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- मनेंद्रगढ़/ मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर उपलब्ध करवाते हुए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा 27 नवंबर 2025 को भव्य रोजगार मेला/प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह रोजगार मेला युवाओं को निजी क्षेत्र में सीधी नियुक्ति का अवसर प्रदान करेगा। प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन मनेंद्रगढ़ के लालपुर स्थित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक किया जाएगा, जिसके लिए जिलेभर से युवाओं के बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है। इस कैंप में शामिल होने के लिए प्रतिष्ठित निजी संस्थान योकोहामा इंडिया प्रा. लि. (ATC Tires), दहेज, गुजरात ने महिला अभ्यर्थियों के लिए मशीन ऑपरेटर के 50 रिक्त पदों की जानकारी रोजगार कार्यालय को प्रदान की है। इन पदों के लिए बीए, बीएससी, बीकॉम, आईटीआई और डिप्लोमा उत्तीर्ण युवा महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। चयनित अभ्यर्थियों को प्रति माह 17,500 रुपये का वेतनमान प्राप्त होगा तथा कार्य स्थल दहेज, गुजरात होगा। रोजगार मेला पूर्णतः निःशुल्क है और इसमें भाग लेने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।प्लेसमेंट कैम्प में सम्मिलित होने के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों का ई-रोजगार पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य किया गया है। इसके लिए अभ्यर्थीhttps://erojgar.cg.gov.in/पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं या गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध ‘सीजी रोजगार पंजीयन एप’ के माध्यम से भी पंजीकरण संभव है। केवल वही आवेदक प्लेसमेंट कैम्प में शामिल किए जाएंगे, जिनका पोर्टल में वैध पंजीयन उपलब्ध होगा। जिला रोजगार केंद्र ने अभ्यर्थियों से आग्रह किया है कि वे प्लेसमेंट कैम्प में उपस्थित होने के समय अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे-शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता प्रमाण-पत्र, निवास एवं जाति प्रमाण-पत्र, रोजगार कार्यालय का पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड तथा पासपोर्ट आकार के फोटोग्राफ अवश्य लेकर आएं।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को कौशल विकास से जोड़कर जैव-विविधता संरक्षण को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी उद्देश्य से बोर्ड ने वन मंत्री श्री केदार कश्यप की पहल पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सहयोग से हरित कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किया है। यह विशेष प्रशिक्षण इसलिए तैयार किया गया है ताकि जंगलों में रहने वाले युवाओं को जैव विविधता संरक्षण से जुड़ी जानकारी, व्यवहारिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल सकें।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार का यह प्रयास आदिवासी युवाओं को कौशल, ज्ञान और रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ जैव विविधता संरक्षण को भी सशक्त बना रहा है।गौरतलब है कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आजीविका के नए अवसर प्रदान करना, पर्यावरण मित्र करियर की ओर प्रेरित करना तथा उन्हें स्थानीय संसाधनों के संरक्षण में सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण में युवाओं को राष्ट्रीय उद्यान गाइड, पर्यटक गाइड, प्राकृतिक इतिहास प्रदर्शक, वन संसाधन सहायक, पारंपरिक वन संरक्षण तकनीकों, और वन आधारित आजीविका से जुड़े विभिन्न कौशल सिखाए गए।इसी कड़ी में राज्य के जांजगीर, कटघोरा, कोरबा, जगदलपुर, बीजापुर, सुकमा आदि कई जिले से कुल 105 युवाओं ने प्रथम चरण में भाग लिया। प्रशिक्षण 10 से 30 दिनों तक चला और इसमें युवाओं को बिना किसी शुल्क के फील्ड भ्रमण, जैव विविधता पहचान, पारिस्थितिक संवेदनशीलता, वन संपदा का संरक्षण, औषधीय पौधों की पहचान और दस्तावेजीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों का ज्ञान दिया गया। विशेष रूप से आकांक्षी सुकमा जिले के 65 युवाओं ने जंगलों में पाए जाने वाले 153 प्रजातियों के पौधों और 47 पक्षी प्रजातियों की पहचान की। वन विभाग के विशेषज्ञों ने उन्हें हर्बेरियम बनाने, जैव-विविधता सर्वे तथा उपकरणों के उपयोग का भी प्रशिक्षण दिया। इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण भाग यह भी है कि युवाओं को वैज्ञानिक तरीके से परंपरागत ज्ञान का संरक्षण करना सिखाया जा रहा है। इससे स्थानीय समुदायों में जैव-विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में ग्रामीणों की भागीदारी भी मजबूत हो रही है। इस प्रशिक्षण का मुख्य प्रभाव यह रहा कि अब युवा अपने क्षेत्र में पाए जाने वाले दुर्लभ पौधों और जीवों की पहचान कर पा रहे हैं। कई प्रशिक्षण प्राप्त युवा ईको-गाइड, नेचर गाइड, बैचलर सर्वे टीम और ईको-टूरिज्म गतिविधियों से जुड़ कर रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।
- रायपुर /वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य आद्रभूमि प्राधिकरण द्वारा राज्य में वेटलैंड संरक्षण के लिए “वेटलैंड मित्र” बनाने का अभियान शुरू किया गया है। वेटलैंड मित्र स्थानीय आद्रभूमियों के संरक्षण में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।वेटलैंड मित्र बनने के लिए इच्छुक व्यक्ति QR कोड स्कैन करके निर्धारित फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरकर अपने निकटतम आद्रभूमि क्षेत्र से जुड़ सकते हैं। पंजीकृत वेटलैंड मित्रों को वेटलैंड संरक्षण से संबंधित जानकारी, प्रशिक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। साथ ही वे वेटलैंड क्षेत्र में होने वाले परिवर्तनों की पहचान, अवैध गतिविधियों की सूचना देने तथा स्थानीय समुदाय तक आवश्यक जानकारी पहुँचाने में सहयोग करेंगे।उल्लेखनीय है कि इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि पूरे राज्य में अब तक 500 से अधिक वेटलैंड मित्र पंजीकृत किए जा चुके हैं। यह संख्या न केवल जन-जागरूकता के बढ़ते स्तर को दर्शाती है, बल्कि आद्रभूमि संरक्षण के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करती है। वेटलैंड मित्र स्थानीय स्तर पर आद्रभूमि के स्वास्थ्य, संरक्षण गतिविधियों में भागीदारी तथा वैज्ञानिक जानकारी के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। कोरबा जिले में लगभग 200 वेटलैंड मित्र अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रूप से संरक्षण कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।राज्य में जागरूक और समर्पित वेटलैंड मित्रों का मजबूत नेटवर्क विकसित किया गया है, जो विभाग और आम जनता के बीच एक प्रभावी सेतु का कार्य कर रहा है। इनके सहयोग से आद्रभूमि के जैव-विविधता मूल्य, पारिस्थितिक महत्व और सतत उपयोग की अवधारणाओं का व्यापक प्रसार हो रहा है।वेटलैंड मित्र अभियान ने समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देते हुए राज्य की दीर्घकालिक संरक्षण योजनाओं को मजबूत आधार प्रदान किया है। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा की रक्षा कर रही है, बल्कि जनता और प्रशासन को वेटलैंड संरक्षण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- -राज्य वेटलैंड प्राधिकरण ने भेजा प्रस्तावरायपुर, /वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित कोपरा जलाशय को राज्य सरकार ने प्रस्तावित रामसर स्थल घोषित करने की दिशा में बड़ी पहल की है। प्राकृतिक और मानव निर्मित विशेषताओं से युक्त यह जलाशय पूरे क्षेत्र के लिए जलसंसाधन, सिंचाई और जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचानवन मंत्री श्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। गौरतलब है कि कोपरा जलाशय मुख्य रूप से वर्षा जल और आसपास के छोटे नालों से भरता है। यह जलाशय स्थानीय ग्रामीणों की जल आवश्यकताओं को पूरा करता है और किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। जलाशय के आसपास की भूमि अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है, जिससे क्षेत्र के कई गाँवों और छोटे कस्बों की कृषि पूरी तरह इस जलाशय पर निर्भर है।जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है यहाँ कीइसके अलावा यह क्षेत्र वर्षभर विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों, जलचर जीवों और वनस्पतियों का सुरक्षित आवास बना रहता है। खासकर प्रवासी पक्षियों की बड़ी संख्या यहाँ हर वर्ष दर्ज की जाती है। जलाशय में मछलियाँ, जलीय पौधे, उभयचर, सरीसृप और अनेक प्रकार के कीट-पतंगे बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे इसकी जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है।दुर्लभ पक्षियों के संरक्षण के लिए उपयुक्त स्थलराज्य वेटलैंड प्राधिकरण के अनुसार कोपरा जलाशय रिवर टर्न, कॉमन पोचार्ड और इजिप्शियन वल्चर जैसे दुर्लभ व महत्वपूर्ण पक्षियों के संरक्षण के लिए अत्यंत उपयुक्त स्थान है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह जलाशय रामसर मानदंड संख्या 02, 03 और 05 की पूर्णता करता है, जो इसे एक उत्कृष्ट वेटलैंड इकोसिस्टम का उदाहरण साबित करता है।स्वीकृति मिलने पर पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगाइसी महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे रामसर स्थल घोषित करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षण मिलेगा और इसका वैज्ञानिक, पर्यावरणीय तथा पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगा।ग्रामीण आजीविका के विकास को मजबूत करने की तैयारीसरकारी योजनाओं के तहत इस क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा ग्रामीण आजीविका विकास से जुड़ी गतिविधियों को और मजबूत करने की तैयारी है, ताकि स्थानीय आबादी और प्राकृतिक संसाधनों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।
- - ईश्वरी–विद्या जैसी महिलाएँ बनीं आत्मनिर्भरता की मिसालरायपुर, / प्रदेशभर की तरह धमतरी जिले में भी खरीफ उपार्जन वर्ष 2025-26 की शुरुआत 15 नवंबर से सुचारू रूप से हो चुकी है। खरीदी केंद्रों में जहाँ किसानों के चेहरों पर संतोष और प्रसन्नता दिखाई दे रही है, वहीं गांवों में श्रमिक परिवारों के बीच भी खुशी का माहौल है। धान खरीदी से जुड़े कार्यों ने ग्रामीण श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं के लिए रोजगार एवं अतिरिक्त आय के अवसर बढ़ा दिए हैं, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था में नई जान आई है।संबलपुर गांव के खरीदी केंद्र में काम कर रहीं ईश्वरी यादव और विद्या मरकाम जैसी महिलाएँ इस बदलाव का सशक्त उदाहरण हैं। धान के कट्टों की सिलाई और भराई में व्यस्त ये महिलाएँ बताती हैं कि खरीफ सीजन उनके लिए उम्मीद और आत्मनिर्भरता का समय बन गया है। गांव की 5-6 महिलाएँ मिलकर प्रतिदिन 400 से 500 कट्टे तैयार करती हैं, जिससे प्रत्येक महिला को सीजन के दौरान लगभग 20 से 22 हजार रुपये की आय हो जाती है। यह राशि उनके परिवार की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहारा साबित होती है।इन महिलाओं का कहना है कि पहले उन्हें मजदूरी के लिए गांव से बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब धान खरीदी केंद्रों में मिल रहा स्थानीय कार्य उन्हें सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध करा रहा है। भुगतान समय पर होता है और कार्य के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे उनमें आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा है।धान खरीदी प्रक्रिया किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ हमालों, परिवहनकर्ताओं, तौलदारों, डेटा-एंट्री ऑपरेटरों और सहायक कर्मचारियों के लिए भी व्यापक रोजगार सृजित करती है। सुगम व्यवस्था और पारदर्शी प्रक्रिया ने इस सीजन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बना दिया है।सरकार द्वारा समय पर समर्थन मूल्य भुगतान, सुरक्षित भंडारण व्यवस्था और खरीदी केंद्रों में बेहतर प्रबंधन ने ग्रामीण जनता के भरोसे को और मजबूत किया है। खरीफ उपार्जन 2025-26 न केवल कृषि उत्पादन का महत्वपूर्ण चरण है, बल्कि यह महिलाओं को रोजगार से जोड़कर, गांवों को सशक्त बनाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाला प्रेरक माध्यम भी बनकर उभरा है।
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दुर्ग। दुर्ग जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आज अछोटी में जिला स्तरीय दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला के मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव रहे, उन्होंने अपने उद्बोधन में नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ कौशल उन्नयन पर बल देते हुए कहा कि आधुनिक परिवेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कौशल आधारित प्रशिक्षण ही विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख बनाएगा।
अछोटी स्थित डाइट भवन में आयोजित कार्यशाला में शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने व्यवसायिक शिक्षा की चुनौतियों व संभावनाओं पर कार्यशाला में शिक्षको से विस्तृत चर्चा किये। उन्होंने कहा कि रोजगारमुखी शिक्षा और आधुनिक कौशल विकास को पाठ्यक्रम से जोड़ने की दिशा में यह कार्यशाला एक महत्वपूर्ण पहल है।केबिनेट मंत्री श्री यादव कहा की नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही कौशल शिक्षा, प्रायोगिक अधिगम, डिजिटल साक्षरता और व्यवसायिक प्रशिक्षण से जोड़ने की व्यवस्था की गई है, जिससे भविष्य में युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे।इस अवसर पर प्राचार्य डाइट श्री पी. सी. मर्कले, डॉ. शिशिरकला भट्टाचार्य, श्रीमति संध्या शर्मा, डॉ. नीलम दुबे, डॉ. वंदना सिंह, डॉ. एच के साहू सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। -
मिर्रीटोला, कनेरी, गुरूर, धनोरा, सांकरा क धान खरीदी केन्द्रों में मूलभूत सुविधा, धान की गुणवत्ता, अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति एवं उनके कार्यों का किया पड़ताल
खरीदी में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा किसानों के वास्तविक रकबे के आधार पर ही धान की खरीदी करने के दिए निर्देशबालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के गुरूर एवं बालोद विकासखण्ड के विभिन्न धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर वहाँ के संपूर्ण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने गुरूर विकासखण्ड के मिर्रीटोला, कनेरी, गुरूर, धनोरा एवं बालोद विकासखण्ड के सांकरा क धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर वहाँ मूलभूत सुविधाओं की उलपब्धता किसानों द्वारा बिक्री हेतु लाए जाने वाले धान की गुणवत्ता, धान खरीदी केन्द्रों के संचालन हेतु नियुक्त किए गए अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति एवं उनके कार्यों का गहनता से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने सभी धान खरीदी केन्द्रों में अपने धान की बिक्री हेतु आने वाले किसानों के लिए पेयजल, बैठक एवं छांव इत्यादि व्यवस्थाओं के अवलोकन के अलावा ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को किसानों के लिए शौचालय आदि सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने समिति प्रबंधक तथा मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को केवल गुणवत्तायुक्त धान की खरीदी करने के अलावा केवल वास्तविक किसानों के वास्तविक रकबे के आधार पर ही धान की खरीदी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम बालोद श्री नूतन कंवर, एसडीएम गुरूर श्री आरके सोनकर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री आरके राठिया, जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसी ठाकुर सहित तहसीलदार गुरूर श्री हनुमंत श्याम, तहसीलदार बालोद श्री आशुतोष शर्मा के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं कृषकगण उपस्थित थे।इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी केन्द्रों के नोडल अधिकारियों, समिति प्रबंधकों एवं निगरानी समितियों में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों से अब तक की कुल धान खरीदी तथा इस वर्ष धान खरीदी हेतु निर्धारित लक्ष्य तथा धान की पैदावार की जानकारी सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने धान खरीदी पंजी का अवलोकन कर धान की नमी जाँच का संधारण एवं किसानों से खरीदे गए कुल धान की मात्रा आदि की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होेंने धान खरीदी केन्द्रों में बारदानों की समुचित उलपब्धता एवं अवैध धान की खरीदी की रोकथाम के उपाय के संबंध में भी जानकारी ली। कलेक्टर ने समिति प्रबंधकों, नोडल अधिकारियों तथा निगरानी दल में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों को प्रतिदिन सुबह 08 बजे धान खरीदी केन्द्रों में उपस्थित होकर धान खरीदी के कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में किसानों द्वारा बिक्री हेतु लाए गए धान का भी अवलोकन किया। इस मौके पर श्रीमती मिश्रा ने किसानों द्वारा बिक्री हेतु लाए गए धान को नमी मापक यंत्र के माध्यम से धान की नमी जाँच करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने धान बिक्री हेतु उपस्थित कृषकों का किसान पुस्तिका का भी अवलोकन किया।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने किसानों को साफ-सूथरे एवं गुणवत्तायुक्त धान ही बिक्री के लिए धान खरीदी केन्द्रों में लाने की समझाईश दी। इस दौरान उन्होेंने धान खरीदी केन्द्रों के गोदामों में पहुँचकर वहाँ उपलब्ध बारदानों का भी अवलोकन किया। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने किसानों को धान खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था एवं अन्य जरूरी सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए किसानों के पंजीयन हेतु 19 नवंबर से 25 नवंबर तक का अतिरिक्त समय दिया गया है। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने के लिए शेष रह गए कृषक धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर अपना पंजीयन करा सकते हैं। उन्होंने समिति प्रबंधकों एवं मौके पर उपस्थित अधिकारियों को समुचित प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने समिति प्रंबधक एवं अधिकारी-कर्मचारियों से आज जारी किए गए टोकन की संख्या तथा रकबा समर्पण आदि के कार्यों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने रकबा समर्पण के कार्य को आज से ही प्रारंभ करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को सभी धान खरीदी केन्द्रों में धान की औसत उपज की ग्रामवार सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि खरीदी की जाने वाली धान में नमी का प्रतिशत 17 प्रतिशत से अधिक नही होना चाहिए। कलेक्टर ने अधिकारी-कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में कोचियों, दलालों आदि की धान की खरीदी न की जाए। उन्होंने अधिकारियों को धान के अवैध बिक्री एवं खरीदी की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। -
सभी चेक पोस्टों में समुचित अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के दिए निर्देश
बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने तथा इस दौरान धान की अवैध खरीदी, बिक्री एवं परिवहन पर रोक लगाने हेतु जिले में आवश्यकतानुसार चेक पोस्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत उन्होंने डौण्डी विकासखण्ड के मरकाटोला, डौण्डी एवं कुसुमकसा के मानपुर चैक में स्थित वन विभाग के नाकों के अलावा राजनांदगांव जिले के सीमा पर स्थित डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम रानीतराई में चेक पोस्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। जिससे कि धान की अवैध परिवहन आदि की सतत निगरानी की जा सके। श्रीमती मिश्रा ने इन सभी चेक पोस्टों में समुचित अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर 24 घण्टा निगरानी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए है। -
बालोद/जल संचय, जन भागीदारी अभियान अंतर्गत बालोद जिले में हुए उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को सम्मानित की जाने पर सिटी प्रेस क्लब बालोद के सदस्यों ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर बधाई दी। साथ ही इसी तरह से अन्य क्षेत्रों में भी बालोद जिला हमेशा उत्कृष्ट स्थान बनाता रहे इसके लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी। ज्ञात हो कि देश के पूर्वी जोन में शामिल बालोद जिले को बेस्ट परफाॅर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जिले को इसके लिए 02 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि भी मिली है। इस पुरस्कार को प्राप्त कर गुरुवार को कलेक्टर श्रीमती मिश्रा बालोद कलेक्ट्रेट अपने कार्यालय पहुंची। जहां सिटी प्रेस क्लब के सदस्यों ने उनसे मुलाकात की। इस अवसर पर सिटी प्रेस क्लब अध्यक्ष टीकम पिपरिया, मोइन खान उपाध्यक्ष, प्रकाश उपाध्याय महासचिव, जुनैद कुरैशी कोषाध्यक्ष, हरिवंश देशमुख सहसचिव, बोधन भट्ट मिडिया प्रभारी, तिलक देशमुख सह मिडिया प्रभारी, केशव सिन्हा प्रवक्ता, जितेन्द्र साहू सलाहकार, निलेश श्रीवास्तव सलाहकार आदि उपस्थित रहे।इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बालोद जिले को प्राप्त इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय संपूर्ण बालोद जिले के पत्रकारों सहित संपूर्ण जिलेवासियों को दिया है।
- -मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा से ग्रामीणों में खुशी की लहररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की जनहितकारी सोच एवं मंशानुरूप परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर ब्लॉक में ग्रामीण बस सेवा के तहत नई बसों का शुभारंभ किया गया। उल्लेखनीय है कि परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर, सुगम और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने का लक्ष्य लगातार साकार हो रहा है। उनकी प्राथमिकता हमेशा से अंतिम व्यक्ति तक शासकीय सुविधाएं पहुँचाना रही है। ग्रामीण बस सेवा इसी संकल्प का प्रभावी उदाहरण है, जिसने गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान की है।नई बस सेवा शुरू होने से भरतपुर एवं आसपास के गांवों के विद्यार्थियों, महिलाओं, मजदूरों तथा आम लोगों को अब नियमित और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सकेगी। अब विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुँचने में आसानी होगी, महिलाएं बिना परेशानी अस्पताल, बाज़ार और आवश्यक कामों के लिए अपने गंतव्य तक सुगमता से यात्रा कर सकेंगी, वहीं मजदूर वर्ग को रोजगार स्थलों तक पहुंचने में समय और सुविधा दोनों मिलेंगी।इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में बसों को हरी झंडी दिखाकर उनके निर्धारित मार्गों पर रवाना किया गया। बसों के प्रस्थान के साथ ही ग्रामीणों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल रहा। लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा उनकी वास्तविक जरूरतों को पूरा करती है।यह बस सेवा केवल परिवहन व्यवस्था का विस्तार नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, गांव और शहर के बीच संपर्क बढ़ेगा तथा विकास की गति और तेज होगी। मुख्यमंत्री श्री साय की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्र अब सुविधाओं और विकास के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य, जनपद सदस्य सुखलाल मरावी, नगर पंचायत अध्यक्ष कौशल पटेल, उपाध्यक्ष निलेश मिश्रा, जनपद सीईओ, परिवहन अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -गुणवत्ता पर नाराजगी, पुनः निर्माण और कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देशरायपुर । महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के धरसेड़ी-कर्री-कुप्पी मार्ग पर लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित सड़क और पुलिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने नव-निर्मित सड़क की गुणवत्ता, सामग्री के उपयोग तथा संपूर्ण निर्माण प्रक्रिया का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि सड़क के कई हिस्सों में निर्माण मानकों का समुचित पालन नहीं किया गया है और कार्य अभी भी अधूरा है। इस पर उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को पूरे मार्ग का पुनः निर्माण मानक गुणवत्ता के साथ कराने तथा निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें आमजन की जीवनरेखा हैं, जिस पर आवागमन, एम्बुलेंस सुविधा, बच्चों की स्कूल पहुँच और आवश्यक सेवाओं की निर्भरता होती है। इसलिए कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, ओड़गी क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय की किसान हितैषी नीतियों से धान खरीदी प्रक्रिया हुई सहजरायपुर। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान हितैषी नीतियों और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के कारण पूरे राज्य के धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों का उत्साह देखने को मिल रहा है। बलरामपुर जिले के बड़कीमहरी धान खरीदी केंद्र में किसानों ने समर्थन मूल्य के साथ अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि से मिल रहे लाभ पर प्रसन्नता व्यक्त की है।शासन द्वारा इस वर्ष किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल (समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना सहित) की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी की जा रही है। ग्राम नवाडीहकला के किसान श्री बरथोलोमी एक्का ने बताया कि वे 10 एकड़ में खेती करते हैं और इस वर्ष बेहतर पैदावार हुई है। वे कुल 295 क्विंटल धान विक्रय कर रहे हैं, जिसमें से 28 क्विंटल का टोकन उन्होंने मोबाइल ऐप के माध्यम से प्राप्त किया और आज उसी के तहत धान बेचने केंद्र पहुँचे।किसान श्री एक्का ने बताया कि धान उपार्जन केंद्र बड़कीमहरी में आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे खरीदी प्रक्रिया सहज और निरंतर चल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से धान का बेहतर मूल्य मिलने के कारण उन्होंने अपने खेतों में सिंचाई व्यवस्था का विस्तार किया है, जिससे खेती के लिए पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान केंद्रित नीतियों के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कृषक उन्नति योजना के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। प्रदेशभर में किसानों से धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है और शासन द्वारा निरंतर निगरानी के साथ किसानों के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा कोरबा जिले के विकासखण्ड-पाली के अंतर्गत उतरदा जलाशय योजना के लिए 8 करोड़ 41 लाख 74 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इस योजना के कार्य पूरा हो जाने पर करीब 154 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन द्वारा योजना के कार्य कराने मुख्य अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग को पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
- -आंगनबाड़ी भवन निर्माण में मनरेगा ने निभाई अहम भूमिकारायपुर ।छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में आंगनबाड़ी सेवाओं का व्यापक सुदृढ़ीकरण ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में बच्चों के समग्र विकास का मजबूत आधार बन रहा है। प्रारंभिक शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सुरक्षा और अनुशासन की नींव रखने वाले आंगनबाड़ी केंद्र अब आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर नौनिहालों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं।पिछले एक दशक में महात्मा गांधी नरेगा और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वित प्रयासों से जिले में 148 नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण पूरा किया गया है। इस मॉडल ने हजारों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण और शिक्षा गतिविधियों से जोड़कर उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं।वनांचल क्षेत्र सोनहत में 26 और बैकुण्ठपुर क्षेत्र में 122 नए आंगनबाड़ी भवन तैयार किए गए हैं। सोनहत में 133 लाख रुपये और बैकुण्ठपुर में 9 करोड़ 9 लाख रुपये से अधिक की राशि मनरेगा से स्वीकृत की गई। नए मानक के अनुसार प्रति भवन 11.69 लाख रुपये की लागत निर्धारित है, जिसमें 8 लाख रुपये मनरेगा से उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्ष 2024 से पूर्व स्वीकृत भवनों की लागत 6.45 लाख रुपये थी, जिसमें 5 लाख रुपये मनरेगा से प्रदान किए जाते थे।विभागीय मांग के आधार पर जनपद पंचायतों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जाती है। प्रत्येक भवन का निर्माण ग्राम पंचायतों की देखरेख में गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कराया जाता है।कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने हाल ही में सोनहत के लिए 2 नए आंगनबाड़ी भवन और बैकुण्ठपुर के लिए 23 नए भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी है। सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।कोरिया जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों का यह सुदृढ़ विस्तार बाल विकास के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रहा है, जो ग्रामीण नौनिहालों को बेहतर भविष्य की मजबूत नींव प्रदान कर रहा है।
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कलेक्टर श्रीमती के कुशल नेतृत्व में जल संचय, जन भागीदारी अभियान अंतर्गत बालोद जिले में हुए उल्लेखनीय कार्यों के फलस्वरूप जिले को मिली इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की भूरी-भूरी सराहना की
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों सहित संपूर्ण जिले वासियों को दियाबालोद/राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा ’जल संचय, जन भागीदारी’ अभियान के अंतर्गत बालोद जिले में हुए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित होेने के पश्चात वापस जिले में आगमन पर जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने कलेक्टर श्रीमती मिश्रा की कुशल नेतृत्व में ’जल संचय, जन भागीदारी’ अभियान के तहत बालोद जिले में उल्लेखनीय कार्यों की भूरी-भूरी सराहना भी की। अधिकारी-कर्मचारियों ने कहा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत जिले में हुए बेहतरीन कार्यों के फलस्वरूप बेस्ट परफाॅर्मिंग जिले के रूप में बालोद जिले के प्रथम स्थान प्राप्त होेने का गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस कार्य को सफलतापूर्वक संपादित करने में हमारे टीम लीडर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा का सतत मार्गदर्शन, प्रेरणा के साथ-साथ लक्ष्य को हासिल करने के लिए सटीक कार्य योजना बनाकर निर्धारित समयावधि में उसे कार्य रूप में परिणीत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिसके फलस्वरूप बालोद जिले को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के कर कमलों से सम्मानित होेने का गौरव प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि जल संचय, जन भागीदारी अभियान (जेएसजेबी 1.0) के तहत पूर्वी जोन मेें शामिल बालोद जिला को बेस्ट परफाॅर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होेने पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा मंगलवार 18 नवंबर को विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित 6वाँ राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड समारोह में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को सम्मानित किया गया है। इस अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा बालोद जिले में हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए बालोद जिले को 02 करोड़ रूपये का प्रोत्साहन राशि भी प्रदान किया गया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के आज संयुक्त जिला कार्यालय पहुँचने पर अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष एसडीएम गुण्डरदेही श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित जिला प्रशासन के सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।इस अवसर पर जिले के अधिकारी-कर्मचारियों ने संयुक्त जिला कार्यालय के प्रवेश द्वार पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा की आगवानी की और कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के आगमन के पश्चात् आत्मीय अभिनंदन एवं स्वागत करते हुए संयुक्त जिला कार्यालय स्थित उनके कक्ष तक ले गए। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के अधिकारी-कर्मचारियों के आत्मीय स्वागत से अभिभूत होकर बालोद जिले को मिले इस महत्वपूर्ण उलपब्धि का श्रेय इस कार्य से जुड़े सभी लोगों के अलावा जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों तथा जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं मीडिया कर्मियों सहित संपूर्ण जिलेवासियों को दिया है। उन्होंने कहा कि सभी के समवेत प्रयासों से जल संचय, जन भागीदारी अभियान (जेएसजेबी 1.0) के तहत पूर्वी जोन मेें शामिल बालोद जिला को बेस्ट परफाॅर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होेने के साथ-साथ देश के राष्ट्रपति के कर कमलों से सम्मानित होेने का अवसर प्राप्त हुआ है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बालोद जिले में जनहित के इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने के लिए इस कार्य में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से भागीदारी निभाने वाले प्रत्येक लोगों के प्रति विनम्र आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि आप सभी का कार्य तेजी से घटते भूजल स्तर की रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने तथा पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को जल संचय, जन भागीदारी अभियान (जेएसजेबी 2.0) के कार्यों के लिए पूरे मनोयोग से जुट जाने को कहा। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने तात्कालीन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक सहित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा जल संसाधन एवं वन विभाग, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना सहित इस कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा बालोद जिले को प्रदान किया गया प्रशस्ति पत्र भी भेंट किया। -
रायपुर/ संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने आज महासमुंद जिले के झलखम्हरिया, सम्हर और पिथौरा के धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी केन्द्रों में बारदाना, मॉइस्चर मशीन, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, सीसीटीवी, कंप्यूटर ऑपरेटर व्यवस्था सहित नागरिक सुविधाओं की जानकारी ली और उपस्थित किसानों से चर्चा भी की। श्री कावरे ने उपस्थित अधिकारीगण श्री रवि साहू अपर कलेक्टर, श्री सचिन भूतड़ा, एसडीएम एवं तहसीलदार को किसानों की समस्या को तुरन्त हल करने के निर्देश दिए।
धान खरीदी केंद्र के पश्चात श्री कावरे ने अवैध धान रोकने के लिए राज्य सीमा पर स्थापित चेकपोस्ट टेमरी का निरीक्षण किया और ड्यूटी से नदारद सैनिक को नोटिस देने के निर्देश दिए। -
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशन तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में सुचारू रूप से धान खरीदी चल रही है। इसी के अंतर्गत धरसीवां ब्लॉक के ग्राम नकटी एवं छेड़ीखेड़ी के किसानों ने लगभग 203 क्विंटल धान बेचा है | किसानों ने नियमानुसार धान खरीदी करने, प्रशासन द्वारा सभी सुविधाएं मुहैया करवाने एवं पारदर्शिता के साथ धान खरीदी का संचालन करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया ।
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*अवैध धान खरीदी एवं बेचने पर होगी कड़ी कार्यवाही :- कलेक्टर डॉ सिंह*
रायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेड क्रॉस सोसाइटी सभा कक्ष में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी धान उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने धान खरीदी की प्रगति और व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।कलेक्टर ने निर्देश दिया कि धान खरीदी केंद्रों पर हमाल की व्यवस्था, किसानों के लिए पानी, छांव में बैठने की व्यवस्था, मॉइश्चर मशीन सॉफ्टवेयर की जांच और सटीक कानून व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।डॉ. सिंह ने कहा कि अगर किसी भी प्रकार की अवैध धान खरीदी या बेचने की जानकारी मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। अवैध धान खरीदी पर अधिकारी विशेष नजर बनाए रखे।जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि सभी किसानों की एंट्री ऑनलाइन गेट पास सॉफ्टवेयर में होनी चाहिए और अगर आपके केंद्र में 15 से 20 टोकन कटते हैं, तो सभी टोकन की एंट्री अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर रोज इसकी समीक्षा की जाएगी, साथ ही अधिकारी सभी किसानों के फोटो के साथ गेट पास में एंट्री होना सुनिश्चित करें।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर सहित,एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, रायपुर एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
*कृषक श्री श्यामलाल ने धान खरीदी की अच्छी व्यवस्था के लिए जताया मुख्यमंत्री का आभार*
रायपुर/ प्रदेश में किसानों से समर्थन मूल्य में धान खरीदी की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश तथा कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में सभी उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे किसान उत्साह के साथ खरीदी केंद्र पहुंचकर अपना धान विक्रय कर रहे हैं।अपना धान बेचने आए अभनपुर ब्लॉक के ग्राम केन्द्री निवासी किसान श्री श्यामलाल साहू ने बताया कि उनके खेतों में अच्छी उपज हुई है और वे सुगमता से अपना धान बेच पा रहे हैं। श्री साहू ने 80 क्विंटल 80 किलोग्राम धान विक्रय किया। उन्होंने अपना टोकन ऑफलाइन प्राप्त किया और अगले दिन धान लेकर केंद्र पहुंचे। उन्होंने कहा कि केंद्र में सभी व्यवस्थाएँ बहुत अच्छी हैं और उन्होंने सुगमता से अपनी उपज का विक्रय किया। उन्होंने मुख्यमंत्री जी का आभार भी प्रकट किया।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार धान खरीदी को त्योहार की तरह मनाते हुए ज़िले में किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदा जा रहा है। -
रायपुर/ संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने आज महासमुंद जिले के झलखम्हरिया, सम्हर और पिथौरा के धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी केन्द्रों में बारदाना, मॉइस्चर मशीन, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, सीसीटीवी, कंप्यूटर ऑपरेटर व्यवस्था सहित नागरिक सुविधाओं की जानकारी ली और उपस्थित किसानों से चर्चा भी की। श्री कावरे ने उपस्थित अधिकारीगण श्री रवि साहू अपर कलेक्टर, श्री सचिन भूतड़ा, एसडीएम एवं तहसीलदार को किसानों की समस्या को तुरन्त हल करने के निर्देश दिए।
धान खरीदी केंद्र के पश्चात श्री कावरे ने अवैध धान रोकने के लिए राज्य सीमा पर स्थापित चेकपोस्ट टेमरी का निरीक्षण किया और ड्यूटी से नदारद सैनिक को नोटिस देने के निर्देश दिए। -
रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के जिला अस्पताल पंडरी और जिला अस्पताल बलौदाबाजार की इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) को भारत सरकार के राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर का गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिला अस्पताल पंडरी को प्रथम और जिला अस्पताल बलौदाबाजार को देश ती द्वितीय प्रमाणित लैब का प्रमाणपत्र दिया गया है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2024 से नवंबर 2025 के बीच राज्य की कुल 832 स्वास्थ्य संस्थाओं का राष्ट्रीय मानकों के आधार पर मूल्यांकन और प्रमाणीकरण किया गया है, जिनमें दंतेवाड़ा के दूरस्थ क्षेत्र चिंतागुफा जैसे दुर्गम इलाकों के स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि देश में पहली बार किसी राज्य में प्रयोगशालाओं की इतनी बड़ी और व्यवस्थित श्रृंखला का मूल्यांकन व प्रमाणीकरण हुआ है, जिसने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट स्थान दिलाया है। उन्होंने बताया कि दोनों प्रयोगशालाओं का मूल्यांकन भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नामित विशेषज्ञ मूल्यांकनकर्ताओं के दलों ने किया। अधिकारियों ने बताया कि पंडरी का मूल्यांकन इस वर्ष 10 सितंबर को जबकि बलौदाबाजार का मूल्यांकन 11 सितंबर को किया गया। उन्होंने बताया कि दोनों दलों ने लैब की कार्यप्रणाली, मरीज केंद्रित सेवाएं, गुणवत्ता नियंत्रण, समयबद्ध रिपोर्टिंग और सुरक्षा प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की, जिसमें पंडरी को 90 फीसदी और बलौदाबाजार को 88 फीसदी अंकों के साथ प्रमाणन प्राप्त हुआ। अधिकारियों ने बताया कि ‘इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब' की अवधारणा का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को एक ही छत के नीचे पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित सभी प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध हों। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक कार्यक्रम भारत सरकार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसके जरिए सरकारी अस्पतालों में गुणवत्ता सुधार को संस्थागत स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में निर्धारित ‘चेकलिस्ट' बेहद व्यापक है और प्रमाणन तभी मिलता है जब कोई संस्थान सभी मानकों पर सतत उत्कृष्टता प्रदर्शित करे। डॉ. प्रियंका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की दोनों प्रयोगशालाओं ने जिस दक्षता और अनुशासन के साथ सभी मापदंडों को पूरा किया है, वह राज्य के स्वास्थ्य तंत्र की मजबूती और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- रायपुर । राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के छत्तीसगढ़ आगमन पर अंबिकापुर में जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित समारोह में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने उन्हें भित्ती चित्र की पेंटिंग भेंट की। भित्ती कला चित्रकला का यह रूप है, जिसमें घर की दिवारों पर उभरी हुई आकर्षक आकृतियों का प्रदर्शन होता है।
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- राजस्व, खाद्य, मंडी विभाग के संयुक्त दल द्वारा 25 लाख 42 हजार रूपए के 820 क्विंटल धान किया गया जप्त
- अब तक जिले में कोचियों और बिचौलियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए 55 लाख 92 हजार 400 रूपए मूल्य के 1804 क्विंटल धान एवं 2 वाहन जप्ति की कार्रवाई की गई
- जिले में अंतर्राज्यीय अवैध धान आवक के रोकथाम हेतु लगाई गई ड्यूटी
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान बिक्री के रोकथाम के लिए कोचियों एवं बिचौलियों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में राजस्व, खाद्य, मंडी विभाग के संयुक्त दल द्वारा आज 25 लाख 42 हजार रूपए के 820 क्विंटल (2050 कट्टा) धान जप्त किया गया।
उल्लेखनीय है कि धान उपार्जन केन्द्र खुर्सीपार में ग्राम सेम्हरा के कोचिया व बिचौलिया स्वयं के उपज का फसल कटाई किये बिना, ग्रीष्मकालीन धान को खरीफ फसल के साथ मिलाकर खपाने का प्रयास किया जा रहा था। जिसे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डोंगरगढ़ द्वारा जप्त कर प्रकरण दर्ज किया गया। अब तक जिले में कोचियों और बिचौलियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए 55 लाख 92 हजार 400 रूपए मूल्य के 1804 क्विंटल (4510 बोरी) धान एवं 2 वाहन की जप्त की जा चुकी है। राजनांदगांव अनुविभाग में 18 लाख 56 हजार 900 रूपए मूल्य के 599 क्विंटल (1500 बोरा) धान एवं डोंगरगढ़ अनुविभाग में 30 लाख 41 हजार 100 रूपए मूल्य के 981 क्विंटल (2452 बोरा) धान तथा डोंगरगांव अनुविभाग में 55 लाख 92 हजार 400 रूपए मूल्य के 1804 क्विंटल (4510 बोरा) धान जप्त किया गया है। जप्त धान एवं वाहन को धान खरीदी अवधि के बाद ही मुक्त किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी ने बताया कि कोचियों एवं बिचौलियों पर आगे भी लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। जिले के 1500 छोटे एवं बडे मंडी अनुज्ञप्तिधारियों को सूचीबद्ध कर अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार एवं खाद्य व मंडी के अधिकारियों को जांच कर अवैध रूप से भंडारित धान जप्त किए जाने तथा सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिये गये है। जिले में अंतर्राज्यीय अवैध धान आवक के रोकथाम हेतु जिले में कुल 3 अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट बोरतलाब, पाटेकोहरा एवं कल्लूबंजारी स्थापित किया गया है। जहां पर मंडी, नगर सेना, वन विभाग एवं राजस्व के अधिकारियों द्वारा तीन पालियों में 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। - -मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेंट की धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की बस्तर आर्ट प्रतिमारायपुर / जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम में एक प्रेरक एवं गरिमामय क्षण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बस्तर आर्ट में निर्मित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की। यह प्रतिमा जनजातीय विरासत, शौर्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक मानी जाती है।मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा भेंट की गई यह मूर्ति भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान और जनजातीय समाज की गौरवपूर्ण परंपराओं को सम्मानपूर्वक स्मरण कराने वाला एक सशक्त प्रतीक है। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद दर्शकों ने इस भावनात्मक क्षण का गर्मजोशी से स्वागत किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की समृद्ध परंपराओं, कला, इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में उनके अप्रतिम योगदान को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज की विरासत, संस्कृति और अमूल्य योगदान को संजोने, संरक्षित करने और सशक्त रूप से आगे बढ़ाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा संकल्प है कि आदिवासी समाज के स्वाभिमान को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जाए, ताकि उनकी गौरवशाली पहचान आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बने।
- -20 नवंबर को 9 लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदा गयारायपुर / राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला जोर पकड़ने लगा है। धान खरीदी के 6वें दिन 20 नवंबर को किसानों से समर्थन मूल्य पर 9,00,615 क्विंटल धान खरीदा गया। राज्य में 15 नवंबर से लेकर 20 नवंबर तक कुल 23,66,958 क्विंटल धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा चुकी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। इसके लिए मार्कफेड द्वारा अपेक्स बैंक को 214.18 करोड़ रूपए जारी कर दिए गए हैैं। यहां यह बता दें कि राज्य के किसानों से क्रय किए गए धान के मूल्य भुगतान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी पहले से दे रखी है। धान खरीदी की व्यवस्था पर निगरानी के लिए सभी केन्द्रों में अधिकारी तैनात किए गए हैं। राज्य स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारी लगातार दौरा कर धान खरीदी एवं केन्द्रों की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बाहर से धान की आवक की रोकथाम के लिए चेकपोस्ट पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। जगह-जगह मॉलवाहकों की औचक जांच भी की जा रही है। किसानों का कहना है कि धान खरीदी के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई टोकन तुंहर एप्प की ऑनलाईन व्यवस्था से टोकन प्राप्त करने और धान बेचने में आसान हो रही है। यहां यह उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन सीजन 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए राज्य के 26.50 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीकृत धान का रकबा 29.27 लाख हेक्टेयर है।








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