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- -जिले में खाद एवं खरीफ बीज का हो पर्याप्त भण्डारण-शासकीय भवनों में रेन-वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम लगाने के दिए निर्देशदुर्ग, / संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने आज संभागीय कार्यालय के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय अधिकारियों की समय सीमा प्रकरणों की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने संभाग में खाद एवं खरीफ बीजों के भण्डारण एवं वितरण की जानकारी ली। संयुक्त संचालक कृषि द्वारा अवगत कराया गया कि संभाग अंतर्गत खरीफ बीज एवं खाद का पर्याप्त भण्डारण तथा किसानों को वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि संभाग के 533 सहकारी समितियों में युरिया, डीएपी, एसएसपी, एमओपी और एनपीकेएस 339638 टन उर्वरक का भण्डारण किया गया था। जिसमें से 312335 टन उर्वरक किसानों को वितरित किया जा चुका है। इसी प्रकार संभाग के 522 सहकारी समितियों में 109970.8 क्विंटल खरीफ बीज भण्डारण किया गया था। जिसमें से 107031.8 बीज किसानों को वितरित किया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा डीएपी के विकल्प के रूप में नैनो युरिया तथा युरिया एवं सुपर फास्फेट को निर्धारित मात्रा में मिश्रित कर उपयोग में लाने की सलाह दी जा रही है।संभाग आयुक्त श्री राठौर ने संभाग के पहाड़ी क्षेत्रों में मिलेट्स फसलों की खेती को प्राथमिकता देने क्षेत्र के किसानों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संभाग के स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता की जानकारी ली। संयुक्त संचालक शिक्षा द्वारा अवगत कराया गया कि संभाग के 90 प्रतिशत स्कूलों में पाठ्य पुस्तके उपलब्ध करायी जा चुकी है। संभाग आयुक्त ने स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति के साथ अध्यापन कार्यों में प्रगति लाने और विद्यार्थियों मेें अनुशासन पर जोर देने की बात कही। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी को संभाग अंतर्गत विद्यालयों में विद्यार्थियों के एडमिशन प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए। संभाग आयुक्त ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास मादक पदार्थों की बिक्री न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। एनसीसी, एनएसएस के विद्यार्थियों और पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयास से जन जागरूकता अभियान चलाए जाए। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने निर्माण कार्य एंजेसी विभाग के अधिकारियों से सीसीएम चिकित्सा महाविद्यालय से संबंधित निर्माण कार्यों की अद्यतन प्रगति की जानकारी ली और स्वीकृत निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बरसात के मौसम में नदी नालों में बनाए गए एनीकट के गेट खोलने निर्देशित किया ताकि क्षेत्र में जल भराव की स्थिति निर्मित न होने पाए। आवश्यकता पड़ने पर जल संसाधन विभाग द्वारा गेट बंद कराया जाए। उन्होंने संभाग अंतर्गत जल संचयन को बढ़ावा देने सभी शासकीय भवनों एवं नव निर्माणाधीन भवनों में भी रेन-वॉटर हारवेस्टिंग सिस्टम प्राथमिकता से बनवाने अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में उपायुक्त उप आयुक्त (वि.) श्री पदुम यादव सहित समस्त विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- -सड़क में पकड़े गए आवारा मवेशियों को गरीबों में बांटा जायेगाबिलासपुर / कलेक्टर संजय अग्रवाल ने साप्ताहिक टीएल बैठक में आज राज्य सरकार की फ्लैगशीप योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने खासकर आयुष्मान कार्ड, एग्रीस्टेक पोर्टल एवं पीएम किसान सम्मान निधि योजनाओं में शिथिलता बरतने पर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने एक सुस्पष्ट कार्य-योजना के साथ गांव-गांव में शिविर लगाकर इन योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को दिलाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लगभग 5 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड अभी भी नहीं बनाये जा सके हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लगभग सवा लाख किसानों में से 19 हजार को योजना का लाभ नहीं दिलाया जा सका है। उन्होंने वंचित किसानों की ग्रामवार सूची निकालकर उनसे व्यक्तिगत संपर्क कर 15 दिनों में ई-केवाईसी सहित अन्य औपचारिकताएं पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने केवल 2 हजार प्रतिदिन बनाये जा रहे नये कार्ड को नाकाफी बताया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का इतना बड़ा अमला होने के बावजूद इतनी कम प्रगति स्वीकार योग्य नहीं है। विभागीय कर्मचारियों के नाकारापन के कारण लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। स्वास्थ्य विभाग लीड ले तो अन्य विभाग भी सहयोग प्रदान करेंगे। उन्होंने सड़कों पर पकड़े गये आवारा मवेशियों को बैगा आदिवासियों अथवा अन्य गरीब लोगों मंे निःशुल्क वितरित करने के निर्देश दिए। पशु चिकित्सा विभाग को इसके लिए कार्य-योजना बनाने को कहा है। शहर के मोपका गोठान में रखे गये आवारा पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण करने को भी कहा है। कलेक्टर ने बिजली खम्बों पर विज्ञापन बोर्ड टांगने वालों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश भी दिए। ऐसे लोगों के खिलाफ जुर्माना आरोपित किया जाये।कलेक्टर ने व्यापम द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं के संबंध में नये दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब एक-एक परीक्षार्थी की सघन जांच की जायेगी। उन्हें परीक्षा केन्द्रों पर दो घण्टे पहले आना होगा। आधी बांह वाले कपड़े एवं केवल चप्पल पहनने की अनुमति होगी। कान में किसी प्रकार के आभूषण भी नहीं होने चाहिए। इस संबंध में पर्यवेक्षकों और परीक्षा केन्द्र प्रभारियों को व्यापक प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश भी दिए। अब बड़ी संख्या में महिला पुलिस कर्मी भी परीक्षा केन्द्रों पर तैनात किये जाएंगे। कलेक्टर ने जीवन ज्योति बीमा योजना एवं पीएम सुरक्षा बीमा योजना की भी समीक्षा की। खाताधारी व्यक्ति की आकस्मिक मृत्यु होने पर 2 लाख रूपए की बीमाराशि दी जाती है। जरूरी शर्त यह है कि बैंक को मृत्यु के 30 दिन की समयावधि में इसकी सूचना दी जानी चाहिए। उन्होंने बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणा, पीएम पोर्टल, जनदर्शन, हाईकोर्ट प्रकरण सहित अन्य माध्यमों से मिले शिकायतों के समाधान की समीक्षा की और त्वरित निराकरण के लिए दिशा-निर्देश दिए।
- -समय-सीमा की बैठक मंे अधिकारियों को दिए निर्देश-पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु किए जा रहे इस पुनीत कार्य में सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगीबालोद । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बालोद जिले में रविवार 20 जुलाई को आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। श्रीमती मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में 20 जुलाई को आयोजित होने वाली वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागीय एवं कार्यालय प्रमुखों से बारी-बारी से चर्चा कर वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत अपने-अपने विभाग एवं कार्यालयों के द्वारा पौधरोपण हेतु निर्धारित लक्ष्य एवं पौधों की उपलब्धता आदि के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि बालोद जिले वासियों द्वारा 20 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जाएगा। उन्होंने इस पुनीत कार्य में जिले के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, आम नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक को सोमवार 14 जुलाई को बागेश्वर धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा पर्यावरण रत्न से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। बैठक में अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बताया कि 20 जुलाई को सुबह 10 बजे संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में आयोजित वृक्षारोपण सह वनमहोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा कार्यक्रम में सांसद श्री भोजराज नाग सहित जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य जन उपस्थित रहेंगे। इसी तरह उन्होंने विकासखण्ड मुख्यालयों मंे आयोजित समारोह में स्थानीय विधायकों के अलावा जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य जनों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। नगरीय निकायों में आयोजित समारोह में नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं पार्षदों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों तथा गणमान्य जन उपस्थित रहेंगे। कलेक्टर ने जिले के सभी स्थानों में आयोजित समारोह में अधिकारी-कर्मचारियों सहित आम नागरिकों की समुचित भागीदारी सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि जिले में आयोजित यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन व्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से सुनिश्चित की जाए। इसके लिए उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों को जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम के अलावा जिले के सभी जनपदों एवं नगरीय निकायों में आयोजित कार्यक्रमों में वर्चुअल संपर्क स्थापित करने हेतु अधिकारियों को समुचित उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में नगर पालिका परिषद बालोद के अंतर्गत जिला मुख्यालय बालोद के बुढ़ा तालाब में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी दी गई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अलावा जिले के सभी राजस्व अनुविभागों, जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों सहित विभिन्न विभागों एवं कार्यालयों में 20 जुलाई को वृक्षारोपण हेतु निर्धारित लक्ष्य, पौधांे की समुचित उपलब्धता एवं अन्य आवश्यक तैयारियों की बारी-बारी से समीक्षा की।बैठक में कलेक्टर श्रीमती बुधवार 16 जुलाई को सांसद श्री भोजराज नाग की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए जरूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से डौण्डी विकासखण्ड सहित जिले के सभी मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में मलेरिया के रोकथाम हेतु की जा रही उपायों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को इसके लिए पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए शालाओं में आवश्यकतानुसार शिक्षकों की समुचित पदस्थापना हेतु की जा रही कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने शालाओं में आवश्यकतानुसार अतिथि शिक्षकों की भर्ती सुनिश्चित कराने हेतु शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से एक सप्ताह के भीतर इसकी प्रक्रिया प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के कुरूद ट्रेचिंग ग्राउण्ड में मटेरियल रिकवरी फैक्ट्री (सामग्री पुनप्र्राप्ति संयंत्र) का निर्माण 1 करोड़ 93 लाख की लागत से किया जा रहा है, जिसका निरीक्षण करने आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय जोन आयुक्त येशा लहरे के साथ पहुंचे। सामग्री पुनप्र्राप्ति संयंत्र (एम.आर.एफ.) एक ऐसी जगह है, जहां विभिन्न प्रकार के कचरे को छांटकर अलग-अलग किया जाता है। यह कचरा आमतौर पर घरों और व्यवसायों से इकठ्ठा किया जाता है। एम.आर.एफ. में कचरे को अलग-अलग घटकों में छांटा जाता है जैसे- कागज, प्लास्टिक, धातु और कांच इसके बाद इन सामग्रियों को पुनर्चक्रण या पुनर्विक्रय के लिए भेज दिया जाता है। मटेरियल रिकवरी फैक्ट्री निर्माण का मुख्य उददेश्य यह है कि पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना और कचरे को लैंडफिल में जाने से रोकना है। यह एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जो कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण में मदद करता है।निगम आयुक्त निरीक्षण के दौरान जोन क्रमांक 02 वैशाली नगर अंतर्गत पानी निकासी, साफ-सफाई, अवैध अतिक्रमण एवं निर्माणाधीन मकानों का वार्ड 15 पार्षद संतोष मौर्या के साथ अवलोकन किए। वार्ड 15 अम्बेडकर नगर में स्थानीय महिला द्वारा अपने घर के बाहर कचरा फेंका गया था, जिसे गंदगी न फैलाने की समझाइस देते हुए गंदगी फैलाने पर उनसे दण्ड स्वरूप 1000 रूपये की चालानी कार्यवाही कर रसीद दिया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता अरविंद शर्मा, उप अभियंता अर्पित बंजारे, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली उपस्थित रहे।
- -सड़क दुर्घटना कम करने लिये गये कई निर्णय-यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने पर जोरबिलासपुर /कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने एवं यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए विभिन्न उपायों पर विचार-विमर्श कर निर्णय लिया गया। एसएसपी रजनेश सिंह सहित पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।बैठक में जिले में हो रही सड़क दुर्घटना एवं इसे रोकने के लिए किये जा रहे प्रयासों पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय राजमार्गों पर जो कनेक्टिंग रोड मिलते हैं, उनसे कुछ दूरी पर स्पीड ब्रेकर बनाया जाना चाहिए। ऐसे स्थलों पर हादसे की आशंक ज्यादा रहती है। सीपत जाने वाली सड़क में भी ज्यादा दुर्घटना रिकार्ड किये गये हैं। बताया गया कि इस रोड में शोल्डर नहीं हैं। कलेक्टर ने शोल्डर निर्माण के लिए जरूरत पड़ने पर डीएमएफ मद से राशि आवंटन का आश्वासन दिया। रायपुर से आने के दौरान पेण्ड्रीडीह बायपास पर बिलासपुर शहर की दिशा में बड़ा संकेतक बोर्ड प्रदर्शित किया जाये ताकि लोगों को किसी प्रकार का भ्रम न हो। दुर्घटना का एक कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्पीड लिमिट दिखाते हुए संकेतक भी नहीं है। एनएच के अधिकारियों को इसे लगाने के निर्देश दिए गए। तखतपुर में मनियारी नदी पुलिया के तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए। रतनपुर से कोटा मार्ग पर बन रहे पुल के निर्माण की जानकारी ली गई। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही चिन्हित ब्लेक स्पाट का पुनः परीक्षण कर आवश्यक सुधार प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। जिले में फिलहाल 6 ब्लेक स्पॉट एवं 3 ग्रे स्पाट हैं। ब्लेक स्पॉट में सेन्द्री चौक कोनी, जाली मोड़ रतनपुर, मस्तुरी हाईवे तिराहा, भदौरा चौक मस्तुरी, पंधी चौक सीपत जांजी बस स्टैण्ड सीपत शामिल हैं। ग्रे स्पॉट के रूप में नेहरू चौक, महाराणा प्रताप चौक तथा अशोक नगर चौक को चिन्हित किया गया है।एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि हालांकि दुर्घटना दर में वर्ष 2024 की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन इसे और निम्नतम स्तर पर ले जाना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि लापरवाही पूर्वक वाहन चालन के लिए वर्ष 2025 में 215 लोगों का लाईसेंस निलंबित किया गया है। यातायात शिक्षा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का सुझाव भी सदस्यों ने दिया। एसएसपी ने बैठक में कहा कि बरसात के सीजन में पशुओं के कारण भी ज्यादा हादसा रिपोर्ट किये जा रहे हैं। ऐसे मामलों पर पशु मालिक के विरूद्ध भी एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, एडीएम शिवकुमार बनर्जी, एडिशनल एसपी अर्चना झा, एडिशनल एसपी यातायात श्री करियारे सहित लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, आरटीओ आदि संबंधित अधिकारी गण उपस्थित थे।
- -रामलला दर्शन के लिए 850 दर्शनार्थी अयोध्या हुए रवानारायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार की "श्री रामलला दर्शन योजना" के तहत 15 जुलाई को रायपुर के दर्शनार्थियों से भरी ट्रेन को रेलवे स्टेशन से दोपहर 01:00 बजे राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अयोध्या धाम के लिए ट्रेन रवाना होने के अवसर पर यात्रियों में भारी उत्साह देखा गया। रेल्वे स्टेशन का प्लेटफार्म नं 7, तीर्थयात्रियों के द्वारा प्रभु श्री राम के लिए लगाये जा रहे जयकारे से गुंजायमान रहा। तीर्थयात्रियों के परिजनों और मित्रों ने इस पुण्य अवसर का साक्षी बन उन्हें सुखद यात्रा की शुभकामनाएँ दी। ट्रेन रवाना होने के पूर्व तीर्थयात्रियों का स्वागत छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकनृत्यों एवं लोकवाद्यों से किया गया. आईआरसीटीसी के प्रतिनिधियों द्वारा सभी तीर्थयात्रियों का तिलक लगाकर अभिन्दन किया गया।इस अवसर पर विधायक रायपुर उत्तर श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक रायपुर ग्रामीण श्री मोतीलाल साहू, विधायक आरंग गुरु खुशवंत साहेब, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड श्री नीलू शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, सचिव संस्कृति एवं पर्यटन डॉ. रोहित यादव, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन, वरिष्ठ अधिकारीगण एवं दक्षिण पूर्व-मध्य रेल्वे रायपुर संभाग के एडी.आर.एम. श्री बजरंग अग्रवाल, सीनियर डी.सी.एम. श्री अवधेश त्रिवेदी और आई.आर.सी.टी.सी-साऊथ सेंट्रल जोन के ग्रुप महाप्रबंधक श्री पी. राजकुमार भी उपस्थित रहे।
- -तय समय -सीमा में गिरादावरी कार्य पूरा करने के निर्देश-कलेक्टर ने की विभागीय कार्यो की समीक्षाबलौदाबाजार, / कलेक्टर दीपक सोनी ने मंगलवार क़ो समय -सीमा की बैठक में विभागीय कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने बरसात में जिले के नदी -नालों एवं जलाशयों में जल भराव क़ी स्थिति क़ो देखते हुए राजस्व अमले क़ो फिल्ड पर एक्टिव रहने के निर्देश दिये।कलेक्टर श्री सोनी ने कहा कि जले में अति वृष्टि के कारण नदी -नालों में जल भराव से कोई जन हानि या पशु हानि जैसी कोई घटना नहीं होनी चाहिए। एसडीएम व तहसीलदार सतत मॉनिटरिंग करें और मैदानी अमलों क़ो अलर्ट रखें। किसी भी प्रकार क़ी लापरवाही बर्दाश्त नहीं क़ी जाएगी।उन्होंने लंबित राजस्व प्रकरणों क़ी समीक्षा करते हुए 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों क़ो आगामी अक्टूबर माह तक पूर्ण कराने मिशन मोड़ में कार्य करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों क़ो दिये।उन्होंने सीमांकन, आरबीसी 6-4 एवं भू अर्जन के प्रकारणो के निराकरण में भी तेजी लाने कहा।कलेक्टर ने राज्य शासन के निर्देशानुसार खरीफ सीजन 2025 में फसल गिरदावरी 1 अगस्त से 30 सितम्बर 2025 तक पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने गिरदावरी कार्य हेतु पटवारियों क़ो व्यवहारिक प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने ख़राब एवं जर्ज़र सड़कों के मरम्मत क़ी समीक्षा करते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों क़ो जर्जर सड़कों के मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्वामित्व योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, आधार सिडिंग,आयुष्मान कार्ड, जॉब कार्ड, धरती आबा अभियान, समय -सीमा के तहत दर्ज आवेदनों के निराकरण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुश्री दीप्ति गोते, मिथलेश डोंडे सहित, एसडीएम, जनपद सीईओ एवं विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
- बलौदाबाजार /कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी अतुल परिहार के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय महिला सशक्तिकरण केन्द्र (हब) के तहत सोनाखान परियोजना के शहीद वीर नारायण सिंह शासकीय उच्च. माध्य. विद्यालय सोनाखान में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सभी स्कूली छात्राओं को साइबर अपराध जैसे फिशिंग, हैकिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न से बचने के तरीके, इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, डिजिटल दुनिया की चुनौतियों से अवगत कराने और साइबर फ्रॉड,अपराध से बचाव के तरीके एवं महिला हेल्पलाईन नं.181, चाईल्ड हेल्पलाईन नं. 1098 महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इस संबंध में छात्रों ने भी साइबर सुरक्षा से जुडे़ विभिन्न सवाल किये, जिनका अधिकारीयों ने विस्तार से जवाब दिया इस दौरान कार्यक्रम में जिला साइबर अपराध प्रकोष्ठ प्रणाली वैद्य, जिला महिला संरक्षण अधिकारी सुश्री मंजू तिवारी, जिला मिशन समन्वयक प्रीति नवरत्न, सोनाखान परियोजना अधिकारी चंद्रहास नाग, प्रिंसिपल के.आर.पटेल, शिक्षिका ज्योति मैडम सहित स्कूल की छात्राएं उपस्थित रहे।
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-पालक और शिक्षक मिलकर संवारेंगे बच्चों का भविष्य — वर्ष में तीन बार अनिवार्य बैठक
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य के सभी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र के दौरान वर्ष में तीन बार पालक-शिक्षक बैठकों का आयोजन किया जाएगा। पहली बैठक अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में आयोजित की जाएगी, जबकि द्वितीय एवं तृतीय बैठकें तिमाही और अर्धवार्षिक परीक्षाओं के 10 दिवस के भीतर संपन्न होंगी। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने सभी कलेक्टरों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि प्रत्येक जिले में इन बैठकों के आयोजन हेतु कार्ययोजना तैयार की जाए और सुनिश्चित किया जाए कि सभी विद्यालयों में यह प्रक्रिया प्रभावी रूप से लागू हो।पालक-शिक्षक बैठकें न केवल शैक्षणिक संवाद का मंच होंगी, बल्कि वे बच्चों की संपूर्ण प्रगति पर सामूहिक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर भी देंगी। इन बैठकों के माध्यम से पालकों को यह समझाने का प्रयास किया जाएगा कि घर में बच्चों की पढ़ाई के लिए कैसा वातावरण होना चाहिए, उनकी दिनचर्या कैसी हो, परीक्षा के तनाव से कैसे निपटना है, और संवाद की आदत कैसे विकसित करनी है। साथ ही, ‘बस्ता रहित शनिवार’ जैसी पहल पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा जिससे बच्चे मानसिक रूप से हल्का महसूस करें और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लें।बैठकों के दौरान पालकों को बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के उपायों पर भी जानकारी दी जाएगी। विशेष रूप से उन्हें यह समझाया जाएगा कि बच्चों को खुलकर बोलने के लिए अवसर प्रदान करना, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण में भागीदारी सुनिश्चित करना, और जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने हेतु आयोजित शिविरों में बच्चों को शामिल करना कितनी महत्वपूर्ण पहल है। इसके अतिरिक्त ‘न्योता भोजन’ जैसी सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए भी पालकों को प्रेरित किया जाएगा।इस पहल में डिजिटल शिक्षा को भी विशेष स्थान दिया गया है। बैठक के दौरान पालकों को दीक्षा ऐप, ई-जादुई पिटारा, डिजिटल लाइब्रेरी जैसे संसाधनों के बारे में बताया जाएगा, ताकि वे घर पर भी अपने बच्चों को तकनीक आधारित शिक्षण सामग्री से जोड़ सकें। इससे न केवल बच्चों की पढ़ाई में रोचकता बढ़ेगी, बल्कि पालक स्वयं भी शिक्षा के सक्रिय सहभागी बन सकेंगे।स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगस्त के प्रथम सप्ताह में आयोजित होने वाली पहली पालक-शिक्षक बैठक को प्रत्येक स्कूल में भव्य, सुव्यवस्थित और संवाद-प्रधान रूप से संपन्न किया जाएगा। तदनुसार, तिमाही एवं अर्धवार्षिक परीक्षाओं के बाद होने वाली द्वितीय और तृतीय बैठकें भी सुनियोजित ढंग से कराई जाएंगी। इन बैठकों में बच्चों की अकादमिक प्रगति, पाठ्येतर गतिविधियों, स्वास्थ्य, और सामाजिक व्यवहार के संबंध में पालकों को अवगत कराते हुए, उनके व्यक्तित्व विकास पर चर्चा की जाएगी—ताकि स्कूल और परिवार मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कार्य कर सकें। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने Axiom-4 अंतरिक्ष मिशन की ऐतिहासिक सफलता और अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी पर भारत के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला सहित पूरी टीम को हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने वाले भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री के रूप में शुभांशु शुक्ला की यह उपलब्धि, गगनयान मिशन की ओर बढ़ते भारत के आत्मनिर्भर और वैज्ञानिक कदमों का प्रतीक है। शुभांशु की यह उपलब्धि देश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा है और उनके सपनों को एक नई उड़ान देने वाली है। मुख्यमंत्री श्री साय ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह क्षण केवल भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान के लिए ही नहीं, अपितु हर भारतीय के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। शुभांशु शुक्ला की यह उपलब्धि भारत की युवा वैज्ञानिक प्रतिभा और वैश्विक स्तर पर बढ़ती वैज्ञानिक भागीदारी का प्रमाण है।
- -मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं पर तत्काल अमल करें-सभी विभाग ई-ऑफिस का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें-राशन वितरण के कार्यां में लापरवाही बर्दाश्त नहींमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर जिले के विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में शासन की प्राथमिकताओं, जन घोषणाओं, योजनाओं और आगामी आयोजनों को लेकर निर्देश दिए गए तथा जन शिकायत, जनदर्शन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, जवाब दावा आदि की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री एस. आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू एवं श्री रविराज ठाकुर, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान की गई घोषणाओं पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि घोषणाओं पर अमल करते हुए कार्य प्रारम्भ करें। जनपद सीईओ और निर्माण एजेंसियां इस कार्य को गंभीरता से लें और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने गढ़फुलझर में पर्यटन के क्षेत्र में की गई घोषणाओं पर त्वरित अमल करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में कलेक्टर ने समग्र शिक्षा अंतर्गत अपूर्ण एवं अप्रारम्भ कार्यों को प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। अनुकम्पा के रिक्त पदों की जानकारी सभी प्रभारी अधिकारियों को दिए गए है ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। कलेक्टर ने शासन की महत्वपूर्ण ई-ऑफिस कार्यक्रम को सभी कार्यालयों में लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी फाइलें ई-ऑफिस के माध्यम से ही प्रेषित किए जाए। इस संबंध में बैठक के दौरान अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया।कलेक्टर ने खाद वितरण की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी निजी दुकान में खाद का अवैध भंडारण पाए जाने पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए। कृषि उप संचालक ने बताया कि जिले में वर्तमान में 18234 मीट्रिक टन खाद शेष है। उन्होंने बताया कि 469 मीट्रिक टन डीएपी खाद की खेप भी पहुंची है। जिसे जल्द ही समितियों तक पहुंचाया जाएगा। बैठक में किसानों से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देशित किया कि किसानों का पंजीयन अनिवार्य किया जाए। बिना पंजीयन के कृषक उन्नति योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसके लिए राजस्व, कृषि और सहकारी विभाग मिलकर व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि कोई भी पात्र किसान वंचित न रह जाए। धान संग्रहण एवं उठाव केंद्रों की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि बारिश को ध्यान में रखते हुए केंद्रों की मरम्मत गिट्टी व मुरम से की जाए ताकि धान को नुकसान न हो।मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत अब तक जनभागीदारी से जल संचयन हेतु 144 इंजेक्शन वेल और 4777 सोखता गड्ढों का निर्माण किया जा चुका है। इस कार्य की सराहना करते हुए कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की सतत निगरानी के निर्देश दिए। सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया जनभागीदारी से बन रहे जल संचयन के कार्यां में शिक्षा विभाग द्वारा 987, महिला बाल विकास द्वारा 531, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 29 एवं जिला पंचायत द्वारा 3241 गड्ढों का निर्माण जनभागीदारी से किया गया है।कलेक्टर ने कहा सभी एसडीएम फील्ड में जाकर विकास कार्यों का निरीक्षण करें और गुणवत्ता की निगरानी करें। कलेक्टर ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु नालियों और पानी की टंकियों की सफाई के निर्देश दिए गए। सभी नगरीय निकायों को सघन स्वच्छता अभियान चलाने को कहा गया। कलेक्टर ने राशन वितरण और आयुष्मान कार्ड निर्माण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, जनहित के कार्यों में पारदर्शिता सर्वोपरि है।बैठक में कलेक्टर ने कहा कि बैठक में राजस्व प्रकरणों, सुशासन तिहार, पीएम जनमन योजना आदि की भी समीक्षा की गई। पीएमजनमन अंतर्गत सभी विकास के संकेतांकों को 15 अगस्त के पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शहर और गांवों के मुख्य मार्गों से आवारा पशुओं को तत्काल हटाया जाए। इससे यातायात व्यवस्था सुधरेगी और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। सभी नगरीय निकायों और पंचायतों को संयुक्त कार्यवाही करने को कहा गया। सभी विभागों को अपने कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और समय सीमा में कार्य पूर्ण करने को कहा गया। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
- -प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए जताया आभाररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में राजनांदगांव जिले के नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ निरंतर जनहित में कार्य कर रही है। प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए सभी प्रक्रियाओं को चरणबद्ध रूप से ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को सुगम, सरल और सुलभ सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 24 अप्रैल को ‘राष्ट्रीय पंचायत दिवस’ के अवसर पर प्रदेश की चयनित ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की शुरुआत की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल ग्रामीणों को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में प्रदेश की अन्य पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा।राजनांदगांव से आए नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने जिले में प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर, एवं अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिले में बीते डेढ़ वर्षों के भीतर पेयजल विस्तार, सड़क निर्माण, और अन्य अधोसंरचनात्मक कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनका प्रत्यक्ष लाभ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को मिल रहा है। यह जनकल्याण और विकास की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार संतुलित, समावेशी और सतत विकास के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ को सतत विकास की ओर अग्रसर करने के लिए कटिबद्ध है। इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी, श्री कोमल राजपूत, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारीगण और राजनांदगांव जिले के गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे।
- -मंत्रिपरिषद द्वारा वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान दिए जाने के निर्णय हेतु व्यक्त किया आभाररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विधानसभा स्थित कार्यालय में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों ने सौजन्य भेंट कर मंत्रिपरिषद की बैठक में वर्ष 2005 से 2009 बैच तक के अर्हकारी सेवा अवधि पूर्ण कर चुके अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान किए जाने के निर्णय हेतु आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि 11 जुलाई 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के समुचित प्रबंधन हेतु 30 सांख्येतर पदों का सृजन करते हुए वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय उन अधिकारियों के लिए लिया गया है जिन्होंने सेवा में निर्धारित अर्हता अवधि पूर्ण कर ली है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लखन पटले, श्री कीर्तन राठौर, श्री अनंत साहू, डॉ. संगीता माहेलकर एवं श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम उपस्थित थीं।
- -छत्तीसगढ़ की बेटियाँ अब केवल लाभार्थी नहीं, बन रहीं सामाजिक परिवर्तन की भी वाहक- मुख्यमंत्री-भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने की सराहनारायपुर / छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के एक छोटे से गांव उमरदा की निवासी एनु आज पूरे देश में “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एनु की जीवटता, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उनके योगदान की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि एनु जैसी बेटियाँ ही आत्मनिर्भर भारत की असली पहचान हैं। उनके साहस, समर्पण और संकल्प से छत्तीसगढ़ के गांवों की तस्वीर बदल रही है।एनु की प्रेरक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो, तो संसाधनों की कमी, सामाजिक दबाव और परंपरागत सोच भी राह नहीं रोक सकती। एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मीं एनु ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी पढ़ाई जारी रखी और अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया, एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, और समय पर ऋण को चुका कर आर्थिक अनुशासन की मिसाल पेश की।एनु को समझ थी कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए गतिशीलता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने 'प्रथम संस्था' से स्कूटी चलाना सीखा और शुरुआत में समाज के तानों और व्यंग्य के बावजूद अपना आत्मविश्वास बनाए रखा और हार नहीं मानी। जब वे गांव-गांव स्कूटी से महिलाओं से जुड़ने लगीं, तभी उन्हें “स्कूटी दीदी” के नाम से पहचाना जाने लगा।वर्ष 2023 में एनु ने "महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र" की स्थापना की। शुरुआत में केवल 2-3 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया, लेकिन धीरे-धीरे यह पहल ग्रामीण समाज में एक क्रांति बन गई। अब तक वे 30 से अधिक महिलाओं को स्कूटी चलाना सिखा चुकी हैं, जो अब स्वयं आंगनबाड़ी, स्कूल, बैंक और स्वास्थ्य केंद्र जैसे स्थानों तक स्वतंत्र रूप से पहुँचना शुरू कर चुकी हैं।एनु की इस पहल से न केवल महिलाओं की दैनिक गतिशीलता आसान हुई है, बल्कि पूरे सामाजिक दृष्टिकोण में भी परिवर्तन आया है। अब गांवों में माता-पिता स्वयं अपनी बेटियों और बहुओं को एनु के पास प्रशिक्षण हेतु भेज रहे हैं। उनका सपना है कि वे 1000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं और शीघ्र ही चारपहिया वाहन प्रशिक्षण केंद्र शुरू करें।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि एनु जैसे लोग छत्तीसगढ़ की नई पहचान हैं। राज्य सरकार ‘बिहान’ जैसी योजनाओं के माध्यम से ऐसे नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो जमीनी स्तर पर परिवर्तन ला रहे हैं।एनु का योगदान केवल ड्राइविंग प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई, एलईडी असेंबली, मनरेगा कार्यों, और घरेलू प्रबंधन में भी महिलाओं को दक्ष बनाया है। उनके प्रयासों को देखते हुए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा और धमतरी के कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने स्वयं उमरदा गांव जाकर एनु से मुलाकात की और उनके कार्यों की सराहना की।ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने भी एनु की कहानी को फेसबुक पोस्ट के माध्यम से साझा करते हुए कहा कि जीवन में संसाधनों की कमी थी, लेकिन एनु के हौसले को कोई डिगा नहीं सका।उन्होंने एम.ए. की पढ़ाई पूरी कर 'बिहान' और 'प्रथम संस्था' से प्रशिक्षण प्राप्त कर न केवल आत्मनिर्भरता पाई, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनीं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की बेटियाँ केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवर्तन की वाहक बन रही हैं। राज्य सरकार हर ऐसी पहल का स्वागत करेगी जो महिला सशक्तिकरण को गति देगी।
- -छत्तीसगढ़ में पारदर्शी, वैज्ञानिक और जनहितैषी खनिज नीति के तहत रेत खनन व्यवस्था को मिल रहा नया स्वरूपरायपुर / राज्य में रेत खनन नीति को अधिक पारदर्शी, संगठित, पर्यावरण-संवेदनशील और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से व्यापक कदम उठाए गए हैं। पूर्ववर्ती सरकार के शासन काल के दौरान राज्य में संचालित रेत खदानों की संख्या 300 से घटकर लगभग 100-150 रह गई थी, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुए और अवैध खनन को बढ़ावा मिला। वर्तमान सरकार द्वारा खनिज नीति में सुधार कर रेत खनन की व्यवस्था को संगठित, नियंत्रित और जनहितकारी बनाया गया है।पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया में तीव्रताराज्य में पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया को गति देने के लिए भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर तीन राज्य स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण समितियों का गठन किया गया है। पूर्व में केवल एक समिति कार्यरत थी। इस निर्णय से लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे की प्रक्रिया सुगम हुई है।वैध खदानों की संख्या में वृद्धिवर्तमान में 119 रेत खदानें पर्यावरणीय स्वीकृति के साथ विधिवत संचालित हैं, जबकि 94 अन्य खदानों की मंजूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। साथ ही, आगामी 1 से 1.5 वर्षों में 300 से अधिक नई खदानों को स्वीकृति दिए जाने की योजना है, जिससे रेत की आपूर्ति सुलभ बनी रहेगी और निर्माण कार्यों को गति मिलेगी।IIT रुड़की की रिपोर्ट: वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खननप्रमुख नदियों पर खनन के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर IIT रुड़की से कराए गए अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है कि विधिवत और नियंत्रित रेत खनन से नदियों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। यह रिपोर्ट राज्य की वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित खनिज नीति को समर्थन प्रदान करती है।अवैध खनन पर सख्त कार्यवाहीवर्ष 2024-25 से जून 2025 तक 6,331 अवैध खनन प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से ₹18.02 करोड़ की वसूली, 184 मशीनों की जब्ती, 56 एफआईआर तथा 57 न्यायालयीन परिवाद दायर किए गए। जिला एवं राज्य स्तरीय टास्क फोर्सों द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है, जिसमें खनिज, राजस्व, पुलिस, परिवहन और पर्यावरण विभाग के अधिकारी सम्मिलित हैं।विवादों पर त्वरित कार्यवाहीराजनांदगांव और बलरामपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में रेत से संबंधित विवादों एवं घटनाओं पर त्वरित कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही की गई है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी में राहत15 मार्च 2024 को लिए गए निर्णय के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को रेत पर रॉयल्टी से छूट प्रदान की गई है। इस निर्णय से गरीबों और जरूरतमंदों को प्रत्यक्ष राहत मिली है।भविष्य की नीति: पारदर्शिता और संतुलनछत्तीसगढ़ शासन की नीति स्पष्ट है — खनिज संसाधनों के दोहन को जनहित, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के सिद्धांतों पर आधारित करना। संगठित, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से तैयार की गई यह नई रेत खनन नीति राज्य के समग्र विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए सशक्त आधार बनेगी। file photo
- - पालक चौपाल में शिशुवती माताओं और किशोरी बालिकाओं को पौष्टिक आहार, मौसमी बीमारियों से बचाव और स्वच्छता के संबंध में किया गया जागरूकराजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के मार्गदर्शन में जिले में कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए पोट्ठ लईका पहल अभियान के तहत आंगनबाडिय़ों में पालक चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को जिले के आंगनबाड़ी केन्द्र खुटेरी, नरेटीटोला सहित विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों में पालक चौपाल का आयोजन किया गया। पालक चौपाल कार्यक्रम में शिशुवती माताओं को पौष्टिक आहार, बारिश के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव तथा स्वच्छता, पेयजल, डायरिया प्रबंधन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।पोट्ठ लईका पहल अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में पालक चौपाल का आयोजन किया जाता है। पालक चौपाल में शिशुवती माताओं, किशोरी बालिकाओं को पौष्टिक भोजन और स्वच्छता के संबंध में जानकारी दी गई। शिशुवती माताओं को बच्चों को कुपोषण मुक्त करने के लिए तिरंगा भोजन के रूप में पौष्टिक आहार खाने के लिए प्रेरित किया गया। जिससे बच्चों को प्रोटीन, विटामिन एवं अन्य पोषक तत्वों से भरपूर भोजन मिल सके। पालक चौपाल में तिरंगा भोजन के संबंध में अभिभावकों को जानकारी दी गई। तिरंगा भोजन में केसरी रंग अंतर्गत दलहन, सोया, अंडा, सफेद रंग चावल, रोटी तथा हरा रंग में हरी सब्जी जैसे पालक, मेथी, मुनगा भाजी एवं अन्य हरी साग-सब्जी का होता है। अपने बच्चों को पौष्टिक भोजन कम से कम 3 बार दिन में खिलाने और 2-3 बार स्वयं भी खाने की सलाह दी गई।
- - लखपति दीदी कुसुम साहू रेडिमेड कपड़ा दुकान एवं अगरबत्ती निर्माण व पैकेजिंग से बनी सफल उद्यमी- आर्थिक स्थिति बनी मजबूत, जीवन स्तर में आया परिवर्तनराजनांदगांव । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं आर्थिक दृष्टिकोण से सक्षम एवं सशक्त बन रही हंै और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए है। संघर्ष एवं चुनौतियों के बावजूद महिलाओं के सपने को पंख देने एवं उनके घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर कार्य करने का हौसला मिला है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से महिलाओं की तकदीर बदली है और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति उनमें जज्बा एवं जुनून है। इसकी एक बानगी राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम तिलई की लखपति दीदी श्रीमती कुसुम साहू ने पेश की है। उन्होंने बताया कि वे एक घरेलू महिला है। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उनके पति वाहन चलाने का कार्य करते थे और घर के आय का यही एकमात्र साधन था। उन्होंने बताया कि वे माँ भवानी महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना अंतर्गत 2 लाख रूपए का ऋण लिया और अगरबत्ती के निर्माण एवं पैकेजिंग का लघु उद्यम प्रारंभ किया। जिससे उन्हें प्रतिमाह 3 हजार रूपए की शुद्ध आय हुई। इसके बाद उन्होंने पुन: सीएलएफ राशि के तहत 2 लाख 50 हजार रूपए का ऋण लेकर श्री साहू साड़ी रेडिमेड वस्त्रालय प्रारंभ किया। जिससे उन्हें प्रतिमाह 10 से 15 हजार रूपए तक की शुद्ध आय हो रही है। उन्होंने बताया कि उनकी वार्षिक आय लगभग 2 लाख 50 हजार रूपए है तथा वह इस दुकान का विस्तार करना चाहती है।लखपति दीदी श्रीमती कुसुम साहू ने बताया कि बिहान से जुडऩे के बाद उनके जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया है। आर्थिक स्थिति तो अच्छी हुई और जीवन स्तर में भी परिवर्तन आया है। अपने बच्चों को वह अच्छी शिक्षा दे पा रही है। उनका बेटा जेईई की तैयारी कर रहा है और उनकी बेटी नर्सिंग की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि अपना पक्का मकान बना लिया है। बिहान से जुडऩे के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वित्तीय दृष्टिकोण से साक्षर बन रही है। उल्लेखनीय है कि शासन की लखपति दीदी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में समूह की महिलाओं को विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने में कारगर साबित हो रही है।
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दुर्ग/जिले की ग्राम पंचायत अण्डा में न केवल गाँव की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि एक ग्रामीण को आत्मनिर्भर भी बना दिया। यह कहानी है राजकुमार टंडन की जो पहले अवैध स्थान पर एक छोटे से ठेले में पान भंडार चलाते थे और आज एक पक्की दुकान में बिना किराया दिए दुकान चला रहे हैं।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत अण्डा ग्राम पंचायत में एक सार्वजनिक शौचालय परिसर का निर्माण किया गया। लेकिन इस बार योजना केवल शौचालय बनाने की नहीं थी इसके साथ-साथ वहां एक आजीविका केन्द्र भी विकसित किया गया। शौचालय परिसर के पास ही मुख्य सड़क और बस स्टैंड होने की वजह से यहां आजीविका केन्द्र के रूप में बेहतर अवसर होने की संभावना पाई गई और फिर परिसर में एक कमरा दुकान के रूप में विकसित किया गया और इसे एक ज़रूरतमंद ग्रामीण को निशुल्क दिया गया। वर्ष 2024 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 5 लाख रुपये की लागत से शौचालय और दुकान का निर्माण पूरा हुआ। दुकान मिलने के बाद राजकुमार ने उसे अच्छी तरह से सजाया, और अब वह वहां पान, ठंडे पेय और अन्य रोजमर्रा के सामान बेचते हैं। पक्की दुकान होने की वजह से अब उन्होंने एक फ्रिज भी खरीद लिया है, जो पहले उनके लिए संभव नही था।
राजकुमार ने बताया कि पूर्व में वह एक छोटे ठेले में दुकान चलाते थे जो की अवैध जगह पर थी। पहले उनकी आमदनी सीमित थी, लेकिन अब वह हर महीने करीब 12 हजार रूपए की कमाई कर रहे हैं। शौचालय परिसर का संचालन और रखरखाव भी वह ही करते हैं। आज वह न केवल अपने परिवार की बेहतर देखभाल कर पा रहे हैं, बल्कि गाँव के युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी बन गए हैं। राजकुमार ने कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग दुबे, जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ श्री रूपेश पांडे और ग्राम पंचायत अण्डा का धन्यवाद व्यक्त किया। इस पहल को एक सफल मॉडल के तौर पर देखा जा सकता है, जो न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देता है, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण का भी माध्यम बनता है। -
दुर्ग/ कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) दुर्ग द्वारा नर्सरी प्रबंधन पर 29 से 31 जुलाई 2025 तक 3 दिवसीय निःशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ट वैज्ञानिक एवं प्रमुख से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में 18 से 40 वर्ष के ग्रामीण युवाओं को व्यवसायिक नर्सरी प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया जाना है। इच्छुक युवा प्रशिक्षण में सम्मिलित होने के लिए मोबाइल नं. 9425213284 एवं 9669066314 पर कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) दुर्ग से पंजीयन हेतु सम्पर्क कर सकते है।
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दुर्ग,/ खरीफ वर्ष 2025 से कृषक उन्नति योजना में धान के साथ-साथ फसल विविधिकरण प्रोत्साहन के तहत् दलहन-तिलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार तथा इनके उत्पादन में आत्मनिर्भता के लक्ष्य के साथ योजनान्तर्गत विहित अन्य फसलों पर आदान सहायता राशि दिये जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे धान के अतिरिक्त दलहन-तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसलें (कोदो, कुटकी, रागी) एवं कपास फसल लेने वाले कृषकों को 10 हजार रू प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जायेगी। इसके अतिरिक्त विगत खरीफ में एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे कृषक जिन्होंने धान की फसल लगाई हो तथा प्रदेश की सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया हो, उन्हें धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल हेतु एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि उपरांत 11 हजार रू. प्रति एकड़ की दर से आदान सामग्री का भुगतान किया जाएगा। अतः कृषकों से अपील की गई है कि योजना का लाभ लेने हेतु 31 अक्टूबर 2025 के पूर्व संबंधित सहकारी समिति के माध्यम से एकीकृत किसान पोर्टल में अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से कराये।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे समस्त कृषक, जिनके द्वारा खरीफ मौसम में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से सम्बद्ध प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (लैम्पस सहित) अथवा छ.ग. कृषि बीज एवं कृषि विकास निगम लिमि को धान बीज का विक्रय किया गया हो, विगत खरीफ मौसम में एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे कृषक जिन्होंने धान की फसल लगाई हो तथा समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया हो तथा वर्तमान में धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल दलहन, तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसल (कोदो, कुटकी, रागी) एवं कपास फसल हेतु पंजीयन कराया हो, योजना का लाभ लेने हेतु पात्र होंगे। संस्थागत समितियां जैसे- ट्रस्ट, मंडल, प्रायवेट लिमि, शाला विकास समिति तथा केन्द्र एवं राज्य शासन के संस्थानों को योजनान्तर्गत पात्रता नहीं होगी। कृषकों को आदान सहायता राशि का भुगतान कृषि भूमि सीलिंग कानून के प्रावधान के अध्याधीन किया जायेगा।कृषक उन्नति योजना का मुख्य उद्देश्य फसल क्षेत्राच्छादन, उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि, फसल के काश्त लागत में कमी लाकर कृषकों की आय में वृद्धि तथा उनके आर्थिक सामाजिक स्तर में सुधार के साथ उन्नत बीज. उर्वरक कीटनाशक, मानव श्रम, यांत्रिकीकरण एवं नवीन तकनीक में निवेश तथा फसल विविधिकरण को प्रोत्साहन देते हुए कृषि लाभकारी व्यवसाय के रूप में पुनर्स्थापित करना है। इस योजना का कियान्वयन खरीफ 2025 से किया जायेगा। राज्य का अधिकांश क्षेत्र वर्षा आधारित होने से मौसमीय प्रतिकूलता एवं कृषि आदान लागत में वृद्धि के कारण कृषि आय में अनिश्चितता बनी रहती है। जिसके कारण कृषक फसल उत्पादन के लिए आवश्यक आदान जैसे-उन्नत बीज उर्वरक, कीटनाशक, यांत्रिकीकरण एवं नवीन तकनीकी में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाते है। राज्य शासन द्वारा कृषि में पर्याप्त निवेश एवं काश्त लागत राहत देने के लिए कृषक उन्नति योजना प्रारंभ की गई है। -
दुर्ग,/ जिले में 1 जून 2025 से 15 जुलाई 2025 तक 311.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सार्वाधिक वर्षा 413.3 मिमी पाटन तहसील में तथा न्यूनतम 252.0 मिमी. तहसील बोरी में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील धमधा में 271.8 मिमी, तहसील अहिवारा में 372.6 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 275.6 मिमी और तहसील दुर्ग में 282.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 15 जुलाई को तहसील दुर्ग में 0.0 मिमी, तहसील धमधा में 9.0 मिमी, तहसील पाटन में 0.0 मिमी, तहसील बोरी में 5.0 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 3.4 मिमी और तहसील अहिवारा में 12.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
- 0- दुकानदारों से सूखा, गीला कचरा, हानिकारक कूड़ा नीले, हरे, काले डस्टबिन में पृथक - पृथक रखकर सफाई मित्र को निष्पादन हेतु देने सफाई मित्रों, स्वच्छता दीदियों की अपील0रायपुर - स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के अंतर्गत नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा चलाये जा रहे सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ स्वच्छता जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत सोमवार को रायपुर नगर पालिक निगम जोन 2 कार्यालय से सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ स्वच्छता जनजागरूकता रैली जोन कार्यालय शहीद स्मारक स्कूल परिसर मौदहापारा के सामने से विभिन्न मुख्य मार्गो से होकर निकाली गयी.सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ स्वच्छता जनजागरूकता रैली का शुभारम्भ नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने जोन कार्यालय परिसर में जोन 2 जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लावनिया, सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति के मध्य हरी झड़ी दिखाकर किया.रायपुर नगर निगम जोन 2 स्वास्थ्य विभाग की टीम के सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों ने मुख्य मार्गो में सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ स्वच्छता जनजागरूकता रैली जोन 2 क्षेत्र अंतर्गत जोन 2 जोन कार्यालय से होकर फाफाडीह चौक, रेल्वे स्टेशन मार्ग, स्टेशन मार्ग गुरूद्वारा, संजय गाँधी चौक, नहरपारा मार्ग, झूलेलाल चौक, कैनाल लींकिंग रोड से होकर नगर निगम जोन 2 कार्यालय तक निकालकर रायपुर को स्वच्छ शहर बनाने स्वच्छ सर्वेक्षण में श्रेष्ठ स्वच्छता रैंकिंग दिलवाने सभी दुकानदारों और व्यापारियों से बाजार क्षेत्र में अपनी दुकान में हरे रंग के डस्टबिन में गीला कचरा नीले रंग के डस्टबिन में सूखा कचरा, काले रंग के डस्टबिन में हानिकारक कूड़ा पृथक - पृथक रखकर निगम सफाई मित्र को सफाई वाहन में पृथक - पृथक कचरा निष्पादन हेतु देकर सहभागिता दर्ज करवाने की अपील की. साथ ही स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों ने नागरिकों के मध्य स्वच्छता जनजागरूकता रैली में सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ के गगनभेदी नारे लगाए.--
- 0- प्रभारी उपायुक्त प्रीति सिंह को स्वास्थ्य अधिकारी का कार्य, डाॅग कंट्रोल, सेन्ट्रल गैंग, व्हीआईपी गैंग, महापौर गैंग, काउकेचर, एमएमयू, एनयूएलएम का कार्य दायित्वरायपुर - सोमवार को रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप ने नगर पालिक निगम सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आदेश जारी कर रायपुर नगर पालिक निगम की प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक नगर निगम मुख्यालय प्रभारी उपायुक्त श्रीमती प्रीति सिंह को पूर्व में सौपे गये कार्यो से मुक्त करते हुए स्वास्थ्य अधिकारी का कार्य, डाॅग कंट्रोल, सेन्ट्रल गैंग, व्हीआईपी गैंग, महापौर गैंग, काउकेचर , एमएमयू, एनयूएलएम का प्रशासनिक कार्य दायित्व सौपा है।इसी प्रकार निगम मुख्यालय प्रभारी उपायुक्त श्रीमती तुलसी राठौर को जोन 4, 5,6,7,8 के राजस्व विभाग के रिअसेसमेंट सर्वे कार्य का निरीक्षण करने कार्यवाही करने का कार्य दायित्व और जोन 4,5,6,7,8 का नगर निवेश विभाग का कार्य दायित्व सौपा गया है। मुख्यालय उपायुक्त डाॅ. अंजलि शर्मा को जोन 4,5,6,7,8 के उपायुक्त नगर निवेश विभाग के कार्य दायित्व से मुक्त कर दिया गया है। मुख्यालय प्रभारी उपायुक्त श्री मोनेश्वर शर्मा को पूर्व में सौपे गये कार्य के साथ साथ प्रभारी उपायुक्त विधि विभाग का कार्य दायित्व सौपा गया है। आयुक्त ने उक्ताशय का प्रशासनिक आदेश तत्काल प्रभावशील कर दिया है।
- 0- स्वाभिमान दिवस पर नगर निगम संस्कृति विभाग द्वारा 19 जुलाई को प्रातः 11 बजे नवीन मार्केट स्थित मूर्ति के समक्ष पुष्पांजलि आयोजनरायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 4 के सहयोग से छत्तीसगढ़ राज्य के प्रणेता प्रथम दृष्टा डॉक्टर खूबचंद बघेल की जयन्ती स्वाभिमान दिवस पर दिनांक 19 जुलाई 2025 को प्रातः 11 बजे राजधानी शहर रायपुर में जी.ई. मार्ग में नवीन मार्केट स्थित मूर्ति के समक्ष नमन करने पुष्पांजलि आयोजन रखा गया है।पुष्पांजलि आयोजन हेतु रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग की ओर से रायपुर नगर पालिक निगम जोन 4 जोन कमिश्नर को मूर्ति स्थल की आवश्यक साफ-सफाई, पुष्प, पुष्पमाला, फूलों की पंखुड़ियां आदि के साथ-साथ अन्य सामान्य यथोचित व्यवस्था करवाने निर्देशित किया गया है।
- बिलासपुर. शासकीय कार्यालय स्थलों पर ही अब आधार पंजीयन के कार्य होंगे। चिप्स के सीईओ कार्यालय, रायपुर से इस आशय के आदेश जारी किए गए हैं। लिहाजा, ई गवर्नेंस सोसाइटी बिलासपुर द्वारा आधार पंजीयन केंद्र खोलने के लिए 21 जुलाई 2025 तक आवेदन प्रस्ताव मंगाए गए हैं।मुख्य कार्यपालन अधिकारी चिप्स स्टेट डाटा सेण्टर सिविल लाइन्स रायपुर के 7 मई 2025 को जारी पत्र के अनुसार निम्न शासकीय स्थानों पर ही आधार पंजीयन केन्द्रों का संचालन किया जाना है, जिसमें अतः जिला ई-गवर्नेस सोसाइटी बिलासपुर द्वारा जिला कलेक्ट्रेट,नगरनिगम, जिला पंचायत, तहसील,एसडीएम ऑफिस, जनपद पंचायत और नगरपालिका तथा नगर पंचायत कार्यालय में कुल किट संख्या 34 हेतु आधार कार्य करने के लिए आवेदन कार्यालय, बंद लिफ़ाफ़े में कलेक्टर जिला ई-गवर्नेस सोसाइटी बिलासपुर में कार्यालयीन समय में 21 जुलाई तक किया जा सकता है।चयन मापदंड पूर्ण होने उपरान्त चयनित आधार केंद्र संचालक को एक लाख पचास हज़ार रूपए की सुरक्षा निधि "कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला ई-गवर्नेस सोसाइटी बिलासपुर" के नाम से डीडी के रूप में जमा करना होगा एवं जिला ई-गवर्नेस सोसाइटी बिलासपुर के साथ हस्ताक्षरित अनुबंध करना होगा | आवेदन की प्रक्रिया एवं आवेदन फॉर्म बिलासपुर जिले की शासकीय वेबसाईट बिलासपुर डॉट जीओवी डॉट इन से प्राप्त किया जा सकता है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 जुलाई को सांय 5.30 बजे रखा गया है।









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