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- 0- मरम्मत के सभी काम दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश0- पीडब्लूडी सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की समीक्षा की0- राष्ट्रीय राजमार्गों के मरम्मत के 20 काम प्रगति पर, 3 के लिए जल्द कार्यादेश जारी किए जाएंगेबिलासपुर. बरसात की समाप्ति के बाद राज्यभर में राष्ट्रीय राजमार्गों की मरम्मत का काम जोरों पर है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने सभी सड़कों की मरम्मत का काम दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने आज राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों की बैठक लेकर प्रगतिरत मरम्मत, नई सड़कों और नवीन परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा की। प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों से कहा कि बरसात के बाद अभी सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्यों को गति देने का अच्छा समय है। इसका सदुपयोग करते हुए कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाएं और उन्हें पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों की मरम्मत के दौरान ठेकेदारों से एसटीएमसी (Short Term Maintenance Contract) के सभी कम्पोनेन्ट्स के काम कराने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों की मरम्मत के काम प्रांरभ हो चुके हैं, वे रूकने नहीं चाहिए। कार्यों को तेज गति से करते हुए दिसम्बर माह तक हर हाल में पूर्ण कराएं।विभागीय सचिव डॉ. सिंह ने राज्य में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्गों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों के प्राक्कलन, निविदा, कार्यादेश और कार्य प्रारंभ की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत राष्ट्रीय राजमार्गों के अर्थ वर्क (Earth Work) आगामी जनवरी माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि अधिग्रहण की जरूरत वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के नए कार्यों में अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूर्ण करने कलेक्टरों के साथ समन्वय से काम करने को कहा। डॉ. सिंह ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने चिन्हांकित ब्लैक-स्पॉट्स को सुधारने के लिए प्राथमिकता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों पर लोगों की सुविधा के लिए समुचित मार्ग संकेतक लगाने को भी कहा।राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि राज्य शासन के अधीन राष्ट्रीय राजमार्गों में 88 करोड़ 58 लाख रुपए की लागत के मरम्मत के 23 कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें से 71 करोड़ 49 लाख रुपए के कार्यों के लिए अनुबंध कर मरम्मत के कार्य प्रारंभ किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-130 अभनपुर-राजिम-गरियाबंद-देवभोग मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-130बी, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-353 घोड़ारी-महासमुंद-बागबहरा-ओड़िशा सीमा, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-930, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-63 भोपालपटनम से जगदलपुर मार्ग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-49 के विभिन्न खंडों में मरम्मत के काम प्रगति पर हैं।वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 कटनी-गुलमा मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-45 रतनपुर-केंदा-केंवची मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-153 रायगढ़-सारंगढ़-सरायपाली मार्ग के विभिन्न खंडों की मरम्मत के लिए अनुबंध की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है। शीघ्र ही इनके कार्यादेश भी जारी कर मरम्मत के काम शुरू किए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री ज्ञानेश्वर कश्यप, अधीक्षण अभियंता श्री एस.एस. माझी, कार्यपालन अभियंता सर्वश्री जे.पी. तिग्गा, गोविंद अहिरवार, आर.के. खाम्बरा और रामाधार ताम्ब्रे भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
- बिलासपुर. पीएम सूर्यघर बिजली योजना को गति देने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने संबंधित स्टेक होल्डर्स की बैठक ली। उन्होंने बैठक में वेन्डर्स, बैंक एवं बिजली अधिकारियों से चर्चा कर सामने आ रही दिक्कतों को नोट किया और इनके निराकरण का भरोसा दिया। मालूम हो कि बिलासपुर जिलों को इस योजना के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 24 हजार सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य मिला है। इसके विरूद्ध 4 हजार ऑनलाईन आवेदन मिले हैं। इनमें आधे से ज्यादा आवेदकों के घरों में संयत्र स्थापित हो चुके हैं। उन्हें योजना का फायदा मिलना शुरू हो गया है। बिजली बिल में काफी राहत मिली है। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार भी बैठक में उपस्थित थे।कलेक्टर ने बैठक में कहा कि ये एक ऐसी योजना है कि जिसमें हर पक्ष को फायदा ही फायदा है। बिजली बिल कम आने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बल मिलता है। काफी लोगों को इसमें रोजगार भी मिल रहा है। कलेक्टर ने वेन्डर्स से कहा कि आवेदन मिलने के बाद समय-सीमा में सोलर पैनल लगाएं। पैनल की गुणवत्ता पर खास ध्यान दें। योजना की शुरूआत हुई हैं। सेवा की गुणवत्ता घटिया हुई तो लोग आगे चलकर इसे अपनाने में झिझक सकते हैं। बैंक ऋण मिलने में हो रही विलंब को दूर करने के लिए कलेक्टर ने बैंक प्रबंधन को निर्देश दिए। जिले में इस योजना के तहत 25 वेन्डर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक सोलर पैनल स्थापित करने के लिए लगभग 2 दिन लगते हैं। कलेक्टर ने योजना को विस्तार देने के लिए सूर्यमित्र के रूप में युवाओं को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। आईटीआई एवं कौशल विकास विभाग को इसकी कार्य-योजना बनाने को कहा है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य मकान की छतों पर सौर पेनल लगाकर मुफ्त बिजली और बिजली के बिल में बचत प्रदान करना है। इस योजना के तहत घर की छत पर लगे सोलर पेनल लगाने की लागत पर आकर्षक सबसिडी दी जाती है। प्रति माह 300 यूनिट तक बिजली का उपयोग करने वाले परिवारों को लगभग 15 हजार सालाना की बचत करने में मदद कर सकती है। बैठक में बिजली विभाग के ईई अनुपम सरकार, बीबी नेताम, एचके चन्द्रा सहित एलडीएम दिनेश उरांव एवं वेन्डर्स उपस्थित थे।
- 0- केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कोटा में किया शुभारंभ, युवाओं में दिखा जोश और देशभक्ति का उत्साहबिलासपुर. भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आज बिलासपुर संसदीय क्षेत्र के कोटा में भव्य यूनिटी मार्च का आयोजन किया गया।केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आदि शक्ति मां महामाया के दर्शन कर कोटा के लिए रवाना हुए। केंद्रीय मंत्री ने हरी झंडी दिखाकर पदयात्रा का शुभारंभ किया। विभिन्न मार्गों से निकली रैली ने एकता और अखंडता का संदेश दिया। केंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि सरदार पटेल ने अखंड भारत की नींव रखी है, उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।कोटा में यूनिटी मार्च का शुभारंभ राम मंदिर पड़ावपारा से हुआ,श्री राम मंदिर चौक पर यूनिटी मार्च के तहत आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन देशभक्ति, दृढ़ संकल्प और कर्मनिष्ठा का उदाहरण है। उन्होंने अपने कूटनीतिक कौशल और अदम्य साहस से सभी रियासतों का विलय कर भारत की एकता की नींव रखी। आज का भारत उनके सपनों का साकार रूप है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। युवाओं को सरदार पटेल के जीवन मूल्य, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा भाव को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का समर्पण, दृढ़ता और निर्णय क्षमता आज भी भारत की एकता का प्रतीक है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने स्वदेशी अपनाने और एकता का सभी को संकल्प दिलाया।नगर पंचायत कोटा की अध्यक्ष श्रीमती सरोज दुर्गेश साहू ने इस अवसर पर कहा कि “लौह पुरुष सरदार पटेल का योगदान भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। उन्होंने जिस धैर्य और दूरदर्शिता के साथ देश की रियासतों का विलय कर अखंड भारत का निर्माण किया, वह सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनकी 150वीं जयंती पर पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है।”रैली में तिरंगा लिए युवाओं में दिखा उत्साहकेंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू द्वारा हरी झंडी दिखाते ही रैली नगर के मुख्य मार्गों पर निकली। सबसे आगे सरदार पटेल की प्रतिमा से सुसज्जित रथ, उसके पीछे बाजे-गाजे,और लोक नृत्य सुआ व कर्मा की मनमोहक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। रैली में शामिल सैकड़ों छात्र-छात्राएं, युवा, एनएसएस, एनसीसी स्वयंसेवक, महिला समूहों और सामाजिक संगठनों के सदस्य हाथों में तिरंगा लिए “वंदे मातरम”, “भारत माता की जय” और “सरदार पटेल अमर रहें”का जयघोष करते रहे।पदयात्रा पड़ावपारा से तहसील कार्यालय मार्ग की ओर बढ़ी, जहां नागरिकों, स्कूली छात्रों ने फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा से रैली का भव्य स्वागत किया। चंडी मंदिर चौक पर कन्या विद्यालय की छात्राओं ने रैली का स्वागत किया। मार्ग में अटल परिसर में अटल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। पदयात्रा नगर भ्रमण करते हुए नगर पंचायत कोटा पहुंची जहां आयोजित समापन समारोह में स्वच्छता दीदियों को सम्मानित किया गया।यहां छात्राओं द्वारा सुआ और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। रैली का सम्पन्न जय स्तंभ नाका चौक पर किया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री लवकुश कश्यप, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सिंह, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष श्री घनश्याम रात्रे, श्री मोहित जायसवाल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य, महिला समूहों स्कूली छात्र, खेल संघों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।उल्लेखनीय है कि सरदार पटेल की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में बिलासपुर संसदीय क्षेत्र में पदयात्रा का आयोजन कर राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया जा रहा है इसी क्रम में तखतपुर और मस्तूरी विकासखंड में भी पदयात्रा का आयोजन किया गया।
- 0- जिले के दल्लीराजहरा के वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए दी उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में जिले के विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। दल्लीराजहरा वेटलिफ्टिंग क्लब की कोच अनिता शिंदे ने बताया कि हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग अंतर्गत अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता का आयोजन 11 नवंबर को बेमेतरा में किया गया। उक्त आयोजन में जिले के दल्लीराजहरा स्थित एनसीजे महाविद्यालय के खिलाड़ियों ने वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में भाग लिया। जिसमें मोनिका धु्रव, कृष नायक, मिनेश साहू, तुषार कुमार ने प्रथम स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आज उनके उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर क्लब के अध्यक्ष श्री कृष्णा सिंह मौजूद थे।
- बालोद. जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक 13 नवंबर को सुबह 11 बजे से जिला पंचायत बालोद के सभाकक्ष में आयोजित की गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बैठक में सर्व संबंधितो को निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर उपस्थित होने को कहा है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई सभापति गिरवर बंटी साहू, निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा, महापौर परिषद के सदस्य संदीप निरंकारी, जोन-2 अध्यक्ष रामानंद मोर्या एवं अधीक्षण अभियंता अजीत तिग्गा की उपस्थिति में प्रधानमंत्री आवास योजना के 10 हितग्राहियों को खुली लाटरी पद्वति के माध्यम से मकान आबंटित किया गया।वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन एवं नगर पालिक निगम भिलाई महापौर नीरज पाल आवश्यक कार्य के कारण लाटरी में उपस्थित नहीं हो पाये। विधायक एवं महापौर ने आज की लाटरी में आवास प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को शुभकामनाएं दिये।नगर पालिक निगम भिलाई अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना से निर्मित मकानों का मुख्य कार्यालय सभागार में समय 12ः00 बजे से खुली लाटरी आयोजित की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (ए.एच.पी.) मोर मकान-मोर आस एवं मोर मकान-मोर चिन्हारी घटक अंतर्गत निर्मित/निर्माणाधीन आवासो की कुल संख्या 1669 है, जिसमें से 1032 आवास हितग्राहियों को आबंटित किया जा चुका है। रिक्त आवासों की संख्या 637 है, जिसका लाटरी निकालकर आवास आबंटन किया जायेगा। लाटरी में वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन एवं अन्य हितग्राहियों को शामिल करते हुए लाटरी के माध्यम से आवास आबंटित किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियो ंको वंदे मातरम कुरूद भिलाई एवं सूर्या विहार के पीछे खम्हरिया का मकान आबंटित किया गया है। लाटरी के दौरान आवास प्रभारी विद्वयाधर देवांगन, सीएलटीसी किरण चतुर्वेदी, नम्रता सिंह ठाकुर, थलेश्वर जोशी, जी मोहन राव, महेत्तर सोनी, जागेश्वर साहू उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई जोन क्रमांक-3 मदर टेरेसा नगर अंतर्गत निर्माणाधीन पानी टंकी, सुलभ शौचालय, शासकीय हाई स्कूल, बाल स्कूल सहित सर्कुलर मार्केट प्रस्तावित शौचालय निर्माण स्थल का निरीक्षण आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया।निगम आयुक्त एवं पार्षद विनोद चेलक द्वारा पावर हाउस फल मंडी के समीप निर्माणाधीन पानी टंकी का अवलोकन किया गया। उस क्षेत्र के नागरिको को होने वाले पेयजल की समस्या को देखते हुए नवीन ओवर हेड टेंक का निर्माण किया जा रहा है। इसके निर्माण से कई परिवारों को पेयजल की समस्या से निजात मिलेगी। आयुक्त ने वार्ड क्रमांक-36 महात्मा गांधी नगर स्थित सुलभ शौचालय का निरीक्षण किये। शौचालय एवं आस-पास की साफ-सफाई का जायजा लिए और सफाई व्यवस्था बनाये रखने निर्देशित किये हैं। केम्प 02 शासकीय हाई स्कूल में नवीन भवन का निर्माण किया जा रहा है, जिसका अवलोकन कर आयुक्त ने संबंधित एजेंसी को निर्माण कार्य शीध्र पूर्ण करने कहा है। समीपस्थ बाल विद्यालय का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई व्यवस्था देखे। पावर हाउस सर्कुलर मार्केट में पुराना भवन को तोड़कर नवीन शौचालय बनाना प्रस्तावित है, जिसका स्थल निरीक्षण कर कार्य शीध्र प्रारंभ कराने निर्देशित किये है। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, दीपक देवांगन, सहायक राजस्व अधिकारी बसंत देवांगन उपस्थित रहे।
- 0- कलेक्टर ने की मतदाताओं से बीएलओ के कार्यों में आवश्यक सहयोग करने की अपीलदुर्ग. भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा 27 अक्टूबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य में अर्हता तिथि 01.01.2026 के संदर्भ में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) संबंधी कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। इसके अंतर्गत जिले में निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत निर्वाचकों को गणना पत्र वितरण एवं संकलन कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह आज विधानसभा क्षेत्र 64 दुर्ग शहर के विभिन्न वार्डों में गणना प्रपत्र वितरण एवं संकलन कार्य की जांच एवं निरीक्षण करने पहुंचे।कलेक्टर श्री सिंह ने पदमनाभपुर वार्ड कमांक 46 के मतदान केंद्र क्रमांक 188, पोटिया कला वार्ड क्रमांक 54 के मतदान केंद्र क्रमांक 195, कोस्टा पारा वार्ड क्रमांक 56 के मतदान केंद्र क्रमांक 5 एवं 6, तथा नया पारा वार्ड नंबर 2 के मतदान केंद्र क्रमांक 108 में पहुंचकर बूथ लेवल ऑफिसर द्वारा मतदाताओं को गणना पत्र वितरण एवं संकलन कार्य की जांच की। इस दौरान उन्होंने बूथ लेवल ऑफिसर, सुपरवाइजर एवं उपस्थित पार्षद, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, निर्वाचकों/मतदाताओं उनके निवास स्थल जाकर रू-ब-रू होकर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के सफल क्रियान्वन के संदर्भ में चर्चा की एवं मतदाताओं को इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने बताया कि वर्ष 2003 के निर्वाचक नामावली में मतदाताओं या उनके परिवार के सदस्यों का नाम जिस विधान सभा क्षेत्र के मतदान केंद्र में दर्ज था उसे वोटर सर्विस पोर्टल या अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर से संपर्क करके प्राप्त की जा सकती है।उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में उत्साह से भाग ले और बीएलओ को इस कार्य में आवश्यक सहयोग प्रदान करे। गणना पत्र फॉर्म में चाही गई जानकारी भरकर यथाशीघ्र बीएलओ को वापस करे। गणना प्रपत्र भरने का कार्य 04 नवंबर से 04 दिसंबर 2025 तक किया जाएगा। उन्होंने गणना प्रपत्र के साथ व्हाइट बैक ग्राउंड में चस्पा करने स्वयं के दो रंगीन फोटो भी बीएलओ के पास जमा कराने की भी अपील की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, डिप्टी कलेक्टर एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्री उत्तम ध्रुव, तहसीलदार दुर्ग एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्री प्रफुल्ल कुमार गुप्ता, सुपरवाइजर श्रीमती प्रीति पंसारी, श्री गीतेश मानकर, श्री हरीश देवांगन, श्री पंकज साहू विशेष रूप से उपस्थित थे।
- दुर्ग. जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द कुमार मिश्रा ने श्री शन्तानू कुमार मरकाम सहायक शिक्षक एल.बी. को छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 09 (1)(क) के तहत निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरते जाने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। ज्ञात हो कि विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के निर्देशानुसार श्री शन्तानू कुमार मरकाम सहायक शिक्षक एल.बी., शासकीय प्राथमिक शाला सेक्टर 11 भिलाई जिला दुर्ग की ड्यूटी निर्वाचक नामावली के गहन पुनरीक्षण में बीएलओ के तौर पर 65/132 बी.एस.पी. कन्या विद्यालय सेक्टर 11, खुर्सीपार, भिलाई में लगाई थी। संबंधित दिवस 07 नवंबर 2025 से अपने कर्तव्य स्थल से अनुपस्थित है।लगातार दूरभाष से संपर्क करने का प्रयास किया गया, किन्तु उनके द्वारा किसी का भी प्रत्युत्तर नहीं दिया गया। श्री मरकाम के ज्ञात पते पर संपर्क करने का भी प्रयास किया गया, किन्तु उनके घर पर बाहर से तालाबंद होना पाया गया। श्री मरकाम 07 नवंबर 2025 से शाला भी नहीं आ रहे है एवं बी.एल.ओ कार्य से भी अनुपस्थित है। उनका यह कृत्य निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही, बिना सूचना कार्य से अनुपस्थित होना तथा उच्च कार्यालय के निर्देशों का स्पष्ट अवहेलना है। निलंबन अवधि में संबंधित का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, दुर्ग नियत किया जाता है। निलंबन अवधि में उनको नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगया है।
- दुर्ग. जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में जिले में धान उपार्जन, मिलिंग, चावल भंडारण की तैयारी एवं खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राईस मिल पंजीयन के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी संबंधित विभागों एवं राईस मिलर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में उपार्जन से लेकर चावल भंडारण तक की संपूर्ण प्रक्रिया की प्रगति पर चर्चा की गई।कलेक्टर श्री सिंह ने सभी मिल संचालकों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीयन पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि कस्टम मिलिंग कार्य में कोई विलंब न हो। धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले सभी उपार्जन समितियों को बारदाना (बोरी) की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। संबंधित अधिकारी खरीदी शुरू होने से पूर्व सभी संग्रहण केंद्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। पिछले वर्ष के उपार्जन सीजन से संग्रहण केंद्रों में बचे हुए धान के उठाव का कार्य शीघ्र पूर्ण करें, ताकि नए सीजन की खरीदी के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके।कलेक्टर ने कहा कि जिले के सभी संग्रहण केंद्रों में समय पर बारदाना पहुंच जाए और पिछले सत्र का पूरा धान उठाव हो जाए, इसके बाद ही खरीदी कार्य सुचारु रूप से प्रारंभ हो सकेगा। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा उपार्जन प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित की जाए। चावल परिवहन के लिए रैक मूवमेंट की समीक्षा की गई। समितियों में पुराने बारदानों की स्थिति का मूल्यांकन कर नए बारदानों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभी उपार्जन एवं संग्रहण केन्द्रों में मरम्मत, सफाई और प्रारंभिक तैयारी कार्य शीघ्र पूर्ण करने कहा गया ताकि खरीदी कार्य सुचारु रूप से प्रारंभ हो सके। इस अवसर पर खाद्य अधिकारी श्री अनुराग भदौरिया, राईस मिल संचालक सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग. अनुभाग दुर्ग अंतर्गत पावरग्रिड रायपुर पुल-धमतरी ट्रांसमिशन लिमिटेड, कार्यालय गेडेसरा (तहसील धमधा, जिला दुर्ग) द्वारा 400 के.वी. डबल सर्किट रायपुर पुल-धमतरी संचरण लाइन निर्माण कार्य के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया जारी है। अनुविभागीय अधिकारी(रा.) से प्राप्त जानकारी अनुसार इस परियोजना के तहत तहसील दुर्ग के अंतर्गत कुल 19 ग्राम-ननकट्टी, झेन्झरी, डांडेसरा, ढाबा, भेडसर, नगपुरा, गनियारी, रसमड़ा, थनौद, चंगोरी, कोनारी, कुथरेल, भानपुरी, पाउवारा, जंजगिरी, मातरोडीह, कातरो, मचान्दुर एवं घुघसीडीह के कुल 971 कृषकों की भूमि प्रभावित हुई है।छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के अनुसार प्रभावित कृषकों को क्षतिपूर्ति मुआवजा वितरण हेतु कुल 4,61,88,017 (चार करोड़ इकसठ लाख अठ्यासी हजार सत्रह रुपये) की राशि स्वीकृत की गई है। अब तक 407 कृषकों को 2,51,70,904 (दो करोड़ ईंकावन लाख सत्तर हजार नौ सौ चार रुपये) का भुगतान किया जा चुका है। शेष प्रभावित कृषकों को मुआवजा वितरण की कार्यवाही निरंतर जारी है। सभी पात्र कृषकों को शीघ्र ही उनकी भूमि का समुचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
- दुर्ग. ग्राम पंचायत रौंदा, जनपद पंचायत धमधा के निवासी श्री हिरेंद्र वर्मा पहले अपने मवेशियों को एक अस्थायी छप्पर में रखते थे। बरसात और गर्मी में पशुओं की देखभाल में काफी कठिनाइयाँ आती थीं, जिससे दुग्ध उत्पादन भी सीमित रह जाता था। लेकिन जब उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत पक्का पशु शेड निर्माण हेतु आवेदन किया, तो यह उनके जीवन का नया अध्याय साबित हुआ। ग्राम सभा की अनुशंसा पर 95 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गई और ग्राम पंचायत रौंदा के माध्यम से यह निर्माण कार्य पूर्ण किया गया।इस कार्य में श्री वर्मा ने स्वयं श्रमिक के रूप में काम किया और 11 हजार रूपए का पारिश्रमिक अर्जित किया। निर्माण कार्य की देखरेख श्री हिरेंद्र साहू द्वारा की गई। पशु शेड बनने के बाद आज श्री वर्मा के पास तीन दुग्धारू भैंस, गायें हैं, जिनसे प्रतिदिन 5 लीटर से अधिक दूध का उत्पादन होता है। दूध बेचकर वे हर महीने 5 से 6 हजार रूपए तक की अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं।श्री हिरेंद्र वर्मा बताते हैं कि पहले रोजगार की चिंता रहती थी, पर अब दूध बेचकर हर महीने अच्छी आमदनी हो जाती है। पशु शेड बनने से मवेशियों की देखभाल भी सुगम हो गई है। मनरेगा योजना के अंतर्गत बना यह पक्का पशु शेड न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिरता का आधार बना है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता और सम्मानपूर्ण जीवन की ओर अग्रसर कर रहा है। आज श्री हिरेंद्र वर्मा का परिवार अपने परिश्रम और मनरेगा योजना के सहयोग से एक प्रेरणास्रोत बन चुका है।
- दुर्ग. जिले में निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को उच्च प्राथमिकता देते हुए आज संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी एसआईआर कार्यक्रम के तहत बूथ लेवल ऑफिसर ने उनके घर जाकर गणना पत्रक का वितरण किया। आयुक्त श्री राठौर का नाम विधानसभा क्षेत्र दुर्ग शहर 64 के मतदान केन्द्र क्रमांक 177 के सरल क्रमांक 546 में दर्ज है। ज्ञात हो कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी समय सारणी अनुसार निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है, जिसमें 04 नवम्बर से 04 दिसम्बर तक मतदाताओं को गणना पत्रक प्रदाय किये जा सकेंगे। आयोग के निर्देशानुसार सभी विधानसभा क्षेत्र के मतदान केन्द्रों में बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर निर्वाचकों को गणना पत्रक का वितरण कर संकलन करने का कार्य कर रहे हैं।संभागायुक्त श्री राठौर ने मतदाताओं से अपील की है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के इस कार्य में सभी निर्वाचक बी.एल.ओ. को सहयोग प्रदान करें तथा क्षेत्र के कोई भी पात्र मतदाता इस कार्य से वंचित न हो। एसआईआर कार्यक्रम के दौरान नाम जोड़ने, काटने तथा संशोधन हेतु भी निर्धारित प्रारूप में आवेदन बी.एल.ओ. को दे सकते हैं। संभागायुक्त श्री राठौर को गणना पत्रक वितरण के दौरान, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्री उत्तम ध्रुव और श्री प्रफुल्ल कुमार गुप्ता, तथा बूथ लेवल ऑफिसर श्री श्रेयस ताम्रकार सहित पूरा दल उपस्थित रहा।
- बिलासपुर. उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम शिवकुमार बनर्जी ने मस्तुरी विकासखण्ड का दौरा कर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य का जायजा लिया। उन्होंने मस्तुरी के ग्राम लावर एवं दर्रीघाट में बीएलओ के कार्यों का निरीक्षण किया। बीएलओ को साथ लेकर कुछ मतदाताओं के घर पहुंचे और उन्हें इस कार्य का महत्व समझाया। बीएलओ द्वारा फिलहाल घर-घर पहुंचकर गणना फार्म बांटे जा रहे हैं। कोटा के नायब तहसीलदार अप्रतिम पाण्डेय ने भी अपने क्षेत्र के कुछ गांवों में इस कार्य का निरीक्षण किया।
- 0- सभी उपार्जन केंद्रों में किया गया ट्रायल रनमहासमुंद. कलेक्टर श्री विनय लंगेह के मार्गदर्शन में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। आगामी 15 नवम्बर से जिले में धान खरीदी कार्य प्रारंभ होगा। इसके पूर्व आज जिले के सभी 182 उपार्जन केंद्रों में ट्रायल रन किया गया, ताकि खरीदी कार्य सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित रूप से हो सके।कलेक्टर श्री लंगेह के निर्देशानुसार सभी 74 नोडल अधिकारियों ने अपने-अपने केंद्रों में जाकर 29 बिंदुओं की चेकलिस्ट के आधार पर तैयारी का परीक्षण किया। इस दौरान गोदाम, तोल कांटा, कंप्यूटर प्रणाली, किसान पंजीयन सूची, बारदाना उपलब्धता और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच की गई तथा इसकी रिपोर्ट कंट्रोल यूनिट को भेजी गई।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि धान खरीदी कार्य शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाए, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को खरीदी केंद्रों में किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करना सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।इस वर्ष 12 लाख 45 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि गत वर्ष 11 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी। जिले में कुल 1 लाख 65 हजार 288 किसान पंजीकृत हैं जो अपने धान का विक्रय समर्थन मूल्य पर कर सकेंगे। खरीदी प्रक्रिया की सतत निगरानी के लिए कंट्रोल कमांड यूनिट स्थापित किया गया है तथा जिलेभर में 16 चेक पोस्ट बनाए गए हैं, जहां से धान परिवहन और खरीदी गतिविधियों की वास्तविक समय में निगरानी की जाएगी। किसानों को पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कराने हेतु प्रशासन पूरी तत्परता से तैयार है। कलेक्टर ने कहा कि किसानों के परिश्रम का मूल्य उन्हें समय पर और सम्मानपूर्वक मिले, यही हमारी प्राथमिकता है।
- महासमुंद. कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने आज आगामी धान खरीदी सीजन के मद्देनज़र ओड़िशा एवं छत्तीसगढ़ की सीमावर्ती चेकपोस्टों का निरीक्षण किया। उन्होंने सराईपाली विकासखंड के ग्राम राजाडीह तथा बसना विकासखंड के ग्राम अंकोरी में स्थापित चेकपोस्टों का स्थल निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।कलेक्टर श्री लंगेह ने चेकपोस्टों में तैनात राजस्व, पुलिस एवं सहकारी विभाग के अमले को अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए ताकि अन्य राज्यों से अवैध धान की आवाजाही पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इसके उपरांत कलेक्टर ने सहकारी समिति पहुंचकर आगामी धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने उपार्जन केंद्रों में तौल, भंडारण, परिवहन एवं सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
- 0- 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार में देश के ईस्ट जोन के बेस्ट डिस्ट्रिक्ट के रूप में सम्मानित होने जा रहा राजनांदगांव0- जल संरक्षण एवं जनभागीदारी के क्षेत्र में बना आदर्श मॉडलराजनांदगांव। जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 11 नवम्बर 2025 को आयोजित पुरस्कारों की घोषणा कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल ने छठवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 के विजेताओं की घोषणा की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव जिले को देश के ईस्ट जोन में बेस्ट डिस्ट्रिक्ट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार हेतु चयनित किया गया है। यह सम्मान जिले में जल संरक्षण, संवर्धन तथा जनभागीदारी आधारित सतत कार्यों के लिए 18 नवम्बर 2025 को देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस पुरस्कार में देशभर के विभिन्न जिलों के नामांकन के बाद सेन्ट्रल ग्राउण्ड वॉटर बोर्ड, सेन्ट्रल वॉटर कमिशन एवं विभिन्न दलों के निरीक्षण व विस्तृत अवलोकन के उपरांत छत्तीसगढ़ राज्य ही नहीं अपितु पूरे देश के ईस्ट जोन के पांच राज्यों के समस्त जिलों में से बेस्ट डिस्ट्रिक्ट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में यह खिताब राजनांदगांव जिले को प्रदान किया जा रहा है। विगत वर्ष केंद्रीय भू-जल मंत्री द्वारा राजनांदगांव जिले का दौरा कर जिले में चल रहे इस अभियान के प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए देश विभिन्न मंचों में राजनांदगांव जिले की प्रशंसा भी की गई थी।जनभागीदारी आधारित यह अभियान जल संरक्षण की दिशा में सफल पहलराजनांदगांव जिले में जल संरक्षण एवं प्रबंधन के कार्यों को शासन-प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, महिला स्वसहायता समूहों, उद्योगपतियों, विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से मिशन के रूप में सघन अभियान चलाया गया। गांवों से लेकर शहरों तक नागरिकों ने जल ही जीवन है और जल है तो कल है के संदेश को आत्मसात करते हुए मिशन जल रक्षा को एक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है। किसानों द्वारा फसल चक्र परिवर्तन, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण के कार्यों से जिले में जल स्तर में सुधार हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। केंद्रीय भू-जल बोर्ड की 2021-22 की रिपोर्ट में जिले के तीन ब्लॉकों को सेमी-क्रिटिकल जोन के रूप में चिन्हित किया गया था। सेमीक्रिटिकल जोन का अर्थ पानी के विषय में 70 प्रतिशत से अधिक पानी का उपयोग करने वाले क्षेत्र इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए मिशन जल रक्षा के व्यापक प्रयासों के साथ जिले ने यह अभियान प्रारंभ किया था, अब यह पूरे देश में मॉडल के रूप में जाना जाने लगा है। इस योजना में जिले की प्राथमिकता है कि पहले तो हम पानी के तेजी से घटते जल स्तर की गति को धीमा कर सके फिर उसे एक स्तर पर स्थिर कर सके तत्पश्चात् अत्यधिक जल दोहन को रोककर इस प्राकृतिक बहुमूल्य धरोहर को संधारित कर सके। इसके लिए अनिवार्य है कि प्रत्येक नागरिक आज से ही अपने आसपास के क्षेत्र में होने वाले जल दोहन को ध्यान में रख कर कम से कम भू-जल का उपयोग करें एवं कम से कम पानी उपयोग वाली फसलों को बढ़ावा दें।महिला समूहों ने नीर और नारी जल यात्रा जैसे अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरूकता के लिए कार्य किया गया। जिसमें जिले की पद्मश्री श्रीमती फूलबासन बाई यादव का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने जिले के गांव-गांव में जाकर महिलाओं को एकजुट कर जल यात्राओं के माध्यम से मुहिम को बल प्रदान किया। जिले के समस्त विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने रैलियों, पौधारोपण विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जल संरक्षण हेतु प्रेरित किया।मिशन जल रक्षा - सतत विकास की दिशा में अभिनव पहल के रूप में उभर कर आने लगापानी के तेजी से घटते जल स्तर की इस चुनौती को प्रयासों में बदलते हुए जिले में जीआईएस आधारित तकनीकी योजनाओं, रिचार्ज संरचनाओं, रिचार्ज सॉफ्ट, बोरवेल सह इंजक्शनवेल, परकोलेशन टैंक, फार्म पॉन्ड और तालाबों के पुर्नजीवन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई। मिशन के अंतर्गत भू- जल दोहन नियंत्रण, वर्षा जल संग्रहण तथा सामुदायिक प्रयासों को जल संरक्षण की प्रमुख रणनीति के रूप में अपनाया गया।सामुदायिक प्रयासों से मिली राष्ट्रीय पहचानराजनांदगांव जिले को प्राप्त होने वाला यह राष्ट्रीय सम्मान, जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। साझा प्रयासों से जल बचाओ, भविष्य बनाओ की भावना को व्यवहार में उतारते हुए जिले ने यह साबित किया है कि जनभागीदारी से किसी भी संसाधन का संरक्षण संभव है। साथ ही साथ 18 नवंबर 2025 को ही नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले को एक अन्य जल संचय से जनभागीदारी के क्षेत्र में भी सम्मानित किया जाना है। राजनांदगांव की यह उपलब्धियां अब पूरे देश के सामने आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है। यह सम्मान न केवल जिले की उपलब्धियों का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए सतत जल प्रबंधन और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देता है।
- महासमुंद. कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने आज तहसील सरायपाली के विभिन्न ग्रामों में मतदाता विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम केजुआ में बीएलओ के माध्यम से मतदाता सूची के ई.एफ. वितरण कार्य का जायजा लिया। कलेक्टर श्री लंगेह ने उपस्थित बीएलओ को शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि सभी पात्र मतदाताओं तक प्रपत्र समय पर पहुंच सकें।इसी क्रम में उन्होंने ग्राम कुटेला में एस आई आर अभियान से संबंधित वालंटियर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने प्रशिक्षण में शामिल वालंटियर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं कार्य पद्धति की जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक मतदाता तक पहुंच बनाकर अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जाए।
- महासमुंद. धान खरीदी के पूर्व जिला प्रशासन अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय पर सख्त रुख अपनाते हुए लगातार कार्रवाई कर रहा है। जिसके तहत आज अलग-अलग कार्रवाई के दौरान कुल 452 कट्टा धान जप्त किया गया। जिसमें मंडी सचिव महासमुंद के नेतृत्व में निरीक्षण दल उपनिरीक्षक श्री कमल नारायण साहू एवं श्री अखिलेश राठिया द्वारा दो प्रतिष्ठानों से 152 कट्टा धान जप्त किया गया। निरीक्षण के दौरान लाफिंग खुर्द स्थित श्री भारत भूषण साहू के प्रतिष्ठान में 50 कट्टा धान अवैध रूप से संग्रहित पाया गया, जिसे मौके पर ही जप्त किया गया। इसी प्रकार ग्राम बम्हनी में श्री खिलावन यादव के प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया गया, जहाँ से 102 कट्टा धान जप्त किया गया। दोनों ही मामलों में संबंधित प्रकरण तैयार कर आगे की कार्यवाही हेतु रिपोर्ट संबंधित विभाग को प्रेषित की गई है।इसी तरह राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सरायपाली अंतर्गत केंदुवा सागरपाली मेन रोड पर आकस्मि निरीक्षण के दौरान एक पिकअप वाहन में 60 पैकेट वजन लगभग 24 क्विंटल धान अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया एवं मंडी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इसके अलावा ग्राम बकमा में शेखर ट्रेडर्स से 240 कट्टा अवैध धान जप्त कर मंडी के सुपूर्द किया गया।जिला प्रशासन ने कहा है कि धान खरीदी प्रारंभ होने से पूर्व कोई भी व्यक्ति या व्यापारी अवैध रूप से धान का भंडारण या परिवहन न करे। नियम विरुद्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिले की सीमाओं पर निगरानी और सघन जांच अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा, ताकि समर्थन मूल्य पर खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध परिवहन, भंडारण न हो सके।
- 0- बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को मिल रही है आत्मसम्मान पूर्ण जीवन की नई दिशामहासमुंद. राज्य और केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ अब महासमुंद जिले के हजारों परिवारों के लिए संबल बन चुकी हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि कोई भी बुजुर्ग, दिव्यांग या निराश्रित व्यक्ति जीवन के अंतिम पड़ाव पर असहाय महसूस न करे।सितम्बर 2025 तक जिले में कुल 99 हजार 381 हितग्राहियों को विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया है। इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 34,310, राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना में 9,997, तथा राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के तहत 973 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। इसी प्रकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से 24,686, सुखद सहारा पेंशन योजना से 9,272 और मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत 20,143 पात्र नागरिकों को नियमित आर्थिक सहायता दी जा रही है।विभाग द्वारा सिर्फ पेंशन ही नहीं, बल्कि संवेदना के साथ सहायता भी दी जा रही है। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले निराश्रित, निर्धन और दिव्यांग नागरिकों को योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के अंतर्गत अब तक 54 जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया है, जिससे विपत्ति के समय उन्हें तात्कालिक राहत मिल सकी है।जिले में निराश्रित एवं निर्धन व्यक्तियों की सहायता अधिनियम और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत पात्र व्यक्तियों को कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण और आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया है। इन पहलों ने न केवल उनकी गतिशीलता बढ़ाई है, बल्कि जीवन में आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की भावना भी जगाई है।
- रायपुर। आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयुष चिकित्सा पध्दति का लाभ राज्य में जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आयुष मिशन संचालनालय आयुष के द्वारा 10 जिलों (सरगुजा, रायगढ़, बस्तर, महासमुंद, बालोद, बलरामपुर, गरियाबंद, जशपुर, कोरिया, कबीरधाम) में राष्ट्रीय कार्यक्रम आयुष मोबाईल मेडिकल यूनिट का संचालन किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य असेवित और अल्पसेवित दूरस्थ क्षेत्र (पीवीजीटी) में निवासरत जनजातीय आबादी के द्वार पर मोबाईल चिकित्सा यूनिट द्वारा आउटरिच गतिविधियों के माध्यम से आयुष स्वास्थ सेवा प्रदान करना है। इसके साथ ही सामान्यतः संचारी रोगी, गैर संचारी रोगी की स्क्रीनिंग कर आयुष चिकित्सा प्रदान करना तथा जरूरत पड़ने पर रेफरल लिंकेज प्रदान किया जाना शामिल है। कार्यक्रम अंतर्गत एक वर्ष में अब तक 21,195 लाभार्थी पंजीकृत किए जा चुके हैं।कार्यक्रम अंतर्गत टीम में जिले से एक टीम पीवीटीजी क्षेत्र में सप्ताह में एक बार जाकर ओपीडी का संचालन करती है। जिसमें कुपोषण, संचारी, गैर संचारी रोगी का स्क्रीनिंग कर व्याधियों के लक्षण के आधार पर निःशुल्क आयुष औषधि प्रदान की जाती है जिसके तहत कबीरधाम जिले में कैंप के माध्यम से कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन कर अश्वगंधा मोदक का वितरण किया गया साथ ही आयुष चिकित्सक द्वारा घरेलू उपचार का परामर्श भी दिया गया। आयुर्वेद अनुरूप खान पान, दिनचर्या/रात्रिचर्या के बारे मे जानकारी दी गई जिससे जन सामान्य स्वस्थ जीवनशैली को अपनाते हुए स्वस्थ रह सकें।
- 0- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पर्यटन मंत्री के प्रति जताया श्रद्धालुओं ने आभाररायपुर। आस्था, उल्लास और उत्साह के वातावरण में सरगुजा संभाग के 850 तीर्थयात्री आज श्री रामलला दर्शनयोजना के तहत अयोध्या धाम के लिए रवाना हुए। अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन पर जैसे ही विशेष ट्रेन रवाना होने को तैयार हुई, स्टेशन परिसर “जय श्री राम” के नारों से गूंज उठा। हर चेहरे पर अपार खुशी और समर्पण झलक रहा था।विशेष ट्रेन को लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान महापौर मंजूषा भगत, नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने यात्रियों को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।सुबह से ही स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं की चहल-पहल थी। किसी के हाथ में फूलों की माला थी, तो कोई प्रस्थान से पूर्व प्रार्थना में लीन दिखाई दिया। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सुंदर गीत गाते हुए मंच की ओर बढ़ रही थीं। रेलवे के अधिकारी, समाज कल्याण विभाग और पर्यटन बोर्ड की टीम यात्रियों की सहायता में तत्पर थी। उप संचालक समाज कल्याण एवं नोडल अधिकारी व्ही. के. उके ने बताया कि अम्बिकापुर जिले से कुल 170 तीर्थयात्री शामिल हुए हैं। यात्रा की सुरक्षा, भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधा की पूर्ण व्यवस्था की गई है। यह विशेष ट्रेन 15 नवम्बर को वापस अम्बिकापुर लौटेगी।जशपुर जिले के फरसाबहार निवासी दिनेश गुप्ता ने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि हमें अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी और पर्यटन मंत्री का आभार, जिन्होंने इतना सुंदर अवसर दिया। यात्रा के दौरान भोजन, आवास और सुरक्षा की व्यवस्था अद्भुत है।”कुनकुरी की संगीता सिंह ने भावुक होकर कहा, “जीवन का यह सबसे सुंदर क्षण है। सरकार ने वृद्ध और साधारण नागरिकों के लिए जो सोचा, वह सराहनीय है। हमें यात्रा में सम्मान और प्रेम का सानिध्य मिला है।”बलरामपुर निवासी सुभाषचन्द्र जायसवाल ने कहा, “मुख्यमंत्री जी की पहल से हमारा वर्षों पुराना सपना पूरा हो गया। हम अपने परिवार की ओर से मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री को हृदय से धन्यवाद देते हैं।”मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रारंभ श्री रामलला दर्शन योजना न केवल धार्मिक भावना को सशक्त करती है बल्कि शासन की संवेदनशीलता और लोकसेवा की भावना का सजीव उदाहरण भी प्रस्तुत करती है। इस योजना ने दूरस्थ अंचलों तक विश्वास और आस्था का सेतु स्थापित किया है। सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया और सूरजपुर के कुल 850 श्रद्धालु इस यात्रा में सम्मिलित हुए हैं। स्टेशन से ट्रेन रवाना होते ही हाथ हिलाते यात्रियों की मुस्कान ने सबका हृदय छू लिया।
- 0- लखनपुर ब्लॉक के नवाचारों को मिली राष्ट्रीय स्तर पर सराहनारायपुर। भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं झारखंड सरकार के सहयोग से रांची (झारखंड) में 7 एवं 8 नवम्बर 2025 को सुपर–60 PVTG ब्लॉकों पर आधारित दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) के समग्र विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, आजीविका एवं सेवा प्रदाय के संकेतकों में सुधार को बढ़ावा देना था।इस कार्यशाला में झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ तथा जिला प्रतिनिधि शामिल हुए। छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से सरगुजा जिले के आकांक्षी ब्लॉक लखनपुर का प्रतिनिधित्व जिला पंचायत सरगुजा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय अग्रवाल ने किया।श्री अग्रवाल ने कार्यशाला में लखनपुर ब्लॉक में पहाड़ी कोरवा समुदाय के समग्र विकास के लिए किए जा रहे नवाचारों, सेवा वितरण के बेहतर मॉडल एवं उपलब्धियों की विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, आजीविका एवं सामाजिक सशक्तिकरण के विभिन्न संकेतकों में लखनपुर ब्लॉक ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। ब्लॉक स्तर पर योजनाओं की सेवा-संतृप्ति सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक लाभार्थी तक शासन की योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं।कार्यशाला में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर नीति आयोग द्वारा लखनपुर ब्लॉक को 1 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। इस राशि के उपयोग के लिए जिला प्रशासन द्वारा नीति आयोग को चार प्रमुख विकासात्मक प्रस्ताव भेजे गए हैं, जिसमें1 आकांक्षी ब्लॉक लखनपुर के 10 सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों का उन्नयन।2 विद्यालयों को “आकांक्षालय” के रूप में विकसित करने हेतु नवीनीकरण कार्य।3 “पशु सखी” उद्यमिता मॉडल के माध्यम से बकरी पालन विस्तार और क्षमता निर्माण।4 मत्स्य पालन को आय-सृजन एवं सतत आजीविका के रूप में बढ़ावा देना।इसके साथ ही पशु सखी सेवा केंद्र, कृषि सेवा केंद्र, स्वस्थ लइका–पोषित लइका कार्यक्रम, आकांक्षी आंगनवाड़ी केंद्र तथा उड़ान (CWSN) केंद्र जैसी नवाचारपरक पहलें भी नीति आयोग को प्रस्तावित की गई हैं, जिनके अनुमोदन उपरांत शीघ्र क्रियान्वयन प्रारंभ किया जाएगा।कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागियों ने PVTG बसाहटों का फील्ड भ्रमण किया, जहां बिरहोर जनजाति के ग्रामों में समुदाय की जीवनशैली, आजीविका, संस्कृति और सामाजिक ढांचे का प्रत्यक्ष अवलोकन किया गया। प्रतिभागियों ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा स्थानीय चुनौतियों और प्रगति का मूल्यांकन किया।इस अवसर पर जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड से आए पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव ने बिरहोर जनजाति के सशक्तिकरण हेतु अपने क्षेत्र में किए गए प्रयासों और व्यवहारिक अनुभवों को साझा किया।कार्यशाला के समापन सत्र में “Sampoornta Abhiyan 2.0” का रोडमैप प्रस्तुत किया गया तथा “Super–60 Declaration” को औपचारिक रूप से अनुमोदित किया गया। यह क्षेत्रीय कार्यशाला राज्यों के बीच सहयोग, अनुभव-साझाकरण और PVTG समुदायों तक सरकारी सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है।इस पहल से सुपर–60 ब्लॉकों में विकास कार्यों की गति और प्रभावशीलता को नया आयाम मिलेगा तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार का मार्ग प्रशस्त होगा।
- रायपुर। विशेष पिछड़ी जनजाति समूह (पीवीटीजी) को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के उद्देश्य से प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत बलरामपुर जिले में सड़क निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और मार्गदर्शन में यह योजना दूरस्थ वनांचलों तक विकास पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पीवीटीजी समुदाय—पहाड़ी कोरवा एवं पंडो—जो वर्षों से दुर्गम पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में निवासरत हैं, अब बेहतर सड़क संपर्क से मंडी, अस्पताल, विद्यालय व कृषि बाजारों तक सुगमता से पहुंच पा रहे हैं। बरसात के मौसम में जिन गांवों का संपर्क टूट जाता था, वहां अब वर्षभर निर्बाध आवागमन संभव हो रहा है।योजना के प्रथम चरण में 29 सड़कें पूर्ण, 5,000 से अधिक लोग लाभान्वित वित्तीय वर्ष 2023-24 में योजना के प्रथम चरण के तहत 72 सड़कों (लंबाई 300.05 किमी) को स्वीकृति मिली थी। इनमें से 29 सड़कों पर डामरीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जिसकी कुल लंबाई 84.35 किमी है।इन सड़कों के बन जाने से लगभग 5,000 लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।योजना के तहत द्वितीय चरण में मार्च 2026 तक 58 नई सड़कों का लक्ष्य वर्ष 2024-25 में दूसरी चरण की शुरुआत के साथ 58 नई सड़कों (लंबाई 117.93 किमी) को स्वीकृति प्रदान की गई है।इनका निर्माण कार्य प्रगति पर है जिसे मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।इनके पूर्ण हो जाने पर लगभग 13,888 लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।प्रधानमंत्री जनमन योजना से न केवल सड़क कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि दूरस्थ जनजातीय समुदायों के सामाजिक विकास, आर्थिक भागीदारी और जीवन स्तर में भी महत्वपूर्ण सुधार दर्ज हुआ है।यह पहल पीवीटीजी समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।
- रायपुर. एमएसटीसी पोर्टल के माध्यम से ग्राम टीला (ए) रेत खदान की ई-निविदा/नीलामी की प्रक्रिया संपन्न हुई। आयोजित इस नीलामी में कुल 501 बिड प्राप्त हुए। इनमें से 478 प्रतिभागियों के तकनीकी बिड योग्य पाए गए। खनिज विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार तकनीकी रूप से योग्य प्रतिभागियों में से 474 बिड समान राशि के होने के कारण, प्रचलित नियमों के अनुसार लॉटरी प्रक्रिया अपनाई गई। लॉटरी के माध्यम से श्री जनक कुमार यादव को प्रिफर्ड बिडर घोषित किया गया है। संबंधित विभागीय अधिकारियों ने बताया कि चयनित प्रिफर्ड बिडर श्री यादव को आगे की कार्यवाही हेतु शीघ्र ही सूचित किया जाएगा।


























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