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भिलाई नगर निगम के दिशा निर्देश में युवोदय स्वयंसेवको एवं 250 स्कूली बच्चों के द्वारा निकाली गयी जागरूकता रैली
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन एवं नगर निगम भिलाई कमीश्नर श्री देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में युवोदय स्वयंसेवकों द्वारा सोमवार को दोपहर 2.30 बजे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामनगर मुक्तिधाम, भिलाई में नशामुक्ति, डायरिया एवं स्वच्छता जागरूकता अभियान के तहत एक रैली का आयोजन किया गया, इसमें लगभग 250 बच्चों ने भागीदारी निभाई। इस कार्यक्रम में तीन विद्यालयों के बच्चों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
रैली का शुभारंभ शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामनगर मुक्तिधाम से किया गया, जहां बच्चों ने नशामुक्ति, डायरिया की रोकथाम एवं स्वच्छता के महत्व पर जोर देते हुए नारे लगाए और पोस्टर प्रदर्शित किए। इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में नशे की लत को रोकना, डायरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम करना और स्वच्छता के विभिन्न थीम सिंगल यूज प्लास्टिक, गिला कचरा-सुखा कचरा, होम कंपोस्ट बनाने की विधि के प्रति लोगों को जागरूक करना था। कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्कूलों के नाम इस प्रकार हैं - शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामनगर, महारानी लक्ष्मीबाई माध्यमिक विद्यालय, शहीद वीरनारायण सिंह विद्यालय। इस अवसर पर जोन कमिश्नर सुश्री ऐशा लहरे के द्वारा प्राचार्य एवं स्कूल शिक्षको के उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया गया। रैली भिलाई नगर निगम के रामनगर क्षेत्र के विभिन्न चौक चौराहों से होते हुए गुजरा । नगर निगम टीम के द्वारा बच्चों को जागरूकता फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया और उनके प्रयासों की सराहना की। इस प्रकार के अभियान समाज को स्वस्थ और स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को किए गए और उनके प्रयासों की सराहना की गई। युवोदय स्वयंसेवकों ने भी इस सफल आयोजन के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस जागरूकता अभियान के माध्यम से न केवल बच्चों में बल्कि समुदाय के सभी लोगों में भी नशामुक्ति, डायरिया की रोकथाम और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है। भविष्य में भी इस प्रकार के अभियान जारी रखने का संकल्प लिया गया है। -
दुर्ग/ जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग द्वारा जिले में नियोजक द्वारा उपलब्ध 77 रिक्त पदों को भरने के लिए प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन 08 अगस्त को सुबह 10.30 बजे से जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग में किया जाएगा। प्लेसमेंट कैम्प में नियोजक वास्लोह बीके कास्ंिटग लिमिटेड के 2, एडलवाइस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के 10, स्टारेक्स मिनरल्स इंडिया प्राईवेट लिमिटेड के 54, हेवी मशीन ड्राईवर के 10, टेंडर/सेल्स ऑफिसर के एक पदों पर भर्ती की जाएगी।
जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग के उप संचालक श्री आर.के.कुर्रे के अनुसार इच्छुक आवेदक समस्त शैक्षणिक मूल प्रमाण एवं अंकसूची, पहचान पत्र (मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड, पेन कार्ड, ड्रायविंग लाइसेंस, राशन कार्ड) रोजगार कार्यालय का पंजीयन पत्रक, छ.ग.निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र के साथ उपस्थित हो सकते हैं। पदों, योग्यता, आयु एवं अनुभव से संबंधित जानकारी आवेदक प्लेसमेंट कैम्प स्थल पर प्राप्त कर सकते हैं। -
कलेक्टर सुश्री चौधरी ने मॉनिटरिंग हेतु 177 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई
दुर्ग/ राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार जिले के 177 संकुलों द्वारा चिन्हांकित विद्यालयों में 06 अगस्त 2024 को प्रथम पालक शिक्षक मेगा बैठक का आयोजन किया जा रहा है। उक्त बैठक प्रातः 10 बजे से प्रारंभ होगी। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने बैठक की सुचारू संचालन एवं मॉनिटरिंग हेतु 177 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। उक्त अधिकारी बैठक की कार्य गतिविधियों पर नजर रखेंगे और संपूर्ण जानकारियां संबंधी प्रतिवेदन शिक्षा विभाग को प्रस्तुत करेंगे। पालक शिक्षक बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी पालकों में उनके बच्चों एवं विद्यालय की संपूर्ण गतिविधियों के संबंध में जागरूकता लाना है, ताकि पालकों एवं शिक्षकों के सामूहिक प्रयास से बच्चों के बेहतर भविष्य के नींव गढ़ी जा सकें। शिक्षकों एवं पालकों के मध्य समन्वय स्थापित करना। पालकों को उनके बच्चों की पढ़ाई में मदद हेतु समाधानकारक, उपाय एवं सुझाव से अवगत कराना तथा शासन द्वारा बच्चों हेतु संचालित योजनाओं एवं शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन हेतु जिले में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों से पालकों को अवगत कराना है। संकुल प्राचार्य की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में समस्त सम्मानीय जनप्रतिनिधि, समस्त एस.एम.डी.सी. एवं एस.एम.सी. के सदस्य, समस्त पालकगण, मेधावी छात्र एवं उनके पालक और शिक्षकगण सम्मिलित होंगे। चर्चा हेतु मुख्य 12 बिन्दु निर्धारित है। जिसमें मेरा कोना, छात्र दिनचर्या, बच्चों ने आज क्या सिखा, बच्चा बोलेगा बेझिझक, बच्चों की अकादमिक प्रगति एवं परीक्षा पर चर्चा, पुस्तक की उपलब्धता सुनिश्चित करना, बस्ता रहित शनिवार, विद्यार्थियों की आयु/कक्षा अनुरूप स्वास्थ्य परीक्षण एवं पोषण की जानकारी, जाति/आय/निवास प्रमाण पत्र, नेवता भोजन, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं/छात्रवृत्ति एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी पर चर्चा तथा विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यम से शिक्षा हेतु पालकों एवं छात्रों को अवगत कराना आदि शामिल है। -
दुर्ग/ राज्य शासन के राजपत्र (असाधरण) में प्रकाशित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिसूचना के तहत अनुुविभागीय अधिकारी (रा.) पाटन को नगर पालिका अमलेश्वर की परिषद के कर्त्तव्यों के निर्वहन हेतु प्रशासक पद पर पदस्थ किया गया है। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने नगर पालिका अधिनियम 1901 की वैधानिक प्रावधानों में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए नगर पालिका अमलेश्वर की परिषद के कर्त्तव्यों के निर्वहन हेतु अनुविभागीय अधिकारी (रा.) पाटन को प्रशासक नियुक्त किया है। आदेश के परिपालन में अनुविभागीय अधिकारी (रा.) पाटन श्री लवकेश ध्रुव द्वारा 30 जुलाई 2024 को अपरान्ह प्रशासक नगर पालिका परिषद अमलेश्वर के पद में कार्यभार ग्रहण किया गया है।
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सावधानी रखकर बीमारियों से बचे.. हरेली में रात्रि भ्रमण,
रायपुर/ अंधविश्वास, पाखंड व सामाजिक कुरीतियों के निर्मूलन के लिए कार्यरत संस्था अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा हरियाली के प्रतीक हरेली अमावस्या की रात को ग्रामीणजनों के मन से टोनही, भूत-प्रेत का खौफ हटाने के लिए समिति ने गांवों मे रात्रि भ्रमण कर ग्रामीणजनों से संपर्क किया,,समिति के दल ने रात्रि 11.00 बजे से रात्रि 3.00 बजे तक पठारीडीह, कन्हेरा , कंडारका, पिरदा, भालेसर, हरदी, उरला, ग्रामों का दौरा किया। रात्रि में नदी तट ,तालाब,श्मशान घाट पर भी गए.कहीं कहीं ग्रामीणों ने जादू-टोना, झाडफ़ूंक पर विश्वास होने की बात स्वीकार की। लेकिन किसी ने भी कोई अविश्वसनीय चमत्कारिक घटना की जानकारी नहीं दी। समिति के दल में शामिल डॉ दिनेश,मिश्र डॉ.शैलेश जाधव, ज्ञानचंद विश्वकर्मा, डॉ प्रवीण देवांगन, प्रियांशु पांडे, ने अनेक ग्रामीणों से चर्चा की.
डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा ग्रामीण अंचल में हरियाली अमावस्या (हरेली) के संबंध में काफी अलग अलग मान्यताएं हैं अनेक स्थानों पर इसे जादू-टोने से जोड़कर भी देखा जाता है, कहीं-कहीं यह भी माना जाता है कि इस दिन, रात्रि में विशेष साधना से जादुई सिद्वियां प्राप्त की जाती है जबकि वास्तव में यह सब परिकल्पनाएं ही हैं, जादू - टोने का कोई अस्तित्व नहीं है तथा कोई महिला टोनही नहीं होती। फिर भी अंधविश्वास के कारण महिला प्रताड़ना की अनेक घटनाएं सामने आती हैं ,पिछले सप्ताह ही दुर्ग, रायगढ़,बस्तर , सरगुजा से ऐसी घटनाएं सामने आई है. पहले जब बीमारियों व प्राकृतिक आपदाओं के संबंध में जानकारी नहीं थी तब यह विश्वास किया जाता था कि मानव व पशु को होने वाली बीमारियां जादू-टोने से होती है। बुरी नजर लगने से, देखने से लोग बीमार हो जाते है तथा इन्हें बचाव के लिए गांव, घर को तंत्र-मंत्र से बांध देना चाहिए तथा ऐसे में कई बार विशेष महिलाओं पर जादू-टोना करने का आरोप लग जाता है वास्तव में सावन माह में बरसात होने से वातावरण का तापमान अनियमित रहता है, उमस, नमी के कारण बीमारियों को फैलाने वाले कारक बैक्टीरिया,फंगस वायरस अनुकूल वातावरण पाकर काफी बढ़ जाते हैं, वही दूसरी ओर गंदगी, प्रदूषित पीने के पानी, भोज्य पदार्थ के दूषित होने, मक्खियां, मच्छरो के बढने से बीमारियां एकदम से बढ़ने लगती हैं जिससे गांव, गांव में आंत्रशोध, पीलिया, वायरल फिवर,डेंगू, मलेरिया के मरीज बढ़ जाते है तथा यदि समय पर ध्यान नहीं दिया गया हो तो पूरी बस्ती ही मौसमी संक्रामक रोगों की शिकार हो जाती है। वहीं हाल फसलों व पशुओं का भी होता है, इन मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए पीने का पानी साफ हो, भोज्य पदार्थ दूषित न हो, गंदगी न हो, मक्खिंया, मच्छर न बढ़े,जैसी बुनियादी बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां रखने से लोग पशु कोरोना तथा अन्य संक्रमणों व बीमारियों से बचे रह सकते है। इस हेतु किसी भी प्रकार के तंत्र-मंत्र से घर, गांव बांधने की आवश्यकता नहीं है। साफ-सफाई अधिक आवश्यक है, इसके बाद यदि कोई व्यक्ति इन मौसमी बीमारियों से संक्रमित हो तो उसे फौरन चिकित्सकों के पास ले जाये, संर्प दंश व जहरीले कीड़े के काटने पर भी चिकित्सकों के पास पहुंचे। बीमारियों से बचने के लिए साफ-सफाई, पानी को छानकर, उबालकर पीने, प्रदूषित भोजन का उपयोग न करने तथा गंदगी न जमा होने देने जैसी बातों पर लोग ध्यान देंगे तथा स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहेंगे तो तंत्र-मंत्र से बांधनें की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बीमारियों खुद-ब-खुद नजदीक नहीं फटकेंगी, मक्खिंया व मच्छर किसी भी कथित तंत्र-मंत्र से अधिक खतरनाक है।
डॉ. मिश्र ने कहा ग्रामीणजनों से अपील है कि वे अपने गांव में अंधविश्वास न फैलने दे तथा ध्यान रखें कि गांव में कोई महिला को जादूटोने के आरोप में प्रताडि़त न किया जाये। कोई भी नारी टोनही नही होती. ग्रामीणों ने आश्वस्त किया कि उनके गांव में कभी भी किसी महिला को टोनही के नाम पर प्रताडि़त नहीं किया जावेगा तथा ध्यान रखेंगे कि आसपास में ऐसी कोई घटना न हो। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि यह माना जाता है कि हरेली की रात टोनही बरती (जलती हुई) दिखाई देती है। लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि यह सब सुनी सुनायी बातें हैंै। समिति को कोई भी ऐसा प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला जिसने ऐसी कोई चमत्कारिक घटना देखी हो। लेकिन रात्रि में लोग खौफजदा रहते है और घर से बाहर निकलने में डरते है। ग्रामीण टोनही के अस्तित्व पर या उसके कारगुजारियों पर चर्चा जरूर करते हैं पर यह नहीं बता पाते कि किसी ने हरेली के रात वास्तव में कुछ करते हुए देखा।
डॉ. मिश्र ने कहा कि सुनी सुनायी बातों के आधार पर अफवाहें एवं भ्रम फैलता है, वास्तव में ऐसा कुछ भी चमत्कार न हुआ है और न संभव है। इसलिये किसी भी को ग्रामीण को कथित जादू-टोने अथवा टोनही भ्रम व भय में नहीं पडना चाहिए। - -ट्रांसजेंडरों ने दी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां-छत्तीसगढ़ी, राजस्थानी, कत्थक, ओड़िशी और लावनी नृत्य की जुगलबंदी पर थिरके कलाकार-ट्रांसजेंडर कलाकारों ने दिया दहेज उन्मूलन पर संदेश-ट्रांस-माडलों ने छत्तीसगढ़ी व इन्द्रधनुषी थीम पर फैशन का जलवा रैंप पर दिखायारायपुर / आज राजधानी रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय के मुक्ताकाशी मंच में ’राज्यस्तरीय ट्रांसजेंडर सांस्कृतिक संध्या’ सांझ-6 का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ इकलौता ऐसा राज्य है जहां ट्रांसजेंडर समुदाय की सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य शासन द्वारा मंच प्रदान किया जाता है।इस कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति व पुरातत्व विभाग तथा छत्तीसगढ़ मितवा संकल्प समिति के संयुक्त तत्वाधान में किया गया था। इस कायर्क्रम के मुख्य अतिथि विधायक श्री पुरंदर मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में संचालक पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग श्री विवेक आचार्य उपस्थित थे। इसके साथ सहायक संचालक, संस्कृति व पुरात्तव विभाग तनुजा बघेल, विशेष अतिथि के रूप छत्तीसगढ़ किन्नर समाज की प्रमुख नगीना नायक, विशिष्ट अतिथि के रूप में सुनीता चंसोरिया, सहायक प्राध्यापक दुर्गा महाविद्यालय तथा प्रीतम महानंद, सांसद प्रतिनिधि उपस्थित थे।कार्य़क्रम सांझ -6 में तृतीय लिंग समुदाय के कलाकारों ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां दी। दीप प्रज्ज्वल के पश्चात पहली एकल प्रस्तुत मीरा यादव द्वारा ओडीसी नृत्य के माध्यम से किया गया। पहली सामूहिक प्रस्तुति प्रतिमा ग्रुप द्वारा राजस्थानी नृत्य से कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसके बाद स्वरागिनी ग्रुप के कलाकारों ने भी राजस्थानी व छत्तीसगढ सुआ गीत, कर्मा गीत, ददरिया व होली के गीतों में अपनी प्रस्तुति देकर लोगों को झूमने को मजबूर कर दिया। तीसरी प्रस्तुति के रुप में रायपुर के श्री युवराज बाध एवम साथी द्वारा कत्थक में शिव वंदना की प्रस्तुति दी गई। इसके साथ-साथ उन्होंने कत्थक तिहाई, परन और ठुमरी में अपने अंदाज से लोगों को दिल जीत लिया। उल्लेखनीय है कि युवराज बाध जी कत्थक नृत्य के क्षेत्र में गुररत्न अवार्ड, मधुपुरम अवार्ड, मधुपुरम सम्मान, गुरू बह्म अवार्ड तथा नृत्य माया अवार्ड प्राप्त कर चुके हैं।प्रतिमा डांस ग्रुप द्वारा समाज में व्याप्त दहेज की कुरितियों से संबंधित एक संगीतमय नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी गई। इस नृत्य नाटिका के माध्यम से दहेज प्रथा के खिलाफ संदेश दिया गया, जो बहुत की आकषर्क ढंग से प्रस्तुत किया गया। समुदाय के कई कलाकारों द्वारा एकल विधा में उपशास्त्रीय नृत्य में प्रस्तुति दी गई। पिथौरा महासमुंद की चुरकी मुरकी डांस ग्रुप के कलाकारों ने अपने अंदाजों से सभी ओडियंस का मन जीता। कार्यक्रम के दूसरे चरण में ट्रांसजेंडर युवाओं ने रैंप पर फैशन शो किया। ये सरोना स्थित गरिमा गृह के विद्यार्थी थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ी, इंडियन थीम तथा इन्द्रघनुषी थीम पर रैप पर माडलिंग किया।फैशन शो और नृत्य के दौरान दर्शको ने समुदाय के व्यक्तियों का उत्साहत वर्धन किया तथा कार्यक्रम में समुदाय के वरिष्ठ लोगों द्वारा सभी कलाकारों का श्रीफल, साल तथा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में छत्तीसगढ़ मितवा संकल्प समिति के अध्यक्ष विद्या राजपूत ने कलाकारों, दर्शकों एवम संस्कृति एवम पुरातत्व विभाग, क्वीरगढ LGBTQ समूह, वॉक इन टॉक फूड कॉर्नर, अनंत प्रवाह कत्थक केन्द्र के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया जिनके सहयोग से यह कार्यक्रम संपन्न हो सका।
- -विश्वविद्यालय तथा भारतीय मानक ब्यूरो के मध्य हुआ अनुबंधरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित सभी कृषि प्रदर्शन प्रक्षेत्रों में अब भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा तय कृषि पद्धतियों का उपयोग किया जाएगा। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा भारतीय मान ब्यूरो के मध्य इस संबंध में आज यहां एक अनुबंध किया गया जिसके तहत कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित सभी प्रदर्शन प्रक्षेत्रों में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा अनुशंसित मानक पद्धतियों का अनुसरण किया जाएगा। अनुबंध पत्र पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल तथा भारतीय मानक ब्यूरो के उप महानिदेशक श्री दिव्येंदु चक्रवर्ती ने हस्ताक्षर किये। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय भारत का दूसरा कृषि विश्वविद्यालय है जहां भारतीय मानक ब्यूरो तय मानकों का उपयोग किया जाएगा। अनुबंध के तहत भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा कृषि विश्वविद्यालय में अनुसंधान करने वाले शोधार्थियों को मानक अनुसंधान क्रियाओं का प्रयोग करने हेतु वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी जिससे अनुसंधान कार्यां की गुणवत्ता बढ़ेगी और शोधार्थियों को प्रोत्साहन प्राप्त होगा।इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में विभिन्न अंचलों में अलग-अलग कृषि पद्धतियां एवं क्रियाओं का उपयोग किया जाता है जिसकी वजह से इसमें विविधताएं पाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित विभिन्न प्रदर्शन प्रक्षेत्रों में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा अनुशंसित कृषि पद्धतियों एवं प्रक्रियाओं का उपयोग करने से कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में वृद्धि होगी तथा उत्पादन में इजाफा होगा, इससे यहां होने वाले प्रदर्शनों का अवलोकन कर छत्तीसगढ़ के किसान भी लाभान्वित होंगे। डॉ. चंदेल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, पंत नगर कृषि विश्वविद्यालय, उत्तराखण्ड के बाद देश का ऐसा दूसरा विश्वविद्यालय बन गया है जहां भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा अनुशंसित कृषि पद्धतियों का अनुसरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम रायपुर स्थित प्रदर्शन प्रक्षेत्र में इन मानकों का उपयोग किया जाएगा और धीर-धीरे विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त प्रदर्शन प्रक्षेत्रों को मानक पद्धतियों के अंतर्गत लाया जाएगा। भारतीय मानक ब्यूरो के उप महानिदेशक श्री दिव्येंदु चक्रवर्ती ने इस अवसर पर कहा कि आज का दिन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा भारतीय मानक ब्यूरो दोनों के लिए काफी महत्वपूर्ण है जब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अपने प्रक्षेत्रों में ब्यूरो द्वारा निर्धारित मानकों के उपयोग हेतु समझौता किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में 22 हजार से ज्यादा मानक निर्धारित किये गये हैं जिनमें अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रौद्योगिकी, खाद्य उत्पाद, ग्राहक सेवाएं, कृषि अनुसंधान आदि क्षेत्र शामिल हैं। भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा विभिन्न उत्पादों एवं प्रक्रियाओं के लिए आई.एस.आई., हॉलमार्क जैसे मानक निर्धारित किये गये हैं जिससे ग्राहकों एवं उपयोगकर्ताओं को उत्पादों एवं सेवाओं के मानकीकृत होने का भरोसा मिलता है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा देश के 100 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों के साथ में शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्रों में अनेक अनुबंध किये गये हैं।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान विवेक कुमार त्रिपाठी ने स्वागत भाषण उद्बोधन में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा भारतीय मानक ब्यूरो के मध्य संपादित अनुबंध के बारे में जानकारी दी। भारतीय मानक ब्यूरो के राज्य प्रमुख श्री सुरेश कुमार ने ब्यूरो द्वारा संचालित गतिविधियों एवं उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. जी.के. दास, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टुटेजा, निदेशक प्रक्षेत्र एवं बीज डॉ. राजेन्द्र लाकपाले, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विनय कुमार पाण्डेय, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. ए.के. दवे एवं विभिन्न विभागा के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, वैज्ञानिक सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- रायपुर । स्थानीय दीनदयाल उपाध्याय नगर निवासी कर्मचारी नेता 64 वर्षीय अजय तिवारी ( बड़गांव वाले ) का आज सोमवार को संध्या बेला में निधन हो गया । वे स्वर्गीय बालकृष्ण तिवारी के पुत्र , श्रीमती आभा तिवारी के पति व अभिनव तिवारी के पिता थे । अंतिम संस्कार कल मंगलवार को पूर्वान्ह 10 बजे गृहग्राम बड़गांव ( चंदखुरी फार्म ) स्थित मुक्तिधाम में होगा ।
- -बलौदाबाजार जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के दीक्षारंभ समारोह में शामिल हुए राजस्व मंत्री-वटगन महाविद्यालय में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 20 लाख रूपये स्वीकृतरायपुर / देश की तरक्की की राह में युवाओं का योगदान सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लागू की गई। नई शिक्षा नीति का छत्तीसगढ़ में क्रियान्वयन हो रहा है। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा बलौदाबाजार जिले के विभिन्न कॉलेजों में आयोजित दीक्षारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है।राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि नई शिक्षा नीति में नौकरी की जगह स्वरोजगार पर जोर दिया गया है, ताकि व्यक्ति आत्मनिर्भर होकर खुद को नौकरी के बजाय अन्य लोगों को नौकरी प्रदान कर सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति में मातृभाषा में पढ़ाई के साथ-साथ देश की संस्कृति, सभ्यता को महत्व दिया गया है, जिससे छात्रों में गौरवशाली संस्कृति से परिचित हो सके। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में नवीनतम तकनीकी ज्ञान का भी समावेश किया गया है।राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने नवीन शासकीय महाविद्यालय वटगन, शासकीय बृजलाल वर्मा महाविद्यालय पलारी एवं शासकीय दाऊ कल्याण आर्टस एवं वाणिज्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलौदाबाज़ार के कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने नवप्रवेशी कॉलेज छात्र छात्राओं का तिलक लगाकर स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने होनहार एवं परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने इस मौके पर वटगन कॉलेज के विभिन्न विकास कार्यों के लिए 20 लाख रूपये की स्वीकृति की घोषणा की। इस राशि में 10 लाख रूपये के मुख्य सड़क मार्ग से कॉलेज तक पहुंचमार्ग और 10 लाख रूपये सायकल स्टैण्ड, आवश्यक फर्नीचर सहित बाउंड्री वॉल के लिए व्यय की जाएगी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि कॉलेज को संवारने की जिम्मेदारी हमारी है। हम सब मिलकर इस कॉलेज के लिए बेहतर कार्य करेंगे। इन कार्यक्रमों में पूर्व विधायक सनम जांगड़े, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पूर्व अध्यक्ष योगेश चंद्राकर, पलारी नगर पंचायत यशवर्धन वर्मा, स्काउट गाइड के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय केशरवानी विद्यालय बलौदाबाजार में नगर पालिका परिषद् अध्यक्ष चितावर जायसवाल, पूर्व अध्यक्ष अशोक जैन सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र और उनके पालकगण शामिल हुए।
- -शासकीय इंजीनियर विश्वेश्वरैया पीजी कॉलेज के दीक्षारंभ समारोह में शामिल हुए मंत्री श्री देवांगन- नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का किया हौसला अफजाईरायपुर / प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन आज कोरबा स्थित शासकीय इंजीनियर विश्वेश्वरैया स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोरबा के दीक्षारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री श्री देवांगन ने वाणी की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित किया। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने कहा की सभी शासकीय, निजी कॉलेजों में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को नए परिवेश में सहज महसूस कराने, उनमें संस्थान की विशिष्ट प्रकृति तथा संस्कृति को सिखाने, अन्य छात्रों और संकाय सदस्यों के साथ संबंध बनाने तथा उन्हें व्यापक उद्देश्य तथा स्वयं की खोज की भावना से परिचित कराने के उद्देश्य से दीक्षारंभ समारोह का आयोजन किया जा रहा है।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम में अलग-अलग विषयों से अवगत होंगे, निश्चित रूप से भविष्य में हमारी शिक्षा नीति विश्व स्तर पर नई पहचान बनायेगी। उन्होंने छात्राओं को निरंतर आगे बढ़ते रहने एवं आदर्श छात्र जीवन जीने की बात कही।नवीन शिक्षा नीति युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करने का साधन बनने जा रहा है।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि यह जिले का सबसे बड़ा महाविद्यालय है। आज नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए प्रवेश का प्रथम दिवस है। उन्होंने कहा की आप विद्यालय की पढ़ाई पूर्ण कर महाविद्यालय में प्रवेशित हो रहे हैं, जिस प्रकार एक पौधा रोपण होता है, उसके बाद वो पौधा बड़ा पेड़ बनता है और संपूर्ण प्रकृति को ठंडक प्रदान करता है। ठीक उसी प्रकार आज आपका भी पदार्पण हुआ है। महाविद्यालय में यहां से विद्यार्जन करके निकलेंगे तो राष्ट्र के लिए आप भी उपलब्धियां लेकर राष्ट्र का नाम रोशन करेंगे।इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ साधना खरे, जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष श्रीमती कविता सिंह राजपूत, वार्ड क्रमांक 16 के पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन, जिला उपाध्यक्ष श्री प्रफुल्ल तिवारी, डॉ. रेणु बाला शर्मा, डॉ एस के गोभिल, डॉ अवंतिका कौशिल समेत अधिक संख्या में छात्र गण और अध्यापक गण उपस्थित रहे।मिनीमता और अग्रसेन कन्या महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री श्री देवांगनकोरबा स्थिति शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय और श्री अग्रेसन कन्या महाविद्यालय में भी आयोजित दीक्षारंभ समारोह में मंत्री श्री देवांगन शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज से आप महाविद्यालय के छात्र हैं और ज्ञान के इस मंदिर का प्रयोग कर अपने भविष्य को चहुंमुखी विकास की ओर ले जा पाएंगे। नवीन शिक्षा नीति का उपयोग कर नई शिक्षा को जीवन मे उतारते हुए सम्पन्न और विकसित भारत की संकल्पना में अपना योगदान दे पाएंगे।
- रायपुर, /किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत गठित राज्य बाल संरक्षण समिति की कार्यकारिणी तथा आमसभा बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग एवं पदेन अध्यक्ष राज्य बाल संरक्षण समिति श्रीमती शम्मी आबिदी की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आज सम्पन्न हुई। सचिव महिला एवं बाल विकास द्वारा बैठक में बाल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर एवं विभिन्न विभागों के साथ समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। संयुक्त संचालक, मिशन वात्सल्य द्वारा वर्तमान में राज्य में बाल संरक्षण के क्षेत्र में किये जा रहे विभिन्न कार्यों, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 यथा संशोधित 2021 के क्रियान्वयन हेतु संचालित मिशन वात्सल्य के तहत प्रदान की जा रही संस्थागत एवं गैर संस्थागत देखरेख सेवाओं की जानकारी का प्रस्तुतीकरण किया गया।बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 93 बाल देखरेख संस्थाएं संचालित हैं, जिनमें देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए 67 एवं विधि से संघर्षरत बच्चों के लिए 26 संस्थाएं संचालित हैं। इन संस्थाओं में 2046 बच्चे निवासरत हैं, जिनमें से 1318 बच्चे शाला में अध्ययनरत एवं 29 बच्चे ओपन स्कूल के माध्यम से परीक्षा देंगे। वर्ष 2023-24 में बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत 10वी के 32 एवं 12वी के 23 बच्चे प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। आगामी शिक्षा सत्र के विषय चयन हेतु 136 बच्चों का एप्टीट्यूड टेस्ट कराया गया। कोंडागांव एवं महासमुंद जिले के बच्चों द्वारा जुडो, तीरंदाजी खेलों में प्रदर्शन किया गया। जिसके फलस्वरूप सांई हॉस्टल एवं खेल अकादमी में प्रवेश प्रदाय किया गया है। सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संस्थागत देखरेख में निवासरत बालकों के सर्वांगीण विकास हेतु अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने, कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने, बच्चों की समुचित स्वास्थ्यगत देखभाल करने हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग एवं संबंधित विभागों की संयुक्त कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कियान्वयन हेतु निर्देशित किया गया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग को उनकी गतिविधियों में इन बच्चों को शामिल करने के निर्देश दिये गये।गैर संस्थागत देखरेख अंतर्गत दत्तक ग्रहण में वर्ष 2023-24 में 79 बालक एवं इस वर्ष 20 बालक दत्तक ग्रहण में दिये गये। स्पांसरशिप कार्यक्रम के अंतर्गत 812 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। सचिव द्वारा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने एवं अधिकतम पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिये गये। फास्टर केयर के अंतर्गत 14 बच्चे एवं आफ्टर केयर में 85 बच्चों को लाभान्वित किया गया।किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम, 2015 यथा संशोधित 2021 के प्रावधान के अनुसार छत्तीसगढ़ बाल कोष का गठन किया गया है, जिसमें जिलों से प्राप्त प्रस्तावों पर स्वीकृति उपरांत राज्य बाल संरक्षण समिति द्वारा कार्याेत्तर अनुमोदन दिया गया। कोविड आपदा के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए संचालित पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत 108 हितग्राहियों को लाभान्वित किये जाने की जानकारी संबंधित अधिकारी द्वारा दी गई।पॉक्सो पीड़ित बालिकाओं के पुनर्वास हेतु केन्द्र शासन द्वारा संचालित योजना की जानकारी समिति के सदस्यों को दी गई कि एक सितम्बर 2023 से राज्य शासन द्वारा संचालित चाईल्ड हेल्पलाईन 1098 के संचालन, महिला हेल्पलाईन 181 एवं ईआरएसएस 112 से इंटीग्रेशन के संबंध में जानकारी दी गई। चाईल्ड हेल्पलाईन में प्राप्त 1623 प्रकरणों के विरूद्ध 1571 प्रकरणों का निराकरण किया गया। सचिव द्वारा हेल्पलाइन नम्बर 1098, 181, 112 के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं बच्चों के विरूद्ध तथा बच्चों द्वारा किये जाने वाले अपराधों का जिलेवार विश्लेषण कर कार्ययोजना बनाने एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये गये।बैठक में बताया गया कि राज्य में बाल संरक्षण व बच्चों के सर्वाेत्तम हित में किए जा रहे कार्यों एवं प्रयासों की गुणात्मक सुधार हेतु निर्देश दिए गए। समिति के सदस्यों को बाल विवाह मुक्त छ.ग. अभियान के संबंध में जानकारी दी गई। वर्ष 2023-24 में 161 एवं वर्ष 2024-25 में 146 बाल विवाह अंतर्विभागीय समन्वय से रोके गये हैं। राज्य शासन द्वारा किये जा रहे नवाचार उल्लास, उजियार, उमंग, उम्मीद एवं बाल उदय योजना के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही बाल देखरेख संस्थाओं में होने वाली विभिन्न गतिविधियों स्वच्छता पखवाड़ा, योग दिवस, मानसिक स्वास्थ्य दिवस, वीर बाल दिवस की जानकारी साझा की गई।वर्ष 2023-24 में मिशन वात्सल्य के दिशा-निर्देश अनुसार भारत शासन को प्रेषित वित्तीय प्रस्ताव पर कार्याेत्तर अनुमोदन समिति द्वारा दिया गया। समिति द्वारा 2024-25 के लिए प्रशिक्षण कार्ययोजना, प्रचार-प्रसार गतिविधि कार्ययोजना, वर्ष 2022-23 के ऑडिट कार्य का कार्याेत्तर अनुमोदन दिया गया। समिति के सदस्यों को छ.ग. राज्य की बाल संरक्षण नीति का ड्राफ्ट तैयार करने की जानकारी दी गई। सचिव ने बच्चों के सर्वाेत्तम हित में प्रचार-प्रसार, विभाग से संबंधित बिंदुओं पर परिणाममूलक कार्यवाही हेतु समन्वित कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये गये।बैठक में संचालक महिला एवं बाल विकास श्रीमती तुलिका प्रजापति, संयुक्त सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग डॉ. रेणुका श्रीवास्तव एवं अन्य सहयोगी विभागों- गृह विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वित्त विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रेलवे एवं एनआईसी आदि विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
- रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंगलवार 6 अगस्त को शाम 4.55 बजे जशपुर जिले के दो दिवसीय प्रवास के बाद रायपुर लौटेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सवेरे 10.50 बजे जशपुर जिले बगिया स्थित अपने निवास से कार द्वारा रवाना होकर 11 बजे कुनकुरी विकासखंड के ग्राम बन्दरचुंआ स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला आयेंगे और वहां कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दोपहर 12.10 बजे बगिया पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री अपरान्ह 3.30 बजे बगिया से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर शाम 4.55 बजे रायपुर लौट आएंगे।
- रायपुर। खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने आज बेमेतरा जिले के नगर पंचायत नवागढ में नगरीय प्रशासन विभाग के द्वारा आयोजित जनसमस्या निवारण पखवाड़ा शिविर का अवलोकन किया और हितग्राहियों से चर्चा करके राशनकार्ड वितरण, उचित मूल्य दुकान के माध्यम से खाद्यान की उपलब्धता एवं अन्य समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए शिविर का आयोजन किया गया है, जिनका राशनकार्ड नहीं बना है। वे 15 अगस्त 2024 तक नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। हितग्राही द्वारा खाद्य विभाग की वेबसाइट ीजजचरूध्धींकलंण्बहण्दपबण्पद से डाउनलोड करके नवीनीकरण का कार्य किया जा सकता है। हितग्राही उचित मूल्य दुकान में भी जाकर ऑनलाईन के माध्यम से अपने राशनकार्ड नवीनीकरण और ई-केवायसी का कार्य करवा सकतें है।
मंत्री श्री बघेल ने कहा कि ई-केवायसी के लिए प्रत्येक हितग्राही का बायोमेट्रिक अद्यतन होना चाहिए जिन सदस्यों का बाल आधार बना है उन्हें पहले आधार सेवा केंद्र से अपना बायोमेट्रिक अपडेट कराना होगा। इसके पश्चात् उचित मूल्य दुकान के ई-पॉस मशीन से ई-केवायसी करा सकते हैं। विदित हो कि राशनकार्ड में ई-केवायसी और नवीनीकरण की सुविधा निःशुल्क है। शिविर में आवेदन कर सकते हैं। - नई दिल्ली। केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से नई दिल्ली में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर गृहमंत्री श्री अमित शाह को राज्यपाल श्री रमेन डेका ने पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी भी उपस्थित थीं।
- राजनांदगांव । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव के क्लब हाऊस सन सिटी में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा से सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उन्हें शाल-श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया तथा स्मृति चिन्ह के रूप में बेलमेटल की नंदी की मूर्ति भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पावन श्रावण मास चल रहा है, इस दौरान आपसे मुलाकात करने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ।मुख्यमंत्री श्री साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने पूजा-अर्चना की और पंडित श्री प्रदीप मिश्रा से आशीर्वाद ग्रहण किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री मधुसूदन यादव, राजनांदगांव के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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रायपुर/ संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने आज छत्तीसगढ़ कॉलेज में चल रही विभागीय परीक्षा का निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षा केंद्र पर बिजली, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के निर्देश केंद्र प्रभारी को दिये। छतीसगढ़ कॉलेज को शासकीय विभागीय परीक्षा के लिए केंद्र बनाया गया है । दो पालियों ने आयोजित की जा रही विभागीय परीक्षा में विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी शामिल हो रहे है । आज इस केंद्र पर दूसरी पाली में 38 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और दो अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे, वहीं सुबह की पाली में 58 अधिकारी कर्मचारियों ने परीक्षा दी।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2024 में किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए फसलों की बीमा कराने की तिथि को बढ़ाते हुए 16 अगस्त 2024 कर दिया गया है। भारत सरकार ने सभी अधिसूचित फसलों के लिए ऋणी एवं अऋणी किसानों के नामांकन के लिए कट ऑफ की तिथि को 16 अगस्त कर दिया है। राज्य के कृषकों से निर्धारित तिथि तक अपने फसलों का बीमा कराने की अपील की गई है। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले के किसान मुख्य फसल धान सिंचित, धान असिंचित एवं अन्य फसल मक्का, मूंगफली,मूंग, उड़द, सोयाबीन, अरहर, कोदो, कुटकी, रागी का बीमा करा सकते हैं। किसानों के फसल को प्रतिकूल मौसम, सूखा, बाढ़, जलप्लावन, कीटव्याधि, ओलावृष्टि आदि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से राहत दिलाने के लिए बीमा में शामिल किया गया है।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत ऋणी एवं अऋणी किसान जो भू-धारक व बटाईदार हो सम्मिलित हो सकते हैं, जो किसान अधिसूचित ग्राम व राजस्व निरीक्षक मंडल में अधिसूचित फसल के लिए वित्तीय संस्थानों से मौसमी कृषि ऋण स्वीकृत, नवीनीकृत की गई हो। योजना ऋणी कृषकों के लिए विकल्प चयन आधार पर क्रियान्वित होगी, ऋणी कृषक जो योजना में शामिल नहीं होना चाहते है, उन्हें स्व हस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा आवेदन के अंतिम तिथि के 7 दिवस पूर्व तक संबंधित वित्तीय संस्था में जमा करना होगा। विकल्प चयन नहीं करने पर अनिवार्य रूप से बीमाकृत किया जाएगा। इनके अलावा ऐच्छिक आधार पर अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी गैर ऋणी किसान जो योजना में सम्मिलित होने के इच्छुक हो, वह बुआई प्रमाण पत्र क्षेत्रीय पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा सत्यापित कराकर एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर योजना का लाभ ले सकते हैं।किसानों द्वारा प्रदाय किए जाने वाली प्रीमियम दर, खरीफ वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत कुल बीमित राशि का 2 प्रतिशत मुख्य फसल धान सिंचित 1200 रूपए, धान असिंचित 900 रूपए एवं अन्य फसल मक्का 900 रूपए, मूंगफली 840 रूपए, मूंग एवं उड़द 540 रूपए, सोयाबीन 960 रूपए, अरहर 760 रूपए, कोदो 320 रूपए, कुटकी 340 रूपए एवं रागी 300 रूपए किसानों द्वारा प्रीमियम राशि देय है। एक ही अधिसूचित क्षेत्र एवं अधिसूचित फसल के लिए अलग-अलग वित्तीय संस्थाओं से कृषि ऋण स्वीकृत होने की स्थिति में किसानों को एक ही स्थान से बीमा कराया जाना है। इसकी सूचना किसानों को संबंधित बैंक को देनी होगी। ऋणी एवं अऋणी किसानों द्वारा समान रकबा, खसरा का दोहरा बीमा कराने की स्थिति में जो रकबा पहले प्रविष्टि की गई हो को स्वीकार किया जाएगा तथा अन्य सभी बीमा को कंपनी द्वारा निरस्त किया कर प्रीमियम की राशि योजना प्रावधानानुसार अंतरित (राजसात) किया जाएगा। इसके संबंध में देशव्यापी हेल्पलाईन नंबर 14447 एवं +91-18004190344 से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। कृषक निर्धारित अंतिम तिथि अपने फसलों का बीमा कराकर पावती अवश्य कर लें। बीमा हेतु आधार कार्ड अनिवार्य है एवं ऋण पुस्तिका, बैंक पासबुक, बुवाई प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ती है। इसके लिए अपने समिति, संबंधित बैंक, बीमा प्रदायक कंपनी भारतीय कृषि बीमा कंपनी, लोक सेवा केन्द्र, एआईडीई मोबाईल एप से भी अपने फसलों का बीमा करा सकते हैं।
- जशपुर में 21 तथा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में में 16 चिकित्सकों की हुई पदस्थापनारायपुर। राज्य सरकार ने 535 संविदा एमबीबीएस चिकित्सकों की पदस्थापना की है। स्वास्थ्य मंत्री एवं मनेन्द्रगढ़ के स्थानीय विधायक श्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से इन चिकित्सकों में से 100 चिकित्सकों की पदस्थापना सरगुजा संभाग में की गयी है। इनमें से बलरामपुर में 19, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 16, जशपुर में 21, कोरिया में 6, सूरजपुर मे 6 तथा सरगुजा जिले में 32 चिकित्सकों की संविदा नियुक्ति की गयी है।इससे पहले भी स्वास्थ्य मंत्री के प्रयासों से क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गयी है। अब संभाग में 100 चिकित्सकों की नियुक्ति से सुदूर क्षेत्र के ग्रामीणों को भी त्वरित स्वास्थ्य उपचार का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की कमी दूर होने से लोगों को सहूलियत मिलेगी और बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी।
- आंगन में लगाया कटहल और अमरुद के पौधेरायपुर। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा हरेली त्यौहार के पावन अवसर पर विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम सकरी में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के हितग्राही को नवनिर्मित आवास का फीता काटकर गृह प्रवेश कराया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सुंदर मकान बनाने पर गिरजाशंकर एवं उसके परिवार को शुभकामनायें दी। उन्होंने नवनिर्मित मकान के आंगन में कटहल और अमरुद के पेड़ लगाए। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व संसदीय सचिव डॉ सनम जांगड़े, कलेक्टर श्री दीपक सोनी, सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल उपस्थित थे।पेशे से राज मिस्त्री हितग्राही गिरजाशंकर ने बताया कि पहले कच्चा मकान था। जिसमें कई प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ता था। पक्का मकान का सपना था, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। इसी बीच वर्ष 2020- 21 में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना अंतर्गत आवास स्वीकृत हुआ। पहली किश्त मिलने पर मकान बनाना शुरू किया तीन किश्त में कुल एक लाख बीस हजार रुपये मिले। उन्होंने बताया कि कुछ अपना पैसा लगाकर घर को थोड़ा बड़ा बना लिया। गिरजाशंकर ने बताया कि उनकी पत्नी श्रीमती बुद्धेश्वरी वर्मा को महतारी वंदन योजना के तहत हर माह एक हजार रूपये मिल रहा है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का भी लाभ मिला है।मंत्री श्री वर्मा ने ग्राम सकरी के अमृत सरोवर में जय माँ अन्नपूर्णा स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा मछली पालन की शुरुआत सरोवर में मछली बीज डालकर किया। उन्होंने मछली पालन को लाभ का व्यवसाय बताते हुए महिलाओं को बेहतर ढंग से मछली पालन करने कहा। महिलाओं ने बताया कि वे इस सरोवर में पहली बार मछली पालन करने जा रही है। मछली पालन विभाग द्वारा अभी 65- 70 नग रोहु, कतला और मृगल मछली प्रतिकात्मक रूप से दिया गया है। कुछ दिन बाद विभाग द्वारा करीब 5000 मछली बीज़ (फिंगर लिंग) दिया जाएगा।
- बेमेतरा। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने आज बेमेतरा जिलें के नवागढ़ विकासखण्ड के शासकीय कोदूराम दलित महाविद्यालय के दीक्षारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। महाविद्यालय के नवप्रवेशित विद्यार्थियों कोे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के संबंध में जानकारी दी गई । इस दौरान खाद्य मंत्री ने परिसर में पौधारोपण भी किया।मंत्री श्री बघेल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मुख्य उद्देश्य, प्रावधान, विशेषता और विभिन्न प्रकार के संकायों की जानकारी दी गई। शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों द्वारा चयन किये जाने वाले विषय जेनेरिक-इलेक्टिव का समूह तथा बैल्यू एडिशन कोर्स के समूह की व्याख्या किया। विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए एक समग्र और बहुविषयक दृष्टिकोण पर अधिक जोर देना है, ताकि विद्यार्थी विषयों के साथ-साथ खेल, कला और व्यावसायिक कौशल में दक्ष हो सकें।शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को क्रेडिट आधारित कोर्सेस, सतत् आंतरिक मूल्यांकन एवं अंत सेमेस्टर परीक्षा से संबंधित प्रावधानों के बारे में समझाया गया है। विद्यार्थियों अथवा पालकों कीे शंकाओं का भी समाधान किया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत नवागढ़ के अध्यक्ष श्रीमती मंजूलता रात्रे, नगर पार्षद श्री जाहिद बैग, शासकीय के.आर.डी. महाविद्याालय के प्राचार्य श्रीमती एम बंजारा और महाविद्यालय के परिवार के सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर। आषाढ़ माह में अवर्षा की स्थिति के चलते पनपे अकाल की संभावना पर सावन माह में अभी तक हुये बारिश ने फिलहाल विराम लगा दिया है पर इस बारिश के बाद भी प्रदेश के कई तहसीलों में स्थिति बेहतर नहीं है । इधर बारिश की वजह से बांधों में जल भराव की स्थिति काफी बेहतर हुयी है और कई बांधों से जहां भराव के बाद अतिरिक्त पानी को नदी - नालों में छोड़ा जा रहा है वहीं कई बांधों से छोड़े जाने के कगार पर है । इस अतिरिक्त पानी को नदी - नालों में न छोड़ व्यापक किसान हित में नहरों में छोड़ने की मांग जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप को मेल से ज्ञापन भेज किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा ने की है । ज्ञातव्य हो कि प्रदेश में 46 छोटे - बड़े बांध है जिसमें से अधिकांश आषाढ़ माह बीतने तक अवर्षा की स्थिति के चलते खाली पड़े थे पर सावन माह में शुरुआत से अब तक हुयी बारिश से बांधों में जल भराव की स्थिति में सुधार हुआ है और कई बांधों में पूर्ण भराव के बाद अतिरिक्त पानी को नदी - नालों में छोड़ा जा रहा है वहीं कई बांधों से नदी - नालों में पानी छूटने के कगार पर है । प्रेषित ज्ञापन में सामयिक परिस्थिति के परिपेक्ष्य में बाधो में भराव के बाद अतिरिक्त पानी को नदी - नालों में छोड़े जाने को पानी की बर्बादी ठहराते हुये व्यापक किसान हित में इसे नहरों में क्षमतानुसार छोड़ने की मांग की गयी है । ज्ञापन में बताया गया है कि इससे बांधों के कमांड क्षेत्र में आने वाले सिंचाई पानी के कमी वाले ग्रामों को सामयिक सिंचाई पानी मिल सकेगा वहीं नहरों में इस पानी के भराव से जहां आवश्यकता पर बांधों के पट खोलने से अंतिम छोर तक पानी पहुंचने में जो समय लगता है उसकी बचत होने के साथ - साथ जरुरत होने पर अन्य माइनरों व वितरक शाखाओं के किसान भी इसका उपयोग करने के साथ - साथ तालाबों को भी भर सकेंगे । इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करने की अपेक्षा श्री कश्यप से ज्ञापन में की गयी है ।
- विज्ञापन दाताओं, विज्ञापन एजेंसियों को स्व-घोषणा देकर प्रमाणित करना होगा: विज्ञापन निर्धारित कोड का उल्लंघन नहींविज्ञापन के मुद्रित, प्रसारित और प्रदर्शित होने के पहले देना होगा स्व-घोषणासूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रसारण सेवा पोर्टल और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पोर्टल पर स्व-घोषणा अपलोड करने की सुविधा प्रारंभरायपुर। सर्वसाधारण, आयुष औषधि निर्माता, विज्ञापनदाता, विज्ञापन एजेंसियों को भ्रामक विज्ञापन पर अंकुश लगाने और उपभोक्ता हितों की रक्षा करने के उदद्देश्य से सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।संचालनालय आयुष छत्तीसगढ़ से इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आईएमए एवं अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में भ्रामक विज्ञापन पर अंकुश लगाने और उपभोक्ता हितों की रक्षा करने के उदद्देश्य से सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा 07 मई 2024 को आदेश पारित किया गया है, जिसके तहत विज्ञापन दाताओं, विज्ञापन एजेंसियों द्वारा अपने विज्ञापन के प्रसारण प्रकाशन से पहले स्व-घोषणा प्रस्तुत कर यह प्रमाणित किया जाएगा कि उसका विज्ञापन केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम 1994 के तहत निर्धारित विज्ञापन कोड का उल्लंघन नहीं करता है।सर्वाेच्च न्यायालय ने निर्देश जारी किए हैं कि किसी विज्ञापन के मुद्रित, प्रसारित, प्रदर्शित होने से पहले विज्ञापनदाता, विज्ञापन एजेंसी द्वारा निर्दिष्ट पोर्टल पर एक स्व-घोषणा प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें यह प्रमाणित किया जाएगा कि उसका विज्ञापन केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम 1994 के तहत निर्धारित विज्ञापन कोड का उल्लंघन नहीं करता है। संबंधित प्रसारक, प्रिंटर, प्रकाशक, टीवी चैनल, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर अपलोड करने का प्रमाण जैसा भी मामला हो रिकार्ड के लिए रखा जाएगा।सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टीवी और रेडियो के लिए प्रसारण सेवा पोर्टलhttps://new.broadcastseva.gov.in/digigov-portal-web-app/और प्रिंट, डिजिटल, इंटरनेट मीडिया के लिए प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पोर्टलhttps://www.presscouncil.nic.in/पर एक नई सुविधा शुरू की है जिसके तहत विज्ञापन दाताओं, विज्ञापन एजेंसियों द्वारा अपने विज्ञापन के प्रसारण प्रकाशन से पहले अपलोड करने और स्वयं प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा होगी। यह पोर्टल 04 जून 2024 से चालू है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शिव भक्त कावड़ियो और श्रद्धालुओं से कहा कि आज बड़े सौभाग्य की बात है सावन के तीसरे सोमवार को भोरमदेव में भगवान भोलेनाथ का दर्शन करने आए है। यहां पहुंचकर मैं भगवान भोलेनाथ से प्रदेश के सभी लोगो की सुख शांति समृद्धि के लिए कामना किया हूं। हेलीकॉप्टर से भोरमदेव मंदिर में पुष्पवर्षा भी किए है। उन्होंने सावन मास के लिए सभी भक्तजनों को शुभकामनाएं दी।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के साथ भोरमदेव बाबा भगवान शिव जी का दर्शन कर मंत्रोच्चारण के साथ विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक किया तथा प्रदेश की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की और आशीर्वाद लिया।
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*25 से अधिक अनुपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस जारी करने दिए निर्देश*
*संभागायुक्त ने बोर्ड लगाकर शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदर्शित करने को भी कहा*
रायपुर/ संभागायुक्त श्री महादेव कावरे सुबह राजधानी रायपुर स्थित तीन शासकीय कार्यालयों का निरीक्षण किया और निर्धारित समय 10 बजे कार्यालय से अनुपस्थित लगभग 25 अधिकारी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। श्री कावरे आज सुबह कृषि विभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय पहुंचे। कार्यालय में निर्धारित समय 10 बजे कोई अधिकारी कर्मचारी उपस्थित नही थे। कार्यालय के मेन गेट पर लगा ताला देख संभागायुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संयुक्त संचालक से दूरभाष पर बात कर सभी अनुपस्थित अधिकारी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। श्री कावरे ने इसके बाद नगर एवं निवेश विभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय और सहकारी समितियों के पंजीयक कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इन दोनों कार्यालयों में भी अनुपस्थित अधिकारी कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश संभागायुक्त ने दिए। उन्होंने सभी अधिकारी कर्मचारियों को निर्धारित समय सुबह 10 बजे कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश भी दिए।निरीक्षण के दौरान नगर एवं निवेश कार्यालय पहंुचे संभागायुक्त ने उपस्थित कर्मचारियों से लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों की जानकारी मांगी। उपस्थित कर्मचारी द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाने पर श्री कावरे ने नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने लोक सेवा गारंटी अधिनियम से संबंधित प्रकरणों का आॅनलाइन रिकार्ड रखने के साथ-साथ पंजी संधारण करने के निर्देश भी दिए। संभागायुक्त ने उपस्थित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कार्यालय में आने वाले नागरिकों को शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ सरलता से दिलाने का प्रयास किया जाए। नागरिकों को अपने कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर ना काटने पड़े। संभागायुक्त ने लंबित प्रकरणों का भी शासकीय नियम अनुसार त्वरित निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। संभागायुक्त ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम सहित शासकीय योजनाओं और उनके क्रियान्वयन के लिए निर्धारित समय सीमा की जानकारी कार्यालयों के बाहर समुचित स्थान पर प्रदर्शित करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए।



























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