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- आगरा,। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर सोमवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसे में दिल्ली निवासी एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि यह हादसा आगरा जिले के फतेहाबाद क्षेत्र में तब हुआ जब दिल्ली के उत्तम नगर निवासी एक परिवार की कार कथित तौर पर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और फिर सामने से आ रहे एक ट्रक की चपेट में आ गई। पुलिस ने बताया कि हादसे में पति-पत्नी और उनके दो बच्चों की मौत हो गई जो महाकुंभ में स्नान के बाद दिल्ली लौट रहे थे। सूचना मिलने पर थाना फतेहाबाद प्रभारी डीपी तिवारी अन्य पुलिसकमियों के साथ मौके पर पहुंचे तो पाया कि कार में चारों मृतकों के शव फंसे हुए हैं। पुलिस ने कटर से कार के दरवाजे को कटवाकर शवों को बाहर निकाला और शवों को पोस्टमार्टम के लिए डॉ.सरोजनी नायडू मेडिकल अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने कहा कि कार में मिले कागजात के आधार पर मृतकों की पहचान की गई। मृतकों की पहचान दिल्ली में उत्तम नगर के सुभाष पार्क के गली नंबर तीन के निवासी 41 वर्षीय ओम प्रकाश, उनकी पत्नी पूर्णिमा, नौ साल की बेटी अहाना, दो साल के बेटे विनायक के रूप में हुई है। ओमप्रकाश पेशे से अधिवक्ता बताए गए हैं।
- नयी दिल्ली। भारत और चीन ने सोमवार को संबंधों के ‘पुनर्निर्माण' के लिए कई उपायों की घोषणा की जिसमें इस साल गर्मियों में कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करना और सीधी उड़ानें बहाल करने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत होना शामिल है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी की चीन के उप विदेश मंत्री सुन वेइदोंग के साथ बीजिंग में व्यापक वार्ता के बाद इन निर्णयों की घोषणा की गई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने सीमापार नदियों से संबंधित आंकड़ों और अन्य सहयोग का प्रावधान पुनः शुरू करने को लेकर चर्चा के लिए भारत-चीन विशेषज्ञ स्तरीय तंत्र की बैठक शीघ्र बुलाने पर भी सहमति व्यक्त की। विदेश मंत्रालय के अनुसार विदेश सचिव ने विदेश मंत्री वांग यी और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अंतरराष्ट्रीय विभाग के मंत्री लियू जियानचाओ से भी मुलाकात की। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मिसरी और सुन ने भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति की व्यापक समीक्षा की और संबंधों में स्थिरता और पुनर्निर्माण करने के लिए कुछ जन-केंद्रित कदम उठाने पर सहमति व्यक्त की। इसमें कहा गया, ‘‘इस संदर्भ में दोनों पक्षों ने 2025 की गर्मियों में कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू करने का फैसला किया। प्रासंगिक तंत्र मौजूदा समझौतों के अनुसार ऐसा करने के तौर-तरीकों पर चर्चा करेगा।'' विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘वे दोनों देशों के बीच सीधी हवाई सेवाएं फिर शुरू करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए। दोनों पक्षों के संबंधित तकनीकी अधिकारी जल्द ही इसके लिए एक अद्यतन रूपरेखा पर बातचीत करेंगे।" इसमें कहा गया कि दोनों पक्षों ने मीडिया और थिंक टैंक के बीच बातचीत आदि को अधिक बढ़ावा देने और सुविधाजनक बनाने के लिए उचित कदम उठाने पर सहमति व्यक्त की। इसमें पिछले वर्ष अक्टूबर माह में कज़ान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई वार्ता का भी उल्लेख किया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जैसा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच अक्टूबर में कज़ान में हुई बैठक में सहमति बनी थी, विदेश सचिव मिसरी और चीनी उप विदेश मंत्री सुन ने भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति की "व्यापक" समीक्षा की और संबंधों को ‘‘स्थिर करने और पुनर्निर्माण" करने के लिए कुछ जन-केंद्रित कदम उठाने पर सहमति व्यक्त की। कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ-साथ दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें 2020 में निलंबित कर दी गईं थीं।विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘दोनों पक्षों का मानना है कि 2025 जो भारत और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ है, का उपयोग एक-दूसरे के बारे में बेहतर जागरूकता पैदा करने और जनता के बीच आपसी विश्वास और भरोसा बहाल करने के लिए सार्वजनिक कूटनीति प्रयासों को दोगुना करने के लिए किया जाना चाहिए।'' मिसरी ने रविवार को बीजिंग की अपनी दो दिवसीय यात्रा शुरू की, जिसका मुख्य उद्देश्य सन के साथ बातचीत करना था। पिछले महीने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बीजिंग का दौरा किया था और सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधि (एसआर) वार्ता के ढांचे के तहत चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ बातचीत की थी।
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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं/पर्यटकों की तादाद में भारी इजाफा हुआ है। काशी विश्वनाथ कारीडोर और अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की तादाद तेजी से बढ़ी है। बीते साल प्रदेश का रुख करने वाले पर्यटकों की संख्या में 30 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हुई है।
यूपी में तेजी से बढ़ रहा धार्मिक पर्यटनराज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2024 में लगभग 17 करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश में बीते साल 65 करोड़ पर्यटक आए हैं जबकि 2023 में यह संख्या 48 करोड़ थी। इनमें भी धार्मिक महत्व के शहरों अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयागराज में ही 41.50 करोड़ से ज्यादा पर्यटक आए हैं। राम मंदिर निर्माण के बाद वर्ष 2024 में सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं/पर्यटकों की आमद अयोध्या में दर्ज की गयी है। पर्यटन विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक देश के साथ-साथ विदेशों में भी उत्तर प्रदेश का आकर्षण बढ़ा है। एक वर्ष में विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगभग 7 लाख की बढ़ोतरी देखने को मिली है।यूपी बना घरेलू पर्यटकों की पहली पसंदप्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2022 से राज्य घरेलू पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। विदेशी पर्यटकों के आगमन में भी यह उपलब्धि हासिल की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2024 में कुल 64,90,76,213 पर्यटक आए, जबकि 2023 में कुल 48,01,27,191 पर्यटकों का आना हुआ था। इस प्रकार एक वर्ष में कुल 16,89,49,022 की वृद्धि हुई। बीते वर्ष 22,69,067 विदेशी पर्यटक आए थे, जबकि 2023 में 16,01,503 विदेशी पर्यटक थे। इस प्रकार एक वर्ष में विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगभग 6,67,564 की वृद्धि दर्ज की गई है।राम मंदिर बनने के बाद अयोध्या में तेजी से बढ़ी पर्यटकों की संख्यापर्यटन मंत्री ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि में श्री रामलला के विराजमान होने के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में तेज गति से वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में वहां कुल 16,44,19,522 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि वर्ष 2023 में यह संख्या 5,75,70,896 थी। इस प्रकार एक वर्ष में 10,68,48,626 की वृद्धि हुई है। काशी में वर्ष 2024 में 11,00,97,743 श्रद्धालु आए, जबकि 2023 में कुल 10,18,67,618 श्रद्धालु पहुंचे थे। इस प्रकार पर्यटकों की संख्या में 82,30,125 की वृद्धि दर्ज हुई है।मथुरा में इस वर्ष 9,00,81,788 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि वर्ष 2023 में 7,79,27,299 श्रद्धालु पहुंचे थे। इस प्रकार 1,21,54,489 की वृद्धि हुई है। प्रयागराज में वर्ष 2024 में 51,262,806 पर्यटक आए, जबकि वर्ष 2023 में 5,06,71,622 पर्यटक पहुंचे थे। इस प्रकार 5,91,184 पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई।विदेशी पर्यटकों को लुभाने में आगरा नंबर वनजयवीर सिंह ने बताया कि विदेशी पर्यटकों के आगमन में वर्ष 2024 में आगरा पहले स्थान पर रहा। यहां कुल 1,77,75,561 पर्यटक आए, जिसमें 14,65,814 विदेशी पर्यटक थे। वाराणसी में कुल 11,00,97,743 श्रद्धालु आए, जिसमें 3,09,932 पर्यटक विदेशी थे। इसी प्रकार, कुशीनगर में कुल 22,42,913 पर्यटक आए, जिसमें 2,51,251 विदेशी पर्यटक पहुंचे। कृष्ण नगरी मथुरा में वर्ष 2024 में कुल 9,00,81,788 श्रद्धालु आए, जिसमें 1,36,079 विदेशी पर्यटक थे। अयोध्या में कुल 16,44,19,522 श्रद्धालु पहुंचे, जिसमें 26,048 विदेशी पर्यटक हैं। -
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष एवं अनुसंधान संगठन (ISRO) स्पेस में सेंचुरी लगाने के लिए तैयार है। श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र से ISRO के ऐतिहासिक 100वें मिशन यानी GSLV रॉकेट के जरिए नेविगेशन सैटेलाइट (Navigation satellite) की लॉन्चिंग के लिए 27 घंटे की उल्टी गिनती मंगलवार को शुरू हो गई। यह मिशन इसलिए भी खास है क्योंकि इसरो के नए अध्यक्ष वी नारायणन के नेतृत्व में पहला मिशन होगा। उन्होंने 13 जनवरी को पदभार संभाला हैं।
ISRO के 100वें मिशन में क्या है खास?स्वदेशी क्रायोजेनिक चरण के साथ भू-समकालीन उपग्रह प्रक्षेपण यान (GSLV) अपनी 17वीं उड़ान में नेविगेशन सेटेलाइट NVS-02 को लेकर श्रीहरिकोटा के दूसरे लॉन्च पैड से 29 जनवरी को सुबह छह बजकर 23 मिनट पर प्रक्षेपित होगा। यह नेविगेशन सैटेलाइट ‘नेविगेशन विद इंडियन कांस्टेलेशन’ (नाविक) सीरीज का दूसरा सेटेलाइट है, जिसका उद्देश्य भारतीय उपमहाद्वीप के साथ-साथ भारतीय भूभाग से लगभग 1,500 किलोमीटर आगे के क्षेत्रों में यूजर्स को सटीक स्थिति, गति और समय की जानकारी प्रदान करना है। 27.30 घंटे की उल्टी गिनती सोमवार देर रात दो बजकर 53 मिनट पर शुरू हुई।यूआर सैटेलाइट सेंटर ने डिजाइन और डेवलप किया NVS-02 सैटेलाइट50.9 मीटर ऊंचा GSLV-F15 मिशन GSLV-F12 मिशन के बाद लॉन्च किया जा रहा है, जिसने 29 मई 2023 को पहले दूसरे पीढ़ी के सेटेलाइट NVS-01 को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किया था।NavIC में कुल पांच दूसरे पीढ़ी के सेटेलाइट शामिल हैं– NVS-01, NVS-02, NVS-03, NVS-04 और NVS-05। ये सेटेलाइट NavIC बेस लेयर कांस्टेलेशन को एडवांस फीचर्स के साथ मजबूत बनाने और सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए तैयार किए गए हैं।NVS-02 सेटेलाइंट, जिसे यूआर सेटेलाइट सेंटर द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है, लगभग 2,250 किलोग्राम वजनी है। इसमें NVS-01 की तरह ही C-बैंड में रेंजिंग पेलोड के अलावा L1, L5 और S बैंड में नेविगेशन पेलोड भी शामिल है।NVS-02 सेटेलाइट के फायदे क्या है?ISRO ने कहा कि इस सेटेलाइट का उपयोग मुख्य रूप से स्थलीय, हवाई और समुद्री नेविगेशन, सटीक कृषि, फ्लीट मैनेजमेंट, मोबाइल डिवाइस में लोकेशन आधारित सेवाओं, सेटेलाइटों के लिए ऑर्बिट निर्धारण, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित एप्लीकेशन, आपातकालीन सेवाओं और टाइमिंग सेवाओं के लिए किया जाएगा। - नयी दिल्ली. प्रयागराज में जारी महाकुंभ मेले से लौटे उद्योगपति गौतम अदाणी ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा इंसानी समागम सिर्फ धार्मिक आयोजन न होकर टिकाऊ सभ्यता का एक खाका भी है। अदाणी समूह के चेयरमैन अदाणी ने पेशेवर नेटवर्किंग मंच ‘लिंक्डइन' पर एक ब्लॉग में महाकुंभ से जुड़े अपने अनुभवों को साझा किया। वह अपने परिवार के साथ 21 जनवरी को प्रयागराज में संगम तट पर चल रहे महाकुंभ में शामिल हुए। उन्होंने कहा, ‘‘जहां भारत एक वैश्विक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है, वहीं हमें याद रखना चाहिए कि हमारी ताकत सिर्फ उसमें नहीं है जो हम बनाते हैं, बल्कि उसमें है जो हम संरक्षित करते हैं। कुंभ सिर्फ एक धार्मिक समागम नहीं है, यह टिकाऊ सभ्यता का एक खाका है।'' उन्होंने कहा कि कुंभ मेला इस बात की याद दिलाता है कि असली मानदंड बही-खाते नहीं बल्कि मानवीय चेतना पर सकारात्मक प्रभाव के रूप में मापा जाता है। अदाणी ने कहा, ‘‘कुंभ में हमें भारत की ‘सॉफ्ट पावर' का सार देखने को मिलता है। यह एक ऐसी शक्ति है जो विजय में नहीं बल्कि चेतना में निहित है, प्रभुत्व में नहीं बल्कि सेवा में निहित है। भारत की असली ताकत इसकी आत्मा में निहित है, जहां वृद्धि सिर्फ आर्थिक शक्ति न होकर मानवीय चेतना और सेवा का संगम है।'' उन्होंने कहा कि कुंभ में पैमाना सिर्फ आकार के बारे में नहीं बल्कि प्रभाव के बारे में है।अदाणी समूह के प्रमुख ने कहा, ‘‘जब 20 करोड़ लोग समर्पण एवं सेवा के साथ इकट्ठा होते हैं, तो यह सिर्फ एक आयोजन नहीं बल्कि आत्माओं का एक अनूठा संगम होता है।''
- लुधियाना. एवन साइकिल्स के प्रबंध निदेशक (एमडी) ओंकार सिंह पाहवा ने प्रतिष्ठित पद्म श्री सम्मान के लिए उनका चयन करने पर सरकार को धन्यवाद दिया। पाहवा को वर्ष 2025 के लिए पद्म श्री सम्मान के लिए चुना गया है। उन्होंने इस सम्मान पर कहा, ‘‘यह मेरे लिए नहीं, बल्कि सरकार ने पूरे साइकिल उद्योग को सम्मानित किया है।'' सरकार द्वारा शनिवार को घोषित देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में सात पद्म विभूषण, 19 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। सोमवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान पाहवा ने बताया कि शनिवार रात को उनके एक सहयोगी ने फोन कर उन्हें पद्म श्री के चुने जाने के बारे में बताया। साइकिल उद्योग के प्रमुख ब्रांड में से एक एवन साइकिल्स के पास 2,000 से अधिक डीलरों का एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क है। एवन साइकिल्स दुनिया के 23 विभिन्न देशों में अपने उत्पादों का निर्यात करती है।पाहवा ने कहा कि उनकी कंपनी का अनुमानित वार्षिक कारोबार 1,150 करोड़ रुपये है और यह देश की शीर्ष दो सबसे बड़ी साइकिल निर्माताओं में से एक है।
- मुंबई. डिजिटल धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सोमवार को बैंकों से इनपर लगाम लगाने के लिए मजबूत एवं सक्रिय प्रणाली बनाने के साथ जोखिमों को कम करने के लिए तीसरे पक्ष के सेवा-प्रदाताओं की निगरानी बढ़ाने का आग्रह किया। मल्होत्रा ने यहां सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के प्रबंध निदेशकों एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) से मुलाकात में यह बात कही। इस दौरान आरबीआई के डिप्टी गवर्नर- एम राजेश्वर राव, टी रबी शंकर और स्वामीनाथन जे भी मौजूद थे। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के विनियमन और पर्यवेक्षण के प्रभारी कार्यकारी निदेशक भी शामिल हुए।आरबीआई गवर्नर ने डिजिटल धोखाधड़ी में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की और बैंकों को ऐसे प्रयासों को विफल करने के लिए मजबूत एवं सक्रिय प्रणाली स्थापित करने की सलाह दी। आरबीआई की एक विज्ञप्ति के मुताबिक, सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े जोखिम के प्रबंधन और साइबर सुरक्षा पर चर्चा करते हुए मल्होत्रा ने बैंकों से तीसरे पक्ष के सेवा प्रदाताओं पर निगरानी बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि उनसे उत्पन्न होने वाले जोखिमों को कम किया जा सके। बैठक में आरबीआई और बैंकों से साथ मिलकर काम करने की जरूरत पर बल दिया गया और बैंकों से कारोबारी सुगमता बढ़ाने के लिए सुझाव मांगे गए। इसके साथ ही मल्होत्रा ने बैंकों से निरंतर वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने, वित्तीय समावेश का विस्तार करने, डिजिटल साक्षरता में सुधार करने, ऋण की उपलब्धता और सामर्थ्य बढ़ाने, ग्राहक सेवा और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने और प्रौद्योगिकी में निवेश जारी रखने को कहा। इसके अलावा, आरबीआई प्रमुख ने घरेलू वित्तीय प्रणाली को जुझारू बनाने में बैंकों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया और वैश्विक स्तर पर मौजूद कुछ मुख्य कमजोरियों को उजागर किया जो नकारात्मक जोखिम पैदा कर सकती हैं। यह बैठक केंद्रीय बैंक की अपनी पर्यवेक्षित संस्थाओं के वरिष्ठ प्रबंधन के साथ निरंतर संपर्क का एक हिस्सा थी। इस तरह की पिछली बैठक तीन जुलाई, 2024 को हुई थी।
- प्रयागराज । मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य मां सरस्वती के पवित्र संगम में श्रद्धा और आस्था से ओत-प्रोत साधु-संतों, श्रद्धालुओं, कल्पवासियों, स्नानार्थियों और गृहस्थों का स्नान नित नए रिकॉर्ड बना रहा है। इसी क्रम में मौनी अमावस्या के अमृत स्नान से पूर्व दो दिनों (रविवार और सोमवार) को 3 करोड़ से ज्यादा लोगों ने त्रिवेणी संगम में पावन डुबकी लगाई।अब तक स्नानार्थियों की कुल संख्या हुई 14.76 करोड़रविवार को जहां 1.74 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम स्नान किया तो वहीं सोमवार को रात 8 बजे तक 1.55 करोड़ श्रद्धालुओं ने पावन डुबकी लगाई। इसके साथ ही महाकुंभ में अब तक स्नानार्थियों की कुल संख्या 14.76 करोड़ हो गई।महाकुंभ में कुल 45 करोड़ से ज्यादा लोग आने की संभावनाउल्लेखनीय है कि पिछले गुरुवार को ही महाकुंभ में स्नानार्थियों की संख्या ने 10 करोड़ का आंकड़ा पार किया था। योगी सरकार का अनुमान है कि मौनी अमावस्या पर 10 करोड़ और पूरे महाकुंभ में कुल 45 करोड़ से ज्यादा लोग आएंगे।स्नानार्थियों के जोश और उत्साह में नहीं दिख रही कोई कमी प्रयागराज में श्रद्धालुओं, स्नानार्थियों के जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। पूरे देश और दुनिया से पवित्र त्रिवेणी में श्रद्धा और आस्था के साथ डुबकी लगाकर पुण्य प्राप्त करने के लिए श्रद्धालु प्रतिदिन लाखों की संख्या में प्रयागराज पहुंच रहे हैं। मौनी अमावस्या के सबसे प्रमुख अमृत स्नान को देखते हुए अब यह संख्या करोड़ों में पहुंच रही है। रविवार को रात 8 बजे तक 1.74 करोड़ लोगों ने तो सोमवार को 1.55 करोड़ लोगों ने त्रिवेणी संगम में स्नान कर लिया। इसमें 10 लाख कल्पवासियों के साथ-साथ देश-विदेश से आए श्रद्धालु एवं साधु-संत शामिल रहे। इसके साथ ही महाकुंभ में कुल स्नानार्थियों की संख्या 14.76 करोड़ पहुंच गई।मौनी अमावस्या से पूर्व रविवार को पूरे महाकुंभ मेला क्षेत्र में भक्तों का लगा रहा तांतामौनी अमावस्या को अमृत स्नान से पूर्व रविवार को पूरे महाकुंभ मेला क्षेत्र में भक्तों का तांता लगा रहा। देश के विभिन्न प्रातों और विश्व के कई देशों से आए श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया। संगम के तटों पर इस समय पूरे देश की विविध संस्कृतियों की झलक देखने को मिल रही है। ऊंच-नीच, जात-पात, पंथ से ऊपर उठकर लोग संगम स्नान कर एकता के महाकुंभ के संकल्प को साकार कर रहे हैं।यदि अब तक के कुल स्नानार्थियों की संख्या का विश्लेषण करें तो 27 जनवरी तक 14 करोड़ से ज्यादा लोग संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। सर्वाधिक 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर अमृत स्नान किया था, जबकि पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व पर 1.7 करोड़ से ज्यादा लोगों ने पावन डुबकी लगाई थी। रविवार को 1.74 करोड़ लोगों ने स्नान किया तो सोमवार को भी ये संख्या 1.5 करोड़ के पार रही।शहरवासियों में भी खुशी की लहरमहाकुंभ में जहां एक ओर करोड़ों लोगों की भीड़ संगम स्नान के लिए पहुंच रही है तो प्रयागराज शहर का आम जनजीवन प्रतिदिन की तरह सुचारू रूप से चल रहा है। स्नानार्थियों का किसी तरह का कोई दबाव शहरी जीवन पर नहीं पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने सिर्फ प्रमुख स्नान पर्वों के दिन कुछ बंदिशें लगाई हैं, जबकि बाकी दिन स्कूल, ऑफिस, कारोबार अपनी गति से आगे बढ़ रहे हैं। इससे शहरवासियों में भी खुशी की लहर है।
- अयोध्या । गणतंत्र दिवस पर श्रद्धालुओं का अयोध्या में ऐसा रेला उमड़ा कि हर कोई अचंभित रह गया। रामलला ने अपने पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया। लाखों की संख्या में लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, पिछले 30 घंटे में लगभग 25 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन को पहुंच चुके हैं। इसमें बड़ी संख्या में अभी भी श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी है। श्रद्धालु रामलला और हनुमानगढ़ी मंदिर की तरफ ही रुख कर रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि आने वाली अमावस्या, बसंत पंचमी पर्व तक अयोध्या श्रद्धालुओं से खचाखच भरी रहेगी।यूपी सरकार ने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना की संभावना जताई थीप्रयागराज के महाकुंभ को देखते हुए प्रदेश की यूपी सरकार ने अयोध्या में पहले ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई थी। इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया था कि अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की तकलीफ नहीं होनी चाहिए।मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए जिला प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। भीड़ प्रबंधन को लेकर मंडलायुक्त गौरव दयाल, आईजी प्रवीण कुमार और जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह लगातार मेला क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। वहीं, राम मंदिर में बैठक कर भीड़ के प्रबंधन का भी इंतजाम कर रहे हैं।सरकार ने अयोध्या में सड़कों का चौड़ीकरण करायाराम मंदिर को देखते हुए सरकार ने अयोध्या में सड़कों का चौड़ीकरण कराया। दिल्ली के कर्तव्य पथ की तरह अयोध्या में करोड़ों की लागत से रामपथ का निर्माण कराया गया, लेकिन संभावना से परे भीड़ पहुंचने के बाद रामपथ भी फुल हो गया। इसके अलावा राम मंदिर को जाने वाला मार्ग जन्मभूमि पथ और हनुमानगढ़ी को जाने वाला भक्तिपथ और धर्मपथ पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ता जा रहा है। अयोध्या की सभी गलियां श्रद्धालुओं से पटी पड़ी हैं।राम मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रस्ट ने अंगद टीला से श्रद्धालुओं के निकास की व्यवस्था की थी, लेकिन भीड़ अप्रत्याशित होता देख तीन नंबर गेट से भी निकासी का रास्ता खोल दिया गया है। हनुमानगढ़ी पर डेढ़ किमी लगी लंबी लाइन को देखते हुए नई लेन तैयार की गई है।अयोध्या में वाहनों का प्रवेश बंद करा दिया गया हैभीड़ प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन की पहल से की गई पहल काफी काम आ रही है। बड़े वाहनों को मौनी अमावस्या को देखते हुए डायवर्जन किया जाना है। हालांकि, अभी से अयोध्या में वाहनों का प्रवेश बंद करा दिया गया है। ठहरने के लिए आश्रय स्थलों में 20 हजार लोगों के लिए व्यवस्था है।नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने बताया कि सभी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चौक-चौराहों पर श्रद्धालुओं के स्वागत को सजावट भी कराई गई है।भीड़ को देखते हुए राम मंदिर और हनुमानगढ़ी पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। महिला पुलिसकर्मियों को भी उतारा गया है। सादी वर्दी में भी पुलिस संदिग्धों पर नजर रखे हुए है। ट्रैफिक कर्मी यातायात को नियंत्रित किए हुए हैं।
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नई दिल्ली। दिल्ली के बुराड़ी इलाके में सोमवार शाम को एक चार मंजिला इमारत गिरने से अब तक 2 लोगों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह तक 12 लोगों को राहत एवं बचाव टीम ने बचाया है और घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है।
दरअसल, बुराड़ी इलाके में सोमवार शाम को एक चार मंजिला इमारत अचानक गिर गई थी। इस हादसे में कई लोग मलबे के नीचे दब गए थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने बचाव अभियान शुरू किया। दिल्ली पुलिस के डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि यह बिल्डिंग हाल ही में बनी थी और करीब एक से डेढ़ साल पहले इसका निर्माण शुरू हुआ था। इसमें कोई स्थायी निवासी नहीं था, केवल श्रमिकों का आना-जाना था। घटना की जांच की जाएगी और बिल्डर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि शाम करीब 6:52 बजे पीसीआर कॉल आई थी कि कौशिक एन्क्लेव, बुराड़ी में एक बिल्डिंग गिर गई है। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान कौशिक एन्क्लेव में स्थित एक चार मंजिला बिल्डिंग का ढहना पाया गया।इस घटना पर दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दुख जताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “बुराड़ी में इमारत गिरने की यह घटना बेहद दुखद है। मैंने स्थानीय प्रशासन से बात की है कि राहत और बचाव कार्य तेजी से सुनिश्चित किया जाए, प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दी जाएगी।” - भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंगलवार सुबह ओडिशा स्थित भुवनेश्वर के जनता मैदान में ‘उत्कर्ष ओडिशा, मेक-इन-ओडिशा कॉन्क्लेव’ का उद्घाटन किया। कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा है, ”पूर्वी भारत देश के विकास में एक ग्रोथ इंजन है। इसमें ओडिशा की अहम भूमिका है।”ग्लोबल ग्रोथ में भारत की बड़ी हिस्सेदारीपीएम ने आगे जोड़ते हुए कहा, इतिहास साक्षी है, जब ग्लोबल ग्रोथ में भारत की बड़ी हिस्सेदारी थी, तब पूर्वी भारत का अहम योगदान था। पूर्वी भारत में देश के बड़े इंडस्ट्रियल हब थे, बड़े पोर्ट्स थे, ट्रेड हब थे। ओडिशा साउथ ईस्ट एशिया में होने वाले ट्रेड का प्रमुख सेंटर हुआ करता था। यहां के प्राचीन पोर्ट्स एक प्रकार से भारत के गेट-वे हुआ करते थे।ओडिशा नए भारत के आशावाद और मौलिकता का प्रतीकउन्होंने कहा, ओडिशा वास्तव में उत्कृष्ट है। ओडिशा नए भारत के आशावाद और मौलिकता का प्रतीक है। ओडिशा अवसरों की भूमि है और यहां के लोगों ने हमेशा बेहतर प्रदर्शन करने का जुनून दिखाया है।भारत ग्रीन फ्यूचर और ग्रीन टेक पर कर रहा ध्यान केंद्रितप्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत ग्रीन फ्यूचर और ग्रीन टेक पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। सोलर-विंड-हाइड्रो हो, ग्रीन हाइड्रोजन हो ये विकसित भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को पावर करने वाले हैं। पीएम मोदी ने कहा, 21वीं सदी के भारत के लिए ये दौर कनेक्टेड इंफ्रास्ट्रक्चर और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का है।ओडिशा में पर्यटन की अपार संभावनाएंउन्होंने कहा, ओडिशा में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। आज भारत का फोकस है- ‘वेड इन इंडिया’, आज भारत का मंत्र है- ‘हील इन इंडिया’ और इसके लिए ओडिशा का नेचर यहां की प्राकृतिक सुंदरता बहुत मददगार है। कॉन्सर्ट इकोनॉमी से टूरिज्म बढ़ता है और जॉब्स क्रिएट होती हैपीएम ने कहा, युवा प्रतिभाओं के विशाल समूह और संगीत समारोहों के लिए विशाल दर्शक वर्ग के साथ, भारत में संगीत समारोह अर्थव्यवस्था के विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने अपने शब्दों में कहा, दुनिया के बड़े-बड़े कलाकार, बड़े-बड़े आर्टिस्ट, भारत की तरफ आकृषित हो रहे हैं। कॉन्सर्ट इकोनॉमी से टूरिज्म भी बढ़ता है और बड़ी संख्या में जॉब्स क्रिएट होती है।भारत करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं से प्रेरित होकर विकास पथ पर बढ़ रहा आगेपीएम मोदी ने कहा, आज भारत करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं से प्रेरित होकर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, आज भारत विकास के ऐसे पथ पर चल रहा है, जिसको करोड़ों लोगों की एस्पिरेशंस ड्राइव कर रही हैं। एआई.. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ही नहीं बल्कि एस्पिरेशंस ऑफ इंडिया हमारी ताकत है।वहीं सम्मेलन में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रधानमंत्री मोदी की राज्य की लगातार यात्राओं पर प्रकाश डाला, उन्होंने कहा कि पिछले सात महीनों में यह उनकी पांचवीं यात्रा थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा ओडिशा के लिए महत्वपूर्ण पहल करते हैं और इस बार की घोषणा से राज्य के विकास में बड़ा बदलाव आएगा।उल्लेखनीय है, ‘उत्कर्ष ओडिशा, मेक-इन-ओडिशा कॉन्क्लेव’ ओडिशा सरकार द्वारा आयोजित एक प्रमुख वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन है, जिसका उद्देश्य राज्य को पूर्वोदय विजन के केंद्र और भारत में एक प्रमुख निवेश गंतव्य और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। ओडिशा का लक्ष्य दो दिवसीय सम्मेलन के माध्यम से पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करना है, जिसमें 3.5 लाख रोजगार सृजन का अनुमान है।ऐसे में इस कार्यक्रम में निवेश और व्यापार के अवसरों के लिए एक संपन्न केंद्र के रूप में राज्य की अपार क्षमता को प्रदर्शित किया गया है। राज्य एक बड़े औद्योगिक परिवर्तन के लिए तैयार हो रहा है, सम्मेलन का ध्यान औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और 2036 तक ओडिशा को देश के शीर्ष पांच आर्थिक राज्यों में स्थान दिलाने पर केंद्रित है। भारत और 12 अन्य देशों के दूतों, निवेशकों और उद्योगपतियों सहित 7,000 से अधिक प्रतिनिधि इस शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
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आगरा (उप्र). उत्तर प्रदेश में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर फतेहाबाद थाना इलाके में हुए एक सड़क हादसे में दंपति और दो बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गयी। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान ओमप्रकाश (42), उनकी पत्नी पूर्णिमा सिंह (34), बेटी अहाना (12) और बेटे विनायक (चार) के रूप में हुई है। उसने बताया कि ओमप्रकाश रविवार रात को अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ कुंभ स्नान करके लौट रहे थे तभी आधी रात करीब साढ़े बारह बजे थाना फतेहाबाद इलाके में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। पुलिस ने बताया कि कार बेकाबू हो गई और डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी तरफ खड़े डीसीएम कैंटर से टकरा गई। उसने बताया कि इस हादसे में ओमप्रकाश और उनके परिवार के तीन अन्य लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी।
फतेहाबाद के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अमरदीप ने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि चालक को झपकी लगने के कारण कार बेकाबू हो गई। मामले की जांच की जा रही है। -
महाकुंभ नगर . केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि धर्म नगरी प्रयागराज में एकता और अखंडता के इस महापर्व में वह संगम स्नान करने और संतजनों का आशीर्वाद लेने के लिए उत्सुक हैं। शाह ने सोशल मीडिया मंच “एक्स” पर एक पोस्ट में कहा “‘महाकुंभ' सनातन संस्कृति की अविरल धारा का अद्वितीय प्रतीक है। कुंभ समरसता पर आधारित हमारे सनातन जीवन-दर्शन को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा “आज धर्म नगरी प्रयागराज में एकता और अखंडता के इस महापर्व में संगम स्नान करने और संतजनों का आशीर्वाद लेने के लिए उत्सुक हूँ।” अमित शाह सोमवार को प्रयागराज में महाकुंभ में स्नान करेंगे। गृह मंत्री के पुरी के शंकराचार्य और द्वारका के शंकराचार्य सहित कई संतों से मिलने की उम्मीद है। महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू हुआ है और 26 फरवरी तक चलेगा।
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नयी दिल्ली. सर्पदंश की समस्या के “पूरे देश में” व्याप्त होने का उल्लेख करते हुए उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को केंद्र से कहा कि वह सभी राज्यों को साथ लेकर चिकित्सा सुविधाओं में सर्पदंश का उपचार उपलब्ध कराने के लिए “कुछ करे”। न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति एस.वी.एन. भट्टी की पीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें कहा गया था कि सांप के काटने के इलाज में महत्वपूर्ण ‘विष रोधी' (एंटी-वेनम) की कमी के कारण देश एक बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहा है। पीठ ने केंद्र के वकील से कहा, “आप राज्यों को भी इसमें शामिल कर सकते हैं। समस्या पूरे देश में है।”
इसमें आगे कहा गया, “आप सभी राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कुछ करने का प्रयास कर सकते हैं। यह कोई विरोधात्मक मुकदमा नहीं है।” केन्द्र के वकील ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर उठाए गए कदमों की जानकारी रिकार्ड में रखेगी। कुछ राज्यों के वकीलों ने कहा कि वे इस मामले में अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करेंगे, जिसके बाद पीठ ने उन्हें छह सप्ताह का समय दिया और मामले की सुनवाई उसके बाद के लिए स्थगित कर दी। पिछले साल 13 दिसंबर को सर्वोच्च न्यायालय ने वकील शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी द्वारा दायर याचिका पर केंद्र और अन्य से जवाब मांगा था। याचिका में पीड़ितों की जान बचाने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों, सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में ‘विष रोधी' और सर्पदंश उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। अधिवक्ता चांद कुरैशी के माध्यम से दायर याचिका में तर्क दिया गया कि विश्व में सर्पदंश से होने वाली मौतों की सबसे अधिक दर वाले देश भारत में हर साल लगभग 58,000 मौतें होती हैं। इसमें तर्क दिया गया कि, “इतनी अधिक मृत्यु दर के बावजूद, एंटीवेनम (पॉलीवेनम) की कमी है।”
याचिका में कहा गया है कि देश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में ‘विष रोधी' दवा का पर्याप्त स्टॉक नहीं है, जिसके कारण सर्पदंश पीड़ितों के उपचार में देरी होती है। इसलिए याचिका में सर्पदंश रोकथाम स्वास्थ्य मिशन चलाने और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में मृत्यु दर को कम करने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया। याचिका में सरकारी जिला अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों में मानक चिकित्सा मानदंडों के अनुसार विशेष प्रशिक्षित डॉक्टरों के साथ सर्पदंश उपचार और देखभाल इकाइयां स्थापित करने के निर्देश देने का अनुरोध भी किया गया है। -
देहरादून. उत्तराखंड में सोमवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दी गयी जिसके साथ ही यह स्वतंत्र भारत में ऐसा करने वाला पहला राज्य बन गया है। यहां मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिसूचना जारी कर यूसीसी को लागू किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इसके क्रियान्वयन के लिए नियमावली तथा विवाह, तलाक, सहवासी संबंध के अनिवार्य आनलाइन पंजीकरण हेतु एक पोर्टल की शुरुआत की। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने यूसीसी लाने का वादा किया और इसकी शुरुआत के मौके पर राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक और अनेक नेता मौजूद थे। यूसीसी पोर्टल पर सबसे पहले मुख्यमंत्री ने अपने विवाह का पंजीकरण कराया। कार्यक्रम में मौजूद प्रदेश की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उनके विवाह पंजीकरण का प्रमाणपत्र उन्हें सौंपा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने यूसीसी के तहत पंजीकरण कराने वाले पांच व्यक्तियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह केवल उत्तराखंड के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा, ‘‘इसी क्षण से उत्तराखंड में पूरी तरह से यूसीसी लागू हो गयी है और प्रदेश के सभी नागरिकों के संवैधानिक और नागरिक अधिकार एक समान हो गए हैं।'' मुख्यमंत्री ने यूसीसी का पूरा श्रेय राज्य की जनता को देते हुए कहा कि यह उनके लिए भावनात्मक क्षण है कि उन्होंने 2022 में जनता से जो वायदा किया था, उसे वह पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से यूसीसी की गंगा निकालने का श्रेय केवल जनता को जाता है । धामी ने कहा कि उनकी पार्टी ने अपने सभी वैचारिक संकल्पों जैसे जम्मू—कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, तीन तलाक समाप्त करना, सीएए लागू करना और अयोध्या में भव्य राममंदिर बनाने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि अब केवल यूसीसी का संकल्प बचा था जिसे उत्तराखंड में लागू करके उसे भी पूरा करने की दिशा में अपने कदम बढ़ा दिये हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस प्रकार से पतित पावनी मां गंगा उत्तराखंड से निकलकर पूरे देश को जीवन देने का काम करती है, उसी प्रकार से उत्तराखंड से निकली यूसीसी की गंगा की धारा सभी देशवासियों को निकट भविष्य में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी । मुख्यमंत्री ने इस बात को फिर दोहराया कि यूसीसी किसी भी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं है और इसके जरिए किसी को निशाना नहीं बनाया जा रहा है। धामी ने कहा, ‘‘किसी को टारगेट करने जैसी कोई बात नहीं है। यह समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों में समानता से समरसता स्थापित करने का एक कानूनी प्रयास है।'' उन्होंने कहा कि कानून के माध्यम से किसी भी धर्म की मूल मान्यताओं और प्रथाओं को नहीं बदला गया है और केवल कुप्रथाओं को दूर किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रमुख मुस्लिम देशों सहित विश्व के सभी सभ्य देशों में पहले से ही समान नागरिक संहिता लागू है । समान नागरिक संहिता को धर्म, जाति, लिंग के आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करने का एक संवैधाानिक उपाय बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे सभी धर्म की महिलाओं को भी समान अधिकार प्राप्त हो गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसके लागू होने से प्रदेश में सच्चे अर्थों में महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इसके द्वारा हलाला, इददत, बहुविवाह और तीन तलाक जैसी कुप्रथाओं पर पूरी तरह से रोक लगायी जा सकेगी।'' उन्होंने कहा कि इस कानून में सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह, विवाह-विच्छेद एवं उत्तराधिकार से संबंधित नियमों को समान कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी धर्मों के लोग अपने रीति रिवाजों के माध्यम से विवाह कर सकते हैं और इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, लेकिन सभी धर्मों में विवाह की न्यूनतम उम्र लड़कों के लिए 21 वर्ष और लड़कियों के लिए 18 वर्ष तय कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, सभी धर्मों में पति या पत्नी के जीवित रहते हुए दूसरे विवाह को पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया गया है। धामी ने कहा कि यूसीसी के तहत सभी धर्मों और समुदायों में बेटी को भी संपत्ति में समान अधिकार मिलेगा जबकि संपत्ति के अधिकार में बच्चों में किसी प्रकार का भेद नहीं किया जाएगा चाहे वे विवाह से उत्पन्न हुए हों या सहवासी संबंध से। जनजातियों को यूसीसी के दायरे से बाहर रखे जाने पर उठ रहे सवालों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत वर्णित जनजातियों को इस संहिता से बाहर रखा गया है ताकि उनके रीति रिवाजों का संरक्षण किया जा सके। उन्होंने कहा कि वैसे भी संविधान में उन्हें कुछ विशेषाधिकार मिले हुए हैं । उन्होंने यूसीसी तैयार करने के लिए उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति का आभार जताया जिन्होंने अधिनियम का मसौदा तैयार करने में दो लाख 35 हजार से ज्यादा लोगों से सुझाव लिए। उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह सहित अधिनियम की नियमावली बनाने वाली समिति का भी आभार जताया । उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी उनके मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया । मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू करके हम संविधान निर्माता बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर सहित संविधान सभा के सभी सदस्यों को अपनी सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। धामी ने इस मौके पर 27 जनवरी की तारीख को उत्तराखंड में हर साल समान नागरिक संहिता दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की। उत्तराखंड में यूसीसी को लागू करना प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान सत्ताधारी भाजपा द्वारा किए गए प्रमुख वादों में से एक है। मार्च 2022 में दोबारा सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल की पहली ही बैठक में यूसीसी प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए उसका मसौदा तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति के गठन पर मुहर लगा दी गयी थी। न्यायमूर्ति देसाई की अध्यक्षता में 27 मई 2022 को विशेषज्ञ समिति गठित की गयी जिसने लगभग डेढ़ साल की मेहनत से राज्य में विभिन्न वर्गों से बातचीत के आधार पर चार ‘वाल्यूम' में तैयार अपनी विस्तृत रिपोर्ट दो फरवरी 2024 को राज्य सरकार को सौंपी । इसके आधार पर सात फरवरी 2024 को राज्य विधानसभा के विशेष सत्र में यूसीसी विधेयक पारित कर दिया गया। इसके एक महीने बाद 12 मार्च 2024 को राष्ट्रपति ने भी विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी । इसके बाद अधिनियम को लागू करने के लिए उसकी नियमावली तैयार की गयी जिसे हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दे दी थी। इसी के साथ यूसीसी के लागू होने का रास्ता साफ हो गया।
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नयी दिल्ली. नागर विमानन मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि प्रयागराज की उड़ानों के किराये को युक्तिसंगत बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि महाकुंभ के मद्देनजर बढ़ी हुई यातायात मांग को पूरा करने के लिए उड़ानों की संख्या बढ़ा दी गई है। प्रयागराज में 26 फरवरी तक महाकुंभ चलेगा। प्रयागराज के लिए हवाई किराये में बढ़ोतरी को लेकर चिंताओं के बीच, विमानन नियामक डीजीसीए के अधिकारियों ने पिछले हफ्ते एयरलाइन प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान उनसे उड़ानें बढ़ाने और टिकट की कीमतों को युक्तिसंगत बनाने का आग्रह किया गया। इस समय विभिन्न भारतीय शहरों से प्रयागराज के लिए लगभग 80,000 मासिक सीटों के साथ 132 उड़ानें संचालित हो रही हैं। शहर दिसंबर, 2024 में आठ शहरों से सीधे जुड़ा था, जबकि अब इस संख्या बढ़कर 17 हो गई है। मंत्रालय ने बयान में कहा कि श्रीनगर और विशाखापत्तनम सहित 26 शहर सीधी और ठहराव के साथ उड़ानों के जरिये प्रयागराज से जुड़े हैं। बयान के मुताबिक, नागर विमानन मंत्री के राम मोहन नायडू ने एयरलाइन कंपनियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि खासतौर से स्नान पर्वों के दौरान हवाई किराये नियंत्रण में रहें। इसमें कहा गया कि नायडू के निर्देशों के अनुसार विशेष स्नान पर्व के दौरान हवाई किराये पर नियंत्रण रहे, इसलिए डीजीसीए ने एयरलाइन कंपनियों को यात्रियों को समायोजित करने के लिए पर्याप्त क्षमता सुनिश्चित करने की सलाह दी है। ऐसे में अकासा एयर 28 और 29 जनवरी को अहमदाबाद से विशेष उड़ानें संचालित करेगी। फरवरी में अहमदाबाद से नौ उड़ानें और बेंगलुरु से प्रयागराज के लिए 12 उड़ानें संचालित करने की योजना है। स्पाइसजेट फरवरी, 2025 में दिल्ली, चेन्नई, गुवाहाटी, बेंगलुरु, अहमदाबाद, मुंबई, जयपुर और हैदराबाद से प्रयागराज के बीच उड़ान सेवा शुरू करने की तैयारी में है।
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प्रयागराज । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज सोमवार को अपने परिवार के साथ प्रयागराज के महाकुंभ नगर स्थित पवित्र अक्षयवट मंदिर पहुंचे। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य दो उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। अक्षयवट मंदिर में मुख्य पुजारी ने वेद मंत्रों का उच्चारण कर पूजा-अर्चना की।इस मौके पर अमित शाह और उनके परिवार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिलकर अक्षयवट आरती में भाग लिया और प्रार्थना की। इसके बाद अमित शाह ने मुख्यमंत्री और संत समाज के सदस्यों के साथ अक्षयवट की परिक्रमा की। उन्होंने आगामी महाकुंभ कार्यक्रमों की तैयारियों पर भी चर्चा की।
अमित शाह के परिवार जिसमें उनकी पत्नी सोनल शाह, बेटा जय शाह, बहू और पोते-पोतियां शामिल थे ने भी धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। गौरतलब है कि अक्षयवट का धार्मिक महत्व काफी ज्यादा है जैसा हिंदू ग्रंथों जैसे पुराणों और महाभारत में भी उल्लखित है। माना जाता है कि भगवान राम ने अपने 14 वर्ष के वनवास के दौरान इस पेड़ के नीचे ध्यान किया था। इससे पहले अमित शाह ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दो उपमुख्यमंत्रियों और साधु-संतों के साथ संगम में स्नान किया और अपने परिवार के साथ-साथ नागरिकों की भलाई के लिए प्रार्थना की। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की इस दौरान उनके दूसरे कार्यकाल के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक भरोसेमंद और लाभकारी संबंध है। दोनों देश मिलकर वैश्विक शांति, समृद्धि और सुरक्षा के लिए काम करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप को “मेरा प्रिय मित्र” कहकर संबोधित किया। यह बातचीत राष्ट्रपति ट्रंप के 20 जनवरी को दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली बार हुई।प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा “अपने प्रिय मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करके खुशी हुई। उनके ऐतिहासिक दूसरे कार्यकाल पर उन्हें बधाई दी। हम एक भरोसेमंद और लाभकारी साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम अपने लोगों के कल्याण और वैश्विक शांति, समृद्धि और सुरक्षा के लिए साथ काम करेंगे।”गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने विशेष दूत के रूप में भाग लिया था। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का एक विशेष पत्र भी राष्ट्रपति ट्रंप को सौंपा।वहीं राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत पर ही प्रधानमंत्री मोदी ने शुभकामनाएं भेजी थीं। उन्होंने लिखा “मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति @realDonaldTrump को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में ऐतिहासिक शपथ ग्रहण के लिए बधाई! मैं फिर से आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं ताकि हमारे दोनों देशों का लाभ हो और दुनिया के लिए एक बेहतर भविष्य बनाया जा सके। आपके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं।” -
- मानव कोशिकाओं और पर्यावरण में आसानी से लगाएगा पारे का पता
नई दिल्ली। आईआईटी गुवाहाटी के वैज्ञानिकों ने आज 27 जनवरी को बताया कि उन्होंने एक खास तरीके का नैनोमटेरियल विकसित किया है जो पारे जैसे खतरनाक धातु का सटीक तरीके से पता लगा सकता है। यह तकनीक न केवल मानव शरीर की कोशिकाओं में बल्कि पर्यावरण में भी पारे की मौजूदगी का पता लगाने में मदद करेगी।पारा एक जहरीला धातु है जो दूषित पानी, भोजन, हवा या त्वचा के संपर्क से शरीर में प्रवेश कर तंत्रिका तंत्र, किडनी और दिल जैसे अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में आईआईटी गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने एक खास धातु हैलाइड पेरोवस्काइट नैनोक्रिस्टल्स तैयार किए हैं जो पारे की पहचान करने के साथ-साथ मानव कोशिकाओं को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचाते।कैसे काम करता है यह नैनोमटेरियल?आईआईटी गुवाहाटी के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर सैकत भौमिक ने बताया कि ये नैनोक्रिस्टल्स बहुत संवेदनशील हैं और पारे की थोड़ी-सी मात्रा का भी पता लगा सकते हैं। पारंपरिक इमेजिंग तकनीकें अक्सर कोशिकाओं की गहराई में साफ तस्वीरें नहीं खींच पातीं लेकिन इन नैनोक्रिस्टल्स में मल्टीफोटॉन एब्जॉर्प्शन की क्षमता अधिक है इससे कोशिकाओं की गहराई तक स्पष्ट और विस्तृत तस्वीरें ली जा सकती हैं।ये नैनोक्रिस्टल्स एक खास तरह की हरी रोशनी उत्सर्जित करते हैं जिससे पारे का पता आसानी से लगाया जा सकता है। इसे और स्थिर बनाने के लिए सिलिका और पॉलिमर की कोटिंग की गई है जिससे ये पानी में लंबे समय तक चमक और अपनी क्षमता बनाए रखते हैं। यह नैनोमटेरियल सिर्फ पारे की पहचान तक सीमित नहीं है। इसे अन्य जहरीले धातुओं की पहचान, दवाओं के वितरण, और इलाज की प्रभावशीलता को रीयल-टाइम में मॉनिटर करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। -
नई दिल्ली। उत्तराखंड ‘समान नगारिक संहिता’ (यूसीसी) लागू करने करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। सीएम आवास के मुख्य सेवक सदन में सोमवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘समान नागरिक संहिता उत्तराखंड- 2024’ को लागू किए जाने पर नियमावली और पोर्टल का लोकार्पण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी किसी धर्म के खिलाफ नहीं बल्कि सबके लिए है।
आज का दिन न केवल हमारे उत्तराखंड, बल्कि पूरे भारत के लिए ऐतिहासिक हैसीएम धामी ने कहा कि आज का दिन न केवल हमारे उत्तराखंड, बल्कि पूरे भारत के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि आज हम समानता स्थापित करने के मकसद से बनाई ‘समान नागरिक संहिता’ को देवभूमि उत्तराखंड में लागू करने जा रहे हैं। मैं उन सभी का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने ‘समान नागरिक संहिता’ को बनाने की दिशा में अपना अहम योगदान दिया।उन्होंने कहा, “यूसीसी बनाने वाली हमारी टीम ने 2 लाख 35 हजार लोगों को इससे जोड़ने का प्रयास किया। इस संबंध में सभी राजनीतिक दलों से सुझाव भी लिए गए। लेकिन, सही मायने में अगर इस गंगा को निकालने का श्रेय किसी को जाता है, तो वह देवभूमि उत्तराखंड है।”उत्तराखंड की जनता ने हमें इसके लिए अपना आशीर्वाद दियासीएम धामी ने आगे कहा कि उत्तराखंड की जनता ने हमें इसके लिए अपना आशीर्वाद दिया। आज यूसीसी लागू करके हम लोग संविधान निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर को श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं। हमने जनता से किया हुआ अपना वादा पूरा किया है।यूसीसी महिलाओं को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगापुष्कर धामी के अनुसार यूसीसी महिलाओं को सशक्त बनाने में यह अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, “यूसीसी से महिलाएं सशक्त होंगी और हलाला, बहुविवाह जैसी कुप्रथा पर रोक लगेगी। यूसीसी से समाज में एकरूपता आएगी। इससे सभी नागरिकों के अधिकार और दायित्व एक समान होंगे।”जो कहा, वो कियाउल्लेखनीय है कि 2022 के चुनाव से एक दिन पहले सीएम धामी ने यूसीसी की घोषणा की थी। सरकार बनाने के बाद मार्च 2022 की पहली कैबिनेट में समिति गठन को मंजूरी दी गई। इसे लेकर समिति ने ढाई लाख लोगों से 20 लाख सुझाव ऑफलाइन और ऑनलाइन प्राप्त किए थे। - प्रयागराज । इंटरनेशनल स्पेस सेंटर (आईएसएस) ने रविवार रात को अंतरिक्ष से महाकुम्भ की आश्चर्यचकित कर देने वाली तस्वीरें कैद की हैं। इन तस्वीरों में महाकुंभ मेले का अद्भुत नजारा देखने को मिला। इसमें गंगा नदी के तट पर दुनिया का सबसे बड़ा मानव समागम रौशनी से जगमगा रहा है। इन तस्वीरों को आईएसएस से एस्ट्रोनॉट डॉन पेटिट ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर शेयर किया है।प्रयागराज से आ रही तस्वीरों को देखकर पूरी दुनिया विस्मितमहाकुम्भ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें लाखों श्रद्धालु गंगा नदी में डुबकी लगाकर आध्यात्मिक शांति प्राप्त करते हैं। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम स्नान कर इस सुखद और धार्मिक अनुभूति को महसूस कर सकें हैं। प्रयागराज से आ रही तस्वीरों को देखकर पूरी दुनिया विस्मित है। महाकुम्भ मेला को सिर्फ जमीन से ही नहीं बल्कि अंतरिक्ष से भी कैप्चर किया जा रहा है।गंगा नदी के किनारे अनोखे दृश्यअंतरिक्ष से ली गई यह तस्वीरें पृथ्वी पर इस धार्मिक आयोजन की विशालता को दर्शा रही हैं। तस्वीरों में महाकुम्भ मेले की भव्य रौशनी और विशाल मानव भीड़ ने गंगा नदी के किनारे को अनोखे दृश्य में बदल दिया।तस्वीरें महाकुम्भ को लेकर पूरी दुनिया का ध्यान खींचने वाली हैंअंतरिक्ष से ली गईं ये तस्वीरें महाकुम्भ को लेकर पूरी दुनिया का ध्यान खींचने वाली हैं। डॉन पेटिट ने तस्वीरें साझा करते हुए लिखा है कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से खींची गई तस्वीरों में 2025 के महाकुंभ मेले का अद्भुत नजारा देखने को मिला। गंगा नदी के तट पर दुनिया का सबसे बड़ा मानव समागम रौशनी से जगमगा रहा था।अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री ने इन तस्वीरों को खींचाआपको बता दें, अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और केमिकल इंजीनियर डोनाल्ड रॉय पेटिट, जो अपनी कक्षा में खगोल-फोटोग्राफी और इनोवेशन के लिए मशहूर हैं। उन्होंने इन तस्वीरों को खींचा। पेटिट अंतरिक्ष में बनाई गई पहली पेटेंटेड वस्तु “जीरो जी कप” के आविष्कारक भी हैं। पेटिट विगत 555 दिनों से आईएसएस में हैं और 69 वर्ष की आयु में नासा के सबसे वृद्ध सक्रिय एस्ट्रोनॉट हैं।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के 76वें गणतंत्र दिवस पर दी गई बधाई और शुभकामनाओं के लिए वैश्विक नेताओं का आभार प्रकट किया है। पीएम मोदी ने आज (सोमवार) भारत के 76वें गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाओं के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन को धन्यवाद दिया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर फ्रांस के राष्ट्रपति से कहा कि पर हम जल्द ही पेरिस में एआई एक्शन समिट में मिलेंगे। वहीं, थाईलैंड की प्रधानमंत्री पेटोंगटारन शिनावात्रा को धन्यवाद देते हुए एक्स पर उनकी एक पोस्ट के जवाब में उन्होंने कहा कि थाईलैंड के साथ हमारे बहुत ही अहम हैं। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और लोगों से लोगों का जुड़ाव बढ़ाने पर निरंतर सहयोग की उम्मीद करता हूं।
पीएम मोदी ने कहा-हम जल्द ही पेरिस में एआई एक्शन समिट में मिलेंगेप्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 76वें गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाओं के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन को धन्यवाद दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फ्रांस के राष्ट्रपति के किए एक पोस्ट का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति @EmmanuelMacron. भारत के 76वें गणतंत्र दिवस पर आपकी शुभकामनाएं बहुत ही सराहनीय हैं। पिछले साल इस अवसर पर आपकी गरिमामयी उपस्थिति वास्तव में हमारी रणनीतिक साझेदारी और स्थायी मित्रता में एक महत्वपूर्ण पल था। मानवता के बेहतर भविष्य के लिए हम जल्द ही पेरिस में एआई एक्शन समिट में मिलेंगे।”कल 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के अवसर पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए कार्रवाई पर शिखर सम्मेलन के लिए फरवरी में फ्रांस में आपसे मिलने की उम्मीद है।आयरलैंड के प्रधानमंत्री के पोस्ट का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहावहीं, एक्स पर आयरलैंड के प्रधानमंत्री के पोस्ट का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री @MichealMartinTD, शुभकामनाओं के लिए आपको धन्यवाद। मुझे पूरा विश्वास है कि लोकतंत्र में साझा विश्वास और आस्था पर आधारित भारत और आयरलैंड के बीच दोस्ती के स्थायी बंधन आने वाले समय में और मजबूत होते रहेंगे।”बधाई और शुभकामनाओं के लिए पड़ोसी देशों के प्रधानमंत्रियों का आभार प्रकट कियाआपको बता दें रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 76वें गणतंत्र दिवस पर दी गई बधाई और शुभकामनाओं के लिए वैश्विक नेताओं का आभार प्रकट किया। पड़ोसी देश नेपाल के प्रधानमंत्री द्वारा एक्स पर किये गए एक पोस्ट के प्रति उत्तर में प्रधानमंत्री ने एक्स पर कहा था कि भारत अपने गणतंत्र के 75 वर्ष पूरे कर रहा है, हम दोनों देशों के लोगों के बीच मित्रता के ऐतिहासिक बंधन को बड़ी गहराई से संजोते हैं। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में यह और भी सशक्त होगा।इसके अलावा प्रधानमंत्री ने मॉलदीव के राष्ट्रपति द्वारा एक्स पर किये गए पोस्ट को साझा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि भारत के गणतंत्र दिवस पर आपकी शुभकामनाओं के लिए राष्ट्रपति @MMuizzu आपका धन्यवाद। मैं भारत और मॉलदीव के बीच दीर्घकालिक साझेदारी के बारे में आपकी भावना से पूरी तरह सहमत हूं। हम मित्रता एवं सहयोग की इन साझेदारियों को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।भूटान के प्रधानमंत्री द्वारा एक्स पर की गई पोस्ट के प्रति उत्तर में पीएम मोदी ने इस तरह अपने विचारों को व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर कहा कि हम भारत और भूटान के बीच अद्वितीय एवं विशेष साझेदारी को बहुत अधिक महत्व देते हैं।थाईलैंड की प्रधानमंत्री पेटोंगटारन शिनावात्रा को दिया धन्यवादरविवार को एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर शुभकामनाएँ देने के लिए थाईलैंड की प्रधानमंत्री पेटोंगटारन शिनावात्रा को धन्यवाद दिया। एक्स पर थाईलैंड की प्रधानमंत्री की एक पोस्ट का जवाब देते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री सुश्री पेटोंगटारन शिनावात्रा आपकी शुभकामनाओं की हार्दिक सराहना करते हैं क्योंकि हम भारतीय गणतंत्र के गौरवशाली 75 वर्ष का जश्न मना रहे हैं। थाईलैंड के साथ हमारे बहुत ही अहम हैं। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और लोगों से लोगों का जुड़ाव बढ़ाने पर निरंतर सहयोग की उम्मीद करता हूं। - प्रयागराज । प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में धर्म संसद की शुरुआत हो रही है। ऐसे में अभिनेता सुनील शेट्टी ने सोमवार को देशभर के हिंदुओं से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में आध्यात्मिक गुरु और भागवत कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज द्वारा आयोजित धर्म संसद में शामिल होने की अपील की।सनातन बोर्ड की स्थापना के लिए जोरसुनील शेट्टी ने खुद रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में लोगों से धर्म संसद में शामिल होने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य हिंदू मंदिरों, गुरुकुलों और गौशालाओं की सुरक्षा के उद्देश्य से सनातन बोर्ड की स्थापना के लिए दबाव बनाना है।अभिनेता ने कहा, “प्रयागराज महाकुंभ में एक ऐतिहासिक क्षण आने वाला है; सनातन बोर्ड की स्थापना के लिए एक आंदोलन के तहत 27 जनवरी को करोड़ों लोग सनातन धर्म की भक्ति में एकजुट होंगे।” उन्होंने सामूहिक कार्रवाई का आह्वान करते हुए कहा, “यह हमारे मंदिरों, गुरुकुलों और गौशालाओं की रक्षा के लिए है। इसलिए आइए हम सब भक्ति और प्रतिबद्धता के साथ एकजुट हों; ‘शांति सेवा शिविर प्रयागराज’ में हमारे साथ जुड़ें।”बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने किया समर्थनवहीं बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने भी इस आयोजन के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया, उन्होंने कहा कि धर्म संसद का आयोजन देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज द्वारा सनातन बोर्ड के गठन और सनातन धर्म की सुरक्षा पर चर्चा के लिए किया जा रहा है।बीजेपी सांसद ने कहा, “यह सभी सनातनियों के लिए सौभाग्य की बात है कि प्रयागराज में 144 वर्षों के बाद महाकुंभ हो रहा है। 27 जनवरी को देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज के नेतृत्व में सनातन बोर्ड के गठन और सनातन धर्म की सुरक्षा पर चर्चा के लिए धर्म संसद का आयोजन किया जा रहा है।”देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कार्यक्रम का उद्देश्य दोहराते हुए कहा, “हम सभी चाहते हैं कि सनातन बोर्ड का गठन हो। हम सरकार के समक्ष प्रस्ताव रख रहे हैं। सभी धर्माचार्य चाहते हैं कि सनातन का कल्याण हो और मंदिर सुरक्षित रहें- इसके लिए धर्म संसद शुरू होने वाली है। मैं इसकी तैयारियों की देखरेख करने जा रहा हूं। बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं।”इस कार्यक्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज, जगद्गुरु निम्बार्काचार्य श्रीजी महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज, महामंडलेश्वर संतोष दास जी महाराज, सतुआ बाबा जी, जगद्गुरु राघवाचार्य जी महाराज सहित कई प्रमुख संतों, गुरुओं और सनातन नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
- प्रयागराज । प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने आज सोमवार को संगम में आस्था की डुबकी लगाई। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि और योग गुरु बाबा रामदेव ने भी इस स्नान में भाग लिया। स्नान के बाद अमित शाह ने लेटे हनुमान मंदिर में दर्शन और पूजन किया।महाकुंभ में अमित शाह करीब पांच घंटे तक रहे और इस दौरान उन्होंने संगम पर स्नान के साथ-साथ श्रद्धालुओं और संतों से संवाद भी किया। अमित शाह के बेटे जय शाह भी परिवार के साथ महाकुंभ पहुंचे और सभी ने संगम में स्नान किया।गौरतलब है कि महाकुंभ में श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी है। उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के मुताबिक, अब तक 13.21 करोड़ से ज्यादा लोग संगम में डुबकी लगा चुके हैं। यह आंकड़ा दिन-प्रतिदिन तेजी से बढ़ता ही रहा है। वहीं महाकुंभ ने “वसुधैव कुटुंबकम” का संदेश दिया है जहां देश-विदेश से आए लोग जाति-धर्म की सीमाओं को पार कर संगम में एक साथ स्नान कर रहे हैं। इस बार महाकुंभ में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। सड़क, रेल और हवाई मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। सुरक्षा के लिए एआई तकनीक, सीसीटीवी कैमरे और खोया-पाया केंद्र सक्रिय हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है जिससे महाकुंभ को सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।
- प्रयागराज । महापर्व महाकुंभ का दिव्य-भव्य आयोजन प्रयागराज में संगम तट पर हो रहा है। महाकुंभ में त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करने प्रतिदिन लाखों, करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज आ रहे हैं। महाकुंभ में अब तक 13 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं। आगामी 29 जनवरी को महाकुंभ के सबसे बड़े अमृत स्नान मौनी अमावस्या की तैयारी हो रही है।मौनी अमावस्या के पर्व पर 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए प्रयागराज रेल मंडल ने भी विशेष प्रबंध किए हैं। मौनी अमावस्या पर्व के दिन प्रयागराज रेल मंडल ने शहर के सभी स्टेशनों पर यात्रियों के आने और जाने के लिए विशेष योजना बनाई है।मौनी अमावस्या के अमृत स्नान पर लगभग 10 करोड़ लोगों के प्रयागराज आने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है। 25 जनवरी से ही लगभग 1 करोड़ यात्री प्रतिदिन महाकुंभ में आने लगे हैं। इतनी भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनकी सुगम निकासी के लिए प्रयागराज रेल मंडल ने शहर के सभी स्टेशनों के लिए विशेष योजना और कुछ प्रतिबंध लागू किए हैं। ये प्रतिबंध मौनी अमावस्या के स्नान पर्व के एक दिन पहले और दो दिन बाद तक लागू रहेंगे।मौनी अमावस्या के स्नान पर्व के दिन प्रयागराज जंक्शन पर प्रवेश केवल सिटी साइड, प्लेटफॉर्म नंबर 1 की ओर से दिया जाएगा। निकास केवल सिविल लाइंस साइड, प्लेटफार्म न. 6 की ओर से होगा। आरक्षित यात्रियों, जिनका पहले से टिकट रिजर्व है, उन्हें सिटी साइड के गेट नंबर 5 से अलग से प्रवेश दिया जाएगा। जबकि, अनारक्षित यात्रियों को दिशावार कलर कोडेडे आश्रय स्थलों के माध्यम से प्रवेश कराया जाएगा।टिकट के लिए आश्रय स्थलों में ही अनारक्षित टिकट काउंटर, एटीवीएम और मोबाइल टिकटिंग की व्यवस्था रहेगी। भीड़ के अतिरिक्त दबाव का प्रबंधन करने के लिए खुसरो बाग में 1 लाख लोगों के ठहरने के लिए होल्डिंग एरिया का निर्माण किया गया है।मौनी अमावस्या पर्व पर नैनी जंक्शन में प्रवेश केवल स्टेशन रोड से और निकास केवल मालगोदाम की ओर से होगा। आरक्षित यात्रियों को गेट नंबर 2 से अलग से प्रवेश दिया जाएगा। वहीं, प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर प्रवेश केवल प्रयागराज-मिर्जापुर राजमार्ग को जोड़ने वाले सीओडी मार्ग से और निकास केवल जीईसी नैनी रोड की ओर से होगा।आरक्षित यात्री गेट नंबर 2 से प्रवेश करेंगे। सूबेदारगंज स्टेशन में प्रवेश झलवा, कौशाम्बी रोड की ओर से होगा, जबकि निकास केवल जीटी रोड की ओर होगा। आरक्षित यात्री गेट नंबर 3 से प्रवेश करेंगे। अनारक्षित यात्रियों के लिए सभी स्टेशनों पर दिशावार कलर कोडेड आश्रय स्थल बनाए गए हैं। जहां से यात्रियों को उनके जाने के गंतव्य स्टेशन के मुताबिक आश्रय स्थलों में अलग-अलग कलर के टिकट के हिसाब से प्लेटफार्म में पहुंचाया जाएगा। जहां से नियमित और मेला स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को उनके गंतव्य स्टेशनों तक पहुंचाया जाएगा।


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