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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अपनी दो दिन की यात्रा पर मॉरीशस पहुंचे, जहां उनका सर शिवसागर रामगुलाम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद यहां राजधानी पोर्ट लुईस में एक अनूठी सांस्कृतिक परंपरा का उदाहरण देखने को मिला, जब बिहारी परंपरा के अनुसार महिलाओं के एक दल ने पारंपरिक लोकगीत गाकर प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया।
धन्य है, धन्य है देश हमारा हो, मोदी जी पधारे हैंमहिलाओं ने खुशी के साथ गाया, “धन्य है, धन्य है देश हमारा हो, मोदी जी पधारे हैं। जय मॉरीशस बोलो जय भारत।” यह गीत भारत के भोजपुरी क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है, जो मॉरीशस में बसे भारतीय समुदाय द्वारा यहां लाई गई थी।मॉरीशस में पारंपरिक भोजपुरी संगीत शैली ‘गीत गवई’ काफी लोकप्रिय हैमॉरीशस में पारंपरिक भोजपुरी संगीत शैली ‘गीत गवई’ काफी लोकप्रिय है। इसे विशेष मान्यता देते हुए, यूनेस्को ने दिसंबर 2016 में इसे मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया। ‘गीत गवई’ मॉरीशस में भारतीय समुदाय की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा बन चुकी है।भारतीय विरासत, संस्कृति और मूल्यों के लिए उनका मजबूत सम्बंध वास्तव में प्रेरणादायक हैइसके बाद पीएम मोदी ने मॉरीशस में अपने स्वागत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी। उन्होंने कहा, “मॉरीशस में भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से स्वागत किया। भारतीय विरासत, संस्कृति और मूल्यों के लिए उनका मजबूत सम्बंध वास्तव में प्रेरणादायक है। इतिहास और हृदय का यह बंधन पीढ़ियों में पनपता रहता है।”यह यात्रा भारत-मॉरीशस सम्बंधों में एक महत्वपूर्ण कदम हैबता दें कि प्रधानमंत्री मोदी मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम के निमंत्रण पर 12 मार्च को राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह यात्रा भारत-मॉरीशस सम्बंधों में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि 2015 के बाद से यह प्रधानमंत्री मोदी की मॉरीशस की पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान मॉरीशस के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ कई विषयों पर चर्चा करेंगे। वह वहां के अन्य गणमान्य व्यक्तियों से भी मिलेंगे। इसके अलावा, वे भारतीय मूल के लोगों से भी बातचीत करेंगे, जिनका मॉरीशस के समाज और संस्कृति में अहम योगदान है।प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति को भी समर्थन मिलेगाप्रधानमंत्री मोदी के एजेंडे में प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन भी शामिल है। इस यात्रा के दौरान कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे, जो समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, लघु और मध्यम उद्यमों, और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देंगे। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति को भी समर्थन मिलेगा, जिसका उद्देश्य भारत के पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करना है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को दो दिवसीय राजकीय यात्रा के लिए मॉरीशस पहुंच चुके हैं, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पीएम की यह दूसरी यात्रा है, इससे पहले वे 2015 में भी मॉरीशस गए थे। पीएम मोदी 12 मार्च को मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच गहरे द्विपक्षीय आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनयिक संबंध हैं।
मॉरीशस, जो हिंद महासागर में एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण द्वीप राष्ट्र है, भारत का एक करीबी और महत्वपूर्ण पड़ोसी भी है। दोनों देशों के बीच विशेष संबंधों का एक प्रमुख कारण यह है कि मॉरीशस की 70% आबादी भारतीय मूल की है। माॅरीशस कभी फ्रांस का उपनिवेश था, लेकिन बाद में ब्रिटेन के अधीन आ गया। फ्रांसीसी शासन के दौरान (1700 के दशक में), पहली बार भारतीयों को पुदुच्चेरी क्षेत्र से कारीगर और राजमिस्त्री के रूप में मॉरीशस लाया गया था। ब्रिटिश शासन के दौरान, 1834 से 1900 की शुरुआत तक लगभग 5 लाख भारतीय अनुबंधित श्रमिक मॉरीशस पहुंचे, जिनमें से दो-तिहाई ने यहीं बसने का फैसला किया।मॉरीशस का राष्ट्रीय दिवस भी भारत से एक खास जुड़ाव रखता है। 1901 में, महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटते समय कुछ दिनों के लिए मॉरीशस में रुके थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय श्रमिकों को तीन महत्वपूर्ण संदेश -शिक्षा का महत्व, राजनीतिक सशक्तिकरण, और भारत से जुड़े रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। गांधीजी के इन विचारों से प्रेरित होकर मॉरीशस अपना राष्ट्रीय दिवस 12 मार्च को मनाता है, जो संयोग से भारत में ऐतिहासिक डांडी मार्च की वर्षगांठ भी है।भारत ने मॉरीशस के साथ 1948 में ही राजनयिक संबंध स्थापित कर लिए थे, जो उसकी स्वतंत्रता (1968) से भी पहले की बात है। दोनों देशों के बीच संबंध आपसी विश्वास और सहयोग पर आधारित हैं। समुद्री सुरक्षा, विकास परियोजनाएं, तकनीकी सहायता, और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में भारत ने मॉरीशस को निरंतर सहयोग दिया है। भारत ने मॉरीशस में महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट, वर्ल्ड हिंदी सेक्रेटेरिएट और इंडियन कल्चरल सेंटर जैसे संस्थानों की स्थापना में मदद की है, जो भारतीय संस्कृति और भाषा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।भारत हमेशा संकट के समय मॉरीशस का सबसे पहले सहयोग करने वाला देश रहा है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने 13 टन दवाइयां, 10 टन आयुर्वेदिक दवाएं और एक मेडिकल टीम भेजी। जनवरी 2021 में 1 लाख मुफ्त कोविशील्ड वैक्सीन भेजने के अलावा, मॉरीशस को बाद में कोवैक्सिन और कोविशील्ड की अतिरिक्त खेप भी दी गई। वहीं मॉरीशस ने भारत को 200 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भेजे थे। इसी तरह, 2020 में जापानी जहाज वाकाशियो से हुए तेल रिसाव संकट के दौरान भी भारत ने सबसे पहले सहायता भेजी। भारतीय वायुसेना ने 30 टन तकनीकी उपकरण और 10 विशेषज्ञों की एक टीम मॉरीशस भेजी।भारत-माॅरीशस के बीच बढ़ता व्यापारिक संबंधव्यापार और आर्थिक मोर्चे पर, भारत 2005 से मॉरीशस के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक बना हुआ है। 2023-24 में भारत से मॉरीशस को 778.03 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ, जबकि मॉरीशस से भारत को 73.10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का आयात हुआ। भारत से मॉरीशस को मुख्य रूप से पेट्रोलियम उत्पाद, दवाइयां, अनाज, कपास और झींगा निर्यात किया जाता है, जबकि मॉरीशस से भारत को वेनिला, चिकित्सा उपकरण और रिफाइंड कॉपर जैसे उत्पाद मिलते हैं। 2000 से अब तक मॉरीशस से भारत में 175 बिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया है, जिससे यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा निवेशक देश बन गया है। 2021 में भारत और मॉरीशस के बीच CECPA (Comprehensive Economic Cooperation and Partnership Agreement) समझौता हुआ, जो दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को और मजबूत कर रहा है।मॉरीशस की कई विकास परियोजनाओं में भारत का सहयोगभारत ने मॉरीशस में कई विकास परियोजनाओं में सहायता की है। 2016 में भारत ने 353 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की, जिसके तहत मेट्रो एक्सप्रेस, सुप्रीम कोर्ट बिल्डिंग, नया ENT अस्पताल, सामाजिक आवास परियोजना और डिजिटल टैबलेट योजना जैसी परियोजनाएं शामिल थीं। इसके अलावा, 2017 में भारत ने 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण दिया, जिससे 10 प्रमुख परियोजनाओं को वित्तपोषित किया गया, जिनमें से 7 पहले ही पूरी हो चुकी हैं। भारत की सहायता से सिविल सर्विस कॉलेज, नेशनल आर्काइव्स, पुलिस अकादमी, किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों जैसी परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं।शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग में भी भारत ने मॉरीशस को महत्वपूर्ण समर्थन दिया है। मॉरीशस में भारत का सबसे बड़ा सांस्कृतिक केंद्र, इंदिरा गांधी सेंटर फॉर इंडियन कल्चर (IGCIC), स्थापित किया गया है, जहां हर साल 2,500 से अधिक छात्रों को संगीत, कथक, तबला और योग की शिक्षा दी जाती है। ITEC कार्यक्रम के तहत हर साल लगभग 400 मॉरीशियन भारत में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, जबकि ICCR स्कॉलरशिप के माध्यम से 60 छात्रों को भारत में उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति दी जाती है। 2007-08 से अब तक आईटीईसी कार्यक्रम के तहत लगभग 4868 मॉरीशसवासियों को प्रशिक्षित किया गया है।भारतीय समुदाय और पर्यटनमॉरीशस में 22,188 भारतीय नागरिक और 13,198 OCI कार्ड धारक रहते हैं। 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की यात्रा के दौरान घोषणा की गई कि भारतीय मूल के मॉरीशियनों को 7वीं पीढ़ी तक OCI कार्ड की सुविधा मिलेगी। पर्यटन भी दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। हर साल लगभग 80,000 भारतीय मॉरीशस घूमने जाते हैं, जबकि माॅरीशस के 30,000 लोग भारत आते हैं।भारत और मॉरीशस के बीच संबंध ऐतिहासिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक रूप से बेहद मजबूत हैं। भारत मॉरीशस के विकास में एक प्रमुख भागीदार बना हुआ है और दोनों देश आने वाले समय में अपनी साझेदारी को और गहरा करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। -
जयपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से सीकर जिले में स्थित खाटूश्यामजी मंदिर और श्रद्धालुओं पर सोमवार को हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। खाटूश्याम मंदिर में इन दिनों मेला चल रहा है। इस मेले में देशभर से बडी संख्या में श्रृद्धालु शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी पत्नी के साथ सोमवार को खाटू श्याम मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना की। मंदिर कमेटी के सदस्य प्रताप सिंह चौहान ने शर्मा को विधिवत पूजा करवाई और उन्हें श्याम दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया। मंदिर के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पूजा अर्चना के बाद प्रदेश की खुशहाली और लोगों के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर बाबा श्याम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने गुलाल की होली खेली। भक्तों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।
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नयी दिल्ली. संसद की एक समिति ने यह पाया है कि देशभर की जेलों में बंद 70 प्रतिशत कैदी विचाराधीन हैं और मुचलका नहीं भरने या जुर्माना राशि अदा न कर पाने के कारण उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा है। गृह मामलों पर संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मादक पदार्थों का पता लगाने के लिए जेलों के प्रत्येक प्रवेश द्वार पर निगरानी प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाना चाहिए। समिति ने पाया है कि जेलों में बंद 70 प्रतिशत से अधिक कैदी विचाराधीन हैं। मुचलका नहीं भरने या जुर्माना राशि अदा न कर पाने के कारण उन्हें जेलों से रिहा नहीं किया जा रहा है। राज्यसभा में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘जेल प्रशासन ऐसे कैदियों को जेलों में रखने पर, उनकी रिहाई के लिए आवश्यक जमानत राशि से कहीं अधिक धन खर्च कर रहा है। गरीब कैदियों के लिए जुर्माना राशि के भुगतान के लिए आंध्र प्रदेश जेल विभाग द्वारा की गई पहल की तर्ज पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक कोष बनाया जाना चाहिए।'' समिति ने कहा कि जेलों में मादक पदार्थों की तस्करी की चुनौतियों से निपटने के लिए भी प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाना चाहिए। इसने कहा कि जेल कर्मियों को इस समस्या से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी की मदद लेने की आवश्यकता है। समिति ने पाया कि जेल के अंदर मोबाइल फोन आदि का इस्तेमाल कैदियों द्वारा जेल के बाहर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जाता है। कैदियों के पास मोबाइल फोन होने से जेल के अंदर गिरोहों के बीच झड़पें भी हो सकती हैं। समिति ने पाया कि जेल कर्मी कैदियों को प्रतिबंधित वस्तुएं जेल के अंदर पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। इसने सिफारिश की कि जेलों में तलाशी के मानकों को बढ़ाया जाना चाहिए।
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मोटरसाइकिल रैली को अरुणाचल में हरी झंडी दिखाई गई
ईटानगर. सशस्त्र बलों की अब तक की सबसे अधिक 3,900 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली मोटरसाइकिल रैली को सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में स्थित विजयनगर से हरी झंडी दिखाई गई। शौर्य यात्रा गुजरात के कच्छ के रण में एकता, साहस और राष्ट्रीय गौरव के संदेश के साथ संपन्न होगी।रक्षा विभाग की ओर से जारी एक बयान में बताया गया है कि विजयनगर में रहने वाले असम राइफल्स के सेवानिवृत्त कर्मी पदम सिंह रावत (90) ने अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में यात्रा को हरी झंडी दिखाई। बयान में कहा गया है कि यह कार्यक्रम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के तहत आयोजित किया जा रहा है जो एकजुट और एकीकृत भारत की ताकत को दर्शाता है। इसमें कहा गया है कि रैली में असम राइफल्स और भारतीय सेना के जवानों के अलावा अरुणाचल प्रदेश के चार आम नागरिक शामिल हैं। बयान में कहा गया, ‘‘समारोह का एक अत्यंत मार्मिक पहलू यह था कि प्रतिभागियों को पूर्व सैनिकों और शहीद सैनिकों की पत्नियों से बातचीत करने का अवसर मिला। इस बातचीत ने राष्ट्र की सेवा में सशस्त्र बलों और उनके परिवारों द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदानों की याद दिलाई।'' इसमें बताया गया कि रैली में उन जवानों के परिवारों को भी सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने अपना कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। बयान में कहा गया कि इस रैली का उद्देश्य देशभक्ति की भावना को जगाना और युवा पीढ़ी को प्रेरित करना है। -
नयी दिल्ली. मुख्य रूप से रकबा बढ़ने की वजह से रबी फसल सत्र 2024-25 के दौरान गेहूं का उत्पादन दो प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 1,154.30 लाख टन रहने का अनुमान है। सरकार ने सोमवार को यह अनुमान जताया है। पिछले रबी फसल सत्र में गेहूं का उत्पादन 1,132.92 लाख टन रहा था।
कृषि मंत्रालय ने सोमवार को 2024-25 के लिए प्रमुख फसलों (खरीफ और रबी) के उत्पादन का दूसरा अग्रिम अनुमान जारी किया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र के विकास की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के जरिये किसानों को सहायता और प्रोत्साहन देने से कृषि फसलों के उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। दूसरे अग्रिम अनुमान में खरीफ और रबी सत्र शामिल हैं। तीसरे अग्रिम अनुमान में गर्मी के मौसम को शामिल किया जाएगा। फसल सत्र 2024-25 में खरीफ धान का उत्पादन 2023-24 के खरीफ मौसम के 1,132.59 लाख टन से बढ़कर रिकॉर्ड 1,206.79 लाख टन होने का अनुमान है। वहीं रबी चावल का उत्पादन 146.01 लाख टन से बढ़कर 157.58 लाख टन होने का अनुमान है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, गेहूं का उत्पादन 1,154.30 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 1,132.92 लाख टन उत्पादन की तुलना में 21.38 लाख टन अधिक है। मोटे अनाज यानी श्री अन्न (खरीफ) का उत्पादन 137.52 लाख टन और श्री अन्न (रबी) का उत्पादन 30.81 लाख टन अनुमानित है। इसके अलावा, पोषक/ मोटे अनाज (खरीफ) का उत्पादन 385.63 लाख टन और पोषक/मोटे अनाज (रबी) का उत्पादन 174.65 लाख टन अनुमानित है। तुअर और चने का उत्पादन क्रमशः 35.11 लाख टन और 115.35 लाख टन रहने का अनुमान है जबकि मसूर का उत्पादन 18.17 लाख टन होने की संभावना है। खरीफ मौसम में तिलहन और रबी मूंगफली का उत्पादन क्रमशः 104.26 लाख टन और 8.87 लाख टन अनुमानित है।खरीफ मूंगफली का उत्पादन पिछले वर्ष के खरीफ मूंगफली उत्पादन 86.60 लाख टन की तुलना में 17.66 लाख टन अधिक है। सोयाबीन का उत्पादन 151.32 लाख टन अनुमानित है, जबकि पिछले वर्ष इसका 130.62 लाख टन उत्पादन हुआ था। रैपीसीड और सरसों का उत्पादन 128.73 लाख टन होने का अनुमान है।कपास का उत्पादन 294.25 लाख गांठ (प्रत्येक 170 किलोग्राम) और गन्ने का उत्पादन 4,350.79 लाख टन अनुमानित है। - संभल . संभल के तुलसी मानस मंदिर में उस आलू को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए, जिस पर ‘‘भगवान की छवि चमत्कारी रूप से दिखाई देने'' का दावा किया जा रहा है। मंदिर के राम दरबार में रखे गए आलू को "भगवान का अवतार" माना जा रहा है, जो दूर-दूर से भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। मंदिर के महंत शंकर दास ने सोमवार को कहा, ‘‘दिव्य छवि वाला आलू एक अवतार का रूप है। यह वंश गोपाल तीर्थ के पास खेमा गांव में पाया गया था। यहां दर्शन के लिए आए एक भक्त ने बताया कि आलू में छवि दिखाई दी थी, इसलिए हमने इसे मंदिर में स्थापित करने का फैसला किया।'' उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि यह माना जाता है कि भगवान कल्कि संभल में अपना अवतार लेंगे, इसलिए इस दिव्य आलू को उनके आगमन से पहले एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। होली के आगमन से पूर्व इस पवित्र छवि के प्रकट होने से उत्सव में चार चांद लग गए हैं।" शंकर दास ने दावा किया कि आलू पर बनी छवि ‘‘स्पष्ट रूप से नंदी, भगवान शिव और कछुए'' से मिलती- जुलती है। दर्शन करने आए श्रद्धालुओं में से एक मोहित रस्तोगी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, "मैंने सुना है कि तुलसी मानस मंदिर में भगवान आलू के रूप में प्रकट हुए हैं, इसलिए मैं खुद इसे देखने आया हूं। यह देखकर मेरा दिल खुशी से भर गया है और ऐसा लग रहा है कि संभल में भगवान कल्कि का आगमन निकट है।"
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सीधी. मध्य प्रदेश के सीधी जिले में रविवार देर रात एक ट्रक और स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) के बीच टक्कर में सात लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। पुलिस उपाधीक्षक गायत्री तिवारी ने बताया कि यह घटना सीधी-बहरी रोड पर उपनी पेट्रोल पंप के पास देर रात करीब 2.30 बजे हुई। उन्होंने बताया कि एसयूवी मैहर की ओर जा रही थी जबकि ट्रक सीधी से बहरी की ओर जा रहा था, तभी दोनों वाहनों की आमने सामने की टक्कर हुई। अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना में एसयूवी में सवार सात लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि नौ घायलों को इलाज के लिए रीवा रेफर किया गया है और अन्य का सीधी जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया गया है तथा जांच जारी है।
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गढ़वा. झारखंड के गढ़वा में पटाखे की एक दुकान में आग लगने से उसकी चपेट में आकर तीन बच्चों समेत कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के बताया कि यह घटना रंका थाना क्षेत्र के गोदरमाना बाजार में हुई।
गढ़वा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपक पांडे ने बताया, ‘‘यहां पटाखे की एक दुकान में आग लगने से तीन बच्चों सहित पांच लोगों की मौत हो गई।'' अधिकारी ने बताया कि पुलिस की एक टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है।
इस बीच, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस घटना में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।
सोरेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘गढ़वा के रंका प्रखंड में पटाखे की एक दुकान में आग लगने से पांच लोगों की मौत की दुखद खबर मिली। ‘मरांग बुरु' (आदिवासियों के सर्वोच्च देवता) दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवारों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।'' उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन मामले की जांच कर रहा है। -
वाराणसी .वाराणासी स्थित बाबा श्री काशी विश्वनाथ इस साल पहली बार मथुरा से लड्डू गोपाल की ओर से उपहार स्वरूप आये अबीर और गुलाल से होली खेलेंगे। मंदिर के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में यह एक नयी परंपरा की शुरुआत होगी। मिश्र ने कहा, ‘‘इस परंपरा के तहत मथुरा में लड्डू गोपाल के लिए काशी विश्वनाथ धाम की तरफ से विशेष उपहार भेजा गया है। बदले में रंग, अबीर और गुलाल सहित प्रसाद काशी विश्वनाथ धाम पहुंच चुका है। इन रंगों से रंगभरी एकादशी और होली मनाई जाएगी।'' उन्होंने बताया कि कृष्ण जन्मस्थान मथुरा के सचिव कपिल शर्मा और गोपेश्वर चतुर्वेदी से वार्ता के बाद इस परंपरा को शुरू किया है जो आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम में पारंपरिक लोकोत्सव रंगभरी एकादशी का तीन दिवसीय समारोह हर्षोल्लासपूर्वक भव्य रूप से मनाया जा रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को श्रद्धालुओं, गणमान्य लोगों और स्थानीय लोगों ने श्री काशी विश्वनाथ और माता गौरा के हल्दी उत्सव में भाग लिया। मंदिर के अधिकारियों ने बताया कि मथुरा से आए श्रद्धालु काशी विश्वनाथ के लिए उपहार और गुलाल लेकर आए, जबकि सोनभद्र से आए आदिवासी श्रद्धालुओं ने पलाश के फूलों से बना हर्बल गुलाल चढ़ाया। मंदिर न्यास का प्रतिनिधित्व करते हुए मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण एवं जिलाधिकारी शम्भू शरण ने श्री विश्वेश्वर महादेव का पूजन कर हर्बल गुलाल चढ़ाया। उन्होंने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ और माता गौरा की रजत पालकी यात्रा मंदिर प्रांगण से गुजरी, भक्तों ने भक्ति गीत गाते हुए फूल, हल्दी, अबीर और गुलाल की वर्षा की। अधिकारियों के मुताबिक शाम को फूलों से सजी पालकी पर श्री काशी विश्वनाथ महादेव और मां गौरा की रजत प्रतिमा मंदिर प्रांगण में भ्रमण करते हुए मंदिर चौक पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयकारे के साथ पालकी यात्रा का स्वागत किया। वाराणसी के मंडल आयुक्त कौशल राज शर्मा ने धाम में पहुंचकर श्री काशी विश्वनाथ महादेव एवं माता गौरा को हल्दी, गुलाल एवं पुष्प अर्पित कर मंगल कामना की। श्री काशी विश्वनाथ महादेव और माता गौरा का हल्दी उत्सव धाम में आए श्रद्धालुओं एवं काशीवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने विश्वनाथ महादेव एवं मां गौरा की प्रतिमा पर हल्दी अर्पण कर परंपरा का निर्वहन किया।
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने सोमवार को हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों, डिग्री व गोल्ड मेडल पाने वाले विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने विद्यार्थी वर्ग से अग्राह किया है कि वे शिक्षा हासिल करके रोजगार पाने की मानसिकता को बदलें और रोजगार पाने की बजाय रोजगार उत्पन्न करने वाले बनें। यदि हम ऐसा करते हैं तो यह समाज कल्याण व देश की उन्नति में बहुत बड़ा कदम होगा।
अपने ज्ञान व कौशल के बल पर विद्यार्थी समाज का कल्याण करेंउन्होंने कहा कि अपने ज्ञान व कौशल के बल पर विद्यार्थी समाज का कल्याण करें और देश की तरक्की में अपना योगदान दें। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि दीक्षांत समारोह में पीएडी की डिग्री लेने वालों में बेटियों की संख्या 60 प्रतिशत से ज्यादा व पदक लेने वालों में बेटियों की संख्या 75 प्रतिशत से ज्यादा है। इसके लिए उन्होंने उपलब्धि प्राप्त बेटियों, उनके परिजनों व शिक्षकों को बधाई दी और कहा कि यह केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि देश के विकास व समाज में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का प्रमाण है।भारत को ग्लोबल नॉलेज सुपर पावर के रूप में स्थापित करने में उच्च शिक्षण संस्थाओं में किए गए शोध अहम भूमिका निभाएंगेउन्होंने कहा कि गुरु जम्भेश्वर जी, जिनके सम्मान में इस विश्वविद्यालय का नाम रखा गया है, महान संत, दार्शनिक व वैज्ञानिक सोच के धनी थे। उनकी नैतिक जीवन शैली व पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी सोच को नमन करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि प्रकृति की रक्षा, जीवों के प्रति करूणा, दया का भाव रखना व उन्हें संरक्षण प्रदान करना मानव का नैतिक दायित्य है। वर्तमाान में हम जिन पर्यावरण संबंधी समस्याओं का हल खोज रहे हैं, उनमें गुरु जम्भेश्वर जी की शिक्षाएं प्रासंगिक हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी गुरु जम्भेश्वर की शिक्षाओं पर चलकर समाज व देश की तरक्की में अपना योगदान देते रहेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत को ग्लोबल नॉलेज सुपर पावर के रूप में स्थापित करने में उच्च शिक्षण संस्थाओं में किए गए शोध अहम भूमिका निभाएंगे।बदलती ग्लोबल डिमांड के अनुसार युवा पीढ़ी को तैयार करना उच्च शिक्षण संस्थाओं के समक्ष बड़ी चुनौतीहाल ही में राष्ट्रपति भवन में हुए एक कार्यक्रम में उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थाओं में शिक्षण के साथ-साथ शोध कार्यों को बढ़ावा देने का आग्रह किया था। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय की 30 वर्ष की यात्रा में यहां के विद्यार्थियों व संकाय सदस्यों के विभिन्न शोध व अनुसंधान परियोजनाओं ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है। इस बात की भी खुशी है कि शोध व रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय में कई विशेष विभाग बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बदलती ग्लोबल डिमांड के अनुसार युवा पीढ़ी को तैयार करना उच्च शिक्षण संस्थाओं के समक्ष बड़ी चुनौती है। देश के संतुलित व सतत विकास के लिए ये भी जरूरी है कि एजुकेशन व टेक्नोलॉजी का लाभ गांव—गांव पहुंचें। इस बात की खुशी है कि गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में 60 प्रतिशत बच्चे गांव या छोटे शहरों से हैं। ऐसे में गांवों तक शिक्षा व तकनीक पहुंचाने में यह विश्वविद्यालय सहायक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने गांवों व छोटे शहरों से आने वाले विद्यार्थियों से भी अपील की कि वे शिक्षा के महत्व का प्रचार-प्रसार करें।निरंतर सीखते हुए और अपने कौशल को बेहतर करते हुए चुनौतियों को अवसर में बदल सकते हैं विद्यार्थीराष्ट्रपति ने कहा कि समय की मांग के अनुसार शिक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव लाने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई। इस बात की खुशी है कि गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के सभी विभागों में नई शिक्षा नीति लागू कर दी गई है। नई शिक्षा नीति विकास, मौलिक शोध व रचनात्मकता को बढ़ावा देगी और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह में डिग्री व पदक लेने वाले विद्यार्थियों की नई यात्रा की शुरुआत हो रही है। इस नई यात्रा में चुनौतियां भी हैं और अवसर भी हैं। ऐसे में निरंतर सीखते हुए और अपने कौशल को बेहतर करते हुए चुनौतियों को अवसर में बदल सकते हैं।शिक्षा केवल ज्ञान व कौशल प्राप्त करने का ही साधन नहींराष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान व कौशल प्राप्त करने का ही साधन नहीं है। शिक्षा मनुष्य में नैतिक सहिष्णुता व करूणा जैसे जीवन मूल्यों को विकसित करने का माध्यम भी है। शिक्षा आपको रोजगार के योग्य बनाने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक भी करती है। उन्होंने उपाधियां व मेडल प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों व शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने की, जबकि लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने राष्ट्रपति, राज्यपाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. इंद्रेश कुमार एवं अन्य आए मेहमानों व डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का स्वागत किया। डॉ. इन्द्रेश कुमार को कार्यक्रम में मानद उपाधि प्रदान की गई। -
नई दिल्ली। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने बताया कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों की संख्या बढ़कर 30.68 करोड़ से अधिक हो गई है। इसमें से 53.68 प्रतिशत (3 मार्च तक) महिलाएं हैं। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री, शोभा करंदलाजे ने सोमवार को लोकसभा में यह जानकारी दी।
असंगठित श्रमिकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच प्रदान करने के लिए वन-स्टॉप-सॉल्यूशन के रूप में ई-श्रम को विकसित करने की बजट घोषणा के विजन को ध्यान में रखते हुए, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 21 अक्टूबर, 2024 को ई-श्रम-“वन-स्टॉप-सॉल्यूशन” लॉन्च किया।“ई-श्रम-“वन-स्टॉप-सॉल्यूशन” में एक ही पोर्टल पर विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को एकीकृत करना शामिल है। यह ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंचने और ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से अब तक उनके द्वारा प्राप्त लाभों को देखने में सक्षम बनाता है।अब तक, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों की 13 योजनाओं को पहले ही ई-श्रम के साथ एकीकृत किया जा चुका है, जिनमें प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम-स्वनिधि), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (एनएफबीएस), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (पीएमएवाई-जी), आयुष्मान भारत योजना शामिल हैं।रोजगार और कौशल विकास के अवसर प्रदान करने के लिए ई-श्रम पोर्टल को राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) और स्किल इंडिया डिजिटल पोर्टल के साथ भी एकीकृत किया गया है। वहीं, पेंशन योजना के तहत नामांकन की सुविधा के लिए, ई-श्रम को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएमएसवाईएम) के साथ एकीकृत किया गया है।मंत्रालय ने आधार से जुड़े असंगठित श्रमिकों का एक बड़ा राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने के लिए 26 अगस्त, 2021 को ई-श्रम पोर्टल लॉन्च किया था। ई-श्रम पोर्टल का उद्देश्य असंगठित श्रमिकों को सेल्फ-डिक्लेरेशन के आधार पर एक यूएएन प्रदान करके उनका पंजीकरण करके सहायता करना है। -
नई दिल्ली। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में भारतीय रेलवे में महिला कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। महिला कर्मचारियों की यह कुल संख्या 1.13 लाख को पार कर गई है, जो कुल वर्कफोर्स का 8.2 प्रतिशत है। यह संख्या 2014 में 6.6 प्रतिशत थी।
रेलवे नेटवर्क में महिलाएं बड़ी भूमिका निभा रहीरेलवे नेटवर्क में प्रमुख परिचालन नौकरियों में महिलाएं बड़ी भूमिका निभा रही हैं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, वर्तमान में 2,162 महिलाएं लोको पायलट के रूप में काम कर रही हैं, जबकि 794 महिलाओं ने ट्रेन मैनेजर (गार्ड) की भूमिका निभाई है। इसके अलावा, पूरे भारत में 1,699 महिला स्टेशन मास्टर तैनात हैं।10 वर्षों में भारतीय रेलवे में महिला लोको पायलट और स्टेशन मास्टर की संख्या में पांच गुना वृद्धिएक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारतीय रेलवे में महिला लोको पायलट और स्टेशन मास्टर की संख्या में पांच गुना वृद्धि हुई है। परिचालन भूमिकाओं के अलावा, महिलाएं प्रशासनिक और रखरखाव क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल रही हैं। भारतीय रेलवे में 12,362 महिला कार्यालय कर्मचारी और 2,360 महिला पर्यवेक्षक हैं।महिलाएं यात्री सेवाओं में भी सक्रिय रूप से शामिलट्रैक रखरखाव में, जो परंपरागत रूप से पुरुष प्रधान क्षेत्र रहा है, अब 7,756 महिलाएं ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही हैं। महिलाएं यात्री सेवाओं में भी सक्रिय रूप से शामिल हैं, जिनमें से 4,446 टिकट चेकर के रूप में और 4,430 देश भर के रेलवे स्टेशनों पर ‘पॉइंट्समैन’ के रूप में काम कर रही हैं।भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एकइसके अलावा, भारतीय रेलवे ने जेंडर इंक्लूजिविटी में विश्वास बढ़ाने के लिए सभी महिला टीमों के साथ कई रेलवे स्टेशनों का संचालन किया है। इनमें माटुंगा, न्यू अमरावती, अजनी और गांधीनगर रेलवे स्टेशन शामिल हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारतीय रेलवे, जो दुनिया के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक है, जिसके विशाल नेटवर्क पर 12.3 लाख से अधिक कर्मचारी काम करते हैं, महिलाओं को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।भारत सरकार रेलवे को वर्ल्ड-क्लास एंटिटी में बदलने को प्रतिबद्धरेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में संसद में एक प्रश्न के उत्तर में कहा, “निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले सभी उम्मीदवार भर्ती के लिए पात्र हैं।” एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सरकार ने भारतीय रेलवे को वर्ल्ड-क्लास एंटिटी में बदलने को प्राथमिकता दी है, जो हर दिन औसतन 2.3 करोड़ भारतीयों को सस्ती कीमत पर देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में पहुंचाती है और महिलाएं इस प्रयास में बढ़ती भूमिका निभा रही हैं।” -
नई दिल्ली। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने पर संसद के दोनों सदनों में सोमवार को भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी गई। इसके साथ ही भविष्य में होने वाले मैचों के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ने शानदार विजय का किया उल्लेखलोकसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट की शानदार विजय का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से समूचे देश में उत्साह और उल्लास का वातावरण है। यह उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टम करने का प्रयास कर रहे हैं। इस पर सदन में सदस्यों ने मेजें थपथपाकर भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी।राज्यसभा में भी इस महत्वपूर्ण जीत के लिए दी गई बधाईउधर, राज्यसभा में भी भारतीय क्रिकेट टीम को इस महत्वपूर्ण जीत के लिए बधाई दी गई। उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि आज मैं सदन में शामिल होकर भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में जीत के लिए बधाई देता हूं। यह मेरे लिए अत्यंत गर्व और खुशी की बात है। दुबई में आयोजित फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को हराकर हमारी टीम ने भारत के लिए तीसरी चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब सुरक्षित किया। यह एक असाधारण उपलब्धि है। इस पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है। यह जीत हमारे क्रिकेटरों के समर्पण, कड़ी मेहन और टीम खेल भावना का प्रमाण है। राज्यसभा में भी सदस्यों ने मेजें थपथपाकर भारतीय टीम को इस खास उपलब्धि के लिए बधाई दी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन 16 से 20 मार्च तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। पदभार ग्रहण करने के बाद यह लक्सन की पहली भारत यात्रा होगी। उनके साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आएगा, जिसमें मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, व्यवसायी, मीडिया और न्यूजीलैंड में भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, “प्रधानमंत्री लक्सन की यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के बीच दीर्घकालिक और स्थायी संबंधों को रेखांकित करती है।”
17 मार्च को पीएम मोदी के साथ बातचीतअपनी यात्रा के दौरान, लक्सन 17 मार्च को पीएम मोदी के साथ बातचीत करेंगे, जिसमें भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। पीएम मोदी, अतिथि गणमान्य व्यक्ति के सम्मान में दोपहर के भोजन का भी आयोजन करेंगे। उसी दिन न्यूजीलैंड के पीएम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे।10वें रायसीना डायलॉग 2025 में होंगे शामिललक्सन, 17 मार्च को नई दिल्ली में ’10वें रायसीना डायलॉग 2025′ के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और मुख्य भाषण देंगे। 19-20 मार्च को मुंबई का दौरा भी करेंगे, जहां वे भारतीय व्यापार जगत के नेताओं और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे। लक्सन 20 मार्च को मुंबई से वेलिंगटन के लिए रवाना होंगे।न्यूजीलैंड में भारतीय उच्चायुक्त ने लक्सन से की थी मुलाकातपिछले महीने, न्यूजीलैंड में भारतीय उच्चायुक्त नीता भूषण ने लक्सन से मुलाकात की थी। उन्होंने कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की थी। भूषण ने दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत करने तथा उच्च स्तर पर ले जाने की नई दिल्ली की प्रतिबद्धता की पुष्टि की थी।भारत और न्यूजीलैंड के बीच घनिष्ठ और सौहार्दपूर्ण संबंधभारत और न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक रूप से घनिष्ठ और सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं। दोनों राष्ट्र आपसी सम्मान और साझा लक्ष्यों के आधार पर एक मजबूत गठबंधन बनाते हैं। न्यूजीलैंड में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासियों की मौजूदगी दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सांस्कृतिक सहयोग की नींव का काम करती है। -
जम्मू,। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कठुआ जिले में तीन नागरिकों की हत्या की विस्तृत जांच के आदेश दिए। वहीं, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसे ‘आतंकवादी कृत्य' करार दिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है।
वरुण सिंह (15), उसके चाचा योगेश सिंह (32) और मामा दर्शन सिंह (40) के शव शनिवार को कठुआ जिले के सुदूर मल्हार इलाके में ईशू नाले से बरामद किए गए थे। तीनों पांच मार्च को एक विवाह समारोह से लापता हो गए थे। उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर जारी एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने विस्तृत और पारदर्शी जांच के आदेश दिए हैं और परिवारों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।'' उन्होंने कहा कि वह तीनों की नृशंस हत्या से स्तब्ध और दुखी हैं।सिन्हा ने कहा, ‘‘मैं लोगों को आश्वासन देता हूं कि अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय के कठघरे में लाया जाएगा। न्याय होगा और जवाबदेही तय की जाएगी।'' इससे पहले, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि तीन नागरिकों की हत्या आतंकवादियों ने की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में माहौल खराब करने की ‘‘गहरी साजिश'' है। मंत्री ने ‘एक्स' पर जारी पोस्ट में कहा, ‘‘कठुआ जिले के बानी इलाके में आतंकवादियों द्वारा तीन लोगों की नृशंस हत्या बेहद दुखद और चिंताजनक है। इस शांतिपूर्ण क्षेत्र में माहौल खराब करने के पीछे एक गहरी साजिश प्रतीत होती है।'' उन्होंने कहा, “हमने इस मामले पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की है।मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हत्याओं को ‘बर्बर' करार दिया। अब्दुल्ला ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कठुआ में एक नाबालिग लड़के सहित तीन निर्दोष नागरिकों की बर्बर हत्या से गहरा सदमा और दुख हुआ है। इस तरह के जघन्य कृत्यों का हमारे समाज में कोई स्थान नहीं है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है।'' - अहमदाबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गांधीनगर में 316.82 करोड़ रुपये के ‘पैरा हाई परफॉर्मेंस सेंटर' की आधारशिला रखी और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम के करीब स्थित सरदार पटेल खेल परिसर में 10 बड़े स्टेडियम बनाए जाएंगे। शाह ने कहा, ‘‘भारत ने इन 10 परिसरों में 2036 ओलंपिक खेल आयोजित करने का संकल्प लिया है। गुजरात ने ओलंपिक की तैयारी पहले ही शुरू कर दी है। '' शाह ने कहा कि ‘पैरा हाई परफॉर्मेंस सेंटर' गुजरात के पैरा एथलीटों को विश्व स्तरीय ट्रेनिंग प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह केंद्र दिव्यांगों की ताकत के लिए एक मंच प्रदान करेगा। पहले लोग दिव्यांगों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते थे जिससे उनमें हीनता की भावना पैदा होती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगों को सम्मानजनक शब्द ‘दिव्यांग' देकर उनमें आत्मविश्वास जगाया है। '' शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘खेल सभी के लिए' के मंत्र को साकार करने के लिए गुजरात सरकार ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में खेल क्षेत्र के लिए कई नई पहल की हैं जिसकी वजह से राज्य में देश का सबसे ज्यादा खेल बुनियादी ढांचा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘2002 में गुजरात का खेल बजट सिर्फ दो करोड़ रुपये था जो आज बढ़कर 352 करोड़ रुपये हो गया है। यह बजट ही खेलों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ''
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जम्मू। जम्मू कश्मीर में नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) प्रति 1,000 जन्म पर 9.8 पर पहुंच गई है, जो 13.3 अंकों की कमी है, जबकि जन्म के समय लिंग अनुपात में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है जो 923 से 976 हो गया है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली। जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा छह मार्च को विधानसभा में पेश 2024-25 की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) भी घटकर 16.3 हो गई, जो 16.1 अंकों की गिरावट है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार सभी स्तरों पर बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे को बढ़ाने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है, जिसमें मानव संसाधन और चिकित्सा उपकरण शामिल हैं, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जा सके। नीति आयोग द्वारा जारी एसडीजी भारत सूचकांक 2023-24 के अनुसार, जम्मू और कश्मीर ‘‘प्रदर्शन करने वाला'' की श्रेणी से आगे बढ़कर ‘‘अग्रणी'' की श्रेणी में आ गया है, जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र का स्कोर 70 से बढ़कर 78 हो गया है। सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया कि रोकथाम योग्य बीमारियों के खिलाफ पूर्ण टीकाकरण वाले बच्चों का प्रतिशत बढ़कर 96.5 प्रतिशत हो गया है। इसमें कहा गया कि जम्मू कश्मीर में जन्म के समय जीवन प्रत्याशा 74.3 वर्ष तक पहुंच गई है जो कि केरल और दिल्ली के बाद देश में सबसे अधिक है, जबकि राष्ट्रीय औसत 70 वर्ष है। file photo
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नई दिल्ली। लंदन की महत्वाकांक्षी नई ‘विकास योजना’ में भारत लीडिंग इन्वेस्टर के रूप में उभरकर सामने आया है। इस योजना का उद्देश्य शहर की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना और 27 बिलियन पाउंड ज्यादा टैक्स जुटाना है। रिपोर्ट के अनुसार, इस राजस्व का इस्तेमाल लंदन और यूके में आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं को सपोर्ट करने के लिए किया जाएगा। लंदन के मेयर सादिक खान और विकास एजेंसी लंदन एंड पार्टनर्स द्वारा पेश की गई इस योजना का उद्देश्य अगले दस वर्षों में उत्पादकता में सालाना आधार पर 2 प्रतिशत की वृद्धि करना है।
भारत पिछले तीन वर्षों में लंदन के साथ मजबूत आर्थिक जुड़ाव दिखाया हैरिपोर्ट में कहा गया है कि अगर यह सफल रहा तो यह 2035 तक लंदन की अर्थव्यवस्था को 107 बिलियन पाउंड बड़ा बना सकता है। भारत ने पिछले तीन वर्षों में लंदन के साथ मजबूत आर्थिक जुड़ाव दिखाया है। यह 2022-23 में शहर का सबसे बड़ा एफडीआई योगदानकर्ता बनने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका से आगे निकल गया।भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियां लंदन में अपने परिचालन का तेजी से कर रही हैं विस्तारलंदन एंड पार्टनर्स की सीईओ लॉरा सिट्रोन के अनुसार, भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियां लंदन में अपने परिचालन का तेजी से विस्तार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय छात्र और पर्यटक लंदन के अंतरराष्ट्रीय समुदाय का एक प्रमुख हिस्सा बन गए हैं। 2023-24 के आधिकारिक डेटा से पता चलता है कि 38,625 भारतीय छात्र लंदन में पढ़ रहे थे, जो पिछले एक दशक में शानदार वृद्धि को दर्शाता है।शहर में सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों में भारतीयाें की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत से अधिक हो गई हैशहर में सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों में उनकी हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत से अधिक हो गई है। लंदन हायर में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के अध्यक्ष मार्क हर्टलीन ने इस ट्रेंड का स्वागत किया और कहा कि भारतीय छात्र दोनों देशों के बीच स्थायी संबंध बनाते हैं। व्यापार क्षेत्र में भी भारतीयों की मजबूत उपस्थिति देखी गई है।एमफैसिस लंदन में अपने परिचालन का कर रहा है विस्तारभारतीय आईटी दिग्गज एमफैसिस के एक वरिष्ठ कार्यकारी आशीष देवलेकर ने ग्लोबल इनोवेशन हब के रूप में लंदन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एमफैसिस लंदन में अपने परिचालन का विस्तार कर रहा है और अपने नए लंदन इनोवेशन हब के जरिए अपने कर्मचारियों की संख्या को दोगुना करने की योजना बना रहा है।लंदन विकास योजना को व्यवसायों, ट्रेड यूनियनों और स्थानीय समुदायों के सहयोग से किया गया है विकसितयह केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित करेगा। लंदन विकास योजना को व्यवसायों, ट्रेड यूनियनों और स्थानीय समुदायों के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य उत्पादकता को पुनर्जीवित करना है, जो 2008 के ग्लोबल वित्तीय संकट के बाद से स्थिर बनी हुई है। योजना कुशल प्रतिभाओं को विकसित करने, बिजनेस इनोवेशन का सपोर्ट करने, हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करने और लंदन की स्थानीय मुख्य सड़कों को मजबूत करने पर केंद्रित है। ( -
लखनऊ. मथुरा में रविवार सुबह पुलिस ने मुठभेड़ में कुख्यात बदमाश मारा गया जिस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने एक बयान में बताया कि मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश पांडे के नेतृत्व में हाईवे थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में एक लाख का इनामी अपराधी फाती उर्फ असद घायल हो गया। उन्होंने बताया कि उसे अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर का निवासी फाती कुख्यात अंतरराज्यीय छैमार गिरोह का सरगना था जिसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश, राजस्थान और जम्मू कश्मीर में जघन्य अपराधों के अनेक मुकदमे दर्ज थे। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जाकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। सूत्रों ने बताया कि उपराष्ट्रपति को बेचैनी और सीने में दर्द की शिकायत के बाद शनिवार देर रात एम्स में भर्ती कराया गया था। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एम्स जाकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।'' धनखड़ (73) को शनिवार देर रात करीब 2 बजे अस्पताल ले जाया गया और एम्स के हृदयरोग विभाग के प्रमुख डॉ राजीव नारंग की देखरेख में ‘क्रिटिकल केयर यूनिट' (सीसीयू) में भर्ती कराया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा भी धनखड़ के स्वास्थ्य की जानकारी लेने एम्स पहुंचे।
- अहमदाबाद,।'' केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने गुजरात के विकास में योगदान देने के लिए मिथिलांचल और बिहार के लोगों की रविवार को सराहना की और कहा कि इस क्षेत्र का प्राचीन काल से ही लोकतंत्र और दर्शन को सशक्त बनाने का इतिहास रहा है। यहां ‘शाश्वत मिथिला महोत्सव 2025' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने यह भी वादा किया कि सीता माता का भव्य मंदिर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार गया था, तो मैंने कहा था कि राम मंदिर बन गया है, अब सीता माता का भव्य मंदिर बनाने की बारी है। मंदिर पूरी दुनिया को नारी शक्ति का संदेश देगा और यह बताएगा कि जीवन कैसे हर तरह से आदर्श होना चाहिए।'' शाह ने कहा, ‘‘गुजरात में बसे मिथिलांचल और बिहार के लोगों ने इसके विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।'' उन्होंने कहा कि मिथिला की भूमि रामायण और महाभारत के समय से ही बुद्धिजीवियों की भूमि रही है, जहां का प्राचीन विदेह साम्राज्य लोकतंत्र की जननी है। शाह ने कहा, ‘‘महात्मा बुद्ध ने कई बार कहा था कि जब तक विदेह के लोग मिल-जुलकर रहेंगे, उन्हें कोई नहीं हरा सकता। मिथिलांचल लोकतंत्र की एक मजबूत ताकत साबित हुआ, जो वर्षों तक पूरे देश को अपना संदेश देता रहा। मिथिलांचल शास्त्रार्थ की भी भूमि रही है।''
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मुंबई. दक्षिण मुंबई में एक निर्माणाधीन इमारत में पानी की टंकी साफ करते समय रविवार को चार मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने इससे पहले मृतकों की संख्या पांच बताई थी।
नगर निकाय के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘यह घटना नागपाड़ा इलाके में डिमटीमकर रोड पर स्थित बिस्मिल्लाह स्पेस बिल्डिंग में अपराह्न करीब 12.30 बजे हुई। पांच लोग टंकी की सफाई करने के लिए उसमें दाखिल हुए और बेहोश हो गए। उन्हें दमकल कर्मियों ने निकाला और जेजे अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने चार को मृत घोषित कर दिया।'' उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान हसीपाल शेख (19), राजा शेख (20), जियाउल्ला शेख (36) और इमांदु शेख (38) के रूप में की गई है, जबकि पांचवें व्यक्ति पुरहान शेख (31) का इलाज जारी है। जेजे पुलिस थाना के एक अधिकारी ने बताया कि एक दुर्घटनावश मृत्यु रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज कर ली गई है और यह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है कि जिन लोगों ने इन पांचों मजदूरों को काम पर रखा था, उनकी ओर से कोई चूक हुई थी या नहीं और क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जांच के लिए अग्निशमन सेवा, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएएमसी) और पुलिस विभाग के कर्मी घटनास्थल पर मौजूद हैं। -
मेरठ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि अगर सरकार युवाओं के साथ खड़ी हो, तो वे (युवा) प्रत्येक चुनौतियों का सामना करते हुए अपना रास्ता खुद बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रगति में आने वाली हर बाधा को दूर करने के लिए सरकार संकल्पित है।
योगी ने युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत मेरठ एवं सहारनपुर मंडल के 1,070 युवाओं को 48 करोड़ रुपये के ऋण वितरण के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा, "युवाओं के लिए चुनौती, चुनौती नहीं है। अगर सरकार उनके साथ खड़ी हो तो वे चुनौतियों का सामना करते हुए अपना रास्ता खुद बना सकते हैं। उत्तर प्रदेश के युवाओं ने खुद को आगे बढ़ाने का काम किया है।" योगी ने कहा कि बहुत सारे ऐसे युवा हैं, जो नौकरी न करके अपना खुद का कारोबार शुरू करना चाहते हैं और वह अपने मां-बाप पर आश्रित न होकर अपनी मेहनत से खुद की पहचान बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ अपनी मेहनत पर विश्वास करने वाले ऐसे युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए हम लोगों ने व्यवस्था दी है कि पहले चरण में पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त कर्ज हम उपलब्ध करायेंगे।'' योगी ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए इसमें विशेष प्रावधान किया गया है और इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना' के अंतर्गत अब तक ऋण लेकर जिन्होंने अपना कारोबार शुरू किया है, उन युवाओं ने सफलता की कहानी लिखी है और यह साबित किया है कि युवा के लिए चुनौती कोई चुनौती नहीं होती और यदि सरकार उनके साथ खड़ी हो जाए तो वह चुनौतियों का सामना करते हुए अपना मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ''यह नये भारत का नया उत्तर प्रदेश है। मेरठ और सहारनपुर में इस योजना को आगे बढ़ाने में मुझे प्रसन्नता हो रही है और 1,070 (लाभार्थी) नये युवा उद्यमी इस क्षेत्र को दे रहे हैं।'' योगी ने कहा कि ''यह योजना राज्य को एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी और भारत पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने से दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्रम इसी प्रकार चलेगा तो 2047 में भारत एक विकसित राष्ट्र होगा।
योगी ने पिछले आठ वर्ष में राज्य में सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और विकास का सिलसिलेवार ब्यौरा देते हुए दावा किया कि आज प्रदेश में निवेश चारों ओर से आ रहा है और हर जिले में उद्योग लग रहे हैं। साढ़े सात लाख युवाओं को हम इसमें नौकरी दे चुके हैं। इस कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सचान, राज्य मंत्री सौमेंद्र तोमर व दिनेश खटीक और मेरठ के सांसद अरुण गोविल और डॉक्टर लक्ष्मीकांत वाजपेयी समेत कई प्रमुख लोग मौजूद थे। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने योजना के तहत कारोबार शुरू करने वाले युवाओं की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने इससे पहले मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और कहा कि इसे अक्टूबर-नवंबर तक राष्ट्र को समर्पित कर दिया जाएगा। -
कोलकाता. पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर के एक पुजारी ने रविवार को कहा कि वह इस पवित्र शहर में आध्यात्मिकता पर केन्द्रित 300 कमरों वाला एक आलीशान रिजॉर्ट स्थापित कर रहे हैं। पुजारी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि समुद्र तट पर बनने वाली यह परियोजना शुद्ध शाकाहारी और शराब रहित होगी, जिसका उद्देश्य आधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ आध्यात्मिक शांति चाहने वाले तीर्थयात्रियों और यात्रियों को ‘सात्विक' अनुभव प्रदान करना है। उनकी टीम के एक अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना का मौजूदा मूल्यांकन 200 करोड़ रुपये है।
सेवायत दैतापति भवानी दास ने कहा, “पुरी सिर्फ एक गंतव्य नहीं है। यह एक पवित्र निवास है जहां दिव्यता सागर से मिलती है। यह रिजॉर्ट आध्यात्मिक शांति और शानदार आतिथ्य प्रदान करेगा।” उन्होंने कहा कि ‘जगन्नाथम' परियोजना की निर्माण लागत भूमि को छोड़कर 110 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। मेरिडियन मिस्ट होटल एंड रिजॉर्ट के तहत यह परियोजना पुरी-कोणार्क समुद्री मार्ग के किनारे सात एकड़ के समुद्र तट पर बनाई जा रही है, जो पुरी में जगन्नाथ मंदिर से लगभग आठ किमी दूर है। उन्होंने कहा, “जमीन मेरी है और जगन्नाथ मंदिर के साथ हितों का कोई टकराव नहीं है।”
दास ने कहा कि 2026 की रथ यात्रा से पहले 14-16 महीनों में खुलने वाले इस रिजॉर्ट से पुरी में आध्यात्मिक पर्यटन को फिर से परिभाषित करने की उम्मीद है। यह रिजॉर्ट तीर्थयात्रियों और उच्च श्रेणी के यात्रियों, दोनों को आकर्षित करेगा।
















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