- Home
- छत्तीसगढ़
-
भिलाईनगर। विकसित भारत के संकल्प को हर घर तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार प्रतिबद्व है, इसी क्रम में हमारे संगवारी द्वारा एक काॅल पर शासकीय सेवाए घर तक पहुंचायी जा रही है। इससे बिना परेशानी के सुगमता पूर्वक समय पर दस्तावेज और प्रमाण पत्र उपलब्ध हो जा रहे है। नागरिको की मूलभूत प्रमाण पत्र जो उनके दैनिक उपयोग के लिए बहुत आवश्यक है। घर बैठे बैठे मोर संगवारी सेवा के माध्यम से पहुंच जा रहा है। यह योजना छत्तीसगढ़ के 14 नगर निगमों में चल रही है। प्रदेश में भिलाई नगर निगम का तीसरा स्थान है। कोई भी नागरिक अपनी आवश्यकता के अनुसार शासन द्वारा जारी किये गये टोल फ्री नम्बर 14545 पर फोन करके अपने घर बैठे बैठे मोर संगवारी सेवा के एजेंट को बुला सकता है, जो आवश्यक दस्तावेज घर से लेकर समय अवधि में घर पर ही प्रमाण पत्र बनवाकर पहुचा देता है। इस सुविधा का उददेश्य है, नागरिको को आफिसो तक न आना पड़े। उनके समय की बचत हो। सभी आवश्यक प्रमाण पत्र उनके घर बैठे बैठे मोर संगवारी सेवा के अंतर्गत मिल जाये। यह सभी वर्ग के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्व हो रहा है।
नगर निगम भिलाई द्वारा अभी तक 26278 प्राप्त आवेदन का निराकरण करके नागरिको को लाभ पहुंचाया गया है। जिसमें प्रमुख रूप से विवाह प्रमाण पत्र के कुल- 1969, मृत्यु प्रमाण पत्र के कुल-309, जन्म प्रमाण पत्र के कुल-376, दुकान एवं स्थापना पंजीयन/गुमस्ता लाइसेंस के कुल-314, 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का आधार पंजीयन के कुल-8648, पेनकार्ड सेवा के कुल-236, आधार मोबाईल नम्बर अपडेट के कुल-10110, मूल निवासी प्रमाण पत्र के कुल-1169, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र के कुल-56, पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र के कुल-254, आय प्रमाण पत्र के कुल-2428, एपीएल राशन कार्ड के कुल- 151, विवाह सुधार प्रमाण पत्र के कुल-81 प्रमाण पत्र एवं अन्य प्रमाण पत्र के कुल- 177 बनाकर घर तक पहुचाया गया।
आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने बताया कि प्रत्येक प्रमाण पत्र का शुल्क शासन द्वारा निर्धारित है। मोर संगवारी सेवा का एजेंट निर्धारित शुल्क लेकर हितग्राही को रसीद प्रदान करती है। मोर संगवारी सेवा घर पहुच सुविधा देने के लिए अतिरिक्त 50 रूपये पारिश्रमिक शुल्क लेता है। वैशालीनगर विधायक रिकेश सेन, भिलाईनगर विधायक देवेन्द्र यादव, महापौर नीरज पाल ने सभी नागरिको से अपील की है कि घर बैठे बैठे आवश्यकतानुसार प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते है। यह शासन की बहुत ही महत्वकांक्षी योजना है, इससे सब को लाभ मिल रहा है। इसके लिए नागरिको को नगर निगम भिलाई आने की आवश्यकता नहीं है। केवल टोल फ्री नम्बर 14545 पर काॅल करना होगा। मोर संगवारी सेवा का एजेंट आपके घर तक पहुंच कर सेवा प्रदान कर देगा।
-
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के रोका-छेका अभियान की टीम द्वारा लगातार आवारा पशुओ को पकड़ने की कार्यवाही लगातार कर रही है। अकसर देखा जा रहा है कि मवेशी मालिको द्वारा जानवरो को खुले में छोड़ दिया जा रहा है। जिससे मवेशी सड़को के बीच झुण्ड लगाकर खड़े रहते या बैठ जाते है। दुर से आ रही गाड़ियों में दिखाई नहीं पड़ते, इससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। पूर्व में नगर निगम भिलाई द्वारा जानवरो को पकड़कर सिंग में रेडियम पटटी लगाया जा रहा था। बाद मे देखा गया, बारिश से भीगकर जानवरो के सिंग से वह पटटी गिर जा रही है। इस लिए नगर निगम भिलाई द्वारा जानवरो को पकड़ कर सीधे उनके गले में रेडियम का पटटी लगा दिया जा रहा है। ताकि दुर से आ रही गाड़ियो की लाईट से रेडियम पटटी चमके, गाड़ी चालक देखकर संभल जाये और दुर्घटना से बच जाये।
नगर निगम भिलाई के रोका छेका अभियान के अंतर्गत दल द्वारा लगातार आवारा पशुओ को पकड़ने की कार्यवाही कर रही है। आवारा पशुओ को पकड़कर शहरी गौठान में बंद कर रही है। दोनो पाली में नगर निगम भिलाई के टीम 3 काउकेचर के माध्यम से जानवरो को पकड़कर गौठान में ले जा रही है। बार-बार अपील करने के बाद भी पशु मालिक जानवरो को छोड़ देते है। कुछ ऐसे पशु मालिक भी है जो पकड़े गये पशु को छुड़ाने नहीं आते है। इस प्रकार के सैकड़ो जानवर नगर निगम के गौठान में बंद है जिसके मालिक छुड़ाने नहीं आ रहे है।
रोका छेका अभियान के नोडल अधिकारी अनिल सिंह, राजस्व अधिकारी मलखान सिंह सोरी, जे.पी.तिवारी, बालकृष्ण नायडू एवं तोड़फोड़ दस्ता प्रमुख हरिओम गुप्ता अपने दल के सदस्यो के साथ जानवरो को पकड़ने का कार्य कर रहे है।
- -शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं किसी भी क्षेत्र में सबसे अच्छा कार्य करने शिक्षा जरूरी-मुख्यमंत्री जशपुर जिले के ग्राम बंदरचुंआ में आयोजित मेगा शिक्षक पालक कार्यक्रम में हुए शामिलरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जशपुर जिले के ग्राम बंदरचुंआ में आयोजित मेगा शिक्षक पालक कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों की अच्छी शिक्षा और इनके उन्नत भविष्य के लिए यह आवश्यक है कि अभिभावक शिक्षकों से नियमित रूप से संवाद करें जितना अधिक शिक्षक और अभिभावक संवाद प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे, उतना ही अधिक बच्चों का रचनात्मक विकास होगा उन्होंने पालकों तथा शिक्षकों से कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए उन्हें बेझिझक बोलने के लिए तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विकास का मूलमंत्र हैं। यह केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं है बल्कि किसी भी क्षेत्र में सबसे अच्छा काम करने के लिए भी शिक्षा बेहद जरूरी है। एक शिक्षित और अशिक्षित व्यक्ति दोनों ही जीवन जीते हैं लेकिन दोनों के जीवन की गुणवत्ता में काफी अंतर देखने में आता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक बच्चे के भीतर आई जिज्ञासाओं का समाधान करने की कोशिश करें। घर पहुंचने पर यह जरूर पूछें कि बच्चे ने आज क्या सीखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंदरचुंआ के स्कूल से पुराना लगाव है। यहां के शिक्षक और जागरूक पालकों के कारण इस स्कूल में शिक्षा का स्तर काफी अच्छा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के समाज में पुरातन काल से ही शिक्षा का काफी महत्व रहा है। भारत विश्वगुरू कहलाता था। पूरी दुनिया से लोग यहां के विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति लाई गई है जिसे प्रदेश में लागू किया गया है। इसमें नैतिक शिक्षा को भी शामिल किया गया है। संस्कार सिखाने के साथ ही रोजगार के लिए भी विद्यार्थियों को तैयार किया जा रहा है। छात्रों के स्किल बिल्डिंग पर काम किया जा रहा है, ताकि उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गर्मी में समर कैंप लगाए गए। बच्चों को बहुत सी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय स्कूलों में पालक शिक्षक बैठक का नियमित आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी पालकों से अनुरोध किया कि स्कूल आएं और अपने बच्चे के पढ़ाई लिखाई और प्रोग्रेस के बारे में जाने। उन्होंने कहा कि स्थानीय बोली भाषा में भी पढ़ाई को बढ़ावा दिया जायेगा। इसके लिए किताबें भी उपलब्ध कराई जायेगी। पीएम श्री योजना से स्कूलों में संसाधनों को बेहतर किया जायेगा। टॉपर बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। सरस्वती सायकल योजना से छात्राओं को सायकल वितरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नालंदा परिसर की तर्ज में प्रदेश के 22 जिलों में पुस्तकालय का निर्माण किया जा रहा है, इसमें जशपुर और कुनकुरी में भी नालंदा परिसर खोलने जा रहे हैं। यहां बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के किताबें वातावरण भी उपलब्ध कराई जाएंगी।मुख्यमंत्री को पालक शिक्षक बैठक में 12 मुख्य गतिविधियों के बारे में स्कूल के बच्चों ने ही बताया। पालकों ने भी अपने अनुभव बताए। पालक श्री हरिसेवक चौहान ने बताया कि उनका एक पोता यहां से पढ़कर अभी एमएससी कर रहा है और एक यहां से ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ रहा है। वे एक जागरूक पालक हैं जो अपने बच्चों के पढ़ाई लिखाई के बारे में पूरी जानकारी रखते हैं।इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्म पत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि बंदरचुंआ स्कूल में सन 1997-98 से स्वतंत्रता और गणतंत्र दिवस के आयोजन में शामिल होने का मौका मिल रहा है। यहां के बच्चों के साथ दिल से जुड़ाव है। परीक्षा से पहले भी यहां बच्चों के मार्गदर्शन के लिए पहुंचते रहे हैं। बच्चों और पालकों से यही बात कहना चाहती हूं कि परीक्षा परिणाम के लिए तनाव नहीं लेना है। पूरी मेहनत से परीक्षा देना है। नंबर कम ज्यादा हो तो तनाव बिल्कुल न लेना है। परिवार पहली पाठशाला है और माता पिता पहले गुरु हैं।मुख्यमंत्री की घोषणाएं - इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बंदरचुंआ में सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड निर्माण की घोषणा की। साथ ही उन्होंने प्राथमिक शाला बंदरचुंआ से छेराघोघरा चौक तक सड़क किनारे सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने, भुइयार बस्ती से सरना पहुंच मार्ग में सड़क और पुल, गायत्री मंदिर और शिव मंदिर के जीर्णाेद्धार, आश्रम छात्रावास को 50 सीटर से 100 सीटर करने तथा बंदरचुंआ में मिनी स्टेडियम निर्माण की घोषणा की।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से कहा- मेहनत और लगन से पढ़िए और अपना उज्ज्वल भविष्य गढ़िएरायपुर / मेगा पालक शिक्षक बैठक में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को स्कूली बच्चों ने पोस्टर के माध्यम से पालक शिक्षक मीटिंग के उद्देश्य और गतिविधियों की रूपरेखा और इससे छात्रों को होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से बताया। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा विभाग द्वारा 13 बिंदु पालक शिक्षक मीटिंग के लिए निर्धारित किए गए हैं, अलग अलग बच्चों ने इन बिंदुओं के बारे में बताया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी गतिविधियों के बारे में जानकारी ली और बच्चों से इन सभी का अच्छे से लाभ उठाने के लिए कहा। उन्होंने बच्चों से उनके करियर प्लान भी पूछे और खूब मेहनत कर अपने सपनों को पूरा करने की सीख दी। उन्होंने कहा जीवन में श्रेष्ठता हासिल करने का एक मात्र माध्यम शिक्षा है। आप करियर में जिस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते उसके लिए लगन और मेहनत से पढ़िए जिससे आप अपना उज्ज्वल भविष्य गढ़ सकें। इस दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय और स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी भी इस दौरान साथ रहे।पालक शिक्षक संवाद में पालकों को बच्चों के लिए यथासंभव घर में पढ़ाई के लिए मेरा कोना-स्टडी कॉर्नर के रूप में एक निश्चित स्थान तय करने की बात बताई गई। इसी प्रकार छात्रों के लिए एक आदर्श दिनचर्या कैसी हो इसकी जानकारी दी गई।बच्चों ने आज क्या सीखा के तहत पालकों की सहभागिता बढ़ाने के साथ उनकी प्रोग्रेस मॉनिटर करने में सहायता मिलेगी। ‘‘बच्चा बोलेगा बेझिझक’’ से बच्चों के अंदर स्टेज में बोलने के भय को दूर करना और पब्लिक स्पीकिंग और लीडरशिप क्वालिटी बढ़ाने पर काम होगा। बच्चों की अकादमिक प्रगति एवम परीक्षा पर चर्चा का उद्देश्य पालकों और छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाले तनाव को दूर करना और अच्छे अंक लाने के लिए प्रोत्साहित करना है। पुस्तक की उपलब्धता सुनिश्चित करना, बस्ता रहित शनिवार के अंतर्गत अन्य ज्ञानवर्धक गतिविधियों से छात्रों को जोड़ना, विद्यार्थियों के आयु/कक्षा अनुरूप स्वास्थ्य परीक्षण एवम पोषण की जानकारी देना, न्योता भोज के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना, विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से शिक्षा हेतु पालकों एवम छात्रों को अवगत कराना, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं/ छात्रवृत्ति एवम विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ जाति/आय/निवास प्रमाण पत्र निर्माण और नई शिक्षा नीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
- -मुख्यमंत्री ने पालकों से जाने पालक शिक्षक संवाद के अनुभव-मुख्यमंत्री श्री साय ने पालकों से कहा शिक्षकों के संपर्क में रहकर बच्चों के पढ़ाई लिखाई के बारे में लेते रहें जानकारीरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बंदरचुंआ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित मेगा पालक शिक्षक बैठक कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने पालक शिक्षक बैठक में शामिल होकर पालकों से कार्यक्रम को लेकर उनके अनुभव जाने। बच्चों के माता पिता के साथ कुछ बच्चों के दादा दादी भी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि परिवार किसी भी बच्चे की पहली पाठशाला है और माता पिता पहले गुरु। शासकीय स्कूलों में पालक शिक्षक संवाद का कार्यक्रम शुरू किया गया है जिससे पालकों को उनके बच्चों के पढ़ाई लिखाई के बारे में जानकारी मिले और बच्चे के शैक्षणिक प्रगति में उनकी भी सहभागिता हो। उन्होंने बताया कि आज स्कूलों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत सी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने पालकों से अनुरोध किया कि अपने बच्चों के शिक्षकों से सतत संपर्क में रहें। इससे बच्चे के पढ़ाई लिखाई के बारे में जानकारी मिलेगी ही साथ ही आपकी सहभागिता से बच्चे के गलत संगत में जाने की आशंका भी नही होगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पालकों को सम्मानित भी किया।इस मौके पर स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी साढ़े पांच हजार संकुलों में मेगा पालक शिक्षक मीटिंग कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री महोदय ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में यह बात रखी कि प्राइवेट स्कूल में पीटीएम आयोजित होता है लेकिन सरकारी स्कूलों में यह नही होता है। इसे हमें लागू किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर यह पालक शिक्षक बैठक आयोजित किया जा रहा है। यह बच्चे के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाएगा। पालक शिक्षक बैठक का मुख्य उद्देश्य है पढ़ाई लिखाई और स्कूली गतिविधियों में शिक्षकों के साथ पालकों की सहभागिता हो।दादा ने बताया मैं भी यहां से पढ़ा मेरा पोता भी यहीं से पढ़ रहा -डोंडापानी के श्री हरिसेवक चौहान ने बताया कि वे खुद इसी स्कूल से पढ़े हैं और अब उनका एक पोता यहां से पढ़कर अभी एमएससी कर रहा है। वहीं दूसरा पोता अभी जीव विज्ञान विषय के साथ कक्षा 11वीं में है। उन्होंने इस कार्यक्रम को शिक्षा गुणवत्ता बेहतर करने की दिशा में एक शानदार पहल बताया। उन्होंने कहा कि हमारे शिक्षक कहते थे मैं आपको तो पढ़ा ही रहा हूं आपके साथ आपके बच्चों की अच्छी शिक्षा का माध्यम भी बन रहा हूं क्योंकि आप शिक्षित होंगे तो आपका बच्चा भी निश्चित रूप से शिक्षित होगा। पालक शिक्षक के बीच संवाद से बच्चे के शिक्षा के स्तर की निरंतर मॉनिटरिंग होगी और उनकी नींव मजबूत होगी। इसी प्रकार फिलसिता कुजूर ने बताया कि मैं ज्यादा पढ़ी लिखी नही हूं लेकिन अपनी पोती को अच्छे से पढ़ाने लिखाने का प्रयास कर रहे हैं। पालक शिक्षक बैठक सभी पालकों को उनके बच्चों के बारे में जानकारी मिलेगी जिससे वे घर में भी बच्चों पर मेहनत कर पाएंगे।
- - जेम पोर्टल से होगी उपकरण, कंज्यूमेबल और रीएजेंट की खरीदी, वर्तमान प्रचलित अनुबंध दर को किया गया निरस्त-जेम पोर्टल में अनुपलब्ध सामग्रियों की खुली निविदा के माध्यम से होगी खरीदीरायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में सीजीएमएससी संचालक मंडल की 48वीं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन की संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने संचालक मंडल के सामने कार्यवाही विवरण और लिए गए निर्णयों का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। बैठक में आवश्यक निर्माण कार्य की वस्तुस्थिति, नए कार्यों कि जानकारी, जेम्स पोर्टल से उपकरणों, कंज्यूमेबल तथा दवाइयों की खरीदी सम्बन्धी चर्चा हुई और निर्णय लिए गए। बैठक कंज्यूमेबल के क्रय हेतु सीजीएमएससी द्वारा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 11.07.2024 के क्रियान्वन हेतु जो कंज्यूमेबल सामग्रिया GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध है, उनको GeM पर क्रय करने एवं उनका निगम में वर्तमान प्रचलित दर अनुबंध को समाप्त करने का निर्णय तथा जो कंज्यूमेबल सामग्रियां GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध नहीं है, उनकी निविदा जारी कर दर-अनुबंध कर क्रय करने का निर्णय लिया गया।बैठक में उपकरणों के क्रय हेतु सीजीएमएससी द्वारा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 11.07.2024 के क्रियान्वन हेतु जो उपकरण GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध है, उनको GeM पर क्रय करने एवं उनका निगम में वर्तमान प्रचलित दर-अनुबंध को समाप्त करने का निर्णय तथा तथा जो उपकरण GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध नही है, उनकी निविदा जारी कर दर-अनुबंध कर क्रय करने का निर्णय लिया गया।इसी तरह से रीएजेंट के क्रय हेतु सीजीएमएससी द्वारा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 11.07.2024 के क्रियान्वन हेतु जो रीएजेंट GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध है, उनको GeM पर क्रय करने एवं उनका निगम में वर्तमान प्रचलित दर अनुबंध को समाप्त करने का निर्णय तथा जो रीएजेंट GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध नही है, उनकी निविदा जारी कर दर-अनुबंध कर क्रय करने का निर्णय लिया गया।बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ , विशेष सचिव श्री चंदन कुमार, आयुक्त चिकित्सा सेवा श्रीमती किरण कौशल, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री ऋतुराज रघुवंशी, संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्री जगदीश सोनकर, संचालक आयुष सुश्री इफ्फत आरा समेत स्वास्थ्य एवं वित्त विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में होगी बैठकरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक 7 अगस्त बुधवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में होगी। बैठक प्रातः 11 बजे से आयोजित होगी। file photo
- -मेगा पालक शिक्षक सम्मेलन में शामिल हुई महिला एवं बाल विकास मंत्रीरायपुर / बच्चों के अच्छे रिजल्ट और भविष्य के लिए शिक्षक और अभिभावक दोनों ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इस आशय केे विचार महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मेगा पैरेंट्स टीचर सम्मेलन व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हम अभिभावकों को बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षकों से बीच-बीच में मिलकर उनके बारे में जानकर चर्चा करते रहना चाहिए।श्रीमती राजवाड़े आज सूरजपुर जिला के ग्राम चांदनी बिहारपुर के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यमिक शाला में आयोजित मेगा पैरेंट्स टीचर सम्मेलन में शामिल हुई। उन्होंने वहां शिक्षकों एवं अभिभावकों से नई शिक्षा नीति 2020 पर चर्चा की। श्रीमती राजवाड़े अचानक बच्चों की कक्षा में पहुंची और बच्चों से उनकी पढ़ाई से जुड़े सवाल जवाब किए। उन्होंने बच्चों से उनकी समस्याएं भी पूछी और उसके तत्काल निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
- रायपुर / वन एवं जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने केन्द्रीय मंत्री श्री पाटिल को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित राज्य की लोक कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
- रायपुर, / वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव से सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने बैठक में छत्तीसगढ़ में वन संरक्षण, पर्यावरण सुधार और वन्यजीवों के सरंक्षण जैसे विषयों पर चर्चा की।वनमंत्री श्री कश्यप ने केंद्रीय मंत्री को राज्य के वन प्रबंधन, वृक्षारोपण अभियान और पर्यावरणीय सुधारों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए राज्य द्वारा किए जा रहे प्रयासों और वन भूमि की रक्षा पर ध्यान आकर्षित किया।केंद्रीय मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने छत्तीसगढ़ की वन और पर्यावरण नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को हरसंभव केंद्रीय सहायता दिया जाएगा। उन्होंने राज्य के वन प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक सहयोग देने की बात कही। मुलाकात के दौरान वन्य जीवों के संरक्षण, वन क्षेत्रों में विस्तार और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया गया। यह बैठक छत्तीसगढ़ के वन एवं पर्यावरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधारों की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित होगी।
- -हाथी विचरण वाले क्षेत्रों में सोलर लाइट और सुरक्षा उपायों पर चर्चारायपुर / आदिम जाति, अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव से सौजन्य मुलाकात की। बैठक में मंत्री श्री नेताम ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि सरगुजा संभाग के आस-पास हाथियों का प्रायः विचरण होता है। जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है ।मंत्री श्री नेताम ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि हाथियों के विचरण से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में फसलें बर्बाद हो रही हैं और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा पर भी खतरा बना रहता है। इस समस्या के समाधान के लिए, उन्होंने हाथी विचरण वाले गांवों में सोलर लाइट की सुविधा प्रदान करने की आग्रह किया। इसके साथ ही, उन स्थानों पर वर्टिकल सोलर फेंस स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मंत्री श्री नेताम ने केंद्रीय मंत्री से हाथी मित्र दलों के लिए आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग रखी। केंद्रीय मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने इन सभी मुद्दों पर यथाशीघ्र उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया साथ ही छत्तीसगढ़ के वन और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हरसंभव केंद्रीय सहयोग देने की बात कही।
- -विद्यालय के मेधावी छात्राओं को कैबिनेट मंत्री ने किया सम्मानितरायपुर / देश की शिक्षा बेहतर से बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश में नई शिक्षा नीति लागू की है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की भी सोच यही है कि हमारे प्रदेश के बच्चे बेहतर शिक्षा प्राप्त करके अच्छे नागरिक बनें और देश की सेवा करें। इसके लिए आज से प्रदेश सहित कोरबा जिले के सभी 248 संकुल स्तर पर मेगा पालक-शिक्षक बैठक आयोजित की गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। शिक्षा के स्तर में सुधार होने पर ही हमारा देश विकसित भारत बन पाएगा। उक्त उद्गार वाणिज्य, उद्योग, व्यापार एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने मंगलवार को कोरबा के शासकीय कन्या शाला विद्यालय में आयोजित संकुल स्तरीय मेगा पालक-शिक्षक बैठक में व्यक्त किए।श्री देवांगन ने कहा कि हर एक बच्चा बड़ा होकर आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर बनने का सपना देखता है। यदि वह मन लगाकर ईमानदारी से मेहनत करता है और अच्छी शिक्षा प्राप्त करता है तो वह अपनी मंजिल पा लेता है। उन्होंने कहा कि स्कूल की शिक्षा के साथ ही पालक अपने बच्चों को घर पर पढ़ाएं। अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए ज्यादा समय दें। बच्चा जितना शिक्षित होगा, हमारा देश उतना ही आगे बढ़ेगा। प्राइवेट स्कूलों में फीस महंगी होती है, जहां पर सभी बच्चों का पढ़ना संभव नहीं हो पाता। इसलिए छत्तीसगढ़ शासन-प्रशासन के द्वारा मानक स्तर की अच्छी स्कूलों की व्यवस्था की जा रही है। भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सतत् प्रयास किए जा रहे हैं। स्कूलों में छात्रों को छात्रवृत्ति, पुस्तकें, गणवेश, कम्प्युटर शिक्षा आदि सुविधाएं दी जा रही है, जिसके माध्यम से पिछड़े वर्ग के बच्चे भी आईएएस बन रहे हैं। इन शिक्षा सुविधाओं का लाभ लेने के लिए पालक और शिक्षक अन्य लोगों को भी प्रेरित करें। मंत्री श्री देवांगन ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत विद्यालय परिसर में पौधरोपण किया तथा सभी को पौधरोपण हेतु प्रेरित किया।इस अवसर पर कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने कहा कि इस मेगा पालक-शिक्षक बैठक का उद्देश्य अपने बच्चों की पढ़ाई, उनके सर्वांगीण विकास में पालकों की व्यवस्थित तरीके से भागीदारी बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने पालकों से अच्छा मार्गदर्शन मिलना आवश्यक है।इस हेतु पालकों को बच्चों की शिक्षा के लिए ज्यादा से ज्यादा समय देना होगा। आज की दुनिया तेजी से बदल रही है। कलेक्टर ने कहा कि पालकों के द्वारा शिक्षा व्यवस्था के लिए दिए सुझावों को जिला प्रशासन द्वारा अमल में लाने का प्रयास किया जाएगा। कलेक्टर ने सभी पालकों से आव्हान किया कि हर पालक अपने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा समय देवें तथा बच्चों का गुणात्मक विकास करें। कार्यक्रम में पालक श्री माधवलाल साहू ने सुझाव देते हुए कहा कि घर में बच्चों के लिए माता-पिता कम ही समय दे पाते हैं। बच्चों के लिए शिक्षा आज मानसिक बोझ की तरह है, इसमें सुधार की आवश्यकता है। सैद्धांतिक शिक्षा की साथ ही बच्चों को टेक्नीकल, व्यवसायिक, शिक्षा भी दी जाए, जिससे की बच्चे केवल नौकरी पर ही निर्भर न रहें और अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकें।इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन एवं कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने विद्यालय के बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान मेधावी छात्राओं सुश्री तस्मया खातुन, धनेश्वरी साहू, नेहा कर्ष, ऊषा नेताम को स्मृति चिन्ह देकर प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी श्री टी. पी. उपाध्याय, बीईओ श्री संजय अग्रवाल, शासकीय साडा कन्या विद्यालय के प्राचार्य श्री सिंह सहित शिक्षक, पालक, छात्राएं उपस्थित थे। जिले के विद्यालयों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में संकुल स्तरीय मेगा पालक शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया एवं पालको को बच्चों के सर्वांगीण विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने हेतु प्रेरित किया गया।
- -आयुष ग्राम विकसित करने चिकित्सकों को दी गई जानकारी-आयुष संचालनालय द्वारा जिला आयुर्वेद अधिकारियों और आयुष ग्राम के चिकित्सकों के लिए कार्यशाला का आयोजनरायपुर.। राज्य शासन के आयुष संचालनालय द्वारा राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत प्रदेश में आयुष ग्राम विकसित करने आज राजधानी रायपुर में एक दिवसीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में आयोजित कार्यशाला में जिला आयुर्वेद अधिकारियों और सभी विकासखंडों के आयुष ग्राम के चिकित्सकों को आयुष ग्राम में क्रियान्वित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।आयुष विभाग की संचालक सुश्री इफ्फत आरा ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि आयुष जीवन शैली के सिद्धांतों और प्रथाओं को अपनाने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वास्थ्य देखभाल व उपचारों पर आधारित आयुष ग्राम की परिकल्पना को साकार करने छत्तीसगढ़ के 146 विकासखंडों में आयुष ग्राम का चिन्हांकन किया गया है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत प्रदेश में 146 आयुष ग्राम विकसित किए जा रहे हैं। आयुष ग्राम के माध्यम से ग्रामीणों के स्वास्थ्य की रक्षा और आजीवन स्वस्थ रखने आयुर्वेद, योग तथा आयुष पद्धतियों के अनुसार उन्हें शिक्षित किया जाएगा। आयुष ग्रामों में जनभागीदारी के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएगी।छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस. राव ने कार्यशाला में आयुष अधिकारियों और चिकित्सकों को सर्वसुलभ औषधीय पौधों के रोपण एवं उपलब्ध बाजार की जानकारी दी। उन्होंने औषधीय गुणों से भरपूर स्टीविया, शतावरी, कालमेघ, लेमन-ग्रास, केऊकंद, अश्वगंधा, सर्पगंधा जैसे 20 पौधों को प्रदर्शित कर इनके रोपण के लिए उपयुक्त मौसम और खेती के बारे में विस्तार से बताया।आयुष विभाग के सहायक संचालक-सह-राज्य कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गजेन्द्र बघेल ने कार्यशाला में आयुष ग्राम की परिकल्पना और वहां संचालित की जाने वाली गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयुष ग्राम में लोगों को पेड़-पौधों के औषधीय गुणों के बारे में जागरुक कर इनके पौधरोपण और संरक्षण को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत गांवों का चिन्हांकन कर स्थानीय लोगों को आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुरूप स्वस्थ जीवन शैली, उचित आहार-विहार, सामान्य रोगों के उपचार के लिए आसपास पाए जाने वाले औषधीय पौधों की पहचान एवं उपयोग के लिए प्रेरित करना है।शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, बिलासपुर के सह-प्राध्यापक डॉ. विद्याभूषण पाण्डेय ने प्रतिभागी अधिकारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम ‘आयुर्विद्या’ के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों को आयुर्वेद के बारे में जागरुक करना है। स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करना है। स्थानीय स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन कर लोगों को आयुष की उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान कर इस क्षेत्र में उनके कौशल का उन्नयन करना है। कार्यशाला में आयुष विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. सुनील कुमार दास और उप संचालक डॉ. ए.सी. किरण सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से 05 और 06 अगस्त 2024 को आयोजित जलवायु परिवर्तन शमन के लिए सतत ऊर्जा प्रणालियोंष् विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का समापन आज 06 अगस्त, 2024 को हुआ।प्रोफेसर डॉ. एम. के. वर्मा (माननीय कुलपति, सीएसवीटीयू, भिलाई) के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, उद्योग पेशेवरों और नीति निर्माताओं को एक साथ लाने के लिए आयोजित किया गया है ताकि सतत ऊर्जा के भविष्य के लिए अभिनव समाधानों पर चर्चा और खोज की जा सके।कार्यशाला के अंतिम दिन प्रथम एवं द्वितीय सत्र में कई प्रतिष्ठित वक्ता एवं विषय विशेषज्ञ शामिल हुए जिनमें मुख्य रूप से प्रोफेसर अनवर शहज़ाद सिद्दीकी (जेएमआई, दिल्ली) ने एकीकृत सौर ऊर्जा के साथ विद्युत प्रणालियाँ पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्रोफेसर डॉ अनिल कुमार (डीटीयू दिल्ली) ने सीमेंट उत्पादन के लिए स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से सीओ2 शमन क्षमता पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्रोफेसर अभिषेक गांधार (डीन, बीवीसीओइ, दिल्ली) ने इलेक्ट्रिक वाहन, जलवायु परिवर्तन शमन के लिए एक प्रभावी संभावना पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विकाश कुमार (एमएएनआईटी, भोपाल) ने अक्षय ऊर्जा, सौर ऊर्जा, टिकाऊ ऊर्जा पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। इसके बाद, डॉ. आर.एन. पटेल, (निदेशक, सीएसवीटीयू फोर्टे) ने अपने व्याख्यान में सौर ऊर्जा का उपयोग घरो में खाना बनाने में, बिजली और खेतों में सिंचाई के लिए करने पर जोर दिया। डॉ. पी.के. घोष (निदेशक, यूटीडी, सीएसवीटीयू ) द्वारा कार्यशाला के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया। कार्यशाला समापन समारोह में प्रोफेसर डॉ संजय अग्रवाल (सम कुलपति, सीएसवीटीयू) और अतिथि वक्ताओं द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गए। असिस्टेंट प्रोफेसर हरीश घृतलहरे (कार्यशाला समन्वयक) व पूर्वी चंद्राकर (कार्यशाला सह समन्वयक) द्वारा उपस्थित अतिथियों, मीडिया व सभी प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों का धन्यवाद व आभार व्यक्त किया गया।
- - प्रकरण निराकरण के संबंध में आवेदकों को कराये अवगत- स्वच्छता सर्वेक्षण पर ध्यान देवें अधिकारी- नगरीय निकायों में सड़क संधारण कार्य जारी रखें- कलेक्टर ने की समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षादुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक में समय-सीमा प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। साथ ही निराकृत प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीजीएन, कलेक्टर जनचौपाल और सार्थ-ई एप के लंबित आवेदनों का निराकरण अभियान चलाकर समयावधि में निराकृत करने अधिकारियों को निर्देशित किया। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने कहा कि आवेदन के निराकरण अथवा निराकृत नहीं होने की स्थिति में इसकी जानकारी संबंधित आवेदक को दिया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा निराकृत प्रकरणांे को लंबित सूची के विलोपित कराने अधिकारी आवश्यक पहल करें। उन्होंने सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण की जानकारी ली। साथ ही संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा तथा जिला कोषालय द्वारा लगाई गई आपत्ति के तत्परतापूर्वक निराकरण हेतु संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने नगरीय निकायों में स्वच्छता सर्वेक्षण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के वार्डों में स्वच्छता निरीक्षण हेतु अधिकारियों को पांच-पांच वार्डों का भ्रमण कर जानकारी संबंधित सीएमओ को अवगत कराने के दायित्व सौंपे गये हैं। कलेक्टर ने कहा कि जिस प्रकार मेगा पीटीएम के मॉनिटरिंग हेतु अधिकारियों ने अपने रूचि प्रदर्शित की हैं। इसी प्रकार वे नगरीय निकायों के वार्डों के स्वच्छता मॉनिटरिंग की दायित्व भी सफलतापूर्वक करना सुनिश्चित करें।कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने निर्माण कार्य एजेंसी विभागों को अवगत कराया कि शासन के निर्देशानुसार विगत वित्तीय वर्ष के जो निर्माण कार्य अप्रारंभ है, ऐसे सभी कार्य निरस्त हो गया हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास (शहरी) से संबंधित लंबित आवेदन का प्रस्ताव स्वीकृति हेतु शासन को भेजा जाए। कलेक्टर ने नगरीय निकायों के हर वार्डों में उद्यान हेतु जमीन चिन्हांकित करने और पूर्व चिन्हित स्थानों पर उद्यान विकसित करने के कार्यों में प्रगति लाने संबंधित सीएमओ को निर्देशित किया। उन्होंने नगरीय निकायों में सड़क संधारण एवं पेच वर्क कार्य जारी रखने के निर्देश दिये। बैठक में अधिकारियों को छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा आयोजित आगामी परीक्षाओं के लिए आब्जर्वर की ड्यूटी लगाने हेतु संबंधित विभाग के अधिकारियों की जानकारी निर्धारित प्रारूप में जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने कहा गया। इसी प्रकार गतिशक्ति योजना से संबंधित जानकारी भी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने कहा गया है। बैठक में एडीएम श्री अरविन्द एक्का, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम रिसाली के आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई चरोदा के आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी एवं श्री विरेन्द्र सिंह, सभी एसडीएम, सभी जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- -जिला मुख्यालय में पुलिस परेड ग्राउण्ड में आयोजित होगा स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह- समारोह में स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम की होगी प्रस्तुतिदुर्ग / प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन जिले में गरिमामयी एवं हर्षोल्लास के साथ जिला मुख्यालय स्थित पुलिस परेड ग्राउण्ड दुर्ग में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 9ः00 बजे से किया जाएगा। सभी शासकीय कार्यालयों में सुबह 8ः00 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजन के लिए कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज अधिकारियों की बैठक में विभागवार जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने परेड की रिहर्सल प्रारंभ करने निर्देशित किया है। जिला आरक्षक बल, विशेष बल, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, होमगार्ड के जवान परेड में शामिल होंगे। इसी प्रकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए समिति बनाने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूली बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम तैयारी प्रारंभ करने कहा है। कार्यक्रम स्थल में बेरिकेटिंग एवं बैठक व्यवस्था के लिए लोक निर्माण विभाग को, साफ सफाई, पेयजल, शौचालय सहित शामियाना, कुर्सियां, लाउडस्पीकर आदि की व्यवस्था के लिए नगर निगम दुर्ग/रिसाली को, विशिष्ट अतिथियों के लिए आवश्यक व्यवस्था के लिए लोक निर्माण विभाग को, कार्यक्रम स्थल में चबूतरा निर्माण, झण्डे आदि की व्यवस्था के लिए लोक निर्माण व रक्षित निरीक्षक को जिम्मेदारी दी है।मंच सजावट के लिए उद्यानिकी विभाग को, विद्युत कनेक्शन, जनरेटर आदि की व्यवस्था के लिए नगर निगम एवं विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग को, सम्मानीय अतिथियों की बैठक व्यवस्था के लिए प्रभारी अधिकारी प्रोटोकॉल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को ध्वजारोहण पश्चात् रंग बिरंगी गुब्बारे आसमान में छोेड़ने के लिए उद्योग विभाग को दायित्व दिए गए हैं। मुख्य अतिथि का परेड निरीक्षण के लिए वाहन व्यवस्था हेतु पुलिस विभाग को, मुख्यमंत्री का संदेश वाचन के लिए पुस्तिका की व्यवस्था के लिए जनसंपर्क विभाग को, कार्यक्रम स्थल में उद्घोषक के लिए शिक्षा, पर्यावरण एवं अदिवासी विकास विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। प्रमुख चौक-चौराहों पर देशभक्ति गीत-संगीत के प्रसारण के लिए नगर निगम दुर्ग-भिलाई को, कार्यक्रम का विडियो एवं फोटोग्राफी के लिए जनसंपर्क विभाग एवं खनिज विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस परेड ग्राउण्ड में मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण की व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक दुर्ग और लोक निर्माण विभाग को दी गई है। आमंत्रण पत्रों का मुद्रण एवं प्रोटोकॉल अनुसार वितरण के लिए सी.ई.ओ. जिला पंचायत, वरिष्ठ लिपिक शाखा, प्रोटोकॉल शाखा को जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में एडीएम श्री अरविन्द एक्का, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम रिसाली के आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई चरोदा के आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी एवं श्री विरेन्द्र सिंह, सभी एसडीएम, सभी जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका का 7 अगस्त 2024 को दुर्ग आगमन होगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्यपाल श्री डेका अपराह्न 01.50 बजे सड़क मार्ग द्वारा राज भवन रायपुर से प्रस्थान कर अपराह्न 2.35 बजे दुर्ग सर्किट हाउस पहुचेंगे। राज्यपाल अपराह्न 02.45 बजे दुर्ग के भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी) सभागार पहुचेेंगे। राज्यपाल श्री डेका यहां पर हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के द्वितीय दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। समारोह के पश्चात् अपराह्न 04.25 बजेे सड़क मार्ग द्वारा राजभवन रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
- -वृक्षारोपण, सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित विविध गतिविधियों का होगा आयोजनरायपुर । कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आजादी के पर्व 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमृत सरोवरों के तट पर तिरंगा झण्डा फहराया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार 77 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमृत सरोवरों के तटों पर विविध गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। सभी स्थानों पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। साथ ही आम नागरिकों के साथ तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी, जो कि ग्राम पंचायत के मुख्य मार्ग से होकर गुजरेगी। आमजनों में देश प्रेम की भावना को प्रबल करने के उद्देश्य से स्थानीय स्कूलों के बच्चों, आम नागरिकों, समूह में सदस्यों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। स्वतंत्रता के वर्ष को यादगार बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण का आयोजन किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर साफ-सफाई अभियान का कार्यक्रम का आयोजन एक दिवस पूर्व कर गांव को स्वच्छ व सुन्दर बनाने का संकल्प दोहराया जाएगा। अमृत सरोवरों का जल संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान है। आम नागरिकों के साथ समन्वय से देशभक्ति, स्वच्छता एवं आजादी के लिए बलिदान देने वाले शहीदों पर परिचर्चा व सामूहिक गोष्ठी का आयोजन कराया जाएगा। इस दौरान स्कूल और कॉलेज के छात्र- छात्राएं, स्व-सहायता समूह की महिलाएं एवं स्थानीय कर्मचारियों आदि सहित सभी हितग्राहियों को शामिल किए जाने के निर्देश दिए है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारत के राष्ट्रगान के रचयिता गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की 07 अगस्त को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के योगदान को याद करते हुए कहा है कि गुरूदेव रवीन्द्रनाथ जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने कई उपन्यास, निबंध, लघु कथाएं, नाटक और कई गाने लिखे। उन्होंने बांग्ला साहित्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नयी जान फूंक दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि एक कवि, लेखक, नाटककार, संगीतकार, चित्रकार, दार्शनिक और समाज सुधारक, टैगोर जी अपने कविताओं के संग्रह ‘गीतांजलि’ के लिए साहित्य में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले एशियाई थे। उनके लिखे गीतों ने संगीतबद्ध होकर रविन्द्र संगीत की नई संस्कृति को जन्म दिया। उनकी लेखनी के व्यापक प्रभाव का ही परिणाम है कि उनकी रचनाएं भारत और बांग्लादेश का राष्ट्रगान बनीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर का बहुमुखी व्यक्तित्व और कृतित्व अतुलनीय है, उनका जीवन एवं उनकी अद्भुत रचनाएं हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
- -विद्युत कंपनी अध्यक्ष पी.दयानंद ने कहा-कोताही बर्दाश्त नहींरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनीज के अध्यक्ष श्री पी. दयानंद ने आज विद्युत अधोसंरचना विकास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। जिन संस्थाओं द्वारा लंबे समय से कार्यों में लापरवाही की जा रही है और जिनके कारण निर्धारित समय सीमा में कार्य नहीं हो पा रहे हैं ऐसी 2 संस्थाओं को तीन वर्षों की लिए ब्लैकलिस्टेड किया गया। एक संस्था के निवेदन पर उसे कार्य पूर्ण करने के लिए 3 माह का समय दिया गया यदि इस समयावधि में उन्होंने कार्य पूरा नहीं किया तो उन्हें भी ब्लैकलिस्टेड कर दिया जाएगा। इसके अलावा 32 संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। श्री दयानंद ने कड़े तेवर दिखाते हुए चेतावनी दी कि विद्युत विकास कार्यों में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।श्री दयानंद ने आज छत्तीसगढ़ स्टेट ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला, छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आर.डी.एस.एस.), प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पी.एम. जनमन) तथा मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना की समीक्षा की। उन्हें आर.डी.एस.एस. योजना के अंतर्गत विकास कार्यों को जल्दी से जल्दी पूरा करने के लिए उन्होंने समस्त संस्थाओं के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पी.एम. सूर्यघर बिजली योजना को लोकप्रिय तथा लोगों की पहुंच में लाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी ली तथा इसके लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्हें बताया गया कि 33/11 के.वी. उपकेंद्रों तथा लाइनों के निर्माण का कार्य संबंधित ठेकेदारों की लापरवाही के कारण पूरा नहीं हो पा रहे हंै। इसे देखते हुए जशपुर जिले के सोनक्यारी एवं कुडे़केला 33/11 केवी उपकेंद्र के निर्माण कार्य में कोताही के लिए जिम्मेदार संस्था मेसर्स एनकेजेए एंड डेवलपर्स इन्फ्रा रायपुर को तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्टेड किया गया। इनका कार्य 4 मार्च, 2024 तक पूर्ण हो जाना था लेकिन बहुत कम कार्य किया गया है। जशपुर जिले में अंकिरा से गंजियाडीह के बीच लाईन निर्माण के कार्य में लापरवाही करने वाले मेसर्स सुरेंद्र राठौर को भी ब्लैकलिस्टेड करते हुए उनकी अमानत राशि राजसात करने के निर्देश दिये गये। इसी तरह सरगुजा जिले के चंगोरी 33/11 केवी उपकेंद्र का ठेका लेने वाली संस्था मेसर्स धनंजय कुमार तिवारी द्वारा 24 दिसम्बर 2023 को कार्य पूर्ण किया जाना था, उन्होंने मात्र 40 प्रतिशत काम किया है। इन्हें भी ब्लैकलिस्टेड किया जा रहा था लेकिन इन्होंने तीन माह का समय मांगा है। तीन माह में कार्य पूर्ण नहीं किये जाने पर इन्हें भी ब्लैकलिस्ट किया जायेगा।श्री दयानंद ने पीएम जनमन योजना के तहत 7 हजार 77 घरों में बिजली कनेक्शन देने का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार की योजनाएं व्यापक जनहित के लिए होती है। यदि उनका लाभ सही समय पर संबंधित क्षेत्र की जनता को नहीं मिल पाये तो यह लापरवाही वे बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन पर जोर देते हुए जनहित के कार्याें को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं जिससे लोगों को जल्दी से जल्दी न्याय मिल सके और उनके विकास के रास्ते आसान हो सके।
- रायपुर /‘एक पेड़ मां के नाम’ महावृक्षारोपण अभियान के तहत आज नवा रायपुर स्थित जेल मुख्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने और हरित भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाना था। वृक्षारोपण कार्यक्रम में जेल महानिदेशक श्री राजेश मिश्रा, जेल उपमहानिरीक्षक श्री एस एस तिग्गा सहित जेल मुख्यालय के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए, जिनमें जेल महानिदेशक द्वारा कटहल का पौधा, उपमहानिरीक्षक द्वारा आम और अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विभिन्न प्रकार के फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए। इस मौके पर जेल प्रशासन ने पौधों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए ट्री गार्ड एवं फेंसिंग नेट लगाने की व्यवस्था की।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ महावृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत देश में सितम्बर 2024 तक 80 करोड़ एवं मार्च 2025 तक 140 करोड़ पौधों के रोपण का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महावृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 4 करोड़ पौधारोपण किए जाने का लक्ष्य है।
- रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के बी.टेक. (कृषि अभियांत्रिकी) एवं बी.टेक. (खाद्य प्रौद्योगिकी) पाठ्यक्रम के शैक्षणिक सत्र 2024-25 में प्रवेश हेतु काउंसलिंग प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इन पाठ्यक्रमों में पी.ई.टी. प्रवेश नियम 2024 के अनुसार मेरिट के आधार पर ऑनलाइन काउंसलिंग मे माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। फॉर्म भरने की प्रक्रिया सहित विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.igkv.ac.in पर उपलब्ध है।ऑनलाइन पंजीकरण और दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया 1 अगस्त 2024 से शुरू होकर 14 अगस्त 2024 को रात 12ः00 बजे तक जारी रहेगी। इच्छुक अभ्यर्थी इस अवधि में अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। पंजीकृत उम्मीदवारों की मेरिट सूची 18 अगस्त 2024 को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी की जाएगी। सूची निम्नलिखित श्रेणियों में होगी - छत्तीसगढ़ के निवासियों के लिए पीईटी 2024 मेरिट सूची, छत्तीसगढ़ के निवासियों के लिए जे.ई.ई. मेन्स 2024 मेरिट सूची, छत्तीसगढ़ के निवासियों के लिए 12वीं (गणित समूह) मेरिट सूची, और अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के लिए 12वीं (गणित समूह) मेरिट सूची।काउंसलिंग की प्रक्रिया सुबह 09ः00 बजे से शाम 05ः00 बजे तक स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, रायपुर में आयोजित की जाएगी। पी.ई.टी. 2024 योग्य उम्मीदवारों के लिए काउंसलिंग 20 अगस्त 2024 को आयोजित की जाएगी। इसके उपरांत जे.ई.ई. मेन्स 2024 के योग्य उम्मीदवारों के लिए 22 अगस्त 2024 को सुबह 09ः00 बजे से शाम 05ः00 बजे तक काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। इसी तरह 12वीं (गणित समूह) के छत्तीसगढ़ के निवासियों के लिए काउंसलिंग 23 अगस्त 2024 को और अन्य राज्यों के 12वीं (गणित समूह) के उम्मीदवारों के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया 24 अगस्त 2024 को आयोजित की जाएगी।अधिक जानकारी और अपडेट के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.igkv.ac.in पर या इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के प्रवेश कार्यालय (अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, रायपुर एवं अधिष्ठाता खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्याल, रायपुर) से संपर्क कर सकते हैं।
- -कलेक्टर, अपर कलेक्टर सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी बैठक में हुए शामिल-बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं शिक्षा गुणवत्ता सुनिश्चित कराने हेतु दिया गया आवश्यक सुझावबालोद । राज्य शासन के निर्देशानुसार पालकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर उन्हें विद्यालयों में अध्ययनरत् विद्यार्थियों की प्रगति से अवगत कराने एवं बच्चों में भविष्य की संभावनाओं का आंकलन कर पालकों के साथ-साथ समन्वय स्थापित करते हुए शिक्षा को परिणाम उन्मुखी बनाने हेतु आज जिले के सभी 173 सकंुलों में पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। इस संकुल स्तरीय मेगा पालक-शिक्षक बैठक में जिले के सभी प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूल में अध्ययनरत् विद्यार्थियों के पालक, शिक्षक एवं जन प्रतिनिधियों के अलावा शिक्षा जगत से जुड़े लोग शामिल हुए। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक सहित जिला कार्यालय में पदस्थ संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने आज आयोजित संकुल स्तरीय मेगा पालक-शिक्षक बैठक में शामिल होकर बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा सुनिश्चित कराने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इस दौरान जिले के सभी संकुलों के माॅनिटरिंग हेतु नियुक्त किए गए प्रभारी अधिकारियों के द्वारा संबंधित शालाओं की बुनियादी व्यवस्थाओं का आंकलन कर इसका रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को पे्रषित किया।उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के भरदा लो, अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक ने ग्राम भेड़िया नवागांव, संयुक्त कलेक्टर श्री अजय किशोर ने जुंगेरा एवं कोहंगाटोला, सयंुक्त कलेक्टर श्री दरबारी राम ठाकुर ने बालोद विकासखण्ड के ग्राम करहीभदर एवं कन्नेवाड़ा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल ने बालक एवं कन्या शाला बालोद में आयोजित शिक्षक-पालक बैठक में शामिल होकर बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने तथा शिक्षा को परिणाम उन्मुखी बनाने हेतु आवश्यक सुझाव दिए। इसके अलावा जिले के सभी राजस्व अधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी संकुल स्तरीय शिक्षक-पालक बैठक में शामिल होकर बच्चों के सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने हेतु अपना महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, जन प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों के माता-पिता एवं अभिभावकों के द्वारा भी विद्यालय के अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था एवं शिक्षा गुणवत्ता के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिया गया। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार आज जिले के सभी संकुलों में आयोजित मेगा शिक्षक-पालक बैठक के सफल आयोजन हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई। सभी संकुलों में सुबह 10 बजे माँ सरस्वती के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ कर दिया गया था। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, जन प्रतिनिधियों, प्रभारी अधिकारियों, शिक्षकों एवं पालकों ने राजस्व शासन के इस अभिनव प्रयासों के फलस्वरूप आयोजित कार्यक्रम की भूरी-भूरी सराहना की।
- -बड़ी संख्या में पालक एवं जनप्रतिनिधि हुए शामिल, बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु दिए आवश्यक सुझावबालोद। राज्य शासन के निर्देशानुसार आज बालोद विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांकरा ज में संकुल स्तरीय मेगा शिक्षक-पालक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में जगन्नाथपुर के सरपंच श्री अरूण साहू उपस्थित थे। कार्यक्रम में विशेष रूप से जिला स्तरीय प्रभारी अधिकारी एवं जनसंपर्क अधिकारी श्री चंद्रेश ठाकुर उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांकरा ज के प्राचार्य श्री तिलक ठाकुर ने किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत सांकरा ज की सरपंच श्रीमती वारुणी देशमुख, सेवानिवृत्त शिक्षक श्री घासी राम दीपक, श्री सी आर साहू, श्री बी एस ठाकुर, श्री मनोहर साहू, श्री निर्मल ठाकुर, श्री नोहरु चंद्राकर, व्याख्यता श्री लोचन देशमुख एवं खिलेश गंगासागर सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सरपंच श्री अरूण साहू ने शिक्षक-पालक बैठक के आयोजन के शासन की इस सराहनीय प्रयास की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस शिक्षक-पालक बैठक के माध्यम से बच्चों के माता-पिता एवं अभिभावकों का विद्यालय के अध्ययन-अध्यापन एवं अन्य गतिविधियों से समुचित भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी अधिकारी श्री चन्द्रेश ठाकुर ने कहा कि विकास का मार्ग शिक्षा से ही प्रारंभ होता है। इसलिए शिक्षण संस्थानों के माध्यम से हमारे विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त एवं परिणाम उन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। जिससे कि हमारे बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। श्री ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों के विकास एवं उन्हें शिक्षा और संस्कार प्रदान करने में शिक्षकों के अलावा उनके माता-पिता, परिवार एवं समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी मंशा के अनुरूप राज्य सरकार के द्वारा विद्यालय के अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था अन्य गतिविधियों में भागीदारी सुनिश्चित कराने हेतु शिक्षक-पालक बैठक के आयोजन का अभिनव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल एवं भावी भविष्य के निर्माण हेतु शिक्षकों की भूमिका कोे अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी शिक्षकों से पूरे लगन, निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा। कार्यक्रम को प्राचार्य श्री तिलक राम ठाकुर, सांकरा ज के सरपंच श्रीमती वारूणी देशमुख, सेवानिवृत्त शिक्षक श्री घासीराम दीपक एवं श्री सीआर ठाकुर, श्री नोहरू राम चन्द्राकर एवं अन्य अतिथियों ने एवं विशेषज्ञ शिक्षकों ने संबोधित करते हुए शिक्षा गुणवत्ता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर बच्चों के पालकों एवं अभिभावकों ने भी विद्यालय के अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था एवं अन्य क्रियाकलापों की भूरी-भूरी सराहना की। इस दौरान उन्होंने शिक्षा को परिणाम उन्मूखी बनाने हेतु आवश्यक सुझाव भी दिए। बैठक में श्री छगन पटेल, श्री गिरीश हरमुख, श्री हंसराज देशमुख, श्री भोलाराम साहू, श्री नीलमति मारकण्डे, एमएल गौतम, विवेक धूर्वे, कोमल देशमुख, जीआर देशमुख, ईश्वर लेडिया, संध्या देशमुख सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिका तथा बच्चों के पालकगण उपस्थित थे।
- -सारागांव स्कूल में मेगा पालक शिक्षक बैठक में शामिल हुए विधायक और संभागायुक्त-शाला परिसर में पौधे रोपे, 55 छात्राओं को साइकिलों का भी किया वितरण-स्कूल में एनसीसी एयरविंग शुरू करने होंगे प्रयासरायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार की पहल पर पूरे प्रदेश में आज से शुरू हुए मेगा पालक शिक्षक बैठक अभियान के तहत आज जिले के सारागांव स्कूल में विधायक पद्मश्री श्री अनुज शर्मा और रायपुर संभाग आयुक्त श्री महादेव कावरे शामिल हुए। बैठक में सारागांव सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के पालक भी मौजूद रहे। इस बैठक में शाला के हर एक विद्यार्थी की पूरी रिपोर्ट शिक्षकों ने उनके पालकों को दी। बैठक में विद्यार्थियों की पढ़ाई-लिखाई से लेकर उनके व्यक्तित्व विकास समय प्रबंधन, आत्मविश्वास बढ़ाने से लेकर शासकीय योजनाओं से लाभ लेने तक के विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक को संबोधित करते हुए विधायक श्री अनुज शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी बड़े सपने बुने और उन्हें साकार करने के लिए अभी से कड़ी मेहनत करना शुरू कर दें। श्री शर्मा ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर अब सरकारी स्कूलों में भी पैरेट्स-टीचर्स मीटिंग शुरू हो गई है। अब हर विद्यार्थी की पूरी रिपोर्ट उसके पालकों को दी जाएगी। इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति गंभीरता बढ़ने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास पर भी सकारात्मक प्रभाव होगा। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़कर भी आईएएस, आईपीएस अधिकारी, अच्छे राजनीतिज्ञ और अन्य दूसरे क्षेत्रों में भी भविष्य बनाया जा सकता है। सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ने और आत्मविश्वास के साथ मेहनत करने की जरूरत है। विधायक श्री शर्मा ने इस अवसर पर स्कूल में एनसीसी की एयरविंग शुरू करने के लिए जरूरी प्रयास करने का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने कक्षा 10 वीं में सारागांव स्कूल के विद्यार्थी ऋषभ देवांगन के प्रावीण्य सूची में नौंवा स्थान प्राप्त करने पर 10 हजार रूपए का पुरस्कार देने की भी घोषणा की। इस अवसर पर शाला विकास समिति के अध्यक्ष श्री दीपक वर्मा, विधायक प्रतिनिधि श्री राजेंद्र विश्वकर्मा, सारागांव ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती पुन्नी देवांगन सहित स्कूल के शिक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।सरकारी स्कूलों, आश्रम-शालाओं में पढ़ने वाले भी आईएएस, आईपीएस बन सकते हैं-संभागायुक्त श्री कावरेसारागांव शासकीय स्कूल में आयोजित संकुल स्तरीय पालक शिक्षक बैठक में संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्राइवेट स्कूलों के ही नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों और आश्रम-शालाओं में रहकर पढ़ने वाले वनांचलों के विद्यार्थी भी आईएएस, आईपीएस जैसे बड़े अधिकारी बन सकते हैं। बच्चों से बात करते हुए संभागायुक्त श्री कावरे ने अपने बचपन की कई घटनाएं और पढ़ाई से जुड़े अनुभव भी साझा किए उन्होंने बताया कि बीजापुर जैसे दूरस्थ वनांचल में रहकर सरकारी स्कूल में पढ़कर भी वे आज आईएएस अधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले ऐसी पालक-शिक्षक बैठकें नहीं होती थीं। शिक्षकों की पूरी जिम्मेदारी विद्यार्थियों को पढ़ाने की थी और शिक्षक विद्यार्थियों को अपने तरीको से पढ़ाते थे। श्री कावरे ने सभी विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर खूब मेहनत करने की समझाईश दी। उन्होंने शिक्षा के विकास और विस्तार के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और कार्यक्रमों-योजनाओं की जानकारी भी पालकों को दी। श्री कावरे ने शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील विद्यार्थी और पालकों से की।एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत शाला परिसर में हुआ पौधरोपण, नफीसा बनीं विधायक प्रतिनिधि- एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत विधायक श्री अनुज शर्मा और संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने सारागांव शासकीय स्कूल परिसर में पौधरोपण भी किया। श्री शर्मा ने स्कूल की छात्रा कुमारी नफीसा को स्कूल के लिए अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया। उन्होंने नफीसा के नेतृत्व में सभी विद्यार्थियों को स्कूल परिसर में लगाए गए पौधों की देखभाल करने, उन्हें खाद पानी देकर बड़ा वृक्ष बनाने की जिम्मेदारी भी सौंपी।55 छात्राओं को मिली साइकिलें, सचेत होकर साइकिल चलाने विधायक ने दी समझाईश- सारागांव सरकारी स्कूल में आयोजित पालक-शिक्षक बैठक में विधायक श्री अनुज शर्मा ने 55 छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत निःशुल्क साइकिलें भी दी। उन्होंने छात्राओं को सचेत होकर, संभलकर साइकिल चलाने की समझाईश दी। श्री शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। हर एक विद्यार्थी अपने परिवार, गांव, प्रदेश और देश की आस है। इसलिए स्वयं को सुरक्षित रखना और मन लगाकर पढ़ना, देश के विकास में भागीदारी बनना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है।इन्हें मिले पुरस्कारसारागांव शासकीय स्कूल में आयोजित पालक-शिक्षक बैठक के दौरान मेघावी विद्यार्थियों सहित आदर्श शिक्षकों और पालकों को भी पुरस्कृत किया गया। स्कूल के मेघावी विद्यार्थी कुमारी दुर्गा साहू, कुमारी धरा पाल, प्रतीक वर्मा, पूर्वी वर्मा को पुरस्कृत किया गया। आदर्श पालक के रूप में श्री आक्रमण सिंह और आदर्श शिक्षकों के रूप में श्री बिसौहा देवांगन एवं श्री मंगलराम साहू को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्कूल में पढ़ने वाले सेरीब्रल पाल्सी रोग से पीड़ित 6 वीं कक्षा के विद्यार्थी शिवम कुमार साहू को पढ़ाई के लिए विशेष किट भी प्रदान की गई।

















.jpg)
.jpg)








.jpg)