- Home
- छत्तीसगढ़
- दुर्ग, / जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के अंतर्गत 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केन्द्रों में अब तक 19,700 किसानों से एक लाख तीन हज़ार नौ सौ चौबीस मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी की गई है। शासन की पारदर्शी व्यवस्था और तुंहर टोकन के अंतर्गत किसानों को सहुलियतें मिल रही है और वे निर्धारित तिथि अनुसार धान बेचने उपार्जन केन्द्रों में पहुंच रहे हैं। उपार्जन केन्द्रों में जिला प्रशासन द्वारा किसानों के लिए समुचित प्रबंध की गई है। धान खरीदी हेतु केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था है। खरीफ वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में 6,16,435 मे. टन धान खरीदी का अनुमानित लक्ष्य निर्धारित है।
- -राज्य के 45 युवाओं को मिला पर्यटन प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण-बस्तर के युवाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर-टूरिस्ट गाइड का गहन प्रशिक्षण लेकर लौटे छत्तीसगढ़ के युवा-मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री ने दी बधाई और शुभकामनाएँरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देनेे के लगातार प्रयास किए जा रहे है। छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुन्दरता और यहां के पर्यटन स्थलों को देखने के लिए देश-दुनिया के लोग छत्तीसगढ़ आये, इसे लेकर देश के विभिन्न हिस्सों विशेषकर महानगरों में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के लिए प्रदर्शनी एवं कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर लाना है।मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इसके लिए नई औद्योगिक पॉलिसी में कई रियायतों का प्रावधान भी किया गया है। होम-स्टे पॉलिसी बनायी गई है ताकि छत्तीसगढ़ बस्तर और सरगुजा अंचल में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। छत्तीसगढ़ सरकार ने इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए राज्य के युवाओं विशेषकर बस्तर अंचल के युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण की अभिनव पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री के मंशानुरूप 45 युवाओं की टीम को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सहयोग से भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंध संस्थान (आईआईटीटीएम) ग्वालियर में टूरिस्ट गाइड के प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। युवाओं का यह दल वहां से एक माह का विशेष प्रशिक्षण हासिल कर छत्तीसगढ़ लौटा आया है। इन युवाओं को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों में गाइड के तौर पर तैनात किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने टूरिस्ट गाइड का सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य की प्राकृतिक सुन्दरता, यहां की हरी-भरी वादियां और मनोरम पर्यटन स्थल छत्तीसगढ़ को पर्यटन हब का स्वरूप देने में सक्षम हैं। पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में असीम संभावनाएं विद्यमान है, इससे रोजगार और व्यवसाय के नये द्वार खुलेंगे। उन्होंने प्रशिक्षित युवाओं से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और सुविधाओं के बारे में पर्यटकों को विशेष रूप से बताएं, ताकि पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो। इससे राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा 7 वर्षों के अंतराल के बाद टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण का यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें अधिकांश युवा बस्तर संभाग के रहने वाले हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को पर्यटक मार्गदर्शन, संप्रेषण कौशल, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन प्रबंधन तथा फील्ड का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें। प्रशिक्षित युवा छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का बेहतर प्रचार-प्रसार कर प्रदेश के पर्यटन उद्योग को ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम रोल अदा करेंगे।
- -संयम, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़े युवा: राज्यपाल श्री डेका-अनुशासन, नवाचार और अपनी संस्कृति से जुड़ाव - यही है सफल भविष्य की कुंजी: मुख्यमंत्रीरायपुर /अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह का आयोजन आज पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के मुख्य आतिथ्य में गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल श्री रमेन डेका ने की। अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विशिष्ट अतिथि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य डॉ. दिवाकर नाथ वाजपेयी उपस्थित रहे। समारोह में 64 शोद्यार्थियों को शोध उपाधि, 92 गोल्ड मेडल एवं 36950 स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधि दी गई।विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने स्नातक छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने युवा पीढ़ी की ऊर्जा और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी है और वर्तमान युवा इसका ऐतिहासिक साक्षी और भागीदार हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से स्नातक होना शिक्षा की पूर्णता नहीं है, बल्कि इक्कीसवीं सदी में सफलता के लिए निरंतर सीखना, कौशल निखारना और आत्मविकास अनिवार्य है।पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि देश के विश्वविद्यालयों में बेटियाँ शिक्षा के क्षेत्र में कई बार बेटों से आगे निकल रही हैं और इस विश्वविद्यालय के स्वर्ण पदक विजेताओं में भी बेटियों की संख्या उल्लेखनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों, विशेषकर पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे माता-पिता का त्याग, परिवार का सहयोग और गुरुओं का अमूल्य मार्गदर्शन भी निहित है। यह हर विद्यार्थी के लिए एक सुनहरा यादगार पल है, जिसे वे जीवनभर याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि-“कभी यह मत सोचिए कि आप पीछे रह गए हैं। यदि आप प्रयास करना नहीं छोड़ते, तो आप हमेशा पहले स्थान पर हो सकते हैं।” उन्होंने छात्रों से अपने सपनों को साकार करने के लिए परिश्रम करने, भारतीय संस्कृति, मूल्यों और जड़ों से जुड़े रहने और योग व विज्ञान जैसी भारतीय विरासत को अपनाने का आह्वान किया।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि जीवन में अनेक चुनौतियाँ आती हैं, जिनमें कभी-कभी हम गिरते भी हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हर बार स्वयं को संभालकर फिर से खड़ा होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में गिरावट से भयभीत न हों और हमेशा उठने का साहस रखें। राज्यपाल ने अनुशासन को जीवन में सफलता की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि जीवन एक सुंदर यात्रा है, और इसे उद्देश्यपूर्ण, सकारात्मक और सार्थक ढंग से जीना प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर ध्यान आकर्षित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज तनाव एक बड़ी चुनौती बन चुका है। इसलिए योग, ध्यान और नियमित शारीरिक गतिविधि को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से यह भी आग्रह किया कि वे जीवन में ऐसा कार्य चुनें जिसमें तनाव कम हो, पारदर्शिता हो और जिससे स्वयं, समाज और राष्ट्र का सकारात्मक परिवर्तन संभव हो।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि सीखने की निरंतर इच्छा से तय होती है। दुनिया तेजी से बदल रही है, और जो युवा अपनी संस्कृति की जड़ों से जुड़े रहते हुए तकनीक, नवाचार और मेहनत का मार्ग चुनते हैं, वहीं कल का भारत गढ़ेंगे। जीवन में अवसर हमेशा बाहर नहीं मिलते, कई बार हमें स्वयं अवसर बनाना होता है। अनुशासन, लगन और सकारात्मक दृष्टि ही वह शक्ति है, जो हर साधारण क्षण को असाधारण उपलब्धि में बदल देती है। उन्होंने कहा कि मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि यह पीढ़ी छत्तीसगढ़ को और पूरे देश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह समारोह केवल औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों, संकल्पों और संघर्षों का उत्सव है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बहुविषयक अध्ययन, कौशल आधारित शिक्षण, चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम, अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और आधुनिक पाठ्यचर्या जैसी व्यवस्थाओं को लागू करने की सराहना की, जिससे छात्र वैश्विक अवसरों का लाभ उठा सकें।मुख्यमंत्री ने कहा कि विवि में डिजिटलईजेशन के माध्यम से विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा फॉर्म, ट्रांसक्रिप्ट और डिग्री प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। इस नई प्रणाली से छात्रों को सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि पीएम उषा कार्यक्रम के तहत वित्तीय सहायता नए प्रयोगशालाओं, स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल लाइब्रेरी और आधुनिक अकादमिक अवसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी इससे विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचार को सुनिश्चित कर सकेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों को राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कृषि विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक संरचना, भाषा-साहित्य और तकनीकी नवाचार जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को ज्ञान, अनुशासन और प्रेरणा का एक उत्सव प्रदान किया और अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय की उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचार की प्रतिबद्धता को उजागर किया।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के मार्गदर्शन में बने इस राज्य ने शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्रों के परिश्रम, संघर्ष और लगन का सम्मान है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है तथा 20 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे शैक्षणिक अधोसंरचना और अधिक मजबूत होगी। अतिथियों ने विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका कन्हार का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य डॉ. अरूण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने दिया।कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री श्री अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कुलसचिव डॉ. तारणीश गौतम सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।
- -एक एकड़ की खेती से हुई 05 लाख रुपये की आयरायपुर, / उद्यानिकी विभाग की ग्राफ्टेड बैंगन तकनीक ने बालोद के डौण्डी विकासखण्ड के वनांचल ग्राम अड़जाल के किसान श्री संतोष कुमार के जीवन में उल्लेखनीय बदलाव लाया है। विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से उन्होंने ग्राफ्टेड बैंगन की आधुनिक खेती अपनाई, जिसके परिणामस्वरूप मात्र 01 एकड़ भूमि से उन्हें 05 लाख रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है।पहले किसान संतोष पारंपरिक खरीफ धान की खेती करते थे, जिससे उन्हें पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाता था और भूमि भी कई बार खाली रह जाती थी। इसी दौरान उन्हें उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी मिली, जिनके तहत किसानों को अनुदान पर हाईब्रिड पौधे और बीज उपलब्ध कराए जाते हैं।संतोष कुमार ने धान के स्थान पर ग्राफ्टेड बैंगन की खेती करने का निर्णय लिया और अपने एक एकड़ खेत में कुल 30 हजार पौधे रोपे। उत्पादन शुरू होते ही न केवल उनके घर में ताज़ा सब्जियों की उपलब्धता बढ़ी, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होने लगी।उन्होंने बताया कि अब तक वे लगभग 250 क्विंटल बैंगन का उत्पादन कर चुके हैं। वर्तमान बाजार मूल्य 20 से 25 रुपये प्रति किलोग्राम के अनुसार उनकी एक एकड़ की ग्राफ्टेड बैंगन खेती से लगभग 05 लाख रुपये तक का लाभ प्राप्त हुआ है।किसान संतोष कुमार का कहना है कि उद्यानिकी विभाग की योजना का लाभ उठाकर वे आज अधिक आय अर्जित कर रहे हैं और अपने परिवार की आर्थिक कमजोरी को दूर कर रहे हैं।
- बिलासपुर/पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद, राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय चकरभाठा स्थित बिलासा देवी एयरपोर्ट पहुंचे। अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय बिलासपुर के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे।विमानतल पर बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक,कुलपति श्री एडीएन बाजपेई, संभागआयुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसपी रजनेश सिंह ने आत्मीय स्वागत किया।
- खरीफ 2025-26 में अब तक 42 प्रकरण दर्ज, कुल 1537 क्विंटल धान जब्तपराग ट्रेडर्स राईस मिल कुर्रा पर कार्रवाई कर 508 क्विंटल धान जब्तरायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार खरीफ वर्ष 2025-26 में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई खाद्य विभाग, राजस्व विभाग तथा मंडी समिति के संयुक्त टीम द्वारा 13 नवंबर से 1 दिसंबर में बीच की गई है। संयुक्त निरीक्षण दल ने रायपुर जिले में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रायपुर टूरई कचरा मिल में रखे गए स्टॉक की गहन जांच की गई। दी गई जानकारी के अनुसार खरीफ सीजन 2025-26 में अब तक 42 प्रकरण दर्ज किए गए। 1537.60 क्विंटल धान जब्त किए गए।13 नवम्बर से 1 दिसम्बर 2025 के बीच विभिन्न मंडी क्षेत्रों में संयुक्त टीमों द्वारा विशेष जांच अभियान चलाया गया। रायपुर मंडी क्षेत्र में कुल 12 प्रकरण के साथ सारागांव, सिलयारी, तर्रा, पथरी, मोहंदी, पावनी सहित अन्य स्थानों से 472 क्विंटल, नवापारा मंडी क्षेत्र से 10 प्रकरण के साथ तर्री, चंपारण, सेमरा टीला, पोड़, नवापारा, तामासिवनी क्षेत्रों से 167.40 क्विंटल जब्त की गई तथा कुर्रा पराग ट्रेडर्स राईस मिल से 508 क्विंटल जब्त किए गए। साथ मामलों में धारा 19 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इसी तरह आरंग मंडी क्षेत्र में 3 प्रकरण के साथ आरंग तथा गुल्लू से 56.80 क्विंटल जब्त किया गया। रसाथ ही नेवरा मंडी क्षेत्र से 14 प्रकरण दर्ज करते हुए कोटा, शरारीडीह, नेवरा, खरोरा, तुलसी, परसदा आदि क्षेत्रों से 298.40 क्विंटल एवं अभनपुर मंडी क्षेत्र से 2 प्रकरण दर्ज करते हुए अभनपुर एवं चंडी क्षेत्र से 35 क्विंटल जब्त किया गया। सभी कार्रवाई पूर्ण कर ली गई है।
- रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ भीम राव अम्बेडकर की पुण्यतिथि दिनांक 6 दिसम्बर 2025 को प्रातः 11 बजे कलेक्टोरेट परिसर के सामने स्थित उनके प्रतिमा स्थल के समक्ष उनका सादर नमन करने रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 4 के सहयोग से पुष्पांजलि कार्यक्रम रखा गया है।
- कलेक्टर के निर्देश पर शेष किसानों से समिति में उपस्थित होकर रकबा संशोधन कराने की अपीलगरियाबंद/ जिला प्रशासन ने खरीफ विपणन वर्ष में धान खरीदी को सुचारु, पारदर्शी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर भगवान सिंह उइके के निर्देश पर ऐसे सभी किसान, जिनका धान खरीदी हेतु रकबा (भूमि क्षेत्रफल) अब तक संशोधित नहीं हो पाया है, वह तत्काल संबंधित प्राथमिक कृषि साख समिति में उपस्थित होकर अपना रकबा संशोधन अनिवार्य रूप से करा लें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि रकबा संशोधन समय-सीमा के भीतर नहीं होने की स्थिति में किसानों को धान विक्रय के दौरान तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अतः किसानों के हित में यह आवश्यक है कि वे अपने खसरा, फसल बोआई विवरण, पट्टा/स्वामित्व दस्तावेज, भुइंया/पटवारी अभिलेख सहित अन्य आवश्यक कागजात लेकर समिति कार्यालय में संपर्क करें और अद्यतन प्रविष्टि सुनिश्चित कराएं। प्रशासन ने बताया कि रकबा संशोधन से वास्तविक बोए गए रकबे के अनुसार ही धान खरीदी होगी, जिससे अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा और पात्र किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा। समिति प्रबंधन एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन दें और संशोधन कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करें। जिला प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना शीघ्र रकबा संशोधन करा लें, ताकि धान खरीदी के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो और शासन की नीतियों के अनुरूप लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त हो सके।
- धान विक्रय प्रक्रिया में पारदर्शिता: वाहन व धान का फोटो अपलोड करना अनिवार्यखरीदी केंद्रों में फोटो अपलोड शत-प्रतिशत सुनिश्चित करें - कलेक्टरगरियाबंद/ धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, सुचारु एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने जिले के समस्त धान खरीदी केंद्रों पर कड़े निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि धान विक्रय हेतु केंद्र में आने वाले प्रत्येक किसान के वाहन तथा विक्रय किए जा रहे धान का फोटो पोर्टल पर 100 प्रतिशत अपलोड करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि फोटो अपलोड की प्रक्रिया वास्तविक समय (रीयल टाइम) में की जाए, ताकि धान खरीदी की संपूर्ण कार्यवाही का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितता, शॉर्टेज अथवा फर्जीवाड़े की संभावना समाप्त हो। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था किसानों के हित संरक्षण के साथ-साथ शासन की खरीदी नीति की प्रभावी निगरानी के लिए अत्यंत आवश्यक है। कलेक्टर ने सभी सहकारी समितियों के प्रबंधकों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी धान खरीदी केंद्र पर फोटो अपलोड में लापरवाही, टालमटोल या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित समिति प्रबंधक के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी। जिला प्रशासन ने बताया कि इस व्यवस्था से खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, किसानों को उनके विक्रय की सही जानकारी मिलेगी तथा भुगतान प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। वहीं, खरीदी केंद्रों के प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देकर प्रक्रिया का शत-प्रतिशत अनुपालन कराएं। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर फोटो अपलोड की स्थिति की समीक्षा करने तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
- गौरेला पेण्ड्रा मरवाही/ गौरेला विकासखण्ड के दुर्गम क्षेत्र के ग्राम डांड़जमड़ी में बुधवार को आयोजित जनचौपाल के बाद कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने आंगनबाड़ी केंद्र और प्रायमरी एवं मिडिल स्कूल डांड़जमड़ी का भी अवलोकन किया। उन्होंने आंगनबाड़ी में दर्ज बच्चों की संख्या एवं उपस्थिति तथा गतिविधियों, पोषण आहार आदि की जानकारी ली। उन्होंने ठंड से बचाव के लिए बच्चों को अपने हाथों से स्वेटर पहनाया। इसी तरह स्कूलों का अवलोकन कर बच्चों एवं शिक्षकों की उपस्थिति तथा अध्ययन-अध्यापन के स्तर की जांच की। उन्होंने प्रायमरी स्कूल के बच्चों से पहाड़ा और पर्यावरण अध्ययन एवं अंग्रेजी किताब पढ़वाकर उनके शैक्षिक स्तर की परख की। बच्चों के पढ़ाई-लिखाई का स्तर बहुत ही अच्छा रहा। उन्होंने सभी बच्चों को प्रतिदिन स्कूल आने और जो विषय समझ में नहीं आता उसे बार-बार अपने शिक्षक से पूछने कहा। साथ ही शिक्षकों को और अधिक लगन से बच्चों को पढ़ाने कहा। इस दौरान कलेक्टर ने सभी बच्चों को कॉपी, पेन एवं चाकलेट देकर उनका मनोबल बढ़ाया। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, एसडीओ फॉरेस्ट गौतम पड़िभार एवं महिला एवं बाल विकास अधिकारी अमित सिन्हा भी उपस्थित थे।
- गौरला पेंड्रा मरवाही/ गौरेला विकासखण्ड के शासकीय माध्यमिक शाला डांड़जमड़ी में बुधवार को आयोजित नेवता भोज में कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे एवं एसडीओ फॉरेस्ट श्री गौतम पड़िभार सहित जिला अधिकारी और स्कूली बच्चे शामिल हुए। नेवता भोज का आयोजन जनपद सीईओ गौरेला श्रीमती शुभा दामोदर मिश्रा द्वारा उनके जन्मदिन पर आयोजित किया गया। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत विद्यार्थियों को दिए जाने वाले गर्म भोजन को और अधिक पोषक बनाने के लिए नेवता भोज कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जिसमें आमजनों और संगठनों द्वारा विशेष मौके जैसे राष्ट्रीय पर्व, त्योहार, जन्मदिन अथवा विवाह वर्षगांठ के मौके पर स्कूली बच्चों को भोजन करा सकते हैं। इसी कड़ी में डांड़जमड़ी में नेवता भोज का आयोजन किया गया।
- जगदलपुर/ राज्य शासन ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिससे विशेष श्रेणी के कृषकों को बड़ी राहत मिली है, जो एकीकृत किसान पोर्टल में कृषकों के पंजीयन के संबंध में है। कृषकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उन कैरीफारवर्ड, डूबान, एवं वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन हेतु विशेष प्रावधान उपलब्ध करा दिया है, जिनकी पंजीयन कार्यवाही विभिन्न विभागों में प्रक्रियाधीन होने की सूचना प्राप्त हुई थी। इन विशिष्ट कृषकों के पंजीयन के लिए 15 दिसंबर 2025 तक समस्त समितियों के समिति लॉगिन में यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य शासन ने इस महत्वपूर्ण सुविधा का लाभ सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को तत्काल निर्देशित करने का अनुरोध किया है। इनमें वन एवं जलवायु परिवर्तन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, खाद्य नागरिक आपूर्ति, और सहकारिता विभाग के साथ-साथ मार्कफेड तथा राज्य सहकारी बैंक मर्यादित को शामिल किया गया है।उक्त आदेश के मद्देनजर कलेक्टर श्री हरिस एस ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों सहित खाद्य नियंत्रक, कृषि विभाग के उप संचालक, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक और सहकारिता विभाग को इस संबंध में तत्काल आवश्यक कार्यवाही के निर्देश जारी कर दिए हैं। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि पात्र किसान समय रहते अपना पंजीयन करा सकें और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न हों।
- विवाह और जिम्मेदारियों के बाद फिर मिला खेल का अवसरहम पूरी मेहनत करेंगे और यकीन है कि हमें मिलेगी जीत--श्रीमती सरोज पोडियामजगदलपुर/ बस्तर ओलम्पिक 2025 का आयोजन इस वर्ष कई महिलाओं को अपनी जड़ों से दोबारा जुड़ने का अवसर मिला है, ऐसी ही महिलाओं में शामिल हैं श्रीमती सरोज पोडियाम, जो विवाह और पारीवारिक जिम्मेदारियों के चलते वर्षों से खेल से दूर थीं। तीन वर्ष की बच्ची की मां होने के बावजूद उन्होंने खेल मैदान में वापसी कर सभी को प्रेरित किया।रस्साकसी में संभाग स्तर का मिला टिकट, महिलाओं ने दिखाया जोरदार प्रदर्शनसरोज पोडियाम कोंटा विकासखंड के दूरस्थ मुरलीगुड़ा ग्राम की निवासी हैं। वह बताती हैं कि बस्तर ओलम्पिक शुरू होने से उन्हें स्कूल के दिनों की खो-खो और कबड्डी जैसे खेलों की यादें ताजा हो गईं। सरोज बताती हैं हम महिलाओं का अधिकतर समय परिवार, बच्चे और गृहकार्य में बीत जाता है। लेकिन बस्तर ओलम्पिक ने हमें फिर से अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया। इस बार संभाग स्तर तक पहुंचना हम सभी के लिए बड़ी खुशी की बात है।बस्तर ओलम्पिक में सरोज पोडियाम और उनकी टीम ने रस्साकसी में दमदार प्रदर्शन करते हुए संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन हासिल किया है। टीम की इस उपलब्धि से पूरे परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। सरोज कहती हैं कि हम सभी महिला साथी बहुत खुश हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का धन्यवाद, जिन्होंने हमें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया। इस बार पूरा प्रयास रहेगा कि हम संभाग में अपने जिले को जीत दिलाएं। बस्तर ओलम्पिक ने हमें दोबारा खेलने का मौका दिया और आस-पास की सभी महिला साथी भी शामिल हुईं।माओवादी हिंसा से प्रभावित परिवार, संघर्ष से उपलब्धि तक की यात्रासरोज पोडियाम का परिवार माओवादी हिंसा से प्रभावित रहा है। वर्ष 2009 में नक्सलियों द्वारा उनके ससुर की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद परिवार गहरे संकट में आ गया। घटना के बाद शासन ने नवा बिहान योजना के तहत सुकमा में उन्हें आवास उपलब्ध कराया तथा उनके पति श्री राकेश को नगर सैनिक के रूप में पदस्थ कर परिवार को संबल दिया। आज वही परिवार संघर्ष की राह से निकलकर बस्तर ओलम्पिक में उपलब्धि की नई कहानी लिख रही है।टीम का दम, महिलाओं की एकजुटता बनी ताकतसरोज पोडियाम ने बताया कि उनकी टीम में नंदिता सोढ़ी, सरिता पोडियामी, लिपिका डे, मुन्नी नाग, ललिता यादव, पुनम भेखर, जसवंती वेट्टी, बण्डी बारसे शामिल हैं। सब महिलाओं ने मिलकर बेहतरीन तालमेल से प्रदर्शन किया और संभाग स्तर तक पहुंचने का गौरव पाया।
- जगदलपुर/ कलेक्टर श्री हरिस एस. द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत् प्राकृतिक आपदा पीड़ित 03 परिवारों को 12 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है। कलेक्टर द्वारा दरभा तहसील के ग्राम लेण्ड्रा निवासी बिलासी की मृत्यु पानी डूबने से पति सोनिया को, ग्राम छिन्दावाड़ा निवासी बोधा की मृत्यु पानी में डूबने से और तहसील जगदलपुर के ग्राम पण्डरीपानी निवासी कृष्णा की मृत्यु सांप काटने से पिता कुमार को चार-चार लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।
- जगदलपुर/ छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आगामी 07 दिसम्बर को आयोजित होने वाली जल संसाधन विभाग के अमीन भर्ती प्रवेश परीक्षा 2025 के निष्पक्ष एवं सुचारु संचालन हेतु बस्तर जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री हरीश एस के निर्देशानुसार 03 दिसम्बर को एक महत्वपूर्ण बैठक सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला कलेक्टोरेट के प्रेरणा सभा कक्ष में संपन्न हुई, जिसमें परीक्षा के सफल संचालन के लिए नियुक्त किए गए केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक, पुलिस नोडल अधिकारी और उड़नदस्ता दल के सदस्यों ने भाग लिया।कार्यशाला में व्यापम द्वारा जारी नवीन निर्देशों को पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अधिकारियों के सामने विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया गया। विशेष रूप से सभी केन्द्राध्यक्षों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि परीक्षा केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध हों। इसके तहत परीक्षा कक्षों में पर्याप्त रोशनी, पंखे, स्वच्छ पेयजल, दीवाल घड़ी, इमरजेंसी लाइट्स, और उपयुक्त खिड़की व फर्नीचर की उपलब्धता को परीक्षा से पूर्व ही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से, अभ्यर्थियों की पहचान और तलाशी (फ्रिस्किंग) को लेकर सख्त नियम निर्धारित किए गए हैं। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की पहचान का सत्यापन अत्यंत सावधानी से किया जाए। इसके साथ ही, विभिन्न स्तरों पर फ्रिस्किंग की प्रक्रिया, अभ्यर्थियों की पोशाक, स्वेटर, फुटवेयर तथा परीक्षा सामग्री के संबंध में भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए, जिसका कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। सभी संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ करने की हिदायत दी, ताकि अमीन भर्ती प्रवेश परीक्षा व्यवस्थित और भयमुक्त वातावरण में संपन्न हो सके। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल तथा डिप्टी कलेक्टर सुश्री नंदिनी साहू और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ योग आयोग में नवनियुक्त सचिव ने कार्यभार ग्रहण करते ही लंबित प्रशासनिक मामलों के समाधान की पहल की है। पूर्व सचिव की संविदा अवधि समाप्त होने के कारण सितम्बर माह से अधिकारियों-कर्मचारियों तथा अध्यक्ष/सदस्यों के वेतन-भत्ते सहित भवन किराया, बिजली, इंटरनेट तथा कार्यक्रमों के देयक लंबित थे।नव पदस्थ सचिव ने सभी नस्तियों का त्वरित परीक्षण कर नियमानुसार सभी भुगतान सुनिश्चित किए। इस कार्रवाई से आयोग की कार्यप्रणाली सुचारू रूप से संपादन किया जा रहा है तथा शासन की संवेदनशील और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत कार्यों का निष्पादन किया जा रहा है, जिसका सुदृढ़ संदेश मिला है।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा कोण्डागांव जिले के विकासखण्ड-बस्तर के सालेमेटा में कोसारटेडा नाला पर एनीकट सह सौर उद्वहन सिंचाई योजना का निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ दो लाख 59 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। प्रस्तावित योजना के कार्य को पूर्ण होने के उपरांत जल संवर्धन, निस्तारी, पेयजल एवं सोलर संयंत्र तथा पाइप डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के माध्यम से 108 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजना के कार्य पूर्ण कराने मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग जगदलपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में धान खरीदी प्रक्रिया सुचारू एवं पारदर्शी रूप से जारी है। इसी क्रम में जशपुर जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। जशपुर विकासखंड के धान खरीदी केन्द्र गम्हरिया में पहुंचे कृषक दिनेश सिंह ने बताया कि उन्हें टोकन प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई और उन्होंने अपना 172 बोरी धान आसानी से बेच दिया। उन्होंने खरीदी केंद्र में उपलब्ध बेहतर सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया और कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार खरीदी केंद्रों में किसानों के हित में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। समर्थन मूल्य पर सीधी खरीदी से किसानों को आर्थिक लाभ मिल रहा है और उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है।खरीदी केंद्रों में शासन के निर्देशानुसार वजन, मापक, बोरा, तराजू-बाट, बारदाना सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिला प्रशासन पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि किसी भी किसान को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
- जशपुर जिले में 2,628 किसानों से 1 लाख 67 हजार 246 क्विंटल धान की खरीदीरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित रूप से जारी है। राज्य के सभी जिलों में खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।प्रदेश के जशपुर जिले में भी धान खरीदी प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ रही है। 3 दिसंबर तक जिले के 46 उपार्जन केंद्रों में कुल 2,628 किसानों से 1,67,246 क्विंटल धान उपार्जित किया जा चुका है। इसके एवज में 39.62 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के बैंक खातों में निरंतर हस्तांतरित की जा रही है।धान खरीदी कार्य को पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए उपार्जन केंद्रों में टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल उपकरण, नमी मापक यंत्र समेत सभी आवश्यक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही पर्याप्त बारदाना, बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी और अन्य आवश्यक प्रबंध भी सुनिश्चित किए गए हैं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।जिला प्रशासन के निरंतर निरीक्षण और मॉनिटरिंग के कारण धान खरीदी कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो रहा है। निर्धारित तिथि के अनुसार किसान केंद्रों में पहुंचकर अपना धान बेच रहे हैं और समर्थन मूल्य के माध्यम से उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है।
- बिलासपुर. स्वास्थ्य विभाग द्वारा तखतपुर के ग्राम खम्हरिया में एड्स दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बस्तर सामाजिक जन विकास समिति बिलासपुर लिंक वर्कर स्कीम और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पलायन करने वाले मजदूर, ट्रांसपोर्ट वर्कर,गर्भवती महिलाओं, युवाओं की एचआईवी स्क्रीनिंग और सामान्य जांच की गई।साथ टीबी स्क्रीनिंग कर दवा वितरण किया गया। ग्रामीणों को एच आई वी एड्स के प्रति जागरूक किया गया।स्कूली बच्चों में जागरूकता के लिए एड्स जागरूकता विषय पर रंगोली और चित्रकला और वाद विवाद प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। शिविर में बीएमओ डॉक्टर उमेश साहू, आईसीटीसी परामर्शदाता द्वारा एचआईवी के प्रमुख चार कारणों व एच आईवी एड्स से बचाव के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में NACO हेल्पलाइन नंबर 1097 के बारे में बताया गया,और सभी को एचआईवी जागरूकता की शपथ दिलाई गई।अतिथियों द्वारा सभी बच्चों को पुरुस्कार वितरण किया गया और विशेष रूप से मितानिनों को साड़ी और श्रीफल द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तखतपुर के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर जनपद सदस्य, सभापति श्री मनहरण कौशिक, सरपंच संजय कुमार सोनवानी आईसीटीसी परामर्शदाता माजिद अली, दीपक कुमार पांडेय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही।
- 0- जयराम नगर के किसान नरोत्तम लाल ने बेचा 38 क्विंटल धान0- व्यवस्थित, पारदर्शी प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभारबिलासपुर. राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से जिले के किसानों को राहत मिल रही है,इससे न केवल उनके खेती-किसानी के रकबे में वृद्धि हो रही है बल्कि अनेक कल्याणकारी योजनाओं से उनके जीवन के सपने पूरे हो रहे है। मस्तूरी ब्लॉक के जयरामनगर के किसान श्री नरोत्तम लाल ने धान उपार्जन केंद्र में 38 क्विंटल धान बेचा,वे 4 एकड़ में खेती करते हैं।उन्होंने कहा कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से किसानों को आर्थिक संबल मिल रहा है और वे समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं। किसान हितैषी योजनाओं के उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया।जयराम नगर धान खरीदी केंद्र में पहुंचे किसान श्री नरोत्तमलाल ने बताया कि टोकन तुहर हाथ ऐप से उन्होंने टोकन कटवाया है और आसानी से उनका टोकन कट गया, कोई समस्या नहीं आई। उन्होंने बताया कि खाद बीज समय पर मिलने से उनकी उपज भी अच्छी हुई है,और धान बेचने में उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत नहीं हुई, सारी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित थी। बारदाने के भी समुचित इंतज़ाम थे। किसान नरोत्तम लाल ने कहा कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से किसान समृद्ध हो रहे हैं जिससे वे आधुनिक और तकनीकी कृषि को अपना रहे हैं, कई तरह के आधुनिक उपकरण ले रहे हैं, इसमें भी सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही है। कृषि भूमि को बेहतर बनाने में भी निवेश किया जा रहा है जिससे उत्पादन क्षमता में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर सोसायटी के माध्यम से कृषि कार्य के लिए ऋण मिल जाता है। समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी से किसानों को उनके उत्पादन का अच्छा प्रतिफल मिल रहा है। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
- 0- विद्युत की चपेट में आने से प्रभावित ग्रामीण को प्रदान किया 02 लाख रूपये का चेकबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मुलाकात कर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आम लोगों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन मंे आज डौण्डी से पहुँचे रोहित कुमार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने, ग्राम बरबसपुर की बिदेश्वरी ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, आमापारा बालोद के गणराज यादव ने अनुकंपा नियुक्ति दिलाने ग्राम खपरी की रवीना ने श्रमकार्ड का नवीनीकरण कराने, ग्राम पंचायत सांकरी के सरपंच ने शाला भवन में आहता निर्माण कराने, ग्राम पंचायत तार्री के सरपंच ने सीसी रोड निर्माण कराने, सोनईडोंगरी की रेखा बाई ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ दिलाने, सनौद की पुष्पांजली ने जन्म प्रमाण पत्र में सुधार कराने, चिटौद की योगिता ने जाॅब कार्ड दिलाने हेतु आवेदन सौंपे। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने विद्युत दुर्घटना में प्रभावित हुए ग्रामीण श्री नरसुराम नेताम को विद्युत विभाग की योजना के तहत 02 लाख रूपये का चेक प्रदान कर लाभान्वित किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- दुर्ग. जिले में बढ़ती ठंड और शीत लहर के गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों को देखते हुए, जिला प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजन की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। शीत लहर (कोल्ड वेव्स) के कारण हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्टबाइट जैसी गंभीर समस्याएँ हो सकती हैं। इसलिए, सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इन निर्देशों का गंभीरता से पालन कर स्वयं को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।शीत लहर क्या है?शीत लहर एक ऐसी स्थिति है जिसमें हवा का तापमान सामान्य से काफी नीचे गिर जाता है। हवा का दबाव बढ़ जाता है, ठंडी हवाएं चलने लगती है। फ्रॉस्ट या बर्फ जमने लगती है।ठंड की लहर के दौरान क्या करें?ठंड के प्रकोप से बचाव के लिए नागरिक गर्म कपड़े पहनें। यदि कपड़े गीले हो जाएँ, तो उन्हें तुरंत बदलकर सूखे कपड़े धारण करें। विशेष ध्यान देते हुए, बच्चों और बुजुर्गों को हर समय गर्म रखें, क्योंकि वे ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। अपने शरीर को अंदर से गर्म रखने के लिए, गरम पेय पदार्थों का सेवन करें और पौष्टिक भोजन करें। यदि आप बाहर काम कर रहे हैं, तो शरीर को सामान्य तापमान पर रखने के लिए बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें। इन उपायों से ठंड के कारण होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है।ठंड की लहर के दौरान क्या न करें?ठंड की लहर के दौरान कुछ गतिविधियों से सख्ती से बचना चाहिए। बिना किसी आवश्यक कार्य के ठंड में बाहर न जाएँ। शरीर को ठंड से बचाने के लिए पतले या गीले कपड़े बिलकुल न पहनें। ठंड से राहत पाने के लिए आग के बहुत पास न बैठें, क्योंकि यह त्वचा को नुकसान पहुँचा सकता है। शराब का सेवन न करें, क्योंकि यह शरीर की गर्मी कम करने की प्रक्रिया को भ्रमित कर सकता है। यदि किसी हिस्से में फ्रॉस्टबाइट हो जाए, तो उस हिस्से को कदापि न रगड़ें, बल्कि तुरंत डॉक्टरी सलाह लें।
- 0- कृषक चैपाल के माध्यम से किसानों को ग्रीष्मकालीन धान के बदले गन्ना फसल लेने करें प्रोत्साहित0- कलेक्टर ने ली जिले में गन्ना क्षेत्र के विस्तार हेतु बैठकबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि जिले में गन्ना क्षेत्र के विस्तार हेतु सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी समन्वित रूप से प्रयास करें। गांव-गांव में कृषक चैपाल का आयोजन कर किसानों को ग्रीष्मकालीन धान के बदले गन्ना लगाने प्रोत्साहित करें। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले में गन्ना क्षेत्र विस्तार के संबंध में कृषि और सहकारी शक्कर कारखाना करकाभाट के अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर निर्देशित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल में अन्य फसल की अपेक्षा पानी का उपयोग कम होता है और मुनाफा अधिक होता है। इसके साथ ही जिला प्रशासन बालोद द्वारा गन्ना क्षेत्र विस्तार हेतु पहल भी की जा रही है। जिसके तहत कृषकों को गन्ना खेती हेतु प्रेरित करने के लिये गन्ना बीज, खेत तैयारी हेतु अनुदान दिया जा रहा है।गन्ना डंठल बीज पर 90 प्रतिशत अनुदान एवं खेत तैयारी बीज रोपण पश्चात् 02 हजार रूपये प्रति एकड़ अर्थात् 05 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जा रहा है। कारखाना के ग्रीन हाउस से प्रति पौध 01 रूपये कृषक अंश राशि पर प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही सहकारी शक्कर कारखाना द्वारा कृषकों को गन्ना खेत तैयारी के लिए ट्रेक्टर, आधुनिक कृषि यंत्र न्यूनतम किराये पर उपलब्ध करा रही है। कलेक्टर ने कहा कि कृषि सहित अन्य संबद्ध विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी जिले में गन्ना क्षेत्र विस्तार हेतु बेहतर समन्वय के साथ कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने गन्ना क्षेत्र सहायकों से जिले में पेराई सत्र 2026-27 हेतु नवीन गन्ना क्षेत्राच्छादन के लिए सहमति एवं अनुबंध की क्षेत्रवार जानकारी ली। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी मौजूद थे।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि जिले में वर्तमान में बोये गए गन्ने की फसल के अतिरिक्त पेराई सत्र 2026-27 हेतु नवीन गन्ना क्षेत्राच्छादन के लिए 01 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ना फसल लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने उक्त लक्ष्य की प्राप्ति हेतु सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों से उनके द्वारा अब तक किए गए कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में किसानों के बीच जाकर कृषक चैपाल लगाए तथा गन्ना क्षेत्र विस्तार हेतु की जा रही पहल की विस्तृत जानकारी दे। साथ ही गन्ना फसल के फायदे से किसानों को अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के समन्वित प्रयास से जिले में निर्धारित किए गए लक्ष्य के अनुरूप गन्ने का विस्तार संभव है। बैठक में उप पंजीयक सहकारी संस्थाए श्री आरपी राठिया, कृषि विभाग के उप संचालक श्री आशीष चन्द्राकर, सहायक संचालक श्री सूर्य नारायण ताम्रकार सहित कृषि विभाग के एसएडीओ, आरएईओ, गन्ना क्षेत्र सहायक आदि मौजूद थे।
- 0- जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के विभिन्न धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा0- धान खरीदी केन्द्रों में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनेे अधिकारियों को दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के विभिन्न धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर समर्थन मूल्य पर की जा रही धान खरीदी के कार्य का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्र भंवरमरा, रेंगाडबरी, मंगचुवा और डौण्डीलोहारा में आकस्मिक रूप से पहुँचकर, वहाँ चल रहे धान खरीदी के कार्य सहित संपूर्ण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्र में धान बिक्री हेतु पहुँचे किसानों से धान खरीदी केन्द्रों में मिल रही सुविधाओं की जानकारी भी ली। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों, समिति प्रबंधकों तथा निगरानी दल में शामिल सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि धान खरीदी केन्द्रों में केवल साफ-सुथरे एवं गुणवत्तायुक्त धान की खरीदी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों, निगरानी दल में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिदिन धान खरीदी केन्द्र में अनिवार्य रूप से संपूर्ण व्यवस्था की माॅनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम श्री शिवनाथ बघेल, डिप्टी कलेक्टर श्री आशीष पेंद्रो, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री आरके राठिया सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं कृषकगण उपस्थित थे।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों के साथ धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर किसानों द्वारा बिक्री हेतु लाए गए धान का सूक्ष्मता से परीक्षण किया। इस मौके पर अधिकारियों द्वारा किसानों द्वारा लाए गए धान का नमी मापक यंत्र के माध्यम से धान का आर्द्रता परीक्षण भी किया गया। कलेक्टर ने किसानों को केवल साफ-सुथरा एवं गुणवत्तायुक्त धान को ही बिक्री हेतु खरीदी केन्द्रों में लाने की समझाईश दी। उन्होंने धान खरीदी केन्द्रों में अब तक जारी किए गए टोकन एवं गेटपास के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आॅफलाईन माध्यम से प्राथमिकता के साथ अति वृद्ध, निरक्षर एवं किसानों के पास स्मार्ट फोन उपलब्ध नही होने पर ही उनका टोकन जारी किया जाए। कलेक्टर ने धान की गुणवत्ता बनाए रखने उसकी साफ-सफाई कराने तथा गेट पर ही धान की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्र भंवरमरा में विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने वहाँ धान का नमी माप कराया तथा गुणवत्तायुक्त धान खरीदी करने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा लाए जा रहे धान साफ-सुथरे हो। निर्धारित मात्रा में ही धान की तौलाई करें। इसके लिए उन्होंने निगरानी समिति के सदस्यों को समय-समय पर जाँच करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने धान के रकबे, किसानों की संख्या, एग्रीस्टेक पंजीयन तथा अब तक धान विक्रय कर चुके किसानों की संख्या की जानकारी मिली। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्र रेंगाडबरी में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान स्टेकिंग और तौलाई की व्यवस्था व्यवस्थित मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने वहाँ धान विक्रय हेतु पहुँचने वाले शत प्रतिशत किसानों का गेटपास जारी करने तथा किसानों द्वारा लाए गए धान की गुणवत्ता देखने के पश्चात ही खरीदी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान विक्रय कर चुके किसानों का रकबा समर्पण भी तत्काल सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्र मंगचुवा में तथा धान खरीदी केन्द्र डौण्डीलोहारा में भी आकस्मिक रूप से निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने वहाँ किसानों से चर्चा कर खरीदी केन्द्र में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि धान खरीदी केन्द्र में पेयजल, शौचालय, बैठक आदि की व्यवस्था बहुत अच्छी है। केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में बारदाना, हमाल, तौलाई हेतु तौल मशीन आदि सुविधाएं उपलब्ध है। उन्होेंने वहाँ टोकन, गेट पास, एग्रीस्टेक पंजीयन आदि के संबंध में भी विस्तृत जानकारी ली तथा सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।







.jpg)


















.jpg)
.jpg)