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- - मांग 39829 एवं शिकायत 1094 आवेदन प्राप्त हुएदुर्ग, /सुशासन तिहार का जिले में शुभारंभ मंगलवार 08 अप्रैल से किया गया। सुशासन तिहार समस्याओं का समाधान है। प्रथम चरण 08 से 11 अप्रैल तक आम जनता से समस्या संबंधी आवेदन लिए जाएंगे। द्वितीय चरण में आवेदनों का निराकरण एवं तृतीय चरण 05 से 31 मई 2025 समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। सुशासन तिहार को लेकर ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के लोगों में काफी उत्साह देखा गया। सुशासन तिहार के प्रथम चरण के 08 अप्रैल से 10 अप्रैल 2025 तक कुल 40923 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 39829 मांगे व 1094 आवेदन शिकायत से संबंधित है। सबसे अधिक जनपद पंचायत पाटन में 20178 आवेदन, जनपद पंचायत दुर्ग में 10208 आवेदन एवं जनपद पंचायत धमधा में 4937 आवेदन प्राप्त हुए है।सुशासन तिहार-2025 के अंतर्गत जिला कार्यालय में 74 जिसमें 39 मांग एवं 35 शिकायत, जिला पंचायत दुर्ग में 08 जिसमें 08 मांग, नगर पालिक निगम दुर्ग में 1040 जिसमें 912 मांग एवं 128 शिकायत, नगर पालिक निगम भिलाई में 740 जिसमें 543 मांग एवं 197 शिकायत, नगर पालिक निगम रिसाली में 381 जिसमें 320 मांग एवं 61 शिकायत, नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा में 295 जिसमें 227 मांग एवं शिकायत 68, नगर पालिक परिषद अहिवारा में 89 जिसमें 69 मांग एवं 20 शिकायत, नगर पालिक परिषद कुम्हारी में 362 जिसमें 322 मांग एवं 40 शिकायत, नगर पालिक परिषद जामुल में 98 जिसमें 85 मांग एवं 13 शिकायत, नगर पंचायत धमधा में 314 जिसमें 304 मांग एवं 10 शिकायत, नगर पंचायत पाटन में 162 जिसमें 146 मांग एवं 16 शिकायत, नगर पंचायत उतई में 1737 जिसमें 1712 मांग एवं 25 शिकायत, नगर पंचायत अमलेश्वर में 190 जिसमें 154 मांग एवं 36 शिकायत के आवेदन प्राप्त हुए। इसी प्रकार अनुविभागीय कार्यालय दुर्ग में 11 आवेदन प्राप्त हुए जो मांग 01 एवं 11 शिकायत हैं। धमधा में 06 जिसमंे मांग 05 एवं 01 शिकायत, पाटन में 03 जिसमें मांग 01 एवं 02 शिकायत हैं। भिलाई 3 में 09 आवेदन प्राप्त हुए जो मांग 08 एवं 01 शिकायत हैं। जनपद पंचायत दुर्ग में 10208 आवेदन जिसमें 10145 मांग एवं 63 शिकायत, धमधा में 4937 जिसमें मांग 4758 एवं 179 शिकायत, पाटन में 20178 आवेदन जिसमें 20008 मांग एवं 170 शिकायत आवेदन प्राप्त हुए है। तहसील कार्यालय दुर्ग में 33 आवेदन जिसमें 25 मांग एवं 08 शिकायत प्राप्त हुए हैं, तहसील कार्यालय धमधा में 07 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 07 आवेदन मांग प्राप्त हुए है। तहसील कार्यालय पाटन में 08 आवेदन प्राप्त हुए जो 06 मांग एवं 02 शिकायत हैं। तहसील कार्यालय भिलाई 03 मंे 32 आवेदन जिसमें 23 मांग और 09 शिकायत एवं तहसील कार्यालय अहिवारा में 01 आवेदन प्राप्त हुए है जो 01 मांग आवेदन प्राप्त हुए।
- -गांव-गांव, शहर-शहर में लगी समाधान पेटियां-11 अप्रैल तक आमजन से लिए जाएंगे आवेदनरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जनता-जनार्दन की समस्याओं के निदान और उनसे रूबरू मुलाकात के लिए सुशासन तिहार के तहत गांव-गांव, शहर-शहर आवेदन लिए जाने का सिलसिला जारी है। आम जनता से 11 अप्रैल तक लिए जाएंगे। आवेदन प्राप्त करने के प्रथम चरण में तीन दिनों में तीन लाख 18 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें 2 लाख 89 हजार 648 आवेदन विभिन्न मांगों से संबंधित है जबकि शिकायतों से संबंधित आवेदनों की संख्या मात्र 19 हजार 375 है।यहां यह उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार तीन चरणों में आयोजित होगा। प्रथम चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आम जनता से ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के कार्यालयों में सीधे आवेदन लिए जा रहे हैं। लोग अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन अपने-अपने जिलों में ऑनलाईन, शिविर एवं समाधान पेटी में डाल रहे हैं।जनसमान्य की समस्याओं से संबंधित आवेदनों को भरने के लिए ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायो के कार्यालयों में अधिकारी कर्मचारी की ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन देने में किसी भी तरह की परेशानी न हो। सुशासन तिहार के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन पोर्टल एवं कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भी आवेदन प्राप्त किए जाने की व्यवस्था है। विकासखंडों और जिला मुख्यालयों में भी आवेदन प्राप्त करने हेतु समाधान पेटी रखी गई है, जहां लोग अपनी समस्याओं के संबंध में आवेदन डाल रहे है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं पारदर्शिता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल है। सुशासन तिहार-2025 के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा, और एक माह के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सुशासन तिहार 2025 का उद्देश्य जनसामान्य की समस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित समाधान, शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व में ही सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे सुशासन तिहार के सुव्यवस्थित आयोजन और इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों के तत्परता से निराकरण को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर निराकरण की स्थिति और गुणवत्ता की समीक्षा भी की जाएगी।सुशासन तिहार के तीसरे चरण में प्रत्येक जिले की 8 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित होंगे। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों में आमजन को उनके आवेदन की स्थिति से अवगत कराया जाएगा, तथा यथासंभव आवेदन का त्वरित निराकरण भी वहीं किया जाएगा। शेष समस्याओं का निराकरण एक माह के भीतर कर सूचना दी जाएगी।समाधान शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस अभियान में सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी स्वयं शिविरों में उपस्थित रहकर आमजन से संवाद करेंगे, और विकास कार्यों व योजनाओं से मिल रहे लाभ का फीडबैक लेंगे। साथ ही औचक निरीक्षण के माध्यम से चल रहे निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
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-प्रधानमंत्री जनमन योजना से बदली जनजातीय गांव की तस्वीर
रायपुर / कबीरधाम जिले की ग्राम पंचायत कांदावानी के आश्रित गांव पटपरी में निवासरत 25 बैगा परिवारों के जीवन में अब अंधेरा नहीं रहा। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत यहां के सभी बैगा परिवारों के घरों में क्रेडा की ओर से निःशुल्क सोलर सिस्टम लगाया गया है, जिससे उनके आशियाने अब रोशनी से जगमगा उठे हैं। शासकीय योजनाओं का लाभ अब दूरस्थ आदिवासी अंचलों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पटपरी गांवों में बिजली, पानी, स्वास्थ्य और पहचान जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाकर शासन-प्रशासन ने जनजातीय समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की नींव रखी है।पटपरी गांव, जो जिला मुख्यालय कबीरधाम से लगभग 80 किलोमीटर तथा ब्लॉक मुख्यालय पंडरिया से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित है, अब एक नई ऊर्जा की मिसाल बन गया है। हर घर में 300 वाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया गया है। प्रत्येक सोलर सिस्टम की लागत 65 हजार रूपए है, जो कि पीएम जनमन और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से पूर्णतः निःशुल्क बैगा परिवारों को प्रदाय किया गया है। इस पहल से ग्रामीणों को न सिर्फ अंधेरे से छुटकारा मिला है, बल्कि उनके जीवन में एक नई उम्मीद भी जगी है। बैगा समुदाय के फूल सिंह का कहना है, अब हमारे घरों में अंधेरा नहीं रहता, रात में भी बच्चे पढ़ाई कर पाते हैं। जगातीन बाई बैगा ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि जनमन योजना के तहत उनके घर में बिजली पहुंची है, जिससे वे अत्यंत उत्साहित हैं। जनमन योजना की लाभार्थी होने के नाते वे राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के विशेष आमंत्रण पर दिल्ली भी गई थीं और उनसे भेंट की थी। पटपरी गांव में निवासरत बैगा परिवारों के पेयजल की व्यवस्था के लिए दो हैंड पंप भी स्थापित किए गए हैं, जिससे उन्हें स्वच्छ पेयजल मिलने लगा है। इस गांव के सभी बैगा परिवारों के आधार कार्ड व राशन कार्ड प्रदाय किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत स्वास्थ्य कार्यकर्ता समय-समय पर पटपरी गांव पहुंचते हैं और ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच करते हैं। खेती-बाड़ी पर आश्रित बैगा परिवारों का जीवन यापन मुख्यतः पट्टे पर मिली वनभूमि पर खेती से होता है। इसके अलावा गन्ना सीजन में मजदूरी कर वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। लघु वनोपज का संग्रहण बैगा परिवारों के आय का अतिरिक्त जरिया है।
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झरिया अल्काइन वाटर बाटलिंग प्लांट का करेंगे शुभारंभ
सार्वजनिक ई-ऑटो परिवहन सेवा की होगी शुरूआत
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 11 अप्रैल को नवा रायपुर में देश की प्रसिद्ध सेमी कंडक्टर निर्माता कंपनी पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट की आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर झरिया अल्काइन वाटर बाटलिंग प्लांट का करेंगे शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री नवा रायपुर में निर्मित कॉमर्शियल टावर में आईटी कंपनियों को फर्निश्ड स्पेस का आबंटन करने के साथ ही नवा रायपुर में सार्वजनिक ई-ऑटो परिवहन सेवा की भी शुरूआत करेंगे।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहेेंगे। यह कार्यक्रम वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, आवास एवं पर्यावरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा।
गौरतलब है कि पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड भारत की पहली सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली कंपनी है, जो छत्तीसगढ़ में 1143 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कारखाना स्थापित करेगी। डेढ़ लाख वर्ग फीट में बनने वाला यह प्लांट 2030 तक 10 अरब चिप्स तैयार करेगी, जो टेलीकॉम, 6जी/7जी, लैपटॉप और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोग होंगे। इस प्लांट में 130 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय नवा रायपुर के कमर्शियल टावर में पूरी तरह तैयार ऑफिस स्पेस आईटी कंपनियों को आबंटित करेंगे। यह कदम नवा रायपुर को भारत का आईटी हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी। आईटी कंपनी के माध्यम से 750 लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री इस मौके पर युवाओं को जॉइनिंग लेटर भी सौंपेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों नवा रायपुर में ई-ऑटो पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा की शुरुआत भी होगी। यह ई-ऑटो सर्विस महिलाओं के स्व-सहायता समूह के जरिए संचालित होगी। लगभग 130 किलोमीटर के दायरे में यह ई-ऑटो पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा रिहायशी इलाकों, ऑफिस, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और जंगल सफारी को जोड़ेगी। इससे 40 महिलाओं को रोजगार मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री श्री साय झरिया अल्कलाइन वाटर बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन भी होगा। इससे सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति होगी। - रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 11 अप्रैल को हाटकेश्वर जयंती की बधाई और शुभकामनाएं प्रदेशवासियों को दी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आम जनता की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समाज सुधारक, विचारक, लेखक और दार्शनिक महात्मा ज्योतिबा फुले की 11 अप्रैल को जयंती पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने कहा है की ज्योतिबा फुले जी ने महिलाओं व दलितों के उत्थान के लिए कई कार्य किए। दलितों के प्रति भेद-भाव समाप्त कर उन्हें समाज में स्थान दिलाने के लिए महात्मा फुले ने सत्यशोधक समाज की स्थापना की। उन्होंने न सिर्फ महिला शिक्षा को बढ़ावा दिया, बल्कि अपनी धर्मपत्नी सावित्रीबाई फुले को भी शिक्षा दिलाई जिससे वे भारत की पहली अध्यापिका बनीं। श्री साय ने कहा कि महात्मा फुले समाज को अंधविश्वास और कुप्रथाओं से मुक्त करना चाहते थे। वे भारतीय समाज में प्रचलित जाति व्यवस्था और उस पर आधारित भेदभाव के प्रबल विरोधी थे। उन्होंने समाज को कुरीतियों से मुक्ति दिलाने के लिए सभी वर्गों की शिक्षा पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन और विचार मूल्य हमें मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
- -स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने ऑपरेटर्स को दिया टैबलेट और फिंगरप्रिंट स्कैनररायपुर। भारत सरकार द्वारा संचालित जन्म लिंक आधार पंजीकरण योजना के अंतर्गत, देश के प्रत्येक नागरिक को आधार कार्ड से जोड़ने की पहल को और सुदृढ़ बनाने हेतु, अब सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं का आधार कार्ड बनाया जाएगा।यह कदम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी ढंग से प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा। आधार कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, और वित्तीय सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों में पदस्थ ऑपरेटर्स को LMS (लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम) और NSEIT (नेशनल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट इंडेक्स टेस्ट) परीक्षाओं को उत्तीर्ण करना अनिवार्य है, जिसके लिए प्रशिक्षण प्रदाय किया गया है | अब तक 6 स्वास्थ्य संस्थानों के ऑपरेटर्स ने इन मानकों को पूरा कर लिया है। स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया के हाथों सफल उम्मीदवारों को टैबलेट और फिंगरप्रिंट स्कैनर उपकरण प्रदान किए गए हैं।योजना के तहत, प्रत्येक संस्थान में CELC (चाइल्ड एनरोलमेंट लाइट क्लाइंट) किट (एंड्रॉइड टैबलेट और फिंगरप्रिंट डिवाइस) की व्यवस्था की गई है, जो आधार पंजीकरण को तीव्र और सुगम बनाएगी। योजना की प्रगति की आयुक्त एवं संचालक, स्वास्थ्य सेवाएँ सुश्री प्रियंका शुक्ला द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है।संस्थानों से प्राप्त डेटा का UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) के साथ समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है। शीघ्र ही यह योजना राज्य के सभी जिलों के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लागू की जाएगी।
- रायपुर.। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव 11 अप्रैल को लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करेंगे। वे राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में सवेरे दस बजे से आयोजित समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा प्रदेशभर में किए जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। लोक निर्माण विभाग के सचिव, प्रमुख अभियंता, सभी मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता सहित सभी जिलों के कार्यपालन अभियंता बैठक में शामिल होंगे।
- -जिलों में समितियों के गठन के निर्देशरायपुर, / छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य में नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। गृह विभाग द्वारा 28 मार्च 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार, इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में विशेष समितियों के गठन के निर्देश दिए गए हैं। यह नीति, नक्सल हिंसा में पीड़ित हुए व्यक्तियों एवं परिवारों जैसे कि मृत्यु, गंभीर घायल या स्थायी अपंगता के शिकार लोगों के साथ-साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और राहत के उद्देश्य से तैयार की गई है।जिला स्तर पर गठित की जाएगी पुनर्वास समितिअधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक जिले में गठित होने वाली समिति में कलेक्टर अध्यक्ष होंगे, जबकि पुलिस अधीक्षक को सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अतिरिक्त वनमंडलाधिकारी, जिला पंचायत के सीईओ, कलेक्टर द्वारा नामांकित दो अन्य अधिकारी तथा सशस्त्र बलों के प्रतिनिधियों को भी समिति में शामिल किया जाएगा।नोडल अधिकारी होंगे नियुक्तप्रत्येक जिले एवं सब-डिविजनल स्तर पर एक-एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जिनका मोबाइल नंबर व ई-मेल पता राज्य शासन को प्रेषित किया जाएगा। यह अधिकारी समस्त पुनर्वास कार्यों की निगरानी करेंगे। गृह विभाग ने निर्देशित किया है कि राज्य गठन के उपरांत से अब तक के सभी पीड़ित प्रकरणों को चिन्हित किया जाए और आत्मसमर्पित नक्सलियों का चयन कर राहत एवं पुनर्वास की कार्यवाही प्राथमिकता पर की जाए।इस नीति के अंतर्गत एक विशेष पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक पीड़ित एवं आत्मसमर्पित व्यक्ति की जानकारी दर्ज की जाएगी और उन्हें एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी। संबंधित अधिकारी इस पोर्टल के डैशबोर्ड का नियमित रूप से अवलोकन कर राहत एवं पुनर्वास के कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। गृह विभाग ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे इस नीति के अंतर्गत निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए राहत एवं पुनर्वास की कार्यवाही को समय सीमा में प्रभावी रूप से पूरा करेंगे।
- -पश्चिम बंगाल के 217 बीएलओ, 2 डीईओ और 12 ईआरओ का प्रशिक्षण IIIDEM में प्रारंभ-मीडिया और सोशल मीडिया नोडल अधिकारियों एवं जिला पीआरओ के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम संपन्नरायपुर / आज से IIIDEM (इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट) में पश्चिम बंगाल से आए 2 जिला निर्वाचन अधिकारी (DEOs), 12 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (EROs) और 217 बूथ लेवल अधिकारी (BLOs) के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। यह पहल, आयोग द्वारा 4 मार्च को IIIDEM में आयोजित सीईओ सम्मेलन में परिकल्पित जमीनी चुनाव अधिकारियों की क्षमता वृद्धि के व्यापक प्रशिक्षण योजना का हिस्सा है।इसके अतिरिक्त, मीडिया नोडल अधिकारियों, सोशल मीडिया नोडल अधिकारियों और जिला जनसंपर्क अधिकारियों के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आज IIIDEM, नई दिल्ली में संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बदलते मीडिया परिदृश्य में चुनाव अधिकारियों के बीच समन्वय और तैयारी को सशक्त बनाना था।28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से आए मीडिया अधिकारियों ने इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका उद्देश्य एक प्रभावी संचार रणनीति विकसित करना है ताकि सूचना सक्रिय रूप से प्रसारित की जा सके, गलत सूचना का मुकाबला किया जा सके, और विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से मतदाता जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सके — यह सब विधिक ढांचे (RP अधिनियम 1950 और 1951, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960, निर्वाचन संचालन नियम 1961 और आयोग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों) के अनुरूप किया जाएगा।मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने अपने संबोधन में यह स्वीकार करते हुए कि मीडिया चुनाव प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भागीदार है, तथ्यात्मक, समय पर और पारदर्शी संचार की महत्ता को रेखांकित किया, जिससे मतदाताओं का चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बना रहे, विशेषकर इस डिजिटल सूचना युग में। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया अधिकारियों को सही जानकारी के प्रचार में सक्रिय रहना चाहिए और मतदाताओं को तथ्यहीन कथाओं से बचाते हुए उन्हें सही जानकारी से सशक्त बनाना चाहिए।
- -अम्बेडकर अस्पताल में संघर्ष से सफलता की प्रेरणादायक कहानी-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अगुवाई में बेहतर हो रहीं है स्वास्थ्य सुविधाएंरायपुर। हर्ष, 8 वर्षीय एक बालक, बचपन से ही एक जुझारू योद्धा रहा है। उसकी चिकित्सकीय यात्रा महज दो वर्ष की आयु में शुरू हुई, जब उसे हिर्शस्प्रंग डिजीज के संदेह में डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल, रायपुर में भर्ती किया गया। हालांकि, बायोप्सी रिपोर्ट में यह बीमारी नहीं पाई गई। मेगाकोलन के कारण उसकी कोलोस्टॉमी की गई और फिर उसे छुट्टी दे दी गई।समय बीतता गया और हर्ष को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। वह एक बार फिर अस्पताल लौटा, इस बार पैरालिसिस (पैरापेरेसिस) और न्यूरोजेनिक ब्लैडर की समस्या के साथ, जिससे उसका दैनिक जीवन अत्यंत कठिन हो गया था। पीडियाट्रिक और न्यूरोसर्जरी टीमों ने मिलकर कार्य किया और एमआरआई जांच में उसकी रीढ़ में एक एपिडमॉइड सिस्ट का पता चला। सर्जरी टीम ने सफलतापूर्वक इस सिस्ट को निकाल दिया और उसे नया जीवनदान मिला लेकिन उसकी सबसे कठिन परीक्षा अभी बाकी थी। हर्ष को एक बार फिर, इस बार गंभीर स्थिति में, पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में भर्ती कराया गया। वह तीव्र मेटाबॉलिक एसिडोसिस और श्वसन विफलता के साथ आया। जिसके चलते तुरंत इंटुबेशन करना पड़ा। अनुभवी पीडियाट्रिशियन और इंटेंसिविस्ट्स के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने उसे स्थिर करने के लिए दिन-रात मेहनत की। गहन जांच के बाद, उसके पुराने यूरीन इंफेक्शन्स (जो कि न्यूरोजेनिक ब्लैडर के कारण हुए) से उत्पन्न क्रॉनिक किडनी डिजीज की पुष्टि हुई।लगातार निगरानी, गहन उपचार और अद्वितीय समर्पण के साथ, अस्पताल के स्टाफ ने हर्ष को मृत्यु के कगार से वापस खींच लिया। जैसे-जैसे वह धीरे-धीरे ठीक होने लगा और अंततः वेंटिलेटर से हटाया गया, वह क्षण हर्ष और पूरी टीम के लिए एक बड़ी जीत थी।एक लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा के बाद, हर्ष को छुट्टी दी गई एक नए उत्साह और ताकत के साथ जीवन को आगे बढ़ाने के लिए। उसकी यह रिकवरी डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल, रायपुर में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा, टीमवर्क और अथक प्रयासों का सजीव प्रमाण है। जब हर दिशा में अंधकार था, तब डॉक्टरों ने आशा की रौशनी दी। डॉ. ओंकार खंडवाल, डॉ. पी. बेक, डॉ. माधवी साओ, डॉ. आकाश लालवानी, डॉ. समरीन यूसुफ, डॉ. ओनम तुरकाने, डॉ. नव्या बंसल, डॉ. राजा जैन, डॉ. आकांक्षा, डॉ. नंदिनी और डॉ. ऐश्वर्या के अथक प्रयासों, सेवा भावना, समर्पण और टीमवर्क ने असंभव को संभव किया।यह सफलता केवल हर्ष की नहीं है यह उन जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों, कंसल्टेंट्स और मेडिकल स्टाफ की कहानी है, जिनके समर्पण ने एक बच्चे की संघर्षगाथा को आशा और विजय की कहानी में बदल दिया। समर्पित डॉक्टरों और स्टाफ की बदौलत हर्ष ने मौत को मात दी और जीवन की नई शुरुआत की। यह सिर्फ एक इलाज नहीं, एक चमत्कार है।
- रायपुर, / सुशासन तिहार को जन -जन तक पहुंचने के लिए बलौदाबाजार भाटापारा जिला प्रशासन द्वारा जोर - शोर से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसमें रैली,साईकिल रैली,मुनादी, दीवाल लेखन आदि शामिल है लेकिन ग्रामीण अंचल में सुआ नृत्य जनजागरूकता का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। बुधवार को बलौदा बाजार जिले के विकासखंड पलारी के ग्राम पंचायत कुसमी में बिहान की महिला स्व सहायता समूहों के द्वारा सुवा गीत व नृत्य के माध्यम से सुशासन तिहार को लोगों तक पहुंचाया। छत्तीसगढ़ में पारंपरिक लोक नृत्यों में पंथी, राउत नाचा, कर्मा,पंडवानी,सुवा,सैला, गेंड़ी आदि शामिल हैं। ये नृत्य विभिन्न समुदायों द्वारा त्योहारों और उत्सवों के दौरान किए जाते हैं और वे क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं।सुशासन तिहार के प्रथम चरण अंतर्गत 8 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में आवेदन प्राप्ति स्थल पर लोगों से आवेदन प्राप्त किये जाएंगे।कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल के नेतृव में जिले में गठित स्व सहायता समूह (बिहान )द्वारा संकुल संगठन स्तर ,ग्राम संगठन स्तर,पंचायत स्तर पर दीवाल लेखन,सुशासन नारे,रैली,घर -घर दस्तक अभियान का सफल आयोजन किया जा रहा है एवं आमजन को अवगत कराने प्रचार- प्रसार किया जा रहा है।बिहान के कैडर के द्वारा प्रत्येक पंचायत में सुशासन तिहार का शुभारंभ किया गया।
- रायपुर,। सुशासन तिहार के प्रथम चरण जारी है जिसमें आवेदक अपनी समस्या और मांग से सम्बंधित आवेदन दे रहे है। इस दौरान ऐसे भी दृश्य सामने आ रहे है जिसमें आवेदन देने के तत्काल बाद निराकरण भी किया जा रहा है जो मिसाल बनने के साथ ही लोगों में विश्वास बढ़ा रहा है।नगर पालिका बलौदाबाजार के वार्ड क्रमांक 17 निवासी आवेदक हेमलता वर्मा बुधवार को नगर पालिका कार्यालय के आवेदन प्राप्ति स्थल में अपना आवेदन देने पहुंची। आवेदन में अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र के लिए अनुपलब्धता प्रमाण की जरुरत थीं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी खिरोद्र भोई ने संवेदनशीलता क़ा परिचय देते हुए तत्काल अनुपलब्धता प्रमाण पत्र बनाकर उन्हें सौंप दिया गया।हेमलता ने बताया कि लम्बे समय से अपने बेटे राजू नयन वर्मा का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परेशान थीं। राजू इस समय कक्षा 12वीं का छात्र है और उसे अपनी आगे की पढ़ाई के लिए यह दस्तावेज बेहद जरूरी था। लेकिन बार-बार प्रयासों के बावजूद कहीं से भी प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा था। कई दफ्तरों के चक्कर लगाने के बावजूद हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगती थी। लेकिन इसी बीच उन्होंने मोबाइल पर देखा कि नगर पालिका परिषद बलौदाबाजार में 8 से 11 अप्रैल तक "सुशासन तिहार 2025" के तहत एक विशेष शिविर लगाया जा रहा है, जिसमें आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित रूप से समाधान किया जा रहा है। इससे एक नई उम्मीद जगी और बिना समय गंवाए शिविर में जाकर आवेदन दिया। जिस समस्या को लेकर वे महीनों से इधर-उधर भटक रही थीं उसका समाधान महज 2 मिनट में मिल गया। हेमलता वर्मा कहती हैं, “मैं मुख्यमंत्री जी की अत्यंत आभारी हूं, जिन्होंने सुशासन तिहार जैसा अभियान चलाकर हम आम लोगों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान इतने सरल और सम्मानजनक तरीके से करवाया। यह वास्तव में जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है।"
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- आरटीई के तहत् पात्र बच्चों का स्कूलों में हो प्रवेश
- कलेक्टर ने आरटीई के अंतर्गत नोडल अधिकारियों की ली बैठक
दुर्ग/ कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा है कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम- 2009 के तहत प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। अधिनियम के तहत् गरीब बच्चों को शिक्षा हेतु उच्च निजी विद्यालयों में भी प्रवेश का अवसर मिलना चाहिए। कलेक्टर श्री सिंह आज लोक निर्माण विभाग के सभा कक्ष में आयोजित शिक्षा सत्र 2024-2025 एवं 2025-2026 में प्रवेश हेतु आरटीई के तहत नियुक्त नोडल अधिकारियों की बैठक में उक्त बाते कही। कलेक्टर ने नोडल अधिकारियों से निजी विद्यालयों में प्रवेश हेतु बच्चों के पात्रता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आरटीई के तहत स्कूलों में गरीब बच्चों के प्रवेश हेतु उनके अभिभावकों को पात्रता के संबंध में भ्रमित करने के बजाय सही मार्गदर्शन प्रदान करें। पात्रता का परीक्षण कर यदि उसमें प्रमाण पत्र आदि की कमी हो तो सत्यापन कराकर सही बनवायें। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि नोडल अधिकारी प्रमाण पत्रों के सत्यापन पर विशेष ध्यान देंगे। सत्यापन हेतु वे स्वयं आवेदक के घर जाकर पंचनामा तैयार करायें। आवेदक के पात्र घोषित होने के बाद किसी प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए। शिकायत की स्थिति में नोडल जिम्मेेदार होंगे। नियमानुसार नोडल के विरूद्ध कार्यवाही होगी। दिव्यांग बच्चों का शासकीय चिकित्सालय से जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र मान्य होगा। इसी प्रकार अंत्योदय कार्ड के संबंध में आवेदक के राशन कार्ड का नंबर भी लिया जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि अभिभावक द्वारा आरटीई के अंतर्गत बच्चे के प्रवेश के लिए प्रस्तुत दस्तावेज में अलग अलग पते होने पर नोडल को संबंधित के घर में जाकर इसका सत्यापन करना होगा। उन्होंने आवेदक को एसएमएस से सूचित करने मोबाइल नंबर के अलावा आगामी वर्ष हेतु ओटीपी का प्रावधान संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजने डीईओ को निर्देशित किया।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि नोडल आपस में समन्वय स्थापित कर डूप्लीकेट आवेदन प्राप्त होने पर आवेदक के घर जाकर इसका सत्यापन कार्य कर रिकार्ड बनाकर रखेंगे। आरटीई स्कूलों में प्रवेश हेतु जो आवेदक पहले से आवेदन कर चुके है एवं दस्तावेज अपडेट नहीं किए है, ऐसे आवेदकों को नोडल सूचना देकर डाक्यूमेंट के संबंध में अवगत कराए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि हार्ड कॉपी और ऑनलाईन आवेदन में अपडेट दस्तावेज अलग-अलग हो तो इसका भी सत्यापन करा ले। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी बच्चों के स्कूलों में प्रवेश हेतु लाटरी निकलने की अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए, 3 से 4 दिन पूर्व आवेदन परीक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आरटीई स्कूलों की भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि न हो। पात्र सभी बच्चों के स्कूलों में प्रवेश की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के बच्चों को भी प्रवेश दिलाया जाए। यदि उनके अभिभावक शासकीय सेवक हैं तो भी उन्हें प्रवेश से वंचित न किया जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि विगत वर्ष प्रवेश के संबंध में यदि पालकों द्वारा गलत जानकारी दी गई हो नोडल के बताने पर ऐसे पालकों पर भी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बेहतर ढ़ग से प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने की आशा के साथ सभी अधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं दी। ज्ञात हो कि आरटीई के अंतर्गत स्कूलों में प्रवेश हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 08 अप्रैल 2025 थी। इसके अंतर्गत जिले में कुल 10742 आवेदन प्राप्त हुए है। जिले में 77 प्रचार्यों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनके द्वारा 25 अप्रैल 2025 तक आवेदनों का सत्यापन किया जाएगा। राज्य स्तर से 01 एवं 02 मई को लाटरी पद्धति से स्कूल आबंटन किया जाएगा। सहायक संचालक एवं आरटीई प्रभारी श्री अमित घोष ने निःशुल्क बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 अंतर्गत आवेदन एवं चयन प्रक्रिया के संबंध में पीपीटी के माध्यम से विस्तारपूर्वक जानकारी दी। जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द मिश्रा ने नोडल अधिकारियों को आरटीई संबंधित आवेदनों के सत्यापन पर शंकाओं का समाधान किया। इस अवसर पर सहायक संचालक शिक्षा श्रीमती सीमा नायक और सभी नोडल अधिकारी उपस्थित थे। -
-एडीएम व एसडीएम ने लिया सुशासन शिविर का जायजा, समाधान पेटी से मिल रहीं शिकायतों की समीक्षा की
दुर्ग/ जिले में सुशासन तिहार 2025 के प्रथम चरण का शुभारंभ हो चुका है, जिसका उद्देश्य शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत आज दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री एस. एन. राठौर ने ग्राम पंचायत कचांदूर (विकासखंड दुर्ग) का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान श्री राठौर ने ग्रामवासियों एवं पंचायत पदाधिकारियों से चर्चा कर ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं की जानकारी ली और उन्हें शासन की जनकल्याणकारी एवं महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी दी। इसी क्रम में एडीएम श्री अरविन्द कुमार एक्का एवं एसडीएम दुर्ग श्री हरवंश सिंह मिरी ने भी विभिन्न ग्राम पंचायतों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने समाधान पेटी के माध्यम से प्राप्त हो रहे जनशिकायतों और सुझावों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि इन आवेदनों का तत्काल परीक्षण और समाधान किया जा रहा है ताकि आम जनता को राहत मिल सके। -
रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अंबर अग्रवाल और जोन 6 जोन अध्यक्ष श्री बद्री प्रसाद गुप्ता ने जोन 5 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल और जोन 6 जोन कमिश्नर श्री रमेश जायसवाल सहित जोन के सम्बंधित अधिकारियों की उपस्थिति में पुरानी बस्ती, दंतेश्वरी मन्दिर के पास कुशालपुर, महाराज बंध तालाब में चल रहे सफाई कार्यों और विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति का अवलोकन किया. जोन 5 जोन अध्यक्ष और जोन 6 जोन अध्यक्ष ने दंतेश्वरी मन्दिर के पास कुशालपुर में सफाई कार्यों का निरीक्षण नालियों पर निर्मित पाटों को सम्बंधितों को नोटिस देकर तोड़ने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए है/
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सभी अधिकारी-कर्मचारियों को आदिवासी बहुल विकासखण्ड के विकास में सहभागी बनने हेतु पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की दी हिदायत
शासकीय योजनाओं का निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करने तथा पेयजल संबंधी समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने को कहा
बालोद/ कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज जनपद पंचायत सभाकक्ष डौण्डी में विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर आदिवासी बहुल डौण्डी विकासखण्ड में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने डौण्डी विकासखण्ड के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर आदिवासी बहुल डौण्डी विकासखण्ड के विकास में सहभागी बनने की हिदायत भी दी। इस अवसर पर श्री चन्द्रवाल ने विभागवार शासकीय योजनाओं की क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए निर्धारित समयावधि में क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने मौजूदा ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए आम जनता के लिए समुचित मात्रा में पेयजल एवं निस्तारी हेतु संबंधित विभागों द्वारा पानी की प्रबंध करने हेतु किए गए उपायों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को विकासखण्ड में कही पर भी पेयजल संबंधी समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल उसका निराकरण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम श्री नूतन कंवर, तहसीलदार श्री देवेन्द्र नेताम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मण्डले सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में श्री चन्द्रवाल ने बारी-बारी से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, राजस्व, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्यानिकी, खाद्य, पशु पालन आदि सभी विभाग के कार्योंे की समीक्षा की। श्री चन्द्रवाल ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की समीक्षा करते हुए वित्तिय वर्ष 2024-25 में मानव दिवस के लक्ष्य एवं उनके विरूद्ध उपलब्धि के संबंध में जानकारी ली। श्री चन्द्रवाल ने अमृत सरोवर के कार्यों की समीक्षा करते हुए अमृत सरोवर के आसपास मिट्टी के कटाव रोकने हेतु वृक्षारोपण कराने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने डौण्डी विकासखण्ड में तरल अपशिष्ट पदार्थों के प्रबंधन हेतु किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्योें की समीक्षा करते हुए महिलाओं एवं आम जनता को अधिक से अधिक रोजगारमूलक कार्यों से जोड़ने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए डौण्डी विकासखण्ड में निःशुल्क सरस्वती सायकल वितरण योजना, राज्य छात्रवृत्ति योजना के अलावा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी से स्कूली बच्चों के जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जारी करने के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने तहसीलदार एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को संयुक्त रूप से शिविर लगाकर शत प्रतिशत बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने डौण्डी विकासखण्ड में एकल शिक्षकीय एवं शिक्षक विहिन शालाओं की संबंध में जानकारी ली।
श्री चन्द्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को डौण्डी विकासखण्ड में जनता को बेहतर एवं सुगम स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित कराने को कहा। बैठक में उन्होंने टीकाकरण के कार्य की समीक्षा करते हुए इस कार्य को शत प्रतिशत पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने पोषण पुनर्वास केन्द्रों में कुपोषित बच्चों की भर्ती, टी.बी. एवं कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने महिला एवं बाल विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, छ.ग. विद्युत वितरण कंपनी आदि के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए शासकीय योजनाओं का निर्धारित समयावधि में क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने को कहा। जिससे आम जनता को शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। -
बेहतर आवास के निर्माण की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी
बालोद/ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर एवं कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज डौण्डी विकासखण्ड के सुदूर वनांचल के ग्राम कुंआगोंदी में पहुँचकर प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही श्री कलीराम दर्रो को उनके नवनिर्मित आवास में विधिवत गृह प्रवेश कराया। इस अवसर पर उन्होंने बेहतर आवास निर्माण करने के लिए कलीराम दर्रो की सराहना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने श्री कलीराम दर्रो को प्रधानमंत्री आवास का प्रमाण पत्र एवं उपहार भी प्रदान किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष एवं कलेक्टर ने अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ श्री कलीराम दर्रो के नवनिर्मित आवास का अवलोकन भी किया। इस मौके पर एसडीएम श्री नूतन कंवर, तहसीलदार श्री देवेन्द्र नेताम एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। -
रायपुर। कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने आज शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छतौना का निरीक्षण किया। उन्होंने शाला के प्रधानपाठक से बच्चों की बैठक व्यवस्था के साथ गर्मी के दिनों में मूलभूत व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कलेक्टर डॉ. सिंह ने स्कूल की बिल्डिंग, कक्षाओं के ब्लैक बोर्ड की स्थिति का जायजा लेते हुए शिक्षकों से बच्चों की उपस्थिति की जानकारी ली। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन मौजूद रहे।
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कार्यकारिणी, सभी समितियों व महिला केंद्रों के पदाधिकारियों की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
पहली बार चार- चार महिला केंद्रों के समूह बने, जिनके माध्यम से होंगे तीज- त्योहारों के भव्य आयोजन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में आगामी वर्ष के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय ली गई है। चौबे कॉलोनी स्थित मंडल भवन के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आहूत बैठक में और भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें मुख्य रूप से चार-चार महिला केंद्रों को मिलाकर एक-एक समूह बनााया गया और वर्षभर होने वाले कार्यक्रमों को लाटरी सिस्टम से चारों समूहों के मध्य वितरित किया गया।
अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि एक अप्रैल 2023 को महाराष्ट्र मंडल के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करने के बाद अब सखी निवास (कामकाजी महिला वसती गृह) के प्रत्येक कमरे को लेट-बाथ से अटैच करने के बाद अब दिव्यांग बालिका विकास गृह के जर्जर हो चुके भवन को ध्वस्त कर नए सिरे से बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी है, लेकिन इसमें कोई बाधा न आए इसके लिए न केवल महाराष्ट्र मंडल के सभासदों को, बल्कि शहर के दानदाताओं को भी मुक्त हस्त से आर्थिक मदद करने की आवश्यकता है। दिव्यांग बच्चियों के नए भवन में उन्हें ऐसी बहुत सी अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलेंगी, जो उन्हें अभी तय नहीं मिल पा रही थी।
सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि नए दिव्यांग बालिका विकास गृह में बुजुर्गों के डे केयर सेंटर को भी स्थापित करने की योजना है। इस योजना का नाम पहले ही आपुलकि (आत्मीय) योजना रखा गया है। इसमें ऐसे घरों के बुजुर्गों को यहां सशुल्क रखा जाएगा, जिनके यहां बाकी सदस्य सुबह अपने- अपने कार्यों से ऑफिस, स्कूल- कॉलेजों के लिए निकल जाते हें। शाम को परिवार के सदस्य अपने- अपने बुजुर्ग अभिभावक को आपुलकि केंद्र से लेकर घर लौटेंगे।
महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि बैठक में हमने 16 केंद्रों को मिलाकर चार समूह बनाएं हैं। समूह नंबर एक में वल्लभ नगर, सिविल लाइन, बूढ़ापारा, तात्यापारा और अमलीडीह महिला केंद्र को रखा गया है। इसी तरह समूह क्रमांक दो में रोहिणीपुरम, डंगनिया, चौबे कॉलोनी, सुंदर नगर, ग्रुप नंबर तीन में टाटीबंध, कोटा, सरोना और ग्रुप नंबर चार में शंकर नगर, अवंती विहार व देवेंद्र नगर, सडडू- मोवा महिला केंद्र रहेंगे।
विशाखा ने बताया कि चार ग्रुप बनाने के बाद हमने लॉटरी सिस्टम से सालभर होने वाले कार्यक्रमों को समूहों में बांटा। चार पर्चियां बनाई गईं और चारों ग्रुप के प्रतिनिधि को बुलाकर उसमें से एक चिट्ठी उठाने को कहा। ग्रुप नंबर एक ने संक्रांत की पर्ची निकाली। दूसरे ग्रुप ने महिला उत्सव की, तीसरे समूह ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की और चौथे ग्रुप ने तीज महोत्सव की पर्ची निकाल कर इनके आयोजन की जिम्मेदारी ली।
उपाध्यक्ष गीता दलाल के अनुसार बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जैसे महाराष्ट्र मंडल में सदस्यता अभियान को गति देने, एक सभासद एक ही केंद्र का प्रतिनिधि करे दूसरे केंद्रों में दखलंदाजी न करे, महिला केंद्रों के आयोजनों में शामिल होने वाली महिलाएं अनिवार्य रूप से महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सभासद हो, जिन परिवारों में 18 वर्ष से अधिक आयु के सदस्य अभी तक मंडल के सदस्य नहीं बने हैं, उन्हें तत्काल सभासद बनाया जाए, महाराष्ट्र मंडल में कार्यक्रम अथवा बैठक को देखते हुए कोई भी केंद्र अपने यहां किसी भी प्रकार की बैठक या कार्यक्रम का आयोजन न करे। - बिलासपुर, /छत्तीसगढ़ शासन सहकारिता विभाग द्वारा 2 अप्रैल 2025 को अधिसूचना के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसायटियों के पुनर्गठन हेतु अधिनियम 1960 की धारा 16 ग की उपधारा (1) के अंतर्गत लोकहित में विकास कार्यक्रम के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के प्रयोजन से प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसायटियों के पुनर्गठन योजना 2025 जारी किया गया है। यह जानकारी संबंधित समिति, बैंक शाखा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मार्यादित बिलासपुर एवं उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं बिलासपुर के सूचना पटल पर देखी जा सकती है। सोसयाटी के पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव पर प्रभावित एवं परिणामी सोसायटी के सदस्य सोसायटियों एवं बैंक शाखा तथा अन्य द्वारा दावा आपत्ति 23 अप्रैल 2025 तक कार्यालयीन समय में जिले के उप एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं के समक्ष 03 प्रतियों में प्रस्तुत किया जा सकता है। पुनर्गठन प्रस्ताव के संबंध में प्राप्त दावा-आपत्ति का परीक्षण कार्य बिलासपुर जिले के उप एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं के द्वारा बैंक शाखा प्रबंधकों आदि के साथ संयुक्त रूप से पूर्ण किया जाएगा । परीक्षण उपरांत दावा-आपत्ति निराकरण करते हुए आवश्यक टीप सहित संशोधित प्रस्ताव मय अनुसूची 1,2,3 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक को पृष्ठांकित करते हुए संभागीय संयुक्त पंजीयक सहाकरी संस्थाएं बिलासपुर को प्रेषित किया जाएगा।
- बिलासपुर /एकीकृत बाल विकास परियोजना कोटा अंतर्गत स्वीकृत नवीन आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ता एवं सहायिका पदों पर भरती हेतु आवेदन मंगाए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हेतु केन्द्र उमरिया, छपरापारा, गौरखुरी, ढोडीनार, बेडापाट एवं सहायिका हेतु केन्द्र उमरिया, झालापारा, छपरापारा, बिरहोरपारा, गौरखुरी, बारीडिह, ढोडीनार एवं बगथपारा हेतु आवेदन किया जा सकता है। कार्यकर्ता एवं सहायिका पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 अप्रैल है। इच्छुक आवेदिका निर्धारित प्रपत्र में सीधे अथवा पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट के माध्यम से कार्यालयीन समय में एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय कोटा में आवेदन कर सकती है। आवेदन के संबंध में एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय कोटा के सूचना पटल से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- बिलासपुर, /एकीकृत बाल विकास परियोजना सकरी अंतर्गत आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन मंगाए गए हैं। ग्राम चोरभठठीखुर्द के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 2, ग्राम घुटकु के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 4 एवं 9 में सहायिकाओं की नियुक्ति होनी है। इच्छुक आवेदिका कार्यालयीन समय में 15 अप्रैल से 29 अप्रैल तक आवेदन कर सकती है। आवेदन के संबंध में एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय सकरी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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बिलासपुर, /आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षक संस्था कोनी के सीओई भवन में 15 अप्रैल को 9.30 बजे से अप्रेंटिसशिप मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं से विद्युतकार, फिटर, डीजल मैकेनिक, मोटर व्हीकल मैकेनिक, ट्रेक्टर मैकेनिक, वेल्डर इलेक्ट्रानिक्स, टर्नर, आइसीटीएसएम एवं कोपा उत्तीर्ण अभ्यर्थी अपने समस्त दस्तावेजों के साथ सम्मिलित हो सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कोनी में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं।
- बिलासपुर, /राजस्व पखवाड़ा के तहत जिले में आज 10 अप्रैल 2025 को बिल्हा तहसील में घोघरा एवं पोड़ी (ह.), सीपत तहसील में उड़ागी, सकरी तहसील मे निरतू, खरगहना एवं छतौना में शिविर आयोजित किए जाएंगे।





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