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- - बिरसा मुंडा का त्याग और संघर्ष हम सबके लिए प्रेरणा — मंत्री श्री खुशवंत साहेब-जनजाति गौरव दिवस पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, नक्सल प्रभावित शहीद परिवार एवं प्रतिभावान छात्र-छात्राएं सम्मानित-प्रधानमंत्री ने किया 02 बहुउद्देशीय केंद्र का वर्चुअल शुभारंभ एवं 13 छात्रावास का शिलान्यासमहासमुंद / स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती के अवसर पर आज जिले में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन जिला पंचायत के सभाकक्ष में किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नर्मदा ज़िले के डेडियापाड़ा से वर्चुअली जुड़कर संबोधित किया। उन्होंने बिरसा मुंडा के स्वतंत्रता संग्राम में निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका और उनकी प्रेरणादायक विरासत का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा इस अवसर पर कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया।जिला पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने छत्तीसगढ़ महतारी के तैल्य चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर, नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान, जिला पंचायत सदस्य दुलारी सिन्हा, जनपद सदस्य विजय लक्ष्मी जांगड़े, नीलम दीवान, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह एवं आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे।मुख्य अतिथि मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव, सम्मान और प्रेरणा का दिन है। हम यहां धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी की 150 वीं जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। यह दिवस आदिवासी समाज के स्वाभिमान, संघर्ष, त्याग और योगदान को स्मरण करने का पवित्र अवसर है। उन्होंने सभी को आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती की शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, हमारे गौरवशाली इतिहास के उस नायक का नाम है, जिन्होंने न केवल अपने समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, बल्कि पूरे देश को स्वतंत्रता के संघर्ष में एक नई दिशा दी। उनके संघर्ष, उनकी वीरता, और उनकी अटूट संकल्पशक्ति ने हमें यह सिखाया कि यदि हमारा संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी कठिनाई हमें रोक नहीं सकती। उन्होंने जल, जंगल, और जमीन की रक्षा के लिए अपने जीवन को समर्पित किया और आदिवासी समाज के लिए एक नई जागरूकता का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, जिन्होंने बहुत कम आयु में ही जनजातीय समाज को एकजुट करने, उनके अधिकारों की रक्षा करने, सामाजिक बुराइयों को दूर करने और धार्मिक सुधारों को बढ़ावा देने का महान कार्य किया। मात्र 25 वर्ष की आयु में अंग्रेजों की निर्मम यातनाओं के बीच उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए, लेकिन उनके विचार, उनका आंदोलन और उनकी आत्मा आज भी जनजातीय समाज की ताकत बनकर जीवित है। आदिवासी समाज उन्हें भगवान और धरती आबा के रूप में पूजता है— और यह सम्मान केवल श्रद्धा नहीं, बल्कि उनके असाधारण योगदान का प्रतीक है।हम सभी इस बात पर गर्व कर सकते हैं कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी ने बिरसा मुंडा जी के जन्मवर्ष को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया। उनका यह निर्णय करोड़ों जनजातीय भाइयों-बहनों के आत्मसम्मान और पहचान को एक नई ऊँचाई प्रदान करता है।हम सबको विश्वास है कि पीएम मोदी जी के उद्बोधन से हम सभी को नई दिशा, नई सोच और समाज के लिए निरंतर काम करते रहने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा जी की संस्कृति, विचारधारा और बलिदान को आत्मसात करते हुए हम सभी को समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए न्याय, समानता और विकास का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के पाती का पठन भी किया।महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के पावन अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस मना रहे हैं। यह दिन हमारी आदिवासी अस्मिता, साहस, बलिदान और गौरवपूर्ण इतिहास का प्रतीक है। उन्होंने सभी को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपने अदम्य साहस और दूरदर्शिता से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। उन्होंने अत्याचार, अन्याय और शोषण के खिलाफ खड़े होकर हमें यह संदेश दिया कि जनता की शक्ति सबसे बड़ी शक्ति होती है। उनके योगदान को देश सदैव सम्मान के साथ याद करता है। छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराएँ, कला, संस्कृति, नृत्य और प्रकृति के प्रति समर्पित जीवनशैली हमें यह बताती है कि आदिवासी समाज हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है।बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी का संघर्ष सिर्फ सामाजिक और आर्थिक शोषण के खिलाफ नहीं था, बल्कि यह अपनी संस्कृति, अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा के लिए एक महाक्रांति थी। उनकी विरासत हमें सिखाती है कि अपनी जड़ों से जुड़कर, आत्म-सम्मान के साथ आगे बढ़ना ही सच्ची प्रगति है। आज हम इस जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर उनकी प्रेरणादायक शिक्षाओं को याद करते हुए यह संकल्प लें कि हम सभी मिलकर उनके सपनों को साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे देश के राष्ट्रपति और प्रदेश के मुख्यमंत्री जनजाति समुदाय से है जिससे हमें गर्व का एहसास होता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजाति समाज की उन्नति और समृद्धि के लिए निरंतर कार्य किया जा रहे हैं ।इस अवसर पर प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को मोमेंटो प्रदान किया गया। जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में पुष्पलता दीवान, डॉली, अंकिता मांझू को प्रदान किया गया। इसी तरह पीएम जनमन अंतर्गत 5 हितग्राहियों को पीएम आवास की सांकेतिक चाबी सौंपी गई। आदिवासी महिला एवं जय बूढ़ा देव महिला स्व सहायता समूह को डेढ़ लाख का चेक चक्रीय निधि अंतर्गत तथा श्रद्धा महिला एवं जय मां गायत्री महिला स्व सहायता समूह को 6 लाख रुपए का चेक सामुदायिक निवेश निधि अंतर्गत प्रदान किया गया। 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरण किया गया। डेयरी फॉर्म स्थापना के लिए 2 हितग्राहियों को सहायता राशि 1 लाख 74 हजार रुपए का अलग- अलग चेक प्रदान किया गया। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के 2 परिवार एवं नक्सल प्रभावित 5 परिवारों को मोमेंटो प्रदान किया गया।इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने बताया कि पिछले एक वर्ष में जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के विकास के लिए पीएम योजना के तहत 3025 हितग्राहियों का आधार कार्ड, 1887 का आयुष्मान कार्ड, 2102 का बैंक खाता, 3099 का राशन कार्ड एवं 1380 हितग्राहियों का सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र बनाया गया है। पी एम जनमन अंतर्गत 678 आवास, 26 सड़क, पेयजल, विद्युत आंगनबाड़ी की सुविधा दी गई है। साथ ही धरती आबा कार्यक्रम अंतर्गत 308 ग्रामों में विलेज एक्शन प्लान ग्रामीणों द्वारा तैयार किया गया है। महासमुंद जिला जनजाति विकास के लिए संकल्पित है।इससे पूर्व मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब एवं विधायकगणों ने जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभागवार विभागीय गतिविधियों के लिए लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन किया। इस दौरान स्व सहायता समूह के स्टॉल का अवलोकन करते हुए स्व सहायता समूह की दीदियों से चर्चा की और उनके द्वारा तैयार किए गए सामग्रियों की सराहना की। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर उन्होंने आयुष्मान कार्ड का वितरण करते हुए हितग्राहियों से बातचीत की तथा मुख्य अतिथि ने पशुपालन, स्कूल शिक्षा, समग्र शिक्षा, बिहान आदिम जाति विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल का बारी-बारी से अवलोकन किया तथा विभागीय योजनाओं से अवगत होते हुए उन्होंने पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने अधिकारियों को निर्देश दिए। कार्यक्रम मेंकार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज प्रमुख श्री भीखम सिंह, बिंझवार समाज प्रमुख श्री हेमसागर बिंझवार, पैकरा समाज से थानसिंह दीवान, उरांव समाज से जागेश्वर उरांव, गौड़ समाज से अरुण ठाकुर, संवरा समाज से सुरेश मालिक, कमार जनजाति प्रमुख मोती राम कमार, कौड़ियां समाज प्रमुखपंच राम, भुजिया समाज प्रमुख कौशल नेताम, खैरवार समाज प्रमुख मालो राम, गोडवाना गोड़ समाज प्रमुख जगदीश सिदार एवं मनराखन, जनप्रतिनिधिगण, जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अनुविभागीय अधिकारी अक्षा गुप्ता सहित आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, महिला समूह, एवं स्कूली बच्चे मौजूद थे।
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-निर्माण के साथ ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की भी करें जांच, टिकाऊ हो निर्माण – डॉ. कमलप्रीत सिंह
-गुणवत्ताहीन काम बर्दाश्त नहीं, जवाबदेही तय कर होगी कार्रवाई-विभागीय सचिव के निर्देश : स्वीकृत कार्यों की निविदा जल्द जारी करें, सड़क मरम्मत के कार्यों में लाएं तेजीरायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने शुक्रवार को बिलासपुर और अंबिकापुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं तथा सभी कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर सड़क और भवन निर्माण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्माण कार्यों के साथ ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों और भवनों के टिकाऊ निर्माण पर जोर दिया। डॉ. सिंह ने अधिकारियों से कहा कि गुणवत्ताहीन काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खराब काम के लिए जवाबदेही तय कर संबंधितों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव भी बैठक में शामिल हुए।लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने स्वीकृत कार्यों की निविदा जल्द जारी करने तथा सड़क मरम्मत के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों की मरम्मत का काम दिसम्बर तक पूर्ण करने को कहा। उन्होंने जिन नए कार्यों के लिए निविदा की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, उन्हें अभियान चलाकर तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने गति अवरोधकों (Speed Breakers) का निर्माण मानकों के अनुरूप करने के साथ ही सड़कों से ब्लैक-स्पॉट हटाने के लिए प्राथमिकता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को लगातार दौरे कर निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग करने को कहा।निर्माण के साथ ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की भी करें जांच, टिकाऊ हो निर्माण – डॉ. कमलप्रीत सिंहविभागीय सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने नई सड़कों के निर्माण और पुरानी सड़कों के चौड़ीकरण के कार्यों के लिए भू-अर्जन की कार्यवाहियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभाग द्वारा जिन उद्देश्यों के लिए भवन, गोदाम, स्टेडियम, ऑडिटोरियम या अधोसंरचना निर्माण के अन्य काम किए जा रहे हैं, वे लोगों के लिए पूर्णतः उपयोगी हों और वहां की सभी चीजें फंक्शनल स्थिति में हों, इसका विशेष ध्यान रखें। विभाग के कार्यों का पूरा लाभ नागरिकों को मिलना चाहिए।डॉ. सिंह ने विभाग द्वारा बनाए जा रहे भवनों में अच्छी गुणवत्ता के खिड़की, दरवाजे, टाइल्स, पुट्टी और पेंट का उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवन सुंदर और आकर्षक दिखना चाहिए। विभागीय अभियंता इसमें खुद दिलचस्पी लेकर गुणवत्तायुक्त सामग्रियों का चयन करें। इन कार्यों को केवल ठेकेदारों के भरोसे न छोड़ें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के सर्किट हाउसों के रखरखाव, सफाई, कन्ज्युमेबल्स की आपूर्ति तथा सुचारू व्यवस्था के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने बैठक में बिलासपुर और अंबिकापुर परिक्षेत्र के विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की प्रगति के साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त ऐसे कार्यों जिनकी निविदा आमंत्रित की जानी है, की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों में प्रस्तावित दस बड़े कार्यों व परियोजनाओं को अमलीजाना पहनाने मैदानी कार्यालयों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों की भी समीक्षा की।लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने हिर्री से बिल्हा पहुंच मार्ग का काम आगामी 31 मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने चंद्रपुर-डभरा-खरसिया-धरमजयगढ़-पत्थलगांव मार्ग के उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य को तेजी से पूर्ण करने को कहा। उन्होंने 59 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत के कोनी-मोपका बाइपास तथा 116 करोड़ 53 लाख रुपए लागत के 39 किमी लंबाई के नांदघाट-मुंगेली मार्ग के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य के लिए निविदा की कार्यवाही जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिलासपुर में बिवरेज कार्पोरेशन के गोदाम का काम शीघ्र प्रारंभ करने को कहा।बैठक में बिलासपुर परिक्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई के हॉकी मैदान में गैलरी निर्माण और फ्लड लाइट लगाने का कार्य आगामी दिसम्बर माह के अंत तक पूर्ण कर लिया जाएगा। भूतल में छत ढलाई का काम पूरा होने के बाद अभी फिनलिंग तथा प्रथम तल पर गैलरी के स्लैब ढलाई व जोड़ाई का काम प्रगति पर है। अधिकारियों ने बताया कि कटघोरा बाइपास के मजबूतीकरण तथा गौरेला में संयुक्त जिला कार्यालय भवन के निर्माण का काम आगामी जनवरी माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। सारंगढ़ में संयुक्त जिला कार्यालय भवन के निर्माण को अगस्त-2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।अंबिकापुर परिक्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि बलरामपुर-रामानुंजगंज जिले में राजपुर-प्रतापपुर मार्ग के उन्नयन एवं मजबूतीकरण का काम 97 प्रतिशत पूरा हो गया है। वहीं कुसमी-सामरी मार्ग के उन्नयन एवं मजबूतीकरण का कार्य भी 92 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। उन्होंने बताया कि सलका-केतका-राजापुर-परशुरामपुर-रामानुजनगर-माजा-कुड़ेली मार्ग का काम भी 90 प्रतिशत पूरा हो गया है जिसे अगले माह तक शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने सूरजपुर के तारा-प्रेमनगर-रामानुजनगर-कृष्णपुर मार्ग का निर्माण कार्य मार्च-2026 तक पूर्ण करने की बात कही। लगातार तीसरे दिन आज निर्माण भवन में दो पालियों में दिनभर चली समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे, अधीक्षण अभियंता श्री के.पी, संत, अंबिकापुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री बी.एस. बघेल और अधीक्षण अभियंता श्री एम.डी. लहरे भी मौजूद थे। - -भारत के सबसे ऊँचे 140 फीट बैम्बू टावर पर मुख्यमंत्री ने किया ध्वजारोहण, बेमेतरा बना राष्ट्रीय आकर्षण का केंद्ररायपुर / बेमेतरा जिले के ग्राम कठिया में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना सम्मलेन कार्यक्रम के तहत भारत का सबसे बड़ा और 140 फीट ऊँचा बैम्बू टावर समर्पित “छत्तीसगढ़ बाँस तीर्थ संकल्पना समारोह” का भव्य आयोजन हुआ। यह आयोजन न केवल बेमेतरा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बना। इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा कैबिनेट मंत्री श्री दयालदास बघेल की विशेष उपस्थिति रही ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 140 फीट ऊँचे बैम्बू टावर पर तिरंगा फहराते हुए कहा कि यह संरचना केवल बाँस का निर्माण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की परंपरा, कौशल, नवाचार और व्यापक संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने बाँस का पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण तथा बाँस आधारित कृषि के प्रसार की अपील की। मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर स्थापित बाँस उत्पाद निर्माण इकाइयों, फैक्ट्रियों और प्रोसेसिंग केंद्रों का अवलोकन किया तथा ग्रामीणों और कारीगरों से संवाद कर उनकी आजीविका के बारे में विस्तार से जानकारी ली।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास, नवाचार और प्रगति के नए आयाम रच रहा है। विश्व का सबसे ऊँचा बैम्बू टावर बनाकर राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि बाँस आधारित उद्योग, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प, एग्रो इंडस्ट्री और आधुनिक निर्माण तकनीक इन सभी क्षेत्रों में अपार संभावनाएँ पैदा कर रहे हैं। सरकार किसानों, कारीगरों और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की योजनाएँ लागू कर रही है।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते जलवायु और जलसंकट की स्थिति में बाँस की खेती किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है। उन्होंने बताया जैसे कि बाँस कम पानी में तेजी से बढ़ता है। मिट्टी कटाव रोकता है और हरियाली बढ़ाता है। बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिला पिछले वर्षों में पानी की कमी से जूझता रहा है। ऐसे में पारंपरिक फसलों के साथ बाँस को अपनाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। बाँस आधारित उद्योग युवाओं के लिए व्यापक रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।कैबिनेट मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा बाँस की खेती और उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं, उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिले में जलसंकट एक बड़ी चुनौती है, ऐसे में धान के विकल्प के रूप में बाँस की खेती अपनाना किसानों के लिए लाभदायक होगा। यह फसल जल संरक्षण के साथ बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार भी उत्पन्न करती है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे बाँस की खेती की ओर अग्रसर हों, जिससे उनकी आय बढ़ेगी।कार्यक्रम में बेमेतरा विधायक श्री दीपेश साहू, कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा, एसएसपी रामकृष्ण साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक, जिलाध्यक्ष श्री अजय साहू, महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री श्री पाशा पटेल, पूर्व विधायक श्री अवधेश चंदेल, श्री राजेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, सरपंच, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
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-बस्तर के सोनारपाल में विकास की नई इबारत
रायपुर।, बस्तर के समग्र विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने शुक्रवार को सोनारपाल में 17.54 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं में उद्यानिकी महाविद्यालय एवं छात्रावास भवन का निर्माण विशेष रूप से शामिल है। कार्यक्रम में बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप भी उपस्थित रहे।उद्यानिकी महाविद्यालय से युवाओं को आधुनिक तकनीक की शिक्षा मिलेगावन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि रखी गई आधारशिला केवल निर्माण कार्यों की शुरुआत नहीं, बल्कि क्षेत्र के कृषि भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने बताया कि 21 अगस्त को सोनारपाल के किसानों और युवाओं के लिए जो सपना देखा गया था, वह अब साकार होता दिखाई दे रहा है। उद्यानिकी महाविद्यालय से युवाओं को आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञता और उन्नत शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे बस्तर पिछड़ेपन से निकलकर प्रगति की नई पहचान बनाएगा।वन मंत्री श्री कश्यप ने रखी उद्यानिकी महाविद्यालय सहित 17.54 करोड़ रुपए के कार्यों की आधारशिलाहर गाँव में विकास की रोशनी पहुंचेवन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि विकास की रोशनी हर गाँव तक पहुँचे और कोई भी क्षेत्र पीछे न रह जाए। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से इन निर्माण कार्यों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प मजबूत होगासांसद श्री महेश कश्यप ने परियोजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि सोनारपाल में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को मजबूत करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय यहां के युवाओं को उच्च शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा। सड़क निर्माण जैसी परियोजनाएं क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को और सशक्त बनाएंगी।परियोजनाओं में कृषि विभाग के अंतर्गत 8 करोड़ 89 लाख रुपए की लागत से उद्यानिकी महाविद्यालय तथा 6 करोड़ 02 लाख रुपए से छात्रावास भवन का निर्माण किया जाएगा। वहीं लोक निर्माण विभाग द्वारा 2 करोड़ 62 लाख रुपए की लागत से सम्राट ढाबा मुंजला से देवड़ा बाजार पसरा तक 3 किलोमीटर लंबी पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है।वन मंत्री श्री कश्यप की घोषणाओं पर त्वरित कार्रवाई से सोनारपाल के ग्रामीणों में खुशी और उत्साह का माहौल है। लोग इसे अपने क्षेत्र के उज्जवल भविष्य की शुरुआत मान रहे हैं। इस अवसर पर विधायक श्री विनायक गोयल, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। - रायपुर ।छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत अब तक करीब 01 करोड़ 93 लाख 50 हजार 843 मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जो कि प्रदेश में मतदाताओं की कुल संख्या का लगभग 92 प्रतिशत है। विगत 04 नवम्बर से एसआईआर की शुरूआत के बाद से बीएलओ घर-घर पहुंचकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं। प्रदेश में पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या दो करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 है।
- -दिसंबर तक पूर्ण होंगे सभी मरम्मत कार्यरायपुर। बिलासपुर जिले की सड़कों को सुदृढ़ और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग द्वारा बीटी पेच रिपेयर कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। विभाग ने सभी मरम्मत कार्यों को दिसंबर 2025 के अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विभिन्न उपसंभागों के अंतर्गत प्रमुख मार्गों पर कार्य प्रगति पर है तथा कई मार्गों पर मरम्मत कार्य पूरा भी कर लिया गया है।उप संभाग कोनी में बिलासपुर-रतनपुर फोरलेन, चांटीडीह-खमतराई-बैमा-नगोई, कोनी-मोपका बायपास, रतनपुर-कोटा, सिंघरी-लखराम, सेंदरी-कछार-लोफंदी, सेंदरी-रमतला, कोनी-रमतला और कोनी-बिरकोना मार्ग सहित कुल 49.5 किलोमीटर सड़कों पर बीटी पेच रिपेयर कार्य कराया जा रहा है। मरम्मत कार्य पूर्ण होने पर इन मार्गों पर आवागमन सुगम होगा और यातायात दबाव भी कम होगा।बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में डी.पी. वर्मा मार्ग, टेलीफोन एक्सचेंज मार्ग, श्रद्धानंद वर्मा मार्ग, देहनकर-जेल पहुँच मार्ग, कुदुदण्ड-मंगला मार्ग, इंदिरा सेतु पहुँच मार्ग, बिलासा कन्या पीजी कॉलेज एवं पीजीबीटी कॉलेज पहुँच मार्ग, लिंक रोड तथा पेण्ड्रीडीह-नेहरू चौक मार्ग में मरम्मत कार्य जारी है। इसी तरह बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में बरतोरी-दगोरी, झाल-नगपुरा, बिलासपुर-पासीद, महमंद-फदाखार, झाल-हथफोड़ा, हरदीकला, हवाई पट्टी चकरभाठा, कुआँ-नंगारडीह, बिल्हा-पत्थरखान, हथनी-नवागांव-गोड़ी-उड़गन तथा दर्री-धुमा-सिलपहरी मार्गों पर बीटी पेच रिपेयर कार्य हो रहा है।मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में मल्हार-चिल्हाटी, पचपेड़ी-चिल्हाटी, दर्री-लावर-कोनी, जोंधरा-सोन बसंतपुर, डिंडेश्वरी पहुँच मार्ग, भटचौरा-हरदी-गोबरी-साल्हेगोरी तथा बोहारडीह-केंवटाडीह-भूतहा मार्ग पर मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं। उप संभाग क्रमांक 2 के अंतर्गत सीपत-बलौदा-कोरबा मार्ग, सीपत-बेलतरा मार्ग, नवाडीह चौक से सीपत-झलमला-मोहरा मार्ग, अन्य जिला मार्ग, खम्हरिया-सोंठी-नवापारा मार्ग, कोरबी- खोंदरा मार्ग, डबनडीह-भगौडी-दर्राभाठा मार्ग, लिम्हा-लिमतरा मार्ग, लिम्हा-बरपाली मार्ग, नेवसा पहुँच मार्ग, गड़वट पहुँच मार्ग, खैरा-देवरी मार्ग, मोपका-खैरा-गतौरा-जयरामनगर मार्ग, खुजरी-पंधी-देवरीद-रॉक मार्ग, दर्रीघाट-फरहदा मार्ग, सीपत-नरगोड़ा मार्ग तथा नवाडीह चौक-सीपत-झलमला मार्ग शामिल हैं। इनमें से कई मार्गों पर मरम्मत कार्य पूरा कर लिया गया है।सभी प्रमुख मार्गों पर मरम्मत कार्य पूरा होने से जिले में आवागमन सुगम, सुरक्षित और तेजी से होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही की सुविधा बेहतर होगी और सड़क नेटवर्क मजबूत होने से आर्थिक तथा सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
- -प्रशिक्षण और जागरूकता पर विशेष जोररायपुर । भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, मध्य क्षेत्र मुख्यालय भोपाल, छत्तीसगढ़ वन विभाग तथा विभिन्न राज्यों के वन विभागों द्वारा शुक्रवार को नवा रायपुर के अरण्य भवन में वन्यजीव अपराध रोकथाम पर अन्तर एजेंसी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेलवे, पुलिस, वन विभाग, केंद्रीय एजेंसियों तथा विभिन्न विशेषज्ञ संस्थाओं के अधिकारी शामिल हुए।बैठक में वन बल प्रमुख श्री व्ही श्रीनिवास राव, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा तथा झारखंड के वरिष्ठ वन अधिकारी, पुलिस अधिकारी, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के अधिकारी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न राज्यों के 35 अधिकारी भी जुड़े।बैठक में वन्यजीव अपराधों की रोकथाम, अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई, तस्करी नेटवर्क की पहचान, अदालतों में केस प्रस्तुत करने की प्रक्रिया और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विस्तृत चर्चा की गई। देशभर में बढ़ते वन्यजीव अपराधों को देखते हुए सभी विभागों ने अपने-अपने सुझाव और अनुभव को साझा किया।छत्तीसगढ़ में प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोरबैठक के दौरान बताया गया कि छत्तीसगढ़ वन विभाग में वन्यजीव अपराध नियंत्रण और क्राइम सीन डिटेक्शन विषय पर क्षेत्रीय स्तर पर प्रशिक्षण की आवश्यकता है। इस पर वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, नई दिल्ली ने सहमति जताई और विभागीय कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण देने का आश्वासन दिया। साथ ही वन बल प्रमुख श्री व्ही श्रीनिवास राव ने बताया कि स्थानीय मुखबिर तंत्र को मजबूत करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।वन्य अपराधों की त्वरित जांच और कानूनी प्रक्रिया पर चर्चाप्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी )श्री अरुण कुमार पांडे ने वन्यजीव अपराध प्रकरणों की त्वरित जांच, साक्ष्य संकलन और केस को न्यायालय में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया और अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।विशेष टास्क फोर्स बनाने पर विचारबैठक में छत्तीसगढ़ राज्य में वन्यजीव अपराध नियंत्रण के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गठित करने पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई, ताकि राज्य में वन्यजीव तस्करी और अवैध व्यापार पर और अधिक प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
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रायपुर,। बस्तर ओलंपिक 2025 की तीन दिवसीय जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता का शुक्रवार को कांकेर में सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कांकेर के सांसद श्री भोजराज नाग शामिल हुए। उन्होंने विजयी प्रतिभागियों को पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
सांसद श्री नाग ने कहा कि जीवन में खेलों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। खेल न केवल शारीरिक सुदृढ़ता प्रदान करते हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक विचारधारा को भी प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ तन-मन के लिए खेल और योग का नियमित अभ्यास आवश्यक है तथा इनसे जुड़कर प्रत्येक व्यक्ति सशक्त और आत्मविश्वासी बन सकता है।नरहरदेव पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बस्तर अब लाल आतंक से मुक्त होकर नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। यहां के युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उन्हें उचित मंच प्रदान करने हेतु बस्तर ओलंपिक का आयोजन महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विजयी खिलाड़ियों को आगामी संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम में नागरिक श्री सतीश लाटिया एवं श्री महेश जैन ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व विद्यालयीन छात्राओं द्वारा बस्तर की लोक परंपराओं पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित जनों ने सराहा।समारोह के अंत में विभिन्न खेल विधाओं के विजेता खिलाड़ियों एवं टीमों को पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समापन कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कांकेर श्री अरुण वर्मा, जिला खेल अधिकारी श्री संजय जैन, जनप्रतिनिधिगण, खिलाड़ी, कोच एवं अधिकारीगण उपस्थित थे। -
-पेसा अधिनियम के नियमों को अधिक प्रभावी बनाने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी विभागों से समन्वय हेतु ली बैठक
रायपुर । पेसा अधिनियम 1996, वन संसाधन अधिकार अधिनियम 2006 एवं सामुदायिक वन प्रबंधन में समन्वयन द्वारा पेशा अधिनियम को और अधिक प्रभावी बनाकर लागू करने हेतु उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में महानदी भवन में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रतिनिधि एवं सामाजिक संस्थाओं के विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे। जहां वर्ष 2022 में पेसा अधिनियम के तहत बनाये गए नियमों की समीक्षा की गई। जिसमें अधिनियम को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी नियमों पर एक एक कर चर्चा की गई एवं इसको लागू करने के लिए तरीकों पर भी बात की गई।पेसा ग्रामों की सीमाओं का पारम्परिक तरीके से हो निर्धारण- उपमुख्यमंत्री श्री शर्माइस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम सीमा के निर्धारण एवं ग्राम पंचायतों में निहित छोटे ग्रामों को वित्तीय अधिकार से सम्पन्न करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने पेसा ग्रामों के तहत निर्धारित मापदण्डों में ग्रामों की पारम्परिक सीमा को शामिल करने को कहा। उन्होंने कहा कि यह ग्राम पंचायतों का अधिकार है कि वे आपसी सामंजस्य से अपने रूढ़िगत सीमाओं का सीमांकन करें।पेशा ग्रामों में चलाया जाए विशेष जागरूकता अभियानउपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पेशा ग्रामों में नियमों के संबंध में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने को कहा। इसके साथ ही नियद नेल्ला नार ग्रामों एवं पेसा विकासखंडों में 5-5 ग्रामों का चयन कर विशेष जागरूकता अभियान चला कर ग्रामीणों को उनके विशेषाधिकारों से अवगत कराने एवं किसी भी प्रकार के अफवाह से बचाने के निर्देश दिए। उन्होंने समाजशास्त्र से जुड़े विश्वविद्यालयों के छात्रों की सहायता से पेसा ग्रामों का सर्वे कराकर गांव की पद्धतियों, रूढ़ियों, परम्पराओं का डॉक्यूमेंटेशन कराने के निर्देश दिए।उन्होंने राजस्व ग्राम पंचायतों के भीतर ग्राम सभा की समिति के अनुमोदन से ग्रामों के निर्माण करने के निर्देश दिए। जिसके तहत उन्होंने अधिनियम के अंतर्गत बने ग्रामों को और अधिक अधिकार सम्पन्न बनाने हेतु उन्हें वित्तीय अधिकार प्रदान करने एवं आहरण के अधिकार स्थानीय समिति को प्रदान करने को कहा।पंचायत निधि एवं ग्राम सभा कोष का ग्राम करेंगे प्रयोगउपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पेसा ग्रामों में पंचायत निधि एवं ग्राम सभा कोष के प्रयोग के लिए नियम निर्माण करने को कहा जिससे पेसा ग्राम के अध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधि पंचायत निधि एवं ग्राम सभा कोष का समुचित प्रयोग कर सकेंगे। पेसा ग्राम का अलग कार्यालय, खाता, कोष एवं लेटर हेड प्रदान किया जाएगा। पंचायत के संसाधनों के उपभोग, लघु वनोपजों के संग्रहण, प्रसंस्करण, विपणन एवं उनके समुचित प्रबंधन को लेकर अधिकार भी ग्राम को प्रदान किये जायेंगे। हर पेसा ग्राम में वार्षिक रूप से विक्रय किये गए भूखंडों का विश्लेषण भी किया जाएगा, जिससे ग्राम के कार्यों में पारदर्शिता आएगी।एफआरए एवं पेसा अधिनियम की विसंगतियां की जाएंगी समाप्तउपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने वनाधिकार अधिनियम एवं पेसा अधिनियम में बनाये गए नियमों में विसंगतियों के कारण आ रही समस्याओं के समाधान के लिए नियमों में बदलाव करते हुए पेसा ग्रामों को अधिक सशक्त बनाने को कहा। उन्होंने पंचायतों के निर्णय का डिजिटल रिकॉर्ड मेंटेन करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्मित 'निर्णय ऐप' एवं 'सभागार ऐप' का प्रयोग आवश्यक करने के निर्देश दिए।राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति करेगी समन्वय का कार्यपेसा के तहत विभिन्न विभागों के एक ही विषय पर बने अलग अलग नियमों के अभिशरण कर लोगों में शंका की स्थिति को समाप्त करने को कहा। इसके लिए राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति कार्य करेगी और विभागीय मंत्री एवं सचिव इसके सदस्य होंगे। पेसा के तहत अब तक शिथिल पड़ी जिला स्तरीय पेसा निगरानी समिति को भी कार्यशील किया जाएगा जो पेसा लागू करवाने का कार्य करेगी।वनांचल विज्ञान केंद्र बनेंगे पेसा ग्रामों के लिए परिवर्तनकारीइस अवसर पर आसना में अपने तरह के अनोखे वनांचल विज्ञान केंद्र को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। जहां उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इसे परिवर्तनकारी बताते हुए कहा की पेसा ग्रामों में उत्पादित वनोपजों के प्रसंस्करण, संग्रहण, विपणन के आधुनिक तरीकों के संबंध में युवाओं को जागरूक करते हुए ग्राम के प्राकृतिक संसाधनों से युवाओं को रोजगार दिलाना हमारा लक्ष्य है।पेसा ग्रामों में विकास के लिए प्रायोगिक रूप से 100 ग्रामों के युवाओं का हुआ चयनपेसा ग्रामों के विकास के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही प्रायोगिक परियोजना की जानकारी अदिकरियों ने दी। जिसमें बताया कि राज्य के 16 अनुसूचित जिलों के 100 पेसा ग्रामों का चयन कर उनमें युवाओं को ग्राम विकास में सहभागी बनाने के लिए चयन किया गया है। जहां गांव के पढ़े लिखे ये युवा ग्रामीणों को पीएम आवास योजना, पीएम किसान योजना, आयुष्मान योजना आदि शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के साथ उनका आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, आयुष्मान कार्ड आदि के निर्माण में सहायता करेंगे। इन सभी को नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जाएगा।आत्मनिर्भर ग्राम संकल्पना के ग्राम के विकास के लिए कार्य करेंगे ग्रामीण- उपमुख्यमंत्री श्री शर्माइस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाना है। आत्मनिर्भर ग्राम की संकल्पना अनुसार जब ग्रामीण अपने ग्राम के विकास के लिए स्वयं कार्य करेंगे तो बेहतर विकास किया जा सकेगा, जो लोगों के मनोभाव अनुरूप होगा। इसके लिए सर्वाधिक प्राथमिकता सुकमा, बीजापुर और अबूझमाड़ क्षेत्र को दी जाएगी। जहां ग्रामों को अपने विकास और संरक्षण के लिए स्वायत्तता दी जाएगी।इस बैठक में सचिव श्री भीम सिंह, पीसीसीएफ श्री व्ही श्रीनिवास राव, संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती प्रियंका ऋचा महोबिया, अपर संचालक आदिम जाति कल्याण श्री संजय गौर, संयुक्त संचालक पंचायत श्री दिनेश अग्रवाल, सामाजिक संस्थाओं से विषय विशेषज्ञ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
-प्रदेश की सिंचाई क्षमता बढ़ाने, भूजल स्तर सुधारने और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने पर हुई व्यापक चर्चा
-प्रदेश में 14 नई सिंचाई परियोजनाओं को मिली सैद्धांतिक सहमतिरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की 33वीं तथा वर्तमान सरकार के कार्यकाल की पहली बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश की सिंचाई क्षमता बढ़ाने, भूजल स्तर सुधारने और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत विमर्श किया गया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों के लिए 14 नई परियोजनाओं को सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि और कृषि उत्पादन बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सिंचाई नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सिंचाई रकबा बढ़ने से न केवल किसानों को लाभ मिलेगा बल्कि भूजल स्तर में सुधार होगा और पेयजल आपूर्ति को बेहतर ढंग से सुनिश्चित किया जा सकेगा।बैठक में सरगुजा, बस्तर सहित मैदानी इलाकों तक सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर व्यापक चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं की रूपरेखा, लागत और उनके लाभों की विस्तृत जानकारी ली और कहा कि प्रदेशभर में संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए इन परियोजनाओं को गति प्रदान की जाएगी।गौरतलब है कि इन परियोजनाओं के माध्यम प्रदेश में लगभग 01 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। इन परियोजनाओं में बस्तर जिले के अंतर्गत देउरगांव बैराज सह उदवहन सिंचाई परियोजना, बस्तर जिले के अंतर्गत मटनार बैराज सह उद्धवहन सिंचाई परियोजना, रायपुर जिले के विकासखण्ड आरंग में महानदी पर मोहमेला सिरपुर बैराज योजना, अहिरन से गाजरीनाला जल संवर्धन निर्माण (खारंग अहिरन लिंक परियोजना) कार्य, बिलासपुर जिले के कोटा विकासखण्ड अंतर्गत छपराटोला फीडर जलाशय परियोजना, कुम्हारी जलाशय जल क्षमता वृद्धि (जलावर्धन) योजना के अंतर्गत समोदा बैराज से कुम्हारी जलाशय तक पाईप लाईन बिछाने का कार्य, दुर्ग जिले के विकासखण्ड धमधा के सहगांव उद्धवहन सिंचाई योजना, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में लमती फीडर जलाशय एवं नहरों का निर्माण कार्य, राजनांदगांव जिले में स्थित मोहारा एनीकट में पेय जल हेतु चौकी एनीकट से मोहारा एनीकट तक पाईप लाईन के माध्यम से जल प्रदाय योजना, जशपुर जिले के मैनी नदी में बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्ववहन सिंचाई योजना की स्वीकृति,जांजगीर-चांपा जिले के हसदेव बांगों परियोजना अंतर्गत वृहद परियोजना ऑगमेण्टेशन के अंतर्गत परसाही दाबयुक्त उद्ववहन सिंचाई परियोजना, कोरबा जिले के अंतर्गत मड़वारानी बैराज निर्माण सह उदवहन सिंचाई योजना, गरियाबंद जिले के पैरी परियोजना के अंतर्गत सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय लिंक नहर (पाईप लाईन) योजना तथा बिलासपुर जिले के खारंग जलाशय योजना के बाएं तट नहर के आर्वधन हेतु पाराघाट व्यपवर्तन योजना से उद्धवहन फीडर सिंचाई का निर्माण कार्य शामिल किया गया है।बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता श्री इंद्रजीत उइके सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे। -
सड़कों में तेजी से चल रहा बीटी पेच रिपेयर कार्य*
बिलासपुर/जिले की सड़कों को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा बीटी पेच रिपेयर कार्य जोरों से जारी है। विभाग ने सभी मरम्मत कार्यों को दिसंबर माह के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उप संभाग कोनी में बिलासपुर-रतनपुर फोरलेन, चांटीडीह-खमतराई-बैमा-नगोई, कोनी-मोपका बायपास, रतनपुर-कोटा, सिंघरी-लखराम, सेंदरी-कछार-लोफंदी, सेंदरी-रमतला, कोनी-रमतला और कोनी-बिरकोना मार्ग सहित कुल 49.5 किलोमीटर सड़कों का बीटी पेच रिपेयर किया जा रहा है।
वहीं उपसंभाग क्रमांक 1 के अंतर्गत बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में डीपी वर्मा मार्ग, टेलीफोन एक्सचेंज मार्ग, श्रद्धानंद वर्मा मार्ग, देहनकर और जेल पहुँच मार्ग, कुदुदण्ड-मंगला मार्ग, इंदिरा सेतु पहुँच मार्ग, बिलासा कन्या पीजी कॉलेज और पीजीबीटी कॉलेज पहुँच मार्ग, लिंक रोड और पेण्ड्रीडीह-नेहरू चौक मार्ग में मरम्मत कार्य जारी है। बिल्हा विधानसभा क्षेत्र की सड़कों में बरतोरी-दगोरी, झाल-नगपुरा, बिलासपुर-पासीद, महमंद-फदाखार, झाल-हथफोड़ा, हरदीकला, हवाई पट्टी चकरभाठा, कुआँ-नंगारडीह, बिल्हा-पत्थरखान, हथनी-नवागांव-गोड़ी-उड़गन और दर्री-धुमा-सिलपहरी मार्ग शामिल हैं। मस्तुरी विधानसभा क्षेत्र में मल्हार-चिल्हाटी, पचपेड़ी-चिल्हाटी, दर्री-लावर-कोनी, जोंधरा-सोन बसंतपुर, डिंडेश्वरी पहुँच मार्ग, भटचौरा-हरदी-गोबरी-साल्हेगोरी और बोहारडीह-केंवटाडीह-भूतहा मार्ग पर बीटी पेच रिपेयर कार्य किया जाएगा। इसी प्रकार उप संभाग क्रमांक 2 के अंतर्गत सीपत बलौदा कोरबा मार्ग, सीपत बेलतरा मार्ग, नवाडीह चौक से सीपत झलमला मोहरा मार्ग, मुख्यालय उपंखड 2 अंतर्गत अन्य जिला मार्ग, खम्हरिया सोंठी नवापारा मार्ग, कोरबी खोंदरा मार्ग, डबनडीह भगौडी दर्राभाठा मार्ग, सीपत बेलतरा मार्ग, लिम्हा लिमतरा मार्ग, लिम्हा बरपाली मार्ग, नेवसा पहुंच मार्ग, गड़वट पहुंच मार्ग, खैरा से देवरी मार्ग, मोपका खैरा गतौरा जयरामनगर मार्ग, खुजरी पंधी देवरी रॉक मार्ग, दर्रीघाट से फरहदा मार्ग, सीपत से नरगोड़ा मार्ग और नवाडीह चौक से सीपत झलमला मार्ग शामिल है। इनमें से कुछ सड़कों का मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इन सभी सड़कों की मरम्मत से यात्रियों और नागरिकों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। -
बिलासपुर/राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी में ई-हॉस्पिटल के अंतर्गत नेक्सट जेन संचालन के लिए सभी मनोरोग विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी एवं कार्यरत स्टॉफ के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवायें कार्यालय के प्रशिक्षकों द्वारा प्रदान किया गया, जिससे ई-हॉस्पिटल नेक्स्ट जेन सिस्टम के सुचारू संचालन में सहायता मिलेगी। प्रशिक्षण के उपरांत डॉ. स्वाति वंदना सिसोदिया ने मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष तिवारी, डॉ. अलकनंदा, डॉ. आयुष लाल, डॉ. मल्लिखार्जुेन राव संगि को टैबलेट प्रदान किया। ई-हॉस्पिटल के अंतर्गत नेक्सट् जेन के आरंभ होने से मरीजों के रिकार्ड ऑनलाईन दर्ज होंगे जो कि चिकित्सकों के अलावा मरीजों के द्वारा अपने युजर आईडी एवं पासवर्ड डालकर उपचार की स्थिति एवं अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते है। प्रशिक्षण के अंत में अस्पताल अधीक्षक डॉ. जेपी आर्या ने सभी विशेषज्ञों, चिकित्सा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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दायित्वों का निर्वहन न करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध की जाएगी अनुशासनात्मक कार्यवाही
बालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के समस्त ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी को पत्र जारी कर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु सौंपे गए दायित्व के निर्वहन के संबंध में निर्देश दिए हैं। उन्होंने पत्र जारी कर कहा है कि खरीफ वर्ष 2025-26 में सुचारु रुप से धान खरीदी किये जाने हेतु आज 14 नवंबर 2025 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत के सभा कक्ष में समय प्रातः 11 बजे प्रशिक्षण आयोजित किया गया था, जिसमें आप अनुपस्थित पाये गये। समर्थन मूल्य में धान खरीदी का कार्य राज्य शासन द्वारा आवश्यक सेवा में शामिल किया गया है। उन्होंने इस संबंध में सभी ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी को निर्देशित किया है कि धान उपार्जन कार्य में सौंपे गये दायित्वों का निर्वहन अनिवार्य रूप से करें। सौंपे गये कार्य के संबंध में आज 14 नवंबर 2025 को जनपद कार्यालय में शाम 06 बजे पुनः प्रशिक्षण आयोजित की गई है। नियत समय व स्थान में प्रशिक्षण में अनिवार्य रुप भाग लेकर सौपे गये दायित्त्वों का पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा आवश्यक सेवा (एस्मा) के तहत कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी, जिसके लिए आप स्वयं जिम्मेदार होगें। -
- सांसद विजय बघेल होंगे मुख्य अतिथि
दुर्ग/ जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस का अयोजन 15 नवंबर 2025 को महात्मा गांधी कला मंदिर ऑडियोटोरियम सिविक सेन्टर भिलाई में किया जाएगा। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा उक्त आयोजन के सफल संचालन हेतु विभागवार अधिकारियों को दायित्व सौंपे गये हैं। उन्होंने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजन की तैयारी के संबंध में संबंधित विभागीय अधिकरियों की बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि शासन के मार्गदर्शी निर्देशों के तहत कार्यक्रम आयोजित किया जाए। उन्हांेने बताया कि शासन द्वारा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि को परिवर्तन किया गया है। उक्त कार्यक्रम का आयोजन सांसद श्री विजय बघेल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा समय पूर्व समस्त तैयारियां पूर्ण किया जाए। जनजातीय गौरव दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम के साथ ही कार्यालयों की भी धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की पाती का वाचन होगा। बैठक में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सहित कार्यक्रम से जुड़े समस्त विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। -
दुर्ग/ जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 15 नवम्बर 2025 को विशेष ग्राम सभा आयोजन का किया जाएगा। सभी जनपद पंचायतों के ग्रामों में विशेष ग्रामसभा आयोजित कर आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को पुष्पांजलि अर्पित किया जाएगा। नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक सहभागिता एवं जिला, ब्लॉक और गांव/ग्राम पंचायत स्तर पर सामुदायिक मोबिलाईजेशन किया जाएगा। ग्राम सभा में लिये गये निर्णयों की अधिकतम 15 मिनट की विडियो रिकार्डिंग की जाएगी। विडियो को ’ग्राम सभा निर्णय’ (जीएस निर्णय) मोबाईल एप्प में अपलोड किया जाएगा। भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय द्वारा ग्राम सभाओं की कार्यवाही का ए.आई. आधारित कार्यवाही विवरण तैयार करने हेतु नवीन पोर्टल सभासार बनाया गया है। जिले से न्यूनतम 100 पंचायतों में इस पोर्टल का उपयोग करते हुए कार्यवाही विवरण तैयार किया जाएगा। तदानुसार ग्राम सभा के गतिविधियों को वाइब्रेंट ग्राम सभा पोर्टल (https://meetingonline.gov.in) एवं जीपीडीपी पोर्टल में शत्-प्रतिशत् अपलोड सुनिश्चित किया जाएगा।
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रायपुर/ कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार कंबाइंड हायर सेकंडरी लेवल चयन पद परीक्षा का आयोजन 15, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 24, 25, 26, 27, 28 एवं 30 नवंबर 2025 को किया जा रहा है। यह परीक्षा इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी विधानसभा रोड, रायपुर में दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा के सुचारू संचालन हेतु डिप्टी कलेक्टर श्री उपेन्द्र किण्डो को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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देश की एकता और अखंडता के संदेश के साथ दानी स्कूल से सरदार वल्लभभाई पटेल चौक तक निकली पदयात्रा
रायपुर/ "भारत रत्न" लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर रायपुर में आज भव्य “यूनिटी मार्च” का आयोजन किया गया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई जिसके पश्चात हरी झंडी दिखा कर यूनिटी मार्च की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने ‘रन फॉर यूनिटी’ के संकल्प के साथ राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर नशामुक्ति एवं स्वदेशी की शपथ भी दिलाई गई ।
इस अवसर पर सांसद श्री अग्रवाल ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि "सरदार वल्लभ भाई पटेल ने राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, सरदार पटेल ने सभी रियासतों को जोड़ने का सशक्त कार्य किया। उन्हें याद करते हुए 'एक भारत श्रेष्ठ- सर्वश्रेष्ठ भारत' में आज एकता मार्च निकाला जा रहा है।" उन्होंने पदयात्रा में शामिल लोगों से अनुरोध किया कि पदयात्रा के दौरान पूर्ण अनुशासन का पालन करें, सड़क के एक निश्चित हिस्से पर चलें, और यातायात को व्यवस्थित रखने में मदद करें। श्री अग्रवाल ने सबको यूनिटी मार्च की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
यह पदयात्रा शासकीय जे.आर. दानी शाला से प्रारंभ होकर कालीबाड़ी चौक, कोतवाली चौक, आजाद चौक, तात्यापारा, राठौर चौक, गुरुनानक चौक, स्टेशन रोड, फाफाडीह चौक, पीली बिल्डिंग, पाटीदार भवन होते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल चौक, टिंबर मार्केट में संपन्न हुई । प्रमुख चौकों पर महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण भी किया गया एवं सभी महापुरुषों को नमन किया गया। पदयात्रा में शामिल चौक पर आम लोगों द्वारा पुष्पवर्षा कर अभिनन्दन किया गया व स्कूली बच्चों द्वारा भारत माता की जय, वंदे मातरम, सरदार वल्लभ भाई पटेल अमर रहे का जयघोष किया गया।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री इंद्रकुमार साहू, श्री अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, डीईओ श्री हिमांशु भारती, जिला खेल अधिकारी श्री प्रवेश जोशी, माय भारत के अधिकारी, कर्मचारी, वॉलंटियर्स सहित बड़ी संख्या में शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित रहे | -
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों की वीडियो कान्फ्रेंसिंग लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के कार्य को अति आवश्यक सेवाओं में शामिल करते हुए एस्मा लगाए जाने की दी जानकारी
बालोद/ राज्य शासन के निर्देशानुसार शनिवार 15 नवंबर से प्रदेश के सभी धान खरीदी केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य विधिवत् प्रारंभ हो जाएगा। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों के साथ-साथ सहकारी संस्थाओं के उप पंजीयक, जिला खाद्य अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी एवं संबंधित विभाग के अन्य अधिकारियों का वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक लेकर 15 नवंबर से शुरू हो रहे धान खरीदी के कार्य की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी के कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु सभी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने समिति प्रबंधकों एवं आॅपरेटरों के हड़ताल में जाने की स्थिति में इसकी वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर सभी धान खरीदी केन्द्रों में निर्बाध रूप से धान खरीदी के कार्य को जारी रखने हेतु पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव ने वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य को अति आवश्यक सेवाओं में शामिल करते हुए एस्मा लगाने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वाले तथा धान खरीदी के कार्य में समय पर उपस्थित नही होेने वाले अधिकारी-कर्मचारी के विरूद्ध बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव श्री विकासशील ने समिति प्रबंधकों एवं कम्प्यूटर आॅपरेटरों के हड़ताल में जाने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत समिति प्रबंधकों एवं कम्प्यूटर आॅपरेटरों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए है। उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नियुक्त किए गए सभी अधिकारी-कर्मचारियों एवं कम्प्यूटर आॅपरेटरों को समुचित प्रशिक्षण प्रदान कर सभी धान खरीदी केन्द्रों में प्रत्येक कार्य दिवसों में सुबह 08 बजे से अनिवार्य रूप से उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। इस दौरान मुख्य सचिव श्री विकासशील ने सभी जिला कलेक्टरों को शनिवार 15 नवंबर से अनिवार्य रूप से धान खरीदी का कार्य प्रारंभ कराने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने अपने कार्य में उपस्थित नही होनेे वाले समिति प्रबंधकों एवं कम्प्यूटर आॅपरेटरों के विरूद्ध अनिवार्य रूप से बर्खास्तगी की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने सभी धान खरीदी केन्द्रों में समुचित मात्रा में बारदानों की व्यवस्था, सभी उपार्जन केन्द्रोें में पृथक से धान की वैरायटी का चिन्हांकन, मील पंजीयन एवं अनुबंध की अद्यतन की स्थिति एवं ट्रायल रन की स्थिति आदि की विस्तृत समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने सभी धान खरीदी केन्द्रों में खरीदी केन्द्र प्रभारी की व्यवस्था, जिला कमाण्ड कंट्रोल सेंटर की स्थापना, उपार्जन केन्द्र के बफर लिमिट का निर्धारण तथा उपार्जन केन्द्रों के बेसिक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सभी उपार्जन केन्द्रों में इसकी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने समिति लेखा मिलान की स्थिति तथा बिजली खपत में विसंगति पाए जाने वाले मीलों की जांच आदि के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री आरके राठिया, जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसी ठाकुर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
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रायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।
इसी क्रम में गुरुवार को महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्रीमती ऋतु परिहार ने अपना जन्मदिन आंगनबाड़ी केंद्र भानसोज के बच्चों के साथ मनाया | के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया। -
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों से जाना हालचाल
बालोद/दुर्ग संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने कल 13 नवंबर की शाम बालोद जिले के गुरूर पहुंचकर राजस्व कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने एसडीएम कार्यालय गुरूर, तहसीलदार कार्यालय तथा नायब तहसीलदार कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां राजस्व प्रकरणों का अवलोकन किया तथा निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरूर का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भर्ती मरीजों से उनके ईलाज की सुविधा आदि के संबंध में जानकारी ली तथा उनका हालचाल जाना। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, एसडीएम श्री आर एस सोनकर आदि मौजूद थे। -
जिले में 38 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी 126 केन्द्रों में देंगे परीक्षा*
*व्यापम ने सफल आयोजन के लिए जारी किए दिशा-निर्देश*बिलासपुर/जल संसाधन विभाग में अमीन के रिक्त पदों पर भर्ती की परीक्षा 7 दिसंबर को बिलासपुर सहित प्रदेश के 16 जिलों में एक साथ आयोजित की जा रही है, जिसमें सभी जिलों के अभ्यर्थी शामिल होंगे। अकेले बिलासपुर में 38 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी 126 केन्द्रों में शामिल होकर परीक्षा देंगे। जिला प्रशासन द्वारा व्यापम के निर्देशों के अनुरूप पुख्ता तैयारी की जा रही है। व्यापम ने निष्पक्ष और पारदर्शी पूर्ण आयोजन के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन्होंने परीक्षार्थियों को इन निर्देशों का पालन करते हुए परीक्षा केंद्र में आने का आग्रह किया है।व्यापमं द्वारा जारी दिशा निर्देशों में परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम के लिए निर्देशित किया गया है। परीक्षार्थियों को परीक्षा के एक दिन पूर्व परीक्षा केंद्र का अवलोकन करने की सलाह दी गई है जिससे परीक्षा के दिन उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न हो। परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने के दो घंटे पहले परीक्षा केंद्र पहंुचने के निर्देश है ताकि फोटोयुक्त मूल पहचान से उनकी जांच की जा सके। अभ्यर्थियों की प्रवेश से पहले कड़ी फ्रिस्किंग (तलाशी) अनिवार्य होगी। परीक्षा 12 बजे शुरू होगी। निर्धारित समय से 30 मिनट पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे और देर से आने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सुबह 11.30 बजे तक अभ्यर्थियों के प्रवेश की अनुमति होगी। इसके बाद किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को हल्के रंग के कपड़े और सीमित जेवर पहनने की सलाह दी गई है। फुल स्लीव शर्ट, जैकेट, गहरे रंग के कपड़े, मोटे तलवे वाले जूते, हाई हील, बड़े बटन युक्त कपड़े व काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी व गहरे चॉकलेटी रंग के कपड़े पहनना वर्जित होगा। साधारण स्वेटर बिना पॉकेट के पहनने की अनुमति होगी। स्वेटर भी हल्के रंग के होने चाहिए। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पौशाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर सामान्य समय से पहले आना होगा, उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच के बाद ही ऐसे पोशाक में परीक्षा की अनुमति होगी।महिला अभ्यर्थियों को भारी जेवर पहनने की अनुमति नहीं होगी।अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के साथ मान्य फोटो पहचान पत्र (आधार/पैन,ड्राइविंग लाइसेंस/वोटर आईडी) लाना अनिवार्य है। परीक्षा केंद्र में चप्पल ही पहनकर आने की सलाह दी गई है। कान में किसी भी प्रकार के आभूषण, नथ, झुमके आदि पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा केंद्र में मोबाइल, घड़ी, कैलकुलेटर, पेन ड्राइव, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन के साथ ही पाउच, स्कॉर्फ व किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाना पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। परीक्षा में नकल या किसी भी अनैतिक साधन के उपयोग पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। अभ्यर्थियों को केवल काले या नीले बॉल पेन के साथ ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा। -
भिलाई नगर। आयुक्त नगर पालिक निगम भिलाई राजीव कुमार पांडेय के निर्देशानुसार सीमा कर के प्रभारी अधिकारी अनिल मेश्राम व उनकी टीम द्वारा विभिन्न उद्योग कारखानो का निरीक्षण कर उद्योग संचालको को नगर पालिक निगम भिलाई मे सीमा कर का भुगतान किये जाने हेतु सूचित किया जा रहा है। इस हेतु उन्हे पूर्व मे नोटिस जारी किये जा चुके हैं।
प्रभारी श्री मेश्राम के अनुसार उद्योग व व्यापार सामग्री निर्यात करने वाले सभी उद्योगपतियो व व्यापारियो को सीमा कर जमा करना अनिवार्य है। निगम द्वारा सीमा कर उस तिथि से निर्धारित किया जा रहा है जबसे उद्योगपति व व्यापारी जी.एस.टी. का भुगतान कर रहे है। निगम आयुक्त द्वारा सभी उद्योगपतियो व व्यापारियो से उन्हे जारी नोटिस के अनुसार निर्धारित समयावधि मे सीमा कर भुगतान करने का आव्हान किया गया है। विभिन्न औद्योगिक संस्थानो के निरीक्षण व वसूली अभियान के दौरान अनिल मेश्राम सहायक राजस्व अधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी सीमा कर, शरद दुबे प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी जोन क्रमांक 2, डी.रवि सहायक ग्रेड 2 आदि उपस्थित रहे। -
नगर निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष अमर गिदवानी, एमआईसी सदस्य प्रतिनिधि संतोष संजना हियाल, जोन 4 अधिकारियों, स्कूली शिक्षिकाओं ने पण्डित जवाहर लाल नेहरू का जयन्ती पर किया नमन, नन्हे- मुन्ने स्कूली बच्चे शिक्षिकाओं से चाचा नेहरू की जीवनी सुनकर दिखे प्रसन्न
रायपुर/आज भारत गणराज्य के प्रथम प्रधानमंत्री पण्डित जवाहर लाल नेहरू का उनकी 140 वीं जयन्ती पर सादर नमन करने रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन 4 के सहयोग से राजधानी शहर के जीई मार्ग के किनारे नगर निगम के गाँधी - नेहरू उद्यान परिसर स्थित उनकी प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि आयोजन रखा गया. संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर नगर निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, एमआईसी सदस्य प्रतिनिधि श्री संतोष संजना हियाल, जोन 4 सहायक अभियंता श्री दीपक देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री वीरेन्द्र चंद्राकर ने पण्डित जवाहर लाल नेहरू का जयन्ती पर सादर नमन किया. चाचा नेहरू के सम्बोधन से सुप्रसिद्ध भारत गणराज्य के प्रथम प्रधानमंत्री पण्डित जवाहर लाल नेहरू का जयन्ती पर प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों और शिक्षिकाओं ने सादर नमन किया. स्कूल की शिक्षिकाओं से पण्डित जवाहर लाल नेहरू की जीवनी सुनकर स्कूल के विद्यार्थी बच्चे प्रसन्न दिखे. - -मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता फील्ड पर जाकर कार्यों की करें नियमित मॉनिटरिंग-पीडब्लूडी सचिव ने सड़क और भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की-बजट के सदुपयोग के साथ लोगों की सुविधा के लिए तेजी से हों काम - डॉ. कमलप्रीत सिंहरायपुर ।लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने गुरुवार को रायपुर और दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं तथा सभी कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर सड़क और भवन निर्माण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों पर पेनाल्टी लगाने व नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को फील्ड पर जाकर निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में शामिल हुए।लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि विभागीय बजट के सदुपयोग के साथ लोगों की सुविधा के लिए फील्ड पर तेजी से काम हों। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता अच्छी और टिकाऊ हो, इसका खास ध्यान रखें। उन्होंने प्रगतिरत सभी कार्यों की गति तेज करते हुए निर्माण कार्यों को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने विभागीय काम-काज में कसावट और तेजी लाने सभी कार्यालयों को ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य करने को कहा। उन्होंने विभागीय कार्यवाहियों में तेजी लाने ई-आफिस से ही फाइलें तैयार कर प्रमुख अभियंता कार्यालय भेजने को कहा। उन्होंने कार्यों की तकनीकी स्वीकृति के बाद बिना किसी देरी के निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए।पीडब्लूडी सचिव ने सड़क और भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कीविभागीय सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने सड़क मरम्मत के सभी कार्यों को आगामी दिसम्बर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए पेच रिपेयरिंग के बाद सड़कें स्मूथ और समतल रहें, इसका भी ध्यान रखने को कहा। उन्होंने परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों का थर्ड पार्टी परीक्षण कराने और परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आवश्यकतानुसार संबंधित ठेकेदारों से मरम्मत के काम कराने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने बैठक में रायपुर और दुर्ग परिक्षेत्र के विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की प्रगति के साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त ऐसे कार्यों जिनकी निविदा आमंत्रित की जानी है, की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों में प्रस्तावित दस बड़े कार्यों व परियोजनाओं को अमलीजाना पहनाने मैदानी कार्यालयों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों की भी समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. सिंह ने रायपुर में गुढ़ियारी के शुकवारी बाजार से रेल्वे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर-5 तक बनने वाले पहुंच मार्ग के लिए आगामी मार्च माह तक भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्ण कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में बनने वाले भवनों के लिए जल्द निविदा करने को कहा। बैठक में रायपुर परिक्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि रायपुर में शंकर नगर-खम्हारडीह-कचना मार्ग के फोरलेन एवं चौड़ीकरण कार्य को दिसम्बर माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि सिविल लाइन में पुराने सर्किट हाउस की जगह बनने वाले चार मंजिला सर्किट हाउस एनेक्स की ड्राइंग-डिजाइन एनआईटी से अनुमोदित होकर आ गई है। अनुमोदन के बाद जरूरी प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर कार्यारंभ किया जाएगा।बैठक में दुर्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि बेमेतरा में निर्माणाधीन 500 सीटर ऑडिटोरियम का काम फरवरी-2026 तक और दुर्ग में 750 सीटर ऑडिटोरियम का काम मई-2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि खैरागढ़ में कलेक्टोरेट के कंपोजिट बिल्डिंग का काम अगले वर्ष अक्टूबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। निर्माण भवन में दो पालियों में दिनभर चली बैठक में लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, रायपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री पी.एम. कश्यप, अधीक्षण अभियंता श्री डी.के. नेताम, दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एन.के. जयंत और अधीक्षण अभियंता श्री बी.के. पटोरिया भी मौजूद थे।
- वैध दस्तावेज न मिलने पर तीन पिकअप वाहनों के साथ 200 बोरी धान जब्तबलरामपुर।अनुविभागीय अधिकारी वाड्रफनगर नीर निधि नंदेहा ने जानकारी दी है कि उत्तर प्रदेश से अवैध रूप से धान का परिवहन कर छत्तीसगढ़ राज्य में विक्रय एवं भंडारण के उद्देश्य से लाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रशासन द्वारा सख्त कार्यवाही की गई है। उन्होंने बताया कि विगत रात्रि को संयुक्त टीम द्वारा 3 पिकअप वाहन पकड़े गए, जिनमें लगभग 200 बोरी अवैध धान भरा हुआ पाया गया। जांच के दौरान वाहनों के चालकों द्वारा किसी प्रकार का वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।प्राथमिक जांच में यह पाया गया कि उक्त धान उत्तर प्रदेश से अवैध रूप से बलरामपुर जिले के धान खरीदी केंद्रों या सहकारी समितियों में अधिक मूल्य पर विक्रय के उद्देश्य से लाया जा रहा था। इस पर राजस्व, मंडी तथा खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए कृषि उपज मंडी अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी प्रावधानों के अनुसार प्रकरण दर्ज किया। श्री नंदेहा ने बताया कि जिले में धान खरीदी प्रारंभ होने के साथ ही प्रशासन की निगरानी और सघन जांच की कार्रवाई लगातार जारी है, ताकि राज्य में अन्य प्रदेशों से अवैध धान की आवाजाही और बिक्री पर पूर्ण नियंत्रण रखा जा सके। उन्होंने कहा है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में लिप्त किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।














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