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- 0- महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में बच्चों के लिए प्रेरक आयोजनरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में सोमवार, 10 नवंबर को नेत्रदान पर सेमिनार का आयोजन किया गया। मंडल की नेत्रदान- देहदान समिति के प्रभारी विक्रम हिशीकर ने बच्चों को नेत्रदान का महत्व बताने के लिए उनकी आंखों में पट्टी बांधी और फिर जीवन की कल्पना कराई। शिक्षिका आराधना लाल ने बताया कि विक्रम हिशीकर ने सबसे पहले बच्चों से सबसे बड़े दान के बारे में पूछा तो बच्चों ने जवाब दिया धन का दान। इस पर उन्होंने कहा कि इस दान को कभी कोई याद नहीं रखता। इसके पश्चात उन्होंने एक बच्ची की आंखों पर पट्टी बांधकर उसे अपनी आंखों के महत्व और आवश्यकता का आभास कराया। साथ ही यह भी बताया कि नेत्रदान से बड़ा कोई दान नहीं है।उन्होंने छोटे- छोटे गिफ्ट चॉकलेट, पेन आदि के माध्यम से बच्चों का सेमिनार में प्रतिभागिता सुनिश्चित की और बच्चों को यह भी एहसास कराया कि अभी इस उम्र आपको नेत्रदान नहीं करना है क्योंकि आप अभी बहुत छोटे हो। परंतु आपको दूसरों को नेत्रदान करने के लिए प्रोत्साहित जरूर करना है। इसका महत्व अपने पड़ोस व रिश्तेदारों को बताना है। उन्होंने बच्चों को बताया कि नेत्रदान मृत्यु पश्चात छह से आठ घंटे के भीतर ही किया जाता है। जैसी ही किसी नेत्रदान करने के इच्छुक व्यक्ति का निधन होता है तो तत्काल ‘आई मैन' को बुलाना चाहिए। मृत व्यक्ति की आंखों पर गीली पट्टी रख देनी चाहिए। विक्रम ने शिक्षकों से भी बात की और उन्हें भी नेत्रदान के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम का संचालन आराधना लाल ने किया। विक्रम हिशीकर का सूत माला से स्वागत राहुल वोडितेलवार ने और स्कूल का स्मृति चिन्ह तृप्ति अग्निहोत्री ने दिया। इस कार्यक्रम में प्राचार्य मनीष गोवर्धन सहित अनेक शिक्षक- शिक्षिकाएं उपस्थित थे।
- बालोद. जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी ने आज जिले के गुंडरदेही विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों का निरिक्षण कर शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवरी ख के निरीक्षण के दौरान बोर्ड कक्षा के बच्चों से चर्चा की तथा आवश्यक जानकारी भी बच्चों की दी। उन्होंने वहां प्राचार्य द्वारा की गई छमाही एवं बोर्ड परीक्षा की तैयारियो की समीक्षा भी की। उन्होंने प्राचार्य द्वारा दिशानिर्देशो का पालन नहीं करते हुए आज पर्यंत तक कमजोर बच्चों के लिए मेंटर नहीं बनाए जाने के सम्बन्ध मे प्राचार्य को नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया है। उन्होंने जिन विषयो के पाठ्यक्रम पूर्ण नहीं हुए है एवं कठिन विषयो के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए।जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुंडरदेही के निरिक्षण के दौरान प्राचार्य द्वारा मेंटर शिक्षकों को बच्चों को उचित गाइडेंस देने के लिए निर्देशित किया गया। प्राचार्य सहित सभी शिक्षकों को ब्लू प्रिंट के आधार पर तैयारी करवाने के निर्देश दिए गए। प्राचार्यो को बच्चों की उपस्थिति नियमित करने के लिए पालको से संपर्क करने के निर्देश दिए गए। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी गुंडरदेही का भी निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रद्धा ठाकुर एवं बी आर सी सी किशोर साहू भी उपस्थित रहे।
- - सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश को एकता के सूत्र में आबद्ध करने का किया महत्वपूर्ण कार्य- देश के पहले उप प्रधानमंत्री भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम से यूनिटी मार्च का किया गया आयोजन- जज्बे एवं उत्साह के साथ निकाली गई रैलीराजनांदगांव । देश के पहले उप प्रधानमंत्री भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम से यूनिटी मार्च का आयोजन किया गया। देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहाद्र्र के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मृति में जज्बे एवं उत्साह के साथ जनप्रतिनिधियों, युवाओं एवं नागरिकों की रैली अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम से गौरवपथ से होते हुए स्वामी विवेकानंद चौक, डॉ. भीमराव अम्बेडकर चौक होते हुए गुरूद्वारा में समाप्त हुई। भारत माता की जय, सरदार पटेल अमर रहे, वंदे मातरम् के उद्घोष के साथ ढोल-मंजीरे की मंगल ध्वनि से रैली निकाली गई। यूनिटी मार्च के समापन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आजादी के बाद देश को एकता के सूत्र में आबद्ध करने का महत्वपूर्ण कार्य लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने किया। सरदार पटेल के अवदानों को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के पहले 565 रियासतें थी, जिसकी अलग-अलग ध्वज और पहचान थी। अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से सरदार पटेल ने देश के रियासतों का एकीकरण किया। आने वाली पीढ़ी के लिए उनका जीवन एवं आदर्श प्रेरणादायक एवं मार्गदर्शी है। उन्होंने सामाजिक सौहार्द्र तथा देश की एकता व अखंडता को मजबूती प्रदान की है। सरदार पटेल का यह संदेश कि हम एक है, तो देश का विकास है, जन-जन तक पहुंचे। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी को आत्मनिर्भर भारत तथा नशा मुक्त भारत की शपथ दिलाई।सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश के एकीकरण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने जूनागढ़, हैदराबाद सहित विभिन्न रियासतों का भारत में एकीकरण किया। लौह पुरूष सरदार पटेल का जीवन संघर्षों में बीता। उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। सरदार पटेल ने आत्मनिर्भर भारत, एक भारत श्रेष्ठ भारत का नारा दिया। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव की धरती सरदार पटेल के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रही है। आने वाली पीढ़ी के लिए उनका कार्य एवं योगदान पथ प्रदर्शक है।महापौर श्री मधुसूदन यादव ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर उन्हें याद करते हुए कहा कि वे देश के पहले उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री थे। उन्होंने देश के एकीकरण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया तथा समर्पित भाव से देश की सेवा की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल श्री नीलू शर्मा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल श्री योगेशदत्त मिश्रा, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री खूबचंद पारख, श्री विनोद खांडेकर, श्री रामजी भारती, श्री सचिन बघेल, श्री रमेश पटेल, श्री संतोष अग्रवाल, श्रीमती गीता साहू, श्री सुरेश एच लाल, श्री सौरभ कोठारी, श्री भावेश बैद, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, जिला खेल अधिकारी श्री ए एक्का, डीसी श्री अभिषेक तिवारी, डीसी अंकित चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी, खिलाड़ी, विद्यार्थी एवं नागरिकगण उपस्थित रहे।
- -सरगुजा के 8893 किसानों को मिला लाभ-बहुफसली खेती से रोजगार में हुई वृद्धिरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की सौर सुजला योजना खेती में ऊर्जा की बाधा दूर कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रही है। सूर्य ऊर्जा आधारित सिंचाई पंपों की स्थापना से किसानों को अब निर्बाध सिंचाई सुविधा मिल रही है, जिससे खेती का रकबा बढ़ा है और किसानों की आमदनी में लगातार वृद्धि हो रही है।वर्ष 2016-17 से प्रारंभ इस योजना के अंतर्गत सरगुजा जिले के 8893 किसानों को अब तक सौर पंपों का लाभ प्राप्त हुआ है। इन पंपों से किसानों की बिजली पर निर्भरता समाप्त हुई है, लागत घटी है और उत्पादन क्षमता बढ़ी है। उप संचालक कृषि श्री पीताम्बर सिंह दीवान ने बताया कि सौर पंप मिलने से वर्षभर सिंचाई संभव हो पाई है, जिससे द्विफसली और बहुफसली खेती का दायरा बढ़ा है।सौर सुजला योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कम से कम 1 एकड़ भूमि होना आवश्यक है। इच्छुक किसान बी-1, खसरा, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, दो पासपोर्ट फोटो, जल स्त्रोत का फोटो, सरपंच की अनापत्ति प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र सहित अपने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।किसानों के लिए 2 एचपी, 3 एचपी और 5 एचपी क्षमता के सौर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिन पर वर्गवार अंशदान निर्धारित है। 2 एचपी पंप पर अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति किसानों का अंशदान 5000 रुपए, अन्य पिछड़ा वर्ग का 9000 रुपए और सामान्य वर्ग का 16000 रुपए है। 3 एचपी पंप पर अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति ₹7000, अन्य पिछड़ा वर्ग ₹ 12000 और सामान्य वर्ग 18000 रुपए, वहीं 5 एचपी पंप पर अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति 10000, अन्य पिछड़ा वर्ग 15000 और सामान्य वर्ग 20000 रुपए अंशदान देय है। इसके अतिरिक्त 4800 रुपए प्रोसेसिंग शुल्क जमा करना होता है।लखनपुर विकासखण्ड के ग्राम ईरगंवा निवासी कृषक श्री लबेद सिंह ने बताया कि पहले वे अपनी 2.665 हेक्टेयर भूमि में केवल धान की खेती कर पाते थे, लेकिन सौर पंप लगवाने के बाद अब वे धान के साथ दलहन, तिलहन, सब्जियां, फलदार वृक्ष और फूलों की खेती भी कर रहे हैं। साथ ही मछली पालन से उनकी आय में और वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सौर सुजला योजना से उनका कृषि व्यवसाय मजबूत हुआ है और वे शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।सौर सुजला योजना की निरंतर प्रगति से सरगुजा सहित प्रदेश के अन्य जिलों में कृषि उत्पादन, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा और दिशा मिल रही है।
- -मंत्री श्री यादव कंडोरा में आयोजित गोकुलाष्टमी पूजा महोत्सव 2025 में बतौर मुख्य अतिथि हुए शामिल-मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सामुदायिक भवन, सोलर लाइट की घोषणा की-कार्यक्रम में आए कीर्तन मंडली को स्वेच्छानुदान राशि देने की भी घोषणारायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य विभाग मंत्री श्री गजेन्द्र यादव आज महाकुल यादव समाज के तत्वावधान में ग्राम कण्डोरा में आयोजित गोकुलाष्टमी पूजा महोत्सव 2025 में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। महोत्सव के शताब्दी वर्ष में शामिल होकर मंत्री श्री यादव ने आयोजन के 100 वर्ष पूर्ण होने पर यादव समाज को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार मंत्री श्री यादव ने सामुदायिक भवन निर्माण एवं सोलर लाइट स्थापना की घोषणा की। साथ ही कार्यक्रम में आए कीर्तन मंडली को स्वेच्छानुदान राशि प्रदान करने की भी घोषणा की। कार्यक्रम की शुरुआत में मंत्री श्री यादव ने गौमाता की विधि विधान से पूजन कर प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इससे पहले यज्ञ नगर गोकुल धाम कंडोरा में मंत्री श्री यादव का हेलिकॉप्टर के माध्यम से आगमन हुआ। हेलीपैड पर जिला प्रशासन की तरफ से कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्वागत किया। साथ ही महाकुल यादव समाज के पदाधिकारियों ने पुष्प गुच्छ भेंटकर एवं संकीर्तन मंडली के सदस्यों ने मांदर की धुन पर थिरकते हुए बड़े उत्साह के साथ मंत्री श्री यादव का स्वागत किया। इस अवसर पर गोकुलाष्टमी पूजा महोत्सव कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्म श्री जगेश्वर राम यादव ने की। अति विशिष्ठ अतिथि के रूप में प्रान्ताध्यक्ष महाकुल यादव समाज श्री परमेश्वर यादव, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष जशपुर श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव, वरिष्ठ नागरिक श्री विक्रमादित्य सिंह जुदेव, श्री उपेन्द्र यादव, श्री सुनील गुप्ता सहित भारी संख्या में यादव समाज के पदाधिकारी एवं आम नागरिक मौजूद रहे।इस अवसर पर मंत्री श्री यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यादव समाज प्राचीन और गौरवशाली परंपरा के लिए जाना जाता है। गोकुल महोत्सव भगवान श्री कृष्ण की आराधना का पर्व है जिसे सभी समाज मिलजुलकर मनाते हैं। यह पर्व हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति आदर और सम्मान का भाव भी सिखाता है। यह उत्सव यादव सहित सभी समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करता हैं। उन्होंने समाज के सदस्यों को कहा की समाज को आगे लाने के लिए समन्वय एवं जागरूकता के साथ कार्य करना होगा। इसके लिए शासन की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक रहकर उनका लाभ लेने के लिए भी आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक सम्मेलनों में युवाओं को कृषि योजना, पशुपालन, उन्नत खेती एवं स्वरोजगार जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के प्रति जागरूक कर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। साथ ही सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं जैसे पीएम आवास, राशन कार्ड, मनरेगा, आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड एवं श्रमिक कार्ड आदि के बारे में जागरूक रहकर इन योजनाओं के लाभ लेने के लिए जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जशपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का गृह जिला है। प्रदेश सहित जशपुर जिले में भी लगातार विकास के कार्य किया जा रहे हैं। नालंदा परिसर, मेडिकल कॉलेज, फिजियोथैरेपी कॉलेज, ऑडिटोरियम, सत्य साईं हॉस्पिटल एवं मातृ शिशु अस्पताल भी जशपुर जिले में बनने जा रहा है। जिससे जिलेवासियों को निश्चित तौर पर अधिक बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने यादव समाज की आस्था एवं परंपरा को हमेशा बनाए रखने के लिए इष्ट देव भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति अपने घरों में रखने तथा लड्डू गोपाल को वस्त्र, भोग एवं स्नान करने की भी अपील की। जिससे भगवान के प्रति आस्था और विश्वास बढ़ेगी। साथ ही समाज के सदस्यों को उनका आशीर्वाद मिलता रहेगा। इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय ने कहा की गोकुल अष्टमी का पर्व सभी समाज का पर्व है। इसे सभी समाज के लोग मिलजुल कर मनाते हैं। साथ ही महोत्सव में एक साथ समय व्यतीत करते हैं, इससे सामाजिक सौहार्द्र एवं संस्कृति का विस्तार होता है।आयोजन समिति ने सदस्यों ने बताया कि आस्था, एकता और संस्कृति का अद्भुत संगम के लिए गोकुल महोत्सव के आयोजन की भव्य तैयारी की गई। गोकुलाष्टमी पूजा महोत्सव का यह शताब्दी वर्ष यादव समाज के लिए गर्व और श्रद्धा का अवसर है। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और समाज सेवा से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि यह आयोजन समाज की परंपरा, संस्कृति और भक्ति भावना का प्रतीक है। इस भव्य उत्सव में पूरे प्रदेश भर से हजारों श्रद्धालु और समाज जन शामिल हुए।
- रायपुर । एलडब्ल्यूई जिलों में विकास कार्यों और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एनसीएईआर के सर्वे के आधार पर केंद्रीय स्तर पर जिलों के बुनियादी ढांचा के अंतराल (गेप) के संबंध में संबंधित जिलों से संज्ञान लिया गया। बस्तर के जिलों के बुनियादी ढांचा विशेष रूप से सड़क एवं पुल-पुलिया, मोबाइल टावर की आवश्यकता, विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था, प्राथमिक विद्यालय भवन, विद्यार्थियों की उपस्थिति और मिडे मील की स्थिति, सीएचसी, पीएचसी-सीएससी भवन, स्वास्थ्य सेवा तथा मानव संसाधन, आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था और आजीविका के साधनों के विकास आदि विषयों के अंतराल के आंकलन एवं विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही इनके लिए केंद्र सरकार स्तर से प्राप्त होने वाले बजट के संबंध में चर्चा किया गया।बैठक में संयुक्त सचिव (एलडब्ल्यूई) श्री राजीव कुमार ने कहा कि नक्सल मुक्त क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए आजीविका मिशन के अंतर्गत माइक्रो प्लानिंग करके कार्ययोजना तैयार करें। जिसमें स्थानीय जरूरत और उपलब्ध संसाधनों को जोड़कर बेहतर प्लान बनाएं।प्रमुख सचिव (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) निहारिका बारिक ने सभी जिलों से कार्ययोजना की प्लानिंग के संबंध में जानकारी ली और स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप स्पेशल प्रोजेक्ट बनाकर भेजने कहा। साथ ही कनेक्टिविटी के लिए सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण को गति देने हेतु प्लान कर टाइमलाइन में पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं अंदरूनी बसाहटों के विद्युतीकरण करने पर जोर दिया। उन्होंने आजीविका साधनों के विकास हेतु ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने सहित सर्विस सेक्टर में भी अधिकाधिक रोजगार सृजन के लिए प्लान तैयार किए जाने कहा।बैठक में सचिव (गृह विभाग) नेहा चम्पावत, एडीजी नक्सल ऑपरेशन श्री विवेकानन्द सिन्हा, आईजी (सीएएफ) श्री बीएस ध्रुव, आईजी बस्तर रेंज श्री सुंदरराज पी., प्रभारी कमिश्नर व कलेक्टर बस्तर श्री हरिस एस सहित बस्तर संभाग के सभी जिलों और मोहला-मानपुर जिला के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और जिला पंचायत सीईओ, सहित सभी विभागों के संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- -प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से ग्रामीण अंचलों में विकास की खुली नई राहेंरायपुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाय) से बेमेतरा जिले में सड़क निर्माण कार्यों ने ग्रामीण जीवन की दिशा और दशा दोनों ही बदल दी है।जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों तक अब पक्की सड़कों का जाल बिछ चुका है। गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के इस अभियान ने न केवल आवागमन सुगम बनाया है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय परिवर्तन लाया है।वर्ष 2011-12 में अविभाजित दुर्ग जिले के अंतर्गत बेमेतरा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत हुई थी। जिला गठन के बाद वर्ष 2012 से कार्यों में और अधिक तेजी आई। वर्तमान में जिले के सभी चार विकासखण्डों में स्वीकृत 149 सड़कों में सभी का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। अब तक निर्मित सड़कों की कुल लंबाई 615.96 किलोमीटर हो गई है।जिससे गांव-गांव तक पहुंचना अब आसान हो गया है। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में पीएमजीएसवाई के फेज-4 के अंतर्गत दो नई सड़कों की डीपीआर तैयार की जा रही है, जिनका उद्देश्य सभी एससी, एसटी बहुल ग्रामों को जोड़ना है। यह प्रयास सामाजिक और आर्थिक समरसता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सड़क निर्माण कार्यों को नई गति मिली है। सड़कें अब सिर्फ मार्ग नहीं रही हैं, बल्कि यह ग्रामीण अंचलों के सर्वांगीण विकास की रीढ़ बन चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पक्की सड़कों के कारण अब शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और बाजारों तक पहुंचना पहले से कहीं आसान हो गया है। वहीं किसानों को अपनी उपज मंडी तक पहुंचाने में भी काफी सुविधा मिली है। सड़क के जरिये विकास की ओर बढ़ते कदम, वास्तव में बेमेतरा जिले को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि साबित हो रहे हैं।
- रायपुर । दिव्यांगजनों के कल्याण और पुनर्वास को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य दिव्यांगजन कल्याण एवं पुनर्वास नीति-2025 के प्रारूप पर विचार–मंथन हेतु एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। यह कार्यशाला यूनिसेफ (UNICEF) के सहयोग से 18 नवंबर 2025 को प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:30 बजे तक रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित किया जाएगा।समाज कल्याण विभाग ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित करते हुए नीति के मसौदे पर सुझाव देने और सकारात्मक विचार प्रस्तुत करने का आग्रह किया है। इस कार्यशाला में नीति प्रारूप को और अधिक सक्षम एवं प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों के पुनर्वास, अधिकार–सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रोजगार अवसरों के विस्तार हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करना है। विभाग का मानना है कि यह नीति प्रदेश के दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधा एवं सुरक्षित भविष्य प्रदान करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया ने संचालक मंडल बैठक में दिव्यांगजनों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।बैठक में निगम द्वारा दिव्यांगजनों को दिए गए ऋण की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। राज्य शासन द्वारा निगम को 24.50 करोड़ रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है, जिसे राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम, नई दिल्ली को समय सीमा में वापस किया जाएगा।दिव्यांगजनों के कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु आत्मनिर्भर दिव्यांगजन संस्था को दुकान आवंटन और परियोजना स्वीकृति के प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे।इसके साथ ही 19 से 23 दिसंबर 2025 तक राज्य स्तरीय कौशल महोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें 1100 से अधिक दिव्यांगजन शामिल होंगे। दिव्यांगजनों के प्रकरणों को आधार से लिंक करने हेतु UIDAI के सहयोग से अभियान भी चलाया जाएगा, जिससे अधिकतम लाभार्थी शासकीय योजनाओं से जुड़ सकेंगे।बैठक में निगम के सदस्य श्री प्रदीप टंडन , श्री सुरेश कांकरिया ,श्रीमती जानकी गुप्ता, श्रीमती आरती त्रिवेदी , श्री प्रमोद जैन , कम्पनी सेक्रेटरी की टीम, चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट एवं निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
- -राज्यपाल मेन डेका संगोष्ठी का शुभारंभ करेंगे, मुख्यमंत्री श्री साय करेंगे अध्यक्षता-प्रदेश के कृषकों एवं कृषि कार्यकर्ताओं को प्राकृतिक खेती के बारे में मिलेगी जानकारीरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त तत्वाधान में कल 13 नवम्बर, 2025 को प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका इस संगोष्ठी का शुभारंभ करेंगे। शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम एवं इदिरा गांधी कृषि विश्विद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल उपस्थित रहेंगे। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में प्रातः 10 बजे से प्राकृतिक खेती पर आयोजित इस एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में कृषकों एवं कृषि विभाग के मैदानी कार्यकर्ताओं को प्राकृतिक खेती की अवधारणा, महत्व, इससे होने वाले लाभ तथा विधियों से अवगत कराया जाएगा।संगोष्ठी के दौरान तीन तकनीकी सत्रों का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें प्राकृतिक खेती के अनुभव, भारत में प्राकृतिक खेती की आवश्यकता एवं महत्व, प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटक, प्राकृतिक खेती का आधार- गौ पालन, प्राकृतिक खेती के लाभ, प्राकृतिक खेती के सिद्धांत एवं अवधारणा, प्राकृतिक खेती में पशुधन की उपयोगिता एवं महत्व तथा छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक खेती की संभावनाओं आदि विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा सारगर्भित जानकारी दी जाएगी, इसके साथ ही इदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों एवं नेशनल कॉलीशन फॉर नेचुरल फार्मिंग के विशेषज्ञों द्वारा प्राकृतिक खेती के संबंध में कृषकों एवं विभिन्न जिलों के नोडल अधिकारियों के साथ चर्चा कर उनकी जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
- -उपराष्ट्रपति के हाथों मिला 'ठाकुर प्यारे लाल सिंह राज्य अलंकरण पुरस्कार 2025'-सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने दी बधाईरायपुर। राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष के समापन समारोह में उपराष्ट्रपति श्री सी पी राधाकृष्णन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य सहकारिता विभाग का सर्वोच्च सम्मान “ठाकुर प्यारे लाल सिंह पुरस्कार 2025” भखारा शाखा की प्राथमिक साख सहकारी समिति, डोमा को प्रदान किया गया। इस सम्मान को समिति के सहकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, किसानों को सस्ती ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के योगदान के लिए दिया गया है।इस उपलब्धि पर सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने समिति के सभी सदस्यों, संचालक मंडल तथा कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता को ग्रामीण विकास, कृषि उत्पादन वृद्धि और किसानों की आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण माध्यम मानती है। सहकारी समितियाँ ग्रामीण क्षेत्रों में उर्वरक, बीज, आवश्यक कृषि साधन उपलब्ध कराकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा हैं।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री सहकारिता योजनाओं की भावना के अनुरूप “सहकार से समृद्धि” के लक्ष्य को आगे बढ़ा रहा है। सहकारी समितियों को डिजिटल भुगतान, भंडारण सुविधा, प्रसंस्करण इकाइयों और बहुद्देशीय सेवाओं से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण विकास को गति मिले और किसानों व आमजनों को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो।उल्लेखनीय है कि पुरस्कार प्राप्त प्राथमिक साख सहकारी समिति, डोमा द्वारा बेहतर ऋण वितरण, समय पर वसूली और किसान हित में पारदर्शी कार्यप्रणाली को इस सम्मान का प्रमुख आधार माना गया है। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, समिति सदस्य तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
- रायपुर । आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में पंजीकृत महासमुंद जिले के तीन निजी अस्पताल महानदी हॉस्पिटल महासमुन्द, सेवा भवन हॉस्पिटल ग्राम जगदीशपुर पिथौरा एवं अंबिका हॉस्पिटल ग्राम खरखरी सरायपाली द्वारा योजना के दिशा-निर्देशों का पालन न करने के कारण आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से 03 माह के लिये निलंबित किया गया है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि महानदी हॉस्पिटल महासमुन्द, सेवा भवन हॉस्पिटल ग्राम जगदीशपुर पिथौरा एवं अंबिका हॉस्पिटल ग्राम खरखरी सरायपाली में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत ईलाज की सुविधा नहीं मिलेगी। उन्होंने बताया कि योजना अंतर्गत पंजीकृत चिकित्सालयों में पात्रता अनुसार मरीज को चिकित्सकीय सुविधा निर्धारित पैकेज के तहत् नियमानुसार निःशुल्क प्रदान किया जाता है।योजना से पंजीकृत अस्पताल मरीजों का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार ईलाज नहीं करता या आयुष्मान कार्ड से निःशुल्क ईलाज करने से मना करता है, तो इसकी शिकायत तत्काल टोल फ्री नंबर 104 पर अथवा लिखित शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं खण्ड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में करें। साथ ही योजना संबंधी विस्तृत जानकारी टोल फ्री नंबर से प्राप्त कर सकते है।
- रायपुर, ।छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना आम जनजीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। बलरामपुर जिले के ग्राम जतरो की 70 वर्षीय श्रीमती वैशाखी कोडाकू को इस योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली 01 हजार रुपये की सहायता राशि ने उनके जीवन में संबल और आत्मनिर्भरता का संचार किया है।पहले श्रीमती वैशाखी कोडाकू को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों से उधार लेना पड़ता था, लेकिन अब नियमित आर्थिक सहायता मिलने से घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति सहज रूप से हो रही है। वह इस राशि का उपयोग फल-सब्जी खरीदने, छोटे घरेलू खर्चों और अन्य जरूरतों में कर पा रही हैं।उन्होंने बताया कि उम्र अधिक होने के कारण काम-धंधा करना कठिन हो गया है। सीमित क्षमता में वह घरेलू काम कर लेती हैं, लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उन्हें आर्थिक रूप से राहत प्रदान की है।श्रीमती कोडाकू कहती हैं कि महतारी वंदन योजना हमारे जैसी वृद्ध महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। हर माह राशि समय पर मिल जाती है, जिससे किसी पर आश्रित होने की आवश्यकता नहीं पड़ती।योजना से प्राप्त लाभ के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया।प्रदेश में महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू महतारी वंदन योजना से हजारों लाभार्थी महिलाएँ सम्मानजनक जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
- -बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई में हुआ सुधार-अब दो शिक्षक संवार रहे बच्चों का भविष्यरायपुर । युक्तियुक्तकरण नीति एक ऐसी व्यवस्था है जिसका उद्देश्य स्कूलों और शिक्षकों के बीच संतुलन स्थापित करना है। इसके तहत शिक्षकों को आवश्यकतानुसार विभिन्न स्कूलों में तैनात किया जाता है ताकि किसी भी स्कूल में शिक्षकों की कमी न हो और सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। यह नीति खासतौर पर उन ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में शिक्षा में सुधार लाने पर केंद्रित है, जहां पहले शिक्षकों की भारी कमी थी।बच्चों की पढ़ाई में निरंतर सुधारविकासखंड बिलाईगढ़ के शासकीय प्राथमिक शाला चचरेल में युक्तियुक्तकरण नीति लागू होने के बाद शिक्षा व्यवस्था में बहुत सुधार देखने को मिला है। कभी एकमात्र प्रधान पाठक के भरोसे संचालित यह विद्यालय अब दो शिक्षकों की उपस्थिति से नई ऊर्जा और उत्साह से भर गया है। विद्यालय में वर्तमान में 35 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिनकी उपस्थिति और रुचि दोनों में वृद्धि हुई है। पहले शिक्षकों की कमी के कारण न तो पढ़ाई सुचारू रूप से चल पा रही थी और न ही अभिभावक बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने में रुचि दिखा रहे थे। अब अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना से कक्षाओं का संचालन व्यवस्थित हुआ है और बच्चों की पढ़ाई में निरंतर सुधार हो रहा है।बच्चों के भविष्य के प्रति सकारात्मक बदलाव दिख रहा हैपालक नोहर सिंह ने बताया कि पहले एक शिक्षक होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, पर अब तीन शिक्षक होने से बच्चों का मन पढ़ाई में लगने लगा है। उन्होंने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब वे निश्चिंत होकर बच्चों को विद्यालय भेज रहे हैं। युक्तियुक्तकरण से बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए “सकारात्मक और दूरदर्शी निर्णय” बताया।युक्तियुक्तकरण शिक्षा के प्रति विश्वास और उम्मीद का संचार कर रही हैवहीं ग्रामीण नरसिंह नाग ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के बाद शिक्षण व्यवस्था में जो सुधार आया है, वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शिक्षक बच्चों को समर्पण भाव से पढ़ा रहे हैं और ग्रामीण भी समय-समय पर विद्यालय जाकर प्रगति की निगरानी कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की यह पहल न केवल विद्यालय बल्कि पूरे गांव में शिक्षा के प्रति विश्वास और उम्मीद का संचार कर रही है।
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-ऊर्जा उत्पादक बन चुका हैं जसविन्दर सिंह
रायपुर,। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना है जिसका उद्देश्य घरों में मुफ्त बिजली प्रदान करना है। इसके तहत छत पर सौर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी और आसान ऋण की सुविधा दी जाती है, जिससे लोग हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली पा सकते हैं और बिजली बिल में बचत कर सकते हैं।प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम उपभोक्ताओं को बिजली बिल के बोझ से राहत देने के साथ-साथ उन्हें ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा रही है। सारंगढ़ के रानीसागर निवासी जसविन्दर सिंह छाबड़ा ने इस योजना का लाभ उठाते हुए अपने घर की छत पर 6 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया है। स्थापना के बाद से उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। सितंबर माह में उनका बिल 9714 रुपए ऋणात्मक आया, यानी अब वे बिजली उपभोक्ता नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक बन चुके हैं।बिजली बिल की चिंता से मिली मुक्तिहितग्राही छाबड़ा बताते हैं कि पहले हर महीने 2500 से 3000 रुपए तक बिजली बिल देना पड़ता था, जो अब पूरी तरह बंद हो गया है। अब वही राशि, घर की जरूरतों और बचत में उपयोग कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब हमें बिजली बिल की कोई चिंता नहीं रहती। मैं इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।” उन्होंने बताया कि उन्हें योजना के तहत 3 किलोवॉट तक एक लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है और कम ब्याज दर पर बैंक ऋण सुविधा प्राप्त हुई, जिससे सोलर सिस्टम लगाना आसान हो गया।हरित ऊर्जा के उपयोग को मिल रहा है बढ़ावाभारत सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना देश के एक करोड़ घरों को मुफ्त बिजली प्रदान करने और उन्हें ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्रांतिकारी पहल है। इस योजना के तहत घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिनसे प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्राप्त की जा सकती है। सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है, जिससे नागरिकों को आर्थिक राहत के साथ-साथ स्वच्छ और हरित ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिल रहा है। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण संरक्षण को बल मिल रहा है। - रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा कोरबा जिले के विकासखण्ड- पाली के अंतर्गत उतरदा जलाशय योजना हेतु 8 करोड़ 41 लाख 74 हजार रूपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। योजना का कार्य कराने मुख्य अभियंता हसदेव कछार, जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
- रायपुर । मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न कार्यों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में जिला रायपुर के जी.ई. रोड पर गुरू तेज बहादुर उद्यान से नेताजी सुभाष चौक/गुरूनानक चौक तक फ्लाई ओव्हर निर्माण कार्य, राजनांदगांव जिले में स्थित मोहरा एनीकट में पेयजल हेतु चौकी एनीकट से मोहरा एनीकट तक पाईप लाईन के माध्यम से जल प्रदाय योजना के निर्माण कार्य और जशपुर जिले के पत्थलगाव में बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्वहन सिचाई योजना का निर्माण कार्य पर विस्तार से चर्चा हुई। इसी तरह से हसदेव बांगो परियोजना के अंतर्गत वृहद परियोजना अगमेण्टेशन के अंतर्गत परसाही दाबयुक्त उद्वहन सिंचाई परियेाजना कार्य और मड़वारानी बैराज निर्माण सह उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण कार्य के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।रायपुर जिले के विकासखण्ड आरंग में मोहमेला सिरपुर बैराज निर्माण कार्य और चपरीद एनीकट निर्माण के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। गरियाबंद जिले के पैरी परियोजना के अंतर्गत सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय लिंक नहर पाईप लाईन निर्माण कार्य के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। बिलासपुर जिले के खारंग जलाशय योजना की बांयी तट नहर के आवर्धन हेतु पाराघाट व्यपवर्तन योजना से उद्वहन फीडर सिंचाई के निर्माण कार्य के प्रस्ताव के साथ अन्य विषयों पर विस्तृत चर्चा के उपरांत अनुमोदित किए गए।बैठक में अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रमुख सचिव कृषि एवं किसान कल्याण श्रीमती शहला निगार, सचिव लोक निर्माण डॉ. कमलप्रीत सिंह, सचिव ऊर्जा विभाग श्री रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, सचिव जल संसाधन विभाग श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री भूवनेश यादव, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री भीम सिंह सहित आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
- -स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभाररायपुर। मनेंद्रगढ़ के स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर क्षेत्र को एक और सौगात मिली है। एमसीबी जिले के विकासखंड खड़गंवा की बरदर जलाशय योजना के नहर का जीर्णोद्धार कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति जल संसाधन विभाग की तरफ से दी गयी है। यह स्वीकृति 3 करोड़ 52 लाख रुपये की है। इस परियोजना के पूर्ण हो जाने से क्षेत्र की सिंचाई क्षमता बढ़कर 586 हेक्टेयर क्षेत्र तक पहुंच जाएगी। इससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है। वहीं मनेंद्रगढ़ की स्थानीय जनता ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए विधायक तथा कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रति आभार जताया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद कहा है कि नहर जीर्णोद्धार के कार्य से सिंचाई की क्षमता बढ़ेगी और क्षेत्र के किसानों को बेहतर फसलों के लिए एक नई दिशा मिलेगी।
- बिलासपुर/छत्तीसगढ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 के तहत इलेक्ट्रॉनिक-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) के माध्यम से रेत खदान की नीलामी के लिए 10 अक्टूबर 2025 को रेत खदान आबंटन हेतु ग्राम जरगा, ग्राम पंचायत कोनचरा हेतु एन.आई.टी. जारी किया गया। उक्त निविदा हेतु ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से 04 नवम्बर से 10 नवम्बर 2025 तक (07 दिवस) तक आमंत्रित किया गया था।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जल संसाधन संभाग बिलासपुर के प्रार्थना भवन कक्ष में रेत खदान की जरगा का नीलामी हेतु 11 नवम्बर 2025 को टेंडर ओपन किया गया। टेंडर ओपन के दौरान कुल 115 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 108 पात्र एवं 07 अपात्र हुए। यह प्रक्रिया सुबह 10.30 बजे से शाम 7 बजे तक चली। वित्तीय बोली समरूप पाये जाने पर अधिमानी बोलीदार घोषित करने हेतु ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से लॉटरी प्रक्रिया की गई। लॉटरी प्रक्रिया में समस्त बोलीदारों के नाम उपस्थित बोलीदारों के समक्ष लॉटरी बॉक्स में डालकर लॉटरी के माध्यम से अधिमानी बोलीदार का चयन किया गया। बोलीदार द्वारा न्यूनतम बोली लगाये जाने पर श्रीमति नेहा शिवदासानी को ग्राम जरगा ग्राम पंचायत कोनचरा तहसील बेलगहना के खसरा क्रमांक 278 रकबा 4.600 हे. के लिए अधिमानी बोलीदार घोषित किया गया है। उपरोक्त पूरी प्रक्रिया अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति के सदस्यों, टीसीएम के सदस्यों, खनिज विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और बोलीकर्ताओंकी मौजूदगी में पूरा हुआ।
- *नए बच्चों के जन्म पर 26 माताओं को दिए गए 130 फलदार पौधे**“प्रोजेक्ट ग्रीन पालना“*रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा “प्रोजेक्ट ग्रीन पालना” अभियान को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत शासकीय अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को फलदार पौधे भेंट स्वरूप दिए जा रहे हैं, ताकि एक नई ज़िंदगी के आगमन के साथ एक नया वृक्ष भी धरती पर जन्म ले।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान के तहत आज अभनपुर 03, एम सी एच कालीबाड़ी हॉस्पिटल 17, मंदिर हंसोड़ 02, बिरगांव 04 आज कुल 26 प्रसूति महिलाओं को 130 पौधे भेंट किए गए।यह प्रयास मातृत्व के साथ प्रकृति से जुड़ाव को भी बढ़ावा देता है। प्रोजेक्ट ग्रीन पालना न सिर्फ नवजात के जीवन की शुरुआत को यादगार बनाता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली और शुद्ध वातावरण की नींव भी रखता है।
- 0 महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में सुबह बढ़ती ठंड में बच्चे कर रहे जोर आजमाइशरायपुर। छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन की टीम पश्चिम बंगाल में होने वाले नेशनल चैम्पियनशिप में भाग लेने के लिए जमकर अभ्यास कर रही है। बीते दिनों सात दिवसीय कैंप के बाद अब हर शनिवार और रविवार को संत ज्ञानेश्वर स्कूल में स्पेशल ट्रेनिंग कैंप लगाया जा रहा है। इसमें सुबह सात बजे संत ज्ञानेश्वर स्कूल के मैदान पर खिलाड़ियों ने जमकर अभ्यास किया।छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि सचिव ओपी कटारिया और स्कूल की स्पोर्ट्स शिक्षिका ज्योति साहू खिलाड़ियों को लगातार प्रशिक्षण दे रही है। 31 अक्टूबर, एक और दो नवंबर के बाद आठ व नौ नवंबर को भी संत ज्ञानेश्वर स्कूल खेल मैदान में खिलाड़ियों को सतत् प्रशिक्षण देकर तकनीकी रूप से सशक्त बनाया गया। रिंग फाइट खिलाडियों को यह प्रशिक्षण आगामी शनिवार- रविवार को भी दिया जाएगा। नौवां नेशनल रिंग फाइट चैम्पियनशिप 12 से 14 दिसंबर को पश्चिम बंगाल में खेला जाएगा।
- रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर अभियान चलाकर नगर निगम जोन 3 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह के मार्गनिर्देशन और कार्यपालन अभियंता श्री सुशील मोडेस्टस, सहायक अभियंता श्री नरेश साहू, उपअभियंता श्री अक्षय भारद्वाज की उपस्थिति में अभियान चलाकर नगर निगम जोन क्रमांक 3 क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय सम्पति पर अपना अवैध प्रचार विज्ञापन चस्पा कर शासकीय सम्पति का विरुपण किये जाने पर सम्बंधित भिन्न 4 संस्थानों समृद्धि अटलांटिस, नीलया आपन्टमेट, रेवोल्यूशन एंड डान्स एकेडमी, मीनल एस सेलून के सम्बंधित संचालकों से कुल 22000 रूपये का जुर्माना उन्हें नियमानुसार प्रकिया के अंतर्गत नोटिस जारी करते हुए भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए वसूलने की कार्यवाही की गयी है.
- *रायपुर में ‘प्रोजेक्ट अनुभव’ के तहत सिविल सेवा अभ्यर्थियों को दिया जा रहा साक्षात्कार प्रशिक्षण**15 नवंबर तक होगा प्रतिदिन आयोजन, इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन फॉर्म भरकर हो सकते हैं शामिल*रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट अनुभव’ के अंतर्गत सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को साक्षात्कार पूर्व प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और प्रस्तुति कौशल को निखारना है।प्रशिक्षण कार्यक्रम नेतृत्व साधना केंद्र, पुराना योग भवन, फुंडहर, रायपुर में आयोजित किया जा रहा है। आज यहां पैनल एक में कलेक्टर डॉक्टर गौरव सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन, जॉइंट कलेक्टर श्री के.एम. अग्रवाल, श्री राहुल सिंह सेवानिवृत्ति उपसंचालक संस्कृति विभाग, श्री अरविंद मिश्रा सेवानिवृत्ति संयुक्त संचालक वित्त विभाग, श्री देवेंद्र देवांगन श्रम पदाधिकारी, श्री भूपाल सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर साइंस कॉलेजपैनल दो में श्री शशांक शर्मा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी, श्री जवाहर सुरशेट्टी सदस्य नीति आयोग, श्री बी के नायक संयुक्त संचालक वित्त, श्री आभाष ठाकुर उपयुक्त राज्य कर विभाग, श्री केदार पटेल जिला रोजगार अधिकारी ने अभ्यर्थियों के मॉक इंटरव्यू के माध्यम से उनका मूल्यांकन किया एवं साक्षात्कार की तैयारी हेतु व्यावहारिक सुझाव दिया।मॉक इंटरव्यू 15 नवंबर तक शाम 4.30 बजे से आयोजित होंगे इच्छुक उम्मीदवार https://forms.gle/9oTvtdJp8WGXw9jcA लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।आज 12 अभ्यर्थियों का मॉक इंटरव्यू लिया गया एवं हर अभ्यर्थी का 25 से 30 मिनट तक सवाल पूछ कर मूल्यांकन किया गया |
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना “प्रोजेक्ट धड़कन“ के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 01 पारागांव आरंग में 41 बच्चों की स्क्रीनिंग किया गया जिसमें छात्र 20 एवं छात्राएं 21 छात्राएं शामिल थीं, आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 02 पारागांव आरंग में कुल स्क्रीनिंग 11 बच्चों का किया गया जिसमें छात्र 03 एवं छात्राएं 08 छात्राएं शामिल थीं और कोई भी बच्चा सस्पेक्टेड नहीं मिला एवं आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 03 पारागांव आरंग में 27 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई जिसमें 13 छात्र एवं 14 छात्राएं शामिल रही जिसमें 01 बच्चा सस्पेक्टेड मिला। जिसे आगे के उपचार के लिए सत्य साईं हॉस्पिटल नवा रायपुर भेजा गया। शिविर के दौरान बच्चों की जांच तेज धड़कन, वजन न बढ़ना, शरीर में नीलापन, बार-बार सर्दी-खांसी, सांस लेने में तकलीफ, तथा स्तनपान के समय पसीना आने जैसे लक्षणों के आधार पर की गई।
- बालोद/ शिक्षा सत्र 2025-26 हेतु कक्षा 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए आॅनलाईन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्यवाही वेबसाइट पोस्ट मैट्रिक-स्काॅलरशीप डाॅट सीजी डाॅट एनआईसी डाॅट इन पर की जा रही है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों द्वारा आॅनलाईन नवीनीकरण तथा नवीन पंजीयन हेतु 30 नवंबर 2025 तक की तिथि निर्धारित की गई है। इसके साथ ही स्वीकृति एवं डिसबर्स करने की तिथि शासकीय संस्था हेतु 15 दिसंबर एव अशासकीय संस्था हेतु 20 दिसंबर निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 से छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को आॅनलाईन आवेदन करते समय आधार सीडेड बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही सत्र 2024-25 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से ओटीआर की प्रविष्टि आॅनलाईन आवेदन करते समय किया जाना है। ओटीआर की प्रविष्टि के संबंध में संस्थाओं द्वारा विद्यार्थियों अधिक जानकारी प्रदान की जाएगी।



















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