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- -प्रवासी पक्षियों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु किए महत्त्वपूर्ण दिए निर्देशरायपुर।, प्रसिद्ध गिधवा-परसदा पक्षी विहार अपने प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण तथा हर वर्ष बड़ी संख्या में आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए जाना जाता है। वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने मंगलवार को बेमेतरा नवागढ़ ब्लॉक स्थित गिधवा-परसदा पक्षी विहार का दौरा किया।मंत्री श्री कश्यप ने यहां विभिन्न तालाबों, प्राकृतिक आर्द्रभूमि, संरक्षण क्षेत्रों तथा प्रवासी पक्षियों के आसरे स्थलों का निरीक्षण कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री वी. श्रीनिवास राव, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक श्री अरुण पांडे, मुख्य वन संरक्षक दुर्ग सुश्री एम. मर्सी बेला, कलेक्टर श्री रणवीर शर्मा,वन मंडलाधिकारी दुर्ग श्री दीपेश कपिल उपस्थित रहे।वन मंत्री श्री कश्यप ने अधिकारियों से वर्तमान मौसम में गिधवा-परसदा पहुंची प्रवासी पक्षियों कि प्रजातियों, अनुमानित संख्या, प्रवास काल, आहार प्रणाली तथा प्रजनन व्यवहार के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से बारहेड गूज, नॉर्दर्न शवलर, कॉमन टील, पिनटेल डक, पेंटेड स्टॉर्क, ओपनबिल्ड स्टॉर्क, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, सारस क्रेन सहित कई विदेशी प्रजाति पक्षियों के आगमन पर संतोष व्यक्त किया। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि गिधवा-परसदा वेटलैंड राज्य ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख बर्ड-वॉचिंग स्थल के रूप में उभर रहा है।वन मंत्री श्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रवासी पक्षियों के सुरक्षित प्रवास हेतु वेटलैंड क्षेत्र में मानवीय हस्तक्षेप न्यूनतम रखा जाए। विदेशी प्रजाति पक्षियों के अवैध शिकार, शोर-शराबा एवं अनियंत्रित मानव गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। तालाबों में जल का स्तर एवं प्राकृतिक आहार व्यवस्था संतुलित बनाए रखने हेतु वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाया जाए।गिधवा-परसदा को इको-पर्यटन के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रवासी पक्षियों की उपस्थिति प्रदेश की जैवविविधता का महत्वपूर्ण संकेत है। इसे संरक्षित रखने में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। इस अवसर पर कलेक्टर ने क्षेत्र में चल रहे संरक्षण कार्यों एवं प्रबंधन के उपायों की जानकारी मंत्री को दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा वेटलैंड संरक्षण, सफाई अभियान, पक्षी मित्र दल का गठन तथा जागरूकता कार्यक्रम निरंतर चलाए जा रहे हैं।मंत्री श्री कश्यप ने आसपास के ग्रामीणों से चर्चा कर पक्षी विहार से जुड़े उनके अनुभव एवं सुझाव भी सुने। ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष अक्टूबर-मार्च के दौरान पक्षियों के आगमन से क्षेत्र में पर्यावरणीय गतिविधियां और पर्यटन बढ़ता है। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि गिधवा-परसदा के विकास में स्थानीय समुदाय की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी, नवागढ़ ब्लॉक प्रशासन, स्थानीय पर्यावरण प्रेमी तथा कर्मचारीगण उपस्थित रहे।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि गिधवा-परसदा पक्षी विहार को राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट में भी शामिल किया जाए। इसके लिए आधारभूत सुविधाओं का विकास, सूचनात्मक साइनबोर्ड, बर्ड वॉचिंग टॉवर, सोलर लाइटिंग, जैवविविधता अध्ययन केंद्र जैसी योजनाओं पर विस्तार से कार्य किया जाएगा। निरीक्षण के अंत में मंत्री श्री कश्यप ने अधिकारियों से कहा कि इस प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए सभी विभाग समन्वय पूर्वक कार्य करें और आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करें।
- -अभी तक 971 क्विंटल से अधिक धान जब्त, 19 लाख 42 हजार रुपये मूल्य का प्रकरण दर्जरायपुर ।खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में अवैध धान खरीदी-बिक्री पर रोकथाम के लिए जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले में केवल वास्तविक एवं पात्र किसानों से ही उनके वास्तविक रकबे के आधार पर धान खरीदी हो सके। इसी उद्देश्य से कोचियों, व्यापारियों और अवैध धान विक्रेताओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।जिले में 1 दिसंबर तक राजस्व, खाद्य, कृषि उपज मंडी और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीमों द्वारा कुल 19 लाख 42 हजार रुपये मूल्य के 971 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है। कलेक्टर के निर्देशानुसार 1 दिसंबर को कृषि उपज मंडी और खाद्य विभाग की टीमों ने कई स्थानों पर छापेमार कार्रवाई की। गोकना के भोज राम साहू के फॉर्म से 12 क्विंटल धान, खत्री ट्रेडर्स के गोदाम से 40.80 क्विंटल, गुरुदेव ट्रेडर्स खैरागढ़ से 50 क्विंटल, जैन कुंदन कमलेश फॉर्म खैरागढ़ से 31 क्विंटल, सम्यक ट्रेडर्स खैरागढ़ से 80 क्विंटल, मेसर्स अशोक कुमार जंघेल गंडई से 30 क्विंटल और चंदन मल सुगमचंद जैन गंडई से 51 क्विंटल धान जब्त किया गया। इन सभी प्रकरणों का कुल मूल्य लाखों में दर्ज किया गया है।समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान भी प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। 14 नवंबर को 120.10 क्विंटल, 21 नवंबर को 289.4 क्विंटल, 22 नवंबर को 96 क्विंटल, 23 नवंबर को 70 क्विंटल, 26 नवंबर को 56 क्विंटल, 27 नवंबर को 44 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हित में खरीदी कार्य को पारदर्शी बनाए रखने के लिए आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी, और अवैध खरीदी-बिक्री में संलिप्त किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- -दूरस्थ गांवों को मिलेगी नई जीवन रेखारायपुर। बस्तर अपनी घनी वन सम्पदा और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अक्सर आवागमन की चुनौतियों का सामना करता रहा है, जहां सैकड़ों बसाहटें मुख्यधारा से कटी हुई थीं। इन विषम परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनातंर्गत जिले के अंदरूनी बसाहटों को बारहमासी आवागमन सुविधा से जोड़ने के लिए डामरीकृत पक्की सड़कों का निर्माण लगातार किया जा रहा है। इसी कड़ी में अभी हाल ही में भारत सरकार से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनातंर्गत फैज-4 के तहत जिले में 240 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से 87 नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी मिल गई है।इन सड़कों की कुल लंबाई करीब 237 किलोमीटर है, जो बस्तर के ग्रामीण और दूरस्थ निवासियों के लिए एक वास्तविक जीवनरेखा साबित होंगी। यह परियोजना केवल सड़कों का निर्माण नहीं, बल्कि उन विरल आबादी वाले क्षेत्रों तक विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा की पहुँच सुनिश्चित करने का एक मजबूत प्रयास है।पीएमजीएसवाय के अंतर्गत स्वीकृत इन सड़कों में कई ऐसी हैं जो विशेष रूप से दुर्गम क्षेत्रों को जोड़ती हैं। इनमें प्रमुख हैं जगदलपुर विकासखण्ड की तिरिया से पुलचा तक की 14.40 किलोमीटर लंबी सड़क और लोहण्डीगुडा विकासखण्ड की बारसूर पल्ली रोड से कचेनार तक 7.50 किलोमीटर की कनेक्टिविटी, जो स्थानीय निवासियों के लिए बाजार, स्कूल, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचाना आसान बनाएगी। सबसे चुनौतीपूर्ण माने जाने वाले दरभा विकासखण्ड में, दरभा कोलेंग रोड से खासपारा ककालगुर, लेण्ड्रा अटल चैक से भाटागुडा जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों को जोड़ने वाली सड़क तथा पुराने ग्राम पंचायत से पडिया आठगांव एवं कुरेंगापारा रोड से जालाघाटपारा व्हाया चालकीपारा तक की सड़कें भी शामिल हैं। ये सभी नाम उन बसाहटों के हैं जहां बेहतर कनेक्टिविटी अत्यंत आवश्यक थी।इस परियोजना के तहत बकावंड और लोहांडीगुड़ा जैसे विकासखंडों में सर्वाधिक 50 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कें स्वीकृत की गई हैं। कुल 87 सड़कों का यह विशाल नेटवर्क बस्तर के लोगों को न केवल सुगम आवागमन प्रदान करेगा, बल्कि विषम परिस्थितियों में रहने वाले प्रत्येक ग्रामीण तक शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचना भी सुनिश्चित करेगा। यह स्वीकृति बस्तर के समग्र सामाजिक-आर्थिक उत्थान की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
- रायपुर। बस्तर जिले के लोहांडीगुड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत छिंदगांव की 49 वर्षीय बोदे बाई का जीवन वर्षों तक एक जीर्ण-शीर्ण, कच्चे कमरे में कठिनाइयों से भरा रहा। बरसात हो या कड़ाके की सर्दी, हर मौसम उनके परिवार के लिए नई मुसीबत लेकर आता था। सीलन, चूहों का आतंक, टूटी दीवारें और असुरक्षित माहौल इन सबने मिलकर अक्सर उनके बच्चों के स्वास्थ्य को बिगाड़ दिया। आर्थिक तंगी के कारण न तो वे घर की मरम्मत कर पाती थीं और न ही बीमारी के दिनों में दवाइयों का इंतजाम करना उनके लिए आसान था। जीवन की इन कठिन परिस्थितियों के बीच, उन्हें उम्मीद तब मिली जब ग्राम पंचायत के माध्यम से उन तक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की जानकारी पहुंची।सूचना मिलते ही बोदे बाई ने बिना देर किए उत्साह के साथ आवेदन किया और जल्द ही उनका नाम दो कमरों वाले मकान की लाभार्थी सूची में शामिल हो गया। योजना की स्वीकृति मिलने के बाद उनके जीवन में बदलाव का सिलसिला शुरू हुआ। सरकार द्वारा निर्धारित एक लाख बीस हजार रुपए की सहायता राशि उन्हें चरणबद्ध रूप से मिली, जिसने उनके सपने को साकार करने की नींव रखी। निर्माण कार्य में गति बनाए रखने के लिए उन्हें मनरेगा के तहत 90 दिनों की मजदूरी भी प्राप्त हुई, जिससे उनका आर्थिक बोझ काफी कम हो गया। इसके अलावा, घर निर्माण की कुछ अतिरिक्त आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उन्होंने ग्राम संगठन से 12 हजार रुपए का सीआईएफ लोन लिया, जिसके सहारे निर्माण कार्य समय पर पूरा हो सका। इस पूरे निर्माण के दौरान, आवास मित्र और पंचायत सचिव ने उन्हें तकनीकी सहयोग प्रदान किया।आज बोदे बाई अपने परिवार के साथ एक मजबूत, सुरक्षित और स्वच्छ पक्के मकान में रह रही हैं। यह नया घर केवल एक छत नहीं है, बल्कि इसमें शौचालय, बिजली और पेयजल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध हैं। वर्षों तक कठिनाइयों का सामना करने के बाद, अब उनके चेहरे पर सुकून और संतोष की चमक साफ दिखाई देती है। कच्चे घर की असुरक्षा से निकलकर पक्के मकान की सुरक्षा तक का यह सफर उनके लिए महज एक भौतिक बदलाव नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान और भरोसे की एक नई शुरुआत है।बोदे बाई कहती हैं कि यह घर उनके जीवन में स्थिरता लेकर आया है और उन्हें भविष्य के प्रति नया विश्वास मिला है। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने न केवल उन्हें एक मकान दिया, बल्कि सम्मानित और सुरक्षित जीवन जीने का अवसर भी प्रदान किया है। उनकी यह सफलता ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का सशक्त उदाहरण है, जो यह साबित करती है कि सही सरकारी समर्थन और सामुदायिक सहयोग से किसी भी परिवार के सपने पूरे हो सकते हैं।
- -बस्तर ओलंपिक में दंतेवाड़ा वॉलीबॉल टीम सदस्य, अब कर रही संभाग स्तरीय मुकाबलों की तैयारी-नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चे लौट रहे मैदानों की ओररायपुर। दंतेवाड़ा जिले के नक्सल प्रभावित दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली कोसी ने बस्तर ओलंपिक में अपनी वॉलीबॉल टीम के साथ दंतेवाड़ा जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर नया इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि उस पूरे क्षेत्र की जीत का प्रतीक बन गई है, जहां वर्षों से संघर्ष, भय और चुनौतियाँ बच्चों के सपनों पर हावी रही हैं।किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली कोसी बचपन से ही कठिन परिस्थितियों के बीच पली-बढ़ी। खेती-बाड़ी और रोज़मर्रा की समस्याओं से जूझते परिवार में कोसी ने बॉलीबाल खेल को एक उम्मीद की रोशनी की तरह देखा और लगातार मेहनत से अपने कौशल को निखारा। उसके पिता किसान हैं और भाई-बहन आज भी गाँव में कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, लेकिन कोसी की सफलता पूरे परिवार और गांव के लिए गर्व का क्षण बनकर आई है।एकलव्य परिसर जवांगा ने कोसी की प्रतिभा को पहचाना, उसे प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर प्रदान किए। इसी सहयोग और उसके अथक प्रयासों की बदौलत अब कोसी संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक के मुकाबलों की तैयारी में जुटी है। उसकी यह प्रगति न केवल खेल उपलब्धि है, बल्कि उस सामाजिक परिवर्तन का संकेत भी है, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चे मैदानों की ओर लौट रहे हैं।इलाके में खेल सुविधाओं की कमी, सीमित मैदान व सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के बावजूद कोसी जैसी बेटियों ने खेल को अपना साहस बनाया है। कोसी की सफलता इस बात का प्रमाण है कि अवसर मिले तो धुर नक्सल क्षेत्रों से भी बेहतरीन खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं।खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार और खेल विभाग से आगे भी पर्याप्त सहयोग मिलता रहा, तो कोसी आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर न केवल बस्तर का, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकती है। उसकी कहानी उस नई पीढ़ी की कहानी है, जो बंदूकों की छाया से निकलकर खेल के मैदानों में अपनी पहचान बनाने की राह पर हैं।
- रायपुर ।समावेशी शिक्षा के सिद्धांत को नई ऊर्जा देते हुए सर्व शिक्षा अभियान, जिला बस्तर द्वारा विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए विशेष खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। यह अनोखा आयोजन आज इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम जगदलपुर में सुबह 10 बजे से आरंभ होगा, जिसके लिए सभी विकासखंडों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य न केवल दिव्यांग छात्र-छात्राओं की खेल प्रतिभा को मंच देना है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, सहभागिता और उत्साह का संचार करना भी है। जिले के सभी सात विकासखंडों से कुल 105 दिव्यांग छात्र-छात्राएं इस आयोजन में हिस्सा लेंगे।उक्त प्रतियोगिता को प्राथमिक, माध्यमिक और हायर सेकेण्डरी स्तर पर विभाजित किया गया है, जिनके अनुरूप रोचक स्पर्धाएं तय की गई हैं। इनमें कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, 50 मीटर स्प्रिंट, स्प्रिट बॉल थ्रो, गोला फेंक, फुटबॉल, मटका फोड़, एकल गीत और सामूहिक गीत जैसी प्रतिस्पर्धाएं शामिल हैं, जो न केवल बच्चों की क्षमताओं को परखेंगी बल्कि उनके भीतर आनंद और आत्मविश्वास भी जगाएंगी। दिव्यांगजन की प्रतिभा, संवेदना और खेल भावना को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित यह प्रतियोगिता समाज में समावेशी शिक्षा के महत्व को पुनः रेखांकित करने वाला एक प्रेरक कदम साबित होगी।
- रायपुर। दुर्ग जिले के कुर्मीगुंडरा गांव के मेहनतकश किसान श्री भीखमलाल वर्मा के लिए धान खरीदी का मौसम हमेशा उम्मीद और उत्साह लेकर आता है। खेतों में धूप हो या तेज़ बारिश, कीचड़ में घंटों खड़े रहकर की गई उनकी मेहनत का असली मूल्य इसी मौसम में मिलता है। किसानों के लिए धान खरीदी किसी त्योहार से कम नहीं होती क्योंकि इसी पर पूरे साल का घर‐परिवार, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की ज़रूरतें टिकी रहती हैं।इस वर्ष श्री भीखमलाल वर्मा ने तकनीक का लाभ उठाते हुए ऑनलाइन टोकन कटवाया और तय तारीख़ पर उपार्जन केन्द्र कुर्मीगुंडरा में पहुंचे। हाथों में टोकन लिए, उनके चेहरे पर संतोष और राहत साफ दिखाई दे रही थी क्योंकि वे जानते थे कि अब उनकी मेहनत का हर दाना समय पर और सुरक्षित तौला जाएगा।उनके पास कुल 2.38 हेक्टेयर रकबा है, जिसके आधार पर उन्हें दो टोकन जारी हुए। निर्धारित समय पर पहुंचकर उन्होंने कुल 123 क्विंटल धान का विक्रय किया। खरीदी की प्रक्रिया सुगमता से पूरी हुई तो श्री भीखमलाल के चेहरे पर चमकते संतोष ने मानो सारी थकान मिटा दी। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि टोकन मिलते ही लगा कि अब सब काम बिना परेशानी के पूरा हो जाएगा। मेहनत की कीमत समय पर मिले, यही किसान की सबसे बड़ी खुशी है।ऑनलाइन टोकन व्यवस्था ने न केवल उनके समय की बचत की, बल्कि खरीदी केंद्र में अनावश्यक भीड़ और इंतज़ार से भी मुक्ति दिलाई। श्री भीखमलाल जैसे हजारों किसानों के लिए यह व्यवस्था अब उम्मीद, भरोसे और सुगमता का नया रास्ता बन चुकी है।
- -मंत्री गजेन्द्र यादव ने किया आह्वान—“हर घर में कान्हा की प्रतिमा स्थापित करें, रोज पूजा करें और सप्ताह में एक दिन परिवार संग भोजन अवश्य करें”रायपुर ।यादव समाज द्वारा राजिम में श्रद्धा, उत्साह और गरिमा के साथ गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्कूल शिक्षा एवं विधि-विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए। क्षेत्रीय विधायक रोहित साहू, नगर पालिका गरियाबंद के अध्यक्ष रिखी यादव, नगर पंचायत राजिम के अध्यक्ष महेश यादव, फिंगेश्वर जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष सतीश यादव सहित समाज के अनेक पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में क्षेत्र वासी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण, राधाजी और मां सरस्वती की वंदना व पूजन के साथ हुआ। उपस्थित कलाकारों एवं समाजजनों ने भजन, स्तुति और गीता के सस्वर पाठ से वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री गजेन्द्र यादव ने यादव समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक भावना की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गीता जयंती का आयोजन राजिम अंचल के लिए गौरव की बात है। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेशों को आज भी प्रासंगिक बताते हुए कहा—हर घर में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित हो। प्रतिदिन लड्डू गोपाल की विधिवत पूजा करना चाहिए। सप्ताह में एक दिन पूरा परिवार साथ बैठकर भोजन करे, जिससे प्रेम, संवाद और अपनत्व बना रहता है।मंत्री यादव ने मंच से उपस्थित सभी परिवारों से आग्रह किया कि व्यस्ततम जीवन में भी सप्ताह में एक दिन अवश्य सामूहिक भोजन करें और परिवार के सदस्यों के सुख-दुख को साझा करें। राजिम विधायक रोहित साहू ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता धर्म, कर्म और जीवन जीने की सही दिशा देती है। उन्होंने यादव समाज द्वारा आयोजित इस भव्य आयोजन के लिए सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया और इसे संस्कृति-संस्कारों को सहेजने की महत्वपूर्ण पहल बताया।इस अवसर पर कोसरिया यादव समाज के जिलाध्यक्ष रामानंद यादव, ठेठवार यादव समाज के जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम यादव, झेरिया यादव समाज के जिलाध्यक्ष भुवन यदु, बड़े कोसरिया यादव समाज के जिलाध्यक्ष हेमलाल यादव, मग्धा यादव समाज के प्रमुख केनूराम यादव, भोरतिया यादव समाज के प्रमुख पन्ना लाल यादव, महिला प्रकोष्ठ कोसरिया की जिलाध्यक्ष मोतिम यादव, महिला प्रकोष्ठ झेरिया की जिलाध्यक्ष भुनेश्वरी यादव सहित बड़ी संख्या में समाजजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
- रायपुर। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025 अंतर्गत कोण्डागांव जिले में धान खरीदी के दौरान धान के अवैध परिवहन और भण्डारण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही हैं। इसी क्रम में बड़ेडोंगर एवं सलना में 726 धान की बोरी अवैध परिवहन करते पाए जाने पर जप्ती की कार्यवाही की गई है। जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि धान के अवैध परिवहन, भंडारण और विक्रय पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे अपना पंजीकृत धान निर्धारित उपार्जन केंद्रों में ही बेचें।खाद्य अधिकारी ने बताया कि ग्राम सलना नाका के आगे भारत माला परियोजना के समीप खाद्य विभाग और मंडी विभाग के उड़न दस्ता दल गुलशन नन्द ठाकुर खाद्य निरीक्षक, मिनेश वर्मा खाद्य निरिक्षक, मुकेश कश्यप मंडी निरीक्षक द्वारा औचक निरीक्षण के दौरान वाहन क्रमांक सीजी 08 एल2563 में कुल 550 बोरा धान का बैक डेट के अनुग्या के अवैध परिवहन करते पाया गया। उक्त धान को अवैध ढंग से खपाने को लेकर अग्रिम जाँच तक पुलिस थाना विश्रामपुरी को सपुर्द कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।फरसगांव अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के नेतृत्व में राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में वाहनों की जांच के दौरान फरसगांव से बड़ेडोगर रोड में दो वाहनों में नियम विरुद्ध 176 बोरी धान परिवहन करते पाया गया, जिसे जांच के बाद मंडी अधिनियम के अंतर्गत कुल जब्ती की कार्यवाही की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 27 एल 4836 से 70 बोरी धान और 407 वाहन क्रमांक सीजी 17 एच 2993 से 105 बोरी धान जप्त किया गया है। दोनों वाहनों में भरा हुआ धान बड़ेडोगर निवासी लखन प्रसाद साहू का होना पाया गया है।
- - राइस मिल से 800 कट्टा धान जप्त, कुल 1460 कट्टा अवैध धान जप्तमहासमुंद / खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत राज्य शासन की मंशा के अनुरूप कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा जिले में अवैध धान परिवहन और भंडारण पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए गए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व, मंडी, खाद्य एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें जांच चौकियों, राइस मिलों और उपार्जन केंद्रों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। राइस मिलों में भी स्टॉक वेरीफिकेशन का कार्य निरंतर जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को जिले में अलग-अलग मामलों में संयुक्त टीमों द्वारा कुल 1460 कट्टा अवैध धान जप्त किया गया है।विकासखंड पिथौरा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पिथौरा श्री बजरंग वर्मा के नेतृत्व में आज सपनेश्वर राइस इंडस्ट्री, नरसिंहपुर में हुए भौतिक सत्यापन में 9232.8 क्विंटल (23082 कट्टा) धान कम पाया गया। मिल में मौजूद 800 कट्टा धान को तत्काल जब्त कर प्रशासनिक कार्यवाही शुरू की गई। वहीं जगदीशपुर रोड पर ट्रैक्टर से अवैध रूप से ले जाए जा रहे 75 पैकेट धान को पकड़ा गया। वाहन व धान को जप्त कर थाना बसना को सौंपा गया। इसी तरह पिरदा समिति में किसान द्वारा लाए गए 135 बोरी पुराने धान को नियम विरुद्ध पाए जाने पर जप्त किया गया। पूरा प्रकरण मंडी सचिव को मंडी अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई हेतु सुपुर्द किया गया है।इसी तरह सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली श्रीमती अनुपमा आनंद के नेतृत्व में ग्राम गनियारिपाली में कार्रवाई की गई। यहां संयुक्त टीम द्वारा 450 कट्टा अवैध धान बरामद किया गया, जिसे आवश्यक कार्यवाही हेतु थाना सिंघोड़ा को सुपुर्द किया गया।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा कि जिले की सभी राइस मिलों में भौतिक सत्यापन लगातार जारी रहेगा। स्टॉक में किसी भी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने सतत निगरानी सतत जारी रहेगी।
- -राजभवन में मनाया गया 6 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवसरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में राजभवन में 6 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि राज्यों की विविधताओं को राष्ट्रीय एकता एक सूत्र में पिरोती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान इसी एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का सशक्त प्रतीक है।राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, उत्तराखण्ड, लक्षद्वीप, और पुडुचेरी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि भाषाओं, वेशभूषा, खान-पान, कला और परंपराओं में भिन्नता होने के बावजूद हमारी आत्मा एक है। यही विविधता भारत को विश्व में अद्वितीय बनाती है। केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक दूसरे का स्थापना दिवस मनाते है। इसी कड़ी में आज राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में इन राज्यों का स्थापना दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया।राज्यपाल ने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक ईकाई नहीं है बल्कि हजारों वर्षाे की सभ्यता संस्कृति, परंपरा और मूल्यों का जीवंत संगम है। श्री डेका ने विभिन्न राज्यों की विशेषताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक राज्य प्राचीन विरासत और आधुनिक तकनीक का संगम है। बीते युग में विजय नगर साम्राज्य ने कला और स्थापत्य को ऊंचाई दी, वैसे ही आज बैंगलुरू भारत का आईटी हब बन गया है। कर्नाटक अपने प्राकृतिक सौंदर्य और संस्कृति के साथ-साथ भाषा और साहित्य में समृद्ध है।राज्यपाल ने कहा कि तमिलनाडु भारत की द्रविड़ सभ्यता का केंद्र है। भारत की सबसे प्राचीन भाषाओं में एक तमिल भाषा की यह भूमि, महान मंदिर स्थापत्य, भरतनाट्यम नृत्य, संगीत और समृद्ध साहित्य परंपरा के लिए विश्व प्रसिद्ध है। संगम साहित्य और तिरूक्कुरल जैसे ग्रंथों ने भारतीय ज्ञान को समृद्ध किया है। तमिलनाडु देश की प्रगति में अग्रणी भूमिका निभाता है। इस राज्य ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कर्नाटक के बाद तमिलनाडु देश का सबसे बड़ा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विकास क्षेत्र है।राज्यपाल ने कहा कि दिल्ली हमारी राजधानी ही नहीं बल्कि देश का दिल भी है। यह वह भूमि है जहां इतिहास ने करवट ली है। यहां की गलियों में भारत का इतिहास सांस लेता है, चाहे वह प्राचीन इन्द्रप्रस्थ की कहानी हो या आधुनिक भारत का स्वतंत्रता संग्राम हो। लाल किला, कुतुब मीनार, संसद भवन, इंडिया गेट- ये केवल इमारतें नहीं बल्कि हमारे राष्ट्र के गौरव के प्रतीक हैं। यहां सांस्कृतिक विविधता हर गली और मोहल्ले में देखने मिलती है।श्री डेका ने कहा कि उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना एक साथ हुई थी। दोनों राज्यों में कई समानताएं है जैसे इन राज्यों में आबादी का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है और कृषि उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। उत्तराखंड की हिमालय की चोटियां, नदियां और घने जंगल इसकी पहचान है वहीं छत्तीसगढ़ भी जंगल, नदियां, पहाड़ और प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर राज्य है। सतत् विकास और पारिस्थितिक संतुलन के लिए दोनों राज्यों में समान चुनौतियां हैं।राज्यपाल ने कहा कि पुडुचेरी अपने फ्रांसीसी स्थापत्य, आध्यात्मिक वातावरण और सांस्कृतिक समन्वय के लिए प्रसिद्ध है। प्राचीन काल में पुडुचेरी फ्रांस के साथ व्यापार का मुख्य केंद्र था। आज कई पर्यटक यहां के खूबसूरत समुद्र तटों और उस समय की सभ्यता की झलक पाने के लिए आते हैं। हिन्द महासागर में स्थित अनमोल द्वीप समूह लक्षद्वीप अपने नीले पानी, स्वच्छ समुद्र तट और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। आज जब पूरा विश्व पर्यावरण संकट की चुनौती से जुझ रहा है, तब लक्षद्वीप की जीवनशैली हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन की प्रेरणा देती है।राज्यपाल ने कहा कि इन सभी प्रदेशों की विविधता ही भारत की असली शक्ति है। एक भारत श्रेष्ठ कार्यक्रम इसी भावना को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। आज जब देश आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तब हमें इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के योगदान को और अधिक मजबूती देनी होगी। उन्होंने लोगों का आव्हान किया कि एक कार्य ऐसा जरूर करें, जिसमें मानवीय सेवा निहित हो। पर्यावरण और स्वच्छता का संदेश भी उन्होंने दिया।समारोह में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना ने भी तमिलनाडु राज्य की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संास्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। कर्नाटक के यक्षगान (यक्षगणना), तमिलनाडु के लोक नृत्य, दिल्ली के पंजाब फोक नृत्य सहित उत्तराखंड के लोक नृत्य गौपति, लक्षद्वीप के छड़ी नृत्य एवं पुडुचेरी के गरडी नृत्यों ने अतिथियों का मन मोह लिया।विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी एवं इन सभी राज्यों के युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- -संस्थान नवाचार परिषद के क्षेत्रीय सम्मेलन का राज्यपाल ने किया उद्घाटनरायपुर । नवाचार केवल प्रयोगशालाओं और कक्षाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, इसे समाज से जोड़ना होगा। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज संस्थान नवाचार परिषद (आईआईसी) के क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उक्त बातें कहीं। इनोवेशन सेल, ऑल इंडिया तकनीकी शिक्षा परिषद शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा मंगलवार को शंकराचार्य व्यावसायिक प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में यह सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें राज्यपाल श्री डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।श्री डेका ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल इस संस्थान के लिए बल्कि हमारे राज्य के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत की राष्ट्रीय नवाचार यात्रा में छत्तीसगढ़ की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान, हस्तशिल्प, कृषि, वनोपज और जनजातीय ज्ञान की भूमि है। सही रूप में किया गया नवाचार हमारी स्थानीय शक्तियों का मूल्य संवर्धन करके उन्हें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने योग्य और आर्थिक व तकनीकि रूप से उन्नत बनाता है, इसमें हमारे युवाओं की महती भूमिका है। एक छोटा सा नवाचार मानव की बड़ी जरूरतों को पूरा कर सकता है।श्री डेका ने कहा कि 21वीं सदी के विद्यार्थी सौभाग्यशाली हैं। इस सदी में इंटरनेट सबसे बड़ी खोज है। श्री डेका ने कहा कि सतत् विकास आज की सबसे बड़ी जरूरत है और यह विज्ञान से ही संभव है। उन्हांेने जलवायु परिवर्तन, माइक्रो प्लास्टिक और मधुमेह की बीमारी को वर्तमान की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि युवा विद्यार्थी इस क्षेत्र में नवाचार कर इसका समाधान ढूंढ़ सकते हैं, जिसके लिए वे अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप भारत के भविष्य के पेशेवर और भविष्य निर्माता हैं। केवल लाभ पाने के लिए नहीं बल्कि उद्देश्य के लिए नवाचार करंे। अपने विचारों को वास्तविक समस्याओं का समाधान करने की दिशा में आगे बढ़ाएं। असफलता से न डरें क्योंकि हर असफलता आपको बेहतर प्राप्त करना सिखाती है। युवाओं का साहस, जिज्ञासा और प्रतिबद्धता वर्ष 2047 के भारत को परिभाषित करेगी और भारत 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करेगा।कार्यक्रम में उपस्थित एआईसीटीई नई दिल्ली के उपनिदेशक डॉ. निखिल कांत ने सम्मेलन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। एसएसआईपीएमटी भिलाई के चेयरमैन श्री आई पी मिश्रा ने भी अपना संबोधन दिया। निदेशक श्री निशांत त्रिपाठी ने स्वागत भाषण और प्राचार्य श्री आलोक जैन ने आभार प्रदर्शन किया। राज्यपाल ने संस्थान के तकनीकी विभाग में संचालित आईडिया लैब का अवलोकन कर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी, फेकल्टी मेंबर, शिक्षक, विद्यार्थी उपस्थित थे।
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-उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वीकृति आदेश जारी
रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कबीरधाम जिले के बोड़ला नगर पंचायत में 12 कार्यों के लिए तीन करोड़ 61 लाख 73 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग द्वारा अधोसंरचना मद से ये कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बोड़ला नगर पंचायत में शेड निर्माण के लिए चार लाख 62 हजार रुपए, फुटपाथ (पेवर ब्लॉक) निर्माण के लिए आठ लाख 90 हजार रुपए, हाई-मास्ट लाइट के लिए नौ लाख 27 हजार रुपए तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पुलिया से विवेकानंद सरोवर तक नाली एवं सड़क चौड़ीकरण कार्य के 72 लाख 74 हजार रुपए मंजूर किए हैं।विभाग ने बोड़ला नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक-10 में विवेकानंद तालाब से निकासी नाला तक आर.सी.सी. नाली एवं क्रॉस-कल्वर्ट निर्माण के लिए 48 लाख 95 हजार रुपए, शौचालय निर्माण के लिए 28 लाख 53 हजार रुपए, सामुदायिक भवन के पास प्रवेश द्वार निर्माण के लिए छह लाख रुपए, सामुदायिक भवन में अतिरिक्त निर्माण एवं रिनोवेशन कार्य के लिए 18 लाख 20 हजार रुपए, राष्ट्रीय राजमार्ग दुर्गा मंदिर से स्टेडियम तक सीसी सड़क एवं आर.सी.सी. नाली निर्माण के लिए 97 लाख 42 हजार रुपए, स्टेडियम के पास ओवर हेड टैंक के निर्माण के लिए 13 लाख 80 हजार रुपए और विवेकानंद तालाब के पास बस्ती की ओर 800 मीटर बाउंड्री-वॉल निर्माण के लिए 46 लाख 90 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। - रायपुर। वर्षों तक केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित होने वाले इस विद्यालय में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया लागू की गई, जिसके तहत यहां दूसरे शिक्षक की पदस्थापना की गई। इस पहल ने विद्यालय की व्यवस्था को मजबूत किया है और विद्यार्थियों के सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में सकारात्मक बदलाव लाया है। वनांचल क्षेत्र के ग्राम सागबाड़ी स्थित प्राथमिक शाला में शिक्षा की गुणवत्ता अब नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।सालों से इस विद्यालय में मात्र एक शिक्षक, प्रधान पाठक श्री राम सिंह, ही कार्यरत थे। अकेले सभी कक्षाओं को संभालना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। सभी विद्यार्थियों को एक ही कक्ष में बैठकर पढ़ना पड़ता था और अलग-अलग कक्षाओं के लिए बच्चों को शिक्षक की उपलब्धता का इंतजार करना पड़ता था। इससे शिक्षा की गति प्रभावित होती थी।अतिशेष शिक्षकों को रिक्त पदों वाले विद्यालयों में भेजने की राज्य स्तरीय पहल के तहत 5 जून 2025 को श्री मनोज चंद्रा को सागबाड़ी प्राथमिक शाला में सहायक शिक्षक के रूप में पदस्थ किया गया। उनकी नियमित उपस्थिति और समर्पित शिक्षण से विद्यालय की गतिविधियों में नई ऊर्जा आई है। विद्यार्थियों ने महसूस किया बदलाव महसूस किया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी इस सुधार को खुलकर सराहा है। कक्षा पाँचवीं के छात्र बुधवार सिंह ने बताया कि पहले एक शिक्षक होने से पढ़ाई में कई कठिनाइयाँ आती थीं, लेकिन अब दो शिक्षक होने से पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही है।दो शिक्षकों की उपलब्धता से सागबाड़ी प्राथमिक शाला में शैक्षणिक गतिविधियों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वनांचल क्षेत्र के इस छोटे से विद्यालय में आया यह बदलाव शिक्षा सुदृढ़ीकरण की एक प्रेरक मिसाल बन गया है। कक्षा चौथी की प्रिया, दूसरी की रोशनी और तीसरी के सतीश यादव ने भी खुशी जताते हुए कहा कि अब कोई भी कक्षा खाली नहीं रहती और गुरुजी समय पर पहुंचते हैं। विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि उन्हें नियमित रूप से सुबह का नाश्ता और मध्यान्ह भोजन मिलता है।
- - जिले में 19644 पंजीकृत किसानों से 238 करोड़ 62 लाख 69 हजार रूपए मूल्य का 1004186 क्विंटल धान की खरीदीराजनांदगांव । जिले में धान की खरीदी महाभियान के लिए किसानों में हर्ष व्याप्त है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान खरीदी महाभियान के तहत शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक के मान से धान खरीदी की जा रही है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशन में धान खरीदी के सुचारू संचालन के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। धान खरीदी कार्य के लिए इलेक्ट्रानिक तौल मशीन, पेयजल, छांव, बायोमैट्रिक डिवाईस मशीन, श्रमिक एवं अन्य व्यवस्था की गई है। आर्द्रता मापी यंत्र से किसानों के धान का परीक्षण किया जा रहा है। जिले के सभी 96 धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी की दर एवं सूची व फ्लैक्स लगाए गए है। कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों की सतत निगरानी रखने तथा कोचियों एवं बिचौलियों से अवैध धान की खरीदी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। धान बिक्री के लिए किसान टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर रहे है। जिससे उनके समय की बचत हो रही है और उन्हें सुविधा मिल रही है। उल्लेखनीय है कि अब तक जिले में 19644 पंजीकृत किसानों से 238 करोड़ 62 लाख 69 हजार रूपए मूल्य का 1004186 क्विंटल धान की खरीदी की गई है।
- - धान बिक्री की राशि से बनाएंगे नया घर- पिछले वर्ष धान बिक्री की प्राप्त राशि से किया कृषि भूमि का विस्तार- ग्राम सुंदरा के किसान गोपाल ने धान उपार्जन केन्द्र मनकी में दूसरे टोकन में 71 क्विंटल धान का किया विक्रय- ऑनलाईन टोकन काफी सुविधाजनक- धान उपार्जन केन्द्र में अच्छी व्यवस्था होने से धान बिक्री करना हुआ आसानराजनांदगांव । प्रत्येक किसान अपनी उपज और मेहनत का सही दाम मिले यही उम्मीद रखता है। किसानों की उम्मीद और उनकी उपज का वास्तविक मूल्य देने के लिए राज्य शासन प्रतिबद्ध है। शासन द्वारा 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। किसानों की वास्तविक उपज को समर्थन मूल्य में खरीदी कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है। किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, उनके उन्नति के रास्ते खुल गए है। शासन-प्रशासन द्वारा धान खरीदी केन्द्रों में मिल रही सुविधाओं और पारदर्शी खरीदी पर जिले के किसान बहुत खुश है।राजनांदगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र मनकी में ग्राम सुंदरा के किसान श्री गोपाल प्रसाद मंगलवार को धान खरीदी केन्द्र मनकी में 71 क्विंटल धान बिक्री करने पहुंचे थे। धान बिक्री करने आए ग्राम सुंदरा के किसान श्री गोपाल ने कहा कि समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना से किसानों के लिए उन्नति का राह खोल दिया है। खेती-किसानों कार्य से किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में दूसरी बार ऑनलाईन टोकन कटने के बाद धान बिक्री किया है। उन्होंने बताया कि पहले टोकन में धान बिक्री से उन्हें दो दिवस के भीतर एक मुश्त राशि मिली है। उन्होंने बताया कि उनके पास 18 एकड़ खेती जमीन है। जिसमें वे धान की फसल लिए थे। सोसायटी से खाद-बीज के लिए समय पर ऋण उपलब्ध होने से फसल का अच्छा उत्पादन हुआ है। किसान श्री गोपाल ने बताया कि पिछले वर्ष की धान बिक्री से उन्होंने कृषि भूमि का विस्तार किया था। इस वर्ष धान बिक्री की राशि से नया घर निर्माण करने सोच रहे है। उन्होंने कहा कि शासन की धान खरीदी नीति से किसानों के जीवन स्तर में परिवर्तन आया है। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से जीवन स्तर बढ़ा है।किसान श्री गोपाल ने बताया कि पहले सोसायटी में टोकन के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाईल एप्प के माध्यम से ही घर बैठे ऑनलाईन टोकन प्राप्त करने की सुविधा मिली है, जो कि उनके लिए काफी सुविधाजनक साबित हुआ है। उन्होंने धान विक्रय के लिए ऑनलाईन टोकन लिए थे और आज वे धान खरीदी केन्द्र खुलते ही अपना धान लेकर आ गए हैं। जिसके पश्चात् समय पर ही उनके धान की आदर््ता माप कर, पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया गया। बारदाना में धान भरने, तौलाई, सिलाई तथा स्टेक में रखने हेतु खरीदी केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी उपलब्ध है, जिनके माध्यम से समय पर ही उनका धान विक्रय हुआ है। उन्होंने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र में अच्छी व्यवस्था होने से उनके धान की बिक्री आसानी से समय पर सुनिश्चित हुआ है, जिससे वे बहुत ही संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में पहुॅचने वाले किसानों के लिए बैठक, पेयजल, शौचालय आदि की भी व्यवस्था है, जो उन्हें धान खरीदी के कार्य में काफी सुविधाजनक लगा। किसान श्री गोपाल ने धान उपार्जन केन्द्र में की गई बेहतर व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
- - कुल 138 प्रकरणों में 5 करोड़ 26 लाख 14 हजार 6 रूपए मूल्य के 16972.26 क्विंटल (42431 बोरा) अवैध धान एवं 8 वाहन जप्तराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान बिक्री की रोकथाम के लिए कोचियों एवं बिचौलियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। आने वाले समय में कोचियों एवं बिचौलियों द्वारा अवैध धान की बिक्री करने की पुनरावृत्ति होने एवं संलिप्त पाए जाने पर अपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए जा सकते हैं। इसी कड़ी में राजस्व, खाद्य, मंडी विभाग के संयुक्त दल द्वारा मंगलवार को कुल 7 प्रकरणों में 16 लाख 36 हजार 800 रूपए मूल्य के 528 क्विंटल (1320 बोरा) अवैध धान जप्त किया गया। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 138 प्रकरणों में 5 करोड़ 26 लाख 14 हजार 6 रूपए मूल्य के 16972.26 क्विंटल (42431 बोरा) अवैध धान एवं 8 वाहन जप्त किया गया है।प्राप्त जानकारी अनुसार आज राजनांदगांव अनुविभाग में 5 प्रकरण में 12 लाख 95 हजार 800 रूपए मूल्य के 418 क्विंटल (1045 बोरा) अवैध धान एवं डोंगरगांव अनुविभाग में कुल 2 प्रकरणों में 3 लाख 41 हजार रूपए मूल्य के 110 क्विंटल (275 बोरा) अवैध धान जप्त किया गया है। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक राजनांदगांव अनुविभाग में कुल 57 प्रकरणों में 3 करोड़ 1 लाख 60 हजार 520 रूपए मूल्य के 9729.20 क्विंटल (24323 बोरा) अवैध धान व 2 वाहन, डोंगरगढ़ अनुविभाग में 39 प्रकरण में 1 करोड़ 66 लाख 1 हजार 706 रूपए मूल्य के 3439.26 क्विंटल (8598 बोरा) अवैध धान व 2 वाहन तथा डोंगरगांव अनुविभाग में कुल 42 प्रकरणों में 1 करोड़ 17 लाख 91 हजार 780 रूपए मूल्य के 3803.80 क्विंटल (9510 बोरा) अवैध धान एवं 4 वाहन जप्त किया गया है।जिले में कोचियों एवं बिचौलियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले के 1500 छोटे एवं बडे मंडी अनुज्ञप्तिधारियों को सूचीबद्ध कर अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार एवं खाद्य व मंडी के अधिकारियों को जांच कर अवैध रूप से भंडारित धान जप्त किए जाने तथा सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिये गये है। जिले में अंतर्राज्यीय अवैध धान आवक के रोकथाम हेतु जिले में कुल 3 अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट बोरतलाब, पाटेकोहरा एवं कल्लूबंजारी स्थापित किया गया है। जहां पर मंडी, नगर सेना, वन विभाग एवं राजस्व के अधिकारियों द्वारा तीन पालियों में 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है।
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*सर्वश्रेष्ठ रील के लिए 50 हजार इनाम*
बिलासपुर/जल संरक्षण एवं वाटरशेड विकास कार्यो में जनभागीदारी बढ़ाने तथा जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से केन्द्र एवं राज्य शासित प्रदेश सरकारों के सहयोग से जलग्रहण विकास कार्यो में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भूमि संसाधन विभाग द्वारा ‘‘वाटरशेड महोत्सव‘‘ का आयोजन किया जा रहा हैं। ‘‘वाटरशेड महोत्सव‘‘ अंतर्गत बिलासपुर जिले में विभिन्न गतिविधियों के साथ ‘‘सोशल मीडिया प्रतियोगिता‘‘ का आयोजन किया जायेगा। यह प्रतियोगिता 31 दिसंबर 2025 तक आयोजित की जायेगी। इच्छुक व्यक्ति जल संचय संरचनायें, बागवानी, कृषि, वानिकी एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना डब्ल्यूडीसी 2.0 एवं 1.0 सहित जलग्रहण योजनाओं के अंतर्गत निर्मित संरचनाओं और उनसे लाभान्वित समुदाय को दर्शाते हुये 30 से 60 सेकण्ड का लघु विडियों, रील या फोटो तैयार कर सकता हैं।प्रतियोगिता में भाग लेने के लिये प्रतिभागियों को https://wdcpmksy.dolr.gov.in/registerMahotsav वेबसाईट पर पंजीकरण करना होगा और सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर हैशटैग WDC-PMKSY-WatershedMahotsav2025 के साथ ऑनलाईन अपना कंटेंट पोस्ट करना अनिवार्य होगा। प्रतियोगिता अवधि समाप्त होने के पश्चात् 31 जनवरी 2025 शाम 6 बजे तक प्रतिभागियों को पोस्ट के रीच, व्यूज, इंगेजमेंट, लाईक, शेयर और कमेंट का स्क्रीन शॉट पोर्टल पर जमा करना होगा। विजेताओं का चयन रीच 45 प्रतिशत, इंगेजमेंट 25 प्रतिशत, विषय की प्रासंगिकता 10 प्रतिशत, रचनात्मकता व मौलिकता 10 प्रतिशत एवं दृश्य तथा तकनीकी गुणवत्ता 10 प्रतिशत के आधार पर किया जावेगा जिसमें सर्वश्रेष्ठ रील के लिये 50 हजार रूपये एवं फोटोग्राफ के लिये 1 हजार रूपये की राशि के पुरस्कार दिये जायेंगे। कंटेंट जमा करने के बाद पूर्ण रूप से डीओएलआर के कॉपीराईट के अधीन होगी, जिसका उपयोग विभिन्न प्रचार एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिये सरकार द्वारा किया जा सकता हैं। प्रतियोगिता के नियमों के तहत् अश्लील एवं कृत्रिम रूप से बढ़ाये गये व्यूज आदि अस्वीकार्य होेंगे और सभी प्रतिभागी कानूनी नियमों के तहत् जिम्मेदार होंगे। -
कृषि नवाचार का संदेश, कृषि विशेषज्ञों ने दिए नवाचारपूर्ण सुझाव*
बिलासपुर,/भूमि संसाधन एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छ.ग. राज्य मंे बिलासपुर जिले के कृषि विभाग में संचालित केन्द्रीय योजना डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाय 2.0/1 द्वारा कोटा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत नगपुरा में वाटरशेड महोत्सव का आयोजन किया गया। माइक्रोवाटरशेड ग्राम नगपुरा में विविध आयोजना के तहत् प्रभात फेरी, रंगोली एवं कबड्डी प्रतियोगिता, भूमि पूजन, श्रम दान एवं सरसों बीज का वितरण किया गया। वाटरशेड कमेटी नगपुरा में श्रमदान एवं निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया गया। इसके पश्चात् प्राथमिक शाला माइक्रोवाटरशेड नगपुरा के बच्चों के द्वारा प्रभात फेरी, पानी की पाठशाला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया गया।आयोजन के दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर जनपद पंचायत सदस्य श्री परमेश्वर खुसरो मौजूद थे। इसके अलावा सरपंच ग्राम पंचायत नगपुरा श्रीमति अनूपा पैकरा, सरपंच ग्राम पंचायत तुलुफ श्री मोहन सिंह श्याम, भूतपूर्व जनपद पंचायत सदस्य श्रीमति सुरति परमेश्वर खुसरो एवं विभागों से कृषि विज्ञान केन्द्र के विषय वस्तु विशेषज्ञ श्रीमति डॉ. शिल्पा कौशिक, श्रीमति डॉ. एकता ताम्रकार एवं इंजीनियर श्री पंकज मिंज, आईएफएफसीओ के प्रबंधक श्री नवीन तिवारी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रबंधक श्री अवनीश सिंह, परियोजना अधिकारी डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाय 2.0/1 कोटा, डब्ल्यूसीडीसी, समस्त डब्ल्यूडीटी, वाटरशेड कमेटी के समस्त अध्यक्ष एवं सचिव मौके पर उपस्थित रहे। कृषि विज्ञान केन्द्र के विषय वस्तु विशेषज्ञ श्रीमति डॉ. शिल्पा कौशिक द्वारा ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन-तिलहन की खेती, श्रीमति डॉ. एकता ताम्रकार के द्वारा प्राकृतिक एवं जैविक खेती, श्री पंकज मिंज द्वारा ड्रिप एवं स्प्रिंकलर पद्धति द्वारा जल प्रबंधन पर उद्बोधन दिया गया। जिसके पश्चात् आईएफएफसीओ के प्रबंधक श्री नवीन तिवारी द्वारा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग फसलों में करने की विधि के बारे में विस्तृत बताया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जिला प्रबंधक श्री अवनीश सिंह द्वारा फसल क्षतिग्रस्त होने पर फसल की बीमा कराने हेतु किस प्रक्रिया को अपनाना है इसकी जानकारी दी गई।कृषि विभाग कोटा के द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत सरसों बीज का वितरण मुख्य अतिथियों के माध्यम से नगपुरा, डांडबछाली एवं तुलफ ग्राम के 20 कृषकों को किया गया। पशु विभाग कोटा से पशु चिकित्सा सहायक सलग्य द्वारा पशुओं की मौसमी बीमारी एवं उनके उपचार के बारे में कृषकों को अवगत कराया गया। ग्राम कसईबहरा ग्राम के बच्चों के द्वारा स्वागत गीत के साथ शुभारंभ किया गया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया तत्पश्चात् पुरस्कार वितरण किया गया, जिसमें कबड्डी प्रतियोगिता में नगपुरा टीम को प्रथम एवं लमरी डबरी टीम को द्वितीय स्थान दिया गया, रंगोली प्रतियोगिता में सरस्वती मरावी को प्रथम पुरस्कार दिया गया, नृत्य प्रतियोगिता में सुंआ नृत्य को प्रथम पुरस्कार, द्वितीय पुरस्कार फिल्मी गीत पर किये गये छात्रों को, तृतीय पुरस्कार कुमारी अराध्या पैंकरा को एवं चतुर्थ पुरस्कार नगपुरा के बच्चों को दिया गया। -
बिलासपुर/जिले के 18 वर्ष आयु तक के बालक-बालिकाओं को असाधारण वीरता, साहस एवं बुद्धिमत्ता के लिए राज्य वीरता पुरस्कार प्रदान करने हेतु 20 दिसम्बर 2025 तक आवेदन मंगाये गये है। पुरस्कृत करने के लिए 1 जनवरी 2025 से आवेदन की तिथि के पूर्व तक की अवधि में विचारणीय होगी। आवेदन निर्धारित तिथि तक जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग पुराना कम्पोजिट बिल्डिंग के पीछे जमा किये जा सकते है। विस्तृत जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग की वेबसाईट https://cgwcd.gov.in में सम्मान, पुरस्कार खण्ड का अवलोकन किया जा सकता है।
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जिले में 38 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी 126 केन्द्रों में देंगे परीक्षा
*दो घंटे पहले पहुंचे निर्धारित परीक्षा केन्द्र में*बिलासपुर/छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल, (व्यापम) द्वारा 7 दिसंबर को बिलासपुर सहित प्रदेश के 16 जिलों में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत अमीन (WRDA -25) भर्ती परीक्षा आयोजित की गई है। पूरे प्रदेश में 2.30 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी इसमें शामिल होने के लिए आवेदन किया है। अकेले बिलासपुर में 38 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने परीक्षा केन्द्र के रूप में बिलासपुर को चुना है। इसके लिए जिले में 126 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। व्यापम के निर्देश पर जिला प्रशासन ने इस परीक्षा के निष्पक्ष और पारदर्शी पूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए परीक्षार्थियों के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं।व्यापम द्वारा जारी निर्देश के अनुसार परीक्षार्थी परीक्षा के एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र का अनिवार्य रूप से अवलोकन कर लें ताकि उन्हे परीक्षा दिवस को कोई असुविधा न हो। परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फिस्किंग एवं फोटो युक्त पहचान पत्र का सत्यापन किया जा सके । परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा। चूकि यह परीक्षा दोपहर 12.00 बजे प्रारंभ हो रहा है। अतः मुख्य द्वार प्रातः 11.30 बजे बंद कर दिया जावेगा। इसलिए समय का विशेष ध्यान रखें। हल्के रंग के आधी बाही वाले कपडे पहनकर परीक्षा देने आये। काले, गहरे, नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैगनी रंग व गहरे चॉकलेटी रंग का कपडे पहनना वर्जित होगा। केवल साधारण स्वेटर (बिना पॉकेट) की अनुमति है। सुरक्षा जांच के समय स्वेटर को उतारकर सुरक्षा कर्मी से जांच कराना होगा। स्वेटर हेतु हल्के रंग एवं आधे बांह का बंधन नहीं होगा।धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक वाले अभ्यार्थीयों को परीक्षा केन्द्र पर सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा। उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने उपरांत ही ऐसे पोशाक की अनुमति होगी। फुटवियर के रूप में चप्पल पहने। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रिानिक उपकरण, इलेक्ट्रिानिक घडी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जायेगी तथा अभ्यार्थिता समाप्त की जावेगी।परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्र में केवल काले या नीले बॉल पेन लेकर ही आयें। उपरोक्त निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जाना है। -
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वीकृति आदेश जारी
बिलासपुर/. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कबीरधाम जिले के बोड़ला नगर पंचायत में 12 कार्यों के लिए तीन करोड़ 61 लाख 73 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग द्वारा अधोसंरचना मद से ये कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बोड़ला नगर पंचायत में शेड निर्माण के लिए चार लाख 62 हजार रुपए, फुटपाथ (पेवर ब्लॉक) निर्माण के लिए आठ लाख 90 हजार रुपए, हाई-मास्ट लाइट के लिए नौ लाख 27 हजार रुपए तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पुलिया से विवेकानंद सरोवर तक नाली एवं सड़क चौड़ीकरण कार्य के 72 लाख 74 हजार रुपए मंजूर किए हैं।विभाग ने बोड़ला नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक-10 में विवेकानंद तालाब से निकासी नाला तक आर.सी.सी. नाली एवं क्रॉस-कल्वर्ट निर्माण के लिए 48 लाख 95 हजार रुपए, शौचालय निर्माण के लिए 28 लाख 53 हजार रुपए, सामुदायिक भवन के पास प्रवेश द्वार निर्माण के लिए छह लाख रुपए, सामुदायिक भवन में अतिरिक्त निर्माण एवं रिनोवेशन कार्य के लिए 18 लाख 20 हजार रुपए, राष्ट्रीय राजमार्ग दुर्गा मंदिर से स्टेडियम तक सीसी सड़क एवं आर.सी.सी. नाली निर्माण के लिए 97 लाख 42 हजार रुपए, स्टेडियम के पास ओवर हेड टैंक के निर्माण के लिए 13 लाख 80 हजार रुपए और विवेकानंद तालाब के पास बस्ती की ओर 800 मीटर बाउंड्री-वॉल निर्माण के लिए 46 लाख 90 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। - रायपुर /राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने सौजन्य भेंट की।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में विश्वकप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरिपिस्ट एवं स्पोर्ट साइंस विशेषज्ञ, भारत एवं छत्तीसगढ़ की गौरव सुश्री आकांक्षा सत्यवंशी ने सौजन्य भेंट की। राज्यपाल ने राजकीय गमछा पहनकर उनका सम्मान किया और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक बुधवार 3 दिसंबर 2025 को प्रातः 11 बजे मंत्रालय स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में आयोजित होगी।


















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