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- -युवा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निभाएं सक्रिय भागीदारी - मुख्यमंत्री-छत्तीसगढ़ को प्रगति और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका - उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा-छत्तीसगढ़ के 430 युवाओं को मिला शासकीय सेवा का अवसर, प्रयोगशाला परिचारकों को सौंपे गए नियुक्ति पत्ररायपुर /छत्तीसगढ़ में युवाओं के सशक्त भविष्य और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित गरिमामय समारोह में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत चयनित 430 प्रयोगशाला परिचारकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन में शुचिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन किया गया है तथा मंत्रालय के कार्यों को ई-प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे भ्रष्टाचार के रास्तों को प्रभावी रूप से बंद किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व में हुए पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि पारदर्शिता और न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं, जिससे परीक्षाओं की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।उन्होंने आगे कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ बनाने के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ के गठन तथा एक निश्चित ‘परीक्षा कैलेंडर’ लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। उद्योगों को प्रोत्साहन देकर रोजगार सृजन को गति दी जा रही है, ताकि सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र भी युवाओं के लिए सशक्त विकल्प बन सके।मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों से निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि वे विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने इस भर्ती प्रक्रिया को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन के सिद्धांतों पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल है। मंत्री श्री वर्मा ने बताया कि पदस्थापना प्रक्रिया में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए काउंसलिंग प्रणाली अपनाई गई। यह व्यवस्था सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह नई पीढ़ी छत्तीसगढ़ को प्रगति और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हाल ही में लैब टेक्नीशियन और अब प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्तियाँ इस दिशा में सरकार की सक्रियता का स्पष्ट प्रमाण हैं।कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0- पक्का घर बनने से बदली जिंदगी, परिवार में आई खुशहालीरायपुर। शासन की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। इसका एक प्रेरक उदाहरण हीरापुर निवासी हितग्राही प्रभा यादव हैं, जिनका पक्के घर का सपना अब साकार हो चुका है। प्रभा यादव बताती हैं कि वे सीमित आय वाले परिवार से हैं। उनके पति ट्रक की स्टील बॉडी निर्माण का कार्य करते हैं, जिससे परिवार का भरण-पोषण होता है। दो बच्चों की जिम्मेदारी के बीच पक्का मकान बनाना उनके लिए एक बड़ा सपना था, जिसे आर्थिक तंगी के कारण पूरा करना संभव नहीं हो पा रहा था।उन्होंने बताया कि यदि वे स्वयं से मकान निर्माण करतीं, तो उन्हें कर्ज लेना पड़ता और लंबे समय तक ब्याज का बोझ उठाना पड़ता। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए संबल बनकर सामने आई और बिना आर्थिक दबाव के उन्हें पक्का एवं सुरक्षित आवास प्राप्त हुआ।प्रभा यादव ने कहा कि पहले उनका परिवार असुरक्षित माहौल में रहता था, लेकिन अब पक्का घर मिलने से वे स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करती हैं। उनके बच्चों को भी बेहतर वातावरण मिला है, जिससे उनके भविष्य को नई दिशा मिली है। प्रभा यादव की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल एक आवास योजना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षा, सम्मान और उज्जवल भविष्य की मजबूत नींव है।--
- 0- अब तक 4000 से अधिक शासकीय कर्मचारियों को मिल चुका तकनीकि ज्ञानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में प्रोजेक्ट दक्ष का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक कुल 227 बैचों में 4000 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग के कुल 47 सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने प्रोजेक्ट दक्ष के तहत ट्रेनिंग ली।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन तथा ई-मेल जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।प्रोजेक्ट दक्ष से शासकीय कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई है, जिससे ई-गवर्नेंस को मजबूती मिल रही है और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व गति में भी सुधार हो रहा है। यह पहल शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- दुर्ग. सेठ रतनचंद सुराना विधि महाविद्यालय में खंड 02 द्वितीय (चतुर्थ सेमेस्टर) के विद्यार्थियों हेतु Alternative Dispute Resolution (वैकल्पिक विवाद निवारण) विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर "सतर्कता हमारी साझा जिम्मेदारी है" विषय पर भी विशेष जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में विशेष रूप से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत की अध्यक्ष, जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के चार न्यायाधीश एवं मीडिएटर अधिवक्ता उपस्थित रहे।अतिथियों का महाविद्यालय परिसर में भव्य स्वागत किया गया, तत्पश्चात न्यायाधीशों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।सेमिनार के दौरान न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों को संविधान एवं Alternative Dispute Resolution (ADR) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ADR क्या है, इसका उपयोग किन-किन परिस्थितियों में किया जाता है, यह क्यों आवश्यक है तथा इससे समाज को क्या लाभ प्राप्त होते हैं। इसके अंतर्गत लोक अदालत एवं मीडिएशन की प्रक्रिया, उनके महत्व एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को सरल भाषा में समझाया गया। साथ ही मीडिएशन की अवधारणा को महाभारत के प्रसंगों से जोड़कर भी रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया।इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में साइबर फ्रॉड, उसके विभिन्न प्रकार एवं उससे बचाव के उपायों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई, जिससे विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ी। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को कानून का सम्मान करने एवं उसका पालन करने की शपथ दिलाई गई तथा राज्यगीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया एवं विभिन्न विधिक विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका न्यायाधीशों द्वारा सरल, स्पष्ट एवं संतोषजनक उत्तर दिया गया। यह विधिक साक्षरता शिविर विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ तथा उन्होंने इसे ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव बताया।--
- 0- बुद्धुभरदा में त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों को मिली राहतराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आम नागरिकों को समयबद्ध राहत मिल सके। इसी कड़ी में डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम बुद्धुभरदा में निस्तारी मार्ग लंबे समय से बंद होने की शिकायत पर राजस्व विभाग द्वारा तत्परता से कार्रवाई करते हुए मार्ग को बहाल कर दिया गया है। ग्राम बुद्धुभरदा में अनावेदक यशवंत साहू एवं कोमल साहू द्वारा निजी भूमि पर सीमेंट के खंभे एवं तार लगाकर किसानों के निस्तारी मार्ग को लंबे समय से बंद कर दिया गया था, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत कर समस्या के निराकरण की मांग की गई थी। जिला प्रशासन के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की गई। राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में संबंधितों द्वारा सीमेंट के खंभे एवं तार को मेड़ से हटा दिया गया, जिससे निस्तारी मार्ग पुन: सुचारू रूप से चालू हो गया है। मार्ग बहाल होने पर ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए राहत की भावना जाहिर की है।
- अम्बिकापुर। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था अम्बिकापुर के प्राचार्य से प्राप्त जानकारी अनुसार शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था अम्बिकापुर में 20 अप्रैल 2026 को AMBIKA TRUCKING (BHARAT BEZ) द्वारा कैम्पस प्लेसमेंट आयोजित किया जा रहा है। जिसमें लगभग 10 पद टेक्निशीयन के है। जिसकी मासिक वेतन 10 हजार दिया जाएगा। जिसकी योग्यता इलेक्ट्रिशियन, मेकेनिक मोटर व्हिकल, मेकेनिक डीज़ल, आईटीआई उत्तीर्ण है। इच्छुक उम्मीदवार 20 अप्रैल 2026 को शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था अम्बिकापुर में सुबह 10 बजे उपस्थित होकर कैम्पस प्लेसमेंट में भाग ले सकते है।
- 0- सुकमा की बेटी लावण्या को मिली नई मुस्कान, मुख्यमंत्री ने दिया आशीर्वादरायपुर। कहते हैं कि सही समय पर मिला इलाज किसी की पूरी ज़िंदगी बदल सकता है। सुकमा जिले की 13 वर्षीय बालिका टुंकी लावण्या की कहानी इसी बात का जीवंत उदाहरण है, जिसने कठिन परिस्थितियों और वर्षों की पीड़ा के बाद आखिरकार एक नई मुस्कान और नया आत्मविश्वास पाया है। लावण्या, जो कन्या आश्रम, गोल्लापल्ली (पालाचेलमा) की निवासी है, जन्म से ही क्लैफ्ट लिप (कटे होंठ) जैसी गंभीर समस्या से जूझ रही थी। यह बीमारी सिर्फ शारीरिक दर्द तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसके बचपन पर सामाजिक झिझक और आत्मविश्वास की कमी का भी गहरा असर डाल रही थी। परिवार में जागरूकता की कमी और इलाज को लेकर भय के कारण लंबे समय तक उसका उपचार नहीं हो पाया। लेकिन किस्मत ने तब करवट ली जब लावण्या मेगा सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य शिविर में पहुंची। शिविर में कलेक्टर श्री अमित कुमार और एसपी श्री किरण चव्हाण से मिली। उन्होंने लावण्या को स्वास्थ्य शिविर में जांच कराके बेहतर इलाज का प्रबंध किया।शिविर में मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने न सिर्फ लावण्या की जांच की, बल्कि उसके परिवार को समझाकर इलाज के लिए तैयार किया। इसी शिविर में आयुष्मान कार्ड बनाया गया। जिला अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए लावण्या को कालाडा अस्पताल, रायपुर भेजा गया। इस दौरान आरबीएसके चिरायु टीम ने उसे सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाई।सभी प्रक्रियाओं और समन्वय के बाद आखिरकार 10 अप्रैल 2026 को लावण्या का सफल ऑपरेशन किया गया। यह सिर्फ एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि उसके जीवन के अंधेरे में उम्मीद की रोशनी थी। ऑपरेशन के बाद लावण्या के चेहरे पर लौटी मुस्कान को देखकर परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। वर्षों का दर्द और ताने जैसे उसी दिन समाप्त हो गए।इस कहानी का सबसे भावुक पल तब आया जब 13 अप्रैल 2026 को सुकमा दौरे के दौरान माननीय मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ने लावण्या से मुलाकात की। उन्होंने लावण्या के स्वास्थ्य की जानकारी ली, उसे फल भेंट किए और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।आज लावण्या के चेहरे पर लौटी मुस्कान केवल उसकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाएं, स्वास्थ्य विभाग का समर्पण और समय पर उपचार दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में भी चमत्कार कर सकते हैं। लावण्या अब न सिर्फ स्वस्थ है, बल्कि उसके भीतर एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भी लौट आया है। उसकी मुस्कान आज पूरे सुकमा के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
- 0- पेंशन, दिव्यांगजन सहायता, पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा से बदल रही जरूरतमंदों की जिंदगीरायपुर। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं जिले के हजारों जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। वृद्धजन, विधवा, दिव्यांगजन और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए संचालित इन योजनाओं से जिले में कुल 82 हजार 583 हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं, जो सामाजिक सुरक्षा के मजबूत तंत्र को दर्शाता है। समाज कल्याण विभाग की योजनाएं न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही हैं, बल्कि सामाजिक सम्मान, आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बना रही हैं। उप संचालक समाज कल्याण विभाग ने बताया कि विभाग की ये योजनाएं जशपुर जिले में सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। इससे समाज के हर वर्ग को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्राप्त हो रहा है।यह पहल जिले में समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। जशपुर जिले में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 16,509 बुजुर्गों को नियमित सहायता मिल रही है। वहीं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना से 4,356 महिलाओं को लाभ मिल रहा है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के तहत 656 दिव्यांगजन लाभान्वित हैं, जबकि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से 14,294 और सुखद सहारा पेंशन योजना से 4,407 हितग्राहियों को सहायता मिल रही है। सबसे अधिक लाभार्थी मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत हैं, जिसमें 40,244 लोग शामिल हैं। इसी प्रकार परिवार सहायता योजना के तहत 102 परिवारों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया है, जिससे संकट की घड़ी में उन्हें संबल मिला है। दिव्यांगजनों के लिए विभाग द्वारा कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना के तहत 180 विद्यार्थियों को सहायता दी गई है। दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना से 5 हितग्राहियों को लाभ मिला, जबकि कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदाय योजना के अंतर्गत 290 दिव्यांगजनों को उपकरण उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा दिव्यांगजन सामर्थ्य विकास योजना से 550 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं तथा ‘क्षितिज अपार संभावनाएं’ योजना के तहत 4 दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहन दिया गया है।जशपुर जिले में संचालित नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र के माध्यम से अब तक 157 व्यक्तियों को नशामुक्त कर समाज की मुख्यधारा में जोड़ा गया है। वहीं जशपुर नगर स्थित जनक वृद्धाश्रम में 12 वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवनयापन की सुविधा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 782 वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर मिला है, जिससे उनके जीवन में संतोष और आध्यात्मिक सुख की अनुभूति हुई है। इसी प्रकार मोटराइज्ड ट्राईसायकल प्रदाय योजना के माध्यम से दिव्यांगजनों को गतिशीलता प्रदान की जा रही है।--
- 0- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कभी घोर नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्र में हुआ तेज़ी से विकास0- नारायणपुर मुख्यालय से 40 किमी दूर गारपा में 55 लाख की लागत से 48 परिवारों को मिला कनेक्शनरायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी "नियद नेल्लानार योजना" के तहत जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में विकास की मजबूत दस्तक सुनाई दे रही है। नारायणपुर मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित अत्यंत दुर्गम ग्राम गारपा में अब पहली बार बिजली की रोशनी पहुँची है, जिससे वर्षों से अंधेरे में जीवन बिता रहे ग्रामीणों के जीवन में नया उजाला आया है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब इन दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्य तेजी से पहुँच रहे हैं। पहले जहाँ सुरक्षा कारणों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं पहुँच पाती थीं, वहीं अब शासन की प्राथमिकता में इन क्षेत्रों को शामिल कर तेजी से काम किया जा रहा है। कलेक्टर नम्रता जैन के सतत मार्गदर्शन में प्रशासनिक और तकनीकी टीमों ने मिलकर इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।बिजली विभाग द्वारा संचालित इस परियोजना में लगभग 55 लाख रुपये की लागत से 48 उपभोक्ताओं को पहली बार बिजली कनेक्शन प्रदान किया गया। कार्यपालन अभियंता कुमार लाल उइके ने बताया कि घने जंगल, कठिन रास्ते और सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने अदम्य साहस और कार्यकुशलता का परिचय देते हुए निर्धारित समय में लाइन विस्तार का कार्य पूर्ण किया।बिजली पहुँचने से अब गारपा के बच्चों को पढ़ाई के बेहतर अवसर मिलेंगे, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच आसान होगी और ग्रामीणों के आर्थिक उत्थान के नए रास्ते खुलेंगे। दशकों बाद अपने घरों को रोशन देख ग्रामीणों में उत्साह और खुशी का माहौल है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत जिले के अन्य दूरस्थ गांवों में भी इसी तरह प्राथमिकता के आधार पर विद्युतीकरण कार्य तेजी से जारी रहेगा, जिससे विकास की रोशनी हर अंतिम छोर तक पहुँच सके।--
- 0- सौर ऊर्जा आधारित प्रणालियों से पेयजल, रोशनी और सिंचाई सुविधाएं हुई मजबूतरायपुर। अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में क्रेडा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों ने आमजन के जीवन में उल्लेखनीय और सकारात्मक परिवर्तन लाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सौर ऊर्जा आधारित प्रणालियों के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे विकास की गति को नई दिशा मिली है। विभाग की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप अब लोगों को बुनियादी सुविधाएं अधिक सरलता और सहजता से उपलब्ध हो रही हैं। सौर ऊर्जा के उपयोग से जहां एक ओर स्वच्छ पेयजल और सिंचाई व्यवस्थाएं सुदृढ़ हुई हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिना बिजली बिल के निरंतर रोशनी सुनिश्चित हो रही है। इससे न केवल लोगों का दैनिक जीवन अधिक सुविधाजनक हुआ है, बल्कि उनके जीवन स्तर में स्थायी और सकारात्मक सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की पहल पर प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। क्रेडा विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में जल जीवन मिशन अंतर्गत जशपुर जिले में 114 सोलर ड्यूल पंप स्थापित किए गए हैं। इनसे पेयजल आपूर्ति के साथ-साथ सिंचाई के लिए सस्ती एवं सुलभ ऊर्जा उपलब्ध हो रही है। सोलर पंपों के उपयोग से किसानों की डीजल एवं बिजली पर निर्भरता कम हुई है, जिससे उनकी लागत में कमी आई है और आय में वृद्धि हुई है। पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसान वर्षभर खेती कर पा रहे हैं, जिससे उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। वहीं घर के समीप जल उपलब्ध होने से महिलाओं को दूर से पानी लाने की परेशानी से राहत मिली है।जशपुर जिले में सार्वजनिक स्थलों पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर हाई मास्ट योजना के तहत ग्रामों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौक-चौराहों पर संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में 80 सोलर हाई मास्ट लगाए जा चुके हैं। इन सौर ऊर्जा आधारित लाइटों से रात्रिकालीन आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है। साथ ही, दुर्घटनाओं और अपराधों में भी कमी आई है। जहां बिजली आपूर्ति सीमित या बाधित रहती है वहां भी ये हाई मास्ट निर्बाध रूप से रोशनी प्रदान कर रहे हैं।कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ में सौर सुजला योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत जशपुर जिले में पिछले दो वर्षों में 800 सोलर पंप स्थापित किए गए हैं, जिनसे सिंचाई सुविधाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। सोलर पंपों के उपयोग से किसानों को बिजली बिल से मुक्ति मिली है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। साथ ही कृषि उत्पादन में वृद्धि, भू-जल संरक्षण एवं संवर्धन, तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
- 0- बाल सुरक्षा को मिलेगा मजबूत आधाररायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा राज्य में “रक्षक (RAKSHAK) पाठ्यक्रम” को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के माध्यम से बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और समाज में बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।इस पाठ्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए पूर्व में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े तथा उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा के सहयोग से एमओयू संपन्न किया गया था। यह समझौता राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में “रक्षक” पाठ्यक्रम लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।इसी क्रम में बुधवार को रायपुर स्थित होटल बेबिलोन में “रक्षक” पाठ्यक्रम के अंतर्गत तैयार उप-इकाइयों (सब-यूनिट्स) को अंतिम रूप देने हेतु विश्वविद्यालय स्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद आयोग के सचिव श्री प्रतीक खरे और डायरेक्टर श्रीमती संगीता बिंद ने अतिथियों का स्वागत किया।आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि “रक्षक पाठ्यक्रम केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक सशक्त सामाजिक अभियान है। हमारा प्रयास है कि इसे प्रभावी रूप से लागू कर आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और जागरूक बनाया जाए।”बैठक में राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों—पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय (सरगुजा), श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (भिलाई), एमिटी यूनिवर्सिटी और अंजनेय यूनिवर्सिटी—के कुलपति, कुलसचिव, प्रतिनिधि एवं विषय विशेषज्ञ शामिल हुए। परामर्श बैठक का मुख्य उद्देश्य पाठ्यक्रम की उप-इकाइयों पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें अंतिम स्वरूप प्रदान करना था, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। इस दौरान विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम की संरचना, उपयोगिता और व्यवहारिक पहलुओं पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। सभी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने इस पहल को समय की आवश्यकता बताते हुए आयोग की सराहना की और इसके सफल क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। आयोग को विश्वास है कि “रक्षक” पाठ्यक्रम जल्द ही राज्य के महाविद्यालयों में लागू होगा, जिससे विद्यार्थियों के माध्यम से बाल अधिकारों की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित होगा।--
- रायपुर। कोरबा जिले में राशन वितरण कार्य में अनियमितता को लेकर प्राप्त शिकायतों पर प्रशासन ने गंभीरता से कार्रवाई करते हुए कई उचित मूल्य दुकानों के संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। शिकायतों पर खाद्य विभाग द्वारा जांच कराई गई। जांच में ग्राम पंचायत कोरकोमा, खोड्डल एवं पटपरा की शासकीय उचित मूल्य दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जिन शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में अनियमितताएं पाई गई है उन संचालकों के विरूद्ध प्रथम सूचना प्रतिवेदन दर्ज कराया गया है।कोरकोमा स्थित दुकान में संचालक संस्था द्वारा लगभग 197.45 क्विंटल चावल एवं 22.82 क्विंटल नमक का व्यपवर्तन किया जाना सामने आया है। साथ ही लगभग 435 राशन कार्डधारियों को निर्धारित अवधि में राशन वितरण नहीं किया गया। इस मामले में संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रकरण दर्ज किया गया है।इसी प्रकार खोड्डल की उचित मूल्य दुकान में 334.98 क्विंटल चावल एवं 6 क्विंटल शक्कर के व्यपवर्तन का मामला सामने आया है। यहां दुकान का नियमित संचालन नहीं होने एवं सीमित दिनों में ही वितरण किए जाने की शिकायतें भी सही पाई गईं। इस पर छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के तहत कार्रवाई की जा रही है।वहीं पटपरा (विकासखंड पाली) की दुकान में भी गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जांच में पाया गया कि लगभग 422 हितग्राहियों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण होने के बावजूद उन्हें राशन वितरित नहीं किया गया। इस प्रकरण में संचालकों के विरुद्ध थाना पाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है । विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि मार्च 2026 में भंडारण में विलंब एवं एई-पीडीएस सर्वर मेंटेनेंस के कारण कुछ स्थानों पर समय पर वितरण प्रभावित हुआ।खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवितरित राशन के वितरण के लिए अप्रैल माह में आवश्यक प्रावधान किए जा रहे हैं तथा बैकलॉग वितरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने कहा है कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।--
- 0- महिलाएं कर रहीं हैं 8 प्रकार के उत्पाद तैयार0- 1512 परिवार लघु वनोपज संग्रहण से चला रहीं हैं अपनी आजीविकारायपुर। वनधन योजना (Pradhan Mantri Van Dhan Yojana - PMVDY) ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव और आर्थिक सशक्तिकरण की एक माध्यम बन गई है। ट्राइफेड (TRIFED) और जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से, यह योजना स्थानीय वन उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन (value addition) के माध्यम से महिलाओं को उद्यमी बना रही है lजिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित कांकेर के अंतर्गत संचालित वनधन योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इच्छापुर का हर्रा वनौषधि प्रसंस्करण केन्द्र आज महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है।वनधन विकास केन्द्र इच्छापुर की स्थापना के बाद मर्दापोटी कलस्टर के 17 गांवों के 2137 परिवार इससे जुड़े हैं। इनमें से 1512 परिवार लघु वनोपज संग्रहण के माध्यम से अपनी आजीविका चला रहे हैं।जिला प्रशासन द्वारा खनिज विकास निधि से मशीन, पैकेजिंग सामग्री और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए, जिससे प्रसंस्करण केन्द्र का संचालन शुरू हो सका। इस केन्द्र का संचालन इंदिरा वन मितान स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है।समूह की महिलाएं अब वनौषधियों का संग्रहण, प्रसंस्करण और पैकेजिंग का कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है। वर्तमान में केन्द्र में हर्रा, बहेड़ा, त्रिफला, अश्वगंधा, सफेद मूसली, नीम, सतावरी और आंवला चूर्ण सहित 8 प्रकार के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए मानकों के अनुसार पैकेजिंग की जाती हैl महिलाओं को समय-समय पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही आयुर्वेद विभाग और राज्य संघ द्वारा तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है।पिछले चार वर्षों में इस केन्द्र द्वारा 75 लाख 76 हजार 375 रुपये के वनौषधि उत्पाद तैयार कर कांकेर मार्ट को आपूर्ति की गई है। इससे समूह की प्रत्येक सदस्य को सालाना लगभग 35 से 40 हजार रुपये तक की आय हो रही है। समूह की महिलाओं ने बताया कि पहले वे मजदूरी पर निर्भर थीं, जिससे आय अनिश्चितता रहती थी। लेकिन अब समूह से जुड़कर उन्होंने आयुर्वेदिक उत्पाद बनाना शुरू किया और आत्मनिर्भर बन गई हैं।आज समूह की ये महिलाएं न केवल अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर रही हैं, बल्कि समाज में अपनी अलग पहचान भी बना रही हैं। उनका बढ़ा हुआ आत्मविश्वास अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है।--
- रायपुर।. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर और एनएचआईटी (NHIT) ने सामाजिक सरोकार की दिशा में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तरपोंगी में विद्यार्थियों को निशुल्क पावर चश्मों का वितरण किया। गौरतलब है कि सड़क सुरक्षा अभियान के तहत पूर्व में विद्यालय परिसर में नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें कुल 517 विद्यार्थियों की आंखों का विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण किया गया। इस जांच के दौरान जिन 42 बच्चों की दृष्टि कमजोर पाई गई थी, आज उन्हें उनकी आवश्यकता और निर्धारित पावर के अनुसार उच्च गुणवत्ता वाले चश्मे सौंपे गए।एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी श्री प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि एनएचएआई का उद्देश्य केवल सड़कों का निर्माण करना नहीं है, बल्कि उन सड़कों पर चलने वाली अगली पीढ़ी के भविष्य को भी सुरक्षित और उज्ज्वल बनाना है। हम चाहते हैं कि ये बच्चे बेहतर विज़न के साथ जीवन के हर पथ पर सुरक्षित और निडर होकर आगे बढ़ें। इस अवसर पर अधिकारी, कर्मचारी सहित विद्यालय के शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।
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*0 फाइनल में हितेश मेहता को 3-0 से हराया*
*0 रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2ः स्व. सत्येन्द्र गुमाश्ता स्मृति टेबल टेनिस एकल प्रतियोगिता का समापन*
*रायपुर।* रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2 (इंडोर गेम) के तहत आयोजित स्व. सत्येन्द्र गुमाश्ता स्मृति टेबल टेनिस एकल प्रतियोगिता का रोमांचक समापन हुआ। बुधवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में विनोद कुमार ने हितेश मेहता को 3-0 से एकतरफा पराजित कर खिताब अपने नाम कर लिया।
फाइनल की शुरुआत से ही विनोद कुमार आक्रामक अंदाज में नजर आए। उनकी सटीक सर्विस, तेज रिटर्न और बेहतरीन फुटवर्क ने हितेश को दबाव में बनाए रखा। पहले सेट में विनोद ने लगातार 1-0 की बढ़त बनाते हुए मैच पर पकड़ बनाया। दूसरे सेट में हितेश ने वापसी की कोशिश की, लेकिन विनोद ने संयमित खेल दिखाते हुए यह सेट भी जीत लिया और बढ़त 2-0 कायम रखी। तीसरे सेट में भी उन्होंने मैच पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा और सीधे सेटों में 3-0 से जीत दर्ज कर खिताब पर कब्जा कर लिया। मैच के दौरान कई बार शानदार रैली देखने को मिली।
इससे पहले खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में हितेश मेहता ने विजय मिश्रा को कड़े संघर्ष में 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वह मैच बेहद रोमांचक रहा, जिसमें दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। पांच सेट तक चले मुकाबले में हितेश ने धैर्य और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए निर्णायक सेट अपने नाम किया।
पूरे टूर्नामेंट में विनोद कुमार का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। उन्होंने लगातार प्रभावशाली खेल दिखाते हुए खिताब जीता। वहीं उपविजेता हितेश मेहता ने भी बेहतरीन प्रदर्शन कर प्रतियोगिता में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। आयोजन समिति ने सभी खिलाड़ियों के खेलभावना और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। मैच के निर्णायक निकष परमार, विकास शर्मा रहे। मैच के दौरान खेल समिति के संयोजक विजय मिश्रा व सह संयोजक शंकर चंद्राकर विशेष रूप से मौजूद रहे।
मैच के बाद रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव द्वय निवेदिता साहू व भूपेश जांगड़े ने विजेता विनोद कुमार व उपविजेता हितेश मेहता को प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी। -
रायपुर/ पंजाब नेशनल बैंक रायपुर मंडल द्वारा सूखा अनाज लेकर माना स्थित कुलदीप निगम वृद्धाश्रम आकर अन्नदान किया गया। चांवल, दाल, खाने का तेल , आटा , दाल, सोया बड़ी, छोले, राजमा, आलू , कुकर , पी वी सी पाइप इत्यादि सामग्री दान में दिया गया । पंजाब नेशनल बैंक के मंडल प्रमुख श्री वीरेंद्र कुमार शर्मा ने परिसर का निरीक्षण किया उन्हें कुलदीप निगम वृद्धाश्रम की स्थापना से अब तक के सफर से अवगत कराया गया और सभी बुजुर्गों से सौजन्य भेंट करने के बाद उन्होंने आश्रम द्वारा बुजुर्गों की सेवा की सराहना करते हुए भविष्य में भी यथा संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया । इस अवसर पर विक्की गुप्ता , अक्षय निगम , वृद्धाश्रम के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार निगम, सचिव बिमल घोषाल, वार्डन पारुल चक्रवर्ती उपस्थित रहे।
- दुर्ग, 15 अप्रैल 2026। सुपेला थाना पुलिस ने अंतरजिला मोटरसाइकिल चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो बाइक भी बरामद की हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्रा ने बताया कि कोसा नगर सुपेला निवासी रामेश्वर यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 11 अप्रैल 2026 की रात उसके घर के सामने खड़ी यामाहा चोरी हो गई। मामले में सुपेला थाना में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि संदेही मनीष दास बैरागी अपने साथियों के साथ क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की बाइक के साथ-साथ लक्ष्मी नगर क्षेत्र से एक और बाइक चोरी करना स्वीकार किया।पुलिस ने प्रकरण में धारा 112(2) बीएनएस जोड़ते हुए आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।गिरफ्तार आरोपी:मनीष दास बैरागी (21 वर्ष), साजन बैरागी (20 वर्ष) और लक्ष्य साहू (19 वर्ष), सभी निवासी अटल आवास, नेहरू नगर, सुपेला।बरामदगी:यामाहा एफजेड-एस मोटरसाइकिलCD डीलक्स मोटरसाइकिलपुलिस के अनुसार, आरोपी आर्थिक लाभ के लिए विभिन्न स्थानों से बाइक चोरी करते थे।सराहनीय भूमिका:इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय यादव, सउनि राजीव उर्वसा, प्रधान आरक्षक नवीन सिंह, आरक्षक धर्मेंद्र सूर्यवंशी और सुरेंद्र पटेल की अहम भूमिका रही।पुलिस की अपील:दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर लॉक कर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
- -दुर्ग रीजन में 14.90 करोड़ रुपए की छूट, अभियान जारीबेमेतरा । मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 के तहत दुर्ग रीजन (दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा) में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं किसानों को राहत देने के उद्देश्य से अभियान युद्ध स्तर पर संचालित किया जा रहा है। इस जनकल्याणकारी योजना के अंतर्गत अब तक तीनों जिलों के 48 हजार से अधिक सक्रिय एवं निष्क्रिय उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि एवं अधिभार (सरचार्ज) में कुल 14 करोड़ 90 लाख 43 हजार रुपए की छूट प्रदान की जा चुकी है। योजना का मुख्य उद्देश्य बीपीएल श्रेणी के निम्नदाब घरेलू उपभोक्ताओं एवं कृषि उपभोक्ताओं को आर्थिक संबल प्रदान करना है।योजना के तहत अब तक 30,414 निष्क्रिय उपभोक्ता लाभान्वित हो चुके हैं, वहीं पात्र 29,886 सक्रिय उपभोक्ताओं में से लगभग 61 प्रतिशत ने पंजीयन पूर्ण कर लिया है, जिससे योजना के प्रति उत्साह स्पष्ट दिखाई दे रहा है। दुर्ग रीजन के 9 विद्युत संभागों में सर्वाधिक लाभ बेमेतरा संभाग (20,879) में मिला है। इसके अलावा साजा (6,221), अहिवारा (4,487), भिलाई पूर्व (4,397), बालोद (3,832), दुर्ग संधारण (2,561), पाटन (2,263), भिलाई पश्चिम (2,111) एवं दुर्ग शहर (1,976) संभागों के उपभोक्ता भी योजना से लाभान्वित हुए हैं। लाभान्वित उपभोक्ताओं द्वारा सक्रियता दिखाते हुए अब तक लगभग 1 करोड़ 45 लाख 42 हजार रुपए की बकाया राशि विभाग में जमा की जा चुकी है।सीएसपीडीसीएल दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता संजय खंडेलवाल ने बताया कि योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए तीनों जिलों के 62 वितरण केंद्रों एवं 12 जोन में विशेष समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। विभागीय टीमें घर-घर जाकर उपभोक्ताओं को योजना की जानकारी एवं प्रक्रिया से अवगत करा रही हैं। उन्होंने अपील की है कि बीपीएल, एपीएल एवं कृषि श्रेणी के वे उपभोक्ता, जिनके 31 मार्च 2023 के पूर्व के बिजली बिल बकाया हैं, वे अपने नजदीकी वितरण केंद्र या जोन में पहुंचकर इस योजना का लाभ उठाएं। बकाया बिलों का निपटारा कर उपभोक्ता भविष्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर सकते हैं तथा बिजली कंपनी के सुदृढ़ीकरण में सहयोग दे सकते हैं।
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बेमेतरा । छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों के लिए एक राहतभरी खबर सामने आई है। शिक्षा सत्र 2025-26 हेतु पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) की ऑनलाइन प्रक्रिया की अंतिम तिथियों में वृद्धि कर दी गई है।
राज्य के शासकीय एवं अशासकीय आईटीआई, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, पॉलिटेक्निक तथा जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों के लिए यह निर्णय विशेष रूप से लाभकारी होगा। विभाग द्वारा बताया गया है कि बड़ी संख्या में लंबित ऑनलाइन आवेदनों को ध्यान में रखते हुए यह समयसीमा बढ़ाई गई है।नई निर्धारित तिथियां इस प्रकार हैं:• लंबित प्रस्ताव (Proposal) लॉक कर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास को भेजने की अंतिम तिथि: 18 अप्रैल 2026• शासकीय संस्था/जिला कार्यालय द्वारा स्वीकृति आदेश (Sanction Order Lock) की अंतिम तिथि: 20 अप्रैल 2026• जिला कार्यालय द्वारा भुगतान हेतु राज्य कार्यालय को प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि: 22 अप्रैल 2026विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन निर्धारित तिथियों के बाद किसी भी प्रकार के ड्राफ्ट प्रस्ताव या स्वीकृति आदेश को लॉक करने का अवसर नहीं दिया जाएगा। यदि तय समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं होती है और विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित संस्था प्रमुख की होगी। सभी संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि वे छात्रवृत्ति नियमावली के अनुसार समय पर प्रस्ताव एवं स्वीकृति आदेश भेजना सुनिश्चित करें। - रायपुर / बिलासपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन के संबंध में खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद्यान्न भंडारण एवं वितरण कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।खाद्य नियंत्रक, जिला बिलासपुर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह के खाद्यान्न के भंडारण एवं वितरण की व्यवस्था की गई है। इसके तहत जिले में संचालित 695 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में आबंटन के विरुद्ध 70 प्रतिशत से अधिक खाद्यान्न का भंडारण किया जा चुका है।विभाग ने बताया कि किसी भी उचित मूल्य दुकान में तीन माह के खाद्यान्न भंडारण हेतु स्थान की कोई समस्या नहीं आई है। साथ ही, एपीएल मद के चावल का बीपीएल मद में समायोजन या वितरण नहीं किया जा सकता, जिसका पालन किया जा रहा है।राशन वितरण प्रक्रिया के तहत हितग्राहियों को तीन माह का राशन प्राप्त करने के लिए ई-पॉस मशीन में छह बार फिंगरप्रिंट सत्यापन करना पड़ रहा है। विभाग के अनुसार, जिले में अब तक 37 प्रतिशत हितग्राहियों को तीन माह का खाद्यान्न वितरित किया जा चुका है तथा वितरण कार्य निरंतर जारी है। खाद्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ई-पॉस मशीन में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या नहीं है तथा एपीएल राशनकार्डधारियों के लिए मासिक आबंटन नियमित रूप से प्राप्त हो रहा है। जिले में राशन वितरण कार्य पूर्णतः व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।
- -हीरापुर में सुरक्षित पक्का मकान पाकर हितग्राही प्रभा यादव और उनका परिवार प्रसन्नचित्तरायपुर - प्रधानमंत्री आवास योजना ने हमें सिर्फ घर नहीं दिया है, बल्कि इसने हमें सुरक्षा, सम्मान और भविष्य दिया है. यह कहना है प्रधानमंत्री आवास योजना से हीरापुर में सुरक्षित पक्का मकान पाकर लाभान्वित हितग्राही प्रभा यादव का.प्रभा यादव कहती हैँ उनका परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना में मिले पक्के सुरक्षित घर में खुश हैँ.प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभान्वित होकर प्रसन्नचित प्रभा यादव ने अपने परिवार के सम्बन्ध में बताया कि वे तीन भाइयों की इकलौती बहन हैँ और ससुराल में तीन ननदों के बीच अकेली भाभी हैँ. शादी से पहले ही उनकी सासू माँ का देहांत हो गया था.प्रभा यादव ने कहा कि वे आरोग्य समिति की सदस्य हैँ. उनके दो बच्चे हैं—12 साल की बेटी और 14 साल का बेटा. उनके पति ट्रक की स्टील बॉडी बनाने का काम करते हैं, उनकी आमदनी सीमित है.पक्का घर बनाना हमारे परिवार के लिए हमेशा एक सपना था। अगर हम बाजार से 2.50 लाख रूपये का कर्ज़ लेते, तो ज़िंदगी भर ब्याज चुकाना पड़ता. प्रधानमंत्री आवास योजना ने यह राशि बिना ब्याज, बिना बोझ के हमें दी.प्रभा यादव ने भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव और रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे को हार्दिक धन्यवाद दिया और स्पष्ट कहा प्रधानमंत्री आवास योजना के कारण मउनका परिवार सुरक्षित पक्के घर में खुश है। उनके बच्चे, पति, ननदें और मायके वाले सभी संतुष्ट है.प्रभा यादव ने कहा प्रधानमंत्री आवास योजना ने उन्हें और उनके परिवार को सिर्फ घर नहीं दिया,उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा, सम्मान और भविष्य दिया है.
- दुर्ग नगर निगम ने 44 करोड़ रुपए के बजट और कचरा निपटान व्यवस्था का दिया विवरणदुर्ग / नगर पालिक निगम, दुर्ग द्वारा ’मिशन क्लीन सिटी’ योजना के अंतर्गत शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में प्रकाशित एक समाचार के स्पष्टीकरण में निगम प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वर्तमान में सभी एस.एल.आर.एम. सेंटर क्रियाशील हैं। इन केंद्रों की कार्यप्रणाली मुख्य रूप से मानवीकृत है, जहाँ स्वच्छता दीदियों द्वारा वार्डों से प्राप्त कचरे का निपटान हाथ से किया जाता है। व्यवस्था को और अधिक आधुनिक बनाने के उद्देश्य से समस्त सेंटरों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और मशीनीकरण (तकनीकी उन्नयन) का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। शहर की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए बुनियादी ढांचे में विस्तार किया जा रहा है, जिसके तहत शासन से 08 नवीन एस.एल.आर.एम. सेंटरों के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 03 केंद्रों का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है और शेष 05 केंद्रों के लिए भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया जारी है। साथ ही, एक नए प्रोसेसिंग प्लांट की निविदा प्रक्रिया भी अपने अंतिम चरण में है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि डंपिंग यार्ड में आग लगने जैसी घटनाएं अक्सर कचरे में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों या बाहरी तत्वों की शरारत के कारण होती हैं, जिसे निगम की लापरवाही मानना उचित नहीं है, क्योंकि निगम पूर्णतः ’जीरो वेस्ट’ की नीति पर कार्य कर रहा है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था हेतु आवंटित ₹44 करोड़ के बजट के संबंध में स्पष्ट किया गया है कि यह राशि केवल कचरा फेंकने के लिए नहीं है। इस बजट का उपयोग पूरे शहर की व्यापक सफाई, हजारों सफाई कर्मियों के वेतन भुगतान, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, मशीनों के रख-रखाव और भविष्य के लिए प्रस्तावित वेस्ट-टू-कम्पोस्ट प्लांट जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जा रहा है। नगर पालिक निगम दुर्ग शहर की स्वच्छता और नागरिकों की सुविधाओं के प्रति प्रतिबद्ध है।
- -लू के लक्षण और इससे बचाव के उपाय बताने आयोजित होंगे जन जागरूकता कार्यक्रम-गर्मी में स्वस्थ रहने के लिए जरूरी सावधानियां-लू लगने पर तुरंत क्या करें?दुर्ग / ग्रीष्म ऋतु वर्ष 2026 को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विस्तृत दिशानिर्देश जारी किये गये हैं। जिसमें लू के लक्षण, लू से बचाव के उपाय, प्रारंभिक उपचार और आवश्यक सांवधानियां संबंधी आवश्यक निर्देश दिये गये हैं। जिला प्रशासन द्वारा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को लू के लक्षण, लू से बचाव, लू लगने पर प्रारंभिक उपचार हेतु जनसमुदाय में जागरूकता लाने व प्रशिक्षण देने हेतु निर्देशित किया गया है। स्वास्थ्य केन्द्रों में लू से प्रभावित मरीजों का प्राथमिकता से परीक्षण करने के निर्देश भी दिये गये हैं। साथ ही जिले के संबंधित सभी विभागों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लू बचाव/उपाय के संबंध में जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।लक्षण- सिर से भारीपान और दर्द होना, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक हो जाने के बाद भी पसीने का न आना, अधिक प्यास और पेशाब कम आना, भूख कम लगना तथा बेहोश होना।बचाव के उपाय- लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी से ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और खनिज मुख्यतया नमक की कमी हो जाना होता है। अतः इससे बचाव के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए- बहुत अनिवार्य न हो तो घर से बाहर ना जाए। धूप से निकलने से पहले सर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से बांध लें। पानी अधिक मात्रा में पीये और अधिक समय तक धूप में न रहें। गर्मी के दौरान नरम मुलायम सूती कपड़े पहनने चाहिए ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहे। इसी प्रकार अधिक पसीना आने की स्थिति में ओ.आर.एस. घोल पीयें। चक्कर आने, उल्टी आने पर छायादार स्थान पर विश्राम करें तथा शीतल पेय जल अथवा उपलब्ध हो तो फल का रस, लस्सी, मठा आदि का सेवन करें। प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द्र से निःशुल्क परामर्श लिया जाए और उल्टी, सर दर्द, तेज बुखार की दशा में निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र से जरूरी सलाह लिया जाए।लू लगने पर किये जाने वाला प्रारंभिक उपचार- बुखार पीड़ित व्यक्ति के सर पर ठण्डे पानी की पट्टी लगावें, अधिक पानी व पेय पदार्थ पिलावें जैसे कच्चे आम का पना, जल जीरा आदि, पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लिटा देवें, शरीर पर ठण्डे पानी का छिड़काव करते रहें, पीड़ित व्यक्ति को यथाशीघ्र किसी नजदीकी चिकित्सा केन्द्र में उपचार हेतु ले जाए तथा मितानिन ए.एन.एम. से ओ.आर.एस. के पैकेट हेतु संपर्क करें।क्या करें- जितना हो सके पर्याप्त पानी पीये, भले ही प्यास न लगी हो। मिर्गी, हृदय, गुर्दे या लीवर से संबंधित रोग वाले जो तरल प्रतिबंधित आहार लेते हो, तरल पदार्थ लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें। हल्के, हल्के रंग के, ढीले सूती कपड़े पहने। ओ.आर.एस. (ओरल रिहाइड्रेशन) घोल, घर का बना पेय लस्सी, (तोरानी चावल) का पानी, नींबू का पानी, छांछ आदि का उपयोग करें। बाहर जाने से बचे, यदि बाहर जाना आवश्यक है, तो अपने सिर (कपड़े/टोपी या छाता) और चेहरे को कवर करें। जहां तक संभव हो किसी भी सतह को छूने से बचें।क्या न करें- गर्मी के दौरान बाहर न जाए, यदि आपको आवश्यक कार्य के लिए बाहर जाना है तो दिन के शीतलन घंटो के दौरान अपनी सारणी निर्धारित करने का प्रयास करें। अत्यधिक गर्मी के घंटो के दौरान बाहर जाने से बचे (विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच), नंगे पैर या बिना चेहरे को ढ़के और बिना सिर ढककर बाहर न जाए। व्यस्थतम समय (दोपहर) के दौरान खाना पकाने से बचे, खाना पकाने वाले क्षेत्रों (रसोई घरों) में दरवाजे और खिड़कियां खोल कर रखें, जिससे पर्याप्त रूप से हवा आ सके। शराब, चाय, कॉफी और कार्बाेनेटेड पेय, पीने से बचे जो शरीर को निर्जलित करते हैं। उच्च प्रोटीन, मसालेदार और तेलीय भोजन खाने से बचे, बासी खाना न खाए। बीमार होने पर बाहर धूप में न जाए, घर पर रहे।सावधानियां- जितना हो सके घर के अंदर रहें। अपने घर को ठंडा रखें-धूप से बचाव के लिए दिन में पर्दे, शटर का उपयोग करें और खिड़कियां खोलें। निचली मंजिलों पर बने रहने का प्रयास करे। पंखों का उपयोग करें, कपड़ों को नम करें और अधिक गर्मी में ठंडे पानी में ही स्नान करें। यदि आप बीमार महसूस करते हैं-उच्च बुखार/लगातार सिरदर्द/चक्कर आना/मतली या भटकाव/लगातार खांसी/सांस की तकलीफ है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाये। जानवरों को छाया में रखे और उन्हें पीने के लिए भरपूर पानी दें। इन उपायों का उपयोग कर लू एवं हीटवेव के प्रभाव से बचा जा सकता है।वरिष्ठ नागरिकों और फील्ड स्टाफ के लिए निर्देशवृद्धजनों और धूप में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के लिए भी विशेष रूप से गाइडलाइन जारी की गई है, ऐडवायजरी अनुसार जो बुजुर्ग अकेले रहते हैं, उनकी नियमित जांच और देखभाल सुनिश्चित करने को कहा गया है। यदि किसी वृद्ध को असामान्य रूप से भूख कम लगना, चक्कर आना या सांस लेने में तकलीफ हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है। समाज के हर वर्ग और व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए विस्तृत कार्ययोजना सौंपी गई है।जिला प्रशासन द्वारा ’लू कार्य योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई है-नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को गर्मी के दौरान सार्वजनिक स्थलों, आश्रय स्थलों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, लू के दौरान बाहरी गतिविधियों और कार्यों पर प्रतिबंध के संबंध में विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। शहरी क्षेत्रों में ’ग्रीन कवर’ बढ़ाने हेतु छतों पर उद्यान और शहरी वन विकसित करने के प्रयासों को गति दी जाएगी। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को ग्रामीण स्तर पर लू से बचाव का प्रशिक्षण आयोजित करने और समस्त स्वास्थ्य केंद्रों में लू प्रभावित मरीजों के लिए दवाओं व उपचार की विशेष व्यवस्था करने को कहा गया है। गंभीर स्थिति में सहायता के लिए महतारी एक्सप्रेस (108/104) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। विद्युत विभाग को भीषण गर्मी और लू की अवधि के दौरान अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और पेयजल आपूर्ति केंद्रों जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग को जिले के समस्त शिक्षण संस्थानों में शीतल पेयजल, ओ.आर.एस. और आइस पैक की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए शिक्षण संस्थानों के समय में आवश्यक परिवर्तन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्वैच्छिक संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाजारों में ’प्याऊ’ घरों तथा शुद्ध पेयजल व छाछ की व्यवस्था करने को कहा गया है। पुलिस व यातायात कर्मियों को ड्यूटी के दौरान हल्के रंग की टोपी या छतरी का प्रयोग करने, सनग्लासेस पहनने और पर्याप्त पानी पीने के निर्देश दिए गए हैं। यथासंभव युवा कर्मियों को दिन की यातायात ड्यूटी में तैनात करने का सुझाव दिया गया है।श्रम एवं रोजगार विभाग को उद्योगों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी के समय (दोपहर 12.00 बजे से 3.00 बजे तक) बाहरी काम और लू से बचाने के लिए कार्यकालीन समय में परिवर्तन किया जाएगा। साथ ही, कार्यस्थलों पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर मजदूरों के लिए ’आइस पैक’ (बर्फ की थैली) उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं को लू से बचाने के लिए जमीनी स्तर पर कर्मचारियों और गौपालकों को सक्रिय किया गया है। पशुओं के लिए पर्याप्त छाया, चारा (भूसा, पानी) और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ आवश्यक दवाइयों का भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों के लिए कार्य अवधि में बदलाव किया जाएगा। कार्य स्थलों पर पीने का पानी और छाया (शेड) की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी। परिवहन एवं पर्यटन विभाग द्वारा जिले के मुख्य बस स्टैंडों और टर्मिनलों पर प्राथमिक चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। राज्य के पर्यटन स्थलों और मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए अस्थाई छाया, आश्रय स्थलों का निर्माण और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। वन एवं अग्निशमन विभाग द्वारा जंगलों को आग से बचाने के लिए निरंतर निगरानी रखी जाएगी। वन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों और जंगली जानवरों व पक्षियों के लिए पेयजल की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। अग्निशमन विभाग को आग की घटनाओं से निपटने के लिए पर्याप्त पानी की आपूर्ति और संचार उपकरणों को अलर्ट मोड पर रखने को कहा गया है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा राज्य और जिला स्तर पर लू की स्थिति की निगरानी के लिए एक ’डैश बोर्ड’ तैयार किया जाएगा। इसके माध्यम से एसएमएस और नेटवर्क के जरिए लोगों को समय-समय पर मौसम और बचाव के संदेश प्रसारित किए जाएंगे।
- -राशन दुकान से खाद्यान्न प्राप्ति हेतु ई-केवायसी आवश्यकदुर्ग / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में विभिन्न विभागों से संबंधित 117 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव ने जनदर्शन में पहुंचे, जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने हेतु मार्क किया। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने, बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए स्कूलों का समय बदलने, राशन कार्ड से नाम हटवाने/जुड़वाने, पानी निकासी हेतु नाली की व्यवस्था, पेय जल एवं तालाबों में निस्तारी पानी भरने संबंधी सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 117 आवेदन प्राप्त हुए। राशन कार्ड से खाद्यान्न न मिलने के एक प्रकरण में खाद्य विभाग अधिकारी ने आवेदक को अवगत कराया कि खाद्यान्न प्राप्ति हेतु ई-केवायसी आवश्यक है। उन्होंने अवगत कराया कि स्वयं के एनड्राइड मोबाइल पर माय ’ई-केवायसी’ डाउनलोड कर आवेदक स्वयं भी ईकेवायसी कर सकते है। इस अवसर पर समाज कल्याण नगरी निकाय, खाद्य राजस्व सहित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027 के अंतर्गत घर-घर जाकर सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।निगम द्वारा नागरिकों को जनगणना के महत्व एवं सर्वेक्षण में सहयोग के लिए प्रेरित करने हेतु मुनादी कराई जा रही है। विभिन्न वार्डों में मुनादी के माध्यम से लोगों को सूचित किया जा रहा है कि वे सर्वेक्षण दल को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, जिससे जनगणना कार्य सुचारू रूप से पूर्ण हो सके। इस कार्य के लिए निगम के अधिकारी एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो क्षेत्रवार निगरानी करते हुए जनगणना कार्य में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सर्वेक्षण कार्य पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो। निगम प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करें और अपने घरों में आने वाले सर्वेक्षण कर्मियों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि क्षेत्र के समग्र विकास हेतु सटीक आंकड़े प्राप्त हो सकें।



















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