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- - धान के बदले कम पानी उपयोग वाली फसल लेने के लिए किया गया प्रोत्साहितराजनांदगांव । जिले में भू-जल स्तर के लगातार गिरावट के दृष्टिगत किसानों को ग्रीष्मकालीन फसल में धान के बदले कम पानी उपयोग वाली फसल लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत मुसरा में ग्रामसभा का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत मुसरा के ग्रामसभा में ग्रीष्मकाल में जल स्तर के गिरावट को ध्यान में रखते हुए रबी मौसम में धान उत्पादन को पूर्णत: प्रतिबंध करने का प्रस्ताव पास किया गया है। इसकी जगह कम पानी उपयोग वाली अन्य दलहन-तिलहन फसल ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। पानी बचाने के लिए ग्राम पंचायत में जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। ग्राम पंचायत में सामुदायिक सोख्ता का निर्माण किया जाएगा। वर्षा जल संचयन के लिए मिनी परकोलेशन टैंक, निजी सोकपीट का निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण करने कहा गया। ग्राम सभा में नागरिकों को कम पानी की आवश्यकता तथा अधिक उत्पादन वाली फसलों के संबंध में जानकारी दी गई। धान के बदले कम पानी से लेने वाले फसल लेने वाले किसान को सम्मानित करने की बात कही गई।
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- चेकपोस्ट में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आधी रात को जिले में अवैध धान परिवहन की रोकथाम के लिए बनाए गए डोंगरगढ़ विकासखंड के अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट बोरतलाव का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को अन्य राज्यों से आने वाले सभी वाहनों की जांच कर रजिस्टर में एण्ट्री करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध धान परिवहन की निगरानी करते हुए कार्रवाई निरंतर जारी रखें। एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव को चेकपोस्ट में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश दिए। - बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर में इस वर्ष शैक्षणिक विस्तार ने नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले वर्ष संस्थान में MD एवं MS की कुल 68 सीटें स्वीकृत थीं, वहीं इस सत्र में 21 नई सीटों की वृद्धि के साथ सिम्स में कुल सीट संख्या बढ़कर 89 हो गई है। इन सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।सिम्स में नवीन MD कोर्सों की शुरुआत की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।फिजियोलॉजी विभाग और टीबी एंड चेस्ट विभाग को 4–4 सीटों के साथ नए MD पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने की मंज़ूरी मिल गई है। राज्य शासन द्वारा इन दोनों विषयों के लिए Essentiality Certificate (अनिवार्यता प्रमाण पत्र) जारी कर दिया गया है।टीबी एंड चेस्ट विभाग को पुनः मान्यता मिलने की प्रक्रिया तेजपूर्व में टीबी एवं चेस्ट विभाग को NMC ने अमान्य कर दिया था, क्योंकि विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. पुनीत भारद्वाज का दुखद निधन हो गया था, जिसके कारण विभाग में प्रोफेसर-स्तरीय फैकल्टी का अभाव हो गया था।अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति द्वारा इस विषय में NMC से पुनर्विचार हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात शासन ने डॉ. प्रतीक कुमार को पदोन्नत कर प्रोफेसर के पद पर नियुक्त कर दिया, जिससे विभाग फिर से NMC मानकों के अनुरूप हो गया है। इसी के आधार पर अब विभाग के लिए अनिवार्यता प्रमाण पत्र भी प्राप्त हो गया है।मेडिसिन विभाग में सीट वृद्धिशासन ने मेडिसिन विभाग में संचालित MD कोर्स की क्षमता भी बढ़ाई है। पहले यहां 8 सीटें स्वीकृत थीं, जिन्हें बढ़ाकर अब 13 सीटें कर दिया गया है। इस विभाग के लिए भी अनिवार्यता प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है।अब विश्वविद्यालय एवं NMC की अंतिम प्रक्रिया शुरूसिम्स प्रशासन अब आयुष एवं स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में इन तीनों विभागों—फिजियोलॉजी, टीबी एंड चेस्ट और मेडिसिन—के पाठ्यक्रम संबद्धता हेतु आवेदन प्रस्तुत कर रहा है।विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त होते ही इन विषयों के लिए NMC (राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग) के समक्ष अंतिम अनुमोदन हेतु आवेदन भेजा जाएगा।इन नए कोर्सों और सीट वृद्धि से न केवल संस्थान की शैक्षणिक क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि प्रदेश के मेडिकल विद्यार्थियों को विशेषज्ञता हासिल करने के अधिक अवसर भी उपलब्ध होंगे।सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा—“नए MD कोर्सों की स्वीकृति और सीटों में वृद्धि सिम्स के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह हमारे संस्थान की शिक्षा-व्यवस्था, संसाधनों और शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाता है। हमने टीबी एंड चेस्ट विभाग के पुनर्मूल्यांकन के लिए भी समय पर कदम उठाए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब हमारा ध्यान विश्वविद्यालय संबद्धता और NMC अनुमोदन की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने पर है, ताकि छात्रों को जल्द ही इन विषयों में प्रवेश का अवसर मिल सके। हमारा लक्ष्य सिम्स को प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करना है।”
- रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ में कार्यपालक निदेशक (रायपुर ग्रामीण क्षेत्र) के कार्यपालक निदेशक श्री संदीप वर्मा समेत छह कर्मियों को सेवानिवृत्ति उपरांत विदाई दी गई। डंगनिया मुख्यालय स्थित विद्युत सेवा भवन में आयोजित विदाई समारोह में जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री एसके कटियार, ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने उन्हें प्रतीक चिन्ह देकर दीर्घ सेवा के लिए सम्मानित किया।इस अवसर पर ईडी श्री संदीप वर्मा ने अपनी सेवायात्रा के अनुभव सुनाए और इस दौरान अधिकारी-कर्मचारियों से मिले सहयोग के लिए उनका आभार जताया। प्रबंध निदेशकों ने उन्हें सफल सेवाकाल के लिए बधाई दी और दीर्घायु जीवन व उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक श्री जेएस नेताम, श्री केएस मनोठिया, श्री एमएस चौहान, श्री रामायण नामदेव, श्री एमएस कंवर, श्री संदीप मोदी, एवं मुख्य अभियंता श्री एएम परियल, श्रीमती शारदा सोनवानी, श्रीमती नंदिनी भट्टाचार्य, श्री केबी पात्रे, श्री संजय तिवारी, अब्राहम वर्गीस, सीएमओ डॉ. एचएल पंचारी उपस्थित थे। संचालन अतिरिक्त महाप्रबंधक(जनसंपर्क) श्री उमेश कुमार मिश्र ने किया।पॉवर कंपनी में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के पांच कर्मियों को सेवानिवृत्ति के उपरान्त प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने प्रशस्ति पत्र देकर विदाई दी। इसमें अधीक्षण अभियंता (सिविल) श्री हेमंत कुमार रहंगडाले, प्रबंधक (औद्योगिक संबंध) श्री अतुल तिवारी, सहायक अभियंता (सिविल) श्री सलीम बेग बिलासपुर, लाइन सहायक (श्रेणी-02) कुरूद एवं वाहन चालक श्री जवाहर लाल साहू भिलाई को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
- रायपुर । कृषि महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के बी.एससी.(कृषि) चतुर्थ वर्ष के छात्रों ने सरकारी मिडिल स्कूल, नकटी गाँव, धर्मपुरा, रायपुर में जैविक एवं प्राकृतिक खेती और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के महत्व पर आधारित एक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को जैविक खेती के महत्व और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के बारे में जागरूक करना था।कार्यक्रम में डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने जैविक खेती के महत्व पर प्रकाश डाला और छात्रों को इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।स्कूल के प्राचार्य आशीष कुमार जेम्स ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति छात्रों को अपने कौशल और रुचियों के अनुसार शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है।महाविद्यालय की राष्ट्रीय शिक्षा नीति सारथी अनुष्का चौरशिया ने छात्रों को कृषि शिक्षा को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उपलब्ध नए अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा के माध्यम से छात्र आत्मनिर्भर बन सकते हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।नुक्कड़ नाटक में ओम अग्रवाल, सोनल अग्रवाल, अन्वय पांड्या, भावी रात्रे, श्रीओम त्रिवेदी, दिव्या तराम, कौशल साहू, प्रेमसागर, पूर्णिमा जोगी, सोमनाथ साहू, सूरज पटेल और वसुदेव नायक ने प्रभावशाली भूमिकाएँ निभाईं। नाटक के माध्यम से छात्रों ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के महत्व को समझाया और लोगों को रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया।
- -समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने अधिकारी-कर्मचारियों को दिए सख्त निर्देश-प्रत्येक पात्र कृषकों के शत प्रतिशत धान की खरीदी सुनिश्चित करने एवं किसानों को जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने हेतु पुख्ता उपाय करने को कहाबालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि जिले के प्रत्येक धान खरीदी केन्द्रों के लिए नियुक्त किए गए सभी नोडल अधिकारी प्रतिदिन सुबह 08 बजे अपने प्रभार वाले धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी के कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत आज जिले के सभी धान खरीदी केन्द्रों के लिए नियुक्त किए गए नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक में उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिले के सभी पात्र कृषकों का उनके वास्तविक रकबे के आधार पर उनकी शत प्रतिशत धान की खरीदी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा उन्होंने इस बात का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए कि सभी धान खरीदी केन्द्रों में किसानों को अपने धान की बिक्री करने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा उन्होंने सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए बैठक एवं छांव इत्यादि के अलावा पेयजल, शौचालय आदि सभी जरूरी सुविधा भी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने धान खरीदी कार्य को शासन के विशेष प्राथमिकता वाले अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए इस कार्य में किसी भी प्रकार की लारपवारही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध एस्मा के तहत कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री आरपी राठिया, जिला खाद्य अधिकारी सहित नोडल अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी नोडल अधिकारियों को प्रतिदिन अपने प्रभार वाले धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी केन्द्र के संपूर्ण व्यवस्थाओं का समुचित माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी धान खरीदी केन्द्रों में केवल साफ-सुथरे एवं गुणवत्तायुक्त धान की ही खरीदी सुनिश्चित कराने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अस्वच्छ, गीली धानों की खरीदी न कराई जाए। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि किसानों द्वारा बिक्री हेतु लाए गए धान को नमी मापक यंत्र के माध्यम से मापने के उपरांत धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी होेने पर किसी भी स्थिति में उस धान की खरीदी नही कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने धान में नमी की प्रतिशत एकदम कम होेने पर भी उस धान की समुचित जाँच करने को कहा। जिससे कि व्यापारियों और कोचियों के पुराने धान की खरीदी न हो सके। कलेक्टर ने सभी धान खरीदी केन्द्रों में गुणवत्तायुक्त एवं साफ-सुथरे धान की खरीदी सुनिश्चित कराने हेतु गेट पास जारी करते समय धान की समुचित जाँच की व्यवस्था कराने को कहा। कलेक्टर ने सभी नोडल अधिकारियों को सुबह धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचने के उपरांत प्रतिदिन गेट पास, आॅनलाईन-आॅफलाईन टोकन की स्थिति, किसानों द्वारा बिक्री हेतु लाए गए धान की गुणवत्ता आदि का नियमित रूप से जाँच करने के निर्देश दिए हैं।कलेक्टर ने धान खरीदी कार्य के अंतर्गत रकबा समर्पण के कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए किसानों द्वारा अपनी संपूर्ण धान की बिक्री करने के पश्चात् उनका अनिवार्य रूप से रकबा समर्पण कराने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने सभी बारदानों में अनिवार्य रूप से स्टेनशील लगाने तथा मोटा, पतला, सरना एवं आरबी गोल्ड आदि किस्मों के धान के लिए अलग-अलग स्टेक बनाने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने सभी धान खरीदी केन्द्रों में एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन की सूची को भी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने को कहा। इसके साथ ही धान खरीदी केन्द्रों में शामिल गांवों की वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-26 के औसत उपज को भी प्रदर्शित कराने को कहा।
- दुर्ग/ जिले में शादी विवाह के सीजन को ध्यान में रखते हुए आज एडीएम श्री अभिषेक अग्रवाल और एएसपी श्री सुखनंदन राठौर ने संयुक्त रूप से डीजे और मांगलिक भवन संचालकों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। डीजे संचालकों को अवगत कराया गया कि वे क्षेत्रीय ध्वनि मानक के अधिकतम 10 डीबी (ए) या 75 डीबी (ए) के अंदर ही बजाएंगे। उन्हें ध्वनि प्रदूषण नियम का शक्ति से पालन करना होगा। किसी भी आयोजन में शासकीय सम्पत्ति और सार्वजनिक सुविधाओं का उपयोग बिना पूर्व अनुमति नहीं दिया जाएगा। रात 10 बजे से सुबह 06 बजे तक डीजे बजाने और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वाहनों पर डीजे या वाद्ययंत्रों का प्रयोग वर्जित है। आयोजन स्थल पर जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा या रास्ता बाधित नहीं होना चाहिए। विवाद की स्थिति में अनुमति स्वतः निरस्त मानी जाएगी। इसी प्रकार मांगलिक भवन संचालकों को भी आयोजन के दौरान आगन्तुकों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था पर जोर देने कहा गया। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में डीजे संचालक समारोह स्थल के मालिक पर प्राथमिकी दर्ज कर डीजे और वाहन आदि जप्त कर लिया जाएगा। साथ ही मांगलिक भवन को भी शील करने की कार्यवाही की जाएगी।
- बालोद। जिले में अब तक 89 लाख 90 हजार 420 रूपये की राशि के 04 हजार 585 क्विंटल से अधिक धान जब्त की गईबालोद कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा बालोद जिले में धान के अवैध खरीदी बिक्री के रोकथाम हेतु निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिससे कि राज्य शासन के मंशानुरूप बालोद जिले में केवल वास्तविक एवं पात्र कृषकों के वास्तविक रकबे के आधार पर ही धान की खरीदी सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही कोचियों, व्यापारी एवं अवैध धान विक्रेताओं की धान की खरीदी बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। इसके अंतर्गत आज 28 नवंबर तक कृषि उपज मण्डी सहित राजस्व, खाद्य एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा बालोद जिले में 89 लाख 90 हजार 420 रूपये की राशि के 04 हजार 585 क्विंटल से अधिक धान जब्त की कार्रवाई की गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार आज कृषि उपज मंडी एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों के द्वारा आज डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम चिपरा के फुटकर व्यापारी श्री ऐशुराम जामड़े द्वारा अपने चचेरे भाई के घर में रखे गए 12 लाख 23 हजार 600 रूपये कीमत के कुल 644 क्विंटल तथा पवन कुमार सिन्हा द्वारा अपने परिचित के अन्य व्यक्ति के घर में रखे गए 88 हजार रूपये के कीमत के कुल 40 क्विंटल धान जप्ती की कार्रवाई की गई।कलेक्टर के निर्देशानुसार बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत अब तक अवैध धान विक्रेताओं, कोचियों तथा थोक एवं फुटकर धान व्यापारियों पर की गई कार्रवाई के अंतर्गत 10 नवंबर को 147.2 क्विंटल, 15 नवंबर को 15.20, 17 नवंबर को 236 क्विंटल, 18 नवंबर को 286.4 क्विंटल, 19 नवंबर को 374.4 क्विंटल, 20 नवंबर को 95 क्विंटल, 21 नवंबर को 1935.2 क्विंटल, 22 नवंबर को 320.46 क्विंटल, 23 नवंबर को 24 क्विंटल, 25 नवंबर को 443.22 क्ंिवटल, 26 नवंबर को 08 क्विंटल, 27 नवंबर को 16 क्विंटल तथा आज 28 नवंबर को 684 क्विंटल अवैध धान की जप्ती की कार्रवाई की गई है।
- बालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री समीर पाण्डे एवं महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री धीरेंद्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय महिला सशक्तिकरण केन्द्र द्वारा लिंग आधारित हिंसा को समाप्ती हेतु 16 दिवसीय सक्रियता अभियान के अंतर्गत चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान वृंदावन संकुल सिवनी, धरा संकुल लाटाबोड़, आशीर्वाद महिला क्लस्टर संगठन कुलिया में महिलाओं और लड़कियों के साथ होने वाले हिंसा एवं भेद-भाव के मुद्दे, महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा से संबंधित कानूनों, घरेलु हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005, दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013, सी-बॉक्स के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान किया गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना, सक्षम योजना, नोनी सुरक्षा योजना, पॉस्को ऐक्ट, बच्चों के अधिकारों, मानसिक स्वास्थ्य, बाल विवाह, चाइल्ड हेल्प लाइन आदि योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।
- बालोद। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के दूरस्थ ग्रामों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सीईओ श्री चंद्रवंशी ने ग्राम पंचायत बोडे़ना में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामणी के हितग्राही अजय कुमार, कांति बाई, प्रेमी बाई, सुमन बाई, तेजराम, भामा बाई साहू एवं महेश्वरी लोहार तथा ग्राम बरबसपुर, जेवरतला एवं सिब्दी के हितग्राहियो घनश्याम, बालेश्वर, नोहरी बाई, नेमी चंद, गीता बाई से चर्चा की। उन्होेंने संबंधित अधिकारियों को अप्रारंभ आवासों को यथाशीघ्र प्रारंभ कराने तथा निर्माणाधीन आवासों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने को कहा गया। इसके साथ ही लाभार्थियों को उक्त निर्माणाधीन आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सोखता गढ्ढा के निर्माण हेतु प्रोत्साहित किया।सीईओ श्री चंद्रवंशी ने ग्राम पंचायत बोड़ेना एवं जेवरतला में पीएम आवास अंतर्गत स्वीकृति के विरूद्ध आवास प्रारंभ नहीं होने से गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित सचिव, सरपंच एवं रोजगार सहायक को समस्त अप्रारंभ आवासों के हितग्राहियों से संपर्क कर उन्हें हर संभव मदद करने तथा अप्रारंभ आवासों का निर्माण 01 सप्ताह के भीतर प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, विकासखण्ड समन्व्यक, तकनीकी सहायक एवं अन्य विभागीय अमलों को आवास चैपाल लगाकर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन-मानस में जागरूकता लाते हुए स्वीकृत आवासों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसी क्रम में सीईओ श्री चंद्रवंशी ने ग्राम पंचायत बोड़ेना एवं जेवरतला के निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण कर निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने को कहा। इसके साथ ही ग्राम जेवरतला के शासकीय स्कूल का निरीक्षण कर विद्यार्थियो से चर्चा भी की। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे से पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित भी किया। इस दौरान जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा सहित अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- बालोद । राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर अंतर्गत जिले के 170 शासकीय हाई, हायर सेकण्डरी शालाओं में रानीलक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण का क्रियान्वयन (जुडो, कराटे, ताईक्वांडों, किंक बॉक्सिग, मार्शल आर्ट आदि) प्रशिक्षक के माध्यम से किया जाएगा। जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के सहायक जिला परियोजना अधिकारी ने बताया कि इच्छुक प्रशिक्षक कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी बालोद परिसर के जिला परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा (माध्यमिक) में आवेदन प्राप्त कर 06 दिसबंर 2025 तक कार्यालयीन समय में अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित तिथि के बाद आवेदन स्वीकार्य नहीं किया जाएगा।
- भिलाई नगर । नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने आज जोन-5 के अंतर्गत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उद्यान, टेनिस कोर्ट, डोम शेड निर्माण स्थल सहित बीएसपी क्षेत्र के जर्जर क्वार्टरों का जायजा लिया और अधिकारियों को नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं का त्वरित लाभ सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।आयुक्त एवं जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे ने इस उद्यान का अवलोकन किया। उद्यान के भीतर निर्मित स्टेज के तत्काल संधारण का निर्देश दिया गया है।खिलाड़ियों के लिए बने इस टेनिस कोर्ट का निरीक्षण कर आयुक्त ने इसे स्थानीय नागरिकों को सौंपने और उनके द्वारा इसका उचित रखरखाव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।इस उद्यान में किए गए पौधारोपण की उचित देखरेख सुनिश्चित करने को कहा गया।उद्यान में खराब पड़े बोर के तत्काल संधारण और पौधों की सिंचाई नियमित रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं।समीपस्थ टेनिस कोर्ट में ग्राउंड की साफ-सफाई कराने को कहा गया ताकि खिलाड़ियों को सुविधा मिल सके।प्रस्तावित नवीन डोम शेड निर्माण स्थल का निरीक्षण कर आयुक्त ने कार्य को नियमानुसार करने के निर्देश दिए।आयुक्त ने बीएसपी क्षेत्र के जर्जर क्वार्टरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इन स्थलों का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए आवासों के निर्माण के लिए करने की संभावना पर चर्चा की और उपस्थित अधिकारियों को इस संबंध में बीएसपी से आवश्यक पत्राचार शीघ्र करने के निर्देश दिये।इस निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता प्रिया करसे, सहायक अभियंता श्वेता महेश्वर, तथा उप अभियंता शंकर सुमन मरकाम सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर / रायपुर जिले में 27 एवं 28 नवंबर 2025 को कुल छह रेत खदानों की निविदाएँ खोली गईं। पूर्ण पारदर्शिता के साथ प्राप्त आवेदनों की जाँच, अपात्र आवेदनों का निराकरण तथा पात्र आवेदनों की लॉटरी प्रक्रिया संपन्न की गई, जिसके उपरांत अधिमानी बोलीदारों का चयन किया गया।राटाकाट बी रेत खदान हेतु कुल 88 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2 आवेदन अपात्र पाए गए। 86 पात्र आवेदनों की लॉटरी के बाद सूरज कंस्ट्रक्शन को अधिमानी बोलीदार घोषित किया गया। कुरूद सी रेत खदान के लिए 219 आवेदन प्राप्त हुए। 12 अपात्र आवेदनों को निकालने के पश्चात 207 पात्र आवेदनों की लॉटरी की गई, जिसमें मोहिल सेठी अधिमानी बोलीदार बने।टीला बी रेत खदान के लिए सर्वाधिक 705 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 26 अपात्र तथा 2 लॉटरी अपात्र आवेदनों को अलग कर 677 पात्र आवेदनों की लॉटरी निकाली गई, जिसके परिणामस्वरूप राहुल गोयल अधिमानी बोलीदार चुने गए। हरदीडीह बी रेत खदान हेतु 184 आवेदन मिले, जिनमें 6 अपात्र पाए गए। 178 पात्र आवेदनों की लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर कामधेनु फाइनेंशियल एडवाइजरी LLP को अधिमानी बोलीदार घोषित किया गया।चांपाझार बी रेत खदान से 473 आवेदन प्राप्त हुए। 23 अपात्र आवेदनों को निकालने के उपरांत 450 पात्र आवेदनों की लॉटरी की गई, जिसमें सत्यम गुप्ता अधिमानी बोलीदार बने। चांपाझार ए रेत खदान के लिए कुल 534 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 22 अपात्र पाए गए। 512 पात्र आवेदनों की लॉटरी के बाद जगदीप सिंह सिद्धू को अधिमानी बोलीदार के रूप में चयनित किया गया। जिला प्रशासन ने बताया कि छहों रेत खदानों की निविदा प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी तरीके से संपन्न की गई है। चयनित बोलीदारों को नियमानुसार आगे की कार्यवाही के लिए अवगत करा दिया जाएगा।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश में जिले के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। जिले में शुक्रवार को 2374 किसानों से 1 लाख 11 हजार 730.00 क्विंटल धान की खरीदी की गई। इस प्रकार अब तक 17888 किसानों से 8 लाख 38 हजार 108.00 क्विंटल की खरीदी हुई है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में धान खरीदी केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जा रही है, जिससे किसानों में धान बेचने को लेकर उत्साह है।
- -सुंदर विहार कॉलोनी दुर्ग का पंजीयन रद्द-पंजीयन निरस्तीकरण के लिए 15 अन्य समितियां को नोटिस-वार्षिक विवरणी न देने वाली समितियों पर भी कार्रवाईरायपुर / रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएँ, छत्तीसगढ़ द्वारा छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1973 (संशोधित 1998) के तहत प्रस्तुत पंजीयन आवेदनों की समीक्षा के दौरान बड़ी कार्रवाई की गई है। जिन समितियों को उनके आवेदन पत्रों में पाई गई आपत्तियों के सुधार हेतु ऑनलाइन सूचना भेजी गई थी, उनके द्वारा छह माह से अधिक समय बीत जाने पर भी सुधार नहीं किए गए। इसके कारण ऐसे कुल 2742 आवेदन पत्रों को निरस्त कर दिया गया है तथा इनसे प्राप्त पंजीयन शुल्क को राजसात किया गया है।इसी प्रकार जो समितियां अधिनियम की धारा 27 एवं 28 के अनुसार अपना वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने में विफल रहीं, उन्हें नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का जवाब न मिलने की स्थिति में संबंधित समितियों का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। इसी क्रम में सुंदर विहार कॉलोनी वेलफेयर सोसायटी, जिला दुर्ग का पंजीयन भी निरस्त किया गया है।इसके अलावा 15 अन्य समितियों को भी वार्षिक विवरणी प्रस्तुत न करने पर पंजीयन निरस्तीकरण नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि समिति के पदाधिकारियों के विरुद्ध अधिनियम की धारा 37 के तहत सिविल न्यायालय में परिवाद (मुकदमा) दायर करने की कार्यवाही की जाएगी।रजिस्ट्रार , फर्म्स एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने कहा है कि अधिनियम का पालन सुनिश्चित करने और पंजीकृत समितियों की जवाबदेही बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- -छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग की रणनीति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक-अंजोर विजन के लघु, मध्यम और दीर्घकालीन लक्ष्यों पर व्यापक एवं गहन विमर्श-मुख्यमंत्री ने कहा — लक्ष्य बड़े हैं, इसलिए कार्ययोजना ठोस हो और क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी से होरायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग के लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने वर्ष 2030 तक के लघु अवधि, 2035 तक के मध्य अवधि तथा दीर्घकालीन लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, और इसी क्रम में ‘अंजोर विजन’ के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति का सबसे सशक्त आधार शिक्षा है, क्योंकि दक्ष, कुशल और स्मार्ट बच्चे ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की संख्या राष्ट्रीय औसत से बेहतर है और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समस्त जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यदि एक शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को दृढ़ता से निभा ले, तो बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, प्रतिभाशाली शिक्षकों को नेतृत्व के अवसर प्रदान करने और बेहतर अकादमिक माहौल विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत 1000 मॉडल स्कूलों की स्थापना, स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्कूलों की शुरुआत, एआई-आधारित मूल्यांकन प्रणाली, डिजिटल ऐप के माध्यम से व्यक्तिगत पाठ योजनाएं, शिक्षक प्रशिक्षण के उन्नयन तथा STEM शिक्षा के विस्तार जैसे प्रमुख लक्ष्यों की समीक्षा की गई।मुख्यमंत्री ने STEM शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु साइंस सिटी की स्थापना, विज्ञान मेलों के आयोजन और एआई एवं रोबोटिक्स लैब प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में वर्ष 2035 तक ड्रॉपआउट दर को शून्य करने, राज्य स्तरीय ECCE समिति के गठन, शिक्षकों की भर्ती, मूल्यांकन केंद्रों को सुदृढ़ करने और आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों को निर्धारित कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने संबंधी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली — परीक्षार्थियों के डेटा संकलन, प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा संचालन एवं मूल्यांकन — की समीक्षा की तथा हायर सेकेंडरी स्तर पर अतिरिक्त विषयों के विकल्प, प्रतियोगी परीक्षाओं पर आधारित प्रश्न बैंक, त्रुटिरहित मूल्यांकन व्यवस्था और गोपनीय प्रश्नपत्रों के परिवहन हेतु ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।बैठक में एनईपी 2020 के तहत नामांकन दर में हुई उल्लेखनीय वृद्धि, बालवाड़ी को स्कूली शिक्षा से जोड़ने, मातृभाषा-आधारित शिक्षण, ‘जादुई पिटारा’ एवं संवाद कार्यक्रम, इको क्लब की गतिविधियाँ, पीएम ई-विद्या के अंतर्गत डिजिटल प्रसारण तथा व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार जैसी उपलब्धियाँ भी प्रस्तुत की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के लक्ष्य छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव श्री विकास शील, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -पचास प्रतिशत प्रमाण पत्र जमारायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के पेंशनरों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि द्वारा नवंबर माह में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के निर्देश पर सभी बैंकों में पेंशनरों से जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।वृद्ध पेंशनरों को बैंक शाखाओं में जाकर जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय तथा संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार “डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र मिशन 4.0” के तहत अब पेंशनर किसी भी बैंक में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सकते हैं।राज्य के विभिन्न शहरों में भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य 8 अधिकृत बैंकों द्वारा विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जहां फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक से पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र लिए जा रहे हैं।इसके साथ ही पेंशनरों को यह सुविधा भी दी गई है कि वे “JEEVAN PRAMAAN” मोबाइल ऐप या वेबसाइट के माध्यम से अपने आधार और मोबाइल नंबर का उपयोग कर घर बैठे ही डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकें।अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य के पेंशनरों की कुल संख्या में से लगभग 50 प्रतिशत पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा किए जा चुके हैं।संचालक पेंशन एवं भविष्य निधि द्वारा पेंशनरों से अपील की गई है कि वे नवंबर माह में जारी इस विशेष अभियान का लाभ अवश्य लें और समय पर अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करें।
- -बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का वातावरण हो रहा है स्थापित - मुख्यमंत्रीरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” तथा “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी मानवीय, संवेदनशील और दूरदर्शी पहल ने बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का वातावरण स्थापित किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवादी भ्रमजाल में फँसे अनेक लोग अब हिंसा का मार्ग छोड़कर विकास और मुख्यधारा की ओर लौट रहे हैं। इसी क्रम में आज दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य एवं 25 लाख के इनामी चैतू उर्फ श्याम दादा सहित कुल 65 लाख रुपए के इनाम वाले 10 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। मुख्यमंत्री ने इसे बदलते बस्तर और सरकार की नीतियों की सफलता का स्पष्ट प्रमाण बताया।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप सभी आत्मसमर्पित साथियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन हेतु आवश्यक पुनर्वास सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। उन्होंने उल्लेख किया कि आत्मसमर्पण की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि जनता सरकार की नीतियों पर भरोसा कर रही है और बस्तर तेजी से शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की प्रभावी रणनीति, पुलिस प्रशासन की सतत मेहनत और जनविश्वास का सामूहिक परिणाम बताते हुए बस्तर में स्थायी शांति स्थापना की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि कहा।
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-आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी भाषा जल्द ही शामिल होगी: संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल
रायपुर,। छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में संस्कृति विभाग के अडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, संचालक संस्कृति एवं राजभाषा श्री विवेक आचार्य, छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार उपस्थित रहीं। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक छत्तीगढ़िया तरीके से खुमरी पहना कर किया गया। कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यह रही कि सभी अतिथियों ने अपना उद्बोधन छत्तीसगढ़ी में दिया।छत्तीसगढ़ी में उद्बोधन देते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी को शामिल करने के लिए पूर्व में प्रयास हो चुके हैं तथा अब पूरी तैयारी के साथ केंद्र को प्रस्ताव भेजकर इसे जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाने वाली छत्तीसगढ़ी की विविधता पर जोर देते हुए प्रसिद्ध कहावत ‘‘कोस-कोस पर पानी बदले, चार कोस पर बानी‘‘ का उल्लेख किया तथा सभी बोलियों को समाहित कर भाषा को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने साहित्यकारों को उनके छत्तीसगढ़ी भाषा में योगदान के लिए बधाई दी तथा छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया। मंत्री श्री अग्रवाल ने संस्कृति विभाग परिसर में लगाई गई छत्तीसगढ़ी किताबों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा सेल्फी प्वाइंट पर अपनी सेल्फी भी ली।छह साहित्यकारों का सम्मान, 13 पुस्तकों का विमोचनकार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रति योगदान हेतु पद्मश्री धर्मपाल सैनी (जगदलपुर), सरला शर्मा (दुर्ग), एस.पी. जायसवाल (सरगुजा), हेमलाल साहू निर्माेही (दुर्ग), डॉ. प्रकाश पतंगीवार (रायपुर) तथा काशी साहू (बिलासपुर) को मुख्य अतिथियों ने छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य में उनके योगदान हेतु सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखी पुस्तकों का विमोचन भी किया गया जिसमें ‘‘आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी‘‘ प्रधान संपादक डॉ. अभिलाषा बेहार, संपादक डॉ. सुधीर शर्मा, ‘‘छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग प्रांतीय सम्मेलन 2024 की स्मारिका‘‘, श्री सदाराम सिन्हा ‘स्नेही‘ कृत ‘‘सूरूज खड़े मुहाटी म‘‘, स्व. नोहरलाल साहू ‘अधमरहा‘ कृत ‘‘हाना के तराना‘‘, श्री मकसूदन साहू कृत ‘‘बरीवाला‘‘, श्री अरविंद मिश्र कृत ‘‘छत्तीसगढ़ी शब्द सामरथ‘‘, डॉ. राघवेन्द्र दुबे कृत ‘‘मोर छत्तीसगढ़ के माटी‘‘, डॉ. किशन टण्डन कृत ‘‘भुंइयां के भगवान‘‘, श्री जमुना प्रसाद चौहान कृत ‘‘मया के खोंदरा‘‘, डॉ. नरेन्द्र वर्मा कृत ‘‘मैं बेटा किसान के‘‘, डॉ. विवेक तिवारी कृत ‘‘हमर परियावरन‘‘, स्व. भूषण लाल परगनिहा कृत ‘‘श्री गउ रामायन‘‘, श्री विकास कश्यप कृत ‘‘एक दिया‘‘, श्री बलराम मिर्झा कृत ‘‘मन चंगा तो कठौती में गंगा‘‘ और श्रीमती आशा झा कृत ‘‘मया भरे आंखी‘‘ प्रमुख हैं।कविता पाठ, गोष्ठी और प्रदर्शनी से सजा समारोहकार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी किताबों की प्रदर्शनी, साहित्यकारों द्वारा कविता पाठ, आठवीं अनुसूची हेतु चर्चा गोष्ठी आयोजित हुई। छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों ने कविता पाठ से अतिथियों को मंत्र मुग्ध कर दिया। यह समारोह छत्तीसगढ़ी भाषा के संवर्धन में मील का पत्थर साबित हुआ। - टी सहदेवभिलाई नगर। तालपुरी बी ब्लॉक के ओपन बैडमिंटन ग्राउंड में खेले गए अटल बिहारी वाजपेयी बैडमिंटन के फायनल मैच में सुपर सीनियर ग्रुप में बीआर ढोके और सब जूनियर ग्रुप में गौरव देवांगन ने चैंपियनशिप जीत ली है। सुपर सीनियर ग्रुप में ढोके ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए तीन सेटों में से लगातार दो सेट जीतकर खिताब अपने नाम किया है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी जीके पिल्लै को 21-14 और 22-20 के स्कोर से पराजित किया। पिल्लै ने दूसरे सेट में वापसी की भरपूर कोशिश की, लेकिन अंतिम क्षणों में ढोके उन पर भारी पड़ गए।मैच के अन्य परिणामउधर सब जूनियर ग्रुप में गौरव देवांगन ने संघर्षपूर्ण मुकाबले में रक्षित कांबले को 21-15, 18-21 तथा 21-19 के स्कोर से हरा दिया। सबसे ज्यादा रोमांच इसी मैच में देखने को मिला। इस मैच में कांबले ने देवांगन को कड़ी टक्कर दी। दूसरी ओर बालक वर्ग के सब जूनियर के एक अन्य फायनल मैच में तरुण ने विख्यात को 21-12 तथा 21-13 के स्कोर से आसानी से पराजित कर दिया। सब जूनियर ग्रुप में सेमीफाइनल मैच तरुण और अंशुमन के बीच खेला गया था, जिसमें तरुण विजयी रहे, जबकि तरुण और प्रियांश सिंह दक्ष के बीच हुई भिड़ंत में प्रियांश को कामयाबी मिली।विजेताओं को विधायक ने दिए कप और मैडलइस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए खास तौर पर मौजूद थे। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को कप और मैडल भी प्रदान किए। अपने संक्षिप्त संबोधन में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न और प्रदेश के निर्माता अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित यह प्रतियोगिता उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। इससे पहले एसोसिएशन के अध्यक्ष कुबेर राम देशमुख, संयोजक ओपी मिश्रा, भूतपूर्व उपाध्यक्ष असीम सिंह, आयोजकों महेश विश्वकर्मा, गजानन अवचट तथा रवींद्र देवांगन ने विधायक चंद्राकर और पार्षद सविता ढवस का आत्मीय स्वागत किया। इसके साथ ही बैडमिंटन अकादमी और बी ब्लॉक एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में महीने भर से चली आ रही प्रतियोगिता का समापन हो गया।
- -बायोमेट्रिक उपस्थिति के साथ स्टूडियो निर्माण, ई-क्लासरूम और अन्य डिजिटल संसाधनों को सुदृढ़ करने पर हुई गहन चर्चा-सभी महाविद्यालयों में प्राचार्याे की नियुक्ति-कैंपस से लेकर कक्षा तक सुधार करने मंत्री ने दिए निर्देश-उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन भी रहे उपस्थितरायपुर, /नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आज उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा की अध्यक्षता में उच्च शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री संतोष देवागंन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री श्री वर्मा ने बैठक की शुरुआत में कहा कि राज्य में गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है इसके लिए जो भी सुधार की आवश्यकता होगी विभाग सक्षम है और इसे लेकर विभाग को और अधिक सक्रियता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।बैठक में मंत्री श्री वर्मा ने विश्वविद्यालयों व संभाग के एक-एक महाविद्यालयों में स्टूडियो निर्माण, सभी महाविद्यालयों में ई-क्लासरूम विकसित करने और विद्यार्थियों के लिए डिजिटल संसाधनों को सुदृढ़ बनाने पर भी विचार-विमर्श किया। प्राचार्यों को निर्देशित किया गया कि वे सभी प्राध्यापकों से व्याख्यान बनाकर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराएँ ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल करने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।बैठक में महाविद्यालयों में प्राचार्यों एवं प्राध्यापकों तथा समस्त कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य करने हेतु बायोमैट्रिक्स मशीन लगाई जाए तथा समय पर उपस्थित न होने वालो पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालय व महाविद्यालय के प्राचार्य अकादमिक कैलेंडर का पालन सुनिश्चित करें और समय-सारणी के अनुसार कक्षाओं का संचालन हो। मंत्री श्री वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राचार्य सुबह 10ः30 बजे से शाम 5ः30 बजे तक महाविद्यालय में स्वंय अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और कक्षाओं के निरीक्षण की जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएँ। उन्होंने एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, एनईपी कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के कार्य को निरंतर जारी रखने तथा अतिथि व्याख्याताओं को एनईपी प्रशिक्षण देने पर जोर दिया। शैक्षणिक गतिविधियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई के संकेत भी दिए।मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने न्यायालयीन मामलों में समयबद्ध कार्रवाई न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि विलंब के कारण विभाग की छवि प्रभावित हो रही है, अतः ऐसे मामलों में तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि विभागीय कार्यों में देरी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता को आवश्यक बताते हुए कहा कि इंटरनेट सुविधा, ऑनलाइन शिक्षण सामग्री, तथा नवीन शैक्षणिक संसाधनों को लगातार बेहतर बनाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि महाविद्यालयों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने हेतु प्राचार्यों की वरिष्ठता सूची निर्धारित समय में प्रकाशित करने के साथ-साथ डीपीसी से संबंधित सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाएगा।बैठक में परीवीक्षा अवधि पूर्ण कर चुके सहायक प्राध्यपकों के परीवीक्षा समाप्ति आदेश 15 कार्य दिवस के भीतर जारी करने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि न मांग, न जांच सेवा नियुक्ति संबंधी आदेश 7 दिनों में जारी किए जाएँ। पीएचडी अनुमति हेतु लंबित प्रकरणों की जांच 15 दिनों में पूर्ण कर स्वीकृति पत्र प्रदान किए जाएँ। वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान एवं प्रवर श्रेणी वेतनमान जनवरी के प्रथम सप्ताह तक जारी करने के निर्देश दिए।इसके अतिरिक्त प्राध्यापकों की वरिष्ठता सूची एक सप्ताह के भीतर जारी करने का ओदश दिया। तथा यह भी कहाँ कि वर्ष 2024 की रिव्यू डीपीसी कर प्राध्यापकों को प्राचार्य पद पर पदोन्नति 24 दिसंबर 2025 तक प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालयों में ज्ञानअर्जन पोर्टल लागू करने हेतु निर्देश जारी किए जाए तथा एक टास्क फोर्स गठित की जाए। EHRMS के तहत प्रदेश के सभी महाविद्यालयों से प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल एवं क्रीड़ाअधिकारियों की समस्त जानकारी जनवरी 2026 तक ऑनलाईन कर दी जाए। बैठक में उच्च शिक्षा को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
- - नारायणपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण ने पकड़ी रफ्ताररायपुर । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पूरे प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को नारायणपुर जिले में गति मिल रही है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के मार्गदर्शन में प्रशासनिक टीमें और बीएलओ जंगलों-पहाड़ों के बीच बसे दुर्गम इलाकों तक पहुंचकर मतदाता सूची अद्यतन कार्य को निरंतर अंजाम दे रहे हैं। लक्ष्य है—कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।जिले में वर्तमान में कुल 92,637 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 77.25 प्रतिशत गणना पत्रक का डिजिटाइजेशन अब तक पूरा किया जा चुका है। प्रशासनिक टीमें त्रुटिरहित अद्यतन सुनिश्चित करने के लिए नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलतियों को सुधारने और मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के कार्य में पूरी गम्भीरता से जुटी हुई हैं।बीएलओ समरूलाल यादव की प्रेरक कहानीदुर्गम ग्राम गट्टाकाल से एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है। मतदान केंद्र क्रमांक 09 के बीएलओ समरूलाल यादव को पुनरीक्षण कार्य के लिए पहाड़ी पगडंडियों पर मीलों पैदल चलना पड़ा। कई बार उन्हें बिना पुल वाले नदी-नालों को पार करना पड़ा, फिर भी वे लगातार घर-घर पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन करते रहे।इस मतदान केंद्र के 360 मतदाताओं में से 262 का पुनरीक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष 98 मतदाताओं का कार्य भी तेजी से जारी है। समरूलाल यादव का कहना है कि कठिन रास्ते भी उन्हें लोकतंत्र को मजबूत करने के संकल्प से नहीं रोक पाते।20 बीएलओ ने किया शत-प्रतिशत कार्य पूर्णजिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, जिले के 20 बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में 100 प्रतिशत पुनरीक्षण कार्य पूरा कर चुके हैं। उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें कलेक्टर प्रतिष्ठा द्वारा निरंतर प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जा रहा है।दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचकर मतदाताओं को जोड़ने का यह निरंतर प्रयास जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।
- -समर्थन मूल्य में धान खरीदी से किसानों को मिल रही आर्थिक सुरक्षारायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के तहत किसान खुशी-खुशी अपनी फसल बेच रहें हैं। इसी कड़ी में बलरामपुर जिला के बरदर उपार्जन केंद्र में किसान श्री नीरज गिरी ने अपनी पसीने की कमाई धान को सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य पर बेचा।बच्चों की शिक्षा और खेती से जुड़े कार्य पूरा करेंगेनीरज गिरी ने बताया कि उनके पास कुल 2.1400 हेक्टेयर भूमि है और खेती ही उनके परिवार का मुख्य आजीविका स्रोत है। पिछले वर्ष उन्होंने लगभग 95 क्विंटल धान उत्पादन किया, जिससे परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा और खेती से जुड़े कार्य पूरे हुए। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्र में व्यवस्था सुव्यवस्थित और पारदर्शी है। समय पर तौल, बारदाने की उपलब्धता और ऑनलाइन टोकन प्रणाली ने प्रक्रिया को सरल बना दिया है। वे बताते हैं कि उन्होंने 110 क्विंटल धान बेचने के लिए ऑनलाईन टोकन सुविधा का उपयोग किया था। जिससे लंबी लाइन और भीड़-भाड़ से बचा जा सका।किसानों में नई उम्मीद और आत्मविश्वास बढाश्री नीरज गिरी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलती है, जिससे वे अगली फसल की तैयारी कर पा रहे हैं। वे कहते है कि शासन की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किसानों के लिए नई उम्मीद और आत्मविश्वास लेकर आई है।
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*-निजी क्षेत्र के 530 पदों पर होगी भर्ती*
दुर्ग,/ जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र मालवीय नगर चौक दुर्ग में 04 दिसंबर 2025 को प्रातः 10.30 बजे से प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। इस प्लेसमेंट कैम्प में 530 रिक्त पदों हेतु भर्ती प्रक्रिया की जायेगी। जिसमें कायरोस सिक्युरिटी, हेल्थ एवं कम्पोजिट सर्विस प्रा० लि० हैदराबाद के सिक्युरिटी गार्ड एवं सिक्युरिटी सुपरवाईजर, हाउस कीपिंग एवं मुथुत माइकोफाइन लि. छत्तीसगढ़ के रिलेशनशिप ओफिसर एवं ब्रांच क्रेडिट मेनेजर इत्यादि पद शामिल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त पदों हेतु वेतन 16 हजार से 25 हजार रूपए तक है जिसके लिए 10वीं, 12वीं एवं कोई भी स्नातक शैक्षणिक योग्यताधारी आवेदक उक्त प्लेसमेंट कैम्प में सम्मिलित हो सकतें है। विस्तृत जानकारी erojgar.cg.gov.in, chhattisgarh rozgar app अथवा रोजगार कार्यालय के सूचना पटल के माध्यम से प्राप्त कर सकते है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग से मिली जानकारी अनुसार इच्छुक आवेदक समस्त शैक्षणिक मूल प्रमाण/अंकसूची, पहचान पत्र (मतदाता परिचय पत्रध्आधार कार्ड/पेनकार्ड/ड्रायविंग लाइसेंस/राशन कार्ड), रोजगार कार्यालय का पंजीयन पत्रक, छ.ग. निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र समस्त दस्तावेजों की (छायाप्रति) के साथ प्लेसमेंट रोजगार मेला में उपस्थित हो सकते हैं। -
दुर्ग/ कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला दुर्ग द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत सोशल वर्कर-एनएमएचपी के पद पर भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। विज्ञापन में यह स्पष्ट किया था कि सोशल वर्कर पद के लिए शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर एमफिल साईकाईट्रिक सोशल वर्क की अर्हता रखने वालों को वरीयता (प्राथमिकता) दी जाएगी। इस प्राथमिकता के अनुरूप, 06 जून 2025 को जारी मेरिट सूची में एमफिल अर्हताधारी उम्मीदवार को प्रथम स्थान पर रखा गया था। कौशल परीक्षा के बाद, चयन समिति ने विज्ञापन के नियमों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करने के लिए 18 नवंबर 2025 को जारी की गई सोशल वर्कर की चयन सूची को संशोधित किया। इस संशोधित सूची में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि भर्ती विज्ञापन की शर्तों के अनुसार एमफिल साइकाईट्रिक सोशल वर्क को चयन सूची में वरीयता दी गई है। यह संशोधन दर्शाता है कि भर्ती प्रक्रिया में तथ्यों और योग्यता पर पूरा ध्यान दिया गया है। इसके अतिरिक्त, सरल क्रमांक 04 और 05 के तहत अन्य क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट पदों की चयन प्रक्रिया में भी इसी वरीयता के आधार का पालन किया गया है, जिसकी सूची विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है। इस प्रकार, पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी और नियमसंगत रही है।















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