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नई दिल्ली। इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना ‘रमजान’ आज से शुरू हो गया है। शनिवार शाम चांद दिखने के बाद ‘रमजान’ के पवित्र महीने का आज (रविवार) से आगाज हुआ। इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को ‘रमजान’ की बधाई दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “रमजान का पवित्र महीना शुरू हो रहा है। उम्मीद है कि यह हमारे समाज में शांति और सद्भाव लेकर आएगा। यह पवित्र महीना चिंतन, कृतज्ञता और भक्ति का प्रतीक है, साथ ही हमें करुणा, दया और सेवा के मूल्यों की याद दिलाता है। रमजान मुबारक!”
वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी ‘रमजान’ की बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “रमजान मुबारक! यह पवित्र महीना आपके जीवन को खुशियों से भर दे और आपके दिल में शांति लाए।” केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ‘रमजान’ की बधाई दी। उन्होंने कहा कि मैं सभी लोगों को रमजान की शुभकामनाएं देता हूं।इसके अलावा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देशवासियों को ‘रमजान’ की बधाई दी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, “सभी को रमजान की दिली मुबारकबाद।”गौरतलब है कि रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है, जिसे मुसलमान पूरे विश्व में रोजा रखकर (उपवास) मनाते हैं। रमजान के दौरान मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास रखते हैं, जिसे रोजा कहा जाता है। रमजान के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन मुसलमान एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हैं और अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खुशियां मनाते हैं।- - चेन्नई. चेन्नई में राष्ट्रीय अनुसंधान प्रदर्शनी ‘आईआईएनवेनटिव' में प्रदर्शित 185 नवाचारों में वायु गुणवत्ता के आधार पर यात्रा मार्ग सुझाने वाला एक ऐप, गाय के गोबर पर आधारित एक ‘फोमिंग एजेंट', रेलवे पटरियों की सफाई के लिए एक रोबोट प्रणाली और बांस के पाउडर का उपयोग करके बोतलें बनाने की एक प्रणाली शामिल हैं। शिक्षा मंत्रालय (एमओई) के इस दो दिवसीय प्रमुख कार्यक्रम के तीसरे संस्करण का आयोजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास द्वारा किया जा रहा है। इस बार इस प्रदर्शनी में न केवल आईआईटी बल्कि एनआईटी, आईआईएससी (बेंगलुरु) और आईआईएसईआर के नवाचार और उपकरण भी शामिल किए गए हैं। आईआईटी, हैदराबाद ‘हेल्दीरूट' नामक नेविगेशन ऐप पेश कर रहा है, जो वास्तविक समय के वायु गुणवत्ता आंकड़ों को यातायात प्रवाह के साथ जोड़ता है, ताकि उपयोगकर्ताओं को कम से कम यातायात भीड़ और बेहतर वायु गुणवत्ता वाले मार्ग सुझाए जा सकें। आईआईटी, हैदराबाद की अंतरा रॉय ने बताया, ‘‘मौजूदा ऐप मुख्य रूप से यातायात और समय संबंधी बेहतर रूट पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन खराब वायु गुणवत्ता के कारण स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करने में विफल रहते हैं। हमारा ऐप वायु प्रदूषण आंकड़ों को यातायात भीड़ के साथ एकीकृत करके, एक नया नेविगेशन समाधान प्रदान करता है।'' राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), केरल ने ‘एविबोट' प्रदर्शित किया है।एनआईटी, कालीकट के सहायक प्रोफेसर ए पी सुधीर ने कहा कि यह रोबोट कुकुट व्यवसाय में स्वचालित प्रणाली की आवश्यकता को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि उन्नत प्रौद्योगिकी से लैस यह रोबोट स्वयं ही अंडे एकत्र करता है, जिससे नुकसान सीमित होता है, उत्पादन बढ़ता है और मानव श्रम कम होता है। एनआईटी, सिलचर ने बांस के पाउडर का उपयोग करके बोतलें बनाने के लिए मैन्युअल रूप से संचालित प्रणाली विकसित की है।
- सैकड़ों लोगों के खिलाफ कार्रवाई कीमुंबई. मुंबई पुलिस ने जुआ अड्डों और शराब की दुकानों समेत 207 जगहों पर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया, जिसके तहत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान में 13 पुलिस उपायुक्त, 41 सहायक पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक और शहर के पांच क्षेत्रों के पुलिसकर्मी शामिल थे। यह अभियान शुक्रवार देर रात शुरू हुआ और शनिवार तड़के तक जारी रहा। अधिकारी ने कहा, हमने 12 वांछित आरोपियों को पकड़ा, 46 के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए और 25 के खिलाफ वारंट जारी किए, 16 से हथियार जब्त किए और 54 लोगों के खिलाफ मुंबई पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। हमने स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत 15 मामले भी दर्ज किए, 14 जुआ और शराब के अड्डों पर छापेमारी की।'' उन्होंने बताया कि 113 स्थानों पर नाकाबंदी के कारण 6901 वाहनों की जांच की गई, जिसके बाद 1891 लोगों को मोटर वाहन अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया, जबकि 70 लोगों को शराब पीकर गाड़ी चलाने के लिए कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
- अहमदाबाद. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और आणंद में बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। गुजरात के एक दिवसीय दौरे के दौरान, मंत्री ने पश्चिमी रेलवे जोन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचकर निर्माण कार्य का विस्तार से निरीक्षण किया। वैष्णव ने कहा, “स्टेशन का डिजाइन और स्वरूप अहमदाबाद की संस्कृति और विरासत को दर्शाएगा।” उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पुनर्विकास कार्य साढ़े तीन साल में पूरा हो जाएगा।पश्चिमी रेलवे के अनुसार, अहमदाबाद स्टेशन के पुनर्विकास का काम नवंबर 2023 में सौंपा गया था और इसे जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना की समीक्षा करने के बाद, वैष्णव ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 200 मीटर लंबे स्टील ब्रिज का दौरा किया। वैष्णव ने कहा कि पुल का ‘गार्डर' भारत में बनाया गया है और घटकों का निर्माण हापुड़ के सालासर संयंत्र में किया गया है। मंत्री ने आणंद में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का भी दौरा किया और कार्य प्रगति की सराहना की।उन्होंने पत्रकारों से कहा, "करीब 360 किलोमीटर लंबे मार्ग पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी तत्परता से जारी है।" मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर लंबे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलेगी, जिसमें 12 स्टेशन होंगे। परिचालन शुरू करने की समय सीमा के बारे में पूछे जाने पर वैष्णव ने कहा कि काम बहुत तेजी से जारी है और जल्द से जल्द परिचालन शुरू करने के लिए सभी प्रयास किये जा रहे हैं।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ‘एनएक्सटी कॉन्क्लेव' में राजनीति और शिक्षा जगत सहित विभिन्न क्षेत्रों की कई जानी-मानी वैश्विक हस्तियों से मुलाकात की और उनके साथ विचार साझा किए। बैठकों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने ‘एक्स' पर पोस्ट में संबंधित क्षेत्रों में इन हस्तियों के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘अपने अच्छे मित्र और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट से मिलकर बहुत प्रसन्नता हुई। वह हमेशा से भारत के मित्र रहे हैं। हम सभी ने उन्हें उनकी वर्तमान यात्रा के दौरान मोटे अनाज का आनंद लेते देखा है।'' मोदी ने श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की और कहा कि वह हमेशा विक्रमसिंघे के साथ बातचीत के लिए उत्सुक रहते हैं और विभिन्न मुद्दों पर उनके दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हैं। मोदी ने जिन लोगों से मुलाकात की, उनमें कार्लोस मोंटेस और जोनाथन फ्लेमिंग भी शामिल थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि मोंटेस ने सामाजिक नवाचारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उन्होंने डिजिटल प्रौद्योगिकी, फिनटेक आदि में भारत की प्रगति की सराहना की है। ‘एमआईटी स्लोअन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट' से जुड़े फ्लेमिंग ने सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य किया है। मोदी ने एन. लिबर्ट से मुलाकात के बाद कहा कि पार्किंसन रोग के इलाज में लिबर्ट का योगदान सराहनीय है और इससे आने वाले समय में कई लोगों के लिए बेहतर गुणवत्तापूर्ण जीवन सुनिश्चित होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरिक्ष यात्री माइक मैसिमिनो, रूसी अंतरिक्ष यात्री ओलेग आर्टेमियेव, नवाचार विशेषज्ञ एलेक रॉस, प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी ब्रायन ग्रीन और अंतरराष्ट्रीय संबंधों एवं भू-राजनीति के विशेषज्ञ वेसलिन पोपोवस्की से भी मुलाकात की।
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नयी दिल्ली. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि सरकार देशभर के विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर बजट प्रस्तावों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। बजट के बाद ‘कृषि और ग्रामीण समृद्धि' पर आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा, “कृषि के विकास और किसानों की समृद्धि के बिना विकसित भारत का निर्माण नहीं किया जा सकता है।” एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण विकास और कृषि वृद्धि, सरकार के एजेंडे में केन्द्रीय स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रशासन मखाना बोर्ड के गठन के लिए प्राप्त सुझावों पर काम करेगा। वेबिनार के दौरान चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में ‘कृषि क्षेत्र और किसान भाई-बहन समृद्ध हो रहे हैं।' कृषि मंत्री ने ग्रामीण विकास के लिए नीति को अमल में लाने के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “बजट प्रस्तावों को जमीनी स्तर पर लागू करना हमारा संकल्प है।” चौहान ने किसानों को समर्थन देने के लिए छह सूत्री रणनीति भी बताई। इसमें उत्पादन बढ़ाना, उत्पादन लागत कम करना, उचित मूल्य सुनिश्चित करना, नुकसान की भरपाई करना, कृषि में विविधता लाना और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना शामिल हैं। -
नयी दिल्ली. दिल्ली सरकार ने शनिवार को कहा कि एक अप्रैल से राष्ट्रीय राजधानी के पेट्रोल पंप 15 और 10 साल से पुराने वाहनों को क्रमश: पेट्रोल और डीजल नहीं देंगे। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदूषण रोधी उपायों पर चर्चा के लिए अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद कहा कि पेट्रोप पंप पर ऐसे उपकरण लगाए जाएंगे जो अधिक पुराने वाहनों की पहचान करेंगे और उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा। सरकार के इस कदम का उद्देश्य वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर अंकुश लगाना तथा शहर में वायु प्रदूषण से निपटना है, जो निवासियों के लिए निरंतर एक चुनौती बनी हुई है। पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार इस निर्णय के बारे में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को सूचित करेगी, जिसके बाद मंत्रालय शहर के पेट्रोल पंप मालिकों को अधिसूचित करेगा। शहर में 425 से अधिक पेट्रोल पंप हैं।
बैठक के बाद सिरसा ने कहा, ‘‘हम पेट्रोल पंप पर ऐसे उपकरण लगा रहे हैं, जो 15 साल से पुराने वाहनों की पहचान करेंगे और उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा।'' दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को भी 31 मार्च के बाद ईंधन नहीं दिया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि एक अनुमान के अनुसार, पेट्रोल और डीजल चालित ऐसे करीब 55 लाख वाहन हैं, जिनमें से 66 प्रतिशत दोपहिया और 54 प्रतिशत चार पहिया वाहन हैं। सरकार की योजना दिसंबर 2025 तक, दिल्ली में सीएनजी चालित करीब 90 प्रतिशत सार्वजनिक परिवहन बसों को हटाने और उनकी जगह इलेक्ट्रिक बसें परिचालित करने की है, ताकि स्वच्छ और अधिक टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा दिया जा सके। नये नियमों के कार्यान्वयन के बारे में अधिक जानकारी देते हुए अधिकारी ने कहा कि दिल्ली के कई पेट्रोल पंप ने प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए पहले ही एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) से लैस कैमरे लगाए हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘ये कैमरे वर्तमान में उन वाहनों का पता लगाते हैं जिनके पास पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं है और पेट्रोल पंप कर्मी ऐसे वाहनों को ईंधन देने से इनकार कर देते हैं। हम वाहनों के अधिक पुराने होने का पता लगाने के लिए एआई से लैस कैमरों का भी उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए हमें अपनी प्रणाली को अद्यतन करने की आवश्यकता है।'' उन्होंने कहा कि जिन पेट्रोल पंप पर अभी ऐसे उपकरण नहीं हैं, वहां जल्द ही इन्हें लगाया जाएगा। इसके अलावा, दिल्ली सरकार अधिक पुराने वाहनों की पहचान करने के लिए टीम तैनात करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसे वाहनों को शहर में प्रवेश करने से रोका जाए या यदि वे पहले से मौजूद हैं तो उन्हें हटा दिया जाए। नवंबर में, सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सर्दियों के महीनों में, वाहनों से होने वाला उत्सर्जन दिल्ली में प्रदूषण के लिए सर्वाधिक जिम्मेदार है - इसकी (वाहनों से उत्सर्जन की) मात्रा पराली जलाने, सड़क की धूल या पटाखे फोड़ने से भी अधिक है। दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय द्वारा दिल्ली में 15 साल से पुराने वाहनों पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया गया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास बिना प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाण पत्र वाले वाहनों का पता लगाने के लिए पहले से ही उपकरण हैं और मुझे लगता है कि उसी प्रणाली का उपयोग 15 साल से अधिक पुराने वाहनों का पता लगाने के लिए किया जा सकता है।'' दिल्ली सरकार का यह फैसला उच्चतम न्यायालय के 2018 के उस फैसले के अनुरूप है, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया था। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सुरक्षा बलों को आठ मार्च से मणिपुर में सभी मार्गों पर लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। यह निर्देश शाह ने यहां एक उच्च स्तरीय बैठक में दिए, जिसमें मणिपुर की सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। यह आदेश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मई 2023 में मेइती-कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़कने के बाद से इंफाल घाटी स्थित मेइती और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले कुकी लोगों के क्षेत्रों से यात्रा पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई। कुकी राज्य से बाहर जाने के लिए ज्यादातर मिजोरम होकर जाते हैं, वहीं मेइती कुकी बहुल पर्वतीय क्षेत्रों में नहीं जाते हैं। विश्वास बहाली का यह कदम अवैध और लूटे गए हथियार रखने वालों को आत्मसमर्पण करने संबंधी राज्यपाल अजय कुमार भल्ला के आदेश के 10 दिन बाद उठाया गया है। मणिपुर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए शाह ने यह भी कहा कि केंद्र राज्य में स्थायी शांति बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस संबंध में सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि आठ मार्च से मणिपुर की सभी सड़कों पर लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों पर अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। पूर्वोत्तर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद यह इस प्रकार की पहली बैठक थी। मई 2023 से इंफाल घाटी में मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। सूत्रों ने कहा कि गृह मंत्री ने मणिपुर में सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। उन्हें राज्य में कानून-व्यवस्था की समग्र स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी गई। शाह ने निर्देश दिया कि मणिपुर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निर्धारित प्रवेश बिंदुओं के दोनों ओर बाड़ लगाने का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि मणिपुर को नशा मुक्त बनाने के लिए नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल पूरे नेटवर्क को खत्म किया जाना चाहिए। बैठक में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, उप सेना प्रमुख और सेना की पूर्वी कमान के कमांडर शामिल थे। एन बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। राज्य विधानसभा को निलंबित कर दिया गया है। विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है। राज्यपाल भल्ला ने लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को सात दिन के भीतर स्वेच्छा से पुलिस के सुपुर्द करने का 20 फरवरी को आग्रह किया था। सात दिन की इस अवधि में मुख्य रूप से घाटी के जिलों में 300 से अधिक हथियार जनता द्वारा सौंपे गए। इनमें मेइती चरमपंथी समूह ‘अरम्बाई टेंगोल' द्वारा सौंपे गए 246 आग्नेयास्त्र शामिल हैं। भल्ला ने लूटे गए और अवैध हथियारों को पुलिस को सौंपने की समयसीमा शुक्रवार को बढ़ाकर छह मार्च शाम चार बजे तक कर दी थी। करीब 22 महीने पहले शुरू हुई जातीय हिंसा के शुरुआती दौर में मणिपुर में अलग-अलग जगहों पर पुलिस से कई हजार हथियार लूटे गए थे। तीन जनवरी को राज्यपाल का पदभार संभालने के बाद से भल्ला विभिन्न वर्गों के लोगों से मिल रहे हैं और उनसे राज्य में सामान्य स्थिति वापस लाने के बारे में प्रतिक्रिया ले रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने मणिपुर में कई बैठकों की अध्यक्षता भी की, जहां राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की गई और सुरक्षा बलों को आवश्यक निर्देश दिए गए। पूर्व केंद्रीय गृह सचिव भल्ला ने अगस्त 2024 तक पांच साल तक शाह के साथ काम किया था। कहा जाता है कि भल्ला को केंद्रीय गृह मंत्री ने चुना और उन्होंने अशांत राज्य में सामान्य स्थिति वापस लाने के लिए उन्हें यह जिम्मेदारी दी। मणिपुर में हिंसा तब शुरू हुई जब मई 2023 में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च' का आयोजन किया गया।
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नयी दिल्ली. एमआईटी स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के वरिष्ठ व्याख्याता जोनाथन फ्लेमिंग ने शनिवार को आईसीएआर पूसा परिसर के दौरे पर प्रौद्योगिकी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण में भारत के प्रयासों की सराहना की। फ्लेमिंग ने ‘नमो ड्रोन दीदी' योजना के प्रतिभागियों के साथ बातचीत के बाद कहा, “मैं यह देखकर उत्साहित हूं कि भारत महिला सशक्तिकरण के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग कैसे कर रहा है।” उन्होंने कहा, “यह पहल न केवल ग्रामीण भारतीय महिलाओं के लिए बल्कि अन्य देशों के लिए भी प्रेरणा है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि अतिथि प्रोफेसर ने चार महिला प्रतिभागियों - गीता, सीता, प्रियंका और हेमलता द्वारा कृषि प्रयोजनों के लिए उपयोग की जाने वाली ड्रोन प्रौद्योगिकी का सजीव प्रदर्शन देखा। इन प्रतिभागियों ने ड्रोन का उपयोग करके फसल के खेतों में उर्वरकों और कीटनाशकों का छिड़काव किया। बातचीत के दौरान, महिलाओं ने बताया कि कैसे सरकारी कार्यक्रम ने उन्हें ड्रोन प्रौद्योगिकी अपनाने में मदद करने के लिए प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान की। उन्होंने अपनी वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार की सूचना दी और ‘ड्रोन दीदी' के रूप में अपने नए पदनाम पर गर्व व्यक्त किया। -
तरन तारन . पंजाब के तरन तारन जिले में शनिवार तड़के एक मकान की छत गिरने से एक परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना तड़के करीब साढ़े चार बजे पंडोरी गोला गांव में हुई।
पुलिस के अनुसार, मकान की स्थिति खराब थी और छत पर कुछ बेकार सामग्री रखी हुई थी जिसके वजन के कारण वह ढह गया। घटना के बाद घायलों को अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
मृतकों की पहचान गोबिंदा (40), उसकी पत्नी अमरजीत कौर (36), उनके तीन नाबालिग बच्चों गुरबाज सिंह (14), गुरलाल (17) बेटी एकम (15) के रूप में हुई। -
आगरा (उप्र) .आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह खड़े ट्रक में सवारियों से भरी एक बस टकराने से हुए भीषण हादसे में चार लोगों की मौत हुई है । पुलिस ने बताया कि हादसे में 19 लोग घायल हुए हैं। यब बस वाराणसी से जयपुर जा रही थी। पुलिस के मुताबिक थाना फतेहाबाद इलाके में एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे यह हादसा हुआ है। फतेहाबाद के एसीपी अमरदीप लाल ने बताया, “सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। एक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है उसकी शिनाख्त की जा रही है। सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से उपचार के लिये अस्पताल भेजा गया है।” मृतकों में से तीन की पहचान राजस्थान निवासी गोविंद (68), रमेश (45), और आगरा निवासी दीपक वर्मा (40) के तौर पर हुई है। हादसे में घायल चार लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है जबकि 15 घायल को सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं।
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नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टॉनी एबॉट ने दिल्ली की आईएनए मार्केट में मिलेट्स एक्सपीरियंस सेंटर पर जाकर विभिन्न प्रकार के मिलेट्स के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने मिलेट्स से बने व्यंजनों का स्वाद भी चखा। इस मौके पर एबॉट ने कहा, “मैं मिलेट सेंटर का दौरा करके बहुत खुश हूं। मैं इस बात की सराहना करता हूं कि पीएम मोदी ने भारत के लोगों के लिए अपने सामाजिक उत्थान अभियान में मिलेट को बढ़ावा देने को एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।”
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा, “मुझे यह स्वीकार करना चाहिए कि मैं मिलेट से वास्तव में परिचित नहीं था। ऑस्ट्रेलिया में, हम गेहूं और चावल खाते हैं, लेकिन ये विभिन्न व्यंजन स्वादिष्ट थे, और सबसे बढ़कर, जाहिर है, वे बहुत स्वस्थ थे…” उन्हें विभिन्न प्रकार के मिलेट्स और उनकी बढ़ती लोकप्रियता से परिचित कराया गया और उन्होंने मिलेट्स से बने कुछ व्यंजन भी चखे।पूर्व प्रधानमंत्री एनएक्सटी कॉन्क्लेव 2025 में भाग लेने के लिए भारत दौरे पर हैं, जो 28 फरवरी से 1 मार्च तक भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री ने मिलेट्स के लाभों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की पहल की सराहना की। पूर्व प्रधानमंत्री एबॉट ने एक हथकरघा प्रदर्शनी का भी दौरा किया, जहां उन्होंने भारत की समृद्ध विरासत और परंपरा का अनुभव किया।इसे मौके पर ‘मिलेट फॉर हेल्थ’ की सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक पल्लवी उपाध्याय ने कहा, “हमारी कंपनी यहां भारत सरकार, कृषि मंत्रालय, नेफेड के सौजन्य से सेंटर का संचालन कर रही है। हमारी यह कोशिश है कि हमारे श्री अन्न (मिलेट) से बना हुआ अच्छे से अच्छा भोजन लोगों के सामने लेकर आए। लोगों को यह समझ में आए कि हम श्री अन्न से हम चाहे जो बनाना चाहे जो खाना चाहे वो खा सकते हैं। यह हमारी सभ्यता का हिस्सा है लेकिन हम इसे भूल चुके हैं। खाने के साथ श्री अन्न से हुए उत्पाद भी हैं जिन्हें खरीदकर लोग घर भी बना सकते हैं।’ भारत के प्रस्ताव के आधार पर, संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) द्वारा वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया गया था। -
नई दिल्ली। इस साल 14 मार्च को होली का त्योहार पड़ रहा है। वहीं साल का पहला चंद्रग्रहण भी इसी दिन लगने वाला है। ऐसे में सभी के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है कि चंद्रग्रहण का सूतक भारत में मान्य होगा नहीं? दरअसल, हर साल फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष में पूर्णिमा की तिथि पर शाम के वक्त होलिका दहन होता है, वहीं इसके अगले दिन रंगोत्सव मनाया जाता है। इस साल 13 मार्च को होलिका दहन और 14 मार्च को होली मनाई जाएगी। लेकिन इस बार चंद्रग्रहण पर होली का साया पड़ रहा है।
होली के दिन पड़ने वाले चंद्रग्रहण का समय सुबह 9:29 बजे से दोपहर 3:29 तक रहने वाला है। राहत की बात है कि यह चंद्रग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। ऐसे में इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। इसका प्रभाव मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अफ्रीका के अधिकांश क्षेत्र के अलावा प्रशांत, अटलांटिक, आर्कटिक महासागर, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, पूर्वी एशिया और अंटार्कटिका पर पड़ेगा। भारत में चंद्रग्रहण दिखाई नहीं देगा, क्योंकि चंद्रग्रहण भारतीय समय अनुसार दिन में घटित होने वाला है।चंद्रग्रहण का ज्योतिषीय, धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व होता है। धार्मिक दृष्टि से इसका कारण राहु-केतु माने जाते हैं। ज्योतिष के अनुसार, ये ग्रहण केतु के कारण लगने वाला है। राहु और केतु को सांप की भांति माना गया है, जिनके डसने पर ग्रहण लगता है। वहीं, कुछ का मानना है कि जब राहु और केतु चंद्रमा को निगलने की कोशिश करते हैं, तब चंद्रग्रहण लगता है।14 मार्च को लगने वाला यह चंद्रग्रहण कन्या राशि में होगा। इसलिए कन्या राशि के जातकों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इस राशि से संबद्ध जातकों के लिए ये चंद्रग्रहण अशुभ फल देने वाला रहेगा। अगर चंद्रग्रहण के वैज्ञानिक दृष्टिकोण की बात करें, तो ये एक खगोलीय घटना है। जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आते हैं, तो इस दौरान सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर पड़ता है, लेकिन चंद्रमा पर नहीं पड़ता है। इस घटना को ही चंद्रग्रहण कहते हैं। -
चमोली। उत्तराखंड के बद्रीनाथ के पास एक बर्फीले तूफान में 47 मजदूर फंस गए हैं, जिनमें से अब तक 10 मजदूरों को बचा लिया गया है। भारी बर्फबारी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारतीय सेना और अन्य़ एजेंसियां बचाव कार्य में जुटी हुई है।
उत्तराखंड के चमोली जिले के बद्रीनाथ में शुक्रवार को एक बड़ा बर्फीला तूफान आया, जिसमें बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के लिए बर्फ हटाने का काम कर रहे 57 मजदूर फंस गए। बचाव दल अब तक कम से कम 16 मजदूरों को सुरक्षित निकाल चुका है, जबकि 41 मजदूर अब भी फंसे हुए हैं। यह बर्फीला तूफान माणा गांव के पास BRO के एक कैंप पर गिरा।ये मजदूर एक निजी एजेंसी के कर्मचारी हैं, जिसे BRO ने ठेके पर लिया था। चमोली के जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने स्थिति की पुष्टि करते हुए कहा कि अब तक किसी की मौत की खबर नहीं है। समाचार एजेंसी ANI ने तिवारी के हवाले से कहा, “वहां कोई सैटेलाइट फोन उपलब्ध नहीं है, जिससे साफ तौर पर संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है।”भारतीय सेना के सेंट्रल कमांड ने बचाव कार्य की तस्वीरें जारी की हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा गया, “गढ़वाल सेक्टर में माणा गांव के पास GREF कैंप पर एक बर्फीला तूफान आया। कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। भारतीय सेना की IBEX ब्रिगेड ने भारी बर्फबारी और छोटे-छोटे बर्फीले तूफानों के बावजूद तेजी से बचाव अभियान शुरू किया। अब तक 10 लोगों को बचा लिया गया है और सेना द्वारा उन्हें मेडिकल सहायता दी जा रही है। अतिरिक्त सैनिकों और उपकरणों को मौके पर भेजा जा रहा है।”उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने X पर एक पोस्ट में कहा, “चमोली जिले के माणा गांव के पास BRO द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य के दौरान कई मजदूरों के बर्फीले तूफान में दबे होने की दुखद खबर मिली। राहत और बचाव कार्य ITBP, BRO और अन्य बचाव दलों द्वारा किया जा रहा है। मैं भगवान बद्री विशाल से सभी श्रमिक भाइयों की सुरक्षा की प्रार्थना करता हूं।” -
प्रयागराज। प्रयागराज महाकुंभ-2025 ने उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन की नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। इस महाआयोजन के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने पांच प्रमुख आध्यात्मिक कॉरिडोर विकसित किए हैं। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी गुरुवार को प्रयागराज दौरे पर पुलिस जवानों, स्वच्छता कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों, नाविकों, मीडियाकर्मियों और परिवहन चालकों एवं परिचालकों को धन्यवाद देते हुए प्रमुखता से इसका उल्लेख किया।
इन कॉरिडोर के माध्यम से श्रद्धालु प्रदेशभर में आसानी से विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा कर सकेंगे, जिससे आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।पांच प्रमुख आध्यात्मिक कॉरिडोर :1. प्रयाग-विन्ध्याचल-काशी कॉरिडोरइस कॉरिडोर के माध्यम से श्रद्धालु प्रयागराज से विंध्याचल देवीधाम और फिर काशी (वाराणसी) तक की यात्रा कर सकेंगे, जो शक्ति और शिव उपासना का प्रमुख मार्ग होगा।2. प्रयागराज-अयोध्या-गोरखपुर कॉरिडोरयह कॉरिडोर भगवान राम और गोरखनाथ परंपरा से जुड़ा है। प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने, लेटे हनुमान, अक्षयवट, सरस्वती कूप के दर्शन कर अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए जा सकेंगे। अयोध्या के बाद श्रद्धालु गोरखपुर जाकर गोरखनाथ मंदिर में मत्था टेक सकेंगे।3. प्रयागराज-लखनऊ-नैमिषारण्य कॉरिडोरयह मार्ग श्रद्धालुओं को लखनऊ होते हुए नैमिषारण्य धाम तक ले जाएगा, जो हिंदू धर्म के 88 महातीर्थों में से एक है और 88 हजार ऋषियों की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। इसे भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु, देवी सती और भगवान शिव से जोड़ा जाता है।4. प्रयागराज-राजापुर (बांदा)-चित्रकूट कॉरिडोरभगवान राम के वनवास से जुड़ा यह मार्ग श्रद्धालुओं को चित्रकूट धाम तक ले जाएगा, जहां कामदगिरि पर्वत, रामघाट और हनुमान धारा जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं। वहीं, राजापुर गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली है, जिन्होंने श्रीरामचरितमानस, विनय पत्रिका आदि बहुत सी धार्मिक ग्रंथों की रचना की थी।5. प्रयागराज-मथुरा-वृंदावन-शुकतीर्थ (बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के माध्यम से)इस कॉरिडोर के तहत श्रद्धालु बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के जरिए मथुरा-वृंदावन और फिर शुकतीर्थ तक जा सकेंगे, जो भगवान श्रीकृष्ण और महर्षि शुक्राचार्य की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। इसके आगे श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली और बाल्यकाल से जुड़े मथुरा-वृंदावन की भी सैर कर सकेंगे। - महाकुंभ नगर . उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में नाविकों के योगदान की सराहना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार नाव चालकों को विशेष सुविधाएं देगी जिसके तहत पहले नाविकों का पंजीकरण किया जाएगा और इसके बाद नाव के लिए पैसा और पांच लाख रुपए तक बीमा कवर की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। त्रिवेणी संकुल में नाविकों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने नाविकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा, ‘‘ जिस तरह से निषादराज ने त्रेता युग में भगवान श्रीराम को गंगा पार कराई थी, उसी परंपरा को आज भी हमारे नाविक निभा रहे हैं। करोड़ों लोगों ने संगम में पहली बार स्नान किया जिसमें नाव चालकों की विशेष भूमिका रही है।'' योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में मत्स्य पालन से जुड़े हुए सभी लोगों के कल्याण के लिए डबल इंजन की सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कोष से एक योजना के तहत नाव उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए हर नाविक का पंजीकरण होगा और उसे सुरक्षा बीमा भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनका स्वास्थ्य बीमा कवर नहीं है, उन्हें आयुष्मान भारत योजना से जोड़कर पांच लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाएगा। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े पैमाने पर संगम में इतना जलस्तर वर्षों बाद देखा गया। यह महाकुंभ को दिव्य और भव्य बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाविकों के बाद राज्य रोडवेज के चालकों से भी संवाद किया और महाकुंभ के दौरान उनकी सेवाओं की प्रशंसा की। उन्होंने महाकुंभ में रोडवेज की बसों के संचालन से जुड़े चालकों के लिए 10,000 रुपए अतिरिक्त बोनस की घोषणा की। योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘ उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की बसों के माध्यम से महाकुंभ में 3.75 करोड़ यात्रियों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाया गया। अनेक ऐसे यात्रियों के लिए रोडवेज बड़ा सहारा बना, जहां रेलवे की सुविधा नहीं है। रोडवेज चालकों ने बिना थके लोगों को महाकुंभ की यात्रा कराई, उसके लिए उनका अभिनंदन करता हूं।''
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को आयुष क्षेत्र की व्यापक समीक्षा की और योग, प्राकृतिक चिकित्सा तथा फार्मेसी क्षेत्र में समग्र स्वास्थ्य तथा मानक प्रोटोकॉल को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। मोदी ने आयुष क्षेत्र की समीक्षा के लिए 7, लोक कल्याण मार्ग पर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें समग्र कल्याण और स्वास्थ्य सेवा, पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और देश के कल्याण पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि 2014 में आयुष मंत्रालय के गठन के बाद से मोदी ने इसकी विशाल क्षमता को पहचानते हुए इसके विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप की कल्पना की है। बैठक में क्षेत्र की प्रगति की समग्र समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने इसकी पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दिया। समीक्षा में पहल को सुव्यवस्थित करने, संसाधनों का अनुकूलन करने और आयुष की वैश्विक मौजूदगी को बढ़ाने के लिए एक दूरदर्शी मार्ग तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव शक्तिकांत दास, प्रधानमंत्री के सलाहकार अमित खरे और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
- नयी दिल्ली. सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि निजी इकाइयों के मोबाइल ऐप में आधार-सक्षम चेहरा प्रमाणन को एकीकृत करने की मंजूरी दे दी गई है जिससे ग्राहकों के लिए सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की तरफ से शुरू किए गए 'आधार गुड गवर्नेंस' पोर्टल के जरिये आधार प्रमाणीकरण के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत उपलब्ध कराई जाएगी। ‘आधार गुड गवर्नेंस' पोर्टल का शुभारंभ इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में सचिव एस कृष्णन ने यूआईडीएआई के सीईओ भुवनेश कुमार और एनआईसी के महानिदेशक इंद्र पाल सिंह सेठी की मौजूदगी में किया। कृष्णन ने कहा कि इस मंच की शुरुआत से सुशासन और जीवन की सुगमता के क्षेत्र में और अधिक उपयोग के मामलों को जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने की उम्मीद है। बयान के मुताबिक, यह पोर्टल एक संसाधन-समृद्ध मार्गदर्शक के रूप में काम करेगा और प्रमाणीकरण चाहने वाली संस्थाओं को आवेदन के तरीके और आधार प्रमाणन के लिए विस्तृत एसओपी मुहैया कराएगा। चेहरे के जरिये पहचान सुनिश्चित करने की सुविधा भी निजी इकाइयों के ग्राहक ऐप में एकीकृत की जा सकती है जिससे कभी भी कहीं भी प्रमाणीकरण किया जा सकेगा। मंत्रालय ने आधार प्रमाणीकरण अनुरोधों के लिए अनुमोदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए यह पोर्टल पेश किया है। इसमें निजी संस्थाओं के लिए विशिष्ट पहचान सत्यापन तंत्र तक पहुंच बहाल करने वाले संशोधन का पालन किया जाएगा। आधिकारिक बयान के मुताबिक, आधार प्रमाणीकरण का दायरा बढ़ने से जीवन को अधिक आसान बनाने और अपनी पसंद की नई सेवाओं तक परेशानी-मुक्त पहुंच की सुविधा प्रदान करने की उम्मीद है। बयान में कहा गया है, ‘‘आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं का लक्षित वितरण) अधिनियम, 2016 के तहत सुशासन (सामाजिक कल्याण, नवाचार, ज्ञान) संशोधन नियम, 2025 के लिए आधार प्रमाणीकरण के बाद ऑनलाइन मंच प्रभावी हो गया है।'' सरकार ने 31 जनवरी को आधार अधिनियम में एक संशोधन को अधिसूचित किया, ताकि निजी इकाइयों को भी अपनी सेवाएं देने के लिए आधार प्रमाणीकरण का उपयोग करने की अनुमति मिल सके। मंत्रालय ने कहा कि नया संशोधन आधार संख्या धारकों को आतिथ्य, स्वास्थ्य सेवा, क्रेडिट रेटिंग ब्यूरो, ई-कॉमर्स खिलाड़ियों, शैक्षणिक संस्थानों और एग्रीगेटर सेवा प्रदाताओं सहित कई क्षेत्रों से परेशानी-मुक्त सेवाओं का लाभ उठाने में सक्षम बनाता है। इसके अलावा सेवा प्रदाता भी इसे कर्मचारियों की उपस्थिति, ग्राहकों को जोड़ने, ई-केवाईसी सत्यापन, परीक्षा पंजीकरण आदि सहित कई चीजों के लिए मददगार पाएंगे।
- महाकुंभ नगर.महाकुंभ मेले ने जहां एक ओर आध्यात्मिक अनुभूति के लिए लोगों को आकर्षित किया, वहीं इसने कई छोटे दुकानदारों को कमाई का बड़ा अवसर प्रदान किया जो 45 दिनों के इस महासमागम में आवश्यक वस्तुएं बेचकर और सेवाओं की पेशकश कर अपनी आजीविका अर्जित कर सके। पूरे मेले में घाटों, रास्तों और छोटे मार्गों पर रेहड़ी पटरी वाले दुकानदारों ने अपनी दुकानें लगा रखी थीं जहां पूजा सामग्री से लेकर मूर्तियां, धागे, सिंदूर, चूड़ियां और साहित्य तक उपलब्ध थे। इनके अलावा, छोटे दुकानदारों ने सब्जियों, गोबर के कंडे, लकड़ी, बर्तन, कपड़े, कंबल, आदि की बिक्री की। ये दुकानें 4,000 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थित थी। सहसों से आकर खिलौने की दुकान लगाने वाले वीरेंद्र बिंद ने कहा कि उसकी बिक्री शानदार रही क्योंकि मेले में काफी बच्चे भी आए। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं 60 रुपये में एक सॉफ्ट टाय बेचता हूं। शुरुआत में मैं इसका दाम 70 रुपये मांगता हूं और यदि ग्राहक राजी हो जाता है तो मुझे हर बिक्री पर अतिरिक्त 10 रुपये का लाभ होता है।'' बुलंदशहर से आए रामपाल केवट ने कहा कि वह नाविक परिवार से हैं और उसके पिता नाव चलाते हैं, लेकिन महाकुंभ से पहले उन्होंने फोटोग्राफी सीखनी शुरू की और एक कैमरा खरीदा। उन्होंने कहा,‘‘मैं तुरंत प्रिंट निकालने वाला प्रिंटर साथ लेकर चलता हूं। मेले के दौरान मैंने फोटोग्राफी कर प्रतिदिन औसतन 5,000-6,000 रुपये की कमाई की। मैं प्रति तस्वीर 50 रुपये लेता हूं।'' यह पूछे जाने पर कि उसने इतने पैसे का क्या किया, केवट ने बताया कि वह रोज दिन ढलने के बाद सारे पैसे अपने परिवार को भेज देता था। प्रतापगढ़ जिले से आए अभिषेक ने मेले में रंगबिरंगे धागों की दुकान लगाई थी। इससे पहले वह एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के लिए ड्राइवर का काम करता था। अभिषेक ने बताया, ‘‘मैं एक धागा 10 रुपये में बेच रहा हूं चाहे वह किसी भी रंगा का क्यों ना हो। मैंने थोक के भाव में इसे बनारस से खरीदा जहां इसकी लागत 3 रुपये प्रति धागा थी।'' प्रयागराज में रहने वाले मनशू ने अपने परिवार के साथ सेक्टर 19 के पास ‘फास्ट फूड' की दुकान लगाई थी जहां उन्होंने 10 रुपये प्रति कप चाय और 50 रुपये प्रति प्लेट मैगी नूडल्स बेचा। दुकान पर लगे एक छोटे पोस्टर में लिखा था ‘बाइक टैक्सी' के लिए संपर्क करें, इसके बारे में पूछने पर मनशू ने बताया, “मैंने कुंभ मेला क्षेत्र में बाइक टैक्सी भी चलाई जिससे मुझे अतिरिक्त आय हुई।” महाकुंभ मेला 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी को समाप्त हुआ जिसमें 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।
- प्रयागराज . प्रयागराज महाकुंभ के समापन के अगले दिन रेल कर्मियों का अभिनंदन करने यहां पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि महाकुंभ के दौरान 13,000 ट्रेनें चलाने की योजना थी, लेकिन 16,000 से अधिक ट्रेनें चलाई गईं। वैष्णव ने उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर), पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) और उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले विभिन्न स्टेशनों का दौरा किया और जमीनी स्तर पर परिचालन का आकलन किया। रेल मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रयागराज दौरा में रेल मंत्री ने इस वृहद आयोजन (महाकुंभ) में श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाने वाले प्रत्येक रेलकर्मी से मुलाकात कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा, “भीड़ प्रबंधन में आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल), जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) और पुलिसकर्मियों की मदद करने वाले रेल कर्मी से लेकर निर्बाध ढंग से रेल परिचालन सुनिश्चित करने वाले इंजीनियर और सफाईकर्मी से लेकर डॉक्टर तक ने इस आयोजन में बड़ी भूमिका निभाई है।” रेल मंत्री ने टीटीई, लोको पायलट (चालक), सहायक स्टेशन मास्टर, कंट्रोल अधिकारियों, ट्रैकमेन और रेलवे प्रशासकों का आभार प्रकट किया जिनके समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं को उनके गंतव्यों तक पहुंचाने में मदद मिली। यहां संवाददाताओं से बातचीत में रेल मंत्री ने कहा, “16,000 से अधिक ट्रेनों के जरिए 4.5 से 5 करोड़ यात्रियों को महाकुंभ लाया गया और उन्हें उनके गंतव्यों तक पहुंचाया गया। मैंने सभी रेलकर्मियों को धन्यवाद देना चाहूंगा जिन्होंने एक होकर काम किया।” उन्होंने कहा, “इस महाकुंभ की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि राज्य और केंद्र के सभी विभागों और रेलवे के कर्मचारियों ने एक होकर काम किया। इसी तरह हम सभी एक हो जाएं तो कोई हमें हरा नहीं सकता।” रेल मंत्री ने कहा, “पिछले कुंभ (2019) में हमने करीब 4,000 ट्रेनें चलाई थीं और इस बार उससे तीन गुना से अधिक ट्रेनें चलाने की योजना थी, जबकि चार गुना ट्रेनें चलाई गईं। इसके लिए ढाई साल पहले से काम किया जा रहा था।” उन्होंने कहा, “इन ट्रेनों में 7,667 स्पेशल ट्रेनें और 9,485 नियमित ट्रेनें शामिल रहीं जिससे श्रद्धालु सकुशल अपने गंतव्यों तक पहुंच सके। महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए जिसमें से 4.24 करोड़ श्रद्धालुओं ने प्रयागराज के नौ प्रमुख रेलवे स्टेशनों से यात्रा की।” वैष्णव ने कहा, “इस महाकुंभ के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया और 21 से अधिक फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए जिसमें गंगा नदी पर नये पुल का निर्माण शामिल है। साथ ही हर स्टेशन पर होल्डिंग एरिया बनाए गए और यात्रियों के लिए उचित व्यवस्था की गई।” उन्होंने कहा, “इस दौरान नए तरीके के फुटओवर ब्रिज बनाए गए। रेलवे ने यात्रियों को ध्यान में रखकर हर तरह की व्यवस्थाएं की। (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी ने हमें सिखाया है कि हमें श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं कहनी चाहिए, बल्कि श्रद्धालु और भक्त कहना चाहिए और उनकी श्रद्धा और भक्ति में सहयोग देने की बात करनी चाहिए।” रेल मंत्री ने महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया।
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महाकुंभ नगर . प्रयागराज में 45 दिनों तक विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक एवं आध्यात्मिक समागम-महाकुंभ बुधवार को अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि के साथ संपन्न हो गया। तेरह जनवरी से प्रारंभ हुए इस मेले में देश विदेश से 66.30 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को शाम आठ बजे तक 1.53 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई तथा 13 जनवरी से बुधवार शाम आठ बजे तक स्नान करने वालों की संख्या 66.30 करोड़ पहुंच गई। श्रद्धालुओं की यह संख्या चीन और भारत को छोड़कर अमेरिका, रूस और यूरोपीय देशों समेत सभी देशों की आबादी से अधिक है। साथ ही यह मक्का और वेटिकन सिटी जाने वाले श्रद्धालुओं से भी अधिक है। महाकुंभ अपनी स्वच्छता को लेकर भी चर्चा में रहा जिसमें स्वच्छता कर्मियों की अहम भूमिका रही। महाकुंभ मेले में स्वच्छता प्रभारी डाक्टर आनंद सिंह ने बताया कि पूरे मेले में 15,000 स्वच्छताकर्मी चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात रहे। कई पालियों में उन्होंने साफ सफाई की जिम्मेदारी बखूबी निभाई और मेले में शौचालयों और घाटों को पूरी तरह से साफ रखा। सभी ने उनके कार्यों की सराहना की। महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की घटना से इसकी छवि थोड़ी धूमिल हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर इस घटना का कोई खास असर नहीं पड़ा और लोगों का आगमन अनवरत जारी रहा। भगदड़ में 30 लोगों की मृत्यु हो गई थी। महाकुंभ मेले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, फिल्मी सितारों और खेल जगत, उद्योग जगत की हस्तियों तक ने संगम में डुबकी लगाई और प्रदेश सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। इस महाकुंभ में नदियों के संगम के साथ ही प्राचीनता और आधुनिकता का भी संगम देखने को मिला जिसमें एआई से युक्त कैमरों, एंटी ड्रोन जैसी कई अत्याधुनिक प्रणालियों का उपयोग किया गया और मेला पुलिस को इन प्रणालियों का प्रशिक्षण दिया गया। हालांकि, यह मेला कई विवादों को लेकर भी चर्चा में रहा। जैसे, फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर बनना और उनको लेकर विवाद खड़ा होना। इसके अलावा, गंगा जल की शुद्धता को लेकर राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एनपीसीबी) की रिपोर्ट और फिर उस पर सरकार के हवाले से कई वैज्ञानिकों द्वारा गंगा जल की शुद्धता की पुष्टि करना भी चर्चा में रहा। हिंदुओं की मान्यता है कि ग्रह नक्षत्रों के विशेष संयोग से कुंभ और महाकुंभ में गंगा और संगम में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।” इस मेले के लिए एक नया जिला-महाकुंभ नगर अधिसूचित किया गया और मेला संचालन के लिए जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस और प्रशासन की नियुक्ति की गई। यह प्रदेश का 76वां अस्थायी जिला है। महाकुंभ मेले में सभी 13 अखाड़ों ने तीन प्रमुख पर्वों- मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी पर अमृत स्नान किया। हालांकि, मौनी अमावस्या पर भगदड़ की घटना के बाद अखाड़ों का अमृत स्नान अधर में लटक गया था, लेकिन अंततः अखाड़ों के साधु संतों ने अमृत स्नान किया और बसंत पंचमी स्नान के साथ वे मेला से विदा हो गए। सपा समेत विपक्षी दलों ने श्रद्धालुओं की संख्या पर भी सवाल खड़ा किया, लेकिन सरकार ने 1,800 एआई कैमरों समेत 3,000 से अधिक कैमरों, ड्रोन और 60,000 कर्मचारियों के हवाले से श्रद्धालुओं की सही संख्या बताने की बात कही। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘श्रद्धालुओं की संख्या का मिलान करने के लिए एआई कैमरों के साथ ही हम रोडवेज, रेलवे और हवाईअड्डे के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहे।'' महाकुंभ मेले में अग्निशमन विभाग ने आग की घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाई और आग लगने की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई किए जाने से जनहानि की एक भी सूचना नहीं आई। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 37,000 पुलिसकर्मी, 14,000 होमगार्ड के जवान तैनात रहे। इसके अलावा, तीन जल पुलिस थाने, 18 जल पुलिस कंट्रोल रूम और 50 ‘वाच टावर' स्थापित किए गए थे। महाकुंभ में आने वाले अति विशिष्ट लोगों में भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी, एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल, ब्रिटेन के रॉक बैंड कोल्डप्ले के क्रिस मार्टिन प्रमुख रूप से शामिल थे। इनके अलावा, सोशल मीडिया के चर्चित चेहरों में हर्षा रिछारिया, माला बेचने वाली युवती मोनालिसा भोसले और ‘आईआईटी बाबा' के नाम से प्रसिद्ध अभय सिंह ने भी इस मेले में सुर्खियां बटोरी। महाकुंभ के आयोजन को लेकर प्रदेश सरकार शुरू से ही गंभीर रही और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 45 दिनों में 10 बार महाकुंभ नगर आकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके अलावा, उन्होंने लखनऊ और गोरखपुर में नियंत्रण कक्ष से मेले पर पैनी नजर रखी। मुख्यमंत्री महाकुंभ के औपचारिक समापन की घोषणा करने बृहस्पतिवार को यहां आने वाले हैं।
- नयी दिल्ली. भारतीय रेलवे ने 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में समर्थ ट्रेन को विकसित करने के प्रयास शुरू किए हैं और वह एक बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम कर रही है जो (बुलेट ट्रेन) मुंबई और अहमदाबाद के बीच 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। हालांकि, आधिकारिक रिकॉर्ड में उच्च रफ्तार (हाई स्पीड) ट्रेने वे हैं जिनकी गति 130 किमी प्रति घंटे से अधिक हो सकती है। लोको पायलट (रेल चालक) की आवधिक चिकित्सा जांच के प्रश्न पर रेलवे बोर्ड और दक्षिण मध्य जोन के बीच एक पत्राचार में, बोर्ड ने 19 फरवरी, 2025 को कहा, ‘‘... केवल 130 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की अधिकतम स्वीकार्य गति वाली ट्रेन को ही ‘उच्च रफ्तार' ट्रेन के रूप में वर्गीकृत किया गया है।'' सरकारी दस्तावेजों से पता चलता है कि तीन जुलाई 1989 तक 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली ट्रेन को चालकों की ‘मेडिकल फिटनेस' के लिए ‘उच्च रफ्तार' माना जाता था। उसके बाद, इसमें संशोधन किया गया और 110 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति वाली ट्रेन को ‘ उच्च रफ्तार' की श्रेणी में रखा गया। रेलवे बोर्ड ने 24 नवंबर 2020 को सहायक ‘लोको पायलट (चालक)' के स्थान पर सह-पायलट को तैनात करने के सवाल पर परिपत्र में और संशोधन किया तथा कहा, ‘‘130 किमी प्रति घंटे तक की अधिकतम अनुमेय गति वाली ट्रेन को ‘उच्च रफ्तार' नहीं माना जाएगा। केवल 130 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की अधिकतम अनुमेय गति वाली ट्रेन को ही ‘उच्च रफ्तार' ट्रेन माना जाएगा।
- पटना. पटना में बुधवार को गंगा नदी में स्नान करने के दौरान एक नाबालिग समेत चार लोगों की डूबने से मौत हो गई जबकि एक अन्य लापता है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ), (पटना नगर 2) श्री प्रकाश ने पत्रकारों को बताया कि मृतकों की पहचान रजनीश कुमार (23), अभिषेक कुमार (22), विशाल (22) और गोविंद (16) के रूप में हुई है। लापता लड़के की पहचान मोहम्मद रेहान (13) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि यह घटना दोपहर में उस समय हुई जब दो नाबालिग लड़कों सहित पांच लोग गांधी मैदान थाना अंतर्गत कलेक्टरेट घाट पर गंगा नदी में स्नान कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वे अचानक गहरे पानी में फिसल गए। घटना की सूचना पाकर पुलिस एसडीआरएफ जवानों के साथ मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया।राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के जवानों ने नाबालिग लड़के सहित चार लोगों के शव बरामद किए। एक नाबालिग लड़का लापता है। एसडीपीओ ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- नयी दिल्ली. अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने तीसरी बार महाकुंभ मेले का दौरा किया और कहा कि उनका अनुभव हृदयस्पर्शी रहा। जिंटा ने बुधवार को ‘एक्स' पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने मेले में शामिल होने का जिक्र किया। उन्होंने संगम में डुबकी लगाने की भी जानकारी दी। साथ ही, अभिनेत्री ने महाकुंभ मेले का अपना अनुभव भी साझा किया।उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘यह कुंभ मेले में मेरा तीसरा दौरा था और यह जादुई, दिल को छूने वाला और थोड़ा दुखद था। जादुई इसलिए कि मैं चाहे जितनी भी कोशिश कर लूं, मैं यह नहीं बता सकती कि मुझे कैसा महसूस हुआ। दिल को छूने वाला इसलिए कि मैं अपनी मां के साथ गई थी और यह उनके लिए बहुत मायने रखता है। दुःखद, क्योंकि जीवन और आसक्ति के द्वंद्व का एहसास करने के लिए मैं जीवन और मृत्यु के चक्र से छुटकारा पाना चाहती हूं। क्या मैं अपने परिवार, अपने बच्चों और अपने प्रियजनों को छोड़ने के लिए तैयार हूं? नहीं! मैं तैयार नहीं हूं।" महाकुंभ मेला 13 जनवरी को शुरू हुआ और बुधवार को संपन्न हो गया।
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तिरुचिरापल्ली .तमिलनाडु के करूर जिले में कुलिथलाई के पास बुधवार को तड़के एक कार और राज्य परिवहन निगम की बस की टक्कर में दो महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि दोनों वाहनों के बीच टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार पांचों लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बस के आगे के हिस्से को भी नुकसान पहुंचा है। दमकल और बचाव दल के कर्मियों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कार के हिस्सों को काटकर शवों को बाहर निकालना पड़ा। पुलिस के अनुसार, यह हादसा करूर-तिरुचिरापल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुलिथलाई के पास हुआ। करूर जा रही कार और अरंथांगी से तिरुप्पुर की ओर जा रही सरकारी बस की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतक कोयंबटूर के कुनियामुथुर इलाके के रहने वाले थे।

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