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महाकुंभ नगर. महाकुंभ क्षेत्र में बने सेंट्रल हॉस्पिटल में अभी तक कुल 12 बच्चों का जन्म हुआ है और इनके माता पिता में से किसी ने अपने बच्चे का नाम गंगा, किसी ने जमुना, किसी ने भोले नाथ तो किसी ने बजरंगी रखा है। सेक्टर दो स्थित सेंट्रल हॉस्पिटल की मैटर्न रमा सिंह ने बताया कि कल रात में ही फूलपुर तहसील के सराय चंडी से आई नेहा सिंह ने एक बेटे को जन्म दिया और बेटे के पिता दीपक अपने बेटे का नाम कुंभ रखने पर अड़े हैं। हमने कहा कि कुंभ नाम 29 दिसंबर को जन्मे एक बच्चे का पहले ही रखा जा चुका है। हमने इस बच्चे को कुंभ-2 नाम दिया है। बेटे के पिता दीपक ने बताया, “मैं हरियाणा में नौकरी करता हूं और सेक्टर 18 में मेरी मां कल्पवास कर रही हैं। उनकी सेवा के लिए मैं छुट्टी लेकर अपनी पत्नी नेहा के साथ यहां आया था। कल रात प्रसव पीड़ा उठने पर मैंने एंबुलेंस को फोन लगाया और पत्नी को सेंट्रल हॉस्पिटल लाया जहां रात करीब दो बजे उसने एक लड़के को जन्म दिया।” दीपक ने कहा, “भले ही अस्पताल वाले मेरे बेटे का नाम कुंभ नहीं रख रहे हैं, मैं उसका नाम कुंभ ही रखूंगा क्योंकि वह इस महाकुंभ में पैदा हुआ है।” रमा सिंह ने बताया कि बसंत पंचमी को रात में एक महिला ने बेटे को जन्म दिया जिसका नाम बसंत रखा गया। वहीं, इसी स्नान पर्व पर एक महिला ने बेटी को जन्म दिया जिसका नाम बसंती रखा गया। सेंट्रल हॉस्पिटल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर मनोज कौशिक ने बताया कि सेंट्रल हॉस्पिटल में अभी तक कुल 12 बच्चों का जन्म हो चुका है। सभी प्रसव सामान्य तरीके से कराए गए। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे जहांगीराबाद (बाराबंकी), चित्रकूट, कौशांबी और कई प्रदेशों जैसे झारखंड, मध्य प्रदेश आदि की महिलाओं का प्रसव कराया गया। रमा सिंह बताया कि प्रसव उपरांत ज्यादातर लोग जल्दी छुट्टी मांगते हैं, लेकिन हमें 24 घंटे तक प्रसूती को निगरानी में रखना पड़ता है जिसके बाद ही हम छुट्टी देते हैं। उन्होंने बताया कि बहुत सी महिलाएं प्रसव की तिथि नजदीक होने के बावजूद मेले में इस आस्था के साथ आती हैं कि कुंभ मेले में जन्मा बच्चा भाग्यशाली होगा। रमा सिंह ने बताया कि एक महिला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से आई थी और जैसे ही वह घाट पर स्नान के लिए पहुंची, उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस को फोन कर इसकी जानकारी दी। महिला ने अस्पताल में बेटी को जन्म दिया और बच्ची का नाम सरस्वती रखा गया। उन्होंने बताया कि इसी तरह यहां पैदा हुए बच्चों के नाम भोले नाथ, गंगा, जमुना, सरस्वती, नंदी आदि रखे गए हैं। महाकुंभ नगर में सेक्टर 2 स्थित सेंट्रल हॉस्पिटल उन 13 अस्पतालों में से एक है जिन्हें महाकुंभ मेला आने वाले श्रद्धालुओं की जरूरतें पूरी करने के लिए स्थापित किया गया है। महाकुंभ मेला 13 जनवरी से शुरू हुआ लेकिन लोग यहां दिसंबर, 2024 से ही जुटना शुरू हो गए थे। इस अस्पताल में पहला प्रसव कौशांबी से आई महिला सोनम का 29 दिसंबर को हुआ जिसने एक बेटे को जन्म दिया और बच्चे का नाम कुंभ रखा गया। प्रसव उपरांत प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने इस परिवार को बधाई दी थी।
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नयी दिल्ली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रयागराज स्टेशन बंद होने की खबरों को महज अफवाह करार देते हुए सोमवार को कहा कि क्षेत्र के सभी आठ स्टेशनों से रेलगाड़ियों का परिचालन सुचारू और सुव्यवस्थित तरीके से हो रहा है। वैष्णव ने यहां रेल भवन में मीडिया से कहा कि श्रद्धालुओं को स्टेशन बंद होने की अफवाहों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘प्रयागराज के सभी आठ स्टेशनों पर रेलगाड़ियों का परिचालन सुचारू और बहुत सुव्यवस्थित है। रेलवे राज्य प्रशासन के साथ बहुत ही समन्वित तरीके से काम कर रहा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘कल प्रयागराज महाकुंभ क्षेत्र स्टेशन से देश के विभिन्न स्थानों के लिए 330 रेलगाड़ियां रवाना हुईं। इन रेलगाड़ियों में कुल 12.5 लाख श्रद्धालुओं ने यात्रा की।'' वैष्णव महाकुंभ मेला शुरू होने से पहले रेल भवन में स्थापित ‘वॉर रूम' भी गये ताकि स्टेशनों की निगरानी और रेल सेवाओं तथा यात्री सुविधाओं की समीक्षा की जा सके। स्टेशन बंद होने की अफवाहों के कारणों के बारे में बात करते हुए उत्तर मध्य रेलवे (जिसके अंतर्गत प्रयागराज मंडल आता है) के अधिकारियों ने कहा कि समान नाम वाले दो स्टेशन हैं - प्रयागराज जंक्शन और प्रयागराज संगम। एक रेलवे अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रयागराज जंक्शन मुख्य स्टेशन है जहां से सभी रेलगाड़ियां का परिचालन होता है जबकि मेला क्षेत्र के नजदीक प्रयागराज संगम एक छोटा स्टेशन है जहां दिन में केवल दो से तीन रेलगाड़ियां चलती हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘भारी भीड़ के दौरान, हम इस स्टेशन को बंद कर देते हैं ताकि हर कोई प्रयागराज जंक्शन पर चला जाए क्योंकि यहां रेलगाड़ियों का परिचालन बहुत सीमित है जिससे भीड़ को संभालने में दिक्कत होती है। कल हमने इसे बंद कर दिया था, लेकिन कुछ नई वेबसाइट ने प्रयागराज जंक्शन को बंद बता दिया। लोगों ने प्रयागराज जंक्शन को प्रयागराज संगम समझ लिया।'' अधिकारी के अनुसार संगम स्टेशन के बंद होने से रेल सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया, सोमवार अपराह्न तीन बजे तक प्रयागराज के सभी आठ स्टेशनों से 8.18 लाख लोगों को लेकर 191 रेलगाड़ियां देश के विभिन्न स्थानों के लिए रवाना हुईं। -
विदिशा .मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में शादी में मंच पर नाच रही एक 23 वर्षीय महिला की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार रात विदिशा बाईपास रोड पर एक होटल में अपने चचेरे भाई के संगीत समारोह में महिला परनीता जैन डांस कर रही थी, तभी वह कार्यक्रम के बीच में ही बेहोश होकर गिर पड़ी। स्थानीय जैन समुदाय के नेता सचिन जैन ने एक न्यूज़ एजेंसी बताया कि इंदौर निवासी परनीता की मौत संभवतः हृदयाघात के कारण हुई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें महिला नाच रही है और नाचते नाचते वह अचानक मंच पर गिर जाती है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोग मंच पर पहुंचे और उसे प्राथमिक उपचार दिया लेकिन उसके शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। इसके बाद उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जैन ने बताया कि परनीता के जुड़वा भाई की 12 साल पहले साइकिल चलाते समय दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। रविवार शाम को विदिशा में बिना पोस्टमार्टम के उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। सांची थाने के प्रभारी नितिन अहिरवार ने कहा कि मामले में कोई विवाद नहीं था और मामले की सूचना पुलिस को नहीं मिली।
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महाकुंभ नगर/ फिल्म जगत से अध्यात्म के क्षेत्र में आईं और हाल ही में किन्नर अखाड़ा में महामंडलेश्वर पद पर आसीन हुईं ममता कुलकर्णी ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरि उर्फ टीना मां ने ' एक न्यूज़ एजेंसी' से ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा देने की पुष्टि की। ममता कुलकर्णी ने एक वीडियो संदेश में कहा, “मैं महामंडलेश्वर यमाई ममता नंद गिरि अपने पद से इस्तीफा देती हूं। किन्नर अखाड़े और दूसरे संतों के बीच मुझे महामंडलेश्वर बनाए जाने को लेकर दिक्कत हो रही है।” उन्होंने कहा, “पच्चीस साल तपस्या के बाद मुझे यह सम्मान दिया गया था। मैंने देखा कि मुझे महामंडलेश्वर पद दिए जाने से कई लोगों को आपत्ति हुई। मैंने चैतन्य गगन गिरि महाराज के सानिध्य में 25 साल घोर तपस्या की।”
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नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को नई दिल्ली में लिम्फेटिक फाइलेरिया (एलएफ) बीमारी से प्रभावित 13 चिन्हित राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए, बीमारी के उन्मूलन के लिए वार्षिक राष्ट्रीय सार्वजनिक औषधि वितरण (एमडीए) अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान में 13 राज्यों के 111 प्रभावित जिलों को शामिल किया जाएगा, जिसमें घर-घर जाकर फाइलेरिया की रोकथाम के लिए दवाइयां दी जाएंगी।
प्रतिभागियों को अभियान के संक्षिप्त विवरण, इसके उद्देश्यों, अभियान के दौरान की जा रही प्रमुख रणनीतिक गतिविधियों और एमडीए कार्यक्रम के साथ उच्च कवरेज तथा अनुपालन सुनिश्चित करने में भाग लेने वाले राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।जेपी नड्डा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह कियाइस अवसर पर जेपी नड्डा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे पीड़ित लोगों का शीघ्र निदान सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर अभियान की निगरानी करें। उन्होंने इसके लिए चिन्हित राज्य/जिला स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व की व्यक्तिगत भागीदारी का भी आह्वान किया।उन्होंने कहा कि बेहतर स्व-देखभाल तक पहुंच के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) सुविधाओं में एमएमडीपी सेवाओं को पूरी तरह से शामिल करने के प्रयास चल रहे हैं और लगभग 50 प्रतिशत लिम्फोडेमा मामलों में सालाना रुग्णता प्रबंधन और विकलांगता रोकथाम (एमएमडीपी) किट प्राप्त होती हैं।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एनएचएम के तहत, हाइड्रोसेलेक्टोमी सर्जरी का प्रावधान है और पीएमजेएवाई योजना में भी लाभार्थियों के लिए हाइड्रोसेलेक्टोमी का विकल्प है। उन्होंने बताया कि 2024 में लगभग 50 प्रतिशत हाइड्रोसेले सर्जरी चिन्हित राज्यों में की गई थी।संक्रमित मच्छरों से फैलने वाला एक परजीवी रोग है फाइलेरियालिम्फेटिक फाइलेरिया को आमतौर पर “हाथी पांव” के रूप में जाना जाता है जो संक्रमित मच्छरों से फैलने वाला एक परजीवी रोग है। यह लिम्फोएडेमा (अंगों की सूजन) और हाइड्रोसील (अंडकोष की सूजन) जैसी शारीरिक दिव्यांगताओं को जन्म दे सकता है और प्रभावित लोगों और परिवारों पर दीर्घकालिक बोझ डाल सकता है।एमडीए अभियान भारत की लिम्फेटिक फाइलेरिया उन्मूलन रणनीति का मुख्य घटक है, जिसे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीवीबीडीसी) चलाता है। यह कार्यक्रम घर-घर जाकर फाइलेरिया रोधी दवा वितरण पर केंद्रित है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस बीमारी से पीड़ित हर व्यक्ति इस रोग को फैलने से रोकने के लिए निर्धारित दवा का सेवन करे।13 राज्यों में चलाया जाएगा मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियानएमडीए अभियान में 13 राज्यों- आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के 111 जिलों को शामिल किया जाएगा।दवा उपचार में शामिल हैं-मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान में एलएफ-पीड़ित क्षेत्रों में सभी पात्र लोगों को एंटी-फाइलेरिया दवाएं उपलब्ध कराना शामिल है, भले ही उनमें लक्षण दिखाई दें या नहीं। दवा उपचार में शामिल हैं:--डबल ड्रग रेजिमेन (डीए): डायइथाइलकार्बामेज़िन साइट्रेट (डीईसी) और एल्बेंडाज़ोल-ट्रिपल ड्रग रेजिमेन (आईडीए): आइवरमेक्टिन, डायथाइलकार्बामेज़िन साइट्रेट (डीईसी), और एल्बेंडाज़ोलएमडीए का लक्ष्य संक्रमित लोगों के रक्तप्रवाह में मौजूद सूक्ष्म फाइलेरिया परजीवियों को नष्ट करके एलएफ के प्रसार को कम करना है, जिससे मच्छरों द्वारा आगे संक्रमण को रोका जा सके। जबकि एमडीए दवा अत्यंत सुरक्षित और प्रभावी है, इसे खाली पेट नहीं लिया जाना चाहिए।निम्नलिखित समूह के लोगों को दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए-– 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे– गर्भवती महिलाएं– गंभीर रूप से बीमार व्यक्तिवहीं, अन्य सभी पात्र लोगों को उचित उपभोग सुनिश्चित करने तथा अपव्यय या दुरुपयोग से बचने के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता की उपस्थिति में दवा का सेवन करना चाहिए। - प्रयागराज । प्रयागराज में देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पहुंचकर पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान किया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण और श्लोकों के बीच उन्होंने संगम स्थल पर पूजा-अर्चना की और संगम की आरती भी उतारी। राष्ट्रपति यहां महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता की साक्षी बनीं।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अक्षयवट और सरस्वती कूप के दर्शन किए, साथ ही बड़े हनुमान मंदिर पहुंचकर श्रद्धाभाव से पूजन-अर्चन किया। इस दौरान प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संगम में पवित्र स्नान के उपरांत धार्मिक आस्था को और अधिक मजबूती देने के लिए अक्षयवट का दर्शन-पूजन किया। सनातन संस्कृति में अक्षयवट को अमरता का प्रतीक माना जाता है। यह हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण स्थल है, जिसकी महत्ता पुराणों में भी वर्णित है।इसके अलावा वे यहां सरस्वती कूप के दर्शन को भी पहुंचीं। उन्होंने बड़े हनुमान मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया और देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के महंत और बाघंबरी पीठ के पीठाधीश्वर बलबीर गिरि ने पूरे विधि विधान से पूजन संपन्न कराया और राष्ट्रपति को मंदिर की प्रतिकृति भेंट की।आधुनिक भारत और डिजिटल युग के साथ धार्मिक आयोजनों को जोड़ने की पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी समर्थन दिया। वे डिजिटल महाकुंभ अनुभूति केंद्र का अवलोकन करने पहुंचीं, जिसमें महाकुंभ मेले की विस्तृत जानकारी तकनीकी माध्यमों से उपलब्ध कराई जा रही है।देश-विदेश के श्रद्धालुओं को महाकुंभ के अद्भुत आयोजन को और अधिक निकटता से अनुभव करने के लिए इसे स्थापित किया गया है। राष्ट्रपति ने स्वयं इसका अनुभव किया। वहीं, मुख्यमंत्री ने उन्हें केंद्र की विशेषताओं से अवगत कराया।इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू के सोमवार सुबह प्रयागराज पहुंचने पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। यहां से राष्ट्रपति अरैल घाट पहुंचीं, जहां से क्रूज पर सवार होकर वह त्रिवेणी संगम पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने डेक पर खड़े होकर नौका विहार का आनंद भी लिया और अपने हाथों से पक्षियों को दाना खिलाया।
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महाकुंभ नगर। प्रयागराज महाकुंभ में विभिन्न अखाड़ों में 7,000 से अधिक महिलाओं ने संन्यास की दीक्षा ली। आधिकारिक बयान के मुताबिक, जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी, श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरुण गिरी और वैष्णव संतों के धर्माचार्यों के अंतर्गत सनातन से जुड़ने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक रही। सभी प्रमुख अखाड़ों में इस बार 7,000 से अधिक महिलाओं ने गुरु दीक्षा ली और सनातन की सेवा का संकल्प लिया। संन्यासिनी श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े की अध्यक्ष डॉ. देव्या गिरी ने कहा, “इस बार महाकुंभ में 246 महिलाओं को नागा संन्यासिनी को दीक्षा दी गई। इससे पूर्व 2019 के कुंभ में 210 महिलाओं को नागा संन्यासिनी की दीक्षा दी गई थी।” देव्या गिरी ने बताया कि जिन महिलाओं को दीक्षा दी गई उनमें अधिक संख्या उच्च शिक्षित और आत्म चिंतन के लिए जुड़ने वाली महिलाओं की है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ जैसे धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन से जन मानस को सनातन को समझने और इससे जुड़ने का अवसर मिलता है। महाकुंभ में युवाओं की भूमिका को लेकर शोध करने आई दिल्ली विश्वविद्यालय की शोध छात्रा इप्शिता होलकर ने बताया कि महाकुंभ के प्रथम स्नान पर्व- पौष पूर्णिमा से लेकर बसंत पंचमी तक विभिन्न प्रवेश द्वारों पर किए गए सर्वेक्षण में महाकुंभ में आ रहे हर 10 आगंतुकों में चार महिलाएं देखी गईं जिसमें नई पीढ़ी की संख्या 40 फीसदी है। गोविंद वल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान की तरफ से इस विषय पर किए जा रहे सर्वे और शोध में भी इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि नई पीढ़ी में सनातन को समझने की ललक तेजी से बढ़ी है।
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इंफाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में नोंगथोम्बम बीरेन सिंह का कार्यकाल मुख्य रूप से जातीय हिंसा से निपटने, संघर्ष भड़काने के आरोपों समेत कई विवादों से घिरा रहा। फुटबॉल खिलाड़ी रहे सिंह राजनीति में प्रवेश करने से पहले पत्रकार थे। वह पहली बार 2017 में मुख्यमंत्री बने। उनका दूसरा कार्यकाल 2022 में शुरू हुआ। वह इंफाल ईस्ट जिले में हीनगांग विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। सिंह ने 2002 में राजनीति में प्रवेश किया, जब वह डेमोक्रेटिक रिवोल्यूशनरी पीपुल्स पार्टी में शामिल हुए और विधानसभा चुनाव जीते। वह 2003 में कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए 2007 में सीट बरकरार रखी। कुछ ही समय में सिंह तत्कालीन मुख्यमंत्री इबोबी सिंह के भरोसेमंद सहयोगियों में से एक बन गए और उन्हें सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण, युवा मामले एवं खेल, तथा उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री बनाया गया। सिंह ने 2012 में लगातार तीसरी बार अपनी सीट बरकरार रखी, लेकिन उनका इबोबी सिंह के साथ मतभेद हो गया। आखिरकार, पद पर बने रहना मुश्किल होने पर उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और अक्टूबर 2016 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। मार्च 2017 के चुनावों में, कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, लेकिन उसके पास पर्याप्त संख्याबल नहीं था जिसके कारण भाजपा ने गठबंधन सरकार बनाई और बीरेन सिंह नए मुख्यमंत्री बने। वह 2022 में मुख्यमंत्री के रूप में दूसरा कार्यकाल पाने के लिए अपनी पार्टी का भरोसा जीतने में कामयाब रहे। तब से अब तक उनका सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। सिंह के कार्यकाल का सबसे बड़ा विवाद मई 2023 में शुरू हुआ जब राज्य में जातीय हिंसा भड़क उठी।
जातीय संघर्ष में इंफाल घाटी में बहुसंख्यक मेइती समुदाय और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में बसे कुकी-जो आदिवासी समूहों के बीच गंभीर झड़पें हुईं। इन झड़पों के परिणामस्वरूप 250 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग विस्थापित हो गए। हिंसा को रोकने में सरकार की नाकामी ने सिंह के नेतृत्व को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दीं। हिंसा को लेकर सिंह ने दिसंबर 2023 में सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने राज्य में अशांति के कारण हुई मौतों और विस्थापन के लिए अफसोस जताया। सिंह ने विभिन्न समुदायों के बीच मेल-मिलाप का आह्वान किया तथा अतीत की गलतियों को माफ करने तथा शांतिपूर्ण मणिपुर के पुनर्निर्माण के लिए काम करने का आग्रह किया। फरवरी में, एक नया विवाद तब खड़ा हो गया जब सिंह से संबंधित ऑडियो टेप लीक हो गए, जिसमें उन्हें कथित तौर पर यह चर्चा करते हुए सुना गया कि किस प्रकार कथित रूप से उनकी मंजूरी से जातीय हिंसा भड़काई गई। जातीय संघर्ष से निपटने में सिंह के रवैये की मुखर आलोचक ‘कुकी ऑर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट' (कोहूर) ने ऑडियो टेप की प्रामाणिकता की जांच अदालत की निगरानी में कराने की मांग की। मामले में उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) को टेप की प्रामाणिकता की पुष्टि करने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। -
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कर्नाटक के बेंगलुरु में येलहंका एयरफोर्स स्टेशन पर एयरो इंडिया के 15वें संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण और अग्रणी प्रौद्योगिकियों का संगम, एयरो इंडिया 2025, आज की अनिश्चितताओं से निपटने के लिए आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी लाभ के आधार पर समान विचारधारा वाले देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि स्थायी शांति तभी प्राप्त की जा सकती है जब राष्ट्र एक साथ मजबूत बनें और बेहतर विश्व व्यवस्था की दिशा में कार्य करें।
रक्षा मंत्री ने कहा कि पांच दिवसीय इस कार्यक्रम में विश्व भर से सरकारी प्रतिनिधि, उद्योग प्रमुख, वायु सेना के अधिकारी, वैज्ञानिक, रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ, स्टार्ट-अप, शिक्षाविद और अन्य हितधारक भाग लेंगे तथा यह संगम भारत के साझेदारों को सभी के लाभ के लिए करीब लाएगा।राजनाथ सिंह ने कहा कि हम अक्सर खरीदार और विक्रेता के रूप में वार्तालाप करते हैं, जहां हमारे संबंध लेन-देन के स्तर पर होते हैं। हालांकि, दूसरे स्तर पर, हम अपनी साझेदारी को खरीदार-विक्रेता संबंध से आगे औद्योगिक सहयोग के स्तर तक ले जाते हैं। हमारे पास समान विचारधारा वाले देशों के साथ सह-उत्पादन और सह-विकास के कई सफल उदाहरण हैं। हमारे लिए, भारतीय सुरक्षा या भारतीय शांति अलग नहीं है। सुरक्षा, स्थिरता और शांति साझा निर्माण हैं जो राष्ट्रीय सीमाओं से परे हैं। हमारे विदेशी मित्रों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि हमारे साझेदार एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के हमारे दृष्टिकोण को साझा करते हैं।रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत एक परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है, जो तेजी से विकासशील से विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा एक ठोस, सतत और सुविचारित प्रारूप के कारण देश में एक जीवंत और संपन्न रक्षा उद्योग पारिस्थितिकी व्यवस्था बनाई गई है। उन्होंने कहा कि रक्षा औद्योगिक क्षेत्र, जिसे पहले राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के घटक के रूप में नहीं देखा जाता था, आज समग्र अर्थव्यवस्था के साथ पूरी तरह से एकीकृत हो गया है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अब एक मोटर की तरह है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास इंजन को शक्ति प्रदान कर रहा है।रक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26 में रक्षा मंत्रालय को 6.81 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन, जिसमें पूंजी अधिग्रहण के लिए 1.80 लाख करोड़ रुपये शामिल हैं, इस बात का प्रमाण है कि सरकार रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता वाला क्षेत्र मानती है।रक्षा मंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए एशिया के सबसे बड़े एयरोस्पेस और रक्षा प्रदर्शनी के 15वें संस्करण में अगले पांच दिनों में भारत की हवाई शक्ति और स्वदेशी अत्याधुनिक नवाचारों के साथ-साथ वैश्विक एयरोस्पेस कंपनियों के अत्याधुनिक उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा।गौरतलब हो, 10 से 12 फरवरी को व्यावसायिक दिवस के रूप में आरक्षित किया गया है, जबकि 13 और 14 फरवरी को आम लोगों के लिए शो देखने के लिए सार्वजनिक दिन निर्धारित किए गए हैं। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन, सीईओ गोलमेज, भारत और आईडीईएक्स मंडपों का उद्घाटन, मंथन आईडीईएक्स कार्यक्रम, सामर्थ्य स्वदेशीकरण कार्यक्रम, समापन समारोह, सेमिनार, शानदार एयरशो और एयरोस्पेस कंपनियों की प्रदर्शनी शामिल है। - नई दिल्ली। सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 31 नक्सलियों को मार गिराया है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे नक्सल मुक्त भारत बनाने की दिशा में सुरक्षा बलों की एक बडी सफलता बताया है। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि 31 मार्च 2026 से पहले हम देश से नक्सलवाद को जड़ से समाप्त कर देंगे, ताकि देश के किसी भी नागरिक को इसके कारण अपनी जान न गँवानी पड़े।छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों की मुठभेड़ नेशनल पार्क इलाके में हुई जिसे नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। इस अभियान में 650 से अधिक सुरक्षाबलों ने हिस्सा लिया और चारों तरफ से घेराबंदी कर नक्सलियों के ठिकानों पर हमला किया। हालांकि इस कार्रवाई में दो जवान शहीद हो गए और दो अन्य घायल हो गए जिन्हें एयरलिफ्ट कर अस्पताल भेजा गया है।केन्द्रीय गृह मंत्री ने एक्स (X) पर अपनी एक पोस्ट कहा कि नक्सल मुक्त भारत बनाने की दिशा में सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में बड़ी सफलता हासिल की है। इस ऑपरेशन में 31 नक्सलियों को ढेर करने के साथ ही भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गयी है।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने बताया कि मानवता विरोधी नक्सलवाद को समाप्त करने में आज हमने अपने दो बहादुर जवानों को खोया है। यह देश इन वीरों का सदा ऋणी रहेगा। शहीद जवानों के परिजनों के प्रति भावपूर्ण संवेदनाएँ व्यक्त करी।गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पुनः यह संकल्प दोहराया कि 31 मार्च 2026 से पहले हम देश से नक्सलवाद को जड़ से समाप्त कर देंगे, ताकि देश के किसी भी नागरिक को इसके कारण अपनी जान न गँवानी पड़े।वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जवानों की शहादत पर गहरा दुख जताया और कहा कि “जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कर दिया जाएगा।
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प्रयागराज। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने परिवार के साथ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने आज (सोमवार) सुबह चल रहे महाकुंभ 2025 के दौरान त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई। सीएम धामी के साथ उनकी पत्नी, मां और बेटा भी पवित्र अनुष्ठान के लिए मौजूद थे। पवित्र डुबकी लगाने के बाद धामी ने त्रिवेणी संगम में पक्षियों को दाना भी डाला।
इसके बाद मीडिया से बातचीत के दौरान पुष्कर धामी ने इस अवसर के लिए आभार व्यक्त किया और खुद को यहां आकर पवित्र डुबकी लगाने के लिए “सौभाग्यशाली” बताया। उन्होंने यह भी दोहराया कि हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 की तैयारियां पहले से ही चल रही हैं।आपको बता दें, इससे पहले कल रविवार को उन्होंने महाकुंभ 2025 के लिए स्थापित उत्तराखंड मंडपम का निरीक्षण किया था। जिसकी जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड मंडपम में ठहरे तीर्थयात्रियों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।आधिकारिक बयान में कहा गया है सीएम धामी के निर्देशों के तहत उत्तराखंड सरकार ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 में यह सुविधा स्थापित की है। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के तीर्थयात्रियों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे आवास और भोजन व्यवस्था की भी समीक्षा की। पुष्कर धामी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि उत्तराखंड मंडपम देश और दुनिया भर के भक्तों के लिए प्रदेश की संस्कृति का अनुभव करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। आवास की पेशकश के अलावा उत्तराखंड मंडपम आगंतुकों को महाकुंभ के भीतर राज्य को समझने का भी मौका देता है।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उत्तराखंड मंडपम राज्य के पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने की सुविधा प्रदान कर रहा है। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के अलावा क्षेत्र की कला, संस्कृति और विशेष उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री की व्यवस्था की गई है।इस बीच सीएम धामी ने निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि और परमार्थ निकेतन प्रमुख चिदानंद सरस्वती के साथ ‘समानता के साथ समरसता’ कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने ज्ञान महाकुंभ में आयोजित ‘भारतीय शिक्षा: राष्ट्रीय संकल्पना’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया।वहीं,उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि रविवार को लगभग 8.429 मिलियन भक्तों ने महाकुंभ 2025 में पवित्र स्नान किया। महाकुंभ 2025 में अब तक 42 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। महाकुंभ 2025 पौष पूर्णिमा (13 जनवरी, 2025) को शुरू हुआ था। यह दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जो दुनिया भर से भक्तों को आकर्षित करता है। भव्य आयोजन 26 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलेगा।इस आयोजन ने पहले ही देश और दुनिया भर से लाखों भक्तों को आकर्षित किया है और उम्मीद है कि यह उपस्थिति और भागीदारी के नए रिकॉर्ड बनाएगा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को फ्रांस और अमेरिका दौरे के लिए रवाना हो गए। वह पेरिस में एआई एक्शन समिट में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिका में प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे।
भारत-फ्रांस संबंध मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति मैक्रों के साथ करेंगे द्विपक्षीय बैठकेंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए एक्स पर लिखा, “अगले कुछ दिनों में मैं विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस और अमेरिका में रहूंगा। फ्रांस में मैं एआई एक्शन समिट में हिस्सा लूंगा, जहां भारत सह-अध्यक्ष है। मैं भारत-फ्रांस संबंधों को मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत करूंगा। हम वहां वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करने के लिए मार्सिले भी जाएंगे।”पीएम मोदी ने कहा- ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के लिए उत्सुक’पीएम मोदी ने कहा, “वाशिंगटन डीसी में, मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के लिए उत्सुक हूं। यह यात्रा भारत-अमेरिका की दोस्ती को मजबूत करेगी और विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को बढ़ावा देगी। मुझे प्रेसिडेंट ट्रंप के साथ उनके पहले कार्यकाल के दौरान काम करना अच्छी तरह याद है। मुझे यकीन है कि हमारी बातचीत उस समय की गई चर्चाओं पर आधारित होगी।”यात्रा के पहले चरण में 10 से 12 फरवरी तक फ्रांस में रहेंगे पीएमयात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी 10 फरवरी (सोमवार) से 12 फरवरी तक फ्रांस में रहेंगे। वह 10 फरवरी को पेरिस पहुंचेंगे। शाम को राष्ट्रपति मैक्रों की ओर से एलिसी पैलेस में सरकार और राष्ट्राध्यक्षों के सम्मान में आयोजित डिनर में शामिल होंगे।डिनर में तकनीकी क्षेत्र के कई सीईओ और शिखर सम्मेलन में आमंत्रित अन्य कई गणमान्य व्यक्तियों के भी शामिल होने की संभावना है।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अगले दिन 11 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे।12 फरवरी को दोनों नेता मार्सिले शहर का दौरा करेंगे और वहां भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे दोनों मार्सिले में मजारग्यूज वॉर सिमेट्री भी जाएंगे और प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे। वॉर सिमेट्री का निर्माण कॉमनवेल्थ वॉर ग्रेव कमीशन ने किया है।12 से 14 फरवरी तक अमेरिका जाएंगे पीएम मोदीपीएम मोदी 12 से 14 फरवरी तक दो दिवसीय कार्य यात्रा पर अमेरिका जाएंगे। इस यात्रा के दौरान वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। वह व्यापारिक नेताओं और भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत करेंगे।पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा अमेरिका से 100 से अधिक भारतीयों को ‘अमानवीय’ तरीके से वापस भेजे जाने के मामले पर राजनीतिक विवाद के बीच हो रही है।पिछले सप्ताह एक विशेष ब्रीफिंग में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा इस ‘महत्वपूर्ण साझेदारी’ को और दिशा व गति प्रदान करेगी।विदेश सचिव ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के शपथ ग्रहण के कुछ सप्ताह बाद उनके निमंत्रण पर पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा ‘भारत-अमेरिका साझेदारी के महत्व और अमेरिका में इस साझेदारी को मिल रहे द्विदलीय समर्थन को भी दर्शाती है।’ -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दौरान स्कूली बच्चों को नेतृत्व क्षमता के गुर सिखाए। गंभीर मुद्दों को बड़ी सरलता और सहजता से समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि लीडर के लिए टीम वर्क सीखना बहुत जरूरी है।
आपके व्यवहार से लोग आपको लीडर के तौर पर स्वीकार करेंगेपीएम मोदी छात्रों से बातचीत में कहा कि मॉनिटर कहे कि आप समय पर आइए, फिर मैं आऊंगा, तो? उसे खुद वक्त पर आना होगा, उसे होमवर्क करना होगा। उसे सभी की मदद करनी होगी, कठिनाइयां समझनी होंगी, देखभाल करनी होगी। लोग सोचेंगे कि ये तो मेरा ख्याल रखता है। आपको रिस्पेक्ट देगा। आपको खुद, अपने व्यवहार को बदलना होगा। आपको अगल-बगल के लोग स्वीकार करेंगे लीडर के तौर पर।लोगों का विश्वास ही आपकी लीडरशिप को मान्यता देगाप्रधानमंत्री ने छात्रों को नेतृत्व करने के गुण भी बताए। प्रधानमंत्री ने बताया कि लीडर को टीम वर्क सीखना बहुत जरूरी है। अगर किसी को काम दिया, तो उसकी कठिनाई पता करनी होगी। सिद्धांत बनाइए- जहां कम, वहां हम। लोगों का विश्वास ही आपकी लीडरशिप को मान्यता देगा।प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को दिया चुनौतियों से लड़ने का मंत्रप्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को चुनौतियों से लड़ने का मंत्र भी दिया। बोले, “आपके अपने अंदर की चुनौतियों से लड़ना होगा। मान लीजिए, अगर पिछली बार आपके 30 अंक आए थे, तो आपको इस बार कोशिश करनी चाहिए कि आप इस बार 35 अंक लेकर आए। ऐसा करके आपको अपने लक्ष्य की सीमा को बढ़ाना चाहिए। यह आपके लिए एक चुनौती है। इसके लिए आपको खुद की चुनौतियों से लड़ना होगा।”पीएम मोदी ने अभिभावकों से भी शेयर किए कुछ टिप्सउन्होंने छात्रों को सलाह दी, “आपको अपने मन को स्थिर रखना है। अगर आप अपने मन को स्थिर रखेंगे, तो निश्चित तौर पर आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाएंगे।” पीएम मोदी ने अभिभावकों को भी कुछ टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि पेरेंट्स को यह समझना चाहिए कि उनके बच्चे की दिलचस्पी किसमें है। अगर उनके बच्चे का खेल में इंटरेस्ट है, तो पेरेंट्स को कोशिश करनी चाहिए कि उसे किसी खेल इवेंट में ले जाएं।प्रधानमंत्री ने छात्रों को सलाह दी कि आप खुद से प्रतिस्पर्धा कीजिए। उन्होंने छात्रों को बताया कि ज्यादातर लोग अपने से कम लोगों से प्रतिस्पर्धा करते हैं, लेकिन आपको ऐसा नहीं करना चाहिए। आपको खुद से प्रतिस्पर्धा करना चाहिए। ऐसा करके आप खुद को आगे बढ़ा सकेंगे। -
बेंगलुरु. रक्षा क्षेत्र की कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) प्रदर्शनी ‘एयरो इंडिया-2025' में सशस्त्र बलों के लिए अपनी नवीनतम पेशकश का प्रदर्शन करेगी। एयरो इंडिया-2025 का आयोजन 10 से 14 फरवरी तक बेंगलुरु के येलहंका वायुसेना स्टेशन पर किया जाएगा।
आधिकारिक बयान के अनुसार, एयरो इंडिया-2025 में बीईएल के उन्नत उत्पादों और प्रणालियों की एक शृंखला प्रदर्शित की जाएगी। संचार उपकरणों में प्रमुख पेशकशों में सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो, रेडियो ऑन द मूव, तथा हाई कैपेसिटी रेडियो रिले शामिल हैं। बीईएल प्रलय मिसाइल, लंबी दूरी की जमीन पर हमला करने वाली क्रूज मिसाइल और क्यूआरएसएएम जैसी हथियार प्रणालियां भी पेश करेगी। भूमि आधारित इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों में चालित ड्रोन-रोधी प्रणाली और जमीनी ईएलआईएनटी प्रणाली शामिल होंगे। -
महाकुंभ नगर . प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में राष्ट्रीय किसान पुरस्कार से सम्मानित प्रदीप कुमार दीक्षित यहां आए श्रद्धालु किसानों के बीच प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार और उसके उत्पादों से मुनाफा कमाने का हुनर सिखा रहे हैं। उप्र के हरदोई जिले में करीब आठ एकड़ कृषि भूमि पर गौ आधारित प्राकृतिक खेती करने वाले वाणिज्य स्नातक 50 वर्षीय दीक्षित ने महाकुंभ के सेक्टर आठ में ''प्राकृतिक किसान परिवार'' नामक एक शिविर स्थापित किया है। उन्होंने त्रिवेणी मार्ग पर आदर्श क्षेत्रीय खादी प्रदर्शनी में गौ आधारित प्राकृतिक कृषि उत्पाद के स्टॉल भी लगाए हैं। दीक्षित ने कहा कि सैकड़ों प्रगतिशील किसानों ने शिविर में आकर गौ आधारित खेती में रूचि ली है। 2009 में उन्होंने पद्मश्री सुभाष पालेकर व आचार्य देवव्रत से प्रशिक्षण प्राप्त कर प्राकृतिक खेती की राह चुनी। मूलत: गोंडा निवासी प्रदीप दीक्षित ने उप्र की राजधानी लखनऊ से करीब 50 किलोमीटर दूर हरदोई जिले में करीब आठ एकड़ खेत में निराश्रित 15 गायों की एक गौशाला स्थापित करने के बाद प्राकृतिक खेती शुरू की। बाद में कृषि विज्ञान स्नातक उनके 23 वर्षीय पुत्र अनुपम दीक्षित भी इस अभियान में शामिल हो गये। उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने महाकुंभ मेले में दीक्षित की ओर से गौ आधारित प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदीप दीक्षित खेती आधारित उत्पादों की पैकेजिंग का भी काम करते हैं और महाकुंभ में किसानों को गौ आधारित खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं। सरकार की ओर से निरंतर प्रोत्साहन मिलने पर आभार जताते हुए दीक्षित ने बताया, '' हम मोटा अनाज (श्री अन्न का नाम दिया है) जिनमें सांवा, कोदो, काकुन, कुटकी, ज्वार-बाजरा और तिलहन आदि की खेती करते हैं।'' तिलहन को हरदोई जिले का ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) घोषित किया गया है।
उन्होंने कहा,''श्री अन्न के उत्पादों से हम अपनी आय दोगुनी करने के साथ ही शारीरिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी पकवान खा रहे हैं और यही बात अपने शिविर और स्टॉल पर आने वाले किसानों को भी सिखा रहे हैं।'' गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि उप्र में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्राकृतिक खेती बढ़ रही है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक माह पहले ही एक करोड़ किसानों को गौ आधारित खेती करने के लिए 2481 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। किसान प्रदीप दीक्षित ने बताया कि गौ आधारित खेती में कृषि लागत कम होती है और पशुधन का भी संरक्षण होता है। उन्होंने कहा कि इसका दूरगामी प्रभाव यह होता है कि मिट्टी और पानी के साथ ही मनुष्य की सेहत भी बेहतर होती है। श्याम बिहारी गुप्ता ने सरकार के आंकड़ों के हवाले से दावा किया कि उप्र में 23,500 हेक्टेयर में बुंदेलखंड और सवा लाख हेक्टेयर में उप्र में गौ आधारित खेती हो रही है। दीक्षित ने बताया कि शिविर 26 फरवरी तक मेले में रहेगा जिसमें शिविर में प्रतिदिन हवन और ध्यान साधना सत्र के साथ ही गाय के गोबर से रोजगार प्राप्त करने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किया जाता है। पिछले वर्ष दिसंबर माह में मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने दीक्षित को राष्ट्रीय किसान पुरस्कार से सम्मानित किया था। उन्हें मोटे अनाज (श्री अन्न) के उत्पादन और प्राकृतिक खेती के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया गया। -
जम्मू. जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए आधार शिविर कटरा में शराब और मांसाहार की बिक्री, संग्रहण और उपभोग पर लगे प्रतिबंध को अधिकारियों ने दो माह के लिए बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि कटरा से त्रिकुटा पर्वत स्थित मंदिर तक जाने वाले 12 किलोमीटर लंबे मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में यह प्रतिबंध लागू रहेगा। आदेश जारी होने की तिथि से दो महीने तक यह प्रतिबंध प्रभावी रहेगा। कटरा के उप-मंडलीय मजिस्ट्रेट पियूष धोतरा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 163 के तहत यह प्रतिबंध लागू किया है। अधिकारियों ने बताया कि कटरा से मंदिर मार्ग तक के अलावा मार्ग के दोनों ओर दो किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों जैसे अरली, हंसाली और मटयाल में शराब और मांसाहार पर रोक रहेगी। इसी तरह, कटरा-टिकरी रोड के दोनों ओर 200 मीटर के दायरे में स्थित चंबा, सेरली और भगता गांवों औऱ कटरा-जम्मू रोड के दोनों ओर 200 मीटर तक के क्षेत्र में स्थित कुंद्रोरियन, कोटली बजालियान, नोमाइन और मघाल गांवों में भी यह प्रतिबंध लागू रहेगा।
- महाकुंभ नगर। महाकुंभ नगर की पुलिस ने सोशल मीडिया पर महाकुंभ से जुड़े भ्रामक पोस्ट और अफवाह फैलाने वाले 14 ‘एक्स' एकाउंट की पहचान कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया निगरानी के दौरान यह तथ्य सामने आया कि एक ‘एक्स (पूर्व ट्विटर)' अकाउंट से झारखंड के धनबाद के एक वीडियो को भ्रामक रूप से महाकुंभ प्रयागराज का बताकर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि मेले में अपने गुमशुदा परिजन की तलाश करने वाले श्रद्धालुओं की पुलिस द्वारा खूब पिटाई की जा रही है। इस वीडियो की जांच करने पर यह घटना धनबाद की निकली जहां पुलिस ने एक जनवरी, 2025 को लाठीचार्ज किया था। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस और राज्य सरकार की छवि धूमिल करने एवं आम जनमानस के मन में सरकार के प्रति विद्वेष फैलाने का प्रयास करने वाले 14 ‘ एक्स (पूर्व ट्विटर)' एकाउंट की पहचान की गयी तथा उनके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करते हुए विधिक कार्यवाही की जा रही है।
- महाकुम्भ नगर.। प्रयागराज के महाकुंभ में सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू डुबकी लगाएंगी। रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी। बयान के अनुसार मुर्मू आठ घंटे से अधिक समय तक प्रयागराज में रहेंगी और इस दौरान संगम स्नान के साथ ही यहां अक्षयवट और बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगी। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रयागराज में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति सुबह संगम नोज़ पहुंचकर त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाएंगी। देश की प्रथम नागरिक का संगम में डुबकी लगाने का यह ऐतिहासिक क्षण होगा। इससे पहले प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भी महाकुम्भ में पावन स्नान किया था।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इसके उपरांत धार्मिक आस्था को और मजबूती देने के लिए अक्षयवट का दर्शन-पूजन करेंगी। सनातन संस्कृति में अक्षयवट को अमरता का प्रतीक माना जाता है। यह हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण स्थल है, जिसकी महत्ता पुराणों में भी वर्णित है। इसके अलावा वह बड़े हनुमान मंदिर में भी दर्शन करेंगी और पूजा-अर्चना कर देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करेंगी। बयान के अनुसार राष्ट्रपति आधुनिक भारत और डिजिटल युग के साथ धार्मिक आयोजनों को जोड़ने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल को समर्थन देंगी। वह डिजिटल महाकुम्भ अनुभव केंद्र का अवलोकन करेंगी, जिसमें महाकुम्भ मेले की विस्तृत जानकारी तकनीकी माध्यमों से उपलब्ध कराई जा रही है। यहां देश-विदेश के श्रद्धालुओं को इस अद्भुत आयोजन को और अधिक निकटता से अनुभव करने के लिए इसे स्थापित किया गया है। राष्ट्रपति शाम पौने छह बजे प्रयागराज से वापस नयी दिल्ली के लिए रवाना होंगी। राष्ट्रपति का यह दौरा न केवल प्रयागराज के लिए ऐतिहासिक होगा, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए भी एक प्रेरणादायी क्षण होगा। उनकी उपस्थिति से महाकुम्भ के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को एक नई ऊंचाई मिलेगी।
- -श्रद्धालु प्रयागराज में महाकुंभ से स्नान कर रायपुर लौट रहे थेसोनभद्र.।उत्तर प्रदेश में सोनभद्र जिले के एक गांव में रविवार सुबह श्रद्धालुओं से भरी एक कार विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक से टकरा गई, जिसके कारण दो महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गयी जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कालू सिंह ने बताया कि एक बोलेरो कार में सवार श्रद्धालु प्रयागराज में महाकुंभ से स्नान कर छत्तीसगढ़ के रायपुर लौट रहे थे। श्रद्धालुओं की कार जब सोनभद्र के बभनी थाना क्षेत्र के दरनखाड़ गांव पहुंची तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रेलर ट्रक से उसकी टक्कर हो गयी। एएसपी ने बताया कि इस दुर्घटना में लक्ष्मी बाई (30) , अनिल प्रधान (37) ठाकुर राम यादव (58) और रुक्मिणी यादव (56) की मौत हो गई जबकि दिलीपा देवी, योगी लाल, सुलेन्द्री देवी एवं ढाई वर्षीय हर्षित गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने बताया कि घायलों को पहले बभनी सामुदायिक चिकित्सालय भेजा गया जहां से जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। एएसपी ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया गया है और मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- महाकुंभ नगर।महाकुंभ नगर के सेक्टर 19 में एक कल्पवासी के टेंट में रविवार सुबह गैस सिलेंडर लीक होने की वजह से आग लग गई जिसे दमकल कर्मियों ने 10 मिनट में बुझा दिया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (कुंभ) प्रमोद शर्मा ने बताया कि सेक्टर 19 में ओम प्रकाश पांडे सेवा संस्थान द्वारा लगाए गए कल्पवासी टेंट में आज सुबह करीब 11:20 बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर तत्काल दमकल की गाड़ियां घटनास्थल के लिए रवाना की गईं, 10 मिनट में आग बुझा ली गई। इस आग से राजेंद्र जायसवाल निवासी कर्मा, प्रयागराज का टेंट जल गया। शर्मा ने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।इससे पूर्व, सात फरवरी को महाकुंभ नगर के सेक्टर-18 में स्थित अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) के शिविर में आग लग गई थी जिसमें करीब 20-22 टेंट जलकर खाक हो गए थे।
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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) की करारी हार के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने आज रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने उपराज्यपाल वीके सक्सेना को राज निवास में जाकर अपना इस्तीफा सौंपा। इसके बाद उपराज्यपाल ने दिल्ली विधानसभा को भंग करने की अधिसूचना जारी कर दी।
आतिशी ने कालकाजी विधानसभा सीट से जीत दर्ज की जहां उन्होंने BJP के रमेश बिधूड़ी को 3,521 वोटों से हराया। हालांकि, यह जीत आम आदमी पार्टी के लिए सिर्फ एक छोटी राहत थी, क्योंकि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन जैसे कई बड़े नेता हार गए।आतिशी ने जीत के बाद कहा था कि वह कालकाजी के लोगों की आभारी हैं जिन्होंने उन पर भरोसा जताया। इस चुनाव में बीजेपी ने 70 में से 48 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया, जबकि AAP सिर्फ 22 सीटों पर सिमट गई। 27 साल बाद बीजेपी को दिल्ली में इतनी बड़ी जीत मिली है। - भोपाल,। भारी यातायात के कारण और अत्यधिक भीड़ होने से रोकने के लिए प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुंभ में जाने वाले सैकड़ों वाहनों को मध्यप्रदेश में रोक दिया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि कुछ स्थानों पर स्थानीय यातायात पुलिस ने यात्रियों से वापस लौटने का अनुरोध भी किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उत्तर की ओर जाने वाले वाहनों को उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद ही आगे बढ़ने दिया जा रहा है। इन अधिकतर वाहनों में श्रद्धालु हैं। महाराष्ट्र और दक्षिणी राज्यों से आने वाले अधिकांश वाहन सुबह से ही कटनी, मैहर और रीवा जिलों में फंसे हुए हैं। रीवा रेंज के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) साकेत प्रकाश पांडे ने बताया कि वाहनों को चाकघाट पर रोका जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिन में प्रयागराज जाने वाले वाहनों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि पुलिस यातायात को सुव्यवस्थित करने की कोशिश कर रही है और प्रयागराज प्रशासन से हरी झंडी मिलने के बाद उन्हें एक-एक करके गुजरने की अनुमति दे रही है। डीआईजी ने बताया कि प्रयागराज के रास्ते में लोग गलत दिशा से भी वाहन चला रहे हैं।महाराष्ट्र के नागपुर निवासी विशाल शर्मा ने बताया कि उन्होंने शनिवार सुबह यात्रा शुरू की, लेकिन मैहर में उन्हें ढाई घंटे से अधिक समय तक भारी जाम का सामना करना पड़ा, जबकि कटनी में भी जाम लगा रहा। नागपुर के ही देवीदास पटोले ने कहा कि यातायात जाम में फंसे लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था अच्छी है और लोगों को सरकार का सहयोग करना चाहिए। कटनी में राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर वाहनों को रोक दिया गया।जिला यातायात पुलिस प्रभारी राहुल पांडे ने कहा कि यातायात कम होने के बाद ही उन्हें गुजरने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कटनी से प्रयागराज तक 250 किलोमीटर लंबे मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर यातायात जाम है और फंसे हुए यात्रियों से वापस लौटने का अनुरोध किया जा रहा है। मैहर के तहसीलदार प्रेमलाल चौधरी ने बताया कि 100-200 के जत्थों में वाहनों को छोड़ा जा रहा है। मैहर के नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) राजीव पाठक ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर प्रयागराज जाने वाले वाहनों को शनिवार सुबह से ही रोक दिया गया है। अमरपाटन (मैहर जिला) थाना प्रभारी के पी त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर खरमसेडा में वाहनों को रोका गया, जहां तीन किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है। सतना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवेश ने बताया कि मैहर-चित्रकूट मार्ग पर बड़ी संख्या में वाहन जा रहे हैं और स्थानीय पुलिस थानों को निर्देश दिया गया है कि वे सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जब भी आवश्यक हो, वाहनों को रोकें।
- नयी दिल्ली।' भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शनिवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत को ‘‘ऐतिहासिक क्षण'' करार दिया और कहा कि इससे स्पष्ट संदेश गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली के दिल में बसते हैं। पार्टी की जीत के उपलक्ष्य में भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में नड्डा ने आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधते हुए उसे ‘‘झूठ और भ्रष्टाचार की फैक्टरी'' करार दिया। उन्होंने कहा कि नतीजे इस बात का भी संकेत हैं कि दिल्ली के लोगों ने अब इस ‘आप-दा' को और बर्दाश्त करने से इनकार कर दिया। भाजपा अध्यक्ष ने कहा ‘‘यह एक ऐतिहासिक क्षण है।'' उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों के बाद दिल्ली चुनावों में भाजपा की जीत ‘‘एक स्पष्ट संदेश है कि प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली के दिल में बसते हैं।'' कांग्रेस का नाम लिए बगैर नड्डा ने दिल्ली चुनाव में उसकी हार पर निशाना साधा और कहा कि 2014 से ही उसका प्रदर्शन लगातार “शून्य” रहा है, चाहे वह राष्ट्रीय राजधानी में लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव। भाजपा प्रमुख ने कहा कि ये नतीजे प्रधानमंत्री मोदी की ‘‘विकास की राजनीति और रिपोर्ट कार्ड'' के प्रति लोगों की ‘‘सहमति'' भी हैं। नड्डा ने कहा कि लोगों ने भाजपा को अपना जनादेश दिया क्योंकि उन्हें यह एहसास हो गया था कि ‘‘मोदी की गारंटी इसे पूरा करने की गारंटी है।'' उन्होंने कहा, ‘‘आप झूठ की फैक्टरी, झूठ का इनसाइक्लोपीडिया और भ्रष्टाचार की फैक्टरी है।''उन्होंने आप सुप्रीमो केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और पार्टी के अन्य नेताओं का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘कट्टर ईमानदार'' इस कदर कट्टर भ्रष्टाचारी निकले कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, एक मंत्री और एक विधायक को जेल में समय बिताना पड़ा।'' नड्डा ने कहा कि भाजपा को मिले जनादेश के साथ दिल्ली की जनता ने कथित भ्रष्टाचार के संबंध में आप नेताओं के खिलाफ की गई कानूनी कार्रवाई पर भी अपनी मुहर लगा दी है। नड्डा ने आरोप लगाया कि आप ने दिल्ली को कूड़ेदान में बदल दिया। उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग साफ पानी देने की बात करते थे, उन्होंने पीने के लिए गंदा पानी दिया...उन्होंने दिल्ली के दो तिहाई छात्रों को विज्ञान की शिक्षा से वंचित कर दिया। इस चुनाव के नतीजों से यह स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली को ऐसी पार्टी की जरूरत नहीं है।'' उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव परिणाम ‘कट्टर बेईमान' आप और उसके नेताओं को करारा जवाब है।''
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नई दिल्ली। महाकुंभ में श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए व्यापक चिकित्सा व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महाकुंभ में आम लोगों से लेकर विदेशी मेहमानों तक के लिए बेहतरीन इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक यहां 7 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का इलाज किया जा चुका है। इस महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवा में कनाडा, जर्मनी, रूस के विशेषज्ञों के साथ-साथ एम्स दिल्ली और आईएमएस बीएचयू के डॉक्टर भी शामिल हैं। नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि महाकुंभ क्षेत्र में 23 एलोपैथिक अस्पतालों में 4.5 लाख से अधिक मरीजों का इलाज किया गया। साथ ही 3.71 लाख लोगों की पैथोलॉजी जांच भी की गई।
महाकुंभ में आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुर्वेद और होम्योपैथी के जरिए भी श्रद्धालुओं का इलाज किया जा रहा है। आयुष मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश राज्य आयुष सोसाइटी के सहयोग से 20 आयुष अस्पताल 24 घंटे सेवाएं दे रहे हैं। इनमें 10 आयुर्वेदिक और 10 होम्योपैथिक अस्पताल शामिल हैं। अब तक 2.18 लाख श्रद्धालुओं को आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक चिकित्सा से लाभ मिला है। इन अस्पतालों में एम्स आयुर्वेद, दिल्ली के 7 विशेषज्ञ डॉक्टर, बीएचयू के डीन डॉ. वी. के. जोशी और कनाडा के डॉक्टर थॉमस समेत कई देशों के अनुभवी चिकित्सक काम कर रहे हैं।योग और प्राकृतिक चिकित्सा का भी विशेष योगदानमहाकुंभ के आयुर्वेदिक अस्पतालों में पंचकर्म, जड़ी-बूटी आधारित उपचार, योग चिकित्सा और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को आयुष डॉकेट, योगा डॉकेट, कैलेंडर, औषधीय पौधे और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दी जा रही है। इसके अलावा नई दिल्ली के मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान से आई 5-5 योग प्रशिक्षकों की टीमें महाकुंभ क्षेत्र में नियमित योग सत्र संचालित कर रही हैं। इन सत्रों में जर्मनी, स्वीडन, अमेरिका, कनाडा, फ्रांस और नेपाल से आए विदेशी श्रद्धालु विशेष रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने भारतीय चिकित्सा पद्धति की सराहना की है। महाकुंभ में 1 से 12 वर्ष तक के बच्चों के लिए पुष्य नक्षत्र के दौरान विशेष आयुर्वेदिक औषधि ‘स्वर्ण प्राशन’ दी जा रही है। इससे बच्चों की एकाग्रता, बुद्धि कौशल, रोग प्रतिरोधक क्षमता और शारीरिक विकास में वृद्धि हो रही है।



















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