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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय उद्योग जगत से ऐसे समय में वैश्विक अवसरों का लाभ लेने के लिए ‘बड़े कदम' उठाने का आह्वान किया, जब दुनिया भारत को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए दो मिशन शुरू करेगी। नियामकीय, निवेश और कारोबारी सुगमता के सुधारों पर बजट-बाद वेबिनार को संबोधित करते हुए मोदी ने उद्योग जगत से ऐसे नए उत्पादों की पहचान करने को कहा, जिनका विनिर्माण देश में किया जा सके और वैश्विक मांग को पूरा किया जा सके। मोदी ने उद्योग जगत से कहा, “हमारा देश ये करने में सक्षम है, आप सभी (उद्योग जगत) सक्षम हैं, ये हमारे लिए बहुत बड़ा अवसर है। मैं चाहता हूं कि हमारा उद्योग जगत दुनिया की इन अपेक्षाओं को सिर्फ दर्शक बनकर न देखे। हम दर्शक बनकर नहीं रह सकते, आपको इसमें अपनी भूमिका तलाशनी होगी, आपको अपने लिए अवसर तलाशने होंगे।” प्रधानमंत्री ने देशभर में छह करोड़ से अधिक सूक्ष्म, लघु और मझोली इकाइयों को समय पर और कम लागत वाले धन तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ऋण वितरण के नए तरीके विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि पहली बार उद्यम शुरू कर रही पांच लाख महिलाओं, अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के उद्यमियों को दो करोड़ रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा। मोदी ने कहा, “आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए वृद्धि का इंजन है। भारत ने कठिन समय में भी अपनी जुझारू क्षमता साबित की है... आज हर देश भारत के साथ अपनी आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना चाहता है। हमारे विनिर्माण क्षेत्र को इस साझेदारी का लाभ उठाना चाहिए।” प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की निरंतरता और सुधारों के प्रति भरोसे के कारण उद्योग जगत को नया आत्मविश्वास मिला है। मोदी ने कहा, “मैं विनिर्माण और निर्यात क्षेत्र के हितधारकों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आने वाले वर्षों में भी यह जारी रहेगा। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और बड़े कदम उठाएं। देश के विनिर्माण और निर्यात क्षेत्र के लिए नए रास्ते खुले हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि एमएसएमई को न केवल कर्ज, बल्कि मार्गदर्शन की भी जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि उद्योगों को उनके समर्थन के लिए मार्गदर्शन कार्यक्रम शुरू करने चाहिए। मोदी ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति के लिए स्थिर नीति और बेहतर कारोबारी माहौल महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार ने केंद्र और राज्य स्तर पर 40,000 से अधिक अनुपालन समाप्त कर दिए हैं और जन विश्वास 2.0 विधेयक पर काम कर रही है। मोदी ने कहा, “हम जन विश्वास 2.0 विधेयक पर काम कर रहे हैं। हमने गैर-वित्तीय क्षेत्र के नियमों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय लिया है। हमारा प्रयास उन्हें आधुनिक, मजबूत, लोगों के अनुकूल और विश्वास आधारित बनाना है।” उन्होंने कहा कि सरकार विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए दो मिशन शुरू करेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रौद्योगिकी और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों पर ध्यान केन्द्रित किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी हितधारकों से वैश्विक स्तर पर मांग वाले नए उत्पादों की पहचान करने का आग्रह किया, जिन्हें भारत में बनाया जा सके। उन्होंने हितधारकों को निर्यात क्षमता वाले देशों से रणनीतिक रूप से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “दुनिया इस समय राजनीतिक अनिश्चितता का सामना कर रही है और पूरा विश्व भारत को वृद्धि केंद्र के रूप में देख रहा है।” उन्होंने कहा कि कोविड महामारी संकट के दौरान, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था सुस्त हो गई, उस समय भारत ने वैश्विक वृद्धि को गति दी। मोदी ने कहा कि अगले वित्त वर्ष (2025-26) के बजट में एमएसएमई की परिभाषा को और विस्तृत किया गया है ताकि निरंतर वृद्धि में उनका विश्वास पैदा हो सके। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे। हालांकि, एमएसएमई के सामने सबसे बड़ी समस्या ऋण प्राप्त करने में कठिनाई थी। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले एमएसएमई को लगभग 12 लाख करोड़ रुपये का ऋण मिला था, जो अब बढ़कर लगभग 30 लाख करोड़ रुपये हो गया है। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को वन्यजीव संरक्षण, बचाव और पुनर्वास की अनूठी पहल ‘वनतारा' की सराहना करते हुए लोगों से जानवरों के प्रति दया का भाव रखने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने रविवार को गुजरात के जामनगर जिले में पशु बचाव, संरक्षण और पुनर्वास केंद्र वनतारा का दौरा किया था करीब 3,000 एकड़ क्षेत्र में फैला वनतारा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स में स्थित है। यह हाथियों और वन्यजीवों के कल्याण के लिए समर्पित एक बचाव केंद्र है, जो दुर्व्यवहार और शोषण से बचाए गए जानवरों को अभयारण्य, पुनर्वास और चिकित्सा देखभाल प्रदान करता है। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘वनतारा नामक एक अनूठी वन्यजीव संरक्षण, बचाव और पुनर्वास पहल का उद्घाटन किया, जो पारिस्थितिकी स्थिरता और वन्यजीव कल्याण को बढ़ावा देते हुए जीव-जन्तुओं के लिए एक सुरक्षित पर्यावास प्रदान करती है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस अत्यंत सहानुभूतिशील प्रयास के लिए अनंत अंबानी और उनकी पूरी टीम की सराहना करता हूं। वनतारा जैसा प्रयास वाकई सराहनीय है, यह हमारे सदियों पुराने लोकाचार का जीवंत उदाहरण है कि हम उन जीव-जन्तुओं की भी रक्षा करते हैं, जो इस पृथ्वी पर हमारे साथ रहते हैं।'' मोदी ने कहा कि वनतारा में उन्होंने एक हाथी को देखा, जो तेजाब हमले का शिकार हुआ था।
उन्होंने कहा, ‘‘हाथी का बेहद सावधानी से इलाज किया जा रहा था। अन्य हाथी भी थे, जिन्हें अंधा कर दिया गया था और वह भी, विडंबना यह है कि उनके महावत द्वारा। एक अन्य हाथी को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी थी। यह एक महत्वपूर्ण सवाल को रेखांकित करता है कि लोग इतने लापरवाह और क्रूर कैसे हो सकते हैं?'' उन्होंने कहा, ‘‘आइए हम इस तरह की गैरजिम्मेदारी को खत्म करें और जानवरों के प्रति दया पर ध्यान दे।
मोदी ने कहा कि एक वाहन की चपेट में आने के बाद एक शेरनी को रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘उसे उचित देखभाल मिल रही थी। अपने परिवार द्वारा छोड़े गए तेंदुए के शावक को उचित पोषण देखभाल के साथ नया जीवन मिला है। मैं वनतारा की टीम को ऐसे कई जानवरों की देखभाल के लिए बधाई देता हूं।'' वनतारा 2,000 से अधिक प्रजातियों और 1.5 लाख से अधिक बचाए गए, लुप्तप्राय और खतरे वाले जानवरों का घर है। मोदी ने केंद्र में विभिन्न सुविधाओं का पता लगाया और वहां पुनर्वास किए गए जानवरों की विभिन्न प्रजातियों के साथ समय बिताया। प्रधानमंत्री ने अपने इस दौरे से जुड़ी कई तस्वीरें भी साझा कीं। -
भोपाल. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि भारत ही एकमात्र ध्रुव तारा है जो विश्व में हो रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक परिवर्तनों को सही दिशा दे सकता है। उन्होंने ऐसे समाज के निर्माण का आह्वान भी किया जो केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित न हो, बल्कि मानवता, करुणा और सत्य जैसे मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित हो। भागवत यहां शारदा विहार स्थित सरस्वती विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में आरएसएस की शैक्षणिक शाखा विद्या भारती शिक्षा संस्थान के पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं के पांच दिवसीय प्रशिक्षण के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। एक विज्ञप्ति में भागवत के हवाले से कहा गया, ‘‘विश्व में हो रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक परिवर्तनों को भारत की सनातन परंपरा के आलोक में दिशा देने की जरूरत है और आज जब वैश्विक परिदृश्य में कई विकृतियां उभर रही हैं, तो भारत ही एकमात्र ध्रुव तारा है जो सही दिशा दे सकता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए भारतीय परंपराओं पर आधारित शिक्षा, संस्कृति और नीति-निर्माण को बढ़ावा देना आवश्यक है।'' भागवत ने समाज में नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मानवता, करुणा और सत्य जैसे मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित समाज का निर्माण करना चाहिए।'' आरएसएस प्रमुख ने कहा कि आने वाले समय में भारत को एक आदर्श सामाजिक मॉडल के रूप में प्रस्तुत करना होगा, जो पूरे विश्व को शांति और सद्भाव की ओर ले जाने में सक्षम हो। विद्या भारती की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि इसके द्वारा किए जा रहे कार्यों को वैश्विक स्तर पर देखा जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इसकी व्यापकता को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा, ‘‘इससे यह साबित होता है कि संघ और उसके सहयोगी संगठनों का काम केवल भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका वैश्विक महत्व भी है।'' आरएसएस प्रमुख ने सभी कार्यकर्ताओं से अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर काम करने का आह्वान भी किया। उन्होंने पंच परिवर्तन, विमर्श परिवर्तन और सज्जन शक्ति जागरण को संघ के आगामी कार्यक्रमों का अहम हिस्सा बताया। इस अवसर पर सह-सरकार्यवाह डॉ कृष्ण गोपाल, विद्या भारती के अध्यक्ष डी रामकृष्ण राव, महासचिव अवनीश भटनागर सहित आरएसएस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। - प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में एक प्राचीन शिव मंदिर है, जहां देश के विभन्न कोनों से आए श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ती के लिए फूल, प्रसाद और ताले चढ़ाते हैं। मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर ताला खोलते हैं और उसे अपने साथ घर ले जाते हैं। शहर के बीचोंबीच मुट्ठीगंज इलाके की एक संकरी गली में स्थित हैं ‘श्री नाथेश्वर महादेव मंदिर' , जहां स्थापित देवता को ‘ताले वाले महादेव' के नाम से जाना जाता है। मेले के दौरान देश-दुनिया से आए कई तीर्थयात्रियों और कुछ पुलिसकर्मियों ने भी मंदिर में ताला लगाकर मन्नत मांगी। मंदिर कक्ष के अंदर-बाहर की दीवारों, रॉड और रेलिंग पर चमकदार तालों की कतारें दिखाई देती हैं, जिनमें से कई पर नाम उकेरे हुए हैं, जबकि कई को पहचान के लिए अलग-अलग रंगों से रंगा गया है। गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग इन तालों का दिव्य संरक्षक प्रतीत होता है। श्री नाथेश्वर महादेव मंदिर में लगाए गए मन्नत वाले तालों की कोई आधिकारिक गणना उपलब्ध नहीं है, लेकिन मंदिर के महंत शिवम मिश्र का कहना है कि वहां लगभग “50,000 ताले” होंगे। मिश्र ने ‘ कहा, “भारत का शायद ही ऐसा कोई राज्य होगा, जहां के किसी श्रद्धालु ने इस मंदिर में मन्नत वाला ताला न लगाया हो। रोजाना औसतन 100 से 150 ताले लटकाए जाते हैं।” मिश्र ने दावा किया कि थाईलैंड और ब्रिटेन के एक-एक श्रद्धालु ने भी श्री नाथेश्वर महादेव मंदिर में मन्नत वाला ताला लगाया है। उन्होंने कहा, “मंदिर बहुत प्राचीन है और इसके गर्भगृह की पिछली दीवार पर एक पट्टिका पर बहुत पुराना शिलालेख भी अंकित है। हमें नहीं पता कि इस मंदिर का निर्माण कब हुआ था। इसलिए मैं उत्तर प्रदेश सरकार से अपील करता हूं कि वह इसके पत्थरों का पुरातात्विक अध्ययन कराए।” श्री नाथेश्वर महादेव मंदिर पवित्र ‘त्रिवेणी संगम' से लगभग छह किलोमीटर दूर है, जहां गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदी मिलती हैं।महंत मिश्र के मुताबिक, “2020 में यह मंदिर अच्छी स्थिति में नहीं था। फिर भगवान की कृपा और अनेक गुरुओं के मार्गदर्शन से इसके जीर्णोद्धार का काम शुरू हुआ।” उन्होंने बताया कि 26 फरवरी को महाकुंभ मेले के आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि के मौके पर मंदिर में भव्य ‘रुद्राभिषेक' और ‘महा-आरती' का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मिश्र के अनुसार, उन्होंने 2023 में मंदिर में मन्नत वाला “पहला ताला” लगाया था, जिसके बाद वहां ऐसे तालों की संख्या तेजी से बढ़ती गई और यह मंदिर ‘ताले वाले महादेव मंदिर' के रूप में पहचाना जाने लगा। उन्होंने दावा किया, “साधना के दौरान मुझे काठमांडू के पशुपति नाथ से यह दिव्य आदेश मिला था कि मैं मंदिर में पहला ताला लगाऊं और मैंने ऐसा ही किया। मैं हर साल पशुपति नाथ के दर्शन के लिए जाता हूं।” उन्होंने कहा कि वह हर महीने मंदिर में एक ताला लगाते हैं, लेकिन इससे कोई “मन्नत” नहीं जुड़ी हुई होती है। मिश्र के मुताबिक, 2023 में वहां केवल 150 ताले ही बचे थे। उन्होंने कहा कि मंदिर में तालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जबकि कई ताले खुल चुके हैं, जिसका मतलब है कि मनोकामनाएं पूरी हुई हैं। महंत के अनुसार, मंदिर में मछली के आकार और भगवान गणेश के चित्र वाले ताले भी लगाए गए हैं।उन्होंने कहा, “कुछ ताले खुले हुए हैं, जिनमें चाबी भी लगी हुई है। ये ताले ‘मन्नत' के तौर पर नहीं लगाए जाते हैं, बल्कि बाबा को ‘शृंगार' के रूप में अर्पित किए जाते हैं।”
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्रियों ने मंगलवार को विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए महिला सशक्तीकरण की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि महिला प्रतिनिधियों को स्थानीय निकायों का नेतृत्व करने के लिए आत्मविश्वास और क्षमता निर्माण की पहलों की आवश्यकता है। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने 'सशक्त पंचायत नेत्री अभियान' को संबोधित करते हुए शासन, आर्थिक विकास और सामाजिक विकास में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘लोकतंत्र की शुरुआत जमीनी स्तर पर पंचायतों से होती है। आप वहां से विजयी होकर उभरे हैं। चुनाव जितना छोटा होता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण होता है।''मंत्री ने कहा, ‘‘महिला प्रतिनिधियों में आत्मविश्वास और क्षमता निर्माण पहलों की आवश्यकता है। जब उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, तो जिस तरह महिलाएं अपने परिवारों का सफलतापूर्वक प्रबंधन करती हैं, उसी तरह वे पंचायतों का भी प्रभावी ढंग से नेतृत्व कर सकेंगी।'' ‘सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान' एक रणनीतिक पहल है जिसका उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं की महिला निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए क्षमता निर्माण हस्तक्षेप को मजबूत करना है। यह उनकी नेतृत्व क्षमता को धार देने, उनकी निर्णय लेने की क्षमताओं को बढ़ाने और जमीनी स्तर पर शासन में उनकी भूमिका को मजबूत करने पर केंद्रित है। सिंह ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के बिना 'विकसित भारत' और 'आत्मनिर्भर भारत' का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार जैसे कई राज्यों ने (पंचायती राज संस्थाओं में) महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है। आज, बिहार में 54 प्रतिशत से अधिक महिलाएं प्रदान किए गए आरक्षण से परे सीट जीत रही हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘देश के 20 से अधिक राज्यों में स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण है। महिला सशक्तीकरण के बिना विकसित भारत असंभव है।'' उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता का चुनाव यह संदेश देता है कि महिलाएं राज्यों के साथ-साथ देश का नेतृत्व भी कर सकती हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिला सशक्तीकरण का मतलब सिर्फ समानता नहीं है, बल्कि यह आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक प्रगति में एक महत्वपूर्ण कारक है। महिला सशक्तीकरण को सिर्फ नारा नहीं बल्कि इस सरकार की विचारधारा बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम हर क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। महिलाओं के नेतृत्व में विकास अब एक विकल्प नहीं बल्कि भारत के विकास के लिए एक आवश्यकता है।'' देवी ने एक व्यापक महिला विकास मॉडल के साथ ही हितधारकों से नीतियों को जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन से जोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम आपसे महिलाओं की शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह करते हैं। भारत की प्रगति के लिए महिला नीत विकास बहुत जरूरी है।'' केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने राजनीति में अपने सफर को साझा किया, जिसकी शुरुआत 20 साल की उम्र में ग्राम पंचायत सदस्य के रूप में हुई थी। उन्होंने कहा, ‘‘अक्सर महिला प्रतिनिधियों को नाममात्र की भूमिकाओं तक सीमित रखा जाता है, जबकि उनके परिवार के सदस्य वास्तविक काम संभालते हैं। यह बंद होना चाहिए। आरक्षण ने हमें यह साबित करने का अवसर दिया है कि हम अपने गांवों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व कर सकती हैं।'' खडसे ने कहा, ‘‘मेरा दृढ़ विश्वास है कि इस देश की महिलाएं भारत को आगे ले जाएंगी।''केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेल ने नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार में, मुखिया पति है, उत्तर प्रदेश में प्रधान पति और मध्य प्रदेश में सरपंच पति हैं। परिवार के पुरुष सदस्य अक्सर महिलाओं के नेतृत्व को कमतर आंकते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘निर्वाचित प्रतिनिधियों के रूप में अपनी भूमिका के पांच वर्षों में, महिलाओं को अपना आत्मविश्वास बढ़ाने का मौका मिलता है, जिससे सार्वजनिक रूप से बोलने को लेकर उनका भय कम हो जाता है और वे सार्वजनिक कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेती हैं।''
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को बेल्जियम की राजकुमारी एस्ट्रिड से मुलाकात की। पीएम ने भारत में 300 सदस्यीय आर्थिक मिशन का नेतृत्व करने की राजकुमारी एस्ट्रिड की पहल की सराहना की।इसे लेकर पीएम मोदी ने कहा कि वह व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और कृषि में नई साझेदारी के माध्यम से दोनों देशों के लोगों के लिए असीमित अवसरों के द्वार खोलने के लिए तत्पर हैं।
पीएम ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा, “बेल्जियम की राजकुमारी एस्ट्रिड से मिलकर प्रसन्नता हुई। भारत में 300 सदस्यीय आर्थिक मिशन का नेतृत्व करने की उनकी पहल का मैं तहेदिल से सराहना करता हूं। व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, कृषि, जीवन विज्ञान, नवाचार, कौशल और शैक्षणिक आदान-प्रदान में नई साझेदारी के माध्यम से हमारे लोगों के लिए असीमित अवसरों को खोलने की आशा करता हूं।”बता दें कि एस्ट्रिड 2 से 8 मार्च तक भारत की यात्रा पर हैं। भारत में रविवार को उनके आगमन पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उनका स्वागत किया था। इसके बाद सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजुकमारी से मुलाकात की थी। -
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए पहल की है। टाटा मोटर्स ने देश के हरित अभियान के अनुरूप भारतीय सड़कों पर हाइड्रोजन से चलने वाले भारी-भरकम ट्रकों का पहला ट्रायल शुरू किया है। यह ऐतिहासिक ट्रायल सस्टेनेबल लंबी दूरी के माल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस ट्रायल को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने हरी झंडी दिखाई।
24 महीने तक चलेगा ट्रायलट्रायल का यह चरण 24 महीने तक चलेगा और इसमें अलग-अलग कॉन्फिगरेशन और पेलोड क्षमताओं वाले 16 एडवांस्ड हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों की लाना शामिल है। नए युग के हाइड्रोजन आंतरिक दहन इंजन (एच2-आईसीई) और ईंधन सेल (एच2-एफसीईवी) तकनीकों से लैस इन ट्रकों का ट्रायल भारत के सबसे प्रमुख मालवाहक मार्गों पर किया जाएगा, जिनमें मुंबई, पुणे, दिल्ली-एनसीआर, सूरत, वडोदरा, जमशेदपुर और कलिंगनगर शामिल हैं।टाटा मोटर्स को दिया गया था टेंडरइस ट्रायल के लिए टाटा मोटर्स को टेंडर दिया गया था, जिसे राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित किया जाता है। ऑटो प्रमुख ने कहा, “इस अग्रणी पहल के माध्यम से, टाटा मोटर्स सस्टेनेबल मोबिलिटी सॉल्यूशन में आगे बने रहते हुए भारत के व्यापक हरित ऊर्जा लक्ष्यों के साथ अपने कमिटमेंट को जोड़ता है।हाइड्रोजन भविष्य का ईंधनट्रायल को हरी झंडी दिखाते हुए, केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, “हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है, जिसमें उत्सर्जन को कम करके और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ाकर भारत के परिवहन क्षेत्र को बदलने की अपार क्षमता है। इस तरह की पहल भारी-भरकम ट्रकिंग में सस्टेनेबल मोबिलिटी में बदलाव को गति प्रदान करेगी और हमें एक कुशल, कम कार्बन वाले भविष्य के करीब ले जाएगी।”उन्होंने कहा, “मुझे यहां मौजूद लोगों को प्रदूषण के बारे में समझाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि दिल्ली में हम जिस तरह से वायु प्रदूषण की समस्या का सामना कर रहे हैं, आप सभी इसका अनुभव ले रहे हैं। इसलिए हमारी नीतियां आयात विकल्प, लागत प्रभावी, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी हैं।”भारत तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता और चौथा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातककेंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा, “भारत के सस्टेनेबल और जीरो कार्बन भविष्य में बदलाव के लिए हाइड्रोजन एक महत्वपूर्ण ईंधन है। इस ट्रायल की शुरुआत भारत के परिवहन क्षेत्र को कार्बन मुक्त बनाने में हरित हाइड्रोजन की क्षमता को प्रदर्शित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रकों के ट्रायल की शुरुआत को भारत के मोबिलिटी सेक्टर में एक क्रांतिकारी बदलाव बताया, जिससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता और चौथा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक है और हाइड्रोजन तकनीक इस निर्भरता को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी। हाइड्रोजन से चलने वाले तीन हेवी-ड्यूटी ट्रकों का पहला बैच फरीदाबाद-दिल्ली एनसीआर और अहमदाबाद-सूरत-वडोदरा मार्गों पर चलेगा। इस बदलाव का समर्थन करने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड फरीदाबाद, वडोदरा, पुणे और बालासोर में हाइड्रोजन ईंधन भरने वाले स्टेशन स्थापित कर रहा है। - मथुरा। मथुरा के बरसाने की लठमार होली का अपना एक अलग महत्व है। इसे लोग बड़े उत्साह से मनाते हैं। इसमें शामिल होने के लिए पूरे विश्व से लोग आते हैं। इस बार भी इसकी बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम हैं। वहीं, पुलिस भीड़ मैनेजमेंट और अपराध रोकने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने जा रही है।डीआईजी शैलेश पांडेय ने मंगलवार को ब्रज में होली की तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हम सभी अवगत हैं, ब्रज में होली का विश्व प्रसिद्ध कार्यक्रम आयोजित होता है। यहां पर विभिन्न देवस्थानों में अलग-अलग तिथियों पर कार्यक्रम आयोजित होते हैं।उन्होंने बताया कि अभी 7, 8 और 9 मार्च को बरसाने की लठमार होली और नंदगांव की लठमार होली आयोजित होनी है। उसके बाद वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर की होली है। रंगभरी एकादशी के दिन परिक्रमा होगी। गोकुल और दाऊ जी में होली के कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसे देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है।उन्होंने कहा कि इस बार होली के पर्व में हम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। पार्किंग के लिए क्यूआर कोड जारी कर रहे हैं। जिससे लोगों को पार्किंग स्थल पर जाने का डायरेक्शन मिलेगा। इसके अलावा सिविल पुलिस और पीएसी की विभिन्न जोनों में आवश्यकता के मुताबिक व्यवस्था की गई है। सादे वर्दी में सूचना संकलन के लिए पुलिस वाले लगाए जा रहे हैं। अपराध नियंत्रण के लिए भी पुख्ता तैयारी है।उन्होंने कहा कि यहां पर जो श्रद्धालु आ रहे हैं, सभी सुगम तरीके से दर्शन करें, इसकी व्यवस्था की जा रही है। ड्रोन और सीसीटीवी के माध्यम से भीड़ मूवमेंट और अपराध नियंत्रण किया जाएगा। अभी तो बरसाने का कार्यक्रम है। सभी जगह ऐसी व्यवस्था लागू होगी।
- वाराणसी। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आज मंगलवार को क्रिकेट वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर काशी में जबरदस्त उत्साह और जोश देखा जा रहा है। सुबह से ही काशी के घाटों पर महिलाएं और पुरुष रंगोली बना कर टीम इंडिया को शुभकामनाएं दे रहे हैं। घाटों पर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है, और साथ ही मां गंगा की पूजा अर्चना भी जोरों से हो रही है।इस मौके पर काशी के लोग मां गंगा की आरती कर रहे हैं और साथ ही महादेव से भी टीम इंडिया की जीत की कामना कर रहे हैं। काशी की गलियों और घाटों पर उत्सव का माहौल है, जहां हर कोई अपने तरीके से भारतीय क्रिकेट टीम की जीत की कामना कर रहा है। लोग भारतीय टीम के समर्थन में नारे लगा रहे हैं और क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह देखते ही बनता है।किरण पांडे ने कहा कि हम लोगों में मैच को लेकर उत्साह है। हम इंडिया टीम की जीत की कामना करते हैं। हम मां गंगे की शरण में हैं। हमें उम्मीद है कि इंडिया टीम जीत दर्ज करेगी।रेणु जायसवाल ने कहा कि इंडिया का प्रदर्शन अभी तक का अच्छा रहा है। हमें उम्मीद है कि हम बड़ी जीत दर्ज करेंगे। विराट कोहली से हम लोगों को काफी ज्यादा उम्मीदें हैं। मां गंगा से प्रार्थना है कि इंडिया टीम जीत दर्ज करे। आज हम लोग पूरे उत्साह से मैच देखेंगे।रश्मि साहू ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाला यह मुकाबला बहुत ही महत्वपूर्ण है और काशी में हम सभी लोग मां गंगे की शरण में हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि भारतीय क्रिकेट टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज करेगी। काशी के लोग अपने तरीके से इस महत्वपूर्ण मैच के लिए आशीर्वाद और शुभकामनाएं भेज रहे हैं, ताकि टीम इंडिया विजयी हो।रंगोली आर्टिस्ट चांदनी विश्वकर्मा ने कहा कि यह मुकाबला हमारे लिए बहुत खास है। हम सब टीम इंडिया के समर्थन में रंगोली बना रहे हैं, ताकि हमारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंचे। हमें पूरा विश्वास है कि भारतीय टीम इस सेमीफाइनल में जीत हासिल करेगी।नमामि गंगे के जिला संयोजक शिवम अग्रहरि ने कहा कि हमने मां गंगा और बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की है कि भारतीय क्रिकेट टीम इस महत्वपूर्ण सेमीफाइनल मुकाबले में जीत दर्ज करे। आज हम लोग पूरे उत्साह के साथ मैच देखेंगे और भारतीय टीम को पूरी तरह से समर्थन देंगे। काशीवासियों का दिल हमेशा टीम इंडिया के साथ है, और हम सभी की शुभकामनाएं टीम के साथ हैं। (भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आज मंगलवार को क्रिकेट वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर काशी में जबरदस्त उत्साह और जोश देखा जा रहा है। सुबह से ही काशी के घाटों पर महिलाएं और पुरुष रंगोली बना कर टीम इंडिया को शुभकामनाएं दे रहे हैं। घाटों पर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है, और साथ ही मां गंगा की पूजा अर्चना भी जोरों से हो रही है।इस मौके पर काशी के लोग मां गंगा की आरती कर रहे हैं और साथ ही महादेव से भी टीम इंडिया की जीत की कामना कर रहे हैं। काशी की गलियों और घाटों पर उत्सव का माहौल है, जहां हर कोई अपने तरीके से भारतीय क्रिकेट टीम की जीत की कामना कर रहा है। लोग भारतीय टीम के समर्थन में नारे लगा रहे हैं और क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह देखते ही बनता है।किरण पांडे ने कहा कि हम लोगों में मैच को लेकर उत्साह है। हम इंडिया टीम की जीत की कामना करते हैं। हम मां गंगे की शरण में हैं। हमें उम्मीद है कि इंडिया टीम जीत दर्ज करेगी।रेणु जायसवाल ने कहा कि इंडिया का प्रदर्शन अभी तक का अच्छा रहा है। हमें उम्मीद है कि हम बड़ी जीत दर्ज करेंगे। विराट कोहली से हम लोगों को काफी ज्यादा उम्मीदें हैं। मां गंगा से प्रार्थना है कि इंडिया टीम जीत दर्ज करे। आज हम लोग पूरे उत्साह से मैच देखेंगे।रश्मि साहू ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाला यह मुकाबला बहुत ही महत्वपूर्ण है और काशी में हम सभी लोग मां गंगे की शरण में हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि भारतीय क्रिकेट टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज करेगी। काशी के लोग अपने तरीके से इस महत्वपूर्ण मैच के लिए आशीर्वाद और शुभकामनाएं भेज रहे हैं, ताकि टीम इंडिया विजयी हो।रंगोली आर्टिस्ट चांदनी विश्वकर्मा ने कहा कि यह मुकाबला हमारे लिए बहुत खास है। हम सब टीम इंडिया के समर्थन में रंगोली बना रहे हैं, ताकि हमारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंचे। हमें पूरा विश्वास है कि भारतीय टीम इस सेमीफाइनल में जीत हासिल करेगी।नमामि गंगे के जिला संयोजक शिवम अग्रहरि ने कहा कि हमने मां गंगा और बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की है कि भारतीय क्रिकेट टीम इस महत्वपूर्ण सेमीफाइनल मुकाबले में जीत दर्ज करे। आज हम लोग पूरे उत्साह के साथ मैच देखेंगे और भारतीय टीम को पूरी तरह से समर्थन देंगे। काशीवासियों का दिल हमेशा टीम इंडिया के साथ है, और हम सभी की शुभकामनाएं टीम के साथ हैं।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कुछ चुनिंदा महिलाओं को एक दिन के लिए उनके डिजिटल सोशल मीडिया अकाउंट्स को संभालने का अवसर मिलेगा। कल सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं नमो ऐप ओपन फोरम पर बहुत ही प्रेरणादायक जीवन यात्राएं साझा होते देख रहा हूं, जिसमें से कुछ महिलाओं को 8 मार्च को महिला दिवस पर मेरे डिजिटल सोशल मीडिया अकाउंट्स को संभालने के लिए चुना जाएगा। मैं ऐसी और भी जीवन यात्राएं साझा करने का अनुरोध करता हूं।”इससे पहले 23 फरवरी को ‘मन की बात’ की 119वीं कड़ी में पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा, “अगले महीने 8 मार्च को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ है। यह हमारी नारी-शक्ति को नमन करने का एक विशेष अवसर होता है। देवी माहात्म्य में कहा गया है –विद्या: समस्ता: तव देवि भेदा:स्त्रीय: समस्ता: सकला जगत्सु।अर्थात सभी विद्याएं, देवी के ही विभिन्न स्वरूपों की अभिव्यक्ति हैं और जगत की समस्त नारी-शक्ति में भी उनका ही प्रतिरूप है। हमारी संस्कृति में बेटियों का सम्मान सर्वोपरि रहा है।पीएम मोदी ने कहा, “आप किसी भी क्षेत्र पर नजर डालें तो पाएंगे कि महिलाओं का योगदान कितना व्यापक है। साथियो, इस बार महिला दिवस पर मैं एक ऐसी पहल करने जा रहा हूँ, जो हमारी नारी-शक्ति को समर्पित होगी। इस विशेष अवसर पर मैं अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स जैसे एक्स, इंस्टाग्राम के एकाउंट्स को देश की कुछ प्रेरणादायी महिलाओं को, एक दिन के लिए सौंपने जा रहा हूँ। ऐसी महिलाएं जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल की हैं, नवाचार किया है, अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। 8 मार्च को, वो, अपने कार्य और अनुभवों को देशवासियों के साथ साझा करेंगी।”उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म भले ही मेरा होगा, लेकिन वहां उनके अनुभव, उनकी चुनौतियाँ और उनकी उपलब्धियों की बात होगी। यदि आप चाहती हैं कि ये अवसर आपको मिले, तो, नमो ऐप पर बनाए गए विशेष फोरम के माध्यम से, इस प्रयोग का हिस्सा बनें और मेरे एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट से, पूरी दुनिया तक, अपनी बात पहुंचाएँ,
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पटना. बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले सोमवार को 3.17 लाख करोड़ रुपये का अपना अंतिम बजट पेश किया। उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्रालय के प्रभारी सम्राट चौधरी ने राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश करते हुए दावा किया कि “वर्षों की अराजकता” के बाद बिहार को विकास के पथ पर लाने के लिए पिछले लगभग दो दशकों से नीतीश सरकार ने सफलतापूर्वक प्रयास किया है। चौधरी ने कहा कि इस बजट का आकार “पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 38,169 करोड़ रुपये अधिक है। उन्होंने सदन को बताया कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के कुशल नेतृत्व की शक्ति एवं दृष्टि है। उन्होंने कहा, “समृद्ध और सशक्त भारत निर्माण के लिए निर्धारित विजन-2047 के साथ समृद्ध बिहार की परिकल्पना को साकार करने के हमारे प्रयासों को द्रुत गति प्रदान करने के उद्देश्य से मैं बिहार सरकार का बजट पेश कर रहा हूं। आप अवगत हैं कि वर्षों की अराजकता के बाद राज्य को विकास के पथ पर लाने हेतु पिछले लगभग दो दशकों से नीतीश सरकार ने सफलतापूर्वक प्रयास किया है।" वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी का इशारा विपक्षी राजद-कांग्रेस गठबंधन की तरफ था।
चौधरी ने कहा, "आज बिहार के विकास के लिए हमारे प्रयासों को राज्य की जनता ने जनसमर्थन देकर सराहा है। इसके लिए हम उनका अभिनन्दन करते हैं। साथ ही, हमें अहसास है कि हमारी सरकार द्वारा वर्षों के अथक प्रयास से तैयार किए गए राज्य के विकास के लिए जरूरी मजबूत ढाँचा के आधार पर नये बिहार के निर्माण के लिए और अधिक प्रयास करने की जरूरत है।" उन्होंने कहा, "राज्य के विकास के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा दिए गए मंत्र "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" बहुत महत्वपूर्ण है। साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का संकल्प "न्याय के साथ विकास" हमारे लिए प्रेरणादायी शक्ति का कार्य करती है।" चौधरी ने कहा, "इस साल पेश केंद्र सरकार के बजट में बिहार को प्राथमिकता देने के लिए हम आदरणीय प्रधानमंत्री जी का विशेष आभार व्यक्त करते हैं। पिछले वर्ष के केन्द्रीय बजट में देश के विकास के लिए पूर्वोदय की जो अवधारणा प्रस्तुत की गई, उसमें बिहार के विकास के लिए कई प्रावधान किए गए थे। केंद्र और राज्य के डबल इंजन की सरकार के समेकित सहयोग से बिहार समग्र विकास के लिए और तेज गति से आगे बढ़ेगा, ऐसा हमारा पूर्ण विश्वास है।" उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र के लिए 60,964 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कि घनी आबादी वाले राज्य में बेहद महत्वपूर्ण है, जहां की जनसांख्यिकी अपेक्षाकृत युवा है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 20,335 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि गृह विभाग के लिए 17,831 करोड़ रुपये प्रावधान किया गया है। बजट के भीतर पटना में एक “महिला हाट” (महिलाओं का बाजार) स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा सभी जिलों में “पिंक शौचालय” और सभी प्रमुख शहरों में “पिंक बसें” भी प्रस्तावित की गई हैं। चौधरी ने कहा, “हम सभी पंचायतों में कन्या विवाह मंडप स्थापित करने का भी प्रस्ताव करते हैं, जो विवाह-योग्य लड़कियों वाले गरीब ग्रामीण परिवारों की ज़रूरतें पूरी करेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि भागलपुर जिले के सुल्तानगंज और पूर्व चंपारण जिले के रक्सौल में नए हवाई अड्डे बनाए जाएंगे जबकि पूर्णिया में हवाई अड्डा अब से तीन महीने में चालू हो जाएगा। बजट में राज्य में स्वास्थ्य नेटवर्क को मजबूत करने के लिए बेगूसराय जिले के लिए एक कैंसर अस्पताल का प्रस्ताव भी रखा गया है। बजट में राज्य में संपत्ति के पंजीकरण को “कागज रहित” बनाने के सरकार के संकल्प की भी बात की गई है। बजट पेश होने के बाद चौधरी के बगल में बैठे मुख्यमंत्री ने खडे होकर उन्हें शाबाशी दी।
इस बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि नीतीश जी अभिभावक और पिता-तुल्य हैं इसलिए वह उन्हें अपना आशीर्वाद दे रहे थे। -
नयी दिल्ली. सरकार ने सोमवार को आईआरसीटीसी और आईआरएफसी को नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (सीपीएसई) का दर्जा देने को मंजूरी दी। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) रेल मंत्रालय का एक उपक्रम है। वित्त वर्ष 2023-24 में इसका वार्षिक कारोबार 4,270.18 करोड़ रुपये और कर पश्चात लाभ 1,111.26 करोड़ रुपये था। बयान में कहा गया कि आईआरएफसी (भारतीय रेलवे वित्त निगम) रेल मंत्रालय का एक उपक्रम है। वित्त वर्ष 2023-24 में इसका वार्षिक कारोबार 26,644 करोड़ रुपये और कर पश्चात लाभ 6,412 करोड़ रुपये था। दोनों सीपीएसई को बधाई देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘नवरत्न का दर्जा मिलने पर आईआरसीटीसी और आईआरएफसी को बधाई।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विश्व वन्यजीव दिवस’ पर गुजरात के जूनागढ़ जिले स्थित ‘गिर वन्यजीव अभयारण्य’ में जंगल सफारी का आनंद लिया और एशियाई शेरों को करीब से देखा। पीएम मोदी डीएसएलआर कैमरे से शेरों की तस्वीरें खींचते नजर आ रहे हैं। एक अन्य तस्वीर में पीएम मोदी हाथ में कैमरा पकड़े शेरों की ओर देख रहे हैं। एक ऐसी भी तस्वीर है जिसमें मादा शेरनी शावक को दुलारती दिख रही है।
बैठक के बाद पीएम मोदी सासन में महिला वन कर्मचारियों से भी बातचीत करेंगेप्रधानमंत्री मोदी सोमवार शाम राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की सातवीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में 47 सदस्य भाग लेंगे, जिनमें सेना प्रमुख, विभिन्न राज्यों के सदस्य, इस क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, मुख्य वन्यजीव वार्डन और विभिन्न राज्यों के सचिव शामिल हैं। बैठक के बाद पीएम मोदी सासन में महिला वन कर्मचारियों से भी बातचीत करेंगे।वन्यजीवों के संरक्षण और सुरक्षा में भारत के योगदान पर हमें गर्वबता दें कि अभ्यारण्य जाने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया था। उन्होंने एक्स पर लिखा, “विश्व वन्यजीव दिवस पर, आइए हम अपने ग्रह की अविश्वसनीय जैव विविधता की रक्षा और संरक्षण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएं। हर प्रजाति एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है – आइए आने वाली पीढ़ियों के लिए उनके भविष्य की रक्षा करें! हम वन्यजीवों के संरक्षण और सुरक्षा में भारत के योगदान पर भी गर्व करते हैं।”भारत इकोलॉजी और अर्थव्यवस्था के बीच संघर्ष में विश्वास नहीं करता, बल्कि वह दोनों के सह-अस्तित्व को समान महत्व देता हैइस पोस्ट के साथ एक वीडियो क्लिप भी है, जिसमें पीएम मोदी भारत की परंपरा में जैव विविधता के प्रति स्वाभाविक आग्रह का जिक्र कर रहे हैं। यह क्लिप 2023 का है। कर्नाटक के मैसूर में ‘प्रोजेक्ट टाइगर के 50 वर्ष पूरे होने के स्मरणोत्सव’ कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने वाइल्ड लाइफ पर विचार रखे थे। दुनिया भर के वन्यजीव प्रेमियों के मन में अन्य देशों, जहां बाघों की आबादी या तो स्थिर है या फिर उसमें गिरावट हो रही है, की तुलना में भारत में बाघों की बढ़ती आबादी के बारे में उठने वाले सवालों को दोहराते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा था, “भारत इकोलॉजी और अर्थव्यवस्था के बीच संघर्ष में विश्वास नहीं करता, बल्कि वह दोनों के सह-अस्तित्व को समान महत्व देता है।” - गुना/ मध्यप्रदेश पुलिस ने शादी के अगले दिन अपने पति के साथ राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित अपने ससुराल जा रही एक महिला का कथित रूप से अपहरण करने को लेकर रविवार को पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दंपति की शनिवार रात शादी हुई थी।पुलिस की अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओपी) दीपा डुडवे ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘यह घटना आज सुबह साढ़े नौ बजे गुना जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर रुठियाई इलाके में हुई। यह घटना उस समय घटी जब दंपति अशोकनगर से निकला था। आरोपियों ने कार के शीशे तोड़ दिए, दूल्हे पर हमला किया और दुल्हन को एसयूवी कार में लेकर भाग गए।'' उन्होंने कहा, ‘‘ सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम ने दुल्हन को बचाया और सात आरोपियों में से पांच को गिरफ्तार कर लिया। चार को इंदौर से और एक को देवास से पकड़ा गया। सभी आरोपी 20 साल के आसपास हैं और देवास के रहने वाले हैं। दो लोग फरार हैं।'' एसडीओपी ने बताया कि आरोपियों ने महिला का अपहरण क्यों किया, इस बारे में अधिक जानकारी तब पता चलेगी जब उन्हें गुना वापस लाया जाएगा।
- केंद्रपाड़ा. ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में 18 वर्षीय एक छात्रा ने पुरुष शिक्षक द्वारा परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से पहले 'अनुचित तरीके से तलाशी' लिए जाने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छात्रा की मां ने शनिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि 19 फरवरी को जब उसकी बेटी उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीएचएसई) द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल हो रही थी, तो एक पुरुष शिक्षक ने उसकी 'अनुचित तरीके से तलाशी' ली। यह घटना ओडिशा में पट्टामुंडई कॉलेज की है। पट्टामुंडई ग्रामीण पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक धीरज लेंका ने बताया कि महिला शिक्षकों के बजाय छात्राओं की तलाशी कथित तौर पर पुरुषों द्वारा ली गई, जो सीएचएसई दिशानिर्देशों के खिलाफ है। शिकायतकर्ता ने कहा, ‘‘ उत्पीड़न से परेशान होकर 12वीं कक्षा की छात्रा ने 24 फरवरी को आत्महत्या कर ली थी।'' प्रभारी निरीक्षक धीरज लेंका ने कहा, ‘‘ शिकायत कल दर्ज की गई थी। हमने जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं ताकि पता चल सके कि क्या हुआ था। अगर सबूत मिलते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।'
- पालघर. महाराष्ट्र के पालघर जिले में द्वेष के कारण छह साल की एक बच्ची की हत्या करने के आरोप में रविवार को एक किशोर लड़के को हिरासत में लिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि ‘सीरियल किलर' पर केंद्रित एक हिंदी फिल्म से प्रेरित होकर किशोर ने इस वारदात को अंजाम दिया। पेल्हर पुलिस थाने के अधिकारी ने कहा कि लड़की का शव सुबह करीब 4.30 बजे श्रीराम नगर पहाड़ी पर पाया गया। पेल्हर पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक जितेंद्र वंकुटे ने ‘ एक न्यूज़ एजेंसी' से कहा, ‘‘हमने नालासोपारा से 13 वर्षीय एक लड़के को हिरासत में लिया है। मृतका उसकी चचेरी बहन है। उसने कथित तौर पर ईर्ष्या के कारण उसकी हत्या कर दी क्योंकि उसे लगा कि हर कोई उसे लाड़-प्यार करता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘बच्ची शनिवार शाम से लापता थी, जिसके बाद उसके परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया। पास की एक कंपनी के आसपास के सीसीटीवी फुटेज में लड़का बच्ची को कहीं ले जाता हुआ दिखाई दिया। लड़के ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में उसने अपराध कबूल कर लिया।'' अधिकारी ने कहा कि हिंदी फिल्म से प्रेरित होकर नाबालिग ने कथित तौर पर लड़की का गला घोंट दिया और फिर उसके चेहरे को पत्थर से कुचल दिया। यह फिल्म एक ‘सीरियल किलर' के बारे में है। वानकुटे ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।
- चंडीगढ़. पंजाब में रविवार को नशा विरोधी अभियान के तहत 510 स्थानों पर छापेमारी की गयी और 43 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि अभियान के दो दिनों में 333 ऐसे लोगों को पकड़ा गया और राज्य भर में 27 प्राथमिकी दर्ज की गईं। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इन तस्करों के पास से 776 ग्राम हेरोइन, 14 किलोग्राम अफीम, 38 किलोग्राम चूरा पोस्त, 2,615 नशीली गोलियां और 4.60 लाख रुपये नकद बरामद किए। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए तीन महीने की समय सीमा तय की थी। राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ कार्रवाई की निगरानी के लिए पांच सदस्यीय कैबिनेट उप-समिति का भी गठन किया है। विशेष पुलिस महानिदेशक अर्पित शुक्ला ने बताया कि 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों वाली 300 से अधिक पुलिस टीमों ने पूरे राज्य में छापेमारी की और दिनभर चले अभियान के दौरान 619 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की।
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प्राथमिकी में सात नामजद, एक गिरफ्तार
जलगांव. केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे ने महाराष्ट्र के जलगांव जिले में एक कार्यक्रम में लड़कों के एक समूह द्वारा उनकी बेटी और उसकी कुछ सहेलियों को परेशान किए जाने के संबंध में रविवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया। शुक्रवार रात कोथली गांव में संत मुक्ताई यात्रा के दौरान यह घटना हुई जिसके संबंध में मुक्ताईनगर थाने में रक्षा खडसे की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई। मुक्ताईनगर थाने के एक अधिकारी ने बताया कि प्राथमिकी में सात लोग नामजद हैं, जिनमें से एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम गठित कर दी गई हैं। अधिकारी ने बताया कि सातों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत पीछा करने और अन्य अपराधों को लेकर मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधान भी लगाए गए हैं क्योंकि आरोपियों बिना अनुमति के लड़कियों की तस्वीरें लेने और वीडियो बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि लड़कियों के साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने सात लोगों के नाम बताए।इससे पहले दिन में, केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रक्षा खडसे ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं गुजरात में थी, इसलिए मेरी बेटी ने कार्यक्रम में जाने की अनुमति मांगने के लिए मुझे फोन किया। मैंने उसे एक गार्ड और दो-तीन कर्मियों को साथ जाने को कहा। मेरी बेटी और उसकी सहेलियों का पीछा किया गया तथा उन्हें धक्का दिया गया। उनकी तस्वीरें ली गईं और वीडियो भी बनाए गए। जब मेरे कर्मियों ने आपत्ति जताई, तो लड़कों ने अनुचित व्यवहार किया और 30- 40 लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।'' रक्षा खडसे ने कहा कि जब वह आज सुबह घर लौटीं तो उनकी बेटी ने उन्हें बताया कि उन्हीं लड़कों ने 24 फरवरी को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उसके साथ दुर्व्यवहार किया था। उन्होंने कहा था, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि ऐसी घटनाएं किसी सांसद या केंद्रीय मंत्री की बेटी के साथ होती हैं, तो कल्पना कीजिए कि आम लोगों को क्या सहना पड़ता होगा।'' मंत्री ने कहा कि मुक्ताईनगर के कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि ये लड़के स्कूल जाते समय लड़कियों को परेशान करते हैं। खडसे ने कहा, ‘‘मैंने मुख्यमंत्री और पुलिस उपाधीक्षक से बात की है।''उन्होंने मांग की कि दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रायगढ़ में पत्रकारों से कहा, ‘‘रक्षा खडसे की बेटी को परेशान करने वाले लोग एक राजनीतिक दल से हैं। स्थानीय पुलिस ने उनमें से कुछ को गिरफ्तार कर लिया है और इस संबंध में मामला दर्ज किया है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'' रक्षा खडसे के ससुर, पूर्व मंत्री एवं राकांपा (एसपी) नेता एकनाथ खडसे ने कहा, ‘‘पुलिस को पहले भी इन लड़कों के खिलाफ कई शिकायतें मिल चुकी हैं, लेकिन कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया। ये लड़के शातिर अपराधी हैं।'' उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ गए हैं और अपराधियों को पुलिस का कोई डर नहीं है। एकनाथ खडसे ने कहा, ‘‘लड़कियां शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे नहीं आती हैं। माता-पिता का मानना है कि उनकी बेटियों के नाम का खुलासा नहीं किया जाना चाहिए। हमने शिकायत की क्योंकि हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा था।'' राकांपा (एसपी) नेता ने कहा, ‘‘मैंने पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस महानिरीक्षक से बात की है। जब हम पहले थाने गए थे, तो हमें दो घंटे तक बैठाए रखा गया। पुलिस ने हमें इस मुद्दे पर फिर से विचार करने के लिए कहा क्योंकि यह लड़कियों से संबंधित है। युवकों ने पुलिस के साथ भी मारपीट की है। इन लोगों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।'' इस घटना पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि महायुति सरकार में राज्य में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्री खडसे की बेटी के साथ गुंडों द्वारा छेड़छाड़ और सुरक्षा गार्ड को धक्का दिए जाने की घटना बेहद चिंताजनक है एवं यह दर्शाती है कि राज्य में महिलाएं और लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं।'' सपकाल ने दावा किया कि खडसे इसलिए थाने में बैठीं क्योंकि उनकी बेटी और अन्य लड़कियों से छेड़छाड़ करने वालों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा था। सपकाल ने कहा कि गृह विभाग का कामकाज संभाल रहे मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का ध्यान कानून व्यवस्था पर नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘एक मंत्री की बेटी के साथ सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में छेड़छाड़ की गई, यह दर्शाता है कि कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। फडणवीस को गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए तथा राज्य में माताओं और बहनों की सुरक्षा के लिए राज्य को पूर्णकालिक सक्षम गृह मंत्री देना चाहिए।'' कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि पुलिस सुरक्षा में खडसे की बेटी के साथ छेड़छाड़ की खबर महाराष्ट्र में एक सच्चाई है। उन्होंने दावा किया, ‘‘मंत्री को सीधे थाने जाकर मांग करनी पड़ी कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। हम लंबे समय से कह रहे हैं कि राज्य में पुलिस का अब कोई डर नहीं रह गया है, क्योंकि गैंगस्टर को महायुति का संरक्षण प्राप्त है।'' वडेट्टीवार ने कहा कि महायुति सरकार को उसकी केंद्रीय मंत्री ने आईना दिखा दिया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह घटना मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों को जगाएगी? - भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत चार मार्च को यहां विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के लगभग 700 कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रशिक्षण शिविर का औपचारिक रूप से उद्घाटन करेंगे। संघ के एक पदाधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने यहां जारी एक बयान में कहा कि यह प्रशिक्षण शिविर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में आयोजित किया जाएगा। संघ के पदाधिकारी ने बताया कि आठ मार्च को शिविर के समापन सत्र को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और आरएसएस के विचारक तथा विद्या भारती के वरिष्ठ सलाहकार सुरेश सोनी संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि उद्घाटन से एक दिन पहले, मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री विश्वास सारंग और अन्य गणमान्य व्यक्ति सोमवार को उसी स्थान पर भारत के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य की झलक पेश करने वाली एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने बताया कि पूरे प्रशिक्षण शिविर के दौरान आरएसएस के संयुक्त महासचिव कृष्ण गोपाल मौजूद रहेंगे। संघ के अनुसार, आरएसएस से संबद्ध विद्या भारती, एक गैर-सरकारी शैक्षणिक संगठन है, जो 1952 से देश में शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा है। तब उसने गोरखपुर में अपना पहला स्कूल स्थापित किया था। बयान में कहा गया है कि विद्या भारती देश भर में 22,000 स्कूल चलाती है। इन विद्यालयों में सामूहिक रूप से 1,54,000 शिक्षक और लगभग 36 लाख विद्यार्थी हैं।
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नयी दिल्ली। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को डेयरी क्षेत्र में स्थिरता और पुनर्चक्रण पर एक कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम के दौरान कई राज्यों में बायोगैस संयंत्र स्थापित करने के लिए विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस अवसर पर अधिकारी पर्यावरण की दृष्टि से जिम्मेदार डेयरी प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी करेंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) और नाबार्ड बड़े पैमाने पर बायोगैस परियोजनाओं और 'सस्टेन प्लस परियोजना' के तहत नई वित्तपोषण पहल की घोषणा भी करेंगे। कार्यशाला में टिकाऊ खाद प्रबंधन मॉडल पर तकनीकी सत्र होंगे, जिनसे डेयरी अपशिष्ट को बायोगैस, संपीडित बायोगैस (सीबीजी) और जैविक उर्वरकों में बदलने में मदद मिलेगी। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह, राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेल और जॉर्ज कुरियन भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
- जूनागढ़ (गुजरात),। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने गृह राज्य गुजरात की तीन दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन रविवार को गिर सोमनाथ जिले में स्थित सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और देशवासियों के स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री मोदी ने जामनगर जिले में पशु बचाव, संरक्षण एवं पुनर्वास केंद्र वनतारा का दौरा किया। बाद में मोदी ने प्रभास पाटन स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम शिव मंदिर में दर्शन किए और प्रार्थना की। मंदिर के दर्शन के बाद मोदी पड़ोसी जूनागढ़ जिले में स्थित सासन के लिए रवाना हुए। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि यह यात्रा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ के समापन के बाद भगवान सोमनाथ की पूजा करने के उनके संकल्प का हिस्सा थी। उन्होंने कहा, ‘‘प्रयागराज में ‘एकता का महाकुंभ' करोड़ों देशवासियों के प्रयासों से संपन्न हुआ। मैंने एक सेवक की तरह मन ही मन संकल्प किया था कि महाकुंभ के बाद मैं 12 ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ की पूजा करूंगा।'' उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर 45 दिवसीय महाकुंभ में भारत और दुनिया भर से 66.21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आये। मोदी ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘आज सोमनाथ दादा की कृपा से वह संकल्प पूरा हुआ है। मैं सभी देशवासियों की ओर से एकता के महाकुंभ की सफलता को श्री सोमनाथ भगवान के चरणों में समर्पित करता हूं। साथ ही उनके (देशवासियों) स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं।'' मोदी ने आज सुबह जामनगर जिले में पशु बचाव, संरक्षण एवं पुनर्वास केंद्र वनतारा का दौरा किया। तीन हजार एकड़ में फैला वनतारा रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी के परिसर में स्थित है। यह वन्यजीवों के कल्याण के लिए समर्पित बचाव केंद्र है, तथा दुर्व्यवहार और शोषण से बचाए गए पशुओं को अभयारण्य, पुनर्वास व चिकित्सा देखभाल प्रदान करता है। रविवार शाम को प्रधानमंत्री गिर वन्यजीव अभयारण्य के मुख्यालय सासन गिर पहुंचे, जहां वह तीन मार्च (सोमवार) को विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि बैठक से पहले प्रधानमंत्री सोमवार सुबह जंगल सफारी का आनंद लेंगे।एनबीडब्ल्यूएल में 47 सदस्य हैं, जिनमें सेना प्रमुख, विभिन्न राज्यों के सदस्य, इस क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, मुख्य वन्यजीव वार्डन और विभिन्न राज्यों के सचिव शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि बैठक के बाद मोदी सासन में कुछ महिला वनकर्मियों से बातचीत करेंगे।
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महाकुंभनगर. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान 45 दिनों तक उमड़े श्रद्धालुओं के जनसैलाब के बीच अपनों से बिछड़े कुल 54,375 लोगों को उनके परिजनों से मिलाया गया। सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ''महाकुंभ मेले के दौरान देश के कोने-कोने से और विदेश से आए 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। इस दौरान, अपने परिवार से बिछड़े 54,375 लोगों का पुनर्मिलन कराया गया। बिछड़ने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक थी।'' बयान के अनुसार, ''इस बार महाकुंभ में भूले-भटके लोगों को शीघ्रता से उनके परिवार से मिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने डिजिटल खोया-पाया केंद्रों की स्थापना की थी। महाकुंभ में इन केंद्रों के माध्यम से 35,000 से अधिक श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाने का कार्य किया गया।'' बयान में कहा गया है कि अमृत स्नान पर्व मकर संक्रांति के दौरान लापता 598 श्रद्धालुओं, मौनी अमावस्या के दौरान लापता 8,725 श्रद्धालुओं और बसंत पंचमी के दौरान लापता 864 श्रद्धालुओं को डिजिटल खोया-पाया केंद्रों की मदद से उनके परिजनों से मिलवाया गया। इसमें बताया गया है कि अन्य स्नान पर्वों और सामान्य दिनों में खोए हुए 24,896 लोगों का भी उनके परिवारों के साथ पुनर्मिलन कराया गया और इस तरह डिजिटल खोया-पाया केंद्रों की मदद से परिजनों से मिलवाए गए भूले-भटके लोगों की संख्या 35,083 रही। बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पूरे महाकुंभनगर में 10 डिजिटल खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए थे, जिनमें अत्याधुनिक एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित चेहरा पहचान प्रणाली, मशीन लर्निंग और बहुभाषीय समर्थन जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी। वहीं, दूसरी ओर भूले-भटके लोगों को उनके परिजनों से मिलाने में गैर-सरकारी सामाजिक संस्थाओं भारत सेवा दल और हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति समिति की भी अहम भूमिका रही। भारत सेवा दल के भूले-भटके शिविर के संचालक उमेश चंद्र तिवारी के अनुसार, महाकुंभ के समापन तक शिविर ने 19,274 बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाया। बयान में कहा गया है, ''महाकुंभ मेले में बिछड़े सभी 18 बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया गया। शिविर के माध्यम से न सिर्फ खोए हुए लोगों को खोजा गया, बल्कि उनके घरों तक पहुंचाने में भी मदद की गई।'' बिहार के मुजफ्फरपुर के कपलेश्वर साहनी की सास कृष्णा देवी को केंद्र ने आखिरी दिन परिजनों से मिलाया। इसी तरह, छत्तीसगढ़ के रायपुर के बृजलाल चौहान की पत्नी जंगी देवी भी अपने घर पहुंच गईं।
- लखनऊ। रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया कि 45 दिन के महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण 50 हजार से अधिक लोग अपने परिवारों से बिछड़ गए थे, जिन्हें सफलतापूर्वक उनके परिजनों से मिला दिया गया। सरकार द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, महाकुंभ मेले के दौरान देश और विदेश के हर कोने से आए 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में पवित्र स्नान किया।इस दौरान, कुल 54 हजार 357 बिछड़े हुए लोग अपने परिवारों से मिल पाए। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक थी। इस बार राज्य सरकार ने डिजिटल “लॉस्ट एंड फाउंड” केंद्र स्थापित किए थे, जिससे लोगों को जल्द से जल्द उनके परिवारों से मिलाया जा सके। इन डिजिटल केंद्रों के माध्यम से 35 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को महाकुंभ के दौरान उनके परिवारों से मिलाने में सफलता मिली। मकर संक्रांति पर 598 श्रद्धालु, मौनी अमावस्या पर 8 हजार 725 लोग और बसंत पंचमी पर 864 लोगों को इसके माध्यम से उनके परिवारवालों से मिलाया गया। इन डिजिटल लॉस्ट एंड फाउंड केंद्रों की मदद से अपने परिवारों से फिर से मिल गए।इसके अलावा, अन्य स्नान पर्वों और सामान्य दिनों में 24 हजार 896 लोग अपने परिवारों से मिलाए गए। इस तरह, महाकुंभ समाप्त होने तक कुल 35 हजार 083 लोगों को उनके परिवारों से मिलाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर महाकुंभ नगरी में 10 डिजिटल लॉस्ट एंड फाउंड केंद्र स्थापित किए गए थे। इन केंद्रों में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित फेस रिकॉग्निशन सिस्टम, मशीन लर्निंग और बहुभाषी सपोर्ट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद थीं।अन्य संस्थाओं ने भी की मदददूसरी ओर, गैर-सरकारी सामाजिक संगठन, जिसमें मुख्य रूप से भारत सेवा दल और हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति समिति शामिल थी, ने भी खोए हुए लोगों को उनके परिवारों से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत सेवा दल के “भूल-भटके कैंप” के निदेशक उमेश चंद्र तिवारी के अनुसार, महाकुंभ समाप्त होने तक इस कैंप ने 19 हजार 274 बिछड़े हुए लोगों को उनके परिवारों से मिला दिया। इसके अलावा, मेले के दौरान 18 खोए हुए बच्चे भी अपने परिवारों से मिल गए।बता दें कि 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी को खत्म होने वाले इस महाकुंभ में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया था। खासकर मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी जैसे स्नान पर्वों पर भारी भीड़ उमड़ी थी।
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके।
डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे।लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा।योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज रविवार को घोषणा की कि सरकार देश से नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 12 अलग-अलग मामलों में 29 नशा तस्करों को सजा दी गई है। यह कार्रवाई सरकार की सख्त जांच प्रक्रिया और प्रभावी रणनीति का नतीजा है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मोदी सरकार नशा तस्करों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगी। उन्होंने कहा, “ये तस्कर हमारे युवाओं को नशे की लत में डालकर सिर्फ पैसे कमाने के लिए उनका जीवन बर्बाद करते हैं। हमारी ठोस जांच रणनीति के कारण 29 नशा तस्करों को सजा मिली है। हम इस लड़ाई को और तेज करेंगे और भारत को नशामुक्त बनाएंगे।”सरकार और राज्य प्रशासन मिलकर नशे के कारोबार पर लगातार शिकंजा कस रहे हैं। हाल ही में मणिपुर की स्थिति पर हुई समीक्षा बैठक में गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में ड्रग कार्टेल (नशा माफिया) को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मणिपुर को नशामुक्त राज्य बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।दिल्ली में भी, गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री आशीष सूद के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में नशे के व्यापार पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों में नशीली दवाओं की तस्करी और खपत को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।राज्यों में भी नशे के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाए जा रहे हैं। पंजाब में पुलिस ने 290 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया, 750 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की और 232 एफआईआर दर्ज की। इसी तरह, हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने 6 महीने का विशेष अभियान शुरू किया है, जिसमें पुलिस को नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) भी बनाई गई है।




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