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- 0 अतिरिक्त ओपीडी कक्ष और बारह बिस्तरों की आपातकालीन सुविधा होगी उपलब्ध, उद्यान का किया गया लोकार्पणबिलासपुर।.केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव द्वारा आज सिम्स में मरीजों की सुविधा के लिए बनाए गए बाहर बिस्तरों के आपातकालीन सेवा, अतिरिक्त ओपीडी कक्ष और उद्यान का लोकार्पण किया। इन सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को स्वास्थ सेवाएं शीघ्रता और सुगमता से उपलब्ध हो पाएंगी।संभाग के सबसे बड़े अस्पताल सिम्स में सुविधाओं का विस्तार करते हुए अतिरिक्त ओपीडी कक्ष बनाया गया है जिसकी लागत लगभग 30 लाख है। बारह बिस्तरों के आपातकालीन सुविधा (TRIAGE) का निर्माण किया गया है। केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव द्वारा सिम्स में इन सुविधाओं का शुभारंभ किया गया। सीएमपीएचटीएफ और डीएमएफ फंड से निर्मित इस केन्द्र का निर्माण सीजीएमएसएसी द्वारा किया गया है। इसकी लागत लगभग 50 लाख है। इस सुविधा के तहत आपदा का वर्गीकरण करते हुए मरीजों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इसी के साथ सिम्स में अतिरिक्त ओपीडी कक्ष बनाए गए हैं जिससे भीड़ का बेहतर प्रबंधन किया जा सके। मेडिकल रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट और ओपीडी कक्ष आस-पास होने से अब मरीजों को सुविधा होगी।सिम्स के साैंदर्यीकरण के लिए बनाये गये उद्यान का लोकार्पण भी आज केन्द्रीय मंत्री द्वारा किया गया। नगर निगम द्वारा निर्मित इस उद्यान की लागत 211.31 लाख है जो डीएमएफ और स्मार्ट सिटी के फंड से बनाए गए है। श्री तोखन साहू और श्री साव ने इस अवसर पर जनऔषधि केन्द्र का भी निरीक्षण किया और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने इस मौके पर रेड क्रॉस की अतिरिक्त शाखाएं खोलने के भी निर्देश दिए। श्री साहू ने इस अवसर पर सिम्स प्रबंधन को बधाई देते हुए मरीजों के हित में बेहतर कार्य के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हम जरूरतमंदों को उत्तम स्वास्थ सेवाएं उपलब्ध करा सके। इस मौके पर बिलासपुर नगर विधायक श्री अमर अग्रवाल, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, जिला कलेक्टर श्री अवनीश शरण, निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, सिम्स के अधीक्षक डॉ. एस. के. नायक, डॉ. कमल किशोर सहारे, जन प्रतिनिधि, सिम्स प्रबंधन के अधिकारी-कर्मचारी और स्टाफ बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम यहां मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में विधायक गुरु खुशवंत साहेब के नेतृत्व में जिला सतनामी सेवा समिति राजनांदगांव के प्रतिनिधि मण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय को प्रतिनिधिमंडल द्वारा समिति के नवनिर्वाचित पदाधिकारियो के शपथ ग्रहण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रण दिया गया ।इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल में सर्वश्री युवराज ढिरहेर, संजीव बंजारे, करण कोसरे, कमल लहरे, गंगा बंजारे तथा ऋषि खरे आदि शामिल थे।
- -राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा नवनिर्मित अतिरिक्त कक्ष का किया लोकार्पण-स्कूल में अहाता निर्माण, प्रार्थना शेड सहित प्रयोगशाला के लिए 30 लाख रूपये की मंजूरीरायपुर / वन विभाग और भारत स्काउट एवं गाइड क़े संयुक्त तत्वावधान में रविवार को स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट विद्यालय अर्जुनी, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में आयोजित वन महोत्सव में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा मुख्य अतिथि क़े रूप में शामिल हुए। श्री वर्मा ने विद्यालय परिवार के लोगों को पेड़ लगाने एवं बचाने क़े लिए संकल्प दिलाया तथा एक पेड़ माँ क़े नाम अभियान क़े तहत शाला परिसर में मौलश्री का पौधारोपित किया। इसके साथ ही 30.13 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण किया और स्कूल में अहाता निर्माण एवं प्रार्थना शेड हेतु 10 -10 लाख, पम्प हेतु 2 लाख, प्रयोगशाला एवं शौचालय निर्माण हेतु 8 लाख रूपये देने की घोषणा की।राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ माँ क़े नाम पर लगाने का सन्देश दिया है। प्रधानमंत्री जी क़े सन्देश को जन -जन तक पहुँचाने और पर्यवारण की रक्षा क़े लिए सभी लोग अपनी माँ क़े नाम पर माँ क़े साथ पेड़ लगाएं । यदि माँ नहीं है तो उसकी स्मृति में पेड़ लगाएं। उन्होने कहा कि पेड़ लगाना आसान है, लेकिन उसका संरक्षण व देखभाल करते हुए बड़ा करना कठिन है। हमें कठिनाईयों का सामना करते हुए पेड़ को बचाना है। जल, जंगल और जमीन सलामत रहेंगे, तभी हमें प्राण वायु मिलेगा। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ को शांति और समृद्धि क़े रास्ते पर ले जाने क़े लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय क़े सन्देश का अनुपालन करना होगा। उन्होंने भारत स्काउट एवं गाइड क़े कार्याे की सराहना करते हुए कहा कि सामजिक सद्भाव क़े साथ पर्यवारण बचाने क़े काम में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लें।भारत स्काउट एवं गाइड्स क़े प्रदेश उपाध्यक्ष श्री विजय केशरवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी क़े आह्वान पर एक पेड़ माँ क़े नाम अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत अपनी माँ क़े नाम पर एक पेड़ लगाना है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से माँ की आँचल बच्चे को शीतलता देती है उसी तरह बड़े होकर पेड़ हमें शीतल छाया प्रदान करेंगे। कार्यक्रम को पूर्व संसदीय सचिव डॉ सनम जांगड़े, स्काउट एवं गाइड क़े जिला अध्यक्ष श्री रामाधार पटेल, स्काउटर श्री खोड़स राम कश्यप ने भी सम्बोधित किया।वनमंडलाधिकारी श्री मयंक अग्रवाल ने बताया कि इस अभियान क़े तहत जिले में 2 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसी तरह वृहद वृक्षारोपण अंतर्गत 55 हैक्टेयर में 65 हजार एवं नदी तट वृक्षारोपण अंतर्गत 50 हजार पौधे रोपे जाएंगे। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा किसान वृक्ष मित्र योजना की भी शुरुआत की गई है, जिसमें वाणिज्यिक प्रजाति क़े पौधे किसानों द्वारा अपने जमीन पर लगाए जाएंगे। 5 एकड़ से कम भूमि पर पेड़ लगाने पर शासन द्वारा शतप्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, वही 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में पेड़ लगाने पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। सेवा निवृत शिक्षक एवं स्काउटर का शाल एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री चित्तावर जायसवाल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुमन योगेश वर्मा, उपाध्यक्ष श्री ईशान वैष्णव, सरपंच श्री प्रमोद जैन, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री अशोक जैन, नरेश केशरवानी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित भारत स्काउट एवं गाइड क़े पदाधिकारी, शिक्षक, स्कूली बच्चे एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- रायपुर। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने 8 जुलाई को रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाएगा। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है। चिकित्सालय के कौमारभृत्य बाल रोग विभाग में सवेरे नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक इसका सेवन कराया जाता है। यह औषधि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, श्वसन संबंधी एवं अन्य रोगों से रक्षा करने के साथ ही एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने में अत्यंत लाभकारी है। यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी मदद करता है।शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में बच्चों के लिए स्वर्णप्राशन का आयोजन किया जाता है। स्वर्णप्राशन हर महीने की पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाने वाली औषधि है। इस साल 8 जुलाई के साथ ही अन्य पुष्य नक्षत्र तिथियों 3 अगस्त, 30 अगस्त, 26 सितम्बर, 24 अक्टूबर, 20 नवम्बर और 18 दिसम्बर को भी स्वर्णप्राशन कराया जाएगा।
- -पेड़ को जीवित रखने के संकल्प के साथ करें पौधरोपण: वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी-‘पीपल डिस्ट्रिक्ट’ बनाने का किया आह्वान-नगर वन उर्दना में आयोजित हुआ ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम-पूरे जिले में हुआ वृहत वृक्षारोपणरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ की अपील लोगों से की है। जिसके तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर व्यापक पौधरोपण का कार्य हो रहा है। वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने आज रायगढ़ जिले के उर्दना स्थित नगर वन में अपनी मां श्रीमती कौशल्या देवी चौधरी के नाम पर उनके साथ पीपल का पेड़ लगाया।वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का उतना ही महत्व है जितना मानव जीवन का। पर्यावरण संरक्षण के लिए हर व्यक्ति को प्रकृति के बीच जीवन-यापन की परंपरा का निर्वहन करना चाहिए। इसके लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए और पेड़ों की रक्षा वैसे ही करनी चाहिए जैसे हम अपने बच्चों की करते हैं। किसी भी पेड़ लगाने से ज्यादा उसको जीवित रखना हमारी जिम्मेदारी है।वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने स्थानीय देशी किस्म के पौधे जिनकी आयु ज्यादा है उन्हें प्राथमिकता के साथ रोपण करने को कहा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि हर व्यक्ति अपने जन्मदिन, माता-पिता के जन्मदिन पर एक पेड़ अवश्य लगाये और जीवित रखें। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हम सब मिलकर ऐसा प्रयास करे कि आने वाले दो सालों में 50 हजार से ज्यादा पीपल के पेड़ जिले में विकसित हो सके, ताकि रायगढ़ जिला पीपल डिस्ट्रिक्ट के नाम से जाना जा सके, तभी हम एक नई संस्कृति का विकास कर पायेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि रायपुर में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने पीपल फॉर प्यूपिल अभियान चलाया था। आज इसी प्रकार नवा रायपुर में भी अभियान चलाकर लगभग 70 हजार पीपल के पौधे रोपे जा रहे है। वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने डीएफओ रायगढ़ को नगर वन के ऊपरी क्षेत्र में ट्रेकिंग ट्रेल, वॉच टावर एवं ईको टूरिज्म के रूप में विकसित के निर्देश दिए।लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मां के नाम पर एक पेड़ लगाने का सिलसिला आज पूरे देश में चलाया जा रहा है। इसी आह्वान पर हम सब इस कार्यक्रम को उत्सव के रूप में मना रहे है। गांव-गांव में भी सभी परिवार इस कार्यक्रम को लेकर उत्साहित है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन के लिए एक पेड़ लगाना बहुत ही महान काम है। एक पेड़ मां के समान है। जैसे मां अपने बच्चों को सजाती एवं संवारती है, भोजन कराती है, ठीक उसी तरह एक पेड़ हमें फल एवं शुद्ध हवा देता है। जिससे हम आज खुली सांस ले पा रहे है, इसलिए मेरा सभी से आग्रह है कि आप भी अपने मानव जीवन में एक पौधे लगाये और उसे पेड़ बनते तक देखभाल करें।राज्य सभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति ने हमें सब कुछ दिया है। इसे सहेजकर रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। पर्यावरण के बिना मनुष्य के जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसलिए हम सब एकजुट होकर पर्यावरण के सुधार के लिए ऐसा प्रयास करें कि रायगढ़ जिला ग्रीन रायगढ़ के नाम से जाना जाए।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री निराकार पटेल, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम श्रीमती पूनम सोलंकी, श्री विजय अग्रवाल, श्री पंकज कंकरवाल, श्री आशीष ताम्रकार, श्री सुरेश गोयल, सुषमा खलखो, श्री सत्यनारायण बाबा की माता, कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, सीईओ जिला पंचायत श्री जितेन्द्र यादव, वनमंडलाधिकारी रायगढ़ सुश्री स्टायलो मण्डावी, वन मंडलाधिकारी धरमजयगढ़ श्री अभिषेक जोगावत सहित गणमान्य नागरिक एवं जनसामान्य उपस्थित रहे।विभिन्न किस्म के 611 से अधिक लगाए पौधेडीएफओ रायगढ़ सुश्री स्टायलो मण्डावी ने जानकारी दी कि आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, जनसामान्य एवं बच्चो द्वारा पीपल, बरगद, आम, करंज, आंवला, नीम, अमलतास, शोभागर पॉम ट्री एवं चंपा जैसे विभिन्न प्रकार के पौधे रोपे गए। यहां जन सामान्य के लिए 2 कि.मी. का वाकिंग ट्रैक बनाया गया है। जहां शहरवासी अपनी मां के नाम या विशेष अवसर पर पौधरोपण कर सकते है।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने पौध वितरण वाहन को दिखाई हरी झंडीआयोजित कार्यक्रम में वित्त मंत्री श्री चौधरी ने शहरवासियों को निरूशुल्क पौधा वितरण वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान वे पौधरोपण कर हस्ताक्षर अभियान का भी हिस्सा बने। उल्लेखनीय है कि पौध रोपण को प्रोत्साहित करने 1 जुलाई से वन विभाग द्वारा जन सामान्य के पौध रोपण के लिए पौधों का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। ताकि जनसामान्य को फलदार, छायादार एवं औषधीय पौधे आसानी से प्राप्त कर अपने घर एवं आस पास के क्षेत्रों में रोपण किया जा सके।वृहत पौधरोपण के लिए जिले में चल रहा पीपल फॉर प्यूपिल अभियानसीईओ जिला पंचायत श्री जितेन्द्र यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि रायपुर के तर्ज पर जिले में भी पीपल फॉर प्यूपिल अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत जिले के 549 ग्राम पंचायतों में लगभग 8 लाख पौधे रोपे जायेंगे। जिसमें नगरीय क्षेत्र में 5 हजार से अधिक एवं 2500 से अधिक स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में पौधरोपण किया जाएगा। इसी तरह 200 अमृत सरोवर एवं डबरी निर्माण कर पौधरोपण किया जाएगा। साथ ही पीपल फॉर प्यूपिल अभियान के तहत औद्योगिक क्षेत्रों में 10 हजार पीपल के पेड़ रोपे जायेंगे।
- -सर्वोच्च बलिदान करने वाले पुलिसकर्मियों के परिजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक सार्थक प्रयास- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मारायपुर।छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार बनने के साथ ही प्रदेश में विकास की रफ्तार तेजी से बढी हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन की सरकार में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने राज्य के पुलिसकर्मियों और उनके परिवारजनों की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता से निर्णय लेते हुए शहीद पुलिस सेल के गठन के निर्देश जारी किए हैं। इस पहल का उद्देश्य शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारजनों को आवश्यक सहायता और समर्थन प्रदान करना है।विदित हो कि कुछ दिनों पूर्व शहीद पुलिस कर्मियों के परिजन अपनी समस्याओं को लेकर उप मुख्यमंत्री व गृह मंत्री श्री विजय शर्मा से मिले थे और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया था तब उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने उन्हें आश्वासन दिया था कि शीघ्र मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से चर्चा कर उनके समस्याओं के निराकरण के प्रयास किए जाएंगे।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रत्येक रेंज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में शहीद पुलिस सेल का गठन किया जा रहा है। इस सेल का मुख्य उद्देश्य शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारजनों की समस्याओं का निराकरण करना है। सेल में रेंज पुलिस महानिरीक्षक अध्यक्ष होंगे वही रेंज मुख्यालय के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रेंज पुलिस महानिरीक्षक द्वारा नामांकित उप पुलिस अधीक्षक व निरीक्षक स्तर के अधिकारी सदस्य होंगे।शहीद पुलिस सेल शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारजनों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक माह के द्वितीय बुधवार को इकाई स्तर, रेंज स्तर, तथा पुलिस मुख्यालय स्तर पर बैठक आयोजित करेंगे। इस बैठक में परिवारजनों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा और निराकरण के प्रयास किए जाएंगे। बैठक के दौरान, परिवारजनों को अपनी समस्याएं रखने का अवसर भी मिलेगा। बैठक के अतिरिक्त, प्रत्येक बुधवार को शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारजनों के लिए अलग से समय निर्धारित किया गया है, ताकि वे अपने मुद्दों को पेश कर सकें। इसके लिए आवश्यकता अनुसार व्यवस्था के निर्देश दिए गए है। जिससे शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारजन उपस्थित हो सकें। यदि किसी कारणवश इकाई बैठक के माध्यम से समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है, तो रेंज स्तरीय शहीद पुलिस सेल के माध्यम से निराकरण के प्रयास किए जाएंगे। यदि रेंज स्तरीय शहीद पुलिस सेल के स्तर पर निराकरण न हो सके तो पुलिस मुख्यालय स्तर पर गठित शहीद पुलिस द्वारा निराकरण कराया जायेगा।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारजनों की समस्याओं का समुचित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्देश जारी किए गए हैं। यह पहल पुलिसकर्मियों के परिवारजनों को मानसिक और भावनात्मक समर्थन प्रदान करने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा की यह पहल शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक सार्थक प्रयास है। यह सुनिश्चित करता है कि जिन पुलिसकर्मियों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है, उनके परिवारजनों की देखभाल और सहायता सुनिश्चित की जाए।
- -मुख्यमंत्री ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज यहां उनके निवास कार्यालय में रायपुर के होराइज़न हॉस्पिटल के संचालक डॉ पंकज द्विवेदी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को डॉ पंकज द्विवेदी ने अपनी स्वरचित किताब 'द पॉसिबिलिटी' की प्रति भेंट की और इस पुस्तक की विशेषताओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।डॉ पंकज ने बताया कि 'द पॉसिबिलिटी' का मुख्य उद्देश्य आत्मविश्वास के माध्यम से नई ऊंचाइयों को छूने और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने पर केंद्रित है। यह किताब व्यक्तिगत विकास और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के विभिन्न पहलुओं पर रोशनी डालती है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉक्टर पंकज द्विवेदी को उनकी किताब के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सकारात्मकता से भरी किताब निश्चित रूप से पढ़ने योग्य है और विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणादायक साबित होगी। इस अवसर पर डॉ. क्षितिज द्विवेदी, श्री योगेश मिश्रा और श्री हेमंत शर्मा भी उपस्थित थे।
- रायपुर / खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने आज बेमेतरा जिले के नवागढ़ में अनुसूचित जाति प्राधिकरण मद से 99 लाख 31 हजार की लागत से निर्मित हाने वाली जैतखाम का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि बाबा गुरू घासीदास जी ने समाज को एकता, भाईचारे, तथा समरसता का संदेश दिया है। बाबा के आदर्शाे पर चलने का प्रेरणा मिलती है। बाबा ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश देकर समाज में ऊंच नीच के भेदभाव को मिटाने का प्रयास किया। गिरौदपुरी धाम में कुतुबमीनार से ऊंचा जैतखाम भी बनाया गया है ।सतनामी समाज द्वारा नवागढ़ के सतनाम मंगल भवन में गुरु असम दास जी तेलासपुरी धाम खपरीडीह खुर्द के सानिध्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर नगर पंचायत नवागढ़ की अध्यक्ष श्रीमती मंजूलता अजीत रात्रे, अध्यक्ष नगर पंचायत मारो श्री घनलाल देशलहरे, जिला पंचायत सदस्य श्री अंजू बघेल, श्रीमती गिरजा कुर्रे, श्री ताराचंद जांगड़े, श्री हेमलाल धृतलहरे जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे ।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ की महिलाओं में महतारी वंदन योजना को लेकर अपार उत्साह देखा जा रहा है। खास कर गरीब, मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग की महिलाओं को इस योजना से मिलने वाली राशि से काफी राहत मिली है। महिलाओं का कहना है कि इस योजना से महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ गया है।प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन का ही प्रतिफल है कि उन्हें समय पर महतारी वंदन योजना की राशि माह दर माह मिल रही है। महतारी वंदन योजना में इस माह 5वीं किश्त के रूप में एक-एक हजार रूपए की राशि मिली है। राशि के उपयोग से आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। यह राशि महिलाओं के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से पहुंच रही है। महिलाओं के खाते में राशि आने से परिवार में भी उनकी पूछ परख बढ़ गई है।धमतरी के कलेक्टोरेट परिसर में कैंटिन का संचालन करने वाली सहेली संघ स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती हेमा साहू ने बताया कि महतारी वंदन योजना से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को काफी फायदा हो रहा है। समूह की महिलाओं द्वारा अब नियमित रूप से आर्थिक गतिविधियों के लिए अपना योगदान दे पा रही हैं।श्रीमती हेमा ने यह भी कहा कि महतारी वंदन योजना से मिल रही राशि से महिलाएं अपने बच्चों के लिए आवश्यकतानुसार बेहतर प्रबंध कर पा रही हैं। महिलाएं निजी जरूरतों, घरेलू आवश्यकताओं व दैनिक उपयोग की चीजों की खरीदी एवं अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सक्षम हुई है। साथ ही भविष्य के लिए बचत भी कर रही है। इससे महिलाओं में आत्मनिर्भरता एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ है।
- बालोद। अनुसूचित जाति अंत्योदय स्वरोजगार योजना एवं अनुसूचित जनजाति स्वरोजगार योजना में जिला बालोद को वर्ष 2024-25 हेतु अंत्योदय स्वरोजगार योजना के लक्ष्य 209 इकाई एवं आदिवासी स्वरोजगार योजना में लक्ष्य 66 इकाई का कुल 275 इकाई का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। कार्यपालन अधिकारी जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित बालोद ने बताया कि जिले में निवास करने वाले शिक्षित बेरोजगार युवक, युवतियों से स्वयं व्यवसाय चयन कर रोजगार स्थापित करने हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। ऐसे पात्र आवेदक जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित कक्ष क्र. 91 संयुक्त जिला कार्यालय बालोद एवं जनपद पंचायत बालोद, गुण्डरदेही, गुरूर, डौण्डी, डौण्डीलोहारा में कार्यालयीन समय में उपस्थित होकर आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हंै। इसके साथ ही नगर पालिका बालोद एवं दल्लीराजहरा, नगर पंचायत गुण्डरदेही, अर्जुंदा मंे कार्यालयीन समय में आवेदन पत्र प्राप्त कर आवश्यक समस्त दस्तावेेजों के साथ जमा भी कर सकते हैं।
- - निराकरण हेतु रखे गये कुल 8000 से अधिक मामलेंदुर्ग, / राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार वर्ष 2024 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत जिला न्यायालय दुर्ग, परिवार न्यायालय दुर्ग, श्रम न्यायालय दुर्ग, स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाए) दुर्ग तथा किशोर न्याय बोर्ड, व तहसील व्यवहार न्यायालय भिलाई-3 पाट व धमधा में आयोजित की जाएगी। उक्त तिथि को आयोजित नेशनल लोक अदालत की तैयारी अपने अंतिम चरण में है जिसके तहत आपसी राजीनामा योग्य आपराधिक मामलें, सिविल मामले, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से संबंधित मामलें, परिवार न्यायालय में पारिवारिक विवाद के प्रकरण, श्रम न्यायालय के प्रकरण, स्थायी लोक अदालत में जनोपयोगी सेवा से संबंधित लगभग कुल 8078 मामले एवं बैंक वित्तीय संस्था/विद्युत/दूरसंचार के बकाया राशि के संबंध में संबंधित विभाग द्वारा न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किये जाने के पूर्व प्री-लिटिगेशन प्रकरण एवं राजस्व के प्रकरण सहित लगभग 11088 मामलें सुनवाई हेतु रखे गये है। वहीं संबंधित चिन्हांकित व रखे गये मामलों के नेशनल लोक अदालत की तिथि में अधिकाधिक संख्या में निराकरण किये जाने न्यायालय के पीठासीन अधिकारीगण द्वारा नियमित रूप से पक्षकारों के मध्य प्री-सीटिंग/बैठक का आयोजन अधिक संख्या में किये जा रहे है। जिससे 13 जुलाई 2024 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में अधिकाधिक संख्या में प्रकरण निराकृत होने की संभावना है।13 जुलाई 2024 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में चिन्हांकित कर रखे गये मामलों की सुनवाई हेतु जिला न्यायालय दुर्ग परिवार न्यायालय दुर्ग व्यवहार न्यायालय तहसील मिलाई-3, पाटन, धमधा एवं किशोर न्याय बोर्ड, जनोपयोगी सेवा से संबंधित स्थायी लोक अदालत (जनो.से.) तथा श्रम न्यायालय के लगभग कुल 38 खण्डपीठ का गठन माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के निर्देशानुसार गठित की जावेगी है। संबंधित गठित खण्डपीठ में नेशनल लोक अदालत की तिथि में प्रकरणों की सुनवाई/निराकरण पक्षकारों के मध्य सौहाद्रपूर्ण वातावरण में आपसी सहमति /राजीनामा के आधार पर किये जायेंगे। नेशनल लोक अदालत में आपसी राजीनामा के आधार पर अपने मामलों के निराकरण हेतु पक्षकार अधिक से अधिक संख्या में संबंधित गठित खण्डपीठ / न्यायालय में उपस्थित रहें और लोक अदालत के माध्यम से अपने मामलों का निराकरण कर समय एवं अन्य कठिनाइयों से बचे क्योंकि नेशनल लोक अदालत में प्रकरण के सौहाद्रपूर्ण वातावरण में पक्षकारों के मध्य विवाद का निपटारा आपसी सहमति / राजीनामा से होने के कारण उक्त निराकृत मामलों की अपील नहीं होती है।
- प्रदेश स्तरीय कृषि सहकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का किया शुभारंभरायपुर ।सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सहकारी समितियों के सशक्तिकरण से किसानों सहित गांव, प्रदेश और देश की समृद्धि जु़ड़ी हुई है। सबकी सहभागिता से सबका विकास ही सहकारिता का मूल उद्देश्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के गांव, गरीब और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘‘सहकार से समृद्धि‘‘ को साकार करने का आव्हान किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली हमारी सरकार का ध्येय वाक्य भी ‘‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास‘‘ है और इसी ध्येय वाक्य को लेकर हमारी सरकार लोगों के हित में काम कर रही है। उन्होंने सहकारी समिति से जुड़े लोगों से कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में हमारा काम जमीनी स्तर पर दिखनी चाहिए। सबकी सहभागिता और सहयोग से ही हम आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकेंगे।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि धरती मां को हम वसुंधरा के नाम से भी जानते हैं। इस वसुंधरा की हम पूजा करने वाले लोग हैं। जहां भी हल चलाकर हम बीज बो देते हैं। वसुंधरा हमें जीवकोपार्जन के लिए कई गुना अनाज देती है। उन्होंने कहा कि सहकारी समिति केवल धान, बीज खरीदी और बिक्री का केन्द्र नहीं, बल्कि इसे मल्टी एक्टिविटिज तथा कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने प्रदेश के किसानों से एक-एक दाना धान खरीदने का वादा किया था। हमारी सरकार ने इन वादों के मुताबिक 3100 सौ रूपए प्रति क्विंटल के मान से राज्य के लगभग 25 लाख किसानों से 145 लाख मेट्रिक टन धान खरीदने का काम किया।उन्होंने कहा कि किसानों की प्रगति हमारी प्राथमिकता में है। किसानों के प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक साढ़े 5 हजार करोड़ रूपए ऋण वितरण किए जा चुके हैं। इस खरीफ सीजन में 7 हजार 300 करोड़ रूपए का ऋण वितरण करने का लक्ष्य रखा गया है।सहकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से आमजनों को अधिक से अधिक लाभ मिल रहा है। लोगों में आपसी समन्वय और सहयोग की भावना विकसित होने से विकास का नया रास्ता खुला है। सहकारी समिति किसानों को आर्थिक मदद करने का एक नया जरिया बना है। उन्होंने संस्कर से सहकार और सहकार से समृद्धि की परिकल्पना को साकार करने लोगों से अपील की।कार्यक्रम को विधायक श्री अनुज शर्मा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल सहित सहकार भारती के पदाधिकारियों ने भी सम्बोधित किया। अंतर्राष्ट्रीय सहकार दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन सहकार भारती संगठन के तत्वाधान में राजधानी रायपुर स्थित कृषि महाविद्यालय जोरा के कृषि मंडपम् सभा हॉल में किया गया। इस अवसर पर सहकारी समितियों से जुड़े किसान, समितियों के पदाधिकारी-कर्मचारी और ड्रोन दीदी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस मौके पर किसानों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण का भी आयोजन किया गया।
- -फौती, नामांतरण एवं बटवारा, जैसे प्रकरणों के निराकरण के लिए गांवों में लगेंगे शिविर-अब तक 7 लाख दर्ज राजस्व प्रकरणों में से लगभग 6 लाख प्रकरणों का हुआ निराकरण-सभी जिलों के गांवों में 6 से 20 जुलाई तक आयोजित होगा राजस्व पखवाड़ारायपुर, / राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने शनिवार को प्रेसवार्ता लेकर राज्य में चलाए जा रहे राजस्व पखवाड़ा, राजस्व प्रकरणों एवं अन्य राजस्व विषयों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप राज्य में सुशासन स्थापित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आमजनों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। राजस्व पखवाड़ा में राजस्व विभाग से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए 6 से 20 जुलाई तक सभी जिलों के ग्रामों में शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से बी-1, खसरा के नकल एवं किसान किताबों के आवेदनों का शिविर स्थल पर ही निराकरण किया जाएगा। इसी तरह आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र संबंधी समस्त आवेदनों को लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से ऑनलाईन प्रविष्टि एवं शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा। शिविर में प्राप्त होने वाले फौती नामांतरण, बटवारा, त्रुटि सुधार के प्रकरणों का मौके पर ही ऑनलाईन अपलोड कर हल्का पटवारी द्वारा प्रतिवेदन, पंचनामा आदि की प्रविष्टि एवं मौके पर ईश्तहार जारी कर पक्षकारों को तामिल कराया जाकर प्रकरणो का निराकरण किया जाएगा। राज्य में अभी 7 लाख 4 हजार 154 दर्ज प्रकरणों में से 5 लाख 90 हजार 490 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। लंबित प्रकरणों को समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश संबंधित राजस्व अधिकारियों को दिए गए।राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए नहीं भटकना पड़ेगा : राजस्व पखवाड़ा में होगा त्वरित निराकरणलोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल राजस्व प्रकरणों की समय-सीमा में होगी कार्यवाहीलोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत् राजस्व विभाग के 25 सेवाओं को अधिसूचित किया गया है। इसमें नामांतरण, बटवारा, सीमांकन, व्यपवर्तन, ऋण पुस्तिका, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, अपील, पुनरीक्षण, पुनर्विलोकन के मामले, त्रुटि सुधार, राजस्य पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा से हुए क्षति पर आर्थिक सहायता के प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा अंदर निराकरण किया जाएगा। विवादित प्रकरणों के निराकरण हेतु सभी राजस्व अधिकारी नियमित रूप से न्यायालय में आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन कर गुणवत्ता युक्त निर्णय यथाशीघ्र सुनिश्चित करेंगे।प्राकृतिक आपदा से निपटने 143 करोड़ 54 लाख रूपए की राशि जारीबैंक खाते, यूपीआई आईडी और नेट बैंकिंग के माध्यम से जमा कर सकेंगे भू-राजस्वराजस्व मंत्री ने कहा कि राजस्व न्यायालय के सभी पीठासीन अधिकारियों को सभी राजस्व प्रकरणों को पंजीकृत करने, शून्य आदेश पत्र वाले प्रकरणों एवं ऐसे प्रकरण जिसमें पेशी तारीख की तिथि अद्यतन नहीं किये है, उन्हें शीघ्र ही पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया जा रहा है, अन्यथा अनुशानात्मक कार्यवाही की जाएगी। इसी तरह राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 अंतर्गत प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, आकाशीय बिजली गिरने, अग्नि दुर्घटना से होने वाले फसल क्षति, मकान क्षति और पशु एवं जनहानि हेतु आर्थिक सहायता हेतु समी 33 जिलों को 143 करोड़ 54 लाख रूपये की राशि जारी की जा रही है। भू-अभिलेख संबंधी समस्याओं जैसे भुईयां सॉफ्टवेयर, भू-नक्शा एवं ई-कोर्ट में तकनीकी कारणों से होने वाले समस्या से निपटने के लिए सभी जिलों में एक-एक सहायक प्रोग्रामरों को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। क्लाउड में स्पेस बढ़ाया जा रहा है। भुईयां और ई-कोर्ट सॉफ्टवेयर में व्हाट्स एप का इंटीग्रेशन किया जा रहा है। जिससे जन सामान्य को सभी तरह की सूचनाएं व्हाटस-एप से मिल सकें। सभी प्रकार के भू-राजस्व प्राप्तियों के लिए पेमेंट गेट-वे की शुरूआत की जा रही है। अभी तक ट्रेजरी चालान के माध्यम से भू-राजस्व जमा होता था। अब बैंक खाते, यूपीआई आईडी और नेट बैंकिंग के माध्यम से भू-राजस्व जमा किया जा सकता है। भूमिस्वामी के खातों में आधार, मोबाईल नंबर और किसान किताब नंबर की प्रविष्टि यथाशीघ्र शत-प्रतिशत पूर्ण जावेगा।स्वामित्व योजना अतर्गत राज्य के सभी ग्रामों की आबादी भूमि का ड्रोन के माध्यम से सर्वे का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जिसमें से 10375 ग्रामों का मैप-1 प्राप्त हो गया है। अक्टूबर 2024 तक सभी ग्रामों के आबादी भूमि धारकों को अधिकार अभिलेख वितरण का लक्ष्य रखा गया है।जियो रिफ्रेसिंग डाटा निर्माण के लिए चिप्स तकनीकी एजेंसी नियुक्तकोटवारों द्वारा विक्रय की गई सेवाभूमि और कोटवारी भूमि के विरुद्ध विधि सम्मत कार्यवाही शीघ्र ही करने निर्देशित किया गया है। डिजिटल क्रॉप सर्वे हर मौसम में उगाये फसल का रिकार्ड रखने हेतु जियो टैगिंग के माध्यम से फील्ड में जाकर ही फसल सर्वेक्षण (गिरदावरी) मोबाईल एप के माध्यम से किया जा रहा है। इससे राज्य, जिला, तहसील एवं ग्राम में उगाई जाने वाली फसलों की जानकारी आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा। जिससे फसलों के आयात-निर्यात, प्रधानमंत्री फसल बीमा एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी हेतु आवश्यक डाटा उपलब्ध होगी। जियो-रिफ्रेंसिंग प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजनांतर्गत राज्य के सभी राजस्व ग्रामों के पटवारी नक्शा का जियो रिफ्रेसिंग कर डाटा निर्माण किये जाने की कार्यवाही राज्य में प्रारंभ हो गई है, जिसके लिए चिप्स को तकनीकी एजेंसी नियुक्त किया गया है।
- रायपुर /खाघ मंत्री श्री दयालदास बघेल ने शनिवार को बेमेतरा जिले के नवागढ़ विकास खंड के ग्राम बाघुल में 18 लाख 63 हजार की लागत से नवीन ग्राम पंचायत भवन का शुभारंभ किया। खाघ मंत्री श्री बघेल ने शुभारंभ अवसर पर सभी को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पंचायत को मजबूत करने के लिए बाघुल गांव को नया पंचायत भवन दिया गया है। इसका उपयोग गांव के सरपंच, पंच और आम लोग बैठक, प्रशिक्षण देने के लिए कर सकेंगे। इस अवसर पर सरपंच बाघुल श्रीमती उर्वशी अर्जुन सिंग लसेल, मीना रामनाथ, श्री टार्जन साहू, श्री चंद्रपाल साहू, श्री अजय साहू, श्री परस वर्मा, श्री खोरबाहरा साहू और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से शनिवार को शाम यहां उनके निवास कार्यालय में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की महाप्रबंधक सुश्री नीनू इटियेरा ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने सुश्री इटियेरा से छत्तीसगढ़ राज्य में रेल सुविधाओं से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस अवसर पर रायपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री संजीव कुमार भी उपस्थित रहे।
- -उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बच्चों को शिक्षा हासिल कर बेहतर नागरिक बनने दी सीख-बिलासपुर में जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव, न्योता भोज से बच्चों के खिले चेहरे-एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत रोपे पौधे-छात्राओं को मिली निःशुल्क साईकिलरायपुर, / आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री, भारत सरकार श्री तोखन साहू शनिवार को बिलासपुर स्थित बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दयालबंद में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने की। इस अवसर पर नवप्रवेशी बच्चों को माला पहनाकर, तिलक लगाकर गणवेश और पाठ्यपुस्तक का वितरण किया।केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा को बढ़ावा दिया हैै। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा स्कूली बच्चों को गणवेश और पाठ्यपुस्तक का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। शिक्षा के माध्यम से ही व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्य के प्रति जागरूक होता है और बेहतर नागरिक बन पाता है।उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि शिक्षा, सामाजिक परिवर्तन की धुरी है। सामाजिक बदलाव और तरक्की के लिए शिक्षा जरूरी है। हम सब चाहते हैं कि आगे बढ़े और हमारा समाज भी आगे बढ़े। यह शिक्षा के जरिए ही संभव है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद बच्चों को बच्चों को पूरे मनोयोग से शिक्षा हासिल करने और देश का योग्य नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने सभी बच्चों को शाला प्रवेशोत्सव पर शुभकामनाएं दी और बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने कहा। श्री साव ने कहा कि शासन की मंशा है कि सभी विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर बेहतर नागरिक और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें। हम सबको मिलकर प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा दिलाने मंे अपना अमूल्य योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा हासिल कर हम सबके बच्चे इतने काबिल और होनहार बनें, कि छत्तीसगढ़ का नाम रौशन करें।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, श्री रामदेव कुमावत, कलेक्टर श्री अवनीश शरण, एसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्री आरपी चौहान एवं बाल अतिथि के रूप में नन्हीं सुमन बैगा और अंशिका लालवानी मौजूद थे। प्रवेशोत्सव के इस रोचक कार्यक्रम में बच्चों की खुशी देखते ही बनती थी।न्योता भोज कार्यक्रम -शाला प्रवेशोत्सव के मौके पर बच्चों के लिए न्योता भोज कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। समग्र शिक्षा की डीएमसी श्रीमती अनुपमा राजवाड़े ने अपनी शादी की 25वीं सालगिरह के उपलक्ष्य में बच्चों को न्योता भोज दिया। केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव सहित मौजूद अतिथियों ने बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसा। अतिथियों ने भी बच्चों के साथ पंगत में बैठकर भोजन किया। भोजन में बच्चों को खीर, पूरी, पुलाव, मिठाई और फल परोसा गया। पसंदीदा भोजन और चॉकलेट मिलने से बच्चों के चेहरे खिल उठे।छात्राओं को मिली सायकिल -शाला प्रवेशोत्सव छात्राओं के लिए खुशियों भरा रहा। अतिथियों ने नवमीं कक्षा में प्रवेशित 21 छात्राओं को निःशुल्क सायकिलें प्रदान की। केन्द्रीय राज्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री ने छात्राओं को अच्छे से पढ़ाई कर अपने माता-पिता और जिले सहित पूरे प्रदेश का नाम रोशन करने की बात कहते हुए उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। सायकिल मिलने पर छात्राओं के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होेंने कहा कि अब उन्हें अपने स्कूल तक आने जाने में सहूलियत होगी और वे जल्दी स्कूल पहुंच सकेंगी।एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत पौधरोपण -केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत मां केे सम्मान में क्रमशः नीम और कटहल का पौधा रोपा। उन्होंने सभी लोगों से इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की।मिशन 90 ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ -कार्यक्रम में अतिथियों ने जिला प्रशासन द्वारा तैयार किए गए मिशन 90 पोर्टल का शुभारंभ किया। वर्ष 2024-25 में शिक्षा गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए यह पोर्टल तैयार किया गया है। इसके जरिए स्कूली बच्चों की प्रगति की प्रत्येक माह समीक्षा की जाएगी। स्कूलों की लाइव जीआईएस निगरानी होगी। जिले के सभी स्कूलों और बच्चों का डेटाबेस तैयार किया गया है। सभी के लिए अलग-अलग लॉगिन आईडी तैयार की गई।कार्यक्रम में श्रीकांत सहारे, श्री राजेश सिंह, श्री छेदी लाल कश्यप, पूर्व महापौर श्री किशोर राय, श्री राजेश सिंह, शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक श्री आरपी आदित्य, जिला शिक्षा अधिकारी श्री टीआर साहू सहित अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और शिक्षक मौजूद थे।
- -महतारी वंदन योजना से महिलाएं हो रही है आर्थिक रूप से सशक्त-घर की छोटी छोटी जरूरतें हो रही है समय पर पूरीरायपुर, / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गांरटी को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य में महतारी वंदन योजना शुरू की है। इस योजना से महिलाओं का आत्मनिर्भर और स्वावलंबन बनने का सपना साकार हो रहा है। पिछले मार्च महीने से शुरू की गई इस योजना में विवाहित महिलाओं के बैंक खाते में एक-एक हजार रूपए की राशि हर माह दी जा रही है। अब तक कुल पांच किस्ते जारी की जा चुकी है।राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को हर महीने लाभ मिल रहा है। महिलाओं का कहना है कि इस योजना से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। घर में उनकी पूछ परख बढ़ी है। घर की छोटी मोटी जरूरतों के लिए अब किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नही पड़ती। घर के अपनों के छोटे-छोटे सपनें इस राशि से वे पूरा कर रही है। कई महिलाओं ने इस राशि से छोटी-छोटी आर्थिक गतिविधियां भी शुरू कर दी हैं। स्व-सहायता समूह में शामिल महिलाएं बचत का भी काम कर रही है।गौरतलब है कि जुलाई माह में छत्तीसगढ़ की कुल 69 लाख 96 हजार 556 हितग्राहियों को 653 करोड़ 85 लाख रूपए की सहायता राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित कर दिया गया है। इनमें से 66 लाख 16 हजार 618 हितग्राहियों को आधार लिंक खातों के आधार पर डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया गया तथा 3 लाख 79 हजार 938 हितग्राहियों जिनके खाते आधार से लिंक नहीं है, उन्हें एनईएफटी के माध्यम से उनके खाते में भुगतान किया जा रहा है। मार्च से जून तक 04 माह की सहायता राशि 2612 करोड़ 18 लाख रूपए की राशि का भुगतान महिलाओं के खाते में किया जा चुका है।महतारी वंदन योजना से रायपुर जिले में सर्वाधिक 5.33 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में राशि अंतरित हुई है। इसी प्रकार राज्य के अन्य जिलो में बिलासपुर जिले के 4.25 लाख, बालौदाबाजार-भाटापारा में 3.30 लाख, महासमुंद में 3.25 लाख, रायगढ़ में 3.5 लाख, जांजगीर-चांपा में 2.90 लाख, कोरबा में 2.94 लाख राजनांदगांव में 2.58 लाख, बेमेतरा में 2.54 लाख, कबीरधाम में 2.54 लाख, बालोद में 2.52 लाख, धमतरी में 2.35 लाख, जशपुर में 2.32 लाख, बलरामपुर में 2.14 लाख, बस्तर में 1.93 लाख, बीजापुर में 38 हजार, दंतेवाड़ा में 54 हजार, दुर्ग में 4 लाख, गरियाबंद में 1.83 लाख, गौरेला-पेड्रा-मरवाही में 95 हजार, कांकेर में 1.84 लाख, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 1.17 लाख, कोंडागांव में 1.40 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में राशि अंतरित कर दी गई है।इसी प्रकार मुंगेली में 2.13 लाख, कोरिया में 59 हजार, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1.14 लाख, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में 82 हजार, नारायणपुर में 27 हजार, सक्ती जिले की 1.99 लाख, सांरगढ़-बिलाईगढ़ में 1.90 लाख, सुकमा में 52 हजार, सूरजपुर में 2.16 लाख तथा सरगुजा में 2.32 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में राशि अंतरित कर दी गई है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से शनिवार को यहां उनके निवास कार्यालय में सदगुरु कबीर विश्व शांति मिशन संस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने कबीर संस्थान एवं यथार्थ फाउंडेशन के तत्त्वावधान में गुरु पूर्णिमा पर आयोजित किये जा रहे सन्त सम्मेलन व स्नेह मिलन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का आमंत्रण दिया।मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस समारोह में छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य हिस्सों से भी संतगण हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरुपूर्णिमा कार्यक्रम के आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए आमन्त्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार जताया।इस अवसर पर सदगुरु कबीर विश्व शांति मिशन संस्थान के अध्यक्ष संत श्री रविकर साहेब, सचिव श्री घनश्याम साहेब, श्री बलवान साहेब, श्री विजय साहेब, श्री क्षेमेंद्र साहेब, श्री रतन साहेब, श्री भूमेश्वर साहेब, श्री रेमन दास जी , श्री गणराज जी, श्री रमाकांत जी, श्री हेमप्रकाश जी, श्री पुष्कर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
- -स्कूलों का निरीक्षण और शाला भवनों की मरम्मत के निर्देशरायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि जर्जर शाला भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाओं का संचालन न किया जाएं। उन्होंने इस संबंध में कलेक्टरों को प्रेषित अपने पत्र में इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि ऐसे शाला भवन जो जर्जर है, उन स्कूलों की कक्षाओं के संचालन के लिए फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सामुदायिक भवन, अन्य शासकीय भवन का उपयोग किया जाए। शालेय बच्चों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों को समस्त शाला भवनों की अद्यतन स्थिति का तीन दिवस के भीतर निरीक्षण करने और आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं सुधार कराने के निर्देश दिए हैं।स्कूल शिक्षा सचिव ने कहा है कि राज्य में 26 जून से नवीन शिक्षा सत्र प्रारंभ हो गया है और शालाओं में अध्ययन-अध्यापन शुरू हो चुका है। शाला प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है। शालाएं स्वच्छ एवं सुरक्षित हों यह सुनिश्चित करने जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा है कि विभिन्न माध्यमों से यह बात शासन के संज्ञान में आ रही है कि कुछ शालाएं अभी भी जर्जर भवनों में संचालित की जा रही है, जो किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को इस बात कि सख्त हिदायत दी है कि जो शाला भवन जर्जर है, उनमें अध्ययन-अध्यापन कार्य न कराया जाए। ऐसे शाला भवन जो मरम्मत के लायक है, उनका जिला स्तर पर उपलब्ध डीएमएफ, सीएसआर या अन्य किसी निधि से मरम्मत कराएं। स्कूल शिक्षा सचिव श्री परदेशी ने स्कूल जतन योजना अंतर्गत चिन्हित शाला भवनों की मरम्मत एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए जिलो को जारी की गई राशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित करें।
- -पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-शिक्षा का मूल उद्देश्य ‘‘सर्वे भवंतु सुखिनः‘‘ के ध्येय वाक्य के साथ एक दूसरे की मदद करना: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर शुरू कर सकेगा संयुक्त डिग्री कार्यक्रम-विश्वविद्यालय द्वारा छत्तीसगढ़ी भाषा में पाठ्यक्रम की शुरूआत सराहनीय कदम-मुख्यमंत्री ने ‘‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान‘‘ से जुड़ने की अपील की-विद्यार्थियों को मिले स्वर्ण पदक एवं उपाधियांरायपुर । राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शनिवार को पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह में विभिन्न शैक्षणिक सत्रों की परीक्षाओं में छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, पत्रोपाधि के लिए उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इस मौके पर श्री राम प्रताप सिंह एवं सुश्री सुरभा देश पांडे को विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि दी गई। समारोह में कुलाधिपति द्वारा पीएचडी छात्रों को उपाधि प्रदान की गई एवं इस उपाधि के आचार एवं गौरव की रक्षा करने का संदेश दिया गया। अतिथियों ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को उज्जवल भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर शुरू कर सकेगा संयुक्त डिग्री कार्यक्रमराज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन ने समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि मुझे छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल होते हुए बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने स्वर्ण पदक एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों के परिवारजनों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके सहयोग, त्याग एवं मार्गदर्शन में आपने ये महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर शुरू कर सकेगा संयुक्त डिग्री कार्यक्रमराज्यपाल श्री हरिचंदन ने छात्रों से कहा कि आपकी महत्वपूर्ण उपलब्धियां आपके कठिन परिश्रम, समर्पण, आपकी शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय 21 मार्च 2005 को स्थापित हुआ। पंडित सुंदरलाल शर्मा ने छत्तीसगढ़ में जन जागरूकता एवं सामाजिक प्रगति लाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह विश्वविद्यालय पंडित सुंदरलाल शर्मा जी के सपनों को गढ़ने एवं साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने उच्च शिक्षण गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड दिए जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कहा कि विकसित भारत, समृद्ध भारत की संकल्पना पर आधारित है। विकसित भारत संकल्पना के जरिए क्षेत्र के सभी नागरिकों को अपनी क्षमता के अनुसार विकास करने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय जनजाति क्षेत्र में रहने वाले अति पिछड़े समुदायों तथा कॉविड-19 से प्रभावित लोगों को शिक्षा का अवसर प्रदान कर अपने सामाजिक सरोकारों के उद्देश्य को भी पूरा कर रहा है।पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर शुरू कर सकेगा संयुक्त डिग्री कार्यक्रममुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक एवं उपाधि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। श्री साय ने कहा मुझे प्रसन्नता है कि हमारे छत्तीसगढ़ राज्य का एकमात्र यह मुक्त विश्वविद्यालय अपने अकादमिक और शैक्षणिक गतिविधियों के साथ नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। दूरस्थ अंचलों में बसे ऐसे शिक्षार्थियों के लिए जो किसी कारणवश उच्च शिक्षा से वंचित रह गए हैं या नौकरी पेशा वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो अपने भावी सपनों को साकार करना चाहते हैं, उनके लिए यह विश्वविद्यालय शिक्षा के अवसर प्रदान करने का प्रमुख केंद्र बन गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैं स्वयं राज्य के दूरस्थ क्षेत्र जशपुर का हूं इसलिए मैंने हमारे छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों के लोगों की कठिनाईयों को बहुत नजदीक से देखा है मैं दूरस्थ अंचलों में बसे हमारे राज्य के लोगों की कठिनाईयों को महसूस कर सकता हूं। मुझे खुशी है कि विश्वविद्यालय अपने ध्येय वाक्य ‘‘उच्च शिक्षा आपके द्वार‘‘ के अनुरूप अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा, शिक्षा का मूल उद्देश्य सर्वे भवंतु सुखिनः के ध्येय वाक्य के साथ एक दूसरे की मदद करना है। हमारे राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू किए जाने से युवाओं में तार्किक क्षमता के संवर्धन के साथ ही उनका सर्वांगीण विकास होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय को यूजीसी के 235 विश्वविद्यालयों की उस सूची में शामिल किया गया है, जो संयुक्त अथवा दोहरी डिग्री दे सकता है। अब यह विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर संयुक्त डिग्री के लिए कार्यक्रम शुरू कर सकता है, यह खुशी की बात है कि हमारे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी विदेशी विश्वविद्यालय से जुड़ सकेंगे।मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिवार की प्रशंसा करते हुए कहा मेरा सुझाव है कि विश्व के लोगों का छत्तीसगढ़ की भाषा और संस्कृति से परिचय कराया जाए, इस दिशा में छत्तीसगढ़ी भाषा में पाठ्यक्रम की शुरुआत इस विश्वविद्यालय ने की है यह सराहनीय कदम है। इस विश्वविद्यालय का अध्ययन-अध्यापन के साथ यह भी दायित्व बनता है कि छत्तीसगढ़ अंचल के भाषा, संस्कृति को समृद्ध करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में उपस्थित जनों से ‘‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान‘‘ से जुड़ने की अपील की और कहा कि अपने आसपास सुलभ स्थान देखकर आप सभी एक पेड़ माँ के नाम जरुर लगाएं और उसकी देखरेख करें।कार्यक्रम में दीक्षांत उद्बोधन देते हुए श्री सुरेश भैयाजी जोशी ने कहा आज हमारा देश सफल नेतृत्व के संचालन के साथ आगे बढ़ रहा है। पूरे विश्व में हमारा गौरव एवं सम्मान बढ़ा है। शिक्षा से हमें सामर्थ्य प्राप्त होता है और मनुष्य के रूप में प्राप्त ऋणों से मुक्त होने तथा श्रेष्ठ जीवन के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि हमें शिक्षा और ज्ञान के विकास के साथ-साथ संस्कारों को भी पोषित करना चाहिए। उन्होंने स्वर्ण पदक एवं उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने दीक्षांत समारोह में अपना उद्बोधन देते हुए स्वर्ण पदक, उपाधि प्राप्तकर्ताओं एवं स्वर्ण पदक पाने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा व्यक्ति के लिए शिक्षा एवं संस्कार महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। शिक्षा मनुष्य को अपने कार्य क्षेत्र से संबंधित कौशल प्रदान करता है, वहीं संस्कार मनुष्य को समाज में श्रेष्ठ नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता है। मानव जीवन में शिक्षा महत्वपूर्ण स्थान रखता है शिक्षित व्यक्ति अपना समुचित विकास करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भी दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय परिवार द्वारा पूरे मनोयोग से विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जा रही है। रामचरितमानस के पाठ्यक्रम संचालित कर यहां पर आध्यात्म से जुड़ी शिक्षा दी जा रही। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए पाठ्यक्रम में आमूल चूल परिवर्तन किया गया है और विषयों के बंधन से मुक्त किया गया है। योग्यता, गुणवत्ता एवं आवश्यकता पर आधारित विषयों को समाहित कर पाठ्यक्रम को वर्तमान उद्देश्यों के अनुरूप बनाया गया है।कुलपति प्रोफेसर बंशगोपाल सिंह ने इस गरिमामय अवसर पर सभी विद्याार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय अपने उद्देश्यों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। यह विश्वविद्यालय पूरे छत्तीसगढ़ में 105 से अधिक अध्ययन केन्द्रों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों तक उच्च शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए कार्यरत है।इस अवसर पर बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल, तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव, मस्तुरी विधायक श्री दिलीप लहरिया, जिला पंचायत बिलासपुर अध्यक्ष श्री अरूण सिंह चौहान, प्रबुद्ध नागरिक, विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
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उपमुख्यमंत्री शर्मा ने गांधीनगर में स्वर्णिम संकुल-2 में टेक्नोलॉजी के प्रयोग का किया अध्ययन
रायपुर/ छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने गुजरात प्रवास के दौरान आज गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल से सीएम सचिवालय में मुलाकात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ओर से शुभकामनांए और उन्हें छत्तीसगढ़ आने का न्योता दिया। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को करने के लिए छत्तीसगढ़ में संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण एवं कल्याण के लिए तैयार जा रही महतारी सदन योजना की भी जानकारी दी। गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने इस योजना की सराहना की और इसे एक आदर्श पहल बताया। उन्होंने अपने अधिकारियों को इस योजना को गुजरात राज्य में लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन करने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से पूर्व में हुई मुलाकात में सीएम डैशबोर्ड के सबंध में हुई चर्चा एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार गुजरात राज्य के सीएम डैशबोर्ड का अवलोकन किया। स्वर्णिम संकुल 2, जनसंपर्क इकाई, मुख्यमंत्री सचिवालय में उन्होंने टेक्नोलॉजी के प्रयोग से विभिन्न आवेदनों के निगरानी व निराकरण प्रयोगों का अध्ययन किया। स्वर्णिम संकुल 2 में उपमुख्यमंत्री ने टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी प्रणाली का निरीक्षण किया और इसकी कार्यप्रणाली को समझा। इस अवसर पर चिप्स (छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी) के सीईओ रितेश अग्रवाल और चिप्स की टेक्निकल टीम भी मौजूद थी। गुजरात की टीम ने उपमुख्यमंत्री को टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी की कार्यप्रणाली और इसके प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने टेक्नोलॉजी के प्रयोग से आवेदनों के त्वरित और प्रभावी निराकरण की सराहना की। उन्होंने कहा, टेक्नोलॉजी का सही उपयोग प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्रणाली नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान में सहायक साबित होगी।
गुजरात की टेक्नोलॉजी टीम ने बताया कि इस प्रणाली के माध्यम से आवेदनों की निगरानी और निराकरण की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया है। यह प्रणाली नागरिकों को अपनी शिकायतों और आवेदनों की स्थिति का ऑनलाइन ट्रैकिंग करने की सुविधा भी प्रदान करती है। -
देवांगन ने आमजनों को पौधों वितरित कर अभियान को सफल बनाने हेतु किया आग्रह
रायपुर/ वाणिज्य, उद्योग, व्यापार एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज एक पेड़ मां के नाम अभियान रथ को आज कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान रथ के माध्यम से वन मंडल कोरबा अंतर्गत आमजनों को निःशुल्क पौधों प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर महापौर श्री राजकिशोर प्रसाद, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वनमण्डलाधिकारी कोरबा श्री अरविंद पीएम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री संबित मिश्रा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
एक पेड़ मां के नाम अभियान रथ को रवाना करने के पूर्व कलेक्टोरेट परिसर में मंत्री श्री देवांगन ने आम नागरिकों, कर्मचारियों को फलदार एवं छायादार पौधे वितरित कर पौधा रोपण करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में सभी की सहयोग अपेक्षित है। हम सभी को एक पेड़-पौधा मां के नाम पर अनिवार्य रूप से लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी मां को सबसे ज्यादा प्यार करते हैं इसलिए उसके नाम पर लगाए गए पौधे के प्रति सजग रहेंगे और उसके विकसित होने तक देखभाल भी करेंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक नगरी कोरबा में विभिन्न औद्योगिक संस्थान हैं जिससे निकलने वाले धुंएं से पर्यावरण प्रभावित होता है। प्रदूषण से पेड़ पौधे ही बचा सकते है। इस दृष्टि से कोरबा नगर मे वृक्षारोपण का महत्व और भी बढ़ जाता है। -
लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील
रायपुर/ राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने अपने निवास में ‘‘एक पेड़ मां के नाम अभियान‘‘ के तहत अपनी मां स्वर्गीय श्रीमती गैंदी बाई वर्मा की स्मृति में नीम का पौधा लगाया।
इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण सरंक्षण और संवर्धन के लिए देशवासियों से पौधा लगाने की अपील की है। पर्यावरण का संतुलन बनाये रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। मानव जीवन को स्वास्थ्यवर्धक बनाने में पेड़ों की भूमिका को नकारा नही जा सकता। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मन की बात के 111वें एपिसोड में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘‘एक पेड़ मां के नाम अभियान‘‘ शुरू करने आह्वान किया था। इसी तारतम्य में देश भर में लोग अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ रहे हैं।
मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि माँ की ममता का कोई मोल नही है। एक माँ से ज्यादा कोई और अपने बच्चों को प्यार नही कर सकती। सभी लोग एक पेड़ अपनी मां के नाम पर जरुर लगाएं, क्योंकि दुनिया का सबसे बड़ा रिश्ता मां का होता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सभी लोग अपनी मां के नाम पर एक पेड़ जरूर लगाएं। इस अवसर पर उनके साथ कार्यालय के अन्य कर्मचारीगण उपस्थित थे। -
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ से सभी नागरिकों की शांति ,सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। श्री साय ने रथयात्रा की पूर्वसंध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में कहा है कि भारत में महाप्रभु जगन्नाथ के धाम पुरी सहित सभी स्थानों में रथयात्रा निकाली जाती हैं। यह भारत की मजबूत सांस्कृतिक एकता और सौहार्द्र का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्राचीन काल से ही छत्तीसगढ़वासियों की भगवान जगन्नाथ में गहरी आस्था रही है। उत्कल समाज के साथ सभी छत्तीसगढ़वासी प्रतिवर्ष भक्ति भाव और श्रद्धा के साथ भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा की रथयात्रा निकालते हैं।
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प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के बच्चे होंगे लाभान्वित
कोरबा और पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड से होगी शुरुआत
रायपुर/ उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन की पहल पर नई शिक्षा नीति के तहत कोरबा जिले में प्राथमिक और मीडिल स्कूल के बच्चों को स्कूलों में मध्यान्ह भोजन से पूर्व पौष्टिक नाश्ता भी मिलेगा। मंत्री श्री देवांगन के दिशा-निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा स्कूली बच्चों को नश्ता उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया गया है। इसकी शुरूआत जिले के कोरबा और पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के स्कूलों से होगी, जिसका विस्तार निकट भविष्य में जिले के शेष विकासखंडों में होगा।
मंत्री श्री देवांगन आज कोरबा जिले में संपूर्णता अभियान का विधिवत शुभारंभ किया और कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। मंत्री श्री देवांगन ने बैठक में कोरबा जिले के स्कूली बच्चों को शीघ्र ही सुबह के वक्त नाश्ता प्रदाय किए जाने की योजना पर प्रसन्नता जतायी और कहा कि कोरबा इस अभिनव योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ का अग्रणी जिला होगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य में विद्यार्थियों को अध्ययन-अध्यापन की प्रभावी व्यवस्था के साथ ही उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य सभी सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाना है। स्कूली बच्चों के नश्ता दिए जाने की यह व्यवस्था इसी प्रयास की एक कड़ी है। उन्होंने कहा कि स्कूल पहुंचते ही बच्चों को नाश्ता मिलेगा, इससे बच्चों का मन पढ़ाई में और ज्यादा लगेगा।
मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि कोरबा श्रम नगरी है, परिजन काम के लिए सुबह से निकल जाते हैं। जिसके चलते श्रमिक परिवार के बच्चे भूखे पेट स्कूल जाते हैं, दोपहर में मध्यान्ह भोजन का समय 1.30 बजे तक खाली पेट पढ़ाई करते हैं। इस वजह से बच्चे अध्ययन में रुचि नहीं ले पाते हैं। यह स्थिति कमोबेश जिले के सभी विकासखंडों में हैं। गौरतलब है नई शिक्षा नीति में स्कूलों में बच्चों को सुबह नाश्ता भी अनिवार्य किया गया है। मंत्री श्री देवांगन ने इस संबंध में स्कूली बच्चों को नाश्ता प्रदाय किए जाने की व्यवस्था के लिए कलेक्टर को पत्र भी लिखा था।




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