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- 0- मेहनत, अनुशासन, अटूट विश्वास और धैर्य से हासिल की कामयाबीरायपुर। समता कालोनी निवासी सिद्धार्थ शेष ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार सहित मराठी समाज का नाम रोशन किया है। सिद्धार्थ महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद शशांक और प्रीति शेष के पुत्र हैं। अपनी इस कामयाबी पर सिद्धार्थ ने कहा कि इस सफलता में सबसे बड़ा योगदान मेहनत, अनुशासन, दृढ़निश्चय, अटूट विश्वास और धैर्य का है। इनके बिना सफलता संभव नहीं थी। सिद्धार्थ के मुताबिक सितंबर 2025 में वे सीए में सफलता प्राप्त करके, दोनों ग्रुप क्लियर करके चार्टर्ड अकाउंटेंट बने। देर रात तक पढ़ाई करके और लगातार प्रयास करके ही इस मुकाम तक पहुंच सके। सिद्धार्थ की इस सफलता पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते और कार्यकारिणी सदस्यों ने शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है।
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य में लापरवाही बरते जाने पर जिले के दो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री नवल किशोर साहू एवं श्री रवि वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री कमल किशोर साहू गुरूर विकासखंड के मुख्यालय कुलिया एवं श्री रवि वर्मा गुण्डरदेही विकासखंड के मुख्यालय ओडारसकरी में पदस्थ है। इन दोनों अधिकारियों को 14 नवंबर 2025 को पूर्वान्ह 11 बजे तथा शाम 06 बजे आयोजित प्रशिक्षण उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। किंतु उक्त दोनों अधिकारी धान खरीदी कार्य हेतु आयोजित प्रशिक्षण में अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे। इनका कृत्य छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (एस्मा) की धारा 5(4) तथा धारा 5(5) के विपरित है तथा छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 (1) दो के विपरित है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने इन दोनों अधिकारियों के कृत्य को अपने कार्य के प्रति घोर लापरवाही एवं उदासीनता मानते हुए इन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। ज्ञातव्य हो कि राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के कार्य को अतिआवश्यक सेवा में शामिल करते हुए एस्मा लागू किया गया है।
- 0- जनजातीय समुदायों की परंपराओं में प्रकृति के प्रति गहरा सम्मान निहित है- प्रभारी सचिव श्री बोरा0- भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर कला मंदिर ऑडिटोरियम में हुआ भव्य आयोजनदुर्ग. भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में आज भिलाई स्थित महात्मा गांधी कला मंदिर ऑडिटोरियम में श्रद्धा और उत्साह से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी व भगवान बिरसा मुण्डा के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया। सांसद श्री विजय बघेल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस समारोह में छ.ग. शासन के आदिम जाति विकास विभाग के सचिव एवं दुर्ग जिला प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा, विधायक वैशाली नगर श्री रिकेश सेन, रिसाली महापौर श्रीमती शशि सिन्हा, योग आयोग अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा, श्री पुरूषोत्तम देवांगन, श्री एस.के. मरकाम, संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, वनमण्डाधिकारी श्री दीपेश कपिल सहित आदिवासी समाज के जनप्रतिनिधिगण, स्कूली बच्चे, शिक्षक, विभागीय अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।इस दौरान मुख्य अतिथि श्री बघेल एवं अन्य अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर गुजरात से राष्ट्र को संबोधित किया, जिसकों वर्चुअल माध्यम से प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि सांसद श्री विजय बघेल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा भेजे गए जनजातीय गौरव दिवस के संदेश का वाचन किया।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सचिव आदिम जाति विकास विभाग एवं दुर्ग जिला प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि 15 नवंबर 1875 को झारखंड के उलीहातू गांव में जन्मे आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती आज पूरे प्रदेश में मनाया जा रहा है। भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी समाज के एक महान वीर, समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया और आदिवासियों को उनकी भूमि व अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित किया। मात्र 25 वर्ष की आयु में वे शहीद हो गए, लेकिन उनका संघर्ष आज भी देश के लिए प्रेरणा बना हुआ है। स्वतंत्रता संग्राम में अनेक नायकों ने अपना अमूल्य बलिदान दिया। छत्तीसगढ़ से वीर नारायण सिंह, गेंद सिंह और गुण्डाधुर जैसे वीरों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ नेतृत्व किया। आदिवासी संस्कृति से सीख लेने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। जनजातीय समुदायों की परंपराओं में प्रकृति के प्रति सम्मान और गहरी भावना दिखाई देती है। जैसे कि धान की कटाई के समय पहली फसल को कुल देवता को समर्पित करने की परंपरा। यह प्रकृति और आस्था के प्रति कृतज्ञता की मिसाल है। आने वाली पीढ़ियों को इन परंपराओं और आदिवासी नायकों के शौर्य व बलिदान को समझने और उनसे प्रेरणा लेने की जरूरत है। भगवान बिरसा मुंडा ने न केवल सामाजिक और धार्मिक सुधारों पर कार्य किया बल्कि आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष का नेतृत्व किया। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से आज लाखों जनजातीय परिवार लाभान्वित हो रहे हैं, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, आवास और आजीविका से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में जनजातीय समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया। स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को आजाद कराने के लिए अविस्मरणीय योगदान दिया। उनके विद्रोहों और आंदोलनों के प्रभाव से ही छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट पारित हुआ, जिसने आदिवासियों की भूमि पर उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की।आदिवासी समाज प्रमुख श्री एस. के. मरकाम ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा कम उम्र में ही भगवान बन गए। उन्होंने आदिवासियों के उत्थान के लिए अनेक कार्य किए। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि आज भी आदिवासी समाज उन्हें ‘धरती आबा’ (पृथ्वी के पिता) के रूप में पूजता है। योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने प्रदेश के युवाओं से आव्हान किया कि वे भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों और साहस से प्रेरणा लें और राष्ट्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। समारोह को विधायक श्री रिकेश सेन ने भी सम्बोधित किया।कार्यक्रम के अंत में प्रतिभावान आदिवासी बच्चों का सम्मान, प्रधानमंत्री आवास योजना में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 6 सरपंच का सम्मान, प्रधानमंत्री आवास योजना के 20 हितग्राहियों को स्वीकृति प्रमाण पत्र, कृषि विभाग से 5 आदिवासी हितग्राहियों को स्वाईल हेल्थ कार्ड वितरण और श्रम विभाग से 5 आदिवासी हितग्राहियों को श्रम कार्ड वितरण किया गया।
- 0- जिला मुख्यालय बालोद में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के 150वीं जयंती के अवसर पर आज जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम का किया गया आयोजन0- नगर पालिका परिषद बालोद के परिसर स्थित हाॅल का नामकरण भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर करने की घोषणा कीबालोद. कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास एवं विरासत अत्यंत वैभवशाली है। उन्होंने कहा कि देश की स्वाधीनता संग्राम के अलावा राष्ट्र के नवनिर्माण में जनजातीय समाज के लोगों तथा जनजातीय नायकों, महापुरूषों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्री नाग आज धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के 150वीं जयंती के अवसर पर जिला मुख्यालय बालोद के जय स्तंभ चैक स्थित नगर पालिका परिसर के सी मार्ट में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में सांसद श्री नाग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर सांसद श्री नाग ने जनप्रतिनिधियों एवं कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की मांग पर नगर पालिका परिषद बालोद के परिसर स्थित हाॅल का नामकरण भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, नगर पालिका परिषद बालोद के अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, पूर्व विधायक श्री आरके राय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री देवलाल ठाकुर, जनपद पंचायत बालोद के अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री राकेश यादव, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री पवन साहू, श्री अमित चोपड़ा एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा समाज प्रमुखों के अलावा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर, सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग श्री विजय कंवर सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा आदिवासी समाज के देवी-देवताओं एवं भगवान बिरसा मुंडा, छत्तीसगढ़ महतारी, शहीद वीर नारायण सिंह के पूजा अर्चना के पश्चात कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए सांसद श्री भोजराज नाग ने जनजातीय समाज के इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत पर विरासत पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास जनजातीय नायकों, महान देशभक्तों के गाथाओं एवं संघर्षों से परिपूर्ण है। इस अवसर पर उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के अलावा वीरांगना दुर्गावती, छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वाधीनता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंद सिंह नायक, शंकर शाह, रघुनाथ शाह एवं तिलका मांझी सहित अनेक आदिवासी जननायकों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के संबंध में विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है लेकिन अपने अस्तित्व एवं संस्कृति पर हमला कभी भी बर्दाश्त नही कर सकता। सांसद श्री नाग ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2021 से जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन कर जनजातीय समाज के नायकों के बलिदान एवं अमर गाथाओं को इतिहास में विशिष्ट स्थान दिलाने हेतु प्रयास करने के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित भी किया। इस अवसर पर उन्होंने आदिवासी समाज के संस्कृति को अत्यंत गौरवपूर्ण बताते हुए समाज के लोगों को इसे अक्ष्क्षुण बनाए रखने की अपील की। श्री नाग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व वाले केन्द्र सरकार के द्वारा जनजातीय समाज के लोगों को मान-सम्मान दिलाने तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन हेतु निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके फलस्वरूप देश के सर्वोच्च पद पर आदिवासी वर्ग की महिला विराजित होने के साथ-साथ राज्यपाल, मुख्यमंत्री जैसे पद पर आदिवासी समाज के लोग सेवा दे रहे हैं। सांसद श्री नाग ने जिला मुख्यालय बालोद में भगवान बिरसा मुंडा के जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस समारोह के भव्य एवं रंगारंग कार्यक्रम के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिलेवासियों एवं जनजातीय समाज के लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। समारोह में सांसद श्री नाग ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत नशापान से दूर रहने तथा अपने आस-पास परिवार, समाज तथा जान-पहचान के लोगों को नशापान से दूर रहने के लिए प्रेरित करने की शपथ भी दिलाई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री देवालाल ठाकुर ने जनजातीय समाज के नायकों एवं महापुरूषों ने स्वाधीनता संग्राम के अलावा देश और समाज की रक्षा के लिए जब भी उनकी आवश्यकता पड़ी है अपना सर्वोच्च न्यौछावर करते हुए राष्ट्र एवं समाज के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस अवसर पर उन्होंने धरती आबा भगवान बिरसा मंुडा, शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंद सिंह नायक के अमर गाथाओं पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले वासियों एवं जनजातीय समाज के लोगों को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी के अवसर पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। श्रीमती मिश्रा ने जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन के उद्देश्यों तथा आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत बालोद जिले के 186 गांवों में सफलतापूर्वक आयोजित किए गए लाभ संतृप्ति शिविरों के आयोजनों के संबंध में प्रकाश डाला। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत किए गए उल्लेखनीय कार्यों के फलस्वरूप राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा बालोद जिले को स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड प्रदान किया गया है। समारोह में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रेषित किए गए पत्र का भी वाचन किया गया। समारोह में जनजातीय समाज के स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि कार्य करने वाले समाज के प्रतिभाओं, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों तथा राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों के द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा वंदे मातरम गीत की सुमधुर प्रस्तुति भी दी गई।--
- 0- दिसंबर तक 70% ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारितसुकमा. जिले में महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर ने कई सख्त और समयबद्ध निर्देश जारी किए हैं। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित एवं पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाने पर जोर दिया गया है।नवोदय योजना: 15 दिनों में नक्सल पीड़ित परिवार समूहों से जुड़ेंगेसीईओ ने 'नवोदय योजना' के अंतर्गत नक्सल प्रभावित एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को प्राथमिकता देते हुए, उन्हें अगले 15 दिनों के भीतर स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का निर्देश दिया। लक्ष्य यह है कि सभी पात्र परिवारों को 100% समूह से जोड़कर 'सैचुरेशन' सुनिश्चित किया जाए।दिसंबर अंत तक 70% ऋण वितरण का लक्ष्यबैंक लिंकेज और वोमेन लेड एंटरप्राइज़ेस को बढ़ावा देने के लिए सीईओ ने दिसंबर माह के अंत तक 70% ऋण स्वीकृति एवं वितरण सुनिश्चित करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए शीघ्र ही प्रस्ताव तैयार कर बैंकों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।'सेल्ट-रंगलेट' इकाइयाँ होंगी प्रधानमंत्री आवास योजना की रीढ़प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन मकानों में छत ढलाई के लिए आवश्यक 'लेट' की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु एक अभिनव पहल की गई है। स्वयं सहायता समूहों द्वारा 'सेल्ट-रंगलेट' इकाइयाँ शुरू की जाएंगी।सुकमा: 6–8 इकाइयाँछिंदगढ़: 4 इकाइयाँकोंटा: 2 इकाइयाँइन इकाइयों से न केवल निर्माण सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि समूह की दीदियों को अतिरिक्त आजीविका के अवसर भी मिलेंगे।'लखपति महिला पहल' के तहत दो गांव बनेंगे 'लखपति ग्राम'महिला सदस्यों की आय बढ़ाने की दिशा में 'लखपति महिला पहल' के तहत एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रथम चरण में दो गांवों को 'लखपति ग्राम' बनाने का लक्ष्य रखा गया है। निर्देशों में पात्र परिवारों का 100% समूहों से जुड़ाव और दीदीयों का पुनः भौतिक सर्वे कर वास्तविक और प्रमाणित आंकड़े प्रस्तुत करने पर विशेष बल दिया गया।सामुदायिक संस्थाओं का पंजीयन 5 दिसंबर तकबैठक में सामुदायिक संस्थाओं के डिजिटलीकरण पर भी जोर दिया गया है। स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठन और संकुल स्तरीय संगठन का लोकोस में पंजीयन 5 दिसंबर 2025 से पूर्व पूरा करने का आदेश दिया गया। इसके अलावा, सभी गठित संकुल स्तरीय संगठनों का फर्म एवं सोसाइटी पंजीकरण भी आगामी 10 दिनों में पूरा करने को कहा गया है।बैठक में राज्य कार्यालय से प्रतिनिधि श्रीनिधि दीपेश धावलिया, जिला मिशन प्रबंधक तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इन निर्णयों से जिले में महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन और सामुदायिक संस्थाओं को नई गति मिलने की प्रबल उम्मीद है।
- 0- नगरीय निकाय बालोद और डौण्डीलोहारा को देंगे विकास कार्यों की सौगातबालोद. प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव कल 16 नवंबर 2025 को बालोद जिले के दौरे पर रहेंगे। दौरे के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री श्री साव कल 16 नवंबर को प्रातः 10.30 बजे रायपुर से प्रस्थान कर दोपहर 12 बजे बालोद पहुँचेंगे। वे यहाँ दोपहर 01 बजे तक नालंदा परिसर का भूमिपूजन, अटल परिसर का लोकार्पण तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत ग्रामों में जल प्रदाय योजना का शुभारंभ करेंगे। दोपहर 01 बजे से 02 बजे तक विश्राम गृह में आरक्षित। मंत्री श्री साव दोपहर 02 बजे डौण्डीलोहारा के लिए प्रस्थान करेंगे। वहाँ वे अमृत मिशन के अंतर्गत डब्ल्यूटीपी का भूमिपूजन, अटल परिसर का लोकार्पण तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत ग्रामों में जल प्रदाय योजना का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम पश्चात् 03.45 बजे दुर्ग जिले के लिए रवाना होंगे।
- 0- खरीदी केन्द्र की व्यवस्थाओं की सराहना की, धान खरीदी योजना को बताया किसानों के लिए अत्यंत हितकारीबालोद. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य को लेकर समूचे छत्तीसगढ़ राज्य सहित बालोद जिले के किसानों में भी सर्वस्व हर्ष व्याप्त है। इसी कड़ी में धान खरीदी के पहले दिन आज 14 नवंबर को धान खरीदी केन्द्र कुसुमकसा में अपने धान की बिक्री करने पहुँचे डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम गिधाली (बकलीटोला) के कृषक श्री सावंत राम साहू पहले दिन ही अपने धान की बिक्री करने का अवसर प्राप्त होने पर बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे थे। उन्होंने कहा कि धान की बिक्री हेतु उसका आज ही टोकन कटने के कारण उन्हें धान खरीदी केन्द्र गिधाली में सबसे पहले धान की बिक्री करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। जो कि इनके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। किसान श्री सावंत राम ने बताया कि उनके पास कुल ढाई एकड़ जमीन है। जिस पर वे खेती-किसानी एवं मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होेंने बताया कि आज उन्होंने धान खरीदी केन्द्र कुसुमकसा में पहुँचकर कुल 47 क्विंटल 60 पतला धान की बिक्री की है।किसान श्री सावंत राम साहू ने राज्य सरकार की धान खरीदी योजना को किसानों के लिए अत्यंत कल्याणकारी एवं मददगार बताते हुए इस योजना की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि धान खरीदी योजना के माध्यम से राज्य सरकार के द्वारा समर्थन मूल्य पर उनकी धान की खरीदी के फलस्वरूप मिलने वाली राशि उनके एवं उनके परिवार के लिए मुश्किल वक्त का सहारा बनता है। किसान सावंत राम ने कहा कि पिछले खरीफ विपणन वर्ष में धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग बैंक के छोटे-मोटे कर्ज को पटाने के अलावा अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, इलाज तथा अन्य जरूरी कार्य के लिए किया है। इस योजना के फलस्वरूप समय पर राशि प्राप्त हो जाने से जरूर समय में राशि की प्रबंध करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई नही होती। किसान श्री सावंत राम ने बताया कि इस वर्ष से वे धान खरीदी से मिले राशि का उपयोग सहकारी समिति से खाद बीज के लिए ऋण को चुकाने के अलावा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई एवं अन्य जरूरी कार्यों में करेंगे। किसान सावंत राम ने राज्य शासन के धान खरीदी योजना को किसानों के लिए अत्यंत कल्याणकारी बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी करने के निर्णय की भूरी-भूरी सराहना की। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया है।
- रायपुर। अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र (आईसीसीएस) भारत–रायपुर चैप्टर तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आज एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञ व्याख्यान, शैक्षणिक संवाद तथा इंटरनेशनल जर्नल ऑफ वर्ल्ड्स एंसिएंट ट्रेडिशनल ऐंड कल्चरल हेरिटेज (IJWATCH) का औपचारिक लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आईसीसीएस रायपुर चैप्टर के सचिव श्री अशिष पटेल के स्वागत उद्बोधन से हुई, जिसमें उन्होंने संगठन की गतिविधियों तथा सांस्कृतिक अध्ययनों में उसके योगदान का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया।स्वतंत्र शोधकर्ता डॉ. निर्मला तिवारी ने प्रथम विशेषज्ञ व्याख्यान देते हुए वियतनाम के बहुसांस्कृतिक और स्वागतपूर्ण सामाजिक वातावरण पर अपने अध्ययन एवं अनुभव साझा किए। उन्होंने अपने शोध यात्रा के आधार पर वियतनाम की सांस्कृतिक विविधता और भारत के लिए उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।इसके पश्चात् नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रायपुर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की शोधार्थी सुश्री कीर्ति नाहक ने गोंड प्रतिरोध तथा छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने स्वदेशी समुदायों में पर्यावरणीय संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान के परस्पर संबंधों को रेखांकित किया।पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के फ़ार्मेसी संस्थान की प्रोफ़ेसर तथा आईसीसीएस रायपुर चैप्टर की उपाध्यक्ष प्रो. प्रीति के. सुरेश ने अपने उद्बोधन में पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर अधिक गहन शोध और वैश्विक संवाद की आवश्यकता पर बल दिया।मुख्य अतिथि प्रो. समीर बाजपई, निदेशक (प्रभारी), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रायपुर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल सांस्कृतिक अध्ययन के क्षेत्र में शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान विस्तार और भावी नेतृत्व निर्माण को प्रोत्साहित करती है।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संगठन की अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका इंटरनेशनल जर्नल ऑफ वर्ल्ड्स एंसिएंट ट्रेडिशनल ऐंड कल्चरल हेरिटेज (IJWATCH) का लोकार्पण रहा, जो पारंपरिक एवं स्वदेशी सांस्कृतिक अध्ययनों में शोध, विमर्श और सहयोग को नया आयाम प्रदान करेगा।कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुप कुमार तिवारी, डॉ. विकास कुमार विद्यर्थी तथा डॉ. क्षिरोदा कुमार साहू (एनआईटी रायपुर) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान तथा अन्य विभागों के शोधार्थियों, तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रायपुर एवं अन्य विश्वविद्यालयों के स्नातक विद्यार्थियों ने सहभागिता कीl
- 0- उपमुख्यमंत्री ने रेंगाखार, कवर्धा एवं अन्य स्थानों पर भगवान बिरसा मुण्डा की प्रतिमाएँ स्थापित करने की घोषणा0- जनजातीय गौरव दिवस पर जिले के हितग्राहियों को पीएम जनमन योजना के तहत किया गया लाभान्वित0- धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा जयंती पर जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस का हुआ भव्य आयोजनरायपुर। धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर आज पीजी कॉलेज कवर्धा में जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर देशभर के जनजातीय समुदाय को संबोधित किया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा शामिल हुए और भगवान बिरसा मुण्डा के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्चुअल माध्यम से अपने उद्बोधन में जनजातीय समाज के समृद्ध इतिहास, शौर्य, संस्कृति, लोक कला और राष्ट्र निर्माण में उनकी अद्वितीय एवं अभूतपूर्व भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति में जनजातीय समाज का योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहा है। भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती को भारत सरकार द्वारा जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि देश उनकी वीरता, बलिदान और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को याद रखे और जनजातीय समाज की विकास यात्रा को सशक्त दिशा मिले। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल एवं प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने स्टॉलों में प्रदर्शित योजनाओं, उत्पादों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली और विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। प्रदर्शनी में जनजातीय समाज की परंपराओं, कलात्मकता, आजीविका से जुड़े उत्पादों और शासकीय योजनाओं की उपलब्धियों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया।उपमुख्यमंत्री ने रेंगाखर, कवर्धा एवं विभिन्न स्थानों में भगवान बिरसा मुण्डा की प्रतिमा स्थापना की घोषणा की। इस अवसर पर जनजातीय समाज द्वारा उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रतिष्ठित व्यक्ति, नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और महिलाओं का सम्मान किया गया। उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी। कृषकों को मसूर मिनी किट प्रदान किया गया। जनजातीय गौरव दिवस पर बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग शामिल हुए और उन्होंने अपनी सांस्कृतिक धरोहर को गर्व के साथ प्रस्तुत किया। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और उनके संघर्षों को याद किया गया।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, सहसपुर लोहारा जनपद पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा सिंह, जनपद पंचायत कवर्धा के अध्यक्ष श्रीमती सुषमा गणपत बघेल, जनपद पंचायत बोड़ला के अध्यक्ष श्रीमती बालका वर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चद्रवंशी, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्री अजय कुमार त्रिपाठी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री एलपी पटेल सहित समाज के वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि भगवान राम, भगवान कृष्ण, भगवान बुद्ध, भगवान महावीर की तरह ही हमारे देश की धरती पर भगवान बिरसा मुंडा जैसे महान पुरुष अवतरित हुए, जिन्होंने जनजातीय समाज के कल्याण के लिए असाधारण कार्य किए। आज 15 नवंबर के दिन पूरे देश में जनजातीय गौरव दिवस उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन जनजातीय समाज की वीरता, त्याग, संस्कृति और योगदान को समर्पित है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के महापुरुषों के अवतार दिवस मनाना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमें उनके आदर्शों और त्याग को याद दिलाते हैं और अच्छे कर्मों के लिए प्रेरित करते हैं।जनजातीय गौरव दिवस, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध खड़े होकर अपने समाज और देश के लिए भगवान समान कार्य किए। इसी कारण जनजातीय समाज उन्हें भगवान मानकर सम्मान देता है। आज का दिन जनजातीय समुदाय के लिए अत्यंत गर्व का दिन है। यह दिन पूरे देश को याद दिलाता है कि भारत की संस्कृति, सभ्यता और इतिहास में जनजाति समाज का योगदान अतुलनीय है। आने वाले समय में यह दिवस पूरे भारत वर्ष में और भी व्यापक रूप से मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज, हमारे प्रेरणास्रोत भगवान बिरसा मुंडा भारत के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक हैं।पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने जनजातीय गौरव दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी शासन के अत्याचारों के खिलाफ आदिवासी समाज को एकजुट कर एक ऐतिहासिक आंदोलन की शुरुआत की। कठिन पर्वतीय परिस्थितियों में भी उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए जंगल, जमीन और अपनी पहचान की रक्षा के लिए संघर्ष किया। अंग्रेजों की गोलियों और दमन के बीच भी वे निर्भीक होकर आगे बढ़े और समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। आज राज्य के मुख्यमंत्री आदिवासी समाज सहित छत्तीसगढ़ के हर वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। जनजातीय समाज के साथ-साथ महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को लेकर सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
- 0- किसान नंदकिशोर ने धान उपज की बहुत अच्छी कीमत देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवाद0- राज्य शासन की ऑनलाईन टोकन एवं खाते में सीधे भुगतान जैसी व्यवस्था की सराहना कीराजनांदगांव। राज्य शासन द्वारा किसानों से खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत किसानों से समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना के तहत धान खरीदी प्रारंभ की गई है। शासन द्वारा किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी की शुरूआत की गई है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम भोडिय़ा के किसान श्री नंदकिशोर धान उपार्जन केन्द्र सिंघोला धान बिक्री करने पहुंचे थे। किसान श्री नंदकिशोर ने राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत की जा रही धान खरीदी की सराहना की। किसान श्री नंदकिशोर ने बताया कि वे धान विक्रय करने धान खरीदी केन्द्र सिंघोला आए हैं। उनके पास 85 डिसमिल खेती जमीन है। उन्होंने बताया कि 13 नवम्बर को ऑनलाईन के माध्यम से 17 क्विंटल से अधिक धान विक्रय के लिए टोकन कटवाया था। किसान श्री नंदकिशोर ने पहले दिन ही धान विक्रय पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि शासन की अच्छी व्यवस्था ऑनलाईन टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप्प और धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्रानिक तौल मशीन उपलब्ध होने से शीघ्रता एवं आसानी से धान विक्रय हो पाया, इसके साथ-साथ धान खरीदी केन्द्र में धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता से हुई है। यहां किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं छांव, पेयजल जैसी सारी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है। धान खरीदी केन्द्र में धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई है।किसान श्री नंदकिशोर ने राज्य शासन की ऑनलाईन टोकन एवं खाते में सीधे भुगतान जैसी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि यह किसानों के लिए अत्यंत लाभदायक है। इससे किसानों के श्रम और समय की बचत हो रही है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि राज्य शासन द्वारा किसानों के वास्तविक उपज को खरीदने के लिए धान उपार्जन केन्द्र में अच्छी व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने किसानों के वास्तविक जरूरतों और उनके मेहनत का सम्मान करते हुए प्रति एकड़ 21 क्ंिवटल धान 3100 रूपए में प्रति क्ंिवटल के हिसाब से खरीदी सराहनीय है। किसान श्री नंदकिशोर ने धान उपज की बहुत अच्छी कीमत देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया।
- 0- 626.8 क्विंटल धान जप्तराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान के परिवहन करने वाले कोचियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में कृषि उपज मंडी समिति द्वारा मंडी अधिनियम 1972 के तहत 5 प्रकरणों में 626.8 क्विंटल धान जप्त किया गया है। राजनांदगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र महराजपुर में भुनेश्वर साहू द्वारा 50 बोरा में लाए 20 क्विंटल धान, धान उपार्जन केन्द्र सुरगी में सुखरित दास साहू द्वारा 80 बोरा में लाए 32 क्विंटल धान एवं धान उपार्जन केन्द्र पटेवा में ढालसिंग साहू द्वारा 58 बोरा में लाए 23.20 क्विंटल धान जप्त किया गया है। डोंगरगढ़ विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र बोरतलाव में माया राईस मिल खमारी महाराष्ट्र के 660 बोरा में लाए 303 क्विंटल धान एवं वाहन तथा आयुष एग्रो गोंदिया महाराष्ट्र के 542 बोरा में लाए 248.6 क्विंटल धान एवं वाहन को जप्त किया गया है।
- 0- बिना अनुमति के जिले से प्रवास करने एवं कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस किया जारीराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बिना अनुमति के जिले से प्रवास करने एवं कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर वरिष्ठ मंडी सचिव प्रवर श्रेणी डोंगरगांव श्री गोपाल राम सुनहरे को छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विछिन्नता निवारण अधिनियम 1969 (एस्मा) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है।उल्लेखनीय है कि जिले में धान के अवैध भंडारण एवं परिवहन के संबंध में आवश्यक बैठक ली गई। जिसमें वरिष्ठ मंडी सचिव प्रवर श्रेणी डोंगरगांव श्री गोपाल राम सुनहरे अनुपस्थित रहे तथा राजनांदगांव जिले से बिना सक्षम अनुमति प्राप्त किए जिले से बाहर अन्यत्र प्रवासरत होने के कारण उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन गृह विभाग द्वारा धान खरीदी से संबंधित समस्त कर्मचारियों की सेवा को अत्यावश्यक सेवा घोषित किया गया है।कारण बताओ नोटिस में वरिष्ठ मंडी सचिव प्रवर श्रेणी डोंगरगांव श्री गोपाल राम सुनहरे को यह कहा गया है कि 24 घण्टे के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर लिखित कारण प्रस्तुत करे, कि क्यों न उक्त कार्य को अत्यावश्यक सेवा छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विछिन्नता निवारण अधिनियम 1969 (एस्मा) के आदेश का उल्लंघन मानते हुए विधिक कार्रवाई के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
- 0- जिले में आज से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरूमोहला । राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में 15 नवम्बर से धान खरीदी की शुरुआत हुईं। विधायक अहिवारा श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियो ने मोहला धान उपार्जन केन्द्र में छत्तीसगढ़ महतारी, तौल मशीन एवं बांट का विधिवत पूजा-अर्चना कर धान खरीदी कार्य का शुभारंभ किया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, एसडीएम मोहला श्री हेमेन्द्र भुआर्य सहित आम नागरिक उपस्थित रहें।जिले की 19 समितियों के 27 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी आज से प्रारंभ हुई। राज्य शासन द्वारा किसानों से इस वर्ष 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी की जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करते हुए धान का 3100 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। किसानों को प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान बेचने की सहूलियत होगी। जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए प्रत्येक धान खरीदी केन्द्र हेतु खरीदी केन्द्र प्रभारी सहित नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। साथ ही धान उपार्जन कार्य की मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सीमावर्ती क्षेत्रों से अवैध धान की आवक को रोकने के लिए जांच चौकी स्थापित करने सहित सतत निगरानी के लिए कर्मचारियों की रोस्टर अनुसार ड्यूटी लगाई गई है।धान खरीदी केन्द्रों में बारदाने की उपलब्धता सहित अन्य व्यवस्था किया गया है। धान की खरीदी अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र के माध्यम से की जाएगी। विक्रय किए गए धान का भुगतान किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। बारदानों की व्यवस्था में नवीनता लाते हुए खरीदी 50 प्रतिशत नए और 50 प्रतिशत पुराने बारदानों में होगी। किसानों को टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए तुंहर टोकन मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है। किसान सुबह 8 बजे से टोकन जारी कर सकते हैं। छोटे और सीमांत किसानों के लिए अधिकतम 02 टोकन और बड़े किसानों के लिए अधिकतम 03 टोकन की सीमा तय की गई है। खरीदी केवल एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकृत किसानों से ही की जाएगी। जिसमें वन अधिकार पट्टाधारकों को पंजीयन में छूट दी गई है। राज्य शासन द्वारा किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए टोलफ्री नम्बर 1800-233-3663 जारी किया गया है। जिसमें कृषक सम्पर्क कर अपनी शंकाओं का समाधान कर सकते हैं।
- -धान उपार्जन 2025-26: किसानों के उत्साह और पारदर्शी व्यवस्था के साथ खरीदी शुरू-किसानों की सुविधा सर्वोपरि : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर /खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत प्रदेश के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का शुभारंभ किया गया। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने आए किसानों का स्वागत तिलक एवं पुष्प भेंट कर आत्मीयता से किया गया। खरीदी केन्द्रों का माहौल आज उत्सव और गहमा–गहमी से भरा दिखाई दिया। मौके पर उपस्थित किसानों के चेहरे पर उत्साह, संतोष और शासन के प्रति आभार स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। विभिन्न जिलों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कांटा- बांट एवं धान की पूजा-अर्चना कर तौल प्रक्रिया का विधिवत आरंभ किया गया।प्रदेश में आज कुल 195 उपार्जन केन्द्रों में 19464 क्विंटल धान का उपार्जन किसानों से किया गया। शासन द्वारा राज्य के 2,739 उपार्जन केन्द्रों में खरीदी संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूर्ण कर ली गई हैं। उल्लेखनीय है कि सहकारी समितियों के कर्मचारियों द्वारा आंशिक रूप से अवैध हड़ताल पर जाने से उपार्जन प्रभावित होने की संभावना उत्पन्न हुई थी, जिसे शासन के निर्देश पर विपणन संघ द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से 2,739 डेटा एंट्री ऑपरेटरों की व्यवस्था कर सुचारू रूप से धान उपार्जन सुनिश्चित किया गया। कई जिलों में सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने भी धान उपार्जन की जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए खरीदी कार्य को निरंतर बनाए रखा।शासन द्वारा धान खरीदी में संलग्न कर्मचारियों को अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA) के तहत अधिसूचित कर तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिससे उपार्जन प्रक्रिया निर्बाध रूप से संचालित रहे।इस वर्ष धान उपार्जन को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी एवं किसान–उन्मुख बनाने के लिए उपार्जन केन्द्रों में ऑनलाइन टोकन एवं तुंहर टोकन प्रणाली को व्यापक रूप से लागू किया गया है। आज प्रदेश में जारी हुए कुल 2,029 टोकन में से 1,912 किसानों द्वारा तुंहर टोकन के माध्यम से आवेदन किया गया। इसके अतिरिक्त, किसान समिति स्तर पर भी टोकन हेतु आवेदन कर सकते हैं। लघु एवं सीमांत किसानों को अधिकतम 02 टोकन, तथा दीर्घ किसानों को अधिकतम 03 टोकन की सुविधा प्रदान की गई है।किसानों के विश्राम हेतु छाया, पीने के पानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सभी उपार्जन केन्द्रों में उपलब्ध कराई गई है। जिला अधिकारियों को किसानों की सुविधा और खरीदी संचालन से संबंधित आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र में केंद्र प्रभारी के अतिरिक्त नोडल अधिकारी की भी ड्यूटी लगाई गई है, जिनके नाम और फोन नंबर केन्द्रों में प्रदर्शित कर दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की असुविधा की स्थिति में किसान नोडल अधिकारी से तुरंत संपर्क कर सकते हैं, और समस्याओं का समाधान तत्काल किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश स्तर पर हेल्पलाइन 1800 233 3663 के माध्यम से भी शिकायतें एवं जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।इस वर्ष धान खरीदी पूर्णतः आधार-आधारित है, जिसके अंतर्गत किसानों को बायोमेट्रिक पहचान के माध्यम से धान विक्रय करने की सुविधा दी गई है। प्रक्रिया को अधिक दक्ष एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से खाद्य विभाग द्वारा राज्य स्तरीय उड़नदस्ते गठित किए गए हैं, जो सतत् औचक निरीक्षण करते हुए उपार्जन में संभावित अनियमितताओं पर नियंत्रण रखेंगे तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।सभी उपार्जन केन्द्रों में स्थानीय स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया गया है तथा पीने के पानी, प्रसाधन, प्राथमिक उपचार पेटी आदि की व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। धान की तौल इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों से की जा रही है, ताकि किसानों को उनके हर एक दाने का उचित मूल्य मिल सके।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी कलेक्टरों एवं धान उपार्जन से संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपार्जन कार्य को व्यवस्थित, समयबद्ध और पारदर्शी रूप से संचालित किया जाए।
- 0- जिले के 39 उपार्जन केन्द्रों में 237 किसानों की कुल 9655 क्विंटल धान की खरीदी की गईबालोद. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत बालोद जिले में पहले दिन आज 15 नवंबर को धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री राजेन्द्र राठिया ने बताया कि पहले दिन आज जिले के 59 सहकारी समितियों में कुल 15 हजार 500 किसानों के धान खरीदी हेतु टोकन काटा गया था। जिसमें से आज जिले के 39 उपार्जन केन्द्रों में 237 किसानों की कुल 09 हजार 655 क्विंटल धान की खरीदी की गई। श्री राठिया ने बताया कि धान खरीदी के पहले दिन आज धान बिक्री हेतु जिन किसानों का टोकन काटा गया था वे सुबह से ही धान खरीदी केन्द्रों में पहुँच गए थे। किसानों के धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचने के पश्चात उपार्जन केन्द्रों के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा उन्हें फूलमाला एवं गमछा पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात् निर्धारित क्रम अनुसार उनके धान का नाप-तौल कर धान खरीदी की कार्यवाही की गई। जिन किसानों का धान खरीदी हेतु आज टोकन कटा था वे पहले दिन ही अपने धान की बिक्री होने पर बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे थे।उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित की गई है। इसके अंतर्गत धान खरीदी केन्द्रों में अपने धान की बिक्री हेतु पहुँचने वाले किसानों की सुविधा को दृष्टि में रखते हुए उनके लिए शुद्ध पेजयल, छांव, बैठक इत्यादि के अलावा शौचालय आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देंशानुसार जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा खाद्य, सहकारिता एवं संबंधित विभाग के अधिकारी धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर कार्य की सतत माॅनिटरिंग कर रहे हैं।
- 0- केंद्री उपार्जन केंद्र पहुंचे कृषक श्री ईश्वर साहू ने अच्छी व्यवस्था के लिए जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभाररायपुर. जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का शुभारंभ होते ही किसानों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। सुबह से ही किसान अपने-अपने उपार्जन केंद्रों में पहुँचकर धान विक्रय कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा मॉइश्चर मीटर, तौल मशीन, बारदाना, टोकन प्रणाली, पेयजल तथा छायादार बैठने की व्यवस्था जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं, जिससे खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है।केंद्री, अभनपुर के धान उपार्जन केंद्र में अपना धान बेचने पहुँचे ग्राम उपरवारा के किसान श्री ईश्वर साहू ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री हमारे धान को समर्थन मूल्य पर खरीद रहे हैं, यह हमारे लिए बड़ी सहायता है।” उन्होंने आगे बताया कि उपार्जन केंद्र में अच्छी व्यवस्थाएँ की गई है। बैठने के लिए शेड, समय पर टोकन, त्वरित तौल, पर्याप्त बारदाना तथा पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया।
- -भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बिलासपुर में राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम संपन्न-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनजातीय समाज को संस्कृति, आस्था और विकास की दिशा में एकजुट रहने का दिया संदेश-छत्तीसगढ़ में जनजातीय विकास को पीएम जनमन, ग्राम उत्कर्ष अभियान से मिल रही नई दिशाबिलासपुर /पुलिस परेड ग्राउंड, बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास सदैव शौर्य, बलिदान और गौरव से भरा रहा है। उन्होंने कहा कि मुगल शासन से लेकर अंग्रेजी हुकूमत तक, देश की स्वतंत्रता की लड़ाई में जनजातीय समाज के वीरों ने जो योगदान दिया, वह अनुपम है, किंतु इतिहास के पन्नों में उन्हें वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस ऐतिहासिक भूल को सुधारा और जनजातीय समाज के सम्मान, उत्थान और विकास के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए। वे स्वयं भगवान बिरसा मुंडा की कर्मभूमि गए और समाज की प्रगति के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री जी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लेकर पूरे देश में स्वाभिमान की नई ऊर्जा का संचार किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती संग्रहालय और रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन कर देशभर के जनजातीय योद्धाओं के योगदान को सम्मानित किया है। यह संग्रहालय डिजिटल स्वरूप में भी उपलब्ध है, जिससे नई पीढ़ी अपने इतिहास से परिचित हो सके। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी ने ही झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर जनजातीय समाज को नई पहचान दिलाई। उन्होंने आदिम जाति मंत्रालय बनाकर जनजातीय विकास के लिए विशेष बजट प्रावधान किए। आज देश का सर्वाेच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति आदिवासी समाज से होना गर्व की बात है, और छत्तीसगढ़ में भी आदिवासी समाज का बेटा मुख्यमंत्री के रूप में सेवा कर रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से लगभग 80 हजार करोड़ रूपए से अधिक राशि का प्रावधान कर 6600 से भी अधिक गांवों में विकास के कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना शुरू की गई है, जिसके तहत सड़क, आवास तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है और इस उपलब्धि के लिए राज्य को राष्ट्रपति महोदया द्वारा सम्मानित भी किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्हें यह सौभाग्य प्राप्त हुआ है कि वे इस ऐतिहासिक जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में उपस्थित हैं। उन्होंने बिलासपुर जिले में 329 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास पर जनता को बधाई दी। कार्यक्रम में जनजातीय समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों,सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों और समाजसेवियों और स्कैच तैयार करने वाली दीपिका धु्रव को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने समाज के प्रमुख जनप्रतिनिधियों से चर्चा की तथा उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने की। उन्होंने कहा कि आज का दिन सौभाग्य और सम्मान का दिन है, जब बिलासपुर को 329 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा स्वतंत्रता संग्राम के महानायक थे, और जनजातीय समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। उपमुख्यमंत्री ने ट्राइबल म्यूजियम की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए सभी को इसे अवश्य देखने की अपील की।इस अवसर पर विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, श्री दिलीप लहरिया, श्री अटल श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष श्री राजा पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जनजातीय समाज के श्री हेमंत राज, श्री वीरेंद्र सिंह राज, श्री उमेश कश्यप, डॉ. सीएस उइके, श्रीमती वंदना उइके, वेद सिंह मरकाम, संभाग आयुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।बिलासपुर में लगेगी भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा - मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाकार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की। बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी। शहर के एक प्रमुख चौक का नामकरण भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर किया जाएगा। लाल खदान ओवरब्रिज का नामकरण शहीद वीर नारायण सिंह ओवरब्रिज के रूप में किया जाएगा। जनजातीय बालक-बालिकाओं के लिए 300-200 सीटर अत्याधुनिक पोस्ट मैट्रिक छात्रावास खोले जाएंगे। कोटा ब्लॉक में जनजातीय समाज के लिए सुसज्जित सामुदायिक भवन का निर्माण किया जाएगा।
- 0- केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने जनजातीय समाज के मेधावी छात्रों को किया सम्मानित0- प्रयास आवासीय विद्यालय में जनजातीय गौरव दिवस समारोह का आयोजनरायपुर. प्रयास बालक आवासीय विद्यालय, सड्डू में जनजातीय गौरव दिवस एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान श्री साहू ने आईआईआईटी, एनआईटी और मेडिकल कॉलेज में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को उपहार भेंट कर सम्मानित किया। विद्यालय के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसमें बस्तर की पारंपरिक लोकधुनों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए गए।कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात के डेडियापाडा से राष्ट्र को संबोधित संदेश का वाचन भी किया गया। प्रधानमंत्री ने हाल ही में छत्तीसगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में राष्ट्रपति से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक जनजातीय समाज का नेतृत्व मजबूत हो रहा है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए सभी देशवासियों को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई दी।अपने संबोधन में श्री तोखन साहू ने कहा कि आज पूरा देश भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस मना रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज ने अंग्रेजों और मुगल शासन के विरुद्ध निरंतर संघर्ष कर आजादी की लड़ाई को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि 9वीं सदी से 19वीं सदी तक जनजातीय समाज ने अपने अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण आंदोलन चलाए।श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी जनजातीय समाज के गौरव को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह जैसे अमर सेनानी स्वतंत्रता संग्राम के प्रेरणास्रोत रहे हैं। उन्होंने सभी वीरों को नमन करते हुए उपस्थित जनों को जनजातीय गौरव दिवस की शुभकामनाएं दीं।जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री तथा देश की महामहिम राष्ट्रपति दोनों ही जनजातीय समाज से आते हैं। छत्तीसगढ़ का जनजातीय इतिहास बहुत समृद्ध है। वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर जैसे अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने छत्तीसगढ़ का नाम इतिहास में अमर कर दिया है।"जनजातीय समाज का गौरवशाली इतिहास"विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मानवशास्त्र विभाग, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार तथा इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. बंसोड़ नुरेटी ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज ने प्राचीन काल से लेकर मुगल काल और स्वतंत्रता संग्राम तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जनजातीय वीरों ने अपनी भूमि, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए साहसिक संघर्ष किए।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य गुरु सौरभ साहेब, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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- वनवासी क्षेत्रों का हो रहा विकास, दूरस्थ क्षेत्रों में बिछाया जा रहा सड़कों का जाल
- छत्तीसगढ़ में दिखाई दे रहा परिवर्तन
- प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 18 लाख आवास बनाए गए
- वनवासी परिवारों को मिले 7 लाख आवास
- विधानसभा अध्यक्ष जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल
राजनांदगांव । जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा में बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में सम्मलित हुए। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधि वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े रहे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को वाईसन हॉर्न मुकुट पहनाकर आत्मीय अभिनंदन किया गया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं महिलाओं को सम्मानित किया। अपने उद्बोधन में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सभी को जनजातीय दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज देश के 700 जिलों में इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश पहुंच रहा है कि हम जननायक बिसरा मुंडा की शहादत को नहीं भुलेंंगे और उनकी याद को अक्षुण्य बनाए रखेंगे। अंग्रेजों के अन्याय के खिलाफ झारखंड में बिरसा मुंडा ने विद्रोह किया। उन्होंने झारखंड के युवाओं को संगठित किया और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। बिरसा मुण्डा को भगवान की उपाधि दी गई है और लोकगीत, लोककथाओं एवं जनश्रुतियों में उनका वर्णन मिलता है। उनकी अद्भुत शक्ति के कारण छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश एवं अन्य राज्यों में उनका व्यापक प्रभाव पड़ा। बिरसा मुण्डा के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ वनवासी युवाओं ने विद्रोह कर युद्ध की घोषणा की। जिसे दबाने के लिए अंग्रेजों ने भीषण नरसंहार किया। बिरसा मुंडा ने देश के लिए अपनी शहादत दी। उनके संघर्षों को हम आज नमन करते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना के अनुरूप वनवासी क्षेत्रों का विकास हो रहा है तथा दूरस्थ क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। प्रदेश में कुपोषण, गरीबी एवं पलायन को रोकने के लिए खाद्यान्न सुरक्षा योजना लाई गई, जिसके माध्यम से वनवासी लाभान्वित हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वनवासियों के लिए तेंंदूपत्ता संग्राहकों को 4000 रूपए से बढ़ाकर 5500 रूपए पारिश्रमिक कर दिया है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 12 हजार करोड़ रूपए की लागत से 18 लाख आवास बनाए गए, जिनमें से 7 लाख आवास वनवासियों को मिला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में परिवर्तन दिखाई दे रहा है। हर गांव में पेयजल, बिजली एवं अन्य सुविधाओं का विकास हो रहा है। वनवासी क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या होने पर धरती आबा योजना अंतर्गत ऐसे क्षेत्रों में पेयजल, शिक्षा, राशन, स्वास्थ्य एवं विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए किया जा रहा है। हमारा देश, गौरव, अस्मिता, स्वाभिमान, हमारी संस्कृति, मिट्टी से जुड़ा है। संस्कृति एवं संस्कार की रक्षा के लिए वीरों ने देश के लिए अपना बलिदान दिया है। इतिहास में ऐसे महानायक जो कही न कही विस्मृत हो गए, ऐसे पूर्वजों को याद करने के लिए आज का यह दिन महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर समाज के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बिरसा मुण्डा के जीवन यात्रा के संबंध में जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल श्री योगेशदत्त मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य श्री प्रशांत कोड़ापे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती बिरम मंडावी, जिला पंचायत सदस्य श्री गोपाल सिंह भुआर्य, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता मंडावी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देवकुमारी, पार्षद श्री सेवक उईके, समाज सेवी श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री सचिन बघेल, श्री सुमित उपाध्याय, श्री भावेश बैद, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सुश्री दीक्षा गुप्ता, जनजातीय समाज के प्रतिनिधि श्री आत्माराम चंद्रवंशी, श्री एमडी ठाकुर, श्री नीलकंठ गढ़े, श्रीमती सुशीला नेताम, श्री एचआर ठाकुर, श्री राहुल नेताम, श्री गेमू लाल कुंजाम, श्री आरएस नायक, श्रीमती पुष्पा उईके, श्री ललित कुमरे, श्री आरपी ठाकुर, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, समाज के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। - 0- महाराष्ट्र मंडल ने बहुप्रतीक्षित आपुलकी प्रकल्प की ओर बढ़ाया एक और कदमरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह के पुनर्निर्माण के बाद शनिवार शाम को सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने उपाध्यक्ष गीता को पति श्याम दलाल के साथ यजमान बनाते हुए पूजा की। पूजा के बाद हवन में मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले सहित समुचित कार्यकारिणी, विभिन्न समितियों के पदाधिकारी और सभासदों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन के बाद महाराष्ट्र मंडल ने अपने बहु प्रतीक्षित आपुलकी प्रकल्प की ओर एक कदम और बढ़ा दिया है।बताते चलें की महाराष्ट्र मंडल ने समता कॉलोनी स्थित दिव्यांग बालिका विकास गृह का पुनर्निर्माण करते हुए यहां पर अस्थि बाधित दिव्यांग बच्चियों, मुक- बधिर दिव्यांग बच्चियों सहित वरिष्ठ नागरिकों के डे केयर सेंटर की व्यवस्था की गई है। जिसे आपुलकी प्रकल्प नाम दिया गया है।हाल ही में कलेक्टर गौरव सिंह और वित्त सचिव मुकेश बंसल ने महाराष्ट्र मंडल में अध्यक्ष अजय काले को दिए सौजन्य भेंट में मंडल की आपुलकी योजना पर दिलचस्पी दिखाई थी और इसे छत्तीसगढ़ शासन के नए सियान गुड़ी योजना के साथ जोड़कर शुरू करने की बात कही थी। सौजन्य भेंट के बाद कलेक्टर गौरव सिंह अतिशीघ्र दिव्यांग बालिका विकास गृह के नवनिर्मित भवन का दौरा कर सियान गुड़ी योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के दिनभर रहने की व्यवस्था का निरीक्षण करने के बाद योजना के क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा- निर्देश देने की बात कही थी।अब उम्मीद की जा रही है कि दिसंबर प्रथम सप्ताह तक महाराष्ट्र मंडल का आपुलकी प्रकल्प शासन की सियान गुड़ी योजना के साथ शुरू हो जाएगा। सखी निवास की प्रभारी नमिता शेष ने बताया कि पूरा आयोजन शनिवार की शाम को होने के कारण पूजा और महा आरती के बाद सभी ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ भी किया।
- 0- अनुपस्थिति और स्पष्टीकरण नहीं देने पर हुई कार्रवाईरायपुर. प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या. गनियारी द्वारा समिति प्रभारी, गनियारी श्री कौशल वर्मा को गंभीर अनुशासनहीनता के कारण तत्काल प्रभाव से सेवा मुक्त कर दिया गया है।समिति द्वारा पहले ही श्री वर्मा को जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने पर तत्काल कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। पूर्व में शो कॉज नोटिस भी जारी किया गया था। इसके बावजूद उनके द्वारा न तो कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराई गई और न ही लिखित जवाब प्रस्तुत किया गया।उनकी लगातार अनुपस्थिति से समिति में धान उपार्जन की तैयारी, रबी ऋण वितरण, खाद–बीज वितरण तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े आवश्यक कार्य प्रभावित हुए, जिसे समिति ने व्यापक लोकहित के विपरीत और गंभीर दुराचरण माना। आज बोर्ड की बैठक के निर्णय के अनुसार सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए श्री वर्मा को समिति प्रभारी पद से तुरंत प्रभाव से हटाने का आदेश जारी कर दिया गया है।
- - किसानों से खेती-किसानी के संबंध में चर्चा कर धान विक्रय के लिए दी शुभकामनाएं- शासन द्वारा समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना के तहत धान खरीदी से किसानों में हर्ष व्याप्तराजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज राजनांदगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र भानपुरी में इलेक्ट्रानिक कांटा बाट मशीन में धान का बारदाना रखकर पूजा-अर्चना कर धान खरीदी का शुभारंभ किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किसानों को फूल माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह धान खरीदी केन्द्र में धान की बिक्री के लिए पहुंचे किसानों से रूबरू हुए। उन्होंने किसानों से खेती-किसानी के संबंध में चर्चा की और किसानों को धान विक्रय के लिए शुभकामनाएं दी।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत आज से पूरे प्रदेश में धान खरीदी की शुरूआत हो रही है और प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक धान खरीदी की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक के मान से धान खरीदी की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों को धान का वाजिब कीमत देने, समय पर खरीदी करने, समय पर उठाव करने तथा अन्य कार्यों के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के संबंध में किसी भी तरह की समस्या के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से संपर्क कर सकते है।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने जिले में शुरू की गई धान खरीदी के संबंध में जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि जिले में सभी 96 उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की जाएगी। धान खरीदी हेतु इस वर्ष 1 लाख 28 हजार 410 कृषकों का पंजीयन किया गया है। सभी उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त संख्या में बारदाने उपलब्ध है। धान खरीदी के लिए मानव संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। धान खरीदी हेतु टोकन जारी किया जा रहा है। किसान टोकन के माध्यम से प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक धान ब्रिकी कर सकते है। इस अवसर पर समाज सेवी श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री सचिन बघेल, श्री सुमित उपाध्याय, श्री भावेश बैद, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा, एडीएम राजनांदगांव श्री गौतमचंद पाटिल, खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी, केन्द्रीय सहकारी समिति के सीईओ श्री सोनी सहित सहकारी समितियों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
- -कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम हुए शामिल-आदिवासी परंपरा, संस्कृति और शहादत को समर्पित जनजातीय गौरव दिवस -मंत्री श्री नेताम-विभिन्न योजनाओे के तहत 126 करोड़ से अधिक की लागत राशि के कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन-जनजातीय समुदाय के प्रतिभावान बच्चों एवं समाज प्रमुखों को किया सम्मानितबलरामपुर / भगवान बिरसा मुंडा के 150 जयंती पर जिले के ऑडिटोरियम प्रांगण, बाजारपारा में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात से वर्चुअली रूप से जुड़कर कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बिरसा मुंडा के स्वतंत्रता संग्राम में निभाई गई भूमिका और उनकी प्रेरणादायक जीवनी का उल्लेख किया।जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री रामविचार नेताम के आगमन पर जनजातीय समाज प्रमुखों ने पारम्परिक पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। मंत्री श्री नेताम ने स्वयं पारम्परिक वाद्य यंत्र मांदर बजाते हुए पर मुख्य मंच पर पहुंचे। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के छायाचित्र सहित जनजातीय देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मंत्री श्री नेताम ने 126 करोड़ 82 लाख 65 हजार रूपये की लागत से तीन एकलव्य आदर्ष आवासीय विद्यालय, तीन बालक आश्रम का भूमिपूजन तथा पीएम जनमन योजना के तहत बहुउद्देषीय आमाकोना का लोकार्पण किया।जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, नगरपालिका अध्यक्ष श्री लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य श्री कृष्णा गुप्ता,कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान मंत्री श्री नेताम ने विभिन्न अदिवासी समुदाय के समाज प्रमुखों को साल और शील्ड से सम्मानित किया।कृषि मंत्री श्री नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आप सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्मदिवस को पूरे भारत मे जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय आदिवासी समाज का गौरव बढ़ाया है। प्रधानमंत्री जी आज गुजरात से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र से कार्यक्रम में शामिल होकर बिरसा मुंडा की जयंती पर बधाई दे रहे है यह हमारे आदिवासी समाज के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि आदिवासी जनजाति के लिए ऐसा कोई पर्व नही था, परन्तु प्रधानमंत्री जी ने बिरसा मुंडा के जयंती को पूरे भारत का पर्व बना दिया है जिसे आज पूरा देश मना रहा हैमंत्री श्री नेताम ने कहा कि समाज मे कई ऐसे महापुरुष है जो देश के लिए अपनी जान गंवाई है, उन्ही महापुरुषों में भगवान बिरसा मुंडा विशेष स्थान रखते है। उन्होंने आजादी की लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आज जनजातीय गौरव दिवस है। बिरसा मुंडा ने आदिवासी संस्कृति को बचाने, समाज को सही दिशा देने तथा आजादी में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि देश की जनजातीय के गौरव के लिए यह दिवस मनाया जा रहा है। जिसके माध्यम से जनजातीय शहादतों को याद किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए जनजातीय म्यूजियम का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के द्वारा जनजातीय वर्ग के विकास के साथ,संस्कृति का संरक्षण करने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि हमारी लोक संस्कृति, परंपरा, पहनावा को संजोना है। उन्होंने कहा कि हमें गर्व होता है कि हमारी राष्ट्रपति विशेष पिछड़ी जनजाती की है। जिससे हमारा मान सम्मान स्वाभिमान बढ़ा है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय वर्ग का उत्थान करने का प्रयास किया जा रहा है। हमे लगातार आदिवासी समुदाय को आगे बढ़ाने के लिए मिल कर कार्य करना है। और उन्हें शासन की समस्त योजनाओं से लाभान्वित करना है।मंत्री नेताम ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकनमंत्री श्री रामविचार नेताम ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। इस अवसर पर आदिवासी विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे। स्टॉलों के माध्यम से विभागीय अधिकारियों ने अपनी-अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी जिससे आमजन को योजनाओं का लाभ समझने और प्राप्त करने में सहूलियत हो।जनजातीय हितग्राहियों को दी गई स्वेच्छानुदान राशिपीएम आवास की चाबी, मिनीकिट सहित विभिन्न सामग्रियों का वितरणकार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा जनजातीय हितग्राहियों को स्वेच्छानुदान की राशि, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत लाभार्थियों को पीएम आवास जनमन की चाबी, बैंक लिंकेज हेतु चेक, कृषि विभाग के तहत मसूर मिनी-किट तथा स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत आयुष्मान कार्ड का वितरण किया गया। साथ ही उन्होंने विभिन्न विषयों, सामान्य ज्ञान, खेल, बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र का भी वितरण किया।शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव अंतर्गत पारंपरिक नृत्यों की मनमोहक झलककर्मा, शैला और सोन्दों नृत्य ने दर्शकों का मन मोहाशहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव अंतर्गत आज सभी विकासखंडों से आए नर्तक दलों ने पारंपरिक वेश-भूषा और वाद्य यंत्रों के साथ आकर्षक प्रस्तुति दी। इसमें कुसमी विकासखंड के ग्राम खजुरी के नर्तक दल ने कर्मा नृत्य प्रस्तुत कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार शंकरगढ़ के ग्राम सिलफिली के दल ने शैला नृत्य की प्रस्तुति देकर द्वितीय स्थान तथा राजपुर विकासखंड के ग्राम कोदौरा से आए दल ने सोन्दों नृत्य प्रस्तुत कर तृतीय स्थान हासिल किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि श्री नेताम द्वारा विजेता दलों को सम्मानित किया गया
- -प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से जुड़कर विभिन्न विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास, जनजातीय गौरव दिवस की दी शुभकामनाएं-सरगुजा में जिला स्तरीय कार्यक्रम में वित्तमंत्री श्री ओ. पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल-उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव एवं वीर नारायण सिंह कला महोत्सव 2025 के जिला स्तरीय प्रतियोगिता का हुआ आयोजन-बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी हुए सम्मानितरायपुर, /भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर शनिवार को राजमोहिनी देवी भवन ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी शामिल हुए।कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से जुड़कर विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने आदिवासियों के उत्थान में भगवान बिरसा मुंडा की भूमिका को स्मरण कर उन्हें नमन किया तथा देश की आजादी में आदिवासी समुदाय के महापुरुषों के त्याग एवं बलिदान को याद किया। जनजातीय गौरव दिवस की सभी को शुभकामनाएं दीं।जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्तमंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि देश की स्वतंत्रता में स्वयं को समर्पित करने वाले आदिवासी समाज के सेनानियों का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि आज भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर हम उन्हें नमन करते हैं, अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए उन्होंने अपना जीवन न्योछावर कर दिया।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी के जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में स्थापित किया है। हम ऐसे महान स्वतंत्रता संग्राम राष्ट्र सेनानियों को याद करें, इसके लिए जनजातीय गौरव दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव वर्ष जनजातीय समुदायों के योगदान, गौरवशाली इतिहास और उनकी विरासत को समर्पित है।लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज ने जनजातीय गौरव दिवस शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनजातीय समाज को लाभ दिलाने के उद्देश्य से शासन द्वारा कई योजनाएं शुरू की गई। जिसका प्रत्यक्ष लाभ आदिवासियों की जीवन शैली में नजर आ रहा। आज देश के गांव-गांव तक सड़क पहुंच रही है, स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों तक पहुंची है, आदिवासी क्षेत्रों तक शिक्षा, पेयजल, विद्युत पहुंच गए हैं। शासन आदिवासी समुदाय को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है, इसलिए आज हम जनजातीय गौरव दिवस मना रहे हैं।सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो ने कहा कि आज का दिन अपने आप में गौरव का दिवस है। आजादी के पहले अंग्रेजों के द्वारा आदिवासियों की जमीन लूटी गई, उनकी संस्कृति को तहस-नहस किया गया। तब भगवान बिरसा मुण्डा ने आंदोलन किया और इस आंदोलन के कारण यह नियम बना कि कोई भी आदिवासी का जमीन नहीं खरीद सकता। आज यह नियम आदिवासियों के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के द्वारा देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई है। कई ऐसे महापुरुष हुए जिन्होंने आंदोलनों के माध्यम से अंग्रेजों के खिलाफ खड़े रहे। वहीं संस्कृति को बचाने में भी आदिवासी समुदायों ने अपनी भूमिका निभाई है।इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, नगर निगम सभापति श्री हरमिंदर सिंह टिन्नी, सरगुजा संभागायुक्त श्री नरेन्द्र दुग्गा, पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक झा,कलेक्टर श्री विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिले के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न आदिवासी समाजों के प्रतिनिधि, आमजन उपस्थित थे। बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी हुए सम्मानितइस दौरान हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले सरगुजा जिले के अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थी सम्मानित हुए। इस दौरान 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों में शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय अम्बिकापुर से समली, शारदा सिंह एवं विद्या सिंह, संत यूजिन अंग्रेजी माध्यम बोदा बतौली से निलिश्मा तिर्की तथा शा.बहु.उ.मा. विद्यालय अम्बिकापुर से आलोक कुमार सम्मानित हुए। वहीं 12 वीं हायर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों में क्रिश्चियन उ.मा.वि. सूर्यापारा से अनुप खेस्स, विवेकानंद विद्या निकेतन उ.मा.वि अम्बिकापुर से जेनीरीमा मिंज एवं कविता टोप्पो, शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय अम्बिकापुर से समीर खाखा एवं शासकीय बालक उ.मा.वि. लुण्ड्रा से अनुराग सिंह सम्मानित हुए।उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव एवं वीर नारायण सिंह कला महोत्सव 2025 के जिला स्तरीय प्रतियोगिता का हुआ आयोजन-इस दौरान उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव के जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विकासखण्ड स्तर पर चयनित कुल 14 दलों के बीच प्रतियोगिता हुई। इसके साथ ही कार्यक्रम में वीर नारायण सिंह कला महोत्सव 2025 के जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन हुए, जिसमें विकासखण्ड स्तर पर चयनित कुल 7 दल प्रतियोगिता में शामिल हुए।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान पुलिस ग्राउंड में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में जिले को विकास की नई सौगात देते हुए 329 करोड़ 77 लाख रूपए से अधिक की लागत वाले 47 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 309 करोड़ 95 लाख रूपए से अधिक की लागत से 42 कार्यों का शिलान्यास तथा 19 करोड़ 18 लाख रूपए की लागत से 5 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कोनी में 11 करोड़ 91 लाख 17 हजार रूपए की लागत से निर्मित संभागीय आयुक्त कार्यालय का लोकार्पण किया। इसी क्रम में 11 लाख रूपए की लागत से निर्मित राजा रघुराज सिंह की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। स्मार्ट सिटी के तहत 6 करोड़ 99 लाख रूपए की लागत से तैयार वंदे मातरम उद्यान एवं ड्यूल पाइपिंग अंतर्गत एसटीपी निर्माण कार्य, नगर निगम बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 18 में 30 लाख 33 हजार रूपए की लागत से रिटर्निंग वॉल, इंटरलॉकिंग पोर्च, टाइल्स एवं चैनल लिंक फेंसिंग का कार्य तथा महमंद में 50 लाख रूपए की लागत से प्राथमिक शाला लालखदान के नवीन भवन में अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण भी किया गया। उन्होंने कोटा भैंसाझार में 4 करोड़ 43 लाख रूपए की लागत से प्रस्तावित भैंसाझार उद्वहन सिंचाई योजना का शिलान्यास किया। साथ ही टिकरी एवं चिल्हाटी में 30-30 लाख रूपए की लागत से महतारी सदन निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया।


























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