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- नयी दिल्ली/केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने बुधवार को सौर ऊर्जा परियोजनाओं के साथ ही ऊर्जा भंडारण प्रणालियों को स्थापित करने को लेकर एक परामर्श जारी किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रिड की दक्षता और स्थिरता को बढ़ाना है। यह परामर्श सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों/सचिव (बिजली/ऊर्जा), केंद्रीय बिजलीघरों और नवीकरणीय ऊर्जा कार्यान्वयन एजेंसियों (आरईआईए) के प्रमुखों को जारी किये गये हैं। भारत ने 2030 तक हरित ईंधन स्रोतों का उपयोग करके 500 गीगावाट बिजली उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सौर और पवन जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की क्षमता को बढ़ाने की आवश्यकता है। यह स्थिति ग्रिड स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियां पैदा कर सकती है। इसका कारण ऊर्जा के ये स्रोत हर समय एक ही क्षमता के साथ बिजली उत्पादन नहीं करते और संभव है कि उच्च मांग की अवधि के दौरान बिजली उपलब्ध नहीं हो। इस संदर्भ में, सीईए ने कहा कि ग्रिड स्थिरता, विश्वसनीयता और अनुकूलतम ऊर्जा उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा भंडारण प्रणाली (ईएसएस) आवश्यक है। भंडारण प्रणाली से नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से कम उत्पादन के दौरान की चुनौतियों का समाधान करने में मदद मिल सकती है। यह अधिक भरोसेमंद और स्थिर ग्रिड सुनिश्चित कर सकती है। इसमें कहा गया है कि दिसंबर, 2024 तक ऊर्जा भंडारण प्रणाली की स्थापित क्षमता 4.86 गीगावाट है।केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित राष्ट्रीय विद्युत योजना के अनुसार, 2031-32 तक 364 गीगावाट सौर और 121 गीगावाट पवन क्षमता को एकीकृत करने के लिए, भारत को 73.93 गीगावाट भंडारण क्षमता की आवश्यकता होगी। परामर्श में कहा गया, ‘‘इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, सभी नवीकरणीय ऊर्जा कार्यान्वयन एजेंसियों (आरईआईए) और राज्य बिजली कंपनियों को सलाह दी जाती है कि वे भविष्य के सौर निविदाओं में स्थापित सौर परियोजना क्षमता के 10 प्रतिशत के बराबर (न्यूनतम दो घंटे) की ऊर्जा भंडारण प्रणाली (ईएसएस) को शामिल करें। इसमें कहा गया, ‘‘यह कदम सौर और पवन ऊर्जा के उत्पादन में निरंतरता की कमी के मुद्दों को कम करने में मदद करेगा और अधिकतम मांग के समय महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान करेगा। सौर परियोजना से बिजली उत्पादन नहीं होने के दौरान भंडारण की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बोली दस्तावेज में एक उपयुक्त अनुपालन व्यवस्था का भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जा सकता है।'' वितरण लाइसेंस लेने वाली कंपनियां छत पर सौर संयंत्रों के साथ दो घंटे के भंडारण को अनिवार्य करने पर भी विचार कर सकती हैं। इससे उपभोक्ता स्तर पर आपूर्ति की विश्वसनीयता में सुधार होगा।
- नयी दिल्ली/ प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने बुधवार को राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) का दौरा किया और देश के सशस्त्र बलों के भावी नेतृत्व को आकार देने में संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका को दोहराया। युद्ध की आकार लेती प्रकृति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कैडेट से भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीकी प्रगति, रणनीतिक सोच और अनुकूलनशीलता को अपनाने का आग्रह किया। देहरादून स्थित प्रतिष्ठित सैन्य संस्थान की स्थापना प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के चार साल बाद हुई थी और इसे तत्कालीन प्रिंस ऑफ वेल्स ने 13 मार्च, 1922 को भारत के अपने शाही दौरे के दौरान खोला था। मूल रूप से प्रिंस ऑफ वेल्स रॉयल इंडियन मिलिट्री कॉलेज के रूप में स्थापित संस्थान का नाम स्वतंत्रता के बाद बदलकर राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज कर दिया गया, जो आरआईएमसी नाम से अपनी पहचान रखता है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जनरल चौहान की यात्रा के दौरान उनका पूरे सैन्य सम्मान के साथ स्वागत किया गया। आरआईएमसी के कमांडेंट, संकाय और कैडेट ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैडेट और शिक्षकों से बातचीत की और संस्थान में सावधानीपूर्वक संरचित प्रशिक्षण, शैक्षणिक पाठ्यक्रम और नेतृत्व विकास कार्यक्रमों के बारे में जानकारी प्राप्त की। अपने संबोधन में जनरल चौहान ने प्रतिष्ठित सैन्य अधिकारियों को तैयार करने की आरआईएमसी की विरासत की सराहना की और अनुशासन, अखंडता और राष्ट्र की सेवा के मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने आधुनिक शिक्षा को सैन्य परंपराओं के साथ एकीकृत करने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता की सराहना की। सीडीएस ने सोमनाथ संसाधन केंद्र और संग्रहालय का भी दौरा किया, जो आरआईएमसी के समृद्ध इतिहास और राष्ट्र के लिए इसके पूर्व छात्रों के योगदान को प्रदर्शित करता है। जनरल चौहान ने विभिन्न सैन्य अभियानों में आरआईएमसी-प्रशिक्षित अधिकारियों की भूमिका को दर्शाते हुए प्रदर्शनों में गहरी दिलचस्पी दिखाई। विकास और जुझारूपन के प्रति प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में, सीडीएस ने परिसर में एक पेड़ लगाया।
- महाकुंभ नगर/ मां जानकी के मायके नेपाल में महाकुंभ को लेकर जबरदस्त उल्लास देखा जा रहा है। दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम महाकुंभ में अब तक नेपाल से आए 50 लाख से अधिक लोगों ने संगम में डुबकी लगाई है। सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, यहां बड़े हनुमान जी के लिए विशेष रूप से भगवान राम के ससुराल नेपाल से पवित्र अक्षत एवं अन्य सामान लेकर लोग आ रहे हैं और यहां से गंगा जल और संगम की माटी अपने साथ नेपाल ले जा रहे हैं। नेपाली श्रद्धालुओं में बड़े हनुमान मंदिर और अक्षयवट के प्रति अद्भुत आस्था देखने को मिल रही है। नेपाल के लोगों में प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में स्नान के साथ साथ अयोध्या में श्री राम और काशी में बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने का भी जुनून तेजी से बढ़ा है। ‘नेपाल एसोसिएशन ऑफ टूर एंड ट्रेवेल्स एजेंट्स' की बांके इकाई के अध्यक्ष श्री राम सिग्देल ने बताया कि नेपाल से विशेष रूप से भगवान श्रीराम के ससुराल जनकपुर से पवित्र अक्षत महाकुंभ में लाया गया है जिसे संगम तट पर स्थित बड़े हनुमान जी को अर्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि नेपाल के श्रद्धालुओं ने संगम की रेत और गंगा जल को सबसे अमूल्य धरोहर मानते हुए माथे पर लगाया और वे इसे अपने साथ घर ले गए। सिग्देल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से की गई व्यवस्थाएं अतुलनीय हैं जिससे नेपाल के श्रद्धालुओं को भारत में आने पर किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। उनके अनुसार लोग नेपाल से नए वस्त्र, आभूषण, फल, मेवा, पकवान, धोती-कुर्ता, गमछा आदि भेंट स्वरूप लाए हैं। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण और काशी में विश्वनाथ धाम कॉरिडोर को लेकर नेपाल के श्रद्धालुओं में विशेष आकर्षण बढ़ा है। हर दिन लाखों की संख्या में नेपाल से श्रद्धालु संगम स्नान के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं।
- नयी दिल्ली/ दिल्ली की भावी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली विधानसभा में सदन की नेता चुने जाने के बाद राष्ट्रीय राजधानी के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है और ईमानदारी व समर्पण के साथ काम करने का संकल्प लिया है। गुप्ता ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में उन पर भरोसा जताने के लिए भाजपा नेतृत्व को धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, ‘‘दिल्ली की मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपने और मुझ पर विश्वास जताने के लिए मैं शीर्ष नेतृत्व और दिल्ली की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं। इस विश्वास और समर्थन ने मुझे नयी ऊर्जा और प्रेरणा दी है। मैं दिल्ली के प्रत्येक निवासी के कल्याण, सशक्तीकरण और समग्र विकास के लिए पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ काम करने का संकल्प लेती हूं। दिल्ली को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने के इस महत्वपूर्ण अवसर के लिए मैं पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं।'' गुप्ता को बुधवार शाम भाजपा विधायक दल की बैठक में दिल्ली विधानसभा में सदन का नेता चुना गया।
- भोपाल/ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को घोषणा की कि मराठा योद्धा छत्रपति संभाजी के जीवन पर आधारित फिल्म ‘छावा' राज्य में कर मुक्त होगी। मुख्यमंत्री यादव ने जबलपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की 395वीं जयंती के अवसर पर यह घोषणा की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज ने तमाम तरह की यातनाएं सहते हुए देश और धर्म के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी।'' यादव ने कहा, ‘‘उनके जीवन पर आधारित एक फिल्म ‘छावा' रिलीज हुई है। जब इतनी अच्छी फिल्म बनी है तो हमें उस पर कर क्यों वसूलना चाहिए। मैं घोषणा करना चाहता हूं कि अब से राज्य में फिल्म ‘छावा' कर मुक्त होगी।'' अभिनेता विक्की कौशल, रश्मिका मंदाना और अक्षय खन्ना अभिनीत इस फिल्म का निर्देशन लक्ष्मण उतेकर ने किया है। कौशल ने फिल्म में छत्रपति संभाजी महाराज की भूमिका निभाई है।
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नयी दिल्ली/ भारतीय जनता पार्टी की विधायक रेखा गुप्ता दिल्ली की नयी मुख्यमंत्री होंगी। दिल्ली प्रदेश भाजपा कार्यालय में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में उन्हें सर्वसम्मति से पार्टी विधायक दल की नेता चुना गया। गुप्ता, दिल्ली की शालीमार बाग विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बनी हैं। उनका जन्म हरियाणा में हुआ था और वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ी रही हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) की अध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से विधि में स्नातक की पढ़ाई की। विधायक दल की बैठक के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने घोषणा की कि रेखा गुप्ता को सर्वसम्मति से विधायक दल की नेता चुना गया है। भाजपा संसदीय बोर्ड ने प्रसाद और राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। गुप्ता के नाम का प्रस्ताव पार्टी के वरिष्ठ नेताओं प्रवेश वर्मा, विजेंद्र गुप्ता और सतीश उपाध्याय ने रखा। विधायक दल की बैठक में पार्टी के सभी 48 विधायक मौजूद थे। भाजपा ने अरविंद केजरीवाल नीत आम आदमी पार्टी (आप) के 10 साल के शासन पर विराम लगाते हुए दिल्ली में 27 साल बाद सत्ता में वापसी की है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आठ फरवरी को घोषित होने के 11 दिन बाद यह घोषणा की गई है।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी और कमलजीत सेहरावत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि रेखा गुप्ता दिल्ली की नयी मुख्यमंत्री होंगी और वह कल दोपहर 12 बजे शपथ लेंगी। रेखा गुप्ता वर्तमान में भाजपा की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री होंगी। सुषमा स्वराज, शीला दीक्षित और आतिशी के बाद वह दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री होंगी। घोषणा के तुरंत बाद, गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि वह दिल्ली के प्रत्येक नागरिक के कल्याण, सशक्तीकरण और समग्र विकास के लिए पूरी ईमानदारी, निष्ठा व समर्पण के साथ काम करेंगी। गुप्ता ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मैं दिल्ली को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के इस महत्वपूर्ण अवसर के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं। मुझ पर विश्वास करने और मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपने के लिए मैं सभी शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं। आपके इस भरोसे और समर्थन ने मुझे नयी ऊर्जा दी है, नई प्रेरणा दी है।" गुप्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़ी रही हैं और महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर सक्रिय रहती हैं। -
महाकुंभ नगर/ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या, केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू, शिवसेना सांसद श्रिकांत शिंदे समेत कई नेताओं ने बुधवार को महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, सीतारमण ने त्रिवेणी संगम में स्नान कर इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने पर प्रसन्नता व्यक्त की। वित्त मंत्री सपरिवार प्रयागराज पहुंची थीं। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने महाकुंभ में स्नान के बाद अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “आज मुझे भारतीय जनता युवा मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ संगम स्नान करने का सौभाग्य मिला। पूरी दुनिया में इस स्तर का आयोजन पहले कभी नहीं हुआ।” केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि वह इस ऐतिहासिक अवसर पर त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए खास तौर पर प्रयागराज आए। उन्होंने कहा, "यह एक ऐसा आयोजन है जो पीढ़ियों से चला आ रहा है और मुझे महाकुंभ का हिस्सा बनकर बहुत खुशी हो रही है।” शिवसेना सांसद श्रिकांत शिंदे ने कहा, “महाकुंभ में स्नान कर मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। करोड़ों लोग यहां स्नान के लिए आ रहे हैं, और यह अपने आप में एक अद्भुत आध्यात्मिक संगम है/ इस बीच, बुधवार को शाम छह बजे तक महाकुंभ में 1.08 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया।
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नई दिल्ली/केंद्र सरकार ने पंजाब, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान पंद्रहवें वित्त आयोग अनुदान जारी किया है। ग्रामीण शासन को मजबूत करने के लिए पंजाब को 225 करोड़ रुपये, छत्तीसगढ़ को 244 करोड़ रुपये और उत्तराखंड को 93 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मिली।
पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार पंजाब के ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 225.1707 करोड़ रुपये की अप्रतिबंधित अनुदान (स्थानीय निकायों को उनके क्षेत्र में विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दी जाने वाली धनराशि) की पहली किस्त जारी की गई है। ये धनराशि राज्य की 13144 ग्राम पंचायतों, 146 ब्लॉक पंचायतों और सभी 22 जिला पंचायतों के लिए है।
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान जारी पंद्रहवें वित्त आयोग अनुदान में वित्तीय वर्ष 2024-25 के अप्रतिबंधित अनुदानों की 237.1393 करोड़ रुपए की दूसरी किस्त के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2024-25 के अप्रतिबंधित अनुदानों की पहली किस्त की रोकी गई राशि 6.9714 करोड़ रुपए शामिल है।
आपको बता दें, ये धनराशि राज्य की 11548 ग्राम पंचायतों, सभी 146 ब्लॉक पंचायतों और सभी 27 जिला पंचायतों के लिए है।
वहीं, उत्तराखंड में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अप्रतिबंधित अनुदानों की 93.9643 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी की गई है।
पंचायती राज संस्थाओं और ग्रामीण स्थानीय निकायों को प्रदान किए गए ये अनुदान जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। -
नई दिल्ली/केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा है कि मोदी सरकार आपदा प्रभावित लोगों की सहायता के लिए चट्टान की तरह खड़ी है। अमित शाह की अध्यक्षता वाली एक समिति ने 2024 के दौरान अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और चक्रवाती तूफान से प्रभावित पांच राज्यों को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के तहत 1554.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है।
वर्ष 2024 के दौरान आई बाढ़/अचानक बाढ़, भूस्खलन, चक्रवाती तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिए आंध्र प्रदेश, नागालैंड, ओडिशा, तेलंगाना और त्रिपुरा को धनराशि मिलेगी। दरअसल केंद्र सरकार का यह कदम, प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने वाले इन पांच राज्यों के लोगों की मदद करने के संकल्प को दर्शाता है
अमित शाह ने आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “मोदी सरकार आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए चट्टान की तरह खड़ी है। आज गृह मंत्रालय ने एनडीआरएफ के तहत आंध्र प्रदेश, नागालैंड, ओडिशा, तेलंगाना और त्रिपुरा को 1554.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है। यह एनडीआर फंड के तहत केंद्र की ओर से 27 राज्यों को जारी की गई 18,322.80 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त है।”
गृह मंत्रालय के अनुसार यह अतिरिक्त सहायता केंद्र द्वारा राज्यों को राज्य आपदा मोचन कोष (SDRF) से जारी की गई धनराशि के अतिरिक्त है, जो पहले से ही राज्यों के पास उपलब्ध है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान केंद्र सरकार ने एसडीआरएफ में 27 राज्यों को 18,322.80 करोड़ रुपये और एनडीआरएफ से 18 राज्यों को 4,808.30 करोड़ रुपये, राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (SDMF) से 14 राज्यों को 2208.55 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष (NDMF) से 8 राज्यों को 719.72 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
आपको बता दें, केंद्र सरकार ने आपदाओं के तुरंत बाद, औपचारिक ज्ञापन की प्राप्ति की प्रतीक्षा किए बिना, इन राज्यों में अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों (IMCTs) को भेज दिया था। -
नई दिल्ली /भगवान कृष्ण की नगरी द्वारका से जुड़े इसके राज को एक बार फिर सामने लाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने खोज शुरू कर दी है। समुद्र में डूबी भगवान कृष्ण की नगरी द्वारका के सभी पहलुओं और साक्ष्य जुटाने के लिए एएसआई ने खोज शुरू कर दी है। एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक (पुरातत्व) प्रो. आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में पांच पुरातत्वविदों की एक टीम ने मंगलवार को द्वारका तट पर पानी के नीचे खोज शुरू की। इस टीम में निदेशक (खुदाई एवं अन्वेषण) एचके नायक, सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. अपराजिता शर्मा, पूनम बिंद और राजकुमारी बारबिना ने प्रारंभिक जांच के लिए गोमती क्रीक के पास एक क्षेत्र का चयन किया है।
एएसआई के अनुसार इस अन्वेषण के माध्यम से द्वारका नगरी के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक साक्ष्य जुटाया जाएगा। पानी के अंदर की जा रही खोज भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए एएसआई के मिशन में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एएसआई के नवीनीकृत अंडरवाटर पुरातत्व विंग (यूएडब्ल्यू) को हाल ही में द्वारका और बेट द्वारका में अपतटीय सर्वेक्षण और जांच करने के लिए पुनर्जीवित किया गया है। यूएडब्ल्यू 1980 के दशक से पानी के नीचे पुरातात्विक अनुसंधान में सबसे आगे रहा है। 2001 से विंग बंगाराम द्वीप (लक्षद्वीप), महाबलीपुरम (तमिलनाडु), द्वारका (गुजरात), लोकतक झील (मणिपुर) और एलीफेंटा द्वीप (महाराष्ट्र) जैसे स्थलों पर अन्वेषण कर रहा है। इससे पहले अंडरवाटर पुरातत्व विंग ने 2005 से 2007 तक द्वारका में अपतटीय और तटवर्ती खुदाई की थी।
नौसेना और पुरातत्व विभाग की संयुक्त खोज पहले 2005 फिर 2007 में एएसआई के निर्देशन में भारतीय नौसेना के गोताखोरों ने समुद्र में समाई द्वारिका नगरी के अवशेषों के नमूनों को सफलतापूर्वक निकाला। वर्ष 2005 में नौसेना के सहयोग से प्राचीन द्वारिका नगरी से जुड़े अभियान के दौरान समुद्र की गहराई में कटे-छंटे पत्थर मिले और लगभग 200 नमूने एकत्र किए गए। गुजरात में कच्छ की खाड़ी के पास स्थित द्वारका नगरी समुद्र तटीय क्षेत्र में नौसेना के गोताखोरों की मदद से पुरा विशेषज्ञों ने व्यापक सर्वेक्षण के बाद समुद्र के भीतर उत्खनन कार्य किया गया और वहां पड़े चूना पत्थरों के खंडों को भी ढूंढ निकाला।
पुरातत्वविद् प्रो. एसआर राव और उनकी टीम ने 1979-80 में समुद्र में 560 मीटर लंबी द्वारिका की दीवार की खोज की। उस दौरान उन्हें वहां पर बर्तन भी मिले, जो 1528 ईसा पूर्व से 3000 ईसा पूर्व के हैं। इसके अलावा सिन्धु घाटी सभ्यता के भी कई अवशेष उन्होंने खोजे। उस जगह पर भी उन्होंने खुदाई में कई रहस्य खोले, जहां पर कुरुक्षेत्र का युद्ध हुआ था। -
नई दिल्ली/केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने मंगलवार को जल सुरक्षा पर दूसरे राज्य जल मंत्रियों की बैठक का उद्घाटन किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन से महिलाओं का सशक्तिकरण हुआ है। इस मिशन के तहत अब 25 लाख महिलाओं को पानी की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया गया है। ये महिलाएं फील्ड टेस्टिंग किट्स का उपयोग कर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि उनके गांवों में पहुंचने वाला पानी सुरक्षित और स्वच्छ हो। इसके अलावा, नल से पानी मिलने से महिलाओं का हर दिन करीब 5.5 करोड़ घंटे बच रहा है जिससे वे आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों में भाग ले सकती हैं।
बैठक में केंद्रीय मंत्री पाटिल ने जल जीवन मिशन (JJM) की उपलब्धियों पर जोर दिया और सरकार की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि हर ग्रामीण घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह मिशन तेजी से सफल हो रहा है और अब तक 80% ग्रामीण परिवारों को नल के पानी की सुविधा मिल चुकी है। इससे 15 करोड़ से अधिक परिवारों को साफ पानी मिल रहा है।
जल जीवन मिशन का स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव भी पड़ा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक इस पहल से डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों से होने वाली 4 लाख मौतों को रोका गया है। इसके अलावा, स्वास्थ्य पर खर्च कम होने से ग्रामीण परिवारों का जीवन स्तर भी सुधरा है।
सी. आर. पाटिल ने यह भी बताया कि “जल सुरक्षा, विकसित भारत @ 2047 का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।” सरकार और समुदाय की भागीदारी से जल जीवन मिशन को सफल बनाकर हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। -
नई दिल्ली/ विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में अल्कोहल युक्त पेय पदार्थों के ज्यादा सेवन को लेकर चेतावनी जारी की है। इसको लेकर भारत के कुछ एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि अल्कोहल के अत्यधिक सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। डब्ल्यूएचओ अल्कोहल को एक विषैला, मनोवैज्ञानिक और लत पैदा करने वाला पदार्थ मानता है, जिसे इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) ने दशकों पहले ग्रुप 1 कार्सिनोजेन के रूप में वर्गीकृत किया था। इसका मतलब है कि यह पदार्थ कैंसर पैदा करने के सबसे बड़े खतरों में से एक है, जैसे एस्बेस्टस, रेडिएशन और तंबाकू।
डॉ. पुनीत गर्ग ने बताया कि अल्कोहल के सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ता है
नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के वैस्कुलर इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट और एंडोवैस्कुलर सर्जन डॉ. पुनीत गर्ग ने बताया कि अल्कोहल के सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ता है और यह 20 से अधिक प्रकार के कैंसर का कारण बन सकता है। अल्कोहल से होने वाले आम कैंसरों में मुंह, गला, भोजन नली, पेट, बृहदान्त्र, मलाशय और अग्न्याशय के कैंसर शामिल हैं। इसके अलावा, अल्कोहल महिलाओं में स्तन कैंसर और पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का भी कारण बनती है।
भारत में अल्कोहल के बढ़ते सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ा
ओडिशा के भुवनेश्वर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में सहायक प्रोफेसर डॉ. ताराप्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि भारत में अल्कोहल के बढ़ते सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ा है। अल्कोहल चयापचय (मेटाबॉलिज्म) के दौरान एसिटेल्डिहाइड (एक जहरीला यौगिक जो डीएनए और प्रोटीन को नुकसान पहुंचा सकता है) में बदल जाती है। ये डीएनए और प्रोटीन को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) होता है और कैंसर का विकास शुरू होता है। इसके अलावा, अल्कोहल शरीर के आवश्यक पोषक तत्वों जैसे फोलेट, विटामिन ए, सी, डी और ई को अवशोषित करने की क्षमता को बाधित करती है, ये स्वस्थ कोशिकाओं को बनाए रखने और कैंसर को रोकने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
अल्कोहल एक प्रसिद्ध कार्सिनोजेन
अल्कोहल को एक प्रसिद्ध कार्सिनोजेन माना जाता है, जो वैश्विक स्वास्थ्य पर बड़ा असर डालता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनिया भर में कैंसर के मामलों का लगभग 4 प्रतिशत अल्कोहल के सेवन के कारण होता है। हाल ही में लैंसेट पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में यह अनुमान लगाया गया है कि भारत में 2020 में लगभग 62,100 नए कैंसर के मामले अल्कोहल के सेवन से संबंधित थे।
अमेरिकी सर्जन जनरल विवेक मूर्ति मादक पेय पदार्थों पर कैंसर की चेतावनी देने की सिफारिश की
इसके अलावा, अमेरिकी सर्जन जनरल विवेक मूर्ति ने स्तन, यकृत और बृहदान्त्र के कैंसर को रोकने के लिए मादक पेय पदार्थों पर कैंसर की चेतावनी देने की सिफारिश की है। इससे उपभोक्ताओं को इसके सेवन को लेकर निर्णय लेने में मदद मिल सकती है और अल्कोहल से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में जागरूकता बढ़ सकती है।
अल्कोहल का नियमित सेवन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी कमजोर करता है
विशेषज्ञों का कहना है कि अल्कोहल का नियमित सेवन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी कमजोर करता है, जिससे कैंसर कोशिकाओं की पहचान और उनका नाश करने की क्षमता घट जाती है। अल्कोहल का सेवन कई प्रकार के कैंसर से जुड़ा हुआ है, जिनमें से प्रत्येक का प्रारंभिक संकेत अलग हो सकता है। मुंह में लगातार छाले, बिना किसी कारण के रक्तस्राव, गाल में गांठ या मोटा होना, निगलने में कठिनाई या गले में खराश जो ठीक नहीं होती, ये मुंह और गले के कैंसर के संकेत हो सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति को एसोफैजियल कैंसर होता है, तो उसे निगलने में कठिनाई, सीने में तकलीफ, वजन कम होना, पुरानी खांसी या स्वर बैठना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लीवर कैंसर में पेट में सूजन, पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला पड़ना), बिना किसी कारण के वजन कम होना, भूख न लगना और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों ने कहा कि कैंसर का जल्दी पता लगाना बेहद महत्वपूर्ण है
स्तन कैंसर के लक्षणों में स्तन या बगल में गांठ, स्तन के आकार में बदलाव, त्वचा में गड्ढे या निप्पल से स्राव होना शामिल हो सकते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि कैंसर का जल्दी पता लगाना बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि समय पर इलाज से इसके परिणामों में सुधार हो सकता है। उन्नत उपचारों के साथ, जल्दी पहचान होने पर इलाज और बचने की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं। लेकिन अगर कैंसर का पता देर से चलता है और इसे अनदेखा किया जाता है, तो यह शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है, जिसे मेटास्टेसिस कहा जाता है। इन मेटास्टेसिस को सर्जरी और कीमोथेरेपी से निकालना बहुत मुश्किल हो जाता है।
अल्कोहल का सेवन कम करने से कैंसर के विकास के जोखिम को कम किया जा सकता है
डॉ. गर्ग ने कहा कि उन्नत चरणों में, कैंसर कोशिकाएं शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी कमजोर करती हैं और मस्तिष्क, यकृत, हृदय, गुर्दे और फेफड़ों जैसे महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए, विशेषज्ञों ने नियमित जांच और उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों के लिए चिकित्सा पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया है। वहीं, त्रिपाठी ने कहा कि अल्कोहल का सेवन कम करने से कैंसर के विकास के जोखिम को कम किया जा सकता है।
डब्ल्यूएचओ का कहना है कि अल्कोहल का सेवन किसी भी मात्रा में सुरक्षित नहीं है, क्योंकि सीमित मात्रा में भी अल्कोहल का सेवन कैंसर के खतरे को बढ़ाता है। -
नई दिल्ली /देश के नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को कार्यभार संभाला। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए पहला कदम मतदान है। इसलिए भारत का हर नागरिक जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है, उन्हें मतदाता जरूर बनना चाहिए और मतदान जरूर करना चाहिए। भारत के संविधान, चुनावी कानूनों, नियमों और उसमें जारी निर्देशों के अनुसार चुनाव आयोग मतदाताओं के साथ था, है और रहेगा।
सीईसी ने युवा मतदाताओं से खास अपील की
आज सुबह ज्ञानेश कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार ग्रहण किया। इसके बाद सीईसी ने युवा मतदाताओं से खास अपील की। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि राष्ट्र निर्माण की पहली सीढ़ी मतदान है, इसलिए जो 18 साल की आयु पार कर चुका है, उसे मतदान करना चाहिए।
बता दें कि 17 फरवरी को चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नया मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) नियुक्त किया गया। कानून मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर जानकारी दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेता राहुल गांधी की चयन समिति ने इस संबंध में दिल्ली में बैठक की थी, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के उत्तराधिकारी के तौर पर ज्ञानेश कुमार को चुना गया।
हरियाणा के मुख्य सचिव विवेक जोशी को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया
वहीं, हरियाणा के मुख्य सचिव विवेक जोशी को ज्ञानेश कुमार की पदोन्नति के बाद चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया। ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किए गए सुखबीर सिंह संधू अपने पद पर बने रहेंगे।
राजीव कुमार ने भारत के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्य किया
इस बीच, निवर्तमान सीईसी राजीव कुमार, जिन्होंने भारत के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्य किया। उन्होंने चुनाव आयोग को “लोकतंत्र की पूजा का स्थान” बताते हुए मंगलवार को पद छोड़ दिया। उन्होंने संस्थान के भविष्य और नई टीम के नेतृत्व पर भरोसा जताया। चुनाव आयोग के एक आधिकारिक बयान के अनुसार राजीव कुमार 1 सितंबर, 2020 को चुनाव आयुक्त के रूप में ईसीआई में शामिल हुए और 15 मई, 2022 को उन्होंने सीईसी के रूप में कार्यभार संभाला था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संरचनात्मक, तकनीकी और प्रशासनिक क्षेत्रों में मौन लेकिन गहन सुधार लागू किए।
कौन हैं ज्ञानेश कुमार ?
आपको बता दें, केरल कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेश कुमार तीन सदस्यीय पैनल के दो आयुक्तों में से वरिष्ठ हैं, जिसका नेतृत्व राजीव कुमार ने किया था। पैनल के दूसरे आयुक्त उत्तराखंड कैडर के अधिकारी सुखबीर सिंह संधू हैं।
ज्ञानेश कुमार 1988 केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। इससे पहले वह संसदीय कार्य मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्य कर चुके हैं। गृह मंत्रालय में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
जम्मू-कश्मीर मामलों को संभालने में ज्ञानेश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका
गौरतलब हो, जम्मू-कश्मीर मामलों को संभालने में ज्ञानेश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जब 2019 में अनुच्छेद 370 को अप्रभावी घोषित किया गया था, तब वह गृह मंत्रालय में जम्मू-कश्मीर डेस्क के प्रभारी थे।
उन्होंने केरल में विभिन्न पदों पर भी काम किया है, जिनमें एर्नाकुलम के जिला कलेक्टर और केरल राज्य सहकारी बैंक के एमडी के पद शामिल हैं।
उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की है और आईसीएफएआई से बिजनेस फाइनेंस तथा हार्वर्ड विश्वविद्यालय से पर्यावरण अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है।उन्होंने 15 मार्च, 2024 को चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला और वे उत्तराखंड कैडर के सुखबीर संधू के साथ चयन पैनल द्वारा नियुक्त दो आयुक्तों में से एक थे।
नए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल 26 जनवरी 2029 को समाप्त होगा। उनकी देखरेख में इस साल के अंत में बिहार विधानसभा चुनाव और अगले साल बंगाल, असम और तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव होंगे। -
नयी दिल्ली/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से मुलाकात की और उन्हें ‘‘भारत का सबसे अच्छा मित्र'' बताया। मोदी ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनके परिवार से मिलकर बहुत खुशी हुई। हमने कई मसलों पर सार्थक बातचीत की। सुनक भारत के बहुत अच्छे मित्र हैं तथा भारत-ब्रिटेन संबंधों को और भी मजबूत बनाने के लिए उत्सुक हैं।'' सुनक के साथ उनकी सास, लेखिका एवं राज्यसभा सदस्य सुधा मूर्ति और परिवार के अन्य सदस्य भी थे।
- पुणे. महाराष्ट्र के पशुपालन विभाग के अधिकारियों और पुलिस ने पुणे में एक आवासीय सोसाइटी के फ्लैट का दौरा किया, जहां 300 बिल्लियां पाले जाने की शिकायत मिली थी। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। हडपसर पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि फ्लैट मालिक को बिल्लियों को उचित स्थान पर पहुंचाने के लिए नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हडपसर में मार्वल बाउंटी हाउसिंग सोसाइटी के निवासियों ने शिकायत की थी कि एक फ्लैट मालिक ने अपने फ्लैट के अंदर 300 से अधिक बिल्लियां पाल रखी हैं, जिससे सफाई संबंधी समस्याएं पैदा हो रही हैं। बिल्लियों के कारण लगातार दुर्गंध और अत्यधिक शोर की खबरें थीं।'' अधिकारी ने कहा, ‘‘इन शिकायतों के आधार पर, जिला पशु चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में पशुपालन विभाग की एक टीम ने पुलिस के साथ सोसाइटी का दौरा किया। हमें 3.5 बीएचके फ्लैट के अंदर 300 बिल्लियां मिलीं। वहां बहुत ज्यादा बदबू थी।'
- उत्तरकाशी. इस महीने के आखिर में उत्तरकाशी स्थित गंगोत्री धाम के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जादूंग-जनकताल और नीलापानी-मुलिंगना दर्रे ट्रैक की शुरुआत भी करेंगे। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट ने यह जानकारी देते हुए कहा, ‘‘हमारा मानना है कि प्रधानमंत्री के इन दो ट्रैकों की शुरुआत करने से नेलांग और जादूंग घाटी में साहसिक पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।'' वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद नेलांग और जादूंग घाटी सहित आसपास का इलाका छावनी में तब्दील हो गया था और यहां स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। बिष्ट ने बताया कि अब भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर इसे लद्दाख की तर्ज पर विकसित करने की योजना शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि नेलांग और जादूंग गांव को बसाने के लिए वाइब्रेंट योजना के तहत 'होम स्टे' निर्माण भी शुरू हो गया है। इस बीच, प्रधानमंत्री के 27 फरवरी के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों को लेकर पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने सोमवार को मुखबा और हर्षिल में तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला पर्यटन अधिकारी को प्रधानमंत्री के दौरे के लिए गंगोत्री मंदिर के साथ ही पूरे मुखबा गांव को फूलों से सजाने तथा इसके लिए मंदिर समिति और ग्राम पंचायत के साथ तालमेल बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। मुखबा पहुंचने के बाद गंगोत्री मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद कुर्वे ने गांव में व्यू प्वाइंट निर्माण, रंग रोगन, पैदल मार्ग निर्माण आदि का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को समय पर सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री को स्थानीय हस्तशिल्प से बना उपहार दिए जाने के निर्देश भी दिए। राज्य सरकार ने पिछले साल से गढ़वाल हिमालय के चारधामों के नाम से प्रसिद्ध बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के शीतकालीन प्रवास स्थलों की यात्रा की शुरुआत की है और उनमें श्रद्धालुओं का आना भी शुरू हो गया है। राज्य सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री के आगामी दौरे से चारधामों की शीतकालीन यात्रा को और बढ़ावा मिलेगा। हर साल अक्टूबर-नवंबर में सर्दियों के लिए चारधामों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं जिसके बाद भगवान की पालकियों को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल लाया जाता है और वहीं उनकी पूजा की जाती है। मां गंगोत्री की शीतकालीन पूजा मुखबा, मां यमुनोत्री की खरसाली, केदारनाथ की उठीमठ और बदरीनाथ की ज्योतिर्मठ में की जाती है।
- महाकुंभ नगर . महाकुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर-सात में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के मंडप में सोमवार को सफाई कर्मचारियों को नमस्ते योजना के तहत पीपीई किट और आयुष्मान कार्ड वितरित किया गया। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री बी एल वर्मा ने कार्यक्रम में कहा, ‘‘ नमस्ते योजना के तहत अभी तक सीवर सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले 65,060 कर्मचारियों का प्रोफाइल तैयार किया जा चुका है और 32,734 कर्मचारियों को पीपीई किट प्रदान की गयी है और 15,153 कर्मचारियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया जा चुका है।'' इस कार्यक्रम में नमामि गंगे के तहत काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि नमस्ते योजना के तहत उत्तर प्रदेश में सीवर सेप्टिक टैंक के 11,420 सफाई कर्मियों की प्रोफाइल तैयार की गई है जिसमें से 3,339 कर्मचारियों को पीपीई किट प्रदान की गयी है। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य सीवर सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करना है और मंत्रालय द्वारा उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे जान को जोखिम में डाले बगैर सीवर की सफाई कर सकें।
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महाकुंभ नगर . महाकुंभ-2025 ने अपने उत्कृष्ट प्रबंधन से देश और दुनिया के लिए एक मिसाल पेश की है। इसका अध्ययन करने के लिए देश और दुनिया से लोग आ रहे हैं। इसी क्रम में नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ 2027 के सफल आयोजन की तैयारी के लिए नासिक से वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल सोमवार को प्रयागराज पहुंचा है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, 20 सदस्यीय यह दल महाकुंभ 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा किए गए प्रबंधन को देखेगा और उससे सीख लेकर 2027 में नासिक में होने जा रहे कुंभ की तैयारी करेगा। इस दल का नेतृत्व कर रहे नासिक के मंडलायुक्त प्रवीण गेडम ने कहा, “महाकुंभ 2025 का प्रबंधन अद्वितीय और अनुकरणीय है। यहां से मिली सीख को हम नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ 2027 में लागू करेंगे।” उन्होंने कहा, “यह अध्ययन दौरा हमारे लिए बेहद उपयोगी है। कुंभ जैसे विशाल आयोजन में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और सेवा भावना का महत्व सबसे बड़ा है। 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षा और शांति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। यहां के अनुभवों से हम नासिक कुंभ में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेंगे।” नासिक के मंडलायुक्त प्रवीण गेडम के साथ नासिक के जिलाधिकारी जलज शर्मा और स्पेशल आईजी (नासिक रेंज) दत्तात्रय कराले शामिल हैं। यह दल मंगलवार और बुधवार को महाकुंभ में विभिन्न स्थलों का दौरा करेगा। दल के सदस्य भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रतिक्रिया, यातायात और परिवहन प्रबंधन, घाट और नदी जल प्रबंधन, स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्था, टेंट सिटी और आवास प्रबंधन, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन, पेयजल और शौचालय सुविधाएं, अखाड़ों और महंतों के साथ समन्वय समेत प्रोटोकॉल और सुरक्षा व्यवस्था का अध्ययन करेंगे।
- नयी दिल्ली, 16 फरवरी . दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ की जांच रविवार को शुरू कर दी और वह वहां की सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि भगदड़ मचने से ठीक पहले की घटनाएं किस क्रम में हुई थीं। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हमारा मुख्य लक्ष्य भगदड़ के मुख्य कारण की जांच करना है। हम सीसीटीवी फुटेज और उस दौरान रेलवे द्वारा की गई उद्घोषणाओं का सारा डेटा एकत्र करेंगे।'' शनिवार रात मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 पर प्रयागराज (महाकुंभ जाने) के लिए यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि घटना के समय, पटना होते हुए इस्लामपुर जाने वाली मगध एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म संख्या 14 पर खड़ी थी और नई दिल्ली-जम्मू उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म संख्या 15 पर थी। उन्होंने भगदड़ का कारण बताते हुए कहा, ‘‘कुछ लोग सीढ़ियों का उपयोग कर फुटओवर ब्रिज से प्लेटफॉर्म संख्या 14 और 15 की ओर उतर रहे थे, वे फिसल गए और दूसरे यात्रियों पर गिर गए।'' सूत्रों ने बताया कि ट्रेनों के विलंब से परिचालित होने तथा हर घंटे 1,500 जनरल टिकट की बिक्री के कारण नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई होगी।
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महाकुंभ . महाकुंभ में रविवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और धर्मेंद्र प्रधान, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं उत्तर प्रदेश के मंत्री राकेश सचान, योगेंद्र उपाध्याय और दयाशंकर सिंह ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। संगम में पत्नी के साथ स्नान करने के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मीडिया से कहा, ‘‘गंगा में स्नान और दर्शन पूजन बहुत अच्छे से हुआ। हमारे शहर नागपुर से हजारों की संख्या में लोग अपनी गाड़ियां लेकर यहां आ रहे हैं। हमें लगता है कि गंगा मां का आशीर्वाद सबको मिलेगा।'' वहीं, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संगम में स्नान के बाद कहा, ‘‘संगम में स्नान कर आशीर्वाद प्राप्त करना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा और एकता का सबसे बड़ा संगम है।'' इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, प्रदेश के मंत्री राकेश सचान, योगेंद्र उपाध्याय और दयाशंकर सिंह ने भी त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा, ‘‘हम संगम में डुबकी लगाने के बाद एक अलग प्रकार का अनुभव कर रहे हैं। देश-विदेश से यहां आकर डुबकी लगा रहे लोगों को मेरी ओर से बधाई।'' मंत्री राकेश सचान ने कहा कि महाकुंभ का यह आयोजन भारतीय संस्कृति की अखंडता और शक्ति का प्रतीक है। वहीं, मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि यह आयोजन उनके लिए केवल स्नान का अवसर नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के मूल तत्वों को आत्मसात करने का माध्यम भी है। मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि महाकुंभ न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
- नयी दिल्ली. आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा के अमेरिका से संभावित प्रत्यर्पण से 2008 में मुंबई आतंकवादी हमलों से कुछ दिन पहले उत्तर और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में उसकी यात्राओं के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक 64 वर्षीय राणा 2023 में 14 साल की सजा पूरी करने के बाद लॉस एंजिल्स के एक महानगरीय हिरासत केंद्र में हिरासत में है। वह पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी और मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक डेविड कोलमैन हेडली का करीबी सहयोगी रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि उनके प्रशासन ने राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। प्रत्यर्पित होने के बाद, राणा इस मामले में भारत में मुकदमे का सामना करने वाला वाला तीसरा आतंकी होगा। इससे पहले अजमल कसाब और जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जंदल को इस मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। नवंबर 2012 में, एकमात्र जीवित बचे पाकिस्तानी आतंकवादी कसाब को पुणे की यरवदा जेल में फांसी पर लटका दिया गया था। अमेरिकी संघीय एजेंसी ‘एफबीआई' ने 27 अक्टूबर 2009 को राणा को गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ 2011 में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और आतंकवाद की रोकथाम संबंधी ‘सार्क कन्वेंशन' की धारा 6(2) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया था। भारत में हेडली के ठिकानों की पड़ताल करते हुए, केंद्रीय सुरक्षा अधिकारियों को पता चला कि राणा ने 13 नवंबर से 21 नवंबर 2008 के बीच अपनी पत्नी समराज राणा अख्तर के साथ हापुड़, दिल्ली, आगरा, कोच्चि, अहमदाबाद और मुंबई की यात्रा की थी। राणा ने अपने पते के प्रमाण के तौर पर ‘इमिग्रेंट लॉ सेंटर' से व्यावसायिक प्रायोजक पत्र और कुक काउंटी से संपत्ति कर भुगतान नोटिस प्रस्तुत किया था। अधिकारियों ने कहा कि राणा को भारत लाये जाने पर उसकी इन यात्राओं का उद्देश्य स्थापित हो जाएगा। वर्ष 2009 में गिरफ्तार होने के बाद, राणा को 2011 में दोषी ठहराया गया और 14 साल की सजा सुनाई गई।राणा को डेनमार्क में आतंकवादी साजिश के लिए सहायता प्रदान करने की साजिश के एक मामले और आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को सहायता प्रदान करने के एक मामले में अमेरिका में दोषी ठहराया गया था। मुकदमे के साक्ष्य में रिकॉर्ड की गई बातचीत के टेप भी शामिल थे, जिनमें सितंबर 2009 की बातचीत भी शामिल थी। इससे पता चला कि हेडली और राणा ने उन खबरों के बारे में बात की थी कि एक सह-प्रतिवादी और कथित पाकिस्तानी आतंकवादी नेता इलियास कश्मीरी की हत्या कर दी गई। अन्य बातचीत में राणा ने हेडली से कहा कि मुंबई आतंकी हमले में शामिल हमलावरों को पाकिस्तान का सर्वोच्च मरणोपरांत सैन्य सम्मान मिलना चाहिए। वर्ष 2009 की गर्मियों के अंत में, राणा और हेडली इस बात पर सहमत हुए कि राणा को प्रदान की गई धनराशि का इस्तेमाल डेनमार्क में हेडली के काम को सुविधाजनक बनाने के लिए किया जा सकता है। साक्ष्य से पता चला कि राणा ने डेनमार्क में आव्रजन कार्यालय स्थापित करने के लिए वहां के एक समाचार पत्र को ईमेल भेजते समय हेडली होने का नाटक किया था। एनआईए ने राणा को ‘‘सह-साजिशकर्ता'' के रूप में आरोपपत्र में नामजद किया था, जिसने भारत में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने की आपराधिक साजिश के लिए हेडली और अन्य सह साजिशकर्ताओं को वित्तीय और अन्य सहायता प्रदान की थी। राणा की फर्स्ट वर्ड इंटरनेशनल फर्म का इस्तेमाल लश्कर-ए-तैयबा समूह द्वारा राणा को सौंपे गए आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए किया गया था। इसी कंपनी के जरिए हेडली ने मुंबई में ‘इमिग्रेंट लॉ सेंटर' का एक शाखा कार्यालय स्थापित करने के उद्देश्य से भारत में मल्टीपल एंट्री बिजनेस वीज़ा के लिए आवेदन किया था। राणा ने जुलाई 2007 में 10 साल के लिए उसके वीजा विस्तार में भी मदद की थी। दस पाकिस्तानी आतंकवादियों के एक समूह ने 26 नवंबर 2008 को अरब सागर में समुद्री मार्ग से भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में घुसपैठ करने के बाद एक रेलवे स्टेशन, दो लक्जरी होटल और एक यहूदी केंद्र पर हमला किया था। मारे गए 166 लोगों में अमेरिकी, ब्रिटिश और इजराइली नागरिक भी शामिल थे। करीब 60 घंटे तक इस हमले ने पूरे देश में सनसनी फैला दी और भारत और पाकिस्तान को युद्ध के कगार पर ला खड़ा किया।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को यहां राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन ने उनकी मुलाकात की तस्वीरें ‘एक्स' पर साझा कीं।राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक ‘एक्स' हैंडल से किये गए एक पोस्ट के अनुसार, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।''
- लुधियाना. पंजाब में लुधियाना के एक गांव के समीप आम आदमी पार्टी (आप) के एक नेता की पत्नी की लुटेरों ने हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। उसने बताया कि यहां से करीब 40 किलोमीटर दूर रूरका गांव के समीप शनिवार रात यह वारदात हुई।पुलिस ने बताया कि आप नेता अनोख मित्तल और उनकी पत्नी लिप्सी मित्तल लुधियाना-मलेरकोटला रोड स्थित एक होटल से खाना खाकर घर लौट रहे थे। उसने बताया कि डकैतों ने उनकी कार रूकवाई और धारदार हथियारों से मित्तल दंपति पर हमला किया।पुलिस के अनुसार लिप्सी मित्तल की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि अनोख मित्तल गंभीर रूप से घायल हो गये और उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लिप्सी मित्तल के रिश्तेदारों ने रविवार शाम अस्पताल के सामने प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की। अनोख मित्तल एक स्थानीय व्यापारी हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
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नयी दिल्ली/ केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय देशभर के राज्य जल मंत्रियों के दूसरे सम्मेलन का आयोजन राजस्थान के उदयपुर में करेगा। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मंगलवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय सम्मेलन का विषय ‘भारत-2047 - जल सुरक्षित राष्ट्र' है और इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित और जल सुरक्षित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप देश के जल सुरक्षा एजेंडे को आगे बढ़ाना है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जनवरी 2023 में भोपाल में आयोजित पहले सम्मेलन में रखी गई नींव पर आधारित यह कार्यक्रम ‘वाटर विजन-2047' को लागू करने के लिए ठोस उपायों पर ध्यान केंद्रित करेगा। भोपाल सम्मेलन में पांच प्रमुख क्षेत्रों (जल सुरक्षा, जल उपयोग दक्षता, शासन, जलवायु लचीलापन और जल गुणवत्ता) की पहचान की गई थी जिसके परिणामस्वरूप 22 कार्रवाई योग्य सिफारिशें सामने आईं, जिन्होंने तब से राज्य-स्तरीय जल प्रबंधन रणनीतियों का मार्गदर्शन किया है।
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महाकुंभ नगर।महाकुंभ में अमृत स्नान पर्व और अन्य स्नान पर्व माघी पूर्णिमा बीत जाने के बाद भी आस्था का जनसैलाब थमने का नाम नहीं ले रहा और रविवार को शाम आठ बजे तक 1.49 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया। मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक रविवार को शाम आठ बजे तक 1.49 करोड़ श्रद्धालुओं ने महाकुंभ में स्नान किया, जबकि 13 जनवरी से अभी तक 52.96 करोड़ लोगों ने महाकुंभ में स्नान किया है।
इस बीच, रविवार को महाकुंभ का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ महाकुंभ मेला में यातायात और अन्य सुविधाओं की समीक्षा की और प्रयागराज आ रहे सभी श्रद्धालुओं से यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि वे अपने वाहनों को सड़कों पर खड़ा ना करें, बल्कि निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें। योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं से भंडारे और प्रसाद वितरण की पवित्र व्यवस्था को अनवरत जारी रखने की भी अपील की। प्रयागराज में महाकुंभ मेले में सभी दिशाओं से आ रहे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी ने 17 से 20 फरवरी तक ग्रामीण एवं नगर क्षेत्र में स्थित कक्षा एक से आठ तक के समस्त परिषदीय, राजकीय, सहायता प्राप्त और अन्य समस्त बोर्ड से मान्यता प्राप्त अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यमों के विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का निर्देश दिया है।
वहीं, उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए रविवार को 238 ट्रेनें चलाई गईं और 10.96 लाख से अधिक यात्रियों ने प्रयागराज के विभिन्न स्टेशनों से यात्रा की। उन्होंने बताया कि रेलवे ने शनिवार को 339 ट्रेनें चलाई थीं जिससे 14.76 लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा की। उल्लेखनीय है कि शनिवार को 1.36 करोड़ श्रद्धालुओं ने महाकुंभ में स्नान किया, जबकि इससे पूर्व शुक्रवार को करीब एक करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान कर महाकुंभ में स्नान करने वाले कुल श्रद्धालुओं की संख्या को 50 करोड़ के पार पहुंचाया था।


























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