति ने सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया था। उनका कच्चा मकान बारिश में उनके परिवार के लिए असुरक्षित हो जाता था। उनके आवेदन पर त्वरित प्रधानमंत्री आवास योजना का सर्वे और स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। जिससे अब उन्हें जल्द ही पक्का मकान मिलने जा रहा है। श्याम पति ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, मुख्यमंत्री जी की संवेदनशीलता और सुशासन तिहार ने हमारा सपना पूरा कर दिया।सुशासन तिहारः जनता और सरकार के बीच सेतुयह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम नागरिकों की बुनियादी समस्याओं के समाधान का माध्यम बन गया है। पारदर्शिता, सहभागिता और त्वरित समाधान की इस पहल से नागरिकों में विश्वास जागी है।
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*एक देश, एक चुनाव का प्रस्ताव बहुमत से पारित*
*जिला पंचायत के वर्ष 2025- 26 और लेबर बजट का अनुमोदन*
बिलासपुर/ जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक अध्यक्ष जिला पंचायत श्री राजेश सूर्यवंशी की अध्यक्षता में सभी सभापति एवं जिला पंचायत सदस्य एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप कुमार अग्रवाल एवं जिला स्तर के सभी अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुई। सर्व प्रथम सभी सदस्यों का स्वागत किया गया। बैठक में सर्व प्रथम एक राष्ट्र एक चुनाव भारत देश में लोक सभा एवं राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ आयोजित करने के लिए बहुमत से प्रस्ताव पारित कर शासन को प्रस्ताव भेजे जाने का निर्णय लिया गया।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समीक्षा में सभी सदस्यों के द्वारा वर्तमान में चल रही पानी की समस्या को देखते हुए अपने अपने क्षेत्र में हैण्ड पंप खोदने एवं बंद पंप का तत्काल मरम्मत कराये जाने को कहा गया तथा शासन स्तर से जारी 100 पंप के लक्ष्य को बढ़ाने के लिए पत्र भेजे जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। विद्युत व्यवस्था हेतु नए ट्रासफार्मर एवं बंद एवं मरम्मत योग्य को तत्काल सुधार कराए जाने हेतु निर्देश दिए गए । स्वास्थ्य विभाग में चल रहे स्वास्थ्य केन्द्रों में रिक्त पदों को तत्काल प्रतिपूर्ति किए जाने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया। श्रीमती ललिता संतोष कश्यप उपाध्यक्ष के द्वारा तखतपुर में शिशुरोग विशेषज्ञ एवं अन्य पदों को तत्काल भरे जाने की मांग रखी गई। आरटीई के तहत् कुछ अशासकीय शालाओं द्वारा विद्यार्थियों को प्रवेश न दिए जाने का मुद्दा भी सदस्यों द्वारा उठाया गया है जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने उन शालाओं के प्रमुखों को निर्देशित करने की बात कही गई। आंगनबाड़ी भवन विहिन गांवों में तत्काल भवन स्वीकृत करने का प्रस्ताव पारित किया गया।खरीफ सीजन की तैयारी को देखते हुए कृषि बीज भंडारण की जानकारी ली गई सभी सदस्यों के द्वारा पर्याप्त मात्रा में बीज भंडारण किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया एवं साथ ही साथ जिला पंचायत के लिए वर्ष 2025-26 का बजट एवं महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत् लेबर बजट का भी अनुमोदन किया गया। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप सहित श्रीमती अनुसुईया जागेन्द्र कश्यप सभापति, श्री गोविन्दराम यादव सभापति, श्रीमती भारती नीरज माली सभापति, श्रीमती अंबिका विनोद साहू सभापति,श्रीमती चन्द्र प्रकाश सूर्या सभापति,श्रीमती स्मृति त्रिलोक श्रीवास श्रीमती अनिता राजेन्द्र शुक्ला श्री शिवेन्द्र प्रताप कौशिक श्री राजेन्द्र धीवर श्री दामोदर कांत श्रीमती सतकली बावरे श्री रामखिलावन पटेल, श्री निरंजन सिंह पैकरा श्रीमती रजनी पिंटू मरकाम श्रीमती जयकुमारी प्रभु जगत सदस्यगण, श्रीमती वंदना गवेल परियोजना अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। -
सीएसआर मद से सिम्स के शिशुरोग विभाग को सौपे गये लगभग एक करोड़ का उपकरण*
*मरीजों से की मुलाकात, बेहतर इलाज करने दिए निर्देश*बिलासपुर/कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज सवेरे सिम्स अस्पताल का औचक निरीक्षण किया । उन्होंने इस अवसर पर सीएसआर के तहत सीएमपीडी द्वारा सिम्स के शिशुरोग विभाग को लगभग एक करोड रुपए लागत के मेडिकल उपकरण सौंपे। जिसमें 07 नाग वेंटिलेटर मशीन, 06 फोटोथैरेपी मशीन, 03 स्ट्रेलाईजर, 03 ऑटोक्लेव मशीन, 02 बिलरूबीनोमीटर, 10 कील बैरो शामिल हैं। इस अवसर पर निगम आयुक्त अमितकुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर लखन सिंह, मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के नोडल डॉक्टर बीपी सिंह, सिम्स नोडल अधिकारी डॉक्टर भूपेंद्र कश्यप उपस्थित थे।कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान सिम्स प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि मरीज हित में ओ.पी.डी. में आने वाले मरीजों की जानकारी के लिए एम.आर.डी. पास स्थित लोहे को दरवाजे के पास बोर्ड लगाने के लिए नगर निगम को दिशा निर्देश दिए। कैजुअल्टी ओ.पी.डी. में चिकित्सकों एवं मरीजों से चर्चा कर मरीजों को मिलने वाले सुविधाओं जैसे व्हील चेयर, ट्राली में मरीजों को वार्डों में पहुँचाने की जानकारी ली गई।एम.आर.डी. के ओ.पी.डी. और आई.पी.डी. पंजीयन कक्ष में आभा ऐप के माध्यम की जा रही पंजीयन की जानकारी एवं उचित दिशा निर्देश दिया गया। मरीजों को खडे न रहकर बैठक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए एवं प्रत्येक पंजीयन स्थल में आभा ऐप के बार कोड स्कैनर लगाने कहा गया। ट्रायज यूनिट की व्यवस्था का जायजा लेते हुए चिकित्सकों से जानकारी चाही गई कि एक्सीडेंटल केस किस क्षेत्र से ज्यादा संख्या में आते हैं । कैजुअल्टी वार्ड के मरीजों एवं परिजनों से चिकित्सकीय सुविधाओं की जानकारी ली गई। इस दौरान बताया गया कि कैजुअल्टी वार्ड के एच डी यू यूनिट का कार्य सी.जी.एम.एस.सी. को जल्द कार्य पर्ण करने का निर्देश दिए गए। गायनिक वार्ड के निरीक्षण के दौरान परिजनों को बैठने के लिए और अधिक कुर्सियां लगाने एवं उनके समानों को रखने के लिए उचित व्यवस्था करने के लिए निर्देश दिए। पीने के लिए पानी के जगह को साफ-सुथरा रखने एवं नए नल लगाने की दिशा निर्देश दिए।रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट में सीटी स्कैन, एम.आर.आई. होने वाली संख्या के संबंध में जानकारी ली गई तथा रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट में डॉक्टरो की कमी को दूर करने के लिए उच्च स्तर पर शासन से बातचीत हेतु सहमति दी गई। निरीक्षण के दौरान व्यवस्था एवं साफ-सफाई से संतुष्ट हुए। -
भिलाई/ सुशासन तिहर 2025 के अंतर्गत नगर निगम भिलाई में कुल 1683 आवेदन प्राप्त हुए। इसमें से मांग के संबंध में 1228, निराकृत हो गए हैं 1055, लंबित 173, इसी प्रकार शिकायत 455, निराकृत 343 लंबित 112 है। जो बच गया है उसका निराकरण किया जा रहा है। जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह सुशासन तिहार के संबंध में दुर्ग जिले के सभी नगर निगमों में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई थी। इसमें उन्होंने सुझाव दिया था कि निराकृत आवेदनों का औचक रूप से निरीक्षण भी किया जाए। इससे पब्लिक की संतुष्टि पता चल जाएगा। इसी तारतम में आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय जोन आयुक्त ऐसा लहरे के साथ जोन क्रमांक 2 में प्राप्त आवेदनों के निराकरण का सत्यापन करने के लिए वार्ड क्रमांक 15 पूर्णिमा गुप्ता के घर गए। उनकी समस्या थी कि उनका मकान नीचे हो जाने के कारण बारिश के समय उनके घर में पानी भरता है। जिससे उन सबको बहुत परेशानी होती है। इसके निराकरण के लिए प्रस्ताव बना करके प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किये। कहीं पर बैक लाइन सीवरेज की समस्या थी उसका भी निरीक्षण किये। शांति नगर पुलिस थाना सियान सदन के बगल में कुछ लोगों द्वारा नजूल जमीन पर अतिक्रमण कर लिया गया है। सभी को नोटिस देखकर कार्रवाई करने के लिए सहायक राजस्व प्रभारी सहायक शरद दुबे को निर्देशित किये। कुछ लोगों द्वारा लिखित शिकायत की गई थी कि वैशाली नगर में 20 दुकानों का आवंटन पूर्व साडा से हुआ है। उसमें कुछ लोग किराए पर अपनी दुकान चलवा रहे हैं। ऐसी शिकायत शिकायत मिली है। उसको भी जांच करने के लिए आदेशित किये। निरीक्षण के दौरान वार्ड पार्षद संतोष मौर्या, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अनिल मिश्रा अपने दल के साथ उपस्थित रहे।
- बकरी पालन से किसान अब आत्मनिर्भरता की ओर कदमअफ्रीकन बोयर नस्ल से कृत्रिम गर्भाधान का नवाचाररायपुर/ किसानों को मिलेगा अतिरिक्त आर्थिक आय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और गरीब किसानों की आय में बढ़ोतरी के उद्देश्य से बकरी पालन को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशासन ने अभिनव पहल की है। अब जिले में जल्द ही अफ्रीकन नस्ल ’बोयर’ के बकरा-बकरी नजर आएंगे, जिनका वजन स्थानीय नस्ल की तुलना में तीन से चार गुना अधिक होगा है। इससे ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम मिलेगा। बकरी पालन आर्थिक रूप से कमजोर और छोटे किसानों के लिए ’एटीएम’ की तरह कार्य करता है। इसे पालना आसान होता है और जरूरत पड़ने पर बेचकर तत्काल नकद आय अर्जित की जा सकती है। स्थानीय नस्ल के बकरों का अधिकतम वजन 20 से 25 किलोग्राम तक होता है, लेकिन अब कृत्रिम गर्भाधान से अफ्रीकन बोयर जैसे भारी भरकम नस्ल के बकरा-बकरी पालने की सुविधा उपलब्ध होगी, जिनका वजन 80 से 100 किलो तक होता है।प्रशासन की नवाचार पहल से मिलेगी आर्थिक मजबूतीकलेक्टर सरगुजा के निर्देश पर पशुपालन विभाग द्वारा 7800 सीमेन डोज मंगवाए गए हैं, जिनमें भारतीय नस्ल जमुनापारी, सिरोही, बारबरी के साथ पहली बार अफ्रीकन बोयर नस्ल के सीमेन भी शामिल हैं। ये सीमेन उत्तराखंड लाइव स्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड, ऋषिकेश के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। इस योजना में जिला पशु रोगी कल्याण समिति से भी आर्थिक सहयोग मिला है।वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. सी.के. मिश्रा ने बताया कि, यह पहली बार है जब अफ्रीकन बोयर नस्ल का सीमेन सरगुजा में उपलब्ध कराया गया है। सफेद रंग की इस नस्ल का गला और सिंग तक का भाग कत्थई रंग का होता है। वजन अधिक होने के कारण बकरी पालन से ग्रामीणों को लाभ भी अधिक मिलेगा।सफल नवाचार का सरगुजा जिले के हर ब्लॉक में होगा विस्तारछत्तीसगढ़ राज्य में सबसे पहले सूरजपुर और सरगुजा जिले में बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान की शुरुआत की गई थी। अब इस नवाचार को मिली सफलता के बाद सरगुजा जिले के सभी विकासखंडों में इसे लागू कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों को बेहतर नस्ल की बकरी पालने और उससे अधिक आय प्राप्त होने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।बकरी पालन से किसान अब आत्मनिर्भरता की ओर कदमयह पहल न केवल ग्रामीणों को अतिरिक्त आय प्रदान करेंगे, जिससे बकरी पालक आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगे। प्रशासन और पशुपालन विभाग के संयुक्त प्रयास से अब बकरी पालन सिर्फ आजीविका नहीं, बल्कि समृद्धि का जरिया बनता जा रहा है।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में हुए शामिलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के डंगनिया में भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भगवान परशुराम मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ब्राम्हण समाज ने सदैव समाज को ज्ञान और संस्कार देने का कार्य किया है। उन्होंने भगवान परशुराम जन्मोत्सव की सभी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि भगवान परशुराम विष्णु के छठवें अवतार हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है और प्रभु श्रीराम हमारे भाँचा हैं। रामलला मंदिर निर्माण छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए गौरव और आस्था का विषय है। ‘प्रभु श्रीराम दर्शन योजना’ के अंतर्गत अब तक 22,000 श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना भी प्रारंभ की गई है, जिसमें श्रद्धालु सरकारी व्यय पर विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा कर सकेंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है, जिसे धान का कटोरा कहा जाता है और 44 प्रतिशत भूभाग वनों से आच्छादित है। नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। हमारी सरकार ने 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त कराने का संकल्प लिया है।उन्होंने बताया कि सरकार ने विकास के लिए एक सशक्त ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है और नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। डिजिटलीकरण के माध्यम से भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है, और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘2047 तक विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, हम ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दिशा में ब्राम्हण समाज की भागीदारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने डेढ़ वर्ष के अल्पकाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारा है। चाहे वह प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घर देने की बात हो या किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दिलाना—हमने हर वर्ग की भलाई के लिए काम किया है। बस्तर और सरगुजा में जनजातीय समाज के लिए 5500 रुपये प्रति मानक बोरा तेंदूपत्ता की खरीदी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रक्रियाओं, संस्थाओं और क्रियाओं के शुद्धिकरण का कार्य जारी है। राज्य निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। कौशल उन्नयन, पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पीएससी में भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच चल रही है, और कई दोषी जेल की सलाखों के पीछे हैं। उन्होंने कहा कि ब्राम्हण समाज एक प्रगतिशील समाज है, जिसने हमेशा विमर्श और विचारों का स्वागत किया है।इस अवसर पर महंत श्री वेदप्रकाशाचार्य, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री अनुज शर्मा, श्री सुशांत शुक्ला, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, साहित्य अकादमी अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, श्रीमती सुमन अशोक पांडेय, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील ब्राम्हण समाज अध्यक्ष श्री शिवांजल शिव गोविंद शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -बिहार के बोधगया में 5 से 9 मई तक होंगी मल्लखंब की प्रतियोगिताएं-12 सदस्यीय दल में नारायणपुर के 9 युवा मल्लखंब खिलाड़ी शामिलरायपुर। खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 बिहार के बोधगया में 4 से 15 मई तक आयोजित होगी। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के 12 मल्लखंभ खिलाड़ी शामिल होंगे। इन खिलाड़ियों में नारायणपुर जिले के 9 मल्लखंब खिलाड़ी शामिल हैं। ये सभी खिलाड़ी अबूझमाड़ मल्लखंब और स्पोर्ट्स अकादमी से जुड़े हैं। मल्लखंब की प्रतियोगिताएं 5 से 9 मई तक आयोजित होंगी।खेल और युवा कल्याण अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार चयनित मल्लखंब खिलाड़ियों में 5 बालक और 4 बालिकाएं शामिल हैं। नारायणपुर जिले के चयनित खिलाड़ियों में ग्राम ओरछा की सरिता पोयाम, ग्राम मातला की मोनिका पोटाई, ग्राम कुंदला की दुर्गेश्वरी कुमेटी, ग्राम न्यानार की अनिता गोटा, ग्राम कुतुल के राकेश कुमार वढ़दा, ग्राम आसनार के मानू ध्रुव, ग्राम आसनार के राजेश कोर्राम, ग्राम पोकानार के मंगडू पोडियाम और ग्राम चिंगनार के मोनू नेताम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 2 मई को खिलाड़ियों और कोच मनोज प्रसाद, महिला कोच पूनम प्रसाद और मैनेजर सौरव पाल खेलो इंडिया यूथ गेम्स में हिस्सा लेने बिहार रवाना हुए।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण व संसाधन उपलब्ध कराने हेतु विशेष योजनाएं संचालित की जा रही हैं। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ मल्लखंब और स्पोर्ट्स अकादमी में मल्लखंब खिलाड़ियों के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सहित सभी आवश्यक सुविधाएं दी जा रही है। जिससे वे राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन कर सके।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की 59वीं जनरल काउंसिल की बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में शिक्षा को बेहतर बनाने से संबंधित कई अहम मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी भी उपस्थित थे।
- -अप्रैल 2025 में 4,135 करोड़ का संग्रहण-केरल, पंजाब और बिहार जैसे राज्यों को पछाड़ा- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए गए सुधारों का असररायपुर । अप्रैल 2025 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रहण में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ ने 4,135 करोड़ का जीएसटी संग्रहण कर देश के शीर्ष 15 राज्यों की सूची में अपनी जगह बनाई है। जीएसटी संग्रहण के मामले में छत्तीसगढ़ ने केरल, पंजाब, बिहार और खनिज संसाधनों से भरपूर झारखंड जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।राज्य में इस आर्थिक प्रगति को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा व्यापार और उद्योग क्षेत्र में किए गए सशक्त सुधारों का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते 15 महीनों में राज्य सरकार ने ऐसे कई निर्णय लिए हैं, जिनसे निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिला है ।सरकार द्वारा किए गए प्रमुख सुधारों में उद्योग एवं व्यापार नियमों का सरलीकरण,गैर-जरूरी और बाधक कानूनों की समाप्ति,सभी जरूरी सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता,पेट्रोल पंप खोलने के लिए लाइसेंस की बाध्यता को समाप्त करना और उद्योगों की स्थापना के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है।इन सभी पहल से राज्य में उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि हो रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है। राज्य की आर्थिक स्थिति में यह वृद्धि जनता और उद्योग जगत के सहयोग से संभव हुई है।”यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है और यह दिखाता है कि राज्य संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर अब एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
- - भिलाई के उमरपोटी में आयोजित दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का दसवां दिनभिलाई। जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज की प्रमुख प्रचारिका सुश्री श्रीश्वरी देवीजी के 13 दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के दसवें दिन पूरा पंडाल भक्ति रस में डूबा नजर आया।सुश्री श्रीश्वरी देवी जी ने बताया कि ईश्वर-प्राप्ति के केवल तीन उपाय अर्थात मार्ग हैं। आप कहेंगे, जब भौतिकवाद में अनेक उन्नतियाँ हो रही है तो ईश्वर-प्राप्ति में अनादिकाल से अब तक तीन ही मार्ग क्यों है? चौथे मार्ग की खोज आज तक किसी आध्यात्मिक वैज्ञानिक ने क्यों नहीं की ? पर शायद आप यह नहीं जानते की नेचर के विपरीत विज्ञान नही हुआ करता।आँख से अनादि काल से देखने का काम लिया जाता है । वह कार्य विज्ञान द्वारा भी कान नहीं कर सकता । उसी प्रकार इन तीनों का स्वभाविक विज्ञान है जिसे समझ लेने पर आपका यह भ्रम समाप्त हो जायेगा। वेदों, शास्त्रों, पुराणों आदि समस्त ग्रंथों में तीन हो मार्गों का प्रतिपादन किया गया है- प्रथम कर्म, द्वितीय ज्ञान एवं तृतीय भक्ति या उपासना। बस चौथा कोई मार्ग नहीं । यदि कहीं पढऩे, सुनने को मिलेगा तो वही इन्ही तीनों के अंतर्गत ही होगा ।इसका विज्ञान यह है कि ब्रम्हा की तीन स्वरूप शक्तियां हैं - सतब्रम्ह, चितब्रम्ह एवं आनंद ब्रम्ह। इसमें सत ब्रम्ह का स्वभाव कर्मवाला है, चितब्रम्ह का स्वभाव ज्ञान एवं आनंद ब्रम्ह का स्वभाव प्रेम का है । चौथा कोई स्वभाव ईश्वर का नहीं है और उसी का अनादि सनातन अंश होने के कारण प्रत्येक जीव का भी तीन प्रकार का स्वभाव हो सकता है - कर्म, ज्ञान और भक्ति का । जब चौथा स्वभाव है ही नहीं तो चौथा मार्ग कैसे बन सकता है ? अब एक-एक मार्ग पर गंभीर विचार करना है।गौरतलब है कि सुश्री श्रीश्वरी देवीजी द्वारा 13 दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक 22 से 5 मई तक शाम 6 से रात 8 बजे तक उमरपोटी श्रीजी पैलेस के सामने में किया जा रहा है।
- -सुशासन तिहार में शीघ्र ही श्रमिक कार्ड बनने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभारबालोद । सुशासन तिहार के तहत अपने आवेदनों के त्वरित निराकरण होने पर बालोद जिले के ग्राम करहीभदर की फगिनी बाई और डामिन बाई के चेहरे खिल उठे हैं। दोनो ही महिलाओं की जिंदगी मेहनत और उम्मीदों के इर्द-गिर्द घूमती थी। वे अपने गांव और आसपास के गांव में एक श्रमिक के रूप मे मजदूरी करती हैं। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए उनके पास जरूरी श्रमिक कार्ड नहीं था। उन्होंने पहले भी कोशिश की थी, लेकिन जानकारी की कमी से उनका यह काम अधूरा ही रह गया था। लेकिन इस बार, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल ‘‘सुशासन तिहार 2025‘‘ ने उनकी इस समस्या का समाधान बड़ी ही आसानी से हो गया है। इस अभियान के तहत उनके श्रमिक कार्ड के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई हुई और अपने श्रमिक पंजीयन को देख, उनके चेहरों पर मुस्कान छा गई है।फगिनी बाई ने बताया कि वह भवन निर्माण तथा खेती कार्य में मजदूरी करती है। उसे प्रतिमाह महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है, जिसका उपयोग वह अपने बच्चों की पढ़ाई में करती है। उसने बताया कि उसे श्रमिक कार्ड की जरूरत थी, ताकि वह श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ ले सकें। उसने सुशासन तिहार के शिविर में आवेदन किया, जिसके पश्चात श्रम विभाग के अधिकारियों ने उनके दस्तावेजों की जॉच कर ऑनलाईन दर्ज किया और अब उन्हें श्रमिक कार्ड मिल गया है। कार्ड मिलते ही उनकी आँखों में खुशी के आँसू छलक आए। उसने कहा कि, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे द्वारा दिए गए आवेदन पर इतनी जल्दी काम हो जाएगा। अब श्रमिक कार्ड मिलने से मुझे श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूॅ।इसी प्रकार डामिन बाई ने बताया कि श्रम विभाग ने उनके आवेदन को प्राथमिकता के साथ निराकरण किया और कुछ ही दिनों में श्रमिक कार्ड मिल गया। उसने अपना श्रमिक कार्ड थामते हुए कहा कि, “ये कार्ड मेरे लिए सिर्फ़ एक दस्तावेज़ नहीं है, यह मेरे परिवार के भविष्य के लिए जरूरी है। डामिन बाई ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “पहली बार लगा कि सरकार हमारी समस्याओं का हल तत्परता से कर रही है।” फगिनी बाई और डामिन बाई के चेहरों पर खिली मुस्कान इस बात का जीवंत प्रमाण है कि सुशासन तिहार वास्तव में जनता की समस्याओं का समाधान हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इस अभियान ने पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंवाद को नया आयाम दिया है। सुशासन तिहार सिर्फ़ एक अभियान नहीं, बल्कि जनता और शासन के बीच भरोसे का सेतु है।
- बिलासपुर /बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मोहदा, निपनिया, पिरैया, सरवानी एवं सिलपहरी में शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए संबंधित ग्राम पंचायत, पंजीकृत महिला स्व सहायता समूह, प्राथमिक कृषि साख समितियां, अन्य सहकारी समितियों, राज्य शासन द्वारा विनिर्दिष्ट उपक्रम, वन सुरक्षा समितियों से कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी बिलासपुर द्वारा 16 मई 2025 तक आवेदन सीलबंद लिफाफे में मंगाए गए है।उचित मूल्य दुकान का संचालन ऐसे सकहारी समितियों एवं महिला स्व सहायता समूह को दिया जाएगा, जो आवेदन पत्र प्राप्त होने की तारीख से कम से कम तीन माह पूर्व पंजीकृत हो। पंजीयन प्रमाण पत्र में संबंधित पंचायत हेतु आवेदन स्वीकार किया जाएगा अन्य पंचायत का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। पूर्ण दस्तावेजों के अभाव में आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवेदन पत्र कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी बिलासपुर में सीलबंद बॉक्स में जमा करेंगे। बंद लिफाफे के ऊपर शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन हेतु आवेदन अनिवार्य रूप से लिखा होना है।आवेदन करने हेतु महिला स्व. सहायता समूह एवं प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भण्डार का जीवित पंजीयन प्रमाण की छायाप्रति। बैंक खाता संचालन एवं तीन माह का बैंक स्टेटमेंट एवं कार्य अनुभव। शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु समूह, समिति का सहमति सहित प्रस्ताव जिसमें समिति का कार्यक्षेत्र का भी उल्लेख। स्व. सहायता समूह एवं प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भण्डार का कार्यक्षेत्र संबंधी प्रमाणित प्रति जिसका उल्लेख पंजीयन प्रमाण-पत्र में पंजीयन प्रमाण-पत्र जारीकर्ता प्राधिकारी के प्रमाण-पत्र के साथ संलग्न, जिसमें पंचायत हेतु पंजीयन है। कार्यक्षेत्र का उल्लेख अनिवार्य रूप से हो। आवेदन पत्र एवं लिफाफे के ऊपरी भाग में जिस पंचायत के लिए आवेदन किया गया है, उस पंचायत का नाम का स्पष्ट उल्लेख किया जावें।
- बिलासपुर /अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के पदाधिकारियों द्वारा कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल का पुष्प गुछ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने पूर्व में जारी जिले के कर्मचारियों के समस्याओं के निराकरण हेतु जनदर्शन कार्यक्रम को प्रत्येक मंगलवार को आयोजित करने का आग्रह किया। जिस पर उन्होंने सहमति देते हुए सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने कार्य को लगन के साथ करते हुए जिले में विकास कार्य को गति देने में योगदान देने कहा।इस अवसर पर संभाग प्रभारी श्री जी. आर. चंद्रा, जिला संयोजक डॉ. बी. पी. सोनी, महासचिव श्री किशोर शर्मा, जिला अध्यक्ष श्री रामकुमार यादव, श्री चंद्रशेखर पांडे, श्री अश्वनी तिवारी, श्री प्रमोद भारद्वाज, श्री डी. आर. श्रीवास, श्री राजेश्वर वस्त्रकार, श्री शिव यादव, श्री मनोज द्विवेदी, श्री उमेश कश्यप, श्री सी. के. जयसवाल, श्री अशोक आक्रेकर, शेफाली पांडे, नेहा ओगरे, मंजूलता पटेल, श्वेता गंधर्व, श्री विकास ठाकुर, श्री सोमेश प्रधान, श्री अशोक ब्रह्म भट्ट, श्री देवेंद्र केसरवानी, श्री विवेक गुप्ता, श्री शंकर श्रीवास उपस्थित थे।
- -प्रथम शिविर 5 मई को जयराम नगर एवं बरतोरी में-72 प्रतिशत आवेदनों का हो चुका निराकरणबिलासपुर, /कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों की बैठक लेकर सुशासन तिहार के आवेदनों के निराकरण की ताजा प्रगति की जानकारी ली। अब तक 72 प्रतिशत आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। विभिन्न विभागों को मिले 2 लाख 8 हजार आवेदनों में से 1 लाख 49 हजार आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है। शेष आवेदनों को बचे दो दिनों में निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सोमवार 5 मई से शुरू हो रहे समाधान शिविरों की तैयारी की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी किसी भी शिविर में और कभी भी पहुंच सकते हैं। लिहाजा अधिकारी पूरी तैयारी के साथ तिहार की भावना के अनुरूप शिविरों में अपनी अनिवार्य उपस्थिति दिखाएं। आम जनता से संवेदनशीलता के साथ संवाद कर उनके दुख-दर्द को महसूस करते हुए सकारात्मक रूप से उनके आवेदनों का समाधान करें। समाधान शिविर की पहली कड़ी 5 मई को बरतोरी (बिल्हा) एवं जयराम नगर (मस्तूरी) में होगी।कलेक्टर ने कहा कि समस्या जिस विभाग से संबंधित है, उसी विभाग के पास पहुंच जाय, तभी उसका निदान संभव होगा। कुछ विभागों में आवेदन ट्रांसफर करने में हुए विलंब पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बैठक में सुशासन पोर्टल खोलकर निराकरण की गुणवत्ता भी परखी। उन्होंने कुछ मिसाल देकर बताया कि समस्याओं का निपटारा कैसे किया जाये। श्री अग्रवाल ने कहा कि निराकरण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। यथासंभव प्रार्थी से चर्चा कर लिया जाये। जिनका काम किसी कारण से किया जाना संभव नहीं है, तो उन्हें जरूर बताएं। उन्हें नियम और प्रक्रिया संवेदनशीलता के साथ समझाएं। समाधान शिविरों में शासकीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही निराकरण की स्थिति से भी अवगत कराया जायेगा। सामग्री वितरित भी की जायेगी। स्थानीय विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में समाधान शिविरों को आयोजन किया जायेगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि शिविरों से बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिला है। इसकी संक्षिप्त विवरण जनसम्पर्क विभाग को उपलब्ध कराएं ताकि इसका प्रचार प्रसार किया जा सके। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री अमित कुमार, एडीएम आरए कुरूवंशी, शिवकुमार बनर्जी सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।























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