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- दुर्ग / विधानसभा निर्वाचन 2023 हेतु मतदान दलों को प्रशिक्षण दिए जाने बीआईटी कॉलेज के सभागार में प्रातः 11.00 बजे से जिला स्तरीय मास्टर टेªनर्स का द्वितीय चरण का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। मास्टर्स ट्रेनर्स में निर्वाचन संबंधी नियमों एवं मतदान की समस्त प्रक्रियाओं की बेहतर समझ बन सके, इस आशय से प्रशिक्षण के उपरांत टेस्ट (स्व -आंकलनो आयोजित किया गया। आंकलन में मतदान केन्द्रों में मतदान दलों की भूमिका के साथ-साथ मतदान हेतु प्रयोेग में लाये जाने वाले मशीनों, प्रपत्रों, प्रारूपों, एवं अन्य सामग्रियों से संबंधित वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को शामिल किया गया। इस आंकलन को लेने का एक मात्र उद्देश्य यह था, कि मास्टर ट्रेन्स को निर्वाचन प्रशिक्षण हेतु निपुण किया जा सके ताकि निर्वाचन कार्य सफलता पूर्वक संपादित किया जा सके। इन जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को राज्य से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर श्री विनय कुमार सोनी, एस.डी. एम. व संयुक्त कलेक्टर धमधा, श्री लवकेश कुमार धु्रव, डिप्टी कलेक्टर व अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद, श्री एल.के.भारती, प्राध्यापक श्री अंजय कुमार तिवारी, व्याख्याता एवं अन्य द्वारा प्रशिक्षण प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित समस्त मास्टर ट्रेनर्स को स्वीप कार्यक्रम अंतर्गत स्वयं मतदान करने एवं दूसरों को मतदान हेतु प्रेरित करने जिला शिक्षा अधिकारी श्री अभय जायसवाल द्वारा शपथ भी दिलाया गया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग से डॉ पुष्पा पुरूषोत्तमन, श्री तनवीर अकिल, श्री नवनीत राम, श्री शुभेन्दु सिंह, श्री कमलेश साहू, श्री घनश्याम साह, श्री विजय देवांगन, कु. हेमा सिंह भी उपरिथत थे।
- रायपुर -नगरीय निकाय एवं पंचायती राज महासम्मेलन, कांकेर में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और श्रीमती प्रियंका गांधी ने आज "पुरखती कागजात" और "ताना बाना" पुस्तिका का विमोचन किया। बस्तर में क्षेत्रवार आदिवासी समुदायों के देवी-देवताओं की वाचिक परम्परा में प्रचलित मान्यताओं को लेखबद्ध कर उन्हें जारी किये गये सामुदायिक वन अधिकार के प्रपत्रों को संकलित कर “पुरखती कागजात’’ नामक (भाग एक) पुस्तिका तैयार की गई है। “पुरखती कागजात’’ (भाग-दो ) में संरक्षित खसरों का संकलन है, जिसमें भुईया के माध्यम से खसरे के कैफियत कॉलम में मातागुड़ी, देवगुड़ी के नाम व रकबा उल्लेखित कर राजस्व अभिलेख संरक्षित किया गया है।ज्ञात हो कि आदिवासी समुदायों के परम्पराओं एवं मान्यताओं पर आधारित सामाजिक ताना-बानासंभाग में निवासरत प्रमुख आदिवासी समुदायों यथा- गोंड, हल्बा, भतरा, धुरवा, मुण्डा, मुरिया, कोया समुदाय के लोगों के जीवन में प्रचलित सांस्कृतिक रीति-रिवाजों एवं विभिन्न प्रकार के जन्म-मृत्यु संस्कारों, त्यौहारों. विभिन्न परम्पराओं एवं मान्यताओं पर आधारित सामाजिक ताना-बाना नामक पुस्तिका बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित की जा रही है, जिसका विमोचन मुख्यमंत्री द्वारा किया जा रहा है। उपरोक्त पुस्तिका का विमोचन आज अतिथियों द्वारा किया गया।
- रायपुर। पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर, रायपुर निवासी श्रीमती विजयलक्ष्मी शर्मा का आज निधन हो गया। वे स्व. नर्मदा प्रसाद शर्मा (खिलोरा -भठली) वाले की पत्नी, अमिताभ शर्मा और अनुराग शर्मा की माता थीं। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 2.00 बजे महादेव घाट मुक्तिधाम में किया जाएगा।
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कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
रायपुर/कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रास सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक ली। उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए जिन अधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां मिली है उनका गंभीरतापूर्वक निर्वहन करें। चुनाव सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। आदर्श आचार संहिता लगने के बाद नए कार्य प्रारंभ नही होंगे और सभी शासकीय कार्यालयों में आम जनता से जुडे़ दैनंदिनी कार्य प्रभावित नही होंगे वे निरंतर जारी रहेंगे। पहले से जो कार्य प्रगति पर है या प्रारंभ हो चुके है वे कार्य जारी रहेंगे। कलेक्टर ने कहा कि राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत जो पट्टे वितरण होना है उन्हें त्वरित गति से पूर्ण करें। डॉ भुरे ने कहा कि डेंगू-मलेरिया तथा अन्य मौसमी बिमारियों पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट रहें आमजनों को जागरूक करें और दवाईयों तथा ईलाज की व्यवस्था बनाएं रखें। सड़कों की मरम्मत भी त्वरित गति से पूर्ण करें। साथ ही शहर में साफ-सफाई की व्यवस्था बनाएं रखें। इस बैठक पर नगर निगम आयुक्त श्री मयंक चतुर्वेेदी, जिला पंचायत सीईओ श्री अबिनाश मिश्रा, सभी एडीएम, एसडीएम तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। -
श्री सुरेंद्र बैरागी नारियल के खोल से बनाते है विभिन्न उत्पाद
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो
रायपुर / कलेक्टर डॉ सर्वेेश्वर भुरे ने राजधानी वासी श्री सुरेन्द्र बैरागी को आज सम्मानित किया। श्री बैरागी पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे पर्यावरण को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चला रहे हैं। इसके लिए उनके द्वारा नारियल के खोल से इको-फ्रैंडली कटोरियां, कप, साबुन दानी जैसे प्रोडक्ट बनाकर निःशुल्क वितरित की जाती है।
डॉ भुरे ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि श्री बैरागी और उनके परिवार द्वारा जो कार्य किया जा रहा है अपने आप मे अनूठा है। पूरे समाज को, विशेषकर नई पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। आज प्लास्टिक के कारण हमारे आस-पास का वातारण दूषित हो रहा है जिसके नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं। उनकी पहल से आम जनता को प्लास्टिक का विकल्प मिलेगा और वे उसका कम उपयोग करने प्रेरित होंगे।
उल्लेखनीय है कि रायपुर में रहने वाले सुरेंद्र बैरागी और उनके परिवार ने शहर को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए एक अनोखी पहल की है। फाफाडीह में रहने वाले सुरेंद्र बैरागी पर्यावरण संरक्षक है और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले नुकसान के प्रति लोगो में जागरूकता लाने का प्रयास करते हैं।
श्री बैरागी ने बताया कि मंदिरों में बड़ी मात्रा में नारियल उपयोग होता है और इसकी खोल इस्तेमाल के बाद अनुपयोगी हो जाता है। उन्हें इनसे विभिन्न प्रकार के उपयोगी चीजे बनाने का आइडिया आया और वह इस नारियल के वेस्ट खोल से बेस्ट बनाने में जुट गए। सबसे खास बात यह है कि नारियल से बनी इन चीजों को वह मुफ्त बांटते है। नारियल के बर्तन के साथ ही वह टेबल लैंप चूड़ियां जैसी कलात्मक चीजे भी बनाते है। साथ ही सुरेंद्र जी की पत्नी आशा पुराने कपड़े, चादर या फिर अनुपयोगी कपड़ों से थैला सिलने का कार्य करती हैं और सुरेंद्र अपने मित्रों और बच्चों के साथ इन थैलों को बाज़ार में बांटते हैं। श्री सुरेंद्र कहते हैं कि वह नारियल से बनी इन गुमटियों में उपयोग होने वाले प्लास्टिक के दोने के जगह नारियल से बनी कटोरियों के उपयोग करने के लिए दुकानदारों को आग्रह करते है। पूर्व मे जिला प्रशासन द्वारा सोशल अकाउंट से श्री बैरागी पर आधारित पोस्ट किया गया था। जिसे काफी सराहना मिली तथा 20 लाख से अधिक लोगों द्वारा यह वीडियों देखा तथा 38 हजार लोंगो ने शेयर किया। -
दुर्ग / कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजनांतर्गत सांसद विजय बघेल की अनुशंसा पर भिलाई व दुर्ग में 2 निर्माण कार्याे के लिए 12 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार भिलाई के सेक्टर 2 बीएसएनएल चौक के पास मंच एवं शेड निर्माण हेतु 7 लाख रूपए एवं दुर्ग शहर के अधिवक्ता संघ में पुस्तकालय एवं बैठक व्यवस्था हेतु 5 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। -
दुर्ग / कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र कुमार मीणा द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत विधायक गुरू रूद्र कुमार की अनुशंसा पर विधानसभा क्षेत्र अहिवारा अंतर्गत 5 निर्माण कार्याे के लिए 49 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। जिसमें विकासखण्ड दुर्ग अंतर्गत 15 लाख, विकासखण्ड पाटन अंतर्गत 5 लाख एवं विकासखण्ड धमधा अंतर्गत 20 लाख रूपए के निर्माण कार्य शामिल है।
जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विधानसभा क्षेत्र अहिवारा अंतर्गत वि.ख. दुर्ग के वार्ड क्र. 10 में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु, वार्ड क्र. 09 के निरंकारी सत्संग चौक के पास सौदर्यीकरण कार्य हेतु एवं वार्ड क्र. 16 शिवपुरी में मानस मंच के पास सार्वजनिक डोम शेड निर्माण सहित 3 कार्य हेतु 5-5 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है।
इसी प्रकार वि.ख. पाटन के ग्राम मोरिद, सार्वजनिक सामुदायिक भवन साहू पारा के पास शौचालय एवं किचन शेड निर्माण हेतु 5 लाख रूपए एवं वि.ख. धमधा के वार्ड क्र. 09 में सार्वजनिक डोम शेड निर्माण हेतु 20 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। -
दुर्ग/ कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र कुमार मीणा द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर की अनुशंसा पर विधानसभा क्षेत्र अहिवारा अंतर्गत विकासखण्ड दुर्ग एवं विकासखण्ड धमधा में विकास कार्य हेतु 18 लाख 64 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विधानसभा क्षेत्र अहिवारा के अंतर्गत दुर्ग के वार्ड क्र. 01 में नगर पालिका निगम जामुल तालाब के पास डोम शेड निर्माण हेतु 8 लाख 66 रूपए एवं विकासखण्ड धमधा के ग्राम बानबरद देवांगन पारा सार्वजनिक सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 9 लाख 98 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। -
दुर्ग/कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र कुमार मीणा द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर की अनुशंसा पर विधानसभा क्षेत्र साजा अंतर्गत विकासखण्ड धमधा में 6 विकास कार्य हेतु कुल 6 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विधानसभा क्षेत्र साजा के अंतर्गत ग्राम पंचायत घोटवानी के आश्रित ग्राम धुमा में जैतखाम के पास मंच में ग्रील लगाने के कार्य हेतु, ग्राम पंचायत बिरेझर बाजार चौक में मंच का फ्लोरिंग कार्य एवं ग्रील लगाने के कार्य हेतु 1-1 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत परसकोल में, ग्राम पंचायत सोनेसरार गौठान में एवं ग्राम पंचायत रहटादाह के आश्रित ग्राम मोतिमपुर में नंदी के पास सहित तीनों स्थानों में चबूतरा निर्माण हेतु 1-1 लाख रूपए एवं ग्राम पंचायत मडियापार गौठान में नंदी के पास मंच निर्माण हेतु 1 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
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- ऑयल पाम खेती से कृषकों की आय में होगी वृद्धि
- गृह मंत्री श्री साहू जिला स्तरीय कृषक सम्मेलन में हुए शामिल
दुर्ग/ प्रदेश के गृह, लोक निर्माण एवं कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू आज ग्राम थनौद हाई स्कूल प्रांगण में आयोजित जिला स्तरीय कृषक सम्मेलन में शामिल हुए। इस मौके पर मंत्री श्री साहू ने विभागीय स्टॉल प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
कृषक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि कृषक सम्मेलन का उद्देश्य शासन की योजनाओं की जानकारी एवं उसका लाभ सभी किसानों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के अभाव में किसान शासकीय योजनाओं का लाभ नही उठा पाते। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लोगों की भलाई के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। प्रदेश में सभी वर्गो के उत्थान के लिए योजनाएं बनाई गई है। किसानों, आदिवासियों, श्रमिकों, महिलाओं और युवाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने का काम किया है। छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जहां हमने किसानों से सबसे ज्यादा दाम पर धान खरीदी कर किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम किया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर काम हुए हैं। डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत निःशुल्क इलाज किया जाता है। राज्य सरकार ने कर्जमाफी, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाया गया। कृषि विभाग द्वारा अनेक प्रकार की योजनाएं संचालित है जो कि किसानों के हित में बनाया गया है। उन्होंने शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की बाते कही।कृषि मंत्री श्री साहू ने किसानों को खेती के साथ ही साथ ऑयल पाम की खेती के बारे में बताया। छत्तीसगढ़ को खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाने व कृषकों की आय में वृद्धि हेतु ऑयल पाम खेती करने की बात कही। ऑयल पाम खेती किसी भी प्रकार की भूमि जो पूर्णतः सिंचित हो पर किया जा सकता है। यह बहुवर्षीय फसल एक बार लगा दो तो कई सालों तक चलता है और उत्पादन भी अच्छा होता है।
इस अवसर पर मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने हितग्राहियों को पैक हॉउस एवं सामूहिक फेसिंग हेतु चेक का वितरण किया। हितग्राहियों को जाल, फिश माऊंट, आईस बॉक्स, लाईव फिश वेंडिंग, पॉवर वीडर, मसूर मिनिकीट, हेण्ड स्प्रेयर, ब्रश कटर एवं ट्रेक्टर का वितरण किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा यादव, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री देवेन्द्र देशमुख, उपाध्यक्ष श्रम कल्याण मंडल श्री केशव बंटी हरमुख, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित श्री राजेन्द्र साहू, कृषि विभाग के संयुक्त संचालक श्री आर.के.राठौर सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित थे। -
दुर्ग/ कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र कुमार मीणा द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत विधायक श्री ताम्रध्वज साहू की अनुशंसा पर विधानसभा क्षेत्र दुर्ग (ग्रामीण) अंतर्गत 65 निर्माण कार्याे के लिए 1 करोड़ 10 लाख 97 हजार 74 रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विधानसभा क्षेत्र दुर्ग (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम करगाडीह गौरा चौक पास सार्वजनिक मंच निर्माण हेतु 50 हजार रुपए, ग्राम करगाडीह शीतला तालाब के पास दशगात्र शेड निर्माण हेतु 2 लाख 49 हजार 925 रुपए, ग्राम कातरो तालाब के पास दशगात्र शेड निर्माण हेतु 2 लाख 50 हजार रुपए, ग्राम कोकड़ी शीतला मंदिर के पास शेड निर्माण कार्य हेतु 1 लाख रुपए, ग्राम कोड़िया साहू पारा पास शासकीय सामुदायिक भवन में टाईल्स कार्य हेतु 2 लाख रुपए, ग्राम कोलिहापुरी आबादी पारा अंबेडकर चौक पास सार्वजनिक मंच निर्माण हेतु 1 लाख 50 हजार रुपए, ग्राम कुथरेल चन्द्राकर पारा शास. मद से निर्मित सांस्कृतिक भवन में सीढ़ी व आईल्स कार्य हेतु 3 लाख रुपए, ग्राम कुथरेल गौरा गुड़ी चौरा के पाससार्वजनिक चबूतरा में टाईल्स व शेड निर्माण हेतु 1 लाख रुपए, ग्राम कुथरेल पूर्व मा.शा. बालक मंच में शेड निर्माण हेतु 50 हजार रुपए, ग्राम मचांदुर शनिमंदिर चौक के पास सार्वजनिक शेड व चेकर टाईल्स कार्य हेतु 1 लाख रुपए, ग्राम मचांदुर हनुमान चौक में सौंदर्यीकरण कार्य हेतु 1 लाख रुपए, ग्राम मतवाराी सहाडादेव के पास सीमेंटीकरण कार्य हेतु 1 लाख रुपए, ग्राम बिरेझर बाजार चौक् भठापारा पेवर ब्लॉक कार्य हेतु 2 लाख 50 हजार रुपए, ग्राम बिरेझर बस्ती पारा शासकीय मंगल भवन में मरम्मत कार्य हेतु 2 लाख रुपए, ग्राम बिरेझर भाठापारा गौरा चौरा के पास सार्वजनिक चबूतरा निर्माण हेतु 50 हजार रुपए, ग्राम रिसामा संतोष घर के पास इंदिरा आवास पारा सार्वजनिक मंच निर्माण हेतु 1 लाख 49 हजार 775 रुपए, ग्राम रिसामा कुल 05 नग शासकीय मद से निर्मित सार्वजनिक मंचो का संधारण कार्य हेतु 2 लाख 50 हजार रुपए, ग्राम थनौद देवांगन पारा में सार्वजनिक भवन के पास पेवर ब्लॉक कार्य हेतु 2 लाख रुपए, ग्राम थनौद बाजार चौक भाठापारा पेवर ब्लॉक कार्य हेतु 2 लाख रुपए, ग्राम चिंगरी बड़े तालाब के पास दशगात्र शेड निर्माण हेतु 2 लाख 50 हजार रुपए, ग्राम चिरपोटी दुर्गा मंच के पास सार्वजनिक मंच संधारण व सौंदर्यीकरण कार्य हेतु 3 लाख रुपए, ग्राम चिरपोटी नहर स्टाप डेम के दोनो तरफ दरोगा खेत पास सीमेंटीकरण व सौंदर्यीकरण कार्य 3 लाख रुपए, ग्राम निकुम पटेल पारा शास. मद से निर्मित भवन में आहाता व शौचालय निर्माण हेतु 2 लाख 50 हजार रुपए, ग्राम हनोदा सार्वजनिक जयस्तंभ चौक में स्टील ग्रील घेरा कार्य हेतु 49 हजार 746 रुपए, ग्राम भानपुरी वार्ड 04 में सार्वजनिक मंच निर्माण हेतु 1 लाख 50 हजार रुपए, ग्राम भानपुरी शिव मंदिर चौक में सार्वजनिक स्टील रेलिंग कार्य हेतु 1 लाख रुपए, ग्राम पाउवारा कंकालीन तालाब पास सार्वजनिक मंच व कक्ष निर्माण हेतु 2 लाख रुपए, ग्राम पुरई रमणकपुर दुर्गा मंच पास सार्वजनिक मंच में शेड निर्माण हेतु 50 हजार रुपए, ग्राम उमरपोटी भाठा में सार्वजनिक मंच निर्माण हेतु 1 लाख 50 हजार रुपए, ग्राम उमरपोटी भाठापारा वार्ड 05 सार्वजनिक मंच निर्माण हेतु 1 लाख 50 हजार रुपए, ग्राम डुमरडीह वार्ड 20 मंगल भवन पास शास. मद से निर्मित भवन में बाडण्ड्रीवाल निर्माण हेतु 1 लाख 50 हजार रुपए, ग्राम चंदखुरी वार्ड 17 सार्वजनिक मंच व कक्ष निर्माण हेतु 2 लाख रुपए, ग्राम चंदखुरी वार्ड 19 दुर्गा मंच के पास शासकीय भवन मरम्मत कार्य हेतु 1 लाख 99 हजार 916 रुपए, ग्राम चंगोरी आवास पारा लक्ष्मी मंच के पास शासकीय भवन का छत मरम्मत कार्य हेतु 1 लाख रुपए, ग्राम चंगोरी मानस भवन पास सार्वजनिक मंच निर्माण हेतु 1 लाख 49 हजार 775 रुपए, ग्राम जंजगिरी दुर्गा चौक आबादी पारा में सार्वजनिक स्टील रेलिंग कार्य हेतु 49 हजार 747 रुपए, ग्राम जंजगिरी साहू पारा ससार्वजनिक सामुदायिक भवन से सतनाम पारा भवन तक तार जाली घेरा कार्य हेतु 1 लाख 99 हजार 847 रुपए, ग्राम अंजोरा ख मंगल भवन पास आबादी पारा सार्वजनिक मंच निर्माण हेतु 1 लाख 49 हजार 775 रुपए, ग्राम अंजोरा ख शा.उ.मा.शाला में मंच व शेड निर्माण हेतु 1 लाख 99 हजार 911 रुपए, ग्राम आमटी साहू पारा सार्वजनिक मंच में शेड निर्माण हेेतु 1 लाख 50 हजार रुपए, ग्राम आमटी आंगनबाड़ी केंन्द्र क्र. 02 शेड निर्माण हेतु 50 हजार रुपए, ग्राम नगपुरा साहू पारा सार्वजनिक सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 5 लाख रुपए एवं ग्राम रसमड़ा शीतला पारा सरस्वती मंच पास सार्वजनिक मंच निर्माण हेतु 1 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इसी प्रकार ग्राम कातरो कुवांरी माता मंदिर के बाजू व दुर्गा मंदिर के पास सामुदायिक भवन में कक्ष निर्माण कार्य हेतु 3 लाख रुपए, ग्राम पीपरछेड़ी निषाद पारा सार्वजनिक सामुदायिक भवन में किचन शेड निर्माण कार्य हेतु 1 लाख रुपए, ग्राम खुरसुल नया पंचायत भवन में बाउण्ड्रीवाल निर्माण कार्य हेतु 1 लाख 99 हजार 953 रुपए, ग्राम विनायकपुर शीतला पारा सार्वजनिक मंच निर्माण कार्य हेतु 1 लाख 50 हजार रुपए, ग्राम उमरपोटी पंचायत भवन पास सार्वजनिक सामुदायिक भवन में किचन शेड व बाउण्ड्रीवाल कार्य हेतु 3 लाख रुपए, ग्राम मतवारी एल.पी.टेंक बांध में हीरा साहू खेत के पास वॉल पीचिंग कार्य हेतु 1 लाख 99 हजार 953 रुपए, ग्राम धनोरा सार्वजनिम भवन में किचन शेड व स्टोर रूम निर्माण कार्य हेतु 3 लाख 99 हजार 657 रुपए, ग्राम धनोरा साई मंदिर के पास सार्वजनिक भवन में कक्ष निर्माण 2 लाख 50 हजार रुपए, ग्राम घुघसीडीह हनुमान चौक में सार्वजनिक ग्रील कार्य हेतु 49 हजार 842 रुपए, ग्राम घुघसीडीह बांधा तालाब घासीदास नगर दशगात्र शेड निर्माण हेतु 2 लाख 49 हजार 925 रुपए, ग्राम खम्हरिया भाठापारा दुर्गा मंच पास शासकीय भवन का छत मरम्मत कार्य हेतु 49 हजार 716 रुपए, ग्राम खांड़ा शासकीय मद से निर्मित महिला भवन का संधारण कार्य हेतु 1 लाख रुपए, ग्राम खांड़ा पी.डी.एस.भवन शासकीय मद से निर्मित सामुदायिक भवन का मरम्मत कार्य हेतु 50 हजार रुपए, ग्राम खोपली वार्ड 09 सतनाम भवन पास सार्वजनिक मंच में शेड निर्माण हेतु 50 हजार रुपए, ग्राम खापली गोड़पारा में सार्वजनिक भवन में शेड निर्माण हेतु 50 हजार रुपए, ग्राम खुरसुल गौरा चौरा के पास सार्वजनिक चबूतरा निर्माण कार्य हेतु 50 हजार रुपए, ग्राम खुर्सीडीह जैतखाम के पास सीमेंटीकरण कार्य हेतु 3 लाख रुपए, ग्राम खुर्सीडीह बीच बस्ती कलामंच के पास सार्वजनिक मंच के पास कक्ष निर्माण हेतु 3 लाख रुपए, ग्राम बोरई घासीदास कलामंच सार्वजनिक मंच निर्माण हेतु 1 लाख 50 हजार रुपए, ग्राम बोरई दशहरा मैदान रामलीला मंच पास सार्वजनिक मंच व शेड निर्माण हेतु 2 लाख 99 हजार 686 रुपए एवं ग्राम बोरीगारका बडे़ तालाब के पास दशगात्र शेड निर्माण हेतु 2 लाख 49 हजार 925 रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्वामी आत्मानंद की 06 अक्टूबर को जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्वामी आत्मानंद ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस की भावधारा को छत्तीसगढ़ की जमीन पर साकार किया और मानव सेवा व शिक्षा संस्कार की अलख जगाई। स्वामी विवेकानंद के विचारों का भी आत्मानंद जी पर भी गहरा असर हुआ, जिससे उन्होंने अपना पूरा जीवन दीन-दुखियों की सेवा में बिता दिया। मठ और आश्रम स्थापित करने के लिए एकत्र की गई राशि उन्होंने अकाल पीड़ितों की सेवा और राहत काम के लिए खर्च कर दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद जी का समाज सुधारक और शिक्षाविद् के रूप में छत्तीसगढ़ में बड़ा योगदान हैं। उनके मानव सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्य अनुकरणीय और प्रेरणास्पद है। उन्होंने पीड़ित मानवता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। उनके आदर्शों और विचारों से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। स्वामी आत्मानंद जी ने वनवासियों के उत्थान के लिए नारायणपुर आश्रम में उच्च स्तरीय शिक्षा केन्द्र की स्थापना की। राज्य सरकार द्वारा इसी तर्ज पर जिला मुख्यालयों और विकासखण्डों में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश और हिन्दी मीडियम स्कूल शुरू किये जा रहे हैं। प्रदेश में ग्रामीण सहित दूरस्थ अंचलों में 753 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम के स्कूल संचालित हो रहे हैं। इसी कड़ी में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा देने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम कॉलेज भी प्रारंभ किया जा रहा है। इस पहल को और आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना शुरू की है, जिससे गरीब और दूरस्थ क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आगे बढ़ने के सभी अवसर उपलब्ध हो सके। इस योजना के माध्यम से इंजीनियरिंग एवं मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रदेश के 146 विकासखंड मुख्यालयों और चार शहरों- रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और कोरबा सहित 150 कोचिंग सेंटर के माध्यम से शासकीय स्कूलों में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग दी जाएगी।श्री बघेल ने कहा कि स्वामी आत्मानंद जी नेे आदिवासियों के सम्मान एवं उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए अबूझमाड़ प्रकल्प की स्थापना की। नारायणपुर में वनवासी सेवा केन्द्र प्रारंभ कर वनवासियों की दशा और दिशा सुधारने के प्रयास किए। राज्य सरकार ने भी उनके पदचिन्हों पर चलते हुए वनवासियों से वाजिब दामों पर वनोपजों की खरीदी कर राष्ट्रीय स्तर पर कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने अकाल के समय गर्भवती माताओं के लिए पौष्टिक भोजन की शुरूआत की जिससे की बच्चे कुपोषित न हो। राज्य सरकार ने महिलाओं और बच्चों के लिए गरम भोजन की व्यवस्था करते हुए कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ गढ़ने का संकल्प लेकर मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरूआत की है। श्री बघेल ने कहा कि स्वामी आत्मानंद के विचार मूल्य हमेशा सेवा और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
- -आदिवासी जनजीवन पर आधारित पुस्तिका-पुरखती कागजात और सामाजिक ताना-बाना का मुख्यमंत्री करेंगे विमोचन-बस्तर मुक्ति संग्राम की डाक्यूमेंट्री सीरीज होगी जारी-बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की वेबसाईट का होगा शुभारंभरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 06 अक्टूबर को कांकेर में आयोजित ‘‘नगरीय निकाय एवं पंचायती राज महासम्मेलन’’ में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री समारोह में छत्तीसगढ़ में आदिवासी जनजीवन पर आधारित पुस्तिका-पुरखती कागजात और सामाजिक ताना-बाना का विमोचन करेंगे। इस मौके पर बस्तर मुक्ति संग्राम नामक तैयार की जा रही डाक्यूमेंट्री सीरीज का लोकार्पण और बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की अधिकृत वेबसाईट का शुभारंभ भी होगा।बस्तर संभाग के देवगुड़ी एवं मातागुड़ियों के जीर्णोंद्धार कार्य का देश में पहली बार पुरखती कागजात में लिपिबद्ध किया गया है। बस्तर में क्षेत्रवार आदिवासी समुदायों के देवी-देवताओं की वाचिक परम्परा में प्रचलित मान्यताओं को लेखबद्ध कर उन्हें जारी किये गये सामुदायिक वन अधिकार के प्रपत्रों को संकलित कर “पुरखती कागजात’’ नामक (भाग एक) पुस्तिका तैयार की गई है। “पुरखती कागजात’’ (भाग-दो ) में संरक्षित खसरों का संकलन है, जिसमें भुईया के माध्यम से खसरे के कैफियत कॉलम में मातागुडी, देवगुड़ी के नाम एवं रकबा उल्लेखित कर राजस्व अभिलेख संरक्षित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल कांकेर में आयोजित ‘‘नगरीय निकाय एवं पंचायती राज महासम्मेलन’’ में इस पुस्तिका का विमोचन करेंगे।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा समारोह में आदिवासी समुदायों के परम्पराओं एवं मान्यताओं पर आधारित सामाजिक ताना-बाना पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा। बस्तर संभाग में निवासरत प्रमुख आदिवासी समुदायों यथा- गोड, हल्बा, भतरा, धुरवा, मुण्डा, मुरिया, कोया समुदाय के लोगों के जीवन में प्रचलित सांस्कृतिक रीति-रिवाजों एवं विभिन्न प्रकार के जन्म-मृत्यु संस्कारों, त्यौहारों, विभिन्न परम्पराओं एवं मान्यताओं पर आधारित सामाजिक ताना-बाना नामक पुस्तिका बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित की जा रही है। इन पुस्तकों को संबंधित समाजों के प्रतिनिधियों द्वारा लिपिबद्ध किया गया है।बस्तर का मुक्ति संग्राम नामक डॉक्यूमेंट्री सिरीज- बस्तर अंचल के महान वीर सपूतों एवं वीरांगनाओं की स्मृति को चिरस्थायी एवं जीवंत बनाए रखने के लिये वीर सपूतों एवं वीरांगनाओं की प्रतिमा की स्थापना हेतु 37 कार्य 392.03 लाख रूपए प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत किये गये हैं। बस्तर के ऐतिहासिक गौरवपूर्ण इतिहास में 1774-1910 तक हुए विभिन्न प्रकार के आदिवासी विद्रोह, हल्बा विद्रोह, भोपालपट्नम विद्रोह, परल कोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, मेरिया माड़िया विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मुरिया विद्रोह, भूमकाल विद्रोह आदि की तत्कालीन परिस्थितियों से आज की आने वाले पीढ़ियों को अवगत कराने एवं अपने गौरवपूर्ण इतिहास के प्रति आत्म गौरव जागृत कराने हेतु बस्तर का मुक्ति संग्राम नामक डॉक्यूमेंट्री सिरीज तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा समारोह में इसका लोकार्पण किया जाएगा।मुख्यमंत्री करेंगे बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की अधिकृत वेबसाइट का शुभारंभ- बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के कार्यों को और अधिक ग्रामीणों तक सुलभ बनाने के लिये बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का अधिकृत वेबसाइट www.tdabastar.cgstate.gov.in तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा समारोह में इसका भी शुभारंभ किया जाएगा।गौरतलब है कि बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का गठन राज्य शासन द्वारा 27 फरवरी 2019 को किया गया था। इसके अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा सदस्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बनाया गया है। प्राधिकरण अन्तर्गत संभाग के बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर, कांकेर, दन्तेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा जिले समाहित हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बस्तर क्षेत्र में आदिवासियों की संस्कृति का परिरक्षण, संवर्धन एवं संरक्षण करना है, इस प्राधिकरण के अन्तर्गत क्षेत्र तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के लिए अन्य कार्य स्वीकृत किये जा रहे हैं।
- -स्वास्थ्य विभाग के लिए संस्था द्वारा अभी 250 एम्बुलेंस का किया जा रहा है संचालनरायपुर। प्रदेश में 102-महतारी एक्सप्रेस सेवा का परिचालन विगत 29 सितम्बर से नई संस्था 'कैम्प' द्वारा किया जा रहा है। 'कैम्प' द्वारा अभी सभी जिलों में कुल 250 एम्बुलेंस का परिचालन किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 102-महतारी एक्सप्रेस सेवा के लिए नई एम्बुलेंस के संचालन के लिए निविदा जारी की गई थी। कैम्प नामक निजी संस्था जिसे 102 के संचालन का कार्य सौंपा गया है, यह एक निजी कंपनी है और इसे ड्राइवर, EMT इत्यादि नियुक्त का अधिकार स्वतंत्र रूप से है।स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में विभिन्न माध्यमों से संस्था द्वारा एम्बुलेंस चलाने के लिए ड्राइवरों के चयन के दौरान सिक्योरिटी के रूप में राशि जमा कराने की बात आई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए संचालनालय, स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए संस्था को अभ्यर्थियों से ली गई सिक्योरिटी डिपॉज़िट वापस करने के निर्देश दिए गए थे। संस्था ने आज चयनित सभी 250 अभ्यर्थियों से ली गई सिक्योरिटी डिपॉज़िट की राशि उनके खातों में ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से वापस कर दी है।पूर्व निजी कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों ने कैम्प कंपनी में सभी कर्मचारियों को कार्य में रखने की माँग कल संचालक स्वास्थ सेवायें से की थी। उक्त संबंध में डायरेक्टर हेल्थ ने कैम्प कंपनी को नौकरी देने के एवज़ में सिक्योरिटी डिपाजिट तत्काल ऑनलाइन ट्रांसफ़र/ वापस करने का निर्देश दिया था, जिसका पालन कैम्प कंपनी ने कर दिया है। कंपनी को कड़े शब्दों में निर्देश दिया गया है कि किसी भी कर्मचारी से सुरक्षा निधि नहीं लेगा। इसे यह भी समझाईश दी गई कि पुराने एजेंसी के साथ कार्यरत कर्मियों को योग्यता अनुसार कार्य में रख सकता है, उसने आश्वासन् भी दिया है कि योग्यता अनुसार स्वतंत्र रूप से दक्ष कर्मियों को कार्य में रख सकता है। निजी कंपनी भविष्य में सिक्युरिटी डिपाजिट नहीं लेगा और यदि कैम्प के द्वारा ऐसी घटना की पुनरावृत्ति की जाती है तो कड़ी कार्यवाही हिदायत दी गई है।
- -3456 देवगुड़ियों और मातागुड़ियों को मिला सामुदायिक वनाधिकार पत्र-6466 एकड़ भूमि देवगुड़ी और मातागुड़ी के नाम से संरक्षितरायपुर / छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बस्तर अंचल में सदियों से अनेक जनजातीय समुदाय निवासरत हैं। इन जनजातीय समुदायों की अपनी अलग सांस्कृतिक विरासत है। आदिवासियों के विरासत में आस्था का केन्द्र देवगुड़ी-मातागुड़ी है, जिसकी जनजातीय समुदायों में अपनी महत्ता है। राज्य शासन की मंशानुरूप देवगुड़ियों-मातागुड़ियों को संरक्षित एवं संवर्धित करने की दिशा में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के द्वारा विभिन्न मदों के अभिसरण से इन देवगुड़ियों-मातागुड़ियों का जीर्णोद्धार करने सहित उन्हें संवारने के लिए व्यापक पहल की गई है।जनजातीय समुदाय के अधिकांश समूह प्रकृति पूजक हैं वे पेड़-पौधों में अपने देवी-देवताओं का वास मानते हैं और इसी आस्था के फलस्वरूप वनों को बचाने के लिए अहम भूमिका निभा रहे हैं। यही वजह है कि इन देवस्थलों पर बहुतायत मात्रा में पेड़-पौधे पाये जाते हैं। इन देवस्थलों के परिसरों में वृहद स्तर पर फलदार एवं छायादार पौधरोपण किया जा रहा है। इसके साथ ही उक्त देवस्थलों का सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदान कर देवगुड़ियों एवं मातागुड़ियों सहित गोटुल एवं प्राचीन मृतक स्मारकों के भूमि को संरक्षित करने के उद्देश्य से सम्बंधित देवी-देवताओं के नाम से भूमि को राजस्व अभिलेख में दर्ज किया गया है। वहीं इन देवगुड़ियों-मातागुड़ियों और गोटुल एवं प्राचीन मृतक स्मारकों को उनके नाम से सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र जारी किया गया है, ताकि इन सांस्कृतिक-सामाजिक धरोहरों के परिसरों को अवैध कब्जा से बचाया जा सके। साथ ही इन धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में स्थानीय जनजातीय समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित किया जा सके।देश में पहली बार छत्तीसगढ़ राज्य एवं बस्तर संभाग देश का ऐसा संभाग है, जो आदिवासी समुदायों की आस्था एवं जीवित परम्पराओं के केन्द्र मातागुडी, देवगुडी, गोटूल, प्राचीन मृतक स्मारक, सेवा - अर्जी स्थल आदि के संरक्षण, संवर्धन तथा परिरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम के तहत देवी-देवताओं के नाम से ग्राम सभा को 2453 सामुदायिक वनाधिकार पत्र प्रदान किये गये हैं। इनमें कुल 7075 मातागुडी, देवगुडी, गोटूल, प्राचीन मृतक स्मारक के लिये 2607.20 हेक्टेयर (6466 एकड़) भूमि राजस्व अभिलेखों में प्रविष्टि कर संरक्षित किया गया है। बस्तर संभाग में कुल 22884 बैगा, सिरहा, मांझी, गुनिया, गायता, पुजारी, बजनिया, अटपहरिया आदि को राजीव गांधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना अन्तर्गत पंजीकृत किया जाकर प्रत्येक को प्रतिवर्ष 7000 रूपए प्रदान किया जा रहा है। बस्तर में क्षेत्रवार आदिवासी समुदायों के देवी-देवताओं की वाचिक परम्परा में प्रचलित मान्यताओं को लेखबद्ध कर उन्हें जारी किये गये सामुदायिक वन अधिकार के प्रपत्रों को संकलित कर “पुरखती कागजात’’ नामक (भाग एक) पुस्तिका तैयार की गई है। “पुरखती कागजात’’ (भाग-दो ) में संरक्षित खसरों का संकलन है, जिसमें भुईया के माध्यम से खसरे के कैफियत कॉलम में मातागुडी, देवगुड़ी के नाम व रकबा उल्लेखित कर राजस्व अभिलेख संरक्षित किया गया है।प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशानुसार और बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल के मार्गदर्शन में आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए देवगुड़ी तथा मातागुड़ी निर्माण एवं जीर्णोद्धार सहित गोटुल निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जा रहा है। बस्तर अंचल की आस्था और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में 6283 देवगुड़ी और मातागुड़ी में से 3244 का जीर्णोद्धार की स्वीकृति दी गई है और अब तक 2320 देवगुड़ी एवं मातागुड़ियों का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वहीं स्वीकृत 297 गोटुल निर्माण कार्यों में से 200 कार्यो को पूर्ण किया गया है।बस्तर संभाग के अंतर्गत कुल 7075 देवगुड़ियों एवं मातागुड़ियों सहित गोटुल एवं प्राचीन मृतक स्मारकों में से 3619 देवगुड़ी-मातागुड़ी और गोटुल एवं मृतक स्मारक राजस्व, गैर वनभूमि, निजी भूमि तथा अन्य मदों की भूमि पर अवस्थित हैं, जिससे 898 हेक्टेयर रकबा भूमि संरक्षित है। वहीं शेष सभी 3456 देवगुड़ियों-मातागुड़ियों और घोटुल एवं प्राच्य मृतक स्मारकों का सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र समुदाय को प्रदान कर करीब 1709 हेक्टेयर रकबा भूमि संरक्षित किया गया है। लगभग 6466 एकड़ राजस्व भूमि को देव-मातागुड़ी के रूप में संरक्षित किया गया है। जिससे प्रोत्साहित होकर जनजातीय समुदाय के लोग स्वयं एक कदम आगे आकर देवगुड़ी तथा मातागुड़ियों को संवारने के लिये सक्रिय सहभागिता निभा रहे हैं और सांस्कृतिक-सामाजिक धरोहरों को सहेजने की दिशा में शासन के प्रयासों को सराहनीय निरूपित कर रहे हैं।इसके अलावा प्राधिकरण के द्वारा विगत पांच वर्षों में संभाग के सातों जिलों में 01 अरब 50 करोड़ 99 लाख रूपए की लागत के 7334 विकासमूलक कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इसी अनुक्रम में दन्तेवाड़ा जिले में गरीबी उन्मूलन हेतु निजी भूमि पर नलकूप एवं समूह तार फेंसिंग, बायोफ्लॉक मछलीपालन आदि के लिये 2500 हितग्राहियों को 49 करोड़ 43 लाख 73 हजार रूपए की लागत के कार्य स्वीकृत किये गये हैं।आदिवासी समुदायों के परम्पराओं एवं मान्यताओं पर आधारित सामाजिक ताना-बानाबस्तर संभाग में निवासरत प्रमुख आदिवासी समुदायों यथा- गोड, हल्बा, भतरा, धुरवा, मुण्डा, मुरिया, कोया समुदाय के लोगों के जीवन में प्रचलित सांस्कृतिक रीति-रिवाजों एवं विभिन्न प्रकार के जन्म-मृत्यु संस्कारों, त्यौहारों, विभिन्न परम्पराओं एवं मान्यताओं पर आधारित सामाजिक ताना-बाना नामक पुस्तिका बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित की जा रही है। इन पुस्तकों का संबंधित समाजो के प्रतिनिधियों द्वारा लिपिबद्ध किया गया है।बस्तर वीर सपूतों एवं वीरांगनाओं की प्रतिमा की स्थापनाबस्तर अंचल के महान वीर सपूतों एवं वीरांगनाओं की स्मृति को चिरस्थायी एवं जीवंत बनाए रखने के लिये वीर सपूतों एवं वीरांगनाओं की प्रतिमा की स्थापना हेतु 37 कार्य के लिए 392.03 लाख रूपए प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत किये गये हैं। बस्तर के ऐतिहासिक गौरवपूर्ण इतिहास में 1774-1910 तक हुए विभिन्न प्रकार के आदिवासी विद्रोह, हल्बा विद्रोह, भोपालपट्नम विद्रोह, परल कोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, मेरिया माड़िया विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मुरिया विद्रोह, भूमकाल विद्रोह आदि की तत्कालीन परिस्थितियों से आज की आने वाले पीढ़ियों को अवगत कराने एवं अपने गौरवपूर्ण इतिहास के प्रति आत्मगौरव जागृत कराने हेतु बस्तर का मुक्ति संग्राम नामक डॉक्यूमेंट्री सिरीज तैयार की जा रही है।प्राधिकरण की अधिकृत वेबसाइट का शुभारंभबस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के कार्यों को और अधिक ग्रामीणों तक सुलभ बनाने के लिये बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का अधिकृत वेबसाइट www.tdabastar.cgstate.gov.in तैयार किया गया है। गौरतलब है कि बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का गठन राज्य शासन द्वारा 27 फरवरी 2019 को किया गया था। इसके अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा सदस्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बनाया गया है। प्राधिकरण अन्तर्गत संभाग के बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर, कांकेर, दन्तेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा जिले समाहित हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बस्तर क्षेत्र में आदिवासियों की संस्कृति का परिरक्षण, संवर्धन एवं संरक्षण करना है, इस प्राधिकरण के अन्तर्गत क्षेत्र तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के लिए अन्य कार्य स्वीकृत किये जा रहे हैं।
- -मधुमक्खी पालन और रेशम कीट पालन को कृषि का दर्जा-मुख्यमंत्री की घोषणा के परिपालन में कृषि मंत्रालय ने जारी किया आदेशरायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा के परिपालन में आज यहां कृषि विभाग मंत्रालय द्वारा राज्य में मधुमक्खी पालन और रेशम कीट पालन को कृषि का दर्जा दिए जाने के साथ ही इसके पालकों को बिना ब्याज के ऋण सुविधा उपलब्ध कराए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है। कृषि विकास एवं कृषि कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के तहत छत्तीसगढ़ में मधुमक्खी एवं रेशम कीट पालकों को संस्थागत अल्पकालीन एवं मध्यकालीन कृषि ऋण पर ‘राज्य के कृषकों को सहकारी ऋणों पर ब्याज अनुदान नियम 2021’ के आधार पर प्रदान किए जाएंगे।गौरतलब है कि केन्द्र प्रवर्तित एकीकृत बागवानी मिशन अंतर्गत मधुमक्खी पालन की एक यूनिट की इकाई लागत 2.31 लाख रूपए निर्धारित की गई है, जिसमें हितग्राहियों को 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। वित्तीय वर्ष में एकीकृत बागवानी मिशन के तहत मधुमक्खी पालन के लक्ष्यों की शतप्रतिशत पूर्ति होने की दशा में लंबित आवेदनों को निर्धारित ऋणमान के अनुसार बैंक एवं वित्तीय संस्थानों द्वारा अल्पकालीन कृषि ऋण दिया जाएगा। मधुमक्खी पालको को बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थानों के माध्यम से प्राप्त ऋण पर राज्य के कृषकों को सहकारी ऋणों पर ब्याज अनुदान नियम 2021 के अंतर्गत सहकारिता एवं वित्त विभाग के द्वारा वहन किया जायेगा। देय ब्याज अनुदान की अधिकतम सीमा मुख्य योजना के समान होगी।इसी तरह रेशम कीट पालकों को संस्थागत मध्यकालीन कृषि ऋण पर ब्याज अनुदान तथा राज्य के किसानों के समान विद्युत प्रभार में अनुदान मिलेगा। जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि भारत सरकार द्वारा संचालित सिल्क समग्र-2 योजना के तहत रेशम कीट पालन करने वाले लघु एवं सीमांत श्रेणी के किसानों को केन्द्रांश और राज्यांश को मिलाकर कुल 90 प्रतिशत तथा अन्य कृषकों को 70 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।शहतूत पौधों पर रेशम कीट पालन हेतु प्रति एकड़ लागत 5 लाख रूपए ऋणमान के आधार पर ऋण स्वीकृति दी जाएगी। निर्धारित ऋणमान में सिल्क समग्र-2 में देय अनुदान के अतिरिक्त कृषक श्रेणीवार हितग्राही अंश को बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थानों के माध्यम से संस्थागत ऋण कृषि फसलों के भांति शून्य प्रतिशत ब्याज के रूप मध्यकालीन कृषि ऋण के रूप में स्वीकृत किया जायेगा। वित्तीय वर्ष में सिल्क समग्र-2 योजना के तहत प्रदेश को प्रदायित लक्ष्यों की शतप्रतिशत पूर्ति होने की दशा में लंबित आवेदनों को निर्धारित ऋणमान के अनुसार बैंक एवं वित्तीय संस्थानों द्वारा मध्यकालीन कृषि ऋण की सुविधा दी जाएगी और प्राप्त ऋण पर 03 वर्षाे तक वित्त पोषण राज्य के कृषको को सहकारी ऋणों पर ब्याज अनुदान नियम 2021 के अंतर्गत सहकारिता एवं वित्त विभाग के द्वारा वहन किया जायेगा। सभी बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों द्वारा सिल्क समग्र-2 योजना में भारत सरकार द्वारा निर्धारित नार्म्स अनुसार कृषकों को ऋण की स्वीकृति प्रदाय की जायेगी। देय ब्याज अनुदान की अधिकतम सीमा मुख्य योजना के समकक्ष होगी।
- रायपुर, /नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया आज श्रम विभाग के अंतर्गत संचालनालय औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा द्वारा दुर्घटनाओं की रोकथाम और कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रबंधन की भूमिका विषय पर एक दिवसीय सेमिनार में शामिल हुए। संचालनालय औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा द्वारा इसका आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रम विभाग के आयुक्त श्री भीम सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। श्रम मंत्री डॉ. डहरिया ने कल कारखानों में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा पर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कारखाने में काम के दौरान सभी श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के विषय पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने कंपनी अधिनियम के विभिन्न धाराओं के अंतर्गत श्रमिकों के हित में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।संचालनालय, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में स्थापित कारखानों में कार्यरत श्रमिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा एवं उनके कल्याण से संबंधित अधिनियमों के प्रावधानों का क्रियान्वयन कराना है। एक दिवसीय सेमिनार में कारखाने में संयंत्र और काम की प्रणालियों का प्रावधान और रखरखाव के संबंध में जानकारी दी। कारखाने में काम के सभी स्थानों को ऐसी स्थिति में बनाए रखना जो सुरक्षित और स्वास्थ्य के लिए जोखिम के बिना हो और ऐसे स्थानों तक पहुंच और निकास के ऐसे साधनों का प्रावधान और रख रखाव जो सुरक्षित और ऐसे जोखिमों के बिना हों, श्रमिकों के लिए कारखाने में ऐसे कामकाजी माहौल का प्रावधान, रख रखाव या निगरानी करना जो सुरक्षित हो, स्वास्थ्य के लिए जोखिम रहित हो और काम पर उनके कल्याण के लिए सुविधाओं और व्यवस्थाओं के संबंध में पर्याप्त हो, विषय पर चर्चा एवं विचार विमर्श किया गया।
- -राज्य निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, संरचना आदि से अवगत हुए राजनीति शास्त्र के विद्यार्थी-शैक्षिक भ्रमण कर ज्ञानवर्धन किया राजिम के पी जी कॉलेज राजीव लोचन के विद्यार्थीरायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग में एक दिवसीय शैक्षिक भ्रमण पर गरियाबंद ज़िले के राजिम स्थित पीजी कॉलेज के विद्यार्थी पहुँचे । राजनीति शास्त्र के इन 26 विद्यार्थियों ने एक ओर जहां राज्य निर्वाचन आयोग के सभी कक्षों का भ्रमण किया वहीं भ्रमण के अंत में राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री ठाकुर राम सिंह , सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक़ से सभाकक्ष में सौजन्य मुलाक़ात भी की । आयुक्त श्री ठाकुर ने सबसे पहले विद्यार्थियों के इस शैक्षिक भ्रमण को उनके ज्ञानवर्धन में सहयोगी बताया । उन्होंने राजधानी पहुँचे इन कोतुहूल बच्चों की निर्वाचन प्रक्रिया , आदर्श आचरण संहिता , निर्वाचन के दौरान उपयोग में लाये जाने वाले ईवीएम, बैलट पेपर इत्यादि के बारे में जिज्ञासाओं को बारी बारी से शांत किया । उन्होंने विद्यार्थियों को हिदायत भी दी कि मन में जिज्ञासा बनी रहनी चाहिए, उससे बारीकी से बातों को समझने में आसानी होती है । वहीं हर काम की बेहतरी के लिए तैयारी भी ज़रूरी है । यह तैयारी हममें आत्म विश्वास लाती है और मन के झिझक को भी दूर करती है। मुलाक़ात के दौरान पहले तो विद्यार्थी थोड़ा झिझक रहे थे लेकिन आयुक्त श्री सिंह के स्नेहिल व्यवहार से उत्साहित हो विद्यार्थियों ने अनेक सवाल किए । लगभग 45 मिनट की इस बातचीत के बाद विद्यार्थी बड़े संतुष्ट नज़र आये और आयुक्त और सचिव का धन्यवाद भी ज्ञापित किया । इस अवसर पर अवर सचिव द्व श्री आलोक श्रीवास्तव , श्री प्रणय वर्मा सहित आयोग के अधिकारी भी मौजूद रहे ।
- -पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सेंटर (आरवीएसएफ) से स्क्रैपिंग कराने पर नये गाड़ी ख़रीदने से टैक्स में 25 प्रतिशत छूट का प्रावधान-आरवीएसएफ से स्क्रैपिंग कराने पर बकाया एक साल का टैक्स, पेनाल्टी और ब्याज में छूट-15 वर्ष से पुरानी सभी शासकीय वाहन अनिवार्यतः स्क्रैप किए जाएँगेरायपुर /राज्य में 15 साल पुरानी गाड़ी को बेचने के लिए अब आपको भटकना नहीं पड़ेगा। इसे आप स्क्रैप सेंटर पर दे सकेंगे। परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने आज गुरुवार को रायपुर जिले के अंतर्गत ग्राम धनेली में स्क्रैपिंग सेंटर का उद्घाटन किया। गौरतलब है कि शासकीय विभाग के 15 वर्ष से पुरानी सभी गाड़ियो को भी आवश्यक रूप से स्क्रैप करने का निर्णय लिया जा चुका है।छत्तीसगढ़ में यह पहला स्क्रैपिंग सेंटर खोला गया है। इस दौरान परिवहन मंत्री श्री अकबर ने कहा कि हम छत्तीसगढ़ को मध्य भारत के लिए वाहन स्क्रैपिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं, स्क्रैपिंग की सुविधा को बढ़ावा देने के लिए इस सेंटर को पूरी तरह डिजिटलीकृत किया गया है। छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2019-24 के तहत पंजीकृत व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर (आरवीएसएफ) को उच्च प्राथमिकता वाले उद्योगों की श्रेणी में रखने हेतु अधिसूचना जारी की गई है। राज्य में स्थापित होने वाले आरवीएसएफ भी उच्च प्राथमिकता वाले उद्योग हेतु निर्धारित छूट का लाभ ले सकते हैं। इस सेंटर का संचालन मेटल कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया के द्वारा किया जाएगा।परिवहन मंत्री श्री अकबर ने बताया कि पंजीकृत स्क्रैपिंग सेंटर से गाड़ी को स्क्रैप कराने के बाद नये गाड़ी ख़रीदने के लिए टैक्स में 25 प्रतिशत छूट का लाभ दिया जाएगा। छूट के लिए पंजीकृत स्क्रैपिंग सेंटर के द्वारा ऑनलाइन सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा, जिससे सर्टिफिकेट ऑफ़ डिपोजिट कहा जाएगा। सर्टिफिकेट ऑफ़ डिपोजिट ऑनलाइन जारी किया जाएगा, जो परिवहन विभाग के वाहन सॉफ्टवेर में प्रदर्शित होगा और संपूर्ण छत्तीसगढ़ के सभी ऑटोमोबाइल डीलरशिप में मान्य होगा। इसके अतिरिक्त मासिक या त्रैमासिक कर देने वाली ऐसी गाड़िया जिनका टैक्स बकाया है और स्क्रैपिंग कराना चाहते है, उन्हें भी गाड़ी में बकाया पिछले एक साल के टैक्स, पैनल्टी और ब्याज में छूट दी जाएगी।धातु को ब्लॉकों में बदलने के लिए बेल प्रेस मशीन का उपयोग किया जाता है, जिसे बाद में विभिन्न कंपनियों को आपूर्ति की जाती है। वहीं कार के अन्य घटकों को पुनर्नवीनीकरण किया जाता है और इन्हे निजी कंपनियों को बेच दिया जाता है।कार्यक्रम में परिवहन सचिव श्री एस. प्रकाश ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ में सतत विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक दिन है। इस नई स्क्रैपेज सुविधा के उद्घाटन के साथ, हम अपने परिवहन क्षेत्र के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। यह सुविधा न केवल पुराने वाहनों के स्क्रैपिंग के लिए एक सुविधाजनक और सुरक्षित माध्यम प्रदान करती है बल्कि परिवहन के लिए नयी टेक्नोलॉजी के साथ क्लीन और अधिक कुशल गाड़ियों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करती है। इस परियोजना को साकार करने में शामिल सभी पक्षों की प्रतिबद्धता की सराहना करते हैं, साथ ही अपने नागरिकों से स्वच्छ और हरित भविष्य की खोज में हमारे साथ एकजुट होने का आग्रह करते हैं।स्क्रैपिंग का प्रॉसेस क्या है?जब कोई वाहन स्क्रैप सेंटर में पहुंच जाता है, तो उसे वैज्ञानिक तरीके से नष्ट कर दिया जाता है। अलग-अलग चरणों की बात करें तो स्टेशन पर टायर और इंजन किट हटा दिए जाते हैं। अगले चरण में बैटरियों और फ्री-ऑन गैस किटों को नष्ट कर दिया जाता है। उसके बाद वाहन की सीटें, स्टीयरिंग, इंजन और रेडिएटर हटा दिए जाते हैं, जिससे धातु से बना एक खोखला ढांचा रह जाता है।कैसे करे आवेदन?आपको अपने पुराने वाहनों को स्क्रैपिंग के लिए पंजीकृत करने के लिए कुछ सरल चरणों का पालन करना होगा। एक विकल्प यह है कि आधिकारिक वेबसाइट https://vscrap.parivahan.gov.in पर जाएं और एक फॉर्म भरें। फिर निकटतम स्क्रैप सेंटर आवेदक से संपर्क करें और इस प्रक्रिया को शुरू कर दें।इस संबंध में परिवहन आयुक्त श्री दीपांशु काबरा ने बताया कि पुराने वाहनों के संचालन में ईंधन व रखरखाव पर ज्यादा लागत आती है। ऐसे पुराने वाहनों के सड़क से हटने पर वायु प्रदूषण में कमी आएगी। प्रदेश में विभाग द्वारा इसे लागू करने की तैयारी कर ली गई है। 15 साल से अधिक पुराने सरकारी वाहनों को अक्टूबर से अनिवार्य रूप से स्क्रैप कराना होगा। समस्त श्रेणी के भारी वाहनों को हर दो साल में स्वचालित परीक्षण केंद्र से ही फिटनेस टेस्ट कराना होगा। यदि कोई वाहन स्वचालित फिटनेस परीक्षण में विफल रहता है, तो इसे एंड-आफ-लाइफ वाहन घोषित किया जाएगा। ऐसे वाहनों को अनिवार्य रूप से पंजीकृत सुविधा केंद्र के माध्यम से स्क्रैप कराना होगा।इस अवसर पर परिवहन सचिव श्री एस प्रकाश, संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री वेदव्रत सिरमौर, सहायक परिवहन आयुक्त श्री शैलाभ साहू, एआरटीओ मुख्यालय सुश्री युगेश्वरी वर्मा, ऑटोमोबाईल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक गर्ग तथा ट्रक एसोसिएशन के प्रतिनिधि सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- केन्द्रीय मंत्री ने श्रीरावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय रायपुर में‘’खेलो इंडिया’’ के दो सेंटर स्थापित करने की घोषणारायपुर। ‘मेरी माटी मेरा देश’ अभियान से देश के छह लाख गांवों से एकत्र माटी से नई दिल्ली के इंडिया गेट में ‘’आजादी का अमृत महोत्सव स्मारक’’ बनाया जाएगा। यह जानकारी आज, केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा युवा कार्यक्रम व खेल मंत्री, श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने नेहरू युवा संगठन द्वारा श्रीरावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित राज्यस्तरीय युवा उत्सव के शुभारम्भ अवसर पर कही ।युवा उत्सव को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि ‘मेरी माटी मेरा देश’ अभियान ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ का अंतिम कार्यक्रम है । उन्होंने बताया कि इस अभियान में देशभर के 6 लाख गांवों और 25 करोड़ से अधिक घरों से माटी एकत्रित की जा रही है, जिसे 75 सौ कलशों में भरकर नई दिल्ली लाया जाएगा । इन 75 सौ कलशों की माटी से नई दिल्ली के इंडिया गेट में आजादी के ‘अमृत महोत्सव स्मारक’ का निर्माण किया जाएगा । उन्होंने बताया कि राज्यस्तरीय युवा उत्सव के विजेता युवाओं को भी इस समारोह में आमंत्रित किया जाएगा ।एशियन गेम्स में भारतीय खिलाडि़यों के प्रदर्शन की प्रशंसाचीन में आयोजित किए जा रहे एशियन गेम्स में भारतीय खिलाडि़यों के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत अब तक 84 मेडल चीत चुका है, जोकि अब तक के एशियन गेम्स में सबसे ज्यादा हैं । यह भारत का सॉफ्टपावर है । उन्होंने युवाओं से आह्वान किया वे भारत को सॉफ्टपावर का हब बनाएं, चाहे वह खेल में हो, संगीत में या सिनेमा में । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि 2047 में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, उसमें छत्तीसगढ़ के युवाओं का योगदान महत्वपूर्ण होगा ।‘’खेलो इंडिया’’ के दो सेंटर की घोषणाइस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री ने श्रीरावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय में ‘’खेलो इंडिया’’ के दो सेंटर स्थापित करने की घोषणा की । उन्होंने बताया कि इन सेंटरों में कम से कम दो खेलों के लिए प्रशिक्षण संबंधी संपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी ताकि भविष्य में इन सेंटरों से उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार हो सकें ।केन्द्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के अमृतकाल के पंच प्रण स्मरण कराते हुए कहा कि हमें विकसित भारत बनाना है, गुलामी की सोच से मुक्ति पाना है, अपने विरासत पर गर्व करना है, एकजुटता लाना है और अपने नागरिक कर्तव्य के माध्यम देश की सेवा करना है । उन्होंने बताया कि पहले इतिहास में आक्रांताओ का महिमामंडन किया जाता था, लेकिन अब नई शिक्षा नीति के माध्यम युवाओं को सही इतिहास की जानकारी दी जा रही है । इसके अलावा कक्षा-6 से कक्षा-10 तक कौशल विकास को अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है ताकि छात्रों को कैरियर चयन में मदद मिल सके ।उन्होंने कहा कि हमें अधिकारों की मांग नहीं, बल्कि हमें यह सोचना है कि अपने कर्तव्यों से समाज में बदलाव कैसे लाएं । उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि वे चाहते हैं कि समाज नशामुक्त हो, शिक्षा प्रणाली अच्छी हो, देश की स्वास्थ्य सेवाएं अच्छी हों, पर्यावरण अनुकूल हो, तो उन्हें आज से ही इस बदलाव के कार्य लग जाना चाहिए । स्वयं एक राजदूत बनकर आगे आएं और समाज को एक नई दिशा दें ।केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत आज मदद का पाने वाला नहीं, बल्कि मदद करने वाला बन गया है । चाहे वह तुर्किये में आए भूकम्प में, पीडि़तों की मदद करनी हो या फिर ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत रूस-यूक्रेन की युद्धभूमि से 23 हजार छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना हो ।उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित जी-20 सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सफलता है कि सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणा-पत्र जारी की जा सकी । उन्होंने बताया कि यदि एक देश भी असहमत होता तो नई दिल्ली घोषणा-पत्र जारी नहीं की जा सकती थी, यह भारत की ताकत है, जिसका लोहा पूरी दुनिया मान रही है । उन्होंने बताया कि एशिया-यूरोप कॉरीडोर के लिए समझौता होना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है ।श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि पहले हम दुनिया भर में मोबाइल आयात करने में दूसरे नंबर पर थे, पर आज हम, मोबाइल निर्यात करने वाले देशों की सूची में दूसरे नंबर पर हैं । उन्होंने बताया कि दुनिया में र्स्टाटअप वाले देशों की सूची में हम तीसरे नंबर पर हैं । श्री ठाकुर ने कहा पिछले आठ वर्षों के दौरान करीब एक लाख र्स्टाटअप शुरू हुए हैं और इनमें से 107 स्टार्टअप यूनीकार्न बन गए हैं ।केन्द्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में धान की खरीद का जिक्र करते हुए बताया कि भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानों से धान खरीदने के लिए एक लाख करोड़ रूपए आवंटित किए हैं । उन्होंने बताया कि राज्य के लगभग 37 लाख किसानों को पीएम किसान निधि अंशदान की राशि जारी की जा रही है ।उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना को बढ़ाना देने का आग्रह किया । उन्होंने कहा यदि छत्तीसगढ़ के किसी जिले के उत्पादन को बढ़ावा मिलता है तो न केवल उस जिले के लोगों को रोजगार मिलता है, बल्कि राज्य के साथ ही देश में आर्थिक प्रगति होती है ।युवा गोठ कार्यक्रम का शुभारम्भइस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय परिसर में सात करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित ‘नर्मदा गर्ल्स होस्टल का उद्घाटन किया । इसके साथ ही उन्होंने नेहरू युवा केन्द्र संगठन के ‘युवा गोठ’ कार्यक्रम का भी शुभारम्भ किया । कार्यक्रम स्थल पर मां बमलेश्वरी स्वरोजगार अभियान, यूसएड, यूनीसेफ, बीआईएस और कोपलवाणी संगठन द्वारा लगाए स्टॉल तथा केन्द्रीय संचार ब्यूरो, रायपुर द्वारा ‘9-साल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण’ विषय पर लगी चित्र-प्रदर्शनी का अवलोकन किया ।कार्यक्रम को सांसद, श्री सुनील सोनी, रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति, श्री हर्ष गौतम और नेहरू युवा केन्द्र संगठन, रायपुर के निदेशक, श्री श्रीकांत पाण्डेय ने भी संबोधित किया । इस अवसर पर खेल विभाग की निदेशक, सुश्री श्वेता सिन्हा और पूर्व विधायक, श्री महेश गागड़ा उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान सुकमा, बेमेतरा और महासमुंद से आए युवा सांस्कृतिक दलों द्वारा मनमोहक सामुहिक नृत्य प्रस्तुत किया गया ।
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दावा-आपत्ति 16 अक्टूबर तक आमंत्रित
बिलासपुर/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप तखतपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत गनियारी एवं मस्तूरी ब्लॉक के ग्राम पंचायत मस्तूरी को नगर पंचायत बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग महानदी भवन रायपुर द्वारा इस आशय की अधिसूचना का 25 सितम्बर को प्रारंभिक प्रकाशन कर दिया गया है। इस संबंध में यदि किसी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो तो वे अपनी दावा/आपत्ति 16 अक्टूबर 2023 तक प्रस्तुत कर सकते हैं। गनियारी ग्राम पंचायत के सबंध में दावा/आपत्ति जनपद पंचायत तखतपुर अथवा अनुविभागीय राजस्व अधिकारी तखतपुर और मस्तुरी ग्राम पंचायत के संबंध मंे आपत्ति जनपद पंचायत मस्तुरी अथवा अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय मस्तुरी में उक्त तिथि तक प्रस्तुत की जा सकती है। गनियारी ग्राम पंचायत की वर्तमान मंे जनसंख्या 10 हजार 28 और मस्तुरी ग्राम पंचायत की जनसंख्या 5,934 है। नगर पंचायत की सीमाएं वहीं होंगी जो ग्राम पंचायत के रूप में स्वीकृत हैं। -
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया । मुख्यमंत्री श्री बघेल ने वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि गोंडवाना साम्राज्य की रानी दुर्गावती साहस और वीरता की प्रतीक हैं। उन्होंने घुड़सवारी, तीरंदाजी, तलवारबाजी जैसे युद्धकलाओं में महारत हासिल की और अपनी शूरवीरता से दुश्मनों को भी चकित किया। वह भारतीय नारी की दृढ़ इच्छाशक्ति और शौर्य को रेखांकित करती हैं। उन्होंने पति की मृत्यु के बाद धैर्य और कुशलता के साथ अपने साम्राज्य को सम्हाला और सम्पन्न बनाया। मातृभूमि की रक्षा के लिए उन्होंने अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिये। उनके पराक्रम और बलिदान ने उन्हें अमर बना दिया है।
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निलंबित स्वास्थ्य कर्मियों की बहाली किए जाने पर व्यक्त किया आभार
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन संघ के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। संघ ने मुख्यमंत्री को निलंबित स्वास्थ्य कर्मियों की बहाली किए जाने पर धन्यवाद दिया। इस दौरान छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन संघ की ओर से डॉ. रीना राजपूत, श्री टार्जन गुप्ता, श्रीमती सुमन शर्मा, श्री प्रवीण डिडवंशी, श्री संतलाल साहू, श्रीमती सविता कन्नौजे और श्रीमती सरस्वती साहू और सुश्री तृप्ति साहू मौजूद थी। -
जिले में 06 लाख 88 हजार से अधिक मतदाताओं के लिए है 814 मतदान केन्द्र
प्रत्येक विकासखण्ड में एक-एक मतदान केन्द्रों का संचालन महिला मतदान कर्मी करेंगी
जिले में एक-एक मतदान केन्द्र का संचालन दिव्यंाग मतदान कर्मियों एवं सबसे युवा मतदान कर्मियों द्वारा किया जाएगा
बालोद। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कुलदीप शर्मा ने कहा कि जिले में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से निर्वाचन कार्य सम्पन्न किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों तथा आदर्श आचार सहिंता के प्रावधानों के अनुरूप जिले में निर्वाचन कार्य सम्पन्न होगा। कलेक्टर श्री शर्मा बुधवार को जिले में निर्वाचक नामावली के द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के अंतिम प्रकाशन के पश्चात संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 06 लाख, 88 हजार, 281 मतदाता हैं। जिसमें 03 लाख, 38 हजार, 582 पुरूष मतदाता, 03 लाख 49 हजार 688 महिला मतदाता और 11 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। सर्विस वोर्टर्स की संख्या 2669, 18 से 19 वर्ष के नये मतदाताओं की संख्या 26 हजार 25, दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 6360, 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजूर्ग मतदाताआंें की संख्या 4554 है।
उन्होंने बताया कि जिले में कुल 814 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। जिसमें विधानसभा 59-संजारी बालोद के 258 मतदान केन्द्र, विधानसभा 60-डौण्डीलोहारा के 270 मतदान केन्द्र और विधानसभा 61-गुण्डरदेही के 286 मतदान केन्द्र शामिल हंै। पूर्व में जिले में 815 मतदान केन्द्र थे, जिसमें युक्तियुक्तकरण के पश्चात डौण्डीलोहारा विधानसभा के दल्लीराजहरा स्थित एक मतदान केन्द्र का विलोपन किया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा निर्वाचन में जिले के 50 प्रतिशत मतदान केन्द्रों (407 मतदान केन्द्रों) में वेबकास्टिंग किया जाएगा। जिले के प्रत्येक विकासखण्ड में 01-01 मतदान केन्द्रों का संचालन महिला मतदान कर्मियों के द्वारा किया जाएगा। जिले के 01-01 मतदान केन्द्र का संचालन दिव्यांग मतदान कर्मियों एवं सबसे युवा मतदान कर्मियों के द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम एवं मोबाईल नंबर दर्ज होने पर आयोग द्वारा संचालित वोटर सर्विस पोर्टल (https://voters-eci-gov-in ) में जाकर आप ई-ईपिक डाउनलोड कर सकते है, यदि किसी का मोबाइल नम्बर दर्ज नहीं है तो वह फॉर्म 8 में संशोधन के माध्यम से मोबाइल नंबर दर्ज कराकर उसके तत्काल बाद ई-ईपिक डाउनलोड टैब में जाकर दर्ज ई-ईपिक डाउनलोड कर सकते है । उन्होंने बताया कि निर्वाचक नामावली में फार्म-6 के माध्यम से नये नाम जोड़ने की कार्यवाही एवं फार्म-8 के माध्यम से शिफ्टिंग वाले आवेदन नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि के 10 दिवस पूर्व तक प्राप्त किये जाएंगे तथा ऐसे सभी आवेदन की प्रोसेसिंग इन 10 दिवसों में की जाकर नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि को मतदाता सूची फीज हो जाएगी। निर्वाचन की घोषणा होने के उपरांत प्राप्त फार्म-7 के माध्यम से नाम विलोपन एवं फार्म-8 के माध्यम से शिफ्टिंग केटेगरी के आवेदनों को छोड़कर अन्य तीन श्रेणियों के आवेदनों (संशोधन, पीडब्ल्यूडी मार्किंग एवं रिप्लेसमेंट एपिक) की प्रोसेसिंग पूर्णतः बंद हो जाएगी।
उन्होंने बताया आदर्श आचरण संहिता लागू होते ही संपत्ति विरूपण की कार्यवाही शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा। प्रचार सामग्री में सिंगल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंधित है। उन्होंने बताया कि नाम निर्देशन प्राप्ति हेतु जिला कार्यालय में कक्ष स्थापित किए गए हैं। जिसमें विधानसभा 59- संजारी बालोद के रिटर्निंग आफिसर श्रीमती शीतल बंसल हेतु जिला कार्यालय का कक्ष क्रमांक क्रमांक-57, विधानसभा 60- डौण्डीलोहारा के रिटर्निंग आफिसर श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा हेतु जिला कार्यालय का कक्ष क्रमांक क्रमांक - 35, विधानसभा 61- गुण्डरदेही के रिटर्निंग आफिसर श्री मनोज मरकाम हेतु जिला कार्यालय का कक्ष क्रमांक क्रमांक-31 निर्धारित किया गया है। प्रेसवार्ता में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री चंद्रकंात कौशिक, एडीएम श्री शशंाक पाण्डेय सहित रिटर्निंग आॅफिसर व जिले के पिं्रट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारगण मौजूद थे। -
रायपुर। राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन गत दिवस ओडीशा प्रवास के दौरान भुवनेश्वर में समाज-समाचार पत्र के 104वें स्थापना दिवस के समारोह में शामिल हुए।












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