- Home
- छत्तीसगढ़
- -मरीजों से मिलकर जाना उनका हाल, सुविधाओं का लिया जायजारायपुर, ।छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज अभनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हाल पूछा और उनके शीघ्र ही स्वस्थ होने की कामना की। श्री जायसवाल ने अस्पताल में मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। श्री जायसवाल ने इस दौरान अस्पताल के स्टाफ और चिकित्सकों के कार्य और व्यवहार के बारे में भी मरीजों से जानकारी ली । स्वास्थ्य मंत्री ने ओपीडी और वार्ड का निरीक्षण करने के साथ ही ओपीडी पंजीयन काउंटर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान श्री जायसवाल ने चिकित्सकों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए मरीजों की बेहतर देखभाल और समुचित उपचार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अभनपुर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
-
-अरबों रूपये की छूट के षड़यंत्र व हिस्सेदारों का खुलासा हो
रायपुर । छत्तीसगढ़ में उच्चदाब स्टील उद्योगों के लिए बिजली दरों के पुनरीक्षण का निर्णय जून 2024 में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत विनियामक आयोग द्वारा लिया गया थ। इस निर्णय के खिलाफ स्टील उद्योग संगठन द्वारा आंदोलन किया जा रहा हैं। इस विषय पर छत्तीसगढ़ प्रदेश उपभोक्ता संरक्षण परिषद के अध्यक्ष श्री मोहन एंटी ने कहा है कि स्टील उद्योगपतियों को विद्युत दरों में राहत देने का विचार करने के पहले प्रदेश के लाखों घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों-व्यवसायियों को राहत देने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक वर्ग के उपभोक्ता समूह को इस तरह अचानक और रहस्यमय ढंग से तीन गुना छूट देना इस समूह के प्रति विशेष कृपा को इंगित करता हैं, अतः इससे यह सवाल उठता है कि अरबों रूपये की छूट की राशि का बंटवारा किनके बीच हुआ।श्री मोहन एंटी ने कहा है कि वैसे भी विद्युत विनियामक आयोग एक संवैधानिक संस्था है। उसकी कार्यप्रणाली न्यायिक प्रक्रिया की तरह संचालित होती है। उपभोक्ताओं के किसी वर्ग को यदि शिकायत होती है तो उनके पास न्यायिक प्रक्रिया के तहत यह अधिकार होता है कि उच्च न्यायिक संस्थाओं में अपील कर सके। उन्होंने कहा कि सामान्यतः गृहस्थ और सामान्य व्यापारी वर्ग नियामक आयोग जैसी संस्था के निर्णय को मानता है और विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण करने वाली संस्थाओं के साथ ही राज्य शासन से मिलने वाली मदद का सम्मान करता है। विगत वर्षां में बड़ी मंहगाई की तुलना में वैसे भी प्रदेश में बिजली ज्यादा महंगी न हो, इसका ध्यान स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी ने रखा है और राज्य शासन की ओर से 1000 करोड़ रूपये का विशेष अनुदान देकर मदद की है। उल्लेखनीय है कि स्टील उत्पादकों को विगत चार वर्षों में जो अतिरिक्त सुविधा दी गई है, उसका भार कहीं न कहीं घरेलू तथा छोटे व्यापारी तथा व्यवसायी लोगों पर पड़ता है। इसलिए एक तो स्टील उत्पादकों की दी जा रही छूट का युक्तियुक्तकरण करते हुए उसे 25ः से 10ः किया जाना स्वागत योग्य है, वहीं यह गौरतलब है कि इस कमी के बावजूद भी उन्हें वर्ष 2021-22 की तुलना में दो प्रतिशत अधिक छूट मिल रही है।विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि स्टील उत्पादक विगत वर्षों में शासन से तीन गुना से अधिक छूट का लाभ भी लेते रहे और लोहे का दाम भी डेढ़ गुना से अधिक बढ़ा दिया, जिससे पुनः मध्यम वर्ग, सामान्य उपभोक्ता, घरेलू उपभोक्ता, छोटे व्यापारियों को दोहरी हानि हुई हैं। इसलिए यदि उच्च दाब स्टील उद्योंगों की मांगों पर गौर किया जाता हैं तो घरेलू उपभोक्ताओं तथा छोटे व्यापारियों को बिजली दरों में राहत देने पर विचार करना न्यायोचित होगा। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 03 अगस्त को जयंती पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने कहा कि गुप्त जी का काव्य जन-जागरण और नैतिक चेतना से ओतप्रोत था। राष्ट्रीय और सामाजिक चेतना से ओतप्रोत परिमार्जित खड़ी बोली की उनकी रचनाओं ने बड़े वर्ग पर प्रभाव डाला। देशवासियों के हृदय में देश-प्रेम की अलख जगाने में उनकी रचनाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनकी रचनाओं के प्रभाव को देखते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने उन्हें राष्ट्रकवि की उपाधि दी थी। उनकी रचनाएं रामायण एवं महाभारत से प्रभावित थीं। गुप्त जी को उनके कालजयी साहित्य के लिए पद्मभूषण सहित कई पुरस्कारों से नवाजा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुप्त जी की रचनाएं भारतीय सहित्य की अमूल्य धरोहर हैं, जो पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।
- -पर्यावरण विभाग के प्रदेश स्तरीय एवं जिला कार्यालयों में बायोमैट्रिक उपस्थिति, सी.सी. टी.वी. कैमरा लगाने एवं मानिटरिंग हेतु डैश बोर्ड तैयार करने के निर्देश-फ्लाई ऐश लाने ले जाने के लिये उपयोग किये जा रहे वाहनों में जी.पी.एस. सिस्टम व जियो टेगिंग के उपयोग के निर्देश-पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में पारिदर्शिता एवं तत्परता लाने के निर्देश-पर्यावरणीय स्वीकृति की शर्तों में शामिल वृक्षारोपण की शर्त का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित कराये : मंत्री श्री ओ.पी. चौधरीरायपुर / आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज यहां अटल नगर नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के कार्यालय में राज्य के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होनें अधिकारियों से कहा स्व-प्रेरित होकर पर्यावरण संरक्षण से जुडे कार्यों में अपना योगदान दे। उनके द्वारा कार्यों में पारदर्शिता एवं तत्परता हेतु प्रदेश एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में बायोमैट्रिक उपस्थिति, सी.सी.टी.वी. कैमरा लगाने एवं डैश बोर्ड तैयार करने के निर्देश दिये गये ताकि डैश बोर्ड के माध्यम से अधिकारियों द्वारा प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की जा सके। श्री चौधरी ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को मिलने का समय भी निर्धारित कर इसकी सूचना कार्यालय के सूचना पटल पर लगाने कहा।श्री चौधरी द्वारा उद्योगों द्वारा फ्लाई ऐश के परिवहन एवं निपटारे हेतु नियमों के पालन कड़ाई से कराने हेतु निर्देश दिया गया। फ्लाई ऐश लाने ले जाने के लिये उपयोग किये जा रहे वाहनों में जी.पी.एस. सिस्टम व जियो टेगिंग के उपयोग के निर्देश दिये, जिससे कि फ्लाई ऐश इधर-उधर न फेका जा सके।श्री चौधरी ने क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योगों को प्रदान किये गये पर्यावरणीय स्वीकृति की शर्तों में शामिल वृक्षारोपण की शर्त का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित कराये तथा उद्योगों केवल वृक्षारोपण करने तक सीमित ना रहें अपितु लगाये गये पौधों के संवर्धन हेतु भी निरीक्षण का एक सिस्टम तैयार किया जाये। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वें अपने-अपने क्षेत्रों में सघन वृक्षारोपण करायें एवं इन पेड़ों में पीपल, नीम आदि पेड़ शामिल किये जाए। श्री चौधरी ने वाहन प्रदूषण नियंत्रण पर जोर देते हुये निर्देशित किया कि सभी क्षेत्रीय अधिकारी वाहन प्रदूषण मापन प्रदूषण जाँच सिस्टम को शक्तिशाली बनाये एवं वाहन प्रदूषण मापन केन्द्रो की समय-समय पर बैठक आयोजित करें।श्री चौधरी ने अधिकारियों से चर्चा में कहा कि पर्यावरण संरक्षण में उठाये गये कदमों को और कैसे प्रभावी बनाया जा सकता है तथा आने वाली चुनौतियों से कैसे निपटा जा सकता है, इस पर भी विचार करें। उन्होनें जल एवं वायु प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की। श्री चौधरी ने परिसंकटमय एवं अन्य अपशिष्ट नियम के प्रावधानों का पालन, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं नियम, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन एवं नियम, ई अपशिष्ट प्रबंधन एवं नियम, निर्माण विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन एवं नियम, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, उद्योगों, खदानों, संस्थानों के चिमनी उत्सर्जन, परिवेशीय वायु मापन, उपचारित दूषित जल गुणवत्ता का मापन कार्य, राष्ट्रीय जल गुणवत्ता मापन कार्यकम के अंतर्गत प्राकृतिक जल स्त्रोतों, परिवेशीय वायु गुणवत्ता के मापन कार्यों की भी समीक्षा की।श्री चौधरी ने कहा की शीघ्र ही सभी स्टेक होल्डर्स की बैठक ली जायेगी एवं प्रदूषण नियंत्रण सुधार कार्यों में बुद्ध जीवी वर्ग की मदद ली जायेगी। श्री चौधरी ने मंडल की पद संरचना की समीक्षा करते हुये मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में पुनः पदसंरचना निर्धारित करने के निर्देश दिये। उनके द्वारा सभी कर्मचारियों के डेटा को एच.आर.एम.एस. सिस्टम में एक माह के भीतर अपलोड करते हुये ऑनलाईन कार्यवाही के निर्देश दिये गये। बैठक में मंडल की अध्यक्ष एवं सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग सुश्री आर. शंगीता एवं मंडल के सदस्य सचिव श्री पी. अरूण प्रसाद भी उपस्थित थे।
- रायपुर। अखिल भारतीय विद्युत अभियंता संघ के संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत विनियामक आयोग के पूर्व सचिव श्री पी.एन. सिंह ने उच्चदाब स्टील निर्माताओं द्वारा विद्युत दरों को लेकर की जा रही मांग पर विस्तार से तकनीकी पक्ष तथा अपने विचार प्रस्तुत किये है। श्री सिंह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा सचिव ऊर्जा श्री पी. दयानंद को पत्र प्रेषित करते हुए कहा है कि- छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये विद्युत दरों के निर्धारण की प्रक्रिया अन्तर्गत समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर सभी पक्षों को अपनी सुझाव एवं आपत्ति कहने की बात कही। जिस पर कोई भी चाहे तो वह अपना लिखित आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। नियामक आयोग का यह फैसला अर्द्धन्यायिक फैसला है यदि कोई इस फैसले से असहमत है तो वह अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपना पक्ष रखकर वहां से न्याय प्राप्त करने को स्वतंत्र है। भारत सरकार द्वारा पूरे देश मे यह व्यवस्था कायम की गई है। फिर भी यदि कोई दूसरा रास्ता अपनाता है तो वह अराजकता फैलाने का दोषी है। यदि किसी अदालती कार्यवाही में किसी को न्याय नहीं मिलता है तो उसे उच्च अदालत में अपील करने का अधिकार है। यही व्यवस्था विद्युत नियामक आयोग के प्रकरण में भी है। यदि किसी अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने के बजाय सड़कों पर हुडदंग करते चला जाता है तो कानूनी कार्यवाही एवं सजा का हकदार है।विद्युत नियामक आयोग के आदेश से स्टील उद्योग का एक वर्ग यह महसूस करता है कि उसे नुकसान हो रहा है, तो उसके पास अपीलेट ट्रिब्यूनल में जाने का रास्ता है और अभी भी अपील करने का समय है यदि अपीलेट ट्रिब्यूनल से उन्हें न्याय मिलता है तो उन्हें वहां जाना चाहिये। हड़ताल करके प्रदेश में माहौल को खराब करने का प्रयास होता है। किसी भी अपीलीय फैसले के विरूद्ध कोई राज्य सरकार कदम नहीं उठा सकती है। स्टील उद्योग से संबंधित लोग यह चाहते हैं कि शासन की तरफ से कुछ अलग से राहत मिल जाये। बिजली की दरे तो सभी उद्योगों के लिये बढ़ी हैं. सभी छूट की मांग करेंगे। सभी को राज्य सरकार नहीं दे सकती हैं क्योंकि वर्तमान वित्तीय वर्ष के बजट में इसका कोई प्रावधान नहीं किया गया है। बजट में प्रावधान करने के लिये सरकार को विशेष विधान सभा सत्र आयोजित करना होगा जो कि वर्तमान में उचित नहीं दिखाई पड़ता है।स्टील उद्योगों से जुड़ें लोगों का कहना है कि पूरे प्रदेश में सात लाख रोजगार प्रदाय किये गये हैं, यह बहुत बड़ी अतिरेक है। लोहे के उद्योगों में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग काम कर रहे हैं और इनकी कुल संख्या 50 हजार के आसपास है। छत्तीसगढ़ में 30 प्रतिशत आदिवासी रहते हैं जबकि एक प्रतिशत ’आदिवासियों को भी लोहे के धन्धे में काम नहीं मिला है।आरोप है कि छत्तीसगढ़ में लोहे के उद्योगों में लगे हुये जो लोग हैं उन लोगों के साथ में है जो स्पंज आयरन बनाते हैं और जो 33 के.वी. पर केवल 577 उद्योग बिजली पाते हैं शेष मात्र 26 स्पंज आयरन बनाने वाले हैं जब भी बिजली की दरें घटती हैं उसी अनुपात में स्पंज आयरन बनाने वाले अपने सामान की कीमत बढ़ा देते हैं जिसकी वजह से एमएसपी वाले बडी संख्या में नुकसान में रहते हैं। घटी हुई बिजली की दरों का कोई लाभ फरनेश वालों को नहीं मिलता है, सारा मुनाफा स्पंज आयरन इकाईयां चट कर जाती हैं।
- -धान की बिक्री से 24 लाख 72 हजार किसानों के खाते में आए 32 हजार करोड़-किसानों को मिला 13,320 करोड़ रूपए का बकाया धान बोनसरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी छत्तीसगढ़ की जनता के लिए विश्वास, विकास और बदलाव की गारंटी बन चुकी है। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान कल्याण की नीतियों से खेती में किसानों का मुनाफा बढ़ा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कई अहम निर्णय लिए गए हैं, जिनसे किसान परिवार अधिक सशक्त और फसल उगाने से लेकर उसे बेचे जाने तक की प्रक्रिया बेहद आसान हुई है। सरकार के परिवर्तनकारी फैसलों से छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र ऐसा राज्य बन गया है, जहां किसानों को उनके धान का उच्चतम मूल्य मिल रहा है।कृषक उन्नति योजना के जरिए छत्तीसगढ़ के किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीद की गारंटी दी जा रही है। इस फैसले से किसानों में उत्साह दिख रहा है। किसानों से अपना वादा निभाते हुए छत्तीसगढ़ में की विष्णु देव साय की सरकार ने 25 दिसंबर 2023 को सुशासन दिवस के अवसर पर 13 लाख किसानों के बैंक खातों में पिछले दो वर्ष का लंबित धान बोनस का 3,716 करोड़ रुपये का भुगतान किया।किसानों को मिल रहे प्रोत्साहन का ही परिणाम है कि वर्ष 2023-24 में 24.75 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया, जिसके एवज में उन्हें 31,913 करोड़ रुपये का भुगतान कियागया। 12 जनवरी, 2024 को धान के मूल्य की अंतर राशि के रूप में 24.75 लाख किसानों को 13,320 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी किया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन करने का निर्णय भी लिया गया, जिसके लागू होने से अब अन्य प्रदेश के मंडी बोर्ड अथवा समिति के एकल पंजीयन अथवा अनुज्ञप्तिधारी, व्यापारी एवं प्रसंस्करणकर्ता भारत सरकार द्वारा संचालित ई-नाम पोर्टल (राष्ट्रीय कृषि बाजार) के माध्यम से अधिसूचित कृषि उपज की खरीदी-बिक्री बिना पंजीयन के कर सकेंगे, इससे छत्तीसगढ़ राज्य के किसानों और विक्रेताओं को अधिकतम मूल्य मिल सकेगा। छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन के अनुसार मंडी फीस के स्थान पर अब मंडी फीस तथा कृषक कल्याण शुल्क शब्द जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही कृषक कल्याणकारी गतिविधियों के लिए मंडी बोर्ड अपनी वार्षिक आय की 10 प्रतिशत राशि छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण निधि में जमा करेगा।खेतों में काम करने वाले मजदूरों की समस्याओं को दूर करते हुए छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना संचालित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी, इस योजना के लिए सरकार ने वर्ष 2024-2025 के बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, इसके साथ ही सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीजों का वितरण भी समय के भीतर ही हो सके।
- -केंद्रीय बजट में गरीब कल्याण, किसान का उत्थान, मातृशक्ति का सम्मान और नौजवानों की मुस्कान समाहितरायपुर / छत्तीसगढ़ के वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने अपने कोरबा प्रवास के दौरान प्रेस क्लब कोरबा में केंद्र सरकार के आम बजट के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरबा जिला उनके प्रशासनिक जीवन की नर्सरी रही है। यहां उन्होंने अपने प्रशासनिक जीवन की शुरुआत की है। यहां आना उनके लिए हमेशा यादगार रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट अमृतकाल के विजन का नींव है। यह बजट विकसित भारत की संकल्प यात्रा का दिशा-निर्देशक बजट है, जो समृद्ध और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ विकसित भारत के संकल्प को नई मजबूती प्रदान करेगा। यह बजट देश की आर्थिक उन्नति को बढ़ावा देगा एवं प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने में सहायक होगा।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि अमृत काल के विजन पर फाउंडेशन रखने का कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। प्रधानमंत्री के लांग टर्म विजनरी सोच के साथ बजट लाया गया है। जिससे 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित होगा। पिछले 10 वर्षाे में देश की अर्थव्यवस्था विश्व में 11वें नंबर से 5वें स्थान पर आ गई है। आने वाले 5 साल में भारत की अर्थव्यवस्था को तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है।मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि केंद्रीय बजट में विकास का मुख्य बिंदु GYAN है। यह बजट गरीब, युवा, अन्नदाता एवं नारी शक्ति को समर्पित है। वित्त मंत्री ने कहा, “बजट में गरीब कल्याण, किसान का उत्थान, मातृशक्ति का सम्मान और नौजवानों की मुस्कान समाहित है। बजट में मातृशक्ति का दर्शन, राम राज्य का विजन, विकसित भारत का संकल्प एवं आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य समाहित है। देश के इन वर्गों को विकसित बनाने से ही राष्ट्र का विकास होगा। इस के अतिरिक्त बजट में शिक्षा, रोजगार, कौशल, एमएसएमई, मध्यम वर्ग पर विशेष ध्यान दिया गया है। वैज्ञानिक शोध और अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अलग प्रावधान रखा गया है।मंत्री श्री चौधरी बजट में ईपीएफओ के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि औपचारिक क्षेत्रों में पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को लक्षित करती है, जिसके तहत उन्हें ईपीएफओ पंजीकरण के माध्यम से तीन किस्तों में वितरित प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के रूप में एक महीने का वेतन प्रदान किया जाता है। इसके तहत 15 हजार रुपये प्रति माह तक लाभ हो सकता है, जिसमें 1 लाख रुपये प्रति माह तक के वेतन पर पात्रता निर्धारित की गई है। इस पहल से लगभग 210 लाख युवाओं को लाभ मिलने का अनुमान है उन्होंने कहा कि रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन देकर विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को रोजगार के शुरुआती चार वर्षों के दौरान उनके ईपीएफओ अंशदान से सीधे संबंधित निर्दिष्ट प्रोत्साहन प्राप्त होंगे। अतिरिक्त रोजगार अवसरों को प्रोत्साहित करके सभी क्षेत्रों में नियोक्ताओं का समर्थन करना है। सरकार प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी की नियुक्ति के लिए नियोक्ताओं को उनके ईपीएफओ अंशदान के लिए दो साल तक 3,000 रुपये प्रति माह तक की प्रतिपूर्ति करेगी।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बजट में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल निर्माण किया जाएगा एवं शिशु गृह का निर्माण किया जाएगा। हब एंड स्कोप मॉडल के आधार पर राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय स्तर पर उद्योग की आवश्यकता के अनुसार 1000 आईटीआई का उन्नयन किया जाएगा। बजट में देश के 1 करोड़ युवाओं के लिए इंटर्नशिप का प्रावधान रखा गया है। 500 बड़े चिन्हाकित उद्योग में प्रशिक्षण दिया जाएगा और युवाओं को 5000 इंटर्नशिप भत्ता भी प्रदान किया जाएगा। कौशल विकास को बढ़ावा देते हुए बजट में युवाओं के लिए साढ़े 7 लाख तक ऋण का प्रावधान एवं उच्च शिक्षा में 10 लाख तक लोन का प्रावधान है। साथ ही 3 प्रतिशत तक ब्याज में सब्सिडी प्रदान किया जाएगा। बजट में आवास के क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा 10 साल में 4 करोड़ आवास बनाने का काम किया गया है एवं आने वाले 5 साल में देश मे 3 करोड़ नए आवास बनने का काम किया जाएगा इससे पिछड़े परिवारों को छत मिलेगा एवं अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रो में प्रधानमंत्री आवास शहरी के तहत 10 लाख करोड़ रुपए निवेश कर 1 करोड़ शहरी आवास बनने का लक्ष्य रखा गया है। बजट में शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए विशेष प्रावधान है।आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार-वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बजट में छोटे व्यापारियों एमएसएमई को प्रगति का नया रास्ता मिलेगा, बजट में मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर वृहद स्तर पर ध्यान रखा गया है। इससे आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। देश में 100 औद्योगिक पार्क स्थापित किये जायेंगे। क्रिटिकल मिनिरल मिशन की शुरुवात की जाएगी। ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना शुरुआत की गई है।पूंजीगत व्यय अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है-अधोसरंचना पर व्यय आधारभूत सरंचना होती है। बजट में 11 लाख 11 हजार 111 करोड़ आधार बहुत सरंचना पर खर्च करने का प्रावधान है। साथ ही नवाचार अनुसंधान एवं विकास हेतु 1 लाख करोड़ का प्रावधान है। आयकर स्लैब में भी बदलाव किया गया है। जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बजट में किसान, मध्यम वर्ग, महिला से लेकर सभी वर्गों के लिए जो रूपरेखा रखी है, वह भारतीय अर्थव्यवस्था को सही रास्ते और उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बजट एलोकेशन लगातर बढ़ता जा रहा है। 2047 तक विकसित भारत बनने हेतु रोडमैप तैयार कर कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार राज्य में भी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सुशासन की सरकार द्वारा विकसित छत्तीसगढ़ बनाने हेतु सतत कार्य किया जा रहा है। राज्य की जीडीपी को आने वाले 5 सालों में दौगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। जिससे छत्तीसगढ़ विकास की एक नई ऊंचाई पर पहुँचेगा।
- -मुख्यमंत्री विहंगम योग संत-समाज के कार्यक्रम में हुए शामिलरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में विहंगम योग संत-समाज द्वारा आयोजित स्वर्वेद कथा में शामिल हुए। उन्होंने संत प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके पावन सानिध्य में जय स्वर्वेद कथामृत का श्रवण किया। इस अवसर पर कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी भी उपस्थित थीं।गौरतलब है कि विहंगम योग संत समाज द्वारा स्थापना के शताब्दी समारोह के पावन अवसर के निमित्त कन्याकुमारी से कश्मीर तक की राष्ट्रव्यापी संकल्प यात्रा आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर में जय स्वर्वेद कथा आयोजित की गई थी।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह परम सौभाग्य की बात है कि माता कौशल्या की धरती और भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में हमें संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज के पावन सानिध्य का सुअवसर मिला है। उन्होंने कहा कि पूज्य संतों का आशीर्वाद सदैव प्रदेश पर बना रहे और लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि आए। उन्होंने कहा कि संत जी विहंगम योग संत समाज की स्थापना के शताब्दी वर्ष के अवसर पर कन्याकुमारी से कश्मीर की यात्रा कर रहे हैं। संत श्री विज्ञान देव जी ने 15 दिवस में छत्तीसगढ़ के 13 जिलों की यात्राएं की। श्री साय ने कहा कि विश्व शांति एवं कल्याण के लिए यह यात्रा निश्चित ही लाभदायी होगा। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण के लिए विहंगम योग संत समाज के प्रयासों की प्रशंसा की।विधायक श्रीमती लता उसेंडी ने कहा कि विहंगम योग संत समाज के पूज्य संतों का आशीर्वाद हमेशा से छत्तीसगढ़ को मिलता रहा है इनके पावन प्रवास की हम सभी प्रतीक्षा कर रहे थे। छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों में समाज के पूज्य संतों ने आध्यात्मिक अलख जगाने के लिए अनेक प्रयास किए हैं।विहंगम योग संत समाज के संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज ने राष्ट्रव्यापी संकल्प यात्रा के उद्देश्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कन्याकुमारी से प्रारंभ हुई यह यात्रा कश्मीर तक अपने पावन संकल्पों के साथ पूरी होगी। उन्होंने कहा कि इसी पड़ाव में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस संकल्प यात्रा को गति देने का कार्य किया गया है। इस मौके पर विहंगम योग संत समाज के पदाधिकारी सहित समाज के अनुयायी मौजूद रहे।
- रायपुर / हल्दी का उपयोग धार्मिक कार्याें के अलावा मसाला, रंग सामग्री, औषधि तथा उबटन के रूप में किया जाता रहा है। औषधि एवं घरेलू उपयोग के साथ ही हल्दी में कैंसर रोधी गुण भी पाये जाते हैं। इस क्रम में दंतेवाड़ा जिले के विकासखण्ड कुआकोंडा के 5 ग्रामों को हल्दी की पैदावार के लिए चयन किया गया है। बिहान समूह की महिलाएं हल्दी की खेती कर आगे बढ़ती जा रही हैं।हल्दी शुभ कार्य के साथ खाने के लिए भी बेहतर उपयोग किया जाता है। हल्दी (टर्मरिक) एक भारतीय वनस्पति है यह अदरक की प्रजाति का 5 से 6 फिट बढने वाला पौधा है जिसमें जड़ की गाठो में हल्दी मिलती है। हल्दी को आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधि मानी गयी है। इसके अलावा भारतीय रसोई में इसका महत्वपूर्ण स्थान है। धार्मिक एवं सांस्कृतिकदृष्टिकोण से भी भारतीय समाज में इसको बहुत शुभ समझा जाता है विवाह में तो हल्दीे की रस्म का एक विशेष महत्व है।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ के तहत स्थानीय स्व सहायता समूह की दीदियों को हल्दी उत्पादन के लिए खेती की ओर आगे बढ़ रही है। समूह की महिलाएं ग्राम रेंगानार, गढ़मिरी, कुआकोण्डा, हल्बारास, मैलावाड़ा, गोगपाल के इच्छुक 50 महिलाओं को उद्यानिकी विभाग से 20 क्विंटल हल्दी बीज प्रदाय की गई है और समूह की दीदियों ने 40-40 किलो अपनी बाड़ी में हल्दी गाठों का रोपण किया है। इस प्रकार हल्दी उत्पादन इस वर्ष होने पर अगले वर्ष इस हल्दी को मां दन्तेश्वरी महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड कुआकोण्डा के द्वारा खरीदी भी की जायेगी। खरीदी कर इस हल्दी का समूह के द्वारा प्रसंस्करण कर दुकान तथा थोक किराना दुकानों में सप्लाई करने की योजना है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हल्दी की खेती के लिए अच्छा वातावरण है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ द्वारा हल्दी की खेती को महिलाओं की आर्थिक समृद्धि एवं आजीविका से जोड़ते हुए पहल की जा रही हैं।
- रायपुर। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने 3 अगस्त को रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाएगा। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है। चिकित्सालय के कौमारभृत्य बाल रोग विभाग में सवेरे नौ बजे से दोपहर दो बजे तक इसका सेवन कराया जाता है। यह औषधि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, श्वसन संबंधी एवं अन्य रोगों से रक्षा करने के साथ ही एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने में अत्यंत लाभकारी है। यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी मदद करता है।शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में बच्चों के लिए स्वर्णप्राशन का आयोजन किया जाता है। स्वर्णप्राशन हर महीने की पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाने वाली औषधि है। इस साल 3 अगस्त के साथ ही अन्य पुष्य नक्षत्र तिथियों 30 अगस्त, 26 सितम्बर, 24 अक्टूबर, 20 नवम्बर और 18 दिसम्बर को भी स्वर्णप्राशन कराया जाएगा।
-
*बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षा में नकल करते पकड़े गए छात्र-छात्राएं*
रायपुर। कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की उड़नदस्ता टीम ने स्कूल में छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान प्रायोगिक परीक्षा में नकल करते हुए तीन छात्र-छात्राओं को पकड़ा है। कार्रवाई के लिए बोर्ड को प्रकरण भेजा गया है।
जिला प्रशासन की उड़नदस्ता टीम के प्रमुख उपसंचालक रोजगार श्री ए. ओ. लाॅरी ने आरंग के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 10 वीं और 12 वीं बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षा आयोजित की गई थी। इस दौरान उड़नदस्ता टीम आज वहां पहुंची। इस दौरान 10 वीं कक्षा के तीन छात्र-छात्राएं पुस्तक लेकर प्रायोगिक परीक्षा दे रहे थे, तभी उड़नदस्ता की टीम ने नकल करते हुए रंगेहाथों पकड़ा और बोर्ड को प्रकरण बनाकर भेजा है।
उल्लेखनीय है कि बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षा को प्रभावी बनाने के लिए उड़नदस्ता की टीम अलर्ट है। नियम के अनुसार विषय विशेषज्ञ को इंनवीजलेटर नहीं बनाना चाहिए। परीक्षा के दौरान मुख्यगेट का खोलकर रखे जाने का नियम है, ताकि उड़नदस्ता की टीम को पहुंचने में आसानी हो। जिस विषय की परीक्षा हो, उस विषय को परीक्षा हाॅल से 100 मीटर दूर रखा जाना चाहिए। -
*कोर्ट और कार्यालय का किया निरीक्षण*
रायपुर । आईएएस श्री महादेव कावरे ने रायपुर संभाग आयुक्त कार्यालय में आज पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद संभागायुक्त श्री कावरे ने अधिकारियों से परिचयात्मक चर्चा की। साथ ही संभाग में चल रहे कार्यो की सामान्य जानकारी ली।
साथ ही नव नियुक्त संभागायुक्त ने कोर्ट व कार्यालय का निरीक्षण किया। इस अवसर पर संभागायुक्त कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। साथ ही संभाग में चल रहे कार्यो की सामान्य जानकारी ली।
उल्लेखनीय है कि श्री कावरे वर्ष 2008 बैच के आईएएस है। - बिलासपुर/ कृषि मास मीडिया समिति की बैठक 21 अगस्त को संभागीय संयुक्त संचालक कृषि द्वारा गूगल मीट (https://meet.google.com/bhc&kvhq&hky) के माध्यम से ऑनलाईन दोपहर 12 बजे आयोजित होगी। बैठक में माह सितंबर 2024 में आकाशवाणी केंद्र, बिलासपुर के माध्यम से किसानवाणी कार्यक्रम के अंतर्गत प्रसारण होने वाले विषय एवं वार्ताकार तय किये जायेंगे।
- बिलासपुर/राज्य के प्रगतिशील किसानों को कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने हेतु छ.ग. शासन द्वारा प्रति वर्ष डॉ. खूबचंद बघेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इस वर्ष पर भी प्रगतिशील किसानों से डॉ. खूबचंद बघेल पुरस्कार 2024 के तहत आवेदन आमंत्रित किये गये है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2024 तक है। आवेदन के संबंध में अधिक जानकारी के लिए कृषि विभाग की वेबसाईट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एग्रीपोर्टल डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन (www.agriportal.cg.nic.in) का अवलोकन कर सकते है। इच्छुक कृषक आवेदन पत्र अपने विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से निःशुल्क प्राप्त कर एवं पूर्ण रूप से भरे आवेदन सहपत्रों सहित जमा कर सकते है। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
- रायपुर । नव नियुक्त संभागायुक्त श्री महादेव कावरे से कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने की सौजन्य मुलाकात की। संभागायुक्त श्री कावरे को कलेक्टर डॉ. सिंह ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर द्वय श्री देवेंद्र पटेल, श्री कीर्तिमान सिंह राठौर भी उपस्थित थे।
-
*विष्णु के सुशासन का असर*
*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह का किया धन्यवाद*
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में अब एक फोन पर समस्या का समाधान मिल रहा है। सुंदर नगर निवासी श्री अशोक दीवान ने अपने बेटे आदित्य दीवान और पुत्री अदिति दीवान का मूल निवास प्रमाण पत्र बनाने आवेदन किया था। बेटे आदित्य का 2 अगस्त को बीटेक मे प्रवेश लेने के लिए मूल निवास प्रमाण पत्र अनिवार्य था, अनुमोदन के बाद भी उन्हें प्रमाण पत्र नहीं मिल पाया था, तभी उन्होंने जिला प्रशासन के कॉल सेंटर में कॉल किया और तत्काल उनके मूल निवास प्रमाण पत्र को जारी कर दिया गया। घंटे भर में ही मूल निवास प्रमाण पत्र को ऑनलाइन अपलोड कर दिया गया। इस समस्या का तत्काल निराकरण होने से वे खुश है। समस्या सुलझने पर अशोक दीवान ने संतुष्टी जताया और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट किया।
- -सीएसआईडीसी के संचालक मण्डल की बैठक सम्पन्नरायपुर / वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने सीएसआईडीसी की बैठक में कहा है कि प्रदेश की नई औद्योगिक नीति 01 नवम्बर 2024 से लागू होगी। नई औद्योगिक नीति के आधार पर यहां निवेश करने का एक बड़ा आकर्षण होगा, जो न केवल राज्य के विकास को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को और मजबूती प्रदान करेगा। इससे प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातावरण का निर्माण होगा और प्रदेश के निवासियों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खनिज संसाधनों से भरपूर छत्तीसगढ़ में उद्योग धंधे स्थापित करने की भरपूर संभावनाएं हैं।छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के संचालक मण्डल की 152वीं बैठक वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सह अध्यक्ष सीएसआईडीसी श्री लखन लाल देवांगन की अध्यक्षता में उद्योग भवन में संपन्न हुई। बैठक में सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग श्री अंकित आनंद, संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्री सौरभ कुमार, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री पी. अरूण प्रसाद, वित्त विभाग के उप सचिव श्रीमती पूजा शुक्ला मिश्रा उपस्थित थे। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।नवा रायपुर, अटल नगर सेक्टर-22 में मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप 141.84 एकड़ में फार्मास्युटिकल पार्क की स्थापना किये जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। पार्क की स्थापना से नवीन निवेश के साथ - साथ स्थानीय रोजगार को बढावा मिलेगा। जिला जांजगीर-चांपा के ग्राम गतवा, बिर्रा एवं सिलादेही में निगम के आधिपत्य की 881.60 एकड भूमि पर आदर्श औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हेतु सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। जिला जांजगीर-चांपा के ग्राम भागोडीह, ग्राम मुक्ताराजा, ग्राम सरहर एवं ग्राम रिस्दा में निगम के आधिपत्य की भूमि में 245.29 एकड़ में आदर्श औद्योगिक क्षेत्र एवं 111.02 एकड में टैक्सटाईल पार्क की स्थापना हेतु सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। जिला-राजनांदगांव के ग्राम बिजेतला की 421.9 एकड़ भूमि में नवीन आदर्श औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हेतु सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। भारत सरकार की एमएसई-सीडीपी योजनांतर्गत छत्तीसगढ राज्य में सीएसआईडीसी के अधीनस्थ स्थापित 13 औद्योगिक क्षेत्रों के उन्नयन कार्यों हेतु परियोजना प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया।राज्य के समस्त एच.ओ.डी एवं अन्य कार्यालयो का संचालन अटल नगर, नवा रायपुर में किया जाना प्रारंभ हो गया है। इस अनुक्रम में सीएसआईडीसी के नवा रायपुर स्थित भूमि पर उद्योग भवन का निर्माण किये जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। उपरोक्त निर्णय छत्तीसगढ़ राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ाने, फलस्वरूप औद्योगिकीकरण को बढ़ाने तथा नवीन निवेश आकर्षित करने एवं स्थानीय रोजगार को बढ़ावा प्रदान किये जाने की दिशा में बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है जो कि विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार किये जाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
- रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 603.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 02 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1435.0 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 258.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 393.0 मिमी, बलरामपुर में 623.5 मिमी, जशपुर में 421.8 मिमी, कोरिया में 443.7 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 414.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 521.6 मिमी, बलौदाबाजार में 663.5 मिमी, गरियाबंद में 620.9 मिमी, महासमुंद में 465.8 मिमी, धमतरी में 641.1 मिमी, बिलासपुर में 568.2 मिमी, मुंगेली में 626.6 मिमी, रायगढ़ में 488.0 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 271.8 मिमी, जांजगीर-चांपा में 542.1 मिमी, सक्ती 444.2 कोरबा में 736.6 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 529.0 मिमी, दुर्ग में 380.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 483.9 मिमी, राजनांदगांव में 682.2 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 811.9 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 462.2 मिमी, बालोद में 758.7 मिमी, बेमेतरा में 372.0 मिमी, बस्तर में 711.6 मिमी, कोण्डागांव में 697.4 मिमी, कांकेर में 889.4 मिमी, नारायणपुर में 777.4 मिमी, दंतेवाड़ा में 830.4 मिमी और सुकमा जिले में 958.3 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
-
नई दिल्ली।राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की अध्यक्षता में राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में 1 से 3 अगस्त तक आयोजित राज्यपालों के त्रिदिवसीय सम्मेलन में राज्यपाल श्री रमेन डेका सम्मिलित हुए। इस अवसर पर श्रीमती रानी डेका काकोटी भी उपस्थित थीं। समारोह में देश के सभी राज्यों के राज्यपाल उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने कार्यशाला आयोजितरायपुर / वित्तमंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा है कि 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता एवं उनके मार्गदर्शन से वर्ष 2047 तक देश को विकसित देश के बनाने का संकल्प लिया गया है। इसके मद्देनजर छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की रणनीति तैयार कर रही है। केन्द्रीय बजट में देश के विकास की कई योजनाएं शामिल की गई हैं। समाज के सभी वर्ग के लोगों के कल्याण और उनके समग्र विकास योजनाएं बनाई गई है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों और सभी क्षेत्रों के विकास से ही देश सही मायने में विकसित होगा।मंत्री श्री चौधरी आज नवा रायपुर स्थित आईआईएम में छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत और विकसित बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने के लिए आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। इस कार्यशाला का आयोजन ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया द्वारा किया गया था। मंत्री श्री चौधरी ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधताएं हैं। यह लैंडलॉक्ड राज्य है, यहां वन और खनिज संसाधनों की प्रचुरता है। इसको मध्य भारत के व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया और आईआईएम रायपुर के समन्वय से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलने की पूरी संभावनाएं हैं।इस कार्यशाला में ग्रामीण विकास, पर्यावरणीय स्थिरता, और सामाजिक प्रगति से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया तथा इनसे जुड़ी चुनौतियों के समाधान पर विचार व्यक्त किए गए। इस चर्चा में ग्रामीण क्षेत्रों में जलवायु-संवेदनशील, हरित विकास, वन हेल्थ मिशन के माध्यम से ग्रामीण परिवर्तन को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।कार्यशाला में ‘‘हरित अर्थव्यवस्था मिशन- समय की मांग, पर्यावरणीय लचीलापन के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ऊर्जा आपूर्ति और हरित अर्थव्यवस्था के वैकल्पिक वित्तपोषण के लिए बाजारों की भूमिका’’ विषय पर चर्चा की गई। सत्र में मुख्य रूप से वक्ताओं ने छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में हरित पहल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और नवाचार एवं निजी निवेश के अवसरों की चर्चा की। इस सत्र में प्रमुख वक्ता के रूप में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट इंडिया के श्री लैनविन कॉन्सेसाओ, वर्ल्ड बैंक के श्री संदीप कांडा, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री ज्ञानेंद्र मणि ने अपने-अपने व्याख्यान दिए।विकसित छत्तीसगढ़ के लिए अंतिम सत्र में वन हेल्थ मिशन के संबंध में स्वास्थ्य एवं गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, एम्स भटिंडा पंजाब के प्रेजिडेंट डॉ. अनिल कुमार गुप्ता और लीप डिज़ाइन के सीईओ और जॉन हॉपकिंस यूएसए के प्रो. डॉ. आंद्रे नोगीरा ने अपने व्याख्यान दिए। इस अवसर पर भारतीय प्रबंधन संस्थान के संचालक डॉ. राम कुमार ककानी, जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर, टीआरआई श्री अनिर्बन घोष और एसोसिएट डायरेक्टर एवं स्टेट लीड, टीआरआई श्रीमती नीरजा कुदरिमोती और विभिन्न क्षेत्र से आए हुए प्रतिभागी उपस्थित रहे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल की 02 अगस्त को जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित रविशंकर जी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शीर्ष भूमिका निभाई। उन्होंने छत्तीसगढ़ में जन-जागरूकता लाने का महत्वपूर्ण काम किया। श्री शुक्ल जी अच्छे वकील, राजनेता होने के साथ ही अच्छे वक्ता और लेखक भी थे। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद रियासतों के विलय में महत्वपूर्ण योगदान दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडित रविशंकर शुक्ल जी आधुनिक मध्यप्रदेश के निर्माता के रूप में भी जाने जाते हैैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उनकी स्मृति में सामाजिक, आर्थिक तथा शैक्षिक क्षेत्र में अभिनव प्रयत्नों के लिए पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की उन्नति और यहां सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए पंडित शुक्ल जी का प्रयास चिरकाल तक याद किया जाएगा।
- -मुख्यमंत्री और वन मंत्री को घुरवा समाज के पारंपरिक अंगवस्त्र टेकरा तुवाल पहनाकर किया सम्मानितरायपुर / प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को जगदलपुर प्रवास पर गुंडाधुर कृषि कॉलेज कुम्हरावंड में आयोजित महिला सम्मेलन के दौरान वन अधिकार पत्रक धारकों के फौती पर उनके वारिसानों के नाम पर फौती-नामांतरण वन अधिकार पत्र पुस्तिका का वितरण किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के हाथों किसान पुस्तिका पाकर जगदलपुर तहसील के कुम्हली निवासी धुरवा महिलाएं सुनामनी एवं बुधरी काफी हर्षित हुईं। उक्त दोनों बुजुर्ग महिलाओं ने अपने सामाजिक परम्परा के अनुसार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वन मंत्री श्री केदार कश्यप को घुरवा समाज के पारंपरिक अंग वस्त्र टेकरा तुवाल (धुरवा गमछा) पहनाकर सम्मानित किया।सुनामनी एवं बुधरी ने नामांतरित वनाधिकार पुस्तिका मिलने पर मुख्यमंत्री और वन मंत्री के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि अब उन्हें सहकारी समिति से किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने सहित खाद-बीज लेने सहूलियत होगी। बैंक से ऋण एवं अन्य कार्यों में इससे मदद मिलेगी। ज्ञात हो कि बस्तर के धुरवा जनजाति समाज में अपने घर आये मेहमान को टेकरा तुवाल भेंटकर सम्मानित करने की परम्परा है।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर वनाधिकार मान्यता पत्र धारकों की मृत्यु होने पर उनके वरिसानों के नाम पर फौती-नामांतरण की प्रक्रिया पूर्ण कर सम्बंधित वरिसानों को किसान पुस्तिका देने का निर्णय लिया गया है। इसकी विधिवत् शुरूआत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जगदलपुर में फौती नामांतरित किसान पुस्तिका संबंधित वारिसानों को अपने हाथों प्रदान कर की। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने बताया कि राज्य शासन के उक्त निर्णय के अनुरूप बस्तर जिले में करीब 1200 से अधिक मृतक वनाधिकार पट्टेधारकों का चिन्हांकन कर उनके वरिसानों को नामांतरित किसान पुस्तिका दिए जाने का अभियान चलाया जा रहा है।
- शिविर में जनता के समस्याओं का किया जा रहा है निराकरणबालोद । राज्य शासन के निर्देशानुसार नगरीय क्षेत्रों में निवास करने वाले आम नागरिकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु जिले के नगरीय निकायों में जन समस्या निवारण शिविर के आयोजन का क्रम निरंतर जारी है। आज नगरीय निकायों में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में बड़ी संख्या में नगरीय क्षेत्र के लोगों ने शिविर में उपस्थित होकर अपने मांगों एवं समस्याओं के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। इस दौरान मौके पर उपस्थित नगर पंचायत अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित अन्य जन प्रतिनिधियों के अलावा अधिकारी कर्मचारियों ने शिविर में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर प्राप्त आवेदनों के निराकरण हेतु समुचित कार्रवाई सुनिश्चित की। इस दौरान संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा अनेक आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया।उल्लेखनीय है कि आज नगर पालिका बालोद के वार्ड क्रमांक 08 गणेश वार्ड एवं 09 सरदार पटेल वार्ड निवासियों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान राशन कार्ड बनाने हेतु कुल 23, लोक निर्माण विभाग से संबंधित कुल 10, पेयजल से संबंधित 16, राजस्व विभाग से संबंधित कुल 03, विद्युत विभाग से संबंधित कुल 01, प्रधानमंत्री आवास हेतु 07 आवेदनों के अलावा शिविर में जन्म-मृत्यु, शहरी आजीविका मिशन, समाज कल्याण, महिला बाल विकास, भवन अनुज्ञा, सामाजिक पेंशन आदि से संबंधित कुल 66 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। इसी तरह नगर पालिका दल्लीराजहरा के वार्ड क्रमांक 10, 11 एवं 12 के लिए वार्ड क्रमांक 11 साहू किराना के पास जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के कुल 41, राजस्व विभाग के 52, स्वच्छता विभाग 09 सहित अन्य विभाग से संबंधित कुल 110 आवेदन प्राप्त हुए। इसी तरह नगर पंचायत डौण्डी में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में कुल 22 आवेदन प्राप्त हुए।
- बालोद । राज्य शासन के निर्देशानुसार निगम प्रशासन द्वारा आम जनता के मांगांें एवं समस्याओं के त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने हेतु जिला मुख्यालय बालोद सहित नगरीय निकायों में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। नगरीय निकायों के विभिन्न वार्डों में 27 जुलाई से 10 अगस्त तक आयोजित होने वाली जन समस्या निवारण पखवाड़ा के अंतर्गत शुक्रवार 02 अगस्त को जिला मुख्यालय बालोद के वार्ड क्रमांक 10 सुभाष वार्ड एवं 11 जवाहर वार्ड हेतु बेसिक शाला रंगमंच, नगर पालिका दल्लीराजहरा के वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 हेतु वार्ड क्रमांक 14 शहीद चैक दुर्गा मंच, नगर पंचायत अर्जुंदा में वार्ड क्रमांक 09, 10 एवं 12 हेतु शीतला मंदिर प्रांगण वार्ड क्रमांक 12, नगर पंचायत डौण्डीलोहारा में वार्ड क्रमांक 09, 10 एवं 11 हेतु कलामंच आंगनबाड़ी के पास वार्ड क्रमांक 10 में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। जनसमस्या निवारण शिविर में आम जनता के समस्याओं से अवगत होने एवं शासन के विभिन्न कार्यक्रमों का आंकलन किया जाएगा। शिविर में नल कनेक्शन, राशन कार्ड, राष्ट्रीय परिवार सहायता, वृद्धापेंशन, सामाजिक सुरक्षा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन अनुज्ञा, अनापत्ति प्रमाण पत्र, नामातंरण, स्वरोजगार के प्रकरण, तथा नल लिकेज, नलों में पानी का ना आना, नालियांे, गलियों की सफाई, सार्वजनिक नलों के प्लेटफार्म से पानी का बहना, कचरे की सफाई, टूटी-फूटी नालियों का मरम्मत, स्ट्रीट लाईट जैसे समस्याओं का निराकरण मौके पर किया जाएगा। शिविर में करदाताओं से करों की भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा।
- -ग्राम सोरली में गन्ना उत्पादक किसान, ग्राम अछोली में शासकीय रोपणी और जिले के अंतिम छोर कर्रेगांव में पुल निर्माण का लिया जायजाबालोद, । कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के विभिन्न ग्रामों में पहुँचकर विकास कार्यों का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने ग्राम सोरली में गन्ना उत्पादक किसान श्री भीष्मदेव यदु के खेत में पहुँचकर किसान श्री यदु से उत्पादन एवं आय के संबंध में चर्चा की। उन्होंने किसान से गन्ने की किस्म, पैदावार, विक्रय, परिवहन, सिचाई, कटाई आदि के संबंध में जानकारी ली। गन्ना उत्पादक किसान ने बताया कि वर्तमान में उन्हांेने कुल 10 एकड़ जमीन पर गन्ने की फसल लगाया है। उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादन करने में किसी प्रकार की समस्या नही होती है। धान की फसल की अपेक्षा कम पानी में भी बेहतर उत्पादन गन्ना के फसल से उसे बेहतर आय भी प्राप्त हो रही है। उसने बताया कि गन्ने की फसल में धान की फसल की अपेक्षा फसल खराब होने की आशंका कम होती है। कम बारिश हो या तेज बारिश गन्ने की फसल को प्रभावित नही करता है। तकनीकी मार्गदर्शन में कृषि करने से उन्हंे फसल की पैदावार भी काफी अच्छी प्राप्त हो रही है। किसान ने गन्ना फसल की कटाई और उसके परिवहन के संबंध में बेहतर सुझाव भी उपस्थित अधिकारियों को दिए।कलेक्टर ने ग्राम अछोली मंे उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित शासकीय रोपणी का जायजा लिया। उन्होंने वहाँ रोपणी के क्षेत्र, लगाए गए पौधे, तैयार किए जा रहे पौधे सहित पौध रोपण हेतु रखे गए पौधों के संबंध में विस्तृत जानकारी उद्यान अधीक्षक से ली। उद्यान अधीक्षक ने बताया कि रोपणी में विभिन्न प्रकार के फलदार, छायादार व औषधिय पौधे तैयार कर माँग अनुरूप उसका आबंटन किया जाता है। इस दौरान कलेक्टर ने रोपणी में तैयार विभिन्न प्रकार के पौधों का जायजा लिया। उन्होंने उद्यान अधीक्षक को निर्देशित करते हुए कहा कि रोपणी की व्यवस्था को बेहतर बनाए। रोपणी में उपलब्ध खाली स्थानों को बेहतर तरीके से उपयोग में लाना सुनिश्चित करें।कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने आज बरसते पानी में जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के सुदूर वनांचल के अंतिम छोर में बसे ग्राम कर्रेगांव में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन पुल निर्माण कार्य का जायजा लिया। उल्लेखनीय है कि कर्रेगांव से दनगढ़ मार्ग में यह निर्माणाधीन पुल के निर्माण हो जाने से बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चैकी जिले के मध्य बाहरमासी सुचारू रूप से यातायात प्रारंभ हो सकेगा। जिससे दोनों जिलों के हजारों लोगों को इस पुल के निर्माण होने से आवागमन का बेहतर माध्यम बनेगा। कलेक्टर ने निर्माणाधीन कार्य की प्रगति के संबंध में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता से चर्चा की और कहा कि पुल निर्माण का कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ शीघ्रता के साथ कराई जाए। जिससे दोनों जिलेवासियों को आवागमन की सुचारू सुविधा प्राप्त हो सके। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, एसडीएम श्री शिवनाथ बघेल सहित अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।










.jpg)
.jpg)

.jpeg)










.jpg)


.jpg)