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- रायपुर। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ श्री लालमन साय एम.आई.एस. प्रशासक को उनके पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उच्च अधिकारियों के आदेशों/निर्देशों की अवहेलना करने के कारण उपसंचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।कलेक्टर, जशपुर द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था, परंतु श्री साय द्वारा प्रस्तुत उत्तर असंतोषजनक पाए जाने के पश्चात यह कार्रवाई की गई है। जारी आदेशानुसार यह स्पष्ट किया गया है कि श्री साय का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 03 के विरुद्ध है।इस आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के उपनियम (1)(क) के तहत श्री लालमन साय को निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय कार्यालय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग सरगुजा नियत किया गया है। निलंबन अवधि में श्री साय को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता प्राप्त होगी। संबंधित आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
- रायपुर। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत अण्डा ने एक ऐसी पहल की है, जो स्वच्छता को आजीविका से जोड़कर ग्रामीण विकास की दिशा में एक नया आदर्श प्रस्तुत करती है। यह पहल न केवल एक शौचालय परिसर के निर्माण तक सीमित रही, बल्कि इसके माध्यम से एक ज़रूरतमंद ग्रामीण को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका भी प्रदान की गई।यह कहानी है श्री राजकुमार टंडन की, जो पहले एक ठेले में पान की दुकान चलाते थे। सीमित आमदनी और अस्थिरता से जूझते हुए वे जीवनयापन कर रहे थे। लेकिन ग्राम पंचायत अण्डा की दूरदर्शी सोच और स्वच्छ भारत मिशन के सहयोग से उनकी ज़िंदगी ने एक नया मोड़ लिया। ग्राम पंचायत ने बस स्टैंड और मुख्य सड़क से लगे शौचालय परिसर के भीतर एक कक्ष को दुकान के रूप में विकसित कराया। वर्ष 2024 में 5 लाख रूपए की लागत से यह संपूर्ण परिसर निर्मित हुआ, जिसमें सार्वजनिक सुविधा के साथ एक आजीविका केंद्र की व्यवस्था भी की गई। यह दुकान राजकुमार को निःशुल्क आवंटित की गई।आज राजकुमार इस पक्की दुकान में पान, ठंडा पेय और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बेचते हैं। पहले जहाँ उनकी आय सीमित थी, अब वे प्रत्येक माह लगभग 12 हज़ार की आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने स्वयं एक फ्रिज भी खरीदा है, जो कभी उनके लिए कल्पना से परे था। इसके साथ ही वे परिसर की स्वच्छता और रखरखाव की ज़िम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनका समर्पण आज उन्हें न केवल आत्मनिर्भर बना चुका है, बल्कि वे गाँव के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गए हैं।राजकुमार ने इस बदलाव के लिए जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत अण्डा का आभार व्यक्त किया है। ग्राम पंचायत अण्डा की यह पहल एक समग्र ग्रामीण विकास मॉडल के रूप में उभर रही है। जहाँ शौचालय केवल स्वच्छता का प्रतीक नहीं, बल्कि स्वाभिमान और स्वावलंबन का केंद्र बन गया है। यह मॉडल सिद्ध करता है कि यदि सोच दूरदर्शी हो, तो स्वच्छता भी रोज़गार और सम्मान का माध्यम बन सकती है।यह उदाहरण अन्य ग्राम पंचायतों के लिए एक पथप्रदर्शक की भूमिका निभा सकता है।
- रायपुर। राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में नगर पालिक निगम रायपुर को स्वच्छ शहर का मिनिस्टीरियल अवॉर्ड के लिए चयन होने पर विज्ञान भवन नई दिल्ली में केन्द्र सरकार द्वारा भारत गणराज्य की राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति और करकमलों से और केन्द्रीय शहरी विकास मन्त्री श्री मनोहर लाल खट्टर, केन्द्रीय शहरी विकास राज्य मन्त्री श्री तोखन साहू की विशेष उपस्थिति में आयोजित राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 अवॉर्ड सेरेमनी दिनांक 17 मई 2025 को रायपुर नगर पालिक निगम को चयनित मिनिस्टीरियल अवार्ड लेने हेतु आज नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़ तथा नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त दव्य श्री राजेंद्र गुप्ता, श्री विनोद पाण्डेय , नोडल अधिकारी कार्यपालन अभियंता स्वच्छ भारत मिशन श्री रघुमणि प्रधान, सहायक नोडल अधिकारी सहायक अभियंता स्वच्छ भारत मिशन श्री योगेश कङू, विशेषज्ञ श्री प्रमीत चोपड़ा और श्री सूरज चंद्राकर सहित अवार्ड सेरेमनी में सम्मिलित होने वायुयान से नईं दिल्ली के लिए रवाना हुए, नगर निगम रायपुर की टीम स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 हेतु मिनिस्टीरियल अवार्ड लेने के उपरांत दिनांक 18 जुलाई 2025 को संध्या राजधानी रायपुर शहर वापस लौटेगी।
- 0- 465 महिलाएं बनीं लखपति दीदीरायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण न केवल जरूरतमंद लोगों को पक्के मकान देने में सफल रही है, बल्कि इस योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को भी नई दिशा दी है। योजना के तहत आज लाखों परिवारों को उनके सपनों का आशियाना मिल चुका है, जहां वे सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन बिता रहे हैं। इस योजना की एक विशेष उपलब्धि यह रही है कि इसके माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिला है। सरगुजा जिले में बड़ी संख्या में स्व सहायता समूह की महिलाएं प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़कर निर्माण सामग्री की आपूर्ति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इन महिलाओं ने समूहों से ऋण लेकर ईंट, सीमेंट, गिट्टी, छड़, सेंटरिंग प्लेट्स और मिक्सर मशीन जैसी निर्माण सामग्री हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही है।ईंट निर्माण के क्षेत्र में 281 दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई है, जिनकी बनाई ईंटों का उपयोग आवास निर्माण में किया गया। वहीं 413 दीदियों ने बैंक लिंकेज और समूह ऋण के माध्यम से सेंट्रिंग प्लेट्स किराए पर देने का व्यवसाय शुरू किया है। कुछ महिलाओं ने अपने परिवार के सहयोग और ऋण राशि की मदद से सीमेंट मिक्सर मशीन खरीदी है और उन्हें किराए पर लगाया है। साथ ही कुछ दीदियों द्वारा सीमेंट, गिट्टी और छड़ जैसी सामग्री भी ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे हितग्राहियों को स्थानीय स्तर पर ही निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री प्राप्त हो रही है। इन गतिविधियों से महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। इसका परिणाम यह है कि जिले की कुल 465 महिलाएं अब ‘लखपति दीदी क्लब’ में शामिल हो चुकी हैं। इन महिलाओं ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके जीवन में नई रोशनी लाई है और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का अवसर प्रदान किया है। महिलाओं ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह योजना उनके लिए केवल एक आवास योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मानपूर्ण जीवन जीने का रास्ता है।
- 0- कलेक्टर, एडीएम सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए दी शुभकामनाएंबालोद, संयुक्त जिला कार्यालय बालोद में राजस्व शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड 02 श्री लोकेश देवांगन एवं कलेक्टर रीडर क्रमांक 02 श्रीमती नेहा गोनार्डे के जिले से अन्यत्र स्थान पर स्थानांतरित होने पर संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित विदाई समारोह में राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा विदाई दी गई। उल्लेखनीय है कि सहायक ग्रेड 02 श्री लोकेश देवांगन का राजस्व मंडल बिलासपुर एवं कलेक्टर रीडर क्रमांक 02 श्रीमती नेहा गोनार्डे का जिला कार्यालय राजनांदगांव में स्थानांतरण हुआ है।इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, कार्यालय अधीक्षक श्री अश्वनी नायक, सहायक अधीक्षक श्री महेश पिस्दा, कलेक्टर रीडर श्री दीपक रामटेके सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने इन दोनों कर्मचारियों के कार्यों एवं व्यवहार की सराहना की। अधिकारी-कर्मचारियों ने स्थानांतरित दोनों कर्मचारियों की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें नवीन जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
- 0- जनजातीय समाज के लोगों एवं हितग्राहियों के लिए सौगातों भरा एवं राहत देने वाला साबित हुआ जिले मंे आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर0- ग्राम बड़भूम एवं मंगलतराई में मंगलवार को आयोजित शिविर में हितग्राहियों को अनेक शासकीय योजनाओं से किया गया लाभान्वित0- आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि, पीएम जनधन एवं पेंशन योजनाओं की सौगात मिलने पर हितग्राही हुए प्रसन्नचितबालोद, केन्द्र सरकार के द्वारा आदिवासी क्षेत्रों मंे सेवाओं और अन्य बुनियादी ढाँचों को परिपूर्णता प्रदान करने तथा उनके व्यक्तिगत अधिकारों से परिपूर्ण करने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न ग्रामों में धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत लाभ संतृप्ति शिविर जनजातीय समाज के लोगों एवं हितग्राहियों के लिए सौगातों भरा एवं राहत देने वाला साबित हुआ। जिले के जनजातीय समाज के अनेक लोग जो किन्हीं कारणों से शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए जिला एवं विकासखण्ड मुख्यालय में स्थित शासकीय कार्यालयांे एवं अन्य आवश्यक स्थानों पर नही जा पाते थे। ऐसे अनेक लोगों के लिए धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर अत्यंत लाभप्रद एवं कारगर साबित हुआ है। जिले में आयोजित शिविरांे के माध्यम से बालोद जिले के आदिवासी वर्ग के अनेक हितग्राहियों को उनके गांव एवं आसपास के गांवों में ही उन्हें शासकीय योजनाओं से लाभान्वित कराने के अलावा उनके जरूरी समस्याओं का निराकरण भी सुनिश्चित किया गया। जिससे आदिवासी वर्ग के लोगों एवं हितग्राहियों को अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु जिला एवं विकासखण्ड मुख्यालयों के अलावा शासकीय कार्यालयों तक आने-जाने की समस्या से भी मुक्ति मिली है। इसके अंतर्गत आज जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम बड़भूम एवं डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम मंगलतराई में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर ग्रामीणों एवं हितग्राहियों के लिए सौगातों भरा रहा।जिले के दोनों ग्रामों में आज आयोजित शिविरों में आयुष्मान कार्ड, जनधन खाता, राशन कार्ड, पेंशन एवं किसान सम्मान निधि योजना की सौगात मिलने से आदिवासी वर्ग के हितग्राही बहुत ही प्रसन्नचित होकर शिविर के आयोजन की भूरी-भूरी सराहना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के द्वारा हम आदिवासियों की वास्तविक जरूरतों एवं समस्याओं को समझते हुए जो लाभ संतृप्ति शिविर का आयोजन किया गया है वह अत्यंत कारगर एवं काबिले-तारीफ है। गुरूर विकासखण्ड के ग्राम बड़भूम में आयोजित शिविर के माध्यम से अपना आयुष्मान कार्ड बनने पर श्रीमती रीना मण्डावी, कविता सोरी, आरूषि, विरेन्द्र एवं तामेश ने कहा कि हमें आज अपने गांव में आयोजित शिविर में ही आयुष्मान कार्ड बनाने की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिनों में हमें नया आयुष्मान कार्ड प्राप्त हो जाएगा। यह वास्तव में हमारे जैसे अनेक लोगों के लिए महत्वपूर्ण सौगात है।उल्लेखनीय है कि गुरूर विकासखण्ड के ग्राम बड़भूम में आज आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर में 13 हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड, 02 हितग्राहियों का जनधन खाता खोलने की कार्रवाई के अलावा शिविर में 13 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। इसी तरह डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम मंगलतराई में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर में 40 हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड, 16 हितग्राहियोें को किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित करने के अलावा 04 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री जनधन योजना, 11 हितग्राहियों को सामाजिक पेंशन से लाभान्वित करने के साथ-साथ 04 हितग्राहियों का नया राशन कार्ड बनाने की कार्रवाई की गई। आज आयोजित शिविर में पहुँचे लोगों का सिकलिन टेस्ट करने के अलावा ग्रामीणों एवं हितग्राहियों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाइयां भी वितरित की गई।
- बालोद, उप संचालक कृषि ने बताया कि 14 जुलाई 2025 की स्थिति में 380.40 मि.मि. वर्षा हुई है। जो गतवर्ष की तुलना में 393.60 मि.मि. से 97 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि खरीफ वर्ष 2025 में 1,80,215 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। जिसके विरुद्ध अब तक 1,57,126 हेक्टेयर में बोनी की जा चुकी है। धान बोता 1,39,714 हेक्टेयर, रोपा 16,469 हेक्टेयर, कुल धान 1,56,183 हेक्टेयर मक्का 30 हेक्टेयर, कोदो 49 हेक्टेयर, अरहर 85 हेक्टेयर, उड़द 59 हेक्टेयर, मूंग 11 हेक्टेयर, तिल 36 हेक्टेयर तथा सब्जी 671 हेक्टेयर, कुल 1,57,126 हेक्टेयर में बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य से 87 प्रतिशत है। जुलाई माह में अच्छी बारिश होने से खरीफ फसलों की स्थिति अच्छी पायी गई है।धान रोपाई एवं दलहन, तिलहन फसलों की बुआई कार्य की जा रही है। जिले में खरीफ बीज वितरण हेतु कुल 56929 क्विंटल लक्ष्य निर्धारित है, जिसके विरुद्ध धान 59,584 क्विंटल भण्डारण किया गया है अब तक धान बीज का 50346 क्विंटल वितरण किया गया है। इसके अतिरिक्त जिले में कोदो फसल 60.16 क्विंटल, अरहर 123.44 क्विंटल, उड़द 10.16 क्विंटल, मूंग 04 क्विंटल, दलहन बीज कुल 53132 क्विंटल बीज वितरण किया गया है, जो लक्ष्य 56,929 क्विंटल का 93 प्रतिशत है। खरीफ मौसम में किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, बीज एवं उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। जिले के सहकारी समितियों में यूरिया 13750 मे. टन, डी.ए.पी. 3894 मे.टन, एम.ओ.पी. 4182 मे.टन, एस.एस.पी. 7870 मे.टन एवं एन.पी.के. 6336 मे.टन उर्वरक भण्डारण कराया जाकर अद्यतन 31377 मे.टन उर्वरकों का वितरण कृषकों को किया जा चुका है, जो भण्डारण के विरूद्ध 87 प्रतिशत है। खरीफ मौसम में कृषकों को गुणवत्तायुक्त बीज एवं उर्वरक उपलब्ध हो सके, इसलिए जिले को गुणवत्ता परीक्षण हेतु बीज का 270 उर्वरक 191 पौध संरक्षण 42 का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिसके विरुद्ध बीज के 278 उर्वरक 127, पौध संरक्षण 07 नमूना लेकर गुणवत्ता परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है। जिसका परीक्षण परिणाम बीज 101, उर्वरक 21 नमूना मानक स्तर का पाया गया है। बीज के 24 नमूना अमानक पाया गया, जिसके विरूद्ध विक्रय प्रतिबंध किया गया है। बीज के 153, उर्वरक 106 नमूना का परिणाम आना शेष है।
- 0- माननीय न्यायालय का कड़ाई से पालन करने दिये निर्देशदुर्ग। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग एवं नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर द्वारा मंगलवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष भिलाई में दुर्ग जिले के डी.जे. संचालकों की बैठक ली गई। बैठक में आगामी त्यौहारों एवं धार्मिक कार्यक्रमों को देखते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए। निदेर्शों में कहा गया है कि शासकीय संपत्ति अथवा अन्य प्रकार की किसी वस्तुओं/ सुविधाओं का उपयोग किया जाए तो उसकी पूर्वानुमति कार्यालय से लेना अनिवार्य है। लाउड स्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग सार्वजनिक स्थलों पर उस क्षेत्र के परिवेश ध्वनि पैमाने से 10 डी. बी. (ए) से अधिक नहीं होना चाहिये या 75 डी. बी. (ए) से अधिक नहीं अथवा इनमें से जो भी कम है, से अधिक नहीं होना चाहिए।रात्रि 10. 00 बजे से प्रात: 06.00 बजे के मध्य ध्वनि विस्तारक यंत्र , वाद्य यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा, ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग के दौरान एन.जी.टी. एवं शासन के द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिये निर्धारित मानकों, कोलाहल अधिनियम एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए, वाहनों पर वाद्य यंत्रों का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा, आयोजन से आम जनता बाधित न हो एवं मार्ग को ब्लाक नहीं किया जाए, किसी प्रकार के विवाद की स्थिति निर्मित होने पर अभिमत स्वत: निरस्त हो जाएगा समस्त शासकीय, अशासकीय अस्पताल, समस्त शासकीय, अशासकीय शैक्षणिक संस्थान, जिला एवं सत्र न्यायालय तथा अन्य न्यायालय , समस्त शासकीय कार्यालय की 100 मीटर की सीमा को कोलाहल प्रतिबंधित क्षेत्र (जोन्स आफ साइलेंस ) घोषित किया गया है, अत: इसका पालन किया जाना अनिवार्य है। माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर (छ.ग.) व्दारा प्रकरण WPPIL©️-88@2023 , दिनांक 20.11.2023 कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 एवं The Noise Pollution (Regulation and Control) Rules 2000 में पारित निर्देशों का पालन किया जायेगा । बैठक में जिले के लगभग 100 डी.जे. संचालक शामिल हुए
- 0- कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जनदर्शन में पहुँचे लोगों की सुनी समस्याएंबालोद, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में मंगलवार को आयोजित कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मुलाकात कर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आम लोगों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आज जनदर्शन मंे बालोद विकासखण्ड के ग्राम टेकापार से पहुँचे श्रवणबाधित बुजुर्ग श्री बालाराम को श्रवण यंत्र और गुरूर विकासखण्ड के ग्राम औरी के दिव्यांग श्री महेन्द्र कुमार को व्हीलचेयर प्रदान किया। जनदर्शन में आज अपने कानों में कम आवाज सुनाई देने की समस्या को लेकर जिले के ग्राम टेकापार के श्रवणबाधित बुजुर्ग श्री बालाराम श्रवण यंत्र की मांग हेतु आवेदन लेकर पहुँचे थे।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने उनके आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी को उन्हें तत्काल श्रवण यंत्र प्रदान करने निर्देशित किया गया। इसी तरह जनदर्शन में आज जिले के गुुरूर विकासखण्ड के ग्राम औरी निवासी दिव्यांग महेन्द्र कुमार ने कलेक्टर श्रीमती मिश्रा से अपनी शारीरिक परेशानियों को देखते हुए उन्हें व्हील चेयर प्रदान करने की मांग की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने उनके आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हंे तत्काल व्हील चेयर प्रदान करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए। समाज कल्याण विभाग द्वारा दोनों ही लोगों के आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बुजुर्ग बालाराम को श्रवण यंत्र और दिव्यांग महेन्द्र कुमार को व्हील चेयर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा की उपस्थिति में प्रदान किया गया। इस दौरान श्रीमती मिश्रा ने पूरी संवेदनशीलता के साथ दिव्यांग महेन्द्र कुमार से बातचीत कर उनका हालचाल पुछा। जिला प्रशासन के त्वरित कार्रवाई के फलस्वरूप दिव्यांग महेन्द्र कुमार एवं श्रवणबाधित बालाराम बहुत प्रसन्नचित आ रहे थे। उन्होंने संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित होने वाली कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम की भूरी-भूरी सराहना करते हुए अपने जैसे अनेक लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।जनदर्शन में बालोद विकासखण्ड के ग्राम कोरगुड़ा निवासी खिलेश्वरी ने श्रम कार्ड बनाने आवेदन प्रस्तुत किया। इसी तरह गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम चीचा निवासी श्रीमती दूरपति बाई ने भूमि का आॅनलाईन रिकार्ड दूरस्त करने, ग्राम अर्जुनी निवासी महेन्द्र कुमार एवं जामगांव बी निवासी श्रीमती राधा बाई ने आबादी भूमि का पट्टा दिलाने, ग्राम कसहीकला निवासी श्री रमतिया राम ने आर्थिक क्षतिपूर्ति राशि दिलाने की मांग की। इसी तरह गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम तवेरा निवासी श्री टोमन साहू ने शौचालय निर्माण, ग्राम टंेगनाबर पारा के सरपंच ने आंगनबाड़ी हेतु नया भवन निर्माण कराने, ग्राम कसहीकला के कवल सिंह ने किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने की मांग की। इसी तरह विद्युत दुर्घटना में मृत 04 भैंसों के मालिकों को अनुग्रह राशि का चेक आज जनदर्शन में प्रदान किया गया। जिसके अंतर्गत पशु मालिक श्री बृजभान साहू, श्री बेदराम साहू, श्री गिरेन्द्र साहू एवं श्री देवलाल साहू को 32 हजार 800 रुपये का चेक प्रदान किया गया। जनदर्शन में आज जिले के विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में आम नागरिक अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु जिला कार्यालय पहुँचे थे।
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0- कमिश्नर-कलेक्टर ने कहा लाभार्थियों को समय पर मिले मकान
दुर्ग, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को कमिश्नर श्री सत्यनारायण राठौर और कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने प्रगति नगर, रिसाली एवं गोकुल नगर, पुलगांव में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर श्री राठौर ने रिसाली में मौजूद कॉन्ट्रेक्टर को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे 12 ब्लॉकों के निर्माण कार्य को एक साथ करने के बजाय, एक-एक ब्लॉक को क्रमशः पूरा करें ताकि कार्य की गति बनी रहे और लाभार्थियों को शीघ्र आवास उपलब्ध हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। कमिश्नर ने कार्य की समयसीमा पूछी, तो कॉन्ट्रेक्टर ने आश्वस्त किया कि सभी कार्य दीपावली से पहले पूर्ण कर लिए जाएंगे। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने भी निर्देशित किया कि निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण हो, साथ ही बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी समय रहते सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने 6 ब्लॉकों को प्राथमिकता के आधार पर पहले पूरा करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात कमिश्नर व कलेक्टर ने गोकुल नगर, पुलगांव का निरीक्षण किया, जहां कलेक्टर श्री सिंह ने अधूरे आवासों को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है, संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। गोकुल नगर, पुलगांव स्थित प्रधानमंत्री आवास परिसर के समीप बने गौठान का निरीक्षण करते हुए कमिश्नर श्री सत्यनारायण राठौर ने संबंधित अधिकारी-कर्मचारी से गौठान की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि आवारा पशुओं को सड़कों से हटाकर गौठानों में लाया जाए, ताकि शहर में यातायात व जनसुरक्षा प्रभावित न हो। कमिश्नर ने गौठान क्षेत्र का विस्तार करने पर भी जोर दिया और कहा कि सड़कों पर घूम रही गायों और भैंसों को अधिक से अधिक संख्या में गौठानों में भेजा जाए। साथ ही, गौठानों में रखी जा रही गायों के लिए पर्याप्त चारा और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
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- 0- बी.टेक. (कृषि अभियांत्रिकी) एवं बी.टेक. (फूड टेक्नोलॉजी) की रिक्त सीटों के लिए होगी काउंसलिंगरायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बी.टेक. कृषि अभियांत्रिकी एवं बी.टेक. फूड टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रमों में रिक्त सीटों के लिए द्वितीय चरण की काउंसलिंग 28 से 30 जुलाई 2025 के बीच आयोजित की जाएगी। PET-2025, JEE-Mains-2025 या 12वीं (गणित समूह) उत्तीर्ण योग्य अभ्यर्थी 16 से 23 जुलाई 2025 के बीच विश्वविद्यालय की वेबसाइट https://igkv.ac.in पर उपलब्ध लिंक PET-JEE-Mains-12th आधारित बी.टेक. काउंसलिंग फॉर वेकेंट सीट्स” के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। केवल इस अवधि में पंजीकृत अभ्यर्थी ही पात्र माने जाएंगे। मेरिट सूची (PET-2025 / JEE-Mains-2025 / 12वीं गणित [छत्तीसगढ़ निवासी] / 12वीं गणित [अन्य राज्य]) 26 जुलाई 2025 को वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी। छत्तीसगढ़ निवासियों को प्रवेश देने के बाद शेष रिक्त सीटें अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों से भरी जाएंगी। विस्तृत दिशा-निर्देश, ऑनलाइन पंजीकरण, आवेदन प्रक्रिया, काउंसलिंग प्रक्रिया, तिथिवार कार्यक्रम एवं PET-2025 नियमों के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट देखें।ये व्यावसायिक पाठ्यक्रम कृषि प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, अनुसंधान एवं सरकारी क्षेत्रों में उत्कृष्ट करियर अवसर प्रदान करते हैं। विद्यार्थी इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर आधुनिक कृषि में योगदान देने और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किए जाते हैं।
- भिलाईनगर। अतिवृष्टि को देखते हुए बरसाती पानी निकासी हेतु नगर निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत स्थित नालों एवं नालियों के उपर से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जाएगी। स्थानीय नागरिको एवं प्रतिष्ठान संचालकों द्वारा नालियों के उपर अतिक्रमण किये जाने के कारण साफ-सफाई कार्य करने में असुविधा होती है। नालों एवं नालियो की सफाई नहीं होने के कारण पानी का बहाव अवरूद्व होकर मार्गो में बहने से निचले घरों में पानी भर जाता है। ऐसे स्थलों को चिन्हित कर वार्ड पार्षद से समन्वय बनाकर अतिक्रमण हो हटाने आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने सभी जोन आयुक्त एवं सहायक राजस्व अधिकारी को निर्देशित किए है।आदेश के परिपालन में जोन क्रमांक 04 शिवाजी नगर अंतर्गत वार्ड क्रं. 41 औद्योगिक क्षेत्र छावनी में लगभग 40 से 50 स्थानीय नागरिको द्वारा अपने घरों के सामने नाली के उपर अतिक्रमण कर लिया गया था। जिसका स्थल निरीक्षण कर जोन क्रं. 04 राजस्व, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस बल की संयुक्त टीम द्वारा जे.सी.बी. के माध्यम से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई। साथ ही स्ट्रीट फूड कंपनी के बगल से नाली गया है, जिसे कंपनी संचालक द्वारा स्लैब डालकर कब्जा किया गया था, उसे भी हटाया गया।वहीं आयुक्त द्वारा दैनिक भ्रमण के दौरान दिए गए निर्देश के आधार पर शासकीय योजना के लिए प्रस्तावित कुरूद के खसरा नंबर 1423 भूमि में कुछ लोगो द्वारा भारी मात्रा में बिल्डिंग मटेरियल रखा गया था, जिसका कलेक्टर जनदर्शन एवं नागरिको की शिकायत के आधार पर जोन 2 के सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे अपने दल के साथ जे.सी.बी., डम्पर के माध्यम से मटेरियल को जप्त किया गया। पूर्व में बेदखल किए गए तथा खंडित भवनों को तोड़कर समतल किया गया। कार्यवाही के दौरान सहायक राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी, स्वच्छता निरीक्षक अतूल यादव, तोड़फोड़ दस्ता प्रभारी हरिओम गुप्ता अपने दल के साथ एवं जामुल थाना से महिला/पुरूष पुलिस बल और गुप्तानंद तिवारी, कृष्ण कुमार सुपेत, प्रतिक, समीर, कार्तिक आदि उपस्थित रहे।
- 0- दीक्षारंभ 2025 के दौरान विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के नैतिकतापूर्ण एवं कानून सम्मत उपयोग हेतु जागरूक किया जाएगारायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह स्पश्ट किया है कि विश्वविद्यालय के अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थियों की सोशल मीडिया के उपयोग पर पाबंदी लगाए जाने की कोई मंशा नही है। विश्वविद्यालय प्रशासन के संज्ञान में यह बात आई है कि कतिपय सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि इंदिरा गांधी कृशि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों की सोशल मीडिया में सक्रिय भागीदारी पर पाबंदी लगाई जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसे असत्य एवं भ्रामक समाचारों का खंडन करता है।विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्पश्ट किया गया है कि सूचना क्रांति के इस युग में सूचना के विभिन्न माध्यमों की काफी बहुत उपयोगिता है जिनसे सूचनाओं का आदान प्रदान बहुत तीव्र एवं त्वरित होता है। सोशल मीडिया भी इन्ही माध्यमों में से एक है जिसका उपयोग दिनों दिन बढ़ता जा रहा है और विद्यार्थी वर्ग भी इससे अछूता नही है। भारत के संविधान में नागरिकों के लिये उल्लेखित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का विश्वविद्यालय प्रशासन पूरा सम्मान करता है और इसके साथ ही संविधान में नागरिकों हेतु वर्णित नैतिक कर्तव्यों के निर्वहन का भी पक्षधर है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जानकारी दी गई है कि नवीन शिक्षा नीति 2020 के तहत नव प्रवेशित विद्यार्थियों हेतु आयोजित दीक्षारंभ 2025 कार्यक्रमों के दौरान विश्वविद्यालय के अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के नैतिकतापूर्ण एवं कानून सम्मत उपयोग हेतु जागरूक एवं प्रेरित किया जायेगा। उन्हे भारत के संविधान में वर्णित अधिकारों एवं कर्तव्यों से अवगत कराते हुए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की जानकारी दी जाएगी तथा समस्त विद्यार्थियों को इसका पालन करने हेतु जागरूक किया जाएगा। दीक्षारंभ कार्यक्रमों के दौरान द्विपक्षीय चर्चा में विद्यार्थियों से भी इस संबंध में सुझाव आमंत्रित किये जायेंगे।
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रायपुर। रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे एक महत्वपूर्ण आधिकारिक दौरे पर इज़राइल रवाना हुई हैं। यह दौरा शहरी विकास, जल प्रबंधन और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में इज़राइल की आधुनिक तकनीकों और नवाचारों का अध्ययन करने के उद्देश्य से किया गया है।
महापौर श्रीमती चौबे "Muni World 2025 International Conference and Expo" में भारत के महापौरों के प्रतिनिधिमंडल के साथ शामिल होंगी, जहाँ विश्वभर के नगर प्रशासक, नीति-निर्माता एवं शहरी विशेषज्ञ नगरीय जीवन की चुनौतियों, नवाचारों और समाधानों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
यह यात्रा इज़राइल की मिनिस्ट्री ऑफ फॉरेन अफेयर्स द्वारा आमंत्रित की गई है, और संपूर्ण यात्रा व्यय इज़राइल सरकार द्वारा वहन किया गया है, जो भारत-इज़राइल के बीच मजबूत होते कूटनीतिक और शहरी सहयोग का प्रतीक है।
यात्रा से पूर्व नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के सचिव श्री अरुण कुमार चटर्जी से रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने शिष्टाचार भेंट की, जिसमें उन्हें इज़राइल में प्रस्तावित कार्यक्रमों, तकनीकी विषयों एवं शहरी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
इज़राइल पहुंचने पर महापौर मीनल चौबे की मुलाकात इज़राइल में भारत के राजदूत श्री जे. पी. सिंह से हुई। चर्चा के दौरान राजदूत श्री सिंह ने भारत गणराज्य के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का शुभकामना संदेश भी प्रेषित किया। उन्होंने भारत-इज़राइल संबंधों की मजबूती, आपसी सहयोग की संभावनाओं और द्विपक्षीय संबंधों के बढ़ते आयामों पर भी विस्तार से बात की।
यह अंतरराष्ट्रीय दौरा रायपुर नगर निगम के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे नगर प्रशासन को शहरी प्रबंधन, तकनीकी नवाचार और वैश्विक अनुभवों का लाभ मिलेगा। यह दौरा नगरीय योजनाओं में दीर्घकालिक दृष्टिकोण और गुणवत्ता सुधार की दिशा में प्रेरणा प्रदान करेगा। - -पारदर्शिता तथा अद्यतन भू-अभिलेखों की उपलब्धता सुनिश्चित करें-केंद्रीय भूमि संसाधन सचिव श्री मनोज जोशी-छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेख आधुनिकीकरण एवं नक्शा परियोजना की समीक्षा हेतु तीन दिवसीय दौरा कार्यक्रमरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (DILRMP) तथा नक्शा परियोजना के कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भूमि संसाधन विभाग (DOLR) के वरिष्ठ अधिकारियों का तीन दिवसीय दौरा कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस क्रम में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी एवं संयुक्त सचिव श्री कुणाल सत्यार्थी ने आज न्यू सर्किट हाऊस नवा रायपुर में डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (DILRMP) तथा ‘नक्शा परियोजना’ की प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक में राजस्व विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत,महानिरीक्षक पंजीयन श्री पुष्पेंद्र मीणा,भू संचालक श्री विनीत नन्दनवार, भूमि संसाधन विभाग के डॉ. एम.के.स्टॅलिन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।बैठक के दौरान केंद्रीय सचिव भूमि संसाधन श्री मनोज जोशी विभागीय अधिकारियों के साथ भू-अभिलेख के संधारण, सर्वे आदि की प्रगति की विस्तृत समीक्षा एवं परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालय के लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकरण करने के लिए अनावश्यक तिथि बढ़ाये जाने की परंपरा को रोका जाए। जिओरिफ्रेंसिंग के कार्य को पूर्ण कर किसानों के हित मे उपयोग करें। इसके लिए ध्यान रखें कि भूमि के क्षेत्र और सीमा में वेरिएशन कम से कम हो। जमीन से संबंधित प्रकरणों को निराकृत करने के लिए विशेष राजस्व अधिकारियों की नियुक्ति की जा सकती है। राज्य में भूमि सर्वे या रिसर्वे के कार्याे को क्षेत्रानुसार अलग-अलग वेंडरों को दिया जाय ताकि काम समय पर पूरा हो। उन्होंने कहा कि राज्य में भूमि सर्वे या रिसर्वे के काम को प्रशासन द्वारा कुछ गांव को मॉडल के रूप में लेकर भी किया जा सकता है। इसी तरह जमीन दस्तावेजों के साथ भू-स्वामियों के बारे में यथा आधार कार्ड,मोबाइल नंबर आदि की सम्पूर्ण जानकारी को सुरक्षित रखा जाए। इस जानकारी का उपयोग भू-स्वामियों के लिए जमीन के उपयोग,बैंक ऋण या खरीदी-बिक्री आदि में हो सकेगा।इस समीक्षा बैठक का उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य में भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण और नक्शा परियोजना की प्रगति को गति देना तथा सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।गौरतलब है कि केंद्रीय राजस्व सचिव 14 से 16 जुलाई 2025 तक राज्य के दौरे में हैं। इस महत्वपूर्ण दौरे का उद्देश्य राज्य में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, पारदर्शिता तथा अद्यतन भू-अभिलेखों की उपलब्धता को सुनिश्चित करना है ताकि आमजन को समयबद्ध एवं सुगम सेवाएं प्राप्त हो सकें। छत्तीसगढ़ शासन एवं संबंधित विभागों द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह समीक्षा बैठक मील का पत्थर सिद्ध होगी।
- महासमुन्द / जिले के किसानों को खरीफ मौसम की तैयारी में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण किया गया है। उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने जानकारी दी कि जिले की सभी कृषक सहकारी समितियों से खाद प्राप्त कर सकते हैं।1 अप्रैल से 14 जुलाई की स्थिति में जिले के सहकारी एवं निजी समितियों में कुल 63229 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है, जिसमें से 44995 टन खाद का वितरण किया जा चुका है। खाद की उपलब्धता में सहकारी एवं निजी समितियों में यूरिया 32 हजार 749 टन, सुपर फॉस्फेट 15 हजार 491 टन, पोटाश 03 हजार 195, डी.ए.पी. 06 हजार 319, एन.पी.के 05 हजार 475 टन भंडारित किया गया है। वर्तमान में 18 हजार 324 टन खाद विक्रय हेतु शेष है। जिसमें यूरिया 08 हजार 289, सुपर फॉस्फेट 06 हजार 325, पोटाश एक हजार 129, डी.ए.पी. 986 एवं एक हजार 505 टन एन.पी.के खाद उपलब्ध है, जिसका समितियों द्वारा किसानों को विक्रय किया जा रहा है।कलेक्टर ने सभी सहकारी समितियों एवं निजी दुकानों में पॉस मशीन के माध्यम से विक्रय करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निजी दुकानों में अवैध भण्डारण पाए जाने पर जब्ती की कार्रवाई करने सख्त निर्देश दिए है। अधिकारियों द्वारा लगातार खाद की उपलब्धता एवं वितरण पर निगरानी रखी जा रही है।
- -जनजातियों के संस्कृति, परंपरा और परिवेश के अनुरूप ग्रामीण शैली में हो पीएम आवास का निर्माण-लक्ष्यों को पूर्ण करने प्राथमिकता के साथ योजना के क्रियान्वयन करने के दिए निर्देश-पीएम जनमन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, ज़मीनी चुनौतियों और आगामी रणनीति पर हुई विस्तारपूर्वक चर्चारायपुर।, आदिम जाति और अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में मंंगलवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्य समिति कक्ष में प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनजातीय समुदायों तक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ज़मीनी चुनौतियों और आगामी रणनीति पर विस्तार पूर्वक चर्चा हुई।आदिम जाति मंत्री श्री नेताम ने बैठक में कहा कि सबकी सहभागिता और संवेदनशीलता के साथ विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए कार्य किया जाना सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जनजातियों के हित में अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। यह केन्द्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में से एक है। हमें पीएम जनमन योजना के लक्ष्यों को पूर्ण करने के लिए प्राथमिकता के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनजातीय उस घर में रचता-बसता है, इसलिए इस योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए बनने वाले पीएम आवास को उनकी संस्कृति, परंपरा और परिवेश के अनुरूप तैयार किया जाए।मंत्री श्री नेताम ने कहा कि हमारी सरकार सभी वर्गों के हित में संवर्धन के लिए सुशासन की दिशा में कार्य कर रही है। सुशासन का उद्देश्य है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं जैसी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। पीएम जनमन अभियान के माध्यम से दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में परिवर्तन की नई लहर लाई जा रही है। ’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ और सबका प्रयास की भावना के साथ हम जनजातीय अंचल को न्याय और विकास से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।मंत्री श्री नेताम ने कहा कि पीएम जनमन योजना के केवल सड़क, पुल, पुलिया मात्र बनाने का नहीं बल्कि यह एक मिशन है। उन वर्गों के साथ समन्वय और समर्पित होकर कार्य करने से ही शत प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त कर सकते है।बैठक में अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अबुझमाड़िया, बैगा, बिरहोर, कमार और पहाड़ी कोरवा इन पांच जनजाति समूहों को विशेष पिछड़ी जनजाति की श्रेणी के अंतर्गत रखा गया है। पीएम जनमन योजना के तहत इन विशेष पिछड़ी जनजातियों के प्रत्येक व्यक्ति और गांवों को सम्पूर्ण रूप से संतृप्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस योजना के लिए प्रदेश के 18 जिलों के 53 विकासखंड के 1541 ग्राम पंचायत चिन्हाकिंत है। इनमें विशेष पिछड़ी जनजातियों के 56 हजार 569 परिवारों में 2 लाख 12 हजार 688 की संख्या शामिल हैं। इनकी कुल बसाहटें 2 हजार 365 हैं।अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत पिछड़ी जनजातियों के परिवारों के लिए 33 हजार 132 आवासों की स्वीकृति दी गई है। इनमें से 9 हजार 901 आवास पूर्ण कर लिए गए हैं। वहीं 14 हजार से अधिक आवास निर्माण के लिए तीसरी किस्त भी जारी की जा चुकी है, जल्द ही इन आवासों का निर्माण भी पूर्ण कर लिया जाएगा।अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2023-24 में इन वर्गों के बसाहटों में पक्की एवं संपर्क सड़कें निर्माण के लिए 333 कार्य की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनकी कुल लंबाई 1170 किलोमीटर है। इनमें 475 किलोमीटर लंबाई की सड़कें पूर्ण करा ली गई है। वही फेस-टू अंतर्गत 299 कार्य की स्वीकृति की दी गई है। इनकी लंबाई 856 किलोमीटर है। बैठक में बताया गया कि योजना के तहत 191 आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्वीकृति प्रदान कर संचालित की जा रही है। इसी प्रकार इन वर्गों की स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा हैं। योजना के तहत 1442 बसाहटों में से 989 ग्राम स्वास्थ्य केन्द्र द्वारा संतृप्त है। वहीं 317 ग्राम मोबाईल मेडिकल यूनिट संतृप्त है तथा 57 और मोबाईल मेडिकल यूनिट की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस प्रकार 1416 ग्राम भौतिक रूप संतृप्त है। शेष 26 पहुंच विहीन ग्रामों में बाइक मेडिकल यूनिट के लिए तैयारी की जा रही है।बैठक में मंत्री श्री नेताम ने पिछड़ी जनजातियुक्त बसाहटों में विद्युत व्यवस्था, आश्रम-छात्रावासों के निर्माण, मोबाईल टॉवर की स्थापना, बहुउद्देशीय केन्द्रों का निर्माण, वन धन विकास केन्द्रों की स्थापना तथा व्यावसायिक एवं कौशल शिक्षा की प्रगति की भी समीक्षा की।बैठक में आदिम जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, आदिम जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग विकास विभाग के आयुक्त डॉ सारांश मित्तर, आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के संचालक श्री जगदीश सोनकर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा सहित सभी संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर /विधानसभा में 16 जुलाई को शाम 6 बजे ‘‘उत्कृष्टता अलंकरण समारोह’’ का आयोजन किया जा रहा है। समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका ‘‘उत्कृष्ट विधायक’’, ‘‘उत्कृष्ट संसदीय पत्रकार’’ एवं ‘‘उत्कृष्ट इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रिपोर्टर’’ अलंकरण प्रदान करेंगे।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह समारोह की अध्यक्षता करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अति विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित रहेंगे। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास मंहत और संसदीय कार्यमंत्री श्री केदार कश्यप समारोह के विशिष्ट अतिथि होंगे। समारोह के पश्चात सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।
- -मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला रायपुर द्वारा किया जा रहा नवाचार-जो दानदाता किताबें देंगे, उन किताबों में उनके नाम के स्टीकर लगाये जाएंगे, कलेक्टर देंगे प्रमाणपत्ररायपुर / अच्छी किताबें पढ़ने के बाद हम सभी चाहते हैं कि जो विद्या हमने इससे सीखी है उसे दूसरों तक भी पहुंचाएं और इसके लिए पुस्तकालयों को किताबें देने से बेहतर कुछ नहीं जहां किताबों के प्रेमी आते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय हमेशा पठन-पाठन को बढ़ावा देने का जतन करते हैं और उनके निर्देशानुसार जिला प्रशासन रायपुर द्वारा पुस्तकालय उत्कर्ष योजना की शुरूआत की गई है इस योजना के तहत लोग प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित किताबें, साहित्यिक किताबें एवं अन्य जानकारीपरक किताबें दान कर सकेंगे ताकि इसका लाभ बड़ी आबादी को मिल सके।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में पुस्तकालय उत्कर्ष योजना की शुरूआत आज रेडक्रास सभाकक्ष में की गई। जिसका उद्देश्य जरूरतमंद विद्यार्थियों का उनके पाठयक्रम व प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु आवश्यक पुस्तकें व साहित्य प्रेमी लोगों के लिए हेतु पुस्तके उपलब्ध कराना तथा समाज के सभी वर्ग में पठन अभिरूची का विकास कराना है। आयोजित इस कार्यक्रम में 33 दानदाताओं ने 804 पुस्तकें दान में दी। इनमे विद्यार्थियों द्वारा दी गई स्कूली किताबें शामिल हैं तो योजना प्रकाशन द्वारा 1.50 लाख रूपए की हाल ही में प्रकाशित हुई किताबें दी गई। साथ ही राहुल कुमार सिंह और सेवानिवृत इंजीनियर श्री राम टेके द्वारा पुरातत्व पर आधारित स्वयं की लिखी हुई किताबे दान की। वहीं रोल बोल फांउडेंशन ने लैपटाप दिया। दान की गई पुस्तकों में जेईई से लेकर तमाम प्रतियोगी परीक्षाओ के लिए किताबें शामिल थी। सभी के चेहरे में खुशियों से भाव थे जिससे परिलक्षित हो रहा था कि विद्या दान महादान है। इन किताबें में दानदाताओं नाम के स्टीकर लगाए गए और कलेक्टर द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित भी किया गया।कलेक्टर ने कहा कि हमारे आस-पास कई जरूरतमंद विद्यार्थी होते है जिनमें पढ़ने की ललक तो होती है मगर उनके पास शैक्षणिक संसाधन जैसे किताबें इत्यादि नहीं होती है इस योजना से उन्हे पुस्तकें उपलब्ध होगी और उन्हे इनका अघ्ययन कर परीक्षा उतीर्ण अपने लक्ष्य प्राप्त करेंगे। जब इनमें से वे आइएएस, आइपीएस, डिप्टी कलेक्टर, इंजीनियर, डाक्टर या साइंसिस्ट बनेंगे अन्य कोई शासकीय नौकरी या कोई अन्य कोई रोजगार प्राप्त करेंगे, तो उस जगह पर पहुंचने वाला दानदाता को याद रखेगा और धन्यवाद देगा। यह छोटी सी मदद उसके सपनों को पूरी करने में मदद करेगी। कलेक्टर ने आम जनों से आगे बढकर इस योजना में सहभागी होने की अपील भी की।पुस्तक दानदाता छात्रा सुश्री प्रियंका नारायण ने बताया कि प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस योजना में प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी करने वाले बच्चों के लिए मैने 25 बुक डोनेट किया है। जो बच्चे बुक पढ़ या खरीद नही पाते उनके लिए जिला प्रशासन की यह अनोखी पहल है। जिसमें वे पढ़ कर सीख पाएंगे।विद्यादान महादान मैं आशीष श्रीवास्तव योजना चक्र पब्लिकेशन से मुख्यमंत्री श्री साय के पहल स्मृति पुस्तकालय योजना में मैने 500 किताबें डोनेट की है जो जरूरतमंद लोगों तक किताबें पहुंच नहीं पाती है जो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उन तक यह किताबें पहुंच सके, इसके लिए मैने किताबें डोनेट किया है। दानदाता श्रीमती गीता शर्मा है ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से जो ये पहल की गई है वह सराहनीय है। जो जरूरत मंद बच्चे हैं उनके लिए जिस प्रकार से हम किताबें दान कर रहे हैं या हम ला रहे हैं उनको सुविधा दे रहे हैं यह बहुत अच्छी पहल है क्योंकि यहां जाएं किसी रद्दी की टोकरी में फेंकने के लायक नहीं होता वो कभी न कभी किसी न किसी के काम आता है इसमें हम अपना योगदान दे रहे हैं इसके लिए हम बहुत बहुत आभारी हैं।33 दान दाताओं ने दिया दानस्मृति पुस्तकालय योजना के तहत 33 दान दाताओं ने किताबे दान दी। इनमें श्री सागर दुबे, श्री लुमेश कुमार, श्री राजेश गोयल, श्रीमती संगीता अग्रवाल, श्रीमती सीमा बोस, श्री संतोष शर्मा, श्री सुरजीत सिंह छाबड़ा, श्री प्रेमचंद, कुमारी प्रियंका नारायण, योजना पब्लिकेशन, डॉ टी.आर. रामटेके, श्री प्रणय शुक्ला, डॉ हामिद खान, डॉ मनीष मजूमदार, रॉलबाल कम्युनिटी, श्री अभिलाष अग्रवाल, श्रीमती जीनत सबा, कुमारी मेघापाल, कुमारी रश्मि यदु, श्री प्रफुल्ल धु्रव, श्रीमती गीता शर्मा, श्री करण बाघ, श्री शशांक देवांगन, श्री योगेन्द्र कुमार, श्री विवेक कुमार तिवारी, श्री सचिन साहू, श्री मनोज नायक, कुमारी प्रिया झा, कुमारी महिमा सोनबरसी, कुमारी हिमांशी बघेल, श्री अशोक कुमार साहू, श्री लक्की शर्मा एवं श्री राहुल कुमार सिंह शामिल हैं।
- रायपुर / शासकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था रायपुर में संचालित व्यवसाय के तहत कोपा, स्टेनो हिंदी, सहित अन्य रिक्त सीटों व राज्य के अन्य शासकीय आईटीआई रिक्त सीटों में प्रवेश हेतु दिनांक 16 जुलाई 2025 से 23 जुलाई 2025 तक ऑनलाइन आवेदन वेबसाइट cgiti.admissions.nic.in में जाकर आवेदक अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते है | आवेदन करने के आवेदक छत्तीसगढ़ राज्य का मूलनिवासी होना आवश्यक है | प्रवेश हेतु संबंधित जानकारी विभाग के वेबसाइट cgiti.admissions.nic.in पर उपलब्ध है |
- रायपुर / शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, शंकर नगर, रायपुर (छ.ग.) में सत्र 2025-27 के लिए एम.एड. (विभागीय/सीधी भर्ती) अभ्यर्थियों की अंतिम चयन सूची एवं अंतिम प्रतीक्षा सूची जारी कर दी गई है। यह सूची शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय की वेबसाइट www.cteraipur.org तथा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) की वेबसाइट scert.cg.gov.in पर देखी जा सकती है।चयन सूची एवं प्रतीक्षा सूची से सम्बंधित दावा-आपत्ति दिनांक 15 जुलाई 2025 से 21 जुलाई 2025 तक प्रस्तुत की जा सकती है। निर्धारित तिथि के बाद किसी भी प्रकार की आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्वयं अभ्यर्थी की होगी। चयनित अभ्यर्थी अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ 15 जुलाई 2025 से 21 जुलाई 2025 तक कार्यालयीन समय में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
- -लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देशरायपुर /कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।डॉ. सिंह ने कहा कि सीमांकन, त्रुटि सुधार, अविवादित नामांतरण, पात्र खसरे का बटांकन जैसे प्रकरणों को प्राथमिकता में लेकर त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी प्रकरण राजस्व कार्यालयों में अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। साथ ही जिला स्तरीय कॉल सेंटर, हेल्पलाइन, जनदर्शन में लंबित मामलों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को इनके शीघ्र निराकरण हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। महिला बाल विकास विभाग शासकीय योजनाओं का हितग्राहियों को लाभ प्रदान करें। साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों में माताओं और बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान करना सुनिश्चित करें। इस अवसर जिला पचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने शैक्षणिक भ्रमण पर आए सुकमा जिले के बच्चों से की आत्मीय मुलाकातरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ विधानसभा में नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत राजधानी रायपुर के शैक्षणिक भ्रमण पर आए सुकमा जिले की सुदूरवर्ती पाँच ग्राम पंचायतों के बच्चों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उनका हालचाल जाना और राजधानी रायपुर में उनका आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बस्तर के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी सहित सभी मूलभूत सुविधाएँ बस्तर के कोने-कोने तक पहुँचाने हेतु कृतसंकल्पित है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से सौहार्दपूर्ण बातचीत करते हुए कहा कि इस शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से आपको राजधानी रायपुर को निकट से देखने-समझने का अवसर मिला है। इसी तरह राज्य सरकार बस्तर क्षेत्र में भी तीव्र गति से विकास कर रही है। उन्होंने बताया कि सुदूर अंचलों में अब सुरक्षाबलों के कैंप स्थापित हो रहे हैं, और जहां-जहां ये कैंप पहुँचते हैं, वहाँ चौतरफा विकास के द्वार खुलते हैं। अब अधिकांश स्थानों पर शासकीय राशन दुकानों की स्थापना हो चुकी है और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुँच रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि निकट भविष्य में बस्तर पूरी तरह से नक्सलमुक्त क्षेत्र होगा।मुख्यमंत्री ने बच्चों से मुस्कराते हुए पूछा — "बस्तर के शेर बच्चों ने रायपुर के जंगल सफारी में शेर देखा या नहीं?" इस मजाकिया अंदाज़ पर बच्चों सहित उपस्थित सभी लोग ठहाके लगाकर हँस पड़े।श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मनिर्भर बस्तर की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। बस्तर के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उन्हें दुग्ध उत्पादन से भी जोड़ा जा रहा है। सरकार शिक्षा के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सुनिश्चित कर रही है, ताकि क्षेत्र के बच्चों का भविष्य सुरक्षित और समृद्ध हो सके।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायकगण श्री ईश्वर साहू एवं श्री सुशांत शुक्ला भी उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत सुकमा जिले की पाँच सुदूर ग्राम पंचायतों—पालाचलमा, पोटकपल्ली, एलमागुंडा, ताड़मेटला एवं गोलापल्ली—के 100 स्कूली बच्चे राजधानी रायपुर के दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर आए हैं। भ्रमण के दौरान इन बच्चों को मंत्रालय, जंगल सफारी, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का अवलोकन कराया गया। विदित हो कि नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर के नक्सल प्रभावित पाँच जिलों के बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
- -अद्वितीय आस्था और सरकार की प्रतिबद्धता ने पार किया 20 हज़ार श्रद्धालुओं के लक्ष्य का आंकड़ा-रजत जयंती वर्ष में सांस्कृतिक चेतना को नई उड़ान: ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ अंतर्गत रायपुर से विशेष ट्रेन हुई रवाना-श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत रायपुर से 850 श्रद्धालुओं का तीर्थयात्रा हेतु प्रस्थान — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी शुभकामनाएंरायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेशवासियों की आस्था और श्रद्धा को मूर्त रूप देने हेतु प्रारंभ की गई ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत आज रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर संभाग के 850 श्रद्धालु विशेष ट्रेन से अयोध्या धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए। इस पवित्र यात्रा के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनकी यात्रा के मंगलमयी होने की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धालुओं को हमारे 'भांचा राम' — श्रीरामलला के निःशुल्क दर्शन कराने की यह पुण्य यात्रा अनवरत जारी है। यह यात्रा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की उस गारंटी को साकार कर रही है, जिसमें उन्होंने देश के प्रत्येक नागरिक को प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था।उन्होंने कहा कि “श्री रामलला दर्शन योजना” के अंतर्गत सरकार ने मार्च 2024 तक 20,000 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया था, किंतु प्रदेशवासियों की अद्वितीय आस्था, उत्साह, और सरकार की प्रतिबद्धता के चलते यह संख्या 22,000 से अधिक हो चुकी है। इस यात्रा में श्रद्धालुओं को काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त हो रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए ₹36 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। अब तक बीते डेढ़ वर्षों में 27 विशेष ट्रेनें छत्तीसगढ़ के विभिन्न संभागों से श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या धाम के लिए रवाना हो चुकी हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रामलला तीर्थ दर्शन योजना केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का हर नागरिक, विशेषकर बुज़ुर्ग एवं वंचित वर्ग, अपने जीवन में एक बार प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान के दर्शन कर सके।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रारंभ की गई ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ आज प्रदेशवासियों के जनजीवन से गहराई से जुड़ चुकी है। इसी कड़ी में वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली विशेष ट्रेन आज रायपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने दोपहर 1:00 बजे हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। ट्रेन के प्रस्थान के दौरान रायपुर रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर 7 जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। तीर्थयात्रियों और उनके परिजनों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। यात्रियों का पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य एवं लोकवाद्य से स्वागत किया गया, वहीं IRCTC के प्रतिनिधियों द्वारा तिलक लगाकर अभिवादन किया गया।इस अवसर पर विधायकगण श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहिब, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, सचिव संस्कृति एवं पर्यटन डॉ. रोहित यादव, पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं रेलवे व IRCTC के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि इस योजना की परिकल्पना मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेशवासियों को जीवन में एक बार अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। इसके लिए 23 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और IRCTC के मध्य एमओयू संपादित किया गया था। योजना की औपचारिक शुरुआत 5 मार्च 2024 को रायपुर से हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं पहली ट्रेन को रवाना किया था। इसके पश्चात बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग-बस्तर (संयुक्त) संभागों से भी विशेष ट्रेनों का संचालन हुआ। विगत वर्ष इस योजना के माध्यम से लगभग 22,100 श्रद्धालुओं ने अयोध्या धाम के दर्शन किए। योजना के अंतर्गत प्रत्येक संभाग से साप्ताहिक विशेष ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा। file photo
- - ऑपरेशन सिन्दूर पर छत्तीसगढ़ की जनता को गर्व: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया प्रधानमंत्री के प्रति आभाररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की कुशल रणनीति और नेतृत्व क्षमता को पूरे देश ने देखा है। यह केवल एक मिशन नहीं था, बल्कि भारत की ताकत, संकल्प और वैश्विक नेतृत्व क्षमता का जीवंत प्रमाण है। श्री साय आज विधानसभा में ऑपरेशन सिन्दूर के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को ऑपरेशन सिन्दूर के सफल संचालन के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता को इस ऑपरेशन की सफलता पर गर्व है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि भारत अब ऐसा राष्ट्र बन चुका है जो अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी परिस्थिति में, किसी भी सीमा तक जाकर, त्वरित, निर्णायक और प्रभावी कार्यवाही करने में सक्षम है। ऐसे अभियान केवल सैन्य या कूटनीतिक सफलता का प्रतीक नहीं होते, बल्कि वे संपूर्ण राष्ट्र की भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व का दृष्टिकोण स्पष्ट है — हर भारतीय का जीवन बहुमूल्य है, चाहे वह देश में हो या विदेश में। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऑपरेशन के केंद्र में समन्वय और निर्णय क्षमता की जो धुरी रही, वह हैं - प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी। प्रधानमंत्री श्री मोदी की सक्रिय भागीदारी, व्यक्तिगत निगरानी और स्पष्ट निर्देशों के कारण ही यह मिशन समयबद्ध, सुरक्षित और सफलतापूर्वक सम्पन्न हो पाया।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना की बात करते हैं, तो ऐसे मिशन हमें यह विश्वास दिलाते हैं कि भारत केवल अपने नागरिकों की ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता की रक्षा के लिए भी कर्तव्यनिष्ठ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत की साख अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नई ऊंचाइयों को स्पर्श कर रही है। ऑपरेशन गंगा, ऑपरेशन कावेरी, ऑपरेशन देवी शक्ति, और अब ऑपरेशन सिन्दूर — भारत ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि वह वैश्विक संकटों में मूक दर्शक नहीं, बल्कि सक्रिय संकट-निवारक राष्ट्र है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पहलगाम की वीभत्स घटना के पश्चात हमारे प्रदेश के सपूत स्वर्गीय दिनेश मिरानिया का पार्थिव शरीर भी लौटकर आया। मैंने स्वयं उनके परिवार की पीड़ा को देखा। हमारी बहन ने अपनी आँखों के सामने अपना सुहाग उजड़ते देखा — यह पीड़ा कितनी गहरी है, यह पूरा सदन समझ सकता है। आतंकियों ने उन्हें केवल इस कारण मार डाला कि वे नहीं चाहते थे कि जम्मू-कश्मीर, जो भारत का अभिन्न अंग है, उसमें अन्य प्रांतों के नागरिकों की आवाजाही हो सके। उन्हें धर्म देखकर मारा गया। देश भर की माताओं-बहनों के बिलखने की तस्वीरें सामने आईं और इनके साथ पूरा देश रोया। यह एक ऐसी अमानवीय घटना थी, जिसमें सम्पूर्ण मानवता तार-तार हो गई।मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों का रक्त बहाया, वहीं भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में इस बात का विशेष ध्यान रखा कि पाकिस्तान के आम नागरिकों को कोई क्षति न पहुँचे। हमारे नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत किसी को छेड़ता नहीं, परंतु छेड़ने वालों को छोड़ता भी नहीं। ऑपरेशन सिन्दूर के माध्यम से भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि हम प्रत्येक रक्त की बूँद का हिसाब लेते हैं। जिन आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया, वे संसद हमले, मुंबई हमले, अक्षरधाम हमला और पुलवामा जैसी भीषण घटनाओं में लिप्त थे। भारत ने आतंकवाद को शह देने वाले देशों को विश्व मंच पर बेनकाब किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने सदैव शांति को प्राथमिकता दी है, परंतु संप्रभुता पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उसका माकूल उत्तर दिया जाएगा। जो देश आतंकवादियों की भाषा बोलते हैं, वे आज वैश्विक मंचों पर अलग-थलग पड़ चुके हैं — इसका श्रेय भारतीय नेतृत्व की अडिग इच्छाशक्ति को जाता है। पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को बेनकाब करने हेतु प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जिस प्रकार सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल विभिन्न देशों में भेजा, वह भारतीय लोकतंत्र की सुंदरता और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना का आदर्श उदाहरण है।मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्हें यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। उनके व्यक्तित्व में संकल्प, समन्वय और संवेदनशीलता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। रक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु प्रधानमंत्री जी ने जो सतत परिश्रम किया, उसका प्रभाव हमें ऑपरेशन सिन्दूर में प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिला। यह ऑपरेशन 140 करोड़ देशवासियों की एकजुटता और अखंडता का प्रतीक बन चुका है और सदा स्मरणीय रहेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर केवल आतंकवाद के विरुद्ध कार्रवाई नहीं, बल्कि यह नारी सम्मान और शक्ति का भी प्रतीक है, मातृशक्ति को समर्पित एक ऐतिहासिक सैन्य-संकल्प है।


















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