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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के विधानसभा वैशालीनगर विधायक रिकेश सेन, महापौर नीरज पाल, निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, महापौर परिषद के सदस्य एकांश बंछोर एवं आवास योजना के नोडल अधिकारी अजीत तिग्गा की उपस्थिति में प्रधानमंत्री आवास योजना के 28 हितग्राहियों को खुली लाटरी से मकान आबंटित किया गया।
भिलाई शहर अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना से निर्मित मकानो का आबंटन हेतु मुख्य कार्यालय सभागार कक्ष में समय 12ः00 बजे से लाटरी आयोजित की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एएचपी मोर मकान-मोर आस एवं मोर मकान-मोर चिन्हारी घटक से निर्मित मकानों को शामिल करते हुए मकानहीन परिवारो को खुली लाटरी पद्वति के माध्यम से वरिष्ठ नागरिको एवं अन्य नागरिकगणों को मकान आबंटित किया गया। प्रमुख रूप से आम्रपाली हाउसिंग बोर्ड के 4 मकान, सूर्या विहार के पीछे खम्हरिया के 21 मकान, रजत बिल्डर्स शांति नगर के 1 मकान, वंदे मातरम कुरूद के 2 मकान शामिल किया गया है। साथ ही हितग्राहियों की सुविधा के लिए आवास ऋण मेला का आयोजन भी किया गया था। हितग्राही अपने इच्छानुसार मकान का शेष राशि जमा करने आवास ऋण के लिए संपर्क कर आवेदन किये है। लाटरी के दौरान आवास प्रभारी विदयाधर देवांगन, सीएलटीसी किरण चतुर्वेदी, उत्पल शर्मा, युक्ति देवांगन, उपस्थित रहे। - रायपुर नगर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 11 बूथ लेवल अधिकारियों ने समय पूर्व हासिल किया शत-प्रतिशत लक्ष्यरायपुर / जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) के तहत रायपुर नगर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 49 के 11 बीएलओ ने उत्कृष्ट एवं समयबद्ध कार्य करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया। उनके इस सराहनीय प्रदर्शन पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने सोमवार को उन्हें शॉल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।सम्मानित बुथ लेवल अधिकारियों में जोन 8 के मतदान केन्द्र 09 की बीएलओ श्री तिहारु राम सोनवानी, मतदान केन्द्र 42 की बीएलओ श्रीमती शीला गुप्ता, जोन 01 के मतदान केंद्र 91 की बीएलओ सुश्री मंजू पात्रो, मतदान केंद्र 94 की बीएलओ श्री वीरेंद्र कौशिक, मतदान केंद्र 97 के बीएलओ श्री आत्माराम साहू, मतदान केंद्र 107 के बीएलओ श्री संतराम ध्रुव, मतदान केंद्र 116 की बीएलओ सुश्री लक्ष्मी खोब्रागड़े, मतदान केंद्र 124 के बीएलओ श्री बसंत प्रधान, मतदान केंद्र 127 की बीएलओ श्रीमती मिथलेश ठाकुर, मतदान केंद्र 129 की बीएलओ सुश्री दीपिका साहू और मतदान केंद्र 130 के बीएलओ श्री ई. लक्ष्मण राव शामिल हैं।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर, जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल, जोन कमिश्नर सुश्री दिव्या चंद्रवंशी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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टी सहदेव
भिलाई नगर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान दुर्ग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर कार्यरत डॉ संगीता साहू ने अंजोरा स्थित आत्मानंद अंग्रेजी-हिंदी माध्यम विद्यालय में प्राचार्या का पदभार ग्रहण कर लिया है। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उनका पुष्पगुच्छ देकर गर्मजोशी से स्वागत किया। तीस शिक्षकों के इस विद्यालय में फिलहाल 608 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उल्लेखनीय है कि संगीता साहू को पिछले संस्थान में रहते हुए गत वर्ष नई दिल्ली में ऑनरेरी डॉक्टरेट काउंसिल ने कॉन्सेप्ट ऑफ जीरो इन मैथमेटिक्स एंड मॉडर्न टेक्नोलॉजी यानी गणित और आधुनिक प्रौद्योगिकी (मानद) में शून्य की अवधारणा पर शोध कार्य करने के लिए डॉक्टरेट एवार्ड से सम्मानित किया गया था।
- -औद्योगिक समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देशबिलासपुर /जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक सोमवार को कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य उद्योग स्थापना एवं संचालन के दौरान उद्योगपतियों को आने वाली समस्याओं का समाधान करना तथा औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक कदम सुनिश्चित करना था।बैठक में उद्योगों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने औद्योगिक क्षेत्र तिफरा में अतिक्रमण हटाने हेतु समिति गठन करने के निर्देश दिए। उद्योगों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत विभाग को समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश प्रदान किए।सीएसआईडीसी लिमिटेड, बिलासपुर को औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क एवं नाली की मरम्मत सहित आवश्यक बुनियादी ढांचा सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि उद्योगों के सुचारू संचालन में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो।बैठक में संयुक्त संचालक, ग्राम एवं नगर निवेश बिलासपुर, एसडीएम कोटा, तखतपुर, उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, सहायक श्रम आयुक्त, तथा सीएसआईडीसी लिमिटेड शाखा कार्यालय बिलासपुर के प्रबंधक उपस्थित थे।
- बिलासपुर /राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण योजना के तहत् जिला बिलासपुर द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्रदेश में सर्वाधिक मानव दिवस सृजन किया गया है। एक दिसंबर की स्थिति में जिला बिलासपुर द्वारा 32.30 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया है जो कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को प्रदाय लक्ष्य 40.30 लाख मानव दिवस के विरूद्ध 80 प्रतिशत तक की उपलब्धि माह नवम्बर 2025 तक पूर्ण कर लिया गया 32.30 लाख मानव दिवस सृजन कर प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जिले द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष में माह नवम्बर तक 83609 परिवारों के 137423 पंजीकृत श्रमिकों को रोजगार प्रदाय करते हुए 7861.38 लाख रूपये का मजदूरी भुगतान श्रमिकों को किया गया है।महात्मा गांधी नरेगा एक मांग आधारित योजना है जिससे ग्रामीण अकुशल श्रमिकों को ग्राम पंचायत स्तर पर ही रोजगार के माध्यम से कार्य प्रदाय कराया जाता है। जिससे न केवल ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो पाता है अपितु रोजगार सृजन के साथ सर्वजनिक एवं निजी परिसम्पत्तियों का सृजन किया जाता है।वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिले द्वारा जल संग्रहण एवं जल सरक्षण को प्राथमिकता के दृष्टिगत रखते हुए रिचार्ज पिट, चैकडेम, सैन्डफिल्टर, डबरी निर्माण कार्य, नवीन तालाब निर्माण कार्य, तालाब गहरीकरण निर्माण कार्य, कच्ची नाली निर्माण कार्य, कूप निर्माण कार्य के कार्य कराये गये है इसके अतरिक्त मुख्य रूप से प्राधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण कार्य, आंगनबाडी भवन निर्माण, उचित मूल्य दुकान निर्माण कार्य, ग्राम पंचायत भवन निर्माण कार्य इत्यादि निर्माण कार्य कराये गये है।
- रायपुर। स्थानीय ब्राह्मण पारा निवासी श्रीमती सरस्वती पांडेय का 79 वर्ष की आयु में आज सुबह आकस्मिक निधन हो गया। वे सेवानिवृत पुलिस उप अधीक्षक राजेन्द्र पांडेय (धमधा वाले) की पत्नी , राजीव , संदीप पांडेय तथा श्रीमती रश्मि -प्रमोद शर्मा (टेकारी) की माता थीं। उनकी अंतिम यात्रा ब्राह्मण पारा ,कंकाली अस्पताल के पास स्थित निवास स्थान से अपराह्न 2 बजे मारवाड़ी श्मशान घाट के लिए निकलेगी।
- -पर्यटन साथी’ प्रोजेक्ट प्रशिक्षण का सफल समापन-कलेक्टर ने 62 युवाओं को सौंपा प्रमाणपत्र एवं जॉब ऑफर लेटररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान देने हेतु जिला प्रशासन रायपुर एवं ईज़ माई ट्रिप द्वारा संचालित नवाचार प्रोजेक्ट पर्यटन साथी का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। एक अक्टूबर 2025 को शासकीय आईटीआई सड्डू, रायपुर में प्रारंभ हुए इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का, 30 नवंबर 2025 को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर आयोजित समापन कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज 62 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं ईज़ ट्रिप प्लानर, नई दिल्ली की ओर से जॉब ऑफर लेटर प्रदान किए। 123 प्रशिक्षणार्थी युवाओं ने प्रशिक्षण में भाग लिया था।युवाओं को पर्यटन उद्योग से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों का प्रशिक्षण इस कार्यक्रम के तहत दिया गया, जिसमें स्थानीय संस्कृति, खान-पान एवं ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक संवेदनशीलता एवं व्यवहार, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन बुकिंग एवं साइबर सुरक्षा, आपातकालीन प्रोटोकॉल व सुरक्षा नियम, ग्राहक सेवा उत्कृष्टता एवं संचार कौशल, व्यावसायिक नैतिकता एवं आचरण शामिल है। प्रमाण पत्र वितरण के अवसर पर कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि ज्ञान आवश्यक है, लेकिन आपका व्यवहार ही आपका व्यवसाय तय करता है। टूरिस्ट गाइड के रूप में आपका सकारात्मक व्यवहार आपको आगे बढ़ाएगा और नए अवसर प्रदान करेगा। पर्यटन क्षेत्र रिलेशन बिल्डिंग पर आधारित है, इसलिए विशेषज्ञता और विनम्रता दोनों आवश्यक हैं।प्रशिक्षणार्थियों से भोरमदेव, राजिम और सिरपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर प्रश्न पूछकर उनका प्रायोगिक ज्ञान भी परखा। कलेक्टर ने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा, “मेहनत कीजिए, अपनी हुनर से दुनिया जीतिए। नए-नए कौशल सीखते रहें और अपने व्यवसाय में नवाचार जोड़ते रहें।” ईज़ माई ट्रिप के एकेडमिक हेड श्री सुनील अरोरा ने बताया कि प्रशिक्षुओं को एजेंट लॉगिन आईडी भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे स्वयं के पर्यटन व्यवसाय की शुरुआत भी कर सकते हैं। इस दौरान रायपुर के प्रशिक्षणार्थी श्री गोविंद कुमार कोशले ने कहा कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें प्रोफेशनल टूरिस्ट गाइड बनने का आत्मविश्वास दिया है।बलौदाबाजार की कु. रंजना कश्यप ने बताया कि प्रशिक्षण में साइबर सुरक्षा, डिजिटल प्लेटफॉर्म और गाइडिंग के व्यावहारिक तरीकों की उत्कृष्ट जानकारी मिली है, जो मेरे लिए फायदेमंद रही। इस प्रशिक्षण के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हूं। उल्लेखनीय है कि 01 अक्टूबर को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जिला प्रशासन और ईज़ माई ट्रिप के मध्य एमओयू किया गया था, जिसके अनुरूप यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित हुआ। कार्यक्रम में उपसंचालक रोजगार श्री ए.ओ. लारी, ईज़ माई ट्रिप तथा आईटीआई सड्डू के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -अभ्यर्थी आधी बांह वाले हल्के रंग के कपड़े पहने, कान में किसी प्रकार का आभूषण है वर्जित-जल संसाधन विभाग के अंतर्गत अमीन भर्ती परीक्षा 07 दिसंबर कोरायपुर / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, व्यापम रायपुर द्वारा जल संसाधन विभाग के अंतर्गतआयोजित अमीन भर्ती परीक्षा 2025 की तैयारियों हेतु शनिवार को रेडक्रॉस सभाकक्ष, कलेक्ट्रट में बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार डिप्टी कलेक्टर श्री उपेंद्र किण्डो ने सभी केंद्रों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा सभी केंद्रों में दीवार घड़ी, पेयजल, पार्किंग, एवं इमरजेंसी लाइट लगाने संबंधित निर्देश दिए गए ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।जिले में व्यापम रायपुर द्वारा आयोजित प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग के अंतर्गत अमीन भर्ती परीक्षा 07 दिसंबर 2025, रविवार को सुबह 12 बजे से दोपहर 02.15 बजे तक 106 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जाएगी, जिसमें 37,889 अभ्यर्थी शामिल होंगे।अभ्यार्थियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश :- हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने जाए एवं काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी रंग व गहरे चॉकलेटी रंग के कपड़े पहनना वर्जित होगा । परीक्षार्थी बिना पॉकेट वाला साधारण स्वेटर पहन सकते हैं, स्वेटर हेतु रंग और आधे बांह का बंधन नहीं है लेकिन सुरक्षा जांच के समय स्वेटर को उतार कर चेक कराना होगाl परीक्षार्थी, परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिस्किंग (Frisking) एवं सत्यापन किया जा सके। परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा। चूंकि यह परीक्षा दोपहर 12.00 बजे से प्रारंभ हो रही है अतः मुख्य द्वार प्रातः 11.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा, उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने उपरांत ही ऐसे पोशाक की अनुमति होगी। परीक्षा में चप्पल पहनें। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घडी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जायेगी।इस बैठक में सहायक नोडल अधिकारी एवं जिला रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल ने सभी केंद्राध्यक्ष , परिवहन अधिकारी, उड़नदस्ता दल के अधिकारियों को विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया |
- -राजस्व अधिकारियों से राजस्व कार्य में गंभीर होने के दिए निर्देश.-* छत पर मोबाईल टावर, विज्ञापन होर्डिंग लगवाने वालो से व्यवसायिक कर वसूली किया जायें-मुख्यालय के अधिकारी जिस आधार पर राजस्व का लक्ष्य निर्धारित किये है तो उसे वसूलने में भी गंभीरता दिखाये..-जोन के अधिकारी मुख्यालय के अधिकारियों के साथ समन्वय बना कर काम करें.-सभी संपत्तिकरदाता नगर निगम को 31 दिसम्बर के पूर्व वर्तमान वर्ष का पूर्ण संपत्तिकर अदा कर संपत्तिकर में 4 प्रतिशत की छूट का लाभ उठाएं *-समय पर संपूर्ण सम्पत्तिकर पटाने वाले सभी सम्माननीय जन बधाई के पात्र.रायपुर ।आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर निगम के हित में महापौर कार्यालयीन कक्ष में लगातार लगभग 4 घंटे तक नगर निगम राजस्व विभाग के वसूली अभियान की गहन समीक्षा की एवं नगर निगम हित में अधिकाधिक राजस्व वसूली करने और आय के नये स्त्रोत विकसित करने के संबंध में आवश्यक निर्देश राजस्व विभाग के अधिकारियों को उपायुक्त राजस्व श्रीमती जागृति साहू आईटी विशेषज्ञ श्री रंजीत रंजन सहित सभी सहायक राजस्व अधिकारियों, राजस्व निरीक्षको की उपस्थिति में दिये। महापौर ने नगर निगम राजस्व, नजूल और बाजार विभाग के वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26:में वसूली अभियान की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिये।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम हित में अधिकाधिक वसूली सुनिश्चित करने स्पष्ट निर्देश दिये कि सीलबंद करने के बाद भी नगर निगम रायपुर को बकाया राशि का भुगतान नहीं करने वाले बड़े बकायादारों पर नियमानुसार प्रक्रिया कर कार्यवाही के निर्देश दिए.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने बकाया नहीं दे रहे बड़े बकायेदारों के सीलबंद किये गये खाली भवनों में भी नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश राजस्व विभाग के अधिकारियों को निगम हित में दिये है। महापौर ने दिये गये लक्ष्य के अनुरूप शत- प्रतिशत राजस्व वसूली लगातार प्रभावी अभियान चलाकर प्राथमिकता से सुनिश्चित करने निर्देशित किया है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम रायपुर के लिए राजस्व आय के नये स्त्रोत विकसित करने हर संभव आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये है। महापौर ने नगर निगम क्षेत्र में छत पर मोबाईल टॉवर, विज्ञापन होर्डिंग लगाने वाले भवन स्वामियों से व्यवसायिक दरो के आधार पर राजस्व वसूली अभियान चलाकर सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है।महापौर ने पूर्व में दिये गये आदेशानुसार रायपुर नगर निगम के हित में खाली भूखण्डो के सम्बंधित भूमि स्वामियों से नियमानुसार गणना कर राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर पालिक निगम रायपुर के राजस्व विभाग की ओर से नगर निगम क्षेत्र के सभी संपत्तिकर दाता नागरिको से वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 का अपना देय संपत्तिकर की राशि का पूर्ण भुगतान 31 दिसम्बर 2025 के पूर्व करते हुए नियमानुसार 4 प्रतिशत की संपत्तिकर भुगतान में छुट का अधिकाधिक संख्या में लाभ उठाने की अपील की है। महापौर ने सभी संपत्ति करदाता नागरिकों से शीघ्र संपत्तिकर की अदायगी नगर निगम को करके कार्यवाही की असुविधा व तनाव से दूर रहने की अपील की है। नगर निगम रायपुर को निगम करो का भुगतान ऑनलाईन अथवा नगर निगम के संबंधित जोन में जाकर ऑफलाईन भी सहजता के साथ अदा किया जा सकता है। इस सुविधा का सभी संपत्तिकरदाताओ को अधिकाधिक वांछित लाभ लेने की अपील महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा की गई है।
- -दुर्ग जिले में अब तक 78 हजार 707.80 मीट्रिक टन धान की खरीदीदुर्ग ।समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पूरे प्रदेश भर में सुचारू रूप से जारी है। शासन की पारदर्शी व्यवस्था और तुंहर टोकन प्रणाली से किसानों को अत्यधिक सहूलियत मिल रही है, जिसके चलते किसान निर्धारित तिथि पर सहज रूप से धान विक्रय हेतु केन्द्रों में पहुंच रहे हैं। दुर्ग जिले की 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केन्द्रों में कुल 14,879 किसानों से अब तक 78 हजार 707.80 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई।प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने आज दुर्ग जिले के बिरेझर उपार्जन केन्द्र में पहुंचकर खरीदी व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से सीधे रू-ब-रू चर्चा करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की है। तुंहर टोकन की ऑनलाइन व्यवस्था के कारण किसानों को लम्बी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है, और भुगतान भी निर्धारित समयावधि में किया जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है तथा किसानों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक सुधार हुआ है।किसानों ने मंत्री श्री यादव को बताया कि जिला प्रशासन द्वारा उपार्जन केन्द्रों में बारदाना उपलब्धता, इलेक्ट्रॉनिक तौल, पेयजल एवं विश्राम की व्यवस्था, तथा टोकन प्रणाली जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं। निर्धारित तिथि पर किसान आसानी से अपनी धान की उपज केन्द्रों में बेच पा रहे हैं। मंत्री श्री यादव ने किसानों को विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी उनके हितों के अनुरूप और बेहतर व्यवस्थाएँ लागू करने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने सम्बंधित समिति प्रबंधक को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश में जिले के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। जिले में आज 2267 किसानों से 1 लाख 13 हजार 981.60 क्विंटल धान की खरीदी की गई। इस प्रकार अब तक 20155 किसानों से 9 लाख 52 हजार 089.60 क्विंटल की खरीदी हुई है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में धान खरीदी केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जा रही है, जिससे किसानों में धान बेचने को लेकर उत्साह है।
- -‘पर्यटन साथी’ प्रोजेक्ट प्रशिक्षण का सफल समापन, कलेक्टर ने 62 युवाओं को सौंपा प्रमाणपत्र एवं जॉब ऑफर लेटर-मेहनत कीजिए, आप अपने हुनर से दुनिया जीत सकते हैं-कलेक्टररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान देने हेतु जिला प्रशासन रायपुर एवं ईज़ माई ट्रिप द्वारा संचालित नवाचार प्रोजेक्ट पर्यटन साथी का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ।01 अक्टूबर 2025 को शासकीय आईटीआई सड्डू, रायपुर में प्रारंभ हुए इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का, 30 नवंबर 2025 को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर आयोजित समापन कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज 62 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं ईज़ ट्रिप प्लानर, नई दिल्ली की ओर से जॉब ऑफर लेटर प्रदान किए। कुल 123 युवाओं ने प्रशिक्षण में भाग लिया था।120 घंटे का व्यापक कौशल प्रशिक्षणकार्यक्रम के तहत युवाओं को पर्यटन उद्योग से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें स्थानीय संस्कृति, खान-पान एवं ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक संवेदनशीलता एवं व्यवहार, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन बुकिंग एवं साइबर सुरक्षा, आपातकालीन प्रोटोकॉल व सुरक्षा नियम, ग्राहक सेवा उत्कृष्टता एवं संचार कौशल, व्यावसायिक नैतिकता एवं आचरण शामिल है।प्रमाण पत्र वितरण के अवसर पर कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि “ज्ञान आवश्यक है, लेकिन आपका व्यवहार ही आपका व्यवसाय तय करता है। टूरिस्ट गाइड के रूप में आपका सकारात्मक व्यवहार आपको आगे बढ़ाएगा और नए अवसर प्रदान करेगा। पर्यटन क्षेत्र रिलेशन बिल्डिंग पर आधारित है, इसलिए विशेषज्ञता और विनम्रता दोनों आवश्यक हैं।”उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से भोरमदेव, राजिम और सिरपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर प्रश्न पूछकर उनका प्रायोगिक ज्ञान भी परखा। कलेक्टर ने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा, “मेहनत कीजिए, अपनी हुनर से दुनिया जीतिए। नए-नए कौशल सीखते रहें और अपने व्यवसाय में नवाचार जोड़ते रहें।”ईज़ माई ट्रिप के एकेडमिक हेड श्री सुनील अरोरा ने बताया कि प्रशिक्षुओं को एजेंट लॉगिन आईडी भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे स्वयं के पर्यटन व्यवसाय की शुरुआत भी कर सकते हैं।इस दौरान रायपुर के प्रशिक्षणार्थी श्री गोविंद कुमार कोशले ने कहा कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें प्रोफेशनल टूरिस्ट गाइड बनने का आत्मविश्वास दिया है।बलौदाबाजार की कु. रंजना कश्यप ने बताया कि प्रशिक्षण में साइबर सुरक्षा, डिजिटल प्लेटफॉर्म और गाइडिंग के व्यावहारिक तरीकों की उत्कृष्ट जानकारी मिली है, जो मेरे लिए फायदेमंद रही। इस प्रशिक्षण के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हूं।उल्लेखनीय है कि 01 अक्टूबर को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जिला प्रशासन और ईज़ माई ट्रिप के मध्य एमओयू किया गया था, जिसके अनुरूप यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित हुआ। कार्यक्रम में उपसंचालक रोजगार श्री ए.ओ. लारी, ईज़ माई ट्रिप तथा आईटीआई सड्डू के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
- बिलासपुर । विश्व एड्स दिवस के अवसर पर सिम्स चिकित्सालय में एचआईवी/एड्स से बचाव, जागरूकता और भ्रांतियों को दूर करने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नर्सिंग छात्राओं तथा विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने मरीजों और उनके परिजनों को एड्स से संबंधित सही जानकारी उपलब्ध कराई।बीएससी नर्सिंग की छात्राओं और संदीपनि अकादमी के विद्यार्थियों द्वारा ART सेंटर, मरीज पंजीयन विभाग हॉल, आपातकालीन विभाग के सामने और गायनी ओपीडी के निकट नुक्कड़ नाटक एवं पोस्टर प्रदर्शन किए गए।ART सेंटर की टीम —डॉ प्रभात कुमार श्रीवास्तव (मेडिकल ऑफिसर), योगेश जड़िया (काउंसलर), सारिका पटेल (काउंसलर), कल्पना लकड़ा (काउंसलर), अंशुलता (फार्मासिस्ट), ललिता सिंह (एलटी), नंदकिशोर पटेल (एलटी), राधाकृष्णन तिवारी — ने विभिन्न विभागों में जाकर लोगों को विस्तृत जानकारी दी।नर्सिंग विभाग से असिस्टेंट नर्सिंग सुपरीटेंडेंट नमिता वाणी, राजकुमारी, पुष्पलता शर्मा और संजू चौधरी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं और छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान किया।एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित मरीजों एवं परिजनों को एड्स से संबंधित महत्वपूर्ण चिकित्सा पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि—“एचआईवी संक्रमण को लेकर लोगों में अब भी कई तरह की गलत धारणाएँ हैं। चिकित्सा क्षेत्रों में संक्रमण की रोकथाम, सुरक्षित रक्त संक्रमण, सुइयों का सुरक्षित उपयोग और सार्वभौमिक सावधानियों का पालन अत्यंत आवश्यक है। यदि समाज सही जानकारी से सशक्त होगा, तो संक्रमण के फैलाव को काफी हद तक रोका जा सकता है। सिम्स में हम सभी विभागों के साथ मिलकर सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।”सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा—“विश्व एड्स दिवस समाज को जागरूक बनाने का अवसर है। छात्राओं की प्रस्तुति और विभागों द्वारा दी गई जानकारी लोगों में सही संदेश पहुँचाने में अत्यंत प्रभावी रही। सिम्स भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाता रहेगा।”चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा—“एचआईवी/एड्स का उपचार उपलब्ध है और नियमित जांच तथा परामर्श से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। जागरूकता ही इसका सबसे बड़ा बचाव है। आज छात्रों और टीम द्वारा किया गया प्रयास प्रशंसनीय है और इससे आमजन में सकारात्मक संदेश पहुँचता हैं |
- दुर्ग / भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में अर्हता तिथि 01.01.2026 के संदर्भ में चलाए जा रहे निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया को 7 दिन के लिए बढ़ा दिया है, जिसके परिणामस्वरूप कार्यक्रम की तिथियाँ बदल गई हैं। संशोधित तिथियों के अनुसार अब घर-घर मतदाता सत्यापन का कार्य 11 दिसंबर 2025 तक चलेगा। मतदान केंद्र का युक्तिकरण या पुनर्व्यवस्था का कार्य भी 11 दिसंबर 2025 (गुरूवार) तक चलेगा। इसी प्रकार नियंत्रण तालिका का अद्यतनीकरण और ड्राफ्ट रोल की तैयारी का कार्य 12 दिसबंर से 15 दिसबंर 2025 तक चलेगा। मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन (ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी) 16 दिसंबर 2025 (मंगलवार) को किया जाएगा। आपत्ति और दावा दर्ज करने की संशोधित अवधि 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। सुनवाई और सत्यापन का कार्य 16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक चलेगा। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 14 फरवरी 2026 (शनिवार) को किया जाएगा। सभी संबंधितों को आयोग द्वारा जारी इन निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
- बालोद । जिला प्रशासन बालोद एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला स्तरीय युवा उत्सव वर्ष 2025-26 का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत इच्छुक प्रतिभागियों के पंजीयन की अंतिम तिथि 02 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। अपर कलेक्टर एवं प्रभारी जिला खेल अधिकारी ने बताया कि इच्छुक प्रतिभागी/दल पंजीयन फार्म, फोटोग्राफ्स एवं आवश्यक दस्तावेज सहित कार्यालय खेल अधिकारी, खेल एवं युवा कल्याण सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान बुनियादी शाला मैदान परिसर में उपस्थित होकर 02 दिसंबर 2025 को शाम 05 बजे तक पंजीयन करा सकते हैं। इसके साथ ही प्रतिभागी अपना पंजीयन माय भारत पोर्टल में भी करा सकते है।उल्लेखनीय है कि जिला स्तरीय युवा उत्सव वर्ष 2025-26 में शामिल प्रतिभागियों की आयुवर्ग 15 से 29 वर्ष एवं संगीतकार की आयु 18 से 40 वर्ष निर्धारित किया गया है। जिला स्तरीय युवा उत्सव वर्ष 2025-26 में लोक नृत्य विधा, पंथी नृत्य, राउत नाचा, सुआ नृत्य, करमा नृत्य, लोक गीत, वाद-विवाद, कहानी लेखक, चित्रकला, कविता लेखन, नवाचार, एकांकी, पांरपरिक वेशभूषा, राॅकबैंड विधा शामिल है।
- -जल संरक्षण के प्रति सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करने तथा ग्रीष्मकालीन धान की फसल के बदले अन्य फसल लेने किया आग्रह-कलेक्टर ने कम पानी में बेहतर उपज देने वाली दलहन, तिलहन, गन्ना जैसे फसल लेने किया प्रोत्साहितबालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बालोद जिले के किसानों से की विनम्र अपील की है। उन्होंने कहा है कि बालोद एक कृषि प्रधान जिला है। जिले के 80 प्रतिशत से भी अधिक जनसंख्या कृषि कार्य पर निर्भर है। यद्यपि जिले में वर्षा सामान्य होती है। इसके बावजूद जिले का भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। वर्तमान में जिले का गुरूर विकासखण्ड क्रिटिकल जोन में तथा गुण्डरदेही और बालोद विकासखण्ड सेमी क्रिटिकल जोन में शामिल है। धान की फसल में अन्य फसलों की तुलना में अत्यधिक पानी की आवश्यकता होती है, 01 किग्रा. धान उत्पादन के लिए औसतन 3000 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। ग्रीष्मकालीन धान के लिए कृषक मुख्य रूप से भूमिगत जल का उपयोग करते है। वृहद क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन धान की फसल लिये जाने से कई ग्रामों में जल संकट की स्थिति निर्मित हो जाती है तथा पीने के पानी के लिये जुझना पड़ता है। रबी में धान की फसल लेने से न केवल जल स्तर प्रभावित होता है, बल्कि बिजली की खपत भी अधिक होती है। पर्यावरण संतुलन बिगड़ता है व भूमि की उपजाऊ क्षमता में कमी आती है।शासन की मंशा अनुरूप ग्रीष्मकालीन धान के रकबे को कम कर कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों को कृषकों को अपनाना चाहिए। जिले में इस बार रबी क्षेत्र विस्तार हेतु तिवड़ा, चना, सरसों, कुसुम का बीज कृषकों को अनुदान में वितरित किया जा रहा है। ग्रीष्मकालीन धान के बदले कृषकों का रूझान मक्का फसल में बढ़ रहा है, भविष्य में इस हेतु मक्का प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की योजना है। इस स्थिति को देखते हुए सभी कृषकों से अपील की जाती है ग्रीष्मकालीन धान की बुवाई न करें। धान के स्थान पर मूंग, उड़द, चना, मक्का, सूरजमुखी, गन्ना, सब्जियों, जैसी फसलें अपनाएं, ये कम पानी में भी सफलतापूर्वक ली जा सकती हैं और आर्थिक दृष्टि से लाभकारी हैं। जल संरक्षण हेतु माइक्रो-इरीगेशन (ड्रिप व स्प्रिंकलर), मल्चिंग और फसल चक्र अपनाने पर विशेष ध्यान दें। ग्रामीण जल स्त्रोतों (कुएँ, तालाब, नाला बंधान, नाला विस्तार) के संरक्षण में सामूहिक भागीदारी निभाएँ। हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि भू-जल का विवेकपूर्ण उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी जल एवं कृषि की स्थिरता बनाए रख सकें। आपका सहयोग जिले के सतत् विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
- दुर्ग / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने उपमहानिरीक्षक सीआईएसएफ यूनिट बीएसपी भिलाई के पत्र और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर दुर्ग जिला अंतर्गत भिलाई इस्पात संयंत्र भिलाई की सुरक्षा की दृष्टिगत कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा जनसामान्य की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत भिलाई इस्पात संयंत्र, भिलाई के चारों ओर परिधि दीवार से 200 मीटर क्षेत्र को ड्रोन निषेध क्षेत्र घोषित किया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा दिनांक 01 दिसम्बर 2025 को पारित यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। आदेश जारी दिनांक से दो माह तक की अवधि के लिए लागू रहेगी। इस दौरान यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया गया तो उसके विरूद्ध भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिला दण्डाधिकारी द्वारा यह आदेश आम जनता को संबोधित है एवं जनसामान्य के जान-माल की सुरक्षा तथा भविष्य में लोक शांति भंग होने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए एकपक्षीय पारित किया है। इस आदेश से क्षुब्ध व्यक्ति कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
- -धान उपार्जन केन्द्र बालोद में की गई बेहतर व्यवस्था से प्रसन्नचित है किसानबालोद । बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुगमता और पारदर्शिता के साथ जारी है। जिले के ग्राम औंराभांठा स्थित धान उपार्जन केन्द्र बालोद में किसानों के लिए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई है। धान उपार्जन केन्द्र में किसानों के लिए बेहतर टोकन व्यवस्था के साथ ही पेयजल, बैठक, शौचालय सहित धान विक्रय हेतु तौल मशीन, हमाल आदि की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है। धान उपार्जन केन्द्र बालोद में की गई बेहतर व्यवस्था से किसान भी प्रसन्नचित है। धान विक्रय हेतु पहुॅचे ग्राम झलमला के किसान श्री महेन्द्र कुमार साहू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि शासन-प्रशासन की व्यवस्था बहुत अच्छी है, इसका परिणाम है कि उनका धान आसानी से विक्रय हो पाया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने फसल की कटाई, मिंटाई आदि कार्य पूरा करने के पश्चात मोबाईल में तुंहर टोकन एप्प के माध्यम से अपने धान के विक्रय हेतु टोकन लिया। उन्होंने बताया कि पहले सोसायटी में टोकन के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाईल के माध्यम से ही घर बैठे आॅनलाईन टोकन प्राप्त करने की सुविधा मिली है, जो कि उनके लिए काफी सुविधाजनक साबित हुआ है।किसान श्री सुरज कुमार पटेल ने बताया कि धान विक्रय के लिए टोकन लिए थे और आज वे धान खरीदी केन्द्र खुलते ही अपना धान लेकर आ गए हैं। जिसके पश्चात् समय पर ही उनके धान की आदर््ता माप कर, पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया गया। बारदाना में धान भरने, तौलाई, सिलाई तथा स्टेक में रखने हेतु खरीदी केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से समय पर ही उनका धान विक्रय हुआ है। उन्होंने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र में की इस व्यवस्था से ही उनके धान का विक्रय आसानी से समय पर सुनिश्चित हुआ है, जिससे वे बहुत ही संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में पहुॅचने वाले किसानों के लिए बैठक, पेयजल, शौचालय आदि की भी व्यवस्था है, जो उन्हें धान खरीदी के कार्य में काफी सुविधाजनक लगा। ग्राम हिरापुर के किसान श्री डिलेश्वर कुमार साहू ने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र औंराभांठा की व्यवस्था बहुत ही अच्छी है, यहाॅ आने वाले सभी किसानों को टोकन लेने के साथ ही धान विक्रय में काफी सुविधा मिली है। किसानों ने धान उपार्जन केन्द्र में की गई बेहतर व्यवस्था के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आभार जताया है।
- - ग्राम डुन्डेरा के किसानों ने अधिग्रहित भूमि का मुआवजा राशि प्रदान कराने जनदर्शन में लगाई गुहार- जाति प्रमाण पत्र नही बनने की शिकायत- जनदर्शन में प्राप्त हुए 105 आवेदनदुर्ग / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर श्री हितेश पिस्दा एवं श्री उत्तम ध्रुव भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 105 आवेदन प्राप्त हुए।इसी कड़ी में सुपेला भिलाई निवासी ने अपने बी.पी.एल. राशन कार्ड से पुत्र का नाम हटाने हेतु आवेदन दिया है। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र का वर्ष 2024 को निधन हो गया है। आवेदिका ने राशन कार्ड अभिलेख में सुधार कर नाम विलोपित करने और कार्ड को पुनः संचालित करने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम डुन्डेरा के छह किसानों ने अपनी अधिग्रहित भूमि का मुआवजा राशि प्रदान करने आवेदन दिया। कृषकों नेे बताया कि ग्राम डुन्डेरा में उनकी निजी भूमि स्थित है, जिसके कुछ भाग पर लोक निर्माण विभाग द्वारा जिले के बस स्टैण्ड उतई-डुगरडीह-डुन्डेरा-गोरिद-सोमनी मार्ग पर सड़क निर्माण हेतु भूमि को अधिग्रहित की गई थी। मुआवजा आदेश जारी होने के बावजूद आज तक किसानों को राशि प्रदान नहीं की गई है। किसानों ने बताया कि भूमि अधिग्रहित हो चुकी है, लेकिन मुआवजा न मिलने से आर्थिक संकट पैदा हो गया है। इस पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग को परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा।ग्राम बेलोदी पाटन निवासियों ने अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों का जाति प्रमाण पत्र नही बनने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि वे 10-12 पीढ़ियों से छत्तीसगढ़ में निवास कर रहे हैं, लेकिन गरीबी, अशिक्षा और पुराने दस्तावेज़ों के अभाव के कारण उनके बच्चों के जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे। लोक सेवा केंद्र भी रिकॉर्ड की कमी के कारण फॉर्म स्वीकार नहीं कर रहे। पूर्व में ग्रामसभा रिकॉर्ड के आधार पर प्रमाण पत्र बनते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया बंद है। समुदाय ने ग्रामसभा रिकॉर्ड के आधार पर जाति प्रमाण पत्र पुनः जारी करने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम पाटन को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
- रायपुर / राज्य में कला और संस्कृति के क्षेत्र में युवाओं को अधिक अवसर प्रदान करने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जिला स्तरीय युवा उत्सव 2025–26 का आयोजन किया जा रहा है। जिला स्तर पर विजेता प्रतिभागियों को आगे राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय युवा उत्सवों में प्रतिनिधित्व का अवसर प्रदान किया जाएगा।विकासखण्ड आरंग, अभनपुर, तिल्दा एवं धरसींवा के प्रतिभागी कलाकार अपनी प्रविष्टियों का पंजीयन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत कार्यालय में करा सकेंगे।15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवा निम्नलिखित विधाओं में प्रतिभागिता के लिए आवेदन कर सकते हैं - लोकनृत्य, पंथी नृत्य, राउत नाचा, सुवा नृत्य, करमा नृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, कहानी लेखन (Story Writing), चित्रकला (Painting), कविता लेखन (Poetry), नवाचार, एकांकी, पारंपरिक वेशभूषा तथा रॉकबैंड (Rockband)।पंजीयन की अंतिम तिथि 05 दिसंबर 2025 है।युवा उत्सव संबंधी विस्तृत जानकारी सहायक संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, जिला रायपुर के कार्यालय से कार्यालयीन समय में प्राप्त की जा सकती है। अतिरिक्त जानकारी हेतु श्री टी. एन. रेड्डी, वरिष्ठ प्रशिक्षक, जिला रायपुर से उनके मोबाइल नंबर 9424214947 पर संपर्क किया जा सकता है।
- -13 नगर निगमों में आइकॉनिक कार्यों के लिए 429.45 करोड़ के 26 कार्य मंजूर-योजना के तहत मरीन ड्राइव विस्तार, ऑक्सीजोन-कम-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, हाइटेक बस स्टैंड, ऑडिटोरियम, जलापूर्ति सुदृढ़ीकरण, कॉरीडोर निर्माण, गौरव पथ, सड़क बाइपास एवं चौड़ीकरण जैसे वृहद कार्यों की स्वीकृति-जीवंत शहरों के निर्माण और इज ऑफ लीविंग के लिए राज्य शासन ने इसी साल शुरू की है योजना, 500 करोड़ का बजट-छत्तीसगढ़ के शहरों को आधुनिक, सुंदर और जीवंत बनाने की प्रभावी योजना – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-योजना के तहत शहर के विकास का उदाहरण बनने वाले काम होंगे – उप मुख्यमंत्री श्री अरुण सावरायपुर.। छत्तीसगढ़ के शहरों में आइकॉनिक (Iconic) विकास कार्यों के लिए राज्य शासन ने इस साल मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना शुरू की है। पहले चरण में इसे राज्य के सभी 14 नगर निगमों में लागू किया गया है। इसके तहत शहरों में मजबूत अधोसंरचना के विकास के बड़े काम मंजूर किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद योजना के अंतर्गत अब तक 13 नगर निगमों में 26 कार्यों के लिए 429 करोड़ 45 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें मरीन ड्राइव विस्तार, ऑक्सीजोन-कम-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, रोड जंक्शन, हाइटेक बस स्टैंड, ऑडिटोरियम, तालाब सौंदर्यीकरण, उद्यान विकास, जलापूर्ति सुदृढ़ीकरण, कॉरीडोर निर्माण, गौरव पथ निर्माण, सड़क बाइपास एवं चौड़ीकरण जैसे वृहद कार्य शामिल हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। स्वीकृत कार्यों में से पांच कार्यों के लिए संबंधित फर्म्स को कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। वहीं पांच कार्यों का भूमिपूजन भी हो गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के बारे में कहा कि इस योजना से शहरों के अधोसंरचना विकास में बड़ा बदलाव आएगा। शहरों के सतत् विकास और नागरिक केंद्रित समाधानों को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ के शहरों को आधुनिक, सुंदर और जीवंत बनाने में यह योजना प्रभावी साबित होगी। शहरों की सूरत और सीरत बदलने में इसकी अहम भूमिका होगी।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि जीवंत शहरों के निर्माण और इज ऑफ लीविंग के लिए इस साल के बजट में शामिल कार्ययोजना के अनुसार मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना प्रारंभ की गई है। पहले चरण में राज्य के सभी नगर निगमों को इसमें शामिल किया गया है। चरणबद्ध रूप से इसे सभी नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा। योजना के माध्यम से शहरों में बढ़ती आबादी के मद्देनजर सुगम यातायात के लिए मुख्य सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण, बाइपास सड़क, फ्लाई-ओव्हर, सर्विस-लेन, अंडर-पास तथा अन्य बुनियादी ढांचों का विकास किया जाएगा। राज्य के शहरों को सुंदर, आधुनिक, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए रिवर-फ्रंट डेवलपमेंट और भव्य उद्यानों का भी निर्माण योजना के तहत किए जाएंगे। योजना में ऐसे आइकॉनिक कार्य व परियोजनाएं ली जाएंगी जो शहर के विकास का उदाहरण बन सके।मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से होंगे ये काममुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से प्रमुख रूप से मुख्य सड़क निर्माण एवं मुख्य सड़क चौड़ीकरण कार्य, बाइपास रोड निर्माण, मुख्य सड़क में सर्विस रोड निर्माण कार्य, फ्लाई-ओव्हर निर्माण कार्य, अंडर-पास सड़क निर्माण कार्य, जलप्रदाय योजना के कार्य, सीवरेज नेटवर्क निर्माण कार्य, एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य, मुख्य सड़कों में रोटरी चौक निर्माण पुनर्व्यवस्था कार्य, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स निर्माण, हाइटेक बस स्टैण्ड निर्माण, ऑडिटोरियम निर्माण, भव्य उद्यान विकास एवं रिवर-फ्रंट डेवलपमेंट कार्य तथा पर्यटन स्थलों के विकास के कार्य किए जाएंगे। इनके साथ ही शहर की जरूरत के अनुसार अन्य विशिष्ट कार्य भी किए जाएंगे।कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी मॉनिटरिंगमुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के कार्यों की मॉनिटरिंग और निगरानी कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी। समिति प्रगतिरत कार्यों की नियमित समीक्षा कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करेगी। संबंधित नगर निगम के आयुक्त समिति के सदस्य-सह-सचिव होंगे। वहीं जिले में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता समिति के अन्य सदस्य होंगे।रायपुर में 91.27 करोड़, रायगढ़ में 64.66 करोड़ और बिलासपुर में 57.92 करोड़ के काम, कोरबा में गौरव पथ के लिए 36.55 करोड़मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से रायपुर नगर निगम में कुल 91 करोड़ 27 लाख रुपए के चार कार्यों की स्वीकृति दी गई है। इनमें नौ करोड़ दो लाख रुपए की लागत से 18 रोड जंक्शन्स (Road Junctions) के विकास, 23 करोड़ 38 लाख रुपए से जल आपूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, 18 करोड़ 86 लाख रुपए के महादेव घाट पुनरूद्धार योजना फेज-1 और तेलीबांधा में 40 करोड़ रुपए के टेक्नीकल टॉवर का निर्माण शामिल है। रायगढ़ नगर निगम में कुल 64 करोड़ 66 लाख रुपए के तीन कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 29 करोड़ 57 लाख रुपए का न्यू शनि मंदिर से छठघाट तक मरीन ड्राइव विस्तार, 12 करोड़ 81 लाख रुपए का एफ.सी.आई. के पास ऑक्सीजोन-कम-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकास कार्य और 22 करोड़ 28 लाख रुपए का न्यू सारंगढ़ बस स्टैंड (अंतरराज्यीय बस टर्मिनल) का उन्नयन कार्य शामिल है।बिलासपुर नगर निगम में योजना के तहत कुल 57 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत के नौ कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें 17 करोड़ रुपए का अशोक नगर-बिरकोनी रोड चौड़ीकरण, नौ करोड़ 74 लाख रुपए का अरपा इंद्रा सेतु से राम सेतु तक अटल पथ निर्माण, पांच करोड़ नौ लाख रुपए का मंगला चौक से आजाद चौक तक सड़क निर्माण, पांच करोड़ 26 लाख रुपए का गुरुनानक चौक से मोपका/राजकिशोर नगर तिराहा तक डामरीकरण एवं नाला निर्माण, दो करोड़ 22 लाख रुपए का रकबंधा तालाब उसलापुर का सौंदर्यीकरण, छह करोड़ 82 लाख रुपए का सिरगिट्टी क्षेत्र में सीसी रोड एवं नाली निर्माण तथा एक करोड़ 70 लाख रुपए का जोन-7 के अंतर्गत सीसी रोड विकास कार्य शामिल हैं। तिफरा में सीसी रोड और नाली निर्माण के लिए छह करोड़ 48 लाख रुपए तथा शहर में स्ट्रीट लाइट व विद्युत लाइट पोल के प्रतिस्थापन के लिए तीन करोड़ 62 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। कोरबा में सीएसईबी चौक से जैन चौक – आईटीआई चौक से कोसाबाड़ी चौक तक गौरव पथ के निर्माण के लिए 36 करोड़ 55 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।धमतरी में बनेगा हाइटेक बस स्टैंड और ऑडिटोरियम, अंबिकापुर में मां महामाया कॉरीडोर के लिए 11.6 करोड़योजना के तहत धमतरी नगर निगम में दो कार्यों के लिए कुल 24 करोड़ 64 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें 17 करोड़ 70 लाख रुपए का नवीन हाइटेक बस स्टैंड निर्माण और छह करोड़ 94 लाख रुपए का ऑडिटोरियम निर्माण शामिल है। जगदलपुर नगर निगम में भी दो कार्यों के लिए कुल 19 करोड़ 95 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें दस करोड़ छह लाख रुपए का मुक्तिधाम से समुद्र चौक, पॉवर हाउस चौक, पंचपथ चौक होते हुए लालबाग आमागुड़ा चौक तक मार्ग चौड़ीकरण और नौ करोड़ 89 लाख रुपए का दलपत सागर विकास व सौंदर्यीकरण कार्य शामिल है। बीरगांव नगर निगम में दो कार्यों के लिए 24 करोड़ 75 लाख रुपए से अधिक की राशि मंजूर की गई है। इनमें सात करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से उरला नाला निर्माण (5.08 किलोमीटर) तथा 16 करोड़ 85 लाख रुपए का शनि मंदिर से फिल्टर प्लांट होते हुए कन्हेरा मोड़ तक सड़क निर्माण शामिल है।नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा योजना के तहत चिरमिरी नगर निगम में चार कार्यों के लिए कुल 14 करोड़ 84 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें आठ करोड़ 65 लाख रुपए का सोनामली नाका से दीनदयाल चौक पौढ़ी तक बाइपास निर्माण, तीन करोड़ 57 लाख रुपए का कोरिया कॉलरी शाखा शिवमंदिर के पास विकास एवं सौंदर्यीकरण, 69 लाख रुपए का पोड़ी वेस्ट चिरमिरी में अटल परिसर से मालवीय नगर तक सड़क चौड़ीकरण तथा एक करोड़ 93 लाख रुपए का अहिंसा चौक हल्दीवाड़ी से अग्रसेन चौक बड़ा बाजार तक सड़क चौड़ीकरण कार्य शामिल है। अंबिकापुर नगर निगम में दो कार्यों के लिए कुल 13 करोड़ 99 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें दो करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से पुष्पवाटिका सरगांव पार्क का विकास एवं जल आपूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के साथ ही 11 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से मां महामाया कॉरीडोर का निर्माण शामिल है।भिलाई-चरोदा में बनेगा केनाल रोड, रिसाली में तीन सड़कों के विकास और चौड़ीकरण के लिए 17.33 करोड़दुर्ग नगर निगम में नौ करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से धमधा मार्ग से आदित्य नगर होते हुए रायपुर नाका अंडर-ब्रिज की ओर तथा हनुमान नगर होते हुए जुनवानी रोड तक फोरलेन निर्माण, भिलाई-चरोदा नगर निगम में डभरा पारा से इन्द्रानगर तक केनाल रोड निर्माण के लिए 29 करोड़ 43 लाख रुपए और भिलाई नगर निगम में 24 कार्यों के लिए 24 करोड़ 30 लाख रुपए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से स्वीकृत किए गए हैं। रिसाली नगर निगम में तीन कार्यों के लिए कुल 17 करोड़ 33 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें मैत्री कुंज से मधुरिशा फेज-3 तक, आजाद चौक से कृष्णा टॉकीज रोड तक तथा श्रीराम चौक से बालाजी अपार्टमेंट (वार्ड क्रमांक-23) तक सड़क के विकास एवं चौड़ीकरण के लिए क्रमशः पांच करोड़ 21 लाख, सात करोड़ 97 लाख तथा चार करोड़ 15 लाख रुपए शामिल हैं।
- - किसान सेवक राम ने पिछले वर्ष की राशि खेती-किसानी में किया निवेश, इस वर्ष की राशि से बनाएंगे नया घर- ग्राम बरगाही के किसान सेवक ने बेचा 190 क्विंटल धानराजनांदगांव । शासन की किसान हितैषी योजनाओं से जिले के किसानों का खेती-किसानी के रकबे में वृद्धि और सपने पूरे हो रहे है। ग्राम बरगाही के किसान श्री सेवक राम साहू आज 190 क्विंटल धान बिक्री करने धान उपार्जन केन्द्र ढाबा पहुंचे थे। किसान सेवक राम बहुत खुश नजर आ रहे थे। वे शासन द्वारा धान खरीदी शुरूआत होने का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से उनका सपना पूरा होगा। उन्होंने कहा कि बहुत दिनों से इच्छा थी कि वे एक नया घर बनाएंगे। इस वर्ष की धान बिक्री से उनका नया घर बन जाएगा। किसान सेवक ने बताया कि उनका एक-एक सपना पूरा हो रहा है। पिछले वर्ष की धान बिक्री से उन्होंने खेती-किसानी में निवेश करते हुए खेती जमीन खरीदा था। जिसमें अच्छा उत्पादन हुआ है और लाभान्वित भी होंगे। उन्होंने बताया कि उनके पास 60 एकड़ खेती जमीन है। उन्होंने ऑनलाईन के माध्यम से घर बैठे टोकन तुंहर हाथ एप्प से टोकन कटवाया था। पिछले वर्ष की धान खरीदी से उन्हें अच्छा लाभ मिला था। किसान सेवक राम ने कहा कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से किसान आधुनिक और तकनीकी कृषि को अपना रहे हैं। इसके साथ ही अपने कृषि भूमि में राशि को निवेश कर रहे है। किसानों के खेती-किसानी का उत्पादन क्षमता में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि समय पर किसानों को सोसायटी के माध्यम से कृषि कार्य के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज और अन्य कार्यों के लिए ऋण मिल जाता है।ग्राम बरगाही के किसान श्री सेवक राम साहू ने कहा कि समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी से किसानों को उनके उत्पादन का अच्छा प्रतिफल मिल रहा है। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। किसानों की आर्थिक मजबूती से अपने इच्छाओं और अपने परिवार को अच्छी सुख-समृद्धि देने के लिए सक्षम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र ढाबा में पारदर्शी और सुगमता से खरीदी होने से किसान बहुत संतुष्ट है। उन्होंने कहा कि टोकन तुंहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन टोकन मिलने से धान बिक्री करना आसान हो गया है। पहले टोकन जारी होने के लिए सोसायटी में घंटों इंतजार करना पड़ता था, अब डिजिटल व्यवस्था से किसानों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्र में नमी परीक्षण, बारदाना उपलब्धता, धान भराई, तौल और पर्ची सभी प्रक्रियाएँ समयबद्ध और बिना किसी परेशानी के संपन्न हुई है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
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राजनांदगांव । जिले में अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट में अवैध धान के आवक की रोकथाम हेतु अधिकारियों एवं कर्मचारियों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। जिले में मंडी एवं नगर सेना के कर्मचारियों की ड्यूटी, सीमावर्ती राज्यों से अवैध धान परिवहन के रोकथाम हेतु अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट में लगाई गई है। इसके अंतर्गत नगर सैनिक श्री संतराम मारकंडे, नगर सैनिक श्री चुम्मन सिंह, भृत्य, डोंगरगढ़ मंडी श्री योगेश मंडलोई, भृत्य डोंगरगांव मंडी श्री रमेश कुमार कोसरे द्वारा अपने कर्तव्य पर उपस्थित नहीं रहने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण नियत्रंण तथा अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए एक-एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश दिए गए है।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव द्वारा धान खरीदी कार्यों में पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण हेतु लगाई गई ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं किये जाने के निर्देश दिये गये है। - रायपुर ।भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), रायपुर के अधिकारियों ने आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में कृषि महाविद्यालय रायपुर में संचालित अनुसंधान अधोसंरचनाओं एवं प्रक्षेत्र का भ्रमण किया। इस प्रतिनिधिमंडल में भारतीय रिजर्व बैंक, छत्तीसगढ़ की क्षेत्रीय निदेशक श्रीमती रीनी अजित सहित, भारतीय रिजर्व बैंक, रायपुर से श्री अमितेश सिंह (एजीएम, एचआरएमडी), श्री दीपेश तिवारी (एजीएम, एफआईडीडी), श्री नवीन मिंज (एजीएम, डीओएस), श्री जोस सरोज गुड़िया (एजीएम, राजभाषा सेल), श्री सत्येंद्र कुमार राठौड़ (एजीएम, एफआईडीडी), अविनाश कुमार चौधरी (एजीएम, सिविल, एस्टेट सेल) आदि प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।भ्रमण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का अवलोकन किया गया। यह पहल छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र में प्राथमिकता क्षेत्र ऋणों के नियमन एवं वित्तीय जागरूकता को बढ़ावा देने पर केंद्रित थी। प्रशासनिक भवन में पारंपरिक स्वागत के बाद इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के साथ बैठक आयोजित हुई। इसमें विश्वविद्यालय की अनुसंधान और विस्तार कार्यक्रमों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।आर बी आई अधिकारियों ने औषधीय उद्यान, टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला, रिछारिया अनुसंधान प्रयोगशाला, कृषि संग्रहालय, जैव नियंत्रण एवं जैव उर्वरक प्रयोगशाला तथा इनक्यूबेशन सेंटर का विस्तृत अवलोकन किया। कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल पूरे भ्रमण के दौरान आरबीआई अधिकारियों के साथ उपस्थित रहते हुए कार्यक्रम का नेतृत्व एवं मार्गदर्शन देते रहे।कृषि महाविद्यालय के डॉ. पी.एस. जोशी (प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग), डॉ. जेनू झा (प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, पादप संरक्षण एवं जीवाणुविज्ञान विभाग) एवं डॉ. आर.पी. कुजूर (सहायक प्राध्यापक) ने कार्यक्रम का पूर्ण समन्वय किया। सभी प्रयोगशाला प्रभारियों ने भ्रमण के दौरान अपने-अपने प्रयोगशालाओं के कार्यों का उत्साहपूर्वक विस्तार से परिचय कराया एवं छत्तीसगढ़ के कृषि अनुसंधान की उत्कृष्ट झलक प्रस्तुत की। आरबीआई टीम ने भ्रमण के दौरान चावल की जैव विविधता एवं कृषि उत्पादों के विपणन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
- सफलता की कहानीरायपुर । निर्मला कहती हैं, इस साल धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्था पहले से बेहतर है। तौल सटीक है लाइन नहीं लगानी पड रही है, भीड़ भी नहीं होती। किसानों को इंतजार नहीं करना पड़ता, स्टाफ सहयोगी है। व्यवस्था साफ और सुचारू रूप से संचालित है। किसानों को सम्मान मिल रहा है। यह बदलाव उनके लिए राहत जैसा है। उन्होंने कहा कि इसी से बेटी की पढ़ाई पूरी हुई। उनकी बेटी इंजीनियरिंग कर चुकी है और अब UPSC की तैयारी कर रही है।ग्राम अछोटा की किसान निर्मला देवांगन सुबह-सुबह 60 क्विंटल धान लेकर उपार्जन केंद्र पहुंचीं। चेहरे पर सुकून था। मन में अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदें थीं। धान बेचकर मिलने वाली राशि उनके लिए सिर्फ आमदनी नहीं, बल्कि एक भरोसा है। इसी से वे घर का खर्च चलाती हैं।सरकार ने खरीदी की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उपार्जन केंद्रों में परछाई, पीने का पानी, तौल व्यवस्था और सुरक्षा की पूरी तैयारी है। किसानों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। सबसे बड़ी राहत ‘टोकन तुंहर दुवार’ ऐप से मिली है। अब किसानों को घर बैठे टोकन मिल जाता है। समय तय होता है, भीड़ नहीं होती। समय और मेहनत दोनों बचते हैं। महिला किसानों के लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित हुई है।निर्मला देवांगन जैसे हजारों किसान इस व्यवस्था का लाभ ले रहे हैं। उनकी मेहनत सुरक्षित दाम पर बिक रही है। परिवार के सपने मजबूत हो रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका की जरूरतें पूरी हो रही हैं। धान खरीदी सिर्फ सरकारी प्रक्रिया नहीं। यह किसान परिवारों की उम्मीदों को नई दिशा देने वाली व्यवस्था है। अछोटा जैसी जगहों में यह व्यवस्था बदलाव की कहानी लिख रही है। निर्मला की मुस्कान उसी बदलाव का प्रमाण है।

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