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- कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव द्वारा छत्तीसगढिय़ा मशरूम उत्पादक एवं हिन्दुस्तान किसान उत्पादक संघ अर्जुनी के उत्पादों के स्टॉल को उत्कृष्ट प्रदर्शनी स्टॉल के लिए किया गया सम्मानित
- विभिन्न फसलों पर खरपतवार नियंत्रण, प्याज भण्डार के लिए कम लागत वाली प्याज भण्डारण कक्ष, सोयाबीन की खेती एवं उसके उन्नत किस्मों की दी गई जानकारी
राजनांदगांव । भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-कृषि प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान जोन-9 जबलपुर एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के 81 कृषि विज्ञान केन्द्रों की तीन दिवसीय 31वीं क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में किया गया। कार्यशाला में विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा लगाई गई कृषि प्रदर्शनी के लिए छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों को पुरस्कृत किया गया। कार्यशाला में कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव द्वारा छत्तीसगढिय़ा मशरूम उत्पादक एवं हिन्दुस्तान किसान उत्पादक संघ अर्जुनी के उत्पादों का स्टॉल लगाकर प्रदर्शन किया गया था। जिसके लिए उत्कृष्ट प्रदर्शनी स्टॉल लगाने के लिए राजनांदगांव के स्टॉल को सम्मानित किया गया।
कार्यशाला में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं विभिन्न संस्थानों के निदेशक, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर, जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर, राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के निदेशक विस्तार सेवाएं तथा छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के अंतर्गत कार्यरत 81 कृषि विज्ञान केन्द्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख व वैज्ञानिक शामिल हुए। जिसमें कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गुंजन झा द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव के विगत वर्ष किये गये कार्यों का प्रस्तुतिकरण दिया गया। तीन दिवसीय कार्यशाला में केन्द्र से वैज्ञानिक डॉ. अतुल डांगे, डॉ. योगेन्द्र श्रीवास, प्रक्षेत्र प्रबंधक श्री आशीष गौरव शुक्ला एवं कार्यक्रम सहायक श्री जितेन्द्र कुमार मेश्राम की सहभागिता रही।
कार्यशाला में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-खरपतवार अनुसंधान निदेशालय जबलपुर के निदेशक द्वारा विभिन्न फसलों पर खरपतवार नियंत्रण के बारे में बताया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान भोपाल के निदेशक द्वारा प्याज भण्डार के लिए कम लागत वाली प्याज भण्डारण कक्ष के बारे में, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान इंदौर के निर्देशक द्वारा सोयाबीन की खेती एवं उसके उन्नत किस्मों की जानकारी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान मथुरा के निदेशक द्वारा छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश हेतु उपयुक्त बकरी के उन्नत किस्मों की जानकारी एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद- केन्द्रीय नींबू वर्गीय फल अनुसंधान संस्थान नागपुर के निदेशक द्वारा नींबू के विभिन्न प्रकार से प्रसंस्करण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यशाला के समापन समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. (कर्नल) गिरीश चंदेल थे। समापन समारोह की अध्यक्षता कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान जोन-9 जबलपुर के निदेशक डॉ. एसआरके सिंह ने की। इस तीन दिवसीय वार्षिक कार्यशाला में मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा विगत वर्ष किये गये कार्यों का प्रस्तुतिकरण दिया गया तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विचार विमर्श किया गया। -
राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ विधानसभा का तृतीय सत्र 22 जुलाई 2024 से 26 जुलाई 2024 तक आयोजित की जाएगी। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने विधानसभा सत्र के दौरान जिले के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बिना पूर्व अनुमति के अवकाश पर नहीं जाने एवं मुख्यालय से बाहर नहीं रहने के निर्देश दिए हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि विधानसभा प्रश्रों, ध्यानाकर्षण सूचनाओं, स्थगन प्रस्तावों की जानकारी समय-सीमा में भेजने के लिए अधिकारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य है। सभी अधिकारियों को अपने कार्यालय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने एवं उनके नाम, पदनाम, दूरभाष नम्बर एवं मोबाईल नंबर की जानकारी कार्यालय कलेक्टर राजनांदगांव को तत्काल भेजने कहा गया है। साथ ही अवकाश के दिनों में पर्याप्त लिपिक एवं भृत्य की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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- शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों का नि:शुल्क प्रवेश कराने के दिए निर्देश
- प्राथमिक कक्षाओं हेतु 1 किलोमीटर की परिधि एवं माध्यमिक शालाओं हेतु 3 किलोमीटर की परिधि निर्धारित
- ड्राप आऊट होने के कारणों की पहचान कर, ड्राप आऊट रेट कम करने के दिए निर्देश
- स्कूलों द्वारा गणवेश, अतिरिक्त किताबें, पाठ्यक्रम की किताबें, बच्चों को नि:शुल्क कराएं उपलब्ध
- निरंतर अध्ययन हेतु प्रेरित करने हेतु मेंटॉर नियुक्त किया जाना
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के सफल क्रियान्वयन के संबंध में बैठक आयोजित की गई। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग उपस्थित थे। कलेक्टर ने जिले में संचालित सभी निजी विद्यालयों के 25 प्रतिशत सीटों पर शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों का नि:शुल्क प्रवेश कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निजी विद्यालयों को विद्यालय के आस-पास अथवा बसाहट के बच्चों को अधिनियम के तहत प्रवेश देने कहा। उन्होंने बताया कि प्राथमिक कक्षाओं हेतु 1 किलोमीटर की परिधि एवं माध्यमिक शालाओं हेतु 3 किलोमीटर की परिधि निर्धारित है। किसी निजी विद्यालयों के 1-3 किलोमीटर के परिधि में कोई बसाहट नहीं होने पर उनका निर्धारण जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जाएगा। वंचित समूह अंतर्गत अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग एवं वनभूमि पट्टाधारक परिवार के बालक-बालिका तथा कमजोर वर्ग अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार, 40 प्रतिशत दिव्यांग एवं एचआईवी पॉजिटीव बालक-बालिका या पालक और अंत्योदय कार्ड धारक परिवार के बालक-बालिका को प्रवेश दिया जाएगा। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्राथमिक कक्षा से कक्षा 8वीं तक नि:शुल्क अध्ययन का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इसके पश्चात अध्ययन निरंतरता का प्रावधान रखा गया है, जिसमें कक्षा 8वीं के पश्चात् कक्षा 9वीं से 12वीं तक भी नि:शुल्क अध्ययन की व्यवस्था है।
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने बताया कि निजी विद्यालय में प्रवेश के समय बच्चों की आयु के सत्यापन के लिए जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने पर अस्पताल या सहायक नर्स और रजिस्टर अभिलेख, आंगनबाड़ी अभिलेख, माता-पिता या संरक्षण द्वारा बालक की आयु की शपथ पत्र द्वारा घोषणा प्रस्तुत किया जा सकता है। कक्षा नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक के लिए अधिकतम 7 हजार रूपए एवं कक्षा छठवीं से कक्षा आठवीं तक के लिए अधिकतम 11 हजार रूपए या संबंधित विद्यालय का न्यूनतम शुल्क, साथ ही 541 रूपए गणवेश, 250 रूपए पाठ्यपुस्तक हेतु प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। कक्षा नवमीं से कक्षा बारहवीं तक के लिए 15 हजार रूपए प्रति छात्र के मान से एकमुश्त देय होगा। शिक्षा के अधिकार के तहत प्रवेशित बच्चों का अन्यत्र निजी विद्यालय में स्थानांतरण का प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि आरटीई अंतर्गत चयनित अधिकांश विद्यार्थी अध्ययन के दौरान अनेक कारणों से ड्राप आऊट हो जाते हंै। उनके ड्राप आऊट होने के कारणों की पहचान कर उनका ड्राप आऊट रेट कम करना हैं। कई पालक योजना का लाभ लेने के लिए अनुचित तरीके से कई आधार कार्ड, गलत किराया नामा बनवाकर प्रवेश के लिए नोडल प्राचार्य पर अनुचित दबाव बनाते हंै। स्कूलों द्वारा गणवेश, अतिरिक्त किताबें, पाठ्यक्रम की किताबे, बच्चों को नि:शुल्क उपलब्ध करानी है। जिले के सभी निजी विद्यालयों में बच्चों की समस्या को दूर करने तथा उन्हें निरंतर अध्ययन हेतु प्रेरित करने हेतु मेंटॉर नियुक्त किया जाना है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अभिषेक गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अभय जायसवाल, जिला मिशन समन्वयक श्री सतीश ब्यौहारे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। - -श्रम मंत्री ने दिलाई कोरबा प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथरायपुर,/ कोरबा प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अथिति के रूप में प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोरबा प्रेस क्लब ने अपनी अलग पहचान बनाई है। चुनाव एक मात्र प्रक्रिया होती है। हर संगठन को चलाने के लिए मुखिया की जरूरत होती है। चुनाव में जीत-हार लगी रहती है। प्रेस जनता का आईना होता है। मीडिया सरकार की विभिन्न योजना को जन-जन तक पहुंचाता है।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मेरे महापौर के कार्यकाल में प्रेस क्लब के भवन का निर्माण हुआ था। कोरबा की जनता ने अब मंत्री और विधायक का दायित्व सौंपा है। उन्होंने कहा कि बहुत सारे कार्य 6 महिने में पूरे हो चुके हैं। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि पूरे कोरबा में विकास की बहुत सारी संभावना है। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि आप लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कोरबा का विकास किया जाएगा। उन्होंने पत्रकारों को हरसंभव मदद करने का भरोसा दिलाया। इससे पहले उन्होंने कोरबा प्रेस क्लब, कोरबा के द्विवर्षीय प्रबंध कार्यकारिणी के नवनिर्वाचित पदाधिकारी अध्यक्ष श्री राजेन्द्र जायसवाल, उपाध्यक्ष श्री रामेश्वर ठाकुर, सचिव श्री नागेन्द्र श्रीवास, उप सचिव श्री रघुनंदन सोनी, कोषाध्यक्ष श्री ई. जयन व कार्यकारिणी सदस्य सर्वश्री राजकुमार शाह, शेख असलम व नीलम पड़वार को शपथ दिलाई। इस अवसर पर पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन ने भी पत्रकारों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कोरबा के पत्रकार जागरूक और एकजुट हैं। आज पत्रकार अपने कलम की ताकत से हर वर्ग को सरकार की योजना का लाभ दिलाने में सशक्त भूमिका निभा रहा है। मीडिया प्रभारी श्री आकाश श्रीवास्तव भी इस अवसर पर उपस्थित थे। कार्यक्रम में कोरबा प्रेस क्लब के सदस्यगण बड़ी संख्या में शामिल हुए।
- बिलासपुर,/ राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के विशेष अवसर पर आज भारतीय डाक विभाग बिलासपुर संभाग के द्वारा विभिन्न स्तर पर शहरी एवं सुदूर ग्रामीण में अपनी निरन्तर सेवाऐं दे रहे चिकित्सकों का सम्मान किया गया।डाक विभाग की जनसंपर्क निरीक्षक श्रीमती सुनीता द्विवेदी ने बताया कि इसी क्रम में जन स्वास्थ्य सहयोग अस्पताल गनियारी में देश विदेश से आकर निःशुल्क सेवाए देने वाले चिकित्सकों एवं डॉक्टर होतचंदानी का आभार एवं धन्यवाद किया गया। साथ ही प्रधान डाकघर बिलासपुर में डॉक्टर बी आर होतचंदानी मेडिशिन स्पेशलिस्ट के द्वारा सराहनीय प्रयास के तहत समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जीवन के महत्त्व से अवगत कराते हुऐ शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को भी बहुत ही रोचक ढंग से आज के खास दिन पर बताया गया। इस विशेष अवसर पर अधीक्षक डाकघर विनय प्रसाद के अलावा अन्य अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्राहक और कर्मचारी उपस्थित थे।
- -बच्चों को जल्द मिलेगा दो-दो जोड़ी स्कूल ड्रेस-तीन वर्षों से अनुपस्थित कर्मियों पर होगी कार्रवाई-कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यों और योजनाओं की समीक्षा कीरायपुर । जिले के स्कूली बालिकाओं को जल्द ही साइकिल उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे बालिकाओं को घर से स्कूल आने-जाने में बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही पंचायत व स्कूलों की लाइब्रेरी में पुरानी ऐसी किताबें रखी जाएगी, जो अतिरिक्त हो या जिसे पढ़ा जा चुका है। यह नए विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगी और विद्यार्थी अवकाश के दिन में भी उन किताबों को पढ़ सकेंगे। संकुल की पुरानी किताबों को जल्द ही लाइब्रेरी में संग्रहित किए जाएंगे। शासकीय, अनुदान प्राप्त और निजी स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों का समय बद्ध वितरण किया जाए।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में समीक्षा करते हुए कहा कि स्कूलों में कीचन गार्डन में ऐसे साग-सब्जी जैसे टमाटर, मिर्ची, धनिया का उत्पादन किया जाए, जो उपयोगी हो और बच्चों के मध्यान्ह भोजन में सब्जी काम आए। साथ ही बच्चों को दो-दो जोड़ी स्कूल ड्रेस जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाएं। कलेक्टर ने कहा कि यदि कोई स्कूल भवन या उसका कोई हिस्सा जर्जर हो और नए भवन का निर्माण कराया जाना हो तो पुराने भवनों का विधिवत रूप से नष्ट किया जाए और उनके मलबे का नीलामी की प्रक्रिया भी करें, इसकी जानकारी स्कूल अभिलेख में दर्ज करें। उन्होंने परीक्षा परिणाम में सुधार लाने और पढ़ाई में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देष दिए।डॉ. सिंह ने स्कूल शिक्षा विभाग में तील साल से अनुपस्थित कर्मियों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए है। इसके पश्चात उन कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने प्रत्येक विकासखंड से दो-दो स्कूल भवन के निर्माण मरम्मत और कीचन शेड बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश भी दिए है। उन्होंने कहा कि किचन शेड ऐसा बनाया जाए जो उपयोगी हो। बालबाड़ी के बच्चों प्राथमिक शाला में दाखिला दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन की जानकारी प्रतिदिन जिला पंचायत सीईओ को भेजी जाए।इसके अलावा आरटीई, छात्र दुर्घटना बीमा योजना, छात्रवृत्ति, नवाचार, शिक्षक सेटअप, महतारी दुलार योजना, समग्र शिक्षा के कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, डीईओ श्री विजय खंडेलवाल, जिला समन्वयक समग्र शिक्षा श्री के. एस. पटले समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
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-आम नागरिकों को मिलेगी राहत, सड़कों पर रखी पुरानी गाड़ियों को हटाने की होगी कार्रवाई
-5 जुलाई को चलाया जाएगा पौधरोपण अभियान-बिजली के खंभे में लगे पैनल बॉक्स को किया जाए बंदरायपुर / राजीव युवा मितान क्लब खातों में जमा राशि शासन के खजाने में उसको तत्काल शासन के खजाने में हस्तांतरित करवाया जाएं साथ ही पूर्व में उपयोग किए गए राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत करवाएं। सभी एसडीएम इस विषय पर ठोस कदम उठाएं और प्रतिवेदन प्रदान करें। यह बातें कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कहीं। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि आगामी 5 जुलाई को जिले के प्रत्येक शासकीय परिसर, भवन, कार्यालयों में पौधरोपण का अभियान चलाया जाएगा। अस्पताल, स्कूल परिसर में जहां पर जगह हो वहां पर बड़े पौधे रोपित किया जाए ताकि उनकी ग्रोथ जल्दी हो। कलेक्टर ने कहा कि 01 जुलाई से नई भारतीय न्याय संहिता लागू हो चुकी है। ऐसे में सभी अधिकारी-कर्मचारी नई संहिता के बारे में जानकारी हासिल करें और जागरूक करें।डॉ. सिंह ने कहा कि सड़को पर ट्रांसफ़ॉर्मर या बिजली खम्बे में लगे पैनल बॉक्स के दरवाजे खुले हुए हैं उसको बंद करें और जिसके पैनल नहीं है उसके लिए चोरी की रिपोर्ट दर्ज करायें। इससे आमजनों को नुकसान पहुंच सकता है। अतः प्राथमिकता से इस कामों को विद्युत विभाग पूर्ण करें। सड़कों के किनारे पुराने वाहन दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल नगर निगम को और ट्रैफिक पुलिस को दे।कलेक्टर ने कहा कि सड़कों पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की जाए। लंबे समय से सड़कों पर रखी गाड़ियों को हटाने की कार्रवाई की जाए। इससे सड़कों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और दुर्घटना की आशंका भी कम हो जाएगी। समस्त शासकीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्यता सुनिश्चित करें। जहां पर कोई बोर अनुपयोगी हो, उस ओर छत में आने वाले और अन्य जगह एकत्र होने वाले बारिश के पानी तथा को भी सुरक्षित करते हुए डाईवर्ट करें। हॉस्पिटल, आंगनबाड़ी, स्कूल समेत अन्य शासकीय कार्यालयों में बारिश के पानी को सहेजने के लिए उपाय अपनायंे ताकि यह पानी व्यर्थ ना जाए और जल स्तर भी बने रहे। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विश्वदीप सहित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। - -दिव्यांग सनी कुर्रे को भी मिली नौकरी, सपने होंगे पूरेबिलासपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित मेगा प्लेसमेंट कैंप से कई युवाओं को रोजगार मिल गया है। सालों से रोजगार की तालाश में भटक रहे बेरोजगारों के लिए प्लेसमेंट कैंप ने नई दिशा दिखाई है। इस कैंप के जरिए युवाओं और उनके परिवारों ने आंखों में जो सपने संजोए थे वे पूरे होने लगे है। इन्हीं युवाओं में भारतीय नगर निवासी दिव्यांग श्री सनी कुमार कुर्रे भी शामिल है।25 वर्षीय श्री सनी ने बताया कि उन्हें जब मेगा प्लेसमेंट कैंप के आयोजन की जानकारी मिली तब उन्होंने बिना देरी किए इसमें शामिल होने का निर्णय लिया। आज उन्हें रोजगार मिल गया हैं। श्री श्याम अस्पताल के डायरेक्टर ने आज उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा। उन्हें बिलिंग स्टाफ के रूप में काम दिया गया है। वे कहते है कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि इतनी अच्छी जगह उन्हें नौकरी मिल जाएगी। वर्ष 2012 में अपने साथ हुई दुर्घटना को याद कर वे आज भी सहम जाते हैं। इसके पहले वे पूरी तरह स्वस्थ थे लेकिन जुलाई 2012 में उनके जीवन में ऐसी दुर्घटना हुई कि उनकी पूरी दुनिया ही बिखर चुकी थी। अपने भाई के जन्मदिन पर वे गैस बलून लेने गए थे अचानक सिलेंडर ब्लास्ट हुआ और इस दर्दनाक हादसे में उन्होंने अपने दोनों पैर गंवा दिए। घर के बड़े बेटे के साथ हुए इस हादसे ने माता-पिता को झकझोर के रख दिया। श्री कुर्रे के परिवार में अभी आठ लोग रहते है। संयुक्त परिवार के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी श्री कुर्रे और उनके पिता पर ही है। इसके पहले श्री कुर्रे छोटा मोटा काम करके गुजर-बसर करते थे। उन्हें समाज कल्याण विभाग से ट्राईसिकल भी मिली है।इस नौकरी के मिल जाने से उन्हें और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है। श्री कुर्रे इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन को धन्यवाद देते नहीं थकते है। वे कहते है कि सरकार ने हम जैसे बेरोजगारों की सुध ली है। सरकार की पहल पर ही इस तरह के रोजगार कैंप का आयोजन किया जा रहा है जो निश्चित ही उन जैसे बेरोजगारों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। प्लेसमेंट कैंप के नोडल अधिकारी तन्मय खन्ना ने बताया कि 1700 युवाओं को कैंप में ऑफर लेटर मिला था। उन्हें शनैः शनैः निजी कंपनियों द्वारा नियोजित किया जा रहा है।
- बालोद। , देश में 01 जुलाई 2024 से लागू हो रहे तीन महत्वपूर्ण कानून के जागरूकता के संबंध में आज नगर पालिका दल्लीराजहरा एवं नगर पंचायत अर्जुंदा में जागरूकता अभियान कार्यशाला का आयोजन कर नवीन कानून के संबंध में जानकारी दी गई। जिसमें उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों सहित आम नागरिकों को 01 जुलाई 2024 से लागू हो रहे तीन महत्वपूर्ण कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, भारतीय न्याय संहिता 2023 एंव भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के सम्बंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
- बालोद।कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार एवं जिला आबकारी अधिकारी श्री राजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में बालोद जिले में अवैध मदिरा निर्माण, धारण, परिवहन एवं विक्रेताओं के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी श्री राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि जून माह मे जिले में कुल 127 जगहों में छापामार कार्रवाई की गई, जिसमें आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 87 प्रकरण दर्ज कर कुल 52.86 लीटर मदिरा एवं 01 वाहन जप्त की गई है। जिसमें सार्वजनिक स्थलों में मदिरापान के 67 प्रकरण, गुमटी, होटल, ढाबों में अवैध रूप से मदिरा पिलाने के 12 प्रकरण, मदिरा कोचियों के विरुद्ध कार्रवाई के 08 प्रकरण तथा जेल दाखिल के 01 प्रकरण शामिल है। उन्होंने बताया कि जिले में शराब के अवैध निर्माण, धारण, विक्रय, परिवहन एवं अवैध रुप से मद्यपान की सुविधा उपलब्ध कराने तथा सार्वजनिक स्थल पर मदिरापान करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण करने आबकारी अमले द्वारा सघन गश्त एवं छापे की कार्रवाई की जा रही है। जिले में संचालित मदिरा दुकानों का नियमित रुप से औचक निरीक्षण एवं जांच कर किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। file photo
- बालोद। , छत्तीसगढ़ शासन खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं निर्णायकों को खेल पुरस्कार प्रदान कर राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित किया जाता है। जिसके अंतर्गत पात्र खिलाड़ी राज्य खेल अंकरण पुरस्कार वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 हेतु अब 10 जुलाई तक आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी जिला खेल अधिकारी सुश्री प्राची ठाकुर ने बताया कि खिलाड़ियों को अलग-अलग वर्षों के लिए अलग-अलग आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदन पत्रों का प्रारूप विभाग की वेबसाइट स्पोट्र्सवायडब्ल्यू डाॅट सीजी डाॅट जीओवी डाॅट इन पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि पूर्व में आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून 2024 तक निर्धारित की गई थी। जिसे संशोधित करते हुए अब खिलाड़ी निर्धारित प्रारूप में 10 जुलाई 2024 तक संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण, सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम जी.ई. रोड, रायपुर,या कार्यालय खेल अधिकारी, खेल एवं युवा कल्याण, सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान बालोद में अपना आवेदन सीधे जमा कर सकते हैं।उल्लेखनीय है कि राज्य खेल अलंकरण के अंतर्गत सीनियर वर्ग के अंतर्गत राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में या राष्ट्रीय खेलों में कोई पदक प्राप्त किया गया है या अधिकृत अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व किया गया हो उन्हें शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है। इसी प्रकार जूनियर वर्ग के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में कोई पदक प्राप्त किया गया हो शहीद कौशल यादव पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है। ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने विगत 05 वर्षों में चार बार सीनियर वर्ग राष्ट्रीय चैम्पियनशीप में छत्तीसगढ़ की ओर से प्रतिनिधित्व करने वाले महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों को शहीद पंकज विक्रम सम्मान से सम्मानित किया जाता है। प्रशिक्षकों एवं निर्णायकों को वीर हनुमान सिंह पुरस्कार से अलंकृत किया जाएगा। खेल से जुड़े 55 वर्ष से अधिक उम्र के अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग लिया हो या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हो या ऐसी कोई उल्लेखनीय सेवा खेल के क्षेत्र में की हो उन्हें शहीद विनोद चैबे सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। इसी प्रकार सीनियर व जूनियर वर्ग में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त दल को मुख्यमंत्री ट्राॅफी प्रदान की जाती है।
- बालोद। जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक 05 जुलाई 2024 को सुबह 11 बजे से जिला पंचायत बालोद के सभाकक्ष में आयोजित की गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने बैठक में सर्व संबंधितो को निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर उपस्थित होने को कहा है।
- -रोपे गए पौधों का समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद ।जिल में चलाए जा रहे सघन वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, गणमान्य नागरिक श्री पवन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों ने आज करकाभाट स्थित दंतेश्वरी मईया शक्कर कारखाना में वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने सम्पूर्ण जीव जगत के लिए पेड़-पौधों की महत्ता एवं उपयोगिता के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि मात्र पौधों का रोपण करना ही पर्याप्त नही है वरन् उनका सुरक्षा एवं देखभाल करना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शक्कर कारखाना के अधिकारी-कर्मचारियों को रोपे गए पौधों का समुचित देखभाल सुनिश्चित करने प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर जनपद पंचायत बालोद के अध्यक्ष श्रीमती प्रेमलता साहू, एसडीएम श्रीमती शीतल बंसल, कारखाना प्रबंधक श्री राजेन्द्र प्रसाद राठिया सहित गणमान्य नागरिक श्री तोमन साहू, श्री राकेश यादव, श्री छगन देशमुख, श्री त्रिलोकी साहू, श्री जितेन्द्र साहू तथा उप संचालक कृषि श्री जीएस धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
- अंतर विभागीय समन्वय से किए जाएंगे सड़क दुर्घटना की रोकथाम हेतु प्रभावी उपायबालोद, । कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार बालोद जिले को दुर्घटना मुक्त जिला बनाने के संबंध में आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक के कक्ष में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सघन अभियान के फलस्वरूप जिले में सड़क दुर्घटना के मामलों में कमी आने पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। इस दौरान बैठक में उपस्थित अधिकारियों द्वारा जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम के उपायों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में उपस्थित अधिकारियों के द्वारा अंतर विभागीय समन्वय से जिले में सड़क दुर्घटना की रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने की बात कही। बैठक में एडीशनल एसपी श्री अशोक जोशी, एसडीएम बालोद श्रीमती शीतल बंसल, एसडीएम गुरूर श्रीमती पूजा बंसल, एसडीएम डौण्डीलोहारा श्री शिवनाथ बघेल, एसडीएम गुण्डरदेही श्री सुरेश साहू, एसडीओपी बालोद एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी, जिला जनसंपर्क अधिकारी के अलावा लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा पुलिस विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक ने जिले के सभी एसडीएम, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस तथा अन्य विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से सप्ताह में एक बार जाँच अभियान चलाने को कहा। इस दौरान उन्होंने शराब पीकर एवं लापरवाहीपूर्वक गाड़ी चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई तथा नाबालिकों को वाहन चलाने की अनुमति नही देने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों को आवश्यकतानुसार मार्ग में संकेतक लगाने तथा गति अवरोधक आदि का निर्माण कराने के भी निर्देश दिया गया। इसके अलावा रात्रि के समय शहर के स्ट्रीट लाईट को पूरे समय चालू रखने तथा सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों का तत्काल उपचार कराने को कहा गया। बैठक में परिवहन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को जिले के स्कूल, काॅलेज, हाट बाजार तथा भीड़-भाड़ वाले इलाकों पर नियमित रूप से सड़क जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के भी निर्देश दिया गया।बैठक में एडीशनल एसपी श्री अशोक जोशी ने जिले को सड़क दुर्घटना से मुक्त बनाने हेतु आवश्यक सुझाव दिए एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को आपसी सहयोग से जिला प्रशासन के इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि हिट एण्ड रन के नए प्रावधान के तहत सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर मृतक के परिजन को 02 लाख रुपये तथा घायल व्यक्तियों को 50 हजार रुपये की राशि प्रदान किया जाएगा। बैठक मंें जिले में सड़क दुर्घटना के कारण होने वाले आकस्मिक जन क्षति के प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रत्येक माह के अंतिम शुक्रवार को सड़क दुर्घटना समिति की बैठक आयोजित करने के संबंध में जानकारी दी गई।
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- किसानों और कृषि क्षेत्र के हित में छत्तीसगढ़ को हरसंभव सहायता देती रहेगी केंद्र सरकार
-दलहन, तिलहन, बागवानी को बढ़ावा देने पर दिल्ली में केंद्र-राज्य के बीच बैठक में हुई चर्चा-केन्द्रीय कृषि मंत्री ने छत्तीसगढ़ में खाद-बीज उपलब्धता की ली जानकारी-डीएपी खाद की कमी को दूर करने के दिए निर्देश-छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के प्रस्ताव पर बागवानी और मक्का के क्षेत्र में विस्तार पर सहमति-सोयाबीन की खेती को दिया जाएगा बढ़ावारायपुर, / देश में कृषि क्षेत्र की तेजी से प्रगति के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यवार चर्चा की पहल की है। आज नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्रीय मंत्री ने बैठक की। इस दौरान छत्तीसगढ़ में दलहन, तिलहन, बागवानी फसल को बढ़ावा देने के साथ ही कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़े अन्य अनेक विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों व कृषि क्षेत्र का हित हमारे लिए सर्वाेपरि है और इसी के तहत छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार हरसंभव सहायता देती रहेगी।केंद्रीय मंत्री श्री चौहान की, छत्तीसगढ़ के मंत्री श्री नेताम के साथ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, दलहन, तिलहन, बागवानी, नमो ड्रोन दीदी, आयल पाम मिशन सहित भारत सरकार की अन्य योजनाओं व कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को केन्द्रीय स्तर पर कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी, इसके लिए केंद्र व राज्य सरकार मिल-जुलकर काम करते रहेंगे। श्री चौहान ने आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग अपने स्तर पर पूरा सहयोग देगा। उन्होंने दलहन व तिलहन को प्रोत्साहित करने की केन्द्र सरकार की नीति का उल्लेख भी किया। श्री चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मक्का व सोयाबीन को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन में खाद-बीज आदि आदानों की पर्याप्त उलब्धता रहेगी, इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।बैठक में छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के प्रस्ताव पर बागवानी और मक्का के क्षेत्र विस्तार पर सहमति प्रदान की गई। छत्तीसगढ़ में सोयाबीन की फसल की संभावना को देखते हुए सोयाबीन की फसल को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। मंत्री श्री नेताम ने प्रदेश में खाद-बीज की उपलब्धता, भण्डारण और वितरण के संबंध में केन्द्रीय कृषि मंत्री को अवगत कराया। साथ ही उन्होंने इस मौके पर राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित किए जा रहे विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सचिव श्री संजीव चोपड़ा सहित केंद्र व राज्य के कृषि एवं बागवानी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। - रायपुर । उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने कबीरधाम प्रवास के दौरान ग्राम घोठिया में मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थल एवं मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण के लिए तैयार की गई ड्राइंग-डिजाईनिंग का अवलोकन किया। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ड्राइंग-डिजाइनिंग का अवलोकन करते हुए बताया कि मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए राज्य स्तर पर इसकी प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इस माह के अक्टूबर तक निविदा की प्रक्रिया पूरी होनी की संभवना है, इसके बाद मेडिकल कॉलेज के लिए भूमिपूजन किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य के लिए आवश्यक सभी प्राक्रिया करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कबीरधाम जिले के ग्राम घोठिया में राज्य शासन द्वारा नवीन मेडिकल कॉलेज के लिए लगभग 40 एकड़ जमीन मेडिकल कॉलेज के लिए आबंटित की गई है। कबीरधाम में नए चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किए जाने के लिए राज्य शासन द्वारा लागत राशि 306.23 करोड़ रूपए चिकित्सा महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान की है।निरीक्षण दौरान राज्य शासन के सीजीएमएससी के एमडी श्रीमती पदमनी भोई साहू के द्वारा मेडिकल कॉलेज के लिए तैयार की गई कॉलेज, प्रशासनिक भवन, छात्रावास सहित सभी नक्शा का अवलोकन कराया।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने निरीक्षण पश्चात प्रशासनिक अफसरों के साथ जिला अस्पताल का निरीक्षण किया और मेडिकल कॉलेज के निर्माण एवं अगले शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के संबंध में बैठक ली।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा चिकित्सा महाविद्यालय प्रारंभ करने के लिए वर्तमान में जिला चिकित्सालय कबीरधाम में संचालित अस्पताल को अपग्रेड करने की कार्यवाही किया जाना आवश्यक है। क्योंकि वर्तमान व्यवस्था में महाविद्यालय की न्यूनतम अहर्ताएं पूरी नहीं की जा सकती। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विगत दिनों स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया था कि जिला चिकित्सालय कबीरधाम में उपलब्ध बिस्तरों के साथ-साथ समीपस्थ आयुष विभाग के भवन जिसे पूर्व में जिला चिकित्सालय द्वारा कोविड केयर सेन्टर के रूप में संचालित किया जा चुका है, को भी अतिरिक्त 100 बेड अस्पताल में अपग्रेड किया जा सकता है, ताकि चिकित्सा महाविद्यालय संचालन में न्यूनतम मानक की प्रतिपूर्ति हो सके।
- रायपुर, / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की उच्च न्यायालय भवन में स्थित शाखा का अवलोकन किया गया।उल्लेखनीय है कि 01 जुलाई 1955 स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना हुई थी जिसके उपलक्ष्य में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से डिप्टी जनरल मैनेजर श्री आलोक रंजन द्वारा पुष्प गुच्छ से मुख्य न्यायाधिपति श्री सिन्हा का स्वागत किया गया। हाल ही में उच्च न्यायालय स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में नवीन साज-सज्जा की गई है तथा शाखा में एक व्ही.आई.पी. लाउंज भी बनाया गया है। बैंक के अधिकारीगणों द्वारा मुख्य न्यायाधिपति को बैंक परिसर तथा व्ही.आई.पी. लाउंज का भ्रमण कराया गया तथा ग्राहकों हेतु इस शाखा में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्रदान की।भ्रमण के दौरान रजिस्ट्रार जनरल श्री बलराम प्रसाद वर्मा, एडिशनल रजिस्ट्रार (प्रशासन) श्री अवध किशोर, संयुक्त रजिस्ट्रार कम पीपीएस श्री एम.वी.एल.एन सुब्रहमन्यम, कोर्ट ऑफिसर श्री एफ.के. बिसेन, प्रोटोकॉल अधिकारी श्री आर.एस. नेगी, श्री विजय प्रकाश पाठक, सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी व अन्य उपस्थित रहे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल मैनेजर श्री आनंद प्रियदर्शनी, ब्रांच मैनेजर श्रीमती प्रियंका सिंह बेरू व अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा कार्य-व्यवस्था में सुधार हेतु निरंतर प्रयासरत् हैं। पूर्व में भी उनके मार्गदर्शन व दिशा-निर्देश में उच्च न्यायालय तथा जिला न्यायालयों में अधिवक्ताओं, पक्षकारों, अधिकारियों व कर्मचारियों के हितार्थ अनेकों सुविधाओं यथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पोस्ट ऑफिस इत्यादि की स्थापना व विस्तार किया गया है।
- -योजनाओं और विकास कार्यों की करेंगे मॉनिटरिंगरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए प्रभारी सचिव नियुक्त किए गए हैं। राज्य शासन द्वारा राज्य के सभी 33 जिलों के लिए अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, संचालक, विशेष सचिव को जिले का प्रभार दिया गया है। संबंधित जिले के प्रभारी सचिव, जिले में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की सतत् मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि विकास कार्यों को गति दी जा सके। प्रभारी सचिव अपने भ्रमण के संबंध में एक संक्षिप्त टीप प्रतिमाह मुख्य सचिव को प्रस्तुत करेंगे।सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी पिल्ले को धमतरी जिला का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू को दुर्ग, श्रीमती ऋचा शर्मा को बस्तर, श्री मनोज कुमार पिंगुआ को बिलासपुर जिला, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक को रायपुर जिले का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है।प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा को जांजगीर चांपा, सचिव श्रीमती शहला निगार को महासमुंद, डॉ. कमलप्रीत सिंह को रायगढ़, श्री परदेशी सिद्धार्थ कोमल को बलौदाबाजार-भाटापारा, श्री अविनाश चंपावत को राजनांदगांव, श्री प्रसन्ना आर. को कबीरधाम, श्री अम्बलगन पी. को जशपुर, श्रीमती अलरमेलमंगई डी. को कोरबा, श्री एस. प्रकाश को कोरिया, श्री नीलम नामदेव एक्का को सारंगढ़-बिलाईगढ़, श्री अंकित आनंद को बालोद, डॉ. सी. आर. प्रसन्ना को बेमेतरा, श्री भुवनेश यादव को सूरजपुर, सचिव श्री एस. भारतीदासन को मुंगेली जिले का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है।सचिव सुश्री शम्मी आबिदी को कांकेर, श्री हिमशिखर गुप्ता को गरियाबंद, मोहम्मद कैसर अब्दुलहक को गौरला-पेण्ड्रा-मरवाही, श्री यशवंत कुमार को बलरामपुर-रामानुजगंज, श्री नरेन्द्र दुग्गा को सुकमा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री भीम सिंह को कोण्डागांव, संचालक (कोष एवं लेखा) श्री महादेव कावरे को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, विशेष सचिव श्रीमती किरण कौशल को दंतेवाड़ा, संचालक श्री सौरभ कुमार को सक्ती, संचालक श्री सुनील कुमार जैन को सरगुजा, विशेष सचिव श्री जयप्रकाश मौर्य को मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, विशेष सचिव श्री सारांश मित्तर को बीजापुर और विशेष सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो को नारायणपुर, विशेष सचिव श्री रमेश कुमार शर्मा को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है।
- -उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सहसपुर लोहरा में नव निर्मित थाना भवन का किया लोकार्पण-तीन नए कानूनों के लागू होने पर कबीरधाम में मनाया गया उत्सवरायपुर / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा में देश में तीन आपराधिक कानूनों के लागू होने पर आज उत्सव मनाया एवं सहसपुर लोहारा में नवीन पुलिस थाना भवन का लोकार्पण भी किया। नए कानूनों के लागू होने पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि कानून भारतीय न्याय प्रणाली में एक नई क्रांति लाएगा। इससे न केवल अपराधों की जांच में तेजी आएगी बल्कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा भी मिल सकेगी। नए कानूनों के माध्यम से आम नागरिकों को न्याय पाना और भी आसान होगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का उद्देश्य नागरिक सुरक्षा में सुधार लाना है। इसके तहत नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है, जिससे कानून का पालन करना और उसकी रक्षा करना आसान होगा। भारतीय न्याय संहिता का मुख्य उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है ताकि नागरिकों को त्वरित न्याय मिल सके। इससे मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम होगी। उप मुख्यमंत्री ने इस दौरान आज से लागू होने वाले तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कानून वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सरल करने के लिए लाया गया है। नये तीनों कानून, न्याय और नागरिक सुरक्षा के लिए लाए गए हैं। उन्होंने कहा कि नये कानून के साथ हम सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगे तो ज्यादा बेहतर काम कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यतः पुराने कानून ब्रिटिश काल से चले आ रहे थे। जिसे प्रासंगिक बनाने के लिए एवं निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का समाधान करने के लिए परिवर्तन किया गया है। इस बदलाव से अपराधियों के खिलाफ एफआईआर करने में दिक्कत नहीं होगी तथा गंभीर अपराधियों को प्रक्रिया का पालन कराते हुए कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सहसपुर लोहारा का नया थाना भवन क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस भवन से पुलिस बल को अपने कार्यों को और अधिक प्रभावी तरीके से संपन्न करने में सहायता मिलेगी। इस तरह के प्रयास स्थानीय निवासियों के बीच सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देते हैं और सरकार की कानून और व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इससे पुलिस की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और नागरिकों को त्वरित और प्रभावी सेवा प्रदान की जा सकेगी।
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बिलासपुर /जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्राप्त आवेदन के छानबीन के क्रम में सात दिवस के भीतर आमजनों से दावा-आपत्ति मंगाई है।
सीईओ ने बताया कि जिला सहकारी बैंक मर्यादित में लिपित सह कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत स्व. श्री अनूप कुमार तिवारी के परिवार से उनकी पत्नी श्रीमती त्वरिता तिवारी ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन किया है। आमजनों की जानकारी में यदि दिवंगत शासकीय सेवक के अश्रित परिवार में यदि कोई सदस्य राज्य अथवा केन्द्र की शासकीय सेवा में कार्यरत होने की सूचना है, तो वे सात दिवस के भीतर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित नेहरू चौक बिलासपुर पिन कोड-495001 मंे बंद लिफाफे एवं स्वयं उपस्थित होकर जानकारी दे सकते है ताकि समय पर नियमानुसार कार्यवाही हो सके। - बिलासपुर, /जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्राप्त आवेदन के छानबीन के क्रम में सात दिवस के भीतर आमजनों से दावा-आपत्ति मंगाई है।सीईओ ने बताया कि जिला सहकारी बैंक मर्यादित में लिपिक सह कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत स्व. श्री अनूप कुमार तिवारी के परिवार से उनकी पत्नी श्रीमती त्वरिता तिवारी ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन किया है। आमजनों की जानकारी में यदि दिवंगत शासकीय सेवक के आश्रित परिवार में यदि कोई सदस्य राज्य अथवा केन्द्र की शासकीय सेवा में कार्यरत होने या किसी भी प्रकार के अपराधिक/न्यायालीन प्रकरण होने की सूचना हो तो वे सात दिवस के भीतर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित नेहरू चौक बिलासपुर पिन कोड-495001 को बंद लिफाफे एवं स्वयं उपस्थित होकर जानकारी दे सकते है ताकि समय पर नियमानुसार कार्यवाही हो सके।
- -दंड से न्याय की ओरः भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) होगीदुर्ग / पुलिस नियंत्रण कक्ष सेक्टर-6 में नवीन आपराधिक कानूनों को आज से लागू किए जाने के उपलक्ष्य में पुलिस विभाग के द्वारा कार्यशाला का आयोजित किया गया था। नए आपराधिक कानून, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) आज से प्रभावी हो रहे हैं। ये कानून क्रमशः भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को निरस्त और प्रतिस्थापित करेंगे। आईपीसी में 511 धाराएं थी लेकिन भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएं होंगी। धाराओं का क्रम बदला गया है। रात बारह बजे के बाद जो भी आपराधिक घटनाएं हुई है, उनमें नए कानून के अनुसार प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। नए कानून में वैसे तो बहुत बदलाव हुए हैं, खास बात यह भी है कि संगीन अपराधों में सत्र परीक्षण के दौरान आरोपी डरा-धमकाकर व लालच आदि के दम पर समझौते कर लेते हैं और फिर पीड़ित व गवाह मुकर जाते हैं, अब यह आसान नहीं होगा। अब पुलिस के लिए विवेचना में घटनास्थल पर पहुंचने से लेकर हर कदम पर वीडियो रिकार्डिंग व वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित करने की बाध्यता है और अदालत में ट्रायल के दौरान मजबूत साक्ष्य होंगे। कार्यशाला में विधायक श्री गजेन्द्र यादव और श्री रिकेश सेन, संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी एवं एसपी श्री जितेन्द्र शुक्ला सम्मिलित हुए।विधायक श्री गजेन्द्र यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नए कानून के लागू होने पर उपस्थित नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने दण्ड से न्याय की ओर वाक्यांश की सराहना करते हुए इसके प्रति नागरिकों की जागरूकता सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि नए कानून से नागरिकों को समय पर न्याय मिल पाएगा यह सबसे अधिक लाभकारी तथ्य है।विधायक श्री रिकेश सेन ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है एवं इसके हर नागरिक को कानून की इतनी समझ होना अति आवश्यक है कि वह अपने साथ या अपने आस-पास हो रहे अपराधिक प्रकरणों को समझ सके और कानूनी मदद ले सके। उन्होंने सभी नागरिकों से नए कानूनों के विषय में पढ़ने और समझने की अपील की।कमिश्नर श्री सत्यनारायण राठौर ने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए नए कानून के तहत लाए गए प्रावधानों की सराहना की। उन्होंने कहा इन कानूनों के बनने का लाभ लेने के लिए यह आवश्यक कि नागरिकों को इनका ज्ञान होगा। उन्होंने सभी नागरिकों को कानून के प्रति स्वयं सजग रहने एवं आस-पास के लागों को भी जागरूक करने की बात कही।आई जी श्री रामगोपाल गर्ग ने नए कानून के तहत लागू हुए ई-एफआईआर प्रावधान, इसके महत्व और लाभ के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। पुलिस प्रशासन एवं न्यायालय के उत्तरदायित्व को भी बताया और नागरिकों को आश्वासित किया कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पुलिस प्रशासन पूरा प्रयास करेगी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने भारतीय न्याय संहिता के तहत महिला एवं बाल अपराध से संबंधित परिवर्तित धाराओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिकों को आश्वासन देते हुये कहा कि जिला प्रशासन परिवर्तित किए गए प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही करना सुनिश्चित करेगा ताकि जिस उद्देश्य से प्रावधानों में परिवर्तन किया गया है उसकी पूर्ति हो सके।कार्यशाला में एडीएम श्री अरविंद एक्का, डीएफओ श्री चंद्रशेखर परदेशी, भिलाई नगर निगम आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) होगीः आईपीसी में 511 धाराएं थी लेकिन भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएं होंगी। धाराओं का क्रम बदला गया है। सीआरपीसी (दंड प्रक्रिया संहिता) अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता कहलाएगी। सीआरपीसी में 484 धाराएं थीं। नए कानून में अब 531 धाराएं होंगी। भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 अब भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के नाम से जाना जाएगा। पुराने अधिनियम में 167 प्रावधान थे। नए में 170 प्रावधान हो गए हैं। इनमें डिजिटल साक्ष्यों का महत्व बढ़ाया गया है।विवेचना में वीडियो साक्ष्य बेहद जरूरीः पुलिस अब तक घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य संकलन व पब्लिक के किसी भी गवाह के बयान अपने अनुसार लिख लेती थी। मगर अब सब कुछ वीडियो कैमरे की निगरानी में होगा। इससे अदालत में इन साक्ष्यों को झुठलाया नहीं जा सकेगा और न ही उनमें किसी तरह का हेरफेर किया जा सकेगा।एक जुलाई से दर्ज मुकदमों का ट्रायल नए कानून सेः नए कानून के अनुसार जो मुकदमे दर्ज होंगे, उनका ट्रायल भी नए कानून से होगा। जो मुकदमे 30 जून की रात 12 बजे के पहले पुराने कानून से दर्ज हुए है। उनका ट्रायल पुराने कानून से ही होगा। अलीगढ़ दीवानी न्यायालय के 40 हजार मुकदमे पुराने कानून से चलाए जाएंगे।अब गवाह को ऑनलाइन समन-गवाही की सहूलियतः नए कानून में सबसे अधिक सुविधा गवाह व वादी को दी गई है। अगर गवाह को सूचना नहीं मिल पा रही है तो वह व्हाट्सएप पर मिलने वाले समन व वारंट को भी प्राप्त होना माना जाएगा। अगर वह नहीं आ पा रहा है तो जिस जिले में मौजूद है, वहां के न्यायालय के वीडियो कान्फ्रेसिंग सेंटर से ऑनलाइन गवाही दे सकता है। नए कानून में काफी कुछ बदलाव हुए हैं। इनमें सबसे खास बात यही है कि नए कानून के अनुसार नए मुकदमों का ट्रायल चलेगा, जबकि पुराने मुकदमों में पुराने कानून से ट्रायल चलेगा। नए कानून में बहुत से ऐसे बदलाव हुए हैं, जो संगीन मामलों में अपराधियों के लिए मुश्किल भरे हैं। जिनमें वीडियो व वैज्ञानिक साक्ष्यों के चलते अब अदालत के बाहर समझौता करना आसान नहीं होगा। पुलिस के विवेचकों को नए कानून को लेकर प्रशिक्षण दिया गया है। साथ में मुंशियानों में काम करने वाले स्टाफ को भी प्रशिक्षण दिया है। दुष्कर्म में पीड़ित की मृत्यु व अपंगता पर मृत्युदंड की सजा होगी। पहले से हत्या में सजायाफ्ता को दूसरी हत्या में उम्रकैद या मृत्युदंड, दुष्कर्म-छेड़खानी पीड़िता के बयान महिला मजिस्ट्रेट ही दर्ज करेंगी, महिला मजिस्ट्रेट न होने पर किसी महिला कर्मी की मौजूदगी जरूरी, अब किसी भी घटनास्थल का मुकदमा किसी भी थाने में दर्ज हो सकेगा, ऑनलाइन-व्हाट्सएप के जरिये भेजी तहरीर पर दर्ज करनी होगी रिपोर्ट, महिला और बाल अपराध में दो माह में करनी होगी विवेचना पूर्ण, जेल जाने के 40 दिन के अंदर पीसीआर लेने की सुविधा तय, गवाह या वादी को व्हाट्सएप पर ही समन-वारंट भेजा जाना मान्य, हर घटना की जांच में वीडियो फुटेज-वैज्ञानिक साक्ष्य पहले दिन से करने होंगे तैयार, केस डायरी में भी शामिल होंगे। इसके अलावा घटनास्थल, बरामदगी, पब्लिक की गवाही, वादी की गवाही, पीसीआर पर बरामदगी के वीडियो फुटेज बनाने होंगे।धाराओं में भी कई बदलाव किए गए है। जिनमें महिला संबंधी अपराधों में आईपीसी 354 बीएनएस 74 में, आईपीसी 354ए बीएनएस 75 में, आईपीसी 354बी बीएनएस 76 में, आईपीसी 354सी बीएनएस 77 में, आईपीसी 354डी- बीएनएस 78 में, आईपीसी 509 बीएनएस 79 में बदल गए है। इसी प्रकार चोरी संबंधी अपराध आईपीसी 379 बीएनएस 303(2) में, आईपीसी 411 बीएनएस 317(2) में, आईपीसी 457 बीएनएस 331(4) में, आईपीसी 380 बीएनएस 305 में बदल गए है। लूट संबंधी अपराध आईपीसी 392 बीएनएस 309(4) में, आईपीसी 393 बीएनएस 309(5) में, आईपीसी 394 बीएनएस 309(6) में बदल गए है। हत्या-आत्महत्या संबंधी अपराध आईपीसी 302 बीएनएस 103(1) में, आईपीसी 304(बी) बीएनएस 80(2) में, आईपीसी 306 बीएनएस 108 में, आईपीसी 307 बीएनएस 109 में, आईपीसी 304 बीएनएस 105 में, आईपीसी 308 बीएनएस 110 में बदल गए है। धोखाधड़़ी संबंधी अपराध आईपीसी 419 बीएनएस 319(2) में, आईपीसी 420 बीएनएस 318(4) में, आईपीसी 466 बीएनएस 337 में, आईपीसी 467 बीएनएस 338 में, आईपीसी 468 बीएनएस 336(3) में, आईपीसी 471 बीएनएस 340(2) में बदल गए है। ठग 420 नहीं 316 कहलाएंगे, हत्यारों को 302 नहीं 101 में सजा मिलेगी। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में 511 धाराएं थीं, लेकिन भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में धाराएं 358 रह गई हैं। आपराधिक कानून में बदलाव के साथ ही इसमें शामिल धाराओं का क्रम भी बदल जाएगा।तीनों नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम कहे जाएंगे, जिसने क्रमशः भारतीय दंड संहिता (1860), आपराधिक प्रक्रिया संहिता (1898) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (1872) का स्थान लिया है। कानूनों में प्रभावी होने के साथ ही इनमें शामिल धाराओं के क्रम भी बदल गए है। भारतीय दंड संहिता में 511 धाराएं थीं, लेकिन भारतीय न्याय संहिता में धाराएं 358 रह गई हैं। संशोधन के जरिए इसमें 20 नए अपराध शामिल किए हैं, तो 33 अपराधों में सजा अवधि बढ़ाई है। 83 अपराधों में जुर्माने की रकम भी बढ़ाई है। 23 अपराधों में अनिवार्य न्यूनतम सजा का प्रावधान है। छह अपराधों में सामुदायिक सेवा की सजा का प्रावधान किया गया है। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को 12 दिसंबर 2023 को केंद्र सरकार ने लोकसभा में तीन संशोधित आपराधिक विधियकों को पेश किया था। इन विधेयकों को लोकसभा ने 20 दिसंबर, 2023 को और राज्यसभा ने 21 दिसंबर, 2023 को मंजूरी दी।धारा 124ः आईपीसी की धारा 124 राजद्रोह से जुड़े मामलों में सजा का प्रावधान रखती थी। नए कानूनों के तहत राजद्रोह को एक नया शब्द देशद्रोह मिला है यानी ब्रिटिश काल के शब्द को हटा दिया गया है। भारतीय न्याय संहिता में अध्याय 7 में राज्य के विरुद्ध अपराधों कि श्रेणी में देशद्रोह को रखा गया है।धारा 144ः आईपीसी की धारा 144 घातक हथियार से लैस होकर गैरकानूनी सभा में शामिल होना के बारे में थी। इस धारा को भारतीय न्याय संहिता के अध्याय 11 में सार्वजनिक शांति के विरुद्ध अपराध की श्रेणी में रखा गया है। अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 187 गैरकानूनी सभा के बारे में है।धारा 302ः पहले किसी की हत्या करने वाला धारा 302 के तहत आरोपी बनाया जाता था। हालांकि, अब ऐसे अपराधियों को धारा 101 के तहत सजा मिलेगी। नए कानून के अनुसार, हत्या की धारा को अध्याय 6 में मानव शरीर को प्रभावित करने वाले अपराध कहा जाएगा।धारा 307ः नए कानून के अस्तित्व में आने से पहले हत्या करने के प्रयास में दोषी को आईपीसी की धारा 307 के तहत सजा मिलती थी। अब ऐसे दोषियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत सजा सुनाई जाएगी। इस धारा को भी अध्याय 6 में रखा गया है।धारा 376ः दुष्कर्म से जुड़े अपराध में सजा को पहले आईपीसी की धारा 376 में परिभाषित किया गया था। भारतीय न्याय संहिता में इसे अध्याय 5 में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध की श्रेणी में जगह दी गई है। नए कानून में दुष्कर्म से जुड़े अपराध में सजा को धारा 63 में परिभाषित किया गया है। वहीं सामूहिक दुष्कर्म को आईपीसी की धारा 376 डी को नए कानून में धारा 70 में शामिल किया गया है।धारा 399ः पहले मानहानि के मामले में आईपीसी की धारा 399 इस्तेमाल की जाती थी। नए कानून में अध्याय 19 के तहत आपराधिक धमकी, अपमान, मानहानि, आदि में इसे जगह दी गई है। मानहानि को भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 में रखा गया है।धारा 420ः भारतीय न्याय संहिता में धोखाधड़ी या ठगी का अपराध 420 में नहीं, अब धारा 316 के तहत आएगा। इस धारा को भारतीय न्याय संहिता में अध्याय 17 में संपत्ति की चोरी के विरूद्ध अपराधों की श्रेणी में रखा गया है।सीआरपीसी और साक्ष्य अधिनियम में महत्पूर्ण बदलाव किए गए है। जिसमें दंड प्रक्रिया संहिता यानी सीआरपीसी की जगह अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता ने ले ली है। सीआरपीसी की 484 धाराओं के बदले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में 531 धाराएं हैं। नए कानून के तहत 177 प्रावधान बदले गए हैं जबकि नौ नई धाराएं और 39 उपधाराएं जोड़ी हैं। इसके अलावा 35 धाराओं में समय सीमा तय की गई है। वहीं, नए भारतीय साक्ष्य अधिनियम में 170 प्रावधान हैं। इससे पहले वाले कानून में 167 प्रावधान थे। नए कानून में 24 प्रावधान बदले हैं।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिले में पदस्थ भारतीय प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी श्री एम. भार्गव (भा.प्र.से.) सहायक कलेक्टर दुर्ग को जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु आयुक्त नगर पालिक निगम भिलाई 3 चरोदा का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है। कार्यालय कलेक्टर दुर्ग से मिली जानकारी अनुसार सहायक कलेक्टर श्री भार्गव (भा.प्र.से.) को 01 जुलाई 2024 से 28 जुलाई 2024 तक चार सप्ताह की अवधि के लिए आयुक्त नगर पालिक निगम भिलाई 3 चरोदा के साथ प्रशिक्षण अभ्यास हेतु संलग्न किया गया है। प्रशिक्षण अवधि में श्री दशरथ सिंह राजपूत आयुक्त नगर पालिका निगम भिलाई 3 चरोदा के द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
- दुर्ग, / जिले में सेवानिवृत्त हुए 30 शासकीय सेवकों को पेंशन प्राधिकार पत्र उनके सेवानिवृत्ति के पूर्व ही जारी कर दिया गया। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के द्वारा इन्हें कलेक्टोरेट सभागृह में सम्मान समारोह में पेंशन प्राधिकार पत्र के साथ पुष्पगुच्छ एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। जिला कोषालय द्वारा आयोजित कार्यकम को लेकर सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों में काफी उत्साह रहा। जिला कोषालय अधिकारी ने बताया कि संभागीय संयुक्त संचालक कोष-लेखा एवं पेशन दुर्ग द्वारा इस माह पूरे संभाग के लिये कुल 196 शासकीय सेवकों का पी.पी.ओ./ जी.पी.ओ. जारी किया गया। जिसमें दुर्ग जिले के 63 शासकीय सेवक शामिल है। समारोह में स्कूल शिक्षा, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, जल संसाधन एवं पंचायत विभाग के शासकीय सेवक शामिल रहे। समारोह में डॉ. दिवाकर सिंह राठौर संभागीय संयुक्त संचालक, श्री राघवेन्द्र कुमार वरिष्ठ कोषालय अधिकारी दुर्ग, श्री चन्द्रभूषण साहू लेखाधिकारी, श्री संतोष कुमार कंडरा सहायक कोषालय एवं सेवानिवृत हुए शासकीय सेवक अधिकारी उपस्थित थे।
- -प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने गरीब विधवा ने लगाई गुहार-जनदर्शन में प्राप्त हुए 150 आवेदनदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देश पर अपर कलेक्टर श्री बजरंग दुबे ने जनदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में आज 150 आवेदन प्राप्त हुए।जनदर्शन में आवेदन लेकर पहुंचे रामनगर सुपेला वार्ड 19 भिलाई के निवासियों ने बताया कि नवनिर्मित मकान मालिक द्वारा अपनी जमीन के बाहर नाली पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है, नाली पर अवैध निर्माण हो जाने के कारण पानी निकासी की समस्या आ रही है। इस पर अपर कलेक्टर ने तहसीलदार भिलाई नगर को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।घासीदास नगर निवासी ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने आवेदन किया। उन्होंने बताया कि वह विधवा है उनका एक बेटा है, जो पढ़ाई कर रहा है। आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के कारण कच्चे मकान में निवासकर जीवकोर्पाजन कर रही है, जिसमें हमें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नाम सूची में दर्ज होने के पश्चात भी आज दिनांक तक इस योजना का लाभ नही मिल पाया है। इस पर अपर कलेक्टर ने नगर निगम भिलाई को कार्यवाही करने को कहा।वार्ड नंबर 12 मोहन नगर निवासी ने अमृत मिशन योजना के तहत नल कनेक्शन हेतु आवेदन दिया। वार्ड नंबर 12 में पानी की परेशानी को देखते हुए वार्डवासियों द्वारा अमृत मिशन योजना के तहत नल कनेक्शन हेतु जल घर में आवेदन प्रस्तुत किया गया। लेकिन आज दिनांक तक कोई भी कार्यवाही नही हो पाई है। वार्डवासियों को पानी के लिए बहुत परेशानियांे का सामना करना पड़ रहा है। इस पर अपर कलेक्टर ने नगर निगम दुर्ग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।ग्राम सिरसा कला निवासी ने काबिज भूमि का पट्टा दिलाने की मांग की। उन्हांेने बताया कि उनका गरीब परिवार 50 वर्षो से कच्चा मकान बनाकर निवासरत है। नगर पालिका निगम भिलाई चरोदा में टैक्स जमा किया जा रहा है। मकान पट्टा के संबंध में आसपास में किसी भी व्यक्ति को कोई आपत्ति नही है। निवासरत जमीन के अलावा कोई भी खेती बाड़ी नही है। इस पर अपर कलेक्टर ने तहसीलदार भिलाई-3 को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।जनदर्शन में राशन कार्ड में नाम जोड़वाने, अनुकम्पा नियुक्ति, भारत माला परियोजना अंतर्गत मुआवजा राशि दिलाने, स्कूल में एडमिशन दिलाने, जाति प्रमाण पत्र में त्रुटि सुधार के आवेदन के साथ-साथ अवैध कब्जा के अधिक आवेदन प्राप्त हुए।









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