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- नयी दिल्ली. साहित्य अकादमी के इस शुक्रवार से शुरू हो रहे छह दिवसीय वार्षिक साहित्योत्सव के दौरान 100 से अधिक सत्रों में 700 से ज्यादा विख्यात लेखक और विद्वान भाग लेंगे। अकादमी के सचिव के. श्रीनिवास राव ने यहां एक प्रेस वार्ता में बुधवार को बताया कि सात मार्च को इस साहित्योत्सव का उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति एवं पयर्टन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे। उन्होंने बताया कि इस उत्सव में भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान एवं गोवा के राज्यपाल पी.एस. श्रीधरन पिल्लै विशेष रूप से भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि 12 मार्च तक आयोजित किए जाने वाले इस साहित्योत्सव के दौरान 100 से अधिक सत्रों में 700 से ज्यादा प्रसिद्ध लेखक और विद्वान भाग ले रहे हैं तथा इसमें देश की 50 से अधिक भाषाओं का भी प्रतिनिधित्व होगा। राव ने इसे एशिया का सबसे बड़ा साहित्य उत्सव बताते हुए कहा कि इस बार की राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय है – “भारतीय साहित्यिक परंपराएं: विरासत और विकास” है। उनके अनुसार, साहित्योत्सव के तहत साहित्य अकादमी पुरस्कार 2024 का वितरण किया जाएगा और इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अंग्रेज़ी नाटककार महेश दत्तानी होंगे। सचिव ने बताया कि इस बार 23 भारतीय भाषाओं के रचनाकारों को पुरस्कृत किया जाएगा और तकनीकी कारणों से बांग्ला भाषा में पुरस्कार नहीं दिया जाएगा। अकादमी हर साल 24 भारतीय भाषाओं के रचनाकारों को उनकी कृति के लिए सम्मानित करती है। अकादमी ने पिछले साल दिसंबर में हिंदी के लिए गगन गिल और अंग्रेजी के लिए ईस्टरिन किरे समेत अन्य भारतीय भाषाओं के रचनाकारों को वर्ष 2024 का प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा की थी। साहित्योत्सव के कार्यक्रम के बारे में बताते हुए राव ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत राकेश चौरसिया द्वारा बांसुरी वादन, फ़ौज़िया दास्तानगो द्वारा दास्तान-ए-महाभारत तथा नलिनी जोशी द्वारा हिंदुस्तानी गायन प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा बहुभाषी कविता-पाठ, युवा साहिती और एलजीबीटीक्यू लेखक सम्मेलन के साथ-साथ भारत की साहित्यिक कृतियों में लुप्त होता ग्रामीण समाज, विभाजन पर केंद्रित भारतीय साहित्य व सिनेमा के लिए फिल्माई गई साहित्यिक कृतियां आदि विषयों पर चर्चा होगी।
- नयी दिल्ली. भारत ने बुधवार को कहा कि ‘ग्लोबल वार्मिंग' को 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा के भीतर रखना अब भी संभव है लेकिन इसके लिए विकसित देशों को वित्तीय और प्रौद्योगिकी सहायता पर अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना होगा। टेरी के विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने यह भी कहा कि वर्तमान बहुपक्षीय प्रणाली जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में विफल रही है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक शासन में तत्काल सुधार का आह्वान किया कि समानता, न्याय और कार्रवाई जलवायु वार्ता के केंद्र में रहें। यादव ने 2024 यूएनईपी उत्सर्जन अंतर रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, ‘‘हमारे लिए 1.5 डिग्री सेल्सियस के मार्ग पर बने रहना अभी भी तकनीकी रूप से संभव है, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और वनों में उत्सर्जन में महत्वपूर्ण एवं तेजी से कमी लाने की व्यापक क्षमता है।'' मंत्री ने कहा, ‘‘हालांकि, इस क्षमता का पूरी तरह से लाभ प्राप्त करने के लिए हमें तत्परता से कार्य करना चाहिए और विकसित देशों को विशेष रूप से कार्यान्वयन के साधनों पर अपने दायित्वों का सम्मान करना चाहिए एवं उन्हें पूरा करना चाहिए।
- नयी दिल्ली. अदाणी फाउंडेशन ने बुधवार को 1,000 से अधिक ‘लखपति दीदी को सम्मानित किया और महिलाओं की समुचित भागीदारी वाला कार्यबल एवं समाज बनाने की प्रतिबद्धता जताई। ‘लखपति दीदी' किसी स्वयं-सहायता समूह की सदस्य होती हैं, जिनकी वार्षिक घरेलू आय एक लाख रुपये या उससे अधिक होती है। अदाणी समूह की सामाजिक कल्याण और विकास शाखा अदाणी फाउंडेशन ने एक बयान में कहा कि इसने 850 से अधिक महिलाओं को उनका उद्यमिता कौशल बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनने में मदद की है। बयान के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले अदाणी फाउंडेशन ने गुजरात के मुंद्रा में आयोजित एक कार्यक्रम में 1,000 से अधिक ‘लखपति दीदी' को सम्मानित किया। यह स्त्री-पुरुष समानता पर आधारित समाज बनाने और महिलाओं की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दोहराता है।'' फाउंडेशन ने कहा कि वह कच्छ और अन्य इलाकों में महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अथक प्रयास कर रहा है। अदाणी फाउंडेशन की गुजरात इकाई की सीएसआर प्रमुख पंक्ति शाह ने कहा, ‘‘महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए परिवार, समुदाय और कॉरपोरेट क्षेत्र का समर्थन जरूरी है। जब महिलाओं को अपने पेशेवर एवं व्यक्तिगत जीवन को संतुलित करने के लिए सशक्त बनाया जाता है, तो वे न केवल अपने करियर में उत्कृष्टता प्राप्त करती हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज में सकारात्मक बदलाव भी लाती हैं।''
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना विधान परिषद चुनाव में विजयी हुए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों को बधाई दी। कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए भाजपा ने तेलंगाना में विधान परिषद की तीन में से दो सीटें जीत ली है। प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा का समर्थन करने के लिए तेलंगाना के लोगों को धन्यवाद दिया है। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं का आभार जताया है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 27 फरवरी को एमएलसी चुनाव हुए थे और 3 मार्च को वोटों की गिनती हुई थी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं तेलंगाना के लोगों को एमएलसी चुनावों में भाजपा के अभूतपूर्व समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं। हमारे नवनिर्वाचित उम्मीदवारों को बधाई। मुझे अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर बहुत गर्व है, जो लोगों के बीच बड़ी मेहनत से काम कर रहे हैं।”केंद्रीय मंत्री और तेलंगाना भाजपा इकाई के प्रमुख जी किशन रेड्डी ने इस जीत को जनता और कार्यकर्ताओं की जीत बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव में भाजपा की सफलता, जनता के बढ़ते समर्थन और मौजूदा राज्य सरकार के प्रति बढ़ते असंतोष को दर्शाता है।भाजपा ने तेलंगाना में विधान परिषद (एमएलसी) की तीन में से दो सीटें जीतकर बेहतर प्रदर्शन किया है, जिससे राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा। मेडक- करीमनगर- आदिलाबाद- निजामाबाद (शिक्षक) निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के मलका कोमारैया विजयी हुए। वहीं, चिन्नामेल अंजी रेड्डी ने करीमनगर- निजामाबाद- आदिलाबाद- मेडक (स्नातक) निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की। वारंगल- खम्मम- नलगोंडा शिक्षक एमएलसी चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार श्रीपाल रेड्डी पिंगिली ने जीत हासिल की है।तेलंगाना विधान परिषद में दो अध्यापक निर्वाचन क्षेत्रों और एक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 27 फरवरी को मतदान हुआ था। इन तीन सीटों में मेडक-निजामाबाद-आदिलाबाद-करीमनगर स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र तथा वारंगल-खम्मम-नलगोंडा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 56 उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि मेडक-निजामाबाद-आदिलाबाद-करिमनगर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 15 और वारंगल-खम्मम-नलगोंडा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 19 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीनों सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि कांग्रेस ने केवल स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार उतारा था। वहीं, भारत राष्ट्रीय समिति (बीआरएस) ने चुनाव से दूरी बनाई थी।एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने आंध्र प्रदेश में स्नातक एमएलसी चुनावों में एनडीए उम्मीदवारों की जीत पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। चुनावों में एनडीए उम्मीदवारों की जीत पर मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के एक पोस्ट का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “विजेता उम्मीदवारों को बधाई। केंद्र और आंध्र प्रदेश में एनडीए सरकारें राज्य के लोगों की सेवा करती रहेंगी और राज्य की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।”एनडीए उम्मीदवार ए राजेंद्र प्रसाद और पी राजशेखरम ने आंध्र प्रदेश में स्नातक एमएलसी चुनाव जीता, जबकि एक स्वतंत्र उम्मीदवार ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र एमएलसी चुनाव में जीत हासिल की। -
नर्ई दिल्ली। नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने कहा कि टेक्नोलॉजी हमारी विकास दर को 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ा सकती है और हमें स्किल बढ़ाने के लिए अधिक निवेश करना होगा। भारत को एक टेक केंद्रित देश बनाने के लिए नीति आयोग ने नीति फ्रंटियर टेक हब (नीति-एफटीएच) को लॉन्च किया है, जो कि फ्रंटियर टेक एक्शन टैंक होगा।
इसका उद्देश्य विकसित भारत की दिशा में तेज आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी इनोवेशन और उसके उपयोग को बढ़ाने के लिए देश को सक्षम बनाना है। साथ ही मानवता और पर्यावरण को लाभ पहुंचाने वाली उभरती टेक्नोलॉजी के विकास और अपनाने को आगे बढ़ाकर दुनिया भर में भारत के मानव-केंद्रित दृष्टिकोण का समर्थन करना है।नीति आयोग के सीईओ ने कहा कि आज के समय में दुनिया को हिला देने वाली टेक्नोलॉजी सामने आ रही है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम और बायोलॉजिकल शामिल हैं। हम उनका इस्तेमाल व्यक्तिगत रूप से – शिक्षा, रोजगार या नौकरी ढूंढने में कर सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और सरकार में भी इन टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा सकता है। इससे हमारी क्षमता और दक्षता दोनों बढ़ेगी और विकास को भी रफ्तार मिलेगी।उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में हम दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं और आने वाले कुछ वर्षों में हम अमेरिका, चीन के बाद तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे। इसी के हिसाब से हमें टेक्नोलॉजी में भी लीड लेनी होगी। सुब्रह्मण्यम ने आगे कहा कि सरकार का फोकस मानव-केंद्रित टेक्नोलॉजी विकसित करने को लेकर है कि कैसे टेक्नोलॉजी से आम आदमी के जीवन में सुधार आए और आय में इजाफा होने के साथ जीवन भी आसान बने। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बृहस्पतिवार को उत्तराखंड का दौरा करेंगे और मुखबा में मां गंगा की शीतकालीन पीठ पर पूजा-अर्चना करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बुधवार को एक बयान में कहा कि मोदी इस अवसर पर सुबह एक ट्रेक और बाइक रैली को हरी झंडी दिखाएंगे और हर्षिल में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। पीएमओ ने बयान में कहा कि उत्तराखंड सरकार ने इस वर्ष शीतकालीन पर्यटन कार्यक्रम शुरू किया है। बयान में कहा गया है, "गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की शीतकालीन पीठों में हजारों श्रद्धालु पहले ही दर्शन कर चुके हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय अर्थव्यवस्था, होमस्टे, पर्यटन व्यवसायों को मजबूती देना है।" मुखबा मां गंगा का शीतकालीन प्रवास व पूजा स्थल है। इसे मुखीमठ भी कहा जाता है। यह उन चार मठों में से एक है जहां शीतकाल के दौरान चारधाम के देवों की पूजा-अर्चना की जाती है। समुद्रतल से 8,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित मुखबा को शीतकालीन प्रवास स्थल होने के कारण गंगा का मायका भी कहा जाता है।
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बस्ती/ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बम विस्फोट कर उड़ाने की धमकी देने संबंधी वीडियो पोस्ट करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि यह मुकदमा व्हाट्सऐप समूह “सनातन धर्म सर्वोपरी” के संचालक (एडमिन) अभिषेक दुबे ने गौर पुलिस थाने में मंगलवार को दर्ज कराया। समूह में एक सदस्य ने वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उसने कहा था कि वह मुख्यमंत्री को बम से उड़ा देगा। सूत्रों ने बताया कि यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 (1) (सार्वजनिक उपद्रव करने वाला बयान), 351 (4) (आपराधिक धमकी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत दर्ज की गई है। गौर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि वीडियो में जिस नंबर से वह पोस्ट किया गया है वह कासगंज का है और पुलिस उस व्यक्ति का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
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नयी दिल्ली. दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा ने बुधवार को नाव से यमुना का निरीक्षण किया और कहा कि पिछले 10 दिन में नदी से 1,300 मीट्रिक टन कचरा निकाला गया है। बाद में, उन्होंने सफाई कार्यों की प्रगति का आकलन करने के लिए अधिकारियों के साथ एक बैठक की और कहा, ‘‘दिल्ली के सभी नालों को सीवेज उपचार संयंत्रों (एसटीपी) से जोड़ा जाएगा और उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी ताकि अपशिष्ट जल को नदी में बहने से रोका जा सके।'' भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हाल में संपन्न दिल्ली विधानसभा चुनाव में यमुना की सफाई का वादा किया था। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि सीवेज उपचार संयंत्र से संबंधित शिकायतों का समाधान किया जायेगा और दो साल के भीतर सभी एसटीपी स्थापित किए जाने की उम्मीद है। वर्मा ने कहा, “2023 में दिल्ली को बाढ़ का सामना करना पड़ा। पहले सभी जलद्वार बंद कर दिए गए थे, लेकिन अब भविष्य में बाढ़ को रोकने के लिए उनकी मरम्मत कर दी गई है और उन्हें ऊंचा कर दिया गया है।” मंत्री ने कहा, “ हमारी सबसे बड़ी प्रतिबद्धता यमुना को पूरी तरह से साफ करना और उसका पुनरुद्धार करना है। पिछले 10 दिन में 1,300 मीट्रिक टन कचरा निकाला जा चुका है। दिल्ली विकास प्राधिकरण नदी के तल को बहाल करेगा और अतिक्रमण हटाया जा रहा है।” भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए वर्मा ने कहा कि रासायनिक अपशिष्टों का उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में सामान्य उपचार संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, बाढ़ को रोकने के लिए आईटीओ बैराज द्वारों पर सुरक्षा दीवारों की मरम्मत और ऊंचाई बढ़ाने का काम भी जारी है। उन्होंने कहा कि नदी तटों की सफाई और हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं। वर्मा ने कहा, ‘‘हमने दिल्ली विकास प्राधिकरण को यमुना रिवरफ्रंट विकसित करने का निर्देश दिया है, जिससे नदी तट एक पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र में बदल जायेगा।'' उन्होंने दावा किया कि पिछले दशक में नदी की सफाई के लिए कोई महत्वपूर्ण काम नहीं किया गया, यहां तक कि ‘‘कागजों पर भी कुछ नहीं'' किया गया। वर्मा ने कहा, ‘‘पिछली सरकार को यमुना के लिए काम करने का ख्याल भी नहीं आया। लेकिन अब, न केवल दिल्ली सरकार बल्कि खुद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) भी इसमें शामिल है।''
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को जापान के एक व्यापार प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और कहा कि वह भारत के विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदार जापान के साथ आर्थिक सहयोग को गहरा बनाने को लेकर आशान्वित हैं। जापानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद मोदी ने कहा कि वह भारत में इनके विस्तार की योजना और 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता से उत्साहित हैं। उन्होंने ‘एक्स' पर पोस्ट में कहा, "तत्सुओ यासुनागा के नेतृत्व में आज जापानी व्यापार प्रतिनिधिमंडल से मिलकर प्रसन्नता हुई। भारत में उनकी विस्तार योजनाओं और ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता से उत्साहित हूं।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम विशेष सामरिक एवं वैश्विक साझेदार जापान के साथ आर्थिक सहयोग प्रगाढ़ बनाने को लेकर आशान्वित हैं।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एलएचडीसीपी) में संशोधन को केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से मंजूरी दिया जाना किसानों के लिए बेहतर पशु स्वास्थ्य, उच्च उत्पादकता और समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम है। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "संशोधित पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एलएचडीसीपी) के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी रोग नियंत्रण में सहायता करेगी, टीकाकरण कवरेज को बढ़ावा देगी, अधिक मोबाइल पशु चिकित्सक इकाइयों को शामिल करेगी और पशुओं के लिए सस्ती दवाएं सुनिश्चित करेगी।" उन्होंने कहा, "यह किसानों के लिए बेहतर पशु स्वास्थ्य, उच्च उत्पादकता और समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम है।" केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने इससे पहले एलएचडीसीपी में संशोधन को मंजूरी दी।
इस योजना के तीन घटक हैं - राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी), पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण (एलएचएंडडीसी) और पशु औषधि। एलएचएंडडीसी के तीन उप-घटक हैं: गंभीर पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (सीएडीसीपी), मौजूदा पशु चिकित्सा अस्पतालों और औषधालयों की स्थापना और सुदृढ़ीकरण-मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई (ईएसवीएचडी-एमवीयू) और पशु रोगों के नियंत्रण के लिए राज्यों को सहायता (एएससीएडी)। एक बयान में कहा गया कि एलएचडीसीपी योजना में पशु औषधि को एक नए घटक के रूप में जोड़ा गया है। 2024-25 और 2025-26 के लिए योजना का कुल परिव्यय 3880 करोड़ रुपये है, जिसमें पशु औषधि घटक के तहत अच्छी गुणवत्ता वाली और सस्ती जेनेरिक पशु चिकित्सा दवा तथा दवाओं की बिक्री के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने के वास्ते 75 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है। -
नयी दिल्ली. रेल मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण कदम के तहत रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) को सभी विभागीय पदोन्नति परीक्षाएं एक केंद्रीकृत कंप्यूटर आधारित परीक्षा के माध्यम से आयोजित करने के लिए कहा है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में पूर्व मध्य रेलवे के 26 रेलवे अधिकारियों को विभागीय परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया था और छापेमारी के दौरान 1.17 करोड़ रुपये नकद जब्त किए थे। मंत्रालय के निर्णय से पहले विभागीय पदोन्नति परीक्षाएं रेलवे मंडलों और जोन द्वारा आंतरिक रूप से आयोजित की जाती थीं और हाल में इन परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और अनुचित साधनों के प्रयोग के कई आरोप सामने आए थे।
रेलवे मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, रेलवे बोर्ड ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी विभागीय पदोन्नति परीक्षाएं आरआरबी/केंद्रीकृत परीक्षा सीबीटी के माध्यम से होंगी।'' इसमें कहा गया है, सभी क्षेत्रीय रेलवे परीक्षा के लिए एक कैलेंडर बनाया जायेगा। सभी परीक्षाएं कैलेंडर के आधार पर ही आयोजित की जाएंगी।
मंत्रालय ने कहा कि हाल के वर्षों में आयोजित पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षाओं के अपने लंबे अनुभव को ध्यान में रखते हुए आरआरबी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसने कहा, ‘‘परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों की जांच और तलाशी मेटल डिटेक्टर से की जाती है। -
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजभवन में श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) की 48वीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष श्री अमरनाथ जी यात्रा 3 जुलाई को अनंतनाग जिले के पहलगाम ट्रैक और गांदेरबल जिले के बालटाल दोनों मार्गों से एक साथ शुरू होगी और 9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन के दिन इसका समापन होगा।
बोर्ड ने श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं और सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न उपायों और हस्तक्षेपो का प्रस्ताव रखा। श्री अमरनाथ जी यात्रा-2025 के लिए तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बैठक में जम्मू, श्रीनगर और अन्य स्थानों पर ठहरने की क्षमता बढ़ाने, ई-केवाईसी के लिए यात्री सुविधा केंद्रों का संचालन, आरएफआईडी कार्ड जारी करने, नौगाम और कटरा रेलवे स्टेशनों सहित कई स्थानों पर तीर्थयात्रियों का मौके पर ही पंजीकरण करने के उपायों पर चर्चा की गई। इस दौरान यह भी चर्चा की गई कि बालटाल, पहलगाम, नुनवान, पंथा चौक श्रीनगर में भी आवश्यकतानुसार इन सुविधाओं को बढ़ाया जाना चाहिए। संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपराज्यपाल ने यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर पर्याप्त व्यवस्था और अपेक्षित सुविधाएं सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यात्री निवास, पंथा चौक, श्रीनगर में क्षमता बढ़ाने का भी आह्वान किया। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखंड दौरे से पहले केंद्र सरकार ने देवभूमि को बड़ी सौगात दी। पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में सोनप्रयाग से केदारनाथ (12.9 किमी) और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.4 किलोमीटर तक रोपवे परियोजना के निर्माण की मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसले पर पीएम मोदी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में दो नए रोपवे को मंजूरी मिलने से श्रद्धालुओं का वक्त बचेगा। साथ ही उनकी यात्रा और सुगम होगी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”आज कैबिनेट ने दो महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए देवभूमि उत्तराखंड में दो नए रोपवे को मंजूरी दी है। सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक इनके निर्माण से जहां श्रद्धालुओं का समय बचेगा, वहीं उनकी यात्रा और सुगम होगी। देवभूमि उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इसी कड़ी में गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे मुखवा में मां गंगा की पूजा-अर्चना का सौभाग्य मिलेगा। इसके बाद हर्षिल में अपने परिवारजनों से संवाद करूंगा।”उन्होंने आगे लिखा, ”मुखवा में पतित पावनी मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल के दर्शन को लेकर मैं बहुत उत्सुक हूं। यह पावन स्थल अपने आध्यात्मिक माहात्म्य और अद्भुत सौंदर्य के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इतना ही नहीं, यह ‘विरासत भी और विकास भी’ के हमारे संकल्प का एक अनुपम उदाहरण है।”पीएम मोदी ने आखिर में लिखा, ”मुझे बहुत प्रसन्नता है कि देवभूमि उत्तराखंड की डबल इंजन सरकार ने इस साल शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने का एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया है। इससे जहां धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिल रहा है, वहीं होम स्टे सहित कई स्थानीय व्यवसायों को भी फलने-फूलने के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।”वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के लिए दो अलग-अलग रोपवे परियोजनाओं के निर्माण को मंजूरी देने पर पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया।उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”बधाई हो उत्तराखंड। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पर्वतमाला परियोजना के तहत 4,081.28 करोड़ रुपए की धनराशि से सोनप्रयाग से केदारनाथ (12.9 किमी) और 2,730.13 करोड़ रुपए की धनराशि से गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक (12.4 किमी) रोपवे परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान करने के लिए समस्त प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार। यह परियोजनाएं तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी, जिससे यात्रा आसान और सुगम होगी। इससे यात्रा में लगने वाला समय भी बहुत कम होगा, जिससे तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।” - लखनऊ।. उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बुधवार को विधानसभा परिसर में गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। इससे एक दिन पहले महाना ने विधानसभा परिसर में कार्यवाही के दौरान एक सदस्य द्वारा पान मसाला थूके जाने की घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। विधानसभा अध्यक्ष ने कथित तौर पर कर्मचारियों से गंदगी साफ करने को कहा था। हालांकि महाना ने विधायक का नाम नहीं बताया, लेकिन कहा कि उन्हें पता है कि ऐसा करने वाला कौन है। महाना ने सभी सदस्यों को जनता द्वारा चुने गए विधायकों के रूप में स्वच्छता के प्रति उनकी जिम्मेदारी की याद दिलाई। बुधवार को प्रश्नकाल के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने घोषणा की, ‘‘तत्काल प्रभाव से विधानसभा परिसर के अंदर पान मसाला और गुटखा के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘विधानसभा परिसर में गुटखा या पान मसाला खाते हुए पाए जाने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों या किसी अन्य व्यक्ति पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।'' विधानसभा में मौजूद कुछ सदस्यों ने सुझाव दिया कि महंगाई के कारण जुर्माने की राशि बढ़ाई जानी चाहिए।इस पर महाना ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘उन माननीय सदस्यों के नाम नोट कर लीजिए जो अधिक जुर्माना मांग रहे हैं। अगर वे थूकते हुए पकड़े गए तो हम उनसे अतिरिक्त जुर्माना वसूलेंगे।'' उनकी इस टिप्पणी पर विधानसभा में ठहाके गूंज उठे।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को उत्तराखंड के दौरे पर जाएंगे। वह मुखवा में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल पर दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। पीएम मोदी एक पैदल यात्रा और बाइक रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। वह हर्षिल में एक सार्वजनिक समारोह में जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।उत्तराखंड सरकार ने इस साल शीतकालीन पर्यटन कार्यक्रम शुरू किया है। हज़ारों श्रद्धालु पहले ही गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के शीतकालीन स्थलों की यात्रा कर चुके हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय अर्थव्यवस्था, होमस्टे सहित पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देना है।प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार पीएम मोदी गुरुवार को सुबह करीब 9:30 बजे मुखवा में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल पर दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे।वह श्री गंगोत्री धाम के शीतकालीन प्रवास पारंपरिक पोशाक ‘चपकन’ पहनकर उत्तरकाशी के मुखबा में गंगा नदी पर पूजा-अर्चना करेंगे। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने मीडिया को बताया कि ये कपड़े गंगोत्री मंदिर समिति की ओर से प्रधानमंत्री को भेंट किए जाएंगे। मुखबा में पुजारी चपकन पहनकर पूजा करते हैं।पीएम मोदी सुबह करीब 10:40 बजे वे एक पैदल यात्रा और बाइक रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। वह हर्षिल में एक सार्वजनिक समारोह में जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।इस दौरान हर्षिल में प्रधानमंत्री को पारंपरिक पोशाक ‘मिरजई’ भी भेंट की जाएगी उपरोक्त सभी कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रधानमंत्री मोदी के साथ उपस्थित रहेंगे।
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नई दिल्ली। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि भारत में पिछले छह वर्षों में महिला बेरोजगारी दर तेजी से घटकर मात्र 3.2 प्रतिशत रह गई है। देश में महिला कार्यबल की भागीदारी में सुधार लाने के लिए मसूरी में आयोजित दो दिवसीय विचार-विमर्श में मंत्रालय की सचिव सुमिता डावरा ने कहा कि यह अधिक समावेशिता और आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बदलाव को दर्शाता है।
महिला कार्यबल भागीदारी में देखने को मिल रहा सकारात्मक रुझानडावरा ने बताया कि पिछले छह वर्षों में भारत में महिला कार्यबल भागीदारी में सकारात्मक रुझान देखा गया है, जिसमें आर्थिक भागीदारी बढ़ी है, बेरोजगारी घटी है और अधिक शिक्षित महिलाएं कार्यबल में शामिल हो रही हैं। डावरा ने कहा, “15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 2017-18 में 22.0 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 40.3 प्रतिशत हो गया है, जबकि इसी अवधि में महिलाओं के लिए श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) 23.3 प्रतिशत से बढ़कर 41.7 प्रतिशत हो गई है।”सरकार ने विकसित भारत 2047 के तहत महिला कार्यबल भागीदारी 70 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा हैउन्होंने आगे कहा, “देश में महिला बेरोजगारी दर 5.6 प्रतिशत से गिरकर 3.2 प्रतिशत रह गई है।” सरकार ने विकसित भारत 2047 के तहत महिला कार्यबल भागीदारी 70 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। इस विचार-विमर्श में उद्योग की मांग के अनुसार कौशल विकास पहलों को संरेखित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया, जिससे उच्च विकास वाले क्षेत्रों में महिलाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।न्यायसंगत नीतियों और लिंग-संवेदनशील श्रम कानूनों को मजबूत करना भी है प्राथमिकताइसके अतिरिक्त, कार्यस्थल सुरक्षा, न्यायसंगत नीतियों और लिंग-संवेदनशील श्रम कानूनों को मजबूत करना भी प्राथमिकता के रूप में उभरा। वहीं, इस कार्यक्रम में अनुपालन तंत्र, जेंडर ऑडिट और पोओएसएच को लागू करने की आवश्यकता को भी जरूरी बताया गया।कौशल कार्यक्रमों को एकीकृत करने से भविष्य के काम में महिलाओं की समान भागीदारी भी सुनिश्चित होगीइसके अलावा, सरकार डिजिटल रोजगार प्लेटफार्मों का लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित करेगी, जो महिलाओं की डिजिटल साक्षरता को बढ़ाने में मदद करेगा। एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) संचालित कौशल कार्यक्रमों को एकीकृत करने से भविष्य के काम में महिलाओं की समान भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। -
नई दिल्ली। योग के प्रचार और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित करने के लिए प्रधानमंत्री योग पुरस्कार 2025 के आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह पुरस्कार योग के प्रति समर्पण और इसके वैश्विक प्रसार में योगदान करने वालों को मान्यता प्रदान करता है। पुरस्कार उन व्यक्तियों और संगठनों को दिए जाएंगे जिन्होंने योग के प्रचार-प्रसार और इसके विकास में महत्वपूर्ण और लगातार योगदान दिया है, चाहे वह राष्ट्रीय स्तर पर हो या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर।
माई गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पोस्ट पर लिखा, “योग की परिवर्तनकारी शक्ति का जश्न मनाएं। पीएम योग पुरस्कार 2025 योग के प्रचार और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित करता है। माई गवर्नमेंट ऑफ इंडिया पर योग्य उम्मीदवार आवेदन करें।”योग प्राचीन भारतीय परंपरा का एक अमूल्य उपहार है, जो न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व में शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य के लिए एक शक्तिशाली साधन के रूप में जाना जाता है। “योग” शब्द संस्कृत के युज से लिया गया है, जिसका अर्थ है “जुड़ना”, “जोड़ना” या “एकजुट होना”। यह शब्द मन और शरीर की एकता का प्रतीक है, जिसमें विचार और क्रिया, संयम और पूर्ति, मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य, तथा स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण शामिल है।आयुष मंत्रालय के अनुसार ये पुरस्कार राष्ट्रीय व्यक्ति, राष्ट्रीय संगठन, अंतर्राष्ट्रीय व्यक्ति और अंतर्राष्ट्रीय संगठन श्रेणियों में प्रदान किए जाएंगे, जिसके तहत प्रत्येक विजेता को ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और 25 लाख रुपये के नकद पुरस्कार से नवाजा जाएगा। पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति की आयु 40 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और योग के प्रचार में कम से कम 20 वर्षों का समर्पित अनुभव होना चाहिए। आवेदन और नामांकन MyGov प्लेटफॉर्म (https://innovateindia.mygov.in/pm-yoga-awards-2025/) के माध्यम से 31 मार्च, 2025 तक या उससे पहले जमा किए जा सकते हैं।यह लिंक आयुष मंत्रालय की वेबसाइट और इसके स्वायत्त निकायों की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध हैं। संस्थाएं सीधे आवेदन कर सकती हैं या किसी प्रमुख योग संगठन द्वारा नामांकित हो सकती हैं। प्रत्येक आवेदक/नामांकित व्यक्ति प्रति वर्ष केवल एक श्रेणी (राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय) के लिए आवेदन कर सकता है।इन पुरस्कारों का उद्देश्य उन योगदानों को सराहना है जो योग को वैश्विक स्तर पर एक समृद्ध और प्रभावशाली जीवनशैली के रूप में स्थापित करने में सहायक रहे हैं। यह पुरस्कार उन लोगों को प्रोत्साहित करेगा जो योग के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था,” यह पुरस्कार योग के प्रति समर्पण और इसके माध्यम से शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए किए गए अथक प्रयासों को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।” उन्होंने यह भी कहा कि योग न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में लोगों को स्वास्थ्य और शांति की दिशा में एक नया रास्ता दिखा रहा है।दरअसल, योग की सार्वभौमिक अपील को मान्यता देते हुए 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक ऐतिहासिक प्रस्ताव (संकल्प 69/131) पारित किया, जिसमें 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया गया। इस प्रस्ताव का उद्देश्य दुनिया भर में योग के लाभों को फैलाना और इसकी प्राचीन परंपरा को संजीवनी शक्ति के रूप में सम्मानित करना था। -
नई दिल्ली। पंचायती राज राज्य मंत्री प्रोफेसर एस. पी. सिंह बघेल तथा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने आज बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में पंचायती राज मंत्रालय की आदर्श महिला हितैषी ग्राम पंचायत पहल की शुरुआत की।
इसका उद्देश्य प्रत्येक जिले में कम से कम एक आदर्श महिला हितैषी ग्राम पंचायत की स्थापना करनायह पहल मंत्रालय के अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 समारोह का एक हिस्सा है। इसका उद्देश्य प्रत्येक जिले में कम से कम एक आदर्श महिला हितैषी ग्राम पंचायत की स्थापना करना है। इस कार्यक्रम में विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।ग्रामीण शासन पर स्थायी प्रभाव पड़ने की उम्मीदइसका ग्रामीण शासन पर स्थायी प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, जिससे देशभर की ग्राम पंचायतों में महिलाओं और लड़कियों के लिए सुरक्षा, समावेशिता और लैंगिक समानता सुनिश्चित होगी।विकसित पंचायतों के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य में मिलेगा योगदानबताना चाहेंगे ये आदर्श पंचायतें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुरक्षित, अधिक समावेशी और सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण ग्राम पंचायत बनाने के दृष्टिकोण का उदाहरण होंगी, जो विकसित पंचायतों के माध्यम से विकसित भारत को प्राप्त करने के बड़े लक्ष्य में योगदान देंगी। राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद मंत्रालय 8 मार्च 2025 को राष्ट्रव्यापी महिला ग्राम सभाओं का आयोजन भी करेगा, जो अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आदर्श महिला-हितैषी ग्राम पंचायत पहल के जमीनी स्तर पर शुभारंभ का प्रतीक होगा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बुधवार को उत्तराखंड में गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब जी तक 12.4 किलोमीटर रोपवे परियोजना के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर 2,730.13 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
यह प्रतिदिन 11,000 यात्रियों को ले जाएगाआधिकारिक बयान के अनुसार रोपवे को सार्वजनिक-निजी भागीदारी में विकसित करने की योजना है। यह गोविंदघाट से घांघरिया (10.55 किमी) तक मोनोकेबल डिटैचेबल गोंडोला (एमडीजी) पर आधारित होगा, जिसे घांघरिया से हेमकुंड साहिब जी (1.85 किमी) तक सबसे उन्नत ट्राइकेबल डिटैचेबल गोंडोला (3 एस) तकनीक से जोड़ा जाएगा, इसका डिजाइन इस तरीके से तैयार किया जाएगा जिससे इसकी क्षमता प्रति घंटे प्रति दिशा 1,100 यात्री (पीपीएचपीडी) होगी और यह प्रतिदिन 11,000 यात्रियों को ले जाएगा।हेमकुंड साहिब जी एक अत्यंत श्रद्धेय तीर्थ स्थलहेमकुंड साहिब जी उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित एक अत्यंत श्रद्धेय तीर्थ स्थल है। इस पवित्र स्थल पर स्थापित गुरुद्वारा मई से सितम्बर के बीच साल में लगभग 5 महीने के लिए खुला रहता है और हर साल लगभग 1.5 से 2 लाख तीर्थयात्री यहां आते हैं।वहीं, हेमकुंड साहिब जी की यात्रा फूलों की प्रसिद्ध घाटी के प्रवेश द्वार के रूप में भी काम करती है, जो प्राचीन गढ़वाल हिमालय में स्थित एक राष्ट्रीय उद्यान है जिसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है।गोविंदघाट से 21 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण चढ़ाईवर्तमान में हेमकुंड साहिब जी की यात्रा गोविंदघाट से 21 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई है और इसे पैदल या टट्टू या पालकी द्वारा पूरा किया जाता है। वहीं, रोपवे परियोजना का विकास संतुलित सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, तीर्थयात्रियों के लिए अंतिम मील तक कनेक्टिविटी बढ़ाने और क्षेत्र के तीव्र आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।फूलों की घाटी में आने वाले पर्यटकों को मिलेगी सुविधागौरतलब हो, प्रस्तावित रोपवे की योजना हेमकुंड साहिब जी के दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों और फूलों की घाटी में आने वाले पर्यटकों को सुविधा प्रदान करने के लिए बनाई गई है और यह गोविंदघाट और हेमकुंड साहिब जी के बीच हर मौसम में अंतिम मील की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।रोपवे परियोजना निर्माण और परिचालन के दौरान और साथ ही पूरे वर्ष आतिथ्य, यात्रा, खाद्य और पेय (एफ एंड बी) और पर्यटन जैसे संबद्ध पर्यटन उद्योगों में रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करेगी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एलएचडीसीपी) के संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई।इस योजना के तीन घटक हैं, जिसमें राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी), एलएचएंडडीसी और पशु औषधि शामिल है।
एलएचएंडडीसी के भी तीन उप-घटक हैं, जिसमें गंभीर पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (सीएडीसीपी), मौजूदा पशु चिकि त्सा अस्पतालों और औषधालयों की स्थापना और सुदृढ़ीकरण – मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई (ईएसवीएचडी-एमवीयू) और पशु रोगों के नियंत्रण के लिए राज्यों को सहायता (एएससीएडी) शामिल है। पशु औषधि एलएचडीसीपी योजना में जोड़ा गया नया घटक है।केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक में किए गए निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना पर कुल परिव्यय दो वर्षों अर्थात 2024-25 और 2025-26 के लिए 3,880 करोड़ रुपये है। इसमें पशु औषधि घटक के तहत अच्छी गुणवत्ता और सस्ती जेनेरिक पशु चिकित्सा दवा उपलब्ध कराने और दवाओं की बिक्री हेतु प्रोत्साहन के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है।खुरपका-मुंहपका रोग (एफएमडी), ब्रुसेलोसिस, पेस्ट डेस पेटिट्स रूमिनेंट्स (पीपीआर), सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड (सीएसएफ), लम्पी स्किन डिजीज आदि बीमारियों के कारण पशुधन की उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एलएचडीसीपी के कार्यान्वयन से टीकाकरण के माध्यम से बीमारियों की रोकथाम करके इन नुकसानों को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह योजना मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों (ईएसवीएचडी-एमवीयू) के उप-घटकों के माध्यम से पशुधन स्वास्थ्य देखभाल की डोर-स्टेप डिलीवरी और पीएम-किसान समृद्धि केंद्र और सहकारी समितियों के नेटवर्क के माध्यम से जेनेरिक पशु चिकित्सा दवा- पशु औषधि की उपलब्धता में सुधार का भी समर्थन करती है।इस प्रकार यह योजना टीकाकरण, निगरानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन के माध्यम से पशुधन रोगों की रोकथाम और नियंत्रण में मदद करेगी। साथ ही, यह योजना उत्पादकता में सुधार करेगी, रोजगार पैदा करेगी, ग्रामीण क्षेत्र में उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करेगी और बीमारी के बोझ के कारण किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकेगी। -
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को उत्तराखंड में सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किमी रोपवे परियोजना के निर्माण को मंजूरी दे दी है। केदारनाथ 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है जो रुद्रप्रयाग जिले में 3,583 मीटर (11968 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। यह मंदिर साल में अक्षय तृतीया (अप्रैल-मई) से दीपावली (अक्टूबर-नवंबर) तक लगभग 6 से 7 महीने तीर्थयात्रियों के लिए खुला रहता है और इस मौसम के दौरान सालाना लगभग 20 लाख तीर्थयात्री यहां आते हैं।
इस प्रोजेक्ट को 4,081.28 करोड़ रुपए की कुल पूंजी लागत पर विकसित किया जाएगा। रोपवे को सार्वजनिक-निजी भागीदारी में विकसित करने की योजना है और यह सबसे उन्नत ट्राई-केबल डिटेचेबल गोंडोला (3एस) तकनीक पर आधारित होगा। इसकी डिजाइन क्षमता 1,800 यात्री प्रति घंटे प्रति दिशा (पीपीएचपीडी) होगी, जो प्रति दिन 18,000 यात्रियों को ले जाएगी।केदारनाथ मंदिर तक की यात्रा गौरीकुंड से 16 किमी की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई है और वर्तमान में इसे पैदल या टट्टू, पालकी और हेलीकॉप्टर द्वारा तय किया जाता है।प्रस्तावित रोपवे की योजना मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों को सुविधा प्रदान करने और सोनप्रयाग तथा केदारनाथ के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।रोपवे परियोजना केदारनाथ आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए वरदान होगी क्योंकि यह पर्यावरण-अनुकूल, आरामदायक और तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और एक दिशा में यात्रा का समय लगभग 8 से 9 घंटे से घटाकर लगभग 36 मिनट कर देगी।रोपवे परियोजना निर्माण और संचालन के साथ-साथ आतिथ्य, यात्रा, खाद्य और पेय पदार्थ (एफ एंड बी) और पर्यटन जैसे संबद्ध पर्यटन उद्योगों में पूरे वर्ष रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराएगी।यह रोपवे प्रोजेक्ट पहाड़ी क्षेत्रों में लास्ट मील कनेक्टिविटी को बढ़ाने और तेजी से आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। -
इंदौर. मध्यप्रदेश के इंदौर में ‘‘डिजिटल अरेस्ट'' के नाम पर ठग गिरोह ने एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर को जाल में फंसाया और उसे 33 लाख रुपये का चूना लगा दिया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। "डिजिटल अरेस्ट" साइबर ठगी का नया तरीका है। ऐसे मामलों में ठग खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर लोगों को ऑडियो या वीडियो कॉल करके धमकाते हैं और उन्हें पूछताछ के नाम पर डिजिटल रूप से बंधक बना लेते हैं। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने बताया कि ठग गिरोह के एक सदस्य ने शहर के एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर को वीडियो कॉल किया और अपना परिचय दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध शाखा के अधिकारी के रूप में दिया। उन्होंने बताया कि ठग ने सेवानिवृत्त प्रोफेसर से कहा कि उसका आधार कार्ड ऐसे कई बैंक खातों से जुड़ा पाया गया है, जिनका इस्तेमाल करोड़ों रुपये के धनशोधन में किया गया है। दंडोतिया ने बताया कि ठग ने वीडियो कॉल पर सेवानिवृत्त प्रोफेसर को ‘‘डिजिटल अरेस्ट'' किए जाने का झांसा दिया और फर्जी पूछताछ के दौरान उसे धमकाकर अलग-अलग निर्देश देता रहा। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया कि घबराया बुजुर्ग ठग के निर्देश मानता रहा और उसने अपनी जमा-पूंजी के 33 लाख रुपये उसके बताए अलग-अलग बैंक खातों में भेज दिए। दंडोतिया के मुताबिक, ‘‘पुलिस ने पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर उसे 26.45 लाख रुपये वापस दिलाए हैं। इस रकम से उसने पुणे में अपना लिवर प्रत्यारोपण कराया है।'' अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया कि सेवानिवृत्त प्रोफेसर से ठगी में इस्तेमाल 49 बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगा दी गई है और उसे बाकी रकम वापस दिलाने की कोशिश की जा रही है।
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नयी दिल्ली. लोकसभा सांसद के निजी सचिव अपने रेल टिकट की स्थिति की जानकारी के दौरान साइबर ठगों का शिकार बन गए जिन्होंने उन्हें एक लाख रुपये की चपत लगा दी। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार निजी सचिव ने जिस हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया था वह फर्जी था।
पुलिस ने बताया कि घटना चार जनवरी को हुई थी जिसमें लुटियन दिल्ली निवासी पीड़ित अपनी बेटी के लिए ट्रेन टिकट 'बुक' करने की कोशिश करते समय साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए और उन्हें 1,28,202 लाख रुपये की चपत लगी। पुलिस के अनुसार निजी सचिव एक मोबाइल ऐप के जरिये चेन्नई से तमिलाडु के कुंभकोणम के लिए ट्रेन टिकट आरक्षित करने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने कहा कि पीड़ित ने शिकायत में दावा किया कि उन्होंने टिकट के लिए भुगतान तो कर दिया लेकिन टिकट नहीं मिला। भुगतान के बाद उन्होंने मोबाइल पर ऑनलाइन हेल्पलाइन नंबर खोजा और पूछताछ के लिए फोन किया। पुलिस ने बताया कि इसके बाद जालसाजों ने उनके बैंक खातों से तीन बार रकम आहरित कर ली।
पुलिस ने कहा कि जब निजी सचिव को अहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है तो उन्होंने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद शिकायत को जांच के लिए नयी दिल्ली स्थित साइबर पुलिस थाने को भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि निजी सचिव ने पांच जनवरी को औपचारिक रूप से लिखित शिकायत दी, जिसके बाद मामले की जांच की गई। प्रारंभिक जांच के बाद साइबर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। -
नयी दिल्ली. भारतीय परिवारों में चुपके से एक ऐसी बीमारी तेजी से अपने पैर पसार रही है, जिसे सामान्यतः लोग नजर अंदाज कर देते हैं या इसे लेकर 'खाते-पीते घर का' जैसी शेखी बघारते हैं। यह बीमारी है मोटापा (ओबेसिटी)। चिकित्सकों के अनुसार मोटापा महज एक रोग नहीं, बल्कि हृदय रोग, रक्तचाप, हाइपरटेंशन, टाइप-टू मधुमेह जैसी कई बीमारियों की जड़ है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस)-5 (2019-21) के अनुसार , 24 प्रतिशत भारतीय महिलाएं और 23 प्रतिशत भारतीय पुरुष अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं। एनएफएचएस-5 के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में 80.7 प्रतिशत लोग मोटापे के शिकार हैं, लेकिन 78.5 प्रतिशत लोग अब भी खुद को सामान्य वजन वाला मानते हैं। विश्व मोटापा दिवस पर "भाषा'' से विशेष बातचीत में मिनिमल एक्सेस स्मार्ट सर्जरी हॉस्पिटल (मैश) के सर्जन डॉ. सचिन अंबेकर ने कहा, '' मोटापा केवल एक सौंदर्य से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि गंभीर चिकित्सकीय स्थिति है,क्योंकि यह (मोटापा) केवल शरीर की बनावट को प्रभावित नहीं करता है, बल्कि इसका बीमारियों से रिश्ता 'आग और घी' जैसा है।'' मोटापा कम करने में कारगर मिनिमल एक्सेस सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अंबेकर ने कहा, ''मोटापा न केवल हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, टाइप-2 मधुमेह, बांझपन और ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है, बल्कि इससे स्तन, पेट, कोलन और किडनी कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। यह मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है, जिससे तनाव और एंग्जायटी (उद्विग्नता) जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।'' अंबेकर ने कहा कि भारत में मोटापे की दर कोविड-19 महामारी के बाद तेज़ी से बढ़ी है और इसका सबसे बड़ा कारण इस दौरान मोबाइल, लैपटॉप और टीवी पर बढ़ा 'स्क्रीन' टाइम और एक क्लिक पर घर पर उपलब्ध 'फूड' जैसे जीवन शैली से जुड़े बदलाव हैं। तनाव और नींद की कमी भी इन कारणों में शामिल हैं। डॉ. अंबेकर ने कहा कि ओवरवेट (अधिक वजन) ओबेसिटी (मोटापे) का पहला चरण है। अगर इसी अवस्था में व्यक्ति सजग हो जाए तो वह खुद को मोटापे की चपेट में आने से बचा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि वह अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) पर नजर रखे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशानिर्देशों के अनुसार सामान्य बीएमआई 18.5 और 24.9 के बीच होती है। बीएमआई की गणना किसी व्यक्ति के किलोग्राम में वजन को मीटर वर्ग में उसकी ऊंचाई (किलोग्राम/मी²) से विभाजित करके की जाती है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश की पूर्व कैंसर आहार विशेषज्ञ डॉ. अनु अग्रवाल ने कहा कि मोटापा जीवनशैली से जुड़ा रोग है जिससे छोटे-छोटे उपायों को दैनिक जीवन में अपनाकर बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन उपायों में संतुलित और समय पर भोजन और दैनिक व्यायाम सबसे उपयोगी हैं। डॉ अग्रवाल ने कहा, ''सुबह का नाश्ता, दोपहर और रात के भोजन का समय निर्धारित करें और इनके बीच कभी भी चार से पांच घंटे से अधिक का अंतराल नहीं होना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि सुबह का नाश्ता जरूर करना चाहिए क्योंकि जब हम इसे 'स्किप' करते हैं तो दोपहर में अधिक खाते हैं जो वजन बढ़ने का कारण बनता हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा, '' भोजन में जंकफूड और प्रोस्सेड फूड के बजाय पारंपरिक भोजन दाल, सब्जी, चपाती और चावल लेना चाहिए। श्रीअन्न रागी, ज्वार और बाजारा को अपने अहार में शामिल करना चाहिए।'' डॉ. अग्रवाल ने कहा कि मोटापे से बचने के लिए खुद को शारीरिक रूप से सक्रिय बनाये रखना बेहद जरूरी है और इसके लिए प्रतिदिन 30 मिनट व्यायाम या कम से कम 10 हजार कदम चलें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हाल में 'मन की बात' कार्यक्रम में देश में मोटापा की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए इस चुनौती से निपटने के लिए जीवनशैली में बदलाव पर जोर दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि खाद्य तेल के उपभोग में 10 फीसदी की कटौती जैसे छोटे-छोटे प्रयास बेहद कारगर हो सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भोजन में तेल में 10 फीसदी की कमी को लेकर एक अभियान की शुरुआत करते हुए उद्योगपति आनंद महिंद्रा, ओलंपियन मनु भाकर और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत दस लोगों को 'चैलेंज' भी दिया।
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कोलकाता. कोलकाता के कस्बा इलाके में मंगलवार को एक बच्चे समेत एक परिवार के तीन सदस्य अपने घर में मृत पाए गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान सोमनाथ रॉय (40), उनकी पत्नी सुमित्रा (35) और उनके ढाई साल के बेटे रुद्रनील के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि घर से कथित तौर पर रॉय द्वारा लिखा गया एक नोट बरामद किया गया है, लेकिन इसकी सामग्री का खुलासा अभी नहीं किया गया है। अधिकारी ने बताया कि रॉय और उनकी पत्नी फंदे से लटके मिले, जबकि नाबालिग का शव उसके पिता से बंधा हुआ मिला। पुलिस ने बताया कि सोमनाथ ऑटो-रिक्शा चालक था और उसका परिवार हल्टू पुरबा पल्ली इलाके में एक मकान में रहता था। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने पर कस्बा थाने की एक टीम मौके पर पहुंची और शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारी ने कहा, "शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह आत्महत्या का मामला है, जो संभवतः आर्थिक तंगी के कारण की गई है। हालांकि, हम अन्य आशंकाओं से भी इनकार नहीं कर रहे हैं। हम मृतक के परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों से बात कर रहे हैं। जांच जारी है।" परिवार के एक रिश्तेदार ने दावा किया कि रॉय का संपत्ति विवाद चल रहा था।
उन्होंने कहा कि जांचकर्ता इस बात की तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या संपत्ति विवाद का इन मौतों से कोई संबंध है। यह घटना कोलकाता के तंगरा इलाके में एक परिवार के तीन सदस्यों के 19 फरवरी को अपने घर में मृत पाए जाने के कुछ सप्ताह बाद सामने आई है।














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