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- -प्रथम चरण में 400 करोड़ रूपए का प्रावधान-विश्व बैंक से 5 वर्षों में कुल 2500 करोड़ रूपए की मिलेगी सहायता-शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ स्कूलों का होगा कायाकल्परायपुर / राज्य में स्कूली शिक्षा के बदलते परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए तेजी से बदलाव लाने की दृष्टि से स्कूली शिक्षा में सुधार हेतु चॉक (CHALK) परियोजना की विश्व बैंक एवं भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त हो गई है, आज इस परियोजना के दस्तावेजों पर विश्व बैंक, भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अधिकृत रूप से हस्ताक्षर किए गए।वर्ल्ड बैंक की मदद से शिक्षा गुणवत्ता सुधार के साथ स्कूलों का कायाकल्प किये जाने का निर्णय लिया गया है, इसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पहले चरण में 400 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इस परियोजना के माध्यम से अगले 5 वर्षों में (जुलाई, 2023 से सितंबर, 2028 ) विश्व बैंक द्वारा कुल 300 मिलियन डालर (लगभग 2500 करोड़ रूपए) की सहायता प्राप्त होगी ।इस परियोजना के माध्यम से प्रमुख रूप से बच्चों की उपलब्धि में सुधार की दिशा में विभिन्न कार्य, पालकों की मांग के आधार पर स्वामी आत्मानंद की तर्ज पर उत्कृष्ट परिणाम देने वाले नए स्कूलों का प्रारंभ, राज्य में सुदूर अंचलों में संचालित स्कूलों की अधोसंरचना में सुधार हेतु आवश्यक समर्थन आदि कार्य किये जा सकेंगे। इस परियोजना के आने से छत्तीसगढ़ राज्य में विगत चार वर्षों में शुरू किए गए विभिन्न सुधार कार्यों को गति एवं विस्तार देने में आसानी हो सकेगी एवं स्कूली शिक्षा की गुणवता में व्यापक सुधार हो सकेगा।परियोजना के अंतर्गत कक्षा के स्तर अनुरूप सीखने-सिखाने से सबंधित प्रशिक्षण, शिक्षकों को अपने लिए उपयुक्त प्रशिक्षण के चयन का अवसर (ऑन डिमॉड ट्रेनिंग), उच्च प्राथमिक से लेकर हायर सेकण्डरी स्तर की कक्षाओं के लिए प्रत्येक विषय एवं अवधारणा के लिए उपचारात्मक शिक्षण, स्कूलों में प्रभावी आकलन हेतु डिजिटल टेक्नोलोजी का उपयोग कर बच्चों के परिणामों के विश्लेषण की व्यवस्था, उच्च क्वालिटी के टेस्ट आइटम आईसीटी एवं विज्ञान प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लासरूम की उपलब्धता, चयनित स्कूलों को अधोसंरचना विकास का लाभ, अधिक संख्या में अनुसूचित जाति एवं जनजाति बसाहट वाले विकासखंडों में स्कूलों खोले जाने का प्रस्ताव जैसे कार्यों पर फोकस किया जावेगा। साथ ही स्कूल शिक्षा में बदलाव लाए जाने हेतु राज्य में कार्यरत स्कूल प्राचार्यों को अकादमिक एवं प्रशासनिक लीडरशिप के अलावा अन्य उपयोगी मुद्दों पर उन्हें प्रशिक्षित कर व्यवहार परिवर्तन हेतु सीमेट के माध्यम से विभिन्न क्षमता विकास कार्यक्रम का आयोजन भी किया जावेगा।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक ( अपेक्स बैंक ) की स्मारिका 'छत्तीसगढ़ की सहकारिता: नई राहें-नये कीर्तिमान' का विमोचन किया । स्मारिका में राज्य सरकार की वर्ष 2019 से 2023 तक विगत पांच वर्षों के कार्यकाल में सहकारिता के क्षेत्र में अर्जित की गयी विशिष्ट उपलब्धियों का उल्लेख किया गया है । मुख्यमंत्री ने बैंक के पदाधिकारियों को बधाई एवँ शुभकामनाएं दी ।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री बैजनाथ चन्द्राकर, संचालक श्री द्वारिका साहू, श्री राकेश सिंह ठाकुर, प्रबन्ध संचालक श्री के.एन. कान्डे, डीजीएम श्री भूपेश चन्द्रवंशी, प्रबंधक श्री अभिषेक तिवारी और लेखाधिकारी श्री प्रभाकर कांत यादव भी उपस्थित थे ।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहाँ उनके निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में बिलासपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की । उन्होंने मुख्यमंत्री को नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्योता दिया । मुख्यमंत्री ने सदस्यों को बधाई एवँ शुभकामनाएं दी तथा आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया ।इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री इरशाद अली, उपाध्यक्ष श्री संजीव पाण्डेय, सचिव श्री दिलीप यादव, कोषाध्यक्ष श्री प्रतीक वासनिक, सह सचिव श्री दिलीप जगवानी तथा कार्यकारिणी सदस्य श्री गोपीनाथ डे भी उपस्थित थे ।
- -स्वामी आत्मानंद कोचिंग के नाम से शुरू होगी योजना-25 सितम्बर से 150 केन्द्रो में कोचिंग देने की तैयारी-रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर व कोरबा शहरों में भी होंगे कोचिंग के लिए स्त्रोत केन्द्र-कोचिंग की व्यवस्था हेतु कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप ख्याति प्राप्त प्रशिक्षण संस्थान से राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा प्री मेडिकल टेस्ट (नीट) और प्री इंजीनियरिंग (आईआईटी, जेईई मेन एवं एडवांस ) की कोचिंग दी जाएगी। कोंचिग के लिए संस्थान का चयन प्रक्रियाधीन है। राज्य शासन के निर्णय अनुसार 25 सितम्बर 2023 से इस योजना का शुभारंभ राज्य के 146 विकासखण्ड मुख्यालयों में बीआरसीसी केन्द्र या इसके नजदीक हायर सेकेण्डरी में ऑनलाइन अध्ययन की व्यवस्था होगी। इसके अतिरिक्त 04 शहरी स्त्रोत केन्द्रों- रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर व कोरबा में (सीआरसी) संचालित किए जाना है। कोचिंग राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के माध्यम से छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम से चयनित संस्था द्वारा प्रदान की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घोषणा की थी की दूरस्थ क्षेत्रों के शासकीय शालाओं के 11वीं, 12वीं के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग हेतु देश की ख्याति प्राप्त संस्थाओं द्वारा सभी विकासखण्ड मुख्यालयों में ऑनलाईन कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी।स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को कोचिंग के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र में कहा गया है कि, चूंकि ख्याति प्राप्त प्रशिक्षण संस्थान का चयन अभी नहीं हो पाया है इसलिए भौतिक, रसायन, जीवविज्ञान और गणित विषय के शासकीय संस्थाओं से ऑफ लाइन माध्यम से प्रारंभ करने की कार्यवाही की जाए। इस संबंध में कोचिंग के लिए उपयुक्त भवन या कक्ष का चयन किया जाए। प्रत्येक कक्ष में 100 प्रशिक्षणार्थियों में 50 मेडिकल और 50 इंजीनियरिंग का चयन किया जाए। प्रशिक्षणार्थियों का न्यूनतम 60 प्रतिशत अंको के साथ कक्षा 10 वीं में उत्तीर्ण होना आवश्यक है। अभ्यर्थी को संबंधित विकासखण्ड, शहर के शासकीय विद्यालय में कक्षा 12 वीं का नियमित विद्यार्थी होना चाहिए। विकासखण्ड मुख्यालय की शालाओं में कक्षा 12 वीं में जीवविज्ञान तथा गणित संकाय अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थी ही पात्र होंगे। निर्धारित संख्या से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त होने पर कक्षा 10 वीं की प्राप्त अंको की मेरिट केे आधार पर चयनित किया जाएगा। कोचिंग प्रतिदिन अपरान्ह 4.30 बजे से 6.30 बजे तक संचालित होगी। विषयवार प्रशिक्षण रोस्टर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा तैयार किया जाएगा।प्रत्येक कोचिंग केन्द्र में भौतिक, रसायन, जीवविज्ञान और गणित विषय के लिए नोडल शिक्षक चिन्हित किया जाएगा और एक मुख्य नोडल अधिकारी भी होगा, जो प्राचार्य, वरिष्ठ व्याख्याता स्तर का होगा। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा केन्द्र वार नोडल अधिकारी का चयन कर आदेश जारी किया जाएगा। इन चयनित नोडल अधिकारियों को मानदेय का प्रावधान रहेगा। इसका भुगतान छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा किया जाएगा।कोचिंग संस्थान तथा विद्यार्थियों के मूल्यांकन के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा मानक मूल्यांकन पत्र विकसित किया जाएगा। कक्षा अध्यापन का प्रसारण राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के एडूसेट से किया जाना है। प्रसारण ई-विद्या चैनल के माध्यम से चैनल क्रमांक 72 पर ऑन एयर किया जाएगा तथा ऑनलाइन प्लेटफार्म गूगलमीट के माध्यम से 150 केन्द्रों में बैठे विद्यार्थी विषय विशेषज्ञों से चर्चा कर पाएंगे।
- -वर्ष 2022-23 में 13000 करोड़ रूपए का मिला खनिज राजस्व-राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल छत्तीसगढ़ की 23वीं बैठक सम्पन्न-वर्ष 2023-24 के भू-वैज्ञानिक क्षेत्रीय कार्यक्रम को दिया गया अंतिम रूपरायुपर /राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल छत्तीसगढ़ की 23वीं बैठक आज इंद्रावती भवन में खनिज साधन विभाग के विशेष सचिव श्री जय प्रकाश मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2023-24 के भू-वैज्ञानिक क्षेत्रीय कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया। विशेष सचिव श्री जय प्रकाश मौर्य ने बैठक में बताया कि वर्ष 2022-23 में लगभग 13000 करोड़ रूपए के खनि राजस्व की प्राप्ति हुई है, जो राज्य स्थापना वर्ष की तुलना में लगभग 30 गुना अधिक है।बैठक में भौमिकी तथा खनिकर्म छत्तीसगढ़ के द्वारा क्षेत्रीय सत्र 2022-23 में सम्पन्न कार्यों की जानकारी देते हुए संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2022-23 में कुल 2.45 बिलियन टन चूनापत्थर एवं लौह अयस्क के 125 मिलियन टन भण्डार आंकलित किये गये हैं। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023-24 में प्रदेश में 12 विभिन्न खनिजों की कुल 45 परियोजना अन्वेषण तथा पूर्वेक्षण कार्य हेतु लिए गये हैं। जिसमें आयरन ओर के 20, फास्फोराईट के 04, चूनापत्थर के 04, गोल्ड के 04, ग्लुकोनाईट के 03, ग्रेफाईट के 02, डायमण्ड के 02, आरईई के 02, टंगस्टन के 01, लिथियम के 01, बॉक्साईट के 01 तथा बेसमेटल के 01 अन्वेषण-पूर्वेक्षण परियोजनाएं सम्मिलित हैं।बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य में खनिज अन्वेषण एवं खनिज दोहन के क्षेत्र में कार्यरत भारत सरकार एवं राज्य सरकार के विभागों एवं संस्थानों द्वारा वर्ष 2022-23 में किये गये भू-वैज्ञानिक कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जहां वर्ष 2022-23 के सम्पादित कार्यों की उपलब्धियों पर चर्चा की गई तथा प्रदेश में पाये जाने वाले खनिजों की खोज के लिए वर्ष 2023-24 में प्रस्तावित भू-वैज्ञानिक कार्यों को अंतिम रूप दिया गया।इंद्रावती भवन में आज संपन्न स्टेट जियोलॉजिकल प्रोग्रामिंग बोर्ड की बैठक में देश की विभिन्न शासकीय एवं निजी अन्वेषण संस्थाओं द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश में खनिज विशेष के अन्वेषण हेतु प्रस्तुत प्रस्ताव पर भी वृहद् चर्चा की गई।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में उपलब्ध खनिज संसाधन, राज्य एवं देश के आर्थिक-सामाजिक विकास का आधार हैं। राज्य के जीएसडीपी में प्रदेश के खनिज संसाधन 11 प्रतिशत से अधिक की भागीदारी रखते हुए वार्षिक तौर पर लगभग 13 हजार करोड़ का खनिज राजस्व देते हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश के यूनिक जियोलॉजिकल सेटअप अनुसार यहां लौह अयस्क, कोयला, डोलोमाईट, चूनापत्थर, बाक्साईट इत्यादि बल्क मिनरल्स के अलावा बहुमूल्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण खनिजों यथा ग्लूकोनाईट, ग्रेफाईट, निकल, क्रोमियम एवं पीजीई, की उपलब्धता भी विभिन्न एजेंसियों द्वारा प्रमाणित की गई है। तथापि अब तक प्रदेश में खनिजों का दोहन कोयला, लौह अयस्क, बाक्साईट, लाईमस्टोन तक सीमित है।प्रदेश के बहुमूल्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उपर्युक्त खनिज देश की कृषि, आईटी, ऑटोमोबाईल्स, स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए आधारभूत खनिज हैं। उक्त तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा इन खनिजों के अन्वेषण एवं विकास को गति देने अन्वेषण कार्य में जीएसआई, एमईसीएल के अलावा शासकीय एवं निजी नोटिफाईड एक्सप्लोरेशन एजेंसीज को शामिल किया जा रहा है। खनिज विभाग द्वारा स्वतः के अतिरिक्त आउटसोर्सिंग से भी कार्य किया जा रहा है।बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में डीजीएम के अलावा जीएसआई, एमईसीएल, सीएमपीडीआईएल, एएमडी, एनएमडीसी, मॉयल आदि देश के नवरत्न कंपनियां विभिन्न खनिजों के अन्वेषण कार्य में संलग्न हैं। एसईसीएल द्वारा भी अब कोयला के अलावा अन्य खनिजों के दोहन में रूचि ली जा रही है। परिणामस्वरूप प्रदेश में लगभग 13 परियोजनाएं बहुमूल्य एवं सामरिक महत्व के खनिजों के लिए प्रस्तावित की गई हैं। इस प्रयास से विभाग द्वारा ग्लूकोनाईट, ग्रेफाईट, निकल, क्रोमियम एवं पीजीई, गोल्ड के 06 ब्लॉक्स ई-नीलामी के माध्यम से देश के महत्वपूर्ण माईनिंग कंपनियों को पारदर्शितापूर्ण नीलाम किये गये है। राज्य के खनिज विभाग का यह प्रयास देश में इन खनिजों की उपलब्धता में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित की जा सके। ग्लूकोनाईट, निकल, क्रोमियम एवं पीजीई खनिज ब्लाकों का ई-नीलामी के माध्यम से आबंटन करने वाला छत्तीसगढ़, देश में प्रथम राज्य है।वर्ष 2015 में खनिज नियमों में संशोधन उपरांत विभाग द्वारा कोयला के अतिरिक्त अब तक कुल 33 खनिज ब्लाकों का आबंटन ई-नीलामी से किया गया है। इन ब्लॉकों के दोहन से आने वाले वर्षों में प्रदेश को 01 लाख करोड़ से ज्यादा की आय होगी। बैठक में केन्द्र सरकार तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागो, उपक्रमों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
- रायपुर / प्रदेश में वर्तमान में शिक्षकों की भर्ती की कार्यवाही प्रकियाधीन है, शिक्षक भर्ती के संबंध में सोशल मीडिया में अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का पूरा लाभ न मिलने की झूठी अफवाह फैलाई जा रही है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय के द्वारा वस्तुस्थिति स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में शिक्षक संवर्ग के कुल 5090 पदों पर भर्ती की कार्यवाही की जा रही है। जिनमें से अनारक्षित वर्ग के कुल 905 पद है।उल्लेखनीय है कि नियमानुसार मेरिट में उपर आने पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को भी अनारक्षित श्रेणी में नियुक्ति की पात्रता होती है। इस नियम का पालन करते हुये जिन 895 अभ्यर्थियों को अनारक्षित श्रेणी में नियुक्ति पत्र जारी किया गया/किया जा रहा है, उनमें से 48 अनुसूचित जाति, 04 अनुसूचित जनजाति, 623 अन्य पिछड़ा वर्ग, तथा 220 अभ्यर्थी सामान्य श्रेणी के है। इन तथ्यों से यह स्पष्ट है कि शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों का पूरी तरह से पालन किया गया है और किसी भी वर्ग के अभ्यर्थी के साथ अन्याय नही किया गया है। इसके बाद भी यदि किसी अभ्यर्थी का दावा है कि मेरिट में उसके नीचे के किसी व्यक्ति को अनारक्षित श्रेणी में नियुक्ति दी गई है तो वह तत्काल संचालक लोक शिक्षण को आवेदन दे सकता है। संचालक द्वारा समय-सीमा में ऐसे आवेदनों का निराकरण किया जायेगा।यह भी उल्लेखनीय है कि शिक्षक भर्ती में काउंसलिंग एवं दस्तावेज सत्यापन की प्रकिया अभी भी जारी है और आरक्षित वर्ग के अनेक अभ्यर्थियों को तृतीय चरण के दस्तावेज सत्यापन हेतु दिनांक 29 एवं 30 सितम्बर 2023 को बुलाया गया है।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा चयन प्रक्रिया के दौरान होने वाले साक्षात्कार में पात्र अभ्यर्थी को न बुलाए जाने के संबंध में सोशल मीडिया में एक समाचार प्रसारित हुआ है, जिसमें उल्लेख है कि अन्य पिछड़ा वर्ग के एक अभ्यर्थी द्वारा पीएससी के सचिव और परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर यह शिकायत की गई है कि सीजीपीएससी-2022 की भर्ती के दौरान ओबीसी श्रेणी में लिखित परीक्षा में 710 से 715 नम्बर पाने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। अभ्यर्थी श्री शिवम देवांगन का आरोप है कि उन्हें लिखित परीक्षा में 771.5 अंक प्राप्त हुए थे। इसके बावजूद भी साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया।छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा इस संबंध में स्पष्ट किया गया है कि राज्य सेवा परीक्षा 2022 में अभ्यर्थी श्री शिवम देवांगन द्वारा प्रथम प्रश्न पत्र के प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में पृष्ठ क्रमांक 20 पर प्रश्न क्रमांक 17 (ख) में श्री राधेश्याम तथा राजेश मोहन उल्लेख कर पहचान चिन्ह दर्शित करने के कारण आयोग द्वारा उन्हें अनर्ह घोषित करते हुए परीक्षा परिणाम प्रक्रिया से पृथक किया गया है। इस कारणवश राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा 2022 के साक्षात्कार की सूची में अभ्यर्थी को शामिल नहीं किया गया।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी विज्ञापन की कंडिका 11 का (ix) एवं प्रश्न सह उत्तरपुस्तिका में उल्लेखित निर्देश की कंडिका-04 के अनुसार- प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में निर्धारित स्थान के अतिरिक्त कहीं पर भी अपना नाम, अनुक्रमांक, कोई धार्मिक चिन्ह, कोई पहचान चिन्ह या उत्तर के अतिरिक्त अन्य कोई अक्षर, शब्द, वाक्य या कोई धार्मिक शब्द या वाक्य नहीं लिखा जाना चाहिए। उत्तर पुस्तिका में नीले व काले बॉल पॉइण्ट पेन के अतिरिक्त अन्य किसी भी रंग अथवा किसी प्रकार के पेन जैसे स्केच पेन, हाईलाइटर, ग्लिटर पेन इत्यादि का प्रयोग न करें। ऐसा करने पर जाँचकर्ता द्वारा संबंधित अभ्यर्थी को अनर्ह घोषित किए जाने की अनुशंसा की जा सकती है। उक्त संदर्भ में आयोग का निर्णय अंतिम होगा।उक्त निर्देशों का पालन अभ्यर्थी श्री शिवम कुमार देवांगन द्वारा नहीं किए जाने के कारण ही उन्हें अनर्ह घोषित किया गया है।
- रायपुर / आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा ने अवैध शराब की बिक्री और मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। श्री लखमा आज नवा रायपुर के आबकारी आयुक्त कार्यालय भवन के सभाकक्ष में विभागीय कार्याें की समीक्षा कर रहे थे।आबकारी मंत्री श्री लखमा ने कहा कि अवैध शराब बिक्री और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर, सूचना तंत्र को मजबूत करते हुए सुनियोजित कार्य-योजना के साथ कार्यवाही करें। उन्होंने बैठक में अन्य राज्यों से आने वाले मदिरा विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण, राज्य में अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थाें के निर्माण, संग्रहण, परिवहन, तस्करी, कालाबाजारी, मिलावटी शराब विक्रय पर कठोर कार्यवाही करने कहा। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय टोल फ्री नंबर 14405 पर प्राप्त शिकायतों तथा अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही कर शिकायतों के निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए।आबकारी मंत्री श्री लखमा ने बैठक में आबकारी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का विभाग में पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ आगामी छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 को दृष्टि में रखते हुए राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थापित आबकारी जांच चौकियों में सीसीटीवी कैमरों के सर्विलांस में वाहनों की सघन जांच करें। विभागीय समीक्षा बैठक में श्री महादेव कावरे, विशेष सचिव सह आयुक्त आबकारी तथा मुख्यालय में पदस्थ समस्त वरिष्ठ अधिकारीगण एवं संभागीय व जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।
- - सड़क सुरक्षा परिदृश्य की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्नरायपुर /मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने सड़क दुर्घटनाआंे के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए सुरक्षित यातायात व्यवस्था सहित प्रभावी कार्ययोजना के तहत कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में ब्लैक स्पॉट एवं सड़कों के मुख्य मार्ग में जंक्शन में सुधार कार्य, स्ट्रीट लाइटिंग संकेतक, ट्राफिक कॉमिंग के उपाय सहित सड़कों पर अतिक्रमण नहीं होने के संबंध में व्यापक चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों के तहत सड़कों में जंक्शन सुधार संबंधित उपायों पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सड़क सुरक्षा कार्ययोजना, जन-जागरूकता कार्यक्रम, यातायात शिक्षा सहित अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में डीजीपी श्री अशोक जुनेजा विशेष रूप से मौजूद थे।मुख्य सचिव ने सड़क दुर्घटनाओं में नियंत्रण के लिए सड़कों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्यों को तेजी से करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को दिए। इसी तरह से उन्होंने ओव्हर लोडिंग वाहनों पर प्रभावी कार्यवाही करने सड़कों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं संकेतक लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को सड़कों पर वाहन चालकों के लिए साइनबोर्ड लगाने, सड़कों, फुटपाथ तथा पार्किंग स्थलों के अतिक्रमण हटाने, सड़कों पर आवारा पशुओं को हटाने, तथा सड़कों में सड़क सुरक्षा उपायों की व्यापक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।छत्तीसगढ़ सड़क सुरक्षा परिदृश्य के संबंध में अंतर्विभागीय लीड ऐजेंसी के अध्यक्ष श्री संजय शर्मा ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में नियंत्रण के लिए इस वर्ष माह जनवरी से अगस्त 2023 तक 3,18,169 प्रकरणों में चालानी कार्यवाही कर 13 करोड़ 52 लाख 78 हजार 950 रूपए शमन शुल्क वसूल किया गया। परिवहन विभाग द्वारा इस वर्ष माह जनवरी से अगस्त तक 5,71,425 प्रकरणों में चालानी कार्यवाही कर करीब 108 करोड़ 98 लाख 55 हजार रूपए शमन शुल्क वसूल किए गए। लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा द्वारा लगातार पहल के फलस्वरूप कक्षा पहली से दसवीं तक छत्तीसगढ़ शिक्षा मंडल के पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा यातायात के विषय पाठ्यक्रम में सम्मिलित किए गए हैं।इस वर्ष चिन्हित 118 ब्लैक स्पॉटस में से 84 में सुधार कार्य पूर्ण कर लिए गए है और 68 प्रक्रियाधीन, 3972 में से 2100 जक्शंन में सुधार कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं, 1872 प्रक्रियाधीन। 09 ट्रक ले बाय पूर्ण, 21 प्रगति पर तथा 241 बस ले बाय पूर्ण, 179 प्रगति पर, 02 रेस्ट एरिया पूर्ण, 04 प्रगति पर हैं। सड़क दुर्घटना के कारणों के विश्लेषण के लिए इटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटा बेस के क्रियान्वयन के लिए पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का माह जुलाई, 2021 से 31 जुलाई 2023 तक की स्थिति में कुल 6443 प्रशिक्षण सत्रों में कुल 25,925 अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रशिक्षण दिया गया। ड्रायविंग एण्ड ट्राफिक रिसर्च प्रशिक्षण संस्थान में 9 दिसंबर 2021 से अगस्त 2023 तक कुल 626 यातायात पुलिस कर्मियों, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी सहित 15,977 अन्य व्यक्ति प्रशिक्षण प्राप्त कर लाभान्वित हुए। इसी तरह से सड़क सुरक्षा के संबंध में करीब 6098 विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसमें लगभग 80 लाख 83 हजार 738 लोग लाभान्वित हुए है।राज्य के आठ जिलों में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, रायगढ़ और राजनांदगांव में आटोमेटिक फिटनेस सेंटर की स्थापना करने की कार्यवाही की जा रही है। रायपुर जिले में यह प्रारंभ किया जा चुका है। परिवहन विभाग द्वारा अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट एवं परिवहन उड़नदस्ता के द्वारा ओव्हरलोडिंग की जांच हेतु सात वे-पेड का उपयोग उड़नदस्ता के द्वारा किया जा चुका है। इसी क्रम में कुल 14 स्थानों पर वे-ब्रीज की स्थापना की गई है। शेष स्थानों पर वे-ब्रीज की स्थापना की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। बैठक में परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, वित्त विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यातायात श्री प्रदीप गुप्ता, छत्तीसगढ़ रोड एण्ड इन्फ्रॉस्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन के प्रबंध संचालक श्री सारांश मित्तर, विशेष सचिव खनिज विभाग एवं आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री जयप्रकाश मौर्य, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री आलोक कटियार और गृह विभाग, नगरीय प्रशासन, नेशनल हाईवे, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
- दुर्ग/कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र कुमार मीणा द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत विधायक श्री देवेन्द्र यादव की अनुशंसा पर भिलाई नगर क्षेत्र अंतर्गत 4 विकास कार्यों के लिए 18 लाख 98 हजार 722 रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विधानसभा क्षेत्र भिलाई नगर के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 70 हुडकों में सार्वजनिक सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 4 लाख 99 हजार 582 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।इसी प्रकार एलआईजी हुडको स्थित शिव मंदिर के समीप 1 नग बोर खनन हेतु 99 हजार 805 रूपए, जोन क्र. 04 अंतर्गत वार्ड क्र. 38, 39, 40, 41, 42, 43, 44, 45, 46, 47, 48, 49, 50, 51 में 6 नग बोर खनन हेतु 6 लाख एवं जोन क्र. 05 अंतर्गत वार्ड क्र. 57, 58, 59, 60, 61, 62, 63, 64, 65, 66, 67, 68, 69, 70 में 07 नग बोर खनन कार्य हेतु 6 लाख 99 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
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दुर्ग/ कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजनांतर्गत सांसद श्री विजय बघेल की अनुशंसा पर 3 निर्माण कार्याे के लिए 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।
जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पाऊवारा में यात्री प्रतिक्षालय, ग्राम अंडा में प्रसाधन (महिला व पुरूष) निर्माण एवं नगर पालिका परिषद जामुल में डोम शेड निर्माण हेतु 5-5 लाख रुपए की स्वीकृति की गई है। -
दुर्ग/कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए विकासखण्ड धमधा के साजा विधानसभा के 09 कार्यो के लिए 23 लाख़ 99 हजार 716 रूपए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। विधायक श्री रविन्द्र चौबे द्वारा अनुशंसित उक्त कार्यो का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमधा द्वारा की जाएगी।
जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सुखलीकला शीतला मंदिर के पास भवन निर्माण के लिए 4 लाख रूपए, ग्राम पंचायत हिर्री साहू पारा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 2 लाख रूपए, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हिर्री विकासखण्ड धमधा में वाटर कुलर प्रदाय एवं स्थापना कार्य के लिए एक लाख रूपए, ग्राम पंचायत तितुरघाट मंे सार्वजनिक मंच निर्माण कार्य के लिए 5 लाख रूपए, ग्राम पंचायत हसदा के आश्रित ग्राम चिखला में हनुमान मंदिर के पास कक्ष निर्माण के लिए 3 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत बिरझापुर के शीतला मंदिर के पास कक्ष निर्माण के लिए 5 लाख रूपए, ग्राम पंचायत भाटाकोकड़ी गौठान के पास चबूतरा निर्माण के लिए 99 हजार 716 रूपए, ग्राम पंचायत घोंठा के सतनामी पारा सार्वजनिक चबूतरा में टाईल्स लगाने हेतु एक लाख 50 हजार रूपए एवं ग्राम पंचायत घोंठा शीतला मंदिर के पास सार्वजनिक मंच में टाईल्स लगाने हेतु एक लाख 50 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। -
*अंतर्राष्ट्रीय स्तर की टेनिस एकेडमी से रायपुर को भी मिलेगी नई पहचान*
*कलेक्टर डाॅ. भुरे ने टेनिस एकेडमी का किया निरीक्षण, बचे काम चार दिन में पूरा करने दिए निर्देश*
रायपुर / रायपुर सहित पूरे प्रदेश वासियों को जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर की लाॅन टेनिस एकेडमी की सुविधा मिलने लगेगी। जल्द ही मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के समीप बन रही इस एकेडमी को प्रदेश वासियों को समर्पित करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय लाॅन टेनिस एकेडमी का काम अंतिम चरण पर है। कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर भुरे ने आज इस एकेडमी का निरीक्षण किया और छुटपुट बचे कामों को अगले तीन-चार दिनों में पूरा करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने बचे हुए कामों को पूरा करने के लिए मानव संसाधन बढ़ाने और गुणवत्ता से काम करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने बिजली और मास्क लाइटिंग का काम भी जल्द से जल्द पूरा करने को कहा। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री मयंक चतुर्वेदी सहित लोक निर्माण विभाग और खेल विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि लगभग 14 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस अंतर्राष्ट्रीय स्तर की टेनिस एकेडमी से रायपुर शहर सहित छत्तीसगढ़ को नई पहचान मिलेगी। चार एकड़ भूमि पर बन रही इस एकेडमी में एक मुख्य सिंथेटिक टेनिस कोर्ट और पाँच प्रेक्टिस कोर्ट बनाये गये है। एक हज़ार दर्शक एक साथ बैठकर टेनिस के खिलाड़ियों के जौहर देख सकेंगे। अंतर्राष्ट्रीय मानकों के आधार पर बनी इस एकेडमी से रायपुर में भी लाॅन टेनिस की अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए भी अवसर मिलेंगे।
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*अमेजन, नेटवेस्ट, मैक्यूरी, एक्सेंचर जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों में जाॅब गारंटी*
*कलेक्टर डाॅ. भुरे ने किया निरीक्षण, महिला सुरक्षा कर्मी की तैनाती के दिए निर्देश*
रायपुर/रायपुर सहित आसपास के जिलों की 83 युवतियों को कम्प्यूटर साॅफ्टवेयर इंजीनियरिंग की निःशुल्क ट्रेनिंग जिला प्रशासन द्वारा दिलायी जा रही है। इस ट्रेनिंग से दसवीं कक्षा पास इन युवतियों-महिलाओं के लिए अमेजन, नेटवेस्ट, एप्प स्क्रिप, मैक्यूरी, एक्सेंचर जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों में साॅफ्टवेयर इंजीनियर की जाॅब गारंटी का रास्ता खुल रहा है। लाभाण्डी में इन युवतियों-महिलाओं को साॅफ्टवेयर इंजीनियरिंग का पूरी तरह निःशुल्क और आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर भुरे ने आज लाभाण्डी के ट्रेनिंग सेंटर पहुंचकर प्रशिक्षण और आवासीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने हाॅस्टल वार्डन से प्रशिक्षणार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की पूरी जानकारी ली और फिर प्रशिक्षार्थी युवतियों से भी बातचीत की। डाॅ. भुरे ने प्रशिक्षण केन्द्र में महिला सुरक्षाकर्मी तैनाती के लिए पुलिस प्रशासन को पत्र भेजने के निर्देश नगर निगम आयुक्त को दिए। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों के लिए आवासीय व्यवस्था और खानपान के बारे में भी पूछा। डाॅ. भुरे ने प्रशिक्षणार्थियों को गुणवत्ता पूर्ण पौष्टिक भोजन देने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
रायपुर जिला प्रशासन द्वारा स्कूल आॅफ प्रोग्रामिंग के रूप में दो सौ सीटर आवासीय कोडिंग प्रोग्राम शुरू किया गया है। जिला प्रशासन और नव गुरूकूल संस्था द्वारा इस 18 महीने के निःशुल्क साॅफ्टवेयर इंजीनियरिंग प्रोग्राम के लिए युवतियों-महिलाओं का चयन स्क्रिनिंग और सेमीनार के माध्यम से किया गया है। प्रशिक्षण के लिए बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाली युवतियों-महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। प्रारंभिक चरण में न्यूनतम दसवीं कक्षा पास 83 युवतियां और महिलाएं साॅफ्टवेयर इंजीनियरिंग का प्रशिक्षण ले रहीं है। इस प्रशिक्षण के लिए ग्यारहवीं, बारहवीं की सभी विषयों या संकायों की छात्राओं के साथ-साथ बीए, बीएससी, बीटेक, बीसीए की छात्राएं भी इस साॅफ्टवेयर इंजीनियरिंग कोर्स में शामिल है। सफलता पूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर इन सभी युवतियों-महिलाओं को अमेजन, नेटवेस्ट, एप्प स्क्रिप, मैक्यूरी, एक्सेंचर जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों में जाॅब की गारंटी रहेगी। प्रशिक्षण में शामिल होने वाली छात्राओं को लैपटाॅप भी दिया गया है। यहां साॅफ्टवेयर इंजीनियरिंग प्रोग्रामिंग के साथ-साथ प्रशिक्षणार्थिंयों को इंग्लिश कम्यूनिकेशन और लीडरशिप भी सिखाई जा रही है।
- रायपुर, /छत्तीसगढ़ में किसानों द्वारा बच की खेती की शुरूआत हो गई है, जो मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वनमंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की पहल से संभव हुई है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 108 एकड़ में प्रायोगिक तौर पर बच की खेती की जा रही है, जिससे प्रति एकड़ 80 हजार रूपए से 1.00 लाख रूपए तक आय की प्राप्ति किसानों को होगी। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि बच उत्पादन से धान की अपेक्षा किसानों की आय में कई गुना वृद्धि की संभावना है।इस तारतम्य में मुख्य कार्यपालन अधिकारी छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड श्री जे. ए. सी. एस. राव ने जानकारी दी कि बच एक औषधीय पौधा है, बेंगलोर के टूंकूर गांव के किसानों ने इसकी खेती में आने वाले समस्याओं के कारण इसका कृषिकरण कम कर दी है तो छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा पर बसे पेण्ड्रा जिले के गांव तथा खटोला, अनवरपुर, तुपकबोरा, मुरली और तेन्दुपारा के किसानों बच की खेती की विधि सीख ली है। इन्हें बोर्ड द्वारा निःशुल्क औषधीय पौधे एवं मार्गदर्शन मिला है। इधर महासमुंद जिले के बागबाहरा, तेन्दुकोना क्षेत्र के ओमकारबंध के किसानों ने भी बच के कृषिकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया है। अब तक लगभग छत्तीसगढ़ के 108 एकड़ से भी अधिक क्षेत्र में बच की खेती की जा रही हैं। किसानों द्वारा सकारात्मक रूप से बच को अपनाया जा रहा है, क्योंकि बहुत ही कम लागत में बच की खेती से अधिक लाभ की संभावना है।बच की खेती के लिए बैंगलोर का एक गांव टंूकूर देश में प्रथम स्थान पर था। वहां इस औषधीय पौधे की व्यावसायिक खेती 3 से 4 हजार एकड़ में विस्तृत रूप से की जाती थी लेकिन यहां बच के कृषिकरण में किसानों को मजदूरी दर ज्यादा होने के कारण व पानी की समस्या एवं अन्य समस्याओं के कारण बच की खेती सिमट कर 106 एकड़ में आ गई है।बच कृषिकरण तकनीकबच को धान के फसल के समान ही वानिकी खेती के रूप में अपनाया जा सकता है 1 इसकी बुआई धान के फसल के समान जुलाई से सितंबर माह तक की जाती है। एक एकड़ में रोपण हेतु 25 से 30 हजार पौधे की आवश्यकता होती है। इसकी फसल 8 से 9 माह में तैयार हो जाती है। फसल की कटाई अप्रैल से जून माह के मध्य किया जाता है। एक एकड़ से लगभग 1 से 3 टन तक उपज का उत्पादन संभावित होती है। बच की वर्तमान बाजार कीमत 50 से 60 रु प्रति किग्रा तक होती है। इस हिसाब से किसानों को एक एकड़ में 1 लाख से भी अधिक आय प्राप्त होती है।प्रसंस्करण की विधिबच के प्रकंद के 3 से 4 इंच के टुकड़ों में काटकर आशिक छाया क्षेत्र में सूखा लिया जाता है। इसके पश्चात् इसकी पालिशिंग मशीन से कराई जाती है, जिससे उत्पाद बाजार में विक्रय हेतु तैयार हो जाता है। बोर्ड द्वारा मार्केटिंग हेतु भी सुविधा प्रदाय की जाती है। जिससे किसानों को 15 दिनों में ही उपज का पैसा प्राप्त हो जाता है।रोपण सामग्री की उपलब्धताबच की खेती करने के लिए बच की पौधे की चिता की आवश्यकता नही है। पहले वर्ष रोपित किये जाने वाले पौधे राज्य शासन की योजना अंतर्गत बोर्ड के माध्यम से निःशुल्क प्रदाय किया जाता है। प्रथम वर्ष में आवश्यकतानुसार 10 से 15 प्रतिशत पौधों को छोड़ दिया जाता है, जो कि 40 दिन में फिर से पौधा तैयार हो जाता है, जिसे रोपण सामग्री नर्सरी के रूप में अगले वर्ष रोपण के लिए उपयोग किया जाता है। शेष का संग्राहण कर लिया जाता है। इस प्रकार प्रत्येक वर्ष रोपित किये जाने वाले पौधों की उपलब्धता बनी रहती है।बच को छत्तीसगढ़ी में घोड़बंध या भूतनाशक के नाम से भी जाना जाता है। जिसका उपयोग त्वचा रोग, न्यूरोलाजिकल डिसआर्डर, पेट संबंधी बिमारी एवं हृदय रोग संबंधी दवाई बनाई जाती है। इसे कई रोगों में उपयोग किये जाने के कारण इसकी बाजार मांग अत्यधिक है।
- -प्रदेश के 5 संभाग के खिलाड़ी ले रहे है हिस्साबिलासपुर /23वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ आज राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई के इण्डोर स्टेडियम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य में हुआ। विशिष्ट आतिथ्य के रूप में कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री राजेंद्र धीवर एवं श्री विजय केशरवानी मौजूद थे। प्रतियोगिता 22 सितम्बर से 25 सितम्बर तक चलेगी जिसमें पांच सम्भाग की टीम हिस्सा ले रही हैं। इसमें रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बस्तर, सरगुजा सम्भाग के खिलाड़ी व प्रशिक्षक शामिल हैं। प्रतियोगिता में क्रिकेट, हॉकी, बेसबॉल, टेबल टेनिस एवं कबड्डी जैसे खेलों में बालक-बालिकाएं अपना हुनर दिखाएंगे।शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि की आसंदी से जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सिंह चौहान ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल के साथ शिक्षा बहुत जरूरी है आप जिस खेल में रुचि रखते हैं उसमें आप उत्कृष्ट प्रदर्शन तो कर ही रहे हैं साथ ही आप पढ़ाई भी मन लगाकर करें। विशिष्ट अतिथि श्री राजेंद्र धीवर ने कहा कि खेल मानव जीवन के दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इससे तन और मन दोनों स्वस्थ रहता है। विशिष्ट अतिथि श्री विजय केशरवानी ने बच्चों को शुभकामनाएं देते कहा कि बरसात के मौसम में थोड़ी बहुत असुविधा हो सकती है किंतु खिलाड़ी इन असुविधाओं को पारकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखता है। आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर अपना और अपने परिवार का नाम रोशन करें यही मेरी शुभकामनाएं है। कार्यक्रम में महारानी लक्ष्मीबाई कन्या विद्यालय की छात्राओं के द्वारा प्रस्तुत आदिवासी नृत्य ने अतिथियों सहित सभी का मन मोह लिया।
- बिलासपुर /नगर निगम बिलासपुर अंतर्गत वार्ड क्रमांक 34 संत रविदास नगर एवं वार्ड क्रमांक 59 शहीद मंगल पाण्डे वार्ड में नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान खोले जाने हेतु 27 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित किये गये है। आवेदन पत्र कार्यालय कलेक्टर खाद्य शाखा बिलासपुर में सील बंद बाक्स में जमा करना होगा। संबंधित वार्डाें में पंजीकृत महिला स्व सहायता समूह, प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भण्डार एवं स्थानीय नगरीय निकाय से निर्धारित प्रारूप में सीलबंद लिफाफे में आवेदन मंगाये गये है।महिला स्व सहायता समूह एवं प्राथमिक सहकारी उपभोक्त भण्डार का पंजीयन उद्घोषणा की तारीख से तीन माह पूर्व पंजीकृत होना अनिवार्य है। निजी व्यक्तियों के आवेदन पत्र पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। पंजीयन प्रमाण पत्र में उल्लेखित कार्य क्षेत्रानुसार ही संबंधित वार्ड हेतु आवेदन स्वीकार किया जाएगा। अन्य वार्ड के लिए आवेदन स्वीकार योग्य नहीं होगा। अपूर्ण दस्तावेज के अभाव में प्राप्त आवेदन पत्र स्वीकार योग्य नहीं होंगे।महिला स्व सहायता समूह एवं प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भण्डार का जीवित प्रमाण पत्र की प्रमाणित छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य है। इसके साथ ही बैंक खाता, तीन माह का बैंक स्टेटमेंट एवं कार्य अनुभव होना आवश्यक है। शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु समूह या समिति का सहमति सहित प्रस्ताव जिसमें समिति के कार्यक्षेत्र का भी उल्लेख हो। महिला स्व सहायता समूह एवं प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भण्डार का कार्यक्षेत्र संबंधी प्रमाणित प्रति जिसका उल्लेख पंजीयन प्रमाण पत्र में हो या पंजीयन प्रमाण पत्र जारीकर्ता प्राधिकारी के प्रमाण पत्र के साथ संलग्न करना होगा। आवेदन पत्र एवं लिफाफे के ऊपरी भाग में जिस वार्ड के लिए आवेदन किया गया है वार्ड क्रमांक, वार्ड का नाम का स्पष्ट उल्लेख किया जाए।
- बिलासपुर /समाज कल्याण विभाग बिलासपुर द्वारा दानवीर भामशाह सम्मान हेतु जिले के व्यक्ति एवं संस्था से 3 अक्टूबर से पूर्व प्रविष्टियां आमंत्रित की गई है। यह सम्मान दानशीलता, सौहार्द एवं अनुकरणीय सहायता प्रदान करने वाले उत्कृष्ट व्यक्ति एवं संस्था को प्रदान किया जाता है। सम्मान के रूप के 1 लाख रूपए की राशि एवं प्रशस्ति प्रदान करने का प्रावधान है।प्रविष्टियांे में व्यक्ति एवं संस्था का पूर्ण परिचय, छत्तीसगढ़ में निवासरत या कार्यरत हो, पिछला कार्य उत्कृष्ट हो और वर्तमान में भी निरंतर सक्रिय होना चाहिए। सम्मान हेतु ज्यूरी के सदस्यों की प्रविष्टियां मान्य नहीं होगी। दानशीलता एवं राष्ट्रीयता के क्षेत्र में किये गये कार्याें का विस्तृत विवरण, अन्य पुरस्कार प्राप्त किया हो तो उसका विवरण, उत्कृष्ट कार्याें के संबंध में प्रकाशन, प्रख्यात व्यक्तियों या पत्र पत्रिकाओं द्वारा की गई टिप्पणी के साथ इस हेतु अपेक्षित रखने वाले जिले के व्यक्ति एवं संस्था कार्यालय समाज कल्याण बिलासपुर के समक्ष अपनी प्रविष्टि प्रस्तुत कर सकते है।
- भिलाईनगर/ निगम द्वारा युवा बेरोजगारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने निगम सभागार में जेट कंपनी द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कंपनी की ओर से आए प्रतिनिधियों ने बताया कि जेट पूूर्णतः डिजिटल कंपनी जिसके द्वारा युवा बेरोजगारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहा है। जेट का विभिन्न बैंकों से संबंद्धता होने के कारण जेट कंपनी के मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड कर किसी भी बैंक का क्रेडिट कार्ड बनवाकर हर कार्ड पर आप निश्चित लाभ कमा सकते है। जिसका विभिन्न बैंकों में अलग अलग राशि निर्धारित है, क्रेडिट कार्ड बनाने व लोन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल है। युवा बेरोजगार अथवा रोजगारवान अपने वर्तमान रोजगार के साथ समय निकालकर ऋण हेतु इच्छुक ग्राहक से संपर्क कर क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लोन दिलवाने पर उसका लाभ मिलेगा। जेट से देशभर में एक लाख लोग जुड़कर लाभ अर्जित करते हुए अपने पैरो पर खड़े हुए है। प्रशिक्षण में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के नोडल अधिकारी प्रीति सिंह ने बताया कि राज्य शासन द्वारा युवा बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता प्रदान करने के साथ अनेक ऐसे स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है जिससे उनका जीवन संवर सके। प्रशिक्षण में जय जैन, रीता चतुर्वेदी, शशिभूषण मोहंती, श्रीकुमार, मनीष कुमार, के साथ एनयूएलएम के हितग्राही तथा बेरोजगार युवा उपस्थित थे।
- मीडिया मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षणबिलासपुर /आगामी विधानसभा चुनाव के परिप्रेक्ष्य में आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) के अंतर्गत गठित विभिन्न टीमों को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें प्रिंट मीडिया ईकाई, इलेक्ट्रानिक मीडिया ईकाई, सोशल मीडिया ईकाई, एफ.एम. और स्थानीय आकाशवाणी रेडियो ईकाई एवं ईलेक्ट्रानिक मीडिया अनुवीक्षण ईकाई के टीमों को जिला स्तरीय एमसीएमसी की भूमिका एवं कार्य के बारे में विस्तार से बताया गया। इस अवसर पर एमसीएमसी कमेटी के सदस्य एवं नोडल अधिकारी श्री मुनुदाऊ पटेल मौजूद थे।प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री एमटी आलम ने बताया कि मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण (ईईएम) की एक महत्वपूर्ण इकाई है। एमसीएमसी का प्रमुख कार्य सोशल मीडिया सहित इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्व-प्रमाणन करना, पेड न्यूज की निगरानी और चुनाव प्रक्रिया के दौरान मीडिया में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन की निगरानी करना है। भारतीय निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार टीवी, रेडियो, सिनेमा घर, ई-समाचार पत्र, सोशल मीडिया एवं सार्वजनिक स्थलों पर दृश्य-श्रव्य-माध्यमों पर राजनैतिक विज्ञापन के लिए प्रमाणन आवश्यक है। विज्ञापन अधिप्रमाणन की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी या अन्य संस्था, व्यक्ति, मतदान के एक दिवस पूर्व बिना एमसीएमसी के प्रमाणीकरण के प्रिंट मीडिया में विज्ञापन प्रकाशित नहीं करा सकता। सभी प्रत्याशियों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी आयोग को देना आवश्यक है। सोशल मीडिया पर विज्ञापन एवं प्रचार-प्रसार चुनाव व्यय में शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण में पेड न्यूज का निर्धारण की प्रक्रिया एवं पेड न्यूज की पहचान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
- दुर्ग / जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, दुर्ग द्वारा बेरोजगारी भत्ता प्राप्त हितग्राहियों को स्वरोजगार स्थापित करने हेतु ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से लोन मेला का आयोजन किया जायेगा । जिसमें जिला व्यापार उद्योग केन्द्र, खादी एवं ग्रामोद्योग केन्द्र तथा जिला अंत्यावसायी सहकारी वित्त विकास निगम के अधिकारियों द्वारा लोन स्वीकृति की कार्यवाही की जावेगी। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्षन केन्द्र के उप संचालक श्री आर. के. कुर्रे से मिली जानकारी अनुसार आवेदक को निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र 26 सितम्बर तक जिला रोजगार कार्यालय, दुर्ग में जमा करना होगा। आवेदन पत्र का निर्धारित प्रारूप जिला रोजगार कार्यालय, दुर्ग से अथवा दुर्ग जिले के वेबसाईट durg.gov.in से भी डाऊनलोड कर सकते हैं। जिन आवेदकों द्वारा उक्त तिथि को आवेदन फार्म जमा किया जायेगा उनकी काउंसिलिंग 27 सितम्बर 2023 को जिला रोजगार कार्यालय, दुर्ग में करते हुए लोन स्वीकृति की कार्यवाही की जायेगी । उक्त लोन मेला केवल बेरोजगारी भत्ता प्राप्त हितग्राहियों के लिए ही होगा ।
- -नगर पंचायत अर्जुंदा में निकाली गई स्वच्छता रैली, छितका तालाब का किया गया साफ-सफाईबालोद । आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत जिले के नगरीय निकायों में विभिन्न प्रकार के गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत नगर पंचायत अर्जंुदा में स्वच्छता रैली निकाली गई एवं छितका तालाब का साफ-सफाई किया गया। मुख्य नगर पालिका अर्जुंदा ने बताया कि गत दिनों स्वच्छता जागरूकता का नारा लगाते हुए नगर पंचायत भवन से स्वच्छता रैली निकाली गई और गाँधी चैक के पास स्वच्छता ही सेवा का शपथ लिया गया। इसी तरह गुरूवार 21 सितम्बर को मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजनांतर्गत स्वच्छता दीदीयों एवं सफाई कर्मचारियों का स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। जिसमें स्वच्छता दीदीयों एवं सफाई कर्मचारियों को निःशुल्क दवा उपलब्ध कराया गया। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर पात्रतानुसार हितग्राहियों से आवेदन लिया गया। इसके साथ ही स्वच्छता दीदियों को डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण कार्य हेतु सुरक्षा उपकरण एवं पोषाक भी प्रदाय किया गया। इस कार्यक्रम में प्रियदर्शिनी पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने भी स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम मंे भाग लिए।इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री चन्द्रहास रेवाराम देवांगन, उपाध्यक्ष श्रीमती सुषमा चन्द्राकर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री कमल सिंह चैहान, जिला समन्वयक श्री प्रदीप कुमार सोनी, परियोजना प्रबंधक श्री प्रणय कुमार, नगर पंचायत के समस्त अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या मंे नागरिकगण उपस्थित थे।
- दुर्ग / दुर्ग जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जिनमें से भिलाई नगर निगम क्षेत्र व दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम के अमले द्वारा डेंगू से संबंधित नियंत्रण व रोकथाम का कार्य निरंतर किया जा रहा है। आज 22 सितम्बर 2023 को कुल 02 नये प्रकरण डेंगू एलिजा पॉजिटिव के मिले, जिसमें से भिलाई नगर निगम क्षेत्र सेक्टर 5 से 01, हुडको से 01 का रहवासी है। वर्तमान में 05 मरीज भर्ती है एवं कोई भी मरीज की गंभीर स्थिति नहीं है। मरीजों के निवास क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले द्वारा मॉस्क्टिो सोर्स रिडक्शन का कार्य दैनिक रूप से किया गया है। नगर निगम भिलाई, चरोदा, रिसाली जनस्वास्थ्य विभाग, भिलाई इस्पात संयंत्र एवं नगर निगम दुर्ग की टीम के द्वारा लगातार डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में लार्वा नष्टीकरण के लिए टेमीफॉस एवं एडिस मच्छर को नष्ट करने के लिए मेलाथियॉन से फागिंग का कार्य किया जा रहा है। डेंगू नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु दुर्ग, भिलाई, चरोदा, रिसाली नगर निगम जनस्वास्थ्य विभाग, भिलाई इस्पात संयंत्र, स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण/शहरीय की टीम द्वारा कुल 101461 घरांे का सर्वेक्षण किया जा चुका है, जांच किये कुलर पानी टंकी व अन्य कंटेनर की संख्या-142230 जिनमें से 47318 खाली कराये गये। सभी कंटेनरों में 83680 स्थानों में टेमीफास डालकर लार्वा का नष्टीकरण किया गया। 104197 पाम्पलेट के माध्यम से डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य शिक्षा दी गयी।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री जे.पी. मेश्राम के अनुसार जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी, सभी नगर निगम एवं मीडिया के द्वारा लगातार लोंगों से यह अपील की जा रही है कि सप्ताह में एक दिन शुष्क दिवस के रूप में मनाया जाना डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए उचित होगा। उस दिन घर के सारे कन्टेंनर जैसे कुलर, पानी टंकी व अन्य जिसमें बारिश का पानी एकत्रित हो उसको समतल जगह में उस पानी की निकासी की जाये। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए कारगर होगा। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.पी. मेश्राम एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे के द्वारा लोगांे से यह अपील की जाती है कि बुखार आने पर मलेरिया एवं डेंगू की जॉच की जाये। डेंगू एवं मलेरिया की जॉच जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र / प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्र, हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में जॉच निःशुल्क किया जा रहा है। जॉच के उपरान्त ही डॉक्टर के परामर्श से दवा लेना उचित होगा।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र कुमार मीणा द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर की अनुशंसा पर विधानसभा क्षेत्र दुर्ग (ग्रामीण) अंतर्गत 16 निर्माण कार्याे के लिए 44 लाख 16 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विधानसभा क्षेत्र दुर्ग (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम खम्हरिया में कर्मा भवन के पास शासकीय मद से निर्मित सामुदायिक भवन में अतिरिक्त कक्ष निर्माण हेतु 2 लाख रुपए, ग्राम खपरी में गौरा गौरी के पास सार्वजनिक मंच निर्माण हेतु 50 हजार रुपए, ग्राम खांड़ा में सार्वजनिक सामुदायिक भवन में बाउण्ड्रीवाल एवं स्टोर रूम निर्माण हेतु 2 लाख रुपए, ग्राम खुरसुल में तालाब के पास दशगात्र शेड निर्माण हेतु 2 लाख 50 हजार रुपए, ग्राम कातरो में दुर्गा मंदिर पास शासकीय मद से निर्मित सामुदायिक भवन में कक्ष निर्माण हेतु 2 लाख रुपए, ग्राम कुथरेल में चन्द्राकर भवन के पास शासकीय मद से निर्मित भवन का 100 मीटर आहता निर्माण हेतु 3 लाख रुपए, ग्राम मातरोडीह में गायत्री मंदिर के पास सार्वजनिक भवन में कक्ष व शौचालय निर्माण कार्य हेतु 3 लाख रुपए, ग्राम विनायकपुर शीतला पारा वार्ड क्र.17 में सार्वजनिक सामुदायिक भवन के पास शेड निर्माण कार्य हेतु 5 लाख रुपए स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार ग्राम चिरपोटी में ठाकुर देव के पास कातरो चौक का सार्वजनिक सौंदर्यीकरण कार्य हेतु 1 लाख 66 हजार रुपए, ग्राम निकुम बाजार चौक दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के पास सार्वजनिक मंच निर्माण हेतु 1 लाख 50 हजार रुपए, ग्राम पाउवारा में शासकीय मद से निर्मित सामुदायिक भवन में जय हिन्द आजाद स्पोर्टस क्लब के पास ड्रेसिंग व चेजिंग रूम एवं वाशरूम निर्माण हेतु 3 लाख रुपए, ग्राम पाउवारा में शीतला चौक के सामने सार्वजनिक प्रांगण में पेवर ब्लॉक हेतु 2 लाख रुपए, ग्राम उमरपोटी में सतनामी पारा सार्वजनिक भवन प्रांगण पास शेड निर्माण व सौंदर्यीकरण कार्य हेतु 10 लाख रुपए, ग्राम डुमरडीह में प्राथमिक शाला के पास सार्वजनिक मंच में छत निर्माण कार्य हेतु 1 लाख रुपए, ग्राम नगपुरा सतनामी पारा में सार्वजनिक भवन का बाउन्ड्रीवाल निर्माण कार्य हेतु 3 लाख रुपए एवं ग्राम खम्हरिया पटेल पारा में सार्वजनिक भवन के पास चेकर टाईल्स एवं शेड निर्माण हेतु 2 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र कुमार मीणा द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत विधायक श्री ताम्रध्वज साहू की अनुशंसा पर विधानसभा क्षेत्र दुर्ग (ग्रामीण) अंतर्गत 07 निर्माण कार्याे के लिए 10 लाख 99 हजार 670 रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विधानसभा क्षेत्र दुर्ग (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम बोरई खेल मैदान में खिलाड़ियों के लिए चेजिंग रूम निर्माण हेतु 3 लाख रुपए, ग्राम धनोरा में कर्मा मोहल्ला शासकीय सामुदायिक भवन में आहता निर्माण कार्य हेतु 3 लाख रुपए, ग्राम खम्हरिया सार्वजनिक सांस्कृतिक मंच के सामने बाजार चौक में पेवर ब्लॉक कार्य हेतु 99 हजार 835 रुपए, ग्राम खम्हरिया कर्मा भवन के पास सार्वजनिक सामुदायिक भवन में चेकर टाईल्स कार्य हेतु 99 हजार 835 रुपए स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार ग्राम उमरपोटी न्यू नेहरू नगर शासकीय सामुदायिक भवन में कबीर सत्संग एवं जनकल्याण समिति के पास आहता निर्माण कार्य हेतु 2 लाख रुपए, ग्राम तिरगा में यादव पारा चबूतरा पास सार्वजनिक सामुदायिक भवन में छत निर्माण कार्य हेतु 50 हजार रुपए एवं ग्राम कोकड़ी में गोवर्धन पूजा स्थल धनीराम ठाकुर घर के पास सार्वजनिक मंच निर्माण हेतु 50 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

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