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नयी दिल्ली/ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कहा कि देश में जारी विकास पहलों ने आदिवासी समुदायों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। ‘आदि महोत्सव, 2025' के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं।
मुर्मू ने कहा, ‘‘हमारे देश का वास्तविक विकास तभी होगा जब हमारे आदिवासी समुदाय आगे बढ़ेंगे।'' राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि विकास पहलों ने अरुणाचल प्रदेश से लेकर गुजरात और जम्मू-कश्मीर से लेकर अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तक के आदिवासी समुदायों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। उन्होंने कहा, ‘‘इन प्रयासों ने न केवल आदिवासी परिवारों को अवसर प्रदान किए हैं, बल्कि उनकी संस्कृति और योगदान के बारे में जागरूकता भी बढ़ाई है।'' राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा इन प्रयासों का मूल है, जिससे आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए सशक्त बनाया जा सकेगा। मुर्मू ने यह भी कहा कि शिक्षा के अवसरों को और बढ़ाने के लिए लगभग 250 नए एकलव्य स्कूल निर्माणाधीन हैं। उन्होंने कहा कि लाखों आदिवासी छात्र छात्रावास सुविधाओं से लाभान्वित हो रहे हैं और उन्हें विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता भी दी जा रही है।
मुर्मू ने कहा, ‘‘शिक्षा किसी भी समाज के विकास में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और यह बहुत संतोष की बात है कि 470 से अधिक एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) देश भर में 1.25 लाख आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में स्वास्थ्य सेवा की पहुंच बढ़ाने के लिए आदिवासी बहुल क्षेत्रों में 30 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। ‘आदि महोत्सव', एक वार्षिक उत्सव है, जो आदिवासी विरासत, शिल्प और उद्यमशीलता का जश्न मनाता है और आदिवासी परंपराओं को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। -
प्रयागराज/वाराणसी/अयोध्या/कानपुर / महाकुंभ में देश के हर कोने से आ रही लोगों की भारी भीड़ और शनिवार को नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की घटना को देखते हुए प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, कानपुर और मिर्जापुर समेत धार्मिक आस्था से जुड़े नगरों के स्टेशनों पर पूर्व में जारी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया, हम पूर्व में जारी प्रोटोकॉल का ही सख्ती से लागू करना सुनिश्चित कर रहे हैं। हमने मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी जैसे स्नान पर्वों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया है और आगे भी यही प्रोटोकॉल जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि इस प्रोटोकॉल के तहत प्रयागराज जंक्शन पर शहर की तरफ से प्रवेश और सिविल लाइंस की तरफ से निकासी कराई जा रही है और ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आने तक यात्रियों को ‘होल्डिंग एरिया' में रोककर रखा जाता है। प्रयागराज जंक्शन पर तैनात आरपीएफ के निरीक्षक शिव कुमार ने बताया कि प्रयागराज जंक्शन पर भीड़ नियंत्रण में है।
रेलवे पुलिस के अपर महानिदेशक (एडीजी) प्रकाश डी. ने कहा, हमने यात्रियों को रखने के लिए होल्डिंग एरिया चिह्नित किया है, क्योंकि ट्रेनों की क्षमता सीमित है। प्लेटफॉर्म की भी क्षमता सीमित है। स्टेशन पर आने वाले अतिरिक्त यात्रियों को होल्डिंग एरिया में रखा जाता है।" प्रकाश ने कहा, "प्रयागराज में हमने 90 होल्डिंग एरिया की पहचान की है, क्योंकि हमारे पास आठ रेलवे स्टेशन हैं। प्रयागराज में रोजाना 500 ट्रेनें चलती हैं और हमारा यात्रियों से अनुरोध है कि वे पुलिस और प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।" उन्होंने कहा कि प्रयागराज में तीर्थयात्रियों के आवागमन के प्रवाह का आकलन करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। - नयी दिल्ली, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी 17-18 फरवरी को भारत के राजकीय दौरे पर आएंगे और इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि अमीर की यात्रा ‘हमारी बढ़ती बहुआयामी साझेदारी को और गति प्रदान करेगी'।विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि उनके (अमीर के) साथ मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आएगा। बयान के मुताबिक, “प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर कतर के अमीर, शेख तमीम बिन हमद अल-थानी 17-18 फरवरी 2025 को भारत के राजकीय दौरे पर आएंगे।” यह कतर के अमीर का भारत का दूसरा राजकीय दौरा होगा। बयान के मुताबिक, इससे पहले अमीर मार्च 2015 में भारत आए थे।
- महाकुंभ नगर . महाकुंभ में शुक्रवार को 50 करोड़ से अधिक लोगों के गंगा और संगम में स्नान करने का रिकॉर्ड बनने के दूसरे दिन शनिवार को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर एक करोड़ से अधिक लोगों ने यहां स्नान किया। वहीं दूसरी ओर, त्रिजटा स्नान के साथ, माघ माह के कल्पवास में प्रथम साधक दंडी स्वामी संतों का भी महाकुंभ नगर से शनिवार को प्रस्थान हो गया। इससे पूर्व माघी पूर्णिमा के स्नान के साथ कल्पवासी और बसंत पंचमी के अमृत स्नान के बाद 13 अखाड़ों के साधु संत महाकुंभ मेले से प्रस्थान कर चुके हैं। मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को शाम आठ बजे तक कुल 1.36 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया तथा 13 जनवरी के बाद से अभी तक कुल 52.83 करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं। संगम की पावन रेती पर एक महीने से प्रवास कर रहे सनातन धर्म के संरक्षक माने जाने वाले दंडी स्वामी संतों ने शनिवार को महाकुंभ में अपना अंतिम स्नान किया और उसके बाद अपने-अपने मठों की तरफ प्रस्थान कर गए। अखिल भारतीय दंडी परिषद के प्रमुख जगद्गुरु स्वामी महेशाश्रम ने कहा कि माघ के महीने का कल्पवास तो माघी पूर्णिमा स्नान के साथ पूर्ण हो जाता है, लेकिन कल्पवास करते समय जाने अनजाने में कभी कोई पाप हो जाए तो ये पाप संगम में त्रिजटा स्नान के बाद ही कटता है। शनिवार को आम लोगों के संगम स्नान के बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पत्नी सोनल शाह, उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेता अपर्णा बिष्ट यादव और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, सांसद और बीसीसीआई के सचिव राजीव शुक्ला ने भी त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई।
- नयी दिल्ली. रेलवे बोर्ड ने सभी जोन और मंडलों को पर्याप्त अधिकारियों के साथ ‘वॉर रूम' बनाने को कहा है, ताकि ‘‘रेल-मदद'' के माध्यम से प्राप्त यात्रियों की शिकायतों की सक्रियता से निगरानी और समाधान किया जा सके। शिकायत निवारण तंत्र, ‘‘रेल-मदद'' एक एकीकृत शिकायत-समाधान पहल है, जिसके तहत यात्री 139 नंबर पर कॉल करके या रेलवे के संबद्ध एप्लिकेशन (ऐप) या पोर्टल का उपयोग कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या सुझाव दे सकते हैं। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने हाल ही में मंडलों के निरीक्षण दौरे पर पाया कि उनमें से कई में उपयुक्त ‘‘वॉर रूम'' उपलब्ध नहीं है। मंडल नियंत्रण कार्यालय में शिकायत निवारण तंत्र की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए रेलवे बोर्ड ने विभिन्न जोन और मंडलों को भेजे अपने पत्र में कहा, ‘‘सभी मंडलों और जोन में रेल-मदद के जरिये मिलने वाली शिकायतों की सक्रिय निगरानी के लिए एक वॉर रूम होना चाहिए।'' कुछ मंडलों ने बोर्ड के निर्देशों को लागू करना शुरू कर दिया है, जिसमें संबंधित विभागों को वॉर रूम में अधिकारियों को तैनात करने के लिए कहा गया है। रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि कुमार ने कुछ मंडलों का निरीक्षण किया, जिसका उद्देश्य ‘‘वॉर रूम'' की वर्तमान स्थिति का पता लगाना और आवश्यक पहल के साथ उन्हें मजबूत करने के तरीके सुझाना था।
- नयी दिल्ली/ मुंबई के एनसीपीए में अक्टूबर 2016 में संगीतमय नाटक ‘मुगल-ए-आजम' के मंचन से तीन दिन पहले नाटक के निर्देशक फिरोज अब्बास खान ‘नर्वस ब्रेकडाउन' (अत्यधिक तनावपूर्ण स्थिति) के करीब पहुंच गए थे। खान ने तब इस नाटक के मंचन को अपने जीवन की सबसे बड़ी मुसीबत के रूप में देखा और खुद को ऐसा कुछ करने के लिए कोसा, जो ‘असंभव' था। लगभग नौ साल बाद, दिलीप कुमार और मधुबाला अभिनीत फिल्म पर आधारित इस नाटक का 300 से अधिक बार मंचन हो गया है। भारतीय रंगमंच के इतिहास में सबसे शानदार इस संगीतमय नाटक का मंचन आठ देशों में हो चुका है और अब संभवतः आखिरी बार दिल्ली में हो रहा है। खान ने कहा, “जब भी मैं कोई शो करता हूं, तो मुझे घबराहट होती है। यह चीज मुझे परेशान करती रहती है। मैं लगभग ‘नर्वस ब्रेकडाउन' की स्थिति में पहुंच गया था, क्योंकि कुछ भी काम नहीं कर रहा था, सब कुछ गलत हो रहा था। मैं बैठा और मैंने कहा ‘मैंने ऐसा क्यों किया, मुझे ऐसा करने की जरूरत नहीं थी। मैंने ऐसा कुछ क्यों किया, जो असंभव है'।” शो में मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन किए गए 550 से अधिक बेहतरीन परिधान, नील पटेल व डेविड लैंडर जैसे कलाकारों द्वारा बनाए गए भव्य सेट, मुकेश छाबड़ा द्वारा 150 से अधिक कलाकारों की कास्टिंग, मयूरी उपाध्याय द्वारा शानदार कथक कोरियोग्राफी और पीयूष कनौजिया का संगीत शामिल है। पीछे मुड़कर देखते हुए खान कहते हैं कि उन्हें नहीं लगता था कि यह 50 से ज़्यादा शो चला पाएगा। और अब देखिए यह कहां पहुंच गया है। शापूरजी पल्लोनजी समूह के दीपेश सालगिया द्वारा निर्मित इस नाटक में निसार खान ने अकबर और शहाब अली ने सलीम की भूमिका निभाई है। ‘मुगल-ए-आजम' फिल्म में क्रमशः इन किरदारों को पृथ्वीराज कपूर और दिलीप कुमार ने निभाया था। इस संगीतमय नाटक में मूल फिल्म के 12 गीत शामिल हैं, जिनमें कव्वाली ‘तेरी महफिल में किस्मत', ‘मोहे पनघट पे' और विद्रोही प्रेम गीत ‘प्यार किया तो डरना क्या' शामिल हैं।
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रांची. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और ‘मशीन लर्निंग' के क्षेत्र में दूरगामी प्रगति के साथ भविष्य में बड़े बदलाव होंगे। मुर्मू ने कहा कि केंद्र उच्च शिक्षा में एआई को एकीकृत करने के लिए कदम उठा रहा है और यह गर्व की बात है कि रांची स्थित ‘बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान' (बीआईटी), मेसरा 2023 में संबंधित पाठ्यक्रम शुरू कर इस क्षेत्र में अग्रणी है। मुर्मू ने बीआईटी मेसरा के ‘प्लेटिनम' जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमारा युग प्रौद्योगिकी का युग है। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नयी प्रगति ने हमारे जीने के तरीके को बदल दिया है। कल तक जो अकल्पनीय था, वह आज वास्तविकता बन गया है। आने वाले वर्षों में और भी बड़े बदलाव होने वाले हैं और विशेष रूप से एआई और ‘मशीन लर्निंग' में दूरगामी प्रगति की उम्मीद है।'' उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि एआई तेजी से अर्थव्यवस्थाओं को बदल रहा है इसलिए भारत सरकार ने उभरते परिदृश्य के अनुसार तेजी से कदम उठाए हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों में एआई को एकीकृत करने के लिए कई पहल की जा रही हैं।'' हालांकि, उन्होंने नवोन्मेषकों और उद्यमियों को पारंपरिक समुदायों के ज्ञान आधार को नजरअंदाज न करने के लिए आगाह करते हुए कहा, ‘‘समस्याओं के समाधान के लिए अकसर बड़े तकनीकी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती।'' राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पैदा किए जा रहे अवसरों को हाशिए पर पड़े समुदायों को भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए और बड़े परिवर्तन का लाभ सभी को मिलना चाहिए।'' मुर्मू ने संकाय और छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें बीआईटी मेसरा की समृद्ध विरासत पर गर्व है जिसने अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार के 70 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान अंतरिक्ष इंजीनियरिंग और ‘रॉकेट विज्ञान' में अग्रणी है और इसने कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘युवाओं का उत्साह और प्रतिबद्धता ‘विकसित भारत' बनाने की कुंजी होगी।''
मुर्मू ने कहा कि उन्हें ‘‘हमारी बेटियों'' पर गर्व है जो विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और गणित में पीछे नहीं हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि प्लेटिनम जयंती इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और संबद्ध क्षेत्रों में शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में बीआईटी मेसरा के योगदान का जश्न मनाने और सम्मान करने का एक उपयुक्त अवसर है। उन्होंने कई क्षेत्रों में अग्रणी होने के लिए संस्थान की सराहना की। देश में अंतरिक्ष इंजीनियरिंग और रॉकेट विज्ञान का पहला विभाग 1964 में यहां स्थापित किया गया था। इसके अलावा इंजीनियरिंग उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए पहला विज्ञान और प्रौद्योगिकी उद्यमिता पार्क (एसटीईपी) भी 1975 में यहां स्थापित किया गया था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बीआईटी मेसरा भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सतत विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा। राष्ट्रपति ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष और उद्यमिता को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। मुर्मू दो दिवसीय दौरे के तहत शुक्रवार को झारखंड पहुंची थीं और उन्होंने राजभवन में रात्रि विश्राम किया। उनके दौरे के मद्देनजर झारखंड की राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। -
नयी दिल्ली, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को कहा कि मोदी सरकार ने 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए मसौदा तैयार किया है। उन्होंने साथ ही पिछली सरकारों पर बुनियादी ढांचे के विकास पर उचित ध्यान नहीं देने का आरोप भी लगाया।
मांडविया ने टाइम्स समूह के 'ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट' (जीबीएस) के 9वें संस्करण में कहा कि आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के कई अवसर आए और चले गए, लेकिन देश सही समय पर तैयार नहीं था। श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे मंत्री ने बुनियादी ढांचे के लिए स्पष्ट मसौदे की कमी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मसौदा तैयार किया है। उन्होंने कहा, ''भारत की आर्थिक वृद्धि की जडें हमारी विरासत में होनी चाहिए और इसमें नवाचार को भी शामिल करना चाहिए। सिंधु घाटी के व्यापारियों से लेकर आचार्य चाणक्य तक, हमारे पूर्वजों ने आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की नींव रखी और वे सबक आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।'' मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने 'स्टार्टअप इंडिया' और 'मेक इन इंडिया' जैसी पहलों के जरिए इस भावना को फिर से जगाया है। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले भारत में सिर्फ चार यूनिकॉर्न थे, आज हमारे पास 118 यूनिकॉर्न हैं। इससे साबित होता है कि प्रतिभा और नवाचार को बढ़ावा देने से हमारी अर्थव्यवस्था बदल सकती है। उन्होंने परंपरा को आधुनिक प्रगति के साथ जोड़ने के महत्व पर भी जोर दिया। -
नयी दिल्ली .आध्यात्मिक नेता सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने प्रधानमंत्री की ‘परीक्षा पे चर्चा' के तहत शनिवार को छात्रों के साथ आनंदपूर्वक सीखने और परीक्षा से पहले तनाव से बचने के मंत्र साझा किए। उन्होंने कहा कि पाठ्यपुस्तकें बुद्धिमत्ता के लिए चुनौती नहीं हैं और छात्रों को अपने ऊपर तनाव को हावी नहीं होने देना चाहिए। पारंपरिक ‘टाउन हॉल' प्रारूप से हटकर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बार अधिक अनौपचारिक माहौल को प्राथमिकता दी और छात्रों को अपने वार्षिक संवाद के लिए दिल्ली की प्रतिष्ठित सुंदर नर्सरी ले गए। सद्गुरु ने कहा, ‘‘आपकी पाठ्यपुस्तक आपकी बुद्धिमत्ता के लिए चुनौती नहीं है, चाहे आप कोई भी हों। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने अब तक स्कूल में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। मैं आपको बता रहा हूं कि पाठ्यपुस्तकें कोई चुनौती नहीं हैं।'' उन्होंने छात्रों से कहा, ‘‘आप खेल-खेल में क्यों नहीं सीख सकते? यदि आप इसे खेल-खेल में सीखते हैं, तो आपकी पाठ्यपुस्तक चुनौती नहीं होगी।'' छात्रों को ध्यान लगाने का गुर बताते हुए सद्गुरु ने कहा कि बुद्धिमत्ता का मतलब उपयोगिता से नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘बुद्धिमत्ता जीवन के अनुभव की गहराई पैदा करती है। अगर आप तनाव महसूस करते हैं, तो इसका मतलब है कि मस्तिष्क को ठीक से पोषण नहीं मिल रहा है।'' मुक्केबाज एम सी मैरीकॉम और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों ने भी ‘परीक्षा पे चर्चा' के विभिन्न एपिसोड में जीवन के प्रमुख पहलुओं पर अपने अनुभव और ज्ञान साझा किए हैं। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम का पहला संस्करण 2018 में दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित किया गया था। इसका सातवां संस्करण पिछले साल भारत मंडपम में ‘टाउन हॉल' प्रारूप में आयोजित किया गया था, जिसमें देश-विदेश के प्रतिभागी शामिल हुए थे। -
नई दिल्ली। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि ‘विकसित भारत के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन’ भारत की परमाणु क्षमताओं को बढ़ाने, निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने और उन्नत परमाणु तकनीक को स्थापित करने की एक बड़ी योजना है।
गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने बताया कि केंद्रीय बजट में छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMR) के अनुसंधान और विकास के लिए ₹20,000 करोड़ का आवंटन किया गया है। सरकार का लक्ष्य 2033 तक कम से कम पांच स्वदेशी SMR को चालू करना है।उन्होंने कहा कि यह पहल 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के अनुरूप है। यह कदम कार्बन उत्सर्जन को कम करने और स्वच्छ एवं सस्टेनेबल ऊर्जा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।डॉ. सिंह ने परमाणु उद्योग में निजी क्षेत्र की भागीदारी की अनुमति देने को गेमचेंजर बताया और कहा कि इससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता के साथ-साथ भारत को वैश्विक परमाणु प्रौद्योगिकी में अग्रणी बनने में मदद मिलेगीउन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जिस तरह स्पेस सेक्टर को निजी कंपनियों के लिए खोला गया, उसी तरह परमाणु क्षेत्र में भी सुधारों से नवाचार और विकास को बढ़ावा मिलेगा। सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा भारत की ऊर्जा रणनीति की आधारशिला बनेगी, जिससे देश तकनीकी रूप से उन्नत और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। -
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं। इस साल 42 लाख से ज्यादा छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं। बोर्ड ने देशभर में 7,842 परीक्षा केंद्रों और 26 अन्य देशों में भी परीक्षा आयोजित की है।
10वीं की परीक्षाएं 10 मार्च 2025 तक चलेंगी, जबकि 12वीं की परीक्षाएं भी इसी अवधि तक आयोजित की जाएंगी। सभी परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक एक ही शिफ्ट में होंगी। पहले दिन, कक्षा 10 के छात्र इंग्लिश (कम्युनिकेटिव) और इंग्लिश (लैंग्वेज एंड लिटरेचर) की परीक्षा देंगे, जबकि कक्षा 12 के छात्रों के लिए पहला पेपर एंटरप्रेन्योरशिप (उद्यमिता) का होगा।इस साल CBSE ने पहली बार परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों के लिए लाइव वेबकास्ट का आयोजन किया। यह वेबकास्ट शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे CBSE के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर हुआ और करीब 2 घंटे तक चला। इसमें परीक्षा केंद्रों के प्रमुख, सुपरिंटेंडेंट्स और अन्य अधिकारियों को परीक्षा नियमों और मूल्यांकन प्रक्रिया की जानकारी दी गई।छात्रों के लिए एडमिट कार्ड और स्कूल आईडी कार्ड लाना अनिवार्य है। एडमिट कार्ड में परीक्षा का समय, विषयों की जानकारी और परीक्षा केंद्र का पता दिया गया है। CBSE ने यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है कि परीक्षाएं बिना किसी परेशानी के सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से आयोजित हों। - प्रयागराज। मिर्जापुर-प्रयागराज हाईवे पर शुक्रवार देर रात एक कार और बस की टक्कर हो गई। इस हादसे में महाकुंभ स्नान के लिए आ रहे 10 लोगों की मौत हो गई जबकि 19 लोग घायल हो गए। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। इस हादसे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी दुख व्यक्त किया।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, “उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मिर्जापुर हाईवे पर हुआ सड़क हादसा हृदयविदारक है। इसमें जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इसके साथ ही सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की मैं कामना करता हूं। राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा है।”यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर हुए सड़क दुर्घटना में कई लोगों के हताहत होने की अत्यंत दु:खद सूचना प्राप्त हुई है। ईश्वर से प्रार्थना है कि हादसे में घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें और दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।”इससे पहले, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हादसे में हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। सीएम योगी ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।पुलिस के मुताबिक शुक्रवार देर रात मिर्जापुर-प्रयागराज हाईवे पर एक कार और बस की टक्कर हो गई। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई जबकि 19 लोग घायल हो गए।डीसीपी (यमुनानगर) विवेक चंद्र यादव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बताया कि छत्तीसगढ़ से महाकुंभ में श्रद्धालुओं को ले जा रही कार और बस की टक्कर में 10 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा शुक्रवार रात करीब 12 बजे प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर मेजा थाना क्षेत्र में हुआ। शवों को पोस्टमार्टम के लिए स्वरूप रानी मेडिकल अस्पताल ले जाया गया है।
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नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन (MSC) 2025 में भारत के मजबूत लोकतांत्रिक प्रणाली की सराहना की। लोकतंत्र को मजबूत बनाने विषय पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र न केवल कायम है बल्कि यह लोगों के जीवन को भी बेहतर बना रहा है।
इस चर्चा में जयशंकर के साथ नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे, अमेरिकी सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन और वारसॉ के मेयर राफाल ट्राजास्कोव्स्की शामिल रहे। जहां अन्य वक्ताओं ने लोकतंत्र की चुनौतियों पर चिंता जताई वहीं जयशंकर ने आत्मविश्वास से कहा कि भारत का लोकतंत्र न केवल जिंदा है, बल्कि और मजबूत हुआ है।उन्होंने भारत के चुनावी तंत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती है। अपनी स्याही लगी उंगली दिखाते हुए उन्होंने बताया, “मैंने हाल ही में अपने राज्य में मतदान किया है। पिछले साल हमारे देश में आम चुनाव हुए जिनमें 90 करोड़ योग्य मतदाताओं में से करीब 70 करोड़ ने मतदान किया। हम एक ही दिन में वोटों की गिनती पूरी कर लेते हैं और नतीजे बिना विवाद के स्वीकार किए जाते हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि भारत में पिछले कुछ दशकों में मतदान प्रतिशत 20% तक बढ़ गया है जो लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है।लोकतंत्र और विकास के संबंध में उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र सचमुच लोगों के जीवन में बदलाव ला रहा है। उन्होंने कहा, “भारत में लोकतंत्र सच में भूख मिटाता है।” उन्होंने बताया कि भारत सरकार 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध करवा रही है, जिससे उनकी सेहत और जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि लोकतंत्र हर जगह असफल हो रहा है। उन्होंने कहा, “पिछले 25-30 सालों में अपनाए गए वैश्वीकरण मॉडल की वजह से कई समस्याएं पैदा हुई हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि लोकतंत्र समाप्त हो रहा है।” जयशंकर ने इस सम्मेलन के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा “MSC 2025 में ‘लोकतंत्र को मजबूत बनाने’ विषय पर चर्चा की। भारत को एक सफल लोकतंत्र के रूप में प्रस्तुत किया। वैश्विक निराशावाद से अलग अपनी बात रखी। विदेशी हस्तक्षेप के मुद्दे पर भी अपनी राय दी।”उन्होंने यह भी कहा कि भारत का लोकतंत्र विकासशील देशों के लिए पश्चिमी देशों से अधिक प्रासंगिक है। उनके मुताबिक “आजादी के बाद हमने लोकतंत्र को इसलिए अपनाया क्योंकि हमारी संस्कृति शुरू से ही परामर्श और बहुलतावाद (सभी को शामिल करने वाली विचारधारा) पर आधारित रही है।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि पश्चिमी देश चाहते हैं कि दुनिया भर में लोकतंत्र मजबूत हो तो उन्हें अपने दायरे से बाहर भी सफल लोकतांत्रिक मॉडल को स्वीकार करना होगा। गौरतलब है कि म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन (MSC) का 61वां संस्करण 14 से 16 फरवरी तक हो रहा है, जिसमें दुनियाभर के नेता अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और नीति से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। - हल्द्वानी/ एक सादगीपूर्ण लेकिन जीवंत समारोह के साथ 38वें राष्ट्रीय खेलों का शुक्रवार को समापन हो गया जिसमें मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोहराया कि भारत 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने अगले मेजबान मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को ध्वज सौंपने से पहले खेलों के समापन की घोषणा की। शाह ने अपने संबोधन में 2036 में ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैं आज यह कह सकता हूं कि खेलों में भारत का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। हम 2036 में ओलंपिक की मेजबानी के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, जब यहां ओलंपिक होंगे तो हमारे खिलाड़ी पदक जीतेंगे और तिरंगे का परचम लहरायेंगे । अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ओलंपिक 2036 के मेजबान पर फैसला अगले साल से पहले नहीं लेगी ।शाह ने यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर में आयोजित समारोह में कहा, ‘‘देव भूमि न केवल राष्ट्रीय खेलों के कारण, बल्कि खेलों में अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन और खेलों की सफल मेजबानी के कारण खेल भूमि में बदल गई है। उन्होंने कहा, मैंने यहां देखा कि राष्ट्रीय खेलों के दौरान बनाए गए कुछ रिकॉर्ड अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं।शाह और धामी के अलावा जिन अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने समापन समारोह में भाग लिया उनमें केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, मेघालय के मुख्यमंत्री कोंगकल संगमा, उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्य, दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम और ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज गगन नारंग शामिल हैं। शाह ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत खेलों में और प्रगति करेगा । उन्होंने खिलाड़ियों की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार देश में खेलों का इकोसिस्टम और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार कर रही है । उन्होंने कहा,जब मोदीजी 2014 में प्रधानमंत्री बने थे तब हमारा खेलों का बजट 800 करोड़ रूपये था जो अब 3800 करोड़ रूपये हो गया है । इससे साबित होता है कि मोदी सरकार खेलों को लेकर कितनी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में 15 पदक जीते थे लेकिन अब यह आंकड़ा 26 हो गया है । इसी तरह 2014 में एशियाई खेलों में 57 और 2023 में 107 पदक जीते । मांडविया ने कहा,, ‘‘उत्तराखंड ने देश को बताया है कि यह सिर्फ देवभूमि नहीं बल्कि खेलभूमि भी है। राज्य ने सुनिश्चित किया कि खेलों के दौरान किसी भी खिलाडी को कोई कठिनाई न हो। यह भारत के खेल केंद्र बनने की शुरुआत है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह 2036 तक भारत के ओलंपिक खेलों में शीर्ष 10 देशों में शामिल होने की शुरुआत है। देश में अब एक खेल पारिस्थितिकी तंत्र है। यह खेल सहित हर पहलू में आगे बढ़ रहा है।'' इस अवसर पर उषा ने कहा, ‘‘सफर यहीं खत्म नहीं होता, यह भारतीय खेलों के लिए सिर्फ शुरुआत है।यहां राष्ट्रीय खेलों की शुरुआत 28 जनवरी को हुई थी जिसमें सेना खेल संवर्धन बोर्ड (एसएससीबी) कुल 121 पदक (68 स्वर्ण, 26 रजत, 27 कांस्य) के साथ पिछले छह राष्ट्रीय खेल में पांचवीं बार पदक तालिका में शीर्ष पर रहा। महाराष्ट्र ने 198 (54 स्वर्ण, 71 रजत, 73 कांस्य) के साथ सेना से अधिक पदक जीते लेकिन कम स्वर्ण पदक जीतने के कारण वह दूसरे स्थान पर रहा। यहां तक कि हरियाणा को 153 (48 स्वर्ण, 47 रजत, 58 कांस्य) के साथ सेना से अधिक पदक मिले, लेकिन उसे तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। मेजबान उत्तराखंड 24 स्वर्ण, 35 रजत और 44 कांस्य सहित कुल 103 पदकों के साथ सातवें स्थान पर रहा।
- महाकुंभनगर. तीर्थराज प्रयागराज की धरती ना केवल भव्य महाकुंभ रूप में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर का साक्षात्कार कर रही है, बल्कि संगमनगरी विश्व रिकॉर्ड का भी साक्षी बनने जा रही है। एक बयान में इसकी जानकारी दी गयी है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, महाकुंभ में शुक्रवार को 50 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम और गंगा में स्नान के विश्व रिकॉर्ड के साथ ही स्वच्छता की दिशा में भी एक अनूठा रिकॉर्ड बनने जा रहा है। इसके तहत, 300 से अधिक स्वच्छताकर्मियों ने शुक्रवार को एक साथ अलग-अलग घाटों पर गंगा की सफाई की। स्वच्छता के विश्व रिकॉर्ड के लिए मेला प्राधिकरण की ओर से सभी निर्धारित प्रक्रिया को अपनाया गया। अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि इस पूरी प्रक्रिया का सत्यापन करेंगे और इस रिकॉर्ड को प्रमाणित करने के बाद इसका प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे। प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद यह अपने आप में एक अनूठा रिकॉर्ड होगा, जहां एक साथ इतने सफाई कर्मियों ने अलग-अलग घाटों पर आधे घंटे से ज्यादा समय तक घाटों पर सफाई का अभियान चलाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार, प्रयागराज में जारी महाकुंभ की वैश्विक छवि को देखते हुए सरकार ने नदी की सफाई को लेकर जन जागरुकता अभियान छेड़ा हुआ है जिसकी वजह से महाकुंभ में आ रहे करोड़ों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन, निर्मल और स्वच्छ जल में स्नान कर रहे हैं। मेला प्राधिकरण की विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) आकांक्षा राना ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर गंगा नदी पर बने तीन घाटों (राम घाट, भारद्वाज घाट और गंगेश्वर घाट) पर एक साथ गंगा सफाई अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि आधे घंटे से अधिक समय तक चले इस अभियान के माध्यम से नदी और घाटों को स्वच्छ रखने के लिए जागरूकता का भी प्रसार किया गया। इस अभियान में 300 से ज्यादा सफाई कर्मी शामिल हुए। इस तरह का अभियान पहली बार चलाया गया है। आकांक्षा राना ने बताया कि इस अभियान को देखने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई, जिसे देखने और सत्यापन करने के बाद इस रिकॉर्ड को मान्यता दी जाएगी।
- शाजापुर, मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में एक महिला ने अपने प्रेमी और एक सहयोगी के साथ कथित तौर पर अपने पति की हत्या कर दी। यह जानकारी शुक्रवार को एक पुलिस अधिकारी ने दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना बुधवार को मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र के फरत खेड़ी गांव में हुई।पुलिस अधीक्षक यशल सिंह राजपूत ने संवाददाताओं को बताया, "आरोपी ममता ने अपने पति मुकेश मालवीय (38) की हत्या करने के इरादे से अपने घर का दरवाजा खुला छोड़ दिया, ताकि उसका प्रेमी आरोपी राहुल मालवीय और उसका दोस्त आरोपी सुनील मालवीय अंदर आ सकें। उन्होंने मुकेश का गला रेत दिया।" एसपी ने बताया, "हत्या करते समय आरोपी राहुल मालवीय की एक उंगली कट गई थी, जो घटनास्थल पर पड़ी हुई थी। साइबर सेल और एक मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर तीनों आरोपी ममता, राहुल और सुनील को उसी रात गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने अपना अपराध कबूल कर लिया है।
- मनाली. अभिनेत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद कंगना रनौत ने वैलेंटाइन डे के मौके पर मनाली में अपना कैफे ‘द माउंटेन स्टोरी' खोला। कंगना ने मेहमानों को अपने संदेश में कहा, ‘‘मेरे बचपन का सपना ‘द माउंटेन स्टोरी' अब साकार हो गया है। यह कैफे सिर्फ खानपान की जगह नहीं है; यह एक प्रेम कहानी है- मेरी मां की रसोई की महक और इन पहाड़ों की शांत सुंदरता को समर्पित।'' उन्होंने कहा कि इसकी व्यंजन सूची में मौजूद हर व्यंजन को स्थानीय स्तर पर ताजी सामग्री का इस्तेमाल करके सावधानी से बनाया गया है। मनाली से लगभग चार किलोमीटर दूर प्रीणी गांव में मनाली-नग्गर मार्ग पर स्थित यह कैफे, हिमाचली व्यंजन को परोसता है। दो मंजिला कैफे का निर्माण 2020 में शुरू हुआ था। कैफे के वास्तुकार दुनी चंद ने बताया कि इसे स्थानीय काष्ठकुणी शैली में बनाया गया है। काष्ठकुणी वास्तुकला की एक पारंपरिक शैली है जिसमें हिमाचल प्रदेश में संरचनाओं के निर्माण के लिए लकड़ी और पत्थर की परतों का उपयोग किया जाता है।
- महाकुंभ नगर . प्रयागराज में 13 जनवरी से प्रारंभ हुए महाकुंभ में गंगा और त्रिवेणी संगम में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 50 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। मेला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक अकेले शुक्रवार के दिन शाम छह बजे तक 92.84 लाख लोगों ने महाकुंभ में स्नान किया और अभी तक कुल 50.20 करोड़ से अधिक लोग डुबकी लगा चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘भारत की आध्यात्मिकता, एकात्मता, समता और समरसता के जीवंत प्रतीक महाकुंभ 2025, प्रयागराज में अब तक पावन त्रिवेणी में 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।” उन्होंने कहा, “भारत की कुल जनसंख्या में 110 करोड़ नागरिक सनातन धर्मावलंबी हैं और उसमें से 50 करोड़ से अधिक नागरिकों द्वारा संगम में पवित्र स्नान उत्कृष्ट मानवीय मूल्यों की श्रेष्ठतम अभिव्यक्ति महान सनातन के प्रति दृढ़ होती आस्था का परिचायक है।” मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वास्तविक अर्थों में भारत की लोक आस्था का यह अमृतकाल है। एकता और आस्था के इस 'महायज्ञ' में पवित्र स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त करने वाले सभी पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन!'' उन्होंने कहा, “मानवता के इस महोत्सव के सकुशल आयोजन में सहभागी महाकुंभ मेला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन, स्वच्छताकर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं धार्मिक संस्थाओं, नाविकों तथा महाकुंभ से जुड़े केंद्र व प्रदेश सरकार के सभी विभागों को हृदय से साधुवाद तथा प्रदेश वासियों को बधाई! भगवान तीर्थराज प्रयाग सभी की मनोकामना पूर्ण करें। '' सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में 45-50 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई थी और मेला संपन्न होने में अभी 12 जिन शेष हैं और मुख्यमंत्री का यह अनुमान 12 दिन पहले ही पूरी हो गई। इसमें कहा गया कि ऐसे में अब अनुमान है कि 26 फरवरी को अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि तक यह संख्या 55-60 करोड़ पहुंच सकती है। अब तक सर्वाधिक आठ करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर अमृत स्नान किया था। एक फरवरी और 30 जनवरी को दो-दो करोड़ के पार और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। इसके अलावा बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान किया जबकि माघी पूर्णिमा के महत्वपूर्ण स्नान पर्व पर भी दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बयान में दावा किया कि यह मानव इतिहास में किसी भी धार्मिक, सांस्कृतिक या सामाजिक आयोजन के लिहाज से 'सबसे बड़ा जनसमूह' है। प्रदेश सरकार के अनुसार ‘‘अमेरिका, रूस, इंडोनेशिया, ब्राजील, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों की आबादी 50 करोड़ से कम है।'' सरकार ने कहा, ''केवल भारत और चीन की आबादी ही महाकुंभ में आ चुके श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में ज्यादा है। इसके विपरीत अमेरिका, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और ब्राजील जैसे देश काफी पीछे हैं।'' अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के अनुसार, दुनिया के शीर्ष 10 सबसे अधिक आबादी वाले देशों में भारत (एक अरब 41 करोड़ 93 लाख 16 हजार 933), चीन (एक अरब 40 करोड़ 71 लाख 81 हजार 209), अमेरिका (34 करोड़, 20 लाख 34 हजार 432), इंडोनेशिया (28 करोड़, 35 हजार 87 हजार 097), पाकिस्तान (25 करोड़ 70 लाख 47 हजार 044), नाइजीरिया (24 करोड़ 27 लाख 94 हजार 751), ब्राजील (22 करोड़, 13 लाख 59 हजार 387), बांग्लादेश (17 करोड़ एक लाख 83 हजार 916), रूस (14 करोड़, एक लाख, 34 हजार 279) और मेक्सिको (13 करोड़ 17 लाख 41 हजार 347) शामिल हैं।
- बिजनौर (उप्र) .शादी में जाने को लेकर हुए विवाद के बाद पति के नशे में धुत होने से क्षुब्ध पत्नी ने कथित तौर पर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बाद पत्नी की मौत से आहत पति ने भी कथित तौर पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। पुलिस ने बताया कि यहां एक दंपति ने कथित तौर पर शादी में शामिल होने को लेकर हुए विवाद के बाद अपनी जान दे दी। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राम अर्ज ने बताया कि ककराला गांव के रोहित (26) को परिवार के साथ शादी में जाना था। अर्ज ने बताया कि रोहित की पत्नी पार्वती (24) उसे तैयार होने के लिए कह रही थी, लेकिन रोहित बाहर चला गया और नशे में धुत होकर लौटा। उन्होंने कहा कि पति के व्यवहार से व्यथित होकर पार्वती ने छत की कुंडी के सहारे लगाए गए फंदे से लटककर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। एएसपी ने बताया कि रोहित को जब अपनी पत्नी की मौत की खबर मिली तो उसने भी मिर्जापुर बेला रेलवे फाटक के पास ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। एएसपी ने बताया कि घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हालिया ‘परीक्षा पे चर्चा' एपिसोड में शीर्ष पोषण विशेषज्ञों ने स्कूली छात्रों को पर्याप्त नींद लेने, घर का बना भोजन खाने और तनाव से बचने के लिए ज्यादा खाने से परहेज करने जैसे मंत्र साझा किए। पोषण एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों शोनाली सभरवाल, रुजुता दिवेकर और रेवंत हिमतसिंगका ने ‘परीक्षा पे चर्चा' के एक विशेष सत्र के दौरान स्वास्थ्यकर आहार की आदतों के महत्व और अकादमिक सफलता में अच्छी नींद की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। ‘परीक्षा पे चर्चा' के वार्षिक कार्यक्रम के प्रारूप में प्रधानमंत्री ने इस बार बदलाव किया है। उन्होंने इस बार अधिक अनौपचारिक संवाद को प्राथमिकता दी और उन्हें बातचीत के लिए दिल्ली की प्रतिष्ठित सुंदर नर्सरी में ले गए। मुक्केबाज एम सी मैरी कॉम और आध्यात्मिक नेता सद्गुरु जग्गी वासुदेव जैसी प्रख्यात हस्तियों ने विभिन्न एपिसोड में जीवन और सीखने के प्रमुख पहलुओं पर अपने अनुभव और ज्ञान साझा किए। अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने बुधवार को अवसाद के साथ अपने संघर्ष के बारे में खुलकर बात करते हुए तनाव प्रबंधन के गुर साझा किए। मैक्रोबायोटिक न्यूट्रिशनिस्ट और लेखक सभरवाल ने कहा, ‘‘घर का बना खाना सबसे अच्छा है (तनाव कम करने के लिए)... बाजरा और ब्राउन राइस को आहार में शामिल किया जा सकता है। संतुलित भोजन करना चाहिए। बाजरा लगभग आठ घंटे तक आपका पेट भरा रख सकता है।'' दिवेकर ने कहा कि परीक्षा के दौरान उन चीजों को खाना ठीक है जिनसे बेहतर महसूस होता हो लेकिन तनाव से निपटने के लिए उन्होंने अत्यधिक खाने से बचने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा, ‘‘इनमें विशेष रूप से जंक फूड, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और चीनी शामिल हैं।''‘लेबल पढ़ेगा इंडिया' पहल के बारे में हिमतसिंगका ने कहा कि यह विचार उन चीजों के बारे में जानना है जिनका लोग उपभोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर भारत में हर व्यक्ति लेबल पढ़ना शुरू कर दे तो उन्हें पता चल जाएगा कि वे क्या खा रहे हैं। मेरा लक्ष्य अगले पांच वर्षों में स्कूली पाठ्यक्रम में स्वास्थ्य को शामिल कराना है।'' ‘परीक्षा पे चर्चा' हर साल आयोजित होने वाला कार्यक्रम है जिसमें मोदी, बोर्ड परीक्षा में शामिल होने जा रहे छात्रों से संवाद करते हैं। इस दौरान वह परीक्षा के तनाव और अन्य मुद्दों से संबंधित छात्रों के सवालों के जवाब भी देते हैं। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम का पहला संस्करण 2018 में दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित किया गया था। सातवां संस्करण भारत मंडपम में आयोजित किया गया था, जिसमें देश और विदेश के प्रतिभागियों ने भाग लिया था। मोदी ने सोमवार को सुंदर नर्सरी में छात्रों के साथ खुलकर किए संवाद में कई मुद्दों पर बात की, जिसमें नेतृत्व के बारे में सीख, ध्यान, परीक्षा बनाम ज्ञान, ‘काम करते समय एक बल्लेबाज की तरह ध्यान केंद्रित करना' और डर से नहीं बल्कि बुद्धिमानी से तकनीक का उपयोग करना जैसे विषय शामिल थे।
- शिमला/ मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने टिकाऊ और किसान हितैषी नीतियों को बढ़ावा देने के प्रयास में भारत में प्राकृतिक खेती के तहत गेहूं और मक्की के लिए उच्चतम समर्थन मूल्य निर्धारित करके एक अग्रणी कदम उठाया है। सुक्खू ने कहा कि प्राकृतिक खेती में लगे किसानों से 40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं और 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मक्का खरीद कर एक मील का पत्थर हासिल किया गया है। एक बयान के अनुसार, अब तक 1,508 किसानों से 398 टन प्राकृतिक रूप से उगाए गए मक्का की खरीद की गई है और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 1.19 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक उपज को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बाजार में हिम भोग-हिम मक्की आटा पेश किया है तथा प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादित प्रति परिवार 20 क्विंटल मक्का खरीदने की प्रतिबद्धता जताते हुए किसानों को स्थिर आय का आश्वासन दिया है।
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नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हो रही हैं, जो 4 अप्रैल तक चलेंगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा जांच और टिकट बिक्री के दौरान छात्रों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। डीएमआरसी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी है।
बोर्ड परीक्षाओं के दौरान लगभग 3.30 लाख छात्र और हजारों स्कूल कर्मचारी शहर भर में आवागमन करेंगे। इसलिए, डीएमआरसी सीआईएसएफ के साथ साझेदारी कर परीक्षा के दिनों में बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए मेट्रो स्टेशनों पर विशेष सुविधा प्रदान करेगी।डीएमआरसी ने बताया कि सीबीएसई एडमिट कार्ड लेकर आने वाले छात्रों को मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा जांच के दौरान प्राथमिकता दी जाएगी। टिकट ऑफिस मशीन (टीओएम) और कस्टमर केयर (सीसी) केंद्रों पर टिकट खरीदते समय भी एडमिट कार्ड दिखाने वाले छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।डीएमआरसी के कर्मचारियों ने स्कूलों का दौरा किया, प्रिंसिपलों से बातचीत की और उन्हें निकटतम मेट्रो स्टेशनों और छात्रों के लिए उपलब्ध सहायता के बारे में बताया। डीएमआरसी ने स्कूलों से अनुरोध किया है कि वे छात्रों को यात्रा की योजना बनाने में सहायता करने के लिए आसान टिकट बुकिंग के लिए क्यूआर कोड के साथ निकटतम मेट्रो स्टेशन का विवरण प्रदान करने वाले पोस्टर लगाएं। मेट्रो स्टेशनों पर विशेष केंद्रीकृत घोषणाएं की जाएंगी। परीक्षा केंद्रों के निकटतम मेट्रो स्टेशनों की एक विस्तृत सूची भी डीएमआरसी की वेबसाइट और आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन पर अपलोड की गई है।बता दें कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 15 फरवरी से कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं शुरू करेगा। इस साल देश में 7,842 केंद्रों और विदेशों में 26 देशों में लगभग 42 लाख छात्रों के परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद है। परीक्षाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए, सीबीएसई ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर एक वेबकास्ट की मेजबानी की जिसमें केंद्र अधीक्षकों, उप केंद्र अधीक्षकों, सहायक अधीक्षकों, शहर समन्वयकों और पर्यवेक्षकों के लिए दिशा निर्देश दिए गए। इसमें मूल्यांकन प्रोटोकॉल और इसमें शामिल सभी अधिकारियों की जिम्मेदारियों के बारे में भी बताया गया। -
नई दिल्ली। इस साल 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हो रहे छात्रों के लिए ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का आयोजन नए अंदाज में किया जा रहा है। पीएम मोदी के अलावा फिल्म, खेल, अध्यात्म और अन्य क्षेत्रों से जुड़े दिग्गज छात्रों के साथ टिप्स साझा कर रहे हैं। परीक्षा के दौरान अक्सर देखा जाता है कि छात्र मानसिक तनाव में होते हैं। कार्यक्रम के पांचवें एपिसोड में शनिवार को इसी विषय पर जानकारी साझा की जाएगी।
पीएम मोदी ने इस एपिसोड के संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। पोस्ट में उन्होंने लिखा, “जब बात स्वास्थ्य और मानसिक शांति की आती है, तो आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु हमेशा सबसे प्रेरणादायक व्यक्तित्वों में से एक हैं। मैं सभी परीक्षा के योद्धाओं और यहां तक कि उनके माता-पिता और शिक्षकों से आग्रह करता हूं कि वे 15 फरवरी का ‘परीक्षा पे चर्चा’ एपिसोड देखें।”पीएम मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के शुक्रवार को प्रसारित चौथे एपिसोड के बारे में एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “आज के ‘परीक्षा पे चर्चा’ एपिसोड में रुजुता दिवेकर और शोनाली सभरवाल ने स्मरणशक्ति बढ़ाने, ऊर्जावान बने रहने और परीक्षा के दौरान एकाग्रता में सुधार के लिए पोषण टिप्स साझा किए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इस वर्ष परीक्षा देने जा रहे छात्रों को यह बताना था कि वे कैसे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध पोषण विशेषज्ञ शोनाली सभरवाल, रुजुता दिवेकर और हेल्थ इंफ्लुएंसर रेवंत हिमातसिंका शामिल हुए। इन सभी विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे छात्र परीक्षा के दौरान अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखकर खुद को तनावमुक्त रख सकते हैं।”उल्लेखनीय है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हो रही हैं। -
नई दिल्ली। काशी तमिल संगमम प्रयागराज महाकुंभ में उत्तर और दक्षिण भारत की संस्कृतियों का साक्षी बनेगा। 16 फरवरी से 24 फरवरी के बीच दक्षिण भारत के अतिथि प्रयागराज महाकुंभ भी आएंगे। काशी तमिल संगमम का यह तीसरा संस्करण “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में उपयोगी साबित होगा।
काशी और तमिलनाडु के बीच संबंध को सुदृढ़ करनाप्राचीन भारत में शिक्षा और संस्कृति के दो महत्वपूर्ण केंद्रों वाराणसी और तमिलनाडु के बीच जीवंत संबंधों को पुनर्जीवित करने के क्रम में काशी तमिल संगमम का आयोजन किया जा रहा है। काशी तमिल संगमम का उद्देश्य एकता में विविधता को मजबूत करना है, विशेष रूप से काशी और तमिलनाडु के बीच संबंध को सुदृढ़ करना है। इस वर्ष काशी तमिल संगमम दो महत्वपूर्ण आयोजनों के साथ हो रहा है जो इसे और विशिष्ट बनाने जा रहा है।इस बार क्या होगा खासइसमें संगम, प्रयागराज में महाकुंभ का उत्सव और अयोध्या में रामजन्म भूमि मंदिर का उद्घाटन शामिल है। वैसे तो काशी तमिल संगमम (3.0) का मुख्य कार्यक्रम वाराणसी में मनाया जाएगा, लेकिन इन प्रतिनिधियों को संगम, प्रयागराज में पवित्र स्नान और अयोध्या में भगवान राम के दर्शन के लिए ले जाया जाएगा। डीएम प्रयागराज रविन्द्र कुमार मांदड़ का कहना है कि प्रयागराज में इसके आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इसका आयोजन 15 से 24 फरवरी तक होगा। प्रयागराज महाकुंभ भी इसका साक्षी बनने जा रहा है।काशी तमिल संगमम के अतिथियों का महाकुंभ में 16 फरवरी को सेक्टर-22 के दिव्य महाकुंभ रिट्रीट टेंट सिटी में आगमन होगा। यहीं पर उनका स्वागत और अभिनंदन होगा। महाकुंभ नगर के सेक्टर-21 में अहिल्याबाई होलकर मंच में शाम को सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। अगले दिन 17 फरवरी को प्रतिनिधि संगम में स्नान करने के बाद लेटे हनुमान जी का शंकर विमान मंडपम में दर्शन करेंगे। यहां से डिजिटल कुंभ प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद अयोध्या धाम के लिए शाम को प्रस्थान कर जाएंगे। इस तरह हर एक ग्रुप का महाकुंभ में दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम होगा।युवाओं की भागेदारी को प्रोत्साहितइस बार के काशी तमिल संगमम में युवाओं की भागेदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। पिछले दो संस्करणों में इसमें 4,000 लोग शामिल हो चुके हैं। प्रशासन का अनुमान है कि इस वर्ष काशी तमिल संगमम में 1,000 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके लिए पांच श्रेणियां बनाई गई हैं। छात्र, शिक्षक, किसान और कारीगर, पेशेवर और छोटे उद्यमी, महिलाएं और शोधकर्ता इसमें भाग लेंगे।इसके अलावा, सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों से 200 तमिल छात्रों का एक बैच वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या में स्थानीय यात्राओं में भी भाग लेगा। वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या में स्थानीय कार्यक्रम होंगे, जिसमें दोनों केंद्रों के विशिष्ट ज्ञान को शामिल किया जाएगा। इसमें महाकुंभ को प्राथमिकता में रखा जाएगा।काशी तमिल संगमम का तीसरे संस्करण की थीमकाशी तमिल संगमम का तीसरा संस्करण भारतीय चिकित्सा की सिद्ध प्रणाली के संस्थापक और तमिल भाषा के प्रथम व्याकरणविद ऋषि अगस्त्यर के योगदान की थीम पर आधारित है। ऋषि अगस्त्यर चोल, पांड्य आदि जैसे अधिकांश तमिल राजाओं के कुलगुरु थे। इस वर्ष के आयोजन का मुख्य विषय सिद्ध चिकित्सा पद्धति (भारतीय चिकित्सा), शास्त्रीय तमिल साहित्य और राष्ट्र की सांस्कृतिक एकता में ऋषि अगस्त्यर के महत्वपूर्ण योगदान को उजागर करना है। - बेंगलुरु । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बेंगलुरु में आज शुक्रवार को आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर द्वारा आयोजित 10वें अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से साहस जुटाने, बड़े सपने देखने और अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर अपने लक्ष्यों को हासिल करने का आह्वान किया। इससे पहले राष्ट्रपति बेंगलुरु के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड हवाई अड्डे पर पहुंचीं जहां कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि बाधाओं को तोड़ना और रूढ़ियों को चुनौती देना बिना मानसिक शक्ति के संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “हर महिला को साहस जुटाना चाहिए बड़े सपने देखने चाहिए और अपनी पूरी ताकत और क्षमता का उपयोग कर अपने सपनों को साकार करना चाहिए। महिलाओं के हर छोटे कदम से भारत और दुनिया के विकास की दिशा में बड़ा योगदान होगा।”राष्ट्रपति मुर्मु ने तकनीकी प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि यह जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना रही है लेकिन इसके साथ ही मानवीय मूल्यों को बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा “करुणा, प्रेम और एकता को बढ़ावा देने के लिए हर व्यक्ति को अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत है। यहां महिलाओं की भूमिका सबसे अहम हो जाती है क्योंकि उनमें करुणा के साथ नेतृत्व करने की विशेष क्षमता होती है। वे परिवार, समाज और यहां तक कि पूरी दुनिया के कल्याण के लिए सोच सकती हैं और कार्य कर सकती हैं।”राष्ट्रपति ने कहा कि आज के दौर में मानसिक स्वास्थ्य खासकर महिलाओं के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा सामाजिक अपेक्षाओं और व्यक्तिगत इच्छाओं के बीच संघर्ष करती हैं। कई बार सामाजिक नियमों और परंपराओं के कारण महिलाएं अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त नहीं कर पातीं। उन्होंने कहा “मानसिक स्वास्थ्य किसी भी महिला के लिए एक अर्थपूर्ण जीवन जीने और परिवार, समाज और दुनिया में योगदान देने की बुनियाद है।राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे सम्मेलन यह संदेश देते हैं कि इंसान अकेला नहीं बल्कि इस दुनिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सम्मेलन में भाग लेने वाली सभी महिलाएं ऐसे आध्यात्मिक सिद्धांतों को अपनाएंगी जो उनके जीवन को सुंदर और शांतिपूर्ण बनाने में मदद करेंगे।इस कार्यक्रम में कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्णा बैरे गौड़ा, मुख्य सचिव डॉ. शालिनी रजनीश, एयर मार्शल नागेश कपूर, लेफ्टिनेंट जनरल जे. के. गेरा, कर्नाटक के डीजीपी आलोक मोहन, बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त बी. दयानंद, और जिला कलेक्टर जगदीश जी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


























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