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- नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस समारोह के लिए राजधानी में अर्द्धसैनिक बलों की 70 से अधिक कंपनियों और 15,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ड्रोन से भी नजर रखी जाएगी और सीसीटीवी निगरानी तथा साइबर विशेषज्ञ अधिकारियों को संचालन की देखरेख के लिए तैनात किया जाएगा।अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने पहले ही बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था स्थापित कर ली है। हमारे पास जांच और जामा तलाशी की छह स्तरीय व्यवस्था है। इसके अलावा, बहुस्तरीय बैरिकेडिंग होगी। हमने नयी दिल्ली जिले में कई हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, जिनमें चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) वाले कैमरे भी शामिल हैं।’’उन्होंने कहा कि एफआरएस सिस्टम वाली गाड़ियां भी तैनात की जाएंगी। अधिकारी ने कहा कि कैमरे डेटाबेस से जुड़े हैं, ताकि अपराधियों की तुरंत पहचान की जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।’’अधिकारी ने बताया कि पुलिस की टीम कई सुरक्षा एजेंसियों के साथ अभ्यास कर रही हैं। राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए अर्द्धसैन्य बलों की 70 से अधिक कंपनियां और 15,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) को सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पूरी जानकारी दे दी गई है। पुलिस अधिकारी ‘हाई अलर्ट’ पर रहेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देंगे।एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा उपायों के तहत नयी दिल्ली, उत्तर और मध्य जिलों में लगभग 4,000 इमारतों की छतों को चिह्नित किया गया है। गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वालों को सुरक्षा स्टिकर मिलेंगे और मार्ग तथा आस-पास के इलाकों में एफआरएस के साथ लगभग 500 उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सक्षम कैमरे लगाए जा रहे हैं।अधिकारी ने कहा, ‘‘नयी दिल्ली, मध्य दिल्ली और उत्तरी दिल्ली के डीसीपी ने विस्तृत मार्ग सर्वेक्षण, विध्वंसकारी गतिविधियों की जांच और अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। विशेष मार्ग, ड्रोन निगरानी और सीसीटीवी निगरानी से कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।’’ उन्होंने कहा कि तैयारी सुनिश्चित करने के लिए होटलों और मॉल के सुरक्षा कर्मचारियों के साथ विशेष बैठक भी आयोजित की गई।
- प्रयागराज। तीर्थराज प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का आयोजन दिव्य और भव्य तरीके से हो रहा है। देशभर से लाखों, करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन त्रिवेणी संगम में स्नान करने प्रयागराज आ रहे हैं। महाकुंभ का सबसे बड़ा अमृत स्नान 29 जनवरी, मौनी अमावस्या की तिथि पर किया जाएगा। इस दिन 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पवित्र संगम में स्नान करने का अनुमान है।मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ में आने-जाने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के भीड़ प्रबंधन के लिए प्रयागराज रेल मंडल ने स्पेशल प्लान बनाया है। इसके लिए रेलवे स्टेशन के बाहर खुसरो बाग में अतिरिक्त होल्डिंग एरिया और मॉब चैनलाइजेशन के लिए आरपीएफ और सिविल पुलिस ने मिलकर योजना तैयार कर ली गई है।मौनी अमावस्या पर 10 करोड़ श्रद्धालुओं का त्रिवेणी संगम में अमृत स्नान करने का अनुमानमहाकुंभ के दिव्य और भव्य आयोजन को देखकर भारी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज आ रहे हैं। मकर संक्रांति के पर्व पर 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया। महाकुंभ के सबसे बड़े पर्व मौनी अमावस्या पर 10 करोड़ श्रद्धालुओं का त्रिवेणी संगम में अमृत स्नान करने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला और रेलवे प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं।मौनी अमावस्या के दिन मॉब चैनलाइजेशन के लिए विशेष योजना बनाईप्रयागराज रेल मंडल के सीनियर पीआरओ अमित मालवीय ने बताया कि मौनी अमावस्या तिथि पर भीड़ प्रबंधन के लिए प्रयागराज रेलवे ने स्पेशल प्लान तैयार किया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को मैनेज करने और उनके विश्राम के लिए स्टेशन परिसर से बाहर खुसरो बाग में होल्डिंग एरिया तैयार कर लिया गया है, जिसमें 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को एक बार में ठहराया जा सकेगा। खुसरो बाग होल्डिंग एरिया के अतिरिक्त आरपीएफ और सिविल पुलिस ने मिलकर मौनी अमावस्या के दिन मॉब चैनलाइजेशन के लिए विशेष योजना बनाई है।भीड़ के अतिरिक्त दबाव को स्टेशन परिसर के बाहर ही किया जाएगा मैनेजसीनियर पीआरओ ने बताया कि मेले से लौटने वाले श्रद्धालुओं को स्टेशन परिसर में आने से पहले रूट डायवर्ट करके खुसरो बाग होल्डिंग एरिया में ठहराया जाएगा। यहां से यात्रियों को उनके गंतव्य स्टेशन की दिशावार रेलवे स्टेशन में बने कलर कोडेड आश्रय स्थलों में पहुंचाया जाएगा। जहां से यात्रियों को कलर कोडेड टिकटों के माध्यम से उनके गंतव्य स्टेशन की ट्रेनों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि बिना भगदड़ और भ्रम के यात्रियों को सही ट्रेन से उनके गंतव्य स्टेशनों तक रवाना किया जा सके। स्टेशन परिसर के बाहर अतिरिक्त होल्डिंग एरिया निर्माण इसलिए ही किया गया है कि भीड़ के अतिरिक्त दबाव को स्टेशन परिसर के बाहर ही मैनेज किया जा सके।
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भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट की बैठक में शुक्रवार को 17 धार्मिक क्षेत्रों में शराबबंदी का फैसला लिया गया है। इसके अलावा मंत्रियों को अपने विभाग में तबादले करने का अधिकार भी दिया गया है।
राज्य सरकार धीरे-धीरे शराबबंदी की तरफ बढ़ रही हैमहेश्वर में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि राज्य सरकार धीरे-धीरे शराबबंदी की तरफ बढ़ रही है और इसी के तहत राज्य के 17 स्थानों पर शराबबंदी का फैसला लिया गया है। जिन स्थानों पर शराबबंदी की गई है, उनमें एक नगर निगम क्षेत्र, छह नगर पालिका, छह नगर परिषद और छह ग्राम पंचायत क्षेत्र शामिल हैं।इन जगहों पर की गई शराबबंदीइनमें प्रमुख रूप से नगर निगम क्षेत्र उज्जैन शामिल है। नगर पालिका क्षेत्र दतिया, पन्ना, मंडला, मंदसौर, मैहर, नगर परिषद क्षेत्र ओंकारेश्वर, महेश्वर ओरछा, चित्रकूट, अमरकंटक में भी शराबबंदी की गई है। बताया गया है कि जिन क्षेत्रों में शराबबंदी की गई है, उन क्षेत्रों की शराब दुकानों को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित भी नहीं किया जाएगा।उन्होंने आगे बताया कि विशेष परिस्थितियों में मंत्रियों को अपने विभाग में तबादले करने का अधिकार दिया गया है। आने वाले समय में विधिवत तौर पर तबादला नीति आएगी।नर्मदा नदी के तट पर विशेष पूजा-अर्चना और आरती कीकैबिनेट की बैठक से पहले मुख्यमंत्री सहित राज्य सरकार के सभी मंत्रियों ने नर्मदा नदी के तट पर विशेष पूजा-अर्चना और आरती की।महेश्वर स्थित रानी अहिल्याबाई के किले का भ्रमण कियाउसके बाद महेश्वर स्थित रानी अहिल्याबाई के किले का भ्रमण किया। वहीं, उनकी गद्दी को भी नमन किया। मोहन यादव सरकार की कैबिनेट की पहली डेस्टिनेशन बैठक महेश्वर में हुई। यह बैठक रानी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती को समर्पित रही। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार विरासत को सभी के बीच लाने के प्रयास में लगी हुई है। इसी क्रम में रानी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती पर पूरे प्रदेश में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। - महाकुम्भनगर. महाकुम्भ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन विभाग की ओर से 24 से 26 जनवरी तक ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा। यह शो आधुनिक तकनीक और भारतीय संस्कृति का संगम प्रस्तुत करेगा। राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन विभाग की ओर से महाकुम्भनगर के सेक्टर-सात में 24, 25 और 26 जनवरी को ड्रोन शो का आयोजन किया जा रहा है। यह शो आधुनिक तकनीक और भारतीय संस्कृति का संगम प्रस्तुत करेगा जो श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगा। गणतंत्र दिवस पर इस आयोजन के लिए पर्यटन विभाग ने विशेष तैयारी की है। बयान के मुताबिक, बृहस्पतिवार की शाम सेक्टर-सात में ड्रोन शो का अभ्यास किया गया। शो में ड्रोन एक साथ आकाश में उड़कर विभिन्न आकृतियां बनाएंगे। इसमें कहा गया है, “भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और महाकुम्भ के महत्व को दर्शाने वाले दृश्य ड्रोन के माध्यम से आकाश में उकेरे जाएंगे। रोशनी और संगीत के समन्वय का यह नजारा मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देगा।” बयान के अनुसार, ड्रोन शो को लेकर प्रशासन ने सख्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है। शो के अभ्यास के दौरान स्थानीय प्रशासन, पुलिस और पर्यटन विभाग ने आपसी समन्वय से सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की। अधिकारियों ने आयोजन स्थल पर सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था का जायजा लिया
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नई दिल्ली। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2025 की वार्षिक बैठक में सात और देश ग्लोबल प्लास्टिक एक्शन पार्टनरशिप (GPAP) से जुड़ गए हैं। अब इस पहल में शामिल देशों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। नए सदस्य देशों में अंगोला, बांग्लादेश, गैबोन, ग्वाटेमाला, केन्या, सेनेगल और तंजानिया शामिल हैं। ये देश वैश्विक प्लास्टिक कचरे को कम करने, टिकाऊ सामग्रियों को बढ़ावा देने और रीसाइक्लिंग सिस्टम को मजबूत करने पर काम करेंगे ताकि पृथ्वी को स्वच्छ और हरित बनाया जा सके।
ग्लोबल प्लास्टिक एक्शन पार्टनरशिप (GPAP) की निदेशक क्लेमेंस श्मिड ने इस उपलब्धि पर जोर देते हुए कहा “25 देशों का इस पहल में शामिल होना यह दिखाता है कि दुनिया प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करने के लिए एकजुट हो रही है। हम प्लास्टिक के उत्पादन, प्रबंधन और पुन: उपयोग के तरीकों को बदलने के लिए काम कर रहे हैं जिससे भविष्य अधिक टिकाऊ हो सके।” GPAP अब तक 3.1 बिलियन डाॅलर का निवेश जुटा चुका है और कचरा प्रबंधन के अनौपचारिक कामगारों के लिए सुरक्षित नौकरियां बनाई हैं। यह पहल प्लास्टिक कचरे को कम करने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन (जो हर साल 1.8 बिलियन टन होता है) को घटाने में भी देशों की मदद कर रही है।बता दें कि हर साल 6 मिलियन टन से अधिक प्लास्टिक कचरा महासागरों में पहुंचता है जबकि उससे दोगुना जमीन को प्रदूषित करता है। यह प्लास्टिक कचरा पारिस्थितिक तंत्र, जैव विविधता और मानव जीवन पर गंभीर प्रभाव डालता है। GPAP का लक्ष्य प्लास्टिक प्रबंधन के लिए सर्कुलर सिस्टम को अपनाना है, जो लैंडफिल (कचरा भराव क्षेत्रों) से निकलने वाली मीथेन जैसी हानिकारक गैसों को कम करेगा। मीथेन, अल्पावधि में कार्बन डाइऑक्साइड से 80 गुना अधिक खतरनाक है। इस पहल का उद्देश्य ग्रीन जॉब्स को बढ़ावा देना भी है, जिससे 2030 तक वैश्विक स्तर पर 6 मिलियन नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं। - मेरठ (उप्र). दूरदर्शन पर प्रसारित हुए धारावाहिक 'रामायण' में श्री राम की भूमिका निभाने अभिनेता और मेरठ से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मौजूदा सांसद अरुण गोविल ने 'घर-घर रामायण' पहल के तहत रामायण की प्रतियां वितरित करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। यह अभियान अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य में शुरू किया गया है। गोविल ने बुधवार को हापुड़ में रामायण की प्रतियां वितरित कीं और बृहस्पतिवार को मेरठ के किठौर विधानसभा क्षेत्र में दो विशेष कार्यक्रम आयोजित किये। भाजपा सांसद ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि अभियान का लक्ष्य पांच साल के अंदर देश भर में रामायण की 11 लाख प्रतियां वितरित करना है। उन्होंने कहा, ''इस पहल को शुरू करने से पहले मैंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर उनकी स्वीकृति मांगी थी। उनके सहयोग से रामायण के पवित्र पाठ को भारत के हर घर तक पहुंचाने के लिए यह अभियान शुरू किया गया।'' गोविल ने इस बात पर जोर दिया कि यह अभियान परिवारों को रामायण की शिक्षा से फिर से जोड़ने और भावी पीढ़ियों में भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा, ''यह राष्ट्रव्यापी पहल समाज को पवित्रता, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक विरासत को अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। जनता द्वारा दिखाया गया जबरदस्त उत्साह और गर्मजोशी साझा मूल्यों के माध्यम से देश को एकजुट करने में अभियान के महत्व की पुष्टि करती है।''
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नयी दिल्ली. ब्रह्मोस, पिनाका और आकाश समेत कुछ अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियां कर्तव्य पथ पर 76वें गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा होंगी। सेना की युद्ध निगरानी प्रणाली ‘संजय' और डीआरडीओ की सतह से सतह पर मार करने वाली सामरिक मिसाइल ‘प्रलय' पहली बार परेड में प्रदर्शित की जाएंगी। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। भारत 26 जनवरी को यहां कर्तव्य पथ पर अपनी सैन्य शक्ति और जीवंत सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेगा तथा फ्लाईपास्ट में भारतीय वायुसेना के 40 विमान और भारतीय तटरक्षक बल के तीन डोर्नियर विमान शामिल होंगे। दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार परेड कमांडर होंगे, जबकि ‘परेड सेकंड-इन-कमांड' दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ (सीओएस) मेजर जनरल सुमित मेहता होंगे। परेड की ‘फुल ड्रेस रिहर्सल' पूरी होने के तुरंत बाद यहां मीडियाकर्मियों से बातचीत में मेजर जनरल मेहता ने कहा कि इस भव्य समारोह में अनेक अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म, विभिन्न प्रकार की जीवंत झांकियों के साथ-साथ देश की समृद्ध विरासत के साथ भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा। टी-90 ‘भीष्म' टैंक, ब्रह्मोस और पिनाका मिसाइल प्रणाली, आकाश अस्त्र प्रणाली, शॉर्ट स्पैन ब्रिजिंग सिस्टम 10 मीटर, नाग मिसाइल प्रणाली, मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम ‘अग्निबाण' और ‘बजरंग' (लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल) का परेड में प्रदर्शन किया जाएगा। यह पूछे जाने पर कि ‘अग्निबाण' और ‘बजरंग' जैसे प्लेटफॉर्म को नाम देते समय किन कारकों को ध्यान में रखा गया था, दिल्ली क्षेत्र के सीओएस ने कहा, ‘‘आत्मनिर्भर भारत के तहत पहले जो विशेष वाहन बनाए गए थे, उनमें उनकी क्षमताएं झलकती थीं। हमने उन्हें नाम दिए हैं, पहले उनका नामकरण नहीं किया गया था। जब उनका नामकरण किया जा रहा था, तो नामों के माध्यम से हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी ध्यान में रखा गया।'' मेजर जनरल मेहता ने कहा कि युद्ध निगरानी प्रणाली ‘संजय' और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की ‘प्रलय' शस्त्र प्रणाली पहली बार परेड में दिखाई देगी। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व एक घुड़सवार टुकड़ी, आठ मशीनीकृत टुकड़ियां और छह मार्चिंग टुकड़ियां करेंगी। घुड़सवार टुकड़ी का प्रतिनिधित्व 61 कैवलरी द्वारा किया जाएगा। मार्चिंग कॉलम में ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स, जाट रेजिमेंट, गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट, जेएंडके लाइट इन्फैंट्री (जेएकेएलआई) रेजिमेंट और कोर ऑफ इंजीनियर्स की टुकड़ियां शामिल होंगी। इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य विषय संविधान लागू होने की 75वीं वर्षगांठ है तथा झांकी का विषय ‘स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास' है। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सोलह झांकियां और केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और संगठनों की 15 झांकियां परेड का हिस्सा होंगी। रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि इसके अलावा डीआरडीओ की एक झांकी भी होगी, जिसका विषय ‘रक्षा कवच - बहु-क्षेत्रीय खतरों के खिलाफ बहु-स्तरीय संरक्षण' होगा। मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा, डीआरडीओ की 2024 की प्रमुख उपलब्धियों को भी झांकी के पोस्टरों में प्रदर्शित किया जाएगा। परेड से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय समर स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। दिल्ली क्षेत्र के सीओएस ने संवाददाताओं को बताया कि परेड सुबह 10:30 बजे शुरू होगी और 90 मिनट तक जारी रहेगी, जो भारत की विरासत और विकास की यात्रा को दर्शाएगी। उन्होंने बताया कि सी-130जे सुपर हरक्यूलिस, सी-295, सी-17 ग्लोबमास्टर, पी-8आई, मिग-29, एसयू-30 सहित अन्य विमान भी समारोह में भाग लेंगे।
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मथुरा (उप्र). नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी ने कहा है कि भारत में सात करोड़ दृष्टिहीन लोगों में से 80 प्रतिशत को अगर समय पर बेहतर इलाज मिल जाता तो उन्हें अपनी आंखों की रोशनी न गंवानी पड़ती। सत्यार्थी ने मथुरा-गोवर्धन मार्ग पर स्थित 'कल्याणं करोति नेत्र संस्थान' के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ''भारत में सात करोड़ दृष्टिहीन लोगों में से 80 प्रतिशत को अपनी दृष्टि न गंवानी पड़ती, अगर उन्हें समय पर उचित उपचार मिल जाता। वे बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने पर दुनिया देखने में सक्षम हो सकते थे।'' उन्होंने कहा कि भारत में नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में उन्नत एवं आधुनिक सेवाओं की बहुत जरूरत है। उनके मुताबिक, हालांकि एक अच्छी बात है कि अनेक सामाजिक संगठन सरकार से भी आगे बढ़कर इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। सत्यार्थी ने कहा, “उनमें भारतीय लोगों की भी तादाद अच्छी-खासी है। वे कई गरीब देशों में चिकित्सा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। असल में, यह चीज हमारे संस्कार में हैं।” उन्होंने कहा, “भलाई के कार्य करते समय हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि हमारे अंदर अहंकार एवं किसी भी प्रकार की अपेक्षा का भाव नहीं आना चाहिए। यही भारतीय दर्शन का संदेश है।” वर्ष 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजे गये सत्यार्थी ने कहा, ''संयुक्त राष्ट्र की सतत विकास लक्ष्य संबंधी एक बैठक में शामिल होने के मौके पर मैंने जाना कि उनका ध्येय वाक्य भी यही है 'नो वन लेफ्ट आउट, नो वन लेफ्ट बिहाइंड। यानि 'सभी को साथ लेकर चलो, कोई भी अलग न हो, कोई भी पीछे न छूटे।'' उन्होंने यजुर्वेद के एक श्लोक का उदाहरण देते हुए कहा, ''यही बात हमारे ऋषियों ने हजारों वर्ष पहले कह दी थी जिस पर आज दुनिया चलने का प्रयास कर रही है।”
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चंडीगढ़. पंजाब पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा में तैनात अपने जवानों को वापस बुला लिया है। राज्य के पुलिस प्रमुख ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस महानिदेश (डीजीपी )गौरव यादव ने पटियाला में बताया, समय-समय पर हमें मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल को धमकियों की रिपोर्ट मिलती है और हम उन्हें संबंधित एजेंसियों के साथ साझा करते हैं।'' उन्होंने संवाददाताओं को बताया, ‘‘दिल्ली पुलिस और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए आज हमने केजरीवाल जी की सुरक्षा से पंजाब पुलिस के जवानों को हटा लिया है।'' यादव ने कहा, ‘‘हमने उन्हें अपनी चिंताएं बता दी हैं। हम उनके संपर्क में बने रहेंगे। हम अपनी सूचनाएं दिल्ली पुलिस के साथ साझा करेंगे।'' यह घटनाक्रम पांच फरवरी को 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा के लिए होने वाले चुनाव से पहले हुआ है। चुनाव परिणाम आठ फरवरी को घोषित किए जाएंगे।
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नयी दिल्ली. आर्ट गैलरी डीएजी ने मशहूर चित्रकार एमएफ हुसैन की दो पेंटिंग जब्त करने के अदालती आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उसने “कोई भी गलत काम नहीं किया है।” इसके साथ ही डीएजी ने कहा कि पुलिस ने अपनी जांच में “आर्ट गैलरी द्वारा किसी संज्ञेय अपराध को अंजाम देने की बात नहीं कही है।” दिल्ली की एक अदालत ने डीएजी में प्रदर्शित हुसैन की दो पेंटिंग में हिंदू देवताओं के ‘आपत्तिजनक' चित्रण का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान उन्हें जब्त करने का आदेश दिया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी साहिल मोंगा ने गत सोमवार को भगवान गणेश और भगवान हनुमान को कथित तौर पर आपत्तिजनक रूप में चित्रित करने वाली पेंटिंग को जब्त करने का आदेश देते हुए डीएजी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के अनुरोध पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिकाकर्ता एवं अधिवक्ता अमित सचदेव का आरोप है कि हुसैन की दोनों पेंटिंग में सनातन धर्म के दो देवताओं का अपमान किया गया है और इनके प्रदर्शन से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। डीएजी ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक बयान जारी किया है और कहा है कि उसने “उचित प्रक्रिया का पालन किया है और पुलिस को सभी आवश्यक जानकारी मुहैया कराई है।” बयान के मुताबिक, “शिकायतकर्ता ने घटना का जो विवरण दिया है, उसकी जांच के दौरान डीएजी ने पुलिस के अनुरोध पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गैलरी में लगाई गई प्रदर्शनी के सीसीटीवी फुटेज और विचाराधीन पेंटिंग तुरंत उपलब्ध कराए।” इसमें कहा गया, “40 दिन से अधिक की विस्तृत जांच और डीएजी से हासिल सबूतों (पेंटिंग सहित) के गहन विश्लेषण के बाद पुलिस ने 20 जनवरी 2025 को न्यायिक मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट सौंपी कि डीएजी ने कोई संज्ञेय अपराध नहीं किया है।” सचदेव ने अपनी याचिका में दलील दी है, “यह अश्लीलता है। पूजनीय देवताओं का अश्लील चित्रण जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण रूप से उनका अपमान करने के समान है। हुसैन दुनिया के सबसे महान कलाकार हो सकते हैं, लेकिन उन्हें मेरे देवताओं का अपमान करने का कोई अधिकार नहीं है।
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महाकुंभ नगर . महाकुंभ नगर में हाल ही में लगी भीषण आग की घटना के बाद अग्निशमन विभाग ने एक अभियान चलाकर बृहस्पतिवार को करीब 300 अवैध सिलेंडर जब्त किए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (कुंभ) प्रमोद शर्मा ने बताया कि मेला क्षेत्र में अवैध सिलेंडरों के उपयोग के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए बृहस्पतिवार को करीब 300 अवैध एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं से विनम्र अनुरोध किया गया है कि वे अधिकृत सिलेंडर का ही उपयोग करें जो मेला क्षेत्र में हर जगह उपलब्ध कराया जा रहा है क्योंकि आगजनी की ज्यादातर घटनाएं अनधिकृत सिलेंडरों की वजह से होती हैं। शर्मा ने कहा कि साथ ही श्रद्धालुओं से यह भी निवेदन है कि यदि कहीं अवैध सिलेंडर की बिक्री होती है या उन्हें कोई अवैध सिलेंडर देता है तो वे इसकी सूचना 1920 नंबर पर उपलब्ध कराएं। गत 19 जनवरी को मेला क्षेत्र के सेक्टर 19 में गीता प्रेस द्वारा कल्पवासियों के लिए लगाए शिविर में एक रसोई में आग लगने के बाद करीब 18 शिविर आग की चपेट में आकर पूरी तरह खाक हो गए थे। हालांकि उस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई थी।
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को अहमदाबाद में हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान द्वारा आयोजित मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि वो 27 जनवरी को पवित्र गंगा में डुबकी लगाने प्रयागराज जाएंगे।
प्रयागराज में 144 साल बाद महाकुंभ लगा हैकार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज हिंदू आध्यात्मिक सेवा मेले का उद्घाटन हुआ है। वहीं प्रयागराज में 144 साल बाद महाकुंभ लगा है। दुनिया इस पर हैरान है। अनेक देशों के लोगों ने मुझसे कहा कि हमें आमंत्रण पत्र चाहिए। मैंने उन्हें समझाया कि कुंभ एक मेला है, जिसमें किसी निमंत्रण की जरूरत नहीं है। वे हैरान हैं कि 40 करोड़ लोग बिना निमंत्रण के एक जगह आते हैं। वे मुझसे पूछते हैं कि इसे कौन प्रबंधित करता है। मैंने उनसे कहा कि सरकार द्वारा किया गया प्रबंधन राम सेतु बनाने में गिलहरी के योगदान जितना महत्वपूर्ण है।गुजरात की जनता से अपील है कि वे इस पुण्य का भागी बनेंमुगल और कांग्रेस के राज के दौर में भी महाकुंभ का आयोजन होता था और आज भी महाकुंभ का आयोजन बेहद सुंदर तरीके से हुआ है। गुजरात की जनता से अपील है कि वे इस पुण्य का भागी बनें। हर किसी को मौका नहीं मिलता। इस बार महाकुंभ 144 साल में लगा है, वहां हर किसी को जाना चाहिए। मैं अपने जीवन में 9 कुंभ में जा चुका हूं। अर्धकुंभ देखे हैं लेकिन महाकुंभ में 27 जनवरी को जाने वाला हूं।550 साल से रामलला टेंट से बाहर आए और अयोध्या में उनका भव्य मंदिर बनाउन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में बीते दस सालों में हमारी सरकार ने तमाम बड़े काम किए हैं। पहले हिंदू बोलना मुश्किल था लेकिन आज हर कोई गर्व से बोलता है। 550 साल से रामलला टेंट से बाहर आए और अयोध्या में उनका भव्य मंदिर बना। धारा 370 को समाप्त करने का काम हमारी सरकार ने किया है।सात दशक तक जो काम नहीं हो पाए, आज हमारी सरकार प्राथमिकता के आधार पर उन कामों को पूरा कर रही है। भारत के धर्म स्थलों और भारत की दैवीय मूर्तियां जो चोरी हुई थीं, केंद्र सरकार ने उन्हें दुनियाभर से वापस लाने का काम किया।अमित शाह ने कहा कि इस मेले में अहिल्याबाई होलकर का स्टॉल लगा है, वे अपने जमाने में चमकते सितारे की तरह थीं। सोमनाथ मंदिर हो या काशी विश्वनाथ मंदिर, अनेक धार्मिक स्थानों पर धर्म की रक्षा का काम उन्होंने किया। उन्हें यहां स्थान मिला है, इससे गुजरात के युवाओं को उनके जीवन के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। -
प्रयागराज। आस्था की नगरी प्रयागराज में इस समय महाकुंभ मेले की धूम है। प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंच रहे हैं। परेशानी न हो, इसे लेकर कई व्यवस्थाएं की गई हैं, जिनमें से एक वाटर एटीएम भी है। कई श्रद्धालुओं ने बातचीत में इसे अच्छी कोशिश करार दिया।
शुद्ध पेयजल के लिए जगह-जगह लगाए गए हैं वाटर एटीएमसंगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल की सुविधा देने के लिए जगह-जगह पर वाटर एटीएम लगाए गए हैं। इन वाटर एटीएम की मदद से श्रद्धालु न सिर्फ अपनी प्यास बुझा रहे हैं, बल्कि महंगी बोतल खरीदने से भी बच रहे हैं। सड़कों के किनारे लगाए गए ये वाटर एटीएम लोगों के लिए एक बड़ी राहत दे रहे हैं, इससे उनकी जेब पर भी कोई भारी असर नहीं पड़ रहा है।महाकुंभ में सरकार की तरफ से की गई व्यवस्था सराहनीयइस पहल से जहां एक ओर श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाएं महाकुंभ के आयोजन को और भी सुगम और व्यवस्थित बना रही हैं। मिर्जापुर से आए श्रद्धालु अजय यादव ने कहा कि सरकार की तरफ से यह अच्छी व्यवस्था की गई है। यहां से सभी लोगों को आसानी से और उचित कीमत पर पेयजल उपलब्ध हो रहा है। किसी भी श्रद्धालु को पेयजल की दिक्कत नहीं हो रही है। सभी श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधाजनक है। आदमी कहीं भी आएगा, जाएगा, तो उसे प्यास लगेगी ही। ऐसे में जिस तरह की व्यवस्था महाकुंभ में सरकार की तरफ से की गई है, वह सराहनीय है। इसके अलावा, नहाने के लिए भी प्रशासन की तरफ से सुविधा की गई है। पहले जब इस तरह की व्यवस्था नहीं होती थी, तो श्रद्धालुओं को बहुत तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब लोग आसानी से यहां पर आकर पानी पी रहे हैं।महाकुंभ में प्रशासन की तैयारियों से श्रद्धालु खुशएक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि यह बहुत ही अच्छी व्यवस्था है। इससे किसी भी श्रद्धालु को पेयजल के लिए दिक्कत नहीं होगी। इस पेयजल की कीमत भी ज्यादा नहीं है। सिर्फ 10 और 15 रुपये में यह पेयजल आसानी से मिल जाएगा। सर्वेश कुमार यादव ने महाकुंभ में पेयजल की व्यवस्था को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि इस बार कुंभ में सबसे अच्छी व्यवस्था की गई है। जगह-जगह पर लोगों को शुद्ध जल मिल रहा है। पेयजल को लेकर किसी भी श्रद्धालु को दिक्कत नहीं हो रही है। यहां पर आपको हर 10 कदम में पानी मिल जाएगा। पहले लोगों को पैसे देकर पानी लेना पड़ता था, लेकिन अब मुफ्त में पानी मिल रहा है।पंजाब के बठिंडा से आने वाली श्रद्धालु विमला ने महाकुंभ में प्रशासन की तैयारियों पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यहां पर सभी तैयारियां बहुत अच्छी तरह से की गई है। इसके साथ ही उन्होंने अपील की कि जो लोग भी घर में बैठे हुए हैं, वे यहां पर आएं और स्नान करके जाएं। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुरुवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर कहा कि देशवासियों को विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हमें नेताजी सुभाष की प्रेरणा से ‘एक लक्ष्य-एक ध्येय’ विकसित भारत के लिए निरंतर काम करते रहना है।’
देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस से प्रेरणा लेकर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए प्रतिबद्धपीएम मोदी ने दोहराया है कि देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस से प्रेरणा लेकर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए प्रतिबद्ध है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान का स्मरण करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि लोगों को आराम के दायरे से बाहर निकलकर नेताजी की उसी दक्षता पर ध्यान देते हुए उत्कृष्टता को अपनाना चाहिए जैसा बोस ने देश की स्वाधीनता के लिए चुनौतियों से निपटने के लिए किया था। देश की एकता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहना चाहिए।पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रेरणा से कई कार्य किएप्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रेरणा से कई कार्य किए हैं। इनके बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि नेताजी की स्मृति में लाल किले में संग्रहालय बनवाया गया। इंडिया गेट के निकट नेताजी की प्रतिमा लगाई गई और अंडमान निकोबार के द्वीप का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस आइलैंड रखा गया।विश्व में भारत की बढ़ती हैसियत पर प्रधानमंत्री ने कही ये बातविश्व में भारत की बढ़ती हैसियत पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय देश की प्रगति के लिए वातावरण अनुकूल है और विश्व भारत की तरफ देख रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्ष में 25 करोड़ भारतीयों को गरीबी से निकाला गया है। देशभर में आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सेना को भी अत्यधिक मजबूत बनाया जा रहा है। -
नई दिल्ली। नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 26 जनवरी को 76वीं गणतंत्र दिवस परेड के दौरान देश की विविधता और सांस्कृतिक समावेशिता को दर्शाने वाली विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों की कुल 26 झांकियां तैयार की गई हैं।
16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ 10 मंत्रालयों और विभागों की होंगी झांकियांइस परेड में 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ 10 मंत्रालयों और विभागों की अनूठी थीम वाली झांकियां शामिल होंगी। वहीं इस बार झांकियों का थीम- ‘स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास’ रखी गई है।ये झांकियां भारत की विविध क्षमताओं का करेंगी प्रदर्शनरक्षा मंत्रालय ने बताया कि ये झांकियां भारत की विविध क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगी। इस वर्ष, परेड का खास आकर्षण यह है कि तीनों सेनाओं की सशक्त और सुरक्षित भारत थीम वाली एक झांकी इस परेड में भाग लेगी।तीनों सेनाओं की संयुक्त झांकी में दिखेगा जल-थल-आकाश का तालमेलगौरतलब हो, इस वर्ष पहली बार सेना के तीनों अंगों, थल सेना, नौसेना और वायु सेना की एक संयुक्त झांकी प्रस्तुत की जा रही है। तीनों सेनाओं की यह संयुक्त झांकी जल-थल-आकाश में सशस्त्र बलों के बेहतर समन्वय, संयुक्तता और एकीकरण का प्रतीक है। यह झांकी एक युद्धक्षेत्र परिदृश्य को प्रदर्शित करेगी।युद्धक्षेत्र में थल सेना का स्वदेशी मुख्य युद्धक अर्जुन टैंक, वायुसेना का तेजस एमकेआईआई लड़ाकू विमान, उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर, नौसेना का विध्वंसक आईएनएस विशाखापत्तनम और दूर से संचालित विमान एक साथ जमीन, पानी और हवा में एक सिंक्रोनाइज ऑपरेशन का प्रदर्शन करते हुए दिखाई देंगे। यह संयुक्त झांकी युद्ध क्षेत्र में भारतीय सेनाओं के तालमेल को दर्शाती है।झांकी में 150 वर्षों का समृद्ध इतिहास और विरासत दिखाई देगाइसके अतिरिक्त परेड में, मौसम विभाग भी पहली बार अपनी झांकी निकालेगा। इस संबंध में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन ने कहा है कि मौसम विभाग के लिए यह गर्व की बात है कि झांकी में विभाग का पिछले 150 वर्षों का समृद्ध इतिहास और विरासत दिखाई देगा।वहीं अन्य झांकियों के अलावा, संस्कृति मंत्रालय की झांकी भारत की सांस्कृतिक विविधता और रचनात्मकता का जश्न मनाती है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विरासत भी, विकास भी’ के मंत्र से प्रेरित है। - प्रयागराज । महाकुंभ 2025 की प्रयागराज में शुरुआत 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ हो गई है। मकर संक्रांति के दिन महाकुंभ के पहले अमृत स्नान पर्व पर उम्मीद से अधिक लगभग 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया था। अब तक 9 करोड़ से अधिक श्रद्धालु महाकुंभ में स्नान कर चुके हैं। इसी क्रम में महाकुंभ के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या के लिए तैयारियां पूरे जोर पर हैं। प्रयागराज रेल मंडल ने भी मौनी अमावस्या के दिन करोड़ों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 150 से अधिक मेला स्पेशल ट्रेन चलाने की योजना तैयार कर ली है जो अपने आप में भारतीय रेलवे के लिए एक कीर्तिमान होगा।सभी 9 स्टेशनों से स्पेशल ट्रेनों का होगा संचालनदिव्य-भव्य महाकुम्भ 2025 में प्रयागराज आकर संगम स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के सभी रिकार्ड ध्वस्त हो रहे हैं। मकर संक्रांति के पहले अमृत स्नान के दिन लगभग 3.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम स्नान किया, जिनके लिए प्रयागराज रेल मण्डल ने 101 मेला स्पेशल ट्रेनें चलानी गई थी। जो अपने आप में एक रिकार्ड था। इसी अनुरूप रेल प्रशासन महाकुम्भ के सबसे बड़े अमृत स्नान पर्व मौनी अमावस्य़ा के लिए भी तैयारियां कर रहा है। मेला प्राधिकरण का अनुमान है कि मौनी अमावस्या के दिन 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम स्नान करेंगे। जिनमें से दस से बीस फीसदी श्रद्धालुओं के ट्रेन से आने का अनुमान है। जिनके लिए प्रयागराज रेल मण्डल ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। ट्रेनों के आवागमन के साथ यात्रियों के ठहरने और सही ट्रेनों तक पहुंचने के लिए कलर कोडिंग के आधार पर टिकट और अतिरिक्त आश्रय स्थलों का प्रबंध कर लिया गया है।मौनी अमावस्या के पर्व हर 4 मिनट में एक ट्रेनमौनी अमावस्या के स्नान पर्व के लिए रेलवे की तैयारियों के बारे में बताते हुए प्रयागराज रेलवे के सीनियर पीआरओ अमित मालवीय ने कहा कि मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज रेलवे 150 से अधिक मेला स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। सबसे अधिक ट्रेने प्रयागराज जंक्शन से चलेंगी, इसके अलावा मण्डल के अन्य स्टेशनों से दिशावार स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसके अलावा नियमित ट्रेनों का संचालन भी समयानुसार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसी स्टेशन से एक दिन में 150 से अधिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन करना अपने आप में एक कीर्तिमान होगा। कुम्भ 2019 में मौनी अमावस्या के पर्व पर लगभग 85 मेला स्पेशल ट्रेनों का ही संचालन हुआ था। उन्होंने बताया कि प्रयागराज रेलवे से चलने वाली नियमित ट्रेनों और स्पेशल ट्रेनों की संख्या के अनुमान से मौनी अमावस्या के दिन लगभग हर 4 मिनट पर एक ट्रेन का होगा संचालन।
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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दावोस में टल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2025 में दुनिया के सामने भारत के विकास का नया विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने ग्लोबल इंडस्ट्री लीडर्स के साथ मुलाकात कर भारतीय रेलवे के सुधार, इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और मेड-इन-इंडिया उत्पादों पर चर्चा की।
मंत्री वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य भारत को वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी राष्ट्र बनाना है। उन्होंने बताया कि दुनियाभर में मेड-इन-इंडिया उत्पादों को लेकर उत्साह है और भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि दावोस में WEF 2025 में भागीदारी, भारत के आर्थिक और सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए वैश्विक अनुभव और तकनीक अपनाने का उदाहरण है। दावोस यात्रा से पहले वैष्णव ने स्विस फेडरल रेलवे (SBB) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस बैठक में रेलवे सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने वाली तकनीकों पर चर्चा हुई। इसके अलावा, उन्होंने स्विट्ज़रलैंड में स्टैडलर रेल के कोच निर्माण संयंत्र का दौरा किया।वर्ल्ड इकोनाॅमिक फोरम 2025 में भारत के छह राज्य – आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश ने भी भाग लिया। इन राज्यों ने अपनी विकास योजनाएं और निवेश के अवसर प्रस्तुत किए। अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि स्विस विशेषज्ञों के साथ हुई चर्चा से भारतीय रेलवे में सुरक्षा और दक्षता को बढ़ावा मिलेगा। -
जलगांव । महाराष्ट्र के जलगांव जिले में में परधाड़े स्टेशन के पास बुधवार शाम को हुए रेल हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। इस घटना में 20 लोगों का इलाज जलगांव सिविल अस्पताल में हो रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना में प्रत्येक मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक मदद और घायलों के मुफ्त इलाज देने की घोषणा की है। घटनास्थल पर रेलवे प्रशासन, जिला प्रशासन और ग्रामीण मिलकर राहत और बचाव काम कर रहे हैं।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस समय दावोस दौरे पर हैं। वहां से उन्होंने मीडिया को बताया कि जलगांव में हुआ रेल हादसा बहुत ही दुखदायक है। मैंने जिलाधिकारी से बात की है और मौके पर मंत्री गिरीश महाजन पहुंचे हैं। मौके पर रेलवे, जिला प्रशासन आपस में समन्वय रखकर राहत और बचाव कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से दिए जाएंगे और घायलों का सरकारी खर्च पर इलाज किया जाएगा।
जिले के अधिकारी भूषण अहिरे ने बताया कि बुधवार को करीब सवा पांच बजे लखनऊ से मुंबई आ रही पुष्पक एक्सप्रेस में आग की अफवाह से 40 यात्री ट्रेन से कूद गए। उसी समय पुष्पक एक्सप्रेस से कूदे यात्री मुंबई से दिल्ली जा रही कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। इस घटना में अब तक 16 यात्रियों के शव बरामद किए गए हैं जबकि 20 घायल लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना से इस रूट पर सेवा प्रभावित हो गई थी लेकिन अब रेलवे सेवा पूर्ववत हो गई है। पुष्पक एक्सप्रेस को भी मुंबई की ओर रवाना कर दिया गया है। -
लखीसराय. बिहार के लखीसराय जिले में हावड़ा-गया एक्सप्रेस में सवार 49 वर्षीय एक व्यक्ति की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। मृतक की पहचान लखीसराय के महसोना गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार (49) के रूप में हुई है।
जमालपुर रेल पुलिस अधीक्षक रमन चौधरी ने कहा, "मंगलवार शाम को किऊल जंक्शन पर उक्त ट्रेन रुकने वाली थी, तभी कुछ बदमाशों ने एक यात्री की गोली मारकर हत्या कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश ट्रेन से कूद गए।" उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।चौधरी ने कहा, "धर्मेंद्र कुमार द्वारा ले जाए जा रहे बैग के भीतर से संपत्ति से संबंधित कुछ दस्तावेज बरामद किए गए हैं। हालांकि, इस मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि घटना के पीछे संपत्ति से संबंधित विवाद हो सकता है।" -
महाकुंभ नगर. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। उन्होंने पत्नी एवं पुत्री के साथ संगम की पवित्र जलधारा में डुबकी लगाई। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) बालाजी ने बताया कि मंत्री ने संगम घाट पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति का हाथ पकड़ कर स्नान करने में उनका सहयोग किया। उन्होंने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति ने स्नान के बाद मंत्रोच्चारण के बीच सपरिवार मां गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती की पूजा-अर्चना की। स्नान और पूजा अर्चना के बाद पूर्व राष्ट्रपति मेला क्षेत्र के सेक्टर-24 में नंदी सेवा संस्थान के शिविर में पहुंचे जहां उन्होंने शिविर का उद्घाटन किया। पीआरओ ने बताया कि मंत्री नंदी ने प्रख्यात कवि डॉक्टर कुमार विश्वास का भी संगम क्षेत्र के वीआईपी घाट पर स्वागत एवं अभिनंदन किया। मां गंगा की महिमा का गुणगान करते हुए विश्वास ने मंत्री नंदी के साथ पवित्र जलधारा में डुबकी लगाई।
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अगरतला. पश्चिमी त्रिपुरा जिले में 12 करोड़ रुपये की कीमत की याबा गोलियों के साथ दो मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। मंगलवार को एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। जिले के सालबगान इलाके में असम राइफल्स के जवानों ने दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।
विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘सोमवार को अभियान के परिणामस्वरूप 60,000 याबा गोलियां बरामद हुईं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये है।'' बरामद प्रतिबंधित पदार्थ और पकड़े गए व्यक्तियों को आगे की जांच और कानूनी कार्यवाही के लिए राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) को सौंप दिया गया है। याबा गोली (टेबलेट) को मादक पदार्थ के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें मेथाम्फेटामाइन और कैफीन होता है। -
प्रयागराज. अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी के छोटे बेटे जीत का विवाह अगले महीने एक सादे और पारंपरिक समारोह में किया जाएगा। महाकुंभ में गंगा स्नान करने अपने परिवार के साथ मंगलवार को आए अदाणी ने अपने बेटे जीत की शादी सूरत के हीरा व्यापारी जैमिन शाह की बेटी दिवा शाह से किए जाने पर संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा, “यह एक बहुत सामान्य विवाह होगा जैसे आम लोग करते हैं।” इस विवाह से पहले यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि यह विवाह उद्योगपति मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत के विवाह के बाद दूसरा सबसे सुर्खियों वाला विवाह होगा। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि इस विवाह के मेहमानों की सूची में एलन मस्क से लेकर बिल गेट्स जैसे लोग शामिल हो सकते हैं। अदाणी के बेटे जीत (28) की दिवा से सगाई मार्च, 2023 में अहमदाबाद में एक निजी समारोह में हुई थी। सोशल मीडिया पर यह अटकलें भी लगाई जा रही थीं कि भारत और इंग्लैंड के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच इस शादी की वजह से मोटेरा स्टेडियम से अन्यत्र ले जाया गया। प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में परिवार के साथ गंगा आरती के बाद अदाणी ने कहा, “मेरा लालन पालन आम लोगों की तरह हुआ है। मां गंगा के आशीर्वाद से जीत भी यहां है। यह विवाह एक सामान्य और पारंपरिक ढंग से होगा। उनके साथ उनकी पत्नी प्रीति अदाणी, बेटे करन और जीत, बहू परिधि और पोती कावेरी भी साथ थी।” महाकुंभ में अदाणी परिवार ने इस्कॉन में महाप्रसाद सेवा में प्रतिभाग करने के बाद हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना की। इस महाप्रसाद सेवा में अदाणी समूह प्रतिदिन एक लाख से अधिक लोगों को निःशुल्क भोजन वितरण कर रहा है। साथ ही यह समूह गोरखपुर के गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित आरती पुस्तिका की एक करोड़ प्रतियां भी वितरित कर रहा है। महाकुंभ के अनुभव के बारे में उन्होंने कहा, “यहां की भव्यता और व्यवस्था के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देशवासियों की तरफ से धन्यवाद देता हूं।” उन्होंने कहा, “इस मेले में करोड़ों लोग आते हैं और यहां सफाई और अन्य व्यवस्थाएं मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट और कॉरपोरेट हाउस के लिए शोध का विषय हैं। यहां आकर बहुत अद्भुत अनुभव हुआ।” अदाणी समूह के एक अधिकारी ने बताया कि गौतम अदाणी ने अपनी पत्नी और अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन प्रीति अदाणी के साथ गंगा में स्नान किया और पूजा अर्चना भी की। उन्होंने गंगा तट पर स्थित शंकर विमानमंडपम मंदिर में माथा भी टेका।
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नयी दिल्ली. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ‘स्क्रैमजेट कम्बस्टर' का सफलतापूर्वक जमीनी परीक्षण किया है, जिससे हाइपरसोनिक मिसाइलों में अभियानगत उपयोग के लिए इसकी क्षमता का पता चलता है। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि डीआरडीओ की हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) ने लंबी अवधि की सुपरसोनिक दहन रैमजेट या स्क्रैमजेट संचालित हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी विकसित करने की पहल की है। इसने कहा कि डीआरडीएल ने हाल ही में इन प्रौद्योगिकियों को विकसित किया है और भारत में पहली बार 120 सेकंड के लिए अत्याधुनिक सक्रिय ‘कूल्ड स्क्रैमजेट कम्बस्टर' जमीनी परीक्षण का प्रदर्शन किया है। मंत्रालय ने कहा कि सफल जमीनी परीक्षण ‘‘अगली पीढ़ी की हाइपरसोनिक मिसाइल विकसित करने में महत्वपूर्ण मील का पत्थर'' है। हाइपरसोनिक मिसाइल उन्नत अस्त्रों की श्रेणी में आती हैं जो ध्वनि की गति से पांच गुना या 5,400 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से चलती हैं। इन उन्नत अस्त्रों में मौजूदा वायु रक्षा प्रणालियों से बचने और तेजी से तथा उच्च प्रभाव वाले हमले करने की क्षमता होती है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्क्रैमजेट इंजन के सफल जमीनी के लिए डीआरडीओ और उद्योग जगत को बधाई दी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह उपलब्धि अगली पीढ़ी के हाइपरसोनिक अभियानों के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।" रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत ने भी डीआरडीएल टीम और संबंधित उद्योग को बधाई दी। -
प्रयागराज। महाकुंभ प्रयागराज में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज बुधवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और अन्य कैबिनेट मंत्रियों के साथ संगम में स्नान किया। मुख्यमंत्री ने इस पल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए आस्था और भारतीय संस्कृति की महिमा का उल्लेख किया।
सीएम योगी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “महाकुंभ 2025 के महासमागम में त्रिवेणी संगम में स्नान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मां गंगा, यमुना और सरस्वती सभी का कल्याण करें।” स्नान के बाद मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों ने संगम पर पूजा-अर्चना की और प्रवासी पक्षियों को दाना खिलाया।महाकुंभ में कैबिनेट बैठक के बाद सीएम योगी ने लिए कई बड़े फैसलेइससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ में कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की और राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी। बैठक के बाद सीएम योगी ने घोषणा की कि हाथरस, कासगंज और बागपत में तीन नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही, प्रदेश में 62 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और 5 नवाचार, आविष्कार और प्रशिक्षण केंद्र भी खोले जाएंगे।बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि उत्तर प्रदेश की एयरोस्पेस और डिफेंस और रोजगार नीति को फिर से नया रूप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस और डिफेंस और रोजगार नीति के 5 साल पूरे हो चुके हैं। इसे नवीनीकृत किया जाएगा। साथ ही, निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई प्रोत्साहन योजनाएं भी शुरू की जाएंगी।”सीएम योगी ने यह भी घोषणा की कि प्रयागराज, वाराणसी और आगरा नगर निगमों के लिए बॉन्ड जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “अब तक लखनऊ और गाजियाबाद के नगर निगमों के लिए बॉन्ड जारी किए गए हैं और इसके बहुत अच्छे नतीजे सामने आए हैं। यह नगर निगमों की ब्रांडिंग और विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और नई दृष्टि प्रदान करता है।”मुख्यमंत्री ने प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र को लखनऊ विकास क्षेत्र की तर्ज पर विकसित करने की भी योजना बनाई। इसके अलावा, सीएम योगी ने गंगा एक्सप्रेसवे के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज से मिर्जापुर, भदोही, काशी, चंदौली होते हुए गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे सोनभद्र को नेशनल हाईवे से जोड़ेगा। इन घोषणाओं से राज्य में निवेश, बुनियादी ढांचे और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की उम्मीद है। महाकुंभ 2025 भारतीय संस्कृति, एकता और समरसता का महापर्व है और मुख्यमंत्री के इस कदम ने आयोजन को और भी खास बना दिया। -
नई दिल्ली। कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के यालापुरा हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कार्यालय ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में एक सड़क दुर्घटना में लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु से दुखी हूं। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।”प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में हुए हादसे में लोगों की मौत से बेहद दुखी हूं। मेरी उन लोगों के प्रति संवेदना है, जिन्होंने अपने परिवार वालों को खोया है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपए दिए जाएंगे। वहीं, घायलों को 50 हजार रुपए की मदद दी जाएगी।”पीएम मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस हादसे पर दुख जताया। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ”उत्तर कन्नड़ के यालापुरा में हुए सड़क दुर्घटना से बहुत दुखी हूं, जिसमें बहुमूल्य जिंदगियां खत्म हो गईं। उन परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करता हूं।”उत्तर कन्नड़ जिले में फलों और सब्जियों से भरा एक ट्रक पलट गया। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हो गए।उत्तर कन्नड़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) एम. नारायण ने बताया कि सब्जी बेचने जा रहे लोगों का ट्रक सावनूर से कुमता बाजार जा रहा था। सुबह करीब 5.30 बजे, ट्रक चालक दूसरे वाहन को साइड देने के प्रयास में बाईं तरफ चला गया और करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।






















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