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ताड़ीपुड़ी .आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में बुधवार की सुबह नहाने गए 12 लोगों के एक समूह में से पांच लोग गोदावरी नदी में डूब गए। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह हादसा सुबह करीब साढ़े आठ बजे ताड़ीपुड़ी गांव के तल्लापुडी मंडल में हुआ। अधिकारी ने बताया, "गोदावरी नदी में नहाने गए 12 लोगों में से पांच डूब गए जबकि सात किसी तरह बचने में सफल रहे।" समूह के लोग स्नान के बाद महाशिवरात्रि पर्व पर पास के एक मंदिर जाने वाले थे। मृतकों और जीवित बचे लोगों में अधिकतर की उम्र 20 वर्ष से कम बताई जा रही है। पुलिस, दमकल सेवा और स्थानीय लोग डूबे हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं।
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गोरखपुर .मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार की सुबह जनता दर्शन में आए लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके जल्द से जल्द निस्तारण के आदेश दिये। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आमजन को सताने, धमकाने और उनकी संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वाले बदमाशों को कानूनी सबक सिखाने के भी आदेश दिये और ताकीद की कि इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, "हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए। जनता की हर पीड़ा का निवारण सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।" राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 200 लोगों से मुलाकात की और सभी को आश्वस्त किया कि सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण का निर्देश देने के साथ मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी हिदायत दी कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं तथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। आदित्यनाथ ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी।
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मथुरा/ महाशिवरात्रि पर्व पर कान्हा की नगरी मथुरा-वृन्दावन पूरी तरह से शिवमय हो गई। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के शिवभक्त कांवड़िए जल चढ़ाने के लिए सुबह से ही शिवालयों पर पहुंचने लगे थे। राजस्थान के भरतपुर और आसपास के जिलों के भी कांवड़िए बड़ी तादाद में मथुरा होकर ही गंगाजल लेकर गए। पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेष कुमार पाण्डेय ने बताया कि जिले से होकर गुजरने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुगम बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्था की गई। उन्होंने बताया कि जिले के अलावा निकटवर्ती राजस्थान के भरतपुर एवं डीग के भी कांवड़िए बुलंदशहर के नरौरा एवं कासगंज के सोरौं स्थित गंगा घाटों से गंगाजल लेकर यहां से गुजरे, जिनके लिए विशेष इंतजाम किए थे। जिन मार्गों पर यातायात संबंधी दिक्कतें पेश आ रही थीं, उन पर यातायात को दूसरी तरफ मोड़ा गया। मथुरा के चार प्रसिद्ध शिवालयों भूतेश्वर महादेव, रंगेश्वर महादेव, गल्तेश्वर महादेव एवं गोकर्णेश्वर महादेव; वृन्दावन के गोपेश्वर महादेव एवं महावन के चिंताहरण महादेव के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
- महाकुंभनगर ।.प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में लाखों लोगों की भीड़ के बीच श्रद्धालु अपने परिवार के अन्य सदस्यों से आसानी से बिछड़ सकने की आशंका के बीच, संगम तक जाते समय और वापस आते समय अपने परिचितों के साथ-साथ चलने के लिए अलग-अलग उपाय अपना रहे हैं। जहां कुछ लोग लंबी रस्सी लाए हैं और उन्होंने उससे एक ‘सुरक्षा घेरा' बनाया है जिसमें वे चल सकें, वहीं कई अन्य लोग एक-दूसरे के कपड़ों से गांठ बांधकर चल रहे हैं ताकि वे बिछड़ न जाएं। बुधवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर शुभ स्नान के साथ 45 दिवसीय महाकुंभ का समापन होगा। हर 12 साल बाद आयोजित होने वाले महाकुंभ का अंतिम स्नान पर्व बुधवार को ‘हर हर महादेव' के घोष के साथ प्रारंभ हो गया। बुधवार तड़के से ही श्रद्धालुओं का गंगा और संगम में डुबकी लगाने का सिलसिला जारी है। इस बीच, सरकार ने श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की। अधिकारियों ने बताया कि सुबह आठ बजे तक 60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। इस तरह से 13 जनवरी से आरंभ हुए महाकुंभ में अब तक 65.37 करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगा और संगम में डुबकी लगा चुके हैं और शाम तक यह आंकड़ा 66 करोड़ को पार करने की संभावना है। सोमवार रात से लेकर कई लोग अपने प्रियजन और मित्रों से नदी किनारों या मेला क्षेत्र के अन्य हिस्सों में बिछड़ चुके हैं। इनमें से कई लोगों को मानवीय सहायता और डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से अपने परिजन से मिलाया जा चुका है। सेक्टर तीन, अक्षय वट रोड स्थित ‘खोया-पाया' केंद्र पर सोमवार देर रात तीन बजे भी चहल-पहल थी।मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा से आए 34 तीर्थयात्रियों ने अपने समूह के चारों तरफ रस्सी का घेरा बनाया जिसे विभिन्न ओर से समूह के कुछ सदस्यों ने थाम रखा था। समूह में शामिल सोमदत्त शर्मा (34) ने कहा, ‘‘हमने यह सुरक्षा घेरा इसलिए बनाया है ताकि हम एक-दूसरे से बिछड़ न जाएं। हम पहली बार किसी कुंभ में आए हैं और हम एक-दूसरे से अलग होने के खतरों से वाकिफ हैं इसलिए हमने यह व्यवस्था की है।'' कई अन्य लोग एक दूसरे के कपड़ों में गांठ बांधकर चल रहे हैं।पीली कोठी क्षेत्र के स्थानीय निवासी अजय कुमार कुंभ मेला शुरू होने के बाद से रोजाना अपने घर से तीर्थयात्रियों की भीड़ को गुजरते देखते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘गांवों के लोग गांठ बांधकर चलते हैं। पुरुष तीर्थयात्री अपनी धोती के साथ अपने साथ आई महिला की साड़ी के पल्लू को बांधते हैं या दो महिलाएं एक-दूसरे के शॉल का उपयोग करके गांठ बांध लेती हैं।'' उन्होंने कहा कि दरअसल कई लोग, विशेषकर बुजुर्ग, अपने पास मोबाइल फोन नहीं रखते और उन्हें संपर्क नंबर भी मुश्किल से याद रहता है इसलिए एक बार बिछड़ जाने पर उनका फिर से मिलना बहुत मुश्किल हो जाता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर वे गांठ बांधकर चलते हैं। एक अन्य श्रद्धालु अक्षत लाल ने कहा, ‘‘कुछ लोग तो एक पैर में घुंघरू बांधकर चल रहे हैं, ताकि भीड़ में खो जाने पर उनकी आवाज से एक-दूसरे को खोज सकें।''
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नई दिल्ली। सीबीएसई 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रहा है। बोर्ड ने इस संबंध में एक मसौदा नीति को तैयार कर अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। बोर्ड ने शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों सहित तमाम हितधारकों से इस पर प्रतिक्रिया मांगी है।सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 में विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने का अवसर देने की सिफारिश की है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्रालय में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें 10वीं कक्षा में 2025-26 से दो बार बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने को लेकर चर्चा की गई। इसके लिए एक मसौदा नीति विकसित करने और सभी हितधारकों जैसे स्कूलों, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और आम जनता से प्रतिक्रियाएं प्राप्त करने के लिए सीबीएसई वेबसाइट पर होस्ट की जाए। भारद्वाज ने कहा कि व्यापक चर्चा के बाद मसौदा नीति विकसित की गई है और उसे सीबीएसई की बेवसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। हितधारक 9 मार्च तक मसौदा नीति पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं। प्रतिक्रियाओं की जांच की जाएगी और नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। -
भोपाल। भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के दूसरे दिन केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि भारत की पहली स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप 2025 तक उत्पादन के लिए तैयार हो जाएगी। उन्होंने इस बड़ी उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को बधाई दी।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में दो बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण केंद्र एक भोपाल में और दूसरा जबलपुर में विकसित किए जा रहे हैं।तकनीकी क्षेत्र में युवाओं को अवसर देने के लिए केंद्र सरकार ने फ्यूचर स्किल्स प्रोग्राम के तहत मध्यप्रदेश में 20,000 इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने की योजना बनाई है। गौरतलब है कि पिछले 10 वर्षों में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में जबरदस्त उछाल आया है और इसकी कीमत ₹10 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। भारत अब ₹5 लाख करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्यात कर रहा है, जिसमें मोबाइल फोन (₹4 लाख करोड़), लैपटॉप, सर्वर और टेलीकॉम उपकरण (₹75,000 करोड़) शामिल हैं।भारत अब सेमीकंडक्टर निर्माण में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में, देश में पांच सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयां बन रही हैं और 2025 तक भारत की पहली स्वदेशी चिप बाजार में आ जाएगी। इस क्षेत्र में प्रतिभा को और विकसित करने के लिए सरकार 85,000 इंजीनियरों को सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में प्रशिक्षित कर रही है।वहीं भोपाल में एक नया आईटी कैंपस खोला गया है जो 1 लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है। इसमें सर्वर, डेस्कटॉप, मदरबोर्ड, लैपटॉप, टैबलेट, मॉनिटर, ड्रोन और रोबोट जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाए जाएंगे। अगले छह वर्षों में इस कैंपस में ₹150 करोड़ का निवेश होगा और लगभग 1,200 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।इस मौके पर अश्विनी वैष्णव ने एचएलबीएस (HLBS) नामक टेक्नोलॉजी कंपनी की भी सराहना की। यह कंपनी भोपाल में एक अत्याधुनिक निर्माण और अनुसंधान केंद्र स्थापित कर रही है। एचएलबीएस का लक्ष्य घरेलू और वैश्विक बाजारों के लिए किफायती और उच्च गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाना है जिससे आम लोगों को सस्ते दामों में अच्छी तकनीक मिल सके।ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पहले दिन, भारतीय रेलवे और मध्य प्रदेश सरकार ने अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) परियोजनाओं पर समझौते किए जिससे राज्य में विकास को और गति मिलेगी। -
नई दिल्ली। महाशिवरात्रि के अवसर पर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने घोषणा की कि केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को सुबह 7 बजे भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। साथ ही घोषणा हुई कि बाबा केदार की पंचमुखी डोली 28 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी।
बता दें कि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि का निर्णय ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में धार्मिक परंपराओं और पंचांग गणना के आधार पर लिया गया। इस अवसर पर केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल, पंचगई समिति के पदाधिकारी और सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।इस बीच, प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का अंतिम शाही स्नान महाशिवरात्रि के दिन 26 फरवरी को जारी है। महाकुंभ के दौरान विभिन्न पावन स्नानों में लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है क्योंकि यह भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का पर्व माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव की बारात में देवता, ऋषि-मुनि, पशु-पक्षी और दानव सभी शामिल हुए थे। यह पर्व अंधकार और अज्ञान पर विजय का प्रतीक भी माना जाता है। - प्रयागराज। प्रयागराज में महाशिवरात्रि के दिन महाकुंभ 2025 का अंतिम स्नान पर्व जारी है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और नदी में नावों से गश्त कर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने का प्रयास किया। प्रयागराज के अतिरिक्त एसपी श्वेताभ पांडे ने बताया कि आज महाकुंभ में अंतिम अमृत स्नान हो रहा है और पुलिस लगातार गंगा नदी में नावों की जांच और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, “अगर कोई नाव बिना लाइफ जैकेट के चल रही है तो उसे रोका जा रहा है और अवैध रूप से संचालित नावों को पकड़ा जा रहा है।”उन्होंने आगे बताया कि आज मोटरबोट और इंजन वाली नावों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। सिर्फ सामान्य नावें ही चलाई जा रही हैं। सुरक्षा के मद्देनजर नौ गश्ती टीमें तैनात की गई हैं जो रात से ही लगातार निगरानी कर रही हैं। गश्त तब तक जारी रहेगी जब तक कुंभ में आए श्रद्धालुओं की भीड़ पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाती।उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस ने इस बार भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। उन्होंने बताया, “हमने कुंभ के दौरान सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग किया जिससे भीड़ प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सका।”DGP प्रशांत कुमार ने बताया कि इस बार महा कुंभ में 65 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। उन्होंने कहा, “आज सुबह से ही अंतिम अमृत स्नान शुरू हो गया था। पूरे राज्य में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव मंदिरों में भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं।”उन्होंने यह भी बताया कि अयोध्या, वाराणसी और विंध्यवासिनी देवी जैसे धार्मिक स्थलों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। प्रयागराज से लौटने के बाद कई भक्त इन तीर्थ स्थलों पर दर्शन के लिए गए। महा कुंभ 2025 के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की सराहना की जा रही है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बेहतरीन तालमेल के चलते यह भव्य आयोजन शांति और सफलता के साथ पूरा हुआ।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार को वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और भारत की आजादी की लड़ाई में उनके योगदान को याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र उनके अमूल्य योगदान को कभी नहीं भूल सकता जो त्याग, साहस और संघर्ष से भरा हुआ था।
वीर सावरकर, जिनका पूरा नाम विनायक दामोदर सावरकर था का जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के भागुर में हुआ था। वे केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि लेखक, वकील और राजनेता भी थे। वे भारत की स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल थे और हिंदू महासभा के प्रमुख नेताओं में से एक थे। सावरकर ने अपनी छात्रावस्था के दौरान ही स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेना शुरू कर दिया था। बाद में, जब वे ब्रिटेन में कानून की पढ़ाई कर रहे थे तब इंडिया हाउस और फ्री इंडिया सोसाइटी जैसे क्रांतिकारी संगठनों से जुड़ गए। उन्होंने कई पुस्तकें लिखीं जिनमें भारत की पूर्ण स्वतंत्रता की वकालत की गई थी। उनकी सबसे प्रसिद्ध पुस्तक हिंदुत्व : हू इज अ हिंदू? मानी जाती है।1911 में, ब्रिटिश सरकार के मॉर्ले-मिंटो सुधार (Indian Councils Act 1909) का विरोध करने के कारण उन्हें अंडमान और निकोबार द्वीप स्थित कुख्यात सेलुलर जेल (काला पानी) में 50 साल की सजा सुनाई गई। उनकी राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया लेकिन उनकी विचारधारा और लेखन भारत के राष्ट्रवादी आंदोलन को प्रभावित करते रहे। - नयी दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 2026 से 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित करने से जुड़े मसौदा नियमों को मंगलवार को मंजूरी दे दी। अधिकारियों ने बताया कि मसौदा नियमों को सार्वजनिक मंच पर डाला जाएगा और हितधारक नौ मार्च तक अपनी राय दे सकते हैं, जिसके बाद नीति को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। मसौदा नियमों के मुताबिक, 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा का पहला चरण 17 फरवरी से छह मार्च 2026 तक, जबकि दूसरा चरण पांच मई से 20 मई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “दोनों परीक्षाओं में पूरा पाठ्यक्रम शामिल होगा। छात्रों को दोनों चरणों के लिए एक ही परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा। परीक्षा शुल्क में वृद्धि की जाएगी और आवेदन दाखिल करते समय छात्रों से दोनों परीक्षाओं का शुल्क लिया जाएगा।” अधिकारी के अनुसार, “बोर्ड परीक्षा का पहला और दूसरा चरण पूरक परीक्षा के रूप में भी काम करेगा और किसी भी परिस्थिति में कोई विशेष परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।
- महाकुंभ नगर . प्रयागराज महाकुंभ में देश के कोने कोने से श्रद्धालुओं का आगमन मंगलवार को भी जारी रहा और 1.24 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के गंगा और संगम में स्नान के साथ डुबकी लगाने वालों की संख्या 64 करोड़ को पार कर गई। मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को शाम आठ बजे तक 1.24 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई और 13 जनवरी से प्रारंभ हुए महाकुंभ में अभी तक 64.60 करोड़ लोगों ने स्नान कर लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ के प्रमुख स्नान पर्व महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रदेशवासियों और महाकुंभ में स्नान के लिए आए संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाशिवरात्रि का पावन पर्व लोक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध होने की प्रेरणा देता है। सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, 26 फरवरी को शिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व तक गंगा और संगम में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 65 करोड़ से भी ऊपर पहुंच सकती है। महाकुंभ में 73 देशों के राजनयिक और भूटान नरेश नामग्याल वांगचुक समेत तमाम देशों के अतिथि यहां डुबकी लगाने पहुंचे। नेपाल से भी 50 लाख से अधिक लोग अब तक त्रिवेणी में स्नान कर चुके हैं। अब तक डुबकी लगाने वालों की संख्या का विश्लेषण करें तो सर्वाधिक करीब 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर स्नान किया। एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ के पार और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। इसके अलावा बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान किया। वहीं माघी पूर्णिमा के महत्वपूर्ण स्नान पर्व पर भी दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया।
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नयी दिल्ली. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने मंगलवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स के साथ एक सेल्फी पोस्ट की तथा कहा कि लंबे समय से रुकी हुई भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता की फिर से बहाली स्वागत योग्य है। उन्होंने सोमवार को एक कार्यक्रम में हुई इस मुलाकात को लेकर ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स के साथ बातचीत करना अच्छा लगा।'' थरूर ने कहा, ‘‘लंबे समय से रुकी हुई एफटीए वार्ता फिर से शुरू हो गई है, जो स्वागत योग्य है।''
लोकसभा सदस्य ने यह पोस्ट उस वक्त किया है जब एक अखबार में उनके एक हालिया लेख पर विवाद पैदा हो गया है। इस लेख में उन्होंने केरल में निवेश माहौल को बढ़ावा देने के लिए वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार की प्रशंसा की है। इसको लेकर वह केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कुछ नेताओं के निशाने पर हैं। भाजपा ने सोमवार को दावा किया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में गांधी परिवार के ‘‘उम्मीदवार'' रहे मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ चुनाव लड़ने के बाद थरूर का ‘‘हाशिए पर जाना'' अपरिहार्य था। - प्रयागराज। प्रयागराज की पावन धरती पर चल रहे महाकुंभ 2025 का समापन अब बेहद करीब है। भक्ति, आस्था और श्रद्धा के इस महासंगम को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए मेला पुलिस प्रबंधन ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व में भीड़ प्रबंधन को लेकर आज मंगलवार से मेला क्षेत्र और प्रयागराज में नो-व्हीकल जोन लागू कर दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान और दर्शन का अवसर निर्बाध रूप से मिल सके।मेला पुलिस के अनुसार 25 फरवरी 2025 को मेला क्षेत्र को अपराह्न 4:00 बजे से नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है, जबकि प्रयागराज कमिश्नरेट को सायंकाल 6:00 बजे से नो-व्हीकल जोन बनाया जाएगा। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस व्यवस्था का सम्मान करते हुए पूरा सहयोग करें। भीड़ प्रबंधन को सुचारू रखने के लिए सभी श्रद्धालुओं से निवेदन किया गया है कि वे अपने प्रवेश के सबसे निकटस्थ घाट पर ही स्नान करें, ताकि सभी को सुगमता और सुरक्षा मिल सके।दक्षिणी झूसी : यहां से आने वाले श्रद्धालु संगम द्वार ऐरावत घाट पर स्नान कर सकेंगे।उत्तरी झूसी : यहां से आने वाले श्रद्धालु संगम हरिश्चंद्र घाट और संगम ओल्ड जीटी घाट पर स्नान करेंगे।परेड से आने वाले श्रद्धालु संगम द्वार भारद्वाज घाट, संगम द्वार नागवासुकि घाट, संगम द्वार मोरी घाट, संगम द्वार कालीघाट, संगम द्वार रामघाट, संगम द्वार हनुमान घाट पर स्नान करेंगे।अरैल से आने वाले श्रद्धालु संगम द्वार अरैल घाट पर स्नान करेंगे।दूध, सब्जी, दवाइयां, पेट्रोल/डीजल, एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सामग्रियों की गाड़ियों और सरकारी कर्मचारियों (डॉक्टर, पुलिस, प्रशासन) के वाहनों पर कोई रोक-टोक नहीं होगी। ये सभी अपने कार्य निर्बाध रूप से कर सकेंगे।गौरतलब हो, 26 फरवरी 2025 को महाकुंभ पर्व का समापन महाशिवरात्रि के साथ होगा। श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे शीघ्रता से निकटस्थ घाट पर स्नान और शिवालय में दर्शन कर अपने गंतव्य को प्रस्थान करें।दिशा निर्देशों में ये भी बताया गया है कि सभी पांटून पुलों का संचालन भीड़ के दबाव के अनुसार किया जाएगा। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि सभी घाटों को संगम के समान मान्यता प्राप्त है, इसलिए श्रद्धालु निकटस्थ घाट पर स्नान कर यातायात और भीड़ प्रबंधन में सहयोग करें।
- नई दिल्ली। 1984 सिख विरोधी दंगा मामला : कोर्ट ने सज्जन कुमार को उम्रकैद की सुनाई सजा साल 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को उम्र कैद की सजा सुनाई है। यह मामला 1 नवंबर 1984 को दिल्ली के सरस्वती विहार इलाके में दो सिख नागरिक जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह को जिंदा जलाने का है। इस दौरान सिखों का नरसंहार हुआ था और उनके घरों को आग के हवाले कर दिया गया था। अदालत ने गत 12 फरवरी को सज्जन कुमार को दोषी करार दिया था।इस मामले को लेकर शुरुआत में पंजाबी बाग थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में जस्टिस जी.पी. माथुर कमेटी की सिफारिश पर गठित विशेष जांच दल ने आरोप पत्र दाखिल किया। समिति ने 114 मामलों को फिर से खोलने की सिफारिश की थी, जिनमें यह मामला भी शामिल था।अदालत ने 16 दिसंबर 2021 को सज्जन कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147, 148 और 149 के तहत दंडनीय अपराधों के साथ-साथ धारा 302, 308, 323, 395, 397, 427, 436 और 440 के साथ धारा 149 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए आरोप तय किए।एसआईटी ने आरोप लगाया कि सज्जन कुमार ने भीड़ को हमला करने के लिए उकसाया, जिसके बाद भीड़ ने सरदार जसवंत सिंह और सरदार तरुणदीप सिंह को जिंदा जला दिया और उनके घर के सामान लूट लिए। इस दौरान उनका घर भी जला दिया गया था। इस हमले में घर के कई लोग घायल भी हुए थे।पीड़ित परिवार की मदद करने वाले समाजसेवी सोनू जंडियाला ने आईएएनएस से बातचीत में आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। उन्होंने बताया था कि टायरों में आग लगाकर जसवंत सिंह और तरुणदीप सिंह के गले में टांग दिया गया था। उन्होंने कहा था, “आज बहुत से लोग इस दुनिया में नहीं रहे। उनकी आत्मा को शांति मिले, इसलिए जरूरी है कि इन लोगों को फांसी की सजा सुनाई जाए। इन पापियों के पाप का घड़ा भर चुका है। पहले तो आस ही मर चुकी थी, लेकिन अब आस जगी है।”राउज एवेन्यू कोर्ट ने 1 नवंबर 2023 को सज्जन कुमार का बयान दर्ज किया था। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया था। इन दंगों में सिख समुदाय के हजारों लोगों को निशाना बनाया गया था।
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नई दिल्ली। प्रयागराज महाकुंभ में अब तक 62 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र जल में डुबकी लगाई है। श्रद्धालुओं की हजारों की संख्या में चार पहिया वाहन भी महाकुंभ क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं, बावजूद इसके महाकुंभ नगर की आबोहवा प्रदूषित नहीं हुई है। केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड की तरफ से जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स से यह बात सामने आई है।
देश की 60 फीसदी से अधिक आबादी संगम पहुंचीमहाकुंभ में देश की 60 फीसदी से अधिक आबादी संगम के पावन जल में पुण्य की डुबकी लगाकर चली गई। लाखों चार पहिया वाहन भी यहां रहे। बावजूद इसके महाकुंभ क्षेत्र की आबोहवा सेहत के लिए खराब नहीं हुई है। केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड की तरफ से जारी आंकड़ों से इसे बल मिला है।वायु की गुणवत्ता के मामले में महाकुंभ क्षेत्र ग्रीन जोनकेंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के पर्यावरण कंसल्टेंट इंजीनियर शहीक शिराज ने इसकी जानकारी देते हुए बताया है कि महाकुंभ के दौरान वायु की गुणवत्ता के मामले में महाकुंभ क्षेत्र ग्रीन जोन में बना हुआ है। उनके मुताबिक, 13 जनवरी पौष पूर्णिमा को महाकुंभ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 67 था। इसी तरह 14 जनवरी मकर संक्रांति को 67, 29 जनवरी मौनी अमावस्या को 106, 03 फरवरी बसंत पंचमी को 65 और 12 फरवरी माघी पूर्णिमा को 52 रहा है।गौरतलब है कि एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 के अंदर अच्छा माना जाता है और 100 से 150 के बीच मॉडरेट। इस तरह महाकुंभ में केवल मौनी अमावस्या की हवा की गुणवत्ता थोड़ी सी मॉडरेट थी। इसके अलावा सभी दिनों हवा की गुणवत्ता अच्छी रही है। महाकुंभ के दौरान 42 दिन पूरा क्षेत्र ग्रीन जोन में रहा है।महाकुंभ की स्थिति चंडीगढ़ से भी बेहतरप्रयागराज महाकुंभ आने के लिए अभी भी आस्था का जनसैलाब उमड़ रहा है। डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों का भी रेला है, बावजूद इसके लगातार 42 दिन से शहर वायु की गुणवत्ता को लेकर ग्रीन जोन में बना हुआ है।केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के अधिकृत ऐप समीर में दर्ज देश के विभिन्न शहरों की जनवरी और फरवरी के महीने की वायु गुणवत्ता की रिपोर्ट के तुलनात्मक आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान महाकुंभ की स्थिति चंडीगढ़ से भी बेहतर रही है। पौष पूर्णिमा 13 जनवरी को चंडीगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 253 , 14 जनवरी मकर संक्रांति को 264, 29 जनवरी को 234, 3 फरवरी बसंत पंचमी को 208 और 12 फरवरी माघ पूर्णिमा को 89 था।वायु प्रदूषण में इस नियंत्रण के लिए पहलमहाकुंभ के समय वायु प्रदूषण में इस नियंत्रण की वजह नगर निगम प्रयागराज की नियमित मॉनिटरिंग और इस बार की गई कई पहल मानी जा रही है। नगर निगम प्रयागराज के अवर अभियंता राम सक्सेना बताते हैं कि वायु प्रदूषण की समस्या से बचने के लिए नगर निगम ने 9,600 कर्मियों को काम में लगाया। इसके अलावा, 800 से अधिक स्वच्छता कर्मी भी पूरे समय सक्रिय रहे। वॉटर स्प्रिंकलर से लगातार पानी का छिड़काव उन इलाकों में किया गया, जहां वायु प्रदूषण की संभावना थी।उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा रात में शहर की सड़कों की धुलाई की जाती रही। जल निगम से 10 हजार लीटर के 8 बड़े और तीन हजार लीटर के 4 छोटे पानी के टैंकर लिए गए। शहर के व्यस्ततम चौराहों में शामिल एमएनआईटी चौराहा तेलियरगंज, झूंसी आवास विकास और नगर निगम कार्यालय में तीन जगहों पर एंटी पलूशन सेंसर लगाए गए, जहां प्रतिदिन स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव होता रहा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पीएम किसान सम्मान निधि योजना के छह साल पूरे होने पर देशभर के किसानों को बधाई दी। उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट भी किया। उन्होंने कहा कि पीएम किसान के 6 वर्ष पूरे होने पर देशभर के हमारे किसान भाई-बहनों को बहुत-बहुत बधाई। मेरे लिए अत्यंत संतोष और गर्व का विषय है कि अब तक करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये उनके खाते में पहुंच चुके हैं। हमारा यह प्रयास अन्नदाताओं को सम्मान, समृद्धि और नई ताकत दे रहा है।
- भोपाल । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया भारत की तरफ आशा भरी नजरों से देख रही है।पिछले कुछ समय में जो कमेंट्स आए हैं, वे भारत में हर निवेशक का उत्साह बढ़ाने वाले हैंभोपाल के राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजित दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के उद्घाटन मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया में चाहे जन सामान्य हो या नीति के जानकार, या देश अथवा संस्थान, सभी को भारत से बहुत उम्मीदें हैं। पिछले कुछ समय में जो कमेंट्स आए हैं, वे भारत में हर निवेशक का उत्साह बढ़ाने वाले हैं। वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि भारत आने वाले सालों में ऐसे ही दुनिया की फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी वाला देश बना रहेगा। क्लाइमेट चेंज की एक संस्था ने भारत को सोलर पावर का सुपर पावर कहा है।भारत एक बेहतरीन सप्लाई चेन के तौर पर उभर रहा हैपीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में आई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्लोबल एयरोस्पेस के लिए कैसे भारत एक बेहतरीन सप्लाई चेन के तौर पर उभर रहा है। ग्लोबल सप्लाई चेन चैलेंजिंग का जवाब वे भारत में देख रहे हैं। ऐसे कई उदाहरण हैं जो भारत पर दुनिया के कॉन्फिडेंस को दर्शाते हैं। यह कॉन्फिडेंस भारत के हर राज्य का भी कॉन्फिडेंस बढ़ा रहा है और आज यह मध्य प्रदेश की ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में भी महसूस किया जा रहा है।भारत के हर राज्य का बढ़ रहा है कॉन्फिडेंसउन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश जनसंख्या के हिसाब से भारत का पांचवा बड़ा राज्य है। मध्य प्रदेश कृषि के मामले में भारत के प्रमुख राज्यों में है। खनिज के हिसाब से भी मध्य प्रदेश देश के पांच प्रमुख राज्यों में से है। मध्य प्रदेश को जीवनदायिनी मां नर्मदा का आशीर्वाद भी प्राप्त है। मध्य प्रदेश संभावनाओं से भरा हुआ है। बीते दो दशकों में मध्य प्रदेश में ट्रांसफॉर्मेशन का नया दौर देखा गया है। एक समय था जब यहां बिजली, पानी की बहुत सी दिक्कत थी, कानून-व्यवस्था की स्थिति तो और भी खराब थी। ऐसे हालात में यहां इंडस्ट्रीज का विकास बहुत मुश्किल था। बीते दो दशकों में मध्य प्रदेश के लोगों के सहयोग से यहां की भाजपा सरकार ने गवर्नेंस पर फोकस किया।मध्य प्रदेश आज मैन्युफैक्चरिंग के लिए नए सेक्टर के रूप में एक शानदार डेस्टिनेशनपीएम मोदी ने आगे कहा, “दो दशक पहले तक लोग मध्य प्रदेश में निवेश करने से डरते थे, आज मध्य प्रदेश इन्वेस्टमेंट के लिए देश के राज्यों में टॉप के राज्यों में स्थान बना लिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि जिस मध्य प्रदेश में कभी सड़कों के कारण बसे तक नहीं चल पाती थीं, वह इलेक्ट्रिक व्हीकल के मामले में भारत के लीड राज्यों में से एक है। जनवरी 2025 तक दो लाख इलेक्ट्रिक व्हीकल एमपी में रजिस्टर हुए हैं। मध्य प्रदेश आज मैन्युफैक्चरिंग के लिए नए सेक्टर के रूप में एक शानदार डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।”प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष को उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में मनाना तय किया है। बीते दशक में भारत ने अधोसंरचना का दौर देखा है। कहा जा सकता है इसका बहुत फायदा मध्य प्रदेश को मिला। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जो देश के दो बड़े शहरों को जोड़ रहा है, उसका बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश से ही होकर गुजरता है। एक तरफ मध्य प्रदेश को मुंबई के पोर्ट के लिए कनेक्टिविटी मिल रही है, दूसरी तरफ नॉर्थ इंडिया के मार्केट को भी जोड़ रहा है। आज मध्य प्रदेश में पांच लाख किलोमीटर से अधिक तक का रोड नेटवर्क है।
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विजेंद्र गुप्ता सोमवार को दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए चुने गए। उनके नाम का प्रस्ताव मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने रखा। इस प्रस्ताव का प्रवेश वर्मा और मनजिंदर सिंह सिरसा ने समर्थन किया। इसके बाद सर्वसम्मति से विजेंद्र गुप्ता को विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए चुन लिया गया।
विजेंद्र गुप्ता रोहिणी से भाजपा के विधायक हैंविधानसभा का अध्यक्ष बनाए जाने पर विजेंद्र गुप्ता को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बधाई दी।विजेंद्र गुप्ता रोहिणी से भाजपा विधायक हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत की थी। वह दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह नगर निगम में पार्षद और नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू हुआ। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने मंत्रिमंडल के साथ विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ ली।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ मंत्री प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, कपिल मिश्रा, रविंद्र सिंह इंद्राज, पंकज कुमार सिंह और मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी शपथ लीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ मंत्री प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, कपिल मिश्रा, रविंद्र सिंह इंद्राज, पंकज कुमार सिंह और मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी शपथ ली। विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी सहित आम आदमी पार्टी (आप) के 22 विधायकों ने भी पहले सत्र के दौरान शपथ ली।भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने दिल्ली विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ ली थीइससे पहले भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने दिल्ली विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ ली थी।दिल्ली विधानसभा का पहला सत्र तीन दिनों तक चलेगा। सत्र की शुरुआत भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ लेकर की। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने राज निवास पर लवली को शपथ दिलाई।( -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को बिहार के भागलपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जारी की। योजना के नौ करोड़ 80 लाख लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में सीधे 22 हजार 700 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि हस्तांतरित की गई।
योजना की छठी वर्षगांठ के अवसर पर कार्यक्रम किया आयोजितयह कार्यक्रम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की छठी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री ने बिहार में किसानों से जुड़ी योजनाओं समेत विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण भी किया।पीएम मोदी ने कहा ऐसे पवित्र समय में मुझे यह सौभाग्य मिलाइस अवसर पर पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, बाबा अजगैबीनाथ की इस पावन धरा पर इस समय महाशिवरात्रि की भी तैयारियां चल रही हैं। ऐसे पवित्र समय में, मुझे पीएम किसान निधि की एक और किस्त देश के करोड़ों किसानों को भेजने का सौभाग्य मिला है। करीब 22 हजार करोड़ रुपये एक क्लिक पर देशभर के किसानों के खातों में पहुंचे हैं।महाकुंभ के समय में मंदराचल की धरती पर आना बड़ा सौभाग्यउन्होंने कहा, महाकुंभ के समय में मंदराचल की इस धरती पर आना बड़ा सौभाग्य है। इस धरती में आस्था भी है, विरासत भी है और विकसित भारत का सामर्थ्य भी है। ये शहीद तिलका मांझी की धरती है और सिल्क सिटी भी है।विकसित भारत के चार मजबूत स्तंभ- गरीब, किसान, महिला और नौजवानयाद दिलाते हुए पीएम मोदी ने कहा, मैंने लाल किले से कहा है कि विकसित भारत के चार मजबूत स्तंभ हैं। ये स्तंभ हैं- गरीब, किसान, महिला और नौजवान! NDA सरकार, चाहे केंद्र में हो या फिर प्रदेश में, किसान कल्याण हमारी प्राथमिकता है। NDA सरकार ने किसानों की तमाम मुश्किलें की कम पीएम मोदी ने कहा, किसान को खेती के लिए अच्छे बीज चाहिए, पर्याप्त और सस्ती खाद चाहिए, सिंचाई की सुविधा चाहिए, पशुओं का बीमारी से बचाव चाहिए और आपदा के समय नुकसान से सुरक्षा चाहिए। पहले इन सभी पहलुओं को लेकर किसान संकट से घिरा रहता था। जो लोग पशुओं का चारा खा सकते हैं, वो इन स्थितियों को कभी नहीं बदल सकते हैं। NDA सरकार ने इन स्थितियों को बदला है।NDA सरकार ने ‘पीएम फसल बीमा योजना’ बनाईआगे जोड़ते हुए उन्होंने कहा, पहले जब बाढ़ आती थी, सूखा पड़ता था, ओले पड़ते थे… तब ये लोग (पहले की सरकारें) किसानों को उनकी हाल पर छोड़ देते थे। 2014 में जब आपने NDA को आशीर्वाद दिया तो मैंने कहा, ऐसा नहीं चलेगा। NDA सरकार ने ‘पीएम फसल बीमा योजना’ बनाई, इस योजना के तहत पौने दो लाख करोड़ रुपये का क्लेम किसानों को आपदा के समय मिल चुका है।बीते वर्षों में सरकार के प्रयासों से भारत का कृषि निर्यात बहुत अधिक बढ़ाउन्होंने यह भी बताया कि बीते वर्षों में सरकार के प्रयासों से भारत का कृषि निर्यात बहुत अधिक बढ़ा है। इससे किसानों को उनकी उपज की ज्यादा कीमत मिलने लगी है।कई कृषि उत्पाद ऐसे हैं, जिनका पहली बार निर्यात शुरू हुआ है। अब बारी बिहार के मखाने की है। ये सुपर फूड है, जिसे अब दुनिया के बाजारों तक पहुंचाना है। इसलिए इस वर्ष के बजट में मखाना किसानों के लिए मखाना बोर्ड बनाने का ऐलान किया गया है।दुनिया की हर रसोई में भारत के किसान का उगाया कोई न कोई उत्पाद होना ही चाहिएपीएम ने कहा, मेरा तो सपना है, दुनिया की हर रसोई में भारत के किसान का उगाया कोई न कोई उत्पाद होना ही चाहिए। इस वर्ष के बजट ने भी इसी विजन को आगे बढ़ाया है। बजट में ‘पीएम धन धान्य योजना’ की घोषणा की गई है। इसके तहत देश के 100 ऐसे जिलों की पहचान की जाएगी, जहां सबसे कम फसल उत्पादन होता है। फिर ऐसे जिलों में खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।सरकार ने देश में 10 हजार किसान उत्पादक संघ बनाने का रखा लक्ष्यउन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने देश में 10 हजार FPOs (किसान उत्पादक संघ) बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा था। आज मुझे ये बताते हुए खुशी है कि देश ने इस लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है। आज बिहार की भूमि 10,000वें FPO के निर्माण की साक्षी बन रही है। मक्का, केला और धान पर काम करने वाला ये FPO जिला खगड़िया में रजिस्टर हुआ है।प्रयागराज में एकता के महाकुंभ का किया जिक्रपीएम मोदी ने कहा, इस समय प्रयागराज में एकता का महाकुंभ चल रहा है। ये भारत की आस्था का, भारत की एकता और समरसता का सबसे बड़ा महोत्सव है। पूरे यूरोप की जितनी जनसंख्या है, उससे भी अधिक लोग इस एकता के महाकुंभ में स्नान कर चुके हैं, लेकिन ये जंगलराज वाले महाकुंभ को गाली दे रहे हैं।राम मंदिर से चिढ़ने वाले लोग महाकुंभ को भी कोसने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। मैं जानता हूं, महाकुंभ को गाली देने वाले लोगों को बिहार कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने आगे कहा कि, एनडीए सरकार भारत की गौरवशाली विरासत के संरक्षण और वैभवशाली भविष्य के निर्माण के लिए एक साथ काम कर रही है। लेकिन ये जो जंगलराज वाले हैं, इन्हें हमारी धरोहर से, हमारी आस्था से नफरत है। -
नई दिल्ली। पीएम नरेन्द्र मोदी सोमवार को बिहार की एक दिवसीय यात्रा पर सिल्क सिटी के रूप में मशहूर भागलपुर पहुंचे। उन्होंने भागलपुर के हवाई अड्डा मैदान में आयोजित पीएम किसान सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए जहां बिहार को केंद्रीय बजट में दिए गए मखाना बोर्ड की चर्चा की, वहीं मखाना को ‘सुपर फूड’ बताते हुए इसे दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने की बात कही।
पीएम मोदी ने देशभर के किसानों को खुशियों की सौगात देते हुए पीएम किसान सम्मान योजना की 19वीं किस्त जारी की। इसके तहत 9.7 करोड़ से अधिक किसानों को 21,500 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता दी गई। इसके अलावा भी बिहार को कई योजनाओं की सौगात मिली।इस समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने जहां किसानों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं को गिनाया, वहीं भविष्य की योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मैं भी साल के 365 में से 300 दिन मखाना जरूर खाता हूं। यह ‘सुपरफूड’ है, जिसे दुनिया के बाजारों तक पहुंचाना है। इस साल के बजट में मखाना किसानों के लिए मखाना बोर्ड बनाने का ऐलान किया गया। यह बोर्ड, मखाना उत्पादकों को उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा। इससे मखाना उत्पादक किसानों को वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग में बहुत मदद मिलेगी। मखाना आज कई शहरों में लोगों के नाश्ते के प्रमुख अंग हो गया है।उन्होंने कहा कि बजट में बिहार के किसानों और नौजवानों के लिए एक और बड़ी घोषणा की गई है। पूर्वी भारत में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बिहार एक बड़े केंद्र के रूप में उभरने वाला है। बिहार में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नॉलॉजी एंड इंटप्रेनियोरशिप की स्थापना की जाएगी। यहां बिहार में कृषि के क्षेत्र में तीन नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित किए जाएंगे। इनमें से एक हमारे भागलपुर में ही स्थापित होगा। यह सेंटर, आम की जर्दालू किस्म पर फोकस करेगा। दो और केंद्र, मुंगेर और बक्सर में बनाए जाएंगे, जो टमाटर, प्याज और आलू किसानों को मदद देंगे।उन्होंने कहा कि भारत, कपड़े का भी बहुत बड़ा निर्यातक बन रहा है। देश में कपड़ा उद्योग को बल देने के लिए अनेक कदम उठाए जा रहे हैं। भागलपुर में तो कहा जाता है कि यहां पेड़ भी सोना उगलते हैं। भागलपुरी सिल्क, तसर सिल्क, पूरे हिंदुस्तान में मशहूर हैं। दुनिया के दूसरे देशों में भी तसर सिल्क की डिमांड लगातार बढ़ रही है। केंद्र सरकार, रेशम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए, फैब्रिक और यार्न डाइंग यूनिट, फैब्रिक प्रिंटिंग यूनिट, फैब्रिक प्रोसेसिंग यूनिट, ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर बहुत जोर दे रही है। इससे भागलपुर के बुनकर साथियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और उनके उत्पाद दुनिया के कोने-कोने में पहुंच पाएंगे। - उमरिया .मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य के भीतरी क्षेत्र में रविवार को एक बाघ शावक मृत पाया गया। खितौली रेंज अधिकारी स्वास्ति श्री जैन ने बताया कि 8-10 महीने की उम्र के शावक की गर्दन टूटी हुई थी और संभवतः किसी बड़े बाघ ने उसे मारा है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव का राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के दिशा-निर्देशों के अनुसार निपटान किया गया।
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भुवनेश्वर. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को कहा कि महाकुंभ आस्था, परंपरा और दिव्यता का संगम है। माझी ने अपनी पत्नी, पुरी के सांसद संबित पात्रा और राज्य के महाधिवक्ता पीतांबर आचार्य के साथ रविवार को प्रयागराज का दौरा किया और ‘त्रिवेणी संगम' में पवित्र स्नान किया। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान में माझी के हवाले से कहा गया है, “प्रयागराज में पवित्र महाकुंभ का गवाह बनना एक असाधारण सौभाग्य और गहरा आध्यात्मिक अनुभव है। यह आस्था, परंपरा और दिव्यता का संगम है।” माझी ने कहा कि त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान आत्मा की शुद्धि, मानव एकता और ज्ञान एवं भक्ति के शाश्वत प्रवाह का प्रतीक है। आयोजन को भारतीय सांस्कृतिक लोकाचार का प्रतिबिंब करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “चूंकि, देशभर से और विदेश से करोड़ों भक्त अपार आस्था के साथ यहां एकत्र होते हैं, इसलिए वातावरण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक लोकाचार का प्रतिबिंब बन जाता है। इस भव्य समागम के दौरान देखी गई भक्ति, अनुशासन और सद्भाव की भावना वास्तव में प्रेरणादायक है।” माझी ने भारत की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने की उत्कृष्ट प्रतिबद्धता के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा की। माझी ने योगी से फोन पर बात की और महाकुंभ मेले में शानदार व्यवस्था के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
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मथुरा . मथुरा स्थित बरसाना कस्बे में राधारानी के दर्शन करने पहुंचे गायक विशाल खोसला और उनके परिजनों के साथ रोप-वे ट्रॉली पर तैनात गार्ड ने कथित रूप से मारपीट की। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दो गार्ड को हिरासत में ले लिया है। थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद निर्वाल ने बताया कि शनिवार को मुंबई के एलजे रोड माहिम निवासी गायक विशाल खोसला अपने परिवार के साथ बरसाना में राधारानी के दर्शन के लिए आए। वह करीब 200 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक रोप-वे से जाने के लिये दोपहर में काउंटर से टिकट लेने के लिए लाइन में खड़े थे। तभी उन्होंने देखा कि रोप-वे की व्यवस्था में तैनात सुरक्षा गार्ड निकास गेट से कुछ लोगों को अंदर घुसा रहे हैं। गायक ने गार्ड की इस हरकत का विरोध किया तो उन लोगों ने गायक और उनके परिजन से मारपीट की। निर्वाल ने बताया कि खोसला ने थाने पहुंचकर अपने साथ हुई बदसलूकी की शिकायत दर्ज कराई। दोनों आरोपी सुरक्षा गार्ड को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि रोप-वे टिकट काउंटर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच की जाएगी। निर्वाल ने बताया कि आरोप सही पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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नयी दिल्ली. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह का कहना है कि किसी लेखक का पहला उपन्यास उसके आंतरिक जीवन को प्रतिबिंबित करता है, और “द टेंपल ऑफ शिव” का नायक “एक प्रकार से दूसरा व्यक्तित्व है”। सिंह ने एक कार्यक्रम में अपनी पुस्तक “द टेंपल ऑफ शिव” के बारे में यह टिप्पणी की।
इस अवसर पर एक पत्रकार के साथ उनकी बातचीत में साहित्य, दर्शन और कहानी कहने की कला बारे में गहन जानकारी सामने आयी। एक बयान के अनुसार, पार्चमेंट प्रकाशन द्वारा प्रकाशित “द टेंपल ऑफ शिव” में इतिहास, पौराणिक कथाओं और भक्ति का जटिल मिश्रण है, जो आस्था और आत्म-खोज के इर्द-गिर्द एक समृद्ध आख्यान की रचना करता है। चर्चा के दौरान, सिंह ने अपने नायक अशोक के बारे में एक दिलचस्प अंतर्दृष्टि साझा की, तथा उसे एक दूसरे व्यक्तित्व के रूप में वर्णित किया - यदि वह अपनी वर्तमान परिस्थितियों में पैदा नहीं हुआ होता तो वह क्या होता। उन्होंने कहा, “आपका पहला उपन्यास हमेशा लेखक के आंतरिक जीवन को दर्शाता है।पार्चमेंट प्रकाशन ने कुंजुम बुकस्टोर में चर्चा की मेजबानी की।पार्चमेंट प्रकाशन की संस्थापक शुभी आर्य ने कहा, “ ‘द टेंपल ऑफ शिव' का प्रकाशन सौभाग्य और सम्मान बात है। डॉ. कर्ण सिंह की बुद्धिमत्ता, गहराई और कहानी कहने की कला युवा पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए ताकि उन्हें भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का पता लगाने की प्रेरणा मिले।” -
छतरपुर . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महाकुंभ पर आलोचनात्मक टिप्पणियों को लेकर नेताओं के एक वर्ग को रविवार को आड़े हाथों लिया और कहा कि "गुलाम मानसिकता" वाले लोग विदेशी ताकतों के समर्थन से देश की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं पर हमला करते रहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के छतरपुर में बागेश्वर धाम चिकित्सा एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र और कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए प्रयागराज में जारी महाकुंभ को ‘‘ एकता का महाकुंभ '' करार दिया। मोदी ने प्रयागराज में 144 वर्षों के बाद हो रहे महाकुंभ के धार्मिक महत्व को रेखांकित किया। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जारी महाकुंभ एक दुर्लभ खगोलीय संयोग के चलते 144 साल बाद हो रहा है। बागेश्वर धाम भगवान हनुमान से जुड़ा मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां हजारों लोग आते हैं। मोदी ने कहा, ‘‘ नेताओं का एक वर्ग, धर्म का मखौल उड़ाता है, उपहास उड़ाता है। लोगों को तोड़ने में जुटा है और बहुत बार विदेशी ताकतें भी इन लोगों का साथ देकर देश और धर्म को कमजोर करने की कोशिश करती दिखती हैं।” उन्होंने कहा, “हिन्दू आस्था से नफरत करने वाले ये लोग सदियों से किसी न किसी वेश में रहते रहे हैं। गुलामी की मानसिकता से घिरे ये लोग हमारे मठ, मंदिरों पर हमारे संत, संस्कृति व सिद्धांतों पर हमला करते रहते हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “ये लोग हमारे पर्व, परम्पराओं और प्रथाओं को गाली देते हैं। जो धर्म, जो संस्कृति स्वभाव से ही प्रगतिशील है, उस पर कीचड़ उछालने की ये हिम्मत दिखाते हैं। हमारे समाज को बांटना, उसकी एकता को तोड़ना ही इनका एजेंडा हैं। महाकुंभ को सफल आयोजन बनाने में 'स्वच्छता कर्मियों' और पुलिस कर्मियों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए, मोदी ने कहा कि इस "एकता के महाकुंभ" में हजारों डॉक्टर और स्वयंसेवक स्वेच्छा से समर्पण और सेवा की भावना से लगे हुए हैं। उन्होंने कहा, "यह एकता का महाकुंभ है जहां हजारों डॉक्टर और स्वयंसेवक समर्पण और सेवा की भावना के साथ काम कर रहे हैं। एकता के महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु इन प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।" मोदी ने महाकुंभ में नेत्र रोग विशेषज्ञों द्वारा जरूरतमंद लोगों को प्रदान की गई सेवाओं की भी प्रशंसा की। कैंसर जैसी घातक बीमारी से लड़ने में अपनी सरकार द्वारा किए गए प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने कहा कि अगले तीन वर्षों में देश के सभी जिलों में कैंसर ‘डे- केयर सेंटर' खोले जाएंगे। उन्होंने कैंसर से लड़ने के लिए बजट में किए गए प्रावधानों और कैंसर की दवाओं को सस्ता करने के निर्णय का भी जिक्र किया। श्री बागेश्वर आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान के तहत स्थापित होने वाला कैंसर अस्पताल बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर संत धीरेंद्र शास्त्री की योजना है। मोदी ने कहा कि पहले चरण में 218 करोड़ रुपये की लागत से 10 एकड़ क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाला कैंसर अस्पताल अगले दो वर्षों में बनाया जायेगा।




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