- Home
- छत्तीसगढ़
-
बालोद/राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वाधान एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार 10 मई 2025 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस नेशनल लोक अदालत की तैयारी के संबंध में सुश्री भारती कुलदीप व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के द्वारा तालुक विधिक सेवा समिति, व्यवहार न्यायालय दल्लीराजहरा में अधिवक्ताओं के साथ मीटिंग आयोजित कर अधिवक्ताओं को लोक अदालत में राजीनामा योग्य समस्त प्रकार के प्रकरणों को अधिक से अधिक संख्या में निराकृत कराये जाने हेतु सहयोग की अपील की गई। बैठक में व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी श्रीमती सोनी तिवारी सहित अधिवक्तागण उपस्थित थे।
- -राज्यपाल ने कृषि विश्वविद्यालय की शिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों की जानकारी लीरायपुर । छत्तीसगढ़ के राज्यपाल तथा कुलाधिपति श्री रामेन डेका से आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने राजभवन में सौजन्य मुलाकात कर उन्हें कृषि विश्वविद्यालय परिसर में 6 से 8 जून 2025 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय आम महोत्सव के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का न्यौता दिया। राज्यपाल से मुलाकात के दौरान डॉ. चंदेल ने उन्हें कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित शिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय को देश के सर्वश्रेष्ठ धान अनुसंधान केन्द्र के रूप में सम्मानित किया गया है। उन्होंने राज्यपाल को बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय अन्तर्राष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों के साथ समझौते कर वैश्विक स्तर पर परस्पर छात्र विनिमय कार्यक्रम भी संचालित कर रहा है और इसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।राज्यपाल श्री डेका ने डॉ. चंदेल को कृषि विश्वविद्यालय को सर्वश्रेष्ठ धान अनुसंधान केन्द्र का सम्मान मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने डॉ. चंदेल से कृषि विश्वविद्यालय में ब्लैक राईस की खेती के लिए किए जा रहे अनुसंधान कार्यां की जानकारी प्राप्त की। श्री डेका ने छत्तीसगढ़ में ब्लैक राईस के उत्पादन को बढ़ावा देने और इसकी खेती करने वाले किसानों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय द्वारा राज्य के किसानों के हित में संचालित अन्य गतिविधियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की तथा विश्वविद्यालय द्वारा राज्य के किसानों की आर्थिक समृद्धि के लिए किए जा रहे कार्यां को भी बढ़ावा दिए जाने पर जोर दिया।
- -छत्तीसगढ़ के विशेष आग्रह पर केंद्र सरकार ने ऐसे परिवारों के लिए स्वीकृत किए हैं 15 हजार आवास-कुल दस करोड़ रुपए आज हितग्राहियों के खातों में अंतरित, प्रथम किस्त के रूप में 2500 परिवारों को जारी किए गए 40-40 हजार रुपए-मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से वर्चुअली जुड़े हितग्राहियों से बात भी की, आवास निर्माण के लिए पहली किस्त मिलने पर दी बधाईरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित 2500 परिवारों के बैंक खातों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पहली किस्त की राशि अंतरित की। उन्होंने मंत्रालय में वर्चुअली आयोजित कार्यक्रम में आवास निर्माण की पहली किस्त प्रति परिवार 40-40 हजार रुपए के मान से कुल दस करोड़ रुपए हितग्राहियों के खातों में अंतरित किए। छत्तीसगढ़ के विशेष आग्रह पर केंद्र सरकार द्वारा राज्य के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न जिलों से मंत्रालय से वर्चुअली बड़ी संख्या में जुड़े हितग्राहियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य शासन ने केंद्र सरकार से विशेष आग्रह कर आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए जो प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता की शर्तों में नहीं आ पा रहे थे, उनके लिए 15 हजार आवास स्वीकृत कराया है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने संवेदनशीलता और गंभीरता से हमारे निवेदन को मंजूरी दी और वंचित परिवारों के लिए भी आवास की व्यवस्था की।श्री साय ने नक्सल प्रभावित दूरस्थ वनांचलों के लिए स्वीकृत इस विशेष परियोजना के हितग्राहियों की हौसला अफजाई करते हुए अच्छा मकान बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इसमें सरकार हर तरह की मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने नक्सली हिंसा के शिकार परिवारों से आत्मीयता से बातकर उनका हाल-चाल पूछा। उन्होंने घर-परिवार और उनके व्यवसाय की जानकारी ली। बातचीत के दौरान विभिन्न जिला मुख्यालयों से जुड़े हितग्राहियों ने पक्का आवास मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने भी हितग्राहियों को ऑनलाइन संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। आज 2500 ऐसे परिवारों को जो नक्सलवाद छोड़कर मुख्य धारा में लौट आए हैं या नक्सल हिंसा से पीड़ित हैं, उनके पक्के आवासों के निर्माण के लिए 40-40 हजार रुपए की पहली किस्त जारी की गई है। ये ऐसे परिवार हैं जो प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता में नहीं आ पा रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में विभाग ने विशेष प्रयास कर भारत सरकार से ये आवास मंजूर कराए हैं। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य में नक्सलवाद को समाप्त करने का अभियान अब अंतिम चरण में है। बस्तर के लोगों के मन से अब आतंक का डर हट जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मुख्य धारा में आएं। बस्तर की शांति और विकास के लिए यह जरूरी है। उन्होंने विशेष परियोजना के तहत हितग्राहियों के चिन्हांकन और इसे अमलीजामा पहनाने के लिए विभागीय अधिकारियों की पीठ थपथपाई और उन्हें धन्यवाद दिया।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने कार्यक्रम में राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण के लक्ष्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। योजना के अगले चरण के लिए हितग्राहियों के सर्वेक्षण का काम भी तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सचिव श्री पी. दयानंद, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी राशि अंतरण कार्यक्रम में मौजूद थे।सुकमा के सर्वाधिक 809 आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को मिली आवास की पहली किस्त, बीजापुर के 594 और नारायणपुर के 316 परिवार शामिलप्रधानमंत्री आवास योजना में विशेष परियोजना के तहत आज जिन 2500 आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के खातों में आवास निर्माण के लिए राशि अंतरित की गई, उनमें सर्वाधिक 809 परिवार सुकमा जिले के हैं। बीजापुर जिले के ऐसे 594, नारायणपुर के 316, बस्तर के 202, दंतेवाड़ा के 180, कोंडागांव के 166 और कांकेर के 138 परिवारों को आवास निर्माण के लिए राशि जारी की गई है।
-
कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त
बालोद/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं को राज्य के जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचाने शुरू की गई ’सुशासन तिहार 2025’ के अंतर्गत तृतीय एवं अंतिम चरण में समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बालोद विकासखण्ड के शासकीय हाई स्कूल मैदान लाटाबोड़ में 05 मई 2025 को ’समाधान शिविर’ का आयोजन किया जाएगा। अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चन्द्रकांत कौशिक ने बताया कि शासकीय हाई स्कूल मैदान लाटाबोड़ में बालोद विकासखण्ड के ग्राम टेकापार, नेवारीकला, देवीनवागांव, अरौद, भोईनापार, खपरी, लोण्डी, बेलमाण्ड, पड़कीभाट, उमरादाह, हीरापुर, झलमला, सिवनी एवं बोरी के हितग्राही समाधान शिविर में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि शिविर के सफल संचाल हेतु वरिष्ठ कृषि विकास विस्तार अधिकारी श्री के आर पिस्दा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिनका मोबाईल नंबर 9669814668 है। -
*नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को नलकूप स्रोतों में क्लोरीन या सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर शुद्धिकरण करने कहा, साल में कम से कम दो बार साफ करें पानी टंकी*
*डेंगू एवं मलेरिया से बचाव के लिए पानी का जमाव हटाकर साफ-सुथरा रखने के निर्देश*बिलासपुर/. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगरीय निकायों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने इसके लिए सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं। विभाग ने मौसमी बीमारियों एवं दूषित पेयजल से होने वाले रोगों के प्रति सचेत रहते हुए इनके रोकथाम के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने संचालनालय से सभी निकायों को जारी परिपत्र में 15 जून के पहले नलकूप स्त्रोतों को क्लोरीन या सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर शुद्धिकरण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नगरीय निकायों में स्थापित एवं संचालित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के फिल्टर बेड का संधारण तथा शहरों की उच्च स्तरीय पानी टंकियों की सफाई का काम 10 जून तक पूर्ण करने को कहा है। विभाग ने जल प्रदाय वाली पानी टंकियों की साल में कम से कम दो बार सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। टंकी सफाई की तिथि टंकी के कालम में अंकित करने भी कहा है।नगरीय प्रशासन विभाग ने जल प्रदाय के लिए बिछाई गई पाइपलाइन में लीकेज या टूट-फूट को तत्काल सुधारने को कहा है। विभाग ने सार्वजनिक नलों और हैण्डपम्पों के आसपास पर्याप्त सफाई रखने तथा जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं। निकाय में स्थापित होने वाले नवीन हैण्डपम्पों को भविष्य में संधारण के लिए सूचीबद्ध करने भी कहा गया है। डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए खाली जगहों में जमा पानी, कूलर, पानी की टंकी, बर्तन, फ्रिज के ट्रे, टॉयर तथा अन्य वस्तुओं में पानी के जमाव को खाली कर साफ-सुथरा रखने के भी निर्देश विभाग ने नगरीय निकायों को दिए हैं।*सतही स्रोतों पर आधारित जलापूर्ति वाले क्षेत्रों में पेयजल में क्लोरीन की मात्रा की करें जांच*सतही स्त्रोत पर आधारित पेयजल योजनाओं में जल उपचार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में करने के बाद क्लोरीनयुक्त जल शहरों में प्रदाय किया जाता है। सामान्यतः इस प्रकार की व्यवस्था में पानी के दूषित रहने की संभावना नहीं रहती है जब तक कि वितरण प्रणाली में बाहर से गंदा पानी न मिल रहा हो। विभाग ने अभियान चलाकर वितरण प्रणाली के अंतिम छोरों के सभी जल नमूनों की पुनः जांचकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पम्पिंग मेन एवं वितरण प्रणाली के लीकेजों की तत्काल मरम्मत करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।*नलकूप से आने वाला पानी दूषित मिलने पर ब्लीचिंग पाउडर या लिक्विड सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर करें जीवाणुरहित*नगरीय प्रशासन विभाग ने नलकूपों पर आधारित पेयजल योजनाओं में नलकूप स्त्रोत, सम्पवेल, उच्च स्तरीय टंकी एवं वितरण प्रणाली के अंतिम छोरों से पेयजल नमूना एकत्र कर हाइड्रोजन सल्फाइड किट के माध्यम से जाँच करने के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर जल का नमूना दूषित पाए जाने पर ब्लीचिंग पाउडर के घोल या लिक्विड सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर जीवाणुरहित करें। जीवाणुरहित करने के एक सप्ताह बाद पुनः उसका परीक्षण करें। जल के नमूने के पुनः दूषित पाये जाने पर विस्तृत जाँच के लिए प्रयोगशाला में भेजें तथा आवश्यक मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर का घोल उच्च स्तरीय टंकी में डालने के बाद ही जलप्रदाय करें। विभाग ने स्थल पर नलकूपों या हैण्डपम्पों के माध्यम से शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए भी इस प्रक्रिया का पालन करने को कहा है।*कोलीफार्म बैक्टीरिया की जांच के लिए तीन स्थानों से लें सैंपल*कोलीफार्म बैक्टीरिया की मौजूदगी वाला जल पीने योग्य नहीं होता। इसलिए पेयजल में कोलीफार्म बैक्टीरिया की नियमित जांच जरूरी है। इसके लिए तीन स्थानों से सैंपल लेकर जांच करना चाहिए। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीटमेंट के बाद प्राप्त होने वाले जल का प्रत्येक घंटे में, स्टोरेज टंकियों से प्रतिदिन दो बार और प्रत्येक बस्ती के कम से कम दो-तीन घरों से प्रतिदिन पानी का सैम्पल लेकर कोलीफार्म बैक्टीरिया की जांच की जाना चाहिए। जल के नमूने में कोलीफार्म बैक्टीरिया मिलने पर उस जल स्रोत से पेयजल का प्रदाय तत्काल रोक देना चाहिए। जल सैम्पल की जाँच में कोलीफार्म अनुपस्थित होने पर ही पेयजल का दोबारा प्रदाय प्रारंभ किया जाये। जलापूर्ति प्रभावित होने पर संबंधित क्षेत्र में किसी अन्य प्रकार से जैसे टैंकर इत्यादि से पेयजल पहुँचाये।नगरीय प्रशासन विभाग ने शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने संबंधी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश सभी निकायों को दिए हैं। इसके लिए हर ट्रीटमेंट प्लांट, हर स्टोरेज टंकी तथा हर मलिन बस्ती में रजिस्टर संधारित करने और उसमें पानी का सैम्पल लेने का दिनांक एवं समय, सैम्पल लेने वाले का नाम और सैम्पल में रेसीड्यूवलक्लोरीन की मात्रा तथा कोलीफार्म बैक्टीरिया की उपस्थिति की जाँच का परिणाम अंकित करने को कहा गया है। विभाग ने पेयजल में रेसीड्यूवलक्लोरीन न मिलने या कोलीफार्म बैक्टीरिया मिलने पर तत्काल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसके निराकरण के लिए अवगत कराने को कहा है। नगरीय निकाय, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सभी जगहों पर संधारित रजिस्टरों का निरीक्षण कर हस्ताक्षर भी करना है। -
*आमजनों से पूछी समस्याएं फिर मौके से ही अधिकारियों को निराकृत करने दिए निर्देश*
*बाधित बिजली क्षेत्रों का त्वरित मेंटेनेंस करने करने को कहा, हटवाए सड़कों पर टूटकर गिरे पेड़ों की डाली*रायपुर । राजधानी में भीषण आंधी-तूफान से कई इलाके प्रभावित होने पर मौके का जायजा लेने के लिए कलेक्टर एवं एसएसपी निकले। प्रत्येक स्थानों पर पहुंचकर समस्याओं को निराकृत किया और मोहल्लों में पहुंचकर आमजनों से समस्याएं पूछी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को मौके से फोन कर समस्या को त्वरित निराकृत करने के निर्देश दिए।कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह एवं एसएसपी डाॅ. लाल उम्मेद सिंह ने देर रात को शहर के विभिन्न प्रभावित स्थलों का जायजा लेने निकले। गौरव पथ में पेडों की डाली टूटकर गिरे होने से सड़कों में आवाजाही प्रभावित होने पर तत्काल हटाने की कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद वहां पेड़ों की डाली को हटाया गया। साथ ही लाखेनगर इलाके में राहत कार्याें का जायजा लिया। वहीं खोखो पारा में आमजनों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनी। इसके तुरंत बाद ही समस्याओं का निराकरण कराया गया। स्थानीय निवासियों ने कलेक्टर को बताया कि वार्ड में कई स्थानों पर पेड़ की डाली टूटकर गिरी हुई थी, जिस पर कलेक्टर के निर्देश पर हटाया गया ।इस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, सीएसईबी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। -
बिलासपुर/बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम लिम्हा में स्थित मेसर्स तिवार्ता कोल बेनिफिसिऐशन लिमिटेड में कोल वॉशरी वेट टाईप के पर्यावरण स्वीकृति हेतु 13 जून 2025 को लोक सुनवाई का आयोजन किया गया है। ये लोक सुनवाई लिम्हा के शासकीय हाई स्कूल मैदान में सवेरे 11 बजे से शुरू होगी।
-
रायपुर। भारतमाला परियोजना सहित दिनांक 01.01.2019 के पश्चात रायपुर संभाग के अंतर्गत जिला रायपुर, महासमुन्द, धमतरी, गरियाबंद एवं बलौदाबाजार-भाटापारा में शासकीय व गैर-शासकीय परियोजनाओं हेतु भूमि अधिग्रहण में हुई अनियमितताओं की संभागायुक्त द्वारा जांच की जा रही है। इस संबंध में अधिग्रहित भूमि की सूची का प्रकाशन आयुक्त कार्यालय रायपुर संभाग, रायपुर की सूचना पटल पर एवं वेबसाइट www.raipur.gov.in एवं संबंधित जिलों के वेबसाइट, कलेक्टर कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसील कार्यालय, जनपद पंचायत एवं पंजीयक कार्यालयों के सूचना पटल पर किया गया है।
यदि किसी व्यक्ति को उक्त अधिग्रहण प्रकरणों में की गई प्रक्रिया, मुआवजा निर्धारण या वितरण में किसी प्रकार की आपत्ति या शिकायत हो, तो वे अपना पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा प्रमाणिक दस्तावेजों सहित दिनांक 15.05.2025 को संध्या 5ः30 बजे तक संबंधित जिला कार्यालय या संभागीय आयुक्त कार्यालय, रायपुर में प्रस्तुत कर सकते हैं।जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैंः1. अधिक मुआवजा प्राप्त करने की दृष्टि से मूल खसरे को छोटे-छोटे भूखंडों में कृत्रिम रूप से विभाजित कर मुआवजा प्रकरण तैयार किया जाना।2. भूमि अधिग्रहण अधिसूचना जारी होने के बाद किए गए हस्तांतरण, बंटवारा, व्यपवर्तन, नवीन निर्माण आदि को मुआवजा में शामिल किया जाना।3. पूर्व तिथि से फर्जी नामांतरण या बंटवारा प्रकरण बनाकर मुआवजा प्राप्त करना।4. मुआवजा पत्रक बनाते समय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों का सही विवरण प्रस्तुत न करना। -
जनजीवन सुरक्षा हेतु निगम ने ढाचे को काटकर हटाया और सड़क यातायात को किया पुनः बहाल
रायपुर/ विगत दिवस देर रात्रि नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने विगत दिवस तेज आंधी - तूफान में देवेन्द्र नगर में अचानक टूटकर सड़क मार्ग पर गिर पड़े विशाल ढाचे का वहाँ पहुंचकर प्रत्यक्ष अवलोकन वार्ड पार्षद श्रीमती कृतिका जैन, अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर,जोन 2 जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में किया. महापौर ने अधिकारियों को जनहित में जनसुरक्षा को दृष्टिगत रखकर नमस्ते चौक के ढाचे को सड़क मार्ग से हटवाना सुनिश्चित करने निर्देशित किया. नगर निगम जोन 2 की टीम द्वारा टूटकर सड़क मार्ग पर तेज आंधी - तूफान के दौरान अचानक टूटकर गिरे विशाल ढाचे को काटकर सड़क मार्ग से देर रात्रि तक सतत अभियान जनजीवन सुरक्षा के दृष्टिगत चलाकर हटाया जाना स्थल पर सुनिश्चित करते हुए देवेन्द्र नगर मुख्य मार्ग का सड़क यातायात पुनः बहाल करवाया. -
सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, आयुक्त श्री विश्वदीप अधिकारियों सहित फील्ड में निकले,घूमकर व्यवस्था यथासंभव बहाल करवाते रहे
रायपुर / राजधानी शहर रायपुर में अचानक आये तेज आंधी - तूफान से मुख्य मार्गो, व्हीआईपी मार्ग, विभिन्न मार्गो पर अचानक सैकड़ों पेड़ उखड़कर सड़क मार्गो में गिर गए और अनेक मार्गो पर सड़क यातायात इस कारण से बाधित हो गया. नगर निगम रायपुर के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ और आयुक्त श्री विश्वदीप तत्काल राजधानी शहर के विभिन्न मार्गो में अपर आयुक्तगणों, उपायुक्तगणों, जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओं, स्वास्थ्य विभाग, लोक कर्म विभाग, जल कार्य विभाग, नगर निवेश विभाग, राजस्व विभाग की 10 जोनों की टीमों के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ निकले और जेसीबी मशीनों, क्रेन मशीन, श्रमवीरों की सहायता से विभिन्न प्रमुख मार्गो, बाजार क्षेत्रों, वार्डों के भिन्न मार्गो में सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाकर सड़क यातायात को पुनः बहाल करने की यथासंभव कार्यवाही तत्काल अभियान चलाकर की. सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने देवेन्द्र नगर के नमस्ते चौक के सड़क पर अचानक गिरे बड़े आकार के टूटे हुए ढाचे को तत्काल सड़क से हटवाकर यातायात बहाल करने के निर्देश दिए, आयुक्त श्री विश्वदीप ने राजधानी शहर के व्हीआईपी माना एयरपोर्ट मुख्य मार्ग में अचानक तेज आंधी - तूफान के दौरान सड़क पर गिरे पेड़ों को शीघ्र सड़क यातायात पुनः बहाल किये जाने तत्काल प्राथमिकता से अभियान चलाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए. नगर निगम रायपुर के सभी फील्ड अधिकारी और कर्मचारी फील्ड पर लगातार निकलकर सैकड़ों की संख्या में उखड़कर सड़क पर गिरे पेड़ों को सड़क से हटवाकर सड़क यातायात पुनः बहाल करने अभियान चलाकर यथासम्भव कार्यवाही करते रहे, ताकि शीघ्र यातायात प्रबंध शहर में पुनः बहाल हो सके और नागरिकों को सड़क यातायात की पुनः बहाली से त्वरित राहत सड़क मार्गो में दिलवाई जा सके. नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा विभिन्न प्रमुख चौक - चौराहों में लगाए गए अस्थाई पंडालों को जनहिा में जनजीवन सुरक्षा को दृष्टिगत रखकर विभिन्न मार्गो के चौराहों पर लगाए गए अस्थाई पंडालों को तत्काल हटवाने की कार्यवाही की गयी. इंटेकवेल में आंधी - तूफान से गिरे अनेक पेड़ों को हटाने त्वरित कार्यवाही करते हुए क्षेत्र को क्लीयर किया गया. -
*आतंकी हमले में हुई हत्या को बताया अत्यंत पीड़ादायक और अपूरणीय क्षति*
रायपुर 1 मई 2025/ मुख्यमंत्री श्री साय ने घोषणा की कि राज्य सरकार दिवंगत श्री मिरानिया जी के शोकाकुल परिजनों को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में रायपुर के श्री दिनेश मिरानिया जी की हत्या की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए इसे प्रदेश के लिए एक अपूरणीय क्षति कहा। उन्होंने कहा कि पूरा छत्तीसगढ़ इस दुःखद घड़ी में मिरानिया परिवार के साथ है। यह केवल एक परिवार की नहीं, पूरे समाज की क्षति है। श्री साय ने कहा कि जो आतंकवादी इस जघन्य कृत्य के दोषी हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा अवश्य मिलेगी। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि देश की सुरक्षा एजेंसियाँ इस मामले में शीघ्र न्याय सुनिश्चित करेंगी। -
*नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को नलकूप स्रोतों में क्लोरीन या सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर शुद्धिकरण करने कहा, साल में कम से कम दो बार साफ करें पानी टंकी*
*डेंगू एवं मलेरिया से बचाव के लिए पानी का जमाव हटाकर साफ-सुथरा रखने के निर्देश*रायपुर./. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगरीय निकायों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने इसके लिए सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं। विभाग ने मौसमी बीमारियों एवं दूषित पेयजल से होने वाले रोगों के प्रति सचेत रहते हुए इनके रोकथाम के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने संचालनालय से सभी निकायों को जारी परिपत्र में 15 जून के पहले नलकूप स्त्रोतों को क्लोरीन या सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर शुद्धिकरण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नगरीय निकायों में स्थापित एवं संचालित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के फिल्टर बेड का संधारण तथा शहरों की उच्च स्तरीय पानी टंकियों की सफाई का काम 10 जून तक पूर्ण करने को कहा है। विभाग ने जल प्रदाय वाली पानी टंकियों की साल में कम से कम दो बार सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। टंकी सफाई की तिथि टंकी के कालम में अंकित करने भी कहा है।नगरीय प्रशासन विभाग ने जल प्रदाय के लिए बिछाई गई पाइपलाइन में लीकेज या टूट-फूट को तत्काल सुधारने को कहा है। विभाग ने सार्वजनिक नलों और हैण्डपम्पों के आसपास पर्याप्त सफाई रखने तथा जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं। निकाय में स्थापित होने वाले नवीन हैण्डपम्पों को भविष्य में संधारण के लिए सूचीबद्ध करने भी कहा गया है। डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए खाली जगहों में जमा पानी, कूलर, पानी की टंकी, बर्तन, फ्रिज के ट्रे, टॉयर तथा अन्य वस्तुओं में पानी के जमाव को खाली कर साफ-सुथरा रखने के भी निर्देश विभाग ने नगरीय निकायों को दिए हैं।*सतही स्रोतों पर आधारित जलापूर्ति वाले क्षेत्रों में पेयजल में क्लोरीन की मात्रा की करें जांच*सतही स्त्रोत पर आधारित पेयजल योजनाओं में जल उपचार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में करने के बाद क्लोरीनयुक्त जल शहरों में प्रदाय किया जाता है। सामान्यतः इस प्रकार की व्यवस्था में पानी के दूषित रहने की संभावना नहीं रहती है जब तक कि वितरण प्रणाली में बाहर से गंदा पानी न मिल रहा हो। विभाग ने अभियान चलाकर वितरण प्रणाली के अंतिम छोरों के सभी जल नमूनों की पुनः जांचकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पम्पिंग मेन एवं वितरण प्रणाली के लीकेजों की तत्काल मरम्मत करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।*नलकूप से आने वाला पानी दूषित मिलने पर ब्लीचिंग पाउडर या लिक्विड सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर करें जीवाणुरहित*नगरीय प्रशासन विभाग ने नलकूपों पर आधारित पेयजल योजनाओं में नलकूप स्त्रोत, सम्पवेल, उच्च स्तरीय टंकी एवं वितरण प्रणाली के अंतिम छोरों से पेयजल नमूना एकत्र कर हाइड्रोजन सल्फाइड किट के माध्यम से जाँच करने के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर जल का नमूना दूषित पाए जाने पर ब्लीचिंग पाउडर के घोल या लिक्विड सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर जीवाणुरहित करें। जीवाणुरहित करने के एक सप्ताह बाद पुनः उसका परीक्षण करें। जल के नमूने के पुनः दूषित पाये जाने पर विस्तृत जाँच के लिए प्रयोगशाला में भेजें तथा आवश्यक मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर का घोल उच्च स्तरीय टंकी में डालने के बाद ही जलप्रदाय करें। विभाग ने स्थल पर नलकूपों या हैण्डपम्पों के माध्यम से शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए भी इस प्रक्रिया का पालन करने को कहा है।*कोलीफार्म बैक्टीरिया की जांच के लिए तीन स्थानों से लें सैंपल*कोलीफार्म बैक्टीरिया की मौजूदगी वाला जल पीने योग्य नहीं होता। इसलिए पेयजल में कोलीफार्म बैक्टीरिया की नियमित जांच जरूरी है। इसके लिए तीन स्थानों से सैंपल लेकर जांच करना चाहिए। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीटमेंट के बाद प्राप्त होने वाले जल का प्रत्येक घंटे में, स्टोरेज टंकियों से प्रतिदिन दो बार और प्रत्येक बस्ती के कम से कम दो-तीन घरों से प्रतिदिन पानी का सैम्पल लेकर कोलीफार्म बैक्टीरिया की जांच की जाना चाहिए। जल के नमूने में कोलीफार्म बैक्टीरिया मिलने पर उस जल स्रोत से पेयजल का प्रदाय तत्काल रोक देना चाहिए। जल सैम्पल की जाँच में कोलीफार्म अनुपस्थित होने पर ही पेयजल का दोबारा प्रदाय प्रारंभ किया जाये। जलापूर्ति प्रभावित होने पर संबंधित क्षेत्र में किसी अन्य प्रकार से जैसे टैंकर इत्यादि से पेयजल पहुँचाये।नगरीय प्रशासन विभाग ने शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने संबंधी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश सभी निकायों को दिए हैं। इसके लिए हर ट्रीटमेंट प्लांट, हर स्टोरेज टंकी तथा हर मलिन बस्ती में रजिस्टर संधारित करने और उसमें पानी का सैम्पल लेने का दिनांक एवं समय, सैम्पल लेने वाले का नाम और सैम्पल में रेसीड्यूवलक्लोरीन की मात्रा तथा कोलीफार्म बैक्टीरिया की उपस्थिति की जाँच का परिणाम अंकित करने को कहा गया है। विभाग ने पेयजल में रेसीड्यूवलक्लोरीन न मिलने या कोलीफार्म बैक्टीरिया मिलने पर तत्काल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसके निराकरण के लिए अवगत कराने को कहा है। नगरीय निकाय, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सभी जगहों पर संधारित रजिस्टरों का निरीक्षण कर हस्ताक्षर भी करना है। -
*शासन, सामाजिक विकास और अर्थव्यवस्था में जबरदस्त सुधार*
*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा यह टीम छत्तीसगढ़ की सफलता*रायपुर/ केयरएज स्टेट रैंकिंग 2025 में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए देश के बड़े राज्यों की सूची में अपनी रैंकिंग को तीन स्थान तक बेहतर किया है। वर्ष 2023 की तुलना में राज्य का समग्र स्कोर 6.1 अंकों की वृद्धि के साथ 34.8 से बढ़कर 40.9 हो गया है। इसी के साथ छत्तीसगढ़ देश के 17 बड़े राज्यों के गु्रप में 14वें स्थान से 11वें स्थान पर पहुंच गया है। यह प्रदर्शन शासन, सामाजिक संकेतकों और आर्थिक मजबूती में व्यापक सुधार का प्रमाण है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यह ‘टीम छत्तीसगढ़’ की एकजुट मेहनत और जन-सेवा की भावना का परिणाम है। हमने शासन में पारदर्शिता, सेवा की गति, और नागरिकों की भागीदारी को प्राथमिकता दी है। सामाजिक क्षेत्र में हमारा जोर शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीब कल्याण पर रहा है। आर्थिक क्षेत्र में निवेश और रोजगार को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि केयरएज की यह रिपोर्ट हमारे कार्याें का आंकड़ों के रूप में मान्यता है। हमने हर क्षेत्र में सुधार की नीति अपनाई है, चाहे वह आर्थिक सशक्तिकरण हो, शिक्षा हो या स्वास्थ्य सेवाएं। यह उपलब्धि सभी के प्रयास और जनता के सहयोग का परिणाम है। छत्तीसगढ़ राज्य अब राष्ट्रीय मंच पर प्रतिस्पर्धा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निकट भविष्य में हमारा राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।केयरएज की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में आर्थिक प्रदर्शन के मापदण्ड पर उल्लेखनीय 9.9 अंकों की वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2023 में जहां राज्य 12वें स्थान पर था, वहीं 2025 में यह 7वें स्थान पर आ गया है। यह राज्य की आकर्षक औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और वित्तीय प्रबंधन का परिणाम है। छत्तीसगढ़ ने वित्तीय प्रबंधन को बेहतर करते हुए राजस्व संग्रहण की दक्षता बढ़ाई है। जीएसटी संग्रहण में वृद्धि और बजट प्रबंधन में पारदर्शिता के कारण राज्य की राजकोषीय स्थिति अधिक मजबूत हुई है।रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने शासन-प्रशासन के क्षेत्र में 14.2 अंकों की छलांग लगाई है, सार्वजनिक सेवा, कानून व्यवस्था और डिजिटल गवर्नेंस में किए गए सुधार इसके मुख्य कारण रहे। वहीं सामाजिक क्षेत्र में 17.8 अंकों की वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि राज्य ने साक्षरता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और आय-समानता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।छत्तीसगढ़ राज्य ने आर्थिक क्षेत्र में भी लगभग 10 अंकों की बढ़त दर्ज की है, जो राज्य की स्थिर विकास दर में वृद्धि और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का शुभ संकेत है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि 2025 की कार्यप्रणाली में 50 संकेतकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया, जबकि 2023 में यह संख्या 46 थी। 2023 और 2025 के बीच छत्तीसगढ़ ने शासन, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार किया है। -
रायपुर/छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत आज एक तारीख को माह मई 2025 की पंद्रहवीं किश्त का भुगतान जारी कर दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेश की 69.32 लाख से अधिक महिलाओं को कुल 648.38 करोड़ रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खाते में अंतरित की गई।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए इस योजना की शुरुआत मार्च 2024 में की गई थी। अब तक लगातार 15 माहों में 9788.78 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश की महिलाओं को प्रदाय की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है।*आधार कार्ड अपडेट कराने की अपील*महिला एवं बाल विकास विभाग ने हितग्राही महिलाओं से अपील की है कि वह अपना आधार कार्ड अपडेट कराएं, ताकि राशि के भुगतान में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। ज्ञात हो कि आधार कार्ड को हर 10 वर्षों में अपडेट करना अनिवार्य है। कई हितग्राहियों का भुगतान आधार इनएक्टिव होने के कारण निरस्त किया गया है। ऐसे हितग्राहियों को आधार केंद्र में जाकर पहचान एवं निवास प्रमाण-पत्र के साथ आधार अपडेट कराना आवश्यक है, ताकि आगामी किश्त का भुगतान सुनिश्चित हो सके। -
*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 3 मई को करेंगे भूमिपूजन*
*आधुनिक प्रौद्योगिकी से जुड़े उद्योगों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए साय सरकार की बड़ी छलांग*रायपुर,/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 3 मई 2025 को सवेरे 11.30 बजे अटल नगर नवा रायपुर स्थित सेक्टर-22 (सीबीडी रेलवे स्टेशन के निकट) ए आई डेटा सेंटर पार्क का भूमिपूजन करेंगे। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी मौजूद रहेंगे।उल्लेखनीय है कि इस एआई एक्सक्लूजिव डाटासेंटर पार्क की लागत 1000 करोड़ रुपए होगी, यह 13.5 एकड़ मेंहोगा। इसमें 2.7 हेक्टेयर एरिया स्पेशल इकानामिक जोन के विकास के लिए होगा। उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में डाटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है क्योंकि आर्टिफिशल इंटेलीजेंस की बुनियाद डाटा सेंटर पर होती है। छत्तीसगढ़ सरप्लस बिजली स्टेट है इस वजह से यहां पर डाटा सेंटर के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। रैस बैंक डाटा सेंटर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इसका भूमिपूजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय लगातार कोर सेक्टर के साथ ही आधुनिक जमाने के अनुरूप नये उद्योगों को बढ़ावा दे रहे हैं। उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन द्वारा इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए संकल्पित रूप से काम किया जा रहा है। बीते दिनों प्रदेश में सेमीकंडक्टर यूनिट के लिए भी भूमिपूजन किया गया। इसकी लागत 1163 करोड़ की है।उल्लेखनीय है कि डाटा सेंटर एआई को संचालित करने के लिए सबसे उपयोगी टूल होते हैं। एआई लार्ज लैंग्वेज माडल पर काम करते हैं और डाटा माइनिंग का काम करते हैं। जब भी डाटा माइनिंग होती है बड़े पैमाने पर ऊर्जा लगती है और इसके लिए डाटा सेंटर उपयोगी होते हैं। भविष्य की प्रगति इस बात पर निर्भर है कि हम आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर किस तरह से आगे बढ़ेंगे। भारत अपना स्वयं का एआई माडल तैयार कर रहा है। स्वाभाविक रूप से देश की प्रगति के साथ छत्तीसगढ़ भी तेजी से कदमताल करेगा। अटल नगर में डाटा सेंटर के आने से रोजगार की बड़ी संभावनाएं भी पैदा होंगी। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा एनर्जी समिट किये गये हैं जिससे छत्तीसगढ़ देश के पावर हब बनने की दिशा में बढ़ेगा। ऐसे में डाटा सेंटर पार्क के माध्यम से इस संभावना का भरपूर उपयोग हो सकेगा।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने नई औद्योगिक नीति में आधुनिक तकनीक से संबंधित उद्योगों पर विशेष प्रावधान किये गये हैं। इसका लाभ इस क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आने वाले उद्यमियों को होगा। इस तरह से अटल नगर में एआई एक्सक्लूजिव डाटासेंटर पार्क बनना बहुत शुभ संकेत है। इस संबंध में उल्लेखनीय है कि उद्योग विभाग ने सिंगल विंडो सिस्टम और ईज आफ डूइंग बिजनेस तथा स्पीड आफ बिजनेस को अपनाया है। इससे डाटा सेंटर के लिए भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया बहुत जल्द की गई और अब इसका शुभारंभ किया जा रहा है। -
**30 दिन मे होगा दावा भुगतान
**समय सीमा पर दावा भुगतान हेतु कर्मियों की जिम्मेवारी तयरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा कर्मचारियों व अधिकारियों को सामूहिक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा की अवधि 1 वर्ष के लिए पुनरीक्षित की गई है। यह योजना कंपनी के नियमित अधिकारियों- कर्मचारियों, लाइन परिचालक संविदा कर्मी सहित उन सभी पर लागू होगी जो राज्य बीमा अधिनियम के अंतर्गत शासित नहीं है। वर्ष 2025-26 के लिए डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के 8180 अधिकारियों-कर्मचारियों को यह सुविधा दी जा रही है । दावा राशि के भुगतान हेतु 30 दिन की समय सीमा तय की गई है।योजना के तहत कार्य अवधि में मृत्यु होने पर जोखिम राशि रुपए 15 लाख एवं कार्य अवधि के अलावा अन्य अवधि में दुर्घटनावश मृत्यु होने पर राशि रुपए 5 लाख प्रति व्यक्ति का प्रावधान किया गया है। कंपनी द्वारा दुर्घटना की जानकारी अनिवार्य रूप से बीमा कंपनी को 24 घंटे के अंदर देना सुनिश्चित करना होगा। साथ ही 30 दिन के अंदर दस्तावेजों की प्रतियां औद्योगिक संबंध ,मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) कार्यालयों से परीक्षण कराके बीमा कंपनी को भेजना अनिवार्य होगा। दस्तावेजों को भेजने हेतु मंडल प्रबंधक, मंडल कार्यालय मैसर्स दि न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, प्रथम तल, एलआईसी व्यावसायिक परिसर पंडरी रायपुर छत्तीसगढ़, दूरभाष क्रमांक 95842-91088 में प्रेषित करना होगा। यह योजना गैर अंशदायी प्रकृति पर आधारित है, यानी छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा वार्षिक प्रीमियम राशि,बीमा कंपनी को देय होगी।प्रकरणों के त्वरित निदान हेतु वितरण कंपनी प्रबंधन ने परिपत्र जारी कर निर्देशित किया कि नियमों के परिपालन नहीं करने या विलंब की स्थिति में संबंधित कार्यालय प्रमुख कनिष्ठ यंत्री/सहायक यंत्री/कार्यपालन यंत्री एवं अनुभाग अधिकारी/संभागीय लेखापाल की जवाबदारी होगी। प्रबंधन ने समस्त कार्यालयों से अपील की है कि वे इस योजना के तहत उक्त दस्तावेज समय पर प्राप्त और भेजने सुनिश्चित करें। -
* मुख्यमंत्री श्री साय सुधार व राहत उपायों पर रखे हैं नजर
रायपुर। आज शाम को आए जोरदार आंधी- तूफान के कारण विद्युत कंपनी के रायपुर, दुर्ग तथा राजनांदगांव क्षेत्र मे विद्युत खंभों और लाइनों को काफी नुकसान हुआ जिसके कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हुयी। बहुत सारी जगहों पर फीडर, खंभों, तारों पर पेड़ गिरने से टूट फूट भी हुयी है। इस दौरान आंधी के वेग को लेकर लोग चर्चा कर रहे हैं कि उन्हें पहले इतनी तेज आंधी कब आयी ये याद नहीं आ रहा है। जांबाज विद्युत कर्मियों ने 2 घंटे के भीतर ही टूट -फूट की जगह तथा कारण खोजकर विद्युत आपूर्ति फिर चालू करने का काम कार्य प्रारंभ कर दिया। जिसके कारण ज्यादातर स्थानों पर रात गहराने के पहले ही उजाला हो गया। बिज़ली कर्मी रात भर काम करते हुए जल्दी से जल्दी शेष स्थानों पर आपूर्ति सामान्य करने का काम करेंगे। जंगल वाले या दुर्गम स्थानों पर कुछ अधिक समय लग सकता है लेकिन वहॉं भी कल तक आपूर्ति सामान्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस प्राकृतिक आपदा के समय विद्युत कर्मियों द्वारा तत्परता से राहत दिलाने के उपायों पर नजर रखे हुए है। आंधी की सर्वाधिक तीव्रता रायपुर क्षेत्र में थी। रायपुर शहर मे राठौर चौक मे हनुमान मंदिर सहित अनेक स्थानों पर पेड़ गिरने से 33 के वी लाइन टूट गई।देवेन्द्र नगर का शेड, सिमगा का टोल प्लाजा टूट गया। बलोदा बाजार -भाटापारा मे अनेक स्थानों पर पेड़, खंबे, 33 के वी लाइन टूटे हैं। दुर्ग क्षेत्र मे 132 के वी तार टूटने से स्क्रैप यार्ड में आग भी लगी जिसे जल्दी बुझा दिया गया। बेमेतरा ,साजा,धमधा, पाटन, गुणर्देही ,बालोद, चरोदा,दुर्ग मे 33 के वी नेटवर्क को क्षति पहुँची, जिसे जल्दी ही ठीक कर लिया गया। राजनांदगांव क्षेत्र में पारीनाला के पास 132 के वी का इंडस्ट्रीयल फीडर को क्षति पहुंची थी जिसे जल्दी ही ठीक कर दिया गया। राजनांदगांव शहर की आपूर्ति रात तक चालू कर दी गई। चिल्फी और झलमला के पास जंगल में 33 केवी के तार टूटने से आपूर्ति बाधित हुयी है, जिसे ठीक किया जा रहा है, यह कार्य कल तक पूरा हो जाएगा। - -बस्तर को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त कराने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री साय-नक्सल पीड़ितों ने नक्सल उन्मूलन अभियान को मजबूती से आगे बढ़ाने का किया अनुरोधरायपुर, // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में बस्तर अंचल से आए नक्सल हिंसा पीड़ितों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में सुकमा, बीजापुर, कांकेर सहित बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों के वे नक्सल हिंसा पीड़ित शामिल थे, जिन्होंने विगत वर्षों में नक्सली हिंसा के कारण अपनों को खोया है, शारीरिक यातनाएँ झेली हैं अथवा विस्थापन का दंश सहा है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को ज्ञापन सौंपते हुए कुर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान को निर्णायक मोड़ तक पहुँचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बस्तर के हजारों परिवार चार दशकों से माओवादी आतंक की विभीषिका का सामना कर रहे हैं, जिसने क्षेत्र की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक बुनियाद को गहरा नुकसान पहुँचाया है। हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई और सरकार की समावेशी विकास की नीति से बस्तर में शांति और विकास की आशा फिर से जगी है। ग्रामीणों ने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों को इस नई जागरूकता और विश्वास का प्रतीक बताया।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कुर्रेगुट्टा में चलाया जा रहा सुरक्षा अभियान निर्णायक चरण में है। सरकार किसी भी कीमत पर नक्सल उन्मूलन अभियान को पूर्ण करेगी ताकि बस्तर के विकास को गति मिले। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद सिर्फ एक हिंसक आंदोलन नहीं, बल्कि हमारी सह-अस्तित्व पर आधारित संस्कृति पर खतरा भी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हर नक्सल पीड़ित परिवार के साथ सरकार खड़ी है और सुरक्षा बलों के मनोबल को तोड़ने या अभियान में बाधा डालने वाले किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि बस्तर में स्थायी शांति और समावेशी विकास ही सरकार का लक्ष्य है, और यह तभी संभव है जब क्षेत्र को हिंसा और भय के साये से पूरी तरह मुक्त किया जाए।मुख्यमंत्री श्री साय ने आशा व्यक्त की कि नक्सल विरोधी संघर्ष में जन-भागीदारी और जनविश्वास की शक्ति से हम निस्संदेह सफलता प्राप्त करेंगे और बस्तर को स्थायी शांति और विकास की दिशा में अग्रसर करेंगे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय की पहल से छत्तीसगढ़ के बर्खास्त बीएड शिक्षकों के जीवन में लौटी खुशियाँ: 26 सौ से अधिक युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का ऐतिहासिक निर्णय-शिक्षकों ने कहा – मुख्यमंत्री ने निभाई मुखिया की भूमिका: सुशासन और संवेदनशीलता का दिया उदाहरण-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का सहायक शिक्षकों ने जताया आभाररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से छत्तीसगढ़ के 26 सौ से अधिक बीएड अर्हताधारी बर्खास्त सहायक शिक्षकों के जीवन में खुशियां लौट आई है। प्रदेश सरकार ने बर्खास्त शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य के 2600 से अधिक युवाओं का भविष्य एक बार फिर संवर गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में बर्खास्त सहायक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ग़जमाला पहनाकर उनके प्रति कृतज्ञता जताई।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और उनसे अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों का और देश का भविष्य गढ़ना शिक्षकों का सबसे बड़ा कर्तव्य है। आप सभी अपने दायित्व के प्रति सचेत हों और इस भूमिका में सर्वोच्च योगदान दें।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की चिंता पहले दिन से की थी। आप हमारे प्रदेश के बच्चें है और आपके भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प हमने पहले से ले लिया था। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह कदम छत्तीसगढ़ के भविष्य निर्माताओं को नया संबल देगा और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा शिक्षक आने वाले वर्षों में प्रदेश की नई पीढ़ी को दिशा देंगे और छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर अग्रसर करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह निर्णय शिक्षकों के उज्जवल, सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की एक नई शुरुआत है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के साथ आपके नौकरी के संबंध में लगातार चर्चा होती थी। हमारे मुखिया इतने संवेदनशील है कि उन्होंने पहले ही दिन कहा था कि जितना भी आर्थिक बोझ पड़े राज्य सरकार अपने युवाओं के भविष्य को खतरे में नहीं डालेगी। उन्होंने कहा कि आपके परिजन भी लगातार हमसे संपर्क कर अपनी चिंता व्यक्त करते थे और आज मुख्यमंत्री ने उन सभी की चिंता को दूर करते हुए अपना वादा निभाया। मुख्यमंत्री जी ने न केवल अपना वादा निभाया है बल्कि अपनी इच्छा शक्ति से सुशासन को स्थापित करने का कार्य किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के इस ऐतिहासिक निर्णय ने पूरे देश में मिसाल कायम की है।इस अवसर पर युवाओं ने कहा कि नौकरी जाने के बाद वे अपने भविष्य को लेकर गहरी आशंका में थे और लगातार मानसिक पीड़ा झेल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता ने उन्हें संबल दिया। शिक्षकों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हर बार उनकी बात सुनी और भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने हमसे वादा किया था कि हमारे बेटे-बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया जाएगा और आज उन्होंने अपना वादा निभाकर एक अभिभावक की जिम्मेदारी पूरी की है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल युवा शिक्षकों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सरकार ने वास्तव में सुशासन और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। हमें गर्व है कि आज हमारे प्रदेश में ऐसी सरकार है जो हमारी पीड़ा को समझती है और संवेदनशीलता के साथ हमारी समस्याओं का समाधान करती है।
- -शासन की योजनाओं और सुशासन तिहार की पहल हेतु-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभारबालोद ।सुशासन तिहार 2025 बालोद जिले के ग्राम टेकापार की श्रीमती दामिनी यादव की जिंदगी में एक नई उम्मीद लेकर आया है। क्योंकि अब उसकी समस्या का त्वरित समाधान हो चुका है। दामिनी ने सुशासन तिहार के प्रथम चरण में ग्राम पंचायत में मनरेगा जॉब कार्ड के लिए आवेदन किया था। उनके इस आवेदन पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मनरेगा जॉब कार्ड बनाकर उन्हें प्रदान कर दिया है। श्रीमती दामिनी यादव एक गृहिणी है और अब तक वह अपने घर के कामकाज में ही व्यस्त रहती थी। लेकिन मनरेगा जॉब कार्ड मिलने के बाद अब उसके पास बाहर काम करने का अवसर होगा। इस जॉब कार्ड के जरिए वह मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों में हिस्सा ले सकेंगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। यह आय का एक नया स्रोत उसके परिवार को मजबूती देगा। दामिनी ने बताया कि उसे शासन की महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, जिसके तहत उसे प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। इस योजना ने उनके परिवार की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में मदद की है, और अब मनरेगा जॉब कार्ड के साथ वह अपने पैरों पर खड़े होने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ रही हैं। अपने आवेदन का त्वरित समाधान होने पर दामिनी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उसनेे कहा कि, मैंने सोचा नहीं था कि मेरा आवेदन इतनी जल्दी स्वीकार होगा। अब मैं अपने परिवार के लिए कुछ कर सकूंगी। यह सुशासन का असली लाभ है, जो हम जैसे ग्रामीणों के जीवन को बदल रहा है।उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार 2025, राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक त्वरित और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। सुशासन तिहार 2025 के तहत इस तरह की पहल से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और समृद्धि की नई उम्मीद जाग रही है।
- - लिखित परीक्षा 22 जून कोबालोद। होमगार्ड विभाग में महिला एवं पुरूष नगर सैनिकों के रिक्त पद की पूर्ति हेतु लिखित परीक्षा का आयोजन 22 जून 2025 को किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि होमगार्ड विभाग द्वारा 1715 महिला नगर सैनिकों तथा 500 नगर सैनिकों (जनरल ड्यूटी) के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु लिखित परीक्षा रविवार 22 जून 2025 को छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा राज्य के रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर एवं अम्बिकापुर जिले में आयोजित की जाएगी। पात्र अभ्यर्थी 30 मई 2025 को शाम 05 बजे तक व्यापम के वेबसाइट https://vyapamcg.cgstate.gov.in/ पर रजिस्ट्रेशन एवं ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं।
- -02 से 14 मई तक जिले के विभिन्न स्थानों में आयोजित होंगे शिविरदुर्ग, / केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 एवं केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के दिये गये प्रावधानों के साथ अतिरिक्त उच्च न्यायालय द्वारा समय-सयम पर जारी अन्य निर्देशों के पालन में प्रदेश़ में 01 अप्रैल 2019 के पूर्व के वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। उक्त निर्देश के अनुक्रम में आम जनता/कार्यालीयीन अधिकारी, कर्मचारियों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित कर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाये जाने की कार्यवाही संबंधित कंपनी यथा रोसमेरटा सेफ्टी सिस्टम लिमि. के कर्मचारी द्वारा की जा रही है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री एस.एल. लकड़ा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 02 मई 2025 तथा 05 मई 2025 तक कलेक्ट्रेट परिसर दुर्ग में, 06 मई 2025 तथा 07 मई 2025 को जिला न्यायालय परिसर दुर्ग में शिविर आयोजित की जाएगी। इसी प्रकार 09 मई 2025 को जिला पंचायत परिसर दुर्ग में, 10 मई 2025 तथा 11 मई 2025 को बस स्टैण्ड दुर्ग में और 13 मई 2025 व 14 मई 2025 को नगर पालिक निगम परिसर दुर्ग में शिविर आयोजित की जाएगी। उक्त शिविर में आवेदक अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड के साथ उपस्थित होकर निर्धारित शुल्क जमा कर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट हेतु आर्डर कर सकते है।
- दुर्ग /दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत बोराई में महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती भारती टंडन और उनके समूह की दीदीयां मिलेट्स (मोटे अनाज) से स्वादिष्ट व्यंजन बना रही हैं, जिससे न केवल उन्हें आत्मनिर्भरता मिल रही है, बल्कि उनके उत्पादों की मांग भी बढ़ रही है।बिहान स्व-सहायता समूह से जुड़ी श्रीमती भारती टंडन ने 2018 से समूह के साथ काम करना शुरू किया। शुरुआत में उनके समूह ने मुरकु, पापड़ का निर्माण किया और उससे 10,000 रुपये का लाभ प्राप्त किया। बाद में, उन्होंने मसाला और खाद निर्माण में भी कदम रखा और इससे 60-70 हजार रुपये का मुनाफा हुआ। खाद निर्माण से समूह को 2-3 लाख रुपये का फायदा हुआ। अब, श्रीमती टंडन और उनके समूह ने मिलेट्स (मोटे अनाज) से स्वादिष्ट व्यंजन बनाने की ओर कदम बढ़ाया है। कृषि विज्ञान केंद्र अंजोरा से मिली प्रशिक्षण के बाद, उन्होंने मिलेट्स से विभिन्न प्रकार के पकवानों का निर्माण शुरू किया। इस कदम से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उनके उत्पादों की मांग भी बढ़ी है।हाल ही में श्रीमती भारती टंडन ने जिला पंचायत परिसर में अपना स्टाल लगाया और वहां अपनी बनाई हुई व्यंजन बेची। साथ ही, आईआईटी भिलाई में भी एक स्टाल लगाया गया, जिसमें 66,000 रुपये का विक्रय हुआ और 30,000 रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई। श्रीमति टंडन बताती हैं कि वर्तमान में मिलेट्स और अन्य कार्यों से वे 3-4 लाख रुपये का लाभ कमा रही हैं और वे अब “लखपति दीदी“ के रूप में काम कर रही हैं। मिलेट्स को पोषक तत्वों से भरपूर और ग्लूटन-फ्री होने के कारण बहुत महत्व दिया जा रहा है, और इन्हें “श्रीअन्न“ के नाम से भी जाना जाता है।स्व-सहायता समूह के सदस्य सीमा बाई, नंदकुमारी, सेज बाई, वर्षा, द्रौपती, चित्ररेखा, ज्योति, निर्मला, प्रमिला बंजारे मिलकर रागी, बाजरे का लड्डू, सलोनी, खुर्मी, अनरसा, ठेठरी और अन्य गरम नास्ते जैसे पकवान तैयार कर रहे हैं। वे कोदो की खिचड़ी, इडली, पकोड़े और अन्य व्यंजन भी बना रहे हैं। श्रीमती भारती टंडन और उनके समूह की महिलाएं मिलेट्स से बने स्वादिष्ट व्यंजनों के माध्यम से अपनी आत्मनिर्भरता बढ़ा रही हैं और दूसरों के लिए एक प्रेरणा बन रही हैं।
- आमजन 15 मई तक कर सकते हैं दावा आपत्तिरायपुर/ जिले के भारतमाला परियोजना के अंतर्गत किए गए भू-अर्जन की जानकारी रायपुर जिले की वेबसाईट में अपलोड किया गया है। इसमें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी अभनपुर एवं आरंग से प्राप्त निर्धारित प्रपत्र की जानकारी पत्र के साथ संलग्न है।अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर ने कहा कि भू-अर्जन में आम व्यक्ति को निर्धारित प्रपत्र के अनुसार आम व्यक्ति को शिकायत हो तो संबंधित एसडीएम अभनपुर एवं आरंग और भू-अर्जन अधिकारी-अभनपुर एवं आरंग कार्यालय में अपनी दावा आपत्ति 15 मई 2025 तक दर्ज करवा सकते है।
- भिलाईनगर। मजदूर दिवस के अवसर पर नगर पालिक निगम भिलाई के आश्रय स्थल में निवासरत मजदूरो का मजदूर कार्ड एवं राशनकार्ड बनाया गया। नगर निगम भिलाई आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय आश्रय स्थल का निरीक्षण करने गए। वहां पर निवासरत लोगों ने बताया कि कुछ लोगो के पास राशनकार्ड एवं मजूदर कार्ड नहीं है। जबकि वे घरो में बर्तन धोना, झाडू पोछा आदि का काम करते है। आयुक्त द्वारा राशनकार्ड विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी का राशनकार्ड एवं मजूदर कार्ड शीध्र बनवा दिया जाए। 3 मजदूर श्रीमती प्रिया भोंडेकर, रेखा ठाकरे, मुरली डोंगरे का राशन कार्ड नही बना था, जिसे बनवाकर दे दिया गया। उसी प्रकार 4 मजदूर श्रीमती राजवती, युवराज कुमार, मोहन, मंडावी, शोभा साहू जिनके पास मजदूर कार्ड नहीं था। जिसके कारण इनका राशन कार्ड नहीं बन पा रहा था। जिनका मजूदर कार्ड नहीं था उनका मजदूर कार्ड बनाने के लिए आनलाईन आवेदन कर दिया गया है। मजदूर कार्ड बन जाने के बाद उसी के आधार पर राशनकार्ड बना दिया जायेगा।आयुक्त ने राशनकार्ड प्रभारी शालिनी गुरव एवं शशीभूषण मोहंती से पूछा कि इसका राशन कार्ड निरस्त क्यों हो रहा है। इसका पता जब खादय विभाग से किया गया तब ज्ञात हुआ कि मुरली डोंगरे का नाम उनके बेटे के साथ दुर्ग में जुड़ा हुआ है। बेटे के द्वारा दुर्ग में पिता के हिस्से का राशन लिया जा रहा था, लेकिन अपने साथ नहीं रखता है। ऐसे लोग निगम के आश्रय स्थल में रहकर अपना गुजर-बसर कर रहे है। खादय विभाग से संपर्क करके मुरली डोंगरे का नाम बेटे के साथ जुड़ा था उसे कटवा दिया गया। फिर उसके स्वयं के नाम से राशन कार्ड बना दिया गया।स्वास्थ्य विभाग के 450 से अधिक मजदूरो का आज मेडिकल चेकप कराया गया। जिसमें बीपी, सुगर, थाईराइड, अस्थमा, खून जाॅच एवं अन्य बिमारियों का जाॅच कराया गया, उन्हे दवा भी वितरित की गई। मजदूरो ने यह भी बताया कि जब से निगम भिलाई मे ंहम लोगो की डयूटी समय सुबह 5 बजे से कर दिया गया है तब से हम लोगो को गर्मी से बहुत राहत मिल रही है। 1 घंटा पहले हमे अवकाश मिल जाता है। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना, अनिल मिश्रा, बीरेन्द्र बंजारे, हेमंत मांझी, वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक व्ही के सेमुवल, कमलेश द्विवेदी, अंजनी सिंह आदि सहयोगी रहे।

.jpg)






.jpeg)













.jpg)




.jpg)