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मुंबई. भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के मामले में एकजुट हैं। उन्होंने अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए दोनों देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और सहयोग बढ़ाने पर संतोष व्यक्त किया। गार्सेटी ने कहा कि अमेरिकी स्वप्न और भारतीय स्वप्न एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, दोनों देशों के बीच संबंध "बहुआयामी" हैं और दोनों की साझेदारी की कोई सीमा नहीं है। यहां 'पीस एंड द रोल ऑफ द यूएस- इंडिया डिफेंस एंड सिक्योरिटी पार्टनरशिप' विषय पर एक सभा को संबोधित करते हुए गार्सेटी ने कहा कि आतंकवाद के कारण कई निर्दोष लोगों ने जान गंवाई है। उन्होंने कहा, "दोनों देशों को लश्कर, जैश, आईएसआईएस जैसे आतंकवादी संगठनों से खतरा है। इन आतंकवादी संगठनों की कोई सीमा नहीं है। हमें मिलकर इस खतरे का सामना करना चाहिए। हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई से कहीं आगे एक दूसरे का सहयोग करते हैं, लेकिन हमें यह भी देखना चाहिए कि हम समुदायों को कट्टरपंथ से मुक्त कैसे बना सकते हैं।” उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुट हैं और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए दोनों देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और सहयोग बढ़ाने की जरूरत है। अमेरिकी राजदूत ने कहा, "हमारा संबंध योगात्मक नहीं बल्कि गुणात्मक है। हम ऐसे देश नहीं हैं जो केवल यह सोचते हैं कि हमारे लोगों के लिए क्या सबसे अच्छा है, बल्कि हम दुनिया के बारे में भी सोचते हैं और हम सैन्य, स्वास्थ्य, जलवायु और महिला सशक्तिकरण के मामले में जो कुछ भी करते हैं, उसके प्रभाव के संबंध में भी सोचते हैं।” उन्होंने कहा, "अमेरिका भारत का नंबर एक सैन्य अभ्यास साझेदार है और हमने अलास्का के पहाड़ों से लेकर हिंद महासागर तक में संयुक्त सैन्य अभ्यास किए हैं।" गार्सेटी ने कहा कि अमेरिकी सपना और भारतीय सपना एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
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पणजी. अर्थशास्त्री और 16वें वित्त आयोग के चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया ने बृहस्पतिवार को कहा कि लोगों को यह तय करना है कि उन्हें मुफ्त की चीजें चाहिए या फिर वे बेहतर सड़कें, अच्छी जल निकासी व्यवस्था और बेहतर जलापूर्ति की सुविधा चाहते हैं। उन्होंने यहां आयोग के प्रतिनिधिमंडल और गोवा के शीर्ष मंत्रियों और अधिकारियों के बीच एक बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही। राज्यों के बुनियादी ढांचे के लिए आवंटित धन का कथित तौर पर मुफ्त चीजें बांटने के लिए उपयोग किए जाने के बारे में पूछे गये एक सवाल पर, पनगढ़िया ने कहा कि यदि पैसा परियोजनाओं के लिए दिया गया है, तो इसका उपयोग उन कार्यों के लिए ही किया जाना चाहिए। हालांकि, लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार ही अंतिम निर्णय करती है। उन्होंने कहा, ‘‘निर्णय वित्त आयोग नहीं करता है। वित्त आयोग वृहद आर्थिक स्थिरता के हित में इस मुद्दे को उठा सकता है। आयोग सामान्य स्तर पर कुछ कह सकता है लेकिन यह नियंत्रित नहीं कर सकता कि राज्य राशि कैसे खर्च करें।'' पनगढ़िया ने कहा कि जिम्मेदारी अंततः नागरिकों पर है, क्योंकि वे सरकारें चुनते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर नागरिक मुफ्त सुविधाओं पर आधारित सरकार के लिए वोट करते हैं, तो वे मुफ्त चीजें मांगेंगे। अंततः, नागरिकों को यह तय करना चाहिए कि वे क्या चाहते हैं। क्या वे बेहतर सुविधाएं, बेहतर सड़कें, बेहतर जल निकासी सुविधा, बेहतर पानी चाहते हैं या फिर मुफ्त की चीजें चाहते हैं जिसमें आपके बैंक खातों में राशि का अंतरण भी शामिल है।'' आयोग के सदस्यों के साथ बैठक के दौरान, गोवा के अधिकारियों ने केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तहत तटीय राज्य के हिस्से को चार गुना बढ़ाने की मांग की। बैठक में मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और कई मंत्री शामिल हुए। पनगढ़िया ने कहा कि गोवा सरकार ने आयोग से अपनी हिस्सेदारी 0.38 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.76 प्रतिशत करने का आग्रह किया है। यह व्यावहारिक रूप से गोवा की (वर्तमान) हिस्सेदारी का चार गुना है। वित्त आयोग के चेयरमैन ने कहा कि गोवा ने विभिन्न क्षेत्रों में 13 विशेष परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए 32,706 करोड़ रुपये की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि गोवा ने सुझाव दिया कि राज्यों को केंद्र की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत की जानी चाहिए। पनगढ़िया ने कहा, ‘‘यह एक आम सुझाव है जो राज्यों से आती रहे हैं। गोवा 15वां राज्य है जिसका हम दौरा कर रहे हैं। 15 में से 14 राज्यों ने कहा है कि हिस्सेदारी बढ़ाकर 50 प्रतिशत की जानी चाहिए। एक राज्य ने सुझाव दिया है कि यह 45 प्रतिशत होनी चाहिए।''
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को 10 हजार भारतीय नागरिकों का जीनोम अनुक्रमण डेटा जारी किया और कहा कि यह जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा। जीनोम इंडिया डेटा देश में आनुवंशिक विविधता का प्रतिनिधित्व करता है। भारतीय जैविक डेटा केंद्र (आईबीडीसी) के शोधकर्ताओं को यह ‘प्रबंधित पहुंच' के माध्यम से उपलब्ध होगा। जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित जीनोमिक्स डेटा सम्मेलन में मोदी ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि देश के 20 से ज्यादा शोध संस्थानों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। इस परियोजना का डेटा 10 हजार भारतीयों का ‘जीनोम सिक्वेंस' अब इंडिया बायोलॉजिकल डेटा सेंटर में उपलब्ध है। मुझे विश्वास है कि बायो-टेक्नोलॉजी शोध के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।'' मोदी ने कहा कि आईआईटी, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र (ब्रिक) जैसे 20 से भी ज्यादा प्रसिद्ध अनुसंधान संस्थानों ने इस शोध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत ने शोध की दुनिया में बहुत ही ऐतिहासिक कदम उठाया है। पांच साल पहले जीनोम इंडिया परियोजना को स्वीकृत किया गया था। इस बीच कोविड की चुनौतियों के बावजूद हमारे वैज्ञानिकों ने बहुत मेहनत से इस परियोजना को पूरा किया है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि इस राष्ट्रीय डेटाबेस में देश के असाधारण आनुवंशिक परिदृश्य को समाहित किया गया है और यह एक अमूल्य वैज्ञानिक संसाधन के रूप में काम करने का वादा करता है। उन्होंने कहा, ‘‘यह आनुवांशिक और संक्रामक रोगों के उपचार में प्रगति की सुविधा प्रदान करेगा, नई दवाओं और सटीक चिकित्सा तकनीकों के विकास को बढ़ावा देगा और विविध समुदायों की जीवनशैली तथा आदतों में अनुसंधान को सक्षम करेगा।'' इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेन्द्र सिंह, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक एवं स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव राजीव बहल और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव राजेश एस गोखले उपस्थित थे।
- धार (मध्यप्रदेश) । केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के प्रवास के दौरान जिले में स्थित औद्योगिक नगरी पीथमपुर में देश की पहली हाइड्रोजन-सीएनजी बाजा व्हीकल का अनावरण किया। केंद्रीय मंत्री गडकरी इंदौर पहुंचेंगे और वे वहां ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में चल रही नेशनल हाईवे परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे।आने वाले दिनों में हमारे देश का किसान हमारा ईंधन दाता बनेगाइस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हम लगातार इथेनॉल, बायोडीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन के उपयोग को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में हमारे देश का किसान हमारा ईंधन दाता बनेगा। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि मेरे पास इनोवा कार है, जो इथेनॉल और बिजली से चल रही है। यह जीरो प्रतिशत प्रदूषण करती है। भारत की सभी बड़ी कंपनियां भविष्य को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल डीजल के अलावा अन्य पर लगातार काम कर रही हैं। सीएनजी से चलने वाली बाइक बाजार में उपलब्ध हैं, जो एक रुपये प्रति किलोमीटर में चल रही है। हम वायु प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। महेंद्रा एंड महेंद्रा ने अभी ट्रैक्टर भी बाजार में उतारा है, जो सीएनजी से चल रहा है। गडकरी ने कहा कि पिछले 5 साल में चार करोड़ 50 लाख नौकरियां ऑटो इंडस्ट्री में मिल रही हैं। भारत में महेंद्रा एंड महेंद्रा ऑटो इंडस्ट्री में पहले नंबर पर चल रही है। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर भारत को ऊर्जा आयात करने वाले देश से निर्यात करने वाला देश बनाना है।एटीवी व्हीकल की टेक्नोलॉजी वोल्वो आयशर की ओर से उपलब्ध कराई गई हैअपने संबोधन के बाद केंद्रीय मंत्री गडकरी ने यहां देश की पहली हाइड्रोजन-सीएनजी बाजा व्हीकल का अनावरण किया। एटीवी व्हीकल की टेक्नोलॉजी वोल्वो आयशर की ओर से उपलब्ध कराई गई है। यह पांच फीसदी हाइड्रोजन और सीएनजी के मिश्रण से चलती है। इसका इंजन ग्रीव्स कॉटन का बाइ-फ्यूल इंजेक्शन है, जो स्थिर गतिशीलता की दिशा में बड़ा कदम है। वोल्वो ग्रुप इंडिया की उपाध्यक्ष मारिया एबेसन ने बताया कि 2025 में सीएनजी में पांच फीसदी हाइड्रोजन मिश्रण का इस्तेमाल किया जाएगा। वर्ष 2026 में इसे बढ़ाकर 18 फीसदी किया जाएगा।केन्द्रीय मंत्री गडकरी पीथमपुर से लौटकर इंदौर पहुंचेंगे और यहां ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में चल रही नेशनल हाईवे परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। गडकरी इंदौर में नाथ मंदिर के दर्शन के लिए भी जाएंगे।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर में आयोजित 18वें प्रवासी भारतीय दिवस (PBD) सम्मेलन में भारतीय प्रवासी समुदाय से भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के लक्ष्य में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा, “1947 में भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की और हमारी स्वतंत्रता संग्राम में प्रवासी भारतीयों ने भी अहम भूमिका निभाई। अब हमारा लक्ष्य है कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाया जाए।”
प्रधानमंत्री मोदी ने विदेशों में रह रहे भारतीयों के योगदान की सराहना की और कहा कि उनके प्रयासों की वजह से भारत वैश्विक स्तर पर प्रेषण (remittances) में अग्रणी बना हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की प्रगति केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों और गांवों में भी इसका प्रभाव दिखाई देता है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से अपने मेजबान देशों में भारतीय विरासत और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने का आग्रह किया।उन्होंने कहा, “भारत की संस्कृति को दुनिया से जोड़ने की जरूरत है। आपको छोटे शहरों और गांवों में आकर यहां की संस्कृति को समझना चाहिए और इसे दुनिया तक पहुंचाना चाहिए।” प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों से भारत के इतिहास, सांस्कृतिक धरोहर, और स्वतंत्रता संग्राम की कहानियों को विदेशों में नई पीढ़ी तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा, “आपके पास यह मौका है कि आप अपने देशों में नई पीढ़ी को भारत का वास्तविक इतिहास बताएं।”इस दौरान पीएम मोदी ने भारत के उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की भी अपील की। उन्होंने कहा, “आपको भारत के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना चाहिए। ‘मेड इन इंडिया’ खाद्य उत्पाद, कपड़े और अन्य सामान खरीदें और दूसरों को भी प्रेरित करें।” प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को भारत का राजदूत बताते हुए आश्वासन दिया कि संकट के समय उनकी सुरक्षा और कल्याण सरकार की प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा, “चुनौतियों के समय प्रवासी भारतीयों की मदद करना हमारा कर्तव्य है।” -
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट समारोह के कारण राष्ट्रपति भवन 21 से 29 जनवरी तक आम जनता के लिए बंद रहेगा। इस दौरान प्रत्येक शनिवार को होने वाला गार्डों की अदला-बदली का समारोह भी नहीं होगा।
गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट समारोह के कारण राष्ट्रपति भवन आम जनता के लिए रहेगा बंद
राष्ट्रपति कार्यालय ने गुरुवार को बताया कि आगामी गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट समारोह के कारण राष्ट्रपति भवन (सर्किट-1) का दौरा आम जनता के लिए 21 से 29 जनवरी तक बंद रहेगा।
गार्डों की अदला-बदली का समारोह भी नहीं होगागणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल के कारण राष्ट्रपति भवन में 11, 18 और 25 जनवरी को गार्डों की अदला-बदली का समारोह भी नहीं होगा। - प्रयागराज. केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने महाकुम्भ मेला क्षेत्र में संस्कृति मंत्रालय की ओर से बनाए जा रहे कलाग्राम का भ्रमण कर बुधवार को तैयारियों का जायजा लिया और कहा कि ‘कलाग्राम' का भ्रमण आगंतुकों के लिए एक अनुपम स्मृति साबित होगा। आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, बुधवार सुबह दिल्ली से प्रयागराज पहुंचे शेखावत ने महाकुम्भ मेला क्षेत्र के सेक्टर-सात में बन रहे कलाग्राम का जायजा लिया। शेखावत ने कहा कि महाकुम्भ एक ऐसा अवसर है जहां पूरे भारत की विविधता का एक जगह अनुभव किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत के महान धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन में उपस्थित होंगे, कलाग्राम उनका भारत की सांस्कृतिक विविधता से परिचय कराएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की सभी सांस्कृतिक विविधताओं- कला, हस्तशिल्प और स्थानीय भोजन, का अनुभव कराने के लिए कलाग्राम को विकसित किया गया है।
- प्रयागराज. महाकुम्भ मेले के लिए बने पार्किंग स्थल में 5.5 लाख वाहन खड़ा करने की सुविधा है। अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने यह जानकारी दी। भास्कर ने संवाददाताओं को बताया कि महाकुम्भ के लिए व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन सभी पार्किंग स्थलों पर ‘वेंडिंग जोन' बनाए गए हैं जहां खाने पीने की सुविधा होगी। साथ ही वहां मेडिकल, शौचालय और आराम करने की सुविधा होगी। एडीजी ने बताया कि मेले के लिए 24 सैटेलाइट पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। इसके अलावा आपातकालीन वाहनों के लिए ‘ग्रीन कॉरिडोर' बनाए गए हैं जिनका उपयोग किसी भी आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस, पुलिस बल के वाहनों को लाने, ले जाने के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों के जरिए प्रयागराज जनपद समेत उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लोगों को यातायात व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है। सभी सात सड़क मार्गों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं जहां मदद के लिए प्रशिक्षित लोग तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक स्नान पर्व के एक दिन पहले से स्नान के एक दिन बाद तक मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। वहीं, मुख्य स्नान पर्व (29 जनवरी को मौनी अमावस्या) पर स्नान के दो दिन पहले से स्नान के दो दिन बाद तक मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। भानु भास्कर ने स्पष्ट किया कि स्नान पर्व पर वाहन निर्धारित स्नान स्थल तक नहीं जा सकेंगे, लेकिन वे पार्किंग स्थल तक पहुंच सकेंगे।
- महाकुम्भ नगर. त्रिवेणी के तट पर 13 जनवरी से आयोजित होने जा रहे आस्था के जन समागम महाकुम्भ में सनातन धर्म के ध्वजवाहक अखाड़ों की दुनिया तेजी से विस्तार ले रही है। इसी क्रम में शैव उपासक संन्यासी अखाड़ों के छावनी क्षेत्र में प्रवेश के बाद बुधवार को विष्णु उपासक वैष्णव अखाड़ों का भी भव्य छावनी प्रवेश हुआ। शहर के के पी ग्राउंड परिसर से तीनों वैष्णव अखाड़ों- पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा, पंच दिगंबर अनी अखाड़ा और पंच निर्मोही अनी अखाड़ा की भव्य छावनी प्रवेश यात्रा प्रारंभ हुई। तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु राम भद्राचार्य की अगुवाई में निकली इस प्रवेश यात्रा में 10,000 से अधिक वैष्णव उपासक संत शामिल हुए। अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत राजेंद्र दास ने कहा कि प्रवेश यात्रा में तीनों वैष्णव अखाड़ों के सौ से अधिक महामंडलेश्वरों और द्वाराचार्यों ने हिस्सा लिया। तीनों वैष्णव अखाड़ों की छावनी प्रवेश यात्रा देखने के लिए शहर के मार्गों में दोनों तरफ हज़ारों लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। यात्रा में सबसे आगे तीनों अखाड़ों के इष्ट भगवान हनुमान की धर्म ध्वजा और मूर्ति के बाद अखाड़ों के खालसों की रंग बिरंगी धर्म ध्वजा लहरा रही थी। तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य के रथ के बाद बैंड बाजे के साथ हाथी, घोड़े और ऊंट की सवारी में सिंहासन में विराजमान संत चल रहे थे। इन सबके बीच वैष्णव अखाड़ों के संतों के युद्ध कला कौशल का प्रदर्शन सबके लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। एक हाथ में माला और एक हाथ में भाला के संकल्प को दर्शाती इस युद्ध कला का प्रदर्शन कर रहे संतो पर जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई।
- महाकुंभ नगर.महाकुंभ मेले में स्नान के लिए 12 किलोमीटर के क्षेत्र में घाटों का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयागराज दौरे से पहले सभी घाटों पर रोशनी की व्यवस्था की गई और सीढ़ियां तैयार की जा रहीं हैं तथा वस्त्र बदलने के लिए कक्ष बनाए गए हैं। उप्र मेला अधिकारी अभिनव पाठक ने बताया कि 12 किलोमीटर के क्षेत्र में सफाई व्यवस्था और घाटों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि संगम क्षेत्र के प्रमुख घाटों को नए सिरे से विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि महाकुंभ के दौरान गंगा और यमुना के किनारे सात पक्के घाट बनाए गए हैं। इनमें दारागंज में गंगा नदी के किनारे बने 110 मीटर लंबे और 95 मीटर चौड़े दशाश्वमेध घाट पर ‘सीटिंग प्लाजा' (बैठने की व्यवस्था), ‘चेंजिंग केबिन' (वस्त्र बदलने के लिए कक्ष), पार्किंग, यज्ञशाला, आरती स्थल और ध्यान केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पाठक ने बताया कि इसी तरह, यमुना नदी के तट पर बने किला घाट को स्नानार्थियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए तैयार किया जा रहा है। वहीं, यमुना नदी पर स्थित सरस्वती घाट स्नान और अन्य गतिविधियों के लिए उपयोगी होगा। उन्होंने बताया कि गंगा नदी के तट पर काली घाट, छतनाग घाट और यमुना नदी के तट पर मोरी घाट और महेवा घाट का निर्माण किया गया है। हर घाट पर अलग-अलग प्रतीक चिह्न (डमरु, त्रिशूल आदि) लगाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को घाटों की पहचान में आसानी हो। उन्होंने बताया कि संगम पर निगरानी के लिए ‘वॉच टावर' लगाए जा रहे हैं। सभी घाटों पर पानी में अवरोधकों की व्यवस्था की जा रही है। पाठक ने बताया कि सभी नावों की जांच की जा रही है और उनकी क्षमता एवं लाइसेंस नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे।
- बेंगलुरू,। बेंगलुरु में होमगार्ड के एक जवान ने बुधवार को जालाहल्ली क्रॉस पर अपनी पत्नी, बेटी और भतीजी की हत्या कर दी. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस के अनुसार, हेब्बागोडी पुलिस थाने से संबद्ध होमगार्ड गंगाराजू (42) ने कथित तौर पर अपनी पत्नी भाग्या (36), बेटी नव्या (19) और भतीजी हेमावती (23) की पीट-पीटकर हत्या कर दी.बेंगलुरु पूर्व के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकास कुमार ने संवाददाताओं को बताया, "सूचना मिलने पर हमारी गश्ती टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और तीनों महिलाओं को मृत पाया, जिनके शरीर पर धारदार हथियार से चोट के निशान थे. हमने होमगार्ड के तौर पर काम करने वाले गंगाराजू को मौके से गिरफ्तार कर लिया." कुमार ने बताया कि अपराध के बाद गंगाराजू ने हथियार लेकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था.उन्होंने बताया कि हत्याओं के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है और आगे की पूछताछ के बाद इसका पता लगाया जाएगा. मकान मालिक (जहां गंगाराजू का परिवार पिछले पांच वर्षों से किरायेदार के रूप में रह रहा था) ने बताया कि इससे पहले दिन में झगड़ा हुआ था. पुलिस ने बताया कि मकान मालिक को संदेह है कि घटना के समय गंगाराजू नशे में था.
- नयी दिल्ली. केंद्र ने सभी राज्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि निर्दिष्ट अधिकतम कारावास की अवधि का आधा हिस्सा जेल में काट चुके उन अपराधों के लिए गिरफ्तार विचाराधीन कैदियों को रिहा किया जाना चाहिए जिनके लिए मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा निर्दिष्ट नहीं की गई है ताकि कारागारों में भीड़ कम हो सके। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और जेल महानिदेशकों को भेजे पत्र में कहा कि जेल प्राधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) की धारा 479 के प्रावधानों के तहत ऐसे पात्र कैदियों की रिहाई के लिए संबंधित अदालत से संपर्क करना चाहिए। बीएनएसएस की धारा 479 में कहा गया है कि यदि किसी कैदी के लिए उस अपराध के लिए निर्दिष्ट कारावास की अधिकतम अवधि का आधा समय जेल में काट लिया है जिसके लिए उसे जांच, पूछताछ या सुनवाई की अवधि के दौरान जेल में रखा गया है, तो उसे रिहा किया जाना चाहिए, बशर्ते कि यह ऐसा अपराध न हो जिसके लिए कानून के तहत मृत्यु या आजीवन कारावास की सजा निर्दिष्ट की गई हो। पत्र में कहा गया है, ‘‘पहली बार अपराध करने वाले ऐसे कैदियों को अदालत द्वारा मुचलके पर रिहा किया जाएगा, जो उस अपराध के लिए कारावास की अधिकतम अवधि का एक तिहाई हिस्सा जेल में काट चुके हैं। इसके अलावा, बीएनएसएस की धारा 479 (3) जेल अधीक्षक पर एक विशिष्ट जिम्मेदारी डालती है कि वह उपरोक्त विचाराधीन कैदियों को जमानत/मुचलके पर रिहा करने के लिए संबंधित अदालत में आवेदन करे।'' मंत्रालय ने कहा कि उसने 16 अक्टूबर, 2024 को इस मुद्दे पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक परामर्श जारी किया था और उनसे अनुरोध किया था कि वे सभी पात्र कैदियों को बीएनएसएस की धारा 479 के प्रावधानों का लाभ प्रदान करें और तदनुसार अदालत में उनकी जमानत याचिका दायर करें। इसमें कहा गया है कि संविधान दिवस यानी 26 नवंबर, 2024 के अवसर पर गृह मंत्रालय ने एक विशेष अभियान शुरू किया था, जिसके तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया था कि वे बीएनएसएस की धारा 479 के प्रावधानों के तहत पात्र कैदियों की पहचान करें और जमानत/मुचलके पर उनकी रिहाई के लिए संबंधित अदालतों में उनके आवेदन पेश करें। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भी भेजा था। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस अभ्यास में सक्रिय रूप से भाग लिया था और 26 नवंबर, 2024 तक बीएनएसएस की धारा 479 के प्रावधानों से लाभान्वित होने वाले कैदियों की संख्या का विवरण प्रस्तुत किया था। मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि यह एक बार की जाने वाली प्रक्रिया नहीं है और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को बीएनएसएस की धारा 479 के प्रावधानों का सभी पात्र कैदियों को निरंतर आधार पर लाभ प्रदान करने की आवश्यकता है। पत्र में कहा गया है, ‘‘राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध है कि वे संलग्न प्रपत्र में 27 नवंबर, 2024 से 31 दिसंबर, 2024 तक की अवधि के लिए तत्काल आधार पर विवरण उपलब्ध कराएं, जिसके बाद एक जनवरी, 2025 से मंत्रालय को मासिक आधार पर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
- नयी दिल्ली. भारत में निर्मित 62 वाहन लेबनान पहुंचने वाले हैं, जिनका इस्तेमाल ‘लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल' (यूनिफिल) में तैनात भारतीय दल द्वारा किया जाएगा। रक्षा सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बेड़े में सैन्य वाहन, उपयोगिता वाहन (एक टन और 2.5 टन), मध्यम और हल्के एम्बुलेंस, ईंधन वाहन और अन्य वाहन शामिल हैं। एक रक्षा सूत्र ने बताया कि अब तक लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में कार्यरत भारतीय सैनिक संयुक्त राष्ट्र द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहनों का संचालन कर रहे थे। ये वाहन दूसरे देशों से मंगाए गए थे। सूत्र ने बताया कि स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा देने और परिचालन दक्षता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, भारत में निर्मित 62 वाहन अब यूनिफिल में तैनात भारतीय दल द्वारा इस्तेमाल के लिए लेबनान पहुंचने वाले हैं। सूत्र ने कहा कि भारत में निर्मित इन वाहनों को शामिल करने के साथ, भारतीय बटालियन अब ‘मजबूत और घरेलू प्लेटफॉर्म' का इस्तेमाल करेगी। यह कदम वैश्विक मंच पर भारत की आत्मनिर्भरता और इसकी बढ़ती रक्षा विनिर्माण क्षमताओं के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करेगा। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम शांति मिशन में भारत के नेतृत्व को रेखांकित करता है तथा रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी नवाचार के प्रति राष्ट्र के समर्थन को उजागर करता है।
- महाकुंभ नगर. महाकुंभ शुरू होने में एक सप्ताह से भी कम समय बचा है, ऐसे में राज्य पुलिस ने मेला क्षेत्र में, खासकर संगम के आसपास सघन जांच अभियान शुरू किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सरकार का अनुमान है कि 13 जनवरी से 26 फरवरी तक धार्मिक समागम के दौरान विदेशियों सहित करीब 40 से 45 करोड़ पर्यटक आएंगे। यहां जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘महाकुंभ 2025 के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक वैभव कृष्ण (आईपीएस) के नेतृत्व में मुख्य स्नान पर्व से पहले सघन जांच अभियान शुरू किया गया। अभियान में संगम घाट, पंटून पुल और प्रमुख चौराहों जैसे प्रमुख स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की निगरानी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।'' डीआईजी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने और सुरक्षा के प्रति कोई कोताही न बरतने के निर्देश दिए। बयान के अनुसार, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपाय किए गए हैं। अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों के नेतृत्व में टीमों ने संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों की गहन जांच की। सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए पंटून पुलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।आगामी पर्व की तैयारी में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर रही है। सभी पुलिस थानों को सतर्क रहने और शांतिपूर्ण महाकुंभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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नई दिल्ली।। भारत में सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं से 2024 में दस हजार बच्चों की मौत हुई. अब सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों के इलाज के लिए एक नई योजना लाई गई है.पिछले साल, सड़क दुर्घटनाओं में एक लाख 80 हजार लोगों ने जान गंवाई. इनमें से 66 फीसदी लोग 18 से 34 साल के बीच के थे. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं हाईवे मंत्री नितिन गडकरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया को यह जानकारी दी. गडकरी के यूट्यूब चैनल पर इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो मौजूद है, जिसमें उन्होंने यह भी बताया है कि पिछले साल 30 हजार लोगों की मौत हेलमेट ना पहनने के चलते हुई. इस हिसाब से देखें तो भारत में पिछले साल हर दिन औसतन 80 लोगों ने हेलमेट नहीं पहनने के चलते जान गंवाई.
कितनी सुरक्षित भारतीय कारें? देश में ही होगी सेफ्टी रेटिंगसड़क दुर्घटनाओं में दस हजार बच्चों की हुई मौतप्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की प्रेस रिलीज के मुताबिक, छह और सात जनवरी को केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने दिल्ली में एक कार्यशाला का आयोजन किया. इसके दूसरे दिन सात जनवरी को हुई बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्री शामिल हुए. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस बैठक की अध्यक्षता की. कार्यशाला में सुरक्षित और टिकाऊ परिवहन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.बैठक के बाद, गडकरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि स्कूल-कॉलेजों में घुसने और बाहर निकलने वाली जगहों पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के चलते पिछले साल दस हजार बच्चों ने जान गंवाई. उन्होंने कहा कि स्कूलों के लिए चलने वाले ऑटोरिक्शा और मिनी बसों को लेकर भी नियम बनाए गए हैं क्योंकि इनकी वजह से भी काफी मौतें होती हैं.घायलों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट की घोषणासड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों के इलाज के लिए एक नई योजना शुरू की गई है. गडकरी ने मीडिया को बताया कि दुर्घटना होने के 24 घंटे के अंदर अगर पुलिस को इस बारे में सूचित कर दिया जाता है तो घायल व्यक्ति के सात दिनों के इलाज का खर्चा सरकार उठाएगी. इस खर्च की अधिकतम सीमा डेढ़ लाख रुपए तय की गई है. इलाज के लिए यह रकम सरकार की ओर से सीधे अस्पताल को दी जाएगी.पिछले साल असम, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, चंडीगढ़ और पुडुचेरी में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया था. दिसंबर 2024 में संसद में दिए एक जवाब में परिवहन मंत्रालय ने बताया था कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत करीब 2,200 घायलों को कैशलेस ट्रीटमेंट की सुविधा दी गई. अब इसी पायलट प्रोजेक्ट को देश भर में लागू कर दिया गया है.इसके अलावा, हिट एंड रन दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को दो लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की गई है. परिवहन मंत्रालय द्वारा सड़क दुर्घटनाओं पर जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 में देश में हिट एंड रन की करीब 67 हजार दुर्घटनाएं हुईं थीं, जिनमें 30 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई थी. साल 2022 में सड़क दुर्घटनाओं में हुई 18 फीसदी मौतों के लिए हिट एंड रन की घटनाएं ही जिम्मेदार थीं.भारत में प्रशिक्षित ड्राइवरों की कमीगडकरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बैठक में पहला महत्वपूर्ण मुद्दा सड़क सुरक्षा का था और दूसरा मुद्दा ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का था. उन्होंने कहा कि देश में 22 लाख ड्राइवरों की कमी है और इसे पूरा करने के एक नई नीति बनाई गई है. इसके तहत, सरकार की ओर से ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट और ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इस योजना का उद्देश्य, ड्राइवरों को प्रशिक्षित करके सड़कों को सुरक्षित बनाना है.देश में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई. प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस बात पर सहमति बनी कि ई-रिक्शा को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए नियम और दिशानिर्देश जारी करने की जरूरत है. इसके अलावा, बैठक में तीन एप्लिकेशनों का लाइव डेमो भी दिखाया गया जो सड़क को सुरक्षित बनाने और ब्लैक स्पॉट पहचानने में मदद कर सकते हैं. - नयी दिल्ली.भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष संजीव पुरी ने बुधवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) सुस्त पड़ती आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिए अगले महीने नीतिगत दर रेपो में कटौती कर सकता है। उन्होंने आगामी बजट में श्रम-केंद्रित क्षेत्रों के लिए लक्षित हस्तक्षेपों के माध्यम से रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की जरूरत भी बतायी। पुरी ने खाद्य मुद्रास्फीति के उच्चस्तर पर बने रहने का जिक्र करते हुए कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की जरूरत का उल्लेख किया। उन्होंने इसे भारतीय रिजर्व बैंक के मुद्रास्फीति लक्ष्य ढांचे के तहत अलग करने का तर्क देते हुए कहा कि यह जलवायु परिवर्तन के कारण है और वास्तव में मौद्रिक नीति से इसका कोई लेना-देना नहीं है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है। आईटीसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ने यह भी उम्मीद जतायी की कि भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार तीसरे कार्यकाल में बहुप्रतीक्षित श्रम सुधारों को आगे बढ़ाएगी। इससे अर्थव्यवस्था को लाभ होगा और अधिक नौकरियां सृजित होंगी। इस महीने अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यभार संभालने के बाद भारत पर संभावित प्रभाव से जुड़े सवाल पर, सीआईआई अध्यक्ष ने कहा कि हमें उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जहां अवसर हैं और जहां हम वास्तव में अपनी ताकत के दम पर आगे बढ़ सकते हैं। पुरी ने कहा, ‘‘... ट्रंप क्या करेंगे, अमेरिका क्या करेगा? मुझे लगता है कि इस समय, इस बारे में कुछ कहना अटकलबाजी होगी। जब ऐसा होगा तो फिर हम देखेंगे।'' उन्होंने कहा कि सार्वजनिक खर्च बढ़ रहा है और खपत में भी तेजी आनी चाहिए।एक सवाल के जवाब में पुरी ने कहा कि सीआईआई को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा दर में कटौती की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में, हम यह भी सुझाव दे रहे हैं कि मुद्रास्फीति का जो लक्ष्य रखा गया है, मुझे लगता है कि उसमें से खाद्य मुद्रास्फीति को मौद्रिक नीति से अलग किया जाना चाहिए। खाद्य मुद्रास्फीति जलवायु परिवर्तन के कारण है और वास्तव में मौद्रिक नीति से प्रभावित नहीं है।'' पुरी ने कहा कि सीआईआई कई क्षेत्रों में श्रम सुधारों को देखने के लिए एक संस्थागत व्यवस्था स्थापित करने की भी सिफारिश करता है। पुरी ने परिधान, जूते, फर्नीचर, पर्यटन और रियल एस्टेट जैसे श्रम-गहन क्षेत्रों में लक्षित हस्तक्षेप का आग्रह किया और कहा कि पर्यटन को ‘बुनियादी ढांचे की स्थिति' से लाभ हो सकता है जबकि परिधानों को उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) 2.0 योजना से फायदा हो सकता है।
- बेंगलुरु. कर्नाटक में छह कट्टर नक्सलियों (माओवादियों) ने बुधवार को यहां मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। लता मुंडागारू ने सशस्त्र संघर्ष को त्यागने के प्रतीक के रूप में अपने ज्ञापन की एक प्रति के साथ अपनी नक्सली वर्दी मुख्यमंत्री को सौंपी। सिद्धरमैया ने लता और उनके पांच सहयोगियों का गुलाब के फूल एवं संविधान की प्रतियां देकर स्वागत किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि दक्षिण कन्नड़ जिला निवासी सुंदरी कुटलुरु, चिक्कमगलुरु निवासी लता, रायचूर निवासी मरप्पा अरोली, चिक्कमगलुरु निवासी वनजाक्षी बालेहोल के साथ ही जीशा, केरल के वायनाड से हैं और के वसंत, तमिलनाडु के वेल्लोर से हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की ओर से बोलते हुए लता ने उन्हें सम्मान के साथ मुख्यधारा में लौटने में मदद करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा, लोगों के लिए हमारा संघर्ष वैध और संवैधानिक रूप से स्वीकृत तरीके से जारी रहेगा। हम नक्सलवाद को त्यागकर आपके सामने आए हैं।
- काशी : 2024 में 16 करोड़ श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ के दर्शन किएअयोध्या : 2024 में श्रद्धालुओं की संख्या 13 करोड़ से अधिक रहीलखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि इस महाकुम्भ में 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिससे प्रदेश में दो लाख करोड़ रुपये तक की आर्थिक वृद्धि होने की उम्मीद है। आदित्यनाथ ने यहां एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारत अपनी प्राचीन विरासत पर गर्व कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘महाकुम्भ भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का परिचायक है। यह आयोजन देश और दुनिया के लोगों को अपनी प्राचीन परंपराओं पर गर्व करने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझने का अवसर प्रदान करता है।'' आदित्यनाथ ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को प्रोत्साहित करना है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन भी प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें संतों के सानिध्य में इस आयोजन को सफल और सुविधाजनक बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं। आदित्यनाथ ने कहा कि इस बार का महाकुम्भ एक भव्य, दिव्य और डिजिटल आयोजन होगा।उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिजिटल टूरिस्ट मैप, कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े सुरक्षा तंत्र और स्मार्टफोन के माध्यम से शौचालयों की स्वच्छता का आकलन करने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालु जब प्रदेश में आते हैं, तो परिवहन, आवास, भोजन और अन्य सेवाओं पर खर्च करते हैं, जिससे स्थानीय व्यवसाय और रोजगार को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि 2024 में काशी में 16 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ के दर्शन किए, वहीं अयोध्या में जनवरी 2024 से सितंबर तक श्रद्धालुओं की संख्या 13 करोड़ 55 लाख से अधिक रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुम्भ के आयोजन में पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया है।उन्होंने कहा कि गंगा और यमुना नदी में किसी भी प्रकार का गंदा पानी जाने से रोकने के लिए अत्याधुनिक एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और ‘बायो-रिमिडिएशन' पद्धतियों का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही 1.5 लाख से अधिक शौचालयों को इस तरह बनाया गया है कि वे पूरी तरह से स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल हों। महाकुम्भ को लेकर सरकार पर निशाना साधने वाले नेताओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वे लोग हैं जो अपनी विरासत को भारत की विरासत के साथ जोड़ने की जगह विदेशी आक्रांताओं की विरासत के साथ जुड़ने पर गौरव की अनुभूति करते हैं और उसी का अनुसरण भी करते हैं।
- अयोध्या (उत्तर प्रदेश) ।अयोध्या में राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ के समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। यह समारोह 11 से 13 जनवरी तक आयोजित होगा जिसमें आम लोगों को भी शामिल किया जाएगा, जो पिछले साल ऐतिहासिक समारोह में शामिल नहीं हो पाए थे। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, करीब 110 आमंत्रित वीआईपी भी इसमें शामिल होंगे।अंगद टीला स्थल पर एक जर्मन हैंगर टेंट लगाया गया है, जिसमें 5,000 लोगों तक की मेजबानी की जा सकती है। आम लोगों को भव्य कार्यक्रमों को देखने का अवसर मिलेगा, जिसमें मंडप और यज्ञशाला में प्रतिदिन आयोजित होने वाले शास्त्रीय सांस्कृतिक प्रदर्शन, अनुष्ठान और राम कथा प्रवचन शामिल हैं।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा, "ट्रस्ट ने आम लोगों को आमंत्रित करने का फैसला किया है जो पिछले साल अभिषेक समारोह में शामिल नहीं हो सके थे। उन्हें अंगद टीला में तीनों दिनों के कार्यक्रमों में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।"ट्रस्ट ने कहा कि 110 वीआईपी सहित मेहमानों को निमंत्रण पत्र वितरित किए गए हैं। इनमें से कई लोग 22 जनवरी, 2024 को मूल प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं हो पाए थे।राय ने कहा, "पिछले साल शामिल नहीं हो पाने वालों को इस साल वर्षगांठ समारोह में शामिल किया जाएगा।"दैनिक कार्यक्रम में दोपहर दो बजे से राम कथा सत्र शुरू होते हैं, उसके बाद रामचरितमानस (मानस प्रवचन) पर प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। प्रत्येक सुबह प्रसाद वितरण की योजना बनाई गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उपस्थित लोग भक्ति और आध्यात्मिक अनुभव का आनंद लें।मंदिर ट्रस्ट के मीडिया सेंटर के अनुसार, यज्ञ स्थल पर सजावट और उत्सव की तैयारियाँ चरम पर हैं। मंडप और यज्ञशाला इन उत्सवों के प्रमुख स्थल होंगे।आम लोगों के लिए राम मंदिर समारोह का हिस्सा बनने का यह एक दुर्लभ अवसर है।इससे पहले, पांच जनवरी को एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया था कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 जनवरी को यहां मंदिर में राम लला का अभिषेक करेंगे।चंपत राय ने पहले कहा था कि 11 जनवरी को अयोध्या धाम में नवनिर्मित मंदिर में राम लला की प्रतिमा की स्थापना का एक साल पूरा हो रहा है।ट्रस्ट ने पहले ही देश भर के संतों और भक्तों को निमंत्रण भेज दिया है।राय ने निवासियों और तीर्थयात्रियों से समारोह में भाग लेने, तीन दिवसीय उत्सव के दौरान कम से कम एक दिन की यात्रा करने और अयोध्या के आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करने का आग्रह किया 22 जनवरी, 2024 को अयोध्या मंदिर में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कई जानी-मानी हस्तियां इस समारोह में शामिल हुई थीं।
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नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर में बुधवार को देर शाम भगदड़ में 6 लोगों की मौत हो गई जबकि 40 घायल श्रद्धालुओं का तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर रामनारायण रुइया सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। यह घटना तिरुमाला श्रीवारी वैकुंठ द्वार टिकट काउंटर के करीब विष्णु निवासम के पास ‘दर्शन’ टोकन वितरण के दौरान हुई। ये सभी बुधवार शाम 10 जनवरी से 19 जनवरी तक वैकुंठ एकादशी के अवसर पर खुलने वाले “तिरुमाला वैकुंठ द्वार” के दर्शन का टोकन लेने के लिए लाइन में खड़े थे और वहां अचानक भगदड़ मच गई।
पीएम मोदी ने जताया दुखपीएम मोदी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए एक्स पोस्ट में लिखा, ‘आंध्र प्रदेश के तिरुपति में भगदड़ से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। आंध्र प्रदेश सरकार प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है।’हादसे पर लगातार नजर रख रहे आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने गहरा दुख जताया है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए भगदड़ में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए एक्स पर पोस्ट किया- ‘तिरुपति मंदिर में भगदड़ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से दुखी हूं। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना।’तिरुपति वैकुंठ द्वार के दर्शन का क्या है महत्वविश्व प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर के भीतरी गर्भगृह के बगल में है वैकुंठ द्वार, जो वर्ष में केवल एक बार वैकुंठ एकादशी के शुभ मुहूर्त पर ही खोला जाता है। इस शुभ दिन भक्त वैकुंठ द्वार के अंदर आकर भगवान का विशेष आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इसके साथ ही भगवान वेंकटेश्वर की परिक्रमा करते हैं। मान्यता है कि वैकुंठ द्वार का दर्शन सौभाग्य से मिलता है। मान्यता है कि यह दुर्लभ अवसर भक्तों को जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति प्रदान करता है। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन दस दिनों के दौरान मोक्ष की कामना के साथ भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस बार 10 जनवरी को वैकुंठ एकादशी का पर्व है और इसी दिन दर्शन के लिए द्वार खाेले जाएंगे। 19 जनवरी तक वैकुंठ द्वार खुले रहेंगे। -
नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की इंश्योरेंस कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की बीमा सखी योजना में एक महीने के भीतर 50 हजार से ज्यादा पंजीकरण हुए हैं। पीएम मोदी ने महिला सशक्तिकरण के जरिए विकसित भारत की दिशा में एक पहल के तौर पर इस योजना की शुरुआत की थी।
बीमा सखियों के लिए कुल 52,511 पंजीकरणएलआईसी ने बुधवार को जारी एक बयान में बताया कि उद्घाटन के एक महीने बाद बीमा सखियों के लिए कुल 52,511 पंजीकरण हुए हैं। कंपनी ने कहा कि 27,695 बीमा सखियों को पॉलिसी बेचने के लिए नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। वहीं, 14,583 बीमा सखियों ने पॉलिसी को बेचना शुरू कर दिया है।देश की प्रत्येक पंचायत से बनेंगी बीमा सखीइस अवसर पर एलआईसी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सिद्धार्थ मोहंती ने कहा, “हमारा उद्देश्य एक वर्ष के भीतर देश की प्रत्येक पंचायत को कम से कम एक बीमा सखी से कवर करना है।” उन्होंने कहा कि एलआईसी महिलाओं को उचित कौशल प्रदान करके और उन्हें मजबूत डिजिटल उपकरणों से सशक्त बनाकर बीमा सखी धारा को मजबूत कर रही है।प्रत्येक बीमा सखी को वजीफाइस योजना के अनुसार प्रत्येक बीमा सखी को पहले वर्ष 7 हजार रुपये, दूसरे वर्ष 6 हजार रुपये तथा तीसरे वर्ष 5 हजार रुपये मासिक वजीफा (भुगतान) दिया जाएगा। ये वजीफा एक बुनियादी सहायता भत्ते के रूप में काम करता है। इसके अतिरिक्त, महिला एजेंट अपनी बीमा पॉलिसियों के आधार पर कमीशन कमा सकती हैं। इस योजना में व्यवसाय पर अर्जित कमीशन के अलावा तीन साल के लिए मासिक भुगतान का लाभ भी शामिल है।18 से 70 वर्ष की आयु की वे महिलाएं हो सकती हैं शामिलबता दें कि एलआईसी का लक्ष्य अगले तीन साल में 2 लाख बीमा सखियों की भर्ती करना है। 18 से 70 वर्ष की आयु की वे महिलाएं जो 10वीं कक्षा तक की शिक्षा प्राप्त कर चुकी हैं, वे इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए पात्र हैं। -
नई दिल्ली। राज्य के पहाड़ी जिला डिमा हसाओ के उमरंगसो से 25 किमी दूर असम-मेघालय के सीमावर्ती 3 किलो मीटर में हुए कोयला खदान हादसे के चौथे दिन बचाव अभियान फिर से आज गुरुवार को सुबह गोताखोरों की मदद से आरंभ किया गया। हादसे के तीसरे दिन सुबह गोताखोरों ने एक शव को खदान से बाहर निकाला था। उसके बाद पूरे दिन अभियान को कोई सफलता नहीं मिली।
नेवी, थल सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत कई एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटीप्रथम बटालियन एनडीआरएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज बताया है कि नेवी, थल सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इलाके में हुई बरसात के कारण बचाव अभियान में दिक्कतें आ रही हैं। एनडीआरएफ के सूत्रों ने बताया है कि खदान 200 मीटर गहरा है। जिसे शुरू में 300 मीटर बताया गया था। कोयला खदान में अभी भी 50 से 60 फीट पानी भरा हुआ है। जिसे बाहर निकलने के लिए प्रयत्न किये जा रहे हैं।खदान से पानी निकालने की कोशिश जारीजानकारी के अनुसार कोल इंडिया का पंप भी संभवतः आज कोलकाता से पहुंचने वाला है। वहीं, आयल इंडिया के साथ ही जिला प्रशासन समेत अन्य एजेंसियों के पंप के जरिए खदान से पानी निकालने की कोशिश जारी हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद पानी तेजी से कम नहीं हो रहा है, लेकिन बढ़ने की रफ्तार भी तेज नहीं है। जिससे अभियान चला रहे एजेंसियों को बचाव कार्य में आशा की किरण दिखाई दे रही है।अभियान चला रहे गोताखोरों के अनुसार खदान के अंदर जितनी बार जांच की गयी, वहां कुछ भी नहीं मिला है। संभवतः खनिक रैट होल के अंदर हों इसलिए उनको खदान के अंदर ढूंढना बड़ी चुनौती है। माना जा रहा है कि पानी कम होने से तलाशी अभियान बेहतर ढंग से चलाया जा सकेगा।कोयला खदान में पानी भरने के चलते अंदर काम कर रहे खनिक फंसेउल्लेखनीय है कि कोयला खदान में गत सोमवार को अचानक पानी भरने के चलते अंदर काम कर रहे खनिक फंस गये। उनकी सटीक संख्या औपचारिक तौर पर सामने नहीं आई है। हालांकि, 11 लोगों के अंदर फंसे होने की बात कही जा रही है। जिसमें एक व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया है, जो मूल रूप से पड़ोसी देश नेपाल का रहने वाला था। जिसकी पहचान राजेन शेर्च (42, जिला-उदयपुर,नेपाल) के रूप में की गयी है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में प्रवासी भारतीयों की निर्णायक भूमिका है। श्री मोदी ओडिशा के भुबनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस का औपचारिक उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने वैश्विक विकास और भारत की विकास यात्रा में प्रवासी भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका की प्रशंसा की।उन्होंने विश्वभर में देश के राजदूतों के रूप में भारतीय प्रवासियों की सेवाओं को उजागर किया। श्री मोदी ने कहा कि प्रवासी भारतीयों ने दुनिया भर में उत्कृष्ट कार्य किए हैं और उनकी उपलब्धियां देश को गौरवान्वित करती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों को वैश्विक सम्मान दिलाने में भारतीय मूल्यों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में उन्होंने कई विश्व नेताओं से मुलाकात की है। दुनिया का हर नेता प्रवासी भारतीयों की सराहना करता है। उन्होंने कहा कि इसका एक मुख्य कारण सामाजिक मूल्य हैं, जो प्रवासी भारतीयों ने दुनिया के समुदायों में समाहित किए हैं।भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री मोदी ने कहा कि भारत न केवल ‘लोकतंत्र की जननी’ है, बल्कि लोकतंत्र हमारी जीवन शैली में समाहित है।प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में भारत में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं और देश विश्व में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक गतिशीलता, लड़ाकू विमान विनिर्माण, मेट्रो और बुलेट ट्रेनों सहित सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है और जल्द ही प्रवासी भारतीय एयरक्राफ्ट बनाने में ‘मेड इन इंडिया’ कार्यक्रम में योगदान करेंगे।श्री मोदी ने भारत की युवा आबादी के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य जोर देश के युवाओं के कौशल को उन्नत बनाने और उनकी क्षमता का बेहतर उपयोग करने पर है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कई प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया।इनमें केंद्र और राज्य स्तर के विभिन्न मंत्रालयों द्वारा लगाए गए प्रमोशनल स्टॉल शामिल हैं, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक खुशहाली को दर्शाते है।श्री मोदी ने कहा कि यह दिन ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि 1915 में इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी लंबे समय तक विदेश में रहने के बाद भारत लौटे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ ही दिनों में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह भारत में जीवंत त्योहारों का समय है, जहां प्रयागराज में आगामी महाकुंभ से लेकर मकर संक्रांति, लोहड़ी, पोंगल और माघ बिहू तक कई पर्व मनाए जाएंगे।श्री मोदी ने कहा कि ऐसे समय में देश में भारतीय प्रवासियों की उपस्थिति इस अवसर की उत्सवी भावना को और बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीय दिवस की स्थापना में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद किया, जो भारत और उसके प्रवासियों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में विकसित हुआ है।ओडिशा की विरासत पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह भूमि भारत की समृद्ध विरासत को दर्शाती है, जिसमें उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएँ, कोणार्क मंदिर और ताम्रलिप्ति और माणिकपटना जैसे प्राचीन बंदरगाह शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये खजाने बहुत गर्व पैदा करते हैं।इस अवसर पर, प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना के तहत प्रवासी भारतीयों के लिए एक विशेष पर्यटक ट्रेन, प्रवासी भारतीय एक्सप्रेस की उद्घाटन यात्रा को भी हरी झंडी दिखाई। दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से रवाना होने वाली यह ट्रेन तीन सप्ताह तक भारतीय प्रवासियों को देश भर के विभिन्न धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर ले जाएगी।इस कार्यक्रम में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और अश्विनी वैष्णव, ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए। समारोह की शुरुआत तीन बार के ग्रैमी पुरस्कार विजेता रिकी केज की प्रस्तुती के साथ हुई।कार्यक्रम में बोलते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि ओडिशा में प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन की मेजबानी नरेंद्र मोदी सरकार की “पूर्वोदय” नीति को दर्शाती है, जो पूर्वी भारत के विकास और सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में प्रवासी हर गुजरते साल के साथ और भी महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि चाहे वह तकनीक हो, पर्यटन हो, व्यापार हो या निवेश हो, वे जिस दोतरफा प्रवाह को संभव बनाते हैं, वह अमूल्य है। उन्होंने कहा कि भारत में लोगों को ध्यान में रखकर किए जाने वाले बदलावों से प्रवासी भारतीयों को भी लाभ मिलता है।मुख्य अतिथि त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू ने भी कार्यक्रम को अपने वीडियो संदेश से संबोधित किया। प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन केंद्र सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है, जो प्रवासी भारतीयों से जुड़ने और उन्हें एक-दूसरे से बातचीत करने में सक्षम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय दिवस की शुरुआत कल युवा प्रवासी भारतीय दिवस के उद्घाटन के साथ हुई।इस वर्ष के प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का विषय है ‘विकसित भारत में प्रवासी भारतीयों का योगदान’। सम्मेलन में कई देशों से बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय भाग ले रहे हैं।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कल भुबनेश्वर में सम्मेलन के समापन समारोह में भाग लेंगी। राष्ट्रपति विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय प्रवासियों की उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित करेंगी। -
नयी दिल्ली. देश के अग्रणी बैंक एसबीआई की एक शोध रिपोर्ट में बुधवार को कहा गया कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर लगभग 6.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो 6.4 प्रतिशत के सरकारी अनुमान से थोड़ा कम है। एक दिन पहले ही राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने वित्त वर्ष 2024-25 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर चार साल के निचले स्तर 6.4 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया है। विनिर्माण क्षेत्र के खराब प्रदर्शन और कमजोर निवेश के कारण वृद्धि दर धीमी होने की बात कही गई। इसके पहले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने दिसंबर में कहा था कि चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रह सकती है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शोध रिपोर्ट ‘इकोरैप' के मुताबिक, आरबीआई और एनएसओ के अनुमानों के बीच का अंतर हमेशा ही 0.20-0.30 प्रतिशत की सीमा में रहता आया है। लिहाजा वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 6.4 प्रतिशत का अनुमान अपेक्षित और उचित है। रिपोर्ट कहती है, ‘‘हालांकि, हमारा मानना है कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जीडीपी की वृद्धि दर नीचे की ओर झुकाव के साथ लगभग 6.3 प्रतिशत रह सकती है।'' एसबीआई के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष द्वारा लिखित यह रिपोर्ट कहती है कि वास्तविक जीडीपी वृद्धि में सुस्ती और मौजूदा कीमतों पर जीडीपी के आकार में बढ़ोतरी लगभग स्थिर रहने के बावजूद चालू वित्त वर्ष में बाजार मूल्य पर प्रति व्यक्ति जीडीपी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक, सकल घरेलू उत्पाद का पहला अग्रिम अनुमान सामान्य रूप से 2024-25 में समग्र मांग में सुस्ती को दर्शाता है। हालांकि, सकारात्मक योगदान देने वाले घटकों में सरकारी खपत शामिल है, जिसमें मौजूदा कीमतों के संदर्भ में 8.5 प्रतिशत (वास्तविक कीमतों के संदर्भ में 4.1 प्रतिशत) की वृद्धि हुई है। निर्यात ने भी आठ प्रतिशत (वास्तविक कीमतों के संदर्भ में 5.9 प्रतिशत) की सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है। एसबीआई के अध्ययन में कहा गया है कि मांग का चिंताजनक पहलू सकल पूंजी निर्माण में सुस्ती है, जिसमें पूंजी निर्माण में वृद्धि 2.70 प्रतिशत घटकर 7.2 प्रतिशत रह गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘कुल मिलाकर स्थिति यह है कि मांग कमजोर बनी हुई है और वित्त वर्ष 2024-25 में 6.4 प्रतिशत का आंकड़ा एक बाहरी सीमा है। वास्तविक वृद्धि निश्चित रूप से अनुमानित आंकड़े से कम है।'' रिपोर्ट कहती है कि नवंबर, 2024 के अंत में राजकोषीय घाटा 8.5 लाख करोड़ रुपये यानी बजट अनुमान का 52.5 प्रतिशत था। हालांकि, संशोधित जीडीपी आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए, यदि बजट अनुमान के अनुरूप कर प्राप्तियां बढ़ीं, कम पूंजीगत व्यय के कारण सरकारी व्यय कम हुआ, तो चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.9 प्रतिशत रहेगा। हालांकि, यदि सरकार 16.1 लाख करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य पर कायम रहती है तो संशोधित जीडीपी आंकड़ों के लिहाज से राजकोषीय घाटा पांच प्रतिशत पर रहेगा। केंद्रीय बजट में सरकार ने चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.9 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है।
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बदायूं (उप्र). बदायूं जिले के उघैती क्षेत्र में सोरहा गांव के लोग 250 केवीए के ट्रांसफॉर्मर की चोरी के बाद 14 दिसंबर से बिना बिजली के रहे हैं। स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार चोरों ने पास के खेतों से ट्रांसफॉर्मर को उखाड़ दिया, उसके पुर्जे और अन्य कीमती सामानों को चुरा लिया और फिर वे भाग गए। बिजली विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस और बिजली विभाग ने जांच शुरू की, लेकिन 25 दिन बीत जाने के बाद भी गांव में कोई नया ट्रांसफॉर्मर नहीं लगाया गया है। इससे ग्रामीणों में निराशा बढ़ रही है, जिन्हें अब बिजली न होने के कारण कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब पांच हजार की आबादी वाला यह गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। सबसे ज्यादा प्रभावित विद्यार्थी हैं जो फरवरी में शुरू होने वाली उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली के बिना विद्यार्थी रात में पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ रहा है। ग्राम प्रधान सतपाल सिंह ने कहा, "बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ‘इनवर्टर' और मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी ज़रूरतें भी उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।" उघैती बिजली उपकेंद्र के जूनियर इंजीनियर अशोक कुमार ने कहा, "ट्रांसफार्मर चोरी के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। एक-दो दिन में नया ट्रांसफार्मर लगा दिया जाएगा।



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