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शालू जिन्दल ने कहा- जेएसपी करता है व्यावसायिक सफलता और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच परस्पर संतुलित संबंध में विश्वास
जेएसपी फाउंडेशन ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयासरत
रायपुर। जिन्दल स्टील एंड पावर (जेएसपी) को ईस्टर्न इंस्टीट्यूट ऑफ इंटेग्रेटिड लर्निंग इन मैनेजमेंट (ईआईआईएलएम), कोलकाता ने श्रेष्ठ सीएसआर इंटेग्रेटिड बिजनेस के लिए प्रतिष्ठित ईस्टर्न इंडिया लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान समाजसेवा के प्रति जेएसपी की कटिबद्धता को दर्शाता है और कंपनी का यही दर्शन सीएसआर को जेएसपी के व्यवसाय का अभिन्न अंग बनाता है।
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जेएसपी फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल ने कहा, जिन्दल स्टील एंड पावर व्यावसायिक सफलता और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच परस्पर संतुलित संबंध में विश्वास करता है। यह सम्मान समाज को सकारात्मक दिशा दिखाने और उसके सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए हमारे समर्पित प्रयासों का प्रमाण है।”
जेएसपी फाउंडेशन की असिस्टेंट जनरल सेक्रेटरी सुश्री मैत्रेयी मिश्रा ने कंपनी की ओर से यह सम्मान ग्रहण किया। इस अवसर पर जिन्दल स्टील एंड पावर के सीएसआर प्रमुख श्री प्रशांत कुमार होता ने व्यवसाय और सीएसआर के परस्पर अटूट संबंधों पर प्रकाश डाला।
गौरतलब है कि जेएसपी फाउंडेशन ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों समेत पूरे भारत में लोगों के जीवन में बदलाव लाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मिशन जीरो हंगर, किशोरी एक्सप्रेस, वात्सल्य, यशस्वी, आशा द होप और ग्रासरूट हॉकी डेवलपमेंट प्रोग्राम समेत अनेक ऐसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनसे समुदायों में सकारात्मक परिवर्तन को बढ़ावा मिल रहा है और उनकी अनेक चुनौतियों का समाधान संभव हो रहा है। -
रायपुर। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में किसानों ने लेमनग्रास की खेती की विधि सीख ली है। इन्हें औषधि पादप बोर्ड द्वारा निःशुल्क औषधीय पौधे एवं मार्गदर्शन मिला है। इसके परिणाम स्वरूप वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 800 एकड़ से भी अधिक क्षेत्र में लेमनग्रास की खेती की जा रही है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर की मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की पहल से किसान इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब किसानों द्वारा सकारात्मक रूप से लेमनग्रास को अपनाया जा रहा है। लेमनग्रास की खेती से धान की फसल की अपेक्षा अधिक लाभ संभावित है। इस तारतम्य में मुख्य कार्यपालन अधिकारी छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड श्री जे. ए. सी. एस. राव ने जानकारी दी कि लेमनग्रास एक औषधीय एवं सुगंधित पौधा है, लेमनग्रास तेल का कई प्रकार के सौंदर्य प्रसाधन सामग्री तथा अन्य उत्पाद में उपयोग में आता है। पूरे विश्व में भारत लेमनग्रास तेल का शीर्ष निर्यातक है। लेमनग्रास बहुवर्षीय फसल है।
छत्तीसगढ़ में धान की खेती तथा इसान बाली जगहों पर दलहन तथा अन्य फसलों की खेती पारंपरिक तरीके से की जाती ह,ै जिससे किसानों को पर्याप्त आमदनी नहीं हो पाती है। छत्तीसगढ़ की जलवायु लेमनग्रास की खेती हेतु बहुत उपयुक्त है। इसकी खेती खाली पड़त भूमि पर की जाती है। लेमनग्रास की खेती कई प्रकार की भूमि पर की जा सकती है, जिसमें सिंचाई हेतु पानी की आवश्यकता कम होती है। इसको एक बार रोपण करने उपरांत बार-बार रोपण की आवश्यकता नही होती। चूंकि इसकी कटाई हर बाई से तीन माह में की जाती है, जिससे किसानों को आय का स्त्रोत बना रहता है।
राज्य में लेमनग्रास उत्पादन से धान की अपेक्षा किसानों की आय में कई गुना वृद्धि की संभावना है। छत्तीसगढ़ में लेमनग्रास की खेती के लिए औषधीय पादप बोर्ड (छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड) के प्रयास से छत्तीसगढ़ राज्य के महासमुंद पेण्ड्रा, कोरिया कोरबा, बिलासपुर तथा बलरामपुर जिलों के 66 ग्रामों के 653 किसानों के लगभग 800 एकड़ में लेमनग्रास की खेती की जा रही है, जिससे प्रति एकड़ 80000 से एक लाख रूपए आय की प्राप्ति किसानों को होगी।
लेमनग्रास कृषिकरण तकनीक
लेमनग्रास की बुआई पूरे वर्षभर (अत्यधिक ठंड तथा गर्मी को छोड़कर) की जाती है । एक एकड़ में रोपण हेतु 16 से 20 हजार पौधे की आवश्यकता होती है। फसल की कटाई हर ढाई माह के अंतराल में किया जाता है। इसकी उत्पादन वर्ष में 04 से 05 बार तक की जा सकती है। लेमनग्रास तेल की वर्तमान बाजार कीमत 800 से 950 रू प्रति किग्रा तक होती है। इस हिसाब से किसानों को एक एकड़ से 80 हजार से भी अधिक आय प्राप्त होती है।
प्रसंस्करण की विधि
लेमनग्रास की पहली कटाई 6 माह उपरांत हर ढाई माह में किया जाता है। फसल कटाई कर आसवन यूनिट की सहायता से उसका तेल निकाल लिया जाता है। तत्पश्चात तेल बाजार में विक्रय हेतु तैयार हो जाता है। बोर्ड द्वारा मार्केटिंग हेतु भी सुविधा प्रदाय की जाती है, जिससे किसानों को 15 दिनों में ही उपज का पैसा प्राप्त हो जाता है।
रोपण सामग्री की उपलब्धता
लेमनग्रास की खेती करने के लिए लेमनग्रास की पौधे आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे। पहले वर्ष रोपित किये जाने वाले पौधे राज्य शासन के योजना अंतर्गत बोर्ड के माध्यम से निःशुल्क प्रदाय किया जाता है। रोपित लेमनग्रास में से आवश्यकतानुसार पौधे दूसरे स्थानों पर रोपण हेतु उपयोग में लाया जा सकता है। इसी प्रकार रोपित किये जाने वाले पौधों की उपलब्धता बनी रहती है। लेमनग्रास का उपयोग लेमनग्रास टी. खराश, बुखार, मांस पेशियों की ऐंठन एवं सौंदर्य प्रसाधन संबंधित उत्पादों में इसका उपयोग किया जाता है। इसे कई रोगों में उपयोग किये जाने के कारण इसकी बाजार मांग अत्यधिक है। - ‘मुख्यमंत्री सुगम महाविद्यालय योजना’ का करेंगे शुभारंभरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 7 अक्टूबर को राजधानी में डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे और ‘मुख्यमंत्री सुगम महाविद्यालय योजना’ का शुभारंभ करेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 7 अक्टूबर को पूर्वान्ह 12 बजे मुख्यमंत्री निवास से प्रस्थान कर रायपुर के अम्बेडकर चौक में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा के लिए आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री श्री बघेल अपने निवास कार्यालय में पूर्वान्ह 12.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा ‘मुख्यमंत्री सुगम महाविद्यालय योजना’ का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद दोपहर 1.05 बजे से विभिन्न सामाजिक संगठनों से भेंट करेंगे।
- -न्यायिक अधिकारियों से ली प्रकरणों की जानकारी-अधिवक्ताओं से मुलाकात कर जानी समस्याएंरायपुर, / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा द्वारा आज प्रकरणों की सुनवाई उपरांत जिला एवं सत्र न्यायालय, कबीरधाम का औचक निरीक्षण किया गया। उनके द्वारा न्यायालय परिसर के समस्त कक्षों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कबीरधाम श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे उपस्थित रही। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, एस.पी. श्री अभिषेक पल्लव तथा पी.डब्ल्यू.डी. के अधिकारीगण भी उपस्थित थे।निरीक्षण में पाया गया कि अधिवक्ता कक्ष में पानी का रिसाव होने के कारण छत एवं दीवारों पर सीलन थी। वहां उपस्थित कलेक्टर तथा पी.डब्ल्यू.डी. के अधिकारियों द्वारा इस पर जानकारी दी गयी कि शासन द्वारा 40 लाख रूपये का टेंडर हो गया है तथा 15 दिवस के भीतर कार्य भी प्रारंभ हो जावेगा। पानी के रिसाव के संबंध में मरम्मत संबंधी कुछ कार्य हो चुके है तथा शेष कार्य भी शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। न्यायालय की साफ-सफाई व्यवस्था पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानी। अधिवक्ताओं ने पार्किंग की समस्या बताई, जिस पर कलेक्टर द्वारा आश्वस्त किया गया कि शीघ्र ही पार्किंग हेतु भूमि का डीमार्केशन कराया जाएगा और जो भी कमियां है उन्हें भी शीघ्र ही दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने जिला न्यायालय कबीरधाम के न्यायिक अधिकारियों से प्रकरणों को जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश दिये। व्यवस्था में सुधार हेतु भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। निरीक्षण के समय रजिस्ट्रार जनरल श्री अरविन्द कुमार वर्मा तथा एडिशनल रजिस्ट्रार कम पीपीएस श्री एम. वी. एल.एन सुब्रहमन्यम भी उपस्थित रहे।
- बिलासपुर/मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप सीपत ग्राम पंचायत को उन्नत कर नगर पंचायत बनाया जायेगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस संबंध में अधिसूचना का प्रकाशन किया गया है। एडीएम श्री आरए कुरूवंशी ने बताया कि इस संबंध में यदि किसी को आपत्ति हो तो वे 19 अक्टूबर 2023 तक दावा-आपत्ति दर्ज कर सकते है। जनपद पंचायत मस्तूरी अथवा अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय मस्तूरी में उक्त तिथि तक दावा आपत्ति स्वीकार किये जाएंगे। सीपत ग्राम पंचायत की वर्तमान जनसंख्या 15 हजार 480 है। नगर पंचायत की सीमा वही होगी, जो ग्राम पंचायत की वर्तमान में है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने भेंट मुलाकात के दौरान सीपत सहित गनियारी एवं मस्तूरी को नगर पंचायत बनाने की घोषणा की थी। गनियारी एवं मस्तूरी को नगर पंचायत बनाने के लिए अधिसूचना पूर्व में जारी की जा चुकी है।
- दुर्ग /जिला चिकित्सालय दुर्ग में 6 अक्टूबर 2023 को समस्त विशेषज्ञ चिकित्सकांे को कायाकल्प योजना से संबंधित प्रशिक्षण सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ अरुण कुमार साहु की अध्यक्षता मे आयोजित की गई। जिसके अंतर्गत अस्पताल मे मानक अनुरूप साफ सफाई, जैव अपशिष्ट का उचित प्रबंधन, अस्पताल का उचित रख रखाव, संक्रमण से बचाव हेतु रखी जाने वाली सावधानियाँ जैसे अनेक विषयो पर समस्त विभागों मे व्यवस्था मानक अनुरूप सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये गये। कायाकल्प योजना 2023-24 अंतर्गत जिला अस्पताल दुर्ग सतत रूप से कार्य कर रहा है। साथ ही समस्त चिकित्सकों से अंगदान की शपथ भी डॉ अरुण कुमार साहु सिविल सर्जन जिला अस्पताल दुर्ग द्वारा दिलायी गयी। हमारे देश मे प्रत्यारोपण के लिये अंगो और उत्तको की कमी को देखते हुये यह शपथ ली गयी कि वे अपने परिवार, मित्रो एवं देशवासियो को भी अपने अंग एवं उत्तक दान करने के लिये प्रेरित करेंगे।
- - डेंगू के 01 नये प्रकरण मिलेदुर्ग /दुर्ग जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जिनमें से भिलाई नगर निगम क्षेत्र व दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम के अमले द्वारा डेंगू से संबंधित नियंत्रण व रोकथाम का कार्य निरंतर किया जा रहा है। आज 06 अक्टूबर 2023 को डेंगू एलिजा पॉजिटिव के 01 नये प्रकरण मिले है। वर्तमान में 10 मरीज भर्ती है एवं कोई भी मरीज की गंभीर स्थिति नहीं है। मरीजों के निवास क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले द्वारा मास्किटो सोर्स रिडक्शन का कार्य दैनिक रूप से किया गया है। डेंगू एलिजा पॉजिटिव का नया मरीज मरोदा सेक्टर का रहवासी है। नगर निगम भिलाई, चरोदा रिसाली जनस्वास्थ्य विभाग, भिलाई इस्पात संयंत्र एवं नगर निगम दुर्ग की टीम के द्वारा लगातार डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में लार्वा नष्टीकरण के लिए टेमीफॉस एवं एडिस मच्छर को नष्ट करने के लिए मेलाथियॉन से फागिंग का कार्य किया जा रहा है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.पी. मेश्राम के अनुसार डेंगू नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु दुर्ग, भिलाई, चरोदा रिसाली नगर निगम जनस्वास्थ्य विभाग, भिलाई इस्पात संयंत्र, स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण/शहरीय की टीम द्वारा कुल 123926 घरों का सर्वेक्षण किया जा चुका है, जांच किये कुलर पानी टंकी व अन्य कंटेनर की संख्या 161391 जिनमें से 59668 खाली कराये गये सभी कंटेनरों में 95209 स्थानों में टेमीफास डालकर लार्वा का नष्टीकरण किया गया, 126664 पाम्पलेट के माध्यम से डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य शिक्षा दी गयी। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी, सभी नगर निगम एवं मीडिया के द्वारा लगातार लोंगों से यह अपील की जा रही है कि सप्ताह में एक दिन शुष्क दिवस के रूप में मनाया जाना डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए उचित होगा। उस दिन घर के सारे कन्टेनर जैसे कुलर, पानी टंकी व अन्य जिसमें बारिश का पानी एकत्रित हो उसको समतल जगह में उस पानी की निकासी की जाये। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए कारगर होगा। अपील नही मानने पर यदि किसी घर मे पहली बार लार्वा मिलता है तो नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा समझाईश दी जाएगी और दुसरी बार लार्वा मिलने पर 500 रूपए से लेकर 5000 रूपए तक का अर्थदंड वसूला जाएगा जिसकी जवाबदारी स्वयं की होगी।जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.पी. मेश्राम एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे के द्वारा लोगो से यह अपील की जाती है कि बुखार आने पर मलेरिया एवं डेंगू की जाँच की जाये। डेंगू एवं मलेरिया की जॉच जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल सभी सामु.स्वा. केन्द्र/प्राथ. स्वा. केन्द्र, शहरी प्राथ. स्वा. केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्र, हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में जॉच निःशुल्क किया जा रहा है। जॉच के उपरान्त ही डॉक्टर के परामर्श से दवा लेना उचित होगा।
- दुर्ग/ कलेक्टर सह अध्यक्ष प्रबंध कार्यकारिणी समिति जिला खनिज न्यास संस्थान दुर्ग के प्रशासकीय अनुमोदन से जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए चौदह विषय चिकित्सक विशेषज्ञों की नियुक्ति की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री जे.पी. मेश्राम से मिली जानकारी अनुसार डॉ. उत्कर्ष त्रिपाठी मेडिकल स्पेशीलिस्ट को जिला चिकित्सालय दुर्ग, डॉ. रोशन कुमार साहू एनसथेसिया को खण्ड चिकित्सा अधिकारी निकुम के अधीन जिला दुर्ग, डॉ. विभा साहू एनसथेसिया को जिला चिकित्सालय दुर्ग को एवं सिविल अस्पताल सुपेला, डॉ. रूचि ठाकुर शिशुरोग विशेषज्ञ को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निकुम, डॉ. दीक्षा सुरी शिशु रोग विशेषज्ञ को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाटन, डॉ. श्रीमती आकांक्षा बिजौरा शिशुरोग विशेषज्ञ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अहिवारा, जिला दुर्ग, डॉ. हितेन्द्र देव माइक्रो बायोलॉजिस्ट को जिला चिकित्सालय एवं आर.टी.पी.सी.आर. लैब दुर्ग, डॉ. कल्पना जेफ नेत्र रोग विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय दुर्ग, डॉ. श्रुति सी. शीलावंत स्त्रीरोग विशेषज्ञ सिविल अस्पताल सुपेला, डॉ. अर्चना राठौर स्त्रीरोग विशेषज्ञ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धमधा एवं बोरी, डॉ. स्वाति शुक्ला स्त्रीरोग विशेषज्ञ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झीट, डॉ. दीपक कश्यप सर्जरी विशेषज्ञ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाटन, डॉ. योगेश कुमार शर्मा सर्जरी विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय दुर्ग तथा डॉ. वैभव राठी सर्जरी विशेषज्ञ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धमधा में पदस्थापना की गई है।
- दुर्ग/मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज पाटन स्थित नवनिर्मित स्वामी आत्मानंद ऑडिटोरियम का लाकार्पण किया। 3 करोड़ 35 लाख रूपए की लागत से निर्मित भवन में 260 व्यक्तियों की बैठने की व्यवस्था है। जिसमें विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। ऑडिटोरियम में मंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ऑडिटोरियम पूरी तरह से वातानुकूलित है। सांस्कृतिक कार्यक्रम, समारोह और सम्मेलन होंगे। यह साउंड प्रूफ होगा। नगर पंचायत पाटन अध्यक्ष श्री भूपेंद्र कश्यप, मुख्यमंत्री वेक श्री आशीष वर्मा, नगर पंचायत पाटन उपाध्यक्ष बलदाऊ भाले सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे ।
- बालोद,.कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा ने सर्व कार्यालय एवं विभाग प्रमुखों को पत्र जारी कर निर्देशित किया है कि विधानसभा आम निर्वाचन 2023 हेतु आगामी दिनों में आचार संहिता लागू होने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए निर्वाचन कार्य के सफल क्रियान्वयन हेतु अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहना आवश्यक है। उन्होंने निर्देशित किया है कि समस्त अधिकारी-कर्मचारी शासकीय अवकाश के दिनों में भी मुख्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे तथा अति आवश्यक होने पर जिला निर्वाचन अधिकारी बालोद से अवकाश की स्वीकृति उपरांत ही मुख्यालय छोड़ेंगे।
- बालोद..कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कुलदीप शर्मा ने कहा कि निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा दिवस से ही आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो जाती है। अतः अधिकारी कर्मचारी आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होते ही उसका पालन स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से कड़ाई से करें। श्री शर्मा आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित निर्वाचन संबंधी बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिले में आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन किया जाएगा। आचार संहिता प्रभावशील होते ही संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थल तथा शासकीय भवनों में लगे बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स, एलईडी तथा अन्य प्रचार सामग्रियों को 24 घण्टे भीतर हटाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता के प्रभावशील होते ही धारा-144, कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, आयुध अधिनियम के तहत शस्त्र जमा तथा निलंबित किए जाने, पाम्पलेट-पोस्टर मुद्रण, विश्राम गृहों का आरक्षण, शासकीय वाहनों के उपयोग पर प्रतिबंध, विभिन्न आयोजनों की अनुमति, मतदान केंद्र भवनों का अधिग्रहण आदि के संबंध में आदेश जारी कर निर्देशों का निष्पक्ष रूप से पालन कराया जाएगा। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक, अपर कलेक्टर श्री शशंाक पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार नायक सहित समस्त रिटर्निंग आॅफिसर आदि मौजूद थे।
- भिलाईनगर । नागरिक सुविधा में एक कदम और आगे बढ़ते हुए निगम भिलाई ने क्षेत्र के एक लाख करदाता भवन को डिजिटल प्रणाली से जोड़ने के लिए डिजिटल डोर नम्बर लगाये जाने हेतु महापौर की मौजूदगी में आयुक्त ने कंपनी के साथ अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किये।महापौर नीरज पाल की उपस्थिति में आयुक्त रोहित व्यास ने एच.डी.एफ.सी बैंक के साथ करार किया है, भिलाई निगम क्षेत्र के एक लाख करदाता मकानों को आनलाईन प्रणाली से जोड़ने मकान में डिजिटल डोर नम्बर पटटीका लगाया जाएगा। किये गये अनुबंध के संबंध में जानकारी देते हुए आयुक्त रोहित व्यास ने बताया कि निगम भिलाई क्षेत्र में आवासीय एवं व्यवसायिक भवनो में डिजिटल नम्बर प्लेट लगाया जाएगा। जिसके क्यू.आर. कोड में भवन के मालिक का संक्षिप्त विवरण के साथ निगम के देय करो की जानकारी तथा भुगतान की सुविधा होगी। नम्बर प्लेट के क्यू.आर. कोड को स्केन करके भवन के मालिक निगम में देय कर संपत्तिकर, जलकर, युजर्स चार्ज का भुगतान कर सकेगें।डिजिटल प्रणाली के करार में निगम क्षेत्र के एक लाख संपत्तिकर वाले मकानों में यह सुविधा प्रदान किया जाएगा। जिसके प्रथम चरण में 10 हजार मकानों में नम्बर प्लेट लगाया जायेगा। जिसकी शुरूवात निगम वार्ड 1 से किया जायेगा। निगम क्षेत्र के मकानो को डिजिटल डोर नम्बर हो जाने से नागरिक अपने मकान, दुकान अथवा भवन में लगे इस नम्बर प्लेट के क्यू.आर. कोड को स्केन कर निगम की देय करो की जानकारी तो प्राप्त करेगा साथ ही करो का भुगतान करके आनलाईन पावती भी प्राप्त कर सकेगें। भिलाई निगम क्षेत्र के संपत्तिकरदाता एक लाख मकान में डिजिटल डोर नम्बर लगाया जाना एक क्रांतिकारी कदम होगा।एच.डी.एफ.सी. बैंक के प्रतिनिधि श्रीओझा, आलोक चंद्राकर, पराग चक्रवर्ती, युवराज देवांगन ने एम.ओ.यु. पत्र पर हस्ताक्षर करवाकर महापौर नीरज पाल एवं आयुक्त रोहित व्यास को सौंपते हुए बधाई दी।
- --नवनिर्मित ऑडिटोरियम सहित 87 करोड़ 40 लाख रूपए की लागत से 768 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन--चिटफंड कंपनी के 3790 निवेशकों को राशि वापसी प्रक्रिया प्रारंभदुर्ग / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने पाटन विधानसभा क्षेत्रविासियों को बड़ी सौगातें दी है। उन्होंने आज विधानसभा मुख्यालय पाटन में आयोजित कार्यक्रम में 768 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। जिसमें 55 करोड़ 40 लाख 51 हजार रूपए के 137 कार्यों का लोकार्पण तथा 32 करोड़ 23 हजार रूपए लागत के 631 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। कार्यक्रम में शामिल होने के पूर्व मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पाटन के आत्मानंद चौक पर ब्रम्हलीन स्वामी आत्मानंद जी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस अवसर पर नगर पंचायत पाटन के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सत्या, उपाध्यक्ष श्री बलदाऊ भाले, छत्तीसगढ़ कर्मकार शिल्प बोर्ड के अध्यक्ष श्री तरूण बिजौरा, छत्तीसगढ़ खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सदस्य श्री हेमंत देवांगन विशेष रूप से उपस्थित थे।समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज स्वामी आत्मानन्द जी की जयंती के अवसर पर विकास कार्यों का भूमिपूजन लोकार्पण किया गया । विगत 5 वर्षों में जो बदलाव हुए है, आज दिखाई दे रहा है। पानी, बिजली की पर्याप्त व्यवस्था की गई। आज केवल भौतिक विकास ही नही आर्थिक, सामाजिक शैक्षणिक, सांस्कृतिक सभी क्षेत्रों में विकास हुए है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने ब्रम्हलीन स्वामी आत्मानंद जी की आज जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि स्वामी आत्मानंद ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस की भाव धारा को छत्तीसगढ़ की जमीन पर साकार किया और मानव सेवा व शिक्षा संस्कार की अलख जगायी। स्वामी विवेकानंद के विचारों का आत्मानंद जी पर भी गहरा असर हुआ, जिससे उन्होंने अपना पूरा जीवन दिन-दुखियों की सेवा में बिेेता दिया। मठ और आक्रम स्थापित करने के लिए एकत्र की गई राशि उन्होंने अकाल पीड़ितों की सेवा और राहत काम के लिए खर्च कर दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद जी का समाज सुधारक और शिक्षाविद के रूप में छत्तीसगढ़ में बड़ा योगदान है। उनके मानव सेवा के क्षेत्र में किये गये कार्य अनुकरणीय और प्रेरणास्प्रद है। उन्होंने पीड़ित मानवता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। उनके आदर्शों और विचारों से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। स्वामी आत्मानंद जी ने वनवासियों के उत्थान के लिए नारायणपुर आश्रम में उच्च स्तरीय शिक्षा केन्द्र की स्थापना की। राज्य सरकार द्वारा इसी तर्ज पर जिला मुख्यालयों और विकासखण्डों में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश और हिन्दी मीडियम स्कूल शुरू किये जा रहे हैं। प्रदेश में ग्रामीण सहित दूरस्थ अंचलों में 753 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम के स्कूल संचालित हो रहे हैं। इसी कड़ी में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा देने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम कालेज भी प्रारंभ किया जा रहा है। इस पहल को और आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने स्वामी आत्मानंद कोचिंग सेंटर योजना शुरू की है। इससे गरीब और दूरस्थ क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आगे बढ़ने के सभी अवसर उपलब्ध हो सके। इस योजना के माध्यम से इंजीनियरिंग एवं मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रदेश के 146 विकासखण्ड मुख्यालयों और 4 शहरों, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और कोरबा सहित 150 कोचिंग सेंटर के माध्यम से शासकीय स्कूलों में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग भी दी जाएगी।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि स्वामी आत्मानंद जी ने आदिवासियों के सम्मान एवं उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए अबुजमाड़ प्रकल्प की स्थापना की। नारायणपुर में वनवासी सेवा केन्द्र प्रारंभ कर वनवासियों की दशा और दिशा सुधारने की प्रयास किये गये है। राज्य सरकार ने भी उनके पदचिन्हों पर चलते हुए वनवासियों से वाजिब दामों पर वनोपजों की खरीदी कर राष्ट्रीय स्तर पर कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने अकाल के समय गर्भवती माताओं के लिए पौष्टिक भोजन की शुरूआत की जिससे कि बच्चे कुपोषित न हो। राज्य सरकार ने महिलाओं और बच्चों के लिए गर्म भोजन की व्यवस्था करते हुए कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ गढ़ने का संकल्प लेकर मुख्यमंत्री कुपोषण अभियान की शुरूआत की है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि स्वामी आत्मानंद के विचार, मूल्य और सेवा हमेशा जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए प्रेरित करते रहेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित कार्यों में विद्युत विभाग के संभागीय कार्यालय का शुभारंभ, 2 करोड़ 43 लाख 59 हजार रूपए लागत से निर्मित 33/11 के.व्ही. नवीन उपकेन्द्र फुंडा, 2 करोड़ 29 लाख 47 हजार रूपए लागत से निर्मित 33/11 के.व्ही. नवीन उपकेन्द्र घुघवा (क), 2 करोड़ 94 लाख रूपए लागत से नगर पालिका कुम्हारी अंतर्गत निर्मित विभिन्न 28 विकास कार्य, 10 करोड़ 35 लाख 75 हजार रूपए लागत से मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजनांतर्गत स्वीकृत विभिन्न सड़क सीमेंटीकरण कार्य, 35 करोड़ 35 लाख 44 हजार रूपए लागत से नगर पंचायत पाटन अंतर्गत विभिन्न 103 विकास कार्य, 66 लाख 8 हजार लागत से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मर्रा में 5 अतिरिक्त कक्ष एवं साईंस म्यूजियम इंडोर निर्माण कार्य तथा 1 करोड़ 50 लाख 86 हजार रूपए लागत से मर्रा में साईंस पार्क स्थापना का लोकार्पण शामिल है।भूमिपूजन कार्यों में 9 करोड़ 16 लाख 62 हजार रूपए लागत के नगर पंचायत पाटन अंतर्गत विभिन्न 49 विकास कार्य, 31 लाख 61 हजार रूपए लागत के भंसुली (के) में मिनी स्टेडियम निर्माण कार्य भाग 1, 19 लाख 63 हजार रूपए लागत के भंसुली (के) में मिनी स्टेडियम निर्माण कार्य भाग 2, 19 लाख 39 हजार रूपए लागत के अकतई (भाठापारा) में अटल समरसता भवन निर्माण, 19 लाख 39 हजार रूपए लागत के जरवाय में अटल समरसता भवन निर्माण, 19 लाख 39 हजार रूपए लागत के नवागाव (बी) में अटल समरसता भवन निर्माण, 19 लाख 39 हजार रूपए लागत के बोरीद में अटल समरसता भवन निर्माण, 19 लाख 39 हजार रूपए लागत के सांकरा में अटल समरसता भवन निर्माण, 19 लाख 39 हजार रूपए लागत के सुरपा में अटल समरसता भवन निर्माण, 16 करोड़ 91 लाख 6 हजार रूपए लागत के मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजनांतर्गत विकासखंड पाटन के 491 कार्य, 4 करोड़ 4 लाख 97 हजार रूपए लागत के छ.ग.रा.ग्रा. एव अ.पि.व. क्षेत्र विकास प्राधिकरण योजनांतर्गत विकासखंड पाटन के 82 कार्य तथा 20 लाख रूपए लागत के जंजगिरी में परीक्षेत्रीय साहू समाज भवन का भूमिपूजन शामिल है। जिले के चिटफंड कंपनी से संबंधित 3790 निवेशकों के जमा पूंजी 6 करोड़ 2 लाख 80 हजार रूपए राशि लौटाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रतीकात्मक रूप से आज 4 निवेशकों को राशि का चेक प्रदान किया। इस अवसर पर जिला व जनपद पंचायत के पदाधिकारी, नगर के गणमान्य नागरिक, अधिकारी/कर्मचारी व बड़ी संख्या लोग उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने महाराजा चक्रधर सिंह को 7 अक्टूबर उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि रायगढ़ के महाराजा चक्रधर सिंह का संगीत और शास्त्रीय नृत्य कला की गौरवशाली संस्कृति के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान रहा है। संगीत और नृत्य कला के संवर्धन और संरक्षण में उनके योगदान को चिरस्थायी बनाने के लिए हर वर्ष रायगढ़ में अखिल भारतीय चक्रधर समारोह का आयोजन किया जाता है, जिसमें देश के सुप्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी कला की प्रस्तुति देते हैं। महाराजा चक्रधर सिंह ने नृत्य और संगीत विधा की अनेक साहित्यिक कृतियों की रचना की। उन्होंने शास्त्रीय नृत्य के रायगढ़ घराना को स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा है कि महाराज चक्रधर सिंह के संगीत और कला के क्षेत्र में योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। राज्य सरकार द्वारा उनके सम्मान में चक्रधर सम्मान की स्थापना की है।
- बिलासपुर/5 नवम्बर 2023 को आयोजित की जाने वाली जिला न्यायाधीश (प्रवेश स्तर) सीमित प्रतियोगी परीक्षा 2022 हेतु पात्र एवं अपात्र उम्मीद्वारों की सूचियां छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के वेबसाईट https://highcourt.cg.gov.in पर उपलब्ध करा दी गई है।
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बिलासपुर /प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी नवरात्रि, दशहरा, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर्व शांति एवं सौहादपूर्ण वातावरण में मनाने, पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनाये रखने एवं अन्य प्रशासनिक व्यवस्था के संबंध में 7 अक्टूबर को शाम 4 बजे जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में शांति समिति की बैठक रखी गई है।
- रायपुर। नेहरू युवा केन्द्र संगठन छग युवा कार्यक्रम खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय धनेली में 5 व 6 सितंबर तक दो दिवसीय राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन किया गया।जहां कार्यक्रम के उद्द्घाटन में केंद्रीय युवा कार्यक्रम व खेल, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए वहीँ समापन समारोह में कबीरधाम के सांसद संतोष पांडेय समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा की देश की सुदृढ़ उन्नति के लिए युवा का आगे बढ़ना अत्यंत ज़रूरी है।राज्य निदेशक श्रीकांत पांडेय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में छग के सभी 28 जिलों के प्रतिभागी शामिल हुए हैं। इस महोत्सव में जिला स्तर में हुए भाषण, कविता लेखन, चित्रकारी, मोबाइल फोटोग्राफी, सांस्कृतिक कार्यक्रम व मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम अंतर्गत प्रदेश के 146 विकासखण्डों के लगभग 2500 युवा प्रतिनिधियों शामिल हुए।राज्य स्तरीय युवा उत्सव में भाषण प्रतियोगिता में धमतरी जिले से गुलाब सिंह वर्मा विजेता रहे। इन्होने अमृत काल के पंच प्रण पर बात रखते हुए कहा की आने वाला समय भारत के स्वर्णिम युग के रूप में जाना जायेगा। उन्होंने यूक्रेन रूस युद्ध का हवाला देते हुए कहा की हमारा देश और उसके युवाओं के लिए जो कोई नहीं कर सके वो भारत ने कर दिखाया और सभी भारतीय नागरिकों को सही सलामत घर वापसी हुई। यही हमारे देश की ताकत दर्शाता है। वही दूसरा स्थान सूरजपुर जिले की बुशरा फातिमा को मिला तो तीसरा स्थान प्राप्त कोरबा जिले से निधि रजवाड़े को मिला।काव्य लेखन प्रतियोगिता में कोरिया जिले से शेख अलीशा प्रथम स्थान, गरियाबंद जिले से द्रोणाचार्य साहू, द्वितीय स्थान वहीरायगढ़ की ज्योति साहू को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। इन प्रतिभागियों ने अपने विचारों को संजीदगी व् स्पष्टता से कागज़ पर उकेरा। शेख अलीशा ने देश निर्माण में युवाओ की भूमिका को दर्शाया वही ज्योति साहू ने अमृत काल पर अपने अपने विचार रखे।चित्रकारी प्रतियोगिता में चित्रकारी प्रतियोगिता में महासमुन्द जिले से मिथिलेश बारीक को प्रथम पुरसकार मिला। इनकी चित्रकारी ने निर्णायकों को अत्यंत अभिभूत किया। इन्होने विविधता के साथ छत्तीसगढ़ी सभ्यता व् संस्कृति को रंगो में बिखेरते हुए भारत की विशेषता को दिखलाया वहीँ सुकमा जिले से उमेश कुमार मदकामी को दूसरा स्थान व् चंपा जिले से शुभम पटेल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।मोबाइल फोटोग्राफी प्रतियोगिता में महासमुन्द जिले से प्रीतम देवांगन को प्रथम स्थान, कांकेर जिले से राहुल नागवंशी को दूसरा व् रायगढ़ जिले से अभिषेक सोनी को तीसरा स्थान प्राप्त हुए। इन चारो प्रतियोगिताएं में प्रथम पुरुस्कार को रु 15000, दूसरे स्थान को रु 7500 व् रु तीसरे स्थान को 5000 मिलेंगे।इसके साथ ही युवाओं ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति का परचम लहराते हुए छत्तीसगढ़ी सभी लोक नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नारायणपुर जिले से मांदरी नाचा को प्रथम स्थान व् धमतरी जिले से कर्मा नाचा को दूसरा स्थान व् राजनांदगांव से सुआ नाच तृतीय स्थान प्राप्त हुए। इसमें विजेता को रु 40000 दूसरे स्थान को रु 25000 व् तीसरे स्थान को रु 15000 मिलेंगे।कार्यक्रम में केंद्रीय संचार ब्यूरो, झपेंगो, यूनिसेफ, बाल कल्याण परिषद्, मोर बाजार, युवा मंडलों ने अपने प्रदर्शनी भी लगाई।प्रतियोगिता की विजेताओं को राष्ट्रिय स्तर दिल्ली में भाग लेने का मौका मिलेगा।
- बिलासपुर/राज्य शासन द्वारा साम्प्रदायिक एवं सामाजिक सौहार्द के क्षेत्र में प्रशंसनीय कार्य करने वाले शासकीय सेवकों, व्यक्तियों, अशासकीय संस्थाओं से इंदिरा गांधी साम्प्रदायिक एवं सामाजिक सौहार्द पुरस्कार योजना के अंतर्गत वर्ष 2023 के लिए आवेदन 20 अक्टूबर तक आमंत्रित किये गये है। आवेदन पत्र सीधे जिले के कलेक्टर को प्रस्तुत करना होगा। शासकीय सेवकांे, व्यक्तियों तथा ऐसे अशासकीय संस्था जिन्होंने राज्य स्तर पर साम्प्रदायिक सौहार्द बढ़ाने तथा साम्प्रदायिक उपद्रव की रोकथाम के लिए प्रभावी एवं रचनात्मक कार्य किया हो उन्हें प्रथम पुरस्कार तथा जिन्होंने घटना स्थल या स्थानीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य एवं सेवाओं से साम्प्रदायिक सौहार्द व सद्भावना बनाने का कार्य किया हो द्वितीय पुरस्कार दिया जाएगा। आवेदक अपने आवेदन पत्र के साथ इस क्षेत्र में किये गये कार्याें के प्रमाण सहित पूर्ण ब्यौरा अपने जिले के कलेक्टर को सौंपेंगे।शासकीय सेवकों के लिए प्रथम एवं द्वितीय पुरस्कार के रूप में पदक एवं प्रशस्ति पत्र तथा अशासकीय संस्था या कार्यकर्ता के लिए प्रथम पुरस्कार 25 हजार रूपये की राशि, पदक, प्रशस्ति पत्र और द्वितीय पुरस्कार 10 हजार रूपये की राशि, पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
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*सेक्टर अधिकारियों को दिया गया निर्वाचन कार्य का प्रशिक्षण*
बिलासपुर/आगामी विधानसभा निर्वाचन के मद्देनजर आज जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभा भवन में सेक्टर अधिकारियों के लिए दूसरे चरण का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने कहा कि प्रत्येक चुनाव में सेक्टर अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए सेक्टर अधिकारी अपने क्षेत्र के हर गतिविधि में शामिल हो। सेक्टर अधिकारी मतदान तथा मतगणना के सभी कार्याें में समन्वय करते है। निर्वाचन को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए सेक्टर अधिकारी चुनाव की हर प्रक्रिया की पूरी जानकारी रखें। प्रशिक्षण में दी जा रही सभी जानकारियों को आत्मसात कर लें जिससे चुनाव के समय किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
कलेक्टर ने सेक्टर अधिकारियों से कहा कि निर्वाचन संबंधी सभी प्रपत्रों का अध्ययन करने के साथ ही प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी के अनुरूप अपने दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करें। मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन करते हुए मूलभूत सुविधाएं जैसे रैम्प, जल, बिजली, शौचालय आदि की जानकारी एकत्रित करें।
जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री शैलेश कुमार पाण्डेय द्वारा सेक्टर ऑफिसर को उनके दायित्वों एवं कर्तव्यों का बारीकी से विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान आदर्श आचरण संहिता का पालन, समस्याग्रस्त क्षेत्रों की पहचान, असुरक्षित मतदाता समूहों की पहचान करने तथा विभिन्न प्रपत्रों में रिटर्निंग ऑफिसर को रिपोर्ट करने के संबंध में जानकारी दी गई। मतदान पूर्व दिवस की तैयारी में मतदान दलों को सामग्री सहित मतदान केंद्रों में सुरक्षित पहंुचाना, किसी भी प्रकार की शंका होने पर समाधान करना तथा कंट्रोल रूम को रिपोर्ट करने का दायित्व सेक्टर अधिकारी का है। प्रशिक्षण में बताया गया कि सेक्टर ऑफिसर अपने पास रिजर्व मतदान सामग्री एवं मतदान कार्मिक भी रखेंगे जिससे की आवश्यकता वाले केंद्रों में पूर्ति की जा सके। मतदान की पूर्व रात्रि पर सेक्टर अधिकारी अपने सेक्टर मुख्यालय में रात्रि विश्राम करेंगे तथा मतदान दिवस किसी एक मतदान केंद्र में उपस्थित होकर मोक पोल की कार्यवाही संपन्न करेंगे। यदि किसी मतदान केंद्र में मशीन खराब हो जाती है तो दूसरी ईवीएम मशीन प्रतिस्थापित करेंगे।
सेक्टर अधिकारी कंट्रोल रूम को हर दो-दो घंटे में वोटिंग परसेंटेज की जानकारी देंगे। मतदान समाप्त होने के उपरांत मशीनों की सीलिंग करायेंगे एवं आवश्यक प्रपत्रों को भरवायेंगे तथा उनके अंतर्गत आने वाले सभी मतदान केंद्रों के मतदान अधिकारियों को सामग्री जमा सेंटर में सुरक्षित पहंुचायेंगे। सेक्टर अधिकारियों से कहा गया कि वे सभी घटकों यथा मतदान अधिकारी नजदीकी पुलिस थाना, कंट्रोल रूम, रिटर्निंग ऑफिसर, बीएलओ इत्यादि का मोबाईल नंबर नोट करके रख लें। सेक्टर ऑफिसर के वाहन में जीपीएस सिस्टम से उनके वाहन की निगरानी रखी जायेगी। वे इस बात की मॉनिटरिंग के लिए भी उत्तरदायी होंगे कि बीएलओ 80 से अधिक आयु के तथा दिव्यांग मतदाताआंे को फार्म 12 घ बांट रहे है तथा वापस जमा कर रहे है। मतदान के एक सप्ताह पूर्व सभी सेक्टर अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्रदाय की जाएगी ताकि उनके प्रभार के सेक्टर में उचित कानून व्यवस्था बनी रह सके।
प्रशिक्षण में नगर निगम कमिश्नर श्री कुणाल दुदावत, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री महेश शर्मा, निर्वाचक पर्यवेक्षक श्री ऋषिकेश राय सहित 138 सेक्टर अधिकारी उपस्थित थे। - -पत्रकारों को अब आवास ऋण पर मिलेगा अनुदान, 30 लाख रुपए तक के आवास ऋण पर प्रतिमाह 5 प्रतिशत तक मिलेगा ब्याज अनुदान-पांच वर्षों के लिए मिलेगा ब्याज अनुदान-योजना 1 अप्रैल 2023 के बाद क्रय मकान पर होगी लागूरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में की गई घोषणा पर त्वरित अमल करते हुए जनसंपर्क विभाग द्वारा ‘श्री ललित सुरजन संचार प्रतिनिधि आवास ऋण ब्याज अनुदान योजना’ के लिए आवेदन लेना शुरू कर दिया है। योजना अंतर्गत 30 लाख तक के आवास ऋण के लिए 5 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज अनुदान 5 वर्षों तक दिया जाएगा। यह योजना एक अप्रैल 2023 के बाद से क्रय मकान पर प्रभावशील होगी। योजना से संबंधित नियम एवं आवेदन का प्रारूप जनसंपर्क विभाग की वेबसाईट dprcg.gov.in से प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की इस पहल से प्रदेश के पत्रकार अब किफायती दर पर आवास का सपना पूरा कर सकेंगे।योजना का लाभ केवल आवासीय ऋण पर दिया जाएगा तथा क्रय किया जाने वाला मकान छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर होना चाहिए। ब्याज अनुदान अधिकतम 30 लाख रुपए के आवास ऋण की सीमा तक दिया जाएगा। संचार प्रतिनिधि द्वारा राष्ट्रीयकृत बैंकों, रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया से अधिसूचित वित्तीय संस्थानों एवं सहकारी बैंकों से लिए गए आवास ऋण पर प्रतिमाह 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान 5 वर्षों तक दिया जाएगा।योजना का लाभ न्यूनतम 5 वर्ष से छत्तीसगढ़ में निवास कर दैनिक समाचार तथा टी.वी. न्यूज चैनल्स में पंजीकृत समाचार एजेंसियों के सम्पादकीय शाखा में कार्य कर रहे पूर्णकालिक तथा अंशकालिक संचार प्रतिनिधि तथा अधिमान्यता नियमों की अर्हतादायी शर्तों को पूरा करने वाले न्यूज पोर्टल्स के सम्पादक एवं स्वतंत्र पत्रकार ले सकेंगे।संचार प्रतिनिधि स्वयं अथवा पत्नी के साथ संयुक्त नाम से आवास ऋण लें तभी होगी पात्रता- संचार प्रतिनिधि स्वयं अथवा पत्नी के साथ संयुक्त नाम से आवास ऋण लेने पर ही इस योजना की पात्रता होगी। योजना मात्र एक आवास ऋण में ही लागू होगी। किसी संचार प्रतिनिधि द्वारा पूर्व से अपने अथवा पत्नी के स्वामित्व का मकान योजना लागू होने के बाद अवयस्क/वयस्क संतान को अंतरित कर नया आवास लेने की दशा में योजना का लाभ नहीं मिलेगा।पूर्व से स्वीकृत आवास ऋण पटाकर नये आवास ऋण प्राप्त करने पर योजना का लाभ नहीं मिलेगा। संचार प्रतिनिधियों द्वारा नियमित ऋण एवं ब्याज अदायगी करने पर ही इस योजना का लाभ मिलेगा। डिफॉल्टर होने की स्थिति में योजना के लाभ की पात्रता स्वयमेव समाप्त हो जायेगी।शपथ पत्र भी देना होगा- योजना में पात्रता के लिए स्वयं अथवा पत्नी, आश्रित पुत्र-पुत्री के नाम से कोई अन्य आवासीय भवन नहीं होना चाहिए। इस आशय का शपथ-पत्र देना होगा। शपथ पत्र के साथ संचार प्रतिनिधियों द्वारा रजिस्ट्रीकृत बैंकों अथवा रजिस्ट्रीकृत वित्तीय संस्थाओं से लिए गए ऋण स्वीकृति एवं ऋण वितरण के प्रमाणित अभिलेख जनसम्पर्क संचालनालय में निर्धारित प्रपत्र में आवेदन के साथ प्रस्तुत करने होंगे।नियमित भुगतान कर बैंक का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा- संचार प्रतिनिधियों द्वारा लिए गए ऋण पर मासिक किश्त का नियमित भुगतान स्वयं करना होगा, बैंकों को ऋण के मूल एवं ब्याज के नियमित भुगतान करने संबंधी बैंक का प्रमाण-पत्र जनसम्पर्क संचालनालय में प्रस्तुत करने पर प्रतिमाह 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान की गणना कर संबंधित पत्रकार के बैंक खातों में राशि दी जाएगी।योजना राशि की गणना - ब्याज अनुदान की प्रतिपूर्ति त्रैमासिक की जाएगी किसी भी दशा में अनुदान राशि का भुगतान एकजाई नहीं किया जायेगा। आवास ऋण ब्याज अनुदान की गणना इस प्रकार होगी। इसमें वित्तीय वर्ष में बैंक में देय ब्याज को पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान से गुणा किया जाएगा। प्राप्त परिणाम को बैंक ब्याज प्रतिशत दर से भाग दिया जाएगा।आवास ऋण 30 लाख रुपए से अधिक होने की दशा में ब्याज अनुदान की गणना दो चरणों में की जाएगी। प्रथम चरण में अधिकतम 30 लाख रुपए की राशि तक की ब्याज गणना की जाएगी। इसमें योजनान्तर्गत अधिकतम राशि( 30 लाख रुपए) को वित्तीय वर्ष में स्वीकृत ऋण पर देयक ब्याज राशि से गुणा किया जाएगा। प्राप्त परिणाम को स्वीकृत आवास ऋण राशि से भाग दिया जाएगा। द्वितीय चरण में ब्याज अनुदान राशि की गणना की जाएगी। इसमें प्रथम चरण में गणना पश्चात प्राप्त ब्याज राशि को पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ गुणा किया जाएगा। प्राप्त परिणाम को बैंक ब्याज प्रतिशत दर से भाग दिया जाएगा।योजना हेतु समिति करेगी अनुशंसा - प्रथम बार ब्याज अनुदान स्वीकृति के लिए संचालनालय में वरिष्ठ अधिकारियों की समिति विचार कर अनुशंसा करेगी। समिति में आयुक्त/ संचालक, जनसम्पर्क संचालनालय, अपर संचालक (पत्रकार कल्याण), अपर संचालक (समाचार), उप संचालक / संयुक्त संचालक (वित्त) शामिल होंगे।योजना हेतु निर्णयात्मक शर्त/अधिकार- ब्याज अनुदान स्वीकृत करने के किसी भी प्रश्न पर तत्समय में प्रचलित अधिमान्यता नियमों में उल्लेखित संचार संस्थान एवं संचार प्रतिनिधि की अर्हतादायी शर्तों पर भी विचार किया जायेगा। ब्याज अनुदान स्वीकृत अथवा अस्वीकृत करने का अधिकार आयुक्त /संचालक, जनसम्पर्क को होगा।
- - दिनेश कुमार श्रीवास्तव होंगे समिति के अध्यक्षरायपुर, / राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ मीडियाकर्मी सुरक्षा अधिनियम 2023 के तहत ’छत्तीसगढ़ मीडिया स्वतंत्रता, संरक्षण एवं संवर्धन समिति’ का गठन किया गया है। समिति गठन के संबंध में मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर, अटल नगर - स्थित जनसंपर्क विभाग से आज जारी आदेश के तहत समिति के अध्यक्ष श्री दिनेश कुमार श्रीवास्तव, भारतीय प्रशासनिक सेवा (सेवानिवृत्त) होंगे।जारी आदेश के तहत समिति के सदस्यों में श्रीमती पुष्पा रोकड़े, संवाददाता, प्रखर समाचार, बीजापुर, श्री दिवाकर मुक्तिबोध, वरिष्ठ पत्रकार, रायपुर, श्री नथमल शर्मा, प्रधान संपादक, ईवनिंग टाईम्स, बिलासपुर तथा संचालक लोक अभियोजन द्वारा नामित संघ के संचालक स्तर का अधिकारी शामिल है। इसके अलावा आयुक्त/संचालक, जनसंपर्क द्वारा नामित अपर संचालक स्तर के अधिकारी समिति के सदस्य-सचिव होंगे।
- बिलासपुर/कार्यालय, संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवायें द्वारा संभाग स्तरीय तृतीय श्रेणी के 231 विभिन्न रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए प्राप्त आवेदनों के जांच उपरांत पात्र अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन एवं जारी सूची पर प्राप्त दावा आपत्ति का निराकरण कर अनंतिम सूची विभागीय वेबसाईट में अपलोड कर दी गई है। विस्तृत विवरण हेतु विभागीय वेबसाईट www.cghealth.nic.in एवं www.bilaspur.gov.in का अवलोकन कर सकते है।
- -वनांचल के लघु वनोपज उत्पादों और स्थानीय कारीगरों की उत्कृष्ट कलाकृति की सराहना-लगभग 13 हजार हितग्राहियों को 06 करोड़ रूपए की सामग्री तथा राशि का वितरणरायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और श्रीमती प्रियंका गांधी ने बस्तर संभाग के कांकेर प्रवास के दौरान वहां आयोजित नगरीय निकाय एवं पंचायती राज महासम्मेलन परिसर में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। अवलोकन के दौरान श्रीमती गांधी ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही नवाचारी योजनाओं की विशेष रूप से सराहना की और इसे आदिवासी-वनवासियों सहित आम जनता के हित के लिए अनुकरणीय बताया। इस दौरान उनके द्वारा विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत कुल 12 हजार 730 हितग्राहियों को 5 करोड़ 78 लाख 31 हजार रूपए की सामग्री, ऋण स्वीकृति पत्रक, चेक, अनुदान, वन अधिकार मान्यता पत्र आदि का वितरण भी किया गया।श्री बघेल और श्रीमती गांधी ने नगरीय निकाय एवं पंचायती राज महासम्मेलन परिसर में अवलोकन के दौरान एलडब्ल्यूई से प्रभावित क्षेत्र के कनेक्टिविटी क्रांति के मॉडल की बखूबी सराहना की। इसके तहत विगत 5 वर्षों में यहां दूरस्थ वनवासी अंचल में 4 हजार 599 किलोमीटर लम्बी एक हजार 460 सड़कों का निर्माण हुआ है, जो बस्तर कोंडागांव, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर और बीजापुर को आपस में जोड़ती है।इसी तरह अतिथियों ने बस्तर संभाग के परंपरागत कला स्टॉल का भी अवलोकन किया। यहां हथकरघा बुनाई प्रशिक्षण केंद्र में पिछले तीन वर्षों में 105 महिला समूह को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा गया है। इस बीच श्रीमती गांधी ने चरखा चलाकर सूत भी काता और माटी कला के स्टॉल में दीया में कलात्मक रंगाई भी की। उन्होंने उत्तर बस्तर की प्रसिद्ध कला बेल मेटल से तैयार उत्पादों का अवलोकन किया। यहां महिला समूह को बेल मेटल के माध्यम से स्व-रोजगार से जोड़ा गया है।स्टॉल में अवलोकन के दौरान स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल की छात्राओं ने श्रीमती गांधी का स्वागत बांस से बनी माला पहनाकर किया। कक्षा 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाली छात्राओं ने श्रीमती गांधी के साथ फोटो भी खिंचाई। श्रीमती गांधी ने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें ऑल द बेस्ट एवं वी आर प्राउड ऑफ़ यू भी कहा। सरकार की विशेष योजना के तहत जिले में थर्ड जेंडर के 8 लोगों को आरक्षक की नौकरी भी दी गई है। श्रीमती गांधी ने थर्ड जेंडर आरक्षक रतनू, दिव्या निषाद और सूरज कुमार से चर्चा की और सरकार की इस योजना की सराहना की।श्रीमती गांधी ने स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल का अवलोकन किया। हब एंड स्पोक मॉडल हमर लैब का अवलोकन करते हुए यहां लैब में संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। श्रीमती गांधी ने उन्होंने मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की सराहना की। इस अभियान को आठ चरणों में चलाया गया, जिससे धनात्मक प्रकरणों, मृत्यु दर और एपीआई दर में बड़ी कमी आई है।इस बीच हितग्राही श्रीमती प्यारी टांडिया ने बताया कि उन्हें गौपालन से 3 लाख रुपए की आय प्राप्त हुई है। उल्लेखनीय है कि यहां 14 गौठानों में रीपा का संचालन किया जा रहा है, जिसमें 39 गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, समूह द्वारा अब तक 51 लाख रुपए के उत्पाद का विक्रय किया गया है। आय मूलक गतिविधियों से 430 लोगो को रोजगार मिला है और गोबर विक्रेताओं को अब तक 7.22 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।श्रीमती गांधी एवं मुख्यमंत्री श्री बघेल ने स्टॉल अवलोकन के दौरान स्थानीय उत्पादों और यहां के कारीगरों की उत्कृष्ट कलाकृति को देखते हुए उसकी सराहना भी की। उन्होंने छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड के नाम से वनों से संग्रहित कर आदिवासी महिलाओं द्वारा निर्मित 133 प्रकार के हर्बल उत्पाद और 21 प्रकार के मिलेट्स उत्पादों का अवलोकन किया। इस अवसर पर अतिथियों को हस्त निर्मित सामग्री उपहार स्वरूप भेंट किया गया। वनोपज प्रसंस्करण इकाई से रोजगार एवं आय में वृद्धि, मिलेट्स महतारी कैफे, कोदो कुटकी एवं रागी प्रसंस्करण, मक्का प्रसंस्करण केंद्र का अवलोकन कर श्रीमती गांधी ने हितग्राहियों से बातचीत की और उत्पादों की प्रशंसा की।
- -50 से 70 प्रतिशत कम दाम पर मिल रही दवाईयों से 81 लाख से अधिक लाभान्वित-प्रदेशभर में 197 श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर संचालित-सस्ते दामों पर मिल रही है ब्रांडेड दवाईयां-मुख्यमंत्री की सार्थक पहल से छत्तीसगढ़ के नागरिकों को महंगी दवाईयों के खर्च से मिल रही बड़ी राहतरायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर सभी आयु वर्ग के लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं सुलभ कराने के उद्देश्य से संचालित श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स योजना से अब तक मरीजों को 142 करोड़ रूपए से अधिक की बचत हो चुकी है, जिससे छत्तीसगढ़ के नागरिकों के जेब को बड़ी राहत मिली है।राज्य के सभी नगरीय निकायों में संचालित इस योजना के अंतर्गत ब्रांडेड कंपनियों की जेनेरिक दवाएं 50 से 70 प्रतिशत कम दाम पर उपलब्ध कराई जाती है। धन्वंतरी दवा दुकानों में सर्दी, खांसी, बुखार, ब्लड प्रेशर, इन्सुलिन के साथ गंभीर बीमारियों की दवा, एंटीबायोटिक, सर्जिकल आईटम भी रियायती मूल्य पर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना 20 अक्टूबर 2021 से शुरू की गई है। योजना के तहत राज्य के समस्त 169 नगरीय निकायों में 195 श्री धनवंतरी मेडिकल स्टोर खोले गये हैं। शासकीय चिकित्सकों को अस्पताल में इलाज हेतु आने वाले मरीजों को जेनेरिक दवाई लिखना अनिवार्य किया गया है। योजना से अब तक 231.94 करोड़ रूपए एम.आर.पी. की दवाईयों के विक्रय पर 142 करोड़ 28 लाख रूपए की छूट जरूरतमंद लोगों को दी गई है।गौरतलब है कि प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकाय में संचालित धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल की दुकानों से 81 लाख 76 हजार से अधिक नागरिकों ने सस्ती दवायें खरीदी है। जिससे लोगों को काफी राहत मिली है और कम मूल्य पर दवा उपलब्ध होने से बचत हो रही है। श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोरों में दवाओं की उपलब्धता एवं संचालन व्यवस्था की निगरानी नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया करते रहते है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उच्च गुणवत्ता की जेनेरिक दवाएं रियायती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थायें लगातार करते रहने के निर्देश दिए है।नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रायपुर जिले में 21, गरियाबंद में चार, बलौदाबाजार-भाटापारा में सात, धमतरी में सात, महासमुंद में छह, दुर्ग में 19, बालोद में आठ, बेमेतरा में आठ, राजनांदगांव में पांच, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में तीन, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ में एक, कबीरधाम में छह, बिलासपुर में 11 तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में दो, धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर संचालित किए जा रहे है।इसी तरह से मुंगेली में चार, कोरबा में छह, जांजगीर-चांपा में नौ, सक्ती में छह, रायगढ़ में आठ, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में पांच, जशपुर में पांच, सरगुजा में चार, बलरामपुर में पांच, सूरजपुर में छह, कोरिया में दो, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में पांच, बस्तर में तीन, कोण्डागांव में तीन, नारायणपुर में एक, कांकेर में छह, दंतेवाड़ा में पांच सुकमा में तीन और बीजापुर जिले में तीन धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर संचालित किए जा रहे हैं।
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-श्री रावतपुरा सरकार विवि परिसर में लोगों ने केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जाना-एनवायकेएस के युवा उत्सव में जुटे प्रदेश के हर विकासखंड के युवाओं ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन-चित्र प्रदर्शनी में पहुंच राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय ने किया हौसला आफजाईरायपुर। भारत सरकार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) प्रादेशिक कार्यालय रायपुर द्वारा श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय परिसर में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के नौ साल के तहत केंद्र सरकार की विगत 9 वर्ष की उपलब्धियों पर भव्य दो दिवसीय चित्र प्रदर्शनी का आयोजन दिनांक 05-06 अक्टूबर को किया गया। प्रदर्शनी को देखने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवायकेएस) द्वारा आयोजित युवा उत्सव के लिए आए प्रदेश के सभी प्रखंडों के युवा व विश्वविद्यालय के विद्यार्थी जुटे। इस संबंध में प्रदर्शनी के आयोजक सीबीसी रायपुर के कार्यालय प्रमुख शैलेष फाये ने बताया कि प्रदर्शनी में केंद्र सरकार की 10 प्रमुख उपलब्धियों जैसे स्वच्छ भारत अभियान, नल-जल योजना, पीएम स्वनिधि, आयुष्मान भारत, सौभाग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, सर्जिकल स्ट्राइक, गरीब कल्याण योजना, उज्ज्वला योजना, स्टैंड अप इंडिया आदि को 56 पैनल्स के जरिए दर्शाया गया है। इसी स्थान पर विभाजन की विभीषिका को भी प्रदर्शनी के माध्यम से दर्शाया गया है।उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी स्थल पर शुक्रवार को राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडेय का आगमन हुआ। सांसद ने प्रदर्शनी के लिए सीबीसी के प्रयासों की सराहना की।सांसद संतोष पांडेय ने शुक्रवार को प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विगत नौ वर्षों में देश के कल्याण के लिए सार्थक प्रयास किए गए हैं। प्रदर्शनी में सभी विषयों को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने युवा उत्सव में आए प्रदेश भर के युवाओं से प्रदर्शनी देखने व योजनाओं के बारे में जानकारी लेने की अपील की। उन्होंने विभाजन की विभीषिका संबंधी प्रदर्शनी का विशेष तौर पर उल्लेख किया। सांसद ने कहा कि युवाओं को महसूस करना चाहिए कि देश की आजादी के लिए हमारे पूर्वजों ने किस प्रकार योगदान दिया। हमें इसकी अहमियत को समझना होगा।श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.के. सिंह ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शनी आयोजित करने के लिए सीबीसी को धन्यवाद कहा। उन्होंने कहा कि युवा उत्सव में पूरे छत्तीसगढ़ के लोगों की सहभागिता है। सभी प्रदर्शनी को देख कर प्रदेश के कोने-कोने में केंद्र सरकार की योजनाओं से लोगों को लाभान्वित करने का कार्य करेंगे।एनवायकेएस के राज्य निदेशक श्रीकांत पांडेय ने प्रदर्शनी के आयोजन के लिए सीबीसी को धन्यवाद दिया।गीत-संगीत से जागरूकता प्रसारचित्र प्रदर्शनी के तहत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पंजीकृत कलाकारों द्वारा गीत-संगीत के माध्यम से केंद्र सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के माध्यम से युवा उत्सव में आए युवाओं को केंद्र सरकार की योजनाओं में बारे में बताया।सेल्फी लेते रहे युवाप्रदर्शनी स्थल पर केंद्र सरकार की 9 साल की उपलब्धियों से संबंधित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कट आउट के साथ सेल्फी बूथ लगाया गया था। सेल्फी बूथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ सेल्फी लेन के लिए खासा उत्साह दिखा।



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